टेक्नोलॉजी

Vodafone Idea Vi ₹751 family postpaid plan promotion showing mobile data and streaming apps
हर महीने रिचार्ज की झंझट खत्म: Vodafone Idea (Vi) का ₹751 फैमिली प्लान बना यूजर्स के लिए बड़ा राहत पैकेज

टेलीकॉम सेक्टर में प्रतिस्पर्धा के बीच Vodafone Idea (Vi) ने अपने ग्राहकों के लिए एक किफायती और सुविधाजनक फैमिली प्लान लॉन्च किया है। ₹751 का यह प्लान खासतौर पर उन यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है, जो पूरे परिवार के मोबाइल कनेक्शन को एक ही बिल में मैनेज करना चाहते हैं। यह प्लान Vi Max Family लाइनअप का हिस्सा है और शुरुआत में ही दो कनेक्शनों–एक प्राइमरी और एक सेकेंडरी–को कवर करता है, जिससे छोटे परिवारों के लिए यह एक स्मार्ट और बजट-फ्रेंडली विकल्प बन जाता है। प्राइमरी यूजर को मिलते हैं प्रीमियम फायदे इस प्लान में प्राइमरी यूजर को सबसे ज्यादा बेनिफिट्स दिए गए हैं। हर महीने 70GB डेटा के साथ यूजर आसानी से वीडियो स्ट्रीमिंग, गेमिंग और वर्क-फ्रॉम-होम जैसे काम कर सकता है। इसके अलावा: रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक अनलिमिटेड नाइट डेटा 200GB तक डेटा रोलओवर अनलिमिटेड कॉलिंग हर महीने 3000 SMS साथ ही यूजर को Vi Movies & TV और Vi Games जैसे प्लेटफॉर्म का एक्सेस भी मिलता है, जिससे एंटरटेनमेंट का पूरा पैकेज मिलता है। सेकेंडरी यूजर को भी मजबूत पैकेज सेकेंडरी यूजर को भी इस प्लान में 40GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा मिलती है। SMS दोनों यूजर्स के बीच शेयर होता है, जिससे यह प्लान कपल्स और छोटे परिवारों के लिए और ज्यादा उपयोगी बन जाता है। बड़े परिवार के लिए भी आसान विकल्प अगर परिवार में दो से ज्यादा लोग हैं, तो इस प्लान में ₹299 प्रति अतिरिक्त सदस्य के हिसाब से 7 और कनेक्शन जोड़े जा सकते हैं। हर सदस्य को अलग डेटा और कॉलिंग बेनिफिट मिलता है, जिससे पूरा परिवार एक ही प्लान में कवर हो सकता है। एक्स्ट्रा डेटा और स्मार्ट शेयरिंग डेटा खत्म होने की चिंता को कम करने के लिए Vi इस प्लान में 10GB अतिरिक्त शेयर डेटा भी देता है, जिसे सभी यूजर्स जरूरत के अनुसार इस्तेमाल कर सकते हैं। फ्री OTT और डिजिटल बेनिफिट्स इस प्लान की सबसे बड़ी खासियत इसका OTT ऑफर है। यूजर्स अपनी पसंद के दो प्लेटफॉर्म चुन सकते हैं, जिनमें शामिल हैं: Amazon Prime Video (6 महीने) SonyLIV (360 दिन) JioHotstar (1 साल) इसके अलावा Norton Mobile Security जैसे प्रीमियम फीचर्स भी दिए गए हैं, जो इसे एक ‘वैल्यू फॉर मनी’ प्लान बनाते हैं।  

surbhi अप्रैल 17, 2026 0
AI-powered smart devices
Amazon ने लॉन्च किया ‘AI Store’: अब AI-पावर्ड डिवाइसेज की शॉपिंग होगी आसान

ई-कॉमर्स दिग्गज Amazon ने अपने प्लेटफॉर्म पर एक नया ‘AI Store’ माइक्रोसाइट लॉन्च किया है। इस स्टोर के जरिए यूजर्स अब आसानी से ऐसे स्मार्ट डिवाइसेज खोज और खरीद सकेंगे, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फीचर्स और टूल्स मौजूद हैं। कंपनी का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य ग्राहकों को AI-पावर्ड टेक्नोलॉजी को बेहतर तरीके से समझने और सही प्रोडक्ट चुनने में मदद करना है। क्या है Amazon का AI Store? AI Store एक खास माइक्रोसाइट है, जहां केवल उन्हीं कंज्यूमर टेक प्रोडक्ट्स को जगह दी गई है, जिनमें AI की वास्तविक उपयोगिता है। यहां यूजर्स को हर डिवाइस के AI फीचर्स को आसान भाषा में समझाया जाता है, ताकि वे समझ सकें कि तकनीक उनके लिए कैसे काम करेगी। उदाहरण के तौर पर: AI लैपटॉप में मौजूद NPU (Neural Processing Unit) बैटरी लाइफ बेहतर करता है AI स्मार्टफोन ऑन-डिवाइस प्रोसेसिंग के जरिए डेटा प्राइवेसी बढ़ाते हैं किन कैटेगरी के प्रोडक्ट्स मिलेंगे? AI Store में कई तरह के डिवाइसेज शामिल हैं: स्मार्टफोन लैपटॉप स्मार्ट टीवी टैबलेट स्मार्टवॉच स्मार्ट ग्लास होम अप्लायंसेज ये हैं कुछ खास AI डिवाइसेज AI Store पर कई लोकप्रिय प्रोडक्ट्स उपलब्ध हैं, जैसे: Samsung Galaxy S26 Ultra OnePlus Nord 6 iQOO 15 HP OmniBook Ultra Lenovo Yoga Slim 7 iPad 11 LG AI Series 4K Smart TV यूजर्स के लिए क्या है खास? Amazon का कहना है कि AI Store सिर्फ प्रोडक्ट बेचने का प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि यह यूजर्स को उनके इस्तेमाल के हिसाब से सही डिवाइस चुनने में मदद करता है। यूज केस के आधार पर प्रोडक्ट ब्राउज़ कर सकते हैं AI फीचर्स को आसान भाषा में समझ सकते हैं बेहतर और स्मार्ट खरीदारी का फैसला ले सकते हैं Amazon के अन्य AI फीचर्स भी हुए मजबूत AI Store के अलावा, Amazon ने अपने प्लेटफॉर्म पर कई AI टूल्स को भी इंटीग्रेट किया है: Rufus: कन्वर्सेशनल शॉपिंग असिस्टेंट Lens AI: विजुअल सर्च टूल View in Your Room: AR के जरिए प्रोडक्ट देखने की सुविधा AI-पावर्ड प्राइस हिस्ट्री ट्रैकिंग Amazon का नया AI Store ग्राहकों के लिए स्मार्ट शॉपिंग का एक नया अनुभव लेकर आया है। इससे न सिर्फ AI टेक्नोलॉजी को समझना आसान होगा, बल्कि यूजर्स अपनी जरूरत के हिसाब से सही डिवाइस भी चुन पाएंगे।  

surbhi अप्रैल 17, 2026 0
Person using remote control to operate air conditioner in a home during summer heat
AC को बार-बार ऑन-ऑफ करना सही या गलत? जानिए गर्मियों में इस्तेमाल का सही तरीका

गर्मियों के मौसम में एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ जाता है। ऐसे में कई लोग बिजली बचाने के लिए AC को हर 10–15 मिनट में ऑन-ऑफ करते रहते हैं। लेकिन क्या यह तरीका सही है? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह आदत फायदे की बजाय नुकसान पहुंचा सकती है। क्या बार-बार AC ऑन-ऑफ करना सही है? टेक्निकल तौर पर AC को बार-बार ऑन-ऑफ करना गलत माना जाता है। जब भी AC चालू किया जाता है, उसका कंप्रेसर (compressor) शुरुआत में ज्यादा बिजली खपत करता है। ऐसे में अगर आप इसे बार-बार बंद करके फिर चालू करते हैं, तो हर बार स्टार्टिंग लोड बढ़ता है, जिससे कुल बिजली खपत ज्यादा हो जाती है। क्यों बढ़ जाता है बिजली बिल? हर बार ON करने पर कंप्रेसर को ज्यादा पावर चाहिए होती है बार-बार स्टार्ट होने से यूनिट को कमरे को फिर से ठंडा करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है इससे बिजली की खपत कम होने के बजाय बढ़ जाती है AC को नुकसान कैसे होता है? कंप्रेसर पर बार-बार दबाव पड़ता है मशीन के पार्ट्स जल्दी घिसने लगते हैं AC की लाइफ कम हो सकती है खराब होने की संभावना बढ़ जाती है सही तरीका क्या है? AC को बार-बार ऑन-ऑफ करने के बजाय लगातार चलने दें तापमान 24–26°C के बीच सेट रखें (यह सबसे ऊर्जा-कुशल माना जाता है) टाइमर या स्लीप मोड का इस्तेमाल करें कमरे को पूरी तरह बंद रखें ताकि कूलिंग बनी रहे नियमित सर्विसिंग कराते रहें AC को बार-बार ऑन-ऑफ करना बिजली बचाने का तरीका नहीं है, बल्कि इससे बिजली बिल बढ़ सकता है और मशीन पर भी बुरा असर पड़ता है। सही उपयोग और सेटिंग्स अपनाकर ही आप बेहतर कूलिंग के साथ   

surbhi अप्रैल 17, 2026 0
Volkswagen Taigun facelift SUV showcasing new LED headlights, illuminated logo, and panoramic sunroof in India.
Volkswagen Taigun Facelift 2026 भारत में लॉन्च, ₹11 लाख से शुरू कीमत

  जर्मन कार निर्माता Volkswagen ने अपनी लोकप्रिय मिड-साइज SUV टाइगुन का फेसलिफ्ट मॉडल भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है। नए अवतार में कार को कॉस्मेटिक बदलावों के साथ कई नए फीचर्स और अपडेटेड टेक्नोलॉजी दी गई है। कीमत और ऑफर नई टाइगुन फेसलिफ्ट की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹11 लाख रखी गई है, जो टॉप वेरिएंट में ₹19.3 लाख तक जाती है। कंपनी ने ग्राहकों के लिए Assured Buyback Scheme भी पेश की है: 31 मई 2026 तक बुकिंग पर लागू 3 साल या 30,000 किमी बाद 75% तक वैल्यू वापस मिलने का दावा एक्सटीरियर में क्या नया? नई टाइगुन को ज्यादा प्रीमियम और मॉडर्न लुक दिया गया है: नए डिजाइन की LED हेडलाइट्स और बंपर फ्रंट और रियर में इल्युमिनेटेड लोगो पीछे LED लाइट बार के साथ सीक्वेंशियल इंडिकेटर्स नए अलॉय व्हील्स और नए कलर ऑप्शन इंटीरियर और फीचर्स केबिन में टेक्नोलॉजी और कम्फर्ट दोनों को अपग्रेड किया गया है: 10.25-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले 10.1-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम पहली बार पैनोरमिक सनरूफ वेंटिलेटेड सीट्स, एम्बिएंट लाइटिंग वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto वायरलेस चार्जिंग और 6-स्पीकर साउंड सिस्टम इंजन और परफॉर्मेंस इंजन ऑप्शन वही हैं, लेकिन गियरबॉक्स में बड़ा बदलाव हुआ है: 1.0-लीटर टर्बो पेट्रोल (115hp) 1.5-लीटर टर्बो पेट्रोल (150hp) नया अपडेट: 1.0L इंजन के साथ अब 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स 1.5L इंजन के साथ 7-स्पीड DCT माइलेज: 1.0L मैन्युअल: 19.98 kmpl 1.0L ऑटोमैटिक: 19.54 kmpl 1.5L DCT: 18.85 kmpl सेफ्टी फीचर्स सुरक्षा के मामले में भी कार को मजबूत बनाया गया है: 6 एयरबैग (स्टैंडर्ड) ABS + EBD इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम हायर वेरिएंट में रियर डिस्क ब्रेक्स किनसे होगा मुकाबला? नई टाइगुन फेसलिफ्ट का मुकाबला भारतीय बाजार में इन SUVs से रहेगा: Hyundai Creta Kia Seltos Skoda Kushaq Renault Duster Volkswagen Taigun फेसलिफ्ट अब पहले से ज्यादा फीचर-लोडेड, स्टाइलिश और टेक्नोलॉजी से लैस हो गई है। खासकर पैनोरमिक सनरूफ और नया ऑटोमैटिक गियरबॉक्स इसे सेगमेंट में और मजबूत बनाते हैं। अगर आप 10–20 लाख के बजट में प्रीमियम SUV देख रहे हैं, तो यह नया मॉडल एक मजबूत विकल्प बनकर सामने आया है।  

surbhi अप्रैल 16, 2026 0
Person using YouTube app settings to disable Shorts feed with zero-minute time management option.
YouTube का बड़ा अपडेट: अब ‘Shorts’ को पूरी तरह कर सकेंगे बंद

  वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म YouTube ने यूजर्स के लिए एक अहम फीचर रोलआउट किया है, जिसके जरिए अब Shorts फीड को पूरी तरह हटाया जा सकता है। कंपनी ने अपने “टाइम मैनेजमेंट” टूल में नया 0 मिनट (Zero Minute) ऑप्शन जोड़ा है, जिससे शॉर्ट वीडियो देखने की लिमिट तुरंत खत्म हो जाती है। कैसे काम करता है नया फीचर? YouTube के इस अपडेट के बाद यूजर्स: Shorts देखने की समय सीमा 0 मिनट सेट कर सकते हैं ऐसा करते ही Shorts फीड पूरी तरह बंद हो जाती है Shorts टैब पर वीडियो की जगह सिर्फ लिमिट पूरी होने का नोटिफिकेशन दिखता है रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फीचर पहले 15 मिनट की न्यूनतम सीमा के साथ आया था, जिसे अब बढ़ाकर जीरो कर दिया गया है।  होम स्क्रीन से भी गायब होंगे Shorts नई सेटिंग लागू करने के बाद: होम स्क्रीन से Shorts के सुझाव हट जाएंगे ऐप कम डिस्ट्रैक्टिंग हो जाएगा यूजर सिर्फ जरूरी या लंबा कंटेंट देख पाएंगे यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो बिना सोचे-समझे लगातार स्क्रॉल (डूमस्क्रॉलिंग) करते रहते हैं।  सभी यूजर्स के लिए रोलआउट पहले यह फीचर पैरेंटल कंट्रोल तक सीमित था अब इसे धीरे-धीरे सभी यूजर्स (एडल्ट अकाउंट्स) के लिए जारी किया जा रहा है बच्चों के अकाउंट में यह सेटिंग लॉक भी की जा सकती है क्यों जरूरी है यह फीचर? आज के समय में YouTube Shorts जैसे शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म्स पर लत (addiction) को लेकर चिंता बढ़ रही है। इस अपडेट के फायदे: स्क्रीन टाइम कंट्रोल फोकस और प्रोडक्टिविटी में सुधार बच्चों के लिए सुरक्षित कंटेंट मानसिक तनाव और नींद की समस्या में कमी ऐसे करें Shorts बंद (Step-by-Step) YouTube ऐप खोलें Settings में जाएं Time Management सेक्शन चुनें “Shorts Feed Limit” ऑन करें समय सीमा में 0 मिनट सेट करें YouTube का यह नया फीचर डिजिटल वेलबीइंग की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब यूजर्स के पास यह विकल्प है कि वे चाहें तो शॉर्ट वीडियो की लत से पूरी तरह दूरी बना सकें और अपने समय का बेहतर इस्तेमाल कर सकें।

surbhi अप्रैल 16, 2026 0
WhatsApp Companion Mode Setup on two phones
वॉट्सऐप का 'कंपैनियन मोड': एक ही नंबर से दो फोन पर चैटिंग, जानें इस छिपे हुए फीचर का सही इस्तेमाल

नई दिल्ली/एजेंसियां: मैसेजिंग की दुनिया में वॉट्सऐप का एक ऐसा फीचर है जिसे अक्सर लोग नया मान लेते हैं, जबकि यह काफी समय से प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। 'कंपैनियन मोड' नामक यह टूल यूजर्स को यह आजादी देता है कि वे अपने प्राथमिक स्मार्टफोन के अलावा एक अन्य मोबाइल फोन पर भी उसी नंबर से वॉट्सऐप अकाउंट सक्रिय कर सकें। यह उन लोगों के लिए एक सटीक समाधान है जो निजी और दफ्तर के काम के लिए अलग-अलग हैंडसेट इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अपनी चैट को हर जगह एक समान (सिंक्रोनाइज) रखना चाहते हैं। मल्टी-डिवाइस सपोर्ट की ताकत वॉट्सऐप का यह फीचर मूल रूप से इसके 'मल्टी-डिवाइस सपोर्ट' का विस्तार है। इसके माध्यम से उपयोगकर्ता मुख्य फोन के अतिरिक्त 4 अन्य डिवाइस को अपने खाते से जोड़ सकता है। इस तकनीकी व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि एक बार लिंक हो जाने के बाद, सेकेंडरी डिवाइस को काम करने के लिए मुख्य फोन के इंटरनेट से जुड़े रहने की अनिवार्यता नहीं होती। यदि आपका प्राइमरी फोन बंद भी है, तो भी आप दूसरे फोन से संदेश भेज और प्राप्त कर सकते हैं। स्टेप-बाय-स्टेप: दूसरे फोन पर कैसे करें सेटअप? इस छिपे हुए फीचर को एक्टिवेट करने की प्रक्रिया बेहद सरल है, बस आपको क्यूआर कोड (QR Code) का सही इस्तेमाल करना होगा: ऐप इंस्टॉलेशन: सबसे पहले अपने दूसरे फोन पर वॉट्सऐप का लेटेस्ट वर्जन इंस्टॉल करें। लिंक डिवाइस का चुनाव: ऐप ओपन करने पर जब मोबाइल नंबर मांगा जाए, तो वहां नंबर डालने के बजाय ऊपर दाईं ओर दिख रहे 'थ्री-डॉट्स' पर क्लिक करें। यहाँ आपको 'Link as Companion Device' का विकल्प मिलेगा। QR कोड स्कैनिंग: अब स्क्रीन पर एक क्यूआर कोड दिखाई देगा। इसके बाद अपने मुख्य (प्राइमरी) फोन के वॉट्सऐप में जाएं, सेटिंग्स में जाकर 'Linked Devices' चुनें और दूसरे फोन के कोड को स्कैन करें। चैट सिंकिंग: स्कैनिंग पूरी होते ही आपकी सभी पुरानी चैट्स दूसरे फोन पर लोड हो जाएंगी और आप उसे स्वतंत्र रूप से उपयोग कर पाएंगे। सुरक्षा और गोपनीयता के मानक चूंकि वॉट्सऐप अपनी सुरक्षा के लिए जाना जाता है, इसलिए कंपैनियन मोड में भी 'एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन' पूरी तरह सक्रिय रहता है। इसका अर्थ यह है कि आपकी बातचीत दोनों फोन पर पूरी तरह सुरक्षित और निजी रहती है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से यूजर्स को समय-समय पर अपने 'लिंक्ड डिवाइसेज' की सूची चेक करते रहना चाहिए ताकि कोई अनधिकृत एक्सेस न हो सके। यह फीचर उन प्रोफेशनल्स के लिए गेम-चेंजर है जो एक ही समय में लैपटॉप, टैबलेट और दो अलग-अलग फोन पर सक्रिय रहना चाहते हैं। हालांकि यह फीचर पुराना है, लेकिन इसकी उपयोगिता आज भी पहले जैसी ही बनी हुई है।

Ranjan Kumar Tiwari अप्रैल 15, 2026 0
Oppo F33 Pro smartphone showcasing sleek design and camera module ahead of India launch.
Oppo F33 Pro भारत में लॉन्च से पहले Google Play Console पर लिस्ट, 7000mAh बैटरी और Dimensity चिपसेट के साथ होगा एंट्री

स्मार्टफोन बाजार में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि Oppo का नया फोन Oppo F33 Pro भारत में लॉन्च से ठीक पहले Google Play Console पर लिस्ट हो गया है। इस लिस्टिंग से फोन के कई अहम फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस सामने आ गए हैं। लॉन्च से पहले सामने आए बड़े खुलासे रिपोर्ट के अनुसार, Oppo F33 Pro (मॉडल नंबर CPH2835) Google Play Console पर दिखाई दिया है, जिससे इसके हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर से जुड़ी जानकारी कन्फर्म हो गई है। प्रोसेसर: MediaTek Dimensity 6100+ RAM: कम से कम 8GB OS: Android 16 आधारित ColorOS 16 डिस्प्ले: Full-HD+ (480ppi पिक्सल डेंसिटी) दमदार बैटरी और फास्ट चार्जिंग Oppo F33 Pro की सबसे बड़ी खासियत इसकी बैटरी मानी जा रही है: 7000mAh बैटरी 80W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट यह बैटरी सेगमेंट में इसे लंबी बैकअप देने वाला स्मार्टफोन बना सकती है। कैमरा और डिजाइन फोन में ड्यूल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा: 50MP प्राइमरी सेंसर 2MP डेप्थ सेंसर वहीं, सेल्फी के लिए 50MP फ्रंट कैमरा दिया जाएगा फोन को Misty Forest, Starry Blue और Passion Red जैसे आकर्षक कलर ऑप्शंस में लॉन्च किया जाएगा। मजबूती और कूलिंग सिस्टम Oppo F33 Pro में IP69K और IPX9K रेटिंग दी जाएगी, जिससे यह: धूल और पानी से बेहतर सुरक्षा देगा इसके अलावा: 4,289 sq mm का Vapour Chamber कूलिंग सिस्टम लंबे समय तक इस्तेमाल के दौरान फोन को ठंडा रखने में मदद करेगा। लॉन्च और उपलब्धता Oppo F33 Pro भारत में 15 अप्रैल दोपहर 12 बजे लॉन्च होगा। लॉन्च के बाद यह: Amazon Oppo India वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा।   Oppo F33 Pro अपनी बड़ी बैटरी, मजबूत बिल्ड और दमदार कैमरा फीचर्स के साथ मिड-रेंज स्मार्टफोन सेगमेंट में बड़ा मुकाबला देने के लिए तैयार है। लॉन्च के बाद इसकी कीमत और परफॉर्मेंस ही तय करेगी कि यह यूजर्स के बीच कितना लोकप्रिय होता है।  

surbhi अप्रैल 15, 2026 0
Satellite in low Earth orbit enabling iPhone connectivity through Amazon and Apple partnership with Globalstar technology.
Amazon-Apple डील: सैटेलाइट टेक्नोलॉजी में बड़ा कदम, Globalstar अधिग्रहण से बदलेगा कनेक्टिविटी का भविष्य

टेक्नोलॉजी जगत में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां Amazon ने सैटेलाइट कम्युनिकेशन कंपनी Globalstar के अधिग्रहण की घोषणा की है। इस डील के साथ ही Amazon ने Apple के साथ साझेदारी भी की है, जिससे iPhone और Apple Watch में सैटेलाइट फीचर्स को और मजबूत किया जाएगा। क्या है Amazon की बड़ी योजना? Amazon इस अधिग्रहण के जरिए अपने लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) नेटवर्क को मजबूत करना चाहता है। कंपनी अपने Project Kuiper और Amazon Leo नेटवर्क के साथ Globalstar की तकनीक को जोड़कर एक बड़ा सैटेलाइट इकोसिस्टम तैयार करेगी। डील 2027 तक पूरी होने की उम्मीद 2028 से नए Direct-to-Device (D2D) सैटेलाइट सिस्टम की शुरुआत दुनिया भर में करोड़ों डिवाइसेस को कनेक्ट करने का लक्ष्य यह तकनीक स्मार्टफोन को सीधे सैटेलाइट से जोड़ने में सक्षम बनाएगी, जिससे बिना मोबाइल नेटवर्क के भी कॉल, मैसेज और डेटा सेवाएं मिल सकेंगी। iPhone और Apple Watch को क्या मिलेगा फायदा? Apple के साथ नई साझेदारी के तहत: iPhone 14 और उससे नए मॉडल्स Apple Watch में मिलने वाले सैटेलाइट फीचर्स जारी रहेंगे और बेहतर होंगे। इन फीचर्स में शामिल हैं: Emergency SOS via Satellite मैसेजिंग और लोकेशन शेयरिंग Find My और रोडसाइड असिस्टेंस Globalstar पहले से ही Apple डिवाइसेस को सैटेलाइट सपोर्ट देता है, और अब Amazon इस इकोसिस्टम को और मजबूत करेगा। क्यों है यह डील अहम? यह अधिग्रहण कई मायनों में गेमचेंजर साबित हो सकता है: दूर-दराज और नेटवर्क-फ्री इलाकों में कनेक्टिविटी आपातकाल (जैसे प्राकृतिक आपदा) में बेहतर नेटवर्क सपोर्ट मोबाइल नेटवर्क पर निर्भरता कम Amazon का लक्ष्य है कि दुनिया के उन हिस्सों तक इंटरनेट और कम्युनिकेशन पहुंचाया जाए, जहां अभी नेटवर्क नहीं है। भविष्य की झलक Amazon का अगला D2D सैटेलाइट नेटवर्क हजारों सैटेलाइट्स के जरिए काम करेगा, जिससे आने वाले समय में मोबाइल कनेक्टिविटी का पूरा ढांचा बदल सकता है। यह डील दिखाती है कि टेक कंपनियां अब सैटेलाइट टेक्नोलॉजी को अगले बड़े डिजिटल रिवोल्यूशन के रूप में देख रही हैं। Amazon और Apple की यह साझेदारी सिर्फ एक बिजनेस डील नहीं, बल्कि भविष्य की कनेक्टिविटी की दिशा तय करने वाला कदम है। आने वाले वर्षों में यह तकनीक स्मार्टफोन यूजर्स के अनुभव को पूरी तरह बदल सकती है।  

surbhi अप्रैल 15, 2026 0
Google Gemini AI interface displaying personalized responses using Gmail, Photos, and YouTube data integration.
Google Gemini में ‘Personal Intelligence’ फीचर भारत में लॉन्च, अब AI देगा और ज्यादा स्मार्ट व पर्सनल जवाब

भारत में AI तकनीक को नया आयाम देते हुए Google ने अपने AI असिस्टेंट Gemini के लिए Personal Intelligence फीचर रोलआउट कर दिया है। यह फीचर यूजर्स को पहले से ज्यादा पर्सनल और कॉन्टेक्स्ट-बेस्ड जवाब देने में सक्षम बनाता है। पहले यह सुविधा केवल अमेरिका में पेड यूजर्स के लिए उपलब्ध थी, लेकिन अब भारत में भी इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दिया गया है। क्या है Personal Intelligence फीचर? Personal Intelligence एक ऐसा AI सिस्टम है, जो अलग-अलग ऐप्स से जानकारी लेकर उसे जोड़कर जवाब देता है। यह फीचर यूजर्स को इन ऐप्स से कनेक्ट करने की सुविधा देता है: Gmail Google Photos YouTube Search इससे Gemini यूजर के सवालों का जवाब देते समय कई सोर्स से डेटा लेकर ज्यादा सटीक और पर्सनल जानकारी देता है। कैसे काम करता है यह फीचर? मान लीजिए आप जयपुर ट्रिप प्लान कर रहे हैं– Gemini Gmail से आपकी बुकिंग डिटेल्स निकाल सकता है Photos से सेव किए गए स्क्रीनशॉट या नोट्स दिखा सकता है YouTube हिस्ट्री के आधार पर जगहों की सिफारिश कर सकता है यानि अब एक ही जवाब में पूरी जानकारी मिल सकती है, बिना अलग-अलग ऐप्स में जाने की जरूरत के। यूजर कंट्रोल और प्राइवेसी पर जोर Google के अनुसार: यह फीचर डिफॉल्ट रूप से बंद रहेगा यूजर खुद तय करेगा कि कौन-से ऐप्स कनेक्ट करने हैं डेटा का उपयोग सिर्फ जवाब देने के लिए होगा, AI ट्रेनिंग के लिए नहीं यूजर कभी भी इस फीचर को बंद कर सकता है अभी भी डेवलपमेंट स्टेज में कंपनी ने यह भी माना है कि यह फीचर अभी पूरी तरह परफेक्ट नहीं है। कभी-कभी गलत या जरूरत से ज्यादा पर्सनल जवाब मिल सकते हैं AI कॉन्टेक्स्ट को गलत समझ सकता है हालांकि यूजर्स फीडबैक देकर इसे सुधारने में मदद कर सकते हैं। क्यों है यह बड़ा अपडेट? यह फीचर AI को एक नए स्तर पर ले जाता है, जहां: AI सिर्फ सवालों का जवाब नहीं देता, बल्कि संदर्भ समझता है यूजर के डेटा को जोड़कर बेहतर सुझाव देता है डिजिटल असिस्टेंट ज्यादा “पर्सनल” बनता है Gemini का Personal Intelligence फीचर भारत में AI उपयोग के तरीके को बदल सकता है। हालांकि, इसकी सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि यूजर्स प्राइवेसी और सुविधा के बीच कैसे संतुलन बनाते हैं।  

surbhi अप्रैल 15, 2026 0
Huawei Pura X Max wide foldable smartphone showcasing dual displays and triple camera design.
Huawei Pura X Max: फोल्डेबल मार्केट में बड़ा दांव, Apple और Samsung को दे सकता है कड़ी टक्कर

टेक कंपनी Huawei ने अपने आगामी फोल्डेबल स्मार्टफोन Huawei Pura X Max को लेकर बड़ा संकेत दिया है। यह नया “वाइड फोल्डेबल” डिजाइन के साथ आ रहा है, जो मौजूदा स्मार्टफोन्स से बिल्कुल अलग अनुभव देने का दावा करता है। कंपनी ने इसकी लॉन्च डेट 20 अप्रैल तय की है और चीन में इसके लिए प्री-ऑर्डर भी शुरू कर दिए गए हैं। क्या है ‘Wide Foldable’ डिजाइन का खास मकसद? Huawei Pura X Max पारंपरिक फोल्डेबल फोन से अलग है। जहां ज्यादातर फोल्डेबल फोन लंबे और संकरे होते हैं, वहीं यह डिवाइस ज्यादा चौड़े डिजाइन के साथ आएगा। इसका फायदा: वीडियो देखने में बेहतर अनुभव मल्टीटास्किंग आसान गेमिंग ज्यादा इमर्सिव अनफोल्ड करने पर यह एक कॉम्पैक्ट टैबलेट जैसा अनुभव दे सकता है, जो इसे बाजार में अलग पहचान देगा। डिस्प्ले और डिजाइन की झलक लीक्स के मुताबिक: इनर डिस्प्ले: लगभग 7.6–7.69 इंच आउटर डिस्प्ले: करीब 5.5 इंच फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप और इनर-आउटर दोनों स्क्रीन पर पंच-होल कैमरा मिल सकता है। इसके अलावा फ्लैट फ्रेम और बेहतर हिंज डिजाइन इसे ज्यादा टिकाऊ बना सकते हैं। दमदार परफॉर्मेंस की उम्मीद Huawei Pura X Max में Kirin 9030 चिपसेट मिलने की संभावना है, जो इसे फ्लैगशिप परफॉर्मेंस देगा। यह स्मार्टफोन कई स्टोरेज वेरिएंट्स में आ सकता है: 12GB + 256GB 12GB + 512GB 16GB + 512GB (Collector’s Edition) 16GB + 1TB (Collector’s Edition) Apple और Samsung को सीधी चुनौती Huawei का यह नया डिजाइन सीधे तौर पर Samsung और Apple जैसे दिग्गज ब्रांड्स को चुनौती देता नजर आ रहा है, जो खुद भी वाइड फोल्डेबल टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं। अगर Huawei का यह एक्सपेरिमेंट सफल होता है, तो फोल्डेबल स्मार्टफोन इंडस्ट्री में एक नया ट्रेंड शुरू हो सकता है। फोल्डेबल का भविष्य बदल सकता है यह डिजाइन Huawei Pura X Max सिर्फ एक नया स्मार्टफोन नहीं, बल्कि फोल्डेबल टेक्नोलॉजी में एक नई सोच का संकेत है। अब सबकी नजर 20 अप्रैल के लॉन्च इवेंट पर है, जहां इसकी कीमत और पूरी स्पेसिफिकेशन सामने आएंगी।  

surbhi अप्रैल 14, 2026 0
Gmail mobile app displaying end-to-end encryption lock icon for secure email communication.
Gmail में आया बड़ा सिक्योरिटी अपडेट: अब एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से पूरी तरह सुरक्षित होंगे आपके ईमेल

टेक्नोलॉजी दिग्गज Google ने अपने लोकप्रिय ईमेल प्लेटफॉर्म Gmail को और ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब Gmail में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (E2EE) का सपोर्ट Android और iPhone दोनों पर उपलब्ध कराया गया है, जिससे यूजर्स अपने ईमेल को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित तरीके से भेज और पढ़ सकेंगे। क्या है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक ऐसी तकनीक है जिसमें ईमेल का डेटा भेजने वाले के डिवाइस पर ही एन्क्रिप्ट (कोडेड) हो जाता है और केवल प्राप्तकर्ता ही उसे डिक्रिप्ट (पढ़) कर सकता है। इसका मतलब यह है कि बीच में कोई भी–यहां तक कि सर्वर या कंपनी भी–उस ईमेल को नहीं पढ़ सकती। Gmail में यह फीचर कैसे काम करता है? नए अपडेट के बाद जब यूजर ईमेल लिखेंगे, तो उन्हें एक ‘लॉक’ आइकन दिखाई देगा। इस आइकन पर क्लिक करके एन्क्रिप्शन ऑन किया जा सकता है ईमेल भेजने से पहले ही डिवाइस पर एन्क्रिप्ट हो जाता है रिसीवर के पास पहुंचने के बाद ही यह डिक्रिप्ट होता है अगर सामने वाला व्यक्ति Gmail यूज करता है, तो उसे ईमेल सामान्य थ्रेड की तरह दिखाई देगा। वहीं, अन्य ईमेल यूजर्स इसे सुरक्षित वेब लिंक के जरिए एक्सेस कर सकते हैं। मोबाइल यूजर्स के लिए बड़ा फायदा अब तक इस तरह की सिक्योरिटी के लिए अलग टूल या प्लेटफॉर्म की जरूरत पड़ती थी, लेकिन अब यह सुविधा सीधे मोबाइल ऐप में ही मिल रही है। इससे यूजर्स कहीं से भी अपने संवेदनशील और जरूरी ईमेल सुरक्षित तरीके से भेज और पढ़ सकते हैं। किन यूजर्स को मिलेगा यह फीचर? फिलहाल यह फीचर Google Workspace के एंटरप्राइज यूजर्स के लिए उपलब्ध है। एडमिन को पहले इसे Admin Console से एक्टिव करना होगा इसके बाद ही यूजर्स इस सुविधा का उपयोग कर पाएंगे धीरे-धीरे इसे सभी यूजर्स के लिए रोलआउट किया जाएगा क्यों है यह अपडेट खास? डिजिटल दुनिया में बढ़ते साइबर खतरे और डेटा लीक के मामलों को देखते हुए यह अपडेट बेहद अहम माना जा रहा है। यह फीचर खासकर बिजनेस, प्रोफेशनल और संवेदनशील जानकारी शेयर करने वाले यूजर्स के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।  

surbhi अप्रैल 14, 2026 0
Redmi K90 Max smartphone showcasing sleek design and Geekbench performance with Dimensity 9500 chipset.
Redmi K90 Max लॉन्च से पहले बड़ा खुलासा: दमदार Dimensity 9500 चिप और 16GB RAM के साथ दिखा Geekbench पर

चीनी स्मार्टफोन बाजार में जल्द दस्तक देने जा रहा Redmi K90 Max लॉन्च से पहले ही सुर्खियों में आ गया है। Xiaomi के सब-ब्रांड Redmi का यह आगामी फ्लैगशिप डिवाइस Geekbench बेंचमार्किंग साइट पर स्पॉट हुआ है, जहां इसकी परफॉर्मेंस और प्रमुख स्पेसिफिकेशंस का खुलासा हुआ है। दमदार प्रोसेसर: Dimensity 9500 का मिलेगा साथ Geekbench लिस्टिंग के अनुसार, Redmi K90 Max में MediaTek Dimensity 9500 चिपसेट दिया जा सकता है। यह एक ऑक्टा-कोर प्रोसेसर है, जिसमें “All Big Core” आर्किटेक्चर देखने को मिलता है। इसमें: 1 Ultra core (4.21GHz) 3 Premium cores (3.50GHz) 4 Pro cores (2.70GHz) जैसी हाई-एंड कॉन्फ़िगरेशन दी गई है, जो इसे प्रीमियम फ्लैगशिप सेगमेंट में मजबूती से खड़ा करती है। 16GB RAM और Android 16 का सपोर्ट लिस्टिंग से यह भी सामने आया है कि यह फोन करीब 14.88GB RAM के साथ आएगा, जिसे मार्केट में 16GB RAM के रूप में पेश किया जाएगा। इसके साथ ही यह डिवाइस लेटेस्ट Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेगा, जिसके ऊपर Xiaomi का नया HyperOS 3 इंटरफेस मिलने की संभावना है। Geekbench स्कोर ने बढ़ाई उम्मीदें परफॉर्मेंस के मामले में Redmi K90 Max ने शानदार स्कोर दर्ज किए हैं: सिंगल-कोर: 3,513 मल्टी-कोर: 10,711 ये आंकड़े बताते हैं कि यह फोन फ्लैगशिप डिवाइसेज के बराबर परफॉर्मेंस देने में सक्षम होगा। अन्य फ्लैगशिप से सीधी टक्कर Redmi K90 Max का मुकाबला सीधे Vivo X300 Pro और Oppo Find X9 Pro जैसे हाई-एंड स्मार्टफोन्स से माना जा रहा है, जो इसी चिपसेट के साथ आते हैं। परफॉर्मेंस आंकड़ों के आधार पर यह साफ है कि Redmi का यह फोन फ्लैगशिप सेगमेंट में मजबूत प्रतिस्पर्धा पेश करेगा। जल्द हो सकता है लॉन्च कंपनी ने पहले ही संकेत दे दिया है कि Redmi K90 Max को चीन में जल्द लॉन्च किया जाएगा। इसके बाद इसे ग्लोबल मार्केट में भी पेश किया जा सकता है।  

surbhi अप्रैल 14, 2026 0
transferring files using Tap to Share NFC feature similar to AirDrop system
Android Tap to Share Leak: iPhone AirDrop को टक्कर देगा Google का नया फीचर, बस फोन टच करते ही होगा फाइल ट्रांसफर

Android यूजर्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है। Google जल्द ही एक नया NFC-आधारित फीचर Tap to Share लॉन्च करने की तैयारी में है, जो iPhone के AirDrop की तरह काम करेगा। हाल ही में लीक हुई जानकारी में इस फीचर का इंटरफेस और काम करने का तरीका सामने आया है। कैसे काम करेगा Tap to Share? लीक के मुताबिक, इस फीचर के जरिए यूजर्स सिर्फ दो Android स्मार्टफोन को पास लाकर या हल्का ओवरलैप करके डेटा शेयर कर सकेंगे। दोनों फोन अनलॉक होने चाहिए फोन के ऊपरी हिस्से को एक-दूसरे के करीब रखना होगा कनेक्शन बनने पर स्क्रीन पर एनिमेशन दिखाई देगा अगर कनेक्शन नहीं बनता, तो फोन को बैक-टू-बैक रखकर दोबारा ट्राई करने का सुझाव दिया गया है। क्या-क्या शेयर कर पाएंगे? Tap to Share के जरिए यूजर्स कई तरह का डेटा तुरंत शेयर कर सकेंगे: कॉन्टैक्ट्स फोटो और वीडियो लिंक लोकेशन अन्य फाइल्स यह फीचर Android के मौजूदा शेयरिंग सिस्टम को और तेज और आसान बना सकता है। AirDrop से कितना अलग? हालांकि यह फीचर AirDrop जैसा है, लेकिन इसमें थोड़ा अलग तरीका अपनाया गया है। Android स्मार्टफोन्स में NFC एंटेना अलग-अलग जगहों पर होता है, इसलिए Google ने “ओवरलैप” करने का तरीका अपनाया है, ताकि कनेक्शन जल्दी बन सके। कब होगा लॉन्च? रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फीचर Android 17 के साथ लॉन्च किया जा सकता है। यह पहले से कुछ डिवाइसेस जैसे Pixel और Samsung (One UI 8.5) में टेस्टिंग फेज में देखा गया है। आने वाले समय में Oppo समेत अन्य ब्रांड्स भी इसे अपने डिवाइसेस में शामिल कर सकते हैं। Android यूजर्स के लिए क्या है फायदा? Tap to Share फीचर Android यूजर्स के लिए फाइल शेयरिंग को बेहद आसान और इंस्टेंट बना देगा। बिना इंटरनेट, बिना ऐप–सिर्फ फोन टच करते ही डेटा ट्रांसफर हो सकेगा।  

surbhi अप्रैल 13, 2026 0
Oppo Pad 5 Pro tablet showcasing slim design and large display ahead of its official launch.
Oppo Pad 5 Pro Leak: लॉन्च से पहले डिजाइन और दमदार स्पेसिफिकेशंस का खुलासा, मिलेगा 80W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट

टेक बाजार में लॉन्च से पहले ही Oppo Pad 5 Pro को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। चीन टेलीकॉम डेटाबेस पर लिस्टिंग के जरिए इस अपकमिंग टैबलेट के डिजाइन और प्रमुख फीचर्स का खुलासा हुआ है। माना जा रहा है कि यह डिवाइस 21 अप्रैल 2026 को चीन में लॉन्च हो सकता है। डिजाइन और डिस्प्ले में प्रीमियम टच लीक के मुताबिक Oppo Pad 5 Pro में स्लिम और प्रीमियम डिजाइन देखने को मिलेगा। मोटाई: सिर्फ 5.94mm वजन: करीब 672 ग्राम कलर ऑप्शन: Dawn Gold, Mocha Brown, Monet Purple टैबलेट में 13.2-इंच का LCD डिस्प्ले दिया जा सकता है, जिसका रेजोल्यूशन 1920×1200 पिक्सल और 16:9 आस्पेक्ट रेशियो होगा। फ्लैगशिप परफॉर्मेंस का दावा इस टैबलेट में Qualcomm का लेटेस्ट Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर मिलने की उम्मीद है, जो इसे हाई-परफॉर्मेंस डिवाइस बना सकता है। यह टैबलेट Android 16 बेस्ड UI के साथ आ सकता है, जिससे यूजर्स को लेटेस्ट सॉफ्टवेयर एक्सपीरियंस मिलेगा। RAM और स्टोरेज के कई विकल्प Oppo Pad 5 Pro को कई वेरिएंट्स में लॉन्च किया जा सकता है: 8GB + 256GB 12GB + 256GB 12GB + 512GB 16GB + 512GB इससे यूजर्स अपनी जरूरत के हिसाब से विकल्प चुन सकेंगे। कैमरा और बैटरी टैबलेट में 13MP का रियर कैमरा मिलने की उम्मीद है, हालांकि फ्रंट कैमरा को लेकर जानकारी अभी सामने नहीं आई है। बैटरी की बात करें तो इसमें 13,380mAh की बड़ी बैटरी दी जा सकती है, जो 80W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी। दावा है कि यह डिवाइस करीब 120 मिनट में फुल चार्ज हो सकता है। कनेक्टिविटी और अन्य फीचर्स Wi-Fi और Bluetooth सपोर्ट Wi-Fi-only मॉडल (सेलुलर वर्जन नहीं) यह टैबलेट खासतौर पर उन यूजर्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जो एंटरटेनमेंट और प्रोडक्टिविटी दोनों के लिए एक पावरफुल डिवाइस चाहते हैं। लॉन्च के साथ और क्या होगा खास? रिपोर्ट्स के मुताबिक, Oppo इस टैबलेट के साथ अपने अन्य डिवाइस जैसे Find X9 Ultra, Find X9s Pro और Watch X3 Mini भी लॉन्च कर सकता है, जिससे यह इवेंट टेक वर्ल्ड में काफी बड़ा होने वाला है।  

surbhi अप्रैल 13, 2026 0
Apple iPhone Fold concept shown alongside iPhone 18 Pro during anticipated 2026 launch event.
iPhone Fold 2026: Apple का फोल्डेबल फोन इसी साल लॉन्च, iPhone 18 Pro के साथ आएगा बड़ा धमाका

टेक दुनिया में लंबे समय से चर्चा में बना Apple का पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन अब हकीकत बनने के करीब है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, iPhone Fold को साल 2026 में ही लॉन्च किया जा सकता है, और यह iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के साथ पेश किया जाएगा। लॉन्च टाइमलाइन को लेकर बड़ी अपडेट Bloomberg के रिपोर्ट्स के अनुसार, Apple फिलहाल किसी बड़े संकट का सामना नहीं कर रहा है और कंपनी अपनी योजना के अनुसार आगे बढ़ रही है। उम्मीद की जा रही है कि iPhone Fold को सितंबर 2026 के पहले हफ्ते में लॉन्च किया जा सकता है। हालांकि, बेस मॉडल iPhone 18 को 2027 की शुरुआत तक टाला जा सकता है, जो Apple की रणनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इंजीनियरिंग चुनौतियों के बावजूद प्लान बरकरार पहले आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि Apple को अपने फोल्डेबल डिवाइस के विकास के दौरान कई तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। खासकर इंजीनियरिंग वेरिफिकेशन स्टेज में कुछ जटिल समस्याएं सामने आई थीं। इसके बावजूद कंपनी ने सप्लाई चेन पार्टनर्स के साथ मिलकर इन समस्याओं को काफी हद तक सुलझा लिया है, जिससे लॉन्च टाइमलाइन पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। सीमित सप्लाई, लेकिन बिक्री साथ में शुरू रिपोर्ट के अनुसार, iPhone Fold की शुरुआती सप्लाई सीमित रह सकती है। Apple करीब 7 से 8 मिलियन यूनिट्स के शुरुआती प्रोडक्शन की योजना बना रहा है, जो कुल iPhone प्रोडक्शन का 10% से भी कम होगा। इसके बावजूद कंपनी की योजना है कि iPhone Fold की बिक्री बाकी iPhone 18 Pro मॉडल्स के साथ ही शुरू की जाए, या फिर थोड़े ही समय बाद उपलब्ध करा दी जाए। फोल्डेबल मार्केट में Apple की एंट्री फोल्डेबल स्मार्टफोन मार्केट में पहले से Samsung और Google जैसे ब्रांड मौजूद हैं, लेकिन Apple की एंट्री इस सेगमेंट को नया मोड़ दे सकती है। iPhone Fold का डिजाइन Google Pixel Fold जैसा हो सकता है, जिससे यह प्रीमियम फोल्डेबल कैटेगरी में सीधी टक्कर देगा।  

surbhi अप्रैल 13, 2026 0
Google AI illustration
Google का बड़ा AI अपडेट: अब सर्च बार से ही रेस्टोरेंट बुकिंग, बदल जाएगा खाने का प्लान करने का तरीका

टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। Google ने अपने नए AI फीचर के जरिए सर्च को सिर्फ जानकारी देने वाला टूल नहीं, बल्कि काम पूरा करने वाला प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब यूजर्स सीधे सर्च बार से ही रेस्टोरेंट टेबल बुक कर सकेंगे। यह फीचर Google के “AI Mode” का हिस्सा है, जो उसके एडवांस Gemini AI पर आधारित है। यह सिस्टम यूजर्स की डिटेल्ड रिक्वेस्ट को समझकर उसी के हिसाब से विकल्प और बुकिंग सुविधा प्रदान करता है। कैसे काम करता है यह नया फीचर? पारंपरिक सर्च में यूजर्स को कई वेबसाइट्स और ऐप्स पर जाकर जानकारी ढूंढनी पड़ती थी। लेकिन अब: आप सर्च में लिख सकते हैं: “South Delhi में rooftop restaurant में कल के लिए टेबल बुक करो” AI आपकी लोकेशन, समय और पसंद को समझता है फिर यह Zomato, Swiggy जैसे प्लेटफॉर्म से डेटा लेकर ऑप्शन दिखाता है रियल-टाइम स्लॉट के साथ सीधे बुकिंग का विकल्प मिलता है कई मामलों में AI खुद ही बुकिंग प्रक्रिया को काफी हद तक पूरा कर देता है, जिससे यूजर का समय और मेहनत दोनों बचते हैं। “Agentic AI” की ओर बड़ा कदम यह फीचर “Agentic AI” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जहां AI सिर्फ जानकारी नहीं देता, बल्कि मल्टी-स्टेप टास्क खुद पूरा करता है। यानी अब यूजर्स को अलग-अलग ऐप्स में जाकर तुलना करने और बुकिंग करने की जरूरत नहीं होगी। यूजर्स के लिए क्या बदलेगा? समय की बचत ज्यादा पर्सनलाइज्ड सुझाव एक ही जगह पर सर्च से लेकर बुकिंग तक का पूरा काम बेहतर और तेज प्लानिंग चाहे दोस्तों के साथ डिनर हो या किसी खास मौके की तैयारी - अब पूरा प्रोसेस पहले से ज्यादा आसान और स्मार्ट हो जाएगा। आगे क्या? विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में Google इसी तकनीक के जरिए: मूवी टिकट डॉक्टर अपॉइंटमेंट ट्रैवल बुकिंग जैसे काम भी सीधे सर्च बार से कराने की सुविधा दे सकता है।  

surbhi अप्रैल 11, 2026 0
realme 16 5G smartphone showcasing sleek design, AMOLED display, and dual 50MP cameras.
₹30,000 के बजट में नया गेमचेंजर? realme 16 5G क्यों बन रहा है यूज़र्स की पहली पसंद

भारत में ₹30,000 के बजट में स्मार्टफोन खरीदना पहले जितना आसान नहीं रहा। बढ़ती कीमतों, AI फीचर्स और हाई-एंड हार्डवेयर के चलते इस सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा काफी तेज हो गई है। ऐसे में यूज़र्स अब सिर्फ स्पेसिफिकेशन नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद और लंबे समय तक टिकने वाला स्मार्टफोन चाहते हैं। इसी बीच realme का नया स्मार्टफोन realme 16 5G इस सेगमेंट में चर्चा का केंद्र बन गया है। क्या उम्मीद करें ₹30,000 के स्मार्टफोन से? आज के समय में इस बजट में फोन खरीदते वक्त यूज़र्स की प्राथमिकताएं बदल चुकी हैं। अब सिर्फ कैमरा या प्रोसेसर नहीं, बल्कि बैटरी बैकअप, डिजाइन, स्मूद परफॉर्मेंस और लॉन्ग-टर्म यूसेज अहम हो गया है। यूज़र चाहते हैं कि उनका फोन सालों तक बिना स्लो हुए चलता रहे और रोजमर्रा के कामों में भरोसेमंद साबित हो। दमदार बैटरी: दिनभर का भरोसा realme 16 5G की सबसे बड़ी ताकत इसकी 7000mAh बैटरी है, जो भारी इस्तेमाल के बावजूद पूरे दिन आराम से चल सकती है। खास बात यह है कि इतनी बड़ी बैटरी के बावजूद फोन हल्का और स्लिम डिजाइन में आता है। साथ ही 60W फास्ट चार्जिंग इसे और भी प्रैक्टिकल बनाती है, जिससे यूज़र को बार-बार चार्जिंग की चिंता नहीं रहती। कैमरा: सोशल मीडिया यूज़र्स के लिए खास आज के दौर में कैमरा ही फोन की असली पहचान बन चुका है। इस फोन में 50MP फ्रंट और 50MP रियर कैमरा दिया गया है, जो खासतौर पर पोर्ट्रेट और सोशल मीडिया फोटोग्राफी के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें दिया गया “Selfie Mirror” फीचर यूज़र्स को रियर कैमरा से ही हाई-क्वालिटी सेल्फी लेने की सुविधा देता है, जो इस प्राइस रेंज में एक अलग और उपयोगी इनोवेशन माना जा रहा है। प्रीमियम डिजाइन और हल्का अनुभव फोन का “Gleaming Wings” डिजाइन इसे भीड़ से अलग बनाता है। लाइट पड़ने पर बैक पैनल का कलर बदलता है, जिससे यह देखने में प्रीमियम लगता है। हल्का वजन और स्लिम बॉडी इसे लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए आरामदायक बनाते हैं। परफॉर्मेंस: लंबे समय तक स्मूद एक्सपीरियंस realme 16 5G को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह लंबे समय तक स्मूद परफॉर्मेंस दे सके। चाहे मल्टीटास्किंग हो, गेमिंग हो या वीडियो स्ट्रीमिंग - फोन बिना लैग के काम करता है। रियल-लाइफ यूज़ के लिए तैयार आज के स्मार्टफोन को सिर्फ फीचर्स से नहीं, बल्कि उसकी मजबूती से भी आंका जाता है। यह फोन डस्ट और स्प्लैश रेजिस्टेंस के साथ आता है, जिससे यह रोजमर्रा के इस्तेमाल में ज्यादा भरोसेमंद बनता है। डिस्प्ले: हर स्थिति में शानदार व्यू इसमें दिया गया AMOLED डिस्प्ले तेज धूप में भी साफ नजर आता है। ब्राइटनेस, कलर और स्मूद रिफ्रेश रेट इसे वीडियो देखने और गेमिंग के लिए बेहतर बनाते हैं। क्यों खास है यह स्मार्टफोन? इस सेगमेंट में अक्सर यूज़र्स को किसी न किसी फीचर पर समझौता करना पड़ता है - कहीं बैटरी कमजोर होती है, तो कहीं कैमरा या डिजाइन। लेकिन realme 16 5G इन सभी पहलुओं को संतुलित तरीके से पेश करता है।   अगर आप ₹30,000 के बजट में ऐसा स्मार्टफोन ढूंढ रहे हैं जो बैटरी, कैमरा, परफॉर्मेंस और डिजाइन - चारों में संतुलन बनाए रखे, तो realme 16 5G एक मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है।  

surbhi अप्रैल 11, 2026 0
YouTube app interface showing new Auto Speed and On-the-Go smart features for enhanced video viewing experience
YouTube का स्मार्ट अपडेट: ‘Auto Speed’ और ‘On-the-Go’ फीचर्स से बदलेगा वीडियो देखने का अनुभव

दुनिया के सबसे बड़े वीडियो प्लेटफॉर्म YouTube ने यूजर्स के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए दो नए स्मार्ट फीचर्स ‘Auto Speed’ और ‘On-the-Go’ की टेस्टिंग शुरू कर दी है। ये फीचर्स फिलहाल YouTube Premium यूजर्स के लिए उपलब्ध हैं और Android व iOS प्लेटफॉर्म पर सीमित समय के लिए ट्रायल में दिए गए हैं। Auto Speed: खुद बदलेगी वीडियो की स्पीड ‘Auto Speed’ फीचर उन यूजर्स के लिए खास है जो कम समय में ज्यादा कंटेंट देखना चाहते हैं। इस फीचर की मदद से वीडियो की प्लेबैक स्पीड अपने आप कंटेंट के अनुसार बढ़ या घट जाती है। इससे बार-बार मैन्युअली स्पीड बदलने की जरूरत खत्म हो जाती है और वीडियो समझना भी आसान हो जाता है। इसे इस्तेमाल करने के लिए: वीडियो के प्लेबैक स्पीड ऑप्शन में जाएं वहां ‘Auto Speed’ विकल्प चुनें हालांकि, यह फीचर सभी वीडियो पर काम नहीं करेगा-जहां सपोर्ट नहीं होगा, वहां यह ऑटोमैटिकली बंद हो जाएगा। On-the-Go: चलते-फिरते बिना डिस्ट्रैक्शन के कंटेंट दूसरा फीचर ‘On-the-Go’ खासतौर पर उन यूजर्स के लिए है जो चलते-फिरते वीडियो या पॉडकास्ट सुनते हैं। यह फीचर स्क्रीन को मिनिमल बना देता है, जिससे कमेंट्स और अन्य विजुअल एलिमेंट्स हट जाते हैं और यूजर केवल कंटेंट पर ध्यान दे पाता है। इसे एक्टिव करने के तरीके: सेटिंग्स में जाकर ‘Premium Controls’ से मैन्युअली ऑन करें या फोन के मूवमेंट डिटेक्ट होने पर (लगभग 60 सेकंड) यह अपने आप एक्टिव हो सकता है कब तक मिलेगा ट्रायल? रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये दोनों फीचर्स 27 अप्रैल 2026 तक ट्रायल के लिए उपलब्ध रहेंगे। इसके बाद कंपनी तय करेगी कि इन्हें स्थायी रूप से जारी किया जाए या नहीं।  

surbhi अप्रैल 10, 2026 0
Samsung Galaxy A and F series smartphones displayed with price hike announcement concept for Indian market
Samsung यूजर्स के लिए झटका! Galaxy A और F सीरीज़ के स्मार्टफोन्स महंगे होने की खबर, 10 अप्रैल से बढ़ सकती हैं कीमतें

भारतीय स्मार्टफोन बाजार में एक बड़ी अपडेट सामने आई है। टेक दिग्गज Samsung अपने Galaxy A और F सीरीज़ के कई स्मार्टफोन्स की कीमतों में बढ़ोतरी करने की तैयारी में है। लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह संभावित प्राइस हाइक 10 अप्रैल 2026 से लागू हो सकती है, जिससे बजट और मिड-रेंज सेगमेंट के ग्राहक प्रभावित होंगे। किन स्मार्टफोन्स की कीमत बढ़ सकती है? रिपोर्ट के अनुसार, Samsung Galaxy A06, Samsung Galaxy A56 5G और Samsung Galaxy F17 समेत कई मॉडल्स की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा Galaxy A07, A17 और A36 भी इस सूची में शामिल बताए जा रहे हैं। संभावित नई कीमतें Galaxy A06: ₹1,000 की बढ़ोतरी के साथ कीमत ₹13,499 तक पहुंच सकती है Galaxy A07: ₹1,250 तक महंगा होकर ₹10,999 हो सकता है Galaxy A17: ₹1,000–₹1,500 तक बढ़कर टॉप वेरिएंट ₹27,999 तक जा सकता है Galaxy A36: ₹1,500–₹3,000 की बढ़ोतरी, कीमत ₹43,499 तक Galaxy A56: ₹2,000–₹3,500 तक महंगा होकर ₹52,499 तक पहुंच सकता है Galaxy F17: सभी वेरिएंट पर ₹1,000 की फ्लैट बढ़ोतरी आधिकारिक घोषणा का इंतजार हालांकि, कंपनी की ओर से अभी तक इस प्राइस हाइक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन अगर लीक सही साबित होती है, तो यह बढ़ोतरी उन ग्राहकों के लिए झटका हो सकती है जो इन स्मार्टफोन्स को खरीदने की योजना बना रहे थे। क्यों बढ़ सकती हैं कीमतें? विशेषज्ञों का मानना है कि कॉम्पोनेंट्स की लागत, सप्लाई चेन और बाजार की मांग में बदलाव जैसे कारणों की वजह से कंपनियां कीमतों में संशोधन करती हैं।  

surbhi अप्रैल 10, 2026 0
Meta Muse Spark AI model announcement showcasing advanced multimodal AI competing with ChatGPT and Claude
Meta का बड़ा दांव: Muse Spark AI लॉन्च, ChatGPT और Claude को टक्कर देने का दावा

दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी Meta ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दौड़ में बड़ा कदम उठाते हुए अपना नया AI मॉडल Muse Spark लॉन्च किया है। कंपनी का दावा है कि यह अब तक का उनका सबसे एडवांस्ड मॉडल है, जो आसपास की दुनिया को समझने और जटिल समस्याओं को हल करने में सक्षम है। Meta Superintelligence Labs की पहली पेशकश Muse Spark, Meta Superintelligence Labs (MSL) द्वारा विकसित पहला मॉडल है, जिसकी अगुवाई Alexandr Wang कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस मॉडल को महज 9 महीनों में तैयार किया गया है। Meta के CEO Mark Zuckerberg ने AI सेक्टर में बढ़त हासिल करने के लिए इस प्रोजेक्ट में भारी निवेश किया था। क्या है Muse Spark की खासियत? Muse Spark एक छोटा लेकिन तेज (small and fast) LLM है, जिसे खासतौर पर मल्टीमॉडल रीजनिंग और एजेंट-आधारित टास्क के लिए डिजाइन किया गया है। जटिल साइंस, मैथ और हेल्थ से जुड़े सवाल हल करने में सक्षम एक साथ कई AI एजेंट्स को मैनेज कर सकता है यूजर के व्यवहार और बातचीत के आधार पर जवाब देने की क्षमता Meta का दावा है कि यह मॉडल कुछ मामलों में Claude Opus 4.6 और GPT-5.4 जैसे एडवांस मॉडल्स को टक्कर दे सकता है। Meta AI को करेगा पावर Muse Spark अब Meta AI के नए वर्जन को पावर देगा, जो जल्द ही Facebook, Instagram, WhatsApp और Messenger जैसे प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध होगा। इसके साथ ही एक नया शॉपिंग मोड भी जोड़ा गया है, जो यूजर्स को उनके पसंदीदा क्रिएटर्स और ब्रांड्स के आधार पर सुझाव देगा। ओपन-सोर्स नहीं है Muse Spark जहां Meta के पहले Llama मॉडल्स ओपन-सोर्स थे, वहीं Muse Spark को फिलहाल क्लोज्ड-सोर्स रखा गया है। अभी यह सीमित पार्टनर्स के लिए API प्रीव्यू में उपलब्ध है, हालांकि कंपनी ने भविष्य में इसे ओपन-सोर्स करने के संकेत दिए हैं। AI रेस में बढ़ी प्रतिस्पर्धा Muse Spark के लॉन्च के साथ ही AI की दुनिया में प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है। Meta अब OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियों को सीधी चुनौती दे रही है।  

surbhi अप्रैल 10, 2026 0
Smartphone screen showing green privacy indicator dot near camera and microphone usage.
फोन की स्क्रीन पर दिखने वाला हरा डॉट क्या बताता है? जानिए आपकी प्राइवेसी से जुड़ा सच

आज के स्मार्टफोन में यूजर की सुरक्षा और प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए कई खास फीचर्स दिए गए हैं। इन्हीं में से एक है स्क्रीन के ऊपर दिखने वाला छोटा सा हरा डॉट, जिसे कई लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इसका मतलब बेहद महत्वपूर्ण होता है। हरा डॉट क्या संकेत देता है? जब भी आपके फोन की स्क्रीन के ऊपर हरे रंग का डॉट दिखाई देता है, तो इसका मतलब होता है कि आपका कैमरा एक्टिव है। यानी कोई ऐप उस समय आपके कैमरे का इस्तेमाल कर रहा है। यह फीचर Android और iOS दोनों में यूजर की प्राइवेसी की सुरक्षा के लिए दिया गया है, ताकि बिना जानकारी के कैमरा इस्तेमाल न हो सके। माइक्रोफोन के लिए क्या होता है? कुछ स्मार्टफोन्स में माइक्रोफोन के उपयोग के लिए अलग संकेत मिलता है। खासकर iPhone में अगर सिर्फ माइक्रोफोन चालू है, तो ऑरेंज डॉट दिखाई देता है। वहीं हरा डॉट कैमरा या कैमरा+माइक्रोफोन दोनों के एक्टिव होने का संकेत देता है। कब हो जाना चाहिए सावधान? अगर आप कैमरा इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, फिर भी हरा डॉट दिख रहा है, तो यह खतरे का संकेत हो सकता है। इसका मतलब है कि कोई ऐप बैकग्राउंड में आपके कैमरे को एक्सेस कर रहा है। ऐसी स्थिति में तुरंत: हाल ही में इस्तेमाल किए गए ऐप्स चेक करें कैमरा परमिशन देखें संदिग्ध ऐप्स को हटाएं या उनकी एक्सेस बंद करें प्राइवेसी सुरक्षित कैसे रखें? Settings में जाकर Camera और Microphone permissions को कंट्रोल करें केवल भरोसेमंद ऐप्स को ही एक्सेस दें समय-समय पर ऐप परमिशन की समीक्षा करते रहें फोन की स्क्रीन पर दिखने वाला हरा डॉट एक छोटा संकेत जरूर है, लेकिन यह आपकी डिजिटल सुरक्षा का बड़ा हिस्सा है। इसे नजरअंदाज करना आपकी प्राइवेसी के लिए जोखिम भरा हो सकता है।  

surbhi अप्रैल 9, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Ranchi University protest
शिक्षा

लेट सेशन के खिलाफ रांची यूनिवर्सिटी में छात्रों का प्रदर्शन

Anjali Kumari अप्रैल 13, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?