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Fenugreek Seed Water
मेथी दाना पानी: महिलाओं के लिए वरदान, जानें सही समय और सेवन का तरीका

नई दिल्ली, एजेंसियां। मेथी दाना भारतीय रसोई का एक आम मसाला होने के साथ-साथ आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण औषधि के रूप में भी जाना जाता है। इसमें मौजूद फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट शरीर को कई तरह के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं। खासकर महिलाओं के लिए मेथी दाना पानी को बेहद फायदेमंद माना जाता है, जिसे अक्सर डॉक्टर और पोषण विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं।   ब्लड शुगर और पाचन के लिए लाभकारी   विशेषज्ञों के अनुसार, मेथी दाना पानी ब्लड शुगर को नियंत्रित करने और पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक होता है।   महिलाओं के स्वास्थ्य में मददगार   मेथी दाना पानी हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है। यह पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं और पीसीओएस जैसी स्थितियों में राहत देने में उपयोगी माना जाता है।   वजन घटाने और त्वचा-बालों के लिए फायदेमंद   इसका सेवन लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है, जिससे वजन नियंत्रित रहता है। साथ ही इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को स्वस्थ और बालों को मजबूत बनाने में सहायक हो सकते हैं।   मेथी दाना पानी बनाने का तरीका   एक गिलास पानी में 1–2 चम्मच मेथी दाना रातभर भिगो दें। सुबह इसे छानकर खाली पेट पिएं। चाहें तो भीगे हुए दानों को भी चबाया जा सकता है।   सही समय और जरूरी सावधानी   विशेषज्ञों के अनुसार, मेथी दाना पानी पीने का सबसे अच्छा समय सुबह खाली पेट है। इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें और यदि आप किसी बीमारी या दवा का सेवन कर रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Parliament Monsoon Session
20 जुलाई से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र, 13 अगस्त तक चलेंगी लोकसभा-राज्यसभा की बैठकें

नई दिल्ली, एजेंसियां। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्र सरकार की सिफारिश पर लोकसभा और राज्यसभा की बैठकें बुलाने को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद संसद के दोनों सदनों का मानसून सत्र निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया जाएगा।   संसदीय परंपरा के अनुसार  संसदीय परंपरा के अनुसार मानसून सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण से होगी। इसके बाद लोकसभा और राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा कराई जाएगी। करीब तीन सप्ताह तक चलने वाले इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश करने और उन्हें पारित कराने का प्रयास करेगी। इसके साथ ही विभिन्न राष्ट्रीय और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी दोनों सदनों में विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।   केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अपने बयान में कहा कि मानसून सत्र लोकतांत्रिक विमर्श का महत्वपूर्ण मंच होगा, जहां राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर सार्थक बहस, चर्चा और निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी राजनीतिक दल सकारात्मक सहयोग के साथ संसद की कार्यवाही को सफल बनाने में योगदान देंगे।   इस बार के मानसून सत्र पर राजनीतिक दृष्टि इस बार के मानसून सत्र पर राजनीतिक दृष्टि से भी खास नजर रहेगी। विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, कृषि, आर्थिक स्थिति, कानून-व्यवस्था और अन्य समसामयिक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने के साथ विभिन्न नीतिगत फैसलों पर सदन की सहमति हासिल करने की कोशिश करेगी।   संसद का यह सत्र कई महत्वपूर्ण विधेयकों, नीति संबंधी चर्चाओं और सरकार-विपक्ष के बीच होने वाली बहस के कारण बेहद अहम माना जा रहा है। ऐसे में आगामी तीन सप्ताह तक देश की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र संसद भवन रहेगा।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Election Commission
अगर SIR फॉर्म भरने में गलती हो जाए तो क्या करें?

रांची। झारखंड में 30 जून से चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बीच चुनाव आयोग ने मतदाताओं की कई महत्वपूर्ण शंकाओं का समाधान किया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में नाम बनाए रखने के लिए नया रंगीन फोटो देना अनिवार्य नहीं है। हालांकि, रिकॉर्ड को अद्यतन रखने और नए ईपीआईसी (मतदाता पहचान पत्र) पर नई तस्वीर प्राप्त करने के लिए हाल का पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो देने की सलाह दी गई है।   चुनाव आयोग के अनुसार चुनाव आयोग के अनुसार, गणना प्रपत्र (Enumeration Form) में फिलहाल वही तस्वीर छपी है, जो पहले से आयोग के रिकॉर्ड में उपलब्ध है। कई मतदाताओं की तस्वीरें काफी पुरानी होने के कारण उन्हें नई फोटो देने का अनुरोध किया जा रहा है। यदि कोई मतदाता घर पर मौजूद नहीं है या नौकरी, पढ़ाई अथवा अन्य कारणों से राज्य से बाहर है, तो उसके परिवार का कोई सदस्य हाल की रंगीन फोटो चिपकाकर फॉर्म जमा कर सकता है। बीमार या किसी अन्य कारण से लाइव फोटो नहीं दे पाने वाले मतदाताओं के लिए भी यही सुविधा उपलब्ध रहेगी।   आयोग ने यह भी स्पष्ट किया आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाताओं को दो क्यूआर-कोड आधारित गणना प्रपत्र दिए जा रहे हैं, जो प्रत्येक मतदाता के लिए अलग-अलग और पूर्व-भरे हुए हैं। ऐसे में किसी अन्य व्यक्ति का फॉर्म इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। यदि पहली प्रति भरते समय खराब हो जाए, तो दूसरी प्रति की फोटो कॉपी लेकर उसे पहली प्रति के रूप में दोबारा भरा जा सकता है। अगर दोनों प्रतियां गलती हो जाएं, तो मतदाता ईसीआईनेट (ECINet) ऐप के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।    चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की जिन मतदाताओं को ऑनलाइन आवेदन करने में कठिनाई हो, वे अपने बीएलओ की मदद से संबंधित निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ERO) से नई प्रति प्राप्त कर सकते हैं। चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे फॉर्म भरते समय सावधानी बरतें और समय पर प्रक्रिया पूरी करें, ताकि मतदाता सूची अद्यतन करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Ethanol Blended Petrol
इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल से इंजन खराब नहीं होगा, अफवाहों पर न दें ध्यान: टोयोटा के कंट्री हेड विक्रम गुलाटी

नई दिल्ली, एजेंसियां। इथेनॉल ब्लेंडेड (E20) पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही आशंकाओं के बीच टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (कॉर्पोरेट अफेयर्स) विक्रम गुलाटी ने स्पष्ट किया है कि E20 ईंधन पूरी तरह सुरक्षित है और इससे वाहनों के इंजन को कोई नुकसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल 2023 के बाद भारत में बेचे गए सभी वाहन E20 ईंधन के अनुरूप तैयार किए गए हैं। ऐसे में लोगों को अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय वैज्ञानिक तथ्यों पर विश्वास करना चाहिए।   विक्रम गुलाटी ने बताया  विक्रम गुलाटी ने बताया कि ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) के 2021 के अध्ययन में भी यह सामने आया है कि पुरानी कारों और दोपहिया वाहनों पर भी E20 ईंधन का कोई गंभीर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने माइलेज को लेकर भी फैली भ्रांतियों को खारिज करते हुए कहा कि E20 के इस्तेमाल से माइलेज में केवल 2 से 4 प्रतिशत तक की मामूली कमी आ सकती है, जो सामान्य उपयोग में लगभग नगण्य है।   उन्होंने कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी और विदेशी मुद्रा की बचत होगी। उनके अनुसार, इस योजना से अब तक भारत ने करीब 1.9 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचाई है, जबकि लगभग 1.60 लाख करोड़ रुपये का लाभ किसानों तक पहुंचा है। गन्ना और अतिरिक्त धान जैसी फसलों का उपयोग इथेनॉल उत्पादन में होने से किसानों की आय बढ़ी है।   E20 ईंधन को लाभकारी बताते हुए गुलाटी ने कहा पर्यावरण के लिहाज से भी E20 ईंधन को लाभकारी बताते हुए गुलाटी ने कहा कि इथेनॉल एक कार्बन-न्यूट्रल ईंधन है। फसलें जितनी कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करती हैं, ईंधन के रूप में जलने पर लगभग उतनी ही मात्रा वापस वातावरण में जाती है। इससे अतिरिक्त कार्बन उत्सर्जन नहीं होता और प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि इथेनॉल उत्पादन संयंत्र भी आधुनिक तकनीक से संचालित हैं और पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हैं।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Bihar Police Recruitment
बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के 150 पदों पर भर्ती, 9 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन

पटना, एजेंसियां।  बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर (SI) बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने गृह विभाग (पुलिस शाखा) के अंतर्गत 150 सब-इंस्पेक्टर पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 9 जुलाई से 9 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। सभी वर्गों के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है।   स्नातक होना अनिवार्य इस भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। आयु और शैक्षणिक योग्यता की गणना 1 अगस्त 2025 को आधार मानकर की जाएगी।   आयु सीमा के अनुसार सामान्य वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 37 वर्ष, सामान्य वर्ग की महिलाओं तथा पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों की 40 वर्ष और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 42 वर्ष निर्धारित की गई है।   शारीरिक मानक भी जरूरी सामान्य और पिछड़ा वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम लंबाई 165 सेंटीमीटर, जबकि अत्यंत पिछड़ा वर्ग, एससी और एसटी वर्ग के पुरुषों के लिए 160 सेंटीमीटर निर्धारित की गई है। महिला अभ्यर्थियों के लिए सभी वर्गों में न्यूनतम लंबाई 155 सेंटीमीटर तय की गई है। पुरुष उम्मीदवारों के लिए निर्धारित छाती का माप भी अनिवार्य होगा।   तीन चरणों में होगी चयन प्रक्रिया भर्ती प्रक्रिया में सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 200 अंकों के वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके बाद सफल उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा देनी होगी, जिसमें सामान्य अध्ययन, गणित, तर्कशक्ति, भाषा और बिहार सामान्य ज्ञान के साथ निबंध एवं अनुवाद से जुड़े प्रश्न शामिल होंगे। अंतिम चरण में शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) होगी। तीनों चरणों में सफल अभ्यर्थियों का अंतिम चयन बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर पद के लिए किया जाएगा।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Jairam Ramesh
जयराम रमेश का केंद्र पर हमला, बोले- ''वोट से लेकर चंदे तक सबकी हो रही चोरी'

नई दिल्ली, एजेंसियां। कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक ने चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) प्रक्रिया को लेकर चिंता जताते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश को संयुक्त पत्र भेजा है। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली निष्पक्ष नहीं है और इससे चुनावी प्रक्रिया पर जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है।   'चुनावी व्यवस्था पर लोगों का भरोसा घट रहा' जयराम रमेश ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर विपक्ष की गंभीर आपत्तियां हैं। उनका दावा है कि देश में चुनावी व्यवस्था पर लोगों का विश्वास लगातार कम हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों के बीच यह धारणा बन रही है कि चुनाव परिणाम पहले से तय होते हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि नतीजे पहले ही तय हैं, तो चुनाव कराने का उद्देश्य क्या रह जाता है।   'ट्रिपल इंजन सरकार' पर साधा निशाना कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह "ट्रिपल इंजन सरकार" है, जहां वोटों की चोरी, सीटों की चोरी और चंदे की चोरी हो रही है। उन्होंने इन आरोपों को कथित राम जन्मभूमि चंदा विवाद से भी जोड़ते हुए सरकार पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया।   जयराम रमेश ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों में चुनाव आयोग का रवैया निष्पक्ष नहीं रहा और आयोग केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार काम करता दिखाई देता है।   इंडिया ब्लॉक ने CJI से की हस्तक्षेप की मांग यह बयान ऐसे समय आया है जब आम आदमी पार्टी, डीएमके सहित इंडिया ब्लॉक के 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सांसद ने संयुक्त रूप से भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर एसआईआर प्रक्रिया और चुनावी व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर हस्तक्षेप की मांग की है। फिलहाल चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Youth Death
पलामू में शराब के लिए पैसे नहीं मिलने पर युवक ने दी जान

पलामू। झारखंड के पलामू जिले में घरेलू विवाद का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। रामगढ़ थाना क्षेत्र के पिपराही नावाडीह गांव में शराब खरीदने के लिए पत्नी से पैसे नहीं मिलने पर एक व्यक्ति ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान नंद यादव के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।   400 रुपये की मांग पर बढ़ा विवाद जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात नंद यादव शराब के नशे में घर लौटा था। घर पहुंचने के बाद उसने पत्नी से शराब खरीदने के लिए 400 रुपये मांगे। पत्नी द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि नंद यादव ने कथित तौर पर पत्नी के साथ मारपीट भी की।   इसके बाद वह अपने कमरे में चला गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर परिजनों और ग्रामीणों को शक हुआ। जब दरवाजा नहीं खुला तो ग्रामीणों ने उसे तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां नंद यादव गंभीर हालत में मिला।   अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित ग्रामीणों ने तत्काल उसे रामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।   पुलिस कर रही मामले की जांच रामगढ़ थाना प्रभारी ओमप्रकाश शाह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पति-पत्नी के बीच पैसे को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद यह घटना हुई। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव, अवसाद या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो किसी भरोसेमंद परिजन, मित्र या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तुरंत संपर्क करें। समय पर मदद मिलना जीवन बचा सकता है।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Snakebite Cases in Gumla
गुमला में सर्पदंश का कहर, 125 दिनों में 83 लोग बने शिकार

गुमला। बरसात के मौसम के साथ झारखंड के गुमला जिले में सर्पदंश के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 1 मार्च से 3 जुलाई 2026 के बीच 125 दिनों में जिले में सर्पदंश के 83 मामले सामने आए हैं। बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराया है तथा लोगों से सर्पदंश की स्थिति में बिना देर किए अस्पताल पहुंचने की अपील की है।   बिशुनपुर में सबसे अधिक मामले स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार बिशुनपुर प्रखंड में सबसे अधिक 19 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके बाद बसिया में 15 मामले सामने आए, जबकि गुमला सदर अस्पताल में 35 सर्पदंश पीड़ितों का इलाज किया गया। भरनो में तीन, रायडीह, सिसई और पालकोट में दो-दो, जबकि चैनपुर और घाघरा में एक-एक मामला दर्ज हुआ है। वर्तमान में जिले में कुल 1,380 एंटी स्नेक वेनम वायल उपलब्ध हैं। इनमें 595 वायल जिला अस्पताल गुमला में सुरक्षित रखी गई हैं, जबकि पालकोट, बिशुनपुर, भरनो, बसिया, सिसई, कामडारा, रायडीह, घाघरा, चैनपुर और डुमरी के स्वास्थ्य केंद्रों में भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।   सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी ने बताया सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी ने बताया कि बरसात के मौसम में सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में सभी स्वास्थ्य केंद्रों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय न गंवाएं और तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें, क्योंकि समय पर एंटी स्नेक वेनम मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है।   शुक्रवार को पालकोट और घाघरा प्रखंड में चार लोग जहरीले सांप के काटने से घायल हो गए। सभी को गुमला सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे रिम्स रेफर किया गया। अन्य तीन मरीजों का इलाज जारी है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Mission Vatsalya Portal
लापता बच्चों की तलाश होगी तेज, मिशन वात्सल्य पोर्टल से जुड़े झारखंड के सभी थाने

रांची। झारखंड में लापता बच्चों की सुरक्षित घर वापसी के लिए पुलिस ने तकनीक का सहारा लिया है। राज्य के सभी 24 जिलों के थानों को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के मिशन वात्सल्य पोर्टल से जोड़ दिया गया है। सीआईडी की पहल पर लागू की गई इस व्यवस्था के तहत अब झारखंड पुलिस देशभर के लापता और बरामद बच्चों के राष्ट्रीय डेटाबेस से सीधे जुड़ गई है। इससे बच्चों की पहचान, ट्रैकिंग और बरामदगी की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और प्रभावी होगी।   सीसीटीएनएस ऑपरेटर करेंगे राष्ट्रीय रिकॉर्ड से मिलान नई व्यवस्था के तहत सभी थानों के सीसीटीएनएस ऑपरेटर किसी भी बरामद या अज्ञात बच्चे के हुलिए, फोटो और अन्य विवरण का मिलान मिशन वात्सल्य पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड से करेंगे। यह केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘खोया-पाया’ और ‘ट्रैक चाइल्ड’ जैसी प्रणालियों को एक साथ जोड़ता है। इससे अलग-अलग राज्यों की पुलिस और एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने में तेजी आएगी और बच्चों की जल्द पहचान संभव हो सकेगी।   रांची विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आनंद ठाकुर ने कहा रांची विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आनंद ठाकुर ने कहा कि मिशन वात्सल्य पोर्टल झारखंड पुलिस के लिए गेम चेंजर साबित होगा। उनके अनुसार, लापता बच्चों की तलाश में समय सबसे अहम होता है और यह पोर्टल विभिन्न राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाकर बच्चों की सुरक्षित बरामदगी की संभावना को मजबूत करेगा। साथ ही मानव तस्करी जैसी गंभीर घटनाओं पर भी प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।   सरकारी आंकड़ों के अनुसार सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 से 2025 के बीच झारखंड में 3,025 बच्चे लापता हुए। इनमें से 2,788 बच्चों को बरामद कर लिया गया, जबकि 237 बच्चे अब भी लापता हैं। वर्ष 2025 में अकेले 717 बच्चों के लापता होने के मामले दर्ज हुए। वहीं रांची में जनवरी से जून 2026 के बीच 42 बच्चे लापता हुए, जिनमें से 34 को सुरक्षित बरामद किया जा चुका है। बढ़ते मामलों को देखते हुए सीआईडी ने सभी थानों को पोर्टल का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Premium Postal Service
रांची समेत झारखंड के चार शहरों में जल्द शुरू होगी प्रीमियम डाक डिलिवरी सेवा

रांची। झारखंड के चार प्रमुख शहरों - रांची, धनबाद, जमशेदपुर और बोकारो में जल्द ही डाक विभाग की प्रीमियम डाक डिलिवरी सेवा शुरू हो सकती है। इस संबंध में विभाग ने डाक निदेशालय को प्रस्ताव भेज दिया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद इन शहरों के लोगों को पार्सल और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की तेज, सुरक्षित और समयबद्ध डिलिवरी की सुविधा उपलब्ध होगी। नई सेवा का उद्देश्य डाक वितरण प्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और ग्राहक-केंद्रित बनाना है।   देश के छह शहरों में सफल रहा प्रयोग डाक विभाग ने मार्च 2026 में इस प्रीमियम सेवा की शुरुआत देश के छह बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में की थी। विभाग के अनुसार, इन शहरों में सेवा को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और डिलिवरी की गुणवत्ता तथा समयबद्धता में उल्लेखनीय सुधार देखा गया। इसी सफलता को देखते हुए अब इसे दूसरे राज्यों के प्रमुख शहरों तक विस्तार देने की योजना बनाई गई है।   आधुनिक तकनीक से होगी निगरानी प्रीमियम डाक डिलिवरी सेवा पूरी तरह आधुनिक तकनीक पर आधारित होगी। इसके तहत ग्राहकों को एसएमएस अलर्ट, ऑनलाइन ट्रैकिंग और रियल-टाइम स्टेटस अपडेट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इससे ग्राहक अपने पार्सल या महत्वपूर्ण दस्तावेज की बुकिंग से लेकर अंतिम डिलिवरी तक हर चरण की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। पारदर्शी ट्रैकिंग व्यवस्था से डिलिवरी प्रक्रिया पर भरोसा भी बढ़ेगा।   मंजूरी के बाद शुरू होगी सेवा डाक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस सेवा के लागू होने से झारखंड के इन चार शहरों में डाक वितरण पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और विश्वसनीय होगा। विशेष रूप से जरूरी दस्तावेजों और महत्वपूर्ण पार्सलों की समय पर डिलिवरी सुनिश्चित करने में यह सेवा अहम भूमिका निभाएगी। विभाग को उम्मीद है कि प्रस्ताव को जल्द मंजूरी मिल जाएगी, जिसके बाद रांची, धनबाद, जमशेदपुर और बोकारो के लोग इस आधुनिक प्रीमियम डाक सेवा का लाभ उठा सकेंगे।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Amarnath Yatra 2026
आतंकियों की हर साजिश होगी नाकाम: अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात हुए बम खोजी डॉग स्क्वॉड

नई दिल्ली, एजेंसियां। वार्षिक अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने अपनी विशेष K9 डॉग स्क्वॉड टीमों को यात्रा मार्गों, बेस कैंपों और पवित्र गुफा क्षेत्र में तैनात किया है। इन विशेष रूप से प्रशिक्षित स्निफर और ट्रैकर डॉग्स का मुख्य कार्य विस्फोटकों का पता लगाना, संदिग्ध वस्तुओं की पहचान करना और यात्रा मार्गों को सुरक्षित बनाना है।   क्या है यह चार पैरों वाले ‘K9 योद्धा’? CRPF के ये चार पैरों वाले ‘K9 योद्धा’ बम निरोधक दस्तों और क्विक रिएक्शन टीम (QRT) के साथ मिलकर बालटाल और पहलगाम मार्गों, ट्रांजिट कैंपों, काफिले के रास्तों, हेलीपैड तथा संवेदनशील स्थलों पर लगातार एंटी-सबोटाज जांच कर रहे हैं। इसके अलावा, कठिन पहाड़ी इलाकों में खोज एवं बचाव अभियानों के लिए भी इन डॉग्स को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।   सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए K9 टीमों के साथ निगरानी ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे, फेसियल रिकग्निशन सिस्टम और आधुनिक सर्विलांस तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे पूरे यात्रा मार्ग पर बहु-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है।   पूर्व महानिरीक्षक आर.के. यादव के अनुसार CRPF के पूर्व महानिरीक्षक आर.के. यादव के अनुसार, K9 इकाइयों की तीव्र सूंघने की क्षमता उन्हें पारंपरिक तरीकों की तुलना में कहीं अधिक तेजी से विस्फोटकों और छिपे हुए खतरों का पता लगाने में सक्षम बनाती है। यही वजह है कि हर संवेदनशील स्थान पर तीर्थयात्रियों के पहुंचने से पहले डॉग स्क्वॉड द्वारा गहन जांच की जा रही है।   इस वर्ष की 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने "ऑपरेशन शिव" के तहत एक लाख से अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 670 से अधिक कंपनियां, सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर बहु-स्तरीय सुरक्षा ग्रिड में कार्य कर रही हैं, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकें।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Sitamarhi Encounter
सीतामढ़ी में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, एक आरोपी घायल, पांच अपराधी गिरफ्तार

सीतामढ़ी, एजेंसियां। बिहार के सीतामढ़ी जिले के रीगा थाना क्षेत्र में पुलिस और लूट की वारदातों में शामिल बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि मौके से कुल पांच अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके पास से हथियार, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहन भी बरामद किए हैं।    गुप्त सूचना पर पहुंची थी पुलिस   पुलिस को सूचना मिली थी कि रीगा इलाके में कुछ बदमाश किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश घायल हो गया और बाकी आरोपियों ने आत्मसमर्पण कर दिया।    हथियार और वाहन बरामद   गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक पिस्तौल, कई जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की गई है। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह किन-किन आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है।    पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच   सीतामढ़ी पुलिस के अनुसार गिरफ्तार बदमाशों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। प्रारंभिक जांच में गिरोह के सदस्यों के खिलाफ लूट, रंगदारी और हथियार अधिनियम से जुड़े कई मामलों की जानकारी मिली है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Amarnath Yatra
अमरनाथ यात्रियों के नाम पीएम मोदी का विशेष पत्र, पांच संकल्पों के साथ स्वच्छ और सुरक्षित यात्रा का दिया संदेश

नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के नाम एक विशेष पत्र लिखकर उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। पत्र में उन्होंने अमरनाथ यात्रा को भारत की आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक एकता और सेवा भाव का प्रतीक बताते हुए श्रद्धालुओं से पांच संकल्प लेने की अपील की है। यह संदेश यात्रा के दोनों आधार शिविरों बालटाल और नुनवान (पहलगाम) में श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया।   पीएम ने यात्रियों से लिए पांच संकल्प   अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षा नियमों का पालन करने, 'वोकल फॉर लोकल' को बढ़ावा देने और राष्ट्र सेवा की भावना के साथ यात्रा पूरी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बाबा बर्फानी की यात्रा केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का भी अवसर है।   स्थानीय लोगों से खरीदारी की भी अपील   प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से जम्मू-कश्मीर के स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने और स्थानीय कारोबारियों से खरीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और क्षेत्र के लोगों की आजीविका को भी समर्थन मिलेगा।   यात्रा से जुड़े सभी कर्मियों का जताया आभार   प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर प्रशासन, सुरक्षा बलों, स्वास्थ्य कर्मियों और स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित, मंगलमय और सफल यात्रा की कामना करते हुए कहा कि अमरनाथ यात्रा देश की एकता और आध्यात्मिक शक्ति का जीवंत प्रतीक है।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
AI Report 2047
AI से 2047 तक भारत की GDP में 2.6 ट्रिलियन डॉलर का इजाफा संभव, नई रिपोर्ट में बड़ा दावा

नई दिल्ली, एजेंसियां। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। Wadhwani AI और The Bridgespan Group की एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यदि देश की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था में जिम्मेदारी के साथ AI तकनीक को लागू किया जाए, तो 2047 तक भारत की GDP में 2.6 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 220 लाख करोड़ रुपये) तक की बढ़ोतरी संभव है। रिपोर्ट के मुताबिक, AI शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ उत्पादकता और आर्थिक विकास को भी गति देगा।    शिक्षा में AI से बढ़ेगी उत्पादकता   रिपोर्ट के अनुसार, AI आधारित लर्निंग टूल्स, व्यक्तिगत शिक्षण और शिक्षकों को तकनीकी सहायता मिलने से छात्रों के सीखने के स्तर में सुधार होगा। इससे भविष्य में अधिक कुशल कार्यबल तैयार होगा, जो देश की आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा क्षेत्र में AI का प्रभावी उपयोग भारत की दीर्घकालिक विकास दर को मजबूत कर सकता है।    सरकार और राज्यों के लिए सुझाया रोडमैप   रिपोर्ट में केंद्र और राज्य सरकारों को AI के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के लिए स्पष्ट नीति बनाने, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने और शिक्षकों को AI आधारित प्रशिक्षण देने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से AI टूल्स लागू करने पर भी जोर दिया गया है।    विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को मिल सकता है बल   रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि यदि AI को शिक्षा और कौशल विकास के साथ प्रभावी रूप से जोड़ा जाए, तो यह 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते AI में निवेश और नीतिगत सुधार भारत को वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में अग्रणी देशों की श्रेणी में ला सकते हैं।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Morhabadi Shopkeepers Protest
मोरहाबादी हाट बंद होने पर, दुकानदारों ने जिला प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ खोला मोर्चा

रांची। राजधानी रांची के मोरहाबादी में पिछले कुछ वर्षों से लगने वाले साप्ताहिक हाट बाजार को प्रशासन ने बंद कर दिया है। बाजार के कारण सुबह और शाम के समय इलाके में लगातार जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही थी, जिससे आम लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने अचानक हाट बाजार पर रोक लगा दी।    जिला प्रशासन और नगर निगम  प्रशासन के इस फैसले के विरोध में शनिवार को सैकड़ों सब्जी विक्रेता सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित दुकानदारों ने जिला प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बाजार को दोबारा शुरू करने की मांग की। उनका कहना है कि हाट बंद होने से उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है और परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो जाएगा।   क्या कह  रहे  दुकानदार? विरोध प्रदर्शन को देखते हुए मोरहाबादी इलाके में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे दुकानदारों को शांत कराने का प्रयास किया और उन्हें वैकल्पिक स्थान पर दुकान लगाने का प्रस्ताव दिया। हालांकि, दुकानदारों ने स्पष्ट किया कि जब तक बाजार दोबारा शुरू करने पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। फिलहाल प्रशासन और दुकानदारों के बीच समाधान निकालने की कोशिश जारी है।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
NHM Doctors Strike
दिल्ली में NHM डॉक्टरों की हड़ताल, वेतन और 7वें वेतन आयोग की मांग को लेकर सेवाएं प्रभावित

नई दिल्ली, एजेंसियां। राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के डॉक्टरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक दिवसीय हड़ताल की। डॉक्टरों ने नियमित वेतन, सेवा सुरक्षा और 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। हड़ताल का असर राजधानी के कई सरकारी अस्पतालों और मोहल्ला क्लीनिकों की स्वास्थ्य सेवाओं पर देखने को मिला।   वेतन और सेवा शर्तों को लेकर नाराजगी   प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वे वर्षों से संविदा पर काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने समय पर वेतन भुगतान, 7वें वेतन आयोग का लाभ, नौकरी की सुरक्षा और स्थायी नियुक्ति की मांग दोहराई। डॉक्टरों का कहना है कि कई बार सरकार के सामने मांगें रखने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।   स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा असर   हड़ताल के कारण कई सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहीं। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं को जारी रखा गया ताकि गंभीर मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो। मरीजों को सामान्य जांच और परामर्श के लिए इंतजार करना पड़ा।    सरकार से जल्द समाधान की उम्मीद   NHM डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो भविष्य में आंदोलन और तेज किया जा सकता है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डॉक्टरों की मांगों पर विचार किया जा रहा है और जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Punjab 95
तीन साल के इंतजार के बाद रिलीज हुई दिलजीत दोसांझ की फिल्म, 'Punjab 95' अब नए नाम से OTT पर उपलब्ध

मुंबई, एजेंसियां। पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ की बहुचर्चित फिल्म 'Punjab 95' आखिरकार करीब तीन साल के लंबे इंतजार के बाद दर्शकों तक पहुंच गई है। सेंसर बोर्ड के साथ लंबे विवाद के बाद फिल्म को नए शीर्षक के साथ और बिना किसी कट के OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया है। फिल्म की रिलीज के साथ ही सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा तेज हो गई है।    सेंसर विवाद के कारण अटकी रही थी रिलीज   फिल्म की रिलीज लंबे समय से सेंसर बोर्ड से जुड़े विवादों के कारण टलती रही। निर्माताओं का कहना था कि फिल्म में कई कट लगाने के सुझाव दिए गए थे, लेकिन वे मूल कहानी से समझौता नहीं करना चाहते थे। आखिरकार फिल्म को नए नाम के साथ बिना किसी दृश्य में बदलाव किए डिजिटल माध्यम से दर्शकों के सामने लाया गया।   मानवाधिकार कार्यकर्ता के जीवन पर आधारित है फिल्म   यह फिल्म पंजाब के चर्चित मानवाधिकार कार्यकर्ता Jaswant Singh Khalra के जीवन और उनके संघर्ष पर आधारित है। फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने मुख्य भूमिका निभाई है। निर्देशक ने वास्तविक घटनाओं को पर्दे पर संवेदनशील तरीके से पेश करने की कोशिश की है, जिसे दर्शकों और समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।    रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया   फिल्म रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर दर्शकों ने दिलजीत दोसांझ के अभिनय और फिल्म की कहानी की सराहना की। कई यूजर्स ने इसे लंबे इंतजार के बाद आई एक दमदार और प्रभावशाली फिल्म बताया। फिल्म की OTT रिलीज के बाद इसके व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Alpha Box Office
'Alpha' ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर मचाई धूम, दुनियाभर में करीब ₹16 करोड़ की ओपनिंग

मुंबई, एजेंसियां। आलिया भट्ट और शरवरी वाघ स्टारर यशराज फिल्म्स की स्पाई-एक्शन फिल्म 'Alpha' ने रिलीज के पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर अच्छी शुरुआत की है। फिल्म ने पहले दिन भारत में लगभग ₹9 करोड़ नेट और दुनियाभर में करीब ₹15.8 करोड़ (लगभग ₹16 करोड़) का ग्रॉस कलेक्शन दर्ज किया है। इसके साथ ही फिल्म ने वीकेंड के लिए सकारात्मक शुरुआत की है।   देश और विदेश दोनों बाजारों से मिला अच्छा रिस्पॉन्स   ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने भारत में पहले दिन ₹10.8 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया, जबकि विदेशी बाजारों से करीब ₹5 करोड़ की कमाई हुई। इस तरह फिल्म का पहले दिन का कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन ₹15.8 करोड़ तक पहुंच गया।   वीकेंड में बढ़ सकती है कमाई   फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच अच्छी चर्चा देखने को मिल रही है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि शनिवार और रविवार को छुट्टियों का फायदा मिलने से कलेक्शन में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है। खासकर मल्टीप्लेक्स दर्शकों से फिल्म को बेहतर प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है।   YRF Spy Universe की पहली महिला प्रधान फिल्म   शिव रवैल के निर्देशन में बनी 'Alpha' YRF Spy Universe की पहली महिला-केंद्रित स्पाई फिल्म है। फिल्म में आलिया भट्ट और शरवरी वाघ मुख्य भूमिका में हैं, जबकि बॉबी देओल और अनिल कपूर भी अहम किरदार निभा रहे हैं। अब फिल्म की नजर पहले वीकेंड में मजबूत कमाई कर बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत करने पर होगी।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
AI in Schools
AI in Schools: पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, अगले महीने से सभी सरकारी स्कूलों में AI पाठ्यक्रम होगा लागू

चंडीगढ़, एजेंसियां। पंजाब सरकार ने स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए घोषणा की है कि अगले महीने से राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि पिछले एक वर्ष से इस पाठ्यक्रम पर काम किया जा रहा था और अब इसे पूरे राज्य में लागू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है।   छात्रों को भविष्य की तकनीकों के लिए किया जाएगा तैयार   सरकार का कहना है कि AI पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को नई तकनीकों से परिचित कराना और उन्हें भविष्य के रोजगार एवं डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना है। इसके तहत विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और तकनीक के व्यावहारिक उपयोग से जुड़ी बुनियादी जानकारी दी जाएगी।   'ब्राइट माइंड्स पंजाब 2026' कार्यक्रम में हुआ ऐलान   शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने 'ब्राइट माइंड्स पंजाब 2026' कार्यक्रम के दौरान इस पहल की घोषणा की। कार्यक्रम में छात्रों और शिक्षकों के साथ शिक्षा सुधारों पर चर्चा भी की गई। इस दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी AI शिक्षा को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए छात्रों को नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।   सरकारी स्कूलों में तकनीकी शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा   राज्य सरकार का दावा है कि AI पाठ्यक्रम लागू होने के बाद सरकारी स्कूलों के छात्र भी आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जुड़ सकेंगे। सरकार का मानना है कि यह पहल विद्यार्थियों में नवाचार, डिजिटल कौशल और तकनीकी सोच को बढ़ावा देगी तथा उन्हें भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर तरीके से तैयार करेगी।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
PM Modi Foreign Visit
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जुलाई से तीन देशों के दौरे पर जाएंगे, इंडो-पैसिफिक साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती

नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जुलाई से 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के छह दिवसीय दौरे पर जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा की पुष्टि करते हुए बताया कि दौरे का उद्देश्य हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र में भारत की रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है।   तीनों देशों के शीर्ष नेताओं से होगी मुलाकात   दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इन बैठकों में व्यापार, रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, उभरती प्रौद्योगिकी और निवेश जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।   न्यूजीलैंड दौरा रहेगा सबसे खास   यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि लगभग 40 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की आधिकारिक यात्रा होगी। माना जा रहा है कि इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, शिक्षा, कृषि और लोगों के आपसी संबंधों को मजबूत करने के लिए कई अहम समझौतों पर चर्चा हो सकती है।   व्यापार और निवेश पर रहेगा विशेष जोर   ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर सकते हैं। इसके अलावा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की रणनीतिक भूमिका को मजबूत करने और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) सहयोग बढ़ाने पर भी विशेष फोकस रहेगा।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
jharkhand weather
झारखंड में सामान्य से 45% कम बारिश, मौसम विभाग ने बढ़ाई चिंता

रांची। झारखंड में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से करीब 45 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसानों और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। बारिश की कमी का असर खरीफ फसलों की बुआई पर भी पड़ने लगा है। हालांकि, मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में मानसून के फिर से सक्रिय होने की संभावना जताई है।   अगले चार दिनों में बारिश की उम्मीद   भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के कई जिलों में अगले चार दिनों के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। 7 जुलाई तक कई इलाकों में बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने और वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है। इससे बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद जताई जा रही है।   खेती पर दिखने लगा असर   बारिश की कमी के कारण धान समेत खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हो रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वहीं, प्रशासन किसानों को मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखने और मौसम के अनुसार खेती से जुड़े निर्णय लेने की सलाह दे रहा है।   रांची समेत कई जिलों को मिल सकती है राहत   मौसम विभाग के अनुसार रांची, जमशेदपुर, बोकारो, हजारीबाग, धनबाद और आसपास के जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आएगी और उमस भरी गर्मी से भी लोगों को राहत मिलने की संभावना है।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh जुलाई 2, 2026 0