अगर आपका चेहरा चौकोर आकार का है और आप अपने लुक को थोड़ा सॉफ्ट, बैलेंस्ड और ज्यादा आकर्षक बनाना चाहती हैं, तो सही हेयरस्टाइल काफी फर्क डाल सकती है। हेयरस्टाइलिस्ट के मुताबिक, ऐसे चेहरे पर लेयर्स, वेव्स, कर्ल्स और असिमेट्रिकल कट्स चेहरे की मजबूत जॉलाइन को सॉफ्ट लुक देने में मदद करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि चौकोर चेहरे में माथा, चीकबोन्स और जॉलाइन लगभग समान चौड़ाई के हो सकते हैं। इसलिए ऐसे हेयरस्टाइल बेहतर माने जाते हैं जो चेहरे के आसपास मूवमेंट और टेक्सचर जोड़ें। चौकोर चेहरे पर कौन-सी लंबाई अच्छी लगती है? लंबे बालों में बड़े कर्ल्स और शोल्डर-लेंथ वेव्स चेहरे को थोड़ा लंबा दिखा सकते हैं। वहीं पिक्सी कट जैसे छोटे हेयरस्टाइल भी अच्छे लग सकते हैं, बशर्ते उनमें सही टेक्सचर और वॉल्यूम हो। राउंडेड बॉब भी एक अच्छा विकल्प है क्योंकि इसका घुमावदार आकार जॉलाइन की शार्पनेस को बैलेंस करता है। चौकोर चेहरे के लिए 13 शानदार हेयरस्टाइल 1. टसल्ड बॉब ठोड़ी से थोड़ा नीचे तक आने वाला टसल्ड बॉब मजबूत जॉलाइन को सॉफ्ट और बैलेंस्ड दिखाता है। करीना कपूर खान का यह लुक इसका अच्छा उदाहरण है। 2. मिनी ब्रेड्स वाला बन स्लीक बन के साथ छोटे ब्रेड्स चेहरे के ऊपरी हिस्से पर ध्यान आकर्षित करते हैं और चीकबोन्स को उभारते हैं। 3. स्लीक ब्लो-ड्राई मिडिल पार्टिंग के साथ स्लीक ब्लो-ड्राई चौकोर चेहरे की प्राकृतिक सिमेट्री को खूबसूरती से सामने लाता है। हल्की लेयर्स बालों में मूवमेंट बनाए रखती हैं। 4. हाफ-अप, हाफ-डाउन बन ऊपर का हिस्सा थोड़ा उठाकर और बाकी बाल खुले रखने से चेहरे को ऊंचाई मिलती है। सॉफ्ट वेव्स इस लुक को और ज्यादा आकर्षक बनाती हैं। 5. मेसी वेव्स रिलैक्स्ड और हल्की बिखरी हुई वेव्स चेहरे की स्ट्रॉन्ग लाइन्स को सॉफ्ट बनाती हैं। यह कैजुअल से लेकर पार्टी लुक तक आसानी से काम कर सकती हैं। 6. रेट्रो बॉब फ्लिप्ड-अप एंड्स और सॉफ्ट बैंग्स वाला रेट्रो बॉब चौकोर चेहरे पर बेहद एलिगेंट लग सकता है। यह क्लासिक और मॉडर्न दोनों का अच्छा मिश्रण है। 7. साइड-स्वेप्ट लेंथ्स लंबे बालों को एक तरफ स्वीप करने से चेहरे की चौड़ाई बैलेंस होती है। हल्की वेव्स या कर्ल्स इस स्टाइल को और बेहतर बनाते हैं। 8. पिन्ड-अप कर्ल्स कर्ल्स को पीछे की ओर ट्विस्ट करके बन में पिन करें और सामने कुछ लटें खुली छोड़ें। इससे चेहरे के आसपास सॉफ्ट फ्रेम बनता है। 9. बॉम्बशेल कर्ल्स बड़े, वॉल्यूमिनस कर्ल्स चौकोर चेहरे को खूबसूरत और ग्लैमरस लुक देते हैं। कर्ल्स को ब्रश करके उनमें सॉफ्टनेस और अतिरिक्त वॉल्यूम पाया जा सकता है। 10. किस-कर्ल पिक्सी अगर आप छोटे बाल पसंद करती हैं तो टेक्सचर्ड पिक्सी कट अच्छा विकल्प है। क्राउन पर वॉल्यूम और सामने छोटा किस-कर्ल इसे रेट्रो टच देता है। 11. वुल्फ कट फेस-फ्रेमिंग लेयर्स वाला वुल्फ कट बालों में टेक्सचर और मूवमेंट जोड़ता है। यह चौकोर चेहरे की मजबूत लाइन्स को बैलेंस करने में मदद करता है। 12. वेट-लुक साइड पार्ट साइड पार्टिंग के साथ स्लीक वेट-लुक बाल चेहरे की खूबसूरती को उभारता है। वेवी या कर्ली बालों पर भी इसे आसानी से अपनाया जा सकता है। 13. रोमांटिक बॉब बॉब कट के साथ बड़े सॉफ्ट रिंगलेट्स एक बेहद फेमिनिन और एलिगेंट लुक देते हैं। खासकर शाम की पार्टी या खास अवसरों के लिए यह स्टाइल शानदार विकल्प है। चौकोर चेहरे पर किस तरह के बैंग्स अच्छे लगते हैं? सॉफ्ट और फेस-फ्रेमिंग बैंग्स ज्यादा आकर्षक माने जाते हैं। कर्टेन बैंग्स, साइड-स्वेप्ट बैंग्स, विस्पी बैंग्स और बिरकिन बैंग्स अच्छे विकल्प हो सकते हैं। इसके विपरीत बहुत मोटे और ब्लंट बैंग्स चेहरे की जॉलाइन को और ज्यादा शार्प दिखा सकते हैं। एक्सपर्ट टिप चौकोर चेहरे के लिए सबसे जरूरी बात है कि हेयरकट में बहुत ज्यादा भारी और सीधी लाइनें जॉलाइन के आसपास न हों। लेयर्स, कर्ल्स, वेव्स और टेक्सचर चेहरे को सॉफ्ट और संतुलित लुक देने में मदद कर सकते हैं।
करिश्मा कपूर एक बार फिर अपने शानदार फैशन लुक से सुर्खियों में हैं। इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5 में नजर आईं अभिनेत्री ने डिजाइनर रिद्धि मेहरा का चेरी-रेड कॉन्सेप्चुअल साड़ी-गाउन पहना, जिसमें पारंपरिक भारतीय परिधान और मॉडर्न ईवनिंग वियर का खूबसूरत मेल देखने को मिला। इस लुक की सबसे खास बात इसका असिमेट्रिक ड्रेप था। साड़ी का पल्लू सामान्य बंगाली या गुजराती अंदाज में पहनने के बजाय शरीर के चारों ओर लपेटा गया था, जबकि दूसरा हिस्सा लंबी फ्लोइंग पैनल की तरह नीचे गिरता नजर आया। नीचे की बारीकी से की गई प्लीटिंग ने आउटफिट को गाउन जैसा सिल्हूट दिया। ब्लाउज की जगह पहना स्ट्रक्चर्ड कॉर्सेट करिश्मा ने पारंपरिक ब्लाउज की जगह स्वीटहार्ट नेकलाइन वाला स्ट्रक्चर्ड कॉर्सेट चुना। इसके किनारे पर क्रिस्टल डिटेलिंग ने पूरे लुक को ग्लैमरस टच दिया। चेरी-रेड रंग ने आउटफिट को और भी आकर्षक बनाया और करिश्मा की उस फैशन पसंद को दोहराया, जिसमें वह अलग-अलग मौकों पर रेड के शेड्स में नजर आती रही हैं। डायमंड और रूबी ज्वेलरी से पूरा किया लुक स्टाइलिस्ट अमी पटेल ने ज्वेलरी को काफी सोच-समझकर स्टाइल किया। करिश्मा ने डायमंड और जेमस्टोन ईयररिंग्स के साथ कई रिंग्स पहनीं। हाथों और कलाई पर रूबी टेनिस ब्रेसलेट, डायमंड ब्रेसलेट और गोल्ड बैंगल्स का स्टैक उनके लुक का खास हिस्सा रहा। ज्वेलरी की लेयरिंग ने आउटफिट को ओवरड्रेस्ड बनाए बिना लक्जरी फिनिश दी। मेकअप रहा सॉफ्ट और एलिगेंट करिश्मा ने बालों को सेंटर पार्टिंग के साथ खुले और स्लीक ब्लो-ड्राय स्टाइल में रखा। आंखों पर ब्राउन आईलाइनर से हल्का विंग बनाया गया, जबकि न्यूड लिप्स ने मेकअप को सॉफ्ट और बैलेंस्ड रखा। कुल मिलाकर, करिश्मा का यह लुक दिखाता है कि पारंपरिक साड़ी को कॉर्सेट, असिमेट्रिक ड्रेपिंग और स्टेटमेंट ज्वेलरी के साथ जोड़कर उसे पूरी तरह मॉडर्न ईवनिंग आउटफिट बनाया जा सकता है। यह स्टाइल डेस्टिनेशन कॉकटेल पार्टी से लेकर इंटिमेट सेलिब्रेशन और फॉर्मल ईवनिंग इवेंट तक के लिए शानदार विकल्प बन सकता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। मानसून में बढ़ी हुई नमी का असर त्वचा के साथ-साथ बालों और स्कैल्प पर भी पड़ता है। इस मौसम में बाल चिपचिपे होने, डैंड्रफ, खुजली और हेयर फॉल की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि बारिश के मौसम में नारियल तेल लगाना चाहिए या नहीं। विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून में नारियल तेल पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, तेल की मात्रा और लगाने का तरीका स्कैल्प की स्थिति के अनुसार तय करना जरूरी है। क्या बारिश में नारियल तेल लगा सकते हैं? सामान्य तौर पर मानसून में बालों में नारियल तेल लगाया जा सकता है। नारियल तेल बालों की नमी बनाए रखने और बालों के शाफ्ट को होने वाले कुछ नुकसान को कम करने में मदद कर सकता है। यह बालों में प्रोटीन लॉस को कम करने में भी सहायक हो सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि नारियल तेल हर तरह के हेयर फॉल का इलाज है। बाल झड़ने के पीछे तनाव, हार्मोनल बदलाव, पोषण की कमी, आनुवंशिक कारण और स्कैल्प से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। क्या नारियल तेल लगाने से बाल ज्यादा झड़ते हैं? सीधे तौर पर नारियल तेल को बाल झड़ने का सामान्य कारण नहीं माना जाता। लेकिन अगर किसी व्यक्ति की स्कैल्प पहले से ऑयली है या उसे डैंड्रफ और फंगल समस्या है, तो अधिक मात्रा में तेल लगाने से परेशानी बढ़ सकती है। तेल लगाने के बाद अगर स्कैल्प में खुजली, जलन या डैंड्रफ बढ़ जाए, तो बाल टूटने या झड़ने की समस्या ज्यादा महसूस हो सकती है। मानसून में कैसे लगाएं नारियल तेल? बारिश के मौसम में नारियल तेल लगाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। स्कैल्प और बालों की जरूरत के अनुसार कम मात्रा में तेल लगाएं। बहुत ज्यादा तेल लगाकर लंबे समय तक स्कैल्प को चिपचिपा न रखें। तेल लगाने के बाद बालों को अच्छी तरह धो लें। गीले बालों में जोर से कंघी करने से बचें। डैंड्रफ या खुजली बढ़ने पर तेल का इस्तेमाल रोक दें। समस्या लगातार बनी रहे तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें। अचानक ज्यादा बाल झड़ें तो न करें नजरअंदाज अगर बाल सामान्य से काफी ज्यादा झड़ रहे हैं या लगातार हेयर फॉल की समस्या बनी हुई है, तो केवल तेल को इसका कारण मानकर घरेलू उपायों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। लगातार या अचानक बढ़े हेयर फॉल के पीछे कई कारण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में डर्मेटोलॉजिस्ट से जांच कराना बेहतर है। निष्कर्ष: मानसून में नारियल तेल लगाना पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं है। लेकिन ऑयली स्कैल्प, डैंड्रफ या फंगल समस्या होने पर सावधानी जरूरी है। तेल की मात्रा कम रखें और स्कैल्प की प्रतिक्रिया पर ध्यान दें।
टेनिस स्नीकर्स अब सिर्फ स्पोर्ट्स या कैजुअल वियर तक सीमित नहीं हैं। 2026 में फैशन ट्रेंड्स ने इन्हें ड्रेस और स्कर्ट के साथ पहनने का नया तरीका दिया है। सही रंग, सिल्हूट और फैब्रिक के साथ स्नीकर्स आपके लुक को आरामदायक होने के साथ-साथ बेहद स्टाइलिश भी बना सकते हैं। स्प्रिंग-समर 2026 के रनवे पर भी स्नीकर्स को एलिगेंट और फॉर्मल आउटफिट्स के साथ देखा गया। यही वजह है कि फैशन एक्सपर्ट्स के बीच यह कॉम्बिनेशन तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। ब्राउन स्नीकर्स और प्लेड मिडी ड्रेस ब्राउन और टैन शेड के स्नीकर्स इस सीजन का खास ट्रेंड हैं। इन्हें प्लेड या चेक पैटर्न वाली मिडी ड्रेस के साथ पहनकर क्लासी लुक पाया जा सकता है। अगर ड्रेस और स्नीकर्स एक ही कलर फैमिली में हों, तो पूरा आउटफिट और ज्यादा बैलेंस्ड नजर आता है। रेड स्नीकर्स के साथ असिमेट्रिकल स्कर्ट अगर आप अपने आउटफिट में थोड़ा बोल्ड टच चाहती हैं, तो रेड स्नीकर्स बेहतरीन विकल्प हैं। इन्हें स्ट्राइप्ड या असिमेट्रिकल मिडी स्कर्ट के साथ पहनें। रेड फुटवियर सिंपल आउटफिट में तुरंत स्टेटमेंट एलिमेंट जोड़ देता है। सूएड स्नीकर्स और मिनिमलिस्ट ड्रेस सूएड स्नीकर्स का लुक बाकी स्पोर्टी शूज की तुलना में ज्यादा सॉफ्ट और sophisticated होता है। इन्हें ब्लैक स्पेगेटी- स्ट्रैप ड्रेस के साथ पहनकर ऑफिस से लेकर डिनर तक के लिए एलिगेंट लुक तैयार किया जा सकता है। पिंक स्नीकर्स और रफल्ड स्कर्ट पेस्टल पिंक स्नीकर्स गर्मियों के लिए शानदार विकल्प हैं। इन्हें रफल्ड स्कर्ट के साथ पहनने पर आउटफिट में फेमिनिन और फ्रेश अपील आती है। हल्के रंग होने के कारण पिंक स्नीकर्स को कई अलग-अलग शेड्स के साथ आसानी से स्टाइल किया जा सकता है। नॉर्मकोर स्नीकर्स और स्लिप ड्रेस क्लासिक नॉर्मकोर स्नीकर्स को लेस या स्लिप ड्रेस के साथ पहनना इस ट्रेंड को और दिलचस्प बनाता है। स्पोर्टी शूज और फेमिनिन ड्रेस का कॉन्ट्रास्ट आउटफिट को मॉडर्न और effortless बनाता है। मेष स्नीकर्स और लेपर्ड-प्रिंट स्कर्ट मेष या नेट-डिटेल वाले स्नीकर्स इस सीजन का नया फैशन अपडेट हैं। बेज जैसे न्यूट्रल शेड के स्नीकर्स को लेपर्ड-प्रिंट मिडी या मैक्सी स्कर्ट के साथ पहनकर स्टाइलिश लेकिन बैलेंस्ड लुक बनाया जा सकता है। फैशन का नया फॉर्मूला स्नीकर्स और ड्रेस या स्कर्ट का कॉम्बिनेशन अब केवल आराम के लिए नहीं, बल्कि एक सोचा-समझा फैशन स्टेटमेंट बन चुका है। ब्राउन, रेड और पिंक जैसे रंगों से लेकर सूएड और मेष टेक्सचर तक, सही स्नीकर्स आपके पूरे लुक को नया अंदाज दे सकते हैं।
सोशल मीडिया पर इन दिनों कांच जैसे चमकदार बाल काफी लोकप्रिय हैं। बेहद मुलायम, चिकने और शीशे जैसी चमक वाले बाल देखने में आकर्षक लगते हैं। लेकिन यह चमक केवल बालों की सजावट का नतीजा नहीं है। इसके पीछे बालों की सेहत, नमी और बाहरी परत की स्थिति भी अहम भूमिका निभाती है। जब बालों की बाहरी परत अच्छी तरह हाइड्रेटेड और चिकनी होती है, तो वह रोशनी को बेहतर तरीके से परावर्तित करती है। इसी वजह से बालों में शीशे जैसी चमक दिखाई देती है। कांच जैसे चमकदार बाल क्या होते हैं? इसका मतलब ऐसे बालों से है जो बेहद चिकने, मुलायम और चमकदार दिखाई दें। इसके लिए बालों की प्राकृतिक बनावट बदलना जरूरी नहीं है। सही देखभाल से सीधे, घुंघराले या लहराते बालों को भी अधिक स्वस्थ और चमकदार बनाया जा सकता है। हालांकि धूप, प्रदूषण, बारिश, नमी, हवा, क्लोरीन और बार-बार बाल धोने से बालों की बाहरी परत प्रभावित हो सकती है। इससे बाल रूखे, उलझे और बेजान दिखाई देने लगते हैं। चमकदार बालों के लिए क्या करें? चमक बढ़ाने वाले उपचार: ये बालों की बाहरी परत को चिकना करने और बालों में नमी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। इससे बाल अधिक मुलायम और चमकदार दिखाई देते हैं। बालों की चमक बढ़ाने वाले स्प्रे: हल्के स्प्रे बालों में अतिरिक्त चमक देने के साथ उन्हें भारी किए बिना चिकना दिखाने में मदद कर सकते हैं। बालों का तेल और सीरम: बालों की लंबाई और सिरों पर थोड़ी मात्रा में तेल या सीरम लगाने से रूखापन और उलझन कम दिखाई दे सकती है। इससे बाल अधिक मुलायम और चमकदार नजर आते हैं। पौष्टिक हेयर मास्क: रूखे और कमजोर बालों के लिए पौष्टिक मास्क उपयोगी हो सकते हैं। इनमें वनस्पति तेल, मक्खन, प्रोटीन, सेरामाइड और अमीनो अम्ल जैसे पोषक तत्व हो सकते हैं, जो बालों की नमी और मुलायमपन बनाए रखने में मदद करते हैं। गर्म और नमी वाले मौसम में रखें खास ध्यान भारत जैसे गर्म और नमी वाले मौसम में बालों की चमक बनाए रखना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। तेज धूप, पसीना, बारिश, प्रदूषण और अधिक नमी बालों को उलझा और बेजान बना सकती है। इसलिए केवल चमक देने वाले उत्पादों पर निर्भर रहने के बजाय बालों की नमी, मजबूती और नियमित देखभाल पर ध्यान देना जरूरी है। क्या सच में मिल सकती है शीशे जैसी चमक? हां, बालों को अधिक चिकना और चमकदार बनाना संभव है, लेकिन यह कोई स्थायी या जादुई बदलाव नहीं है। स्वस्थ बालों के लिए पर्याप्त नमी, नियमित कंडीशनिंग, पौष्टिक देखभाल और सही उत्पादों का इस्तेमाल जरूरी है। बहुत अधिक गर्मी वाली मशीनों और रासायनिक उपचारों का इस्तेमाल बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए केवल चमक के पीछे भागने के बजाय बालों की असली सेहत को प्राथमिकता देना सबसे जरूरी है। कांच जैसे चमकदार बाल पाने का सच, क्या सच में मिल सकती है शीशे जैसी चमक? सोशल मीडिया पर इन दिनों कांच जैसे चमकदार बाल काफी लोकप्रिय हैं। बेहद मुलायम, चिकने और शीशे जैसी चमक वाले बाल देखने में आकर्षक लगते हैं। लेकिन यह चमक केवल बालों की सजावट का नतीजा नहीं है। इसके पीछे बालों की सेहत, नमी और बाहरी परत की स्थिति भी अहम भूमिका निभाती है। जब बालों की बाहरी परत अच्छी तरह हाइड्रेटेड और चिकनी होती है, तो वह रोशनी को बेहतर तरीके से परावर्तित करती है। इसी वजह से बालों में शीशे जैसी चमक दिखाई देती है। कांच जैसे चमकदार बाल क्या होते हैं? इसका मतलब ऐसे बालों से है जो बेहद चिकने, मुलायम और चमकदार दिखाई दें। इसके लिए बालों की प्राकृतिक बनावट बदलना जरूरी नहीं है। सही देखभाल से सीधे, घुंघराले या लहराते बालों को भी अधिक स्वस्थ और चमकदार बनाया जा सकता है। हालांकि धूप, प्रदूषण, बारिश, नमी, हवा, क्लोरीन और बार-बार बाल धोने से बालों की बाहरी परत प्रभावित हो सकती है। इससे बाल रूखे, उलझे और बेजान दिखाई देने लगते हैं। चमकदार बालों के लिए क्या करें? चमक बढ़ाने वाले उपचार: ये बालों की बाहरी परत को चिकना करने और बालों में नमी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। इससे बाल अधिक मुलायम और चमकदार दिखाई देते हैं। बालों की चमक बढ़ाने वाले स्प्रे: हल्के स्प्रे बालों में अतिरिक्त चमक देने के साथ उन्हें भारी किए बिना चिकना दिखाने में मदद कर सकते हैं। बालों का तेल और सीरम: बालों की लंबाई और सिरों पर थोड़ी मात्रा में तेल या सीरम लगाने से रूखापन और उलझन कम दिखाई दे सकती है। इससे बाल अधिक मुलायम और चमकदार नजर आते हैं। पौष्टिक हेयर मास्क: रूखे और कमजोर बालों के लिए पौष्टिक मास्क उपयोगी हो सकते हैं। इनमें वनस्पति तेल, मक्खन, प्रोटीन, सेरामाइड और अमीनो अम्ल जैसे पोषक तत्व हो सकते हैं, जो बालों की नमी और मुलायमपन बनाए रखने में मदद करते हैं। गर्म और नमी वाले मौसम में रखें खास ध्यान भारत जैसे गर्म और नमी वाले मौसम में बालों की चमक बनाए रखना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। तेज धूप, पसीना, बारिश, प्रदूषण और अधिक नमी बालों को उलझा और बेजान बना सकती है। इसलिए केवल चमक देने वाले उत्पादों पर निर्भर रहने के बजाय बालों की नमी, मजबूती और नियमित देखभाल पर ध्यान देना जरूरी है। क्या सच में मिल सकती है शीशे जैसी चमक? हां, बालों को अधिक चिकना और चमकदार बनाना संभव है, लेकिन यह कोई स्थायी या जादुई बदलाव नहीं है। स्वस्थ बालों के लिए पर्याप्त नमी, नियमित कंडीशनिंग, पौष्टिक देखभाल और सही उत्पादों का इस्तेमाल जरूरी है। बहुत अधिक गर्मी वाली मशीनों और रासायनिक उपचारों का इस्तेमाल बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए केवल चमक के पीछे भागने के बजाय बालों की असली सेहत को प्राथमिकता देना सबसे जरूरी है।
फैशन की दुनिया में फ्लैट लोफर्स एक बार फिर ट्रेंड में हैं। अगर आप बिना हील्स के स्मार्ट और एलिगेंट दिखना चाहती हैं, तो इन्हें अलग-अलग तरह की पैंट्स के साथ स्टाइल करना बेहतरीन विकल्प हो सकता है। फ्लैट लोफर्स क्यों हैं ट्रेंड में? स्प्रिंग-समर 2026 फैशन ट्रेंड्स में फ्लैट लोफर्स ने खास जगह बनाई है। इन जूतों की खासियत यह है कि ये आराम और स्टाइल दोनों को साथ लेकर चलते हैं। पहले लोफर्स को ज्यादातर फॉर्मल या विंटर आउटफिट का हिस्सा माना जाता था, लेकिन अब इन्हें जींस, कैपरी, स्ट्राइप्ड पैंट्स और कुलॉट्स के साथ भी आसानी से पहना जा रहा है। फैशन रनवे से लेकर स्ट्रीट स्टाइल तक, लोफर्स के कई नए डिजाइन देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में अगर आप अपने रोजमर्रा के लुक को थोड़ा ज्यादा पॉलिश्ड बनाना चाहती हैं, तो यह ट्रेंड आपके लिए काम आ सकता है। 1. स्ट्राइप्ड पैंट्स के साथ नॉटिकल लोफर्स अगर आप अपने लुक में थोड़ा पैटर्न और कॉन्ट्रास्ट जोड़ना चाहती हैं, तो फ्लैट नॉटिकल लोफर्स को स्ट्राइप्ड पैंट्स के साथ पहन सकती हैं। इसके साथ सिंपल टैंक टॉप या बेसिक टी-शर्ट चुनें। एक्सेसरीज को ज्यादा भारी रखने के बजाय मिनिमल रखें। इससे पूरा आउटफिट बैलेंस्ड और स्मार्ट नजर आएगा। यह कॉम्बिनेशन ऑफिस के कैजुअल लुक से लेकर दोस्तों के साथ आउटिंग तक के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। 2. कैपरी पैंट्स के साथ ओपन-बैक लोफर्स अगर आपको थोड़ा ट्रेंडी और 2000s से इंस्पायर्ड फैशन पसंद है, तो ब्लैक ओपन-बैक फ्लैट लोफर्स के साथ उसी रंग की कैपरी पैंट्स ट्राई करें। मोनोक्रोम लुक आपके आउटफिट को ज्यादा स्टाइलिश और स्लीक बना सकता है। ऊपर से आप सिंपल टी-शर्ट पहन सकती हैं या फिर फेमिनिन टच के लिए हल्की डिटेलिंग वाला ब्लाउज चुन सकती हैं। इस लुक में जूतों और पैंट्स को मुख्य आकर्षण बनाए रखने के लिए बाकी एक्सेसरीज को कम रखना बेहतर रहेगा। 3. साबर लोफर्स के साथ कुलॉट्स अगर आप क्लासिक और एलिगेंट स्टाइल पसंद करती हैं, तो हनी या ब्राउन टोन के साबर फ्लैट लोफर्स को कुलॉट्स के साथ पहनें। इस लुक को और बेहतर बनाने के लिए लोफर्स से मैच करता हुआ बेल्ट इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं, अगर आप इसे थोड़ा कैजुअल रखना चाहती हैं तो स्ट्रेट-लेग जींस भी अच्छा विकल्प है। साबर लोफर्स की खासियत यह है कि वे साधारण आउटफिट को भी ज्यादा रिफाइंड लुक दे सकते हैं। हील्स के बिना भी दिखेंगी स्टाइलिश फ्लैट लोफर्स उन लोगों के लिए खास तौर पर उपयोगी हैं जो लंबे समय तक आरामदायक फुटवियर पहनना चाहती हैं, लेकिन अपने लुक से स्टाइल से समझौता नहीं करना चाहतीं। सही पैंट और टॉप के साथ इन्हें ऑफिस, कैजुअल आउटिंग या शाम के कार्यक्रम में भी पहना जा सकता है। इस सीजन अपने वॉर्डरोब में एक क्लासिक फ्लैट लोफर शामिल करना आपके फैशन लुक को आसानी से अपडेट कर सकता है।
हरियाली तीज पर खूबसूरत और ट्रेडिशनल दिखने के लिए हजारों रुपये खर्च करना जरूरी नहीं है। थोड़ी स्मार्ट स्टाइलिंग और सही एक्सेसरीज की मदद से महज 1000 रुपये के बजट में भी रॉयल और फेस्टिव लुक तैयार किया जा सकता है। अगर आपके वॉर्डरोब में पहले से साड़ी या सूट मौजूद है, तो खर्च और भी कम हो सकता है। हरी साड़ी या सूट के साथ चूड़ियां, स्टेटमेंट ज्वेलरी, मेहंदी और सिंपल मेकअप आपके लुक को खास बना सकते हैं। ग्रीन या ट्रेडिशनल आउटफिट को बनाएं बेस तीज के लिए हरे रंग की साड़ी, सूट, लहंगा या अनारकली एक शानदार विकल्प है। अगर घर में पहले से हरी साड़ी मौजूद है तो नया आउटफिट खरीदने की जरूरत नहीं होगी। साड़ी को नए अंदाज में ड्रेप करके और कॉन्ट्रास्टिंग ब्लाउज या दुपट्टे के साथ लुक को बिल्कुल अलग बनाया जा सकता है। अगर नया आउटफिट खरीदना है तो करीब 400 रुपये का बजट रखें। बजट कम हो तो लोकल मार्केट से सस्ती साड़ी या दुपट्टा लेकर भी फेस्टिव लुक तैयार किया जा सकता है। चूड़ियों से मिलेगा रॉयल टच तीज के श्रृंगार में चूड़ियों की खास जगह है। हरी कांच की चूड़ियों के साथ गोल्डन या स्टोन वाले कंगन पहनने से हाथों का लुक ज्यादा फेस्टिव नजर आएगा। इसके लिए 100 से 150 रुपये तक खर्च किए जा सकते हैं। डार्क ग्रीन के साथ गोल्डन या ग्रीन के साथ रेड चूड़ियों का कॉम्बिनेशन भी खूबसूरत लगेगा। ज्वेलरी में चुनें एक स्टेटमेंट पीस कम बजट में पूरी हैवी ज्वेलरी खरीदने के बजाय एक स्टेटमेंट पीस चुनना बेहतर रहेगा। आप बड़े झुमके, कुंदन नेकलेस या टेंपल ज्वेलरी में से कोई एक विकल्प चुन सकती हैं। करीब 300 से 350 रुपये में आर्टिफिशियल ज्वेलरी का अच्छा विकल्प मिल सकता है। इसके साथ छोटी बिंदी या हल्का मांगटीका लुक को और आकर्षक बना सकता है। मेहंदी और मेकअप से बढ़ाएं खूबसूरती तीज के लुक को पूरा करने के लिए मेहंदी और हल्का मेकअप काफी है। अगर आपके पास घर में बेसिक मेकअप प्रोडक्ट्स हैं तो अलग से पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। करीब 100 से 150 रुपये में मेहंदी लगवाकर लुक को फेस्टिव बनाया जा सकता है। मेकअप में हल्का बेस, काजल, मस्कारा, ब्लश और गुलाबी या लाल लिप कलर इस्तेमाल कर सकती हैं। हेयरस्टाइल में ट्राई करें फूलों वाला बन बालों में सिंपल लो बन, चोटी या सॉफ्ट वेव्स तीज के ट्रेडिशनल लुक के साथ अच्छी लगती हैं। बन या चोटी में छोटे आर्टिफिशियल फूल लगाने से कम खर्च में भी खूबसूरत फेस्टिव टच मिल सकता है। 1000 रुपये का आसान बजट प्लान आउटफिट: करीब 400 रुपये चूड़ियां: 100-150 रुपये स्टेटमेंट ज्वेलरी: 300-350 रुपये मेहंदी/फूल: 100-150 रुपये मेकअप: घर में मौजूद सामान का इस्तेमाल प्रो टिप: अगर आपके पास पहले से साड़ी और ज्वेलरी है, तो पूरे 1000 रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं। बची रकम से ब्लाउज की फिटिंग, हेयरस्टाइल या छोटी एक्सेसरीज पर खर्च करके लुक को और बेहतर बनाया जा सकता है।
Tricolor Fashion Ideas: स्वतंत्रता दिवस पर अगर आप अपने पहनावे में देशभक्ति का रंग शामिल करना चाहती हैं, तो साड़ी, कुर्ती, दुपट्टे और एक्सेसरीज के साथ ये आसान ट्राई कलर फैशन आइडियाज आजमा सकती हैं। 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस हर भारतीय के लिए खास दिन होता है। इस दिन चारों तरफ तिरंगे के केसरिया, सफेद और हरे रंग नजर आते हैं। अगर आप भी इस खास मौके पर अपने पहनावे में देशभक्ति का रंग शामिल करना चाहती हैं, तो इसके लिए बहुत ज्यादा तैयारी करने की जरूरत नहीं है। आप अपने रोजमर्रा के कपड़ों में ही केसरिया, सफेद और हरे रंग को शामिल करके खूबसूरत और सादगी भरा लुक पा सकती हैं। आइए जानते हैं कुछ आसान Tricolor Fashion Ideas, जिन्हें 15 अगस्त पर ट्राई किया जा सकता है। तिरंगे रंग की साड़ी से पाएं खूबसूरत लुक अगर 15 अगस्त पर साड़ी पहनने का प्लान है, तो केसरिया, सफेद और हरे रंग के मेल वाली साड़ी चुन सकती हैं। अगर पूरी साड़ी में तीनों रंग पसंद नहीं हैं, तो सफेद साड़ी के साथ हरे या केसरिया रंग का बॉर्डर भी अच्छा लगेगा। इस लुक के साथ हल्की ज्वेलरी और सिंपल मेकअप रखें, ताकि पहनावा ज्यादा भारी न लगे। सफेद कुर्ती के साथ ट्राई करें ट्राई कलर स्टाइल अगर आप साड़ी की जगह कुर्ती पहनना पसंद करती हैं, तो सफेद कुर्ती एक अच्छा विकल्प हो सकती है। इसके साथ हरे रंग का प्लाजो या पैंट और केसरिया दुपट्टा कैरी करें। यह लुक ऑफिस, कॉलेज या 15 अगस्त के किसी कार्यक्रम के लिए आरामदायक होने के साथ-साथ खूबसूरत भी लगेगा। ट्राई कलर दुपट्टे से बदलें पूरा लुक अगर आपके पास पहले से सफेद या क्रीम रंग का सूट है, तो सिर्फ ट्राई कलर दुपट्टे की मदद से लुक को स्वतंत्रता दिवस के लिए तैयार कर सकती हैं। केसरिया, सफेद और हरे रंग वाला दुपट्टा चुनें। चाहें तो हल्की तिरंगी कढ़ाई या प्रिंट वाला दुपट्टा भी ले सकती हैं। यह तरीका बिना नया पूरा आउटफिट खरीदे लुक बदलने का आसान विकल्प है। स्कर्ट और टॉप से पाएं स्टाइलिश लुक कुछ अलग और आधुनिक पहनना चाहती हैं तो ट्राई कलर कॉम्बिनेशन में स्कर्ट और टॉप भी पहन सकती हैं। सफेद टॉप के साथ हरे रंग की स्कर्ट और केसरिया रंग की कोई छोटी एक्सेसरी कैरी करें। यह पहनावा कॉलेज या दोस्तों के साथ स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। तिरंगे रंग की एक्सेसरीज से पूरा करें लुक अगर आप पूरे आउटफिट में तिरंगे के रंग नहीं पहनना चाहती हैं, तो छोटी-छोटी एक्सेसरीज की मदद ले सकती हैं। हरे रंग की चूड़ियां, केसरिया ईयररिंग्स, तिरंगे रंग की हेयर एक्सेसरी या छोटा बैग आपके साधारण लुक को भी खास बना सकता है। इससे पहनावा ज्यादा भड़कीला भी नहीं लगेगा और स्वतंत्रता दिवस की थीम भी बनी रहेगी। कम मेहनत में पाएं खूबसूरत 15 अगस्त लुक स्वतंत्रता दिवस पर स्टाइलिश दिखने के लिए पूरे कपड़ों को तिरंगे के रंग में पहनना जरूरी नहीं है। आप सफेद कुर्ती के साथ केसरिया दुपट्टा, साड़ी के साथ हरी एक्सेसरी या साधारण आउटफिट के साथ तिरंगे रंग की छोटी चीजें जोड़कर भी खूबसूरत लुक पा सकती हैं। इस तरह आपका पहनावा सादगी के साथ देशभक्ति की भावना को भी दिखाएगा।
Independence Day Eye Makeup Tips: 15 अगस्त पर अगर आप अपने लुक में कुछ अलग और खास जोड़ना चाहती हैं, तो आई-मेकअप में तिरंगे के रंगों का हल्का टच दे सकती हैं। स्कूल, कॉलेज, ऑफिस या किसी स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में एथनिक आउटफिट के साथ ये आई-मेकअप आइडियाज काफी अच्छे लग सकते हैं। खास बात यह है कि इन्हें घर पर कम समय में भी ट्राई किया जा सकता है। 15 अगस्त के मौके पर अगर आप हैवी मेकअप से बचना चाहती हैं, तो सिर्फ आंखों को थोड़ा अलग लुक देना ही काफी है। ऑरेंज, ग्रीन, व्हाइट और गोल्डन शेड्स की मदद से आप अपने मेकअप में स्वतंत्रता दिवस की थीम को शामिल कर सकती हैं। आइए जानते हैं कुछ आसान आई-मेकअप आइडियाज। 1. ऑरेंज-ग्रीन आईलाइनर से पाएं स्टाइलिश लुक 15 अगस्त पर आंखों को अलग लुक देने के लिए ऑरेंज और ग्रीन आईलाइनर का इस्तेमाल कर सकती हैं। ऊपर की लैश लाइन पर ऑरेंज आईलाइनर लगाएं और नीचे ग्रीन आईलाइनर या काजल की पतली लाइन बनाएं। अगर आपको थोड़ा स्टाइलिश लुक पसंद है, तो दोनों लाइनों को हल्का विंग शेप दे सकती हैं। यह मेकअप सिंपल रहेगा और स्वतंत्रता दिवस की थीम से भी जुड़ा हुआ लगेगा। 2. व्हाइट काजल से आंखों को दें ब्राइट लुक अगर आपको आंखों को बड़ा और फ्रेश दिखाना पसंद है, तो व्हाइट या न्यूड काजल ट्राई कर सकती हैं। इसे वॉटरलाइन पर हल्के हाथ से लगाएं। इसके बाद आंखों के अंदरूनी कोने यानी इनर कॉर्नर पर थोड़ा-सा सिल्वर शिमर लगाएं। इससे आंखें ज्यादा खुली और चमकदार नजर आ सकती हैं। यह लुक कुर्ती, सूट या साड़ी जैसे एथनिक आउटफिट के साथ भी अच्छा लगेगा। 3. ग्रीन स्मज्ड काजल से पाएं एथनिक लुक अगर आप एथनिक आउटफिट के साथ थोड़ा बोल्ड आई-मेकअप करना चाहती हैं, तो ग्रीन स्मज्ड काजल अच्छा विकल्प हो सकता है। इसके लिए ऊपर और नीचे की लैश लाइन पर डार्क ग्रीन काजल या आई पेंसिल लगाएं। अब छोटे ब्रश या स्मजर की मदद से इसे हल्का-सा ब्लेंड करें। इससे आंखों को सॉफ्ट स्मोकी इफेक्ट मिलेगा और आपका एथनिक लुक और निखर सकता है। 4. ऑरेंज-ग्रीन शिमर से दें फेस्टिव टच अगर आप 15 अगस्त के किसी खास कार्यक्रम में शामिल होने वाली हैं, तो आंखों पर हल्का शिमर लगाकर अपने लुक को और खास बना सकती हैं। आईलिड के बीच में हल्का गोल्ड या ऑरेंज शिमर लगाएं और आंखों के बाहरी हिस्से पर ग्रीन आईशैडो को सॉफ्ट तरीके से ब्लेंड करें। शिमर की मात्रा बहुत ज्यादा न रखें। हल्का और बैलेंस्ड मेकअप ज्यादा खूबसूरत लग सकता है। 15 अगस्त पर ऐसे पूरा करें अपना मेकअप लुक स्वतंत्रता दिवस पर खूबसूरत दिखने के लिए हमेशा हैवी मेकअप की जरूरत नहीं होती। अपने रोज के मेकअप में तिरंगे से जुड़े रंगों का छोटा-सा टच देकर भी आप लुक को खास बना सकती हैं। इनमें से अपनी पसंद का आई-मेकअप चुनें और इसे अपने आउटफिट के हिसाब से तैयार करें। अगर आपकी स्किन या आंखें संवेदनशील हैं, तो किसी भी नए मेकअप प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर रहेगा।
Independence Day Home Decoration: 15 अगस्त पर घर को तिरंगे के रंगों से सजाने से देशभक्ति का माहौल बन जाता है। केसरिया, सफेद और हरे रंग की सजावट घर को खास लुक देती है। हालांकि, सजावट करते समय तिरंगे के सम्मान के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा, बारिश और बिजली के सामान जैसी जरूरी बातों का भी ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं घर सजाते समय किन बातों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तिरंगे को सही तरीके से लगाएं अगर आप घर में राष्ट्रीय ध्वज लगा रहे हैं, तो उसे सही तरीके से लगाना जरूरी है। तिरंगे में केसरिया रंग हमेशा ऊपर और हरा रंग नीचे होना चाहिए। इसे जमीन पर न गिरने दें और न ही ऐसी जगह लगाएं जहां उसके पैरों के नीचे आने या गंदा होने का खतरा हो। गंदे, फटे या खराब हो चुके तिरंगे का इस्तेमाल करने से बचें। ध्वज को ऐसी सुरक्षित जगह पर लगाएं जहां वह बारिश या दूसरी वजहों से खराब न हो। प्लास्टिक की सजावट से बचें 15 अगस्त के आसपास बाजार में प्लास्टिक के झंडे और सजावट का सामान आसानी से मिल जाता है। घर की सजावट के लिए आप इसके बजाय कागज या कपड़े का इस्तेमाल कर सकते हैं। पुराने कपड़ों से तिरंगे रंग की लड़ियां बनाई जा सकती हैं। इसी तरह रंगीन कागज से फूल, झालर और दूसरी सजावटी चीजें तैयार की जा सकती हैं। इससे घर भी सुंदर लगेगा और प्लास्टिक का इस्तेमाल भी कम होगा। बच्चों की सुरक्षा का रखें ध्यान अगर घर में छोटे बच्चे हैं, तो सजावट का सामान उनकी पहुंच से दूर रखें। कैंची, पिन, कांच की चीजें और बिजली के तार बच्चों के आसपास न छोड़ें। अगर दीये या मोमबत्ती से सजावट कर रहे हैं, तो इन्हें बच्चों से दूर रखें। जलती हुई मोमबत्ती या दीये को कभी भी बिना निगरानी के न छोड़ें। बारिश में सजावट करते समय सावधानी बरतें 15 अगस्त बारिश के मौसम में आता है। ऐसे में घर के बाहर सजावट करते समय ऐसी चीजों का इस्तेमाल करें जो पानी के संपर्क में आने पर जल्दी खराब न हों। बालकनी, छत या घर के बाहर बिजली की लाइट लगाते समय तारों को पानी से सुरक्षित रखें। गीली जगह पर बिजली के उपकरण या खुले तारों का इस्तेमाल न करें। कम खर्च में ऐसे सजाएं घर 15 अगस्त पर घर को सुंदर बनाने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है। घर में मौजूद पुराने कपड़े, रंगीन कागज और दूसरी चीजों से भी अच्छी सजावट की जा सकती है। केसरिया, सफेद और हरे रंग के कागज से फूल और झालर बनाकर दीवारों को सजाएं। इन रंगों से गमलों या घर के छोटे सजावटी सामान को भी नया लुक दिया जा सकता है। इस तरह थोड़ी सी रचनात्मकता और सावधानी के साथ आप 15 अगस्त पर अपने घर को खूबसूरत और देशभक्ति के रंगों से सजा सकते हैं, साथ ही तिरंगे का सम्मान और घर की सुरक्षा भी बनाए रख सकते हैं।
Plastic Bottle Reuse Ideas: घर में खाली पड़ी प्लास्टिक की बोतल को अक्सर लोग इस्तेमाल के बाद फेंक देते हैं। लेकिन थोड़ी सावधानी के साथ इसका दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर घर में स्क्रबर खत्म हो गया है, तो प्लास्टिक बोतल से अस्थायी स्क्रबर या स्क्रबर होल्डर बनाया जा सकता है। इसे बनाने के लिए घर में आसानी से मिलने वाली कुछ चीजों की जरूरत होगी। हालांकि, प्लास्टिक काटते समय खास सावधानी बरतना जरूरी है, क्योंकि इसके किनारे तेज हो सकते हैं। स्क्रबर बनाने के लिए चाहिए ये सामान इसके लिए एक साफ प्लास्टिक बोतल, कैंची या कटर, मजबूत धागा या रबर बैंड और पुराना साफ कपड़ा या प्लास्टिक की जाली ले सकते हैं। बर्तन साफ करने के लिए डिशवॉशिंग लिक्विड भी रखें। ऐसे बनाएं प्लास्टिक बोतल का स्क्रबर सबसे पहले प्लास्टिक बोतल को अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखा लें और उसका लेबल हटा दें। अब बोतल के बीच वाले हिस्से को सावधानी से अलग करें और उसे पतली-पतली पट्टियों में काट लें। इन पट्टियों को हल्का मोड़कर जाली जैसा आकार देने की कोशिश करें। इसके बाद सभी पट्टियों को एक साथ इकट्ठा करें और बीच से मजबूत धागे या रबर बैंड की मदद से बांध दें। इस्तेमाल करने से पहले प्लास्टिक के किनारों को अच्छी तरह जांच लें। अगर किनारे नुकीले या बहुत खुरदरे हैं, तो इसे बर्तन साफ करने के लिए इस्तेमाल न करें। प्लास्टिक काटना नहीं चाहते तो अपनाएं यह तरीका अगर बोतल को काटने का झंझट नहीं करना चाहते हैं, तो इसके निचले हिस्से को साफ करके उसमें पुराना साफ कपड़ा या जाली वाला स्क्रबर रखा जा सकता है। इस तरह बोतल एक छोटे होल्डर की तरह काम कर सकती है और स्क्रबर को पकड़ना आसान हो जाता है। बर्तन साफ करते समय इन बातों का रखें ध्यान स्क्रबर पर थोड़ा डिशवॉशिंग लिक्विड लगाकर बर्तनों को हल्के हाथ से साफ करें। नॉन-स्टिक बर्तन, कांच और दूसरी नाजुक सतहों पर ज्यादा दबाव न डालें। अगर प्लास्टिक ढीला होने लगे, टूट जाए या बहुत गंदा हो जाए, तो उसे दोबारा इस्तेमाल न करें। खाने के सीधे संपर्क में आने वाली सतहों पर नुकीले या खुरदरे प्लास्टिक का इस्तेमाल करने से बचें। पुरानी प्लास्टिक बोतल का दोबारा इस्तेमाल घर में जरूरत के समय काम आ सकता है, लेकिन बर्तन साफ करने के लिए सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। यदि बोतल का प्लास्टिक कटने के बाद तेज या खुरदरा हो गया है, तो उसे स्क्रबर के रूप में इस्तेमाल करने के बजाय किसी सुरक्षित विकल्प का इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा।
ड्राई शैंपू उन लोगों के लिए किसी आसान समाधान से कम नहीं है, जिनके पास बाल धोने का समय कम होता है या जो जिम, यात्रा और व्यस्त दिनचर्या के कारण बार-बार हेयर वॉश नहीं कर पाते। यह स्कैल्प का अतिरिक्त तेल सोखकर बालों की जड़ों को कुछ समय के लिए फ्रेश और वॉल्यूमिनस दिखा सकता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या ड्राई शैंपू का नियमित इस्तेमाल बालों और स्कैल्प के लिए नुकसानदायक हो सकता है? इसका जवाब है—कितनी बार और किस तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है, इस पर बहुत कुछ निर्भर करता है। ड्राई शैंपू असल में करता क्या है? ट्राइकोलॉजिस्ट अनाबेल किंग्सले के अनुसार ड्राई शैंपू में अक्सर राइस या कॉर्न स्टार्च और कुछ फॉर्मूलों में अल्कोहल जैसे तत्व होते हैं। ये स्कैल्प और बालों से अतिरिक्त तेल को सोखने में मदद करते हैं, जिससे बाल कुछ समय के लिए साफ और फ्रेश नजर आते हैं। लेकिन नाम में 'शैंपू' होने के बावजूद यह सामान्य शैंपू की तरह बालों और स्कैल्प को साफ नहीं करता। बालों और स्कैल्प की वास्तविक सफाई के लिए पानी और क्लीनिंग एजेंट यानी सर्फैक्टेंट की जरूरत होती है। इसलिए ड्राई शैंपू को नियमित हेयर वॉश का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। कभी-कभार इस्तेमाल करना आमतौर पर ठीक अगर आप ड्राई शैंपू का इस्तेमाल कभी-कभार करते हैं ताकि एक या दो दिन तक हेयर वॉश को टाला जा सके, तो आमतौर पर इससे बड़ी समस्या नहीं होनी चाहिए। समस्या तब शुरू हो सकती है जब ड्राई शैंपू को नियमित रूप से असली शैंपू की जगह इस्तेमाल किया जाए। ऐसा करने पर स्कैल्प पर ड्राई शैंपू, सीबम, मृत त्वचा कोशिकाओं और दूसरे हेयर प्रोडक्ट्स का जमाव हो सकता है। ज्यादा इस्तेमाल से स्कैल्प में हो सकती है परेशानी लंबे समय तक प्रोडक्ट बिल्डअप रहने से स्कैल्प में कई समस्याएं हो सकती हैं, जैसे: खुजली और जलन मृत त्वचा कोशिकाओं का जमाव हेयर फॉलिकल्स के आसपास बिल्डअप बालों का भारी और बेजान दिखना बालों में रूखापन स्कैल्प से जुड़ी मौजूदा समस्याओं का बढ़ना अगर किसी व्यक्ति को डैंड्रफ या सेबोरिक डर्मेटाइटिस जैसी समस्या है, तो बार-बार हेयर वॉश को टालना स्थिति को और खराब कर सकता है। क्या ड्राई शैंपू से बाल झड़ सकते हैं? ड्राई शैंपू को सीधे तौर पर बाल झड़ने का कारण नहीं माना जाता। लेकिन अगर इसका अत्यधिक इस्तेमाल किया जाए और स्कैल्प की नियमित सफाई न हो, तो प्रोडक्ट, तेल और मृत त्वचा का जमाव फॉलिकल्स को प्रभावित कर सकता है। इससे स्कैल्प में जलन या असहजता हो सकती है और लंबे समय तक स्वस्थ हेयर ग्रोथ पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसलिए यह कहना ज्यादा सही है कि ड्राई शैंपू खुद सीधे हेयर लॉस नहीं करता, लेकिन इसका गलत और अत्यधिक इस्तेमाल स्कैल्प के लिए समस्या पैदा कर सकता है। कितने दिन लगातार इस्तेमाल करना चाहिए? ट्राइकोलॉजिस्ट की सलाह के मुताबिक ड्राई शैंपू को लगातार दो दिन से ज्यादा इस्तेमाल न करना बेहतर है। अगर आपके बाल बहुत पतले या फाइन हैं, तो इसे एक दिन तक सीमित रखना बेहतर हो सकता है। इसके बाद बालों और स्कैल्प को सामान्य शैंपू और पानी से अच्छी तरह साफ करना चाहिए। ड्राई शैंपू लगाने का सही तरीका ड्राई शैंपू लगाने के तरीके से भी काफी फर्क पड़ता है। सही तरीका: ड्राई शैंपू को मुख्य रूप से जड़ों और ऑयली हिस्से पर लगाएं। इसे तुरंत रगड़ने के बजाय कुछ समय सूखने दें। इसके बाद बालों को अच्छी तरह ब्रश करें। ब्रश करने से प्रोडक्ट पूरे हिस्से में फैलता है और अतिरिक्त तेल के साथ बचा हुआ पाउडर भी हटाने में मदद मिलती है। इसके बाद उचित समय पर बालों को सामान्य शैंपू और पानी से धोएं। कई लोग ड्राई शैंपू लगाने के बाद ब्रश करना भूल जाते हैं, जबकि यह स्टेप अतिरिक्त प्रोडक्ट हटाने के लिए महत्वपूर्ण है। क्या साफ बालों पर भी ड्राई शैंपू लगा सकते हैं? हां। ड्राई शैंपू का इस्तेमाल सिर्फ ऑयली बालों को फ्रेश दिखाने के लिए ही नहीं होता। अगर आपके बाल बहुत फाइन, पतले या फ्लैट हैं, तो साफ बालों पर थोड़ी मात्रा में ड्राई शैंपू लगाने से जड़ों में वॉल्यूम, टेक्सचर और ग्रिप मिल सकती है। यह हेयरस्टाइल को लंबे समय तक बनाए रखने में भी मदद कर सकता है। यानी इसे हेयरकेयर के साथ-साथ स्टाइलिंग प्रोडक्ट की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है। ड्राई शैंपू खरीदते समय किन चीजों पर ध्यान दें? अगर आप नियमित रूप से ड्राई शैंपू इस्तेमाल करते हैं, तो ऐसा फॉर्मूला चुनना बेहतर है जो स्कैल्प के लिए अपेक्षाकृत जेंटल हो। कुछ फॉर्मूलों में एलैंटोइन, Zinc PCA और नायसिनामाइड जैसे स्कैल्प-फ्रेंडली इंग्रीडिएंट्स शामिल किए जाते हैं। हालांकि किसी भी प्रोडक्ट को चुनते समय अपने स्कैल्प की स्थिति और व्यक्तिगत संवेदनशीलता को ध्यान में रखना जरूरी है।
कभी ऑफिस के लिए ज्वेलरी का मतलब सिर्फ पतली गोल्ड चेन और छोटे स्टड ईयररिंग्स हुआ करता था। लेकिन अब वर्कवियर का अंदाज बदल चुका है। हाइब्रिड वर्क कल्चर, कैजुअल फैशन और रोजमर्रा की लाइफस्टाइल ने ज्वेलरी को भी ज्यादा फंक्शनल और एक्सप्रेसिव बना दिया है। अब अच्छी ज्वेलरी को सिर्फ शादी, पार्टी या किसी खास मौके के लिए संभालकर रखने का चलन तेजी से बदल रहा है। आज की जरूरत ऐसी ज्वेलरी की है जो सुबह ऑफिस में एलिगेंट लगे और शाम को डिनर या किसी सोशल इवेंट में उसी लुक को आसानी से ग्लैमरस बना सके। यानी आपको हर मौके के लिए अलग-अलग ज्वेलरी खरीदने के बजाय ऐसे पीसेज चुनने चाहिए जिन्हें कई तरह से स्टाइल किया जा सके। ऑफिस ज्वेलरी अब सिर्फ मिनिमल नहीं रही हाइब्रिड वर्किंग और रिलैक्स्ड ऑफिस ड्रेसिंग ने ज्वेलरी के नियम भी बदल दिए हैं। जहां पहले बोर्डरूम के लिए बहुत ज्यादा चमकदार या स्टेटमेंट ज्वेलरी को अनुपयुक्त माना जाता था, वहीं अब फाइन और डेमी-फाइन ज्वेलरी रोजमर्रा के कपड़ों का हिस्सा बन रही है। ओवरसाइज्ड शर्ट, टेलर्ड ट्राउजर, बेसिक टी-शर्ट या स्मार्ट कैजुअल आउटफिट के साथ डायमंड ब्रेसलेट, लेयर्ड नेकलेस और स्टैक्ड रिंग्स आसानी से पहनी जा रही हैं। सोने की बढ़ती कीमतों ने भी लोगों को ज्वेलरी खरीदने के तरीके पर दोबारा सोचने के लिए प्रेरित किया है। अब ऐसी ज्वेलरी को प्राथमिकता दी जा रही है जिसे सिर्फ लॉकर में रखने के बजाय नियमित रूप से पहना जा सके। एक ज्वेलरी, कई लुक डेस्क-टू-डिनर ज्वेलरी वॉर्डरोब का सबसे अहम नियम है versatility यानी एक पीस को अलग-अलग तरीकों से पहन पाना। इसके लिए कन्वर्टिबल नेकलेस, डिटैचेबल पेंडेंट, स्टैकेबल रिंग्स और इंटरचेंजेबल ईयररिंग्स जैसे विकल्प तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इनका फायदा यह है कि सुबह ऑफिस के लिए इन्हें सिंपल रखा जा सकता है और शाम को उसी ज्वेलरी में कुछ अतिरिक्त लेयर या पेंडेंट जोड़कर पूरा लुक बदला जा सकता है। यानी ज्यादा ज्वेलरी खरीदने के बजाय कम लेकिन ज्यादा उपयोगी पीसेज चुनना एक बेहतर रणनीति हो सकती है। छोटी ज्वेलरी, बड़ा असर आज भारी चोकर या बड़े कफ की जगह हल्की ज्वेलरी की लेयरिंग ज्यादा पसंद की जा रही है। एक पतली गोल्ड चेन के साथ दूसरा नेकलेस, घड़ी के साथ स्लिम बैंगल्स और स्टड्स के साथ ईयर कफ जैसे कॉम्बिनेशन रोजमर्रा के लुक को बिना ज्यादा मेहनत के स्टाइलिश बना सकते हैं। उदाहरण के लिए, ऑफिस में पहनी गई सिंपल गोल्ड चेन को शाम के समय अतिरिक्त पेंडेंट के साथ स्टाइल किया जा सकता है। इसी तरह एक साधारण रिंग को दूसरी रिंग के साथ स्टैक करके लुक को ज्यादा आकर्षक बनाया जा सकता है। मिश्रित धातुओं यानी गोल्ड और सिल्वर टोन को साथ पहनना भी अब पुराने फैशन नियमों से बाहर निकलकर एक आधुनिक स्टाइल स्टेटमेंट बन चुका है। डायमंड ज्वेलरी भी अब सिर्फ खास मौकों के लिए नहीं डायमंड ज्वेलरी को लंबे समय तक ऑफिस के लिए बहुत ज्यादा कीमती या औपचारिक माना जाता था। लेकिन अब यह सोच बदल रही है। छोटे डायमंड स्टड्स, ब्रेसलेट और नाजुक नेकलेस को रोजमर्रा के आउटफिट के साथ पहनने का चलन बढ़ रहा है। क्लासिक डायमंड स्टड्स को ईयर कफ या दूसरे पियर्सिंग के साथ जोड़कर भी ज्यादा मॉडर्न लुक बनाया जा सकता है। 22K के साथ 14K और 18K गोल्ड की लोकप्रियता पारंपरिक भारतीय ज्वेलरी में 22K गोल्ड का महत्व लंबे समय से रहा है, खासकर निवेश और पारिवारिक आभूषणों के संदर्भ में। लेकिन रोजमर्रा की ज्वेलरी के लिए 14K और 18K गोल्ड की ओर भी रुचि बढ़ रही है। इनमें आधुनिक डिजाइन और रोजमर्रा के इस्तेमाल को ध्यान में रखकर कई विकल्प उपलब्ध होते हैं। यह बदलाव बताता है कि ज्वेलरी खरीदने का फोकस केवल निवेश से हटकर पहनने की उपयोगिता और डिजाइन पर भी जा रहा है। ज्वेलरी ऐसी हो जो आपकी लाइफस्टाइल के साथ चले स्टाइलिस्ट और कॉस्ट्यूम डिजाइनर दिव्याक डी'सूजा के अनुसार आज की ज्वेलरी को पहनने वाले व्यक्ति की जरूरत के अनुसार काम करना चाहिए। बहुत भारी या असुविधाजनक एक्सेसरीज ऐसी लाइफस्टाइल में कम उपयोगी हैं, जहां दिनभर काम, यात्रा और सामाजिक गतिविधियां एक साथ चलती हैं। इसी वजह से व्यक्तिगत स्टाइल ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। कोई व्यक्ति अलग-अलग मेटल्स को मिक्स कर सकता है, कोई कई चेन लेयर कर सकता है तो कोई पारिवारिक विरासत में मिली ज्वेलरी को नए डिजाइन के साथ पहन सकता है। आगे कैसी होगी रोजमर्रा की ज्वेलरी? ज्वेलरी डिजाइन में अब सॉफ्टर ज्योमेट्री यानी फ्लूड शेप, कर्व्ड सिल्हूट और स्कल्प्चरल डिजाइन की ओर रुझान देखा जा रहा है। ऐसे डिजाइन स्टेटमेंट तो बनाते हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा भारी या दिखावटी नहीं लगते। इसके साथ ही रंगीन रत्नों की वापसी भी देखने को मिल रही है। नीलम और पन्ना जैसे पारंपरिक विकल्पों के अलावा एक्वामरीन, मॉर्गेनाइट और टूरमलाइन जैसे सॉफ्ट शेड वाले स्टोन्स भी ज्वेलरी में जगह बना रहे हैं। मिक्स्ड मेटल्स और 90s से प्रेरित सिल्वर ज्वेलरी भी नए अंदाज में वापसी कर रही है। असली स्मार्ट ज्वेलरी वॉर्डरोब क्या है? एक अच्छी ज्वेलरी वॉर्डरोब वह नहीं है जिसमें सबसे ज्यादा पीसेज हों, बल्कि वह है जिसमें मौजूद हर पीस को कई मौकों पर पहना जा सके। ऐसी ज्वेलरी चुनना जो ऑफिस, कैजुअल आउटिंग, डिनर और खास मौकों के बीच आसानी से अपना रूप बदल सके, आज के व्यस्त लाइफस्टाइल में ज्यादा व्यावहारिक विकल्प है।
वॉटरप्रूफ मस्कारा मेकअप को लंबे समय तक टिकाए रखने के लिए बनाया जाता है। पसीना, गर्मी, नमी, बारिश, तैराकी या आंसुओं के बावजूद यह आसानी से नहीं फैलता। लेकिन इसकी यही खूबी रात में मेकअप हटाते समय परेशानी बन सकती है। अगर इसे हटाने के लिए आंखों और पलकों को जोर से रगड़ा जाए या खींचा जाए, तो पलकों को नुकसान पहुंच सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक वॉटरप्रूफ मस्कारा हटाने का सबसे जरूरी नियम है कि आंखों को रगड़ने से बचें। आंखों के आसपास की त्वचा बेहद नाजुक होती है और ज्यादा घर्षण से जलन, लालिमा और समय के साथ पलकों के टूटने की समस्या हो सकती है। वॉटरप्रूफ मस्कारा आसानी से क्यों नहीं हटता? वॉटरप्रूफ मस्कारा में आमतौर पर मोम और सिलिकॉन जैसे तत्व होते हैं, जो रंग को पानी और नमी से बचाने में मदद करते हैं। लंबे समय तक टिकने वाले मेकअप में तेल आधारित तत्व भी इस्तेमाल किए जाते हैं, जो पानी से बचाव करने वाली परत बनाने में मदद करते हैं। इन्हीं कारणों से सामान्य फेसवॉश और पानी से वॉटरप्रूफ मस्कारा पूरी तरह साफ करना मुश्किल हो सकता है। इसे हटाने के लिए ऐसे मेकअप रिमूवर की जरूरत होती है, जो मस्कारा को धीरे-धीरे घोल सके। सबसे जरूरी नियम: आंखों को न रगड़ें मस्कारा हटाते समय कॉटन पैड से आंखों को बार-बार रगड़ना सबसे आम गलतियों में से एक है। इससे पलकों पर अनावश्यक खिंचाव पड़ सकता है और आंखों के आसपास की नाजुक त्वचा में जलन हो सकती है। मेकअप रिमूवर को कुछ समय तक पलकों पर रहने देना बेहतर तरीका है। इससे मस्कारा नरम होकर आसानी से हटने लगता है और ज्यादा दबाव लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। वॉटरप्रूफ मस्कारा हटाने का सही तरीका 1. सही मेकअप रिमूवर चुनें तेल आधारित क्लींजर, क्लींजिंग बाम या आंखों के मेकअप के लिए बनाए गए रिमूवर का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर आंखें संवेदनशील हैं, तो हल्का माइसेलर वॉटर भी एक विकल्प हो सकता है। 2. कॉटन पैड को अच्छी तरह भिगोएं कॉटन पैड पर पर्याप्त मात्रा में मेकअप रिमूवर लगाएं। पैड अच्छी तरह नम होना चाहिए, ताकि मस्कारा हटाने के लिए ज्यादा दबाव न लगाना पड़े। 3. बंद आंखों पर कुछ सेकंड रखें कॉटन पैड को बंद आंखों पर हल्के हाथ से रखें और लगभग 10 सेकंड तक छोड़ दें। तेल आधारित क्लींजर इस्तेमाल करने पर इसे करीब 20 से 30 सेकंड तक काम करने देना मस्कारा को घोलने में मदद कर सकता है। 4. धीरे से साफ करें जब मस्कारा नरम होने लगे, तो कॉटन पैड को धीरे-धीरे हटाएं। आंखों को आगे-पीछे रगड़ने या पलकों को खींचने से बचें। अगर मस्कारा पूरी तरह साफ न हो, तो दोबारा रिमूवर लगाएं और कुछ सेकंड इंतजार करें। ज्यादा जोर लगाने की जरूरत नहीं है। 5. बचा हुआ मस्कारा सावधानी से हटाएं अगर पलकों पर छोटे-छोटे मस्कारा के टुकड़े रह गए हों, तो माइसेलर वॉटर में हल्का भिगोए कॉटन स्वैब की मदद से उन्हें धीरे से साफ किया जा सकता है। क्या डबल क्लींजिंग मददगार है? अगर आपने वॉटरप्रूफ मस्कारा के साथ पूरा मेकअप किया है, तो डबल क्लींजिंग उपयोगी हो सकती है। सबसे पहले तेल आधारित क्लींजर या क्लींजिंग बाम से मेकअप को घोलें। इसके बाद अपनी त्वचा के अनुसार हल्के क्लींजर से चेहरा साफ करें। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मेकअप को रगड़कर हटाना नहीं, बल्कि पहले उसे घोलना और फिर धीरे से साफ करना है। संवेदनशील आंखों वालों को क्या करना चाहिए? जिन लोगों की आंखें संवेदनशील हैं, वे हल्के माइसेलर वॉटर या संवेदनशील आंखों के लिए बनाए गए मेकअप रिमूवर का विकल्प चुन सकते हैं। अगर किसी उत्पाद के इस्तेमाल के बाद लगातार जलन, लालिमा, सूजन या आंखों में परेशानी महसूस हो, तो उसका इस्तेमाल बंद कर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है। कौन-कौन से उत्पाद इस्तेमाल किए जा सकते हैं? वॉटरप्रूफ मस्कारा हटाने के लिए कई तरह के उत्पाद उपलब्ध हैं, जैसे: तेल आधारित मेकअप रिमूवर क्लींजिंग ऑयल क्लींजिंग बाम माइसेलर वॉटर हल्का आई मेकअप रिमूवर माइसेलर मेकअप रिमूविंग वाइप्स उत्पाद चुनते समय अपनी आंखों की संवेदनशीलता और उसमें मौजूद सामग्री का ध्यान रखें। पलकों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें? दिन खत्म होने के बाद आंखों का मेकअप ठीक से हटाना जरूरी है। वॉटरप्रूफ मस्कारा को रातभर पलकों पर छोड़ना नियमित आदत नहीं बनानी चाहिए। मेकअप हटाते समय जल्दबाजी न करें। अगर मस्कारा पहली बार में नहीं निकलता है, तो दोबारा मेकअप रिमूवर लगाकर कुछ सेकंड इंतजार करें और फिर धीरे से साफ करें। पलकों को खींचने, रगड़ने या जोर से साफ करने से बचना चाहिए। धीरे और धैर्य के साथ मेकअप हटाना पलकों और आंखों के आसपास की नाजुक त्वचा के लिए बेहतर है।
साउथ सिनेमा की अभिनेत्री अनपमा परमेश्वरन ने एक बार फिर अपने ट्रेडिशनल फैशन लुक से सबका ध्यान खींचा है। अभिनेत्री ने डिजाइनर ब्रांड Torani की मरून जॉर्जेट साड़ी पहनी, जिसमें चिंट्ज प्रिंट, स्ट्राइप्ड पैनल और एम्ब्रॉयडर्ड बॉर्डर का ऐसा मेल देखने को मिला, जिसने पूरे लुक को फेस्टिव और मॉडर्न दोनों बना दिया। यह साड़ी Torani के Taal कलेक्शन का हिस्सा है और इसका नाम Laalima Pravya sari बताया गया है। खास बात यह है कि इसमें प्रिंट सिर्फ साड़ी के बॉडी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मैचिंग हॉल्टर ब्लाउज के जरिए नेकलाइन तक पहुंचता है। यही डिटेल इस पूरे लुक को सामान्य प्रिंटेड साड़ी से अलग बनाती है। मरून साड़ी में फ्लोरल और ज्योमेट्रिक प्रिंट का मेल साड़ी के गहरे मरून बेस पर शुरुआत में छोटे-छोटे फ्लोरल मोटिफ नजर आते हैं। जैसे-जैसे साड़ी का फैब्रिक हेम और पल्लू की ओर बढ़ता है, इन बोटैनिकल पैटर्न का आकार भी बड़ा होता जाता है। डीप रेड टोन के बीच मस्टर्ड कलर के पैनल साड़ी को विजुअल ब्रेक देते हैं। वहीं डबल-लेयर्ड स्कैलप्ड बॉर्डर पर ज्योमेट्रिक एम्ब्रॉयडरी इसे और आकर्षक बनाती है। साड़ी की खासियत यह है कि अलग-अलग प्रिंट और बॉर्डर मिलकर ऐसा प्रभाव पैदा करते हैं, मानो कई प्रिंटेड टेक्सटाइल्स को एक साथ जोड़कर एक नया डिजाइन तैयार किया गया हो। हल्के जॉर्जेट फैब्रिक की वजह से इतने सारे पैटर्न के बावजूद आउटफिट भारी या बोझिल नजर नहीं आता। हॉल्टर ब्लाउज ने बढ़ाया मॉडर्न टच अनपमा ने साड़ी के साथ मैचिंग हॉल्टर ब्लाउज पहना। हाई हॉल्टर नेकलाइन, प्लीटेड फ्रंट और रफल्ड कॉलर ब्लाउज की सबसे खास डिटेल्स हैं। ब्लाउज का प्रिंट नेकलाइन तक फैला हुआ है, जिससे साड़ी और ब्लाउज के बीच एक लगातार पैटर्न का प्रभाव बनता है। वहीं ओपन बैक और शोल्डर एक्सपोजर इस ट्रेडिशनल लुक में आधुनिकता जोड़ते हैं। हाई नेकलाइन जहां आउटफिट को एलिगेंट और स्ट्रक्चर्ड बनाती है, वहीं खुली पीठ और फिटेड सिल्हूट इसे ज्यादा contemporary बनाते हैं। ज्वेलरी ने साड़ी के रंगों को किया कॉम्प्लीमेंट अनपमा ने अपने लुक को Uncut Jewelry के क्रिसेंट ईयररिंग्स और मैचिंग कॉकटेल रिंग के साथ स्टाइल किया। ज्वेलरी में इस्तेमाल किए गए पिंक स्टोन्स और ग्रीन ड्रॉप्स साड़ी के रंगों से खूबसूरती से मेल खाते दिखाई दिए। इसके साथ Earthaments की गोल्ड-टोन बैंगल्स और एक फाइन वेस्ट चेन ने लुक को पूरा किया। ज्वेलरी को इस तरह चुना गया कि वह साड़ी के हर रंग से मैच करने के बजाय उसके ज्योमेट्रिक और कर्व्ड पैटर्न को कॉम्प्लीमेंट करे। खुले कर्ल्स और सॉफ्ट मेकअप ने पूरा किया लुक हेयरस्टाइलिस्ट Sarika Koli ने अनपमा के कर्ल्स को खुला रखा। उनके वॉल्यूमिनस कर्ल्स चेहरे और हॉल्टर नेकलाइन के आसपास फैलते हुए नजर आए, जिससे लुक को एक नेचुरल और ग्लैमरस फिनिश मिली। मेकअप में विंग्ड ब्लैक आईलाइनर, फुल लैशेज और एक छोटा बिंदी लुक की खासियत रहे। आंखों, गालों और होंठों पर सॉफ्ट टेराकोटा टोन इस्तेमाल किए गए, जो साड़ी के रेड-ब्राउन कलर पैलेट के साथ अच्छी तरह घुल गए। वहीं ग्रीन ईयररिंग्स ने पूरे लुक में एक मजबूत कलर कॉन्ट्रास्ट जोड़ा। फेस्टिव सीजन के लिए क्यों खास है यह लुक? अनपमा परमेश्वरन का यह लुक उन लोगों के लिए खास फैशन इंस्पिरेशन है जो पारंपरिक साड़ी को बिना हैवी एम्ब्रॉयडरी के मॉडर्न अंदाज में पहनना चाहते हैं। यहां आउटफिट की खूबसूरती भारी सजावट के बजाय प्रिंट, कलर कॉम्बिनेशन, बॉर्डर और सिल्हूट से आती है। फेस्टिव लंच, डिनर, फैमिली फंक्शन या किसी खास सेलिब्रेशन के लिए इस तरह की प्रिंटेड जॉर्जेट साड़ी एक एलिगेंट विकल्प बन सकती है। खासकर हॉल्टर नेक ब्लाउज और मिनिमल लेकिन कलरफुल ज्वेलरी इसे ट्रेडिशनल और contemporary फैशन के बीच संतुलित लुक देती है।
गर्मियों में बालों को मैनेज करना खासतौर पर कर्ली हेयर वाली महिलाओं के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। नमी, पसीना और बार-बार हीट स्टाइलिंग से कर्ल्स की प्राकृतिक बनावट प्रभावित हो सकती है। ऐसे में 2026 का ‘बेबी बॉब’ हेयरकट कर्ली गर्ल्स के लिए एक ऐसा विकल्प बनकर सामने आया है, जो कम मेहनत में बालों की प्राकृतिक खूबसूरती और बाउंस को बनाए रखने पर जोर देता है। यह हेयरकट न केवल छोटा और आधुनिक है, बल्कि कर्ल्स को दबाने या सीधा करने के बजाय उनकी प्राकृतिक मूवमेंट और वॉल्यूम को उभारता है। यही वजह है कि गर्म मौसम में यह स्टाइल तेजी से पसंद किया जा रहा है। क्या है ‘बेबी बॉब’ हेयरकट? ‘बेबी बॉब’ को बॉब हेयरकट का सबसे छोटा और ज्यादा ग्राफिक वर्जन माना जा रहा है। इसका नाम फिल्म ‘डर्टी डांसिंग’ की मशहूर किरदार बेबी से जुड़ा है। हेयर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह कट आमतौर पर जबड़े की लाइन तक या उससे थोड़ा ऊपर रहता है और कुछ मामलों में कान की लोब तक भी जा सकता है। पारंपरिक फ्रेंच बॉब की तुलना में यह छोटा और ज्यादा बोल्ड दिखाई देता है। कर्ली बालों में इसकी खासियत यह है कि कट को बालों की प्राकृतिक बनावट के हिसाब से तैयार किया जाता है। यह 2B से लेकर 3C तक के कई कर्ल पैटर्न पर अच्छा काम कर सकता है। गर्मियों में क्यों ट्रेंड कर रहा है बेबी बॉब? इस हेयरकट की लोकप्रियता केवल इसकी लंबाई की वजह से नहीं है। इसके पीछे फैशन और ब्यूटी इंडस्ट्री में आया एक बड़ा बदलाव भी है। अब बालों को पूरी तरह सीधा, बेहद चमकदार और परफेक्ट बनाने की बजाय उनकी प्राकृतिक बनावट को स्वीकार करने का ट्रेंड बढ़ रहा है। इसी बदलाव के बीच ‘क्लाउड कर्ल्स’ जैसे वॉल्यूम वाले हेयर ट्रेंड भी लोकप्रिय हुए हैं। बेबी बॉब इसी सोच को आगे बढ़ाता है। इसमें कर्ल्स को नियंत्रित करने के बजाय उनके प्राकृतिक बाउंस, वॉल्यूम और मूवमेंट को प्राथमिकता दी जाती है। कर्ली हेयर एक्सपर्ट्स का मानना है कि छोटे कट से बालों के कमजोर मिड-लेंथ हिस्से हट जाते हैं और बचा हुआ हेयर ज्यादा स्वस्थ और बाउंसी दिखाई दे सकता है। कर्ली बालों के लिए यह कट क्यों है खास? कर्ली बालों को छोटा करते समय सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि बालों का आकार जरूरत से ज्यादा चौड़ा या त्रिकोण जैसा न दिखने लगे। सही तरीके से किया गया बेबी बॉब इस समस्या को काफी हद तक कम कर सकता है। इसमें बालों को बहुत ज्यादा लेयर करने के बजाय मजबूत बेसलाइन रखी जाती है। सामने के हिस्से में हल्का वजन कम करके चेहरे के आसपास सॉफ्ट फ्रेम बनाया जाता है। इसका फायदा यह है कि बालों का प्राकृतिक वॉल्यूम बना रहता है, लेकिन पूरा हेयरकट ज्यादा संतुलित दिखाई देता है। किन फेस शेप पर अच्छा लगेगा बेबी बॉब? बेबी बॉब को आमतौर पर ओवल और हार्ट शेप चेहरे के लिए काफी अच्छा माना जाता है, क्योंकि इसकी छोटी लंबाई चेहरे के ऊपरी हिस्से और चीकबोन्स को उभार सकती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि राउंड या स्क्वायर फेस शेप वाली महिलाएं इसे नहीं अपना सकतीं। राउंड फेस के लिए सामने थोड़ी लंबाई रखी जा सकती है या बालों के अंदरूनी हिस्से का कुछ वजन कम किया जा सकता है। इससे चेहरा जरूरत से ज्यादा चौड़ा नजर नहीं आता। वहीं लंबे चेहरे के साथ फ्रिंज या बैंग्स जोड़कर चेहरे के अनुपात को संतुलित किया जा सकता है। यानी सही कटिंग तकनीक के साथ बेबी बॉब को अलग-अलग फेस शेप के अनुसार कस्टमाइज किया जा सकता है। हेयरस्टाइलिस्ट से बेबी बॉब करवाते समय क्या कहें? अगर आप बेबी बॉब करवाने का मन बना रही हैं, तो केवल हेयरकट का नाम बताना पर्याप्त नहीं है। कर्ली बालों की प्राकृतिक बनावट को ध्यान में रखते हुए कट करवाना जरूरी है। हेयर एक्सपर्ट्स के अनुसार: पूरे सिर पर बहुत ज्यादा लेयरिंग न कराएं। बालों के सिरों पर मजबूत और भरी हुई बेसलाइन रखें। सामने के कोनों से केवल थोड़ा वजन हटाएं। चेहरे को सॉफ्ट फ्रेम देने पर ध्यान दें। बालों को मिडिल पार्टिंग के साथ कट करवाना ज्यादा वर्सेटाइल हो सकता है। कर्ली बालों में संभव हो तो बालों की प्राकृतिक अवस्था और कर्ल पैटर्न को देखकर कट तय करें। 2026 में इस कट का लुक पहले की तुलना में ज्यादा रिलैक्स्ड हो रहा है। बहुत सख्त ब्लंट लाइन की जगह सॉफ्ट किनारे, हल्के पीस-वाई एंड्स और नेचुरल टेक्सचर को प्राथमिकता दी जा रही है। बेबी बॉब को कैसे करें स्टाइल? बेबी बॉब की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे बहुत ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं होती। आपका स्टाइलिंग रूटीन आपके कर्ल पैटर्न के अनुसार हल्का और आसान रखा जा सकता है। सबसे पहले चौड़े दांतों वाली कंघी से बालों को धीरे-धीरे सुलझाएं। इसके बाद हल्का हेयर बाम या कम होल्ड वाला मूस लगाएं। बालों को माइक्रोफाइबर टॉवल या कॉटन टी-शर्ट से हल्के हाथों से स्क्रंच करें। इससे कर्ल पैटर्न उभरने में मदद मिलती है। इसके बाद बालों को प्राकृतिक रूप से सूखने दें या डिफ्यूजर का इस्तेमाल करें। अगर डिफ्यूजर इस्तेमाल कर रही हैं तो कम गर्मी रखें। अंत में कुछ बूंदें पौष्टिक हेयर ऑयल की लगाई जा सकती हैं। अगर आपको ज्यादा फ्लफी और नेचुरल फिनिश पसंद है, तो कम स्पीड पर ठंडी हवा से बालों को सुखाया जा सकता है। ‘जीरो क्रंच’ और ज्यादा बाउंस का नया तरीका बेबी बॉब का सबसे बड़ा आकर्षण यही है कि इसमें कर्ल्स को कठोर या चिपचिपा बनाने की जरूरत नहीं होती। हल्के स्टाइलिंग प्रोडक्ट्स और सही कट के साथ बालों में प्राकृतिक बाउंस और मूवमेंट बरकरार रखा जा सकता है। आज की ब्यूटी दुनिया में यह बदलाव साफ दिखाई दे रहा है कि बालों को हर दिन परफेक्ट बनाने की बजाय उनकी प्राकृतिक बनावट को स्वीकार किया जा रहा है। बेबी बॉब इसी बदलाव का हिस्सा है। अगर आपके कर्ली बाल गर्मी में भारी, बेजान या मैनेज करने में मुश्किल लगते हैं, तो सही हेयर एक्सपर्ट से सलाह लेकर यह छोटा और आधुनिक कट आपके लिए एक नया विकल्प हो सकता है।
फैशन की दुनिया में कुछ ऐसे कॉम्बिनेशन होते हैं जो पहली नजर में सामान्य नहीं लगते, लेकिन सही तरीके से स्टाइल किए जाएं तो पूरा लुक बदल देते हैं। इस सीजन स्ट्रेट-लेग जींस के साथ हील्ड म्यूल्स का कॉम्बिनेशन इसी तरह का एक ट्रेंड बनकर सामने आया है। आरामदायक जींस और एलिगेंट हील्स का यह मेल कैजुअल और पॉलिश्ड लुक के बीच बेहतरीन संतुलन बनाता है। हील्ड म्यूल्स लंबे समय से फैशन वॉर्डरोब का हिस्सा रहे हैं, लेकिन इस सीजन इनके डिजाइन में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। नुकीले टो की जगह राउंड और स्क्वायर टो, ज्यादा ऊंचा इंस्टेप और ज्योमेट्रिक हील जैसे डिजाइन इन्हें ज्यादा आधुनिक बना रहे हैं। खास बात यह है कि इन्हें स्टाइल करने के लिए किसी बहुत अलग या मुश्किल आउटफिट की जरूरत नहीं है। आपकी सामान्य स्ट्रेट-लेग जींस भी इन जूतों के साथ काफी स्टाइलिश नजर आ सकती है। स्ट्रेट-लेग जींस के साथ हील्ड म्यूल्स क्यों हैं खास? स्ट्रेट-लेग जींस एक ऐसा क्लासिक पीस है जिसे लगभग हर मौसम में पहना जा सकता है। वहीं हील्ड म्यूल्स पैरों को लंबा और पूरे सिल्हूट को ज्यादा सलीकेदार दिखाने में मदद करते हैं। दोनों को साथ पहनने पर आउटफिट न तो जरूरत से ज्यादा फॉर्मल लगता है और न ही बहुत साधारण। इस कॉम्बिनेशन की सबसे बड़ी खूबी इसकी बहुमुखी प्रतिभा है। आप इसे ऑफिस-फ्रेंडली लुक, ब्रंच आउटफिट, डिनर डेट या रोजमर्रा के स्मार्ट-कैजुअल अंदाज में अपना सकती हैं। 1. एम्ब्रॉयडर्ड शर्ट के साथ पाएं खूबसूरत लुक स्ट्रेट-लेग जींस के साथ एम्ब्रॉयडर्ड शर्ट और राउंड-टो हील्ड म्यूल्स का कॉम्बिनेशन बेहद आकर्षक लग सकता है। साधारण जींस को थोड़ा ज्यादा खास बनाने के लिए एम्ब्रॉयडरी वाला टॉप अच्छा विकल्प है। अगर आप आउटफिट को ज्यादा एलिगेंट बनाना चाहती हैं, तो मिनिमल ज्वेलरी और छोटा स्ट्रक्चर्ड बैग इसके साथ जोड़ सकती हैं। 2. पेप्लम ब्लाउज के साथ फेमिनिन टच पेप्लम ब्लाउज और स्ट्रेट-लेग जींस का मेल बॉडी को खूबसूरत सिल्हूट देता है। इसके साथ ब्राउन या न्यूट्रल शेड के हील्ड म्यूल्स पहनने से लुक में एक सॉफ्ट और पॉलिश्ड फिनिश आती है। यह स्टाइल ब्रंच, लंच मीटिंग या किसी सेमी-फॉर्मल अवसर के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। 3. डेनिम-ऑन-डेनिम लुक डेनिम के साथ डेनिम का ट्रेंड नया नहीं है, लेकिन इसे हील्ड म्यूल्स के साथ पहनकर आप पुराने कॉम्बिनेशन को नया अंदाज दे सकती हैं। स्ट्रेट-लेग जींस के साथ डेनिम शर्ट या टॉप पहनें और लुक को बेल्ट, लेयर्ड नेकलेस या बड़े बकल वाले बेल्ट जैसे एक्सेसरीज से पूरा करें। ओपन-बैक हील्ड म्यूल्स इस लुक को और ज्यादा स्टाइलिश बना सकते हैं। 4. रिब्ड निट टॉप के साथ मिनिमल स्टाइल अगर आपको ज्यादा एक्सपेरिमेंटल फैशन पसंद नहीं है, तो रिब्ड निट टॉप और स्ट्रेट-लेग जींस के साथ म्यूल्स पहनना आसान विकल्प है। सफेद या न्यूट्रल रंग के म्यूल्स इस आउटफिट को साफ-सुथरा और आधुनिक लुक देते हैं। खासतौर पर अगर जींस क्लासिक ब्लू के बजाय किसी अलग रंग या प्रिंट में हो, तो यह कॉम्बिनेशन और ज्यादा आकर्षक नजर आ सकता है। 5. बोहो ब्लाउज के साथ 70s इंस्पायर्ड लुक फैशन में 70 के दशक से प्रेरित स्टाइल एक बार फिर चर्चा में है। बोहो ब्लाउज, स्ट्रेट-लेग जींस और स्क्वायर-हील म्यूल्स इसका शानदार उदाहरण हैं। स्क्वायर हील आउटफिट को ज्यादा मजबूत और बोल्ड लुक देती है, जबकि बोहो ब्लाउज इसमें सॉफ्टनेस जोड़ता है। अगर आप विंटेज और मॉडर्न स्टाइल को मिलाना चाहती हैं, तो यह कॉम्बिनेशन आजमाया जा सकता है। 6. फ्रिंज्ड टॉप के साथ स्टाइलिश कंट्रास्ट फ्रिंज डिटेल वाला टॉप साधारण स्ट्रेट-लेग जींस को तुरंत स्टेटमेंट आउटफिट में बदल सकता है। इसके साथ हील्ड म्यूल्स पहनने से लुक ज्यादा बैलेंस्ड नजर आता है। फेडेड ब्लू जींस के साथ ब्लैक म्यूल्स और फ्रिंज्ड टॉप का कॉम्बिनेशन खास तौर पर आसान और प्रभावी स्टाइलिंग विकल्प है। ब्लैक म्यूल्स उन लोगों के लिए भी बेहतर शुरुआत हो सकते हैं जो पहली बार इस ट्रेंड को आजमा रही हैं। हील्ड म्यूल्स पहनते समय इन बातों का रखें ध्यान हील्ड म्यूल्स खरीदते या स्टाइल करते समय सिर्फ ट्रेंड को फॉलो करना पर्याप्त नहीं है। सबसे पहले आराम पर ध्यान दें। बहुत ऊंची हील की जगह ऐसी हील चुनें जिसमें आप आसानी से चल सकें। जींस की लंबाई भी महत्वपूर्ण है। स्ट्रेट-लेग जींस ऐसी लंबाई की होनी चाहिए कि जूतों का डिजाइन पूरी तरह छिपे नहीं। हल्की क्रॉप्ड या एंकल-लेंथ जींस म्यूल्स को ज्यादा प्रमुखता दे सकती है। अगर आप इस ट्रेंड को पहली बार आजमा रही हैं, तो ब्लैक, ब्राउन, क्रीम या बेज जैसे न्यूट्रल रंगों से शुरुआत करना आसान रहेगा। इस सीजन का आसान फैशन फॉर्मूला स्ट्रेट-लेग जींस की सादगी और हील्ड म्यूल्स की एलिगेंस मिलकर एक ऐसा आउटफिट तैयार करती है जिसे बहुत ज्यादा मेहनत के बिना स्टाइलिश बनाया जा सकता है। एम्ब्रॉयडर्ड शर्ट से लेकर बोहो ब्लाउज और फ्रिंज्ड टॉप तक, अलग-अलग टॉप के साथ यही बेसिक कॉम्बिनेशन बिल्कुल अलग नजर आ सकता है। यानी अगर आप अपनी रोजमर्रा की जींस को बिना पूरा वॉर्डरोब बदले नया अंदाज देना चाहती हैं, तो हील्ड म्यूल्स एक आसान फैशन अपडेट हो सकते हैं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कॉलेजों में देशभक्ति का उत्साह देखने को मिलता है। 15 अगस्त पर स्टूडेंट्स तिरंगे के रंगों से जुड़े आउटफिट पहनकर अपने लुक को खास बनाना पसंद करते हैं। अगर आप भी इस बार कुछ स्टाइलिश और यूनिक पहनना चाहते हैं, तो केसरिया, सफेद और हरे रंग को अपने रोजमर्रा के कॉलेज स्टाइल में शामिल कर सकते हैं। ट्राईकलर कुर्ती और जींस कॉलेज गर्ल्स के लिए ट्राईकलर कुर्ती एक आसान और स्टाइलिश विकल्प हो सकती है। सफेद बेस वाली कुर्ती पर केसरिया और हरे रंग का प्रिंट खूबसूरत लगेगा। इसे ब्लू या व्हाइट जींस के साथ पहनकर कैजुअल लुक पाया जा सकता है। छोटे झुमके और मिनिमल एक्सेसरीज लुक को और आकर्षक बना सकती हैं। व्हाइट टॉप के साथ ग्रीन बॉटम अगर आपको मॉडर्न और सिंपल लुक पसंद है तो व्हाइट टॉप के साथ ग्रीन ट्राउजर, पैंट या जींस पहन सकते हैं। इसके साथ ऑरेंज स्कार्फ या स्टोल कैरी करके आउटफिट में तिरंगे का टच दिया जा सकता है। यह कॉलेज फंक्शन और दोस्तों के साथ सेलिब्रेशन दोनों के लिए अच्छा विकल्प है। लड़कों के लिए ट्राईकलर कैजुअल लुक कॉलेज बॉयज व्हाइट शर्ट या बेसिक व्हाइट टी-शर्ट के साथ ग्रीन जींस या कार्गो पैंट पहन सकते हैं। ऑरेंज वॉच, ब्रेसलेट, कैप या स्नीकर्स जैसी छोटी एक्सेसरीज के जरिए लुक में केसरिया रंग शामिल किया जा सकता है। इससे आउटफिट ज्यादा ओवर नहीं लगेगा और स्मार्ट भी नजर आएगा। ट्राईकलर दुपट्टे से बनाएं लुक खास अगर आप पूरा तिरंगा आउटफिट नहीं पहनना चाहते हैं तो सिर्फ दुपट्टे या स्टोल के जरिए भी Independence Day Look तैयार कर सकते हैं। व्हाइट कुर्ती और जींस के साथ ऑरेंज-व्हाइट-ग्रीन दुपट्टा बेहद खूबसूरत कॉम्बिनेशन बना सकता है। एक्सेसरीज से भी पाएं देशभक्ति वाला लुक पूरे कपड़ों में तिरंगे के रंग पहनने के बजाय एक्सेसरीज के जरिए भी थीम को शामिल किया जा सकता है। ट्राईकलर ब्रेसलेट, बैज, रिबन, हेयरबैंड, स्कार्फ या बैग को अपने कॉलेज आउटफिट के साथ स्टाइल किया जा सकता है। यह तरीका सिंपल लुक को भी 15 अगस्त के लिए खास बना देगा। सिंपल रखें अपना Independence Day Look तिरंगा थीम वाले आउटफिट में सबसे जरूरी है कि तीनों रंगों का संतुलित इस्तेमाल किया जाए। आप तीनों रंगों को एक साथ पहनने के बजाय किसी एक रंग को बेस बनाकर बाकी रंगों को एक्सेसरीज या छोटे डिटेल्स के रूप में शामिल कर सकते हैं। इससे लुक स्टाइलिश, आरामदायक और कॉलेज-फ्रेंडली बना रहेगा।
नई दिल्ली: अगस्त के फैशन सीजन में अगर आप ऐसा लुक चाहती हैं जो एक साथ खूबसूरत, आरामदायक और आधुनिक नजर आए, तो मिडी स्कर्ट और बैले फ्लैट्स का मेल आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है। वर्ष 2026 के वसंत-ग्रीष्म फैशन रुझानों में यह जोड़ी फैशन मंच से लेकर सड़क किनारे दिखने वाले फैशन तक लगातार नजर आ रही है। मिडी स्कर्ट और बैले फ्लैट्स की खासियत यह है कि इन्हें केवल पारंपरिक या नारी-सुलभ अंदाज तक सीमित नहीं रखा गया है। इन्हें कार्यालय, सामान्य घूमने-फिरने, बोहो शैली, पार्टी और शाम के परिधानों के साथ भी आसानी से पहना जा सकता है। मिडी स्कर्ट घुटने के नीचे तक आती है और पूरे पहनावे को सलीकेदार रूप देती है, जबकि बैले फ्लैट्स ऊंची एड़ी वाले जूतों की जगह आराम और सहजता प्रदान करते हैं। यही कारण है कि यह संयोजन इस मौसम में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। चुन्नट वाली मिडी स्कर्ट के साथ नुकीले बैले फ्लैट्स अगर आप सादगी के साथ शानदार दिखना चाहती हैं, तो चुन्नट वाली मिडी स्कर्ट के साथ काले रंग के नुकीले बैले फ्लैट्स पहन सकती हैं। इसके साथ सफेद कॉलर वाली कमीज या हल्का गले वाला स्वेटर पूरे पहनावे को बेहद सलीकेदार रूप देता है। नुकीले बैले फ्लैट्स पैरों को अपेक्षाकृत लंबा दिखाने के साथ पूरे पहनावे को अधिक आकर्षक बनाते हैं। यह पहनावा कार्यालय, दोपहर के भोजन या सामान्य मुलाकातों के लिए अच्छा विकल्प है। सफेद मिडी स्कर्ट और जालीदार बैले फ्लैट्स अगस्त के लिए सफेद मिडी स्कर्ट और जालीदार बैले फ्लैट्स का मेल बेहद ताजा और हल्का दिखाई देता है। हल्के और सामान्य रंगों वाले जूते चुनने से पहनावा ज्यादा बहुउपयोगी बन जाता है। अगर आपको एक ही रंग के अलग-अलग रंगों वाला पहनावा पसंद है, तो स्कर्ट और जूतों के साथ मिलते-जुलते रंग की आधी बांह वाली कमीज पहन सकती हैं। सूती या लिनन जैसे हल्के कपड़े इस अंदाज को और आरामदायक बनाते हैं। डेनिम मिडी स्कर्ट के साथ जालीदार बैले फ्लैट्स डेनिम मिडी स्कर्ट हर मौसम में उपयोगी परिधान मानी जाती है। लेकिन इस बार इसे लंबे जूतों के बजाय जालीदार बैले फ्लैट्स के साथ पहनने का चलन बढ़ रहा है। सफेद कमीज के साथ डेनिम मिडी स्कर्ट और जालीदार बैले फ्लैट्स का मेल सामान्य होने के बावजूद बेहद आकर्षक लगता है। रोजमर्रा के पहनावे में थोड़ा अलग अंदाज जोड़ने के लिए यह अच्छा विकल्प है। चौखानेदार मिडी स्कर्ट और लाल मैरी जेन बैले फ्लैट्स अगर आप सादे पहनावे से अलग कुछ रंगीन और चंचल अंदाज अपनाना चाहती हैं, तो चौखानेदार मिडी स्कर्ट के साथ लाल मैरी जेन बैले फ्लैट्स पहन सकती हैं। इस मेल में पुराने दौर के फैशन की झलक दिखाई देती है। इसके साथ कॉलर वाली कमीज पहनकर पूरे पहनावे को साठ के दशक से प्रेरित आधुनिक रूप दिया जा सकता है। चमड़े की मिडी स्कर्ट और खेल शैली वाले बैले फ्लैट्स बैले फ्लैट्स केवल कोमल और पारंपरिक अंदाज के लिए ही नहीं हैं। इन्हें खेल शैली के जूतों के साथ भी जोड़ा जा सकता है। भूरे रंग की चमड़े की मिडी स्कर्ट के साथ पट्टियों या खास डिजाइन वाले बैले फ्लैट्स शाम के लिए शानदार पहनावा तैयार कर सकते हैं। इसके साथ शरीर से लिपटी छोटी कमीज पहनकर नब्बे के दशक से प्रेरित अंदाज अपनाया जा सकता है। इस तरह का पहनावा उन महिलाओं के लिए अच्छा विकल्प है जो ऊंची एड़ी वाले जूतों के बिना भी शाम के कार्यक्रम में आकर्षक दिखना चाहती हैं। बोहो मिडी स्कर्ट और पट्टियों वाले बैले फ्लैट्स बोहो शैली पसंद करने वालों के लिए फूलों की डिजाइन वाली मिडी स्कर्ट और पट्टियों वाले बैले फ्लैट्स का मेल बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। फूलों वाली मिडी स्कर्ट को टखने पर बंधने वाले बैले फ्लैट्स के साथ पहनकर स्त्रैण और सहज रूप हासिल किया जा सकता है। इसके साथ लहरदार डिजाइन वाली कमीज या साधारण बिना आस्तीन का परिधान पहना जा सकता है। यह पहनावा घूमने-फिरने, छुट्टियों और सप्ताहांत की योजनाओं के लिए खास तौर पर अच्छा है। साटन मिडी स्कर्ट और चमकदार बैले फ्लैट्स अगर आप आधुनिक और कुछ अलग अंदाज अपनाना चाहती हैं, तो साटन की मिडी स्कर्ट के साथ चमकदार बैले फ्लैट्स पहन सकती हैं। दो हिस्सों में बंटी नोक वाले खास डिजाइन के बैले फ्लैट्स पूरे पहनावे को आधुनिक रूप देते हैं। इसके साथ सफेद कमीज या महीन कपड़े का गले वाला ब्लाउज पहनकर इसे सहज और आकर्षक बनाया जा सकता है। क्यों खास है मिडी स्कर्ट और बैले फ्लैट्स की जोड़ी? इस फैशन रुझान की सबसे बड़ी खूबी इसका संतुलन है। मिडी स्कर्ट पहनावे को आकर्षक और सलीकेदार बनाती है, जबकि बैले फ्लैट्स उसे आरामदायक और व्यावहारिक बनाए रखते हैं। आप अपनी पसंद के अनुसार इस मेल को अलग-अलग तरह से अपना सकती हैं: कार्यालय के लिए चुन्नट वाली मिडी स्कर्ट और नुकीले बैले फ्लैट्स सामान्य घूमने के लिए डेनिम मिडी स्कर्ट और जालीदार बैले फ्लैट्स पुराने दौर से प्रेरित अंदाज के लिए चौखानेदार स्कर्ट और मैरी जेन बैले फ्लैट्स शाम के कार्यक्रम के लिए चमड़े की मिडी स्कर्ट और खेल शैली वाले फ्लैट्स बोहो अंदाज के लिए फूलों वाली स्कर्ट और पट्टियों वाले बैले फ्लैट्स आधुनिक अंदाज के लिए साटन मिडी स्कर्ट और चमकदार बैले फ्लैट्स अगस्त में अपनाएं यह आसान फैशन फॉर्मूला अगर आप इस मौसम में ऊंची एड़ी वाले जूतों से थोड़ा आराम चाहती हैं, लेकिन पहनावे की खूबसूरती से समझौता नहीं करना चाहतीं, तो मिडी स्कर्ट और बैले फ्लैट्स आपके परिधान संग्रह का उपयोगी हिस्सा बन सकते हैं। फैशन की खूबसूरती यही है कि पुराने परिधानों को नए अंदाज में पेश किया जाए। मिडी स्कर्ट की खूबसूरती और बैले फ्लैट्स का आराम इस फैशन रुझान को खास बनाता है। यही वजह है कि यह मेल केवल कुछ समय के लिए चलने वाला रुझान नहीं, बल्कि लंबे समय तक पसंद किया जाने वाला पहनावा बन सकता है।
बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी कुंद्रा एक बार फिर अपने शानदार साड़ी लुक से फैशन प्रेमियों का ध्यान खींच रही हैं। इस बार उन्होंने पारंपरिक साड़ी को बिल्कुल आधुनिक अंदाज में पेश किया। चॉकलेट ब्राउन रंग की उनकी प्री-ड्रेप्ड साड़ी ने जहां उनके लुक को बेहद आकर्षक बनाया, वहीं ब्लाउज में ही बनाया गया नेकलेस जैसा डिजाइन इस पूरे परिधान की सबसे खास खूबी रहा। शिल्पा शेट्टी का साड़ी के साथ रिश्ता हमेशा से खास रहा है। पारंपरिक रेशमी साड़ियों से लेकर हल्की शिफॉन और आधुनिक प्रयोगधर्मी ड्रेप्स तक, अभिनेत्री ने अलग-अलग मौकों पर साड़ी को नए अंदाज में पेश किया है। इस बार भी उन्होंने साड़ी के पारंपरिक स्वरूप को बरकरार रखते हुए उसमें आधुनिक फैशन का शानदार मेल किया। चॉकलेट ब्राउन रंग में दिखा नया फैशन ट्रेंड शिल्पा ने गहरे चॉकलेट ब्राउन और मोका शेड वाली साड़ी पहनी। यह रंग इस समय अवसरों और उत्सवों के परिधानों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। जहां आमतौर पर शादी और उत्सवों के लिए लाल, हरे, गुलाबी या सुनहरे जैसे चमकीले रंगों को प्राथमिकता दी जाती है, वहीं चॉकलेट ब्राउन एक परिष्कृत और अलग विकल्प के तौर पर सामने आ रहा है। शिल्पा के लुक ने यह भी दिखाया कि गहरा भूरा रंग केवल साधारण या कैजुअल पहनावे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे ग्लैमरस अवसरों पर भी बेहद खूबसूरती से पहना जा सकता है। प्री-ड्रेप्ड साड़ी ने दिया आधुनिक सिल्हूट शिल्पा ने पारंपरिक तरीके से साड़ी पहनने के बजाय प्री-ड्रेप्ड शैली को चुना। इस डिजाइन में साड़ी शरीर की बनावट के अनुसार सधे हुए अंदाज में नजर आती है और पहनने वाले को आधुनिक, आकर्षक सिल्हूट देती है। कपड़े पर उसी रंग के चमकदार क्रिस्टल लगाए गए हैं, जो रोशनी पड़ने पर हल्की चमक पैदा करते हैं। यह सजावट बहुत अधिक भड़कीली नहीं लगती, बल्कि पूरे परिधान को एक सॉफ्ट और लक्जरी प्रभाव देती है। ब्लाउज में ही बना दिया गया नेकलेस इस लुक की सबसे खास बात इसका ब्लाउज रहा। ब्लाउज का डिजाइन तांबे और सुनहरे रंग के चमकदार टोन में तैयार किया गया था। इसमें क्रिस्टल और बारीक बीडवर्क का इस्तेमाल किया गया। इस सजावट को इस तरह डिजाइन किया गया कि देखने पर ऐसा लगे जैसे ब्लाउज के ऊपर कोई भारी नेकलेस पहना गया हो। यानी यहां परिधान और आभूषण को एक ही डिजाइन में मिला दिया गया। यह डिजाइन न सिर्फ देखने में आकर्षक है, बल्कि इसका एक व्यावहारिक फायदा भी है। इस तरह के ब्लाउज के साथ भारी नेकलेस पहनने की जरूरत नहीं पड़ती और पूरा लुक अधिक संतुलित दिखाई देता है। एक्सेसरीज में रखा गया सादगी का संतुलन जब साड़ी और ब्लाउज खुद ही इतना आकर्षक हो, तो ज्यादा आभूषण पूरे लुक को भारी बना सकते हैं। शायद यही वजह है कि शिल्पा ने बाकी एक्सेसरीज को काफी संतुलित रखा। उन्होंने कंधों तक आने वाले दिल के आकार के इयररिंग्स पहने। इसके साथ उनकी डायमंड एंगेजमेंट रिंग भी नजर आई। हाथ में भूरे रंग की लेदर स्ट्रैप वाली घड़ी और एक पतला सुनहरा कंगन उनके लुक को पूरा कर रहा था। इस तरह उन्होंने साड़ी, ब्लाउज और आभूषणों के बीच सही संतुलन बनाए रखा। मेकअप भी मोका पैलेट के साथ रखा मेल शिल्पा ने अपने पसंदीदा ग्लैमरस ब्यूटी लुक को इस परिधान के साथ जोड़ा। उनके बालों को वॉल्यूम वाला ब्लो-ड्राई दिया गया था। मेकअप में स्मोकी आईज, अच्छी तरह परिभाषित लैशेज और न्यूड ब्राउन लिप्स शामिल थे। यह पूरा मेकअप उनकी चॉकलेट ब्राउन साड़ी के रंगों के साथ पूरी तरह मेल खाता नजर आया। क्या चॉकलेट ब्राउन नया रेड बन रहा है? शिल्पा का यह लुक फैशन की बदलती पसंद की ओर भी इशारा करता है। उत्सवों और खास मौकों के लिए लंबे समय से लाल, ज्वेल टोन और मेटैलिक रंगों का दबदबा रहा है। लेकिन चॉकलेट ब्राउन अब एक ऐसे विकल्प के रूप में सामने आ रहा है जो एक साथ आधुनिक, सुरुचिपूर्ण और आकर्षक दिखाई देता है। खास बात यह है कि इस रंग को पारंपरिक साड़ी, प्री-ड्रेप्ड साड़ी, लहंगे या आधुनिक ब्लाउज के साथ आसानी से जोड़ा जा सकता है। शिल्पा का यह लुक यह साबित करता है कि साड़ी को आधुनिक बनाने के लिए उसके मूल स्वरूप को पूरी तरह बदलने की जरूरत नहीं है। सही रंग, फिटिंग, सिल्हूट और सजावट के जरिए पारंपरिक परिधान को भी बिल्कुल नया और समकालीन रूप दिया जा सकता है।
सावन का महीना आते ही हरियाली, त्योहारों और पारंपरिक सजने-संवरने की रौनक बढ़ जाती है। हरियाली तीज, नाग पंचमी, रक्षाबंधन और सावन के सोमवार जैसे मौकों पर महिलाएं और युवतियां मेहंदी लगाना पसंद करती हैं। अगर आप भी इस सावन हाथों पर खूबसूरत लेकिन ज्यादा भारी मेहंदी नहीं लगाना चाहती हैं, तो बेल मेहंदी डिजाइन आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है। बेल डिजाइन की खासियत यह है कि यह कम समय में तैयार हो जाती है और हाथों को आकर्षक व एलिगेंट लुक देती है। इसे पारंपरिक के साथ-साथ मॉडर्न अंदाज में भी बनाया जा सकता है। फ्लोरल बेल, अरेबिक बेल, फिंगर बेल और मंडला-बेल कॉम्बिनेशन इस समय पसंद किए जा रहे हैं। फ्लोरल बेल डिजाइन है आसान और स्टाइलिश फ्लोरल बेल डिजाइन में छोटे-छोटे फूल, पत्तियां और बेल की आकृतियां कलाई से उंगलियों तक बनाई जाती हैं। यह डिजाइन सिंपल होने के साथ काफी खूबसूरत दिखाई देती है। सूट, साड़ी और इंडो-वेस्टर्न आउटफिट के साथ यह डिजाइन खास तौर पर अच्छी लगती है। यह डिजाइन कॉलेज जाने वाली युवतियों, ऑफिस वर्कर्स और सावन या तीज की पूजा के लिए मेहंदी लगाने वाली महिलाओं के लिए अच्छा विकल्प है। मंडला और बेल का कॉम्बिनेशन देगा ट्रेडिशनल लुक अगर आप पारंपरिक और मॉडर्न डिजाइन का कॉम्बिनेशन चाहती हैं, तो मंडला-बेल डिजाइन चुन सकती हैं। इसमें हथेली के बीच में गोल मंडला बनाया जाता है और उसके आसपास या उससे निकलती हुई बेल की डिजाइन तैयार की जाती है। यह डिजाइन फोटो में काफी आकर्षक नजर आती है और ट्रेडिशनल कपड़ों के साथ खूबसूरत लुक देती है। इसे अलग-अलग उम्र की महिलाएं अपनी पसंद के अनुसार कस्टमाइज करा सकती हैं। अरेबिक बेल डिजाइन भी है काफी पसंद अरेबिक बेल मेहंदी उन लोगों के लिए अच्छी है, जो कम समय में स्टाइलिश डिजाइन चाहती हैं। इसमें मोटी आउटलाइन, बड़े फूल और पत्तियों के साथ खाली जगह का खूबसूरत इस्तेमाल किया जाता है। इस डिजाइन की सबसे बड़ी खासियत है कि यह जल्दी तैयार हो जाती है और हाथों को ज्यादा भरा हुआ दिखाए बिना आकर्षक बनाती है। शुरुआती लोगों के लिए भी यह अपेक्षाकृत आसान डिजाइन मानी जाती है। कम मेहंदी पसंद है तो चुनें फिंगर बेल डिजाइन अगर आपको हथेली पर ज्यादा भरी हुई मेहंदी पसंद नहीं है, तो फिंगर बेल डिजाइन ट्राई कर सकती हैं। इसमें उंगलियों और हथेली के छोटे हिस्से पर बेल, फूल और पत्तियों की आकृतियां बनाई जाती हैं। यह डिजाइन मॉडर्न और एलिगेंट लुक देती है और कॉलेज, ऑफिस या छोटे पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए भी अच्छी रहती है। मेहंदी का रंग गहरा करने के लिए रखें इन बातों का ध्यान मेहंदी की खूबसूरती सिर्फ डिजाइन से नहीं, बल्कि उसके रंग से भी बढ़ती है। गहरा रंग पाने के लिए मेहंदी को पूरी तरह सूखने तक पानी से बचाएं। सूखने के बाद नींबू-चीनी का मिश्रण हल्के हाथ से लगाया जा सकता है। मेहंदी को करीब 6 से 8 घंटे या रातभर लगा रहने देना भी मददगार हो सकता है। मेहंदी हटाने के तुरंत बाद हाथों पर साबुन का इस्तेमाल करने से बचें। हालांकि, मेहंदी का रंग त्वचा, मेहंदी की गुणवत्ता और देखभाल के तरीके के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। इस सावन अगर आप सिंपल, खूबसूरत और ट्रेंडी मेहंदी डिजाइन चाहती हैं, तो बेल डिजाइन आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।