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women cricket T20I
महिला क्रिकेट को मिला नया प्लेटफॉर्म, T20I चैलेंज ट्रॉफी शुरू

रांची। International Cricket Council (ICC) ने महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पहली बार वूमेन्स T20I चैलेंज ट्रॉफी के आयोजन की घोषणा की है। यह टूर्नामेंट 18 अप्रैल 2026 से 1 मई 2026 तक रवांडा की राजधानी Kigali में आयोजित किया जाएगा। प्रतियोगिता के सभी मुकाबले गाहांगा क्रिकेट स्टेडियम के दो मैदानों पर खेले जाएंगे।   कुल पांच टीमें  लेंगी हिस्सा इस टूर्नामेंट में कुल पांच टीमें हिस्सा लेंगी नेपाल, अमेरिका, इटली, रवांडा और वानुआतु। प्रतियोगिता की शुरुआत 18 अप्रैल को दो मुकाबलों से होगी, जिसमें मेजबान रवांडा का सामना इटली से होगा, जबकि दूसरे मैच में नेपाल और अमेरिका आमने-सामने होंगे। वानुआतु को पहले दिन बाय मिलेगा, लेकिन इसके बाद टीम लगातार मैच खेलेगी। यह टूर्नामेंट डबल राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेला जाएगा, यानी हर टीम एक-दूसरे से दो-दो बार भिड़ेगी। इससे खिलाड़ियों को ज्यादा मैच खेलने का मौका मिलेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव हासिल करने में मदद मिलेगी। ICC का उद्देश्य खासकर एसोसिएट सदस्य देशों की महिला टीमों को मंच देना है, ताकि वे भविष्य के बड़े टूर्नामेंट के लिए खुद को तैयार कर सकें। अगर मजबूत दावेदारों की बात करें, तो नेपाल और अमेरिका को इस प्रतियोगिता में प्रमुख टीमों के रूप में देखा जा रहा है। नेपाल इस टूर्नामेंट की सबसे उच्च रैंकिंग वाली टीम है, जबकि वानुआतु ने भी हाल के समय में शानदार प्रदर्शन किया है।   यह नया टूर्नामेंट महिला क्रिकेट के विकास के अहम  ICC पहले ही महिला क्रिकेट के विस्तार के लिए कई कदम उठा चुका है। बोर्ड ने 2026 के महिला T20 वर्ल्ड कप में टीमों की संख्या 12 करने और 2030 तक इसे 16 तक बढ़ाने की योजना बनाई है। ऐसे में यह नया टूर्नामेंट महिला क्रिकेट के विकास की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है, जो उभरती प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में मदद करेगा।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
World Liver Day
World Liver Day: जानिए लिवर के बारे में सच और झूठ का फर्क

नई दिल्ली, एजेंसियां।  हर साल World Liver Day के मौके पर लोगों को लिवर की सेहत के प्रति जागरूक किया जाता है। इस बार भी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लिवर से जुड़ी बीमारियों से ज्यादा खतरनाक उससे जुड़े मिथक और गलत धारणाएं हैं, जो लोगों को सही इलाज से दूर कर देती हैं।   बढ़ रही हैं लिवर से जुड़ी बीमारियां खराब खानपान, शराब का सेवन, मोटापा और सुस्त जीवनशैली के कारण आजकल कम उम्र के लोग भी फैटी लिवर, हेपेटाइटिस और सिरोसिस जैसी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में जागरूकता बेहद जरूरी हो गई है।   1: डिटॉक्स ड्रिंक्स से लिवर साफ होता है विशेषज्ञों के अनुसार, लिवर खुद ही शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सक्षम होता है। इसके लिए किसी विशेष डिटॉक्स डाइट या ड्रिंक की जरूरत नहीं होती। संतुलित आहार ही सबसे बेहतर उपाय है।    2: केवल शराब से ही लिवर खराब होता है यह पूरी तरह सही नहीं है। शराब के अलावा संक्रमण, ऑटोइम्यून बीमारियां और गलत खानपान भी लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।   3: लक्षण तुरंत दिखाई देते हैं लिवर की बीमारी अक्सर देर से सामने आती है। जब तक लक्षण जैसे पीलिया, थकान या पेट दर्द दिखते हैं, तब तक काफी नुकसान हो चुका होता है।    4: सप्लीमेंट्स से बचाव संभव है डॉक्टरों का कहना है कि कोई भी सप्लीमेंट लिवर को पूरी तरह सुरक्षित नहीं रख सकता। कई सप्लीमेंट्स उल्टा नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।   सही आदतें ही असली इलाज विशेषज्ञों के मुताबिक, स्वस्थ लिवर के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर जांच ही सबसे प्रभावी उपाय हैं। जागरूक रहना और मिथकों से दूर रहना ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
JAC 9th result 2026
JAC 9वीं रिजल्ट जारी, 99.17% छात्र पास; बेटियों का शानदार प्रदर्शन

रांची। JAC ने कक्षा 9वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का परिणाम जारी कर दिया है। इस साल रिजल्ट बेहद शानदार रहा, जहां कुल 99.17% छात्र सफल घोषित किए गए। परीक्षा में राज्यभर से 4,10,258 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 4,06,883 छात्रों ने सफलता हासिल की।   बेटियों ने फिर मारी बाजी इस वर्ष भी छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया है। छात्राओं का पास प्रतिशत 99.22% रहा, जबकि छात्रों का 99.12% दर्ज किया गया। यह लगातार दूसरा साल है जब बेटियों ने परीक्षा में अपनी श्रेष्ठता साबित की है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार का कुल परिणाम भी बेहतर रहा है।   जिलों में बोकारो नंबर-1 जिलावार प्रदर्शन की बात करें तो बोकारो 99.63% सफलता दर के साथ राज्य में पहले स्थान पर रहा। इसके बाद कोडरमा और हजारीबाग का स्थान रहा। वहीं, सिमडेगा जिले का प्रदर्शन सबसे कम रहा, जहां 98.20% छात्र ही पास हो सके।   प्रमंडलवार आंकड़े भी बेहतर प्रमंडल स्तर पर उत्तरी छोटानागपुर 99.45% के साथ सबसे आगे रहा। इसके बाद संताल परगना (99.42%), पलामू (99.11%), कोल्हान (99.05%) और दक्षिणी छोटानागपुर (99.02%) का स्थान रहा।   OMR शीट पर हुई थी परीक्षा यह परीक्षा मार्च के पहले सप्ताह में OMR शीट के माध्यम से आयोजित की गई थी। रिजल्ट जारी करते समय JAC अध्यक्ष और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।   शिक्षा के स्तर में सुधार का संकेत इस शानदार परिणाम को राज्य में शिक्षा के स्तर में सुधार का संकेत माना जा रहा है। उच्च सफलता दर से छात्रों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल है।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
CCTV tender scam rumours
झारखंड : थानों में CCTV लगाने के नाम पर घोटाले की आहट, टेंडर पर उठे सवाल

रांची। झारखंड में थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। करीब 100 से 115 करोड़ रुपये की इस परियोजना में कथित अनियमितताओं और बंदरबांट की आशंका जताई जा रही है। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया को इस तरह तैयार किया गया है कि केवल एक खास कंपनी को लाभ मिल सके।जानकारी के अनुसार, इस योजना के लिए पहले भी दो बार टेंडर जारी किए गए थे, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण दोनों बार रद्द करना पड़ा। अब तीसरी बार टेंडर जारी किया गया है, लेकिन इस बार भी शर्तों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि टेंडर में ऐसे नियम शामिल किए गए हैं, जिससे बड़ी कंपनियां भी प्रक्रिया में भाग नहीं ले पा रही हैं।   जैप आईटी विभाग पर उठे सवाल टेंडर प्रक्रिया को लेकर जैप आईटी विभाग विवादों में आ गया है। पहले इसे झारखंड ई-प्राक्योरमेंट पोर्टल पर अपलोड किया गया, जबकि इसे जेम पोर्टल पर होना चाहिए था। बाद में इसे जेम पोर्टल पर डाला गया, लेकिन शर्तें सामने आते ही पूरे मामले पर संदेह गहरा गया।   10 हजार कैमरे लगाने की योजना इस योजना के तहत राज्य के विभिन्न थानों में करीब 10 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। इसमें डोम और बुलेट कैमरे शामिल हैं। इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस समेत कुल खर्च 115 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।   बाबूलाल मरांडी ने जताई बड़ी आशंका पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस टेंडर में भारी अनियमितता और कमीशनखोरी का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह घोटाला शराब घोटाले से भी बड़ा साबित हो सकता है।   सरकार की छवि पर सवाल इस पूरे मामले ने एक बार फिर सरकारी कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
TCS Nashik Case
TCS Nashik Case: TCS नासिक केस में बड़ा खुलासा,संगठित ‘मॉड्यूल’ के तहत हुआ उत्पीड़न

मुंबई, एजेंसियां। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस  ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि यौन उत्पीड़न और धार्मिक दबाव जैसे आरोप बेहद गंभीर हैं और ये अलग-अलग घटनाएं नहीं, बल्कि एक सुनियोजित “मॉड्यूल” के तहत अंजाम दिए गए। इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है।   महिला कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप मामले में महिला कर्मचारियों ने 2022 से मार्च 2026 के बीच यौन उत्पीड़न, पीछा करने और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। साथ ही कुछ कर्मचारियों पर धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ व्यवहार करने के लिए दबाव बनाने की बात भी सामने आई है। इन शिकायतों के आधार पर कई एफआईआर दर्ज की गई हैं।   कंपनी ने जांच में दिया पूरा सहयोग मुख्यमंत्री फडणवीस ने Tata Consultancy Services के रवैये की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी ने आरोपियों को बचाने के बजाय जांच एजेंसियों का पूरा सहयोग किया है। उन्होंने कहा कि कंपनी का यह कदम कॉर्पोरेट जवाबदेही की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण है।   पुलिस जांच में जुटी, कई गिरफ्तार नासिक पुलिस सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल कम्युनिकेशन की जांच कर रही है, ताकि इस कथित मॉड्यूल में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके। अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें कुछ वरिष्ठ कर्मचारी और एक एचआर अधिकारी भी शामिल हैं। इन पर आंतरिक शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप है।   केंद्रीय एजेंसियों की मदद संभव सीएम ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और जरूरत पड़ने पर केंद्रीय एजेंसियों की मदद भी ली जाएगी। साथ ही आईटी हब में कार्यस्थल की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
BJP protest Jharkhand
बिजली दर बढ़ोतरी पर भाजपा का JBVNL कार्यालय पर धरना

रांची। झारखंड में बिजली दरों में बढ़ोतरी और खराब आपूर्ति व्यवस्था के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को राज्यव्यापी प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालयों में झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के कार्यालयों के बाहर धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। राजधानी रांची में डोरंडा स्थित JBVNL कार्यालय के सामने भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे।   नेताओं ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप रांची में आयोजित प्रदर्शन का नेतृत्व विधायक सीपी सिंह और मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने किया। इस दौरान सीपी सिंह ने आरोप लगाया कि राजधानी में 24 घंटे बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है और आम जनता बिजली संकट से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि वीआईपी और अधिकारियों को प्राथमिकता देकर आम लोगों की अनदेखी की जा रही है।   स्मार्ट मीटर और बिलिंग पर उठे सवाल नवीन जायसवाल ने कहा कि स्मार्ट मीटर लागू होने के बाद बिजली बिल में अनियमितता बढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं से जबरन वसूली की जा रही है और शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। बिजली कनेक्शन काटे जाने की घटनाओं से लोग और परेशान हो रहे हैं।   कई जिलों में हुआ प्रदर्शन यह आंदोलन केवल रांची तक सीमित नहीं रहा। खूंटी, गुमला, लोहरदगा, जमशेदपुर, पलामू, गढ़वा, कोडरमा, धनबाद, बोकारो, देवघर, दुमका और पाकुड़ सहित कई जिलों में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।   आगे उग्र आंदोलन की चेतावनी भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली आपूर्ति और बिलिंग व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि सरकार को जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेना होगा, अन्यथा विरोध और व्यापक रूप ले सकता है।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
Garhwa riot news
गढ़वा बवाल में बड़ी कार्रवाई, 80 नामजद समेत 400 पर केस

गढ़वा। झारखंड के गढ़वा जिले के महुलिया मोड़ पर गुरुवार शाम एक सड़क हादसे के बाद हालात बेकाबू हो गए। ट्रैक्टर की चपेट में आने से दो लोगों की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। देखते ही देखते आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग जुट गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।   पुलिस पर पथराव, 25 से अधिक जवान घायल सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ का गुस्सा शांत नहीं हुआ। इसी दौरान कुछ लोगों ने अचानक पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस घटना में 25 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई जवानों को गंभीर चोटें आई हैं।   लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग से हालात काबू स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को पहले हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। लेकिन जब भीड़ और उग्र हो गई, तो लाठीचार्ज किया गया। इसके बाद भी स्थिति नहीं संभलने पर पुलिस ने हवाई फायरिंग की, जिसके बाद भगदड़ मच गई और भीड़ तितर-बितर हो गई।   80 नामजद, 400 अज्ञात के खिलाफ केस घटना के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 80 लोगों को नामजद और 400 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही घटनास्थल से 24 बाइक जब्त की गई हैं, जिनके आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।   एसपी ने संभाला मोर्चा, हालात सामान्य घटना की जानकारी मिलते ही एसपी अमन कुमार मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। फिलहाल इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और हालात सामान्य बताए जा रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि वीडियो फुटेज के आधार पर जल्द ही और गिरफ्तारियां की जाएंगी।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
Parliament heated debate
संसद में महिला आरक्षण पर तीखी बहस, राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना

नई दिल्ली, एजेंसियां। नई दिल्ली में संसद के विशेष सत्र के दौरान लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयकों पर जोरदार चर्चा हुई। इस बहस में विपक्ष के नेता राहुल गांधी  ने सरकार पर तीखे सवाल उठाए, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों से विधेयक के समर्थन की अपील की।   राहुल गांधी का सरकार पर हमला लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार जातीय जनगणना के मुद्दे को नजरअंदाज कर रही है और इसे प्रतिनिधित्व से अलग करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि “संविधान से ऊपर मनुवाद” की सोच अपनाई जा रही है और यह कदम सामाजिक न्याय के खिलाफ है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि पेश किए गए विधेयक एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों के हितों के खिलाफ हैं और सरकार सत्ता पर कब्जा बनाए रखने की रणनीति अपना रही है।   महिला आरक्षण बिल पर उठे सवाल राहुल गांधी ने सरकार से 2023 के महिला आरक्षण विधेयक को दोबारा लाने की मांग की और कहा कि विपक्ष इसे तुरंत लागू कराने में सहयोग करेगा। उनका कहना था कि वर्तमान प्रस्ताव में कई अहम मुद्दों को नजरअंदाज किया गया है, खासकर पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व को लेकर।   पीएम मोदी ने मांगा सर्वदलीय समर्थन वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण विधेयक का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण देश के लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है और इससे महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।   आगे भी जारी रहेगी बहस संसद में इस मुद्दे पर चर्चा अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी नेताओं के विचार सामने आने की उम्मीद है। यह बहस न केवल राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक प्रतिनिधित्व और लोकतांत्रिक ढांचे के भविष्य को भी प्रभावित कर सकती है।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
Ranchi airport flights
रांची एयरपोर्ट से बढ़ीं उड़ानें, मुंबई-दिल्ली-हैदराबाद के लिए अतिरिक्त उड़ानों का ऐलान

रांची। रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। बढ़ती यात्रियों की संख्या और समर सीजन को देखते हुए मई महीने से अतिरिक्त उड़ानों का संचालन शुरू होगा। इससे खासकर मुंबई, नई दिल्ली और हैदराबाद जाने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।   इंडिगो और एयर इंडिया बढ़ा रही सेवाएं IndiGo मुंबई रूट पर 1 मई से 29 मई तक विशेष समर फ्लाइट चलाएगी। यह सेवा सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को उपलब्ध रहेगी। वहीं Air India ने भी रांची से मुंबई, दिल्ली और हैदराबाद के लिए अतिरिक्त उड़ानें शुरू करने का निर्णय लिया है। ये उड़ानें अलग-अलग समय स्लॉट में संचालित होंगी, जिससे यात्रियों को सुविधा अनुसार विकल्प मिल सकेगा।   समय और सुविधा का बेहतर संतुलन नई व्यवस्था के तहत मुंबई के लिए शाम के समय, दिल्ली के लिए सुबह और हैदराबाद के लिए दोपहर में सीधी उड़ान उपलब्ध होगी। इससे बिजनेस ट्रैवलर्स और आपात यात्रा करने वाले लोगों को खास फायदा होगा। यात्रियों को अब ज्यादा फ्लेक्सिबल टाइमिंग और बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।   गर्मी की छुट्टियों में बढ़ती मांग का असर गर्मी की छुट्टियों के दौरान यात्रियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होती है। ऐसे में अतिरिक्त उड़ानों से टिकट की उपलब्धता बेहतर होगी और किराए में भी संतुलन बने रहने की उम्मीद है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।   मजबूत होगा रांची का हवाई नेटवर्क नई उड़ानों के शुरू होने से रांची का हवाई नेटवर्क और मजबूत होगा। इससे राज्य के यात्रियों को देश के प्रमुख शहरों तक पहुंचने के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे। यह कदम न केवल यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास और कनेक्टिविटी को भी नई दिशा देगा।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
Andaman Sea refugees
अंडमान सागर बना मौत का रास्ता, अवैध प्रवास में हर साल डूब रहे हजारों शरणार्थी

श्री विजयपुरम, एजेंसियां। अंडमान सागर में हाल ही में हुई नाव दुर्घटना ने एक बार फिर अवैध समुद्री प्रवास की भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, मलेशिया की ओर जा रही एक नाव के पलटने से करीब 250 लोग लापता हो गए हैं, जिनमें अधिकांश रोहिंग्या शरणार्थी और बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। यह घटना इस खतरनाक रूट पर लगातार बढ़ते जोखिम को दर्शाती है।   म्यांमार से पलायन और शरणार्थी संकट 2017 में म्यांमार के रखाइन प्रांत में सैन्य कार्रवाई के बाद लाखों रोहिंग्या मुसलमानों को अपने घर छोड़ने पड़े। 1982 के नागरिकता कानून के कारण पहले से ही अधिकारों से वंचित इस समुदाय को व्यापक हिंसा का सामना करना पड़ा। इसके बाद 10 लाख से अधिक लोग बांग्लादेश, भारत, मलेशिया और थाईलैंड जैसे देशों में शरण लेने को मजबूर हुए। आज भी लाखों शरणार्थी बांग्लादेश के कॉक्स बाजार स्थित कुटुपालोंग जैसे विशाल कैंपों में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रहे हैं।   तस्करी नेटवर्क और ‘घोस्ट शिप’ का खतरनाक खेल अवैध प्रवास का यह नेटवर्क बेहद संगठित और खतरनाक है। तस्कर बांग्लादेश के टेकनाफ क्षेत्र से शरणार्थियों को छोटी नावों में बैठाकर समुद्र के रास्ते भेजते हैं। आगे चलकर उन्हें बड़ी मछली पकड़ने वाली नावों में ठूंस दिया जाता है। समुद्र में पहुंचने के बाद तस्कर जहाजों के ट्रैकिंग सिस्टम (AIS) को बंद कर देते हैं, जिसे ‘गोइंग डार्क’ कहा जाता है। इससे जहाज पूरी तरह रडार से गायब हो जाते हैं और किसी दुर्घटना की स्थिति में बचाव लगभग असंभव हो जाता है।   हर पांच में से एक व्यक्ति मौत या लापता 2025-2026 के आंकड़े बताते हैं कि इस खतरनाक यात्रा में हर पांच में से एक व्यक्ति या तो मारा जाता है या लापता हो जाता है। पिछले साल ही 600 से अधिक मौतों की पुष्टि हुई, जबकि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। 2014 से अब तक दुनिया भर में समुद्री प्रवास के दौरान 36,000 से ज्यादा लोगों की मौत दर्ज की गई है, जिनमें सबसे ज्यादा हादसे भूमध्य सागर में हुए हैं।   दुनिया की बड़ी समुद्री त्रासदियां इतिहास में भी कई भयावह घटनाएं दर्ज हैं, जैसे 2015 में भूमध्य सागर में 800 से अधिक लोगों की मौत, 2023 में ग्रीस के पास 650 शरणार्थियों की जान जाना, और 2001 में ऑस्ट्रेलिया के रास्ते SIEV-X नाव हादसा जिसमें 353 लोगों की मौत हुई थी।   समाधान की जरूरत विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक शरणार्थियों के लिए सुरक्षित और कानूनी रास्ते नहीं बनाए जाएंगे, तब तक लोग इन खतरनाक मार्गों का सहारा लेते रहेंगे। अंडमान सागर आज केवल एक जलमार्ग नहीं, बल्कि हजारों मजबूर जिंदगियों के लिए मौत का रास्ता बन चुका है।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
Jharkhand Home Guard
झारखंड में होमगार्ड भुगतान नियम बदले, बिना वेरिफिकेशन नहीं मिलेगा पैसा

रांची। झारखंड में होमगार्ड जवानों के कर्तव्य भत्ते (ड्यूटी अलाउंस) के भुगतान को लेकर नई गाइडलाइन लागू कर दी गई है। अब राज्यभर के सभी जवानों के बैंक खातों का सत्यापन किया जाएगा। वित्त विभाग ने इसके लिए एक निर्धारित फॉर्मेट जारी किया है, जिसे भरकर संबंधित जिला कार्यालय में जमा करना अनिवार्य होगा।   विभागीय आदेश नीचे तक पहुंचा इस संबंध में वित्त विभाग ने गृहरक्षा वाहिनी के महानिदेशक को पत्र जारी कर प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया है। इसके बाद यह आदेश जिला स्तर तक भेज दिया गया है और सभी होमगार्ड जवानों को नोटिस जारी कर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है।   सत्यापन के बिना नहीं मिलेगा भत्ता विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक बैंक खाते का सत्यापन नहीं हो जाता, तब तक किसी भी जवान को ड्यूटी अलाउंस का भुगतान नहीं किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भत्ता सही व्यक्ति के खाते में ही पहुंचे।   फॉर्म में देनी होगी विस्तृत जानकारी जारी किए गए फॉर्म में जवानों को अपनी पूरी व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी भरनी होगी। इसमें पेयी आईडी, नाम, सैन्य संख्या, मोबाइल नंबर, जन्म तिथि, नामांकन तिथि, आधार नंबर, पैन नंबर, बैंक खाता संख्या और आईएफएससी कोड शामिल हैं। इसके साथ सभी दस्तावेजों को स्व-अभिप्रमाणित कर जमा करना भी जरूरी होगा।   होमगार्ड एसोसिएशन ने जताई नाराजगी इस नई प्रक्रिया को लेकर झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन ने आपत्ति जताई है। प्रदेश अध्यक्ष रवि मुखर्जी ने कहा कि यह प्रक्रिया अनावश्यक रूप से जटिल है और इससे जवानों को परेशानी होगी। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे राज्य का पूरा खजाना होमगार्ड जवानों के पास ही है।   फैसले पर पुनर्विचार की मांग एसोसिएशन ने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि व्यवस्था को सरल बनाया जाना चाहिए ताकि जवानों को अनावश्यक प्रक्रियाओं में न उलझना पड़े और उन्हें समय पर भत्ता मिल सके।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
drug smuggling crackdown
ड्रग्स तस्करी पर पुलिस सख्त, डीजीपी करेंगी जिलों की समीक्षा

रांची। झारखंड में अवैध अफीम की खेती और मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी कड़ी में आज 17 अप्रैल को दोपहर 3 बजे डीजीपी तदाशा मिश्रा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्य से होगी, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों के पुलिस अधिकारी शामिल होंगे।   अभियान की प्रगति और कार्रवाई की होगी समीक्षा बैठक में अब तक चलाए गए अभियान की समीक्षा की जाएगी, जिसमें अवैध अफीम की खेती को नष्ट करने की प्रगति, तस्करी से जुड़े मामलों में की गई गिरफ्तारी, जब्ती और पुलिस कार्रवाई के आंकड़ों पर विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही भविष्य की रणनीति तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।   कई जिलों के एसपी को शामिल होने का निर्देश इस अहम बैठक में रांची, चतरा, पलामू, चाईबासा, सरायकेला-खरसावां, हजारीबाग, लातेहार और खूंटी सहित कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को भाग लेने के निर्देश दिए गए हैं। इन जिलों को इसलिए शामिल किया गया है क्योंकि यहां अवैध अफीम खेती और नशा तस्करी के मामले अधिक सामने आते रहे हैं।   पूरी तैयारी के साथ शामिल होने के निर्देश पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि सभी अधिकारी बैठक में पूरी तैयारी के साथ शामिल हों। उन्हें अपने-अपने जिलों की विस्तृत रिपोर्ट, कार्रवाई की स्थिति और संबंधित आंकड़े प्रस्तुत करने होंगे। यह आदेश सीआईडी एसपी (द्वितीय) की ओर से जारी किया गया है।   नशा कारोबार पर नकेल कसने की कोशिश राज्य सरकार और पुलिस विभाग अवैध नशा कारोबार पर सख्ती से रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। इस समीक्षा बैठक को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज हो सकती है।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
tribal land scam Ranchi
रांची के पोश इलाके से आदिवासी जमीन पर अवैध धंधे का खुलासा, अंदर मिला चौंकाने वाला सामान

रांची। रांची के पोश इलाके हरिहर सिंह रोड पर एक आदिवासी परिवार ने अपनी 44 डिसमिल खतियानी जमीन पर कथित अवैध कब्जे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। परिवार का आरोप है कि इस जमीन पर लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों के सहारे कब्जा किया गया था। इस मामले में जितेंद्र सिंह (जेके इंटरनेशनल) और उनकी विधायक पत्नी किरण देवी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जब परिवार और स्थानीय लोगों ने जमीन के गेट का ताला तोड़ा, तो अंदर का दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए। मौके से कथित तौर पर जाली नोट, शराब की बोतलें और अन्य संदिग्ध सामान बरामद हुए। लोगों का दावा है कि इस जगह का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।   CNT एक्ट उल्लंघन का आरोप पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि यह कब्जा छोटा नागपुर काश्तकारी अधिनियम (CNT Act) का उल्लंघन करते हुए किया गया है। यह कानून आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण को नियंत्रित करता है, ताकि उनकी जमीन सुरक्षित रह सके। इस मामले ने एक बार फिर आदिवासी जमीन की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।   तीर-धनुष के साथ विरोध, बढ़ा तनाव घटना के दौरान आदिवासी परिवार और उनके समर्थक पारंपरिक हथियारों जैसे तीर-धनुष के साथ विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। इससे इलाके में तनाव और बढ़ गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर जुट गए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।   प्रशासन की एंट्री, जांच शुरू सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।   निष्पक्ष कार्रवाई की मांग पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह घटना एक बार फिर आदिवासी जमीनों पर अवैध कब्जे के मुद्दे को चर्चा में ले आई है।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
Adani richest in Asia
अडानी ने अंबानी को पछाड़ा, बने एशिया के सबसे अमीर शख्स

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय उद्योग जगत के लिए 17 अप्रैल 2026 का दिन खास रहा, जब गौतम अडानी एक बार फिर एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के ताजा आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ दिया।   नेटवर्थ में तेज उछाल रिपोर्ट के मुताबिक, गौतम अडानी की कुल संपत्ति बढ़कर 92.6 बिलियन डॉलर हो गई है, जिससे वे वैश्विक स्तर पर 19वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं मुकेश अंबानी 90.8 बिलियन डॉलर के साथ 20वें स्थान पर खिसक गए। एक ही दिन में अडानी की संपत्ति में 3.56 बिलियन डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई, जो बाजार में तेजी का परिणाम है।   शेयर बाजार में तेजी बना मुख्य कारण अडानी समूह की कंपनियों Adani Total Gas, Adani Ports और Adani Power के शेयरों में लगातार मजबूती देखी गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बुनियादी ढांचे और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इसके विपरीत, Reliance Industries के प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव के कारण अंबानी की संपत्ति में इस साल 16.9 बिलियन डॉलर की गिरावट आई है।   वैश्विक अमीरों की सूची में स्थिति वैश्विक स्तर पर एलन मस्क 656 बिलियन डॉलर के साथ पहले स्थान पर बने हुए हैं। उनके बाद लैरी पेज और जेफ बेजोस का स्थान है। वहीं बर्नार्ड अरनॉल्ट को इस वर्ष सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।   भारतीय उद्योगपतियों की मजबूत मौजूदगी भारतीय अरबपतियों में लक्ष्मी मित्तल, शिव नाडर और सावित्री जिंदल भी वैश्विक सूची में मजबूत स्थिति में हैं।   विशेषज्ञों के अनुसार अडानी और अंबानी के बीच संपत्ति का अंतर केवल 1.8 बिलियन डॉलर है। ऐसे में आने वाले समय में बाजार के उतार-चढ़ाव के साथ यह प्रतिस्पर्धा और भी दिलचस्प हो सकती है।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
Harivansh Narayan Singh
हरिवंश नारायण बने राज्यसभा के उपसभापति, तीसरी बार निर्विरोध चुने गए; पीएम मोदी ने की सराहना

नई दिल्ली, एजेंसियां। राज्यसभा के उपसभापति के रूप में हरिवंश नारायण को एक बार फिर निर्विरोध चुना गया है। यह उनका तीसरा कार्यकाल है, जो उच्च सदन में उनके प्रति व्यापक विश्वास को दर्शाता है। शुक्रवार (17 अप्रैल 2026) को उन्हें औपचारिक रूप से इस पद के लिए निर्वाचित किया गया। इससे पहले यह पद रिक्त हो गया था, जिसके बाद उनकी नियुक्ति हुई।   पीएम मोदी ने की जमकर तारीफ इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश नारायण की कार्यशैली और अनुभव की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि लगातार तीसरी बार उपसभापति चुना जाना इस बात का प्रमाण है कि पूरे सदन को उन पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि हरिवंश ने अपने कार्यकाल में हमेशा सभी दलों को साथ लेकर चलने का प्रयास किया है।   पत्रकारिता से राजनीति तक का सफर प्रधानमंत्री ने उनके जीवन और करियर पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हरिवंश नारायण का पत्रकारिता में लंबा अनुभव रहा है और उन्होंने उच्च मानकों के साथ काम किया है। उनकी लेखनी तेज लेकिन संतुलित रही है। बाद में उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और संसदीय कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई।   चंद्रशेखर और जेपी से जुड़ा रहा संबंध पीएम मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि हरिवंश का पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर से गहरा जुड़ाव रहा है और उन्होंने उनके जीवन पर पुस्तकें भी लिखी हैं। साथ ही उनका जन्म जेपी (जयप्रकाश नारायण) के गांव में हुआ था, जिससे उनकी सामाजिक और वैचारिक पृष्ठभूमि भी मजबूत रही है।   काशी से शिक्षा और ग्रामीण पृष्ठभूमि प्रधानमंत्री ने बताया कि हरिवंश की शिक्षा काशी में हुई है और उनकी जड़ें ग्रामीण समाज से जुड़ी हैं। इसी कारण वे आम लोगों की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझते हैं और समाज से जुड़े मुद्दों को सदन में प्रभावी रूप से रखते हैं।   शपथ और निर्वाचन की प्रक्रिया हरिवंश नारायण को केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा द्वारा उपसभापति पद के लिए प्रस्तावित किया गया, जिसका समर्थन एस. फांग्नोन कोन्यक ने किया। इसके बाद वे निर्विरोध चुने गए और 10 अप्रैल को उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता की शपथ ली थी। अब उनके नए कार्यकाल से सदन की कार्यवाही और सुचारू संचालन की उम्मीद जताई जा रही है

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
parenting advice Sadhguru
आलिया भट्ट ने सद्गुरु से पूछे पैरेंटिंग सवाल, राहा की परवरिश को लेकर जताई चिंता

मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट ने अपनी बेटी राहा की परवरिश को लेकर खुलकर चिंता जाहिर की है। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव से अच्छी मां बनने और पैरेंटिंग से जुड़े कई सवाल पूछे। आलिया ने स्वीकार किया कि वह अक्सर इस बात को लेकर असमंजस में रहती हैं कि क्या वह अपनी बेटी के लिए सही कर रही हैं या नहीं।   ‘मैं एक चिंतित मां हूं’ – आलिया भट्ट सद्गुरु से बातचीत के दौरान आलिया ने कहा कि वह खुद को एक चिंतित मां महसूस करती हैं। इस पर सद्गुरु ने जवाब देते हुए कहा कि चिंतित माता-पिता अक्सर बेहतर पैरेंटिंग नहीं कर पाते, क्योंकि बच्चे वही सीखते हैं जो वे अपने माता-पिता को देखते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को सिखाने से ज्यादा जरूरी है उनके सामने एक संतुलित और खुशहाल उदाहरण पेश करना।   बच्चों से सीखने की सलाह सद्गुरु ने कहा कि बच्चे स्वाभाविक रूप से अधिक खुश रहते हैं और माता-पिता को उनसे जीवन जीने का तरीका सीखना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों को केवल सही-गलत सिखाने के बजाय उन्हें एक सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण दिया जाए, ताकि वे स्वयं स्वाभाविक रूप से विकसित हो सकें।   हार-जीत और नैतिकता पर नजरिया जब आलिया ने बच्चों के हार-जीत को लेकर सवाल किया, तो सद्गुरु ने कहा कि बच्चों पर नैतिकता का दबाव डालने के बजाय माता-पिता को उनके साथ खेलकर उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। इससे बच्चे स्वाभाविक रूप से हार और जीत को सहजता से समझना सीखते हैं।   जिज्ञासा और सीखने की प्रक्रिया सद्गुरु ने यह भी कहा कि बच्चों की जिज्ञासा को बनाए रखना बेहद जरूरी है। यदि माता-पिता किसी सवाल का जवाब नहीं जानते, तो उन्हें बच्चों के साथ मिलकर सीखने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में जानकारी से ज्यादा महत्व चेतना और समझ का होगा।   ‘पैरेंटिंग’ को बोझ नहीं, यात्रा मानें सद्गुरु के अनुसार, पैरेंटिंग को एक जिम्मेदारी के बोझ की तरह नहीं देखना चाहिए, बल्कि इसे एक साझा विकास यात्रा मानना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि माता-पिता खुद को बेहतर इंसान बनाने पर ध्यान दें, तो वे स्वाभाविक रूप से बेहतर माता-पिता बन जाएंगे।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
Bhooth Bangla Review
Bhooth Bangla Review: कॉमेडी और हॉरर के बीच फंसी फिल्म, उम्मीदों पर नहीं उतरी अक्षय-प्रियदर्शन की जोड़ी

मुंबई, एजेंसियां। हॉरर कॉमेडी फिल्म ‘भूत बंगला’ 17 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। प्रियदर्शन के निर्देशन और अक्षय कुमार की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म से दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं, खासकर ‘हेरा फेरी’, ‘भागम भाग’ और ‘गरम मसाला’ जैसी सफल फिल्मों की वजह से। लेकिन यह फिल्म उन उम्मीदों की कसौटी पर पूरी तरह खरी नहीं उतरती।   कहानी में हास्य और डर का संतुलन कमजोर फिल्म की कहानी अर्जुन (अक्षय कुमार) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो लंदन से अपने पुश्तैनी महल में बहन की शादी के लिए आता है। यहीं से रहस्यमय घटनाएं शुरू होती हैं और कहानी हॉरर-कॉमेडी के ट्रैक पर चलती है। हालांकि फिल्म न तो पूरी तरह डराने में सफल होती है और न ही लगातार हंसाने में। दूसरे हिस्से में कहानी गंभीर मोड़ ले लेती है, जिससे इसका फ्लो टूट जाता है।   अभिनय में कुछ कलाकारों ने बचाई फिल्म अक्षय कुमार ने अपने अनुभव के दम पर फिल्म को संभालने की कोशिश की है। वहीं राजपाल यादव अपने नैचुरल कॉमेडी टाइमिंग से कई दृश्यों में जान डालते हैं। वामिका गब्बी और तब्बू अपने किरदारों को ठीक से निभाती हैं, लेकिन स्क्रिप्ट उन्हें सीमित दायरे में रखती है। परेश रावल और मनोज जोशी जैसे अनुभवी कलाकारों को भी ज्यादा प्रभावशाली भूमिका नहीं मिलती।   निर्देशन और स्क्रीनप्ले में असंतुलन प्रियदर्शन का निर्देशन कुछ दृश्यों में मजबूत दिखता है, लेकिन फिल्म एक स्थिर लय नहीं पकड़ पाती। स्क्रीनप्ले में दोहराव और असंतुलन स्पष्ट नजर आता है। कॉमेडी कई जगह जबरदस्ती लगती है, जबकि हॉरर एंगल कमजोर पड़ जाता है।‘भूत बंगला’ पूरी तरह खराब फिल्म नहीं है, लेकिन यह अपने स्तर की क्लासिक कॉमेडी फिल्मों जैसा असर नहीं छोड़ पाती। हल्के मूड में टाइमपास के लिए इसे एक बार देखा जा सकता है, लेकिन यह दर्शकों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा नहीं उतरती।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
exam paper leak case
उत्पाद सिपाही पेपर लीक केस: 28 आरोपियों की जमानत पर सुनवाई, कोर्ट ने मांगी केस डायरी

रांची। रांची सिविल कोर्ट में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। गुरुवार को इस केस में गिरफ्तार 28 आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई। अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस से केस डायरी पेश करने का निर्देश दिया है। अब इस मामले की विस्तृत सुनवाई 20 अप्रैल को होगी।   पहले भी दायर हुई थीं जमानत याचिकाएं इससे पहले बुधवार को भी 20 आरोपियों ने जमानत के लिए आवेदन दिया था, जिसके बाद अदालत में सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हुई। लगातार दायर हो रही याचिकाओं के कारण मामला न्यायिक स्तर पर और महत्वपूर्ण हो गया है।   छापेमारी में बड़े गिरोह का खुलासा पुलिस की जांच में इस पेपर लीक मामले में एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने का खुलासा हुआ है। हाल ही में की गई बड़ी छापेमारी में कुल 164 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिससे पूरे नेटवर्क की गहराई का अंदाजा लगाया जा रहा है।   कई आरोपियों को भेजा गया जेल सोमवार को सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जांच में कई प्रमुख नाम सामने आए हैं, जिनमें अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद शामिल हैं।   महिलाओं की संलिप्तता भी उजागर जांच में यह भी सामने आया है कि इस मामले में 7 महिलाओं की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। इस संबंध में तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।   20 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी निगाहें अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में 20 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है। अदालत केस डायरी के आधार पर आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर आगे का फैसला ले सकती है, जिस पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
Char Dham Yatra 2026
19 अप्रैल से शुरू होगा चार धाम यात्रा, हरिद्वार में तैयारियां अंतिम चरण में

देहरादून, एजेंसियां। उत्तराखंड में पवित्र चार धाम यात्रा 19 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रही है। यात्रा को लेकर हरिद्वार में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। प्रशासन ने बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह पंजीकरण काउंटर स्थापित किए हैं, ताकि यात्रा का संचालन सुचारू रूप से किया जा सके।   सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर इस बार लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था की है। यात्रा मार्गों पर पुलिस और प्रशासनिक टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।   आवश्यक सुविधाओं की सुनिश्चित व्यवस्था यात्रा मार्ग पर स्थित ढाबों और होटलों में एलपीजी सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो। प्रशासन का फोकस श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव प्रदान करना है।   चार धाम यात्रा का धार्मिक महत्व इस यात्रा में यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन शामिल होते हैं, जो हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
Jharkhand SIR postponed
झारखंड में जून से शुरू होगी SIR प्रक्रिया

रांची। झारखंड में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया अब जून 2026 में शुरू की जाएगी। पहले इसके जल्द शुरू होने की संभावना थी, लेकिन अब इसे आगे बढ़ा दिया गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने बताया कि राज्य में चल रही जनगणना और संबंधित प्रक्रियाओं के कारण इसमें देरी हुई है।   जनगणना के कारण बदला कार्यक्रम राज्य में 2026-2027 की जनगणना का पहला चरण 1 मई 2026 से 14 जून 2026 तक चलेगा। इसमें 1 से 15 मई तक स्व-गणना और 16 मई से 14 जून तक फील्ड सर्वे किया जाएगा। इसी वजह से SIR की गतिविधियों को फिलहाल टाल दिया गया है, ताकि दोनों महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में किसी तरह का टकराव न हो।   प्री-एक्टिविटी में बीएलओ को आ रही दिक्कतें SIR से पहले चल रही प्री-एक्टिविटी के तहत बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) घर-घर जाकर मतदाताओं से जानकारी एकत्र कर रहे हैं। हालांकि, कई जगहों पर उन्हें सहयोग नहीं मिल रहा है। कुछ मामलों में बीएलओ को घरों में प्रवेश तक नहीं करने दिया जा रहा है, जिससे काम प्रभावित हो रहा है।   शहरी क्षेत्रों में ज्यादा परेशानी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार यह समस्या खासकर शहरी क्षेत्रों में अधिक देखने को मिल रही है। रांची, धनबाद और जमशेदपुर जैसे शहर प्री-एक्टिविटी में पिछड़ते दिख रहे हैं। हाल ही में किए गए फील्ड निरीक्षण में भी ऐसी शिकायतें सामने आई हैं।   ‘पारेंटल मैपिंग’ 75 प्रतिशत पूरी के रवि कुमार ने बताया कि प्री-एक्टिविटी के तहत चल रही पारेंटल मैपिंग का कार्य लगभग 75 प्रतिशत पूरा हो चुका है। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि वे बीएलओ का सहयोग करें, ताकि भविष्य में उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।   सहयोग की अपील निर्वाचन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बीएलओ को आवश्यक दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध कराएं। विभाग का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाताओं के हित में है और इससे चुनावी रिकॉर्ड को और अधिक सटीक बनाया जा सकेगा।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
Heat wave in India
भीषण गर्मी का प्रकोप: देश में पारा 50°C तक पहुंचने की आशंका

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश में इस बार गर्मी ने समय से पहले ही तीव्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। कई क्षेत्रों में तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। महाराष्ट्र के कई जिलों में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने लू का अलर्ट जारी किया है। विदर्भ का अकोला लगभग 44 डिग्री तापमान के साथ दुनिया के सबसे गर्म शहरों की सूची में शामिल हो गया है।   नागपुर, अमरावती और वर्धा में भी बढ़ी मुश्किलें महाराष्ट्र के नागपुर, अमरावती और वर्धा जैसे शहरों में भी भीषण गर्मी का असर देखा जा रहा है। ये शहर दुनिया के सबसे गर्म स्थानों की सूची में टॉप 10 में जगह बना चुके हैं। लगातार बढ़ते तापमान के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है और लोगों को दिनचर्या में बदलाव करना पड़ रहा है।   2026 में सामान्य से अधिक गर्मी की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार वर्ष 2026 में सामान्य से अधिक गर्मी पड़ने की संभावना है। मार्च से मई के बीच हीटवेव की तीव्रता और बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस दौरान तापमान सामान्य से 4 से 8 डिग्री सेल्सियस अधिक हो सकता है। यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो कुछ इलाकों में पारा 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।   भारत के 20 शहर दुनिया के सबसे गर्म स्थानों में शामिल हाल के तापमान आंकड़ों में दुनिया के सबसे गर्म शहरों की सूची में भारत के लगभग 20 शहर शामिल हैं। चंद्रपुर, रायपुर, भिलाई, वाराणसी और सासाराम जैसे शहरों में भी 35 से 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास तापमान दर्ज किया गया है। यह स्थिति देश में बढ़ती गर्मी की गंभीरता को दर्शाती है।   हीटवेव को लेकर सतर्क रहने की सलाह मौसम वैज्ञानिकों ने आने वाले दिनों में हीटवेव के और तेज होने की चेतावनी दी है। उन्होंने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सावधानी नहीं बरती गई तो यह गर्मी का दौर और अधिक खतरनाक साबित हो सकता है।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Anjali Kumari अप्रैल 13, 2026 0