फैशन और ब्यूटी

Raksha Bandhan Suit Designs: इन 5 सूट डिजाइन से साधारण कपड़ा भी लगेगा डिजाइनर

anjali kumari अगस्त 19, 2026 0
Raksha Bandhan Suit Designs
Raksha Bandhan Suit Designs

नई दिल्ली, एजेंसियां। रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के खास रिश्ते का पर्व होने के साथ-साथ पारंपरिक और स्टाइलिश आउटफिट पहनने का भी मौका है। अगर इस बार आप बाजार से रेडीमेड सूट खरीदने के बजाय अपने पसंदीदा कपड़े से कुछ यूनिक सिलवाना चाहती हैं, तो डिजाइनर कट, खूबसूरत नेकलाइन और ट्रेंडी स्लीव्स की मदद से साधारण फैब्रिक को भी प्रीमियम लुक दिया जा सकता है।

 

पेस्टल, पिंक, ग्रीन, येलो और रेड जैसे रंग रक्षाबंधन के मौके पर खासे आकर्षक लगते हैं। वहीं, अपने बॉडी टाइप और पसंद के अनुसार सूट की फिटिंग और कट तय करने से आउटफिट का लुक और बेहतर हो सकता है।

 

1. फ्लेयर्ड अनारकली सूट

 

रक्षाबंधन के लिए फ्लेयर्ड अनारकली एक क्लासी और फेस्टिव विकल्प है। सिल्क, रेयॉन या जॉर्जेट जैसे फैब्रिक पर हल्की एम्ब्रॉयडरी करवाकर इसे रॉयल लुक दिया जा सकता है।

अगर आप कुछ अलग ट्राई करना चाहती हैं, तो अंगरखा स्टाइल अनारकली भी बनवा सकती हैं। इसमें क्रॉस-ओवर या लेयर्ड पैटर्न आउटफिट को आकर्षक बनाता है।

 

2. शरारा स्टाइल सूट

 

मॉडर्न फेस्टिव लुक के लिए शरारा स्टाइल सूट अच्छा विकल्प है। छोटे कुर्ते के साथ शरारा और मैचिंग दुपट्टा पहनकर खूबसूरत लुक पाया जा सकता है।

इसके बॉर्डर पर गोटा पट्टी या सीक्विन वर्क करवाने से साधारण कपड़ा भी ज्यादा डिजाइनर दिखाई दे सकता है।

 

3. पैंट स्टाइल सूट

 

अगर आपको सिंपल और एलिगेंट लुक पसंद है, तो स्ट्रेट कुर्ते के साथ डिजाइनर पैंट सिलवा सकती हैं। इस डिजाइन की खासियत इसकी सादगी है।

कुर्ते की नेकलाइन और स्लीव्स पर हल्का लेकिन आकर्षक काम करवाकर पूरे आउटफिट को यूनिक बनाया जा सकता है।

 

4. पेपलम स्टाइल कुर्ती

 

कमर से फ्लेयर वाला पेपलम स्टाइल डिजाइन ट्रेडिशनल और मॉडर्न लुक का खूबसूरत मेल है। इसे प्लाजो या शरारा के साथ पेयर किया जा सकता है।

अगर कपड़ा सिंपल है, तो पेपलम की कमर और बॉर्डर पर हल्की एम्ब्रॉयडरी या डिटेलिंग करवाकर इसे फेस्टिव लुक दिया जा सकता है।

 

5. फुल स्लीव्स और हैवी नेकलाइन

 

साधारण फैब्रिक को डिजाइनर दिखाने के लिए नेकलाइन पर खास काम करवाना सबसे आसान तरीका हो सकता है। इसके साथ स्टाइलिश फुल स्लीव्स पूरे सूट के लुक को निखार सकती हैं।

आप वी-नेक, बोट नेक, डोरी लूप्स के साथ पर्ल डिटेलिंग या अंगरखा स्टाइल नेकलाइन जैसे डिजाइन चुन सकती हैं।

टेलर को कपड़ा देते समय इन बातों का रखें ध्यान
सबसे पहले पसंद किए गए डिजाइन का रेफरेंस फोटो टेलर को दिखाएं।
कपड़े की लंबाई और चौड़ाई पहले से नापकर दें।
नेकलाइन और स्लीव्स का डिजाइन सिलाई से पहले तय करें।
दुपट्टे के बॉर्डर को सूट के वर्क से मैच कराएं।
फिटिंग के लिए कम से कम एक ट्रायल जरूर लें।
रक्षाबंधन से कुछ दिन पहले कपड़ा सिलने के लिए दें, ताकि जरूरत पड़ने पर बदलाव कराया जा सके।

इन डिजाइन आइडियाज की मदद से आप अपनी पसंद के रंग और फैब्रिक में ऐसा सूट तैयार करवा सकती हैं, जो रेडीमेड आउटफिट से अलग और ज्यादा पर्सनलाइज्ड नजर आए।

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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2000 के दशक का फैशन एक बार फिर वापसी कर रहा है और इस बार स्ट्रैपी सैंडल्स और फ्लेयर्ड जींस की जोड़ी ट्रेंड में है। उस दौर की फैशन आइकन्स से लेकर आज की पॉप स्टार्स तक, यह कॉम्बिनेशन नए और ज्यादा आधुनिक अंदाज में नजर आ रहा है। हल्की फ्लेयर्ड या बेल-बॉटम जींस के साथ पतली स्ट्रैप वाली सैंडल्स पहनकर आप कैजुअल से लेकर ग्लैमरस तक कई तरह के लुक तैयार कर सकती हैं। खास बात यह है कि इस ट्रेंड को 2026 के फैशन के मुताबिक थोड़ा मॉडर्न और पॉलिश्ड टच दिया जा रहा है। ब्लैक सैंडल्स के साथ ब्लू फ्लेयर्ड जींस क्लासिक ब्लैक स्ट्रैपी सैंडल्स को फेडेड या डिस्ट्रेस्ड ब्लू फ्लेयर्ड जींस के साथ पहनें। इसके साथ क्रॉप टॉप या ग्राफिक टी-शर्ट जोड़कर आपको आसान लेकिन स्टाइलिश Y2K लुक मिल सकता है। मेटैलिक सैंडल्स से ग्लैमरस अंदाज अगर आप आउटफिट को ज्यादा आकर्षक बनाना चाहती हैं तो मेटैलिक स्ट्रैपी सैंडल्स बेहतरीन विकल्प हैं। लो-राइज ब्लैक फ्लेयर्ड जींस के साथ पेस्टल शेड का रफल्ड ब्लाउज पहनकर ग्लैमरस लुक तैयार किया जा सकता है। ग्रे जींस और बोल्ड सैंडल्स 2000s फैशन का एक बड़ा हिस्सा बोल्ड और मैक्सिमलिस्ट स्टाइल था। इसलिए ग्रे फ्लेयर्ड जींस के साथ लेपर्ड-प्रिंट या डबल-हील स्ट्रैपी सैंडल्स ट्राई की जा सकती हैं। इसके साथ कॉर्सेट टॉप या रैप ब्लाउज लुक को और खास बना सकता है। व्हाइट फ्लेयर्ड जींस के साथ रंगीन सैंडल्स अगर आपका स्टाइल थोड़ा एक्सपेरिमेंटल है तो कलरफुल स्ट्रैपी सैंडल्स और व्हाइट फ्लेयर्ड जींस का कॉम्बिनेशन आजमाएं। लिलैक, पिंक या दूसरे ब्राइट शेड्स की सैंडल्स के साथ हॉल्टर-नेक टॉप पहनकर फ्रेश समर लुक बनाया जा सकता है। ब्लैक-ऑन-ब्लैक लुक ब्लैक फ्लेयर्ड जींस के साथ मैचिंग ब्लैक स्ट्रैपी सैंडल्स एक एलिगेंट और रिफाइंड लुक देती हैं। ट्रिपल-strap डिजाइन आउटफिट को ज्यादा sophisticated बनाता है। इसके साथ सैटिन शर्ट या लिंगरी-स्टाइल ब्लाउज पहन सकती हैं। 2026 में Y2K ट्रेंड का नया अंदाज इस बार 2000s फैशन की वापसी हूबहू पुराने लुक को दोहराने के बजाय उसे आधुनिक तरीके से पेश कर रही है। लो-राइज फ्लेयर्ड जींस, मिनिमल स्ट्रैपी सैंडल्स, मेटैलिक फिनिश और ब्राइट कलर्स इस ट्रेंड को नया रूप दे रहे हैं। अगर आपकी वार्डरोब में फ्लेयर्ड जींस और स्ट्रैपी सैंडल्स पहले से मौजूद हैं, तो बिना ज्यादा खर्च किए इस सीजन का ट्रेंड आसानी से अपनाया जा सकता है।  

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ड्रेस और स्कर्ट के साथ टेनिस स्नीकर्स पहनने के 6 स्टाइलिश तरीके, हर लुक लगेगा फैशनेबल और एलिगेंट

टेनिस स्नीकर्स अब सिर्फ स्पोर्ट्स या कैजुअल वियर तक सीमित नहीं हैं। 2026 में फैशन ट्रेंड्स ने इन्हें ड्रेस और स्कर्ट के साथ पहनने का नया तरीका दिया है। सही रंग, सिल्हूट और फैब्रिक के साथ स्नीकर्स आपके लुक को आरामदायक होने के साथ-साथ बेहद स्टाइलिश भी बना सकते हैं। स्प्रिंग-समर 2026 के रनवे पर भी स्नीकर्स को एलिगेंट और फॉर्मल आउटफिट्स के साथ देखा गया। यही वजह है कि फैशन एक्सपर्ट्स के बीच यह कॉम्बिनेशन तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। ब्राउन स्नीकर्स और प्लेड मिडी ड्रेस ब्राउन और टैन शेड के स्नीकर्स इस सीजन का खास ट्रेंड हैं। इन्हें प्लेड या चेक पैटर्न वाली मिडी ड्रेस के साथ पहनकर क्लासी लुक पाया जा सकता है। अगर ड्रेस और स्नीकर्स एक ही कलर फैमिली में हों, तो पूरा आउटफिट और ज्यादा बैलेंस्ड नजर आता है। रेड स्नीकर्स के साथ असिमेट्रिकल स्कर्ट अगर आप अपने आउटफिट में थोड़ा बोल्ड टच चाहती हैं, तो रेड स्नीकर्स बेहतरीन विकल्प हैं। इन्हें स्ट्राइप्ड या असिमेट्रिकल मिडी स्कर्ट के साथ पहनें। रेड फुटवियर सिंपल आउटफिट में तुरंत स्टेटमेंट एलिमेंट जोड़ देता है। सूएड स्नीकर्स और मिनिमलिस्ट ड्रेस सूएड स्नीकर्स का लुक बाकी स्पोर्टी शूज की तुलना में ज्यादा सॉफ्ट और sophisticated होता है। इन्हें ब्लैक स्पेगेटी- स्ट्रैप ड्रेस के साथ पहनकर ऑफिस से लेकर डिनर तक के लिए एलिगेंट लुक तैयार किया जा सकता है। पिंक स्नीकर्स और रफल्ड स्कर्ट पेस्टल पिंक स्नीकर्स गर्मियों के लिए शानदार विकल्प हैं। इन्हें रफल्ड स्कर्ट के साथ पहनने पर आउटफिट में फेमिनिन और फ्रेश अपील आती है। हल्के रंग होने के कारण पिंक स्नीकर्स को कई अलग-अलग शेड्स के साथ आसानी से स्टाइल किया जा सकता है। नॉर्मकोर स्नीकर्स और स्लिप ड्रेस क्लासिक नॉर्मकोर स्नीकर्स को लेस या स्लिप ड्रेस के साथ पहनना इस ट्रेंड को और दिलचस्प बनाता है। स्पोर्टी शूज और फेमिनिन ड्रेस का कॉन्ट्रास्ट आउटफिट को मॉडर्न और effortless बनाता है। मेष स्नीकर्स और लेपर्ड-प्रिंट स्कर्ट मेष या नेट-डिटेल वाले स्नीकर्स इस सीजन का नया फैशन अपडेट हैं। बेज जैसे न्यूट्रल शेड के स्नीकर्स को लेपर्ड-प्रिंट मिडी या मैक्सी स्कर्ट के साथ पहनकर स्टाइलिश लेकिन बैलेंस्ड लुक बनाया जा सकता है। फैशन का नया फॉर्मूला स्नीकर्स और ड्रेस या स्कर्ट का कॉम्बिनेशन अब केवल आराम के लिए नहीं, बल्कि एक सोचा-समझा फैशन स्टेटमेंट बन चुका है। ब्राउन, रेड और पिंक जैसे रंगों से लेकर सूएड और मेष टेक्सचर तक, सही स्नीकर्स आपके पूरे लुक को नया अंदाज दे सकते हैं।  

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