मुंबई: आईटी सेक्टर की प्रमुख कंपनी Wipro के शेयर को लेकर ICICI Securities ने सतर्क रुख अपनाया है। ब्रोकरेज ने 17 अप्रैल 2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में Wipro पर ‘HOLD’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹200 का टारगेट प्राइस तय किया है। कमजोर गाइडेंस से चिंता बरकरार रिपोर्ट के अनुसार, Wipro की टॉप-लाइन पर दबाव जारी है। Q1FY27 के लिए कंपनी ने -1.8% QoQ (कॉन्स्टेंट करेंसी) का कमजोर ऑर्गेनिक गाइडेंस दिया है। यह संकेत देता है कि निकट भविष्य में राजस्व वृद्धि में सुधार की संभावना सीमित है। विश्लेषकों का मानना है कि डील बुकिंग में वृद्धि और वास्तविक राजस्व के बीच अंतर AI-आधारित लागत में गिरावट (deflation) और संभावित मार्केट शेयर लॉस के कारण हो सकता है। क्लाइंट ग्रोथ में मिला-जुला प्रदर्शन हालांकि, कंपनी के टॉप 10 क्लाइंट्स से राजस्व में 1.8% सालाना वृद्धि दर्ज की गई, जबकि FY26 में कुल रेवेन्यू में 0.3% की गिरावट देखी गई। यह दर्शाता है कि बड़े क्लाइंट्स से स्थिरता बनी हुई है, लेकिन समग्र प्रदर्शन अभी भी दबाव में है। मार्जिन पर बढ़ेगा दबाव Q4FY26 में मार्जिन मजबूत रहे, लेकिन FY27 में कुछ प्रमुख कारणों से दबाव बढ़ सकता है: बड़े डील्स में निवेश AI प्लेटफॉर्म बिजनेस का विस्तार दो महीने की अतिरिक्त वेतन वृद्धि इन फैक्टर्स के चलते कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका है। वैल्यूएशन और अनुमान ICICI Securities ने FY27 और FY28 के EPS अनुमान में 2% की हल्की बढ़ोतरी की है, जिसमें बायबैक और करेंसी डिप्रिसिएशन का सकारात्मक असर शामिल है। ब्रोकरेज ने FY28 के अनुमानित EPS ₹14 पर 14x का वैल्यूएशन मल्टीपल लागू करते हुए ₹200 का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि Q2FY27 तक रेवेन्यू ग्रोथ में सुधार नहीं होता है, तो वैल्यूएशन मल्टीपल में गिरावट का जोखिम बना रहेगा।
मुंबई: ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने HDFC Asset Management Company (HDFC AMC) के शेयर पर अपनी सकारात्मक राय दोहराते हुए ‘BUY’ रेटिंग बनाए रखी है। 16 अप्रैल 2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में फर्म ने इस स्टॉक के लिए ₹3000 का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। तिमाही प्रदर्शन रहा थोड़ा कमजोर रिपोर्ट के मुताबिक, HDFC AMC की Q4FY26 तिमाही अपेक्षा से थोड़ी नरम रही। कंपनी की कोर इनकम ₹8.4 बिलियन रही, जो अनुमान से 2.3% कम है। इसका मुख्य कारण राजस्व में कमी बताया गया है। मैनेजमेंट के अनुसार, चौथी तिमाही में कम दिनों (90 दिन) की वजह से आय पर असर पड़ा, जबकि पिछली तिमाही Q3FY26 में 92 दिन थे। GST और नए TER नियमों का असर कंपनी ने संकेत दिया है कि नए TER (Total Expense Ratio) दिशानिर्देशों के तहत GST का असर लगभग 3-4 बेसिस पॉइंट (bps) तक हो सकता है। हालांकि, इस अतिरिक्त लागत को डिस्ट्रीब्यूटर्स तक पास किया जा सकता है, जिससे कंपनी के मार्जिन पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा। मजबूत इक्विटी प्रदर्शन से बढ़त HDFC AMC का इक्विटी सेगमेंट में प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। FY26 में नेट फ्लो में कंपनी की मार्केट हिस्सेदारी 15% रही, जो उद्योग में दूसरी सबसे बड़ी है। Q4FY26 में इक्विटी मार्केट शेयर 6 bps बढ़कर 13% हो गया। आगे की रणनीति और अनुमान ब्रोकरेज का मानना है कि HDFC AMC अपने मजबूत ब्रांड और ट्रैक रिकॉर्ड के चलते नए नियमों के प्रभाव को बेहतर तरीके से संभाल सकती है। रिपोर्ट में FY26 से FY28 के बीच इक्विटी यील्ड में हर साल 1 bps की गिरावट का अनुमान लगाया गया है। इसके बावजूद, कंपनी के मजबूत फंडामेंटल को देखते हुए वैल्यूएशन मल्टीपल को 36x (मार्च 2028 के अनुमानित EPS पर) रखा गया है और ₹3000 का टारगेट कायम रखा गया है।
नई दिल्ली: वैश्विक बाजार संकेतों और घरेलू मांग के बीच 17 अप्रैल 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की तेजी दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर सोना और चांदी दोनों मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए। हालांकि सर्राफा बाजार में रुख मिला-जुला रहा, जहां सोने में मामूली बढ़त जबकि चांदी में हल्की गिरावट देखी गई। एमसीएक्स पर जून डिलीवरी वाला सोना करीब 150 रुपये की तेजी के साथ 1,53,301 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह 1,53,050 रुपये के निचले और 1,53,301 रुपये के उच्च स्तर तक गया। सुबह 9:25 बजे के आसपास सोना 68 रुपये की बढ़त के साथ 1,53,220 रुपये पर ट्रेड करता दिखा। वहीं, मई डिलीवरी वाली चांदी ने तेज उछाल दिखाया। यह पिछले सत्र में 2,48,628 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी और आज 2,50,001 रुपये पर खुली। शुरुआती कारोबार में चांदी 1,699 रुपये चढ़कर 2,50,327 रुपये तक पहुंची। सुबह 9:30 बजे यह करीब 0.56% की बढ़त के साथ 2,50,022 रुपये पर कारोबार कर रही थी। सर्राफा बाजार का हाल सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमतों में मामूली तेजी दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना: ₹1,55,580 प्रति 10 ग्राम (+₹10) 22 कैरेट सोना: ₹1,42,610 प्रति 10 ग्राम (+₹10) 18 कैरेट सोना: ₹1,16,690 प्रति 10 ग्राम (+₹10) चांदी: ₹2,69,900 प्रति किलो (-₹100) प्रमुख शहरों में सोने का भाव (सुबह 9:30 बजे) दिल्ली: 24K ₹1,55,730 | 22K ₹1,42,760 | 18K ₹1,16,840 मुंबई: 24K ₹1,54,200 | 22K ₹1,41,350 | 18K ₹1,15,650 कोलकाता: 24K ₹1,54,200 | 22K ₹1,41,350 | 18K ₹1,15,650 चेन्नई: 24K ₹1,56,670 | 22K ₹1,43,610 | 18K ₹1,19,810 पटना: 24K ₹1,55,630 | 22K ₹1,42,660 | 18K ₹1,16,740
मुंबई, एजेंसियां। गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह के कारोबार में मजबूत शुरुआत के बाद अंत तक बाजार अपनी बढ़त कायम नहीं रख सका और गिरावट के साथ बंद हुआ। BSE Sensex 122.56 अंकों की गिरावट के साथ 77,988.68 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 34.55 अंक फिसलकर 24,196.75 के स्तर पर आ गया। दिनभर 1000 अंकों से ज्यादा का उतार-चढ़ाव कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 78,730.32 का उच्चतम स्तर छुआ, लेकिन बाद में मुनाफावसूली के चलते 77,674.93 तक गिर गया। इस तरह पूरे दिन में बाजार में 1,000 अंकों से अधिक की अस्थिरता देखी गई। यह दर्शाता है कि निवेशकों के बीच अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों पर दबाव शुरुआती तेजी के बाद बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर के शेयरों में बिकवाली हावी हो गई। HDFC Bank, Kotak Mahindra Bank और Bajaj Finance जैसे प्रमुख शेयरों में गिरावट देखने को मिली। इसके अलावा ONGC और Titan Company भी नुकसान में रहे। कुछ शेयरों में रही मजबूती हालांकि, गिरावट के बीच कुछ कंपनियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। Infosys, Adani Ports, Bharat Electronics और ट्रेंट जैसे शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जिससे बाजार को आंशिक सहारा मिला। मुनाफावसूली और वैश्विक संकेत बने कारण विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के दिनों में आई तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार पर दबाव बना। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कुछ कमी आई है, लेकिन अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रहा है। विदेशी निवेशकों का रुख और आगे का संकेत विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने पिछले सत्र में खरीदारी की थी, जिससे बाजार को सपोर्ट मिला था। हालांकि, गुरुवार को निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। जानकारों का मानना है कि बाजार फिलहाल स्थिरता की तलाश में है और आगे की दिशा वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और निवेशकों के भरोसे पर निर्भर करेगी।
मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन मजबूत शुरुआत देखने को मिली। BSE Sensex 550 अंकों से ज्यादा की बढ़त के साथ खुला, जबकि Nifty 50 23,350 के पार पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा और निवेशकों का भरोसा मजबूत दिखा। शुरुआती कारोबार में तेजी कायम सुबह कारोबार के दौरान सेंसेक्स 78,600 के करीब पहुंच गया, जबकि निफ्टी ने भी तेजी दिखाते हुए 24,300 के ऊपर कारोबार किया। कुछ समय के लिए सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा चढ़कर 78,700 के पार भी पहुंच गया। बाजार की इस तेजी से निवेशकों को अच्छा फायदा मिला। किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल बाजार में तेजी के बीच Infosys, Tech Mahindra, Bajaj Finance और Tata Steel जैसे दिग्गज शेयर टॉप गेनर्स रहे। वहीं Sun Pharma और Titan Company के शेयरों में हल्की गिरावट देखी गई। बाजार में तेजी की बड़ी वजह विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कमी और अमेरिका-ईरान वार्ता की उम्मीदों ने बाजार को सहारा दिया है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और विदेशी निवेशकों (FII) की वापसी ने भी बाजार की धारणा को मजबूत किया है। वैश्विक बाजारों से मिला सपोर्ट एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग के प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में मजबूती के साथ बंद हुए थे, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा। आगे का आउटलुक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं और विदेशी निवेशकों का भरोसा बना रहता है, तो बाजार में यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है। फिलहाल निवेशकों के लिए बाजार का रुख सकारात्मक नजर आ रहा है।
देशभर के सर्राफा बाजार में एक बार फिर रौनक लौट आई है। Akshaya Tritiya और शादी के सीजन की वजह से सोने-चांदी की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिसका सीधा असर कीमतों पर देखने को मिल रहा है। 16 अप्रैल 2026 के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दोनों धातुओं के भाव में लगातार बढ़त दर्ज की गई है। सोने के दाम में लगातार तेजी ताजा रुझानों के मुताबिक: 24 कैरेट सोना ₹15,536 प्रति ग्राम तक पहुंच गया यानी ₹1,55,360 प्रति 10 ग्राम पिछले दो दिनों में 100 ग्राम पर करीब ₹29,000 तक की बढ़त शादी-ब्याह और त्योहारों के कारण बाजार में खरीदारी तेज है, जिससे कीमतों को मजबूती मिल रही है। आज का सोना भाव (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट: ₹1,55,360 (+₹10) 22 कैरेट: ₹1,42,410 (+₹10) 18 कैरेट: ₹1,16,520 (+₹10) प्रमुख शहरों में सोने के दाम (प्रति ग्राम) Delhi: ₹15,551 (24K) Mumbai: ₹15,536 (24K) Chennai: ₹15,623 (24K) Kolkata: ₹15,536 (24K) Patna: ₹15,698 (24K) चांदी भी रिकॉर्ड स्तर पर Silver की कीमतों में भी तेजी जारी है: 1 ग्राम: ₹270.10 1 किलो: ₹2,70,100 इंडस्ट्रियल डिमांड और ग्लोबल मार्केट की हलचल के चलते चांदी इस महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। शहरों में चांदी के दाम (1 किलो) Delhi / Mumbai: ₹2,70,100 Chennai: ₹2,75,100 Patna / Ranchi: ₹2,75,000 क्या आगे और बढ़ेंगे दाम? विशेषज्ञों का मानना है कि: अंतरराष्ट्रीय तनाव त्योहारों की मजबूत मांग इन कारणों से Gold के दाम आगे और बढ़ सकते हैं। अनुमान है कि आने वाले समय में सोना ₹1.60 लाख से ₹1.80 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। खरीदारी का सही समय? अगर आप निवेश या ज्वेलरी के लिए खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो मौजूदा तेजी को ध्यान में रखते हुए सही समय पर निर्णय लेना अहम होगा। अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसर पर खरीदारी को पारंपरिक रूप से शुभ माना जाता है, जिससे मांग और बढ़ सकती है।
नई दिल्ली: स्मॉलकैप मेटल सेक्टर की प्रमुख कंपनी Godawari Power and Ispat Limited के शेयरों में गुरुवार को शुरुआती कारोबार में मजबूती दर्ज की गई। कंपनी द्वारा अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई Godawari New Energy Private Limited में ₹50 करोड़ का ताजा इक्विटी निवेश करने की घोषणा के बाद बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में शेयरों में तेजी घोषणा के बाद कंपनी का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर सुबह करीब 9:30 बजे 1.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹305.05 पर ट्रेड करता दिखा। निवेशकों ने इस कदम को कंपनी के दीर्घकालिक विस्तार और नए बिजनेस सेगमेंट में एंट्री के रूप में देखा। राइट्स इश्यू के जरिए निवेश यह निवेश 5 करोड़ इक्विटी शेयरों के आवंटन के माध्यम से किया गया है, जिनकी फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर है। यह प्रक्रिया राइट्स बेसिस पर पूरी की गई, जो पहले से स्वीकृत पूंजी निवेश योजना के अनुरूप है। कुल ₹200 करोड़ निवेश की योजना कंपनी पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि वह अपनी इस सहायक कंपनी में कुल ₹200 करोड़ तक निवेश करेगी। इस पूंजी का उपयोग कैपिटल एक्सपेंडिचर और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा। क्लीन एनर्जी और बैटरी स्टोरेज में एंट्री इस निवेश का मुख्य उद्देश्य 20 GWh क्षमता वाले Battery Energy Storage System (BESS) प्लांट के पहले चरण का विकास करना है। यह कदम कंपनी के क्लीन एनर्जी और बैटरी स्टोरेज सेक्टर में प्रवेश को दर्शाता है, जो भविष्य में तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र माना जा रहा है।
मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली और कारोबार के अंत में बाजार हरे निशान पर बंद हुआ। BSE Sensex 1,263.67 अंकों की बड़ी बढ़त के साथ 78,111.24 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 388.65 अंक चढ़कर 24,231.30 के स्तर को पार कर गया। बाजार की इस तेजी से निवेशकों में उत्साह का माहौल बना रहा। बाजार में आई मजबूत रिकवरी पूरा कारोबारी सत्र सकारात्मक रहा और लगभग सभी सेक्टरों में खरीदारी देखी गई। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारतीय बाजार ने मजबूती दिखाई। इस उछाल के चलते बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़कर करीब 458 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। किन शेयरों ने किया कमाल बाजार की तेजी में कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों का अहम योगदान रहा। Tata Consultancy Services, Tech Mahindra, Larsen & Toubro, Asian Paints और Adani Ports जैसे शेयरों में 3-4% तक की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा इंडिगो और जोमैटो की मूल कंपनी एटर्नल के शेयर भी टॉप गेनर्स में शामिल रहे। कुछ शेयरों में गिरावट भी जहां अधिकांश शेयरों में तेजी रही, वहीं Bharti Airtel, Axis Bank और ICICI Bank के शेयरों में हल्की गिरावट देखने को मिली। अस्थिरता में कमी, निवेशकों को राहत बाजार की अस्थिरता मापने वाला इंडिया वीआईएक्स भी 8% से ज्यादा गिरकर 18.76 पर आ गया, जो निवेशकों के लिए राहत का संकेत है। विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक चुनौतियों के बावजूद घरेलू बाजार की मजबूती आगे भी निवेशकों का भरोसा बनाए रख सकती है।
मुंबई: ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal Financial Services ने ICICI Prudential Asset Management Company (ICICI Prudential AMC) के शेयर पर सकारात्मक रुख बनाए रखते हुए ‘BUY’ रेटिंग दोहराई है। 14 अप्रैल 2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में कंपनी ने इस स्टॉक के लिए ₹3850 का टारगेट प्राइस तय किया है, जो आने वाले समय में मजबूत रिटर्न की संभावना दर्शाता है। मजबूत तिमाही प्रदर्शन रिपोर्ट के अनुसार, FY26 की चौथी तिमाही (4QFY26) में कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 20% बढ़कर ₹15.2 अरब पहुंच गया, हालांकि तिमाही आधार पर यह स्थिर रहा। वहीं, पूरे FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 23% की वृद्धि के साथ ₹57.6 अरब दर्ज किया गया। मार्जिन और मुनाफे में बढ़त कंपनी का EBITDA 4QFY26 में ₹11.6 अरब रहा, जो सालाना आधार पर 30% की बढ़त दिखाता है। EBITDA मार्जिन भी बढ़कर 76.5% हो गया, जो पिछले साल के 70.5% से काफी बेहतर है। पूरे FY26 में EBITDA ₹33 अरब रहा, जिसमें 24% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई। खर्चों में कमी से मिला सहारा ऑपरेटिंग खर्च (Opex) ₹3.6 अरब रहा, जो सालाना और तिमाही दोनों आधार पर 5% कम हुआ। खासतौर पर कर्मचारी लागत में 13% की सालाना और 23% की तिमाही गिरावट देखने को मिली, जिससे कंपनी के मुनाफे को मजबूती मिली। यील्ड पर दबाव, लेकिन सुधार की उम्मीद 4QFY26 में यील्ड 55 बेसिस पॉइंट (bp) रही, जो पिछले साल के 57.7 bp से थोड़ी कम है। मैनेजमेंट के अनुसार, अप्रैल 2026 से लागू नए TER नियमों का यील्ड पर 3-4 bp का असर पड़ सकता है। हालांकि, AIF/PMS सेगमेंट में नेट यील्ड बढ़कर 0.98% हो गई, जो पहले 0.91% थी। आगे की ग्रोथ का अनुमान ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY28 के बीच कंपनी का AUM, रेवेन्यू और PAT क्रमशः 17%, 15% और 16% CAGR से बढ़ सकता है। इसी मजबूत ग्रोथ आउटलुक के आधार पर 45x FY28E EPS पर ₹3850 का टारगेट तय किया गया है।
नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप बनाने वाली दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में शामिल Nvidia ने भारत में अपने कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा दिया है। कंपनी ने अपने लगभग 10,000 भारतीय कर्मचारियों में से अधिकांश को शेयर के रूप में आकर्षक बोनस प्रदान किया है, जिसकी कुल वैल्यू 5 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक बताई जा रही है। चार साल में मिलेगा पूरा बोनस रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बोनस एकमुश्त नहीं बल्कि अगले चार वर्षों में चरणबद्ध तरीके से कर्मचारियों को दिया जाएगा। यह “स्पेशल स्टॉक ग्रांट” कंपनी के सीईओ Jensen Huang की पहल का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत 2024 में की गई थी। इस स्कीम के तहत कर्मचारियों को उनके मौजूदा Restricted Stock Units (RSU) का अतिरिक्त 25 प्रतिशत तक दिया जा रहा है। पहली किस्त 18 सितंबर 2024 को जारी की गई थी, और इसके बाद हर तिमाही 2028 तक भुगतान जारी रहेगा। कितनी मिल रही है राशि? मिड-लेवल कर्मचारियों को औसतन 5 से 20 लाख रुपये तक का अतिरिक्त स्टॉक कुछ कर्मचारियों की कुल इक्विटी वैल्यू 1 करोड़ रुपये से अधिक यह राशि डॉलर में तय होकर भारतीय रुपये में कन्वर्ट की गई है उदाहरण के तौर पर, एक मिड-लेवल कर्मचारी को 8 अतिरिक्त RSU मिले, जिनकी वैल्यू करीब 5.3 लाख रुपये है। यह उसकी पहले से मौजूद इक्विटी के अलावा है, जिससे उसकी कुल इक्विटी वैल्यू 1.2 करोड़ रुपये से भी अधिक हो गई। सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव Nvidia में कर्मचारियों की सैलरी का बड़ा हिस्सा अब स्टॉक बेस्ड पेमेंट पर निर्भर है। रिपोर्ट के मुताबिक: कुल कंपनसेशन का 50% से 75% हिस्सा इक्विटी (स्टॉक) में होता है टॉप इंजीनियर्स की सालाना सैलरी 2 से 3 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है IC6 लेवल इंजीनियर करीब 1.8 करोड़ रुपये सालाना कमा सकते हैं एंट्री से लेकर टॉप लेवल तक सैलरी एंट्री लेवल (IC1): 10–22 लाख रुपये IC2: 23–32 लाख रुपये IC3 (मिड लेवल): 27–51 लाख रुपये टॉप परफॉर्मर: 85 लाख रुपये तक क्यों खास है यह कदम? AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनियां टॉप टैलेंट को बनाए रखने के लिए ऐसे बड़े स्टॉक अवॉर्ड दे रही हैं। Nvidia का यह कदम भारत में टेक टैलेंट को आकर्षित करने और बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक संकेतों ने भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उत्साह भर दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की खबरों के बीच बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ। शुरुआती कारोबार में जोरदार उछाल बुधवार सुबह बाजार खुलते ही BSE Sensex 1,300 अंक से अधिक उछलकर 78,166.50 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं Nifty 50 भी करीब 400 अंकों की तेजी के साथ 24,224.35 पर कारोबार करता दिखा। पिछले सत्र में आई गिरावट के बाद यह उछाल बाजार में मजबूत रिकवरी का संकेत देता है। निवेशकों को ₹9.25 लाख करोड़ का फायदा इस तेजी का सीधा असर बाजार पूंजीकरण पर पड़ा। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹9.25 लाख करोड़ बढ़कर ₹457.73 लाख करोड़ हो गया। यह निवेशकों के लिए एक दिन में बड़ी ‘कमाई’ जैसा साबित हुआ। किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी? आज सेंसेक्स के सभी 30 शेयर हरे निशान में खुले। खासतौर पर: IndiGo में 4% की तेजी UltraTech Cement Asian Paints Larsen & Toubro Infosys State Bank of India इन सभी शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। रुपये में भी मजबूती भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले 0.2% मजबूत होकर 93.17 पर खुला। यह संकेत देता है कि विदेशी निवेशकों का भरोसा भी कुछ हद तक लौट रहा है। तेजी की मुख्य वजह क्या? अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के बयान ने बाजार को बड़ा ट्रिगर दिया। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के साथ युद्ध खत्म होने के करीब है और समझौते की संभावना बढ़ रही है। इस बयान से निवेशकों में सकारात्मक भावना बनी और जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी। सेक्टर और ब्रॉडर मार्केट का हाल निफ्टी मिडकैप: +2.09% निफ्टी स्मॉलकैप: +2.10% निफ्टी PSU बैंक और IT सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी फार्मा सेक्टर में कमजोरी ग्लोबल मार्केट का असर एशियाई बाजारों में भी तेजी का माहौल रहा, जबकि अमेरिकी बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली। S&P 500 और Nasdaq 100 दोनों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर में कमजोरी के बीच कीमती धातुओं में हलचल तेज हो गई है। 15 अप्रैल 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में हल्की बढ़त दर्ज की गई, जबकि चांदी के दामों में मामूली गिरावट देखने को मिली। निवेशकों का झुकाव सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ने से सोना एक बार फिर चमकता नजर आ रहा है। सोने की कीमतों में क्यों आई तेजी? ग्लोबल मार्केट में Gold की कीमतें मजबूती के साथ करीब 4,850 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई हैं। इसके पीछे प्रमुख वजह अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता की उम्मीदें और डॉलर का कमजोर होना है। भारतीय बाजार में भी इसका असर साफ दिखा: 24 कैरेट सोना: ₹1,53,940 प्रति 10 ग्राम (+₹10) 22 कैरेट सोना: ₹1,41,110 प्रति 10 ग्राम (+₹10) 18 कैरेट सोना: ₹1,15,460 प्रति 10 ग्राम (+₹10) प्रमुख शहरों में सोने के रेट (प्रति ग्राम) दिल्ली: ₹15,409 (24K), ₹14,126 (22K) मुंबई: ₹15,394 (24K), ₹14,111 (22K) पटना: ₹15,556 (24K), ₹14,260 (22K) यह बढ़त भले ही मामूली हो, लेकिन बाजार के रुख को दर्शाती है कि निवेशक अभी भी सोने को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। चांदी में भारत में नरमी, ग्लोबल बाजार में मजबूती जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Silver की कीमत 1.6% बढ़कर करीब 81 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई, वहीं भारतीय बाजार में चांदी के दामों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। आज का चांदी भाव: 1 किलोग्राम: ₹2,54,900 (₹100 की गिरावट) 100 ग्राम: ₹25,490 1 ग्राम: ₹254.90 शहरों में चांदी के रेट (1 किलो) दिल्ली/मुंबई/कोलकाता: ₹2,54,900 पटना/रांची: ₹2,65,000
भारत की मुद्रा बाजार में इस सप्ताह दबाव और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी ने भारतीय रुपये की स्थिति को कमजोर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में रुपया ₹93.50 प्रति डॉलर तक गिर सकता है। वैश्विक तनाव का सीधा असर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने बाजार की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाई है। अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक प्रयासों की विफलता और Strait of Hormuz में नौसैनिक नाकेबंदी की स्थिति ने तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यही वजह है कि Brent Crude Oil की कीमतें $102 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। भारत, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है, इस उछाल से सीधे प्रभावित होता है। अनुमान है कि कच्चे तेल की कीमत में हर $10 की वृद्धि से देश के चालू खाता घाटे (CAD) में सालाना लगभग $15 बिलियन की बढ़ोतरी हो सकती है। रुपये में भारी उतार-चढ़ाव पिछले सप्ताह रुपये में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। यह पहले ₹95.23 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंचा, फिर सुधार के साथ ₹92.40 तक आया। हालांकि, मौजूदा तनाव के चलते यह फिर से कमजोर होकर ₹93.30 के आसपास कारोबार कर रहा है। साथ ही, सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर की बढ़ती मांग और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल ने उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बढ़ा दिया है। विदेशी निवेशकों की निकासी से बढ़ा दबाव स्थिति को और जटिल बना रही है विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की निकासी। फरवरी 2026 से अब तक $20 बिलियन से अधिक की पूंजी भारतीय बाजार से बाहर जा चुकी है। यह ट्रेंड रुपये की कमजोरी को और गहरा कर रहा है। RBI बना ‘डिफेंसिव कवच’ हालांकि, इस बीच राहत की बात यह है कि Reserve Bank of India के पास $697.1 बिलियन का मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार है। यह भंडार रुपये में अत्यधिक गिरावट को रोकने में सहायक साबित हो सकता है और बाजार को स्थिरता देने का काम करेगा। महंगाई और CAD का बढ़ता खतरा महंगे कच्चे तेल का असर सिर्फ रुपये तक सीमित नहीं है। इससे ‘आयातित महंगाई’ बढ़ने का खतरा भी पैदा हो गया है, जो आम उपभोक्ताओं पर सीधा असर डाल सकती है। साथ ही, व्यापार संतुलन और चालू खाता घाटा भी दबाव में आ सकता है।
मुंबई, एजेंसियां। एक दिन की छुट्टी के बाद बुधवार को घरेलू शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की। BSE Sensex 1350 अंकों से ज्यादा की तेजी के साथ 78,000 के पार पहुंच गया, जबकि Nifty 50 24,200 के स्तर को पार करने में सफल रहा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 78,270 और निफ्टी 24,280 के उच्च स्तर तक पहुंच गए। सभी सेक्टर में दिखी मजबूती बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर में करीब 2% तक की तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स की सभी 30 कंपनियां हरे निशान में कारोबार करती दिखीं। इंटरग्लोब एविएशन, इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, लार्सन एंड टुब्रो और बजाज फाइनेंस जैसे दिग्गज शेयरों में अच्छी बढ़त देखी गई। वैश्विक संकेतों का सकारात्मक असर बाजार में तेजी की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता की उम्मीदें रहीं। इससे वैश्विक स्तर पर निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। साथ ही कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने से भारत जैसे आयातक देश को राहत मिलने की उम्मीद है। एशियाई और अमेरिकी बाजारों का समर्थन एशियाई बाजारों में भी मजबूती का रुख रहा, जिसमें जापान का निक्केई 225, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक बढ़त में रहे। वहीं, अमेरिकी बाजार भी सकारात्मक बंद हुए, जिससे भारतीय बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को आगे भी समर्थन मिल सकता है। हालांकि, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी होगा।
नई दिल्ली, एजेंसियां। अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता के विफल होने के बाद घरेलू और वैश्विक सर्राफा बाजार (Bullion Market) में गिरावट दर्ज की गई है। कमजोर वैश्विक संकेतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे सोना और चांदी दोनों के दाम प्रभावित हुए। चांदी में बड़ी गिरावट, सोना भी टूटा दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में 1,800 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई। चांदी 2,47,000 रुपये से घटकर 2,45,200 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। वहीं, 99.9% शुद्धता वाला सोना भी 300 रुपये गिरकर 1,55,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। अमेरिका-ईरान वार्ता विफलता का असर विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम वार्ता बिना किसी नतीजे के खत्म होने के बाद बाजार की धारणा कमजोर हुई। इससे डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में तेजी आई, जिसका सीधा असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ा। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी चिंता होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने भी बाजार पर दबाव बनाया है। इस मार्ग में संभावित सैन्य गतिविधियों और आपूर्ति बाधा की आशंका ने कच्चे तेल और सर्राफा बाजार दोनों में अस्थिरता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट वैश्विक बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली। हाजिर चांदी 2.09% गिरकर 74.31 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जबकि सोना 4,722.26 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। निवेशकों में अनिश्चितता, आगे रुख वैश्विक घटनाओं पर निर्भर विश्लेषकों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर की चाल आगे भी बाजार को प्रभावित करेगी। हालांकि शुरुआती गिरावट के बाद कुछ सुधार भी देखा गया है, लेकिन अस्थिरता बनी हुई है। मंगलवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के कारण बाजार बंद रहेगा, जिससे अगले सत्र में प्रतिक्रिया देखने को मिलेगी।
Income Tax Department ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए जारी किए गए नए ITR फॉर्म (ITR-1 से ITR-7) में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। ये बदलाव उन सभी टैक्सपेयर्स के लिए अहम हैं जो 31 जुलाई 2026 तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न भरने वाले हैं। यह फॉर्म वित्त वर्ष 2025-26 की आय के लिए लागू होंगे। इस बार सबसे बड़ा बदलाव टैक्सपेयर्स की पर्सनल डिटेल्स से जुड़ा है, खासकर एड्रेस और संपर्क जानकारी को लेकर। क्या है सबसे बड़ा बदलाव? नए ITR फॉर्म में अब टैक्सपेयर्स को सिर्फ एक नहीं, बल्कि दो पते (Primary और Secondary Address) देने का विकल्प दिया गया है। पहले: केवल एक पता देना होता था अब: मुख्य पते के साथ दूसरा पता भी दर्ज करना होगा इसके साथ ही मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी को भी अब दो भागों में बांटा गया है: प्राइमरी मोबाइल/ईमेल सेकेंडरी मोबाइल/ईमेल इस बदलाव का उद्देश्य टैक्स विभाग के पास बेहतर और वैकल्पिक संपर्क जानकारी उपलब्ध कराना है। प्रतिनिधि (Representative) के लिए नियम आसान अगर कोई व्यक्ति किसी अन्य की ओर से ITR भरता है, तो उसे “प्रतिनिधि” कहा जाता है। पहले जहां प्रतिनिधि से कई तरह की जानकारियां मांगी जाती थीं, वहीं अब प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है। अब सिर्फ तीन डिटेल्स देनी होंगी: प्रतिनिधि का नाम ईमेल आईडी मोबाइल नंबर इससे टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया अधिक आसान और यूजर-फ्रेंडली हो गई है। कौन सा नियम हटाया गया? नए फॉर्म में डुअल रिपोर्टिंग (दोहरी जानकारी) की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। पहले कैपिटल गेन को ट्रांसफर की तारीख के आधार पर अलग-अलग दिखाना पड़ता था, लेकिन अब: AY 2026-27 के लिए टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ इसलिए कैपिटल गेन की रिपोर्टिंग को सरल बना दिया गया है इससे फॉर्म भरना पहले के मुकाबले काफी आसान हो जाएगा। क्यों किए गए ये बदलाव? इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य: टैक्सपेयर्स की सही और वैकल्पिक जानकारी जुटाना फाइलिंग प्रक्रिया को सरल बनाना अनावश्यक जटिलता को कम करना क्या ध्यान रखें? 31 जुलाई 2026 से पहले ITR फाइल करना जरूरी सभी डिटेल्स सही और अपडेटेड भरें प्राइमरी और सेकेंडरी जानकारी अलग-अलग और वैध हो
Ambedkar Jayanti के मौके पर आज भारतीय शेयर बाजार में कारोबार पूरी तरह बंद है। देश के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज Bombay Stock Exchange (BSE) और National Stock Exchange (NSE) में 14 अप्रैल को किसी भी सेगमेंट में ट्रेडिंग नहीं हो रही है। एक्सचेंज के अनुसार, इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB), करेंसी डेरिवेटिव्स और इंटरेस्ट रेट डेरिवेटिव्स–सभी सेगमेंट आज बंद रहेंगे। हालांकि, कमोडिटी डेरिवेटिव्स में आंशिक राहत है, जहां सुबह का सत्र (9:00 बजे से 5:00 बजे तक) बंद रहेगा, जबकि शाम का सत्र (5:00 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) खुला रहेगा। अब बाजार में सामान्य ट्रेडिंग 15 अप्रैल (बुधवार) से फिर शुरू होगी। वैश्विक संकेतों से बाजार पर दबाव छुट्टी से पहले 13 अप्रैल को भारतीय बाजार दबाव में रहा। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत बेनतीजा रहने से वैश्विक अनिश्चितता बढ़ी, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला। सेंसेक्स 702.68 अंक गिरकर 76,847.57 पर बंद हुआ निफ्टी 207.95 अंक गिरकर 23,842.65 पर बंद हुआ सेक्टरवार प्रदर्शन में पावर, डिफेंस और टेलीकॉम को छोड़कर अधिकांश सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। FMCG, ऑटो, IT, एनर्जी और ऑयल एंड गैस सेक्टर में करीब 1% तक की गिरावट दर्ज की गई। किन शेयरों में रही हलचल निफ्टी में HDFC Life, Adani Enterprises, ICICI Bank और NTPC जैसे शेयरों में बढ़त देखने को मिली। वहीं Maruti Suzuki, Reliance Industries, Bajaj Finance और InterGlobe Aviation में गिरावट रही। ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी रही, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने बेंचमार्क की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया और करीब 0.5% की गिरावट के साथ बंद हुए। तकनीकी नजरिया: सपोर्ट-रेजिस्टेंस पर बाजार मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, हालिया गिरावट के बावजूद बाजार का शॉर्ट टर्म ट्रेंड अभी पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है। निफ्टी का अहम सपोर्ट: 23,500 तत्काल रेजिस्टेंस: 24,100 विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निफ्टी इस सपोर्ट स्तर को बनाए रखता है, तो निकट भविष्य में बाजार में फिर तेजी देखी जा सकती है। रुपये पर भी दबाव जारी इस बीच भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ है और डॉलर के मुकाबले 65 पैसे गिरकर 93.38 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक तनाव के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है। विश्लेषकों के अनुसार, USD/INR फिलहाल 92.70 के सपोर्ट और 93.65 के रेजिस्टेंस के बीच कारोबार कर रहा है। निवेशक अब महंगाई के आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
Akshaya Tritiya के अवसर पर सोना खरीदना भारतीय परंपरा का अहम हिस्सा माना जाता है, लेकिन इससे पहले यह समझना जरूरी है कि घर में कितना सोना रखना सुरक्षित है और किन परिस्थितियों में आयकर विभाग कार्रवाई कर सकता है। हाल ही में सामने आई जानकारी के अनुसार, भारत में सोना रखने की कोई तय सीमा नहीं है, लेकिन इसके स्रोत और दस्तावेज बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं। कितना सोना रख सकते हैं आप? भारत में कानून के तहत आप ज्वेलरी, सिक्के या गोल्ड बिस्किट के रूप में जितना चाहें सोना रख सकते हैं। कोई अधिकतम सीमा तय नहीं है, बशर्ते आपने यह सोना कानूनी तरीके से खरीदा हो और जरूरत पड़ने पर उसके स्रोत को साबित कर सकें। आयकर विभाग की ‘सेफ लिमिट’ Central Board of Direct Taxes (CBDT) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, आयकर छापेमारी के दौरान एक निश्चित मात्रा तक सोने के आभूषण जब्त नहीं किए जाते, भले ही आपके पास उनके बिल मौजूद न हों: विवाहित महिला: 500 ग्राम तक अविवाहित महिला: 250 ग्राम तक पुरुष सदस्य: 100 ग्राम तक यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह सीमा केवल ‘जब्ती से सुरक्षा’ के लिए है, न कि सोना रखने की अधिकतम सीमा। यदि आपके पास वैध बिल और दस्तावेज हैं, तो आप इससे कहीं अधिक सोना रख सकते हैं। नए प्रकटीकरण नियम (FY 2025-26) सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कुछ नियम सख्त किए हैं: यदि आपकी सालाना आय ₹1 करोड़ से अधिक है, तो आपको ITR के Schedule AL (Assets and Liabilities) में सोने और अन्य संपत्तियों का विवरण देना अनिवार्य होगा। विरासत, शादी के गिफ्ट या पुराने निवेश के रूप में मिले सोने के लिए वसीयत, गिफ्ट डीड या पुराने बिल संभालकर रखना जरूरी है। टैक्स और पेनाल्टी का गणित सोना बेचने पर होने वाले मुनाफे पर कैपिटल गेन्स टैक्स देना होता है। यदि छापेमारी के दौरान तय ‘सेफ लिमिट’ से अधिक सोना मिलता है और उसका स्रोत स्पष्ट नहीं होता, तो इसे अघोषित आय माना जा सकता है, जिस पर भारी टैक्स और जुर्माना लगाया जा सकता है। स्पष्ट है कि सोना रखने पर कोई कानूनी रोक नहीं है, लेकिन सही दस्तावेज और आय का स्पष्ट स्रोत ही आपको किसी भी कार्रवाई से सुरक्षित रख सकता है।
मुंबई, एजेंसियां। पश्चिम एशिया में Middle East के बढ़ते तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ देखने को मिला। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन BSE Sensex 702 अंकों की गिरावट के साथ 76,847.57 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 23,842.65 पर बंद हुआ, जो करीब 208 अंकों की गिरावट दर्शाता है। ऑटो और बैंकिंग शेयरों में दबाव बाजार में बिकवाली का दबाव व्यापक रहा। Eicher Motors और Maruti Suzuki जैसे प्रमुख ऑटो शेयरों में करीब 5% तक की गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की सतर्कता के चलते कई सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। रुपये पर भी दबाव डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 56 पैसे कमजोर होकर 93.39 के स्तर पर बंद हुआ। वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर मुद्रा बाजार पर भी पड़ा।
नई दिल्ली, एजेंसियां। सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया। वैश्विक अनिश्चितता के बीच BSE Sensex करीब 1,600 अंक टूटकर 75,900 के आसपास पहुंच गया, जबकि Nifty 50 23,600 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। शुरुआती कारोबार में बाजार में भारी बिकवाली का दबाव देखा गया। अमेरिका-ईरान तनाव का असर अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है। इसी का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। निवेशकों में डर का माहौल बना हुआ है, जिससे व्यापक बिकवाली देखने को मिली। बैंकिंग और तेल सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट शुरुआती कारोबार में बैंकिंग, वित्तीय और तेल-गैस सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। खासकर सरकारी बैंकों के शेयरों पर भारी दबाव देखने को मिला। वहीं फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर अपेक्षाकृत स्थिर रहे, जिन्हें सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है। बढ़ी बाजार की घबराहट बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडेक्स इंडियन VIX 13% से ज्यादा उछलकर 21 के ऊपर पहुंच गया, जो निवेशकों की बढ़ती चिंता को दर्शाता है। इसके अलावा, भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ और डॉलर के मुकाबले गिरकर 93.32 तक पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भी बढ़ गई हैं। ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जिससे महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका है। निवेशकों के लिए सलाह विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और “वेट एंड वॉच” रणनीति अपनाने की सलाह दी गई है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। Multi Commodity Exchange (MCX) पर शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी दोनों के दाम नीचे फिसल गए। सोना करीब 0.63% गिरकर 1,51,686 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि चांदी 2.10% टूटकर ₹2,38,163 प्रति किलोग्राम पर आ गई। महानगरों में सोने के ताज़ा भाव देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिला। Delhi में 24 कैरेट सोना ₹15,261 प्रति ग्राम, 22 कैरेट ₹13,990 और 18 कैरेट ₹11,449 पर रहा। मुंबई , कोलकाता और बेंगलुरु Mumbai, Kolkata और Bengaluru में 24 कैरेट सोना ₹15,246 प्रति ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा। वहीं Chennai में सोने की कीमत सबसे ज्यादा रही, जहां 24 कैरेट सोना ₹15,338 प्रति ग्राम तक पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर वैश्विक स्तर पर भी सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड करीब 2% गिरकर 4,700 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गया। विशेषज्ञों के अनुसार, हालिया उतार-चढ़ाव के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव और ऊर्जा संकट की आशंकाएं प्रमुख कारण हैं। आगे क्या रहेगा ट्रेंड? विशेषज्ञों का मानना है कि सोना अब तक हालिया संघर्ष के दौरान 10% से ज्यादा गिर चुका है और आगे भी इसमें उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सावधानी बरतने और बाजार की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।