फैशन और ब्यूटी

Healthy Indian Breakfast Poha vs Paratha comparison
पोहा या परांठा, जानें कौन-सा नाश्ता ज्यादा हेल्दी?

नई दिल्ली,एजेंसियां। सुबह का नाश्ता पूरे दिन की ऊर्जा और सेहत की बुनियाद माना जाता है। भारतीय घरों में पोहा और परांठा दो ऐसे नाश्ते हैं जो सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं। दोनों ही स्वादिष्ट, जल्दी बनने वाले और अलग-अलग स्वाद के अनुसार तैयार किए जा सकते हैं। लेकिन जब बात हेल्थ की आती है, तो सवाल उठता है पोहा ज्यादा हेल्दी है या परांठा? जवाब पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी जरूरत क्या है और आप उसे किस तरीके से बना रहे हैं।   परांठा: पेट भरने वाला और एनर्जी देने वाला नाश्ता परांठा आमतौर पर गेहूं के आटे से बनता है, जो कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत है। इसका मतलब है कि यह शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा देता है और लंबे समय तक भूख नहीं लगने देता। अगर परांठा साबुत आटे से बनाया गया हो, तो इसमें फाइबर भी अच्छी मात्रा में होता है, जो पाचन को बेहतर बनाने और ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद करता है।   अगर इसमें पनीर, दाल, आलू, गोभी, पालक या मेथी जैसी स्टफिंग डाली जाए, तो यह और ज्यादा पौष्टिक बन सकता है। खासकर पनीर या दाल वाला परांठा प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है। हालांकि, परांठा तभी हेल्दी माना जाएगा जब इसे कम तेल या कम घी में बनाया जाए। मक्खन, अचार या ज्यादा तेल के साथ खाने पर इसकी कैलोरी काफी बढ़ सकती है।   पोहा: हल्का, कम फैट और पचने में आसान दूसरी ओर, पोहा हल्का और आसानी से पचने वाला नाश्ता है। यह चपटे चावल से बनता है और कम समय में तैयार हो जाता है। पोहा खासतौर पर उन लोगों के लिए अच्छा माना जाता है जो सुबह हल्का खाना पसंद करते हैं या वजन कंट्रोल करना चाहते हैं। इसमें कैलोरी और फैट अपेक्षाकृत कम होते हैं, इसलिए यह पेट पर भारी नहीं पड़ता। अगर पोहा में मटर, गाजर, प्याज, टमाटर, मूंगफली, करी पत्ता और नींबू डाला जाए, तो इसकी न्यूट्रिशन वैल्यू और बढ़ जाती है। इसे लोहे की कढ़ाही में बनाने पर इसमें आयरन की मात्रा भी बढ़ सकती है। पोहा शरीर को जरूरी कार्बोहाइड्रेट देता है, लेकिन परांठे की तुलना में यह हल्का महसूस होता है।   आखिर कौन है ज्यादा हेल्दी? अगर आप हल्का, लो-फैट और जल्दी पचने वाला नाश्ता चाहते हैं, तो पोहा बेहतर विकल्प है। वहीं अगर आपको ज्यादा देर तक पेट भरा रखना है, ज्यादा ऊर्जा चाहिए या शारीरिक मेहनत ज्यादा होती है, तो परांठा बेहतर हो सकता है। कुल मिलाकर, दोनों ही हेल्दी हो सकते हैं—बस फर्क इस बात का है कि आप उन्हें किस सामग्री और किस मात्रा में खा रहे हैं।

Ranjan Kumar Tiwari अप्रैल 2, 2026 0
Men wearing similar style t-shirts in different colors showcasing smart fashion and minimal wardrobe choices
एक ही चीज़ बार-बार क्यों खरीदते हैं पुरुष? आदत नहीं, स्मार्ट स्टाइल का खेल!

अगर आपने कभी ध्यान दिया हो, तो आपने भी जरूर देखा होगा-कई पुरुष एक ही तरह की शर्ट या टी-शर्ट अलग-अलग रंगों में खरीदते रहते हैं। पहली नजर में यह आदत थोड़ी अजीब लग सकती है, लेकिन इसके पीछे गहरी सोच और व्यवहारिकता छिपी होती है। 1. जब एक स्टाइल फिट बैठ जाए, वही बन जाती है पहचान स्टाइल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सही फिट और सिल्हूट ढूंढना सबसे मुश्किल काम होता है। जब किसी पुरुष को एक ऐसा कट मिल जाता है जो उसके शरीर, व्यक्तित्व और आत्मविश्वास के साथ पूरी तरह मेल खाता है, तो वह उसे बार-बार अपनाता है। David Beckham और Vicky Kaushal जैसे स्टाइल आइकन भी इसी सिद्धांत पर चलते हैं-एक बार सही लुक मिल जाए, तो वही उनकी पहचान बन जाता है। 2. रोज़ के फैसलों को आसान बनाना हर दिन क्या पहनना है, यह तय करना भी एक तरह का मानसिक दबाव होता है। यही कारण है कि कई सफल लोग “uniform dressing” अपनाते हैं। Virat Kohli या Ryan Gosling को देखें-उनका ऑफ-ड्यूटी स्टाइल अक्सर एक जैसा रहता है। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक रणनीति है ताकि रोज़मर्रा के फैसलों को आसान बनाया जा सके। 3. रंगों के जरिए एक्सप्रेशन पुरुष पूरी तरह एक्सपेरिमेंट नहीं करते, लेकिन रंगों के जरिए खुद को व्यक्त जरूर करते हैं। ब्लैक की जगह वाइन, ग्रे की जगह नेवी या बेज की जगह ऑलिव-यही छोटे बदलाव उनके स्टाइल को नया बनाते हैं, बिना रिस्क लिए। 4. कपड़ों से जुड़ी भावनाएं कई बार कपड़े सिर्फ फैशन नहीं होते, बल्कि यादों से जुड़े होते हैं। एक शर्ट जो किसी खास मौके पर पहनी गई हो या जो हमेशा तारीफ दिलाए-वही एहसास दोबारा पाने के लिए पुरुष उसी कपड़े को दूसरे रंग में खरीद लेते हैं। Ranveer Singh जैसे फैशन-फॉरवर्ड स्टार भी कुछ खास कट्स को बार-बार अपनाते हैं, क्योंकि उनमें एक “comfort memory” जुड़ी होती है। 5. कब बन जाता है यह कमजोरी? हालांकि, एक ही चीज़ को बार-बार खरीदना तब समस्या बन सकता है जब यह आदत बन जाए और उसमें कोई सोच या बदलाव न हो। सही तरीका यह है कि पुरुष अपने स्टाइल को समय के साथ अपडेट करें-बेहतर फैब्रिक, बेहतर फिट और नए डिटेल्स के साथ।  

surbhi अप्रैल 2, 2026 0
Stylish men fashion outfits 2026 with modern wardrobe essentials and trendy colors
2026 में ‘सिर्फ ठीक-ठाक’ नहीं, स्टाइलिश दिखना है? पुरुषों के लिए आसान लेकिन असरदार फैशन रिज़ॉल्यूशन्स

हर नए साल के साथ “न्यू ईयर, न्यू मी” के ट्रेंड्स सोशल मीडिया पर छा जाते हैं। लेकिन सच यह है कि स्टाइल बदलने के लिए किसी खास तारीख का इंतजार जरूरी नहीं होता। अगर आप भी अपने लुक से बोर हो चुके हैं और ‘बस ठीक-ठाक’ दिखने से आगे बढ़ना चाहते हैं, तो 2026 आपके लिए सही मौका हो सकता है। यहां कुछ ऐसे फैशन रिज़ॉल्यूशन्स दिए गए हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने स्टाइल को एक नया और बेहतर रूप दे सकते हैं: 1. ब्लैक, ग्रे और ब्लू से बाहर निकलें अक्सर पुरुष अपनी वॉर्डरोब को सिर्फ तीन रंगों-ब्लैक, ग्रे और ब्लू तक सीमित रखते हैं। लेकिन अब वक्त है इसमें बदलाव लाने का। बेज़, ऑलिव ग्रीन या बरगंडी जैसे रंग आपके लुक को तुरंत अपग्रेड कर सकते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि आप पूरी तरह एक्सपेरिमेंटल हो जाएं, लेकिन थोड़ा सा बदलाव आपकी पर्सनैलिटी को निखार सकता है। 2. वही खरीदें जो अभी फिट आता है सेल के चक्कर में गलत साइज के कपड़े खरीदना एक आम गलती है। ओवरसाइज़ ट्रेंड अलग चीज है, लेकिन गलत फिटिंग कभी स्टाइलिश नहीं लगती। अपनी वॉर्डरोब को क्लटर-फ्री रखें और सिर्फ वही कपड़े रखें जो आपको अभी सही फिट हों। इससे आपका लुक ज्यादा क्लीन और कॉन्फिडेंट नजर आएगा। 3. फुटवियर में करें समझदारी से निवेश अच्छे जूते सिर्फ कम्फर्ट ही नहीं, बल्कि आपके पूरे आउटफिट को परिभाषित करते हैं। हर रंग के जूते खरीदने की बजाय कुछ क्लासिक और मल्टी-यूज ऑप्शन चुनें। क्वालिटी फुटवियर आपके स्टाइल को लंबे समय तक बनाए रखते हैं और एक स्मार्ट इन्वेस्टमेंट साबित होते हैं। 4. सोशल मीडिया नहीं, खुद के लिए ड्रेस करें अक्सर लोग ऐसे कपड़े खरीदते हैं जो सिर्फ इंस्टाग्राम पोस्ट या खास मौके के लिए होते हैं। लेकिन असली स्टाइल वही है जो आपकी रोजमर्रा की जिंदगी में फिट बैठे। ऐसे कपड़े चुनें जिन्हें आप बार-बार पहन सकें और जो आपकी पर्सनैलिटी को दर्शाएं। क्योंकि अंत में, आत्मविश्वास ही सबसे बड़ा स्टाइल स्टेटमेंट होता है। 5. कम खरीदें, लेकिन सोच-समझकर फैशन का मतलब सिर्फ ज्यादा कपड़े खरीदना नहीं, बल्कि सही कपड़े चुनना है। सेल के दौरान खरीदारी जरूर करें, लेकिन हर चीज को खरीदने से पहले यह सोचें कि क्या आप उसे वास्तव में पहनेंगे या नहीं।  

surbhi अप्रैल 1, 2026 0
पनीर टिक्का रोल तैयार करते हुए स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड
घर पर ऐसे बनाएं रेस्टोरेंट स्टाइल पनीर टिक्का रोल, हर बाइट में मिलेगा लाजवाब स्वाद

नई दिल्ली, एजेंसियां। अगर आप शाम के समय कुछ चटपटा, मसालेदार और जल्दी बनने वाला स्नैक ढूंढ रहे हैं, तो पनीर टिक्का रोल एक शानदार ऑप्शन है। यह रोल न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होता है, बल्कि इसे घर पर बहुत आसानी से बनाया भी जा सकता है। शेफ कुणाल कपूर की यह खास रेसिपी सॉफ्ट पनीर, खुशबूदार मसालों और कुरकुरे पराठे का ऐसा कॉम्बिनेशन है, जो हर किसी को पसंद आएगा। एक बार खाने के बाद इसे बार-बार बनाने का मन करेगा।   दो तरह की मैरिनेशन से आएगा असली स्वाद इस रेसिपी की सबसे खास बात है इसका डबल मैरिनेशन, जो पनीर को बेहद टेस्टी और फ्लेवरफुल बनाता है। सबसे पहले पनीर क्यूब्स को नमक, लाल मिर्च पाउडर और चाट मसाला के साथ 5 से 10 मिनट तक मेरिनेट किया जाता है। इसके बाद दूसरे मैरिनेशन में सरसों का तेल, हरी मिर्च, हल्दी, गाढ़ी दही, गरम मसाला, अदरक-लहसुन पेस्ट, नींबू का रस और फ्रेश धनिया मिलाकर पेस्ट तैयार किया जाता है। इसी में पनीर, प्याज और शिमला मिर्च को 15 से 20 मिनट तक रखा जाता है।   तवे पर सेंकें और पराठे में भरें मैरिनेट किए गए पनीर और सब्जियों को तवे या ग्रिल पैन पर थोड़ा तेल डालकर गोल्डन और हल्का ब्राउन होने तक सेंका जाता है। वहीं मालाबार पराठे को घी के साथ दोनों तरफ से कुरकुरा और सुनहरा होने तक सेकना होता है। इससे रोल का स्वाद और टेक्सचर दोनों शानदार बनते हैं।   ऐसे करें रोल तैयार अब गरम पराठे पर पुदीना चटनी फैलाएं। इसके ऊपर मसाला प्याज, ग्रिल किया हुआ पनीर टिक्का, शिमला मिर्च और प्याज रखें। फिर इसे रोल की तरह टाइट लपेट लें। ऊपर से चाट मसाला और फ्रेश धनिया डालकर सर्व करें।   घर पर मिलेगा रेस्टोरेंट जैसा मजा यह पनीर टिक्का रोल बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आएगा। आप इसे इवनिंग स्नैक, टिफिन या पार्टी स्टार्टर के तौर पर भी बना सकते हैं। स्वाद ऐसा कि हर बार खाने का मन करेगा।

Ranjan Kumar Tiwari अप्रैल 1, 2026 0
Bollywood celebrities in elegant traditional outfits at wedding showcasing simple and personal fashion styles
जब सेलेब्रिटी ‘स्टाइल’ से आगे बढ़कर ‘खुद’ को पहनते हैं: फैमिली वेडिंग्स में बदल जाता है फैशन का मतलब

रेड कार्पेट पर अपने दमदार फैशन से पहचान बना चुके सितारे जब निजी समारोहों खासकर शादी-ब्याह में शामिल होते हैं, तो उनका अंदाज चौंकाने वाला बदलाव दिखाता है। यहां दिखावा नहीं, बल्कि सादगी, आत्मविश्वास और व्यक्तिगत पहचान अहम हो जाती है। यही कारण है कि इन मौकों पर सेलेब्रिटीज का स्टाइल अधिक यादगार और वास्तविक लगता है। ‘खुद को साबित’ नहीं, ‘खुद को सहेजना’ बनता है लक्ष्य जब Anushka Sharma अपनी शादी की तैयारी कर रही थीं, तब चुनौती खूबसूरती नहीं, बल्कि नयापन थी। फिल्मों में कई बार दुल्हन का किरदार निभाने और Ae Dil Hai Mushkil जैसी फिल्म में आइकॉनिक ब्राइडल लुक देने के बाद उनके लिए खुद को दोहराना आसान था। लेकिन डिजाइनर Sabyasachi Mukherjee और उनकी टीम ने एक अलग रास्ता चुना। ओवरड्रामैटिक लुक की बजाय हल्का गुलाबी, सॉफ्ट और संयमित लहंगा चुना गया। यही सादगी उनकी शादी के लुक को हमेशा के लिए यादगार बना गई। परफॉर्मेंस से दूरी Ranbir Kapoor का वेडिंग लुक इसका बेहतरीन उदाहरण है। फिल्मों में भारी-भरकम शेरवानी पहन चुके रणबीर ने अपनी शादी में बेहद सादगी भरा लुक चुना। हल्के रंग, सॉफ्ट एम्ब्रॉयडरी और परफेक्ट फिट-यानी स्टाइल बिना किसी दिखावे के। यह दिखाता है कि जब दर्शक करीबी हों, तो ‘कपड़ों का प्रदर्शन’ नहीं, ‘पर्सनैलिटी’ मायने रखती है। वही सिल्हूट, लेकिन बेहतर डिटेल Saif Ali Khan और Shahid Kapoor जैसे सितारे निजी समारोहों में पारंपरिक सिल्हूट-अचकन, बंधगला या शेरवानी-ही चुनते हैं। फर्क होता है डिटेलिंग में। हैंडवोवन फैब्रिक, खास बटन, सटीक फिटिंग-ये वो बारीकियां हैं जो दिखती कम हैं, लेकिन महसूस ज्यादा होती हैं। कम्फर्ट सबसे बड़ा फैक्टर फैमिली वेडिंग्स में सेलेब्रिटीज घंटों तक एक्टिव रहते हैं-मिलना-जुलना, बैठना, डांस करना। ऐसे में आराम सबसे बड़ी प्राथमिकता बन जाता है। Virat Kohli का स्टाइल इसका उदाहरण है, यह स्ट्रक्चर्ड लेकिन आरामदायक। क्योंकि आत्मविश्वास तभी टिकता है, जब कपड़े सहज हों। रिपीट करने से नहीं डरते रेड कार्पेट के उलट, निजी समारोहों में सेलेब्रिटी अपने पसंदीदा स्टाइल को दोहराने से नहीं हिचकते। Hrithik Roshan जैसे सितारे अक्सर सिंपल, एलिगेंट एथनिक वियर में नजर आते हैं। यही उनकी सिग्नेचर स्टाइल बन जाती है-हर बार थोड़ा अलग, लेकिन हमेशा पहचानी हुई। दिखने से ज्यादा ‘याद’ रहने पर फोकस सबसे बड़ा बदलाव मानसिकता में आता है। यहां न कैमरे होते हैं, न आलोचक-सिर्फ अपने लोग होते हैं। इसलिए कपड़े ‘इंप्रेस’ करने के लिए नहीं, बल्कि ‘मौके को जीने’ के लिए चुने जाते हैं। यही वजह है कि ये लुक्स ज्यादा ईमानदार और लंबे समय तक याद रहने वाले बनते हैं।  

surbhi अप्रैल 1, 2026 0
Youth showing stylish Urdu script tattoo on arm symbolizing emotions and artistic expression
भारत में युवाओं को क्यों पसंद आ रहे उर्दू टैटू? जानें इस ट्रेंड की असली वजह

भारत में टैटू का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है, खासकर युवाओं के बीच। इसी बीच एक नया ट्रेंड उभरकर सामने आया है-उर्दू शब्दों वाले टैटू। भले ही कई लोगों को उर्दू पढ़ना या लिखना न आता हो, लेकिन इसकी खूबसूरत लिखावट और स्टाइल उन्हें आकर्षित कर रही है। उर्दू की लिखावट क्यों है खास? उर्दू भाषा की घुमावदार और फ्लोइंग स्क्रिप्ट इसे बेहद कलात्मक बनाती है। अक्षरों का डिज़ाइन इसे अलग पहचान देता है देखने में सॉफ्ट और एलीगेंट लगता है टैटू के रूप में यह ज्यादा आर्टिस्टिक और यूनिक दिखता है सिर्फ डिजाइन नहीं, इमोशन भी टैटू एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कई लोग उर्दू टैटू को सिर्फ डिजाइन नहीं बल्कि इमोशनल एक्सप्रेशन के तौर पर चुनते हैं। किसी खास शब्द या फीलिंग को दर्शाने के लिए अपने करीबी लोगों के नाम लिखवाने के लिए यादों को स्थायी बनाने के लिए प्राइवेसी भी एक कारण कई युवा अपने पार्टनर का नाम या खास मैसेज उर्दू में इसलिए लिखवाते हैं क्योंकि: हर कोई इसे पढ़ नहीं पाता टैटू का मतलब एक तरह से पर्सनल और प्राइवेट बना रहता है इंटरनेट से बढ़ा ट्रेंड आजकल लोग टैटू बनवाने से पहले: गूगल या ट्रांसलेशन टूल का सहारा लेते हैं अलग-अलग उर्दू शब्दों का मतलब खोजते हैं हालांकि, कई बार गलत अनुवाद की वजह से गलत शब्द भी टैटू हो जाते हैं। आलोचना भी झेलनी पड़ती है कुछ लोगों को उर्दू टैटू बनवाने पर सवालों का सामना करना पड़ता है- “उर्दू ही क्यों?” “दूसरी भाषा क्यों नहीं?” लेकिन ज्यादातर लोग इसे अपनी पर्सनल चॉइस मानते हैं। रोजमर्रा में बढ़ता उर्दू का इस्तेमाल आजकल गानों, शायरी और बातचीत में भी उर्दू शब्दों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। भले ही लोग पहचान न पाएं, लेकिन उर्दू की मिठास और खूबसूरती उन्हें आकर्षित करती है।  

surbhi मार्च 31, 2026 0
Lalitpur zari silk saree with intricate handloom weaving and golden zari work on borders
Lalitpur Zari Silk Saree: करघों पर उतरती रेशमी खूबसूरती, बेमिसाल है बुंदेलखंड की ये कला

भारत की पारंपरिक टेक्सटाइल कला दुनिया भर में अपनी पहचान रखती है। बनारसी और कांजीवरम साड़ियों की तरह ही एक और खूबसूरत लेकिन कम चर्चित कला है-ललितपुर जरी सिल्क साड़ी। बुंदेलखंड क्षेत्र की यह खास साड़ी अपनी बारीक कारीगरी और शाही लुक के लिए जानी जाती है। विरासत से जुड़ी बुनाई की परंपरा ललितपुर, जो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा के पास स्थित है, अपने ऐतिहासिक धरोहर और हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध है। यहां के बुनकर परिवार पीढ़ियों से इस कला को संजोकर आगे बढ़ा रहे हैं। इस बुनाई की तकनीक घर-घर में सिखाई जाती है, जिससे इसकी पारंपरिक पहचान आज भी बरकरार है। जरी और सिल्क का शानदार मेल ललितपुर की साड़ियों की सबसे बड़ी खासियत है: मुलायम रेशमी कपड़ा (Silk) किनारों और पल्लू पर बारीक जरी का काम यह कॉम्बिनेशन साड़ी को देता है रॉयल और एलिगेंट लुक, जो खास मौकों के लिए परफेक्ट माना जाता है। डिजाइन में झलकती है संस्कृति इन साड़ियों पर बने डिजाइन किसी आम पैटर्न से नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपरा से प्रेरित होते हैं: मंदिरों की वास्तुकला प्राकृतिक आकृतियां पारंपरिक मोटिफ रंगों में अक्सर सुनहरा और चांदी जैसा टोन इस्तेमाल किया जाता है, जिससे जरी की चमक और निखरकर सामने आती है। क्यों है खास? हस्तकरघा (Handloom) से तैयार मजबूत और टिकाऊ कपड़ा हर साड़ी में यूनिक कारीगरी पारंपरिक और आधुनिक लुक का बेहतरीन मिश्रण

surbhi मार्च 31, 2026 0
Unhealthy lifestyle habits like stress, poor sleep and screen time causing premature ageing signs
Causes Of Premature Ageing: ये 8 आदतें बना रही हैं आपको समय से पहले बूढ़ा

आजकल लोग फिट रहने के लिए जिम, डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल पर ध्यान दे रहे हैं, लेकिन रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी आदतें ऐसी हैं, जो चुपचाप एजिंग प्रोसेस को तेज कर रही हैं। उम्र बढ़ना सिर्फ चेहरे की झुर्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर के अंदर सेल्स के स्तर पर भी असर डालता है। आइए जानते हैं वो 8 आदतें, जो आपको समय से पहले बूढ़ा बना रही हैं- 1. लंबे समय तक बैठे रहना रोज 8 घंटे से ज्यादा बैठना स्मोकिंग जितना खतरनाक हो सकता है। इससे मेटाबॉलिज्म धीमा होता है और एजिंग तेजी से बढ़ती है। 2. नींद की कमी कम नींद लेने से शरीर सही से रिपेयर नहीं हो पाता, जिससे स्किन, इम्यूनिटी और दिमाग पर असर पड़ता है। 3. लगातार तनाव में रहना लंबे समय तक तनाव रहने से कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो झुर्रियों और कई बीमारियों का कारण बनता है। 4. ज्यादा स्क्रीन टाइम मोबाइल और लैपटॉप का अधिक इस्तेमाल नींद के चक्र को बिगाड़ता है और स्किन को नुकसान पहुंचाता है। 5. पानी कम पीना डिहाइड्रेशन से स्किन ड्राई और बेजान हो जाती है और शरीर के जरूरी फंक्शन धीमे पड़ जाते हैं। 6. ज्यादा चीनी और प्रोसेस्ड फूड अधिक शुगर से शरीर में ग्लाइकेशन बढ़ता है, जिससे स्किन की इलास्टिसिटी कम होती है और झुर्रियां जल्दी आती हैं। 7. स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से दूरी मसल्स उम्र के साथ कम होते हैं। एक्सरसाइज न करने से शरीर कमजोर और सुस्त हो जाता है। 8. सोशल कनेक्शन की कमी अकेलापन और सामाजिक दूरी मेंटल हेल्थ पर असर डालती है और समय से पहले एजिंग का कारण बन सकती है। कैसे बचें इन आदतों से? रोजाना 60 मिनट फिजिकल एक्टिविटी करें 7–8 घंटे की नींद लें स्ट्रेस मैनेज करें (योग/मेडिटेशन) पानी ज्यादा पिएं हेल्दी डाइट अपनाएं स्क्रीन टाइम सीमित करें दोस्तों और परिवार से जुड़े रहें

surbhi मार्च 31, 2026 0
Trendy cut work design on a simple women's suit, giving a boutique and stylish look.
सिंपल सूट को दें बुटीक वाला लुक! ट्राई करें ये ट्रेंडी ‘कट वर्क’ डिजाइन, हर कोई करेगा तारीफ

आज के समय में हर महिला चाहती है कि उसका लुक सिंपल होने के बावजूद स्टाइलिश और अलग दिखे। सूट एक ऐसा आउटफिट है जो हर मौके-ऑफिस, कॉलेज, फंक्शन या कैजुअल डे आउट-के लिए परफेक्ट माना जाता है। लेकिन कई बार साधारण सूट में वो “डिजाइनर टच” नहीं होता, जो उसे खास बना सके। ऐसे में कट वर्क डिजाइन आपके सिंपल सूट को भी मिनटों में बुटीक जैसा लुक दे सकता है। यह न सिर्फ आपके आउटफिट को आकर्षक बनाता है, बल्कि आपके स्टाइल को भी एक नया ट्विस्ट देता है। क्यों ट्रेंड में है कट वर्क डिजाइन? कट वर्क डिजाइन इन दिनों फैशन इंडस्ट्री में काफी ट्रेंड कर रहा है क्योंकि: यह सिंपल कपड़ों को भी रिच और डिटेल्ड लुक देता है ज्यादा हैवी एम्ब्रॉयडरी के बिना भी स्टाइलिश फील आता है हर उम्र और हर मौके के लिए आसानी से कैरी किया जा सकता है इन जगहों पर करवाएं कट वर्क और बदलें पूरा लुक 1. फ्रंट पैनल कट वर्क सूट के फ्रंट में फ्लोरल, पत्तीदार या ज्योमेट्रिक डिजाइन ✔ सिंपल सूट लगेगा पार्टी वियर ✔ फर्स्ट इम्प्रेशन होगा शानदार 2. साइड स्लिट कट वर्क साइड स्लिट पर हल्का या फैंसी कट वर्क ✔ स्ट्रेट कुर्तों में देता है शार्प लुक ✔ वॉक करते समय आता है फ्लो और स्टाइल 3. फैंसी बैक कट वर्क बैक पर हार्ट, राउंड या डिजाइनर शेप ✔ फंक्शन और पार्टी में बनेगा सेंटर ऑफ अट्रैक्शन ✔ पीछे से भी मिलेगा स्टाइलिश लुक 4. नेकलाइन कट वर्क बोट नेक, डीप नेक या राउंड नेक पर डिजाइन ✔ चेहरे को देता है एलिगेंट फ्रेम ✔ मिनिमल में भी दिखेगा क्लासी 5. फ्रंट मिड स्लिट डिजाइन बीच में स्लिट और किनारों पर कट वर्क ✔ ट्रेंडी और मॉडर्न अपील ✔ इंडो-वेस्टर्न लुक के लिए परफेक्ट 6. स्लीव्स कट वर्क फुल या ¾ स्लीव्स पर कट वर्क ✔ सिंपल सूट में जोड़ता है डिटेलिंग ✔ नेट या कॉटन फैब्रिक पर दिखता है खास 7. दामन और दुपट्टा कट वर्क हेमलाइन और दुपट्टे पर बॉर्डर डिजाइन ✔ पूरा आउटफिट लगेगा रॉयल ✔ शादी या फेस्टिव वियर के लिए बेस्ट कौन-सा फैब्रिक और कलर चुनें? कॉटन और रेयॉन: डेली वियर के लिए बेस्ट जॉर्जेट और शिफॉन: पार्टी लुक के लिए परफेक्ट नेट फैब्रिक: कट वर्क को और हाइलाइट करता है रंगों में पेस्टल, व्हाइट, ब्लैक और डीप टोन (मैरून, नेवी) कट वर्क के साथ ज्यादा उभरकर आते हैं। ध्यान रखने वाली जरूरी बातें बहुत ज्यादा कट वर्क न करवाएं, वरना लुक ओवर हो सकता है फैब्रिक मजबूत हो, ताकि कट वर्क साफ दिखे आउटफिट के हिसाब से डिजाइन चुनें (डेली vs पार्टी) सही टेलर या बुटीक का चुनाव बेहद जरूरी है

surbhi मार्च 30, 2026 0
Trendy sunglasses on an oval face highlighting stylish frames
Trendy Sunglasses for Oval Face: ओवल फेस है तो ये स्टाइल ट्राई करें, मिनटों में बदल जाएगा लुक

अगर आपका फेस शेप ओवल (Oval) है, तो आप वाकई लकी हैं। इस फेस शेप पर लगभग हर तरह के सनग्लास अच्छे लगते हैं, लेकिन कुछ खास स्टाइल ऐसे होते हैं जो आपके लुक को और ज्यादा शार्प, स्टाइलिश और ट्रेंडी बना देते हैं।  सबसे पहले पहचानें अपना फेस शेप मिरर के सामने खड़े होकर बाल पीछे करें चेहरे की आउटलाइन बनाएं अगर चेहरा हल्का लंबा और नीचे की तरफ टेपर है → आपका फेस ओवल है   ओवल फेस के लिए बेस्ट सनग्लास स्टाइल 1. एंगल्ड और स्क्वायर फ्रेम ओवल फेस में सॉफ्ट कर्व्स होते हैं, इसलिए स्क्वायर या रेक्टेंगुलर फ्रेम चेहरे को स्ट्रक्चर देते हैं ✔ शार्प लुक ✔ क्लासी और कॉन्फिडेंट स्टाइल 2. ओवरसाइज्ड सनग्लासेस ओवल फेस पर बड़े फ्रेम बेहद आसानी से सूट करते हैं ✔ बोल्ड और अट्रैक्टिव लुक ✔ बिना मेहनत के स्टाइलिश वाइब 3. जियोमेट्रिक फ्रेम (Hexagon/Octagon) अगर आप एक्सपेरिमेंट करना पसंद करते हैं ✔ यूनिक और मॉडर्न लुक ✔ फेस में कॉन्ट्रास्ट add करता है 4. कैट-आई सनग्लासेस ✔ आंखों और गालों को हाइलाइट ✔ फेस को लिफ्टेड लुक ✔ रेट्रो + फेमिनिन स्टाइल  

surbhi मार्च 30, 2026 0
Ranveer Singh in Pathani kurta showcasing royal and rugged look in Dhurandhar film
रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ ने फिर जगाई पठानी कुर्ते की शान, लेकिन इतिहास में छिपी है एक विवादित परत

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता Ranveer Singh की फिल्म धुरंधर इन दिनों सिर्फ अपनी कहानी और एक्शन के लिए ही नहीं, बल्कि अपने दमदार विजुअल स्टाइल और कॉस्ट्यूम्स के कारण भी चर्चा में है। फिल्म में रणवीर सिंह की एंट्री जैसे ही स्क्रीन पर होती है, दर्शकों का ध्यान उनकी शाही पर्सनालिटी के साथ-साथ उनके सादगी भरे लेकिन प्रभावशाली पठानी कुर्ता लुक पर टिक जाता है। फिल्म में उनका लंबा बालों वाला रफ-एंड-रॉयल अवतार, गहरी नजरें और सादा पठानी सूट—सब मिलकर एक ऐसी ताकतवर छवि गढ़ते हैं जो बिना कुछ कहे ही अपना प्रभाव छोड़ देती है। यही वजह है कि धुरंधर के साथ पठानी कुर्ता एक बार फिर फैशन और पॉप कल्चर के केंद्र में आ गया है। शक्ति और सादगी का प्रतीक बना पठानी कुर्ता पठानी कुर्ता हमेशा से एक ऐसे पहनावे के रूप में देखा गया है जो व्यक्तित्व से पहले कमरे में प्रवेश करता है। चौड़े कंधे, बिना किसी दिखावे के डिजाइन और एक शांत लेकिन मजबूत उपस्थिति—बॉलीवुड में इसे अक्सर सत्ता और प्रभुत्व के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया गया है। इतिहास की परतें: सिर्फ फैशन नहीं, एक सांस्कृतिक कहानी हालांकि आज यह पहनावा स्टाइल और पुरुषत्व का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इसकी जड़ें काफी गहरी और जटिल हैं। पठानी कुर्ता मूल रूप से पश्तून समुदाय के पारंपरिक पहनावे पराहन-तुनबान (Perahan Tunban) से विकसित हुआ है, जो कठिन परिस्थितियों, लंबी यात्राओं और युद्ध जैसी स्थितियों के लिए बनाया गया था। 19वीं सदी के दौरान, जब Maharaja Ranjit Singh का साम्राज्य उत्तर-पश्चिमी सीमाओं तक फैला, तब Hari Singh Nalwa जैसे सेनापति अपनी वीरता और सख्ती के लिए जाने जाते थे। उस दौर की लोककथाओं में यह भी कहा जाता है कि सैन्य दबाव के कारण स्थानीय लोगों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए पहनावे में बदलाव किए। कुछ कहानियों में यह भी उल्लेख मिलता है कि बच्चों को डराने के लिए “हरि सिंह नलवा आ गया” जैसी बातें कही जाती थीं—जो उस समय की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों को दर्शाती हैं। समय के साथ बदला रूप, पर कायम रहा प्रभाव धीरे-धीरे यह पहनावा सीमाओं को पार कर भारतीय उपमहाद्वीप में लोकप्रिय हुआ और आज के आधुनिक पठानी कुर्ता-पायजामा के रूप में विकसित हुआ। कॉटन या सिल्क से बने इस आउटफिट की खासियत हमेशा उसकी सादगी, आराम और मजबूत व्यक्तित्व को दर्शाने वाली बनावट रही है। ‘धुरंधर’ में फिर दिखा दमदार अंदाज़ धुरंधर में रणवीर सिंह के साथ Sanjay Dutt और Akshaye Khanna भी पठानी कुर्ता पहने नजर आते हैं। यह सिर्फ उस दौर की फैशन झलक नहीं देता, बल्कि उनके किरदारों की कार्यशैली और व्यक्तित्व को भी मजबूती से प्रस्तुत करता है। कॉस्ट्यूम डिजाइनर स्मृति चौहान ने इस लुक को बिना किसी अतिरिक्त सजावट के बेहद प्रभावी तरीके से पेश किया है—जहां पुरुषत्व दिखावे से नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और व्यक्तित्व से झलकता है। फिर क्यों खास है यह वापसी? बॉलीवुड में पठानी कुर्ता पहले भी दिख चुका है—Shah Rukh Khan ने डंकी और रईस जैसी फिल्मों में इसे पहना था। लेकिन धुरंधर की जबरदस्त लोकप्रियता ने इसे एक बार फिर ट्रेंड में ला दिया है। इस वापसी की खास बात यह है कि यह पहनावा समय के साथ जेंडर सीमाओं को भी पार कर चुका है। एक दौर में सलवार-कमीज जैसे आउटफिट पुरुष और महिलाएं दोनों पहनते थे, जिसे बाद में आधुनिक फैशन ने अलग-अलग श्रेणियों में बांट दिया।  

kalpana मार्च 26, 2026 0
Well-dressed man showcasing minimalist and elegant wardrobe style
जागरूक पुरुष की वॉर्डरोब क्यों बन जाती है आकर्षण का केंद्र – एक गहराई से समझने वाली कहानी

दिल्ली की एक सर्द शाम का वह दृश्य आज भी याद किया जाता है, जब एक साधारण से लगने वाले समारोह में अचानक एक महिला की नजरें ठहर गईं। न कोई बड़ा प्रवेश, न कोई शोर—बस एक व्यक्ति अंदर आया, शांत तरीके से अपने दस्ताने उतारे और मेज़बान से हाथ मिलाया। लेकिन उसकी मौजूदगी में कुछ अलग था। उसके कपड़े महज कपड़े नहीं थे—वे उसकी समझ, उसकी सादगी और उसकी पहचान का विस्तार थे। महिला ने सहज ही पूछा, “यह कौन है?” जवाब किसी के पास नहीं था। यह कहानी सिर्फ फैशन की नहीं, बल्कि उस ‘जागरूकता’ की है, जो किसी पुरुष की वॉर्डरोब को साधारण से असाधारण बना देती है।   कपड़े नहीं, व्यक्तित्व की भाषा अक्सर पुरुष कपड़े सिर्फ जरूरत या ट्रेंड के आधार पर चुनते हैं। लेकिन जो पुरुष सच में जागरूक होते हैं, वे कपड़ों को एक भाषा की तरह समझते हैं—एक ऐसी भाषा जो बिना बोले बहुत कुछ कह देती है। उनकी वॉर्डरोब में हर चीज़ का एक उद्देश्य होता है। यह दिखावे के लिए नहीं, बल्कि उनके भीतर की स्पष्टता को बाहर लाने का माध्यम बन जाती है।   1. कपड़ों के कपड़े की समझ जागरूक पुरुष फैब्रिक को सिर्फ दिखावट से नहीं, उसके गुणों से पहचानते हैं। लिनन गर्मी को संतुलित करता है और सहजता देता है ऊन शरीर को स्थिरता और गरिमा देता है कश्मीरी कपड़ा आराम और संतुलन का अनुभव देता है वहीं सिंथेटिक कपड़े अक्सर असहजता और कृत्रिमता का एहसास देते हैं। जब कोई पुरुष इस स्तर पर समझ विकसित करता है, तो उसके चलने, बैठने और व्यवहार में एक अलग ही आत्मविश्वास झलकता है—जिसे महिलाएं तुरंत महसूस कर लेती हैं।   2. माहौल के अनुसार पहनावा जागरूक पुरुष हर जगह एक जैसे कपड़े नहीं पहनते। वे स्थान, मौसम और समय के अनुसार खुद को ढालते हैं। गोवा का हल्का लिनन और दिल्ली की ठंड का भारी कोट—दोनों की अपनी जगह है। यह समझ उन्हें हर माहौल में सहज और ‘फिट’ बनाती है। और यही चीज़ उन्हें अलग बनाती है।   3. समय के साथ निखरती चीज़ें आज के दौर में लोग हर चीज़ को नया रखना चाहते हैं। लेकिन समझदार पुरुष ‘पुरानेपन की खूबसूरती’ को पहचानते हैं। पुराना चमड़ा जो समय के साथ और बेहतर दिखता है जींस जो पहनने के साथ अपनी कहानी कहती है कोट जो शरीर के हिसाब से ढल जाता है ये चीज़ें सिर्फ वस्त्र नहीं, बल्कि अनुभव बन जाती हैं—और यही अनुभव आकर्षण पैदा करता है।   4. स्पर्श और एहसास की भाषा महिलाएं केवल देखने से नहीं, महसूस करके भी निर्णय लेती हैं। कपड़े का स्पर्श, उसकी गर्माहट, उसकी मुलायमता—ये सब भावनात्मक असर छोड़ते हैं। जब कोई पुरुष इस बात को समझकर कपड़े चुनता है, तो उसकी मौजूदगी खुद एक आरामदायक माहौल बना देती है।   5. आत्मविश्वास और आंतरिक संतुलन सबसे खास बात यह है कि जागरूक पुरुष दूसरों को प्रभावित करने के लिए नहीं, बल्कि खुद के लिए कपड़े पहनते हैं। उनकी वॉर्डरोब में दिखावा नहीं, सादगी और संतुलन होता है। और यही सादगी उन्हें सबसे अलग बनाती है। महिलाएं इसे ‘भावनात्मक स्थिरता’ के रूप में देखती हैं।  

kalpana मार्च 26, 2026 0
Summer Skincare Home Remedies
महंगे प्रोडक्ट्स नहीं, गर्मियों में इन नेचुरल चीजों से पाएं ग्लोइंग स्किन

नई दिल्ली, एजेंसियां। गर्मी के मौसम में तेज धूप, पसीना और धूल की वजह से त्वचा डल और थकी-थकी लगने लगती है। इसके साथ ही पिंपल्स, रैशेज और टैनिंग जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। ऐसे में चेहरे की क्लींजिंग बेहद जरूरी हो जाती है। मार्केट में महंगे फेस वॉश उपलब्ध हैं, लेकिन नेचुरल चीजों का इस्तेमाल करने से आप बिना रसायन के भी चमकदार और हेल्दी स्किन पा सकते हैं।   दही एक बेहतरीन क्लींजर हैं  डेली स्किन केयर में दही एक बेहतरीन क्लींजर का काम करता है। दही चेहरे की गहराई से सफाई करता है और नमी भी देता है। ड्राई स्किन वालों के लिए इसमें थोड़ी मात्रा में शहद और हल्दी मिलाकर 2 मिनट तक हल्की मसाज करें। इससे रंगत में सुधार आता है और टैनिंग कम होती है।डेड स्किन हटाने और पोर्स की सफाई के लिए एलोवेरा और ओटमील पेस्ट बनाकर चेहरे पर सर्कुलर मोशन में मसाज करें। इसके लिए एलोवेरा जेल, ओटमील पाउडर और थोड़ा कच्चा दूध मिलाएं। हर स्किन टाइप के लिए बेसन, शहद, एलोवेरा और गुलाबजल का मिश्रण भी उपयुक्त है। इसे पेस्ट बनाकर हल्की मसाज के साथ चेहरे पर लगाएं और फिर पानी से धो लें।   गर्मियों में निखार बढ़ाने ये सारे चीजे करें इस्तेमाल  गर्मियों में निखार बढ़ाने के लिए बेसन, कस्तूरी हल्दी, मुल्तानी मिट्टी, चावल का आटा और चंदन पाउडर बराबर मात्रा में मिलाएं, लेकिन चंदन और बेसन को डबल रखें। इस मिश्रण को एयर-टाइट कंटेनर में रखें और उपयोग के समय गुलाबजल या दूध मिलाकर पेस्ट बनाएं।इन नेचुरल फेस वॉश के इस्तेमाल से न सिर्फ त्वचा साफ और चमकदार बनती है, बल्कि स्किन पर होने वाली टैनिंग और डलनेस की समस्या भी कम होती है। नियमित उपयोग से आपको महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत महसूस नहीं होगी।

Juli Gupta मार्च 25, 2026 0
Sunscreen Usage in Summer
गर्मियों में सनस्क्रीन का सही इस्तेमाल: जानें सही टाइप और बार-बार लगाने का सही तरीका

नई दिल्ली, एजेंसियां। गर्मियों का मौसम शुरू हो चुका है और तेज धूप में त्वचा की सुरक्षा करना बेहद जरूरी है। सूरज की किरणों में मौजूद UV (अल्ट्रावॉयलेट) किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे सनबर्न, झुर्रियां, टैनिंग और यहां तक कि स्किन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सनस्क्रीन का सही चुनाव और नियमित उपयोग त्वचा की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।   सनस्क्रीन के फायदे डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. आशा सकलानी बताती हैं कि सनस्क्रीन लगाने से धूप से होने वाली जलन, लालिमा और सूजन से बचाव होता है। यह झुर्रियों और टैनिंग को भी नियंत्रित करता है और लंबे समय तक त्वचा को UV किरणों के नुकसान से बचाता है।   सही सनस्क्रीन का चुनाव 1. ब्रॉड-स्पेक्ट्रम SPF – यह UVA और UVB दोनों किरणों से सुरक्षा प्रदान करता है।  2. SPF 30 या अधिक – कम से कम SPF 30 का सनस्क्रीन चुनें, जो लगभग 97% UV किरणों को रोकता है।  3. त्वचा के प्रकार के अनुसार –  4. ऑयली स्किन: जेल-बेस्ड या मैट फिनिश वाले प्रोडक्ट।  5 . ड्राई स्किन: क्रीम या मॉइस्चराइजर बेस्ड सनस्क्रीन।  6 . सेंसिटिव स्किन: मिनरल सनस्क्रीन जैसे जिंक ऑक्साइड या टाइटेनियम डाइऑक्साइड युक्त।    सनस्क्रीन लगाने का सही तरीका   समय: बाहर निकलने से कम से कम 20 मिनट पहले।  लगाने का तरीका: चेहरे के साथ-साथ गर्दन, हाथ और पैरों जैसे सभी धूप-संपर्क वाले हिस्सों पर।  बार-बार लगाना: हर 2-3 घंटे में दोबारा लगाएं। अगर पसीना अधिक आता है या स्विमिंग कर रहे हैं, तो और बार लगाएं।  गर्मियों में नियमित और सही प्रकार की सनस्क्रीन का उपयोग त्वचा को स्वस्थ, सुरक्षित और युवा बनाए रखने में मदद करता है। समय पर सुरक्षा कवच अपनाकर आप धूप के हानिकारक प्रभावों से बच सकते हैं।

Juli Gupta मार्च 25, 2026 0
Stylish man in spring outfit wearing light jacket, chinos, sneakers and sunglasses outdoors
Spring Fashion Guide for Men: बदलते मौसम में स्टाइल और कम्फर्ट का परफेक्ट बैलेंस

जैसे ही सर्दियों की ठंडक विदा लेती है और वसंत ऋतु दस्तक देती है, वैसे ही फैशन की दुनिया में भी नए ट्रेंड्स और फ्रेश स्टाइल्स का आगाज़ हो जाता है। यह मौसम सिर्फ मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि आपके वार्डरोब को अपडेट करने का भी सही समय है। स्प्रिंग का मौसम अपने साथ हल्की गर्मी और ठंडी शामों का अनोखा मिश्रण लेकर आता है। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती होती है-क्या पहनें और कैसे लेयरिंग करें। अगर आप भी रोज सुबह इसी उलझन में पड़ जाते हैं, तो यह गाइड आपके लिए बेहद काम की है। 1. Lightweight Jackets: लेयरिंग का स्मार्ट तरीका स्प्रिंग के लिए हल्के जैकेट्स सबसे जरूरी फैशन पीस हैं। कॉरडरॉय या डार्क डेनिम जैकेट न सिर्फ स्टाइलिश लगते हैं बल्कि बदलते मौसम में आपको आराम भी देते हैं। न्यूट्रल रंग चुनें ताकि आप इन्हें अलग-अलग आउटफिट्स के साथ आसानी से मैच कर सकें। 2. Breathable Shirts: आराम और स्टाइल साथ-साथ मौसम के उतार-चढ़ाव को देखते हुए लिनेन या चेम्ब्रे फैब्रिक की शर्ट्स बेहतरीन विकल्प हैं। दिन के लिए हल्के पेस्टल शेड्स और शाम के लिए डार्क रंग जैसे नेवी ब्लू या चॉकलेट ब्राउन चुनें। यह आपको बिना ज्यादा मेहनत के स्टाइलिश लुक देगा। 3. Stylish Chinos: क्लासी और कंफर्टेबल अगर आप ट्राउजर से कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं, तो चिनोज एक परफेक्ट विकल्प हैं। हल्के और अच्छी फिटिंग वाले चिनोज आपको कूल और पॉलिश्ड लुक देते हैं। इन्हें आप ब्लेजर के साथ फॉर्मल और कैजुअल शर्ट के साथ रिलैक्स्ड लुक में पहन सकते हैं। 4. Comfortable Sneakers: हल्का और ट्रेंडी फुटवियर भारी बूट्स को अलविदा कहने का समय आ गया है। स्प्रिंग में व्हाइट या न्यूट्रल स्नीकर्स सबसे ज्यादा वर्सेटाइल होते हैं। ये लगभग हर आउटफिट के साथ फिट बैठते हैं और पूरे दिन आराम भी देते हैं। 5. Sunglasses: स्टाइल का फाइनल टच धूप के बढ़ते असर के साथ एक स्टाइलिश सनग्लासेस जरूरी हो जाता है। अपने फेस शेप के हिसाब से सही फ्रेम चुनें। वेफेयरर या स्लिक फ्रेम्स स्प्रिंग के लिए परफेक्ट माने जाते हैं, जो आपके लुक को तुरंत अपग्रेड कर देते हैं।  

surbhi मार्च 25, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट घोषित, अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, 958 उम्मीदवार सफल

UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)   भारतीय पुलिस सेवा (IPS)   भारतीय विदेश सेवा (IFS)   भारतीय राजस्व सेवा (IRS)   भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं   979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं   होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें   “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं   Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें   मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी   Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें   15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98   EWS: 85.92   OBC: 87.28   SC: 79.03   ST: 74.23   आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज

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