मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड की चर्चित थ्रिलर फ्रेंचाइज़ी 'कहानी' एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौटने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्देशक सुजॉय घोष ने 'कहानी 3' पर काम शुरू कर दिया है और फिल्म फिलहाल प्री-प्रोडक्शन स्टेज में है। सबसे बड़ी चर्चा यह है कि इस बार फिल्म में विद्या बालन की जगह यामी गौतम मुख्य भूमिका निभा सकती हैं। हालांकि, निर्माताओं की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। नई कहानी के साथ नया चेहरा रिपोर्ट्स के अनुसार, 'कहानी 3' पहली दो फिल्मों की कहानी को आगे बढ़ाने के बजाय एक नई मिस्ट्री और नए किरदार के साथ दर्शकों के सामने आएगी। इसी वजह से यामी गौतम को लीड रोल के लिए चुने जाने की चर्चा है। फिल्म की कहानी में सस्पेंस और थ्रिल का वही अंदाज बरकरार रहेगा, जिसने 'कहानी' फ्रेंचाइज़ी को लोकप्रिय बनाया था। प्री-प्रोडक्शन शुरू, शूटिंग शेड्यूल पर काम जारी बताया जा रहा है कि सुजॉय घोष अपनी टीम के साथ स्क्रिप्ट, लोकेशन और शूटिंग शेड्यूल को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। प्री-प्रोडक्शन का काम तेजी से चल रहा है और सभी तैयारियां पूरी होने के बाद फिल्म की शूटिंग शुरू की जाएगी। यामी गौतम भी इन दिनों कई बड़े प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने इस फिल्म के लिए अपनी सहमति दे दी है। आधिकारिक घोषणा का इंतजार 'कहानी' (2012) और 'कहानी 2' (2016) में विद्या बालन ने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीता था। ऐसे में तीसरे भाग में नए चेहरे की एंट्री को लेकर फैंस के बीच उत्सुकता बढ़ गई है। हालांकि, फिल्म की कास्टिंग को लेकर अभी तक निर्माता या निर्देशक की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में यामी गौतम के नाम को फिलहाल मीडिया रिपोर्ट्स और चर्चाओं के आधार पर ही देखा जा रहा है।
मुंबई, एजेंसियां। थलपति विजय की आखिरी फिल्म मानी जा रही 'जन नायकन' बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। रिलीज के तीसरे दिन फिल्म ने कलेक्शन में जोरदार उछाल दर्ज किया और भारत में नेट कलेक्शन ₹92.35 करोड़ के पार पहुंच गया। फिल्म का प्रदर्शन खासकर तमिलनाडु में बेहद मजबूत बना हुआ है और सप्ताहांत का फायदा भी इसे मिल रहा है। तीसरे दिन कमाई में आया उछाल पहले दिन दमदार ओपनिंग के बाद दूसरे दिन फिल्म की कमाई में गिरावट आई थी, लेकिन तीसरे दिन दर्शकों की संख्या बढ़ने के साथ कलेक्शन में लगभग 35% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन दोनों जगह फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। ट्रेड विश्लेषकों का मानना है कि वीकेंड खत्म होने तक फिल्म भारत में 100 करोड़ रुपये के नेट क्लब में प्रवेश कर सकती है। दुनियाभर में भी शानदार प्रदर्शन फिल्म ने विदेशी बाजारों में भी अच्छी पकड़ बनाए रखी है। दो दिनों में ही 100 करोड़ रुपये से अधिक का वर्ल्डवाइड ग्रॉस हासिल करने के बाद तीसरे दिन भी कमाई में बढ़ोतरी देखने को मिली। शुरुआती ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म का वैश्विक कारोबार लगातार बढ़ रहा है और यह विजय की सबसे सफल फिल्मों में शामिल होने की ओर बढ़ रही है। विजय की विदाई फिल्म को मिल रहा दर्शकों का भरपूर प्यार निर्देशक एच. विनोथ के निर्देशन में बनी इस फिल्म में थलपति विजय के साथ पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, प्रकाश राज और ममिता बैजू अहम भूमिकाओं में हैं। राजनीति में सक्रिय होने से पहले विजय की यह आखिरी फिल्म मानी जा रही है, जिसके चलते दर्शकों में इसे लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है। ट्रेड विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रफ्तार बनी रही तो फिल्म पहले सप्ताह में कई नए बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती है।
मुंबई, एजेंसियां। टीवी और फिल्म अभिनेत्री शगुफ्ता अली ने अपने जीवन के सबसे कठिन दौर को याद करते हुए खुलासा किया है कि उन्होंने स्टेज-3 ब्रेस्ट कैंसर होने की बात लंबे समय तक किसी को नहीं बताई। उनका कहना है कि उस समय उन्हें डर था कि अगर इंडस्ट्री को उनकी बीमारी के बारे में पता चल गया तो उन्हें काम मिलना बंद हो जाएगा। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी बीमारी, आर्थिक संकट और इंडस्ट्री के रवैये पर खुलकर बात की। "डर था कि इंडस्ट्री काम देना बंद कर देगी" शगुफ्ता अली ने बताया कि जब उन्हें स्टेज-3 ब्रेस्ट कैंसर का पता चला, तब लोगों ने उन्हें सलाह दी कि इस बारे में किसी को न बताएं। उनके मुताबिक, उस दौर में कैंसर जैसी बीमारी सामने आने पर कलाकारों को काम मिलने में दिक्कत होती थी। इसी डर की वजह से उन्होंने अपनी बीमारी को सार्वजनिक नहीं किया और इलाज के साथ-साथ लगातार काम करती रहीं। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें लगा कि यदि सच सामने आया तो निर्माता-निर्देशक उन्हें काम देने से बचेंगे। इलाज में खत्म हो गई बचत, बेचनी पड़ी ज्वेलरी और कार अभिनेत्री ने बताया कि बीमारी के इलाज, अपने पिता की स्वास्थ्य समस्याओं और घर के खर्चों के कारण उनकी वर्षों की जमा पूंजी खत्म हो गई। आर्थिक संकट इतना बढ़ गया कि उन्हें अपनी ज्वेलरी और कार तक बेचनी पड़ी। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर उनसे पूछते थे कि उनकी बचत कहां गई, लेकिन बहुत कम लोग समझ पाए कि एक टीवी कलाकार की सीमित कमाई से लंबे समय तक इलाज और परिवार का खर्च उठाना कितना मुश्किल होता है। स्वास्थ्य कारणों से छोड़ा नया टीवी शो शगुफ्ता अली ने यह भी बताया कि स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण उन्हें हाल ही में एक नए टीवी शो से भी पीछे हटना पड़ा। वह शो में अहम भूमिका निभाने वाली थीं, लेकिन डॉक्टरों की सलाह और अपनी सेहत को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने प्रोजेक्ट छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि आज वह अपनी कहानी इसलिए साझा कर रही हैं ताकि गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोग डरकर चुप न रहें और समय पर इलाज कराएं।
मुंबई, एजेंसियां। निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'स्पिरिट' को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री में ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि दीपिका पादुकोण के फिल्म से अलग होने के बाद अब कैटरीना कैफ को मुख्य भूमिका के लिए अप्रोच किया गया है। हालांकि, फिल्म निर्माताओं की ओर से अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। दीपिका के बाहर होने के बाद शुरू हुई नई चर्चाएं कुछ समय पहले खबरें आई थीं कि रचनात्मक मतभेद और शूटिंग शेड्यूल को लेकर बनी परिस्थितियों के कारण दीपिका पादुकोण इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं रहीं। इसके बाद से ही फिल्म में नई अभिनेत्री की तलाश को लेकर कई नाम सामने आए। अब कैटरीना कैफ का नाम सबसे अधिक चर्चा में है, लेकिन फिलहाल यह केवल मीडिया रिपोर्ट्स और इंडस्ट्री सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी है। निर्माताओं ने किसी भी अभिनेत्री के नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है। प्रभास की बड़ी फिल्मों में शामिल है 'स्पिरिट' 'स्पिरिट' को प्रभास के करियर की सबसे बड़ी फिल्मों में गिना जा रहा है। फिल्म में प्रभास एक दमदार पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाते नजर आएंगे। संदीप रेड्डी वांगा के निर्देशन में बन रही इस फिल्म को लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्साह है। ऐसे में मुख्य अभिनेत्री को लेकर हर नई खबर तेजी से वायरल हो रही है। फिल्म की स्टारकास्ट को लेकर अंतिम फैसला आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगा।
मुंबई, एजेंसियां। टीवी के सबसे लोकप्रिय क्विज रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) सीजन 18 को लेकर दर्शकों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन एक बार फिर शो की मेजबानी करते नजर आएंगे। शो का प्रीमियर 10 अगस्त 2026 को होने जा रहा है। इसका प्रसारण सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन और SonyLIV पर किया जाएगा। 10 अगस्त से शुरू होगा KBC 18, अमिताभ बच्चन फिर संभालेंगे हॉट सीट ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ के नए सीजन की घोषणा के बाद से ही फैंस में उत्साह बना हुआ था। अब मेकर्स ने शो की रिलीज तारीख की पुष्टि कर दी है। इस बार भी अमिताभ बच्चन अपने खास अंदाज, सवाल पूछने की शैली और प्रतिभागियों से बातचीत के लिए दर्शकों के सामने होंगे। शो की शूटिंग की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, नए सीजन की शूटिंग के लिए मुंबई के फिल्म सिटी में नया सेट तैयार किया गया है और शूटिंग अगस्त की शुरुआत से शुरू होने की योजना है। नए सीजन में देखने को मिल सकते हैं नए बदलाव KBC 18 को लेकर जारी प्रोमो में अमिताभ बच्चन ने संकेत दिए हैं कि इस बार शो के फॉर्मेट में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नए सीजन की थीम “Knowing the Answers Won’t Be Enough” रखी गई है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि प्रतियोगियों को केवल जानकारी ही नहीं बल्कि सोचने और रणनीति बनाने की क्षमता भी दिखानी होगी। आज के डिजिटल दौर में जहां इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए जवाब आसानी से मिल जाते हैं, ऐसे में शो का नया फॉर्मेट प्रतिभागियों की समझ और निर्णय लेने की क्षमता को भी परख सकता है। अमिताभ बच्चन और KBC का रिश्ता रहा है खास साल 2000 में शुरू हुआ ‘कौन बनेगा करोड़पति’ भारतीय टेलीविजन के सबसे सफल शो में शामिल रहा है। अमिताभ बच्चन की आवाज, उनका अंदाज और प्रतियोगियों के साथ उनका जुड़ाव शो की सबसे बड़ी पहचान बन चुका है। KBC ने देशभर के आम लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने और करोड़पति बनने का मौका दिया है। हर सीजन में लाखों दर्शक शो से जुड़ते हैं और हॉट सीट पर बैठने वाले प्रतियोगियों की कहानियां लोगों को प्रेरित करती हैं। फैंस को नए सीजन का बेसब्री से इंतजार KBC 18 की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने अपनी खुशी जाहिर की है। दर्शक एक बार फिर अमिताभ बच्चन के साथ ज्ञान, मनोरंजन और रोमांच से भरे सफर का इंतजार कर रहे हैं। अब नजर इस बात पर है कि नए सीजन में कौन-कौन से बदलाव किए जाएंगे और इस बार कौन-से प्रतियोगी हॉट सीट तक पहुंचकर करोड़पति बनने का सपना पूरा करेंगे।
मुंबई, एजेंसियां। अभिनेता सनी देओल की आगामी ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म 'बंटवारा 1947' को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से मंजूरी मिल गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म को सेंसर बोर्ड ने बिना किसी कट के पास कर दिया है। फिल्म को 'A' (एडल्ट) सर्टिफिकेट दिया गया है और अब यह अपनी तय रिलीज डेट पर सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। 14 अगस्त को रिलीज होगी फिल्म राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी 'बंटवारा 1947' भारत-पाकिस्तान विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म है। सेंसर प्रक्रिया पूरी होने के बाद फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ हो गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म को 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा, जो स्वतंत्रता दिवस वीकेंड के मौके पर दर्शकों के सामने आएगी। फिल्म की कहानी 1947 के विभाजन के दौरान आम लोगों की जिंदगी, दर्द, संघर्ष और सामाजिक परिस्थितियों को दिखाती है। मेकर्स ने इसे सिर्फ एक ऐतिहासिक घटना नहीं बल्कि उस दौर में बंटे परिवारों और इंसानी रिश्तों की कहानी के रूप में पेश करने की कोशिश की है। सनी देओल के साथ नजर आएंगे प्रीति जिंटा और शबाना आजमी फिल्म में सनी देओल मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। उनके साथ प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, अली फजल, करण देओल और अन्य कलाकार भी महत्वपूर्ण किरदारों में दिखाई देंगे। यह फिल्म सनी देओल और निर्देशक राजकुमार संतोषी की लंबे समय बाद वापसी वाली जोड़ी को भी दर्शाती है। राजकुमार संतोषी और सनी देओल की जोड़ी पहले भी कई सफल फिल्मों में काम कर चुकी है। ऐसे में इस फिल्म को लेकर दर्शकों में काफी उत्सुकता बनी हुई है। बिना कट के पास होने से बढ़ी चर्चा सेंसर बोर्ड से बिना किसी बदलाव के मंजूरी मिलना फिल्म के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म को एडल्ट सर्टिफिकेट दिया गया है, जिसका कारण इसकी गंभीर कहानी और विभाजन काल की परिस्थितियों का यथार्थ चित्रण बताया जा रहा है। फिल्म में 1947 के दौरान हुए सामाजिक और मानवीय संघर्षों को दिखाया गया है, इसलिए इसकी कहानी को लेकर पहले से ही काफी चर्चा थी। सेंसर मंजूरी के बाद अब दर्शकों की नजर फिल्म के ट्रेलर और प्रमोशन पर है। राजकुमार संतोषी की पीरियड ड्रामा पर बड़ी उम्मीदें 'बंटवारा 1947' को एक बड़े स्तर की पीरियड फिल्म के रूप में तैयार किया गया है। फिल्म के जरिए मेकर्स विभाजन की त्रासदी और उस समय के लोगों के अनुभवों को पर्दे पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। सनी देओल की पिछली फिल्मों की सफलता के बाद इस फिल्म से भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है। अब दर्शकों को 14 अगस्त को फिल्म की रिलीज का इंतजार है।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी ने भारतीय क्रिकेटर और अपने दामाद केएल राहुल के साथ रिश्ते और आईपीएल टीम खरीदने को लेकर बड़ा खुलासा किया है। सुनील शेट्टी ने बताया कि वह क्रिकेट को हमेशा से पसंद करते रहे हैं और एक समय उनके पास आईपीएल फ्रेंचाइजी खरीदने का मौका भी आया था, लेकिन उन्होंने उस समय यह फैसला नहीं लिया। केएल राहुल से पहले फैन के तौर पर हुई थी मुलाकात सुनील शेट्टी ने बताया कि केएल राहुल से उनका रिश्ता परिवार से जुड़ने से पहले ही क्रिकेट के कारण बना था। उन्होंने कहा कि वह राहुल के बड़े प्रशंसक थे और पहली बार उनसे एक क्रिकेट फैन के तौर पर मिले थे। बाद में केएल राहुल ने सुनील शेट्टी की बेटी अथिया शेट्टी से शादी की, जिसके बाद दोनों का रिश्ता परिवार का हिस्सा बन गया। सुनील ने कहा कि वह राहुल के साथ क्रिकेट से ज्यादा उनके व्यक्तित्व, मेहनत और मूल्यों को लेकर बातचीत करते हैं। आईपीएल टीम खरीदने का मौका गंवाने का जताया अफसोस सुनील शेट्टी ने बातचीत के दौरान खुलासा किया कि एक समय उनके पास आईपीएल टीम खरीदने का अवसर था, लेकिन उन्होंने उस समय निवेश नहीं किया। उन्होंने कहा कि बाद में जब उन्होंने देखा कि शाहरुख खान ने सही समय पर आईपीएल टीम खरीदी और वह एक सफल बिजनेस मॉडल बन गया, तो उन्हें लगा कि वह मौका उनके हाथ से निकल गया। आईपीएल में फिल्मी सितारों की भागीदारी पहले से ही चर्चा में रही है। शाहरुख खान की टीम की सफलता के बाद कई उद्योगपतियों और सेलिब्रिटीज की खेलों में निवेश को लेकर रुचि बढ़ी है। क्रिकेट के प्रति हमेशा रहा है सुनील शेट्टी का लगाव सुनील शेट्टी ने बताया कि अभिनय में आने से पहले उनकी रुचि क्रिकेट में भी थी। वह लंबे समय से क्रिकेट से जुड़े रहे हैं और भारतीय खिलाड़ियों को फॉलो करते हैं। केएल राहुल के करियर को लेकर भी उन्होंने कई बार अपनी भावनाएं साझा की हैं। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी के लिए प्रदर्शन के साथ-साथ मानसिक मजबूती और अनुशासन भी बेहद जरूरी होता है। आईपीएल और बिजनेस में बढ़ती सेलिब्रिटी भागीदारी आईपीएल सिर्फ क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं बल्कि एक बड़ा बिजनेस प्लेटफॉर्म भी बन चुका है। कई बड़े उद्योगपति और फिल्म जगत की हस्तियां इसमें निवेश कर चुकी हैं। सुनील शेट्टी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब आईपीएल फ्रेंचाइजी की लोकप्रियता और उनकी ब्रांड वैल्यू लगातार बढ़ रही है। उनके इस खुलासे के बाद एक बार फिर खेल और मनोरंजन जगत के रिश्ते को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। मशहूर गायक सोनू निगम ने दिल्ली में होने वाला अपना कॉन्सर्ट स्थगित कर दिया है। यह कार्यक्रम 25 जुलाई 2026 (शनिवार) को दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर, द्वारका में आयोजित होना था। यह कॉन्सर्ट "BOSSitivity – Sonu Nigam Remembers Rafi" सीरीज का हिस्सा था, जिसमें वह महान गायक मोहम्मद रफी को श्रद्धांजलि देने वाले थे। छात्र प्रदर्शन के माहौल को देखते हुए टाला कार्यक्रम सोनू निगम ने कॉन्सर्ट स्थगित करने की पुष्टि करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों और माहौल को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। दिल्ली में चल रहे छात्र प्रदर्शन और उससे जुड़े माहौल के बीच उन्होंने कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, कार्यक्रम को लेकर टिकटिंग प्लेटफॉर्म पर बदलाव दिखने लगे थे और बाद में इसकी नई तारीख 15 अगस्त 2026 बताई गई। मोहम्मद रफी को श्रद्धांजलि देने वाला था खास कार्यक्रम यह कॉन्सर्ट सोनू निगम के लिए एक विशेष संगीत कार्यक्रम था। इसके जरिए वह भारतीय संगीत के महानतम गायकों में शामिल मोहम्मद रफी के गीतों और उनकी विरासत को सम्मान देने वाले थे। सोनू निगम कई बार रफी साहब को अपना प्रेरणास्रोत बता चुके हैं। इस शो में रफी के लोकप्रिय गीतों को सोनू निगम अपनी आवाज में पेश करने वाले थे, जिसे लेकर संगीत प्रेमियों में काफी उत्साह था। प्रदर्शन को लेकर पहले भी सवालों में आए थे सोनू निगम कॉन्सर्ट टालने का फैसला उस समय आया, जब एक कार्यक्रम के दौरान सोनू निगम से छात्र प्रदर्शन को लेकर सवाल किया गया था। इस पर उनका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में आया था। बाद में उन्होंने कॉन्सर्ट स्थगित करने का फैसला किया। सोनू निगम ने अपने फैसले को किसी विवाद से जोड़ने के बजाय मौजूदा माहौल को ध्यान में रखते हुए लिया गया निर्णय बताया। अब 15 अगस्त को होगा कार्यक्रम कॉन्सर्ट की नई तारीख 15 अगस्त 2026 तय की गई है। आयोजकों की ओर से कार्यक्रम से जुड़ी अन्य जानकारी जल्द साझा की जा सकती है। सोनू निगम का यह ट्रिब्यूट कॉन्सर्ट अब स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित होगा, जिसमें वह मोहम्मद रफी के सदाबहार गीतों के जरिए संगीत प्रेमियों को खास अनुभव देने की तैयारी में हैं।
मुंबई, एजेंसियां। अभिनेता और टीवी कलाकार शेखर सुमन ने छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुई कार्रवाई की तस्वीरों और वीडियो ने उन्हें काफी परेशान किया और वह पूरी रात सो नहीं पाए। शेखर सुमन ने छात्रों की मांगों और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के अधिकार को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। छात्रों पर कार्रवाई की तस्वीरों से हुए भावुक शेखर सुमन ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उसे देखकर वह काफी दुखी हुए। उन्होंने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनकी आवाज को सुनना चाहिए। अभिनेता ने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने हिंसा का समर्थन नहीं किया, लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के साथ संवेदनशील व्यवहार की जरूरत बताई। बोले- छात्रों की समस्याओं पर होनी चाहिए बातचीत शेखर सुमन ने कहा कि सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालना जरूरी है। उन्होंने कहा कि युवाओं की चिंताओं को समझना और उनकी समस्याओं का जवाब देना लोकतांत्रिक व्यवस्था की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए, ताकि आंदोलन की स्थिति पैदा न हो और सभी पक्षों के बीच सहमति बनाई जा सके। सोशल मीडिया पर मिला समर्थन और प्रतिक्रियाएं शेखर सुमन के बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूजर्स ने छात्रों के समर्थन में उनकी बातों की सराहना की, जबकि कुछ लोगों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की कार्रवाई को जरूरी बताया। अभिनेता पहले भी सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखते रहे हैं। हालांकि उन्होंने अपने बयान में किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया, बल्कि छात्रों के साथ व्यवहार और संवाद की जरूरत पर जोर दिया। शेखर सुमन का लंबा रहा है सामाजिक मुद्दों से जुड़ाव शेखर सुमन लंबे समय से मनोरंजन जगत से जुड़े हैं और कई मौकों पर सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखते रहे हैं। अभिनय के अलावा वह टीवी होस्ट और सार्वजनिक व्यक्तित्व के रूप में भी पहचाने जाते हैं। छात्र आंदोलनों और परीक्षा सुधार जैसे मुद्दों को लेकर देशभर में चल रही बहस के बीच शेखर सुमन का यह बयान चर्चा में आ गया है। वहीं, प्रशासन और छात्र संगठनों के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश जारी है।
मुंबई, एजेंसियां। दिग्गज बॉलीवुड अभिनेत्री शबाना आजमी की तबीयत खराब होने के बाद जांच में स्वाइन फ्लू (H1N1 संक्रमण) की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दिनों तक आराम करने और सावधानी बरतने की सलाह दी है। अभिनेत्री के स्वास्थ्य को लेकर जानकारी सामने आने के बाद उनके प्रशंसक जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। स्वास्थ्य कारणों से कार्यक्रमों से बनाई दूरी रिपोर्ट्स के अनुसार, शबाना आजमी पिछले कुछ समय से अस्वस्थ महसूस कर रही थीं। इसके बाद उन्होंने चिकित्सकीय जांच कराई, जिसमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने उन्हें करीब पांच दिन आराम करने की सलाह दी है ताकि वह पूरी तरह स्वस्थ हो सकें। अभिनेत्री की तबीयत को देखते हुए उन्होंने अपने कुछ निर्धारित कार्यक्रमों और सार्वजनिक गतिविधियों से दूरी बना ली है। परिवार और मेडिकल टीम उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए हैं। स्वाइन फ्लू को लेकर बरतनी पड़ती है सावधानी स्वाइन फ्लू एक वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। इसमें बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर इलाज और पर्याप्त आराम से मरीज जल्द ठीक हो सकता है। बॉलीवुड में भी समय-समय पर कई कलाकार इस तरह के संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार आराम और सावधानी संक्रमण से उबरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फैंस ने जल्द स्वस्थ होने की कामना की शबाना आजमी के बीमार होने की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके प्रशंसकों ने उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना की। फैंस ने अभिनेत्री के लंबे और सफल करियर का जिक्र करते हुए उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की। शबाना आजमी भारतीय सिनेमा की सबसे सम्मानित अभिनेत्रियों में शामिल हैं। उन्होंने समानांतर सिनेमा से लेकर मुख्यधारा की फिल्मों तक अपनी अलग पहचान बनाई है और कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मान हासिल किए हैं। अभिनय करियर में लगातार सक्रिय हैं शबाना आजमी उम्र के इस पड़ाव पर भी शबाना आजमी फिल्मों और वेब सीरीज में सक्रिय हैं। वह अपने दमदार अभिनय और सामाजिक मुद्दों पर बेबाक राय के लिए जानी जाती हैं। स्वास्थ्य में सुधार के बाद उनके दोबारा अपने काम पर लौटने की उम्मीद है।
लंदन, एजेंसियां। बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान इन दिनों अपने परिवार के साथ लंदन में छुट्टियां बिताते नजर आए हैं। अभिनेता की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिनमें वह पत्नी गौरी खान और बेटी सुहाना खान के साथ दिखाई दे रहे हैं। शाहरुख की यह फैमिली आउटिंग फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गई है। परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिता रहे हैं शाहरुख काम की व्यस्तताओं के बीच शाहरुख खान अक्सर अपने परिवार के लिए समय निकालते हैं। लंदन में उनकी यह छुट्टियां भी इसी का हिस्सा मानी जा रही हैं। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में अभिनेता काफी कैजुअल अंदाज में नजर आ रहे हैं। फैंस उनकी सादगी और परिवार के साथ उनके बॉन्ड की जमकर तारीफ कर रहे हैं। शाहरुख खान की पत्नी गौरी खान और बेटी सुहाना खान भी इस दौरान उनके साथ नजर आईं। खान परिवार की निजी जिंदगी से जुड़ी तस्वीरें आमतौर पर कम ही सामने आती हैं, इसलिए इन तस्वीरों को लेकर फैंस में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तस्वीरें जैसे ही शाहरुख खान की लंदन से तस्वीरें सामने आईं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैंस ने उन्हें तेजी से शेयर करना शुरू कर दिया। कई यूजर्स ने अभिनेता के लुक, उनके परिवार के साथ रिश्ते और उनके शांत अंदाज की तारीफ की। शाहरुख खान की लोकप्रियता ऐसी है कि उनकी छोटी-सी झलक भी सोशल मीडिया पर बड़ी चर्चा बन जाती है। दुनियाभर में मौजूद उनके प्रशंसक उनकी फिल्मों के साथ-साथ उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी अपडेट पर भी नजर रखते हैं। फिल्म 'किंग' को लेकर भी चर्चा में हैं अभिनेता शाहरुख खान इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म 'किंग' को लेकर भी सुर्खियों में हैं। इस फिल्म में उनके साथ उनकी बेटी सुहाना खान भी नजर आएंगी। फिल्म को लेकर दर्शकों में काफी उत्सुकता बनी हुई है और शाहरुख के नए किरदार को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। 'किंग' के अलावा शाहरुख खान अपने प्रोडक्शन हाउस और अन्य प्रोजेक्ट्स को लेकर भी सक्रिय हैं। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने 'पठान', 'जवान' और 'डंकी' जैसी फिल्मों के जरिए बॉक्स ऑफिस पर शानदार वापसी की है। फैंस को पसंद आया शाहरुख का फैमिली अंदाज शाहरुख खान की यह लंदन वेकेशन तस्वीरें एक बार फिर दिखाती हैं कि व्यस्त फिल्मी करियर के बावजूद वह परिवार को कितना महत्व देते हैं। फैंस अब उनके आने वाले प्रोजेक्ट्स और फिल्मों के अपडेट का इंतजार कर रहे हैं।
मुंबई एजेंसियां। रियलिटी शो 'लॉक अप: सच या सजा' सीजन 2 में अभिनेत्री आकांक्षा चमोला ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर एक और चौंकाने वाला बयान दिया है। पति गौरव खन्ना से अलगाव का खुलासा करने के बाद अब उन्होंने शो के दौरान ऐसा बयान दिया, जिसने सभी को हैरान कर दिया। गौरव की एंट्री पर दिया चौंकाने वाला बयान शो के हालिया एपिसोड में आकांक्षा चमोला ने शिल्पा शिंदे और श्रेया कालरा से बातचीत के दौरान कहा कि यदि गौरव खन्ना की जगह उनके माता-पिता या यहां तक कि उनका पालतू कुत्ता भी मिलने आता, तो उन्हें ज्यादा खुशी होती। उन्होंने गौरव को 'स्ट्रेंजर' बताते हुए कहा कि उस समय उन्हें अपने किसी करीबी की जरूरत थी। 'मुझे अपना कम्फर्ट चाहिए था' बातचीत के दौरान आकांक्षा ने कहा कि यह उनके लिए भावनात्मक सहारे का समय था। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मां, पिता या परिवार का कोई सदस्य आता तो उन्हें ज्यादा सुकून मिलता। उनके इस बयान पर घर के अन्य सदस्य भी हैरान रह गए और माहौल हल्का करने के लिए हंसी-मजाक भी हुआ। पहले कर चुकी हैं तलाक का खुलासा 'लॉक अप 2' में आकांक्षा चमोला ने इससे पहले खुलासा किया था कि उन्होंने और गौरव खन्ना ने आपसी सहमति से अपनी शादी खत्म करने का फैसला किया है। उन्होंने इसे शो में अपने 'डार्क सीक्रेट' के रूप में साझा किया था, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया। अलग होने की वजह पर भी दी सफाई आकांक्षा ने कहा कि परिवार शुरू करने को लेकर दोनों के विचार अलग थे, लेकिन यही उनके रिश्ते के खत्म होने की एकमात्र वजह नहीं थी। उनके अनुसार, कई निजी मतभेदों के चलते दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला लिया। 2016 में हुई थी शादी आकांक्षा चमोला और गौरव खन्ना की मुलाकात एक ऑडिशन के दौरान हुई थी। दोस्ती के बाद दोनों का रिश्ता प्यार में बदला और 24 नवंबर 2016 को कानपुर में दोनों ने शादी की थी। अब दोनों के अलग होने की खबरें लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने CJP (Cockroach Janta Party) से जुड़े छात्र प्रदर्शन और पेपर लीक विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सलमान खान ने सोशल मीडिया के जरिए छात्रों के संघर्ष की सराहना की और कहा कि युवाओं की आवाज को सुना जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने और छात्रों से अपने परिवारों के पास लौटने की अपील की। सलमान ने छात्रों के साहस की तारीफ की सलमान खान ने अपने संदेश में प्रदर्शन में शामिल छात्रों की हिम्मत और एकजुटता की तारीफ की। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं गंभीर मुद्दा हैं और युवाओं के भविष्य से जुड़ी चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील सलमान खान ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। उन्होंने भावनात्मक अंदाज में वांगचुक से कहा कि अब आंदोलन को आगे बढ़ाने के बजाय समाधान की दिशा में बढ़ना चाहिए। "छात्र अपने घर लौटें" संदेश अभिनेता ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से भी अपील की कि वे अपने परिवारों के पास लौटें और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की प्रक्रिया को मौका दें। सलमान ने छात्रों की सुरक्षा और भविष्य को प्राथमिकता देने की बात कही। सलमान के बयान पर सोशल मीडिया में चर्चा सलमान खान के बयान के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग उनके छात्रों के समर्थन वाले रुख की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग उनके संदेश को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं।
मुंबई, एजेंसियां। रामानंद सागर की ऐतिहासिक टीवी सीरीज ‘रामायण’ में माता सीता का किरदार निभाकर लोकप्रिय हुईं अभिनेत्री दीपिका चिखलिया ने नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायणम्’ में साई पल्लवी के सीता किरदार को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। दीपिका ने साई पल्लवी की तारीफ करते हुए कहा कि वह एक बेहतरीन और नेचुरल अभिनेत्री हैं, लेकिन उनका सीता का किरदार उनके निभाए गए किरदार से अलग होगा। ‘साई पल्लवी मुझसे अलग होंगी, लेकिन अच्छा काम करेंगी’ दीपिका चिखलिया ने कहा कि साई पल्लवी एक प्रतिभाशाली अभिनेत्री हैं और उन्हें उम्मीद है कि वह देवी सीता के किरदार को अपनी शैली में अच्छे से निभाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि हर कलाकार अपने अनुभव और अभिनय शैली के अनुसार किसी किरदार को प्रस्तुत करता है। सीता के लुक पर दीपिका ने उठाया सवाल दीपिका चिखलिया ने फिल्म में साई पल्लवी के लुक को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि रामायण में सीता के घुंघराले बालों का कोई विशेष उल्लेख नहीं मिलता है। हालांकि उन्होंने साई पल्लवी की अभिनय क्षमता की तारीफ की। ‘रामायणम्’ में रणबीर कपूर और यश भी मुख्य भूमिकाओं में नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायणम्’ में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि साई पल्लवी माता सीता और यश रावण के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म को बड़े बजट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जा रहा है। पुरानी और नई रामायण को लेकर चर्चा तेज दीपिका चिखलिया और अरुण गोविल की 1987 वाली ‘रामायण’ आज भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। नई फिल्म को लेकर दर्शकों में उत्सुकता के साथ-साथ तुलना भी शुरू हो गई है। दीपिका का बयान इसी चर्चा के बीच आया है।
मुंबई, एजेंसियां। टीवी और फिल्म अभिनेत्री आकांक्षा पुरी ने छात्र आंदोलन और राजनीतिक प्रदर्शनों को लेकर बड़ा दावा किया है। अभिनेत्री ने कहा कि उन्हें भी कुछ राजनीतिक दलों की ओर से संपर्क किया गया और कलाकारों को आंदोलनों में शामिल होने के लिए पैसे ऑफर किए जा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने ऐसे किसी भी अभियान का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया। "मैं इस तरह के प्रचार का हिस्सा नहीं बनना चाहती" आकांक्षा पुरी ने कहा कि कई बार कलाकारों की लोकप्रियता का इस्तेमाल राजनीतिक अभियानों के लिए किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों ने उनसे संपर्क कर आंदोलन से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने की बात कही, लेकिन उन्होंने इससे दूरी बनाए रखी। सोशल मीडिया पर बयान के बाद चर्चा तेज आकांक्षा पुरी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है। उनके दावे ऐसे समय आए हैं जब दिल्ली समेत कई जगहों पर छात्र आंदोलन और राजनीतिक प्रदर्शन चर्चा में हैं। कुछ लोगों ने उनके बयान का समर्थन किया, जबकि कुछ ने उनके दावों पर सवाल भी उठाए हैं। आकांक्षा पुरी टीवी और फिल्मों में सक्रिय आकांक्षा पुरी टीवी इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम हैं। वह कई टीवी शोज और रियलिटी कार्यक्रमों में नजर आ चुकी हैं। हाल के दिनों में वह मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रमों और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर भी चर्चा में रही हैं।
मुंबई, एजेंसियां। नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ का बहुप्रचारित ट्रेलर लॉन्च अचानक टाल दिया गया है। फिल्म के मेकर्स ने ऐलान किया है कि ट्रेलर को अब एक नए प्लान के तहत ग्लोबल ऑडियंस के सामने पेश किया जाएगा। इससे पहले ट्रेलर को सैन डिएगो कॉमिक-कॉन जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर लॉन्च करने की तैयारी थी। रणबीर कपूर और यश के साथ इंटरनेशनल लॉन्च की तैयारी फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम और यश रावण की भूमिका में नजर आएंगे। मेकर्स इस फिल्म को केवल भारतीय दर्शकों तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर एक बड़े सिनेमाई प्रोजेक्ट के रूप में पेश करने की योजना बना रहे हैं। इसी वजह से ट्रेलर लॉन्च को लेकर नई रणनीति बनाई गई है। सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में दिखेगा फिल्म का इंटरनेशनल अंदाज ‘रामायण’ की टीम ने फिल्म को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रमोट करने की तैयारी की थी। रणबीर कपूर, यश, निर्देशक नितेश तिवारी और निर्माता नमित मल्होत्रा इस बड़े इवेंट से जुड़े हैं। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स और भव्य पैमाने को देखते हुए इसे भारतीय सिनेमा की बड़ी ग्लोबल पेशकश माना जा रहा है। ट्रेलर टलने से फैंस में बढ़ी उत्सुकता ट्रेलर लॉन्च टलने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई रिपोर्टों में दावा किया गया कि मेकर्स इसे और बड़े स्तर पर रिलीज करना चाहते हैं, हालांकि ट्रेलर की नई तारीख और समय को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। ‘रामायण’ बनी साल की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही यह फिल्म भारतीय पौराणिक कथा रामायण पर आधारित है। फिल्म में रणबीर कपूर, यश और साई पल्लवी जैसे बड़े कलाकार नजर आएंगे। बड़े बजट, अंतरराष्ट्रीय तकनीक और स्टारकास्ट के कारण फिल्म रिलीज से पहले ही चर्चा में बनी हुई है।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा ने भोजपुरी अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव के एक वायरल वीडियो को लेकर नाराजगी जताई है। मलाइका ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए खेसारी लाल यादव के व्यवहार पर सवाल उठाए और इसे "शर्मनाक" और "घिनौना" बताया। रेड कार्पेट पर कुत्ते को हटाने का वीडियो हुआ वायरल वायरल वीडियो एक कार्यक्रम के दौरान का बताया जा रहा है, जिसमें एक आवारा कुत्ता रेड कार्पेट पर पहुंच जाता है। वीडियो में कुत्ते को वहां से हटाते हुए दिखाया गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर बहस शुरू हो गई। मलाइका अरोड़ा ने इसी वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए खेसारी लाल यादव की आलोचना की। मलाइका ने जताई नाराजगी, उठाए व्यवहार पर सवाल मलाइका अरोड़ा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर वीडियो साझा करते हुए सवाल किया कि किसी जानवर के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया। उन्होंने खेसारी लाल यादव को लेकर कड़ी टिप्पणी की और कहा कि अगर कोई ऐसी स्थिति देखता है तो उसे संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, खेसारी की प्रतिक्रिया का इंतजार मलाइका की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया है। कुछ यूजर्स ने मलाइका के बयान का समर्थन किया, जबकि कुछ लोगों ने कहा कि पूरे मामले को वीडियो के संदर्भ के साथ देखना चाहिए। फिलहाल इस मामले पर खेसारी लाल यादव की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। खेसारी लाल यादव पहले भी रहे हैं चर्चा में भोजपुरी सिनेमा के बड़े नामों में शामिल खेसारी लाल यादव अक्सर अपने गानों, फिल्मों और सामाजिक मुद्दों पर दिए बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। हाल के दिनों में उन्होंने छात्र आंदोलन और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी राय रखी थी।
मुंबई, एजेंसियां। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और फिल्म निर्माता मनोज कुमार की जयंती पर फिल्म जगत ने उन्हें याद किया। देशभक्ति फिल्मों के लिए मशहूर मनोज कुमार को उनके प्रशंसक प्यार से ‘भारत कुमार’ के नाम से जानते हैं। उनकी फिल्मों ने देशप्रेम, सामाजिक मुद्दों और भारतीय मूल्यों को बड़े पर्दे पर एक अलग पहचान दी। ‘उपकार’ से ‘क्रांति’ तक, देशभक्ति फिल्मों की बनाई अलग पहचान मनोज कुमार ने अपने करियर में कई ऐसी फिल्में दीं, जो भारतीय सिनेमा की क्लासिक फिल्मों में शामिल हैं। ‘उपकार’, ‘पूरब और पश्चिम’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’ और ‘क्रांति’ जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने देशभक्ति को मनोरंजन के साथ जोड़कर दर्शकों तक पहुंचाया। अभिनेता ही नहीं, शानदार निर्देशक और लेखक भी थे मनोज कुमार मनोज कुमार सिर्फ अभिनेता नहीं बल्कि निर्देशक, लेखक और संपादक भी थे। उन्होंने अपनी फिल्मों के जरिए सामाजिक बदलाव, देश के किसानों, जवानों और आम लोगों की समस्याओं को भी दिखाया। उनके काम ने हिंदी सिनेमा में एक अलग शैली स्थापित की। फिल्म जगत ने विशेष कार्यक्रमों के जरिए दी श्रद्धांजलि मनोज कुमार की जयंती के मौके पर उनके सम्मान में विशेष फिल्म समारोह आयोजित किए गए, जिनमें उनकी चर्चित फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। उनके योगदान को याद करते हुए कई कलाकारों और फिल्म प्रेमियों ने उन्हें भारतीय सिनेमा का अमूल्य धरोहर बताया। पद्म श्री और दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से हुए सम्मानित मनोज कुमार को भारतीय सिनेमा में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए कई सम्मान मिले। उन्हें पद्म श्री और वर्ष 2015 में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
Ramayanam Trailer Release Update: रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश स्टारर बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायणम्' का इंतजार कर रहे फैंस को बड़ा झटका लगा है। फिल्म का ट्रेलर, जिसे 24 जुलाई 2026 को दुनियाभर में रिलीज किया जाना था, अब फिलहाल टाल दिया गया है। इस फैसले की जानकारी निर्माता नमित मल्होत्रा ने सैन डिएगो कॉमिक-कॉन 2026 में दी। अब चर्चा है कि फिल्म की पहली झलक अगले सप्ताह 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' के साथ सिनेमाघरों में दिखाई जाएगी। कॉमिक-कॉन में हुआ बड़ा ऐलान सैन डिएगो कॉमिक-कॉन 2026 में आयोजित विशेष पैनल शुरू होने से कुछ मिनट पहले नमित मल्होत्रा ने घोषणा की कि 'रामायणम्' का ट्रेलर तय कार्यक्रम के अनुसार 24 जुलाई को रिलीज नहीं होगा। इस खबर ने उन लाखों प्रशंसकों को निराश कर दिया, जो कॉमिक-कॉन में पहली झलक के बाद ऑनलाइन ट्रेलर का इंतजार कर रहे थे। नमित मल्होत्रा ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह फिल्म भारतीय सिनेमा के लिए ऐतिहासिक परियोजना है और इसे वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े सिनेमाई अनुभव के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ट्रेलर अब नई तारीख पर रिलीज किया जाएगा, हालांकि नई रिलीज डेट की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है। क्या छात्र आंदोलन बना वजह? निर्माता ने ट्रेलर टालने की आधिकारिक वजह नहीं बताई है। हालांकि यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब देश में चल रहे छात्र आंदोलनों की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुकी है। इसी कारण सोशल मीडिया पर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ट्रेलर रिलीज स्थगित किया गया है। हालांकि, ट्रेलर टलने के कारण को लेकर निर्माताओं की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' के साथ रिलीज हो सकता है ट्रेलर रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब सोनी पिक्चर्स फिल्म के ट्रेलर को अगले सप्ताह रिलीज होने वाली टॉम हॉलैंड स्टारर फिल्म 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' के साथ सिनेमाघरों में दिखाने की तैयारी कर रही है। यदि ऐसा होता है, तो दर्शकों को बड़े पर्दे पर 'रामायणम्' की पहली झलक देखने का मौका मिलेगा। टॉम हॉलैंड की यह फिल्म 30 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। भारतीय सिनेमा के लिए ऐतिहासिक परियोजना नमित मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय सिनेमा के 100 से अधिक वर्षों के इतिहास में पहली बार किसी भारतीय महाकाव्य को हॉलीवुड की बड़ी फिल्मों की तरह वैश्विक स्तर पर पेश किया जाएगा। उनका मानना है कि यह फिल्म दुनिया भर के दर्शकों को भारतीय संस्कृति, इतिहास और रामायण की विरासत से नए रूप में परिचित कराएगी। उन्होंने अपने संदेश में देश के युवाओं का भी जिक्र करते हुए कहा कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथ में है और हमें उनके बेहतर भविष्य के लिए मिलकर काम करना चाहिए। कई भाषाओं में होगी रिलीज 'रामायणम्' को शुरुआत से ही वैश्विक दर्शकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। फिल्म कई अंतरराष्ट्रीय भाषाओं के साथ एक विशेष अंग्रेजी संस्करण में भी रिलीज होगी। निर्माताओं का उद्देश्य रामायण की कहानी को आधुनिक तकनीक और भव्य विजुअल इफेक्ट्स के जरिए पूरी दुनिया तक पहुंचाना है। सोनी पिक्चर्स करेगी ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन प्राइम फोकस स्टूडियोज़ के बैनर तले बन रही इस फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा कर रहे हैं। उनकी कंपनी DNEG हॉलीवुड की कई ऑस्कर विजेता फिल्मों के विजुअल इफेक्ट्स पर काम कर चुकी है। अब सोनी पिक्चर्स भारत के बाहर दुनिया भर में 'रामायणम्' के वितरण की जिम्मेदारी संभालेगी। फिल्म को भारतीय पौराणिक कथा पर आधारित अब तक की सबसे भव्य सिनेमाई प्रस्तुतियों में से एक माना जा रहा है और इसे लेकर देश-विदेश में दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह बना हुआ है।
John Cusack on CJP Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी समर्थन मिलने लगा है। हॉलीवुड अभिनेता जॉन कुसैक (John Cusack) ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में जारी छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की। उनके इस कदम के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई। जहां कुछ लोगों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन बताया, वहीं कई यूजर्स ने इसे भारत के आंतरिक मामलों में दखल करार देते हुए कड़ी आपत्ति जताई। जॉन कुसैक ने शेयर की छात्र आंदोलन से जुड़ी पोस्ट 'सेरेंडिपिटी', 'हाई फिडेलिटी', 'कॉन एयर' और '2012' जैसी फिल्मों के लिए मशहूर हॉलीवुड अभिनेता जॉन कुसैक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति रॉय का एक लेख साझा किया। इस लेख में संसद की ओर मार्च कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और बल प्रयोग की आलोचना की गई थी। पोस्ट साझा करते हुए कुसैक ने लिखा कि उन्हें अपने "पसंदीदा साथी कॉकरोच" की ओर से अच्छी खबर मिली है और उन्होंने आंदोलन से जुड़ी रिपोर्ट को साझा किया। इसके बाद उनका पोस्ट तेजी से वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया जॉन कुसैक की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंटा नजर आया। कुछ यूजर्स ने उनके समर्थन का स्वागत किया, जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने उनकी टिप्पणी पर नाराजगी जाहिर की। कई यूजर्स ने लिखा कि किसी विदेशी अभिनेता को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें पहले अपने देश के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। वहीं कुछ प्रतिक्रियाओं में लिखा गया कि भारतीय राजनीति और छात्र आंदोलनों पर बाहरी हस्तक्षेप उचित नहीं है। पहले भी भारत के मुद्दों पर रख चुके हैं राय यह पहली बार नहीं है जब जॉन कुसैक ने भारत से जुड़े किसी मुद्दे पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी हो। इससे पहले वर्ष 2019 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान भी उन्होंने सोशल मीडिया पर छात्रों का समर्थन किया था और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। क्या है CJP का आंदोलन? दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्र NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की है। हाल के दिनों में 'चलो संसद' मार्च के दौरान बड़ी संख्या में छात्र और प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे थे। इस दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी, जिसके बाद पुलिस ने भी कार्रवाई की। प्रधानमंत्री मोदी ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामले पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और विद्यार्थियों का एक वर्ष खराब न हो, इसलिए प्राथमिकता के आधार पर 22 लाख छात्रों की परीक्षाएं कराई गईं। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
मुंबई, एजेंसियां। वीकेंड से पहले ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर मनोरंजन का नया दौर शुरू हो गया है। आज कई नई फिल्में और वेब सीरीज अलग-अलग स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज हुई हैं। इनमें विक्रांत मैसी की ‘मुसाफिर कैफे’, ‘आदर्श बाल विद्यालय’, ‘पल्लीचट्टम्बी’ और कई अन्य फिल्में व सीरीज शामिल हैं। विक्रांत मैसी की ‘मुसाफिर कैफे’ ने दी दस्तक अभिनेता विक्रांत मैसी की रोमांटिक ड्रामा ‘मुसाफिर कैफे’ आज ओटीटी पर रिलीज हुई है। फिल्म में विक्रांत मैसी के साथ वेदिका पिंटो और महिमा मकवाना अहम भूमिकाओं में हैं। कहानी रिश्तों, सफर और जिंदगी के उतार-चढ़ाव पर आधारित है। ‘आदर्श बाल विद्यालय’ में केके मेनन का अलग अंदाज टीवीएफ की सीरीज ‘आदर्श बाल विद्यालय’ भी इस हफ्ते ओटीटी पर आई है। इसमें केके मेनन एक शिक्षक की भूमिका में नजर आ रहे हैं, जो एक कमजोर स्कूल को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं। सीरीज को शिक्षा व्यवस्था और बदलाव की कहानी से जोड़ा गया है। मलयालम फिल्म ‘पल्लीचट्टम्बी’ भी हुई रिलीज दक्षिण भारतीय सिनेमा की चर्चित फिल्म ‘पल्लीचट्टम्बी’ भी ओटीटी पर उपलब्ध हो गई है। इसमें टोविनो थॉमस मुख्य भूमिका में हैं। यह एक पीरियड एक्शन ड्रामा फिल्म है, जिसे दर्शकों से थिएटर रिलीज के दौरान अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। ‘72 Hours’ और कई इंटरनेशनल कंटेंट भी रिलीज इसके अलावा ओटीटी पर ‘72 Hours’, ‘Con City’, ‘Master of the Universe’ जैसे कई नए कंटेंट भी दर्शकों के लिए उपलब्ध हुए हैं। अलग-अलग जॉनर की फिल्मों और सीरीज के कारण इस सप्ताह ओटीटी पर दर्शकों के पास कई विकल्प हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।