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25 साल, 10 बार मुख्यमंत्री! जानिए बिहार की तस्वीर बदलने वाले नेता के बारे में | Nitish Kumar

25 साल, 10 बार मुख्यमंत्री! जानिए बिहार की तस्वीर बदलने वाले नेता के बारे में | Nitish Kumar 25 Years Political Journey | Bihar CM 10 Times Oath | Development and Governance in Bihar | Bihar Politics Analysis | नीतीश कुमार का सियासी सफर | Nitish Kumar Political Journey 10 बार मुख्यमंत्री | 10 Times Chief Minister बिहार में बदलाव की कहानी | Transformation of Bihar सुशासन और विकास | Governance and Development बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का नाम एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली नेता के रूप में लिया जाता है। वर्ष 2000 से 2025 तक के करीब 25 वर्षों के सियासी सफर में उन्होंने 10 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और विभिन्न राजनीतिक गठबंधनों के बीच अपनी सत्ता की पकड़ बनाए रखी। पहली बार 3 मार्च 2000 को मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका कार्यकाल केवल सात दिनों का रहा, लेकिन इसके बाद 2005 में एनडीए के साथ सरकार बनाकर उन्होंने बिहार की राजनीति में नई दिशा दी। उनके कार्यकाल में कानून-व्यवस्था सुधार, सड़कों का निर्माण, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए। पुलिस बल को मजबूत करने, महिलाओं को 35% आरक्षण देने और प्रशासनिक सुधारों के कारण राज्य में सुशासन की चर्चा होने लगी। राजनीतिक उतार-चढ़ाव और बदलते गठबंधनों के बावजूद नीतीश कुमार लंबे समय तक सत्ता में बने रहे, जिसे भारतीय राजनीति में एक अनोखा उदाहरण माना जाता है।

43 View Unknown मार्च 13, 2026
प्रदीप यादव ने झारखंड में 3 बाहरी कुलपतियों की नियुक्ति का किया विरोध

प्रदीप यादव ने झारखंड में 3 बाहरी कुलपतियों की नियुक्ति का किया विरोध Pradeep Yadav Opposes Appointment of Outside Vice Chancellors | Jharkhand University VC Appointment Row | Raj Bhavan Decision Questioned Education Governance Debate कुलपति नियुक्ति विवाद | VC Appointment Controversy प्रदीप यादव का विरोध | Pradeep Yadav Protest बाहरी कुलपतियों पर सवाल | Question on Outside VCs झारखंड शिक्षा राजनीति | Jharkhand Education Politics झारखंड में विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने तीन बाहरी कुलपतियों की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि झारखंड में योग्य शिक्षाविदों और प्रशासनिक अनुभव रखने वाले लोगों की कमी नहीं है, ऐसे में राज्य के बाहर से कुलपतियों की नियुक्ति करना राज्य के प्रतिभाशाली लोगों के साथ अन्याय है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर झारखंड के विश्वविद्यालयों के लिए स्थानीय शिक्षाविदों को मौका क्यों नहीं दिया जा रहा। इस मुद्दे को लेकर शिक्षा व्यवस्था और विश्वविद्यालय प्रशासन में पारदर्शिता की मांग भी उठ रही है। वहीं इस मामले को लेकर राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में बहस तेज हो गई है।

42 View Unknown मार्च 13, 2026
LPG गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर Cm Hemant ने केंद्र पर साधा निशाना | LPG shortage | Gas cylinder

LPG गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर Cm Hemant ने केंद्र पर साधा निशाना | LPG shortage | Gas cylinder crisis | Hemant Soren | Jharkhand gas issue | Cooking Gas Shortage | LPG shortage Gas cylinder crisis Jharkhand gas issue झारखंड में एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर मुख्यमंत्री Hemant Soren ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि छोटे-मोटे काम करने वाले लोग अब अपना पेट भी नहीं पाल पा रहे हैं। विधानसभा में मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि आम जनता को सिलेंडर मिलने में कठिनाई हो रही है। राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री को पत्र लिखकर गैस की कमी से हो रही परेशानी से अवगत कराया है और तुरंत समाधान की मांग की है।

50 View Unknown मार्च 13, 2026
Nitish Kumar के राज्यसभा जाने से नाराज सरयू राय | Saryu Roy | Nitish Kumar |Nitish Kumar Rajya Sabha

Nitish Kumar के राज्यसभा जाने से नाराज सरयू राय | Saryu Roy | Nitish Kumar | Bihar News | Rajya Sabh | Nitish Kumar Rajya Sabha news Nitish Kumar Rajya Sabha news Saryu Roy statement on Nitish Kumar Saryu Roy reaction झारखंड के वरिष्ठ नेता Saryu Roy ने Nitish Kumar के राज्यसभा जाने को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे राजनीतिक निर्णयों और पार्टी हितों के खिलाफ कदम बताया है, जिससे बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है।

53 View Unknown मार्च 12, 2026
निकाय चुनाव ने खोली भाजपा की पोल- मंत्री Sudivya Sonu | Sudivya Sonu | BJP exposed

निकाय चुनाव ने खोली भाजपा की पोल- मंत्री Sudivya Sonu | Sudivya Sonu | BJP exposed | Municipal elections | Election results | Political news | नवीन निकाय चुनाव के नतीजों के बाद मंत्री Sudivya Sonu ने भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चुनाव ने भाजपा की पोल खोल दी है और पार्टी के असली राजनीतिक हालात सामने आ गए हैं।

31 View Unknown मार्च 12, 2026
टीम इंडिया के जीत पर Jharkhand के माननीय गदगद | Team India victory Jharkhand reaction

टीम इंडिया के जीत पर Jharkhand के माननीय गदगद | Team India victory Jharkhand reaction | Jharkhand leaders reaction Team India win | Team India T20 World Cup win reaction | Team India victory Jharkhand reaction Jharkhand leaders reaction Team India T20 World Cup win टी20 विश्वकप में टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत पर झारखंड के कई नेताओं ने खुशी जताई है। उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि इस जीत ने पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। नेताओं ने कहा कि टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन कर देश को गौरवान्वित किया है।

24 View Unknown मार्च 12, 2026
झारखंड विधानसभा में हंगामा, मंत्री से बहस, आजसू विधायक मार्शल आउट | Jharkhand Assembly Uproar

झारखंड विधानसभा में हंगामा, मंत्री से बहस, आजसू विधायक मार्शल आउट | Jharkhand Assembly Uproar | AJSU MLA Marshalled Out | Heated Argument with Minister | Assembly Session Disruption | विधानसभा में हंगामा | Assembly Uproar मंत्री से तीखी बहस | Heated Argument with Minister आजसू विधायक मार्शल आउट | AJSU MLA Marshalled Out सदन में हंगामे का माहौल | Chaos in Assembly झारखंड विधानसभा के सत्र के दौरान उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब एक मुद्दे को लेकर मंत्री और आजसू विधायक के बीच तीखी बहस हो गई। बहस के दौरान सदन का माहौल गर्म हो गया और विपक्षी विधायकों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर आजसू के एक विधायक को मार्शल आउट कर दिया गया। इस घटना के बाद कुछ देर तक सदन की कार्यवाही बाधित रही।

14 View Unknown मार्च 12, 2026
क्या रुक जाएगा RIMS-2 प्रोजेक्ट? नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति 12 मार्च को करेगी विधानसभा घेराव

क्या रुक जाएगा RIMS-2 प्रोजेक्ट? नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति 12 मार्च को करेगी विधानसभा घेराव | RIMS-2 Project Protest in Ranchi | Nagdi Zameen Bachao Andolan | Jharkhand Assembly Gherao Call | Ranchi Land Dispute Update | नगड़ी जमीन विवाद | Nagdi Land Dispute RIMS-2 प्रोजेक्ट विरोध | Protest Against RIMS-2 किसानों का आंदोलन | Farmers Protest 12 मार्च विधानसभा घेराव | Assembly Gherao 12 March रांची के नगड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित RIMS-2 प्रोजेक्ट को लेकर किसानों और स्थानीय ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज हो रहा है। नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति का आरोप है कि परियोजना के नाम पर उपजाऊ जमीन अधिग्रहित की जा रही है, जिससे किसानों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। समिति के अनुसार वर्ष 2012 से जमीन से जुड़े लगान रसीद और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। इसी मुद्दे को लेकर संघर्ष समिति ने 12 मार्च 2026 को झारखंड विधानसभा के घेराव का ऐलान किया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक जमीन विवाद और किसानों की मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक विरोध जारी रहेगा। वहीं सरकार का कहना है कि RIMS-2 प्रोजेक्ट राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है और इससे मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी।

20 View Unknown मार्च 12, 2026
सीमांचल बनेगा केंद्र शासित प्रदेश? सियासी गलियारों में चर्चा तेज | Seemanchal Union Territory Debate

सीमांचल बनेगा केंद्र शासित प्रदेश? सियासी गलियारों में चर्चा तेज | Seemanchal Union Territory Debate | Bihar-Bengal Districts UT Theory | Amit Shah Visit Sparks Political Buzz | National Security Angle | सीमांचल UT चर्चा | Seemanchal UT Debate अमित शाह का दौरा | Amit Shah Visit नीतीश कुमार राज्यसभा | Nitish Kumar Rajya Sabha Move राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दा | National Security Concern हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद सीमांचल क्षेत्र को केंद्र शासित प्रदेश (UT) बनाने की चर्चा सियासी गलियारों में तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सीमांचल दौरे और बॉर्डर सुरक्षा को लेकर हुई बैठक के बाद यह बहस और तेज हुई है। इसी बीच सेना के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल को बिहार का राज्यपाल बनाए जाने और पश्चिम बंगाल में खुफिया पृष्ठभूमि वाले अधिकारी की नियुक्ति को भी इस चर्चा से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि केंद्र सरकार ने इस तरह की खबरों को अफवाह बताया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीमांचल क्षेत्र (अररिया, कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया) रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी ‘चिकन नेक’ के पास स्थित है। फिलहाल यह विषय राजनीतिक चर्चा और विश्लेषण का केंद्र बना हुआ है।

21 View Unknown मार्च 12, 2026
अब 15 नहीं, 25 दिन बाद मिलेगा दूसरा LPG सिलेंडर | LPG Booking Rule Changed | 25 Days Waiting for Gas

अब 15 नहीं, 25 दिन बाद मिलेगा दूसरा LPG सिलेंडर | LPG Booking Rule Changed | 25 Days Waiting for Gas Refill | LPG Price Hike Update | Impact on Consumers | गैस बुकिंग नियम में बदलाव | LPG Booking Rule Change अब 25 दिन का इंतजार | 25 Days Waiting Period घरेलू गैस कीमत बढ़ी | Domestic LPG Price Hike उपभोक्ताओं पर असर | Impact on Consumers मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत में घरेलू LPG सिलेंडर की बुकिंग से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है। अब उपभोक्ता दूसरा गैस सिलेंडर 15 दिनों के बजाय 25 दिनों के बाद ही बुक कर सकेंगे। यह नया नियम 7 मार्च से लागू कर दिया गया है। सरकार और तेल कंपनियों के अनुसार यह फैसला संभावित संकट और “पैनिक बुकिंग” को रोकने के लिए लिया गया है, ताकि गैस की आपूर्ति सभी उपभोक्ताओं तक समय पर पहुंच सके। वहीं घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में भी करीब ₹60 तक बढ़ोतरी की खबर सामने आई है। रांची में 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर की कीमत ₹910.50 से बढ़कर ₹970.50 हो गई है, जबकि 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹2039.50 तक पहुंच गई है। तेल कंपनियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल जरूरत के अनुसार ही गैस बुक करें।

20 View Unknown मार्च 12, 2026
अमेरिका-ईरान जंग की आग चूल्हे तक, 30% बढ़ी गैस की बुकिंग | US-Iran Tension Impacts LPG Demand

अमेरिका-ईरान जंग की आग चूल्हे तक, 30% बढ़ी गैस की बुकिंग | US-Iran Tension Impacts LPG Demand | Panic Booking of Gas Cylinders | Ranchi LPG Supply Pressure | Cooking Gas Demand Surge | गैस बुकिंग में बढ़ोतरी | LPG Booking Surge पैनिक बुकिंग शुरू | Panic Booking by Consumers रांची में सप्लाई दबाव | LPG Supply Pressure in Ranchi प्रशासन की सख्ती | Administration Warning मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच जारी सैन्य तनातनी का असर अब घरेलू रसोई तक पहुंचने लगा है। रांची समेत देश के कई शहरों में एलपीजी गैस सिलेंडर की बुकिंग में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है। गैस एजेंसियों के अनुसार रांची में रोजाना होने वाली गैस बुकिंग में करीब 30% तक इजाफा हुआ है। पहले जहां प्रतिदिन करीब 21 हजार सिलेंडरों की सप्लाई होती थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर लगभग 27 हजार तक पहुंच गई है। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि बुकिंग के बाद भी उन्हें समय पर गैस डिलीवरी नहीं मिल रही है। हालांकि तेल कंपनियों और गैस एजेंसियों का कहना है कि गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और यह स्थिति पैनिक बुकिंग के कारण बनी है। प्रशासन ने गैस सिलेंडर की कालाबाजारी को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

20 View Unknown मार्च 12, 2026
नीरा यादव को लेकर इरफान अंसारी ने दिया विवादित बयान | Irfan Ansari Controversial Remark Neera Yadav

नीरा यादव को लेकर इरफान अंसारी ने दिया विवादित बयान | Irfan Ansari Controversial Remark on Neera Yadav | Jharkhand Political Controversy | Opposition Reaction in Assembly | Latest Political Update | नीरा यादव पर बयान | Remark on Neera Yadav इरफान अंसारी विवाद | Irfan Ansari Controversy झारखंड राजनीति गरमाई | Jharkhand Politics Heats Up विधानसभा में चर्चा | Debate in Assembly झारखंड की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भाजपा नेता नीरा यादव को लेकर विवादित बयान दे दिया। उनके बयान के बाद विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे अनुचित बताया और सरकार पर सवाल उठाए। भाजपा नेताओं ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है और मंत्री को अपने बयान पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। वहीं सत्तारूढ़ पक्ष के कुछ नेताओं ने इसे राजनीतिक बयानबाजी बताया है। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और यह मुद्दा विधानसभा के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है।

19 View Unknown मार्च 12, 2026
Ranchi में निकली भव्य मंगलवारी जुलूस, जय श्री राम के जयकारों से गूंजी राजधानी | Grand Mangalwari

रांची में निकली भव्य मंगलवारी जुलूस, जय श्री राम के जयकारों से गूंजी राजधानी | Grand Mangalwari Procession in Ranchi | Devotees Chant Jai Shri Ram | Religious Procession in Jharkhand Capital | Ranchi City Devotional Event | मंगलवारी जुलूस | Mangalwari Procession जय श्री राम के जयकारे | Jai Shri Ram Chants रांची में भव्य आयोजन | Grand Event in Ranchi भक्तों की भारी भीड़ | Large Gathering of Devotees राजधानी रांची में मंगलवार के अवसर पर भव्य मंगलवारी जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। जुलूस के दौरान पूरा शहर ‘जय श्री राम’ के जयकारों से गूंज उठा। पारंपरिक वाद्ययंत्रों, झांकियों और भगवा ध्वज के साथ श्रद्धालु शहर की सड़कों से होकर गुजरे। विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों के लोग भी इस आयोजन में शामिल हुए। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रशासन की ओर से पुलिस बल की तैनाती की गई थी। श्रद्धालुओं ने भक्ति और उत्साह के साथ इस धार्मिक आयोजन में भाग लिया, जिससे पूरे इलाके में धार्मिक और उत्सवी माहौल बना रहा।

14 View Unknown मार्च 12, 2026
मंत्री Irfan Ansari: BJP वाले हिंदुस्तानी नहीं, अंग्रेजों का दूसरा रूप

यही वह झारखंड है। छत्तीसगढ़ का आदमी यहां मुख्यमंत्री बन जाता है। यह लोग लगता नहीं है भाजपा के जो लोग हैं ना यह लोग हमको नहीं लगता कि वह लोग हिंदुस्तानी है। यह लोग लगता है कि अंग्रेज के मतलब दूसरा रूप है। अंग्रेज मतलब चला गया उसका मानसिकता के लेके ये लोग चल रहा है। देखिए निशिकांत दुबे जी जो है इनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। और भारतीय जनता पार्टी का वो एक खिलौना बन के रह गया। राहुल गांधी जी का अपमान नहीं सहेगा इरफान। मैं साफसाफ बता देता हूं और हमें लगता नहीं कि वो झारखंड से आते हैं। झारखंड की संस्कृति, झारखंड की मर्यादा, झारखंड का रहन-सहन ये इस परिपेक्ष में नहीं है। हमारे कल्चर नहीं है। गांधी परिवार जिसने देश को दिया आज गांधी परिवार के चलते हम सब हैं। आप सब हैं और ये मीडिया चैनल है और उस परिवार को इस तरह की अभद्र टिप्पणी करना जिसको मैं दोहरा नहीं सकता। आप सदन में बोलते हैं यह बात, जनता के बीच में बोलते हैं यह बात। तो कहीं ना कहीं उनके बातों से झारखंड का अपमान हो रहा है। यहां की मान मर्यादा जो सम्मान है वो अपमानित हो रहा है। मैं निशिकांत जी को कहूंगा माफी मांगिए और 29 तक ही आपका है। और मैं रोक दूंगा उनको बता रहा हूं। मैं रोकूंगा उनको बता दीजिएगा आपको। लगा दीजिएगा आप लोग। और अभी से मन बना लिए मैं बोरिया बिष्ट समर्थ बिहार मिलूंगा याद 29 में निशिकांत जी सदन का सदन के सदस्य नहीं होंगे धन्यवाद राज्यसभा चले गए जी राज्यसभा चले गए लोकसभा में तो चलिए रोक दीजिएगा राज्यसभा कहां पे राज्यसभा चले गए वो ये तो अब ऐसा सा सवाल हमसे कीजिएगा आप लोग। अब वो कहीं भी जा सकते हैं। अब बिहार से आके झारखंड आ गए। झारखंड के सांसद बन गए तो कम बड़ी बात है क्या? तो जा सकते हैं लेकिन लोकसभा नहीं जा पाएंगे। मैं उनको रोकूंगा। मैं बदला लूंगा। बहुत हो गया। ये अपमानित किया। लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। पार्टी अगर टिकट देगी तो मैं रोक दूंगा। हर हाल में मैं रुकूंगा क्योंकि देखिए आप आप लोग तमाम लोग मीडिया वाले हैं। आप बताइए इरफान अंसारी का नेचर और कल्चर से लेकिन विपरीत है। ये लोग लगता नहीं है भाजपा के जो लोग है ना ये लोग हमको नहीं लगता कि वो लोग हिंदुस्तानी है। तो प्रदीप जीता है। ये लोग लगता है कि अंग्रेज के मतलब दूसरा रूप है ये लोग। अंग्रेज मतलब चला गया। उसका मानसिकता के ले लोग चल रहा है। यह हमारा कल्चर नहीं है। मैं फिर से मैं बोल रहा हूं। हमारे कल्चर में अगर आप ढलना है मैं तो दूंगा झारखंड के लोगों को यहां के तमाम जनता का बहुत बड़ा कलेजा है इस राज्य में अगर 12 भाजपा के सांसद है जिसमें नौ नौ सांसद जो है वो झारखंडी नहीं है। ये दुर्भाग्य है। यही वो झारखंड है। छत्तीसगढ़ का आदमी यहां मुख्यमंत्री बन जाता है। इसका मतलब अगर आप यहां की जनता आपको सम्मान दे रही है तो उसके सम्मान और विश्वास को आघात मत पहुंचाइए। छुरा मत भोकिए। मैं ये कहना चाहता हूं।

29 View Unknown फ़रवरी 20, 2026
विधायक Pradeep Yadav ने कहा-विधायकों के लिए फंड नहीं, पैसे हो रहे सरेंडर

काफी योजनाएं सरकार के पास लंबित पड़ी है। लेकिन वर्षों से सारे विधायकों की योजनाएं लंबित पड़ी है। उसकी स्वीकृति ना मिली। विभाग में भी पैसा पड़ा हुआ है। दूसरा एक महत्वपूर्ण विषय हमने लाया था कि भाई काफी योजनाएं सरकार के पास लंबित पड़ी है राज्य का। उसमें हमने केवल एक क्षेत्र को अपने विधानसभा को नमूने के तौर पर पेश किया था कि विधायकों की अनुशंसा के आधार पर आप जहर थान का घेराव फिर कला संस्कृति केंद्र तमाम चीजों का निर्माण करते हैं। लेकिन वर्षों से सारे विधायकों की योजनाएं लंबित पड़ी है। उसकी स्वीकृति ना मिली। विभाग में भी पैसा पड़ा हुआ है। तो हमें लगता है कि प्रश्न के बाद सरकार जगेगी और फिर कठोर कदम उठाएगी। ठोस कदम उठाएगी ताकि इन योजनाओं का जो वो लाभ देना चाहते हैं झारखंड के आदिवासियों को उनका लाभ मिले। अभी ब्रेन मेरो ट्रांसफर की जो बात हो रही थी ट्रांसप्लांट की बात। अभी उसके अस्पताल बन रहे हैं। दोद स्थानों पर इसके निर्माण कार्य चल रहे हैं और हमें लगता है कि बड़ी जल्दी उसका लाभ राज्य के कुछ सफर जो ब्लड से सफरर है जिन्हें ब्लड जिनके शरीर में नहीं बनता है हमें लगता है कि उसका लाभ मिले। तो काफी तेजी से काम हो रहा है।

24 View Unknown फ़रवरी 20, 2026
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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