राष्ट्रीय

Amit Shah to Speak on Speaker Motion

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

surbhi मार्च 13, 2026 0
Union Home Minister Amit Shah speaking in Lok Sabha during debate on no-confidence motion against Speaker
Amit Shah to Speak on No-Confidence Motion Against Speaker

 

नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है।

यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।

 

118 विपक्षी सांसदों का समर्थन

स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है।

मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया।

हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।

 

गौरव गोगोई ने शुरू की बहस

बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है।

उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।”

गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।

 

रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।”

रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।

 

प्रियंका गांधी का पलटवार

इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है।

प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।”

आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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Today Horoscope: आज का राशिफल 20 अगस्त 2026, बृहस्पतिवार

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Important Events: 20 अगस्त की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

1597 – पूर्वी एशिया से डच ईस्ट इंडिया कंपनी का पहला जहाज वापस आया। 1641 – इंग्लैंड और स्कॉटलैंड ने ‘पैसिफिकेशन संधि’ पर हस्ताक्षर किये। 1781 - जॉर्ज वॉशिंगटन ने कॉर्नवॉलिस से लड़ने के लिए दक्षिणी सैनिकों को स्थानांतरित करना प्रारम्भ किया। 1794 - नॉर्थवेस्टर्न ओहियो में फॉलन टिम्बर की लड़ाई लड़ी गई। 1828 - राजा राम मोहन राय के ब्रह्म समाज के पहले सत्र का आयोजन कलकत्ता (अब कोलकाता) में संपन्न हुआ। 1847 -  अमेरिकी सैनिकों ने चुरुबुस्को की लड़ाई में मैक्सिकन सैनिकों को हराया। 1856 – ओहियो में विल्बरफोर्स यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई। 1897 - रोनाल्ड रॉस ने कलकत्ता(अब कोलकाता) के प्रेसिडेंसी जनरल हॉस्पिटल में काम करने के दौरान मलेरिया के कारक एनोफिलीज मच्छर की पहचान की। 1911 – अमेरिका के न्यूयॉर्क टाइम्स के दफ्तर से वो पहला टेलीग्राम भेजा गया था जो पूरी दुनिया में पहुंचा। 1914 – जर्मनी की सेना ने बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स पर कब्जा किया। 1921 - केरल के मालाबार क्षेत्र में मोपला विद्रोह की शुरुआत हुई। 1949 - यूरोपीय देश हंगरी में संविधान को अंगीकार किया गया। 1953 – फ्रांसीसी सेनाओं ने मोरक्‍को के सुल्‍तान सीदी मोहम्‍मद बिन यूसुफ को गददी से हटाया। 1955 - मोरक्को और अल्जीरिया में फ्रांस-विरोधी दंगों में सैकडों लोग मारे गए। 1962 – सोवियत संघ ने नोवाया जेमल्या में परमाणु परीक्षण किया। 1964 - अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार उपग्रह कंसोर्टियम (इंटेलसेट) ने काम करना शुरू किया। 1968 – चेकोस्लोवाकिया में एक बार फिर से कम्युनिस्ट तानाशाही स्थापित हुई। 1972 - तत्कालीन सोवियत रुस ने भूमिगत परमाणु परीक्षण किया। 1977 – अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने वॉयेजर टू अंतरिक्ष यान भेजा। 1979 - तत्कालीन प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के 23 दिनाें के अंदर ही इस्तीफा दिया। 1988 - पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल जिया उल हक का हवाई दुर्घटना में निधन होने पर सीनेट के सभापति ग़ुलाम इशहाक ख़ान राष्ट्रपति बने। 1988 - भारत और नेपाल में 6.5 की तीव्रता वाले भूकंप से एक हजार लोगों की मौत हुई। 1991 - उत्तरी यूरोपीय देश इस्तोनिया ने तत्कालीन सोवियत रुस संघ से अलग होने की / पूर्ण स्वतंत्र होने की घोषणा की। 1994 - सं.रा. अमेरिका द्वारा क्यूबा के शरणार्थियों को आश्रय देने की 28 वर्ष की पुरानी नीति को समाप्त करने की घोषणा। 1995 – पुरूषोत्‍तम एक्‍सप्रेस और कालिदी एक्‍सप्रेस के आमने सामने की टक्‍कर में 350 लोगों की मौत हुई। 1998 - लिएंडर पेस ने पीट सम्प्रास को हराकर पायलेट पेन अंतर्राष्ट्रीय टेनिस प्रतियोगिता जीता। 1998 – अमरीका ने दसियों मीज़ाइलों द्वारा अफ़ग़ानिस्तान व सूडान पर आक्रमण किया। 2001 - स्पेन में भारतीय चैम्पियन विश्वनाथन आनन्द ने स्पेन के अलेक्सेई शिरोव को शिकस्त देकर विलारोडेज शतरंज चैम्पियनशिप का ख़िताब जीता। 2002 - फ़िलिस्तीन छापामार नेता अबू निदाल मरा पाया गया। 2004 - फ़ोर्ब्स पत्रिका ने विश्व की सर्वाधिक शक्तिशाली महिलाओं की सूची जारी की ।अमेरिका की कोंडोलीजा राइस, चीन की वू यी तथा भारत की सोनिया गांधी क्रमश: प्रथम तीन स्थानों पर। 2008 - भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्रसिद्ध कलाकार अरुणा साई राम को अमेरिका में विशिष्ट सम्मान से नवाजा गया। 2008 - रसायन व उर्वरक मंत्री राम विलास पासवान ने खाद उद्योग को चालू वित्त वर्ष में 22,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देने की घोषणा की। 2012 – म्यांमार में मीडिया सेंसरशिप खत्म हुई। 2012 – वेनेजुएला की राजधानी काराकस में दंगे में 20 लोग मरे। 2013 - उत्तरी काकेशस में रूसी पुलिस की कार्रवाई में नौ आतंकवादी मारे गए। 2019 - भारत-केन्‍या संयुक्‍त व्‍यापार समिति का नौवां सत्र का आयोजन नई दिल्ली में समाप्त। 2019 - चन्द्रयान-2 ने चन्द्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश किया , यह प्रक्रिया 20 अगस्त, 2019 को नौ बजकर दो मिनट पर पूरी हुई। 2019 - रूस के साथ परमाणु हथियार संधि खत्म होने के बाद अमेरिका ने सतह से सतह पर मार करने वाली नई क्रूज मिसाइल टॉमहाक का परीक्षण किया। 2020 - भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि भारत के दूसरे चंद्र अभियान चंद्रयान -2 ने चंद्रमा की कक्षा में एक वर्ष पूरा कर लिया है। 2020 - तेलंगाना में श्रीसेलम परियोजना के पनबिजली संयंत्र की सुरंग में स्थित पावर हाउस में आग में फंसे 9 कर्मचारियों की मौत हो गयी। 2020 - भारत और इजराइल ने अपने लोगों के बीच संपर्क को और बढ़ाने के लिये एक सांस्कृतिक समझौते पर हस्ताक्षर किये। 2021 - चीन की राष्ट्रीय विधायिका ने सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा लायी गयी तीन बच्चों की नीति का औपचारिक रूप से समर्थन किया। 2021 - महाराष्ट्र के बुलढाणा में लोहे के सरिये से भरा ट्रक पलटने से 13 लोगों की मौत हुई व 3 घायल हुए। 2022 - सोमालिया की राजधानी मोगादिशु में आतंकी हमले से 20 लोगों की मौत हुई व 50 से ज्यादा लोग घायल हुए। 2022 - लखनऊ में 5.2 मैग्नीट्यूड तीव्रता का भूकम्प आया। 2022 - भारतीय तटरक्षक बल ने बंगाल की खाड़ी से 10 बांग्लादेशी मछुआरों सहित भारतीय नाव चालक दल के 18 सदस्यों को बचाया। 2022 - पंजाब व हरियाणा की सरकारें चंडीगढ़ हवाई अड्डे का नाम स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के नाम पर रखने के लिए सहमत हुई। 2023 - जर्मनी के DW न्यूज ने रूसी स्पेस एजेंसी रोस्कोस्मोस के हवाले से बताया कि रूस का लूना-25 अंतरिक्ष यान चंद्रमा पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। 2023 - पाकिस्तान के फैसलाबाद में यात्री बस में आग लगने से 18 लोगों की मौत हुई व 15 घायल हुए। 2023 - उत्तराखंड में खाई में बस गिरने से 7 लोगों की मौत हुई व 26 घायल हुए। 2023 - युवा20 (वाई20) शिखर सम्मेलन उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 2024 - भारत-मलेशिया ने छह अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए।  2024 - RBI गवर्नर शक्तिकांत दास लगातार दूसरे साल शीर्ष सेंट्रल बैंकर चुने गए। 2024 - समोआ के डेरियस विसर ने वनातु के खिलाफ एक ओवर में 39 रन बनाकर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नया रिकॉर्ड बनाया। 2025 - केंद्रीय कैबिनेट और लोकसभा ने पैसे वाले ऑनलाइन गेम्स की लत, सट्टेबाजी और धोखाधड़ी को रोकने के लिए 'ऑनलाइन गेमिंग विनियमन विधेयक 2025' को मंजूरी दी।   20 अगस्त को जन्मे व्यक्ति   1685 - फ़र्रुख़सियर - मुग़ल वंश के अजीमुश्शान का पुत्र था। 1799 - जेम्स प्रिंसेप -ईस्ट इण्डिया कम्पनी में एक अधिकारी जिन्होंने 1838 ई. में सर्वप्रथम ब्राह्मी और खरोष्ठी लिपियों को पढ़ने में सफलता प्राप्त की। 1915 - डी. देवराज अर्स - कर्नाटक के 8वें मुख्यमंत्री थे। 1917 - त्रिलोचन शास्त्री - प्रगतिशील काव्य धारा के प्रसिद्ध कवि। 1919 - न्यायमूर्ति बिपिनचंद्र जीवनलाल दीवान  गुजरात और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश और आंध्र प्रदेश के कार्यवाहक राज्यपाल थे । 1940 - राजेन्द्र कुमार पचौरी - अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित प्रसिद्ध पर्यावरणविद। 1944 - राजीव गाँधी - भारत के पूर्व प्रधानमंत्री । 1944 - सलमा बेग जिन्हें कुमारी नाज़ या बेबी नाज़ के नाम से जाना जाता है, एक भारतीय अभिनेत्री। 1946 - एन. आर. नारायणमूर्ति, इंफ़ोसिस कंपनी के संस्थापक। 1986 - तानिया सचदेव - भारत की महिला शतरंज खिलाड़ी ।   20 अगस्त को हुए निधन   1929 - सिद्धारूढ़ स्वामी जी कर्नाटक के हुब्बल्लि महानगर मे एक भारतीय हिंदू गुरु और दार्शनिक थे। 1944 –रोमन रोलेन फ़्रांस के प्रख्यात लेखक व साहित्यकार। 1985 - संत हरचंद सिंह लोंगोवाल - 1980 के पंजाब विद्रोह के दौरान अकाली दल के अध्यक्ष थे। 1991 - गोपीनाथ मोहंती - उड़िया भाषा के प्रसिद्ध साहित्यकार। 2011 - राम शरण शर्मा - भारत के प्रसिद्ध इतिहासकार।  2014 - बी. के. एस. आयंगर - प्रसिद्ध भारतीय योग गुरु थे। 2022 - झारखंड और असम के पूर्व राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी (83) का निधन हुआ। 2022 - भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान समर 'बद्रू' बनर्जी (92) का लंबी बीमारी के बाद निधन हुआ। 2023 - अमेरिकी रेस कार ड्राइवर बिल वुकोविच ll (79) का निधन हुआ। 2023 - कनाडाई-ब्रिटिश मानवविज्ञानी इसाबेल क्रूक (107) का निधन हुआ। 2023 - पाकिस्तानी सेना अधिकारी और क्रिकेटर नौशाद अली रिज़वी (79) का निधन हुआ। 2024 - भारतीय वायु सेना में विंग कमांडर रह चुके "पायलट बाबा" (कपिल सिंह , 86) का निधन हुआ। 2025 -  पूर्व सांसद व भारतीय सेना के सेवानिवृत्त कर्नल सोना राम चौधरी (80) का निधन हुआ।   20 अगस्त के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव   मेला श्री नयनादेवी - चामुण्डादेवी चिन्तपूर्णी समापन (हि.प्र.)। सद्भावना दिवस (श्री राजीव गाँधी का जन्म दिवस)। श्री डी. देवराज अर्स जयन्ती। श्री सिद्धारूढ़ स्वामी जी पुण्यतिथि। संत श्री हरचंद सिंह लोंगोवाल स्मृति दिवस। श्री एन. आर. नारायण मूर्ति जयन्ती। महान संत श्री नारायण गुरु जी जयन्ती। हरियाणा के गांधी के नाम से प्रसिद्ध बाबू मूल चंद जैन जयंती। शिक्षा जगत को नई दिशा देने वाले राम शरण शर्मा जी पुण्यतिथि। विश्व मच्छर दिवस। राष्ट्रीय रेडियो दिवस (National Radio Day)। ऊर्जा अक्षय दिवस (भारत)। कृपया ध्यान दें  यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इंद्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।

anjali kumari अगस्त 20, 2026 0
Vedic Almanac

Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 20 अगस्त 2026, गुरूवार

दिल्ली के टिकरी कलां में CNG सिलिंडर ब्लास्ट हादसा

दिल्ली के टिकरी कलां में CNG सिलिंडर ब्लास्ट, तीन कर्मचारियों की मौत

दिल्ली यूपी उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन का मौसम अलर्ट

मौसम का कहर: दिल्ली-UP से उत्तराखंड तक भारी बारिश का अलर्ट, बाढ़-भूस्खलन से बढ़ी मुश्किलें

वंदे मातरम् पर कांग्रेस के रुख को लेकर केसी वेणुगोपाल का बयान
वंदे मातरम् पर कांग्रेस का रुख साफ, सिर्फ दो अंतरे गाए जाएंगे: केसी वेणुगोपाल

नई दिल्ली, एजेंसियां। ‘वंदे मातरम्’ को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। कांग्रेस ने कहा है कि पार्टी 1937 में महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल और अन्य प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में लिए गए फैसले का पालन करेगी। इसके तहत कांग्रेस कार्यकर्ता राष्ट्रगीत के सिर्फ पहले दो अंतरे ही गाएंगे। बुधवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक हुई। बैठक में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर उठे विवाद पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 1937 के CWC प्रस्ताव के कुछ अंश पढ़े, जिसमें राष्ट्रगीत के दो अंतरे गाने की व्यवस्था का उल्लेख था।   1937 के फैसले का पालन करेगी कांग्रेस     कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बैठक के बाद कहा कि 1937 में इस मुद्दे पर प्रस्ताव पारित किया गया था। उस समय महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, मौलाना अबुल कलाम आजाद, गोविंद बल्लभ पंत, राजगोपालाचारी और आचार्य नरेंद्र देव समेत कई प्रमुख नेता मौजूद थे।   उन्होंने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह के बाद यह प्रस्ताव पारित किया गया था। कांग्रेस का कहना है कि वह आज भी उसी ऐतिहासिक फैसले के अनुरूप आगे बढ़ेगी।   केसी वेणुगोपाल बोले- पार्टी का रुख बिल्कुल स्पष्ट     कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ को लेकर पार्टी का रुख बिल्कुल स्पष्ट है और इसमें किसी तरह का भ्रम नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान भावनात्मक विषय हैं, जबकि भाजपा के लिए ये राजनीतिक मुद्दे हैं।   वेणुगोपाल ने कहा कि 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में हुए विवाद के पीछे संवादहीनता की स्थिति थी। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है और अब यह अध्याय बंद हो चुका है।   15 अगस्त को शुरू हुआ था विवाद     दरअसल, स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में ध्वजारोहण समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। इस दौरान कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी राष्ट्रगीत के गायन के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर इशारा करती नजर आई थीं।   भाजपा ने आरोप लगाया था कि सोनिया गांधी ने ‘वंदे मातरम्’ पूरा गाए जाने पर आपत्ति जताई थी। कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि ऐसा कोई विरोध नहीं किया गया था।   CWC बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा     कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में ‘वंदे मातरम्’ के अलावा देश के मौजूदा राजनीतिक हालात, छात्रों से जुड़े मुद्दों और राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस ने इन मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति पर विचार किया।   बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने की। इसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, केरल के वी.डी. सतीशन, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार भी बैठक में मौजूद रहे।

ranjan kumar tiwari अगस्त 20, 2026 0
PM CARES Fund की वित्त वर्ष 2024-25 की ऑडिट रिपोर्ट

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शेयर बाजार में गिरावट, Sensex 71 अंक टूटा; Nifty 24,400 के नीचे बंद

abhishek singh अगस्त 14, 2026 0

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