झारखंड

Rajya Sabha elections
राज्यसभा चुनाव: अब सारा दारोमदार राजनीतिक दलों के पोलिंग एजेंटों पर

राज्यसभा चुनाव का दो तीन चरणों के समाप्त होने के बाद अब सबकी निगाहें 18 जून पर टिकी है। क्योंकि भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी का नोमिनेशन पेपर निर्वाची पदाधिकारी द्वारा Valid करार दिए जाने के बाद मतदान सुनिश्चित हो गया है। इसलिए कि दो सीटों के विरुद्ध अब चुनाव मैदान में तीन प्रत्याशी हो गए हैं। झामुमो से बैजनाथ राम, कांग्रेस से प्रणव झा और निर्दलीय परिमल नाथवानी। इस स्थिति में अब राजनीतिक दलों के अधिकृत पोलिंग एजेंट की नियुक्ति और उसकी भूमिका सबसे अधिक प्रभावकारी होने वाली है। क्योंकि प्रत्येक राजनीतिक दल के विधायकों को अपनी पार्टी के अधिकृत पोलिंग एजेंट को बैलेट पेपर दिखाने की बाध्यता है। यह अलग बात है कि विधायक अपनी पार्टी के अधिकृत पोलिंग एजेंट को अपना बैलेट पेपर सिर्फ दिखाने के लिए बाध्य हैं। क्योंकि बैलेट पेपर नहीं दिखाने पर उनका मत रद्द किया जा सकता है। जबकि क्रास वोटिंग करने के बाद भी अगर वह विधायक अपना मतपत्र दिखा भर देता है तो उसका मत रद्द नहीं होगा। इस प्रावधान के कारण अब पोलिंग एजेंटों की नियुक्ति काफी अहम मानी जा रही है। क्योंकि मतदान के दिन संबंधित राजनीतिक दल के अधिकृत पोलिंग एजेंट की इंटीग्रिटी काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। अब सारा दारोमदार पोलिंग एजेंट पर ही जाकर टिकता है, जो यह स्पष्ट कर सकेगा कि उनके दल का अमुक विधायक पार्टी लाइन से इतर जाकर क्रास वोटिंग किया है। अगर किसी दल का विधायक और उसका पोलिंग एजेंट सेटिंग कर लेता है तो क्रास वोटिंग करने वाले विधायक की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। झारखंड में ऐसा हुआ भी है जब माले, कांग्रेस और अन्य दलों के विधायकों ने क्रास वोटिंग किया, लेकिन विधायक और पोलिंग एजेंट के बीच बनी अंदरुनी सहमति के कारण पहचान को धुंधला बना दिया गया। पहचान हुई भी तो कोई कार्रवाई नहीं की गयी। मालूम हो कि निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार राज्यसभा चुनाव में विधायकों (MLAs) को अपनी पार्टी के अधिकृत एजेंट (Authorized Agent) को बैलेट पेपर दिखाने का स्पष्ट प्रावधान है। राज्यसभा चुनाव ओपन बैलेट सिस्टम (Open Ballot System) यानी खुली मतदान प्रणाली के तहत कराए जाते हैं। पीपुल्स रिप्रजेंटेशन एक्ट, 1951 (जनप्रतिनिधित्व अधिनियम) की धारा 59 के तहत, किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े विधायक को वोट को मतपेटी (Ballot Box) में डालने से पहले अपने दल के अधिकृत एजेंट को चिन्हित बैलेट पेपर दिखाना अनिवार्य होता है। इस व्यवस्था को साल 2003 में कानून में संशोधन करके लागू किया गया था, ताकि विधायकों द्वारा की जाने वाली क्रॉस-वोटिंग, खरीद-फरोख्त (Horse-trading) और भ्रष्टाचार को रोका जा सके। यदि कोई दलीय विधायक अपने अधिकृत एजेंट को बैलेट पेपर दिखाने से मना करता है, तो उसका वोट अमान्य (Invalid) घोषित कर दिया जाता है। इसके अलावा, यदि वह अपनी पार्टी के एजेंट के अलावा किसी अन्य दल के एजेंट या बाहरी व्यक्ति को बैलेट पेपर दिखाता है, तब भी उसका मत खारिज हो जाता है। यह नियम निर्दलीय विधायकों (Independent MLAs) पर लागू नहीं होता है।

anjali kumari जून 11, 2026 0
NITI Aayog
नीति आयोग की बैठक में सीएम हेमंत ने जल जीवन मिशन का 6,000 करोड़ और कोयला कंपनियों पर बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपये की मांग की

रांची। नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के विकास का विजन प्रस्तुत करते हुए केंद्र सरकार से शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, सिंचाई, खनन और आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में विशेष सहयोग की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड केवल खनिज संपदा का स्रोत नहीं, बल्कि विकसित भारत-2047 का महत्वपूर्ण साझेदार बनना चाहता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड ने देश की औद्योगिक प्रगति में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट और अन्य खनिजों के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दिया है, लेकिन राज्य ने विस्थापन और नक्सलवाद जैसी चुनौतियों का भी सामना किया है। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा को शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास से जोड़कर ही वास्तविक विकास सुनिश्चित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की 6,000 करोड़ रुपये की लंबित राशि जारी करने, कोयला कंपनियों पर बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपये का भुगतान करने तथा झारखंड में उद्योग, खेल, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के लिए अधिक केंद्रीय मदद की मांग की। राज्य की चुनौतियां सामने रखीं।  उन्होंने बताया कि राज्य में 38 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में से 15 हजार के पास अपना भवन नहीं है, फिर भी पोषण अभियान और सरकार की ‘सामार’ योजना के जरिए कुपोषण और स्टंटिंग में उल्लेखनीय कमी आई है। सभी बच्चों को प्रतिदिन एक अंडा उपलब्ध कराया जा रहा है और राज्य अपने संसाधनों से 5 हजार नए आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कर रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 80 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस से अब आईआईटी, मेडिकल और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में चयन होने लगे हैं। उन्होंने केंद्र से पीएमश्री विद्यालयों और केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने तथा विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं को एकीकृत करने का आग्रह किया। कौशल विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड हर वर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार से जोड़ रहा है। मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत 6.76 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है, जबकि बिरसा कौशल विकास कार्यक्रम के तहत राज्य के अधिकांश प्रखंडों में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं।  स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी स्वास्थ्य सेवाओं पर मुख्यमंत्री ने बताया कि पंचायत स्तरीय दवा दुकान योजना के तहत राज्य में 1,276 दवा दुकानें संचालित हो रही हैं। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में सीट वृद्धि और नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति में तेजी लाने का आग्रह किया। साथ ही राज्य में एआई आधारित डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल विकसित करने की योजना की भी जानकारी दी। खेलों में झारखंड एक्सीलेंट और बेहतरी की संभावना खेल क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हॉकी, फुटबॉल, एथलेटिक्स और तीरंदाजी में झारखंड की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है। उन्होंने राज्य में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, हॉकी एवं फुटबॉल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने और खेल संघों में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।  सिंचाई में सहयोग की जरूरत कृषि और जल संसाधन के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 10 लाख से अधिक पोषण वाटिकाएं विकसित की गई हैं तथा बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत 1.5 लाख एकड़ में फलदार पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने जल जीवन मिशन की लंबित राशि जल्द उपलब्ध कराने और सिंचाई परियोजनाओं के लिए केंद्र से सहयोग की मांग की। सीएम हेमंत सोरेन के संबोधन की 5 मुख्य बाते मुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 तक झारखंड को केवल खनिज आधारित राज्य नहीं, बल्कि Manufacturing Hub, Green Economy और Knowledge Economy के रूप में विकसित किया जाएगा।   शिक्षा और आंगनबाड़ी पर जोर राज्य में 38 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में से 15 हजार के पास भवन नहीं है, फिर भी कुपोषण में कमी आई है। सरकार 5 हजार नए आंगनबाड़ी भवन बना रही है और 80 CM Schools of Excellence के अच्छे परिणाम सामने आए हैं।   युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार झारखंड हर साल 1 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ रहा है। मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत 6.76 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है और AI, EV, Robotics जैसे भविष्य के क्षेत्रों पर विशेष फोकस है।   स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की पहल पंचायत स्तर तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए 1,276 दवा दुकानें संचालित की जा रही हैं। राज्य AI-enabled Digital State Health Profile बनाने की दिशा में काम कर रहा है ताकि गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार हो सके। केंद्र से वित्तीय और विकास संबंधी मांगे मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की 6,000 करोड़ रुपये की लंबित राशि जारी करने, कोयला कंपनियों पर बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपये का भुगतान करने तथा झारखंड में उद्योग, खेल, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के लिए अधिक केंद्रीय सहयोग की मांग की।

anjali kumari जून 11, 2026 0
elephant rampage
झुंड से बिछड़े हाथी का कहर, स्कूल और कई घरों में मचाई भारी तबाही

सरायकेला-खरसावां। झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड में एक झुंड से बिछड़े जंगली हाथी ने बुधवार रात जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने बिद्री, रांगाडीह और पुरानडीह गांवों में घुसकर कई घरों और एक प्राथमिक विद्यालय को भारी नुकसान पहुंचाया। घटना के बाद पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल है, जबकि वन विभाग की टीम लगातार हाथी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।   प्राथमिक विद्यालय को सबसे अधिक नुकसान बिद्री गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय हाथी के हमले का सबसे बड़ा शिकार बना। जंगली हाथी ने स्कूल की पक्की चहारदीवारी, लोहे का मुख्य गेट और किचन शेड को तोड़ दिया। इतना ही नहीं, मध्यान्ह भोजन के लिए रखे गए पांच बोरा चावल भी खा गया। किचन में रखे बर्तन, ड्रम और अन्य सामान भी क्षतिग्रस्त हो गए। गुरुवार सुबह विद्यालय परिसर में तबाही के निशान साफ दिखाई दिए।   ग्रामीणों के घरों में भी मचाई तबाही हाथी के हमले में कई ग्रामीणों के मकानों को भी नुकसान पहुंचा। बिद्री गांव के गणेश मांझी के घर की दीवार टूट गई, जबकि पुरानडीह की प्रमिला देवी के घर का दरवाजा क्षतिग्रस्त हो गया। रांगाडीह गांव में निर्मला देवी और विजय मांझी के मकानों को भी नुकसान पहुंचा। ग्रामीणों के अनुसार, हाथी देर शाम गांव में पहुंचा और रातभर अलग-अलग स्थानों पर घूमता रहा।   मशाल और पटाखों की मदद से खदेड़ा गया हाथी हाथी के गांव में प्रवेश करते ही अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। बाद में ग्रामीणों ने एकजुट होकर मशाल जलाकर, ढोल-नगाड़े बजाकर और पटाखे फोड़कर हाथी को गांव से बाहर खदेड़ने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद हाथी जंगल की ओर लौट गया।   वन विभाग सतर्क, ग्रामीणों ने मांगा मुआवजा घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आकलन किया। विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और हाथी दिखने पर तुरंत सूचना देने की सलाह दी है। ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त घरों और विद्यालय के लिए मुआवजे तथा हाथी को सुरक्षित रूप से जंगल में पहुंचाने की मांग की है। फिलहाल हाथी के गेरियाकोचा क्षेत्र में होने की सूचना है, जिससे आसपास के गांवों में चिंता बनी हुई है।

anjali kumari जून 11, 2026 0
Crime news
विदेश में छुपे गैंगस्टरों को इंटरपोल-NCB ने 4 श्रेणियों में बांटा, CID ने 24 जिलों के SP से मांगी रिपोर्ट

रांची। ऐसे अपराधी जो झारखंड से भाग कर विदेशों में छुपे हैं और वहीं से अपना आपराधिक साम्राज्य चला रहे हैं, अब उनकी खैर नहीं है। ऐसे गैंगस्टरों और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए राज्य की CID और केंद्रीय जांच एजेंसियां पूरी तरह से रेस हैं। झारखंड से विदेश फरार अपराधियों को प्रत्यर्पण संधि के तहत वापस भारत लाने के लिए इंटरपोल और NCB ( नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) ने एक नई रणनीति तैयार की है। इसके तहत फरार अपराधियों को अपराध की प्रकृति के आधार पर चार विशेष श्रेणियों में विभाजित किया गया है। सीआईडी मुख्यालय ऐसे सभी अपराधियों का डेटा बेस तैयार कर रहा है। इसमें सभी जिलों के एसपी भी सहयोग कर रहे हैं। इसे डेटा बेस को सीआईडी की ओर से इंटरपोल को भेजा जायेगा, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की जा सके। 4 श्रेणियों में बांटे गए अपराधी इंटरपोल और एनसीबी ने अपराधियों को उनके द्वारा किए गए अपराधों के आधार पर निम्नलिखित श्रेणियों में वर्गीकृत किया है.  श्रेणी 1 : काउंटर टेररिज्म (आतंकवाद विरोधी मामले) और संगठित अपराध  श्रेणी 2 : नारकोटिक्स (नशीले पदार्थों और ड्रग्स की तस्करी) से संबंधित अपराध श्रेणी 3 : आर्थिक अपराध ( वित्तीय धोखाधड़ी ) श्रेणी 4 : साइबर क्राइम, मानव तस्करी और अन्य गंभीर मामले। अपराधियों की कुंडली तैयार करने के लिए 6 मुख्य बिंदु  विदेशों में छिपे अपराधियों को कानूनी रूप से दबोचने के लिए CID बेहद पुख्ता सबूत जुटा रही है। 24 जिलों के एसपी से निम्नलिखित छह मुख्य बिंदुओं पर अपराधियों का प्रोफाइल मांगा गया है।  फरार अपराधी का पूरा नाम और उसका स्थायी – अस्थायी पता।  पिता का नाम और अपराधी की सही जन्म तिथि। अपराधी का पासपोर्ट नंबर और उसका हालिया रंगीन (कलर) फोटोग्राफ।  फरार अपराधी के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों (केस) का पूरा विवरण। अपराधी का वर्तमान लोकेशन या वह किस देश/जगह पर छिपा है, इसकी जानकारी संबंधित केस में वांटेड अपराधी का फिंगरप्रिंट (यदि पुलिस रिकॉर्ड में उपलब्ध हो)। झारखंड के 3 बड़े गैंगस्टर जो विदेश से चला रहे हैं गैंग झारखंड पुलिस के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती  तीन गैंगस्टर बने हुए हैं, जो विदेश में  बैठकर झारखंड में रंगदारी, हत्या और धमकी का सिंडिकेट चला रहे हैं।  प्रिंस खान (धनबाद) : धनबाद के वासेपुर का रहने वाला कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान इस सूची में सबसे ऊपर है। पुलिस इनपुट के अनुसार, वह वर्तमान में पाकिस्तान में छिपा हुआ है और वहीं से धनबाद के कोयलांचल क्षेत्र में अपना रंगदारी का नेटवर्क ऑपरेट कर रहा है। राहुल दुबे (रामगढ़) : मूल रूप से रामगढ़ जिले का रहने वाला राहुल दुबे भी विदेश से ही अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। जांच एजेंसियां लगातार इसके वर्तमान लोकेशन को ट्रैक करने का प्रयास कर रही हैं। राहुल सिंह (लातेहार) : लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र का निवासी राहुल सिंह भी विदेश फरार है। इसके पहले अजरबैजान में छिपे होने की पुख्ता जानकारी थी, लेकिन हालिया इनपुट के अनुसार वह अब वहां से भी भाग निकला है। पुलिस उसकी नई लोकेशन का पता लगा रही है। पंजाब का ड्रग्स तस्कर दलजिंदर’ इंग्लैंड फरार इन तीन गैंगस्टरों के अलावा, मूल रूप से पंजाब का रहने वाला दलजिंदर सिंह पलामू जिले में दर्ज ड्रग्स तस्करी (नारकोटिक्स) के एक बड़े मामले में वांछित है। झारखंड पुलिस को खुफिया जानकारी मिली है कि वह वर्तमान में इंग्लैंड में शरण लिए हुए है। CID इसकी भी श्रेणी तय कर प्रत्यर्पण की तैयारी में जुटी है।

anjali kumari जून 11, 2026 0
RIMS-2 protest
रिम्स 2 के खिलाफ CM आवास घेरने निकले आदिवासी संगठनों को रोका गया

रांची। नगड़ी में बन रहे रिम्स 2 के विरोध में आदिवासी संगठन गुरुवार को सड़क पर उतरे। इस आंदोलन में आदिवासी समाज, किसान और ग्रामीण शामिल हुए। इनका आक्रोश सड़कों पर फूटा। हजारों की संख्या में लोग नगड़ी से मुख्यमंत्री आवास तक पैदल मार्च के लिए निकले, रास्ते में उन्हें जगह जगह रोका गया, लेकिन ये लोग नदी और खेत से होते हुए मोराबादी पहुंच गए। अब प्रशासन ने उन्हें ऑक्सीजन पार्क के पास बैरिकेडिंग कर रोक दिया है।  धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी इसके बाद प्रदर्शनकारी वहीं धरने पर बैठ गए और अपने नारेबाजी कर रहे हैं। आजीविका छीनने का आरोप प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार विकास के नाम पर उनकी खेती-किसानी और आजीविका छीन रही है। उनका कहना है कि जिस जमीन पर रिम्स-2 बनाने की योजना है, वह इलाके की सबसे उपजाऊ कृषि भूमि में शामिल है, जहां सैकड़ों परिवार खेती पर निर्भर हैं। ऐसे में अस्पताल निर्माण के लिए कृषि भूमि का अधिग्रहण किसानों के भविष्य पर सीधा प्रहार होगा। बंजर या गैरकृषि भूमि पर बने रिम्स-2.. प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने कहा कि वे स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसके लिए बंजर या गैर-कृषि भूमि का चयन किया जाना चाहिए। उनका सवाल है कि जब राज्य में अन्य वैकल्पिक जमीन उपलब्ध है, तो फिर उपजाऊ खेतों को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है। खेतो और नदी के रास्ते मोरहाबादी पहुंचे रोक के बावजूद प्रदर्शनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ। कई ग्रामीण खेतों और नदी के रास्ते होते हुए ऑक्सीजन पार्क तक पहुंचे। उनका आरोप है कि मार्च को रोकने के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग आंदोलन स्थल तक पहुंचने में सफल रहे। कांके ब्लॉक में भी रोका गयाः आदिवासी संगठनों और नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और आदिवासी समाज के लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास तक पैदल मार्च शुरू किया, लेकिन प्रशासन ने उन्हें कांके के ब्लॉक चौक के पास रोक दिया। आंदोलन में शामिल लोगों का कहना है कि यह सिर्फ जमीन का नहीं बल्कि उनकी पहचान, संस्कृति और भविष्य का सवाल है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीन को खत्म करना स्वीकार नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों को प्रशासन ने रोका प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बड़ी संख्या में पुरुषों, महिलाओं और युवाओं ने रैली में भाग लिया. मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को प्रशासन ने कांके ब्लॉक चौक के समीप बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसके बाद रैली को कांके प्रखंड कार्यालय की ओर डायवर्ट करने का प्रयास किया गया।

anjali kumari जून 11, 2026 0
Babulal Marandi
रांची में बीजेपी ने गिनाई पीएम मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियां, कहा-25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आये

रांची। झारखंड प्रदेश बीजेपी ने गुरुवार को  PM मोदी के 12 साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मीडिया से कहा कि PM मोदी ने 12 साल का कार्यकाल पूरा किया। यह देश के लिये काफी गौरवपूर्ण बात है। उन्होंने देश के विकास, सुशासन और गरीब कल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की। इस दौरान 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया।  उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों के कारण इतनी बड़ी संख्या में लोगों का गरीबी रेखा से बाहर निकलना, किसी भी सरकार के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे स्पष्ट होता है कि प्रधानमंत्री का लक्ष्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि देश के गरीबों का उत्थान करना रहा है। 22 राज्यों में एनडीए की सरकार उन्होंने कहा कि आज देश के 22 राज्यों में एनडीए की सरकार है। विभिन्न राज्यों में भाजपा को जनता का लगातार समर्थन मिल रहा है। पीएम मोदी का कार्यकाल सत्ता नहीं साधना और तपस्या का कालखंड है।   जम्मू-कश्मीर से लेकर नॉर्थ ईस्ट तक विकास मरांडी ने कहा कि एक समय जम्मू-कश्मीर में रेल संपर्क की कल्पना भी नहीं की जाती थी। लेकिन, आज श्रीनगर तक ट्रेन पहुंच चुकी है। वहीं नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में भी अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं। जिन क्षेत्रों को कभी विकास से वंचित रखा गया था। वहां आज सड़क, रेल और अन्य आधारभूत संरचनाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। आर्टिकल 370 और 3 तलाक जैसे ऐतिहासिक फैसले उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का साहसिक निर्णय लिया। साथ ही तीन तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त कर महिलाओं को न्याय दिलाने का काम किया। ये ऐसे फैसले थे, जिनकी पहले कोई कल्पना भी नहीं करता था। ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाई भारत की ताकत उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पूरी दुनिया ने भारत की सैन्य शक्ति और क्षमता को देखा। पहले रक्षा क्षेत्र की अधिकांश जरूरतें विदेशों से पूरी होती थीं। लेकिन, अब भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। लड़ाकू विमानों सहित कई रक्षा उपकरणों का निर्माण देश में ही किया जा रहा है। कोरोना काल में दिखी मजबूत नेतृत्व क्षमता मरांडी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान देशवासियों को एकजुट रखने और संकट से बाहर निकालने का सफल प्रयास किया। लगभग 50 करोड़ से अधिक लोगों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा गया है।   करोड़ों गरीबों को मिली छत मरांडी ने कहा कि करोड़ों गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान मिले हैं। अब तक लगभग 4 करोड़ मकानों का निर्माण कराया गया है।   दुनिया की अर्थव्यवस्था में पीछे था देश बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने कई दशकों तक देश में शासन किया, लेकिन गांव और शहरों के विकास के लिए कोई ठोस काम नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि 2014 से पहले भारत दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं में काफी पीछे था, जबकि आज देश चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।

anjali kumari जून 11, 2026 0
NEET-UG 2026
NEET-UG 2026: जमशेदपुर में कड़ी निगरानी के साथ होगी नीट परीक्षा

जमशेदपुर। जमशेदपुर में 21 जून को आयोजित होने वाली NEET-UG 2026 परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में परीक्षा संचालन से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर केवल सरकारी कर्मियों को ही इनविजिलेटर (वीक्षक) के रूप में नियुक्त किया जाएगा।   पूरी परीक्षा प्रक्रिया की होगी वीडियोग्राफी परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। अभ्यर्थियों की प्रवेश से पहले सघन फ्रिस्किंग की जाएगी और पूरी परीक्षा प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसके अलावा परीक्षा से एक दिन पहले सभी परीक्षा केंद्रों को सैनिटाइज कर सील कर दिया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना समाप्त हो सके।   भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि परीक्षा के दिन शहर में सुचारु यातायात और भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। प्रमुख चौक-चौराहों तथा परीक्षा केंद्रों के बाहर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। साथ ही बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।   8 केंद्रों पर होगी परीक्षा, 4 हजार से अधिक परीक्षार्थी होंगे शामिल जिले के छह शिक्षण संस्थानों में कुल आठ परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 4,000 से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षार्थियों को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही प्रवेश मिलेगा। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।   इन केंद्रों पर आयोजित होगी परीक्षा परीक्षा एलबीएसएम कॉलेज करनडीह, जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज, जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी, द ग्रेजुएट स्कूल कॉलेज फॉर वीमेंस, राजकीय आदिवासी हाई स्कूल सीतारामडेरा और एलबीएसएम कॉलेज गोलमुरी सहित कुल आठ केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।   अधिकारियों ने की तैयारियों की समीक्षा बैठक में सिटी एसपी ललित मीणा, एसडीएम धालभूम अर्णव मिश्रा, एएसपी ऋषभ त्रिवेदी, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर राहुलजी आनंदजी समेत विभिन्न कॉलेजों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन का लक्ष्य परीक्षा को सुरक्षित, पारदर्शी और कदाचारमुक्त तरीके से संपन्न कराना है।

anjali kumari जून 11, 2026 0
medical emergency
पलामू का ढोढराही बना ‘विधवाओं का गांव’, टीबी ने उजाड़ दिए 20 से अधिक परिवार

पलामू। झारखंड के पलामू जिले के रामगढ़ प्रखंड स्थित ढोढराही गांव आज एक दर्दनाक पहचान के साथ चर्चा में है। अनुसूचित जाति बहुल इस गांव में टीबी (क्षय रोग) ने पिछले एक दशक में 20 से अधिक पुरुषों की जान ले ली है, जिसके कारण गांव को अब ‘विधवाओं का गांव’ कहा जाने लगा है। गांव में लगभग 25 परिवार रहते हैं, जिनमें से 20 से अधिक परिवारों की महिलाएं विधवा हो चुकी हैं।   मजदूरी के लिए जाते थे बाहर, बीमारी बन गई मौत की वजह ग्रामीणों के अनुसार, गांव के अधिकांश पुरुष बिहार के रोहतास जिले के करवंदिया क्षेत्र में स्टोन माइंस में मजदूरी करने जाते थे। वहीं काम करने के दौरान कई लोग बीमार पड़े और बाद में उनकी मौत हो गई। वर्ष 2016-17 के बाद से टीबी के मामलों में तेजी आई और एक-एक कर कई परिवारों के कमाने वाले सदस्य काल के गाल में समा गए।   महिलाओं पर परिवार की जिम्मेदारी पति की मौत के बाद गांव की महिलाएं अब मजदूरी, महुआ चुनने और ईंट-भट्ठों में काम कर परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। कई बच्चों को भी कम उम्र में मजदूरी करनी पड़ रही है। कुछ परिवार गांव छोड़कर अन्य स्थानों पर पलायन कर चुके हैं, जिसके कारण कई घरों में ताले लटके हुए हैं।   सवालों के घेरे में बीमारी का कारण ग्रामीणों का कहना है कि टीबी से सबसे ज्यादा पुरुषों की मौत हुई है, जबकि महिलाओं और बच्चों में ऐसे मामले सामने नहीं आए हैं। वर्ष 2022 में हुए स्वास्थ्य सर्वे में गांव में तीन टीबी मरीज मिले थे, लेकिन इसके बाद कोई बड़ा मेडिकल कैंप नहीं लगाया गया।   स्वास्थ्य विभाग करेगा विशेष जांच पलामू के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने कहा है कि गांव में विशेष मेडिकल कैंप लगाया जाएगा। एक्स-रे और स्क्रीनिंग के जरिए सभी ग्रामीणों की जांच होगी। विभाग यह भी पता लगाएगा कि मौतें केवल टीबी से हुईं या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी जिम्मेदार है। गांव की स्थिति ने स्वास्थ्य व्यवस्था और ग्रामीण जीवन की चुनौतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

anjali kumari जून 11, 2026 0
District Football League 2026
1 जुलाई से होगा सरायकेला-खरसावां जिला फुटबॉल लीग 2026 का आगाज

सरायकेला-खरसावां। सरायकेला-खरसावां जिले के फुटबॉल प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। जिला स्पोर्ट्स एसोसिएशन (DSA) की ओर से आयोजित जिला फुटबॉल लीग 2026 का शुभारंभ 1 जुलाई से होने जा रहा है। प्रतियोगिता का आयोजन बिरसा मुंडा स्टेडियम, सरायकेला और अर्जुना स्टेडियम, खरसावां में किया जाएगा। लीग में जिले की 25 पुरुष और 6 महिला टीमें हिस्सा लेंगी, जिससे खेल प्रेमियों को रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।   बैठक में तय हुई प्रतियोगिता की रूपरेखा प्रतियोगिता के सफल आयोजन को लेकर अर्जुना स्टेडियम, खरसावां में जिला स्पोर्ट्स एसोसिएशन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। वरीय उपाध्यक्ष उमेश कुमार सिंहदेव की अध्यक्षता में हुई बैठक में पंजीकृत 25 पुरुष टीमों को पांच समूहों में विभाजित किया गया। साथ ही मैचों के संचालन, रेफरी व्यवस्था और अन्य तैयारियों पर चर्चा की गई।   सरायकेला और खरसावां में बंटे मुकाबले लीग के तहत ग्रुप ए और ग्रुप बी की कुल 10 टीमें बिरसा मुंडा स्टेडियम, सरायकेला में अपने मैच खेलेंगी। वहीं शेष 15 टीमों के मुकाबले अर्जुना स्टेडियम, खरसावां में आयोजित किए जाएंगे। इससे दोनों क्षेत्रों के फुटबॉल प्रेमियों को स्थानीय स्तर पर मैच देखने का अवसर मिलेगा। खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंचबैठक में डीएसए सचिव मोहम्मद दिलदार समेत कई पदाधिकारी, रेफरी और विभिन्न क्लबों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। आयोजकों का कहना है कि यह लीग जिले की युवा फुटबॉल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें प्रतिस्पर्धी मंच उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण प्रयास है।   फुटबॉल प्रेमियों में उत्साह प्रतियोगिता की घोषणा के बाद खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। जिले के कई प्रतिष्ठित क्लब इस लीग में भाग लेंगे, जिससे मुकाबले और भी रोमांचक होने की उम्मीद है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह टूर्नामेंट स्थानीय खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने और बड़े स्तर तक पहुंचने का सुनहरा अवसर साबित होगा।

anjali kumari जून 11, 2026 0
Giridih police
गिरिडीह में साइबर अपराधी को छुड़ाने के लिए पुलिस पर हमला, आरोपी फरार

गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह जिले में साइबर अपराधी को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना अहिल्यापुर थाना क्षेत्र के चिकसोरिया गांव की है, जहां पुलिस की छापेमारी के दौरान ग्रामीणों और आरोपित के परिजनों ने विरोध करते हुए पथराव कर दिया। इस हमले में पुलिस का वाहन क्षतिग्रस्त हो गया और कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।   गुप्त सूचना पर पहुंची थी साइबर पुलिस जानकारी के अनुसार, चामलिटी गांव निवासी साइबर अपराधी चुरामण मंडल अपने ससुराल चिकसोरिया गांव में छिपकर रह रहा था। गुप्त सूचना मिलने के बाद गिरिडीह साइबर थाना की टीम उसे गिरफ्तार करने के लिए गांव पहुंची थी। पुलिस ने जैसे ही कार्रवाई शुरू की, चुरामण मंडल को इसकी भनक लग गई।   भीड़ ने किया विरोध, आरोपी भाग निकला पुलिस के पहुंचते ही आरोपी और उसके सहयोगियों ने ग्रामीणों को इकट्ठा कर विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया गया। हमले के दौरान पुलिस वाहन का शीशा टूट गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसी मौके का फायदा उठाकर चुरामण मंडल अपने साथियों के साथ फरार हो गया।   कई लोगों पर दर्ज हुआ मामला अहिल्यापुर थाना प्रभारी ऐनुल हक खान ने बताया कि साइबर अपराधी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही थी, लेकिन ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस कार्रवाई में बाधा डालते हुए हमला कर दिया। इस मामले में 5 से 7 नामजद और 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।   आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, पुलिस पर हमला करने और अपराधी को भगाने में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फरार साइबर अपराधी चुरामण मंडल और उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए जिलेभर में लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।

anjali kumari जून 11, 2026 0
Ranchi University PG admissions
रांची यूनिवर्सिटी का नया शेड्यूल जारी, PG नामांकन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव

रांची। रांची यूनिवर्सिटी (RU) ने स्नातकोत्तर (PG) सत्र 2025-27 में नामांकन प्रक्रिया को लेकर नया शेड्यूल जारी किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पहली मेरिट लिस्ट 13 जून को प्रकाशित की जाएगी। शेड्यूल में किए गए इस बदलाव के बाद हजारों छात्र-छात्राओं की निगाहें अब पहली मेरिट सूची पर टिकी हुई हैं।   मेरिट लिस्ट के बाद होगा दस्तावेज सत्यापन विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि पहली मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को निर्धारित समय के भीतर संबंधित पीजी विभागों और कॉलेजों में नामांकन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके लिए दस्तावेज सत्यापन भी किया जाएगा। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपने सभी जरूरी प्रमाण पत्र और दस्तावेज पहले से तैयार रखें, ताकि नामांकन के समय किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।   पारदर्शी और व्यवस्थित प्रक्रिया पर जोर रांची यूनिवर्सिटी का कहना है कि प्रवेश प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से शेड्यूल में बदलाव किया गया है। विश्वविद्यालय चरणबद्ध तरीके से नामांकन की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराएगा। जिन छात्रों का नाम पहली मेरिट सूची में शामिल नहीं होगा, उन्हें आगामी मेरिट लिस्ट का इंतजार करना होगा।   कॉलेजों और विभागों में बढ़ी तैयारियां पहली मेरिट लिस्ट की नई तारीख घोषित होने के बाद विश्वविद्यालय के विभिन्न पीजी विभागों और संबद्ध कॉलेजों में तैयारियां तेज हो गई हैं। छात्र-छात्राएं भी लगातार प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि सभी प्रक्रियाएं तय समय के अनुसार पूरी की जाएंगी।   छात्रों से आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की अपील विश्वविद्यालय ने छात्रों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और पोर्टल पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें। किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी से बचते हुए विश्वविद्यालय के निर्देशों का पालन करें, ताकि नामांकन प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके।

anjali kumari जून 11, 2026 0
MGM Medical College
जमशेदपुर : एमजीएम मेडिकल कॉलेज में UG सीटें 150 से बढ़ाकर 250 और PG सीटें 49 से बढ़ाकर 200 करने के प्रस्ताव मिली मंजूरी

रांची। झारखंड में चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य के प्रमुख चिकित्सा संस्थान रिम्स रांची में स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) और सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों की सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में रिम्स प्रशासन को विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है। इस पहल का उद्देश्य राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना है।   केंद्र और राज्य मिलकर उठाएंगे खर्च केंद्र प्रायोजित योजना के तहत मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने के लिए प्रति सीट लगभग 1.5 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। योजना के तहत रिम्स में UG सीटों को 180 से बढ़ाकर 250, PG सीटों को 176 से बढ़ाकर 275 और सुपर स्पेशियलिटी सीटों को 11 से बढ़ाकर 100 करने का लक्ष्य रखा गया है।   MGM और धनबाद मेडिकल कॉलेज को मिल चुकी मंजूरी स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में UG सीटें 150 से बढ़ाकर 250 और PG सीटें 49 से बढ़ाकर 200 करने के प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। वहीं, धनबाद मेडिकल कॉलेज में UG सीटें 100 से बढ़ाकर 250 और PG सीटें 19 से बढ़ाकर 200 करने के प्रस्ताव को भी भारत सरकार की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।   PPP मॉडल पर बनेंगे नए छात्रावास रिम्स-टू परियोजना के तहत छात्रावास निर्माण के लिए नई रणनीति अपनाई जाएगी। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि हॉस्टल निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार के वायबिलिटी गैप फंड (VGF) से सहायता लेने की योजना है। इससे सरकारी खर्च कम होगा और छात्रों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बेहतर आवास उपलब्ध कराया जा सकेगा।   चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा नया आयाम सीटों में बढ़ोतरी और आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास से झारखंड में मेडिकल शिक्षा को बड़ा लाभ मिलेगा। इससे राज्य के छात्रों को अधिक अवसर मिलेंगे और भविष्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी।

anjali kumari जून 11, 2026 0
travel time reduced
सिल्ली-ईलू ट्रैक से रांची से कोलकाता जाने में 1 घंटा कम लगेगा

रांची। सिल्ली-ईलू बाईपास रेल लाइन परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उपलब्ध भूमि पर लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि वर्तमान में रेलवे ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। यह परियोजना दक्षिण-पूर्व रेलवे की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है। इसके पूरा होने से रांची, टाटानगर तथा कोलकाता के बीच रेल यात्रा अधिक सुगम हो जाएगी। नहीं होगा इंजन का रिवर्सल अभी रांची से मुरी होकर कोलकाता और टाटा की ओर जाने वाली ट्रेनों को मुरी जंक्शन पर इंजन रिवर्सल करना पड़ता है, जिसमें करीब 35 मिनट का समय लगता है। इसके अलावा सिल्ली से मुरी तक पहुंचने में भी लगभग 10 मिनट लगते हैं। साथ ही मुरी से इलू पहुंचने में करीब 15 मिनट लगते हैं। नई बाईपास लाइन शुरू होने के बाद ट्रेनों को मुरी जंक्शन जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे यात्रियों का लगभग 1 घंटे का समय बचेगा। ट्रेनों का परिचालन भी अधिक तेज एवं सुविधाजनक होगा और मुरी स्टेशन का लोड भी घटेगा। उप मुख्य अभियंता (निर्माण) एनके मीणा ने बताया कि परियोजना का कार्य लगातार जारी है और मार्च 2028 के निर्धारित लक्ष्य से पहले इसके पूरा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 1.47 हेक्टेयर सरकारी भूमि के अधिग्रहण का प्रस्ताव भेजा जा चुका है और यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी। वहीं 9.57 हेक्टेयर रैयती भूमि के अधिग्रहण के लिए जिला भूमि अधिग्रहण विभाग को भुगतान कर दिया गया है। रैयतों को मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। सिल्ली स्टेशन पर बढ़ रहीं सुविघाए सिल्ली स्टेशन पर भी सुविधाएं बढ़ रहीं हैं। सिल्ली रेलवे स्टेशन का भी तेजी से विस्तारीकरण किया जा रहा है। स्टेशन पर परिचालन संबंधी कार्यों को बेहतर बनाने के लिए नए भवन का निर्माण किया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सिल्ली-ईलू बाईपास रेल लाइन के चालू होने का सबसे बड़ा लाभ सिल्ली क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। अभी टाटानगर और कोलकाता मार्ग की ट्रेन पकड़ने के लिए यात्रियों को मुरी जाना पड़ता है। नई लाइन बनने के बाद उन्हें मुरी जाने की जरूरत नहीं होगी। रांची रेल मंडल की सीनियर डीसीएम श्रेया सिंह ने बताया कि ईलू-सिल्ली बाईपास रेलवे लाइन का मुख्य उद्देश्य ट्रेनों को मुरी जंक्शन पर रिवर्सल और अतिरिक्त परिचालन समय से बचाते हुए सीधा मार्ग उपलब्ध कराना है। परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और इसके पूरा होने के बाद रेल संचालन अधिक सुगम एवं प्रभावी हो जाएगा। साथ ही यात्रा समय में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। हटिया-ओरगा लाइन का निरीक्षण हटिया-ओरगा डबल रेललाइन परियोजना के अंतिम चरण में 12.5 किमी. लंबे कानारोवां-टाटी सेक्शन का महत्वपूर्ण निरीक्षण किया गया। रेलवे संरक्षा आयुक्त (CRS) बृजेश कुमार मिश्रा ने इसका गहन निरीक्षण किया। इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक (DRM) रांची करुणा निधि सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

anjali kumari जून 11, 2026 0
Dark clouds and rainfall over Jharkhand as thunderstorms and heavy rain alerts are issued.
झारखंड में 11 जून से बदलेगा मौसम, कई जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट

रांची: झारखंड में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 11 जून से प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने की संभावना है। कई जिलों में आंधी, वज्रपात और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, झारखंड में मानसून के अगले चार दिनों में संताल परगना के रास्ते प्रवेश करने की उम्मीद जताई गई है। बुधवार शाम राजधानी रांची समेत कई इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। खूंटी में 11 मिमी और रांची व आसपास के क्षेत्रों में करीब 3 मिमी बारिश दर्ज की गई। 11 जून को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ में आंधी, वज्रपात और बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। रांची में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 12 जून को भारी बारिश के आसार 12 जून को बोकारो, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा और दुमका में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा रांची, खूंटी, हजारीबाग, कोडरमा, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, सरायकेला, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में आंधी, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 13 जून को भी जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के अनुसार 13 जून को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। दुमका, जामताड़ा, देवघर, धनबाद, साहिबगंज, पाकुड़ और गोड्डा में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।  

surbhi जून 11, 2026 0
JPL opening ceremony
JPL का भव्य आगाज: कनिका ने सुरीली धुनों से लोगों का मनमोहा, धोनी का दिखा क्रेज

रांची। रांची के JSCA International Stadium Complex में झारखंड T20 क्रिकेट लीग 2026 का रंगारंग उद्घाटन समारोह शानदार अंदाज में आयोजित किया गया। क्रिकेट, संगीत और झारखंडी संस्कृति के अनूठे मेल ने हजारों दर्शकों को देर रात तक मंत्रमुग्ध रखा। इस भव्य आयोजन ने साबित कर दिया कि झारखंड अब खेल और मनोरंजन दोनों क्षेत्रों में नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है।   कणिका कपूर ने बिखेरा संगीत का जादू   उद्घाटन समारोह में बॉलीवुड की मशहूर गायिका कनिका कपूर  ने अपने सुपरहिट गीतों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनके मंच पर आते ही पूरा स्टेडियम तालियों और उत्साह से गूंज उठा। वहीं झारखंड के लोकप्रिय कलाकार विवेक नायक  ने पारंपरिक झारखंडी गीतों की प्रस्तुति देकर स्थानीय संस्कृति की खूबसूरत झलक पेश की। छऊ नृत्य और जनजातीय लोकनृत्य ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।   धोनी की एंट्री पर गूंज उठा स्टेडियम   समारोह का सबसे यादगार पल तब आया जब भारतीय क्रिकेट के दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी ने मंच पर कदम रखा। धोनी को देखते ही पूरा स्टेडियम ‘धोनी-धोनी’ के नारों से गूंज उठा। उन्होंने लीग में भाग लेने वाली छह टीमों के कप्तानों के साथ मिलकर टूर्नामेंट की आधिकारिक ट्रॉफी का अनावरण किया। यह पल क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं था।   युवा खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच   झारखंड T20 लीग का उद्देश्य राज्य के युवा और उभरते क्रिकेटरों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह लीग भविष्य के क्रिकेट सितारों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मंच देगी।   कई दिग्गज रहे मौजूद उद्घाटन समारोह में अजय नाथ शाहदेव, सौरभ तिवारी और Shahbaz Nadeem समेत झारखंड क्रिकेट जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। सभी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और लीग की सफलता की कामना की।   रोमांचक मुकाबलों का इंतजार भव्य उद्घाटन के साथ शुरू हुई झारखंड T20 लीग अब क्रिकेट प्रेमियों को रोमांचक मुकाबलों का भरपूर आनंद देने के लिए तैयार है। दर्शकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मैदान पर चौकों-छक्कों की बारिश और युवा खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिलेगा।

anjali kumari जून 11, 2026 0
Rajya Sabha Election
Rajya Sabha Election: सेकेंड प्रेफरेंस वोट से बदलेगा समीकरण!  जानें नाथवाणी, JMM-कांग्रेस का दांव

रांची। झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए तीन प्रत्याशी बैजनाथ राम, प्रणव झा और परिमल नाथवाणी मैदान में हैं। चुनाव मैदान में तीन प्रत्याशियों आ जाने के कारण मुकाबला रोचक हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार सेकेंड प्रेफरेंस के वोट से समीकरण बदल सकता है। 56 वोटों का जादुई आंकड़ा इंडिया गठबंधन के पक्ष मे झारखंड की दोनों सीटों पर जीत के लिए आवश्यक 56 वोटों का जादुई आंकड़ा इंडिया गठबंधन के पक्ष में है, लेकिन क्रॉस वोटिंग से तस्वीर बदल सकती है। निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवाणी को भाजपा, जदयू, आजसू पार्टी और लोजपा-आर के 24 विधायकों का समर्थन हासिल है। इसके अलावा तटस्थ माने जाने वाले जेएलकेएम के एक विधायक जयराम महतो का वोट भी निर्णायक हो सकता है। एक वोट से बदल सकता है पूरा समीकरण राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्तारूढ़ गठबंधन के पास 56 वोट जरूर है। ऐसी स्थिति में जेएमएम प्रत्याशी बैजनाथ राम और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को 28-28 वोट मिल जाए, तो दोनों उम्मीदवारों की जीत हो सकती है। लेकिन, सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए 28 मतों का दांव लगाना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि एक भी वोट रद्द होने से पूरा समीकरण बिगड़ सकता है। दूसरी तरफ सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए रणनीतिक पेच ये भी है कि इंडिया गठबंधन के एक प्रत्याशी के पक्ष में 28 वोट से अधिक मतदान कराया जाए, तो गठबंधन के दूसरे प्रत्याशी का वोट कम जाएगा। इस स्थिति में निर्दलीय प्रत्याशी को फायदा मिल सकता है। प्रथम के साथ द्वितीय वरीयता का वोट भी होगा निर्णायक राज्यसभा चुनाव में मतदाताओं के इस अधिकार से चुनाव परिणाम का पूरा समीकरण बदल सकता है। इंडिया गठबंधन के विधायकों की कोशिश होगी कि 28-28 वोट उन्हें प्रथम वरीयता का मिले और इतना ही वोट उन्हें द्वितीय वरीयता का भी मिल जाए, ऐसी स्थिति में सत्तारूढ़ गठबंधन के दोनों उम्मीदवारों की जीत तय हो जाएगी। लेकिन, कुछ वोट रद्द होने या अनुपस्थित रहने की स्थिति में सत्ता पक्ष के 56 विधायकों में से जितने मतदाताओं का द्वितीय वरीयता का वोट निर्दलीय प्रत्याशी को मिलेगा, उसके अनुसार समीकरण में बदलाव होगा। झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए सभी 81 मतदाताओं यानी विधायकों के पास प्रथम के अलावा द्वितीय वरीयता का वोट देने का अधिकार होगा। मतदाता चाहे, तो किसी एक उम्मीदवार को ही वोट कर सकते हैं, लेकिन इच्छा होने पर द्वितीय वरीयता का वोट भी कर सकते हैं। दोनों ही स्थिति में उनका वोट वैध होगा। क्या है वोटों का गणित झारखंड विधानसभा के सदस्यों की संख्या 81 है, यदि सभी सदस्य वोट करते हैं और उनका मत वैध पाया जाता है, तो किसी भी उम्मीदवार को निर्वाचित होने के लिए 2701 अंक का कोटा यानी प्रथम वरीयता का 28 मात प्राप्त करना होगा। सत्तारूढ़ जेएमएम-कांग्रेस- राजद और माले गठबंधन के पास पास दो उम्मीदवारों की जीत के लिए पर्याप्त वोट हैं। एनडीए विधायकों की संख्या 24 है, जबकि जेएलकेएम के जयराम महतो तटस्थ माने जा रहे हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों की संख्या दल    विधायक  जेएमएम    34 कांग्रेस    16 राजद    4 भाकपा-माले    2 कुल वोट    56 एनडीए विधायकों की संख्याः दल    विधायक भाजपा    21 जदयू    1 लोजपा-आर    1 आजसू पार्टी    1 कुल    24   JMM-कांग्रेस का दांव राज्यसभा चुनाव में जेएमएम उम्मीदवार बैजनाथ राम सिर्फ अपनी पार्टी के ही 34 में से 28 विधायकों के प्रथम वरीयता के वोट से आसानी से जीत हासिल कर लेंगे। लेकिन, कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को अपनी पार्टी के 16 विधायकों के अलावा जेएमएम के बचे 6 वोट के साथ राजद और भाकपा-माले के 2 विधायकों का भी प्रथम वरीयता का वोट प्राप्त करना होगा, तभी उनकी जीत सुनिश्चित होगी। लेकिन, मामला तभी फंसेगा, जब भीतरघात या क्रॉस वोटिंग होगी। कैसे जीतेंगे नाथवाणी? निर्दलीय परिमल नाथवाणी को भाजपा के 21 के साथ जदयू, आजसू पार्टी और लोजपा आर के एक-एक विधायकों का समर्थन मिल सकता है। इसके बाद भी प्रथम वरीयता के चार वोट की जरूरत उन्हें पड़ेगी। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि परिमल नाथवानी के जेएलकेएम के जयराम महतो का समर्थन मिल सकता है। इसके बाद भी उन्हें तीन वोट की जरूरत हो सकती है। ऐसी स्थिति में क्रॉस वोटिंग या सेकेंड प्रेफरेंस का वोट निर्णायक साबित हो सकता है।

anjali kumari जून 11, 2026 0
Jharkhand Weather News
Jharkhand Weather: 11 जून से बदलेगा मौसम, कई जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट

रांची। झारखंड में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को जल्द राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में 11 जून से प्री-मानसून गतिविधियां तेज होंगी और कई जिलों में आंधी, वज्रपात तथा बारिश की संभावना है। राजधानी रांची में बुधवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। खूंटी में 11 मिमी और रांची व आसपास के इलाकों में लगभग 3 मिमी बारिश दर्ज की गई।   कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग ने 11 जून के लिए रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं, वज्रपात और बारिश की संभावना जताई गई है। रांची में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।   12 जून को कई इलाकों में भारी बारिश के आसार 12 जून को बोकारो, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा और दुमका जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। वहीं रांची, खूंटी, हजारीबाग, कोडरमा, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, सरायकेला, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में आंधी, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए भी मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।   13 जून को भी जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के अनुसार 13 जून को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। दुमका, जामताड़ा, देवघर, धनबाद, साहिबगंज, पाकुड़ और गोड्डा जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है।   चार दिन बाद झारखंड में दस्तक देगा मानसून मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मानसून अगले चार दिनों में संताल परगना क्षेत्र के रास्ते झारखंड में प्रवेश कर सकता है। इसके साथ ही राज्यभर में बारिश की गतिविधियां बढ़ने और तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

abhishek singh जून 11, 2026 0
Bhairav Singh
CM का काफिला रोकने के केस में भैरव सिंह बरी

रांची।  वर्ष 2021 में रांची के किशोरगंज चौक में सीएम के काफिले को रोकने का प्रयास करने और प्रदर्शन करने से जुड़े केस में रांची सिविल कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। बुधवार को कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए भैरव सिंह समेत अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।   इस मामले का ट्रायल रांची सिविल कोर्ट के अपर प्रधान न्यायायुक्त की अदालत में चला। घटना को लेकर वर्ष 2021 में सुखदेवनगर थाना में पदस्थापित एएसआई सदानंद कुमार के बयान पर 72 नामजद समेत 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। किशोरगंज चौंक के पास काफिले को बनाया गया था निशाना 4 जनवरी को सीएम हेमंत सोरेन का काफिला झारखंड मंत्रालय से लौट रहा था। इसी दौरान किशोरगंज चौक के पास उपद्रवियों के झुंड ने सुनियोजित साजिश के तहत काफिले को निशाना बनाने की कोशिश की थी। हालांकि रांची पुलिस ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सीएम के काफिले को रूट डायवर्ट कर दिया था। इस संबंध में सुखदेवनगर थाना में कांड संख्या 5/2021 दर्ज की गई थी। सिविल कोर्ट से बरी किये जाने से भैरव सिंह को बड़ी राहत मिली है। इस केस के बाद भैरव सिंह को जेल भी जाना पड़ा था।

abhishek singh जून 11, 2026 0
CM Hemant Soren Narendra Modi
CM हेमंत दिल्ली गये,  प्रधानमंत्री के साथ नीति आयोग की बैठक में भाग लेंगे

रांची। केंद्र सरकार की नीति निर्धारण संस्था नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल (शासी परिषद) की बैठक 11 जून को दिल्ली में होगी। इस हाई-प्रोफाइल बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इसमें शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार की दोपहर दिल्ली के रवाना हो गए है।   बता दें कि इस महत्वपूर्ण बैठक में झारखंड राज्य की भागीदारी को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। जिसके तहत राज्य के मुख्यमंत्री और शीर्ष अधिकारियों की सूची को अंतिम रूप देकर नीति आयोग को भेज दिया गया है।   नीति आयोग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि छिब्बर ने इस संबंध में झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार को पत्र भेजा है। इसमे कहा गया है कि इस बार की बैठक का मुख्य विषय विकसित भारत के लिए मानव पूंजी रखा गया है। इसके साथ ही इस बैठक के एजेंडे में दिसंबर 2025 में आयोजित मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन में तय की गई प्राथमिकताओं और सिफारिशों को शामिल किया गया है। सीएम के साथ अधिकारी होंगे बैठक में शामिल जानकारी के मुताबिक नीति आयोग की ओर से झारखंड के मुख्यमंत्री को बैठक में शामिल होने के लिए उपाध्यक्ष की ओर से एक अलग से आमंत्रण पत्र गया है। 11 जून को होने वाली इस बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अलावा झारखंड का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकारियों में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, प्लानिंग एंड डेवलपमेंट सचिव मुकेश कुमार, दिल्ली के रेसिडेंट कमिश्नर अरवा राजकमल और प्लानिंग एंड डेवलपमेंट की अपर सचिव विजया जाधव शामिल होंगी।

abhishek singh जून 11, 2026 0
Jharkhand Agitators' Struggle Front Protest
रांची में सीएम आवास घेरने निकले झारखंड आंदोलनकारियों को पुलिस ने रोका, हुई धक्का मुक्की

रांची।  झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के तले बुधवार यानी 10 जून को बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने पहुंचे। इसमें रांची के अलावा लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, रामगढ़, दुमका सहित अन्य जिलों से आंदोलनकारी शामिल हुए। आंदोलनकारी पहले मोरहाबादी मैदान में जुटे। फिर वहां से वे ढोल मांदर, नगाड़ा और झंडा के साथ मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले।  सिदो-कान्हो पार्क के पास पुलिस ने रोका आंदोलनकारियों को सिदो कान्हो पार्क से पहले ही पुलिस ने बेरीकेडिंग कर रोक दिया। इसके बाद वे सड़क पर ही बैठ गए और जय झारखंड की नारेबाजी करते रहे। आंदोलनकारियों के समूह में दुमका से आई गीता मुर्मू भी थी। वह अपने 10 साल के बेटे देव मरांडी को लेकर आई थी। मान-सम्मान, पेंशन और रोजगार की मांग प्रदर्शन और घेराव का नेतृत्व संगठन के संस्थापक और प्रधान सचिव पुष्कर महतो सहित अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ता ने किया। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा झारखंड आंदोलनकारियों के राजकीय मान सम्मान, पेंशन राशि, मुआवजा, आश्रितों की नौकरी और रोजगार की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत है।

abhishek singh जून 11, 2026 0
Jharkhand High Court TGT
हाईकोर्ट ने TGT मामले से जुड़े मीना कुमारी प्रकरण में इंटरवेनर्स आवेदन किया स्वीकार, JSSC को पक्षकार बनाने का निर्देश

रांची। झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को TGT (स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक) नियुक्ति से जुड़े मीना कुमारी प्रकरण में एक महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले में हस्तक्षेप के लिए दायर सभी इंटरलोक्यूटरी एप्लिकेशन (I.A.) को स्वीकार करते हुए इंटरवेनर्स को अपील में प्रतिवादी के रूप में शामिल करने का महत्वपूर्ण निर्देश दिया।  इंटरवेनर्स की ओर से रखी गई दलील सुनवाई के दौरान इंटरवेनर्स की ओर से पक्ष रख रहे अधिवक्ता चंचल जैन ने दलील दी कि ये वे अभ्यर्थी हैं, जिनके मामले TGT नियुक्ति प्रकरण में मीना कुमारी के साथ ही निस्तारित हुए थे। हालांकि, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा इनके खिलाफ कोई अपील दायर नहीं की गई थी। लेकिन, इस मुख्य अपील में आने वाले फैसले का सीधा असर इनके हितों पर पड़ सकता था, जिसके चलते इन्होंने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। JSSC को संशोधन का निर्देश हाईकोर्ट ने JSSC को आवश्यक संशोधन करते हुए सभी स्वीकृत इंटरवेनर्स को अपील में औपचारिक तौर पर पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने संशोधित अपील की एक सॉफ्ट कॉपी दो सप्ताह के भीतर संबंधित अधिवक्ताओं को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। राज्य सरकार और JSSC के संशोधन आवेदन को भी मंजूरी अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार और JSSC द्वारा दायर संशोधन आवेदन को भी मंजूरी दे दी है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 30 जून को होगी।

abhishek singh जून 11, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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US President Donald Trump speaks about Iran talks, nuclear concerns, and a possible diplomatic agreement.
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ट्रंप बोले- समझौते से हो या सैन्य कार्रवाई से, अंत में अमेरिका ही जीतेगा

Deepshikha जून 5, 2026 0

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