झारखंड

JAC 9th result 2026
JAC 9वीं रिजल्ट जारी, 99.17% छात्र पास; बेटियों का शानदार प्रदर्शन

रांची। JAC ने कक्षा 9वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का परिणाम जारी कर दिया है। इस साल रिजल्ट बेहद शानदार रहा, जहां कुल 99.17% छात्र सफल घोषित किए गए। परीक्षा में राज्यभर से 4,10,258 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 4,06,883 छात्रों ने सफलता हासिल की।   बेटियों ने फिर मारी बाजी इस वर्ष भी छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया है। छात्राओं का पास प्रतिशत 99.22% रहा, जबकि छात्रों का 99.12% दर्ज किया गया। यह लगातार दूसरा साल है जब बेटियों ने परीक्षा में अपनी श्रेष्ठता साबित की है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार का कुल परिणाम भी बेहतर रहा है।   जिलों में बोकारो नंबर-1 जिलावार प्रदर्शन की बात करें तो बोकारो 99.63% सफलता दर के साथ राज्य में पहले स्थान पर रहा। इसके बाद कोडरमा और हजारीबाग का स्थान रहा। वहीं, सिमडेगा जिले का प्रदर्शन सबसे कम रहा, जहां 98.20% छात्र ही पास हो सके।   प्रमंडलवार आंकड़े भी बेहतर प्रमंडल स्तर पर उत्तरी छोटानागपुर 99.45% के साथ सबसे आगे रहा। इसके बाद संताल परगना (99.42%), पलामू (99.11%), कोल्हान (99.05%) और दक्षिणी छोटानागपुर (99.02%) का स्थान रहा।   OMR शीट पर हुई थी परीक्षा यह परीक्षा मार्च के पहले सप्ताह में OMR शीट के माध्यम से आयोजित की गई थी। रिजल्ट जारी करते समय JAC अध्यक्ष और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।   शिक्षा के स्तर में सुधार का संकेत इस शानदार परिणाम को राज्य में शिक्षा के स्तर में सुधार का संकेत माना जा रहा है। उच्च सफलता दर से छात्रों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल है।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
CCTV tender scam rumours
झारखंड : थानों में CCTV लगाने के नाम पर घोटाले की आहट, टेंडर पर उठे सवाल

रांची। झारखंड में थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। करीब 100 से 115 करोड़ रुपये की इस परियोजना में कथित अनियमितताओं और बंदरबांट की आशंका जताई जा रही है। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया को इस तरह तैयार किया गया है कि केवल एक खास कंपनी को लाभ मिल सके।जानकारी के अनुसार, इस योजना के लिए पहले भी दो बार टेंडर जारी किए गए थे, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण दोनों बार रद्द करना पड़ा। अब तीसरी बार टेंडर जारी किया गया है, लेकिन इस बार भी शर्तों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि टेंडर में ऐसे नियम शामिल किए गए हैं, जिससे बड़ी कंपनियां भी प्रक्रिया में भाग नहीं ले पा रही हैं।   जैप आईटी विभाग पर उठे सवाल टेंडर प्रक्रिया को लेकर जैप आईटी विभाग विवादों में आ गया है। पहले इसे झारखंड ई-प्राक्योरमेंट पोर्टल पर अपलोड किया गया, जबकि इसे जेम पोर्टल पर होना चाहिए था। बाद में इसे जेम पोर्टल पर डाला गया, लेकिन शर्तें सामने आते ही पूरे मामले पर संदेह गहरा गया।   10 हजार कैमरे लगाने की योजना इस योजना के तहत राज्य के विभिन्न थानों में करीब 10 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। इसमें डोम और बुलेट कैमरे शामिल हैं। इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस समेत कुल खर्च 115 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।   बाबूलाल मरांडी ने जताई बड़ी आशंका पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस टेंडर में भारी अनियमितता और कमीशनखोरी का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह घोटाला शराब घोटाले से भी बड़ा साबित हो सकता है।   सरकार की छवि पर सवाल इस पूरे मामले ने एक बार फिर सरकारी कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
BJP protest Jharkhand
बिजली दर बढ़ोतरी पर भाजपा का JBVNL कार्यालय पर धरना

रांची। झारखंड में बिजली दरों में बढ़ोतरी और खराब आपूर्ति व्यवस्था के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को राज्यव्यापी प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालयों में झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के कार्यालयों के बाहर धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। राजधानी रांची में डोरंडा स्थित JBVNL कार्यालय के सामने भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे।   नेताओं ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप रांची में आयोजित प्रदर्शन का नेतृत्व विधायक सीपी सिंह और मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने किया। इस दौरान सीपी सिंह ने आरोप लगाया कि राजधानी में 24 घंटे बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है और आम जनता बिजली संकट से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि वीआईपी और अधिकारियों को प्राथमिकता देकर आम लोगों की अनदेखी की जा रही है।   स्मार्ट मीटर और बिलिंग पर उठे सवाल नवीन जायसवाल ने कहा कि स्मार्ट मीटर लागू होने के बाद बिजली बिल में अनियमितता बढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं से जबरन वसूली की जा रही है और शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। बिजली कनेक्शन काटे जाने की घटनाओं से लोग और परेशान हो रहे हैं।   कई जिलों में हुआ प्रदर्शन यह आंदोलन केवल रांची तक सीमित नहीं रहा। खूंटी, गुमला, लोहरदगा, जमशेदपुर, पलामू, गढ़वा, कोडरमा, धनबाद, बोकारो, देवघर, दुमका और पाकुड़ सहित कई जिलों में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।   आगे उग्र आंदोलन की चेतावनी भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली आपूर्ति और बिलिंग व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि सरकार को जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेना होगा, अन्यथा विरोध और व्यापक रूप ले सकता है।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
Garhwa riot news
गढ़वा बवाल में बड़ी कार्रवाई, 80 नामजद समेत 400 पर केस

गढ़वा। झारखंड के गढ़वा जिले के महुलिया मोड़ पर गुरुवार शाम एक सड़क हादसे के बाद हालात बेकाबू हो गए। ट्रैक्टर की चपेट में आने से दो लोगों की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। देखते ही देखते आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग जुट गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।   पुलिस पर पथराव, 25 से अधिक जवान घायल सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ का गुस्सा शांत नहीं हुआ। इसी दौरान कुछ लोगों ने अचानक पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस घटना में 25 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई जवानों को गंभीर चोटें आई हैं।   लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग से हालात काबू स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को पहले हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। लेकिन जब भीड़ और उग्र हो गई, तो लाठीचार्ज किया गया। इसके बाद भी स्थिति नहीं संभलने पर पुलिस ने हवाई फायरिंग की, जिसके बाद भगदड़ मच गई और भीड़ तितर-बितर हो गई।   80 नामजद, 400 अज्ञात के खिलाफ केस घटना के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 80 लोगों को नामजद और 400 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही घटनास्थल से 24 बाइक जब्त की गई हैं, जिनके आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।   एसपी ने संभाला मोर्चा, हालात सामान्य घटना की जानकारी मिलते ही एसपी अमन कुमार मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। फिलहाल इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और हालात सामान्य बताए जा रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि वीडियो फुटेज के आधार पर जल्द ही और गिरफ्तारियां की जाएंगी।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
Ranchi airport flights
रांची एयरपोर्ट से बढ़ीं उड़ानें, मुंबई-दिल्ली-हैदराबाद के लिए अतिरिक्त उड़ानों का ऐलान

रांची। रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। बढ़ती यात्रियों की संख्या और समर सीजन को देखते हुए मई महीने से अतिरिक्त उड़ानों का संचालन शुरू होगा। इससे खासकर मुंबई, नई दिल्ली और हैदराबाद जाने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।   इंडिगो और एयर इंडिया बढ़ा रही सेवाएं IndiGo मुंबई रूट पर 1 मई से 29 मई तक विशेष समर फ्लाइट चलाएगी। यह सेवा सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को उपलब्ध रहेगी। वहीं Air India ने भी रांची से मुंबई, दिल्ली और हैदराबाद के लिए अतिरिक्त उड़ानें शुरू करने का निर्णय लिया है। ये उड़ानें अलग-अलग समय स्लॉट में संचालित होंगी, जिससे यात्रियों को सुविधा अनुसार विकल्प मिल सकेगा।   समय और सुविधा का बेहतर संतुलन नई व्यवस्था के तहत मुंबई के लिए शाम के समय, दिल्ली के लिए सुबह और हैदराबाद के लिए दोपहर में सीधी उड़ान उपलब्ध होगी। इससे बिजनेस ट्रैवलर्स और आपात यात्रा करने वाले लोगों को खास फायदा होगा। यात्रियों को अब ज्यादा फ्लेक्सिबल टाइमिंग और बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।   गर्मी की छुट्टियों में बढ़ती मांग का असर गर्मी की छुट्टियों के दौरान यात्रियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होती है। ऐसे में अतिरिक्त उड़ानों से टिकट की उपलब्धता बेहतर होगी और किराए में भी संतुलन बने रहने की उम्मीद है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।   मजबूत होगा रांची का हवाई नेटवर्क नई उड़ानों के शुरू होने से रांची का हवाई नेटवर्क और मजबूत होगा। इससे राज्य के यात्रियों को देश के प्रमुख शहरों तक पहुंचने के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे। यह कदम न केवल यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास और कनेक्टिविटी को भी नई दिशा देगा।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
Palamu road project
केंद्र सरकार की पहल: पलामू के नक्सल प्रभावित इलाके में 103 करोड़ से बनेगी सड़क

रांची। झारखंड के पलामू जिले के नवाबाजार प्रखंड से पांडु प्रखंड के कजरू कला तक सड़क निर्माण को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के लिए 103.608 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह स्वीकृति सांसद विष्णुदयाल राम की पहल पर मिली, जिन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर इस सड़क की जरूरत को प्रमुखता से उठाया था।   नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बदलेगी तस्वीर यह सड़क 23.615 किलोमीटर लंबी होगी और उस क्षेत्र से होकर गुजरेगी जो कभी नक्सल गतिविधियों के लिए चर्चित रहा है। लंबे समय से खराब सड़क और दुर्गम रास्तों के कारण यहां के लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। सड़क निर्माण के बाद इस इलाके में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी और सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।   आवागमन होगा आसान, दूरी होगी कम वर्तमान में कजरू कला क्षेत्र तक पहुंचने के लिए लोगों को 60 से 65 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ता है। सड़क बनने के बाद यह दूरी घटकर 40 से 45 किलोमीटर रह जाएगी। इससे समय और लागत दोनों की बचत होगी और लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी।   ग्रामीणों को मिलेगा सीधा फायदा इस सड़क परियोजना से 25 से अधिक गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। स्थानीय लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंच आसान हो जाएगी। इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।   पीएम और केंद्रीय मंत्री को जताया आभार सांसद विष्णुदयाल राम ने इस परियोजना की मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह सड़क क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी और लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
Chatra encounter news
चतरा में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, इनामी नक्सली शाहदेव सोरेन समेत 4 ढेर

चतरा। चतरा जिले के पिपरवार-केरेडारी सीमावर्ती इलाके में शुक्रवार को पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली। इस कार्रवाई में इनामी नक्सली शाहदेव सोरेन समेत कुल 4 नक्सली मारे गए। ऑपरेशन को कोबरा बटालियन और जिला पुलिस ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया। सूत्रों के अनुसार, इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर सर्च अभियान चलाया गया था, जिसके दौरान मुठभेड़ शुरू हो गई। फिलहाल सुरक्षा बलों द्वारा पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी है। झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान अंतिम चरण में है और लगातार कार्रवाई की जा रही है।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
Jharkhand Home Guard
झारखंड में होमगार्ड भुगतान नियम बदले, बिना वेरिफिकेशन नहीं मिलेगा पैसा

रांची। झारखंड में होमगार्ड जवानों के कर्तव्य भत्ते (ड्यूटी अलाउंस) के भुगतान को लेकर नई गाइडलाइन लागू कर दी गई है। अब राज्यभर के सभी जवानों के बैंक खातों का सत्यापन किया जाएगा। वित्त विभाग ने इसके लिए एक निर्धारित फॉर्मेट जारी किया है, जिसे भरकर संबंधित जिला कार्यालय में जमा करना अनिवार्य होगा।   विभागीय आदेश नीचे तक पहुंचा इस संबंध में वित्त विभाग ने गृहरक्षा वाहिनी के महानिदेशक को पत्र जारी कर प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया है। इसके बाद यह आदेश जिला स्तर तक भेज दिया गया है और सभी होमगार्ड जवानों को नोटिस जारी कर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है।   सत्यापन के बिना नहीं मिलेगा भत्ता विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक बैंक खाते का सत्यापन नहीं हो जाता, तब तक किसी भी जवान को ड्यूटी अलाउंस का भुगतान नहीं किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भत्ता सही व्यक्ति के खाते में ही पहुंचे।   फॉर्म में देनी होगी विस्तृत जानकारी जारी किए गए फॉर्म में जवानों को अपनी पूरी व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी भरनी होगी। इसमें पेयी आईडी, नाम, सैन्य संख्या, मोबाइल नंबर, जन्म तिथि, नामांकन तिथि, आधार नंबर, पैन नंबर, बैंक खाता संख्या और आईएफएससी कोड शामिल हैं। इसके साथ सभी दस्तावेजों को स्व-अभिप्रमाणित कर जमा करना भी जरूरी होगा।   होमगार्ड एसोसिएशन ने जताई नाराजगी इस नई प्रक्रिया को लेकर झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन ने आपत्ति जताई है। प्रदेश अध्यक्ष रवि मुखर्जी ने कहा कि यह प्रक्रिया अनावश्यक रूप से जटिल है और इससे जवानों को परेशानी होगी। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे राज्य का पूरा खजाना होमगार्ड जवानों के पास ही है।   फैसले पर पुनर्विचार की मांग एसोसिएशन ने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि व्यवस्था को सरल बनाया जाना चाहिए ताकि जवानों को अनावश्यक प्रक्रियाओं में न उलझना पड़े और उन्हें समय पर भत्ता मिल सके।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
drug smuggling crackdown
ड्रग्स तस्करी पर पुलिस सख्त, डीजीपी करेंगी जिलों की समीक्षा

रांची। झारखंड में अवैध अफीम की खेती और मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी कड़ी में आज 17 अप्रैल को दोपहर 3 बजे डीजीपी तदाशा मिश्रा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्य से होगी, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों के पुलिस अधिकारी शामिल होंगे।   अभियान की प्रगति और कार्रवाई की होगी समीक्षा बैठक में अब तक चलाए गए अभियान की समीक्षा की जाएगी, जिसमें अवैध अफीम की खेती को नष्ट करने की प्रगति, तस्करी से जुड़े मामलों में की गई गिरफ्तारी, जब्ती और पुलिस कार्रवाई के आंकड़ों पर विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही भविष्य की रणनीति तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।   कई जिलों के एसपी को शामिल होने का निर्देश इस अहम बैठक में रांची, चतरा, पलामू, चाईबासा, सरायकेला-खरसावां, हजारीबाग, लातेहार और खूंटी सहित कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को भाग लेने के निर्देश दिए गए हैं। इन जिलों को इसलिए शामिल किया गया है क्योंकि यहां अवैध अफीम खेती और नशा तस्करी के मामले अधिक सामने आते रहे हैं।   पूरी तैयारी के साथ शामिल होने के निर्देश पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि सभी अधिकारी बैठक में पूरी तैयारी के साथ शामिल हों। उन्हें अपने-अपने जिलों की विस्तृत रिपोर्ट, कार्रवाई की स्थिति और संबंधित आंकड़े प्रस्तुत करने होंगे। यह आदेश सीआईडी एसपी (द्वितीय) की ओर से जारी किया गया है।   नशा कारोबार पर नकेल कसने की कोशिश राज्य सरकार और पुलिस विभाग अवैध नशा कारोबार पर सख्ती से रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। इस समीक्षा बैठक को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज हो सकती है।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
tribal land scam Ranchi
रांची के पोश इलाके से आदिवासी जमीन पर अवैध धंधे का खुलासा, अंदर मिला चौंकाने वाला सामान

रांची। रांची के पोश इलाके हरिहर सिंह रोड पर एक आदिवासी परिवार ने अपनी 44 डिसमिल खतियानी जमीन पर कथित अवैध कब्जे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। परिवार का आरोप है कि इस जमीन पर लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों के सहारे कब्जा किया गया था। इस मामले में जितेंद्र सिंह (जेके इंटरनेशनल) और उनकी विधायक पत्नी किरण देवी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जब परिवार और स्थानीय लोगों ने जमीन के गेट का ताला तोड़ा, तो अंदर का दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए। मौके से कथित तौर पर जाली नोट, शराब की बोतलें और अन्य संदिग्ध सामान बरामद हुए। लोगों का दावा है कि इस जगह का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।   CNT एक्ट उल्लंघन का आरोप पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि यह कब्जा छोटा नागपुर काश्तकारी अधिनियम (CNT Act) का उल्लंघन करते हुए किया गया है। यह कानून आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण को नियंत्रित करता है, ताकि उनकी जमीन सुरक्षित रह सके। इस मामले ने एक बार फिर आदिवासी जमीन की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।   तीर-धनुष के साथ विरोध, बढ़ा तनाव घटना के दौरान आदिवासी परिवार और उनके समर्थक पारंपरिक हथियारों जैसे तीर-धनुष के साथ विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। इससे इलाके में तनाव और बढ़ गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर जुट गए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।   प्रशासन की एंट्री, जांच शुरू सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।   निष्पक्ष कार्रवाई की मांग पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह घटना एक बार फिर आदिवासी जमीनों पर अवैध कब्जे के मुद्दे को चर्चा में ले आई है।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
exam paper leak case
उत्पाद सिपाही पेपर लीक केस: 28 आरोपियों की जमानत पर सुनवाई, कोर्ट ने मांगी केस डायरी

रांची। रांची सिविल कोर्ट में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। गुरुवार को इस केस में गिरफ्तार 28 आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई। अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस से केस डायरी पेश करने का निर्देश दिया है। अब इस मामले की विस्तृत सुनवाई 20 अप्रैल को होगी।   पहले भी दायर हुई थीं जमानत याचिकाएं इससे पहले बुधवार को भी 20 आरोपियों ने जमानत के लिए आवेदन दिया था, जिसके बाद अदालत में सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हुई। लगातार दायर हो रही याचिकाओं के कारण मामला न्यायिक स्तर पर और महत्वपूर्ण हो गया है।   छापेमारी में बड़े गिरोह का खुलासा पुलिस की जांच में इस पेपर लीक मामले में एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने का खुलासा हुआ है। हाल ही में की गई बड़ी छापेमारी में कुल 164 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिससे पूरे नेटवर्क की गहराई का अंदाजा लगाया जा रहा है।   कई आरोपियों को भेजा गया जेल सोमवार को सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जांच में कई प्रमुख नाम सामने आए हैं, जिनमें अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद शामिल हैं।   महिलाओं की संलिप्तता भी उजागर जांच में यह भी सामने आया है कि इस मामले में 7 महिलाओं की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। इस संबंध में तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।   20 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी निगाहें अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में 20 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है। अदालत केस डायरी के आधार पर आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर आगे का फैसला ले सकती है, जिस पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
Jharkhand SIR postponed
झारखंड में जून से शुरू होगी SIR प्रक्रिया

रांची। झारखंड में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया अब जून 2026 में शुरू की जाएगी। पहले इसके जल्द शुरू होने की संभावना थी, लेकिन अब इसे आगे बढ़ा दिया गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने बताया कि राज्य में चल रही जनगणना और संबंधित प्रक्रियाओं के कारण इसमें देरी हुई है।   जनगणना के कारण बदला कार्यक्रम राज्य में 2026-2027 की जनगणना का पहला चरण 1 मई 2026 से 14 जून 2026 तक चलेगा। इसमें 1 से 15 मई तक स्व-गणना और 16 मई से 14 जून तक फील्ड सर्वे किया जाएगा। इसी वजह से SIR की गतिविधियों को फिलहाल टाल दिया गया है, ताकि दोनों महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में किसी तरह का टकराव न हो।   प्री-एक्टिविटी में बीएलओ को आ रही दिक्कतें SIR से पहले चल रही प्री-एक्टिविटी के तहत बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) घर-घर जाकर मतदाताओं से जानकारी एकत्र कर रहे हैं। हालांकि, कई जगहों पर उन्हें सहयोग नहीं मिल रहा है। कुछ मामलों में बीएलओ को घरों में प्रवेश तक नहीं करने दिया जा रहा है, जिससे काम प्रभावित हो रहा है।   शहरी क्षेत्रों में ज्यादा परेशानी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार यह समस्या खासकर शहरी क्षेत्रों में अधिक देखने को मिल रही है। रांची, धनबाद और जमशेदपुर जैसे शहर प्री-एक्टिविटी में पिछड़ते दिख रहे हैं। हाल ही में किए गए फील्ड निरीक्षण में भी ऐसी शिकायतें सामने आई हैं।   ‘पारेंटल मैपिंग’ 75 प्रतिशत पूरी के रवि कुमार ने बताया कि प्री-एक्टिविटी के तहत चल रही पारेंटल मैपिंग का कार्य लगभग 75 प्रतिशत पूरा हो चुका है। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि वे बीएलओ का सहयोग करें, ताकि भविष्य में उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।   सहयोग की अपील निर्वाचन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बीएलओ को आवश्यक दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध कराएं। विभाग का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाताओं के हित में है और इससे चुनावी रिकॉर्ड को और अधिक सटीक बनाया जा सकेगा।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
RIMS treatment cost
रिम्स में इलाज कराना हुआ महंगा

रांची। रांची के रिम्स में इलाज कराना 20 अप्रैल से थोड़ा महंगा हो जाएगा। संस्थान में ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) पंजीकरण शुल्क को 5 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है। बता दे यह निर्णय शासी परिषद (गवर्निंग बॉडी) की 64वीं बैठक में लिया गया था। बैठक के दौरान ओपीडी शुल्क को सीधे 20 रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया था, लेकिन सदस्यों के विरोध के बाद इसे घटाकर 10 रुपये पर सहमति बनी। निर्णय को सदर अस्पताल रांची में लागू दरों के अनुरूप बताया गया है, जहां पहले से ही 10 रुपये का ओपीडी पंजीकरण शुल्क लिया जा रहा है।   बेहतर सेवाओं के लिए जरूरी कदम रिम्स प्रशासन का कहना है कि यह शुल्क वृद्धि मामूली है और इससे संस्थान की व्यवस्थाओं और सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। रिम्स निदेशक प्रो. डॉ. राज कुमार ने इस निर्णय के बाद समीक्षा बैठक कर सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी जारी कर दिए हैं।हालांकि इस फैसले को लेकर पहले भी आपत्तियां उठ चुकी हैं। कई लोगों का मानना है कि रिम्स जैसे बड़े सरकारी अस्पताल में, जहां बड़ी संख्या में गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर मरीज इलाज के लिए आते हैं, वहां शुल्क बढ़ने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
chatra sankatmochan dham
झारखंड के चतरा में बन रहा विशाल संकटमोचन धाम, रांची में निकली रथ यात्रा

रांची। झारखंड के चतरा जिला अंतर्गत सिमरिया प्रखंड के पिरी में पूर्वी भारत के सबसे बड़े ‘उदधिक्रमण संकटमोचन हनुमान धाम’ का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। करीब 8 एकड़ क्षेत्र में आकार ले रहे इस भव्य धाम में विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिरों के साथ 108 फीट ऊंची हनुमान जी की विराट प्रतिमा स्थापित की जानी है। इसी धाम के प्रचार-प्रसार और श्रद्धालुओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को राजधानी रांची में ‘संकटमोचन रथ यात्रा’ निकाली गई। रथ यात्रा सुबह 7.30 बजे अरगोड़ा स्थित हनुमान मंदिर से शुरू हुई और कडरू, चुटिया होते हुए हिनू चौक स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे मार्ग में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा। इस शोभायात्रा में शहर के कई डॉक्टर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट, शिक्षाविद और व्यवसायी भी शामिल हुए। शोभायात्रा के दौरान कडरू स्थित हज हाउस के पास सांप्रदायिक सौहार्द्र का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। यहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का जोरदार स्वागत किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को माला पहनाकर, चुनरी और अंगवस्त्र भेंट कर तथा अल्पाहार की व्यवस्था कर आपसी भाईचारे और एकता का सशक्त संदेश दिया गया।  इसके बाद रथ कडरू हनुमान मंदिर पहुंचा, जहां मंदिर समिति और स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया। कडरू से रथ चुटिया स्थित राम मंदिर पहुंचा, जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यहां समिति की ओर से पानी, ठंडे पेय, फल और मिठाइयों से स्वागत किया गया। दिनभर चली इस यात्रा का समापन महावीर मंडल न्यास में हुआ, जहां रथ में शामिल श्रद्धालुओं का लस्सी और फल से सत्कार किया गया। निर्माणाधीन संकटमोचन धाम को एक समग्र आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परिसर के रूप में विकसित किया जा रहा है। लगभग 8 एकड़ क्षेत्र में फैल रहे इस धाम में एक एकड़ क्षेत्र में अशोक वाटिका विकसित की जा रही है, जहां 108 फीट ऊंची हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित होगी। इसके साथ ही 20 हजार वर्ग फीट के विशाल प्लेटफॉर्म पर राम दरबार, शिव परिवार और संकटमोचन हनुमान मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। परिसर में दशरथ कुंड, सीता रसोई, महर्षि वशिष्ठ आश्रम, महर्षि विश्वामित्र आश्रम और माता शबरी आश्रम जैसे पौराणिक स्थलों की स्थापना की जा रही है, जबकि 20 हजार वर्ग फीट का महर्षि वाल्मीकि सभागार भी बनाया जा रहा है। इसके अलावा यहां सनातन साहित्य के लिए एक विशाल पुस्तकालय भी प्रस्तावित है। रथ यात्रा के माध्यम से श्रद्धालुओं द्वारा संकल्पित मिट्टी और अक्षत एकत्र किए जा रहे हैं, जिन्हें धाम की नींव में स्थापित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, इससे पूरे राज्य के लोगों की आस्था इस निर्माण से सीधे जुड़ सकेगी और यह धाम भविष्य में धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
bulldozer action
छिन्नमस्तिका मंदिर में चला बुलडोजर, मंदिर परिसर खाली, दुकानदार बोले- अब कैसे चलेगा घर?

रामगढ़। रामगढ़ के प्रसिद्ध मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर में गुरुवार से अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू हुई। यह कदम झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर उठाया गया है। प्रशासन ने मजिस्ट्रेट की निगरानी में भारी पुलिस बल और सात जेसीबी मशीनों के साथ अभियान चलाया। चिन्हित 254 दुकानदारों में से अधिकांश ने कार्रवाई से पहले ही अपनी दुकानें खाली करनी शुरू कर दीं।   सुबह से बदला मंदिर परिसर का दृश्य सुबह होते ही मंदिर परिसर का नजारा पूरी तरह बदल गया। जहां पहले दुकानें सजी रहती थीं, वहां अब लोग अपना सामान समेटते नजर आए। कई दुकानदार रातभर अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाते रहे। हालांकि, इस दौरान उनके चेहरों पर भविष्य को लेकर चिंता साफ दिखाई दी।   दुकानदारों के सामने आजीविका का संकट दुकानदारों ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि वे दशकों से यहां व्यवसाय कर रहे थे और यही उनकी रोजी-रोटी का मुख्य साधन था। कुछ दुकानदारों ने बताया कि उनका पूरा परिवार इसी आय पर निर्भर था। अचानक दुकानें हटने से वे आर्थिक संकट में आ गए हैं। कई लोगों ने प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है।   आस्था और रोजगार दोनों पर असर मंदिर से जुड़े पुजारियों और दुकानदारों ने कहा कि वे सिर्फ व्यापार ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सेवा और धार्मिक गतिविधियों से भी जुड़े थे। अतिक्रमण हटने से न केवल रोजगार खत्म हुआ, बल्कि उनकी धार्मिक सेवा भी प्रभावित हुई है।   प्रशासन का पक्ष एसडीएम अनुराग कुमार तिवारी ने बताया कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के तहत की जा रही है। इसका उद्देश्य मंदिर परिसर को साफ, सुंदर और व्यवस्थित बनाना है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके। प्रशासन ने यह भी कहा कि अभियान शांतिपूर्ण ढंग से चलाया जा रहा है और अधिकतर लोगों ने सहयोग किया है।   आगे की चुनौती इस कार्रवाई से जहां मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण का रास्ता साफ हुआ है, वहीं सैकड़ों परिवारों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन इन प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए क्या कदम उठाता है।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
Neha jewellers robbery
रांची में नेहा ज्वेलर्स के छत काटकर चोरों ने साफ किया 15 लाख के गहने

रांची। रांची के कांके रोड स्थित नेहा ज्वेलर्स में चोरों ने बेहद शातिर तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने दुकान की छत और उसके नीचे लगी लोहे की जाली को काटकर अंदर प्रवेश किया और लाखों के गहने लेकर फरार हो गए। चोरी का यह तरीका पुलिस के लिए भी चुनौती बन गया है।   सुबह दुकान खुलते ही खुला राज दुकान मालिक संजय प्रसाद जब रोज की तरह गुरुवार सुबह दुकान खोलने पहुंचे, तो शुरुआत में सब सामान्य लगा। लेकिन जैसे ही उन्होंने अंदर कदम रखा, डिस्प्ले में रखे सोने-चांदी के गहने गायब मिले। जांच करने पर पता चला कि छत और जाली काटकर चोर अंदर घुसे थे। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।   तिजोरी नहीं खोल सके चोर दुकानदार के अनुसार, अधिकतर कीमती सोने के गहने स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखे गए थे। चोरों ने तिजोरी खोलने की भी कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। ऐसे में डिस्प्ले में रखे गहनों को ही निशाना बनाया गया। शुरुआती अनुमान के मुताबिक करीब 15 लाख रुपये से अधिक के गहनों की चोरी हुई है।   पुलिस, एफएसएल और डॉग स्क्वायड जांच में जुटे घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंचे और साक्ष्य जुटाए। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि अपराधियों की पहचान की जा सके। सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश जारी है।   सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब आसपास के इलाकों में भी जांच कर रही है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
jharkhand treasury scam
झारखंड में ट्रेजरी घोटाले के बाद, अब होमगार्ड्स के वेतन भुगतान के लिए नए नियम लागू

रांची। झारखंड के बोकारो, हजारीबाग और रांची में सामने आए करोड़ों रुपये के ट्रेजरी घोटाले ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को झकझोर दिया है। इस घोटाले के बाद सरकार अब वित्तीय प्रक्रियाओं को लेकर बेहद सतर्क हो गई है। खासकर वेतन भुगतान से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में होमगार्ड्स के कर्तव्य भत्ते की निकासी को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की गई हैं।   सत्यापन के बाद ही होगा भुगतान होमगार्ड डीजी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अब बिना सत्यापन के किसी भी होमगार्ड को वेतन या भत्ता नहीं दिया जाएगा। वित्त विभाग के निर्देश के अनुसार, हर होमगार्ड को निर्धारित प्रपत्र भरकर अपनी सभी जानकारी और दस्तावेज जमा करने होंगे। इसके बाद ही वेतन निकासी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सभी जिला समादेष्टाओं को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में तैनात होमगार्ड्स से आवश्यक कागजात इकट्ठा कर उनका सत्यापन सुनिश्चित करें।   अनिवार्य दस्तावेज और जानकारी नई व्यवस्था के तहत होमगार्ड्स को अपने पे आईडी, नाम, सैन्य संख्या, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, आधार और पैन नंबर, बैंक खाता विवरण और IFSC कोड जैसी जानकारियां देनी होंगी। इसके साथ ही आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक या कैंसिल चेक की स्वप्रमाणित प्रतियां जमा करनी होंगी। इसके अलावा एक घोषणा पत्र भी देना होगा, जिसमें होमगार्ड यह प्रमाणित करेगा कि दी गई सभी जानकारी सही है और गलत पाए जाने पर वह स्वयं जिम्मेदार होगा।   पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से फर्जी भुगतान और वित्तीय अनियमितताओं पर रोक लगेगी। ट्रेजरी घोटाले के बाद यह कदम प्रशासनिक सुधार की दिशा में अहम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में अन्य विभागों में भी इसी तरह की सख्ती लागू की जा सकती है, ताकि सरकारी धन के दुरुपयोग को रोका जा सके।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
Chatra forest fire
चतरा के प्रतापपुर जंगल में आग का कहर, हाईटेंशन तारों के पास बढ़ा खतरा

चतरा। चतरा के प्रतापपुर वन क्षेत्र में गुरुवार को अचानक भीषण आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। भरही-केवलिया मुख्य सड़क के किनारे झाड़ियों से शुरू हुई आग देखते ही देखते जंगल के बड़े हिस्से में फैल गई। आसमान में उठता काला धुआं और दूर तक दिखाई देती लपटों ने हालात की गंभीरता को साफ कर दिया।   तेज हवा से बेकाबू हुई आग स्थानीय लोगों के अनुसार, आग पहले झाड़ियों में लगी थी, लेकिन तेज हवा के कारण इसने जल्द ही विकराल रूप ले लिया। भरही-केवलिया मार्ग के आसपास का क्षेत्र धधकती भट्टी जैसा नजर आने लगा। आग लगातार जंगल के अंदरूनी हिस्सों की ओर बढ़ रही है, जिससे स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है।   बिजली तारों पर मंडराया खतरा आग की लपटें पास से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाई-टेंशन बिजली तारों तक पहुंच गई हैं। इससे बड़ा हादसा होने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों में डर का माहौल है कि यदि तार टूटकर गिरते हैं, तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है।   वन संपदा और जीव-जंतुओं को नुकसान इस आग से जंगल की बहुमूल्य वन संपदा को नुकसान पहुंचने की आशंका है। साथ ही कई छोटे जीव-जंतु और पक्षी भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। पर्यावरण को भी भारी क्षति होने की संभावना जताई जा रही है।   आग बुझाने में जुटा वन विभाग घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। Ajay Kumar के अनुसार, आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन तेज हवा के कारण राहत कार्य में दिक्कतें आ रही हैं।   कारणों की जांच जारी फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही स्थिति पर नियंत्रण पाने की कोशिश की जा रही है।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
saranda ied blast
नक्सलियों का बड़ा हमला,सारंडा में IED ब्लास्ट से इंस्पेक्टर समेत 5 जवान घायल

रांची। झारखंड  के नक्सल प्रभावित सारंडा जंगल क्षेत्र में सुरक्षाबलों पर बड़ा हमला हुआ है। मनोहरपुर प्रखंड के छोटानागरा थाना क्षेत्र के बालिबा गांव के पास नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोट में कोबरा बटालियन के एक इंस्पेक्टर समेत पांच जवान घायल हो गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।   सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ विस्फोट जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबल इलाके में नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान पहले से प्लांट किए गए आईईडी में अचानक विस्फोट हो गया। इस धमाके में CRPF CoBRA Battalion 205 के इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं चार अन्य जवान मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से जख्मी हुए।   नक्सलियों की सुनियोजित साजिश चाईबासा के पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि यह हमला नक्सलियों की सुनियोजित साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।   घायलों को एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया घायल जवानों को तुरंत एयरलिफ्ट कर Ranchi लाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। गंभीर रूप से घायल जवानों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य का इलाज स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है। सभी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।   इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है और जंगल के हर हिस्से को खंगाला जा रहा है, ताकि नक्सलियों के ठिकानों का पता लगाया जा सके।   पहले भी हो चुके हैं हमले गौरतलब है कि हाल के दिनों में सारंडा क्षेत्र में नक्सली गतिविधियां बढ़ी हैं। इससे पहले भी सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।   सुरक्षा पर उठे सवाल इस हमले ने एक बार फिर नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि नक्सलियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और उनके मंसूबों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
cbse class 10 topper
CBSE: 10वीं परीक्षा में रांची की प्रण्या प्रिया बनी स्टेट टोपर

रांची। रांची की होनहार छात्रा प्रण्या प्रिया ने CBSE 10वीं परीक्षा 2026 में 99.6% अंक हासिल कर झारखंड में टॉप किया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि ने पूरे राज्य का नाम रोशन कर दिया है। प्रण्या DPS (Delhi Public School) रांची की छात्रा हैं। स्कूल का इस वर्ष का रिजल्ट 100% रहा, जो संस्थान की गुणवत्ता को दर्शाता है। प्रण्या ने न केवल स्कूल में पहला स्थान हासिल किया, बल्कि राज्य के टॉपर्स में भी अपनी जगह बनाई। प्रण्या एक शिक्षित परिवार से आती हैं। उनके पिता रिम्स में चिकित्सक हैं, जबकि उनकी मां उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। परिवार ने हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता दी, जिसका सकारात्मक प्रभाव प्रण्या की सफलता में साफ दिखाई देता है। उनके माता-पिता का कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी पर भरोसा किया और उसे स्वतंत्रता दी, जिसका प्रण्या ने सही उपयोग किया।   बिना दबाव के पढ़ाई, यही सफलता की कुंजी प्रण्या प्रिया ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी टॉपर बनने के दबाव में पढ़ाई नहीं की। उनका फोकस हमेशा नियमित पढ़ाई और कॉन्सेप्ट को समझने पर रहा।उन्होंने यह भी कहा कि पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि समझ के साथ करना चाहिए। उनका मानना है कि अगर छात्र रोज थोड़ा-थोड़ा पढ़ें और चीजों को गहराई से समझें, तो सफलता निश्चित है।   मोबाइल का सही उपयोग बना सहायक प्रण्या ने बताया कि उन्होंने मोबाइल का उपयोग केवल पढ़ाई से जुड़े कंटेंट देखने और कभी-कभी मनोरंजन के लिए किया। उन्होंने अपने जूनियर्स को भी सलाह दी कि तकनीक का सही उपयोग करें और उससे दूर रहने के बजाय उसे सीखने का माध्यम बनाएं।   डॉक्टर बनने का सपना प्रण्या का सपना अपने पिता की तरह डॉक्टर बनना है। वे आगे चलकर मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाकर समाज की सेवा करना चाहती हैं।   बनीं प्रेरणा का स्रोत प्रण्या प्रिया की सफलता सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि झारखंड के हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है। उनके दादा-दादी समेत पूरे परिवार ने इस उपलब्धि पर गर्व जताया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
hazaribagh school incident
Hazaribagh: सरकारी स्कूल में शर्मनाक कांड, प्राचार्य पर लगा छात्राओं संग छेड़छाड़ का गंभीर इल्जाम

हजारीबाग। हजारीबाग के चरही थाना क्षेत्र में एक सरकारी स्कूल के प्राचार्य पर छात्राओं के साथ छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, स्कूल की 12 से अधिक छात्राओं ने आरोप लगाया है कि प्राचार्य ने पढ़ाई के दौरान उनके साथ शारीरिक छेड़छाड़ की। यह घटना 11 अप्रैल की बताई जा रही है, जब दो छात्राओं ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर शिकायत दर्ज कराई। बाद में और छात्राएं भी सामने आईं, जिन्होंने इसी तरह के आरोप लगाए।   बाल कल्याण समिति तक पहुंचा मामला शिकायत मिलने के बाद संबंधित टीम और पुलिस मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच शुरू की गई। इसके बाद पीड़ित छात्राओं को बयान के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। समिति ने मामले को गंभीर मानते हुए चरही थाना को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है।   जांच शुरू, कार्रवाई की मांग तेज इस मामले में स्थानीय सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधियों ने भी हस्तक्षेप किया है। संगठन की ओर से थाने में लिखित शिकायत देकर आरोपी प्राचार्य की कार्यशैली की जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।   छात्राओं ने बताई धमकी की बात पीड़ित छात्राओं का आरोप है कि छेड़छाड़ के साथ-साथ उन्हें धमकाया भी गया था कि यदि उन्होंने इस बारे में किसी को बताया तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस खुलासे के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में गहरी नाराजगी और चिंता देखी जा रही है।   पुलिस जांच में जुटी चरही थाना पुलिस ने मामले में आवेदन मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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