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TN language news
तमिलनाडु में फिर उठा भाषा और पहचान का मुद्दा, राज्य गीत पर मचा हंगामा

चेन्नई, एजेंसियां। तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राज्य गीत ‘तमिल थाई वाज़्थु’ को सबसे आखिर में बजाए जाने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। गुरुवार को 23 विधायकों के मंत्री पद की शपथ के दौरान सबसे पहले ‘वंदे मातरम’, उसके बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और अंत में तमिल प्रार्थना गीत बजाया गया। इसी क्रम को लेकर विपक्षी दलों और सहयोगियों ने कड़ी नाराजगी जताई है।   पहले भी हो चुका है विवाद इससे पहले 10 मई को मुख्यमंत्री विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भी यही क्रम अपनाया गया था। उस समय भी इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने विरोध जताया था। आलोचकों का कहना है कि तमिलनाडु की परंपरा के अनुसार सरकारी कार्यक्रमों में सबसे पहले ‘तमिल थाई वाज़्थु’ बजाया जाना चाहिए।   TVK ने गवर्नर कार्यालय को ठहराया जिम्मेदार Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) ने इस विवाद के लिए राजभवन को जिम्मेदार बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि समारोह का आयोजन गवर्नर कार्यालय की ओर से किया गया था और गीतों का क्रम भी वहीं तय किया गया। पार्टी नेता नांजिल संपत ने कहा कि तमिलनाडु सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विधानसभा के कार्यक्रमों में तमिल गीत सबसे पहले ही बजाया जाएगा।   विपक्ष और सहयोगियों ने साधा निशाना Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। पार्टी प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि तमिल अधिकारों की रक्षा का वादा आखिर कहां गया। वहीं, कांग्रेस और CPI नेताओं ने भी इसे तमिल भावनाओं के खिलाफ बताया। MDMK ने जताया कड़ा विरोध Vaiko ने ‘वंदे मातरम’ को राज्य सरकार के कार्यक्रमों में शामिल करने का विरोध करते हुए कहा कि तमिलनाडु के आधिकारिक कार्यक्रमों में पहले ‘तमिल थाई वाज़्थु’ और उसके बाद राष्ट्रगान ही बजाया जाना चाहिए।

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
Lenskart Q4 performance
लेंसकार्ट का शानदार Q4 प्रदर्शन, 2500 करोड़ के पार पहुंचा रेवेन्यू

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश की प्रमुख आईवियर कंपनी Lenskart ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) और पूरे कारोबारी साल के नतीजों का ऐलान किया है। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के बाद कंपनी के शेयरों में तेजी देखने को मिली। बुधवार को नतीजे जारी होने के बाद कंपनी का शेयर करीब 1.66 प्रतिशत चढ़कर 494.95 रुपये पर पहुंच गया। भारतीय शेयर बाजार में भी सकारात्मक माहौल रहा और निफ्टी 50 इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।   Q4 में रेवेन्यू और आय में जबरदस्त बढ़ोतरी कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू चौथी तिमाही में बढ़कर 2,517 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 1,778 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी ने सालाना आधार पर करीब 41.6 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की। कंपनी की कुल आय भी बढ़कर 2,545 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल की समान अवधि के 1,939 करोड़ रुपये से लगभग 31.3 प्रतिशत अधिक है। टैक्स से पहले मुनाफा (PBT) 254.19 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 5.6 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में हल्की गिरावट दर्ज की गई। Q4FY26 में PAT 203.62 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 220.13 करोड़ रुपये था।   तीसरी तिमाही की तुलना में भी मजबूत प्रदर्शन कंपनी ने तीसरी तिमाही की तुलना में भी बेहतर प्रदर्शन किया। Q3FY26 में जहां ऑपरेशनल रेवेन्यू 2,104 करोड़ रुपये था, वहीं Q4 में यह बढ़कर 2,517 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह PAT भी 132.71 करोड़ रुपये से बढ़कर 203.62 करोड़ रुपये पहुंच गया।   पूरे साल में रिकॉर्ड ग्रोथ FY26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 8,814 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो FY25 के 6,053 करोड़ रुपये से लगभग 45.6 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का सालाना शुद्ध लाभ 500.95 करोड़ रुपये रहा, जिसमें करीब 68.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। कंपनी ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने ओमनीचैनल नेटवर्क का विस्तार जारी रखा, जिससे ब्रांड की लोकप्रियता और बिक्री दोनों में मजबूत वृद्धि देखने को मिली।

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
Naxalites joining mainstream
नक्सलियों के सरेंडर पर CM हेमंत बोले-मुख्यधारा से जुड़ रहें लोग

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एकसाथ 27 नक्सलियों के सरेंडर पर कहा कि लोग तेजी से मुख्य धारा से जुड़ रहे हैं। यह सरकार मुख्यालय से नहीं, बल्कि राज्य के सुदूर गांवों से चल रही है। स्वर्गीय दुर्गा सोरेन की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यह बात कहकर राज्य में हो रहे बड़े बदलाव का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की सोच बिल्कुल स्पष्ट है, हर व्यक्ति का विकास और हर व्यक्ति की भागीदारी। सरकार की नजर और आवाज गांव के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रही है। हर व्यक्ति सरकार के साथ जुड़ रहा है। आज उसी का परिणाम है कि लोग तेजी से मुख्यधारा में जुड़ रहे हैं। शहीदों के सपनों का झारखंड इस मौके पर मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय दुर्गा सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके संघर्षों को याद किया। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य का निर्माण ऐसे ही कर्मठ युवाओं और आंदोलनकारियों की शहादत व लंबे संघर्ष की बदौलत हुआ है। अपने महान नेताओं पर पूरे राज्य को गर्व है और उनके दिखाएं रास्ते पर चलकर ही एक सशक्त और भयमुक्त झारखंड का निर्माण हो रहा है। हमें अपने नेताओं पर गर्व है। इनके मार्गदर्शन और संघर्ष की बदौलत मंजिल पाई। अलग राज्य बना। उन सभी लोगों की शहादत और संघर्ष की बदौलत ये राज्य है। हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
Gumla road accident
Gumla: सड़क हादसे में बाइक सवार 3 युवकों की मौत तीनों ने नहीं पहना था हेलमेट

गुमला। गुमला में बीती देर रात एक सड़क हादसे में बाइक सवार तीन युवकों की मौत हो गई। घटना चैनपुर थाना क्षेत्र के डढ़गांव की है। यहां बाइक के सड़क किनारे पेड़ से टकराने की वजह से हादसा हुआ।  मृतकों की हुई पहचान मृतकों की पहचान उजड़ा गांव निवासी अक्षय केरकेट्टा (19), आर्यन टोप्पो 18) और संजीत केरकेट्टा (18) के रूप में हुई है। अक्षय ने 2026 में संत अन्ना विद्यालय से इंटर प्रथम श्रेणी में पास किया था, जबकि आर्यन संत पैट्रिक स्कूल में 11वीं का छात्र था। वहीं, संजीत ने 10वीं पास करने के बाद दो साल पहले पढ़ाई छोड़ दी थी। बाइक की रफ्तार थी तेज परिजनों के अनुसार, तीनों युवक बाइक से एक शादी समारोह में गए थे। रात में चैनपुर से अपने घर लौट रहे थे। इसी बीच डढ़गांव के पास उनकी तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक आम के पेड़ से जा टकराई। बाइक के परखच्चे उड़ गये टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। तीनों ने हेलमेट भी नहीं पहना था। इधर, दुर्घटना की सूचना मिलते ही चैनपुर थाना के एसआई धर्मपाल संतोष लगून मौके पर पहुंचे। उन्होंने गुरुवार को तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया।

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
Vijay cabinet expansion
विजय की कैबिनेट का विस्तार, 23 मंत्रियों ने शपथ ली

चेन्नई, एजेंसियां। तमिलनाडु में कांग्रेस 59 साल बाद सरकार का हिस्सा बन गई। कांग्रेस विधायक एस राजेश कुमार और पी विश्वनाथन आज 21 मई को विजय की कैबिनेट में शामिल हुए। राजेश कुमार किलियूर और विश्वनाथन मेलूर सीट से विधायक हैं। शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार सुबह 10 बजे हुआ। इस दौरान TVK से 21 मंत्री और कांग्रेस से 2 मंत्रियों ने शपथ ली। IUML और VCK को बाहर से समर्थन देंगे। 1952 से 1967 तक तमिलनाडु में कांग्रेस की सरकार दरअसल, 1952 से 1967 तक तमिलनाडु (तब मद्रास राज्य) में कांग्रेस की सरकार रही थी। सी. राजगोपालाचारी, के. कामराज और एम. भक्तवत्सलम इस दौरान मुख्यमंत्री रहे। 1967 में DMK के सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने DMK और AIADMK दोनों के साथ गठबंधन किया, लेकिन सरकार का हिस्सा नहीं बनी। VCK और IUML को भी कैबिनेट में जगह मिल सकती है पार्टी सूत्रों के मुताबिक, विदुथलाई चिरुथइगल काची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के प्रतिनिधियों को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। वहीं, AIADMK के बागी नेताओं को कैबिनेट में जगह मिलने की संभावना नहीं है। TVK के सीनियर नेता और मंत्री आधव अर्जुना ने कांग्रेस, VCK और IUML से सरकार में शामिल होने की अपील की। उन्होंने इसे सीएम विजय की जीत बताई।   DMK से अलग होने के बाद सत्ता में हिस्सेदारी मिली कांग्रेस लंबे समय से तमिलनाडु में सत्ता में हिस्सेदारी की मांग कर रही थी। पार्टी के कुछ नेताओं ने विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन सरकार की वकालत भी की थी। कांग्रेस का पहले DMK के साथ गठबंधन था। हालांकि, DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन ने चुनाव से पहले साफ कहा था कि तमिलनाडु में सत्ता साझेदारी का फॉर्मूला काम नहीं करेगा। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद 4 मई को कांग्रेस ने DMK गठबंधन छोड़कर विजय की अगुआई वाली सरकार को समर्थन देने का फैसला किया। कांग्रेस के पास फिलहाल 5 विधायक हैं। विजय के साथ 9 मंत्रियों ने शपथ लिया था विजय ने 10 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ 9 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी। तमिमनाडु चुनाव में विजय की पार्टी को 108 सीटें मिली थी।

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
Naxalites surrender
8 इनामी समेत 27 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 426 नक्सल घटनाओं में थे शामिल

रांची।  नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत झारखंड पुलिस और CRPF को बड़ी सफलता मिली है। झारखंड में पहली बार एक साथ 27 नक्सलियों ने भारी संख्या में हथियार के साथ सरेंडर किया है। सरेंडर करने वाले 27 नक्सलियों में 25 भाकपा माओवादी संगठन और दो जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के नक्सली शामिल है। सरेंडर करने वाले इन नक्सलियों में आठ नक्सलियों के ऊपर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित है। इन सभी नक्सलियों के खिलाफ कुल 426 नक्सल मामले दर्ज है। डीजीपी के समक्ष सरेंडर गुरुवार को झारखंड पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में डीजीपी तदाशा मिश्र, एडीजी अभियान, एडीजी मनोज कौशिक सीआरपीएफ आईजी साकेत सिंह, आईजी अभियान नरेंद्र सिंह ने इन सभी नक्सलियों को झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारियों के द्वारा आधिकारिक तौर पर सरेंडर कराया गया। ये पुलिस अधिकारी रहे मौजूद आईजी पंकज कंबोज, आईजी प्रभात कुमार, आईजी सुनील बंसल, आईजी असीम विक्रांत मिंज, आईजी अनूप बिरथरे, आईजी मयूर पटेल कन्हैयालाल, डीआईजी, इन्द्रजीत महथा, डीआईजी मनोज रतन चौथे, डीआईजी कार्तिक एस, शैलेंद्र वर्णवाल, एसएसपी राकेश रंजन, एसपी हरिश बिन जमा, एसपी श्री सौरभ समेत कई अधिकारी उपस्थित थे। नक्सलियों ने भारी मात्रा में हथियार पुलिस को सौंपे इस आत्मसमर्पण के साथ ही नक्सलियों ने भारी मात्रा में आधुनिक हथियार, मैगजीन और हजारों राउंड जिंदा कारतूस भी पुलिस को सौंपे हैं। जिनमें एक इंसास एलएमजी, पांच इंसास राइफल, नौ एसएलआर, एक बोल्ट एक्शन रायफल और एक पिस्टल शामिल है। इसके अलावा 31 मैगजीन और 2987 राउंड कारतूस भी इन नक्सलियों के द्वारा पुलिस को सौंपे गए है। सरेंडर करनेवाले नक्सलियों के रैंक – विशेष क्षेत्र समिति सदस्य: 07 – एरिया कमांडर: 07 – सक्रिय कैडर: 13 सरेंडर करने वाले भाकपा माओवादियों की सूची – करण तियू (निवासी गोइल केरा चाईबासा) एरिया कमिटी मेम्बर, 2 लाख इनामी, चाईबासा में 29 मामले दर्ज। – गादी मुण्डा उर्फ गुलशन (निवासी: बुण्डू, रांची), विशेष क्षेत्र समिति सदस्य, इनाम: 5 लाख रुपये, चाईबासा, सरायकेला, रांची और खूंटी मिलाकर कुल 48 मामले दर्ज। – नागेंद्र मुण्डा उर्फ प्रभात मुण्डा उर्फ मुखिया (निवासी: अड़की, खूंटी), विशेष क्षेत्र समिति सदस्य, इनाम: 5 लाख रुपये, चाईबासा और सरायकेला में कुल 38 मामले दर्ज। – रेखा मुण्डा उर्फ जयंती (निवासी: बुण्डू, रांची) विशेष क्षेत्र समिति सदस्य, इनाम: 5 लाख रुपये, चाईबासा और सरायकेला में कुल 18 मामले दर्ज। – सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल (निवासी: गोइलकेरा, चाईबासा), विशेष क्षेत्र समिति सदस्य, इनाम: 5 लाख रुपये, चाईबासा में रिकॉर्ड 123 मामले दर्ज। – दर्शन उर्फ बिंज हांसदा (निवासी: चाईबासा), विशेष क्षेत्र समिति सदस्य, चाईबासा में 14 मामले दर्ज। – सुलेमान हांसदा उर्फ सुनी हांसदा, (निवासी: छोटानगरा,चाईबासा),विशेष क्षेत्र समिति सदस्य, इनाम: 5 लाख रुपये, चाईबासा में 13 मामले दर्ज। – बासुमती जेराई उर्फ बासू (निवासी: किरीबुरू, चाईबासा), एरिया कॉमेडनर इनाम: 1 लाख रुपया, चाईबासा में 14 मामले दर्ज। – बैजनाथ मुण्डा: (निवासी: तमाड़, रांची), एरिया कमांडर चाईबासा में 4 मामले दर्ज। – रघु कायम उर्फ गुणा (निवासी: मुफसिल, चाईबासा), एरिया कमांडर, चाईबासा में 19 मामले दर्ज। – किशोर सिरका उर्फ दुर्गा सिरका: (निवासी: टोंटो, चाईबासा), एरिया कमांडर, चाईबासा में 11 मामले दर्ज। – राम दयाल मुण्डा: (निवासी: तमाड़, रांची), एरिया कमांडर रैंक, सरायकेला और चाईबासा में कुल चार मामले दर्ज। – इसके अलावा 13 अन्य सक्रिय कैडर्स ने भी आत्मसमर्पण किया है। इनमें वंदना उर्फ शांति, सुनिता सरदार, डांगुर बोइपाई, बसंती देवगम, मुन्नीराम मुण्डा, अनिशा कोड़ा उर्फ रानी, सपना उर्फ सुरू कालुंडिया, सुसारी उर्फ दसमा कालुंडिया, बिरसा कोड़ा उर्फ हरिसिंह, नुअस, बुमली तियू, निति माई उर्फ निति हेंब्रम और लादू तिरिया शामिल हैं। इन कैडर्स पर भी चाईबासा और अन्य थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।  JJMP के 1 इनामी समेत 2 नक्सलियों ने किया सरेंडरः – सचिन बैक: (अपर घाट, गुमला) 5 लाख का इनामी, 6 मामले गुमला में दर्ज है। – श्रवण गोप: (कलिगा, गुमला) 8 मामले गुमला में दर्ज है।   झारखंड में सक्रिय 3 भाकपा माओवादी नक्सली ने दूसरे राज्यों में किया सरेंडर – विश्वनाथ उर्फ संतोष उर्फ सिलाय: (निवासी: पूर्वी गोदावरी, आंध्र प्रदेश) – स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य चाईबासा में 13 मामले दर्ज है। इन्होंने तेलंगाना में सरेंडर किया। – पूनम उर्फ जोभा उर्फ भवानी उर्फ सुजाता: (पति: विश्वनाथ, निवासी: पूर्वी गोदावरी, आंध्र प्रदेश), रिजनल कमेटी सदस्य, चाईबासा में 11 मामले दर्ज।  इन्होंने भी तेलंगाना में सरेंडर किया। – समर दा उर्फ मधाई पात्रा: (निवासी: पश्चिम बंगाल) – जोनल कमेटी सदस्य, चाईबासा में 3 मामले दर्ज। एक सप्ताह पहले पश्चिम बंगाल में किया सरेंडर।                                                                                                                   झारखंड में सक्रिय 15 लाख इनामी महिला नक्सली बंगाल में गिरफ्तारः – 15 लाख इनामी बेला सरकार उर्फ आशा दी उर्फ दीपा सरकार: (पति: श्याम सिंकू, निवासी: नादिया मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल), रिजनल कमेटी सदस्य,चाईबासा में 3 मामले दर्ज।   बाकी बचे नक्सलियों से मुख्य धारा में लौटने की अपील पुलिस प्रशासन के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में कुख्यात नक्सलियों और शीर्ष कमेटी के सदस्यों का मुख्यधारा में लौटना माओवादी संगठन के लिए एक बहुत बड़ा झटका है। सरकार की आत्मसमर्पण नीति और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण नक्सली अब लगातार हथियार डाल रहे हैं। पुलिस ने अन्य भटके हुए नक्सलियों से भी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है।

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
Jharkhand police 90 days
झारखंडः पुलिस थानों को अब 90 दिनों में पूरा करना होगा अनुसंधान

रांची। झारखंड के पुलिस थानों को अब मामला दर्ज होने के बाद 60 से 90 दिनों में अनुसंधान पूरा करना होगा। राज्य में नए आपराधिक कानूनों को धरातल पर बेहतर तरीके से लागू करने के लिए पुलिस मुख्यालय अब सख्त हो गया है। डीजीपी द्वारा सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को इस संबंध में निर्देश जारी किया गया है।  आज की बैठक अहम आज यानी 21 मई को दोपहर तीन बजे पुलिस आईजी अभियान की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल ऑनलाइन समीक्षा बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में राज्य के नए आपराधिक कानूनों के परिप्रेक्ष्य में पुलिस की तैयारियों और बुनियादी ढांचे की समीक्षा की जाएगी। 5 मुख्य बिंदुओं पर होगी समीक्षा – मोबाइल फोनः नए कानूनों के तहत डिजिटल साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिसकर्मियों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की प्रगति की जांच होगी। – ई-साक्ष्य पोर्टल पर अपलोडिंग: डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए बनाए गए ‘ई-साक्ष्य’ ऐप और पोर्टल पर डेटा अपलोड करने की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की जाएगी। – 60 से 90 दिनों में जांच पूरी करना: नए कानूनों के प्रावधानों के तहत मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए पुलिस को 60 से 90 दिनों के भीतर अपनी जांच अनिवार्य रूप से पूरी करनी होगी, इसकी कार्ययोजना पर बात होगी। – हर जिले में CCTNS ऑपरेटर: क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (CCTNS) को सुचारू रूप से चलाने के लिए हर जिले में ऑपरेटरों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। – CCTNS में पुराने डेटा की एंट्री: पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और डेटा को डिजिटल सिस्टम में दर्ज करने को लेकर धनबाद एसएसपी द्वारा एक विशेष प्रेजेंटेशन दिया जाएगा।

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
DAV Kadru Principal
डीएवी कडरू के प्रिंसिपल एमके सिन्हा दोषी करार, 22 मई को सुनाई जायेगी सजा

रांची। सिविल कोर्ट ने गुरुवार को डीएवी स्कूल, कडरू के प्रिंसिपल एमके सिन्हा को दोषी करार दिया है। उन्हें कल शुक्रवार को सजा सुनाई जायेगी। मामले में अपर न्यायायुक्त अरविंद कुमार की अदालत ने फैसला सुनाया। नर्स ने लगाए थे गंभीर आरोप मामला मई 2022 का है, जिसमें स्कूल की एक महिला स्टाफ नर्स ने एमके सिन्हा पर गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़िता का आरोप था कि प्रिंसिपल बीपी चेक करने के बहाने उन्हें अपने कमरे में बुलाते थे और अश्लील हरकत करते थे। साथ ही शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव भी बनाते थे। इन आरोपों के आधार पर पीड़िता ने अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद एमके सिन्हा फरार हो गए थे। करीब चार दिनों तक फरार रहने के बाद पुलिस ने उन्हें जमशेदपुर के टेल्को थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हाईकोर्ट से मिली जमानत हुई रद्द बाद में 21 नवंबर 2022 को झारखंड हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी। फिर पीड़िता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर जमानत रद्द करने की मांग की।  मामले पर सुनवाई करते हुए 20 जून 2025 को हाईकोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद एमके सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी।  सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली बेल सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा और एक सप्ताह के भीतर निचली अदालत में सरेंडर करने का आदेश दिया था। आदेश के बाद उन्होंने सिविल कोर्ट में सरेंडर किया, जिसके बाद से वह जेल में बंद हैं।

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
Cockroach Janata Party
CJI के बयान के विरोध में बनी कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टाग्राम पर 6 दिन में 1.23 करोड़ फॉलोअर्स

बेंगलुरु, एजेंसियां। CJI सूर्यकांत के कॉकरोच वाले बयान के विरोध में बनी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के सोशल मीडिया पर 6 दिन में लाखों फॉलोअर हो गए हैं। गुरुवार दोपहर 12:30 बजे तक यह आंकड़ा इंस्टाग्राम पर 1.23 करोड़ तक पहुंच गया। इंस्टाग्राम पर भाजपा के 87 लाख और कांग्रेस के 1.33 करोड़ फॉलोअर्स हैं। एक्स ने बैन किया एकाउंट वहीं, X पर 12 बजे तक पार्टी के करीब 1 लाख 93 हजार फॉलोअर्स थे। लेकिन अब एक्स ने पार्टी के अकाउंट को भारत में बैन कर दिया है। इन्होंने बनाई पार्टी कॉकरोच जनता पार्टी महाराष्ट्र के अभिजीत दीपके ने बनाई है। इसका नारा है- ‘सेक्युलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक, लेजी।’ पार्टी के महज एक दिन में ही 40 लाख से ज्यादा फॉलोअर बढ़ चुके हैं। CJI ने बयान से किया इनकार दरअसल, 15 मई को कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि CJI सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी। CJI ने एक दिन बाद ही कहा कि उन्होंने ऐसा नहीं कहा। पार्टी की सदस्यता के लिए 4 योग्यताए पहली- बेरोजगारी। दूसरी- आलसी होना यानी डले रहो, पड़े रहो। तीसरी- ऑनलाइन रहने की लत। चौथी- प्रोफेशनली भड़ास निकालने की क्षमता। मैनिफेस्टो जारी, 5 वादे अगर CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी सरकार में आती है, तो रिटायरमेंट के बाद किसी भी CJI को राज्यसभा जाने का रिवॉर्ड नहीं मिलेगा। अगर कोई वैध वोट डिलीट किया जाएगा, तो मुख्य चुनाव आयुक्त को UAPA में गिरफ्तार किया जाएगा, क्योंकि किसी के वोटिंग का अधिकार छीनना आतंकवाद से कम नहीं। महिलाओं के लिए 50% का आरक्षण होगा, न कि 33%. इसके लिए सांसदों की संख्या भी नहीं बढ़ाई जाएगी। कैबिनेट में भी महिलाओं के लिए 50% आरक्षण होगा। अंबानी और अडाणी के सभी मीडिया संस्थानों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे, ताकि वास्तव में स्वतंत्र मीडिया को जगह मिल सके। गोदी मीडिया एंकरों के बैंक अकाउंट्स की जांच कराई जाएगी। अगर कोई विधायक या सांसद दलबदल कर दूसरी पार्टी में जाता है, तो उसके चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगाई जाएगी। उसे अगले 20 साल तक किसी भी पब्लिक ऑफिस में पद नहीं दिया जाएगा। अभिजीत AAP में काम कर चुके, बताया कैसे आया आइडिया  अभिजीत अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन की मास्टर डिग्री कर रहे हैं। वो 2020 से 2023 तक आम आदमी पार्टी (AAP) की सोशल मीडिया टीम में वॉलंटियर भी रह चुके हैं। उन्होंने BBC को बताया, 'मैं X पर CJI का बयान देख रहा था, जहां पर वो सिस्टम की आलोचना करने और राय देने के लिए देश के युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवियों से कर रहे थे। सोशल मीडिया पर मैंने इस पर अपनी राय दी। मैंने पूछा कि सब कॉकरोच एक साथ आ जाएं तो क्या होगा। मुझे Gen Z और 25 साल तक के युवाओं के कमाल के जवाब मिले। उन्होंने कहा कि हमें साथ आना चाहिए और एक प्लेटफॉर्म बनाना चाहिए। फिर क्या था मैंने CJP बना ली। 16 मई को CJI ने कॉकरोच वाले बयान पर सफाई दी चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने शनिवार को अपनी पैरासाइट और कॉकरोच वाली टिप्पणी पर सफाई दी। उन्होनें कहा, 'मेरी टिप्पणी खास तौर पर उन लोगों के लिए थी, जो फर्जी और नकली डिग्रियों के सहारे वकालत जैसे पेशों में आ गए हैं। मीडिया, सोशल मीडिया और दूसरे सम्मानित पेशों में भी ऐसे लोग घुस आए हैं। वे परजीवियों जैसे हैं।

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
Ranchi trains update
रांची रेल मंडल की 7 प्रमुख ट्रेनों में लगेंगे 20 अतिरिक्त कोच, टिकट मिलने में होगी आसानी

रांची। वेटिंग टिकट की लगातार बढ़ती संख्या और यात्रियों को कन्फर्म टिकट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रांची रेल मंडल ने बड़ी पहल की है। मंडल ने सात प्रमुख ट्रेनों में करीब 20 अतिरिक्त कोच स्थायी रूप से जोड़े जाएंगे।  स्थाई रूप से लगेंगे अतिरिक्त कोच अब तक त्योहारों या भीड़ के समय अतिरिक्त कोच अस्थायी रूप से लगाए जाते थे, लेकिन इस प्रस्ताव के लागू होने के बाद इन ट्रेनों में स्थायी तौर पर कोच बढ़ा दिए जाएंगे। लंबी वेटिंग की समस्या कम होगी रेल मंडल की ओर से तैयार प्रस्ताव के अनुसार विभिन्न ट्रेनों में थर्ड एसी, स्लीपर और एसी चेयर कार कोच बढ़ाए जाएंगे। इससे लंबी वेटिंग की समस्या कम होगी और यात्रियों को अधिक संख्या में कन्फर्म टिकट मिल सकेंगे। जल्द ही इसकी सेवा यात्रियों को मिलेगी। इन ट्रेनों में बढ़ाए गए हैं अतिरिक्त कोच प्रस्ताव के तहत 12877 रांची-नई दिल्ली गरीब रथ एक्सप्रेस में वर्तमान 20 एलएचबी कोच की जगह 21 कोच किए जाएंगे। इसमें एक अतिरिक्त थर्ड एसी कोच जोड़ा जाएगा। 18640 रांची-आरा एक्सप्रेस में वर्तमान 15 एलएचबी कोच की संख्या बढ़ाकर 20 की जाएगी। इसमें एक स्लीपर और चार थर्ड एसी कोच जोड़े जाएंगे। 18619 रांची-गोड्डा एक्सप्रेस में वर्तमान 20 आईसीएफ कोच की जगह 22 कोच किए जाएंगे। इसमें दो अतिरिक्त थर्ड एसी कोच लगाए जाएंगे।  18622 हटिया-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस में 21 एलएचबी कोच की संख्या बढ़ाकर 22 की जाएगी। इसमें एक अतिरिक्त स्लीपर कोच जोड़ा जाएगा।  रांची-गोड्डा वाया भागलपुर एक्सप्रेस में 21 कोच 18603 रांची-गोड्डा वाया भागलपुर एक्सप्रेस में वर्तमान 17 आईसीएफ कोच की जगह 21 कोच किए जाएंगे। इसमें एक स्लीपर और तीन थर्ड एसी कोच लगाए जाएंगे।  18631 रांची-चोपन एक्सप्रेस में 14 आईसीएफ कोच की संख्या बढ़ाकर 19 की जाएगी। इसमें चार थर्ड एसी और एक स्लीपर कोच बढ़ाने का प्रस्ताव है।  18635 रांची-सासाराम एक्सप्रेस में वर्तमान 14 आईसीएफ कोच की जगह 15 कोच किए जाएंगे। इसमें एक अतिरिक्त एसी चेयर कार कोच लगाया जाएगा।

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
Ranchi power supply
रांची में बिजली व्यवस्था सुधरेगी, नामकुम-कांके-हटिया ग्रिड की बढ़ेगी क्षमता

रांची। बिजली की समस्या से जूझ रही राजधानी रांची सुधार के प्रयास तेज हो गये हैं। बढ़ती गर्मी और लगातार बढ़ रही बिजली की मांग को देखते हुए बिजली विभाग अब ग्रिडों की क्षमता बढ़ाने जा रहा है। शहर के तीन बड़े ग्रिड स्टेशन नामकुम, कांके और हटिया की क्षमता बढ़ाई जा रही है। इससे आने वाले दिनों में लोगों को बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग जैसी समस्याओं से काफी राहत मिलेगी। रांची में तेजी से आबादी बढ़ रही है। नए अपार्टमेंट, कॉलोनियां और कमर्शियल बिल्डिंग लगातार बन रहे हैं। इसके साथ ही गर्मी बढ़ने पर AC, कूलर और दूसरे बिजली उपकरणों का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ा है। इसी वजह से शहर के कई इलाकों में बिजली ग्रिड पर दबाव बढ़ गया है। कई बार ओवरलोडिंग की वजह से फॉल्ट और बिजली बाधित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं।   तीन बड़े ग्रिड होंगे अपग्रेड बिजली विभाग की योजना के तहत नामकुम, कांके और हटिया ग्रिड स्टेशनों को अपग्रेड किया जाएगा। बताया जा रहा है कि इन ग्रिडों में ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाई जाएगी, ताकि ज्यादा लोड संभाला जा सके। मौजूदा समय में हटिया और नामकुम ग्रिड में 50 MVA क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर लगे हैं। अब इनमें से कुछ ट्रांसफॉर्मरों को 80 MVA क्षमता में अपग्रेड करने की तैयारी है। इससे कुल बिजली आपूर्ति क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या रांची के कई इलाकों में गर्मी के दिनों में लो-वोल्टेज की समस्या आम हो जाती है। लोगों को पंखा, कूलर और मोटर तक सही तरीके से नहीं चलने की शिकायत रहती है। ग्रिड की क्षमता बढ़ने के बाद बिजली सप्लाई ज्यादा स्थिर होगी। इससे ट्रिपिंग कम होगी और उपभोक्ताओं को बेहतर वोल्टेज मिलने की उम्मीद है। खासकर शाम के पीक आवर में राहत मिल सकती है। बिजली विभाग सिर्फ गर्मी ही नहीं, बल्कि आने वाले मानसून को देखते हुए भी तैयारी कर रहा है। बारिश के दौरान कई बार लाइन फॉल्ट और ओवरलोडिंग की दिक्कत बढ़ जाती है। ऐसे में पहले से ग्रिड मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। नामकुम, कांके और हटिया ग्रिड रांची शहर की बिजली व्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। इनकी क्षमता बढ़ने से राजधानी के लाखों घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा।

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
AJSU leaders attacked
धनबाद में AJSU नेताओं पर हमला, फायरिंग में छात्र नेता समेत कई घायल

धनबाद। धनबाद में आजसू नेताओं पर हमला हुआ है।  लोयाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत बांसजोड़ा में आजसू नेताओं की बैठक के दौरान अचानक हुए हमले से इलाके में सनसनी फैल गई। बैठक के बीच अज्ञात अपराधियों ने हमला बोल दिया जिसके बाद वहां अफरा-तफरी और भगदड़ की स्थिति बन गई। मिली जानकरी के अनुसार घटना के दौरान फायरिंग भी हुई जिसमें एक युवक घायल हो गया, जबकि कई कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई। बैठक के दौरान हुआ हमला हमले में आजसू छात्र नेता हीरालाल महतो समेत कई समर्थकों को चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि बैठक में हाल के दिनों में मिल रही धमकियों और इलाके में कथित कोयला कारोबार से जुड़े विवादों को लेकर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान हमला कर दिया गया। फायरिंग में घायल युवक की पहचान किशन रजवार के रूप में हुई है। उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और लोगों में दहशत देखी जा रही है। पुलिस कर रही मामले की जांच लोयाबाद थाना प्रभारी टीकू प्रसाद ने फायरिंग की घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस मामले की जांच में जुटी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया गया। ग्रामीण एसपी ने कहा कि हमले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और घटना के पीछे की वजहों की भी जांच की जा रही है। एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
JLKM protest for Aditi
लापता बच्ची अदिति के लिए JLKM का प्रदर्शन, सुरक्षित वापसी की मांग

रांची। राजधानी रांची के कोकर इलाके से 9 मई से लापता 18 माह की मासूम अदिति पांडेय की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर सदर थाना के समक्ष JLKM ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी ने सदर थाना प्रभारी कुलदीप कुमार के द्वारा एसएसपी राकेश रंजन के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में जेएलकेएम पार्टी के केन्द्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो, अदिति की माता अंकिता पांडेय,  पिता मनीष पांडेय और बड़ी संख्या में महिला, सामाजिक कार्यकर्ता, युवाओं एवं आम नागरिकों ने भाग लेकर मासूम बच्ची की सुरक्षित वापसी की मांग को बुलंद किया।  कानून व्यवस्था पर सवाल इस दौरान झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि पिछले 12  दिनों से एक 18 माह की मासूम बच्ची का लापता रहना अत्यंत गंभीर विषय है। यह केवल एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे समाज और कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल है

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
JTET 2026
JTET की आवेदन तिथि बढ़ी, अब 2 जून तक भरे जायेंगे फॉर्म

रांची। झारखंड अधिविद्य परिषद यानी JAC ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा JTET 2026 की आवेदन की तिथि बढ़ा दी है। इससे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। जैक ने अभ्यर्थियों की मांग और प्राप्त सुझावों को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 2 जून तक बढ़ा दी है। इससे उन उम्मीदवारों को अतिरिक्त समय मिलेगा, जो किसी कारणवश निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन नहीं कर सके थे। इससे पहले आवेदन प्रक्रिया 21 अप्रैल 2026 से शुरू की गई थी। जैक ने स्पष्ट किया है कि विज्ञापन संख्या 24/2026 की अन्य सभी शर्तें पूर्ववत लागू रहेंगी। वेबसाइट पर पूरी जानकारी परिषद ने अभ्यर्थियों से कहा है कि परीक्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी, आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दिशा-निर्देश JAC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। उम्मीदवार आवेदन करने से पहले सभी निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ लें, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि से बचा जा सके। परिषद की ओर से समय-समय पर जारी अपडेट पर नजर रखने की भी सलाह दी गई है। शिक्षा के साथ सह-शैक्षिक गतिविधियों पर भी जोर जारी सूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए खेल एवं सह-शैक्षिक गतिविधियों के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा रही है। शिक्षकों को भी विद्यार्थियों को इन गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया जा रहा है।

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
Dhanbad coal protest
धनबाद में अवैध कोयला खनन के खिलाफ ग्रामीणों ने  किया प्रदर्शन

धनबाद। धनबाद जिले के रामकनाली ओपी क्षेत्र स्थित केशलपुर में अवैध कोयला खनन के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव की मुखिया प्रेमलता कुमारी  के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अवैध खनन स्थलों पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने उन मुहानों को बंद करने की कोशिश की, जहां बोरे में बड़ी मात्रा में कोयला जमा किया गया था।   बमबाजी से फैली दहशत ग्रामीणों के विरोध से बौखलाए अवैध कोयला कारोबारियों ने इलाके में दहशत फैलाने के लिए बमबाजी की। इस घटना के बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया। गुस्साए ग्रामीणों ने कथित तौर पर मजदूरों को ढोने वाली एक ऑटो में तोड़फोड़ भी की। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।   भू-धंसान और हादसे का डर ग्रामीणों का कहना है कि अवैध कोयला खनन से उनके गांव का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। लगातार जमीन के नीचे से कोयला निकाले जाने के कारण भू-धंसान का खतरा बढ़ रहा है। लोगों ने आशंका जताई कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सोनारडीह के टंडाबाड़ी जैसी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की।   पुलिस और ग्रामीणों के बीच बहस अवैध खनन बंद कराने की मांग को लेकर ग्रामीण रामकनाली ओपी पहुंचे, जहां पुलिस जवानों और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस हुई। कुछ समय तक ओपी परिसर में हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। बाद में सूचना मिलने पर ओपी प्रभारी Alisha Kumari मौके पर पहुंचीं और लोगों को शांत कराया।   शिकायत के बाद कार्रवाई ग्रामीणों की लिखित शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अवैध उत्खनन पर रोक लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी। प्रशासन ने मामले की जांच और निगरानी बढ़ाने का आश्वासन दिया है।

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
JMM tribute Durga Soren
झामुमो ने स्व. दुर्गा सोरेन को दी श्रद्धांजलि

रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा के पूर्व महासचिव एवं युवा मोर्चा के संस्थापक स्वर्गीय दुर्ग सोरेन की 17वीं पुण्यतिथि दुर्गा सोरेन चौक रांची पर मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी के सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और स्व. सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की। मौके पर राज्यसभा सांसद महुआ माजी, पार्टी के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे, मुश्ताक आलम, अंतू तिर्की, उमेश यादव, रामशरण विश्वकर्मा, तारकेश्वर  महतो, वीरू साहू, अभय ढूंढो, सुनील टीका, शांति चामू, बाग कुजूर, पवन तिर्की, बिहारी गोप, उत्तम यादव एवं पवन जेडिया समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। 

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
Ragini Singh controversy
रागिनी सिंह पर टिप्पणी से धनबाद में बवाल, बीजेपी महानगर जिला अध्यक्ष श्रवण राय का फूंका पुतला

धनबाद। धनबाद में रागिनी सिंह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विधायक के समर्थकों और बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने रणधीर वर्मा चौक पर विरोध-प्रदर्शन करते हुए बीजेपी महानगर जिला अध्यक्ष श्रवण राय का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने उनके इस्तीफे की मांग भी की।   प्रदर्शन के दौरान लगे तीखे नारे विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। “श्रवण राय हाय-हाय”, “महिला सम्मान से खिलवाड़ बंद करो” और “रागिनी सिंह के सम्मान में हम सब मैदान में” जैसे नारों से रणधीर वर्मा चौक गूंज उठा। समर्थकों का आरोप है कि श्रवण राय ने सार्वजनिक मंच से महिला जनप्रतिनिधि के खिलाफ अनुचित टिप्पणी की, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।   आभार यात्रा के दौरान हुई थी कथित टिप्पणी जानकारी के अनुसार, सांसद ढुल्लू महतो की आभार यात्रा के दौरान श्रवण राय ने कथित रूप से रागिनी सिंह पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद से ही विधायक समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई थी। मंगलवार को इसी विरोध के तहत बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए।   महिला नेताओं ने जताई नाराजगी प्रदर्शन में शामिल बीजेपी नेता रश्मि  और सुनीता साहू ने कहा कि महिलाओं के सम्मान से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रागिनी सिंह लगातार क्षेत्र की समस्याओं को उठाती रही हैं और विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।   कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी समर्थकों ने बीजेपी नेतृत्व से मांग की कि श्रवण राय सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और उन्हें जिलाध्यक्ष पद से हटाया जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस घटना के बाद बीजेपी संगठन के भीतर भी हलचल तेज हो गई है।

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
Bihar ASI 2026
बिहार में ASI के 22 पदों पर वैकेंसी, फीस 100 रुपए

पटना, एजेंसियां। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर के 22 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पदों का विवरण: जनरल    8 आर्थिक रूप से कमजोर    2 एससी    3 एसटी    1 अत्यंत पिछड़ा वर्ग    4 पिछड़ा वर्ग    3 पिछड़ वर्ग की महिलाएं    1 कुल पदों की संख्या    22 शैक्षणिक योग्यता: मान्यता प्राप्त पॉलिटेक्निक संस्थान से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी या इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स में तीन वर्षीय डिप्लोमा होना जरूरी है। शारीरिक योग्यता: हाइट : सामान्य, पिछड़ा वर्ग (पुरुष) : न्यूनतम : 165 सेमी अत्यंत पिछड़ा वर्ग, एससी, एसटी (पुरुष) : 160 सेमी सभी वर्गों की महिलाएं : 155 सेमी सीना (केवल पुरुष): सामान्य, बीसी, ईबीसी : 81-86 सेमी एससी, एसटी : 79-84 सेमी वजन: सभी वर्ग की महिलाओं के लिए न्यूनतम वजन 48 किलोग्राम उम्र सीमा : सामान्य (पुरुष) : 21 - 37 साल सामान्य (महिला) : 21 - 40 साल पिछड़ा/अत्यंत पिछड़ा वर्ग (पुरुष व महिला) : 21 - 40 साल अनुसूचित जाति/जनजाति (पुरुष व महिला) : 21 - 42 साल चयन प्रक्रिया: प्रीलिम्स एग्जाम मेन्स एग्जाम फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट सैलरी : लेवल - 5 के अनुसार फीस : सभी के लिए 100 रुपए क्वालिफाइंग मार्क्स : सामान्य : न्यूनतम 50% अंक एससी, एसटी : 45% अंक परीक्षा प्रणाली : प्रीलिम्स एग्जाम : मार्क्स : 100 अंक ड्यूरेशन : 2 घंटे क्वेश्चन टाइप : ऑब्जेक्टिव सब्जेक्ट : जनरल नॉलेज, टेक्निकल सब्जेक्ट क्वेश्चन नंबर : जनरल नॉलेज : 40 टेक्निकल सब्जेक्ट : 60 मेन्स एग्जाम : पेपर नंबर : 2 पहला पेपर : सामान्य भाषा ज्ञान (हिंदी और अंग्रेजी) दूसरा पेपर : टेक्निकल सब्जेक्ट : 100 निगेटिव मार्किंग : 0.2 अंक ऐसे करें आवेदन : BPSSC की ऑफिशियल वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in पर जाएं। होमपेज पर ASI (Technical) Recruitment 2026 लिंक खोलें। नए उम्मीदवार पहले रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी करें। रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करें। आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही भरें। फोटो, सिग्नेचर और जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। आवेदन शुल्क ऑनलाइन माध्यम से जमा करें। फॉर्म सब्मिट करने से पहले सभी डिटेल्स चेक करें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें।

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
Air Force CAT 2026
Air Force CAT 2026

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय वायुसेना ने एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 20 मई 2026 से शुरू हो गई है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट afcat.cdac.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। शैक्षणिक योग्यता: ग्राउंड ड्यूटी टेक्निकल ब्रांच : 60% अंकों के साथ एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग (इलेक्ट्रॉनिक्स) की डिग्री। फ्लाइंग ब्रांच: 50% अंकों के साथ 12वीं पास (मैथमेटिक्स और फिजिक्स) या 60% अंकों के साथ तीन वर्षीय ग्रेजुएशन की डिग्री या 60% अंकों के साथ बीई, बीटेक की डिग्री उम्र सीमा: आयु की गणना 01 जुलाई, 2027 के आधार पर की जाएगी। ग्राउंड ड्यूटी टेक्निकल, नॉन-टेक्निकल ब्रांच : न्यूनतम : 20 साल अधिकतम : 26 साल फीस: जो उम्मीदवार एनसीसी स्पेशल एंट्री और गेट परीक्षा के जरिये आवेदन कर रहे हैं, उनसे फीस नहीं ली जाएगी। अन्य : 550 रुपए चयन प्रक्रिया : रिटन एग्जाम एसएसबी इंटरव्यू डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल एग्जाम वेतन : रैंक    पे स्केल फ्लाइंग ऑफिसर    56,100 – 1,77,500 रुपए प्रतिमाह फ्लाइट लेफ्टिनेंट    6,13,00-1,93,900 रुपए प्रतिमाह विंग कमांडर    1,21,200 – 2,12400 रुपए प्रतिमाह ग्रुप कैप्टन    1,30,600-2, 15,900 रुपए प्रतिमाह एयर कमोडोर    1,39,600-2,17,600 रुपए प्रतिमाह एयर वाइस मार्शल    . 1,44,200-2,18,200 रुपए प्रतिमाह एयर मार्शल HAG स्केल    1, 82, 200-2,24,100 रुपए प्रतिमाह HAG + स्केल    2,05,400 – 2,24,400 रुपए प्रतिमाह VACS/एयरफोर्स कैडर/ एयर मार्शल (NFSG)    2,25,000 रुपए प्रतिमाह CAS    2,50,000 रुपए प्रतिमाह स्क्वाड्रन लीडर    6,94,00 – 2,07,200 रुपए प्रतिमाह परीक्षा पद्धति: एग्जाम का नाम    निगेटिव मार्किंग    सब्जेक्ट    मार्क्स    टाइम लिमिट AFCAT 2 Exam 2026    1 अंक काटा जाएगा।     जनरल अवेयरनेस वर्बल एबिलिटी इन इंग्लिश न्यूमेरिकल एबिलिटी रीजनिंग एवं मिलिट्री एप्टीट्यूड टेस्ट अधिकतम अंक : 300    ड्यूरेशन : 2 घंटे सिलेबस : इंग्लिश : comprehension cloze test synonyms and antonyms idioms and phrases Error spotting जनरल नॉलेज : इंडियन हिस्ट्री पॉलिटी इकोनॉमिक्स जियोग्राफी फिजिक्स केमेस्ट्री बायोलॉजी करेंट अफेयर्स रीजनिंग : सीरिज वेन डायग्राम सिलॉजिस्म ब्लड रिलेशन नॉन वर्बल क्वेश्चन वर्बल रीजनिंग मिलिट्री एप्टीट्यूड क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड : नंबर सिस्टम एचसीएफ एलसीएम टाइम डिस्टेंस एंड स्पीड टाइम एंड वर्क रेशो एंड प्रपॉर्शन पर्सेंटेज एवरेज सिंपल इनटरेस्ट एंड कंपाउंड इनटरेस्ट पाइप्स एंड सिस्टर्न ऐसे करें आवेदन: AFCAT की वेबसाइट afcat.cdac.in पर जाएं। होम पेज पर दिख रहे IAF AFCAT 2 2024 लिंक पर क्लिक करें। फॉर्म में मांगी गई जानकारियां भरें। सभी डॉक्यूमेंट्स स्कैन करके अपलोड करें। फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट कर दें। फॉर्म का प्रिंटआउट निकाल कर रखें।

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
IPL 2026
IPL 2026-कोलकाता ने मुंबई को 4 विकेट से हराया  मनीष ने 45 रन बनाए, ग्रीन, कार्तिक और दुबे को 2-2 विकेट

कोलकाता, एजेंसियां। कोलकाता नाइट राइडर्स ने IPL 2026 में लगातार दूसरी जीत दर्ज की। टीम ने मुंबई इंडियंस को 4 विकेट से हराया। इस जीत के साथ कोलकाता की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें बनी हुई हैं। टीम 13 मैचों में 6 जीत, 6 हार और एक बेनतीजा मैच के साथ 13 पॉइंट्स लेकर छठे स्थान पर पहुंच गई है। बुधवार को ईडन गार्डन्स में कोलकाता ने टॉस जीतकर बॉलिंग चुनी। बारिश के कारण मैच में एक घंटे की देरी हुई। मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 147 रन बनाए। कॉर्बिन बॉश ने 18 गेंदों पर नाबाद 32 रन बनाए। कप्तान हार्दिक पंड्या ने 26 रन का योगदान दिया। कोलकाता की ओर से कैमरन ग्रीन, सौरभ दुबे और कार्तिक त्यागी ने 2-2 विकेट लिए। सुनील नरेन को एक सफलता मिली। कोलकाता ने 6 विकेट खो कर जीत दर्ज की 148 रन के जवाब में कोलकाता ने 18.5 ओवर में 6 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। टीम ने 54 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे। यहां से मनीष पांडे और रोवमन पॉवेल ने 47 गेंदों पर 64 रन की साझेदारी कर मैच कोलकाता की ओर मोड़ दिया। मनीष ने 45 रन बनाए और 6 चौके लगाए। पॉवेल ने 40 रन की पारी में 4 चौके और 2 सिक्स लगाए।

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
Vande Mataram mandatory in west bengal
पश्चिम बंगाल के सभी मदरसों में 'वंदे मातरम' गाना अनिवार्य

कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी मदरसों में 'वंदे मातरम' गाना अनिवार्य कर दिया है। 19 मई को जारी आदेश के मुताबिक, यह नियम सरकारी मॉडल मदरसों, सरकारी सहायता प्राप्त और बिना सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त मदरसों पर तुरंत लागू होगा। नए आदेश के बाद अब क्लास शुरू होने से पहले सुबह की प्रार्थना सभा (असेंबली) में वंदे मातरम गाना जरूरी होगा। इससे पहले मदरसों में सुबह की प्रार्थना के दौरान राष्ट्रगान 'जन गण मन' और कवि गुलाम मुस्तफा की 'अनंत असीम प्रेममय तुमी' (बांग्ला गीत) गाई जाती थी। अब सभी मदरसों को इस आदेश को लागू करने के बाद इसकी रिपोर्ट भी विभाग को सौंपनी होगी।

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi मई 15, 2026 0