रांची। बिजली के पोल पर अनधिकृत और असुरक्षित तरीके से लगाए गए टेलीकॉम, ओएफसी और टीवी केबल के खिलाफ झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कंपनियों को केबल व्यवस्थित करने के लिए दी गई 16 अगस्त की अंतिम समयसीमा खत्म होने के बाद निगम ने अब खुद ऐसे केबल हटाने का अभियान शुरू कर दिया है। जेबीवीएनएल के अनुसार, सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले केबल और उपकरणों को हटाने में आने वाला खर्च संबंधित कंपनी या एजेंसी से वसूला जाएगा। निगम ने इससे पहले जून में भी दूरसंचार कंपनियों को केबल सुरक्षित करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट के स्वत: संज्ञान मामले के बाद 13 अगस्त को कंपनियों को अंतिम नोटिस जारी किया गया था। रांची के कई इलाकों में कार्रवाई अभियान के पहले चरण में रांची के कई प्रमुख इलाकों में बिजली पोल पर झूलते और असुरक्षित केबल हटाए गए। इनमें कुसई चौक, हिनू रोड, हरमू रोड, श्रद्धानंद रोड, कांके रोड, तुपुदाना, बूटी मोड़, मेन रोड, कोचा टोली, खेलगांव रोड, कोकर, करमटोली और जगन्नाथपुर समेत कई इलाके शामिल हैं। इसके अलावा डोरंडा, हिनू, डंगराटोली, लालपुर, पुरुलिया रोड, मोरहाबादी, चिरौंदी और नामकुम में भी कार्रवाई की जा रही है। डोरंडा से नामकुम तक चलेगा अभियान जेबीवीएनएल ने कार्रवाई के लिए रांची के ईस्ट, वेस्ट, सेंट्रल, न्यू कैपिटल, डोरंडा और कोकर विद्युत आपूर्ति प्रमंडलों को जिम्मेदारी दी है। रांची के अलावा खूंटी, गुमला, लोहरदगा और सिमडेगा में भी अनधिकृत और असुरक्षित केबल हटाने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क के ऊपर झूलते केबल से खतरा निगम के मुताबिक कई जगह बिना अनुमति बिजली पोल पर बड़ी संख्या में केबल लगाए गए हैं। कई केबल निर्धारित सुरक्षित ऊंचाई से नीचे झूल रहे हैं। इससे बड़े वाहनों के केबल में फंसने, तार टूटने और बिजली के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। बारिश के मौसम में ऐसे केबल हादसे का कारण बन सकते हैं। कंपनियों से मांगा गया पोल का पूरा ब्योरा जेबीवीएनएल ने संबंधित कंपनियों से बिजली के पोल पर लगाए गए केबल और उपकरणों का पूरा विवरण भी मांगा है। इसमें पोल की GPS लोकेशन, प्रत्येक पोल पर लगे केबलों की संख्या और उपकरणों की जानकारी शामिल है। निगम का कहना है कि कई कंपनियों ने निर्देश के बावजूद पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। बीएसएनएल, रेलटेल, जियो समेत कंपनियां दायरे में अभियान के तहत बीएसएनएल, रेलटेल, रिलायंस जियो, वोडाफोन समेत दूरसंचार कंपनियों और स्थानीय केबल ऑपरेटरों के केबल भी जांच के दायरे में हैं। जेबीवीएनएल ने सभी संबंधित कंपनियों से एक सप्ताह के भीतर केबल की वैधता का प्रमाण देने और उन्हें सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्थित करने को कहा है। कार्रवाई का खर्च भी कंपनियों से वसूला जाएगा जेबीवीएनएल ने साफ किया है कि निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले और अवैध तरीके से लगाए गए केबल निगम अपने स्तर से हटाएगा। इस कार्रवाई में होने वाला पूरा खर्च संबंधित कंपनी या एजेंसी से वसूला जाएगा। निगम के मुताबिक अभियान का उद्देश्य केवल अवैध केबल हटाना नहीं है, बल्कि बिजली के पोल और वितरण व्यवस्था को सुरक्षित रखने के साथ राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा कम करना भी है।
रांची। झारखंड में बिजली आपूर्ति को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड (JUSNL) ने ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। निगम करीब 4.25 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न बिजली उपकरणों की खरीद करेगा। इसके लिए तीन अलग-अलग ई-टेंडर जारी किए गए हैं। इन उपकरणों में कैपेसिटिव वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर (CVT), पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर (PT), लाइटनिंग अरेस्टर, हाई क्लास सर्ज अरेस्टर और 33 केवी सर्किट ब्रेकर शामिल हैं। इनकी मदद से हाई-वोल्टेज सिस्टम की निगरानी बेहतर होगी और बिजली गिरने, अचानक वोल्टेज बढ़ने तथा शॉर्ट सर्किट जैसी स्थिति में ट्रांसमिशन उपकरणों को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। CVT और PT पर खर्च होंगे 2.06 करोड़ पहली निविदा के तहत 420/245/145/36 केवी क्षमता के CVT और PT खरीदे जाएंगे। इसके लिए 2 करोड़ 6 लाख 73 हजार 605 रुपये की अनुमानित लागत तय की गई है। इन उपकरणों का इस्तेमाल हाई-वोल्टेज सिस्टम में वोल्टेज की माप और निगरानी के लिए किया जाता है। इससे ग्रिड के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। बिजली गिरने और सर्ज से मिलेगी सुरक्षा दूसरी निविदा के तहत विभिन्न वोल्टेज स्तरों के लिए लाइटनिंग अरेस्टर और हाई क्लास सर्ज अरेस्टर खरीदे जाएंगे। इसकी अनुमानित लागत 1 करोड़ 22 लाख 32 हजार 21 रुपये है। ये उपकरण बिजली गिरने या अचानक वोल्टेज बढ़ने पर अतिरिक्त विद्युत ऊर्जा को सुरक्षित रूप से जमीन की ओर प्रवाहित करते हैं। इससे ट्रांसफॉर्मर, स्विचगियर और अन्य महंगे उपकरणों को नुकसान से बचाने में मदद मिलेगी। फॉल्ट होने पर तुरंत अलग होगी लाइन तीसरी निविदा में 33 केवी सर्किट ब्रेकर की खरीद की जाएगी। इसके लिए 96 लाख 26 हजार 681 रुपये की अनुमानित लागत रखी गई है। शॉर्ट सर्किट या अन्य विद्युत खराबी होने पर सर्किट ब्रेकर प्रभावित लाइन या उपकरण को तत्काल सिस्टम से अलग कर देता है। इससे फॉल्ट का असर दूसरे हिस्सों तक फैलने से रोकने और बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने में मदद मिलेगी। 10 सितंबर तक जमा होंगे टेंडर निविदा दस्तावेज 21 अगस्त 2026 से शाम चार बजे डाउनलोड किए जा सकेंगे। प्री-बिड बैठक 27 अगस्त को शाम चार बजे होगी। टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 10 सितंबर 2026 शाम चार बजे निर्धारित की गई है। तकनीकी बिड 11 सितंबर को शाम चार बजे खोली जाएगी। वित्तीय बिड खोलने की तारीख बाद में घोषित की जाएगी। क्या होगा फायदा? हाई-वोल्टेज सिस्टम में वोल्टेज की निगरानी बेहतर होगी। बिजली गिरने और अचानक वोल्टेज बढ़ने से उपकरणों की सुरक्षा होगी। शॉर्ट सर्किट की स्थिति में प्रभावित लाइन तुरंत अलग की जा सकेगी। फॉल्ट का असर बड़े क्षेत्र में फैलने से रोकने में मदद मिलेगी। ट्रांसफॉर्मर और अन्य महंगे उपकरणों को नुकसान का जोखिम घटेगा। ट्रांसमिशन नेटवर्क की विश्वसनीयता बढ़ेगी। इन उपकरणों की खरीद से बिजली उत्पादन क्षमता सीधे नहीं बढ़ेगी, बल्कि मौजूदा बिजली को सुरक्षित और भरोसेमंद तरीके से ट्रांसमिट करने की क्षमता मजबूत होगी।
रांची। झारखंड में पिछले कई दिनों से जारी बारिश का दौर अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है, लेकिन आज 20 अगस्त को भी राज्य के कई हिस्सों में बादल, बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम केंद्र रांची के अनुसार, सुबह के समय कई स्थानों पर बारिश होगी, जबकि बाद में बारिश की गतिविधि में कमी आने और कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश होने की संभावना है। छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने 20 अगस्त की सुबह 8:30 बजे तक गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में भारी बारिश की संभावना जतायी है। इसके अलावा झारखंड के सभी 24 जिलों में गरज-चमक और वज्रपात का खतरा बना रहेगा। इस दौरान करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। रांची में भी छाए रहेंगे बादल राजधानी रांची में आज दिनभर बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार हैं। सुबह बारिश के बाद इसकी तीव्रता में कमी आ सकती है। हालांकि, गरज-चमक और वज्रपात से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना नहीं है। रांची का अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। झारखंड में सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश ताजा बारिश के आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में अब तक सामान्य से करीब 10 फीसदी कम बारिश हुई है। वहीं राजधानी रांची में बारिश सामान्य से 7 फीसदी अधिक दर्ज की गयी है। कुछ जिलों में बारिश सामान्य से काफी ज्यादा रही है। पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 48 फीसदी, सिमडेगा में 8 फीसदी, सरायकेला-खरसावां में 9 फीसदी और पूर्वी सिंहभूम में 1 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गयी है। बुधवार को रांची में 0.6 मिमी बारिश हुई, जबकि लोहरदगा में 18 मिमी और मेदिनीनगर में 4 मिमी बारिश दर्ज की गयी। 24 जिलों में ऐसा रहेगा मौसम रांची, खूंटी, हजारीबाग और रामगढ़ में बादल और बारिश के साथ गरज-वज्रपात की संभावना है। गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, लातेहार, पलामू और गढ़वा में सुबह भारी बारिश हो सकती है। चतरा, कोडरमा, बोकारो, धनबाद और गिरिडीह में बादल छाए रहने के साथ छिटपुट बारिश के आसार हैं। देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज में भी बादल और हल्की से छिटपुट बारिश हो सकती है। पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम में बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। आगे कमजोर पड़ेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 20 अगस्त की सुबह के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है। 20 से 21 अगस्त के दौरान कई जगहों पर बारिश छिटपुट रहने की संभावना है, लेकिन गरज-चमक और वज्रपात का खतरा बना रहेगा। 20 से 23 अगस्त तक आंधी-तूफान और वज्रपात को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी गयी है। मौसम विभाग ने लोगों से वज्रपात के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास नहीं रहने की अपील की है।
मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को लगातार सात कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद मजबूत शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा चढ़ा, जबकि निफ्टी 50 ने 24,200 का स्तर पार कर लिया। सकारात्मक वैश्विक संकेतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से निवेशकों का रुझान बेहतर हुआ है। GIFT Nifty ने दिए थे तेजी के संकेत बाजार खुलने से पहले ही GIFT Nifty करीब 24,220-24,228 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो पिछले निफ्टी फ्यूचर्स बंद स्तर से करीब 90-138 अंक ऊपर था। इससे घरेलू बाजार में गैप-अप शुरुआत के संकेत मिले थे। पिछले सात दिनों की गिरावट के बाद राहत बुधवार को निफ्टी लगातार सातवें सत्र में गिरकर 24,078.30 पर बंद हुआ था, जबकि सेंसेक्स 325.78 अंक टूटकर 76,909.68 पर रहा था। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, पश्चिम एशिया के तनाव और बढ़ती वैश्विक बॉन्ड यील्ड ने बाजार पर दबाव बनाया था। अमेरिकी बाजार और एशियाई संकेतों का सहारा अमेरिकी बाजार में बुधवार को मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट ने वैश्विक जोखिम धारणा को सहारा दिया। एशियाई बाजारों में भी अधिकांश प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए, जिसका असर भारतीय बाजार की शुरुआती चाल पर पड़ा। आज बाजार के लिए अहम स्तर निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 24,200 के आसपास शुरुआती प्रतिरोध देखा जा रहा है। बाजार में आज तेजी के बावजूद कच्चे तेल और पश्चिम एशिया की स्थिति के कारण उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
मेष राशि : चू, चे, चो, ल, ली, लू, ले, लो,अ।बच्चों के साथ आप सुकून पाएंगे। बच्चों की यह क्षमता क़ुदरती है और न केवल आपके परिवार के बच्चों में, बल्कि हर बच्चे में यह गुण होता है। वे आपको सुकून और राहत दे सकते हैं। आज आप अपने घर केे सदस्यों को कहीं घुमाने ले जा सकते हैं और आपका काफी धन खर्च हो सकता है। दिन के उत्तरार्ध में अचानक आई कोई अच्छी ख़बर पूरे परिवार को ख़ुशी देगी। आज किसी ऐसे इंसान से मिलने की संभावना है जो आपके दिल को गहराई से छूएगा। आज आपका मन ऑफिस के काम में नहीं लगेगा। आज आपके मन में कोई दुविधा होगी जो आपको एकाग्र नहीं होने देगी। आज आप ऑफिस से घर वापस आकर अपना पसंदीदा काम कर सकते हैं। इससे आपके मन को शांति मिलेगी। आप अपने जीवन की कुछ यादगार शामों में से एक आज अपने जीवनसाथी के साथ बिता सकते हैंं। उपाय :- इमली के पेड़ को जल से सींचने से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। वृषभ राशि : इ, उ, ए, ओ, ब, बी ,बू, बे ,बो।आपका व्यक्तित्व आज इत्र की तरह महकेगा और सबको आकर्षित करेगा। घर के जरुरी सामान पर धन खर्च करके आपको आर्थिक परेशानी तो आज जरुर होगी लेकिन इससे आप भविष्य की कई परेशानियों से बच जाएंगे। रिश्तेदारों के साथ बिताया गया वक़्त आपके लिए फ़ायदेमंद रहेगा। प्यार का बुख़ार आपके सर पर चढ़ने के लिए तैयार है। इसका अनुभव कीजिए। किसी साझीदारी वाले व्यवसाय में जाने से बचें – क्योंकि मुमकिन है कि भागीदार आपका बेजा फ़ायदा उठाने की कोशिश करें। बातचीत में कुशलता आज आपका मज़बूत पक्ष साबित होगी। आज के दिन आपका वैवाहिक जीवन एक विशिष्ट दौर से गुज़रेगा। उपाय :- अच्छी आर्थिक स्थिति के लिए बैटरी से चलने वाला कोई खिलौने गरीब बच्चों में बांटें। मिथुन राशि : का,की , कु, घ, ङ ,छ, के, को, ह।दोस्त आपका परिचय किसी ख़ास इंसान से कराएंगे, जो आपकी सोच पर गहरा प्रभाव डालेगा। माली सुधार की वजह से ज़रूरी ख़रीदारी करना आसान रहेगा। कुल मिलाकर फ़ायदेमंद दिन है। लेकिन आप समझते थे जिसपर आप आँखें बंद करके यक़ीन कर सकते हैं, वह आपके भरोसे को तोड़ सकता है। प्रेम भगवान की पूजा की ही तरह पवित्र है। यह आपको सच्चे अर्थों में धर्म व आध्यात्मिकता की ओर भी ले जा सकता है। महत्वपूर्ण व्यापारिक सौदे करते समय दूसरों के दबाव में न आएँ। ऐसे लोगों से जुड़ने से बचें जो आपकी प्रतिष्ठा को आघात पहुँचा सकते हैं। मतभेदों की एक लम्बी श्रृंखला के पनपने के कारण आपको सामंजस्य बिठाने कें मुश्किल आएगी। उपाय :- नौकरी व बिज़नेस में तरक्की हेतु काले चमड़े के जूते पहनें। कर्क राशि : ही, हू, हे, हो, डा, डी ,डू, डे,डो।दौड़-भाग भरा दिन आपको तुनकमिज़ाज बना सकता है। पैसे कमाने के नए मौक़े मुनाफ़ा देंगे। अगर आप हर किसी की मांग पूरी करने की कोशिश करेंगे, तो सिर्फ़ नाकामी आपके हाथ लगेगी। दूसरों की दख़लअन्दाज़ी गतिरोध पैदा कर सकती है। नौकरी-पेशे के लिहाज़ से की गयी यात्रा सकारात्मक फल देगी। आपको इंटरव्यू के दौरान दिमाग़ ठण्डा रखने और ख़ुद को अभिव्यक्त करने की ज़रूरत है। आपको याद रखने की ज़रूरत है कि भगवान उसी की मदद करता है, जो ख़ुद अपनी मदद करता है। अपने जीवनसाथी के किसी काम की वजह से आप कुछ शर्मिन्दगी महसूस कर सकते हैं। लेकिन बाद में आपको महसूस होगा कि जो हुआ, अच्छे के लिए ही हुआ। उपाय :- स्वास्थ्य लाभ के लिए पीला रुमाल जेब में रखें। सिंह राशि : मा, मी, मू, में, म़ो, ट, टी, टू, टे।आप अपने सकारात्मक रवैये और आत्मविश्वास की वजह से आस-पास के लोगों को प्रभावित करेंगे। जो लोग काफी वक्त से आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे उन्हें आज कहीं से धन प्राप्त हो सकता है जिससे जीवन की कई परेशानियां दूर हो जाएंगी। अपने सामाजिक जीवन को दरकिनार न करें। अपनी व्यस्त दिनचर्या में से थोड़ा-सा समय निकालकर अपने परिवार के साथ किसी आयोजन में शिरकत करें। यह न सिर्फ़ आपका दबाव कम करेगा, बल्कि आपकी झिझक भी मिटा देगा। क्या आपने कभी गुलाब और केवड़े की महक को एक साथ महसूस किया है? आज आपकी ज़िन्दगी प्यार-मोहब्बत के नज़रिए से ऐसे ही महकने को है। आज कार्यक्षेत्र में अचानक आपके काम की छानबीन हो सकती है। ऐसे में अगर आपने कोई गलती की होगी तो आपको इसका भुगतान करना पड़ सकता है। इस राशि के कारोबारी आज अपने कारोबार को नई दिशा देने के बारे में विचार कर सकते हैं। आज रात को जीवनसाथी के साथ खाली वक्त बिताते समय आपको लगेगा कि आपको उन्हें और भी वक्त देना चाहिए। आज का दिन आपके लिए बहुत अच्छा नहीं रहेगा क्योंकि कई मामलों में आपसी असहमति रह सकती है; और इससे आपके रिश्ते कमजोर होंगे। उपाय :- नौकरी/बिज़नेस में उन्नति के लिए गुलाबी कांच की बोतल में पानी भर कर सूर्य की किरणों में रखें। फिर उस पानी को नहाने वाले पानी में मिलाकर स्नान करें। कन्या राशि : टो,पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, प़ो।आपकी उम्मीद एक महक से भरे हुए ख़ूबसूरत फूल की तरह खिलेगी। पैसे की अहमियत को आप अच्छे से जानते हैं इसलिए आज के दिन आपके द्वारा बचाया गया धन आपके बहुत काम आ सकता है और आप किसी बड़ी मुश्किल से निकल सकते हैं। घर में उल्लास का माहौल आपके तनावों को कम कर देगा। आप भी इसमें पूरी सहभागिता करें और महज़ मूक दर्शक न बने रहें। आपके महंगे तोहफ़े भी आपके प्रिय के चेहरे पर मुस्कान लाने में नाकाम साबित होंगे, क्योंकि वह उनसे क़तई प्रभावित नहीं होगा/ होगी। आपको बढ़िया परिणामों को पाने के लिए अपनी तरफ़ से बेहतरीन प्रयास करने की आवश्यकता है। इस राशि के लोगों को आज अपने आप को समझने की जरुरत है। यदि आपको लगता है कि आप दुनिया की भीड़ में कहीं खो गये हैं तो अपने लिए वक्त निकालें और अपने व्यक्तित्व का आकलन करें। जीवनसाथी का स्वास्थ्य कुछ गड़बड़ हो सकता है। उपाय :- प्रेम सम्बन्धों में मजबूती के लिए अपने प्रेमी/प्रेमिका को नीले रंग के फूल गिफ्ट करें। तुला राशि : रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते।मानसिक दबाव के बावजूद आपकी सेहत अच्छी रहेगी। व्यापार में आज अच्छा खास मुनाफा होने की संभावना है। आज के दिन आप अपने बिजनेस को नई ऊंचाईयां दे सकते हैं। आज आपको लाभ मिलेगा, क्योंकि परिवार के सदस्य आपके सकारात्मक रुख़ से प्रभावित होंगे और उसे सराहेंगे। सारी दुनिया की मदहोशी उन ख़ुशनसीबों के बीच सिमट जाती है, जो प्यार में हों। जी हाँ, आप वही ख़ुशनसीब हैं। दलालों और व्यावसायियों के लिए अच्छा दिन हैं, क्योंकि उन्हें मांग में इज़ाफ़े से फ़ायदा होगा। आज आप सब कामों को छोड़कर उन कामों को करना पसंद करेंगे जिन्हें आप बचपन के दिनों में करना पसंद करते थे। जब आप अपने जीवनसाथी से भावनात्मक तौर पर जुड़ते हैं, तो नज़दीकी अपने आप महसूस की जा सकती है। उपाय :- अपने वजन के बराबर जौ गौशाला में दान करने से स्वास्थ्य अच्छा होगा। वृश्चिक राशि : तो,न, नी, नू, ने, नो, या, यी , यु।आपका आकर्षक बर्ताव दूसरों का ध्यान आपकी तरफ़ खींचेगा। आज आपको समझ आ सकता है कि धन को बिना सोच विचारे खर्च करना आपको कितना नुक्सान पहुंचा सकता है. आपमें से कुछ गहने या घरेलू सामान ख़रीद सकते हैं। आपको उदार और स्नेह से भरे प्यार का तोहफ़ा मिल सकता है। दूसरे आपसे काफ़ी ज़्यादा समय की मांग कर सकते हैं। उनसे किसी भी तरह का वादा करने से पहले यह देख लें कि आपका काम उससे प्रभावित न हो और साथ ही वे आपकी उदारता और सुहृदयता का ग़लत फ़ायदा न उठाएँ। वक्त के साथ चलना आपके लिए अच्छा है लेकिन साथ ही आपको यह समझना भी जरुरी है कि जब कभी आपके पास खाली समय हो अपने करीबियों के साथ वक्त बिताएं। आज आपके वैवाहिक जीवन के सबसे अच्छे दिनों में से एक हो सकता है। उपाय :- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय। इस मंत्र को 28 या 108 बार जपना नौकरी/बिज़नेस के लिए अच्छा है। धनु राशि : ये,यो, भा, भी,, भू, ध,फ, ढ़, भे।कुछ लोग सोच सकते हैं कि आप नया सीखने के लिए काफ़ी उम्रदराज़ हो चुके हैं- लेकिन यह सच्चाई से बहुत दूर है- आप अपने तेज़ और सक्रिय दिमाग़ की वजह से कुछ भी आसानी से सीख सकते हैं। अपने धन का संचय कैसे करना है यह हुनर आज आप सीख सकते हैं और इस हुनर को सीख कर आप अपना धन बचा सकते हैं। रिश्तेदारों और दोस्तों से अचानक उपहार मिलेगा। शाम को प्रिय के साथ रोमांटिक मुलाक़ात और साथ में कहीं लज़ीज़ खाना खाने के लिहाज़ से बढ़िया दिन है। आज आपने जो नई जानकारी हासिल की है, वह आपको अपने प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त दिलाएगी। खाली समय में आज आप अपने मोबाइल पर कोई वेब सीरीज देख सकते हैं। आज आपके वैवाहिक जीवन के सबसे अच्छे दिनों में से एक हो सकता है। उपाय :- गरीब कन्याओं में सुंगंधित सफेद मिठाई बाँटने से स्वास्थ्य बेहतर होगा। मकर राशि : भो,ज, जी,जू,जे जो, खी,खू, खे, खो, गा, गी।अगर मुमकिन हो तो लम्बे सफ़र पर जाने से बचें, क्योंकि लम्बी यात्राओं के लिए अभी आप कमज़ोर हैं और उनसे आपकी कमज़ोरी और बढ़ेगी। यह बात भली भांति समझ लें कि दुख की घड़ी में आपका संचित धन ही आपके काम आएगा इसलिए आज के दिन अपने धन का संचय करने का विचार बनाएं। ऐसे कामों में सहभागिता करने के लिए अच्छा समय है, जिसमें युवा लोग जुड़े हों। आपका प्रिय आज रोमांटिक मूड में होगा। कार्यक्षेत्र में आपके कामकाज की सराहना होगी। अपने व्यक्तित्व और रंग-रूप को बेहतर बनाने का कोशिश संतोषजनक साबित होगी। आपका जीवनसाथी आज ऊर्जा और प्रेम से भरपूर है। उपाय :- काँसे का कड़ा पहना सेहत के लिए लाभदायक रहेगा। कुम्भ राशि : गू, गे, गो, सा, सि, सू, से, सो, द।सेहत अच्छी रहेगी। तंग आर्थिक हालात के चलते कोई अहम काम बीच में अटक सकता है। जिन लोगों के साथ आप रहते हैं वे आपसे बहुत ख़ुश नहीं होंगे, चाहे आपने इसके लिए कुछ भी क्यों न किया हो। आपको पहली नज़र में किसी से प्यार हो सकता है। दफ़्तर की राजनीति हो या फिर कोई विवाद, चीज़ें आपके पक्ष में झुकी नज़र आएंगी। दीर्घावधि में कामकाज के सिलसिले में की गयी यात्रा फ़ायदेमंद साबित होगी। आपको और आपके जीवनसाथी को कोई बहुत सुखद ख़बर सुनने को मिल सकती है। उपाय :- शुद्ध सूती कपडा और नमकीन गरीब स्त्रियों को समय-समय पर दान करने से आर्थिक स्थिति अच्छी होगी। मीन राशि: दी, दु, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची।आउटडोर खेल आपको आकर्षित करेंगे- ध्यान और योग आपको फ़ायदा पहुँचाएंगे। रुका हुआ धन मिलेगा और आर्थिक हालात में सुधार आएगा। परिवार की स्थिति आज वैसी नहीं रहेगी जैसा आप सोचते हैं। आज घर में किसी बात को लेकर कलह होने की संभावना है ऐसी स्थिति में खुद पर काबू रखें। उदास न हों, कभी-कभी विफल होना कोई ख़राब बात नहीं है। वह तो ज़िंदगी की ख़ूबसूरती है। आज आप दूसरे दिनों की तुलना में अपने लक्ष्यों को कुछ ज़्यादा ही ऊँचा तय कर सकते हैं। अगर परिणाम आपकी उम्मीद के मुताबिक़ न आए, तो निराश न हों। महत्वपूर्ण लोगों के साथ बातचीत करते वक़्त अपने शब्दों को ग़ौर से चुनें। रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी न होने से आपके वैवाहिक जीवन में तनाव संभव है। खाना, साफ़-सफ़ाई या कोई और घरेलू चीज़ इसका कारण हो सकती है। उपाय :- दिन के किसी एक भोजन में नमक न खाएं इससे प्रेम सम्बन्ध अच्छे रहेंगे। कृपया ध्यान दें यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए IDTV इंद्रधनुष उत्तरदायी नहीं हैं।
1597 – पूर्वी एशिया से डच ईस्ट इंडिया कंपनी का पहला जहाज वापस आया। 1641 – इंग्लैंड और स्कॉटलैंड ने ‘पैसिफिकेशन संधि’ पर हस्ताक्षर किये। 1781 - जॉर्ज वॉशिंगटन ने कॉर्नवॉलिस से लड़ने के लिए दक्षिणी सैनिकों को स्थानांतरित करना प्रारम्भ किया। 1794 - नॉर्थवेस्टर्न ओहियो में फॉलन टिम्बर की लड़ाई लड़ी गई। 1828 - राजा राम मोहन राय के ब्रह्म समाज के पहले सत्र का आयोजन कलकत्ता (अब कोलकाता) में संपन्न हुआ। 1847 - अमेरिकी सैनिकों ने चुरुबुस्को की लड़ाई में मैक्सिकन सैनिकों को हराया। 1856 – ओहियो में विल्बरफोर्स यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई। 1897 - रोनाल्ड रॉस ने कलकत्ता(अब कोलकाता) के प्रेसिडेंसी जनरल हॉस्पिटल में काम करने के दौरान मलेरिया के कारक एनोफिलीज मच्छर की पहचान की। 1911 – अमेरिका के न्यूयॉर्क टाइम्स के दफ्तर से वो पहला टेलीग्राम भेजा गया था जो पूरी दुनिया में पहुंचा। 1914 – जर्मनी की सेना ने बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स पर कब्जा किया। 1921 - केरल के मालाबार क्षेत्र में मोपला विद्रोह की शुरुआत हुई। 1949 - यूरोपीय देश हंगरी में संविधान को अंगीकार किया गया। 1953 – फ्रांसीसी सेनाओं ने मोरक्को के सुल्तान सीदी मोहम्मद बिन यूसुफ को गददी से हटाया। 1955 - मोरक्को और अल्जीरिया में फ्रांस-विरोधी दंगों में सैकडों लोग मारे गए। 1962 – सोवियत संघ ने नोवाया जेमल्या में परमाणु परीक्षण किया। 1964 - अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार उपग्रह कंसोर्टियम (इंटेलसेट) ने काम करना शुरू किया। 1968 – चेकोस्लोवाकिया में एक बार फिर से कम्युनिस्ट तानाशाही स्थापित हुई। 1972 - तत्कालीन सोवियत रुस ने भूमिगत परमाणु परीक्षण किया। 1977 – अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने वॉयेजर टू अंतरिक्ष यान भेजा। 1979 - तत्कालीन प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के 23 दिनाें के अंदर ही इस्तीफा दिया। 1988 - पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल जिया उल हक का हवाई दुर्घटना में निधन होने पर सीनेट के सभापति ग़ुलाम इशहाक ख़ान राष्ट्रपति बने। 1988 - भारत और नेपाल में 6.5 की तीव्रता वाले भूकंप से एक हजार लोगों की मौत हुई। 1991 - उत्तरी यूरोपीय देश इस्तोनिया ने तत्कालीन सोवियत रुस संघ से अलग होने की / पूर्ण स्वतंत्र होने की घोषणा की। 1994 - सं.रा. अमेरिका द्वारा क्यूबा के शरणार्थियों को आश्रय देने की 28 वर्ष की पुरानी नीति को समाप्त करने की घोषणा। 1995 – पुरूषोत्तम एक्सप्रेस और कालिदी एक्सप्रेस के आमने सामने की टक्कर में 350 लोगों की मौत हुई। 1998 - लिएंडर पेस ने पीट सम्प्रास को हराकर पायलेट पेन अंतर्राष्ट्रीय टेनिस प्रतियोगिता जीता। 1998 – अमरीका ने दसियों मीज़ाइलों द्वारा अफ़ग़ानिस्तान व सूडान पर आक्रमण किया। 2001 - स्पेन में भारतीय चैम्पियन विश्वनाथन आनन्द ने स्पेन के अलेक्सेई शिरोव को शिकस्त देकर विलारोडेज शतरंज चैम्पियनशिप का ख़िताब जीता। 2002 - फ़िलिस्तीन छापामार नेता अबू निदाल मरा पाया गया। 2004 - फ़ोर्ब्स पत्रिका ने विश्व की सर्वाधिक शक्तिशाली महिलाओं की सूची जारी की ।अमेरिका की कोंडोलीजा राइस, चीन की वू यी तथा भारत की सोनिया गांधी क्रमश: प्रथम तीन स्थानों पर। 2008 - भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्रसिद्ध कलाकार अरुणा साई राम को अमेरिका में विशिष्ट सम्मान से नवाजा गया। 2008 - रसायन व उर्वरक मंत्री राम विलास पासवान ने खाद उद्योग को चालू वित्त वर्ष में 22,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देने की घोषणा की। 2012 – म्यांमार में मीडिया सेंसरशिप खत्म हुई। 2012 – वेनेजुएला की राजधानी काराकस में दंगे में 20 लोग मरे। 2013 - उत्तरी काकेशस में रूसी पुलिस की कार्रवाई में नौ आतंकवादी मारे गए। 2019 - भारत-केन्या संयुक्त व्यापार समिति का नौवां सत्र का आयोजन नई दिल्ली में समाप्त। 2019 - चन्द्रयान-2 ने चन्द्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश किया , यह प्रक्रिया 20 अगस्त, 2019 को नौ बजकर दो मिनट पर पूरी हुई। 2019 - रूस के साथ परमाणु हथियार संधि खत्म होने के बाद अमेरिका ने सतह से सतह पर मार करने वाली नई क्रूज मिसाइल टॉमहाक का परीक्षण किया। 2020 - भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि भारत के दूसरे चंद्र अभियान चंद्रयान -2 ने चंद्रमा की कक्षा में एक वर्ष पूरा कर लिया है। 2020 - तेलंगाना में श्रीसेलम परियोजना के पनबिजली संयंत्र की सुरंग में स्थित पावर हाउस में आग में फंसे 9 कर्मचारियों की मौत हो गयी। 2020 - भारत और इजराइल ने अपने लोगों के बीच संपर्क को और बढ़ाने के लिये एक सांस्कृतिक समझौते पर हस्ताक्षर किये। 2021 - चीन की राष्ट्रीय विधायिका ने सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा लायी गयी तीन बच्चों की नीति का औपचारिक रूप से समर्थन किया। 2021 - महाराष्ट्र के बुलढाणा में लोहे के सरिये से भरा ट्रक पलटने से 13 लोगों की मौत हुई व 3 घायल हुए। 2022 - सोमालिया की राजधानी मोगादिशु में आतंकी हमले से 20 लोगों की मौत हुई व 50 से ज्यादा लोग घायल हुए। 2022 - लखनऊ में 5.2 मैग्नीट्यूड तीव्रता का भूकम्प आया। 2022 - भारतीय तटरक्षक बल ने बंगाल की खाड़ी से 10 बांग्लादेशी मछुआरों सहित भारतीय नाव चालक दल के 18 सदस्यों को बचाया। 2022 - पंजाब व हरियाणा की सरकारें चंडीगढ़ हवाई अड्डे का नाम स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के नाम पर रखने के लिए सहमत हुई। 2023 - जर्मनी के DW न्यूज ने रूसी स्पेस एजेंसी रोस्कोस्मोस के हवाले से बताया कि रूस का लूना-25 अंतरिक्ष यान चंद्रमा पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। 2023 - पाकिस्तान के फैसलाबाद में यात्री बस में आग लगने से 18 लोगों की मौत हुई व 15 घायल हुए। 2023 - उत्तराखंड में खाई में बस गिरने से 7 लोगों की मौत हुई व 26 घायल हुए। 2023 - युवा20 (वाई20) शिखर सम्मेलन उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 2024 - भारत-मलेशिया ने छह अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए। 2024 - RBI गवर्नर शक्तिकांत दास लगातार दूसरे साल शीर्ष सेंट्रल बैंकर चुने गए। 2024 - समोआ के डेरियस विसर ने वनातु के खिलाफ एक ओवर में 39 रन बनाकर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नया रिकॉर्ड बनाया। 2025 - केंद्रीय कैबिनेट और लोकसभा ने पैसे वाले ऑनलाइन गेम्स की लत, सट्टेबाजी और धोखाधड़ी को रोकने के लिए 'ऑनलाइन गेमिंग विनियमन विधेयक 2025' को मंजूरी दी। 20 अगस्त को जन्मे व्यक्ति 1685 - फ़र्रुख़सियर - मुग़ल वंश के अजीमुश्शान का पुत्र था। 1799 - जेम्स प्रिंसेप -ईस्ट इण्डिया कम्पनी में एक अधिकारी जिन्होंने 1838 ई. में सर्वप्रथम ब्राह्मी और खरोष्ठी लिपियों को पढ़ने में सफलता प्राप्त की। 1915 - डी. देवराज अर्स - कर्नाटक के 8वें मुख्यमंत्री थे। 1917 - त्रिलोचन शास्त्री - प्रगतिशील काव्य धारा के प्रसिद्ध कवि। 1919 - न्यायमूर्ति बिपिनचंद्र जीवनलाल दीवान गुजरात और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश और आंध्र प्रदेश के कार्यवाहक राज्यपाल थे । 1940 - राजेन्द्र कुमार पचौरी - अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित प्रसिद्ध पर्यावरणविद। 1944 - राजीव गाँधी - भारत के पूर्व प्रधानमंत्री । 1944 - सलमा बेग जिन्हें कुमारी नाज़ या बेबी नाज़ के नाम से जाना जाता है, एक भारतीय अभिनेत्री। 1946 - एन. आर. नारायणमूर्ति, इंफ़ोसिस कंपनी के संस्थापक। 1986 - तानिया सचदेव - भारत की महिला शतरंज खिलाड़ी । 20 अगस्त को हुए निधन 1929 - सिद्धारूढ़ स्वामी जी कर्नाटक के हुब्बल्लि महानगर मे एक भारतीय हिंदू गुरु और दार्शनिक थे। 1944 –रोमन रोलेन फ़्रांस के प्रख्यात लेखक व साहित्यकार। 1985 - संत हरचंद सिंह लोंगोवाल - 1980 के पंजाब विद्रोह के दौरान अकाली दल के अध्यक्ष थे। 1991 - गोपीनाथ मोहंती - उड़िया भाषा के प्रसिद्ध साहित्यकार। 2011 - राम शरण शर्मा - भारत के प्रसिद्ध इतिहासकार। 2014 - बी. के. एस. आयंगर - प्रसिद्ध भारतीय योग गुरु थे। 2022 - झारखंड और असम के पूर्व राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी (83) का निधन हुआ। 2022 - भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान समर 'बद्रू' बनर्जी (92) का लंबी बीमारी के बाद निधन हुआ। 2023 - अमेरिकी रेस कार ड्राइवर बिल वुकोविच ll (79) का निधन हुआ। 2023 - कनाडाई-ब्रिटिश मानवविज्ञानी इसाबेल क्रूक (107) का निधन हुआ। 2023 - पाकिस्तानी सेना अधिकारी और क्रिकेटर नौशाद अली रिज़वी (79) का निधन हुआ। 2024 - भारतीय वायु सेना में विंग कमांडर रह चुके "पायलट बाबा" (कपिल सिंह , 86) का निधन हुआ। 2025 - पूर्व सांसद व भारतीय सेना के सेवानिवृत्त कर्नल सोना राम चौधरी (80) का निधन हुआ। 20 अगस्त के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव मेला श्री नयनादेवी - चामुण्डादेवी चिन्तपूर्णी समापन (हि.प्र.)। सद्भावना दिवस (श्री राजीव गाँधी का जन्म दिवस)। श्री डी. देवराज अर्स जयन्ती। श्री सिद्धारूढ़ स्वामी जी पुण्यतिथि। संत श्री हरचंद सिंह लोंगोवाल स्मृति दिवस। श्री एन. आर. नारायण मूर्ति जयन्ती। महान संत श्री नारायण गुरु जी जयन्ती। हरियाणा के गांधी के नाम से प्रसिद्ध बाबू मूल चंद जैन जयंती। शिक्षा जगत को नई दिशा देने वाले राम शरण शर्मा जी पुण्यतिथि। विश्व मच्छर दिवस। राष्ट्रीय रेडियो दिवस (National Radio Day)। ऊर्जा अक्षय दिवस (भारत)। कृपया ध्यान दें यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इंद्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।
दिनांक - 20 अगस्त 2026 दिन - गुरूवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - दक्षिणायन ऋतु - वर्षा ॠतु मास - श्रावण पक्ष - शुक्ल तिथि - अष्टमी रात्रि 09:18 तक तत्पश्चात नवमी नक्षत्र - विशाखा सुबह 09:08 तक तत्पश्चात अनुराधा योग - इन्द्र 21अगस्त प्रातः 04:25 तक तत्पश्चात वैधृति राहुकाल - दोपहर 02:18 से शाम 03:54 तक सूर्योदय - 05:29 सूर्यास्त - 06:03 दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे व्रत पर्व विवरण- विशेष- *अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है (ब्रह्मवैवर्त पुराण ब्रह्म खण्ड: 27,29,34)
बोकारो। बोकारो स्टील सिटी में BSL प्रबंधन ने एक आवासीय क्वार्टर पर ताला लगा दिया, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर कांग्रेस के जिला कार्यालय के रूप में किया जा रहा था। BSL के अनुसार यह क्वार्टर मूल रूप से उसके कर्मचारियों के लिए निर्धारित था और इसे कार्यालय के रूप में इस्तेमाल करने के लिए उचित अनुमति नहीं ली गई थी। कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेताओं ने विरोध जताया और इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया। क्वार्टर के इस्तेमाल को लेकर विवाद BSL प्रबंधन की कार्रवाई उस समय सामने आई जब अधिकारियों ने संबंधित परिसर के आवंटन और इस्तेमाल से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी मांगी। रिपोर्ट के अनुसार, क्वार्टर का इस्तेमाल कांग्रेस की गतिविधियों और कार्यालय के तौर पर किया जा रहा था। BSL का कहना है कि आवासीय क्वार्टरों का इस्तेमाल निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जा सकता है। कांग्रेस ने कार्रवाई पर उठाए सवाल क्वार्टर पर ताला लगाए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया। पार्टी की ओर से कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए सवाल उठाए गए और परिसर में दोबारा प्रवेश की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। BSL ने नियमों का हवाला दिया BSL प्रबंधन की ओर से मुख्य जोर क्वार्टर के आवंटन और अधिकृत इस्तेमाल पर है। प्रबंधन के मुताबिक यदि किसी कर्मचारी आवास का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्य से अलग किया जा रहा है, तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। कार्रवाई के बाद सियासत गरमाई बोकारो में क्वार्टर पर ताला लगाने की घटना ने स्थानीय स्तर पर कांग्रेस और BSL प्रबंधन के बीच विवाद को राजनीतिक रंग दे दिया है। कांग्रेस जहां इसे राजनीतिक हस्तक्षेप के रूप में देख रही है, वहीं BSL की कार्रवाई आवासीय संपत्ति के नियमों और अधिकृत उपयोग से जुड़ी बताई जा रही है। अब पूरे मामले में आगे की कार्रवाई और दोनों पक्षों के आधिकारिक रुख पर नजर रहेगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने ड्रग तस्करी के खिलाफ देशव्यापी अभियान ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ (Operation Trinetra) शुरू करने की तैयारी कर ली है। NCB, राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेशों की पुलिस और इमिग्रेशन अधिकारियों के साथ मिलकर सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में दो सप्ताह का राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य भारत में अवैध रूप से रह रहे ऐसे विदेशी नागरिकों की पहचान करना है, जिनके ड्रग तस्करी से जुड़े होने का संदेह है। दो सप्ताह तक चलेगा देशव्यापी अभियान NCB के अनुसार, ऑपरेशन त्रिनेत्र करीब 15 दिनों तक चलाया जाएगा। अभियान के दौरान अलग-अलग राज्यों में स्थानीय पुलिस और इमिग्रेशन अधिकारियों के साथ समन्वय कर विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों और भारत में उनके रहने की स्थिति की जांच की जाएगी। खासतौर पर ड्रग तस्करी के संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े लोगों पर नजर रखी जाएगी। इस अभियान का मकसद केवल गिरफ्तारी करना नहीं, बल्कि ड्रग तस्करी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की पहचान और उसे कमजोर करना भी है। NCB की बड़ी कार्रवाई के बाद आया फैसला ऑपरेशन त्रिनेत्र की घोषणा ऐसे समय हुई है जब NCB ने राज्य पुलिस के साथ मिलकर एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। हालिया कार्रवाई में करीब ₹15 करोड़ मूल्य के नशीले पदार्थ बरामद किए गए और चार नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। बरामद सामान में 14 किलोग्राम से अधिक एम्फेटामिन, 67 किलोग्राम स्यूडोएफेड्रिन के अलावा कोकीन और हेरोइन शामिल हैं। जांच एजेंसी अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और इसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस और इमिग्रेशन विभाग के साथ समन्वय ऑपरेशन त्रिनेत्र में NCB अकेले कार्रवाई नहीं करेगा। राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेशों की पुलिस और इमिग्रेशन अधिकारियों को भी अभियान में शामिल किया जाएगा। इससे संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान, उनके दस्तावेजों की जांच और ड्रग तस्करी से संभावित संबंधों की पड़ताल एक साथ की जा सकेगी। NCB पहले से ही राज्य पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। केंद्र सरकार ने भी ड्रग नियंत्रण के लिए 2026-2029 का विजन डॉक्यूमेंट जारी किया है, जिसमें केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया है। ड्रग तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर नजर ऑपरेशन त्रिनेत्र के जरिए NCB का फोकस भारत में मौजूद ऐसे संदिग्ध विदेशी नागरिकों तक पहुंचने पर है, जो कथित तौर पर ड्रग सप्लाई, वितरण या अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। अभियान के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत के भैंस के मांस (Carabeef) के निर्यात में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 5.1 अरब डॉलर मूल्य का भैंस का मांस निर्यात किया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 25.6 प्रतिशत अधिक है। कृषि निर्यात में यह भारत के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले उत्पादों में शामिल रहा। पहली बार 5 अरब डॉलर का आंकड़ा पार APEDA के आंकड़ों के मुताबिक, 2025-26 में भारत ने करीब 14.20 लाख टन भैंस का मांस निर्यात किया, जिसका कुल मूल्य लगभग 5.10 अरब डॉलर रहा। इससे पहले 2024-25 में निर्यात करीब 4.06 अरब डॉलर का था। वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, भारत ने पहली बार 5 अरब डॉलर का आंकड़ा पार किया है और मौजूदा रफ्तार जारी रही तो वित्त वर्ष 2026-27 में निर्यात 6 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है। 2026-27 की पहली तिमाही में भी तेज बढ़त नए वित्त वर्ष की शुरुआत भी मजबूत रही है। अप्रैल-जून 2026 के दौरान भारत का भैंस मांस निर्यात करीब 1.5 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के लगभग 896.8 मिलियन डॉलर के मुकाबले 66.6 प्रतिशत अधिक है। निर्यात में बढ़ोतरी केवल मात्रा की वजह से नहीं हुई है, बल्कि प्रति टन मिलने वाली कीमत में भी सुधार देखा गया है। इससे भारतीय निर्यातकों को वैश्विक बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है। नए बाजारों से बढ़ी मांग भारतीय भैंस के मांस की मांग पारंपरिक बाजारों के अलावा उज्बेकिस्तान, रूस और सेनेगल जैसे नए बाजारों में भी बढ़ रही है। निर्यातकों को नए देशों में बाजार विस्तार से आगे भी कारोबार बढ़ने की उम्मीद है। भारत में भैंस के मांस का निर्यात APEDA के गुणवत्ता और स्वास्थ्य मानकों के तहत किया जाता है। APEDA के अनुसार, 2025-26 में निर्यात की मात्रा करीब 14.20 लाख मीट्रिक टन रही। डेयरी किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण भैंस के मांस का निर्यात बढ़ने का असर डेयरी क्षेत्र पर भी पड़ता है। कम दूध देने वाली या अधिक उम्र की भैंसों की बिक्री से किसानों को आय प्राप्त होती है और वे बेहतर दूध देने वाले पशुओं में निवेश कर सकते हैं। इस तरह डेयरी और मांस उद्योग के बीच आर्थिक संबंध भी मजबूत होता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से जुड़े कथित टेंडर घोटाले में दिल्ली की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी नेता सत्येंद्र जैन समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 18 अगस्त 2026 को हुई। गिरफ्तार किए गए लोगों में दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO और IAS अधिकारी उदित प्रकाश राय भी शामिल हैं। 1,900 करोड़ रुपये से ज्यादा के टेंडर की जांच मामला दिल्ली जल बोर्ड की करीब ₹1,943 करोड़ की बहु-टेंडर STP परियोजनाओं से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच एजेंसी के अनुसार, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के विस्तार और उन्नयन से जुड़े टेंडर की प्रक्रिया में कथित तौर पर अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि टेंडर की तकनीकी शर्तों में इस तरह बदलाव किया गया जिससे एक खास तकनीक उपलब्ध कराने वाली कंपनी को फायदा मिल सके। सत्येंद्र जैन समेत छह आरोपी गिरफ्तार ACB के अनुसार गिरफ्तार किए गए छह लोगों में सत्येंद्र जैन, पूर्व DJB CEO उदित प्रकाश राय, पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव तथा निजी क्षेत्र से जुड़े नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा शामिल हैं। एजेंसी मामले में कथित रिश्वत और पैसों के लेन-देन की कड़ियों की जांच कर रही है। रिपोर्टों में कथित रिश्वत की रकम को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं, इसलिए अंतिम रकम के बारे में जांच एजेंसी की आधिकारिक जानकारी का इंतजार महत्वपूर्ण है। AAP ने गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक कार्रवाई सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल ने कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है, जबकि बीजेपी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जांच में कथित पैसों के लेन-देन के सबूत सामने आए हैं। बीजेपी की ओर से इस गिरफ्तारी को भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई बताया जा रहा है, जबकि AAP इसे विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की कार्रवाई बता रही है। आगे की जांच में क्या सामने आएगा? ACB अब टेंडर प्रक्रिया, संबंधित कंपनियों के बीच हुए वित्तीय लेन-देन और कथित रिश्वत के पैसों की कड़ी की जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या टेंडर की शर्तों में जानबूझकर बदलाव किया गया और सरकारी परियोजना से जुड़े धन का गलत इस्तेमाल हुआ। फिलहाल आरोप जांच के दायरे में हैं और अदालत में दोष सिद्ध होना बाकी है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। 20 जुलाई को दिल्ली में हुए CJP के संसद मार्च के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने मामले की जांच के लिए हाई-पावर कमेटी गठित करने का फैसला किया है। कमेटी की अगुवाई सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे। इसमें हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी शामिल होंगे। पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के आरोपों की होगी जांच कमेटी 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों की भूमिका से जुड़े आरोपों और जवाबी आरोपों की जांच करेगी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने के आरोप लगाए हैं, जबकि दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी बताया है। जांच के दौरान वीडियो फुटेज, CCTV रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी समीक्षा की जाएगी। अदालत ने यह भी संकेत दिया है कि प्रदर्शन के दौरान कथित पैलेट गन के इस्तेमाल की शिकायत की जांच भी कमेटी के दायरे में आ सकती है। बल प्रयोग के लिए नई गाइडलाइन की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित होने वाली कमेटी सिर्फ घटना की जांच तक सीमित नहीं रहेगी। उसे भविष्य में प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए बल प्रयोग की चरणबद्ध और उचित प्रक्रिया (graded use of force) पर दिशा-निर्देश सुझाने की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है। इसका उद्देश्य यह तय करना है कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस किस परिस्थिति में और किस स्तर तक बल का इस्तेमाल कर सकती है, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ प्रदर्शनकारियों के अधिकारों की भी रक्षा हो सके। छात्रों के खिलाफ FIR पर भी सुप्रीम कोर्ट की नजर मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज कुछ FIR को लेकर भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि जिन मामलों में छात्रों की भूमिका स्पष्ट है और गंभीर आपराधिक आरोप नहीं हैं, उनमें अदालत संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत FIR रद्द करने पर विचार कर सकती है। वहीं, गंभीर अपराधों से जुड़े आरोपों वाले मामलों को अलग रखा जाएगा। अदालत ने शांतिपूर्ण विरोध और असहमति व्यक्त करने के अधिकार को भी महत्वपूर्ण संवैधानिक अधिकार बताया है। कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी नजर सुप्रीम कोर्ट के इस कदम से अब 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान हुई घटनाओं की स्वतंत्र और व्यापक जांच का रास्ता साफ हुआ है। कमेटी की रिपोर्ट से यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि पुलिस ने कितना बल प्रयोग किया, प्रदर्शनकारियों की ओर से क्या हुआ और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए किन नियमों की जरूरत है।
रामपुर, एजेंसियां। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनसे जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट तथा जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार, 19 अगस्त को बड़ी कार्रवाई की। ED की टीमों ने उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर के अलावा दिल्ली में कुल 10 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत चल रही जांच का हिस्सा है। रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में एक साथ छापेमारी ED के लखनऊ जोनल कार्यालय की टीमों ने सुबह से ही अलग-अलग स्थानों पर तलाशी शुरू की। जांच के दायरे में आजम खान से जुड़े परिसरों के अलावा मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से संबंधित ठिकाने भी शामिल हैं। अधिकारियों की टीम दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, कार्रवाई PMLA की धारा 17 के तहत की जा रही है। फिलहाल ED की ओर से तलाशी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। यूनिवर्सिटी की फंडिंग और लेन-देन जांच के घेरे में जांच एजेंसी कथित तौर पर सरकारी ठेकों से जुड़े धन के निजी ठेकेदारों के माध्यम से कथित डायवर्जन और उसके बाद उस धन के इस्तेमाल की पड़ताल कर रही है। जांच में यह देखा जा रहा है कि कुछ ठेकेदारों और ट्रस्ट के बीच हुए वित्तीय लेन-देन का इस्तेमाल जौहर यूनिवर्सिटी या ट्रस्ट से जुड़ी संपत्तियों और निर्माण कार्यों में तो नहीं हुआ। ED की टीम वित्तीय रिकॉर्ड, बैंकिंग दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाने पर भी ध्यान दे रही है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराना उचित नहीं है। जौहर यूनिवर्सिटी पहले से कानूनी विवादों में रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी आजम खान से जुड़ी प्रमुख संस्थाओं में से एक है। विश्वविद्यालय और जौहर ट्रस्ट पहले भी जमीन, फंडिंग और आयकर से जुड़े मामलों को लेकर जांच एजेंसियों के निशाने पर रहे हैं। ED की ताजा कार्रवाई के बाद जौहर यूनिवर्सिटी और आजम खान से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। फिलहाल एजेंसी की तलाशी जारी है और आगे की कार्रवाई बरामद दस्तावेजों व डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर तय हो सकती है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। सुप्रीम कोर्ट ने फांसी को मृत्युदंड देने की मौजूदा कानूनी प्रक्रिया से हटाकर किसी दूसरे तरीके, जैसे घातक इंजेक्शन, से बदलने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने 18 अगस्त 2026 को फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि मौजूदा सामग्री के आधार पर यह साबित नहीं होता कि घातक इंजेक्शन फांसी की तुलना में कम पीड़ादायक है। फांसी की संवैधानिक वैधता बरकरार याचिका में फांसी को असंवैधानिक घोषित करने और इसकी जगह कम पीड़ादायक तरीकों को अपनाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने घातक इंजेक्शन, गोली मारने और अन्य वैकल्पिक तरीकों का सुझाव दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि मौजूदा व्यवस्था को हटाने से इनकार कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में पिछली न्यायिक व्यवस्था का भी उल्लेख किया और कहा कि केवल इस आधार पर मौजूदा प्रक्रिया को असंवैधानिक नहीं ठहराया जा सकता कि कोई वैकल्पिक तरीका मौजूद हो सकता है। वैज्ञानिक प्रमाण मिलने पर हो सकता है दोबारा विचार सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर भविष्य का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं किया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में ठोस वैज्ञानिक, चिकित्सकीय या अनुभवजन्य प्रमाण सामने आते हैं, जिनसे यह साबित हो कि कोई दूसरा तरीका कम पीड़ादायक और अधिक मानवीय है, तो इस विषय पर फिर विचार किया जा सकता है। साथ ही केंद्र सरकार अपने स्तर पर विशेषज्ञों की समिति बनाकर मौजूदा फांसी की प्रक्रिया और संभावित वैकल्पिक तरीकों की व्यापक समीक्षा कर सकती है। मृत्युदंड के दौरान गरिमा बनाए रखना जरूरी अदालत ने यह भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि राज्य को मृत्युदंड लागू करने का कानूनी अधिकार होने के बावजूद उसे मनमाने, अत्यधिक या मानवीय गरिमा के विरुद्ध तरीके से लागू नहीं किया जा सकता। मृत्युदंड की अंतिम और अपरिवर्तनीय प्रकृति को देखते हुए अदालत ने प्रक्रिया में अनावश्यक पीड़ा को कम करने और दोषी की गरिमा बनाए रखने पर जोर दिया। इस फैसले के बाद फिलहाल भारत में मृत्युदंड देने के लिए फांसी की मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी, हालांकि भविष्य में नए वैज्ञानिक प्रमाण मिलने पर वैकल्पिक तरीकों पर बहस और न्यायिक समीक्षा की संभावना बनी रहेगी।
ब्रसेल्स, एजेंसियां। यूरोपीय संघ में लंबे समय से चल रहे Apple और यूरोपीय आयोग के विवाद के बीच Apple ने App Store के कमीशन और ऐप वितरण से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे और इनका उद्देश्य यूरोपीय संघ के Digital Markets Act (DMA) के अनुरूप Apple की ऐप स्टोर व्यवस्था को सरल बनाना है। App Store पर 26% होगा सामान्य कमीशन नए नियमों के तहत App Store पर Apple के अपने In-App Purchase सिस्टम का इस्तेमाल करने वाले ऐप्स पर सामान्य कमीशन 26% होगा। वहीं Small Business Program समेत कुछ पात्र कार्यक्रमों में शामिल डेवलपर्स के लिए यह दर 15% होगी। एक साल से अधिक पुराने ऑटो-रिन्यू सब्सक्रिप्शन पर भी 15% की दर लागू होगी। वैकल्पिक भुगतान प्रणाली का इस्तेमाल करने वाले App Store ऐप्स पर 20% कमीशन लगेगा, जबकि पात्र छोटे डेवलपर्स के लिए यह दर 10% होगी। बाहरी वेबसाइट से भुगतान पर 15% शुल्क अब डेवलपर्स अपने ऐप में यूजर्स को बाहरी वेबसाइट पर जाकर भुगतान करने का विकल्प भी दे सकेंगे। ऐसे मामलों में Apple 15% कमीशन लेगा। पात्र कार्यक्रमों में शामिल डेवलपर्स के लिए यह शुल्क 10% होगा। इसके अलावा Apple ने वैकल्पिक ऐप मार्केटप्लेस या वेब के जरिए वितरित ऐप्स के लिए पुराने Core Technology Fee को खत्म करने का फैसला किया है। इसकी जगह डिजिटल लेनदेन पर 5% Core Technology Commission लगाया जाएगा। Apple ने खत्म की कई पुरानी फीस नए मॉडल में Apple Initial Acquisition Fee और Store Services Fee को भी समाप्त करेगा। कंपनी का कहना है कि इससे यूरोपीय संघ में ऐप डेवलपर्स के लिए शुल्क व्यवस्था ज्यादा सरल और स्पष्ट होगी। डेवलपर्स नए नियमों को स्वीकार करना शुरू कर सकते हैं और संशोधित व्यवस्था 1 अक्टूबर से प्रभावी होगी। EU के दबाव के बाद बड़ा बदलाव यह बदलाव यूरोपीय संघ के Digital Markets Act के तहत Apple की नीतियों पर लगातार उठ रहे सवालों के बीच आया है। यूरोपीय आयोग ने Apple के नए कदमों का स्वागत किया है और कहा है कि वह इनके वास्तविक क्रियान्वयन की निगरानी करेगा। Apple पर इससे पहले यूरोपीय संघ की ओर से €500 मिलियन का जुर्माना भी लगाया जा चुका है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। YouTube ने वीडियो के व्यूज गिनने के तरीके में बड़ा बदलाव करने का ऐलान किया है। नया नियम 24 अगस्त 2026 से दुनियाभर में लागू होगा। इसके बाद किसी वीडियो का प्ले शुरू होते ही, यानी पहली फ्रेम से ही एक व्यू दर्ज हो जाएगा। इसके लिए पहले की तरह किसी न्यूनतम वॉच टाइम की जरूरत नहीं होगी। अब वीडियो शुरू होते ही मिलेगा व्यू नए नियम के तहत जैसे ही कोई दर्शक वीडियो चलाता है, सार्वजनिक View Count में एक व्यू जुड़ जाएगा। यह बदलाव केवल लंबे वीडियो तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लॉन्ग-फॉर्म वीडियो, लाइव स्ट्रीम और अन्य वीडियो फॉर्मेट पर भी लागू होगा। YouTube का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य अलग-अलग वीडियो फॉर्मेट में व्यूज की गणना को एक जैसा करना है। Shorts में YouTube पहले ही इसी तरह की व्यवस्था लागू कर चुका है। क्रिएटर्स के व्यूज अचानक बढ़ सकते हैं नए नियम के बाद कई चैनलों पर सार्वजनिक व्यू काउंट पहले की तुलना में तेजी से बढ़ सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं होगा कि दर्शक वीडियो को ज्यादा देर तक देख रहे हैं। कोई व्यक्ति वीडियो शुरू करके तुरंत बाहर निकल जाए, तब भी सार्वजनिक व्यू दर्ज हो सकता है। इसलिए क्रिएटर्स के लिए केवल कुल व्यूज की संख्या देखने के बजाय वॉच टाइम, औसत व्यू अवधि और दर्शकों की वास्तविक भागीदारी पर ध्यान देना ज्यादा महत्वपूर्ण होगा। कमाई पर नहीं पड़ेगा सीधा असर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सिर्फ सार्वजनिक व्यूज बढ़ने से YouTubers की कमाई नहीं बढ़ेगी। YouTube विज्ञापन और प्रदर्शन से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़ों के लिए अलग “Engaged Views” मेट्रिक को बनाए रखेगा। यानी 24 अगस्त के बाद किसी वीडियो पर 1 लाख सार्वजनिक व्यू दिखने का मतलब यह जरूरी नहीं कि उतने लोगों ने वीडियो को वास्तव में लंबे समय तक देखा हो। YouTube ने क्यों बदला नियम? YouTube के अनुसार, यह बदलाव क्रिएटर्स की मांग और अलग-अलग वीडियो फॉर्मेट के बीच व्यू काउंटिंग को एक समान बनाने के उद्देश्य से किया गया है। इससे YouTube का व्यू सिस्टम TikTok और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म के ज्यादा तत्काल व्यू-काउंटिंग मॉडल के करीब आ जाएगा। क्रिएटर्स के लिए सलाह: 24 अगस्त के बाद अगर आपके चैनल के व्यूज अचानक बढ़ते हैं, तो इसे सीधे दर्शकों की संख्या में वृद्धि न मानें। वास्तविक प्रदर्शन समझने के लिए YouTube Analytics में Engaged Views और Watch Time को जरूर देखें।
नई दिल्ली, एजेंसियां। रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के खास रिश्ते का पर्व होने के साथ-साथ पारंपरिक और स्टाइलिश आउटफिट पहनने का भी मौका है। अगर इस बार आप बाजार से रेडीमेड सूट खरीदने के बजाय अपने पसंदीदा कपड़े से कुछ यूनिक सिलवाना चाहती हैं, तो डिजाइनर कट, खूबसूरत नेकलाइन और ट्रेंडी स्लीव्स की मदद से साधारण फैब्रिक को भी प्रीमियम लुक दिया जा सकता है। पेस्टल, पिंक, ग्रीन, येलो और रेड जैसे रंग रक्षाबंधन के मौके पर खासे आकर्षक लगते हैं। वहीं, अपने बॉडी टाइप और पसंद के अनुसार सूट की फिटिंग और कट तय करने से आउटफिट का लुक और बेहतर हो सकता है। 1. फ्लेयर्ड अनारकली सूट रक्षाबंधन के लिए फ्लेयर्ड अनारकली एक क्लासी और फेस्टिव विकल्प है। सिल्क, रेयॉन या जॉर्जेट जैसे फैब्रिक पर हल्की एम्ब्रॉयडरी करवाकर इसे रॉयल लुक दिया जा सकता है। अगर आप कुछ अलग ट्राई करना चाहती हैं, तो अंगरखा स्टाइल अनारकली भी बनवा सकती हैं। इसमें क्रॉस-ओवर या लेयर्ड पैटर्न आउटफिट को आकर्षक बनाता है। 2. शरारा स्टाइल सूट मॉडर्न फेस्टिव लुक के लिए शरारा स्टाइल सूट अच्छा विकल्प है। छोटे कुर्ते के साथ शरारा और मैचिंग दुपट्टा पहनकर खूबसूरत लुक पाया जा सकता है। इसके बॉर्डर पर गोटा पट्टी या सीक्विन वर्क करवाने से साधारण कपड़ा भी ज्यादा डिजाइनर दिखाई दे सकता है। 3. पैंट स्टाइल सूट अगर आपको सिंपल और एलिगेंट लुक पसंद है, तो स्ट्रेट कुर्ते के साथ डिजाइनर पैंट सिलवा सकती हैं। इस डिजाइन की खासियत इसकी सादगी है। कुर्ते की नेकलाइन और स्लीव्स पर हल्का लेकिन आकर्षक काम करवाकर पूरे आउटफिट को यूनिक बनाया जा सकता है। 4. पेपलम स्टाइल कुर्ती कमर से फ्लेयर वाला पेपलम स्टाइल डिजाइन ट्रेडिशनल और मॉडर्न लुक का खूबसूरत मेल है। इसे प्लाजो या शरारा के साथ पेयर किया जा सकता है। अगर कपड़ा सिंपल है, तो पेपलम की कमर और बॉर्डर पर हल्की एम्ब्रॉयडरी या डिटेलिंग करवाकर इसे फेस्टिव लुक दिया जा सकता है। 5. फुल स्लीव्स और हैवी नेकलाइन साधारण फैब्रिक को डिजाइनर दिखाने के लिए नेकलाइन पर खास काम करवाना सबसे आसान तरीका हो सकता है। इसके साथ स्टाइलिश फुल स्लीव्स पूरे सूट के लुक को निखार सकती हैं। आप वी-नेक, बोट नेक, डोरी लूप्स के साथ पर्ल डिटेलिंग या अंगरखा स्टाइल नेकलाइन जैसे डिजाइन चुन सकती हैं। टेलर को कपड़ा देते समय इन बातों का रखें ध्यान सबसे पहले पसंद किए गए डिजाइन का रेफरेंस फोटो टेलर को दिखाएं। कपड़े की लंबाई और चौड़ाई पहले से नापकर दें। नेकलाइन और स्लीव्स का डिजाइन सिलाई से पहले तय करें। दुपट्टे के बॉर्डर को सूट के वर्क से मैच कराएं। फिटिंग के लिए कम से कम एक ट्रायल जरूर लें। रक्षाबंधन से कुछ दिन पहले कपड़ा सिलने के लिए दें, ताकि जरूरत पड़ने पर बदलाव कराया जा सके। इन डिजाइन आइडियाज की मदद से आप अपनी पसंद के रंग और फैब्रिक में ऐसा सूट तैयार करवा सकती हैं, जो रेडीमेड आउटफिट से अलग और ज्यादा पर्सनलाइज्ड नजर आए।
नई दिल्ली, एजेंसियां। रक्षाबंधन का त्योहार करीब आते ही ट्रेडिशनल आउटफिट्स के साथ ज्वेलरी को लेकर भी तैयारियां शुरू हो जाती हैं। अगर इस राखी पर आप अपने लुक को कुछ अलग और आकर्षक बनाना चाहती हैं, तो कश्मीरी ज्वेलरी एक खूबसूरत विकल्प हो सकती है। रंग-बिरंगे डिजाइन, पारंपरिक मोटिफ और आकर्षक कारीगरी वाली यह ज्वेलरी साड़ी, सूट, अनारकली से लेकर इंडो-वेस्टर्न आउटफिट तक के साथ आसानी से स्टाइल की जा सकती है। लाल, हरा, नीला, गोल्डन और मैरून जैसे रंग फेस्टिव लुक में खास तौर पर खूबसूरत नजर आते हैं। वहीं, सही ज्वेलरी का चुनाव आपके साधारण आउटफिट को भी खास बना सकता है। कश्मीरी चूड़ियां करें ट्राई रंगीन कांच, मेटल और पारंपरिक पैटर्न वाली कश्मीरी चूड़ियां राखी के मौके पर आपके लुक में चार चांद लगा सकती हैं। इन्हें मैचिंग या कॉन्ट्रास्टिंग सूट और साड़ी के साथ पहना जा सकता है। अगर आउटफिट हल्के रंग का है, तो ब्राइट कलर की चूड़ियां अच्छा कॉम्बिनेशन बन सकती हैं। कश्मीरी झुमकों से बढ़ाएं खूबसूरती पारंपरिक मोटिफ और रंगीन डिटेलिंग वाले कश्मीरी झुमके सिंपल आउटफिट को भी स्टाइलिश बना सकते हैं। इन्हें कुर्ती, अनारकली या सिंपल सूट के साथ पहनकर खूबसूरत फेस्टिव लुक पाया जा सकता है। स्टेटमेंट नेकलेस देगा रॉयल लुक अगर आपने सादा या मिनिमल आउटफिट पहना है, तो कश्मीरी पैटर्न वाला स्टेटमेंट नेकलेस आपके पूरे लुक को आकर्षक बना सकता है। हालांकि, हैवी नेकलेस के साथ ईयररिंग्स को हल्का रखना बेहतर रहेगा, ताकि लुक ओवर न लगे। मिनिमल लुक के लिए पेंडेंट सेट जो महिलाएं ज्यादा हैवी ज्वेलरी पसंद नहीं करतीं, उनके लिए छोटा कश्मीरी पेंडेंट और मैचिंग ईयररिंग्स अच्छा विकल्प हो सकता है। इसे ऑफिस से लेकर राखी सेलिब्रेशन तक अलग-अलग मौकों पर पहना जा सकता है। मांगटीका से मिलेगा ट्रेडिशनल टच रक्षाबंधन पर अगर आप अपने लुक में पारंपरिक अंदाज जोड़ना चाहती हैं, तो कश्मीरी डिजाइन वाला मांगटीका ट्राई कर सकती हैं। इसे बनारसी साड़ी या अनारकली के साथ स्टाइल करने पर फेस्टिव लुक और निखर सकता है। ब्रोच और हेयर एक्सेसरीज भी हैं ट्रेंड में कश्मीरी डिजाइन वाले ब्रोच और हेयर एक्सेसरीज भी लुक को खास बनाने का आसान तरीका हैं। इन्हें दुपट्टे या बालों में लगाकर बिना ज्यादा ज्वेलरी पहने भी ट्रेडिशनल टच दिया जा सकता है। राखी पर ऐसे करें कश्मीरी ज्वेलरी स्टाइल पेस्टल सूट के साथ रंगीन कश्मीरी झुमके पहनें। साड़ी के साथ गोल्डन या मैरून टोन की ज्वेलरी चुनें। हैवी ज्वेलरी के साथ मेकअप को सटल रखें। एक साथ कई स्टेटमेंट पीस पहनने से बचें। ज्वेलरी के रंग को आउटफिट के किसी एक प्रमुख रंग से मैच करें। कश्मीरी ज्वेलरी की खासियत यही है कि यह पारंपरिक खूबसूरती को मॉडर्न स्टाइल के साथ जोड़ती है। इस रक्षाबंधन सही कॉम्बिनेशन चुनकर आप अपने फेस्टिव लुक को एलिगेंट और सबसे अलग बना सकती हैं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी में थकान, चिड़चिड़ापन, नींद में बदलाव या किसी काम में मन न लगना अक्सर सामान्य मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन अगर ये बदलाव लगातार कई दिनों या हफ्तों तक बने रहें और आपकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगे, तो इन्हें गंभीरता से लेना जरूरी है। ये डिप्रेशन के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। डिप्रेशन केवल उदासी तक सीमित नहीं होता। इसका असर व्यक्ति के मूड, ऊर्जा, नींद, भूख, एकाग्रता और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता पर भी पड़ सकता है। समय रहते लक्षणों को पहचानकर विशेषज्ञ से सलाह लेना मददगार हो सकता है। 1. लगातार उदासी या निराशा लंबे समय तक उदास, खालीपन या निराशा महसूस करना डिप्रेशन का प्रमुख संकेत हो सकता है। कई बार व्यक्ति को अपनी स्थिति का स्पष्ट कारण भी समझ नहीं आता। भविष्य को लेकर नकारात्मक विचार बढ़ना और पहले की तरह खुशी महसूस न होना भी इसके लक्षण हो सकते हैं। 2. पसंदीदा कामों में रुचि खत्म होना अगर व्यक्ति उन गतिविधियों में भी रुचि खोने लगे, जिन्हें वह पहले पसंद करता था, तो यह ध्यान देने वाला संकेत है। दोस्तों से मिलना, घूमना, फिल्म देखना या किसी शौक में समय बिताना बोझ जैसा लग सकता है। व्यक्ति धीरे-धीरे सामाजिक गतिविधियों से दूरी बनाने लगता है। 3. आराम के बाद भी लगातार थकान पर्याप्त नींद और आराम के बावजूद हर समय थकान या ऊर्जा की कमी महसूस होना भी डिप्रेशन से जुड़ा हो सकता है। सामान्य काम करने में भी ज्यादा मेहनत लगना, सुबह उठने में परेशानी या पढ़ाई-ऑफिस के काम में ऊर्जा न लगना इसके संकेत हो सकते हैं। 4. नींद और भूख में बदलाव डिप्रेशन का असर नींद और खाने की आदतों पर भी पड़ सकता है। कुछ लोगों को नींद आने में परेशानी होती है या बार-बार नींद टूटती है, जबकि कुछ लोग जरूरत से ज्यादा सोने लगते हैं। इसी तरह भूख कम या ज्यादा हो सकती है और इसके कारण वजन में बदलाव भी देखने को मिल सकता है। 5. ध्यान लगाने और फैसले लेने में दिक्कत डिप्रेशन के दौरान व्यक्ति को किसी काम पर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी हो सकती है। पढ़ाई या ऑफिस के काम में मन न लगना, चीजें भूलना और छोटे-छोटे फैसले लेने में कठिनाई महसूस होना भी इसके संकेत हो सकते हैं। कब लेनी चाहिए विशेषज्ञ की सलाह? अगर ये लक्षण लगातार बने हुए हैं, बढ़ रहे हैं या आपकी पढ़ाई, नौकरी, रिश्तों और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहे हैं, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लेना उचित है। सिर्फ थकान मानकर लंबे समय तक इन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नोट: ये लक्षण डिप्रेशन का निश्चित निदान नहीं हैं। अलग-अलग कारणों से भी ऐसी परेशानियां हो सकती हैं। सही आकलन और उपचार के लिए योग्य डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें।
गाले, एजेंसियां। भारत और श्रीलंका के बीच गाले टेस्ट के दौरान पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर तथा मुरली कार्तिक के बीच लाइव प्रसारण के दौरान तीखी नोकझोंक देखने को मिली। शुरुआत मजाकिया बातचीत से हुई, लेकिन देखते ही देखते दोनों एक-दूसरे पर व्यक्तिगत टिप्पणियां करने लगे और यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। कार्तिक ने मांजरेकर के अंदाज पर किया मजाक लंच ब्रेक के दौरान कमेंट्री पैनल में बातचीत के बीच मुरली कार्तिक ने संजय मांजरेकर के बोलने और होंठों को आगे निकालने के अंदाज यानी 'पाउट' पर टिप्पणी की। कार्तिक ने मजाक में कहा कि मांजरेकर के इस अंदाज के कारण उनकी बात समझना मुश्किल हो जाता है। मांजरेकर ने भी दिया करारा जवाब कार्तिक की टिप्पणी पर मांजरेकर ने पलटवार करते हुए कैमरा अपने ऊपर से हटाकर अजिंक्य रहाणे की तरफ करने की बात कही। उन्होंने मजाक में कहा कि रहाणे से बात करना ज्यादा अच्छा है और उनका चेहरा भी ज्यादा खुशनुमा है। इसके बाद बातचीत और ज्यादा व्यक्तिगत होती चली गई। शीशे में चेहरा देखने तक पहुंची बात इसके बाद दोनों के बीच शीशे में खुद को देखने और अपने लुक को लेकर भी टिप्पणियां हुईं। कार्तिक ने मांजरेकर पर पलटवार किया, जिसके बाद माहौल कुछ देर के लिए असहज नजर आया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। मांजरेकर ने खुद खत्म किया विवाद बात ज्यादा आगे बढ़ने पर संजय मांजरेकर ने खुद माहौल हल्का करते हुए माना कि दोनों अपनी हदें पार कर रहे हैं और यहीं बातचीत खत्म करने की कोशिश की। घटना के बाद सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रशंसकों ने दोनों की इस ऑन-एयर नोकझोंक पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं।
कोलकाता, एजेंसियां। कोलकाता में I-PAC कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अहम संकेत दिए। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति एवी अंजारिया की पीठ ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की संभावना जताई है। मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर को होगी। ममता बनर्जी पर ED के काम में बाधा डालने का आरोप ED का आरोप है कि I-PAC कार्यालय में छापेमारी के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने जांच में बाधा डाली थी। एजेंसी का यह भी दावा है कि कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज उनके साथ ले जाए गए थे। इसी मामले में ED ने सुप्रीम कोर्ट का रुख कर जांच की मांग की है। राज्य पुलिस से जांच पर उठे सवाल सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी की ओर से पेश वकील मेनका गुरुस्वामी ने दलील दी कि राज्य में सरकार बदल चुकी है, इसलिए अब राज्य पुलिस मामले की जांच कर सकती है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच CBI को सौंपने की संभावना पर संकेत दिया। CBI जांच को लेकर कोर्ट ने क्या कहा? सुनवाई के दौरान पीठ ने याचिकाकर्ता की CBI जांच की मांग को स्वीकार करने की दिशा में संकेत दिए। हालांकि, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मामले के व्यापक कानूनी पहलुओं पर भी फैसला देने का आग्रह किया। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एवी राजू ने यह सवाल भी उठाया कि क्या CBI किसी मौजूदा मुख्यमंत्री द्वारा कथित अपराध की जांच कर सकती है। वहीं, ममता बनर्जी की ओर से कहा गया कि अब तक की सुनवाई मुख्य रूप से ED की याचिका की स्वीकार्यता तक सीमित रही है और मामले के गुण-दोष पर अभी बहस नहीं हुई है। 2 सितंबर को होगी अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मामले की अंतिम दिशा पर फैसला नहीं सुनाया है। अब 2 सितंबर 2026 को होने वाली अगली सुनवाई में मामले की जांच और उससे जुड़े कानूनी सवालों पर आगे सुनवाई होगी।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।