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Javad Zarif advice
ईरान-अमेरिका जंग पर जवाद जरीफ की बड़ी सलाह, बोले- खुद को विजेता बताकर युद्ध खत्म करे तेहरान

वाशिंगटन/ तेहरान, एजेंसियां। अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच ईरान के पूर्व विदेश मंत्री जवाद जरीफ का बड़ा बयान सामने आया है। जरीफ ने तेहरान को सलाह दी है कि वह खुद को इस युद्ध का विजेता घोषित करे और फिर संघर्ष विराम की दिशा में कदम बढ़ाए। उनका मानना है कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जंग रोकने में नाकाम दिख रहे हैं, तो ईरान को अपनी रणनीतिक बढ़त का इस्तेमाल कर युद्ध समाप्ति की पहल करनी चाहिए।   जरीफ ने क्या कहा? जरीफ ने यह भी संकेत दिया कि ईरान को केवल सैन्य मोर्चे पर नहीं, बल्कि कूटनीतिक मोर्चे पर भी चाल चलनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि तेहरान एक ऐसा समझौता तैयार करे, जिससे युद्ध रुके और भविष्य में टकराव की आशंका भी कम हो। हालांकि, मौजूदा हालात देखकर यह नहीं लगता कि ईरान फिलहाल युद्धविराम के मूड में है, क्योंकि क्षेत्र में हमले और जवाबी कार्रवाई लगातार जारी हैं।   जरीफ की हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर आई उन्होंने कहा कि ईरान इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को खोलने का प्रस्ताव अमेरिका के सामने रख सकता है और बदले में अपने ऊपर लगे प्रतिबंध हटवाने की कोशिश कर सकता है। हॉर्मुज फिलहाल वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए सबसे संवेदनशील बिंदु बना हुआ है और इसके बंद रहने से तेल बाजार में भारी उथल-पुथल देखी जा रही है।   रिपोर्ट्स के मुताबिक उधर, अमेरिका में युद्ध को लेकर रणनीति और आक्रामक होती दिख रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वॉशिंगटन में ईरान के यूरेनियम भंडार को सुरक्षित करने या कब्जे में लेने के लिए संभावित जमीनी ऑपरेशन पर भी विचार किया जा रहा है। ऐसे किसी अभियान में विशेष बलों, इंजीनियरों और भारी सैन्य संसाधनों की जरूरत पड़ सकती है, जिससे यह जंग और ज्यादा खतरनाक मोड़ ले सकती है। कुल मिलाकर, जरीफ का बयान इस बात का संकेत है कि ईरान के भीतर भी अब ऐसी आवाजें उठ रही हैं जो युद्ध के बजाय ‘रणनीतिक जीत’ का नैरेटिव बनाकर बाहर निकलने का रास्ता तलाश रही हैं। लेकिन मैदान में जारी हमले बता रहे हैं कि शांति की राह अभी भी बेहद कठिन है।

Anjali Kumari अप्रैल 3, 2026 0
Ramgarh water shortage
रामगढ़ में पानी को लेकर बवाल, बाल्टी-बर्तन लेकर सड़क पर उतरे ग्रामीण

रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातु प्रखंड में पानी की गंभीर किल्लत ने स्थानीय लोगों का सब्र काट दिया। कोतो पंचायत और न्यू मार्केट के सैकड़ों ग्रामीण बाल्टी, डेगची और अन्य बर्तन लेकर प्रखंड कार्यालय पहुंचे और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि इलाके में लंबे समय से पानी की समस्या बनी हुई है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।    ग्रामीण अपने बर्तन लेकर पहुंचे  प्रदर्शन में ग्रामीण अपने हाथों में खाली बाल्टी और बर्तन लेकर पहुंचे थे। उनका कहना था कि जब घरों में पानी नहीं है, तो ये बर्तन उनकी परेशानी का प्रतीक बन गए हैं। वरिष्ठ कांग्रेसी और समाजसेवी जयप्रकाश सिंह, ननकी सिंह और मुखिया निधि सिंह ने टोकीसुद जलमीनार के संवेदक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया और उनकी ब्लैकलिस्टिंग की मांग की।   समाजसेवी राहुल कुमार ने कहा समाजसेवी राहुल कुमार ने कहा, “पानी कोई खैरात नहीं है, बल्कि हर नागरिक का अधिकार है। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।” उन्होंने प्रशासन पर जल संकट को गंभीरता से लेने और तुरंत कार्रवाई करने की अपील की। ग्रामीणों ने प्रखंड विकास अधिकारी मनोज कुमार गुप्ता को रामगढ़ उपायुक्त के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्थायी समाधान की मांग की गई है ताकि इलाके में पानी की समस्या का अंत हो सके।   आंदोलन में सैकड़ों लोग शामिल हुए इस आंदोलन में सैकड़ों लोग शामिल हुए, जिनमें महिला और पुरुष दोनों की अच्छी संख्या थी। स्थानीय वार्ड सदस्य और प्रतिनिधियों के साथ आम लोग भी बढ़-चढ़कर शामिल हुए। प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया कि पानी की कमी पूरे इलाके में गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है।ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई करेगा और जल संकट से राहत दिलाएगा। वहीं, अगर समाधान समय पर नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज हो सकता है। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन के लिए चेतावनी भी प्रस्तुत कर दी है कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

Anjali Kumari अप्रैल 3, 2026 0
Titos Restaurant firing case
Titos Resturant फायरिंग केस में बड़ा खुलासा

रांची। रांची के चर्चित Titos Resturant में हुई फायरिंग अब सिर्फ एक अपराध की खबर नहीं रह गई है—यह उस डर, दबाव और संगठित अपराध की कहानी बन गई है, जो धीरे-धीरे शहर को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। इस वारदात में अपनी जान गंवाने वाले वेटर मनीष गोप शायद उस रात बस अपना काम कर रहे थे। उन्हें क्या पता था कि कुछ ही पलों में गोलियों की आवाज उनकी जिंदगी छीन लेगी।    पहले से तय थी पूरी योजना पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि यह हमला अचानक नहीं था। हर कदम पहले से सोचा-समझा गया था। मुख्य आरोपी सचिन यादव, जिसे अब गिरफ्तार कर लिया गया है, ने पूछताछ में बताया कि उसे Titos Resturant की पूरी जानकारी दी गई थी—कहां से आना है, कब हमला करना है, और कैसे निकलना है। हमले के दौरान वह अपने गैंग के संपर्क में था, मोबाइल के जरिए लगातार अपडेट देता रहा। यह दिखाता है कि यह सिर्फ डराने की कोशिश नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित दबाव बनाने की रणनीति थी।    हथियार की भी कहानी है पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर एक जिगाना पिस्टल बरामद की है—एक विदेशी सेमी-ऑटोमैटिक हथियार। यही वह हथियार है, जिससे उस रात गोलियां चलीं। वारदात के बाद इसे छिपा दिया गया था, लेकिन अब इसके मिलने से पुलिस के पास मजबूत सबूत हैं।   पैसों के लिए ली गई जान जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे हमले के पीछे कुख्यात प्रिंस खान गैंग का हाथ है। रेस्टोरेंट संचालक से करीब 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। जब पैसे नहीं मिले, तो दबाव बनाने के लिए फायरिंग की साजिश रची गई। इस काम के लिए शूटर को करीब ₹1 लाख की सुपारी दी गई थी—जिसमें से ₹10 हजार पहले ही दे दिए गए थे। यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि पैसों के लिए इंसानी जान की कीमत तय करने की कहानी है।   अचानक हुई ताबड़तोड़ फायरिंग 7-8 मार्च 2026 की रात… रेस्टोरेंट में लोग अपने खाने और बातचीत में व्यस्त थे। तभी अचानक बाइक सवार हमलावर पहुंचे और गोलियां चलाने लगे। देखते ही देखते वहां अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और मनीष गोप… हमेशा के लिए खामोश हो गया।  पुलिस की चुनौती: सिर्फ आरोपी नहीं, पूरी जड़ तक पहुंचना इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने SIT बनाई है। कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, लेकिन असली चुनौती अभी बाकी है। पुलिस अब पूरे गैंग नेटवर्क को खंगाल रही है। कॉल डिटेल्स और कनेक्शन जोड़ रही है और कोशिश कर रही है कि इस संगठित अपराध की जड़ तक पहुंचा जाए। यह घटना सिर्फ एक केस नहीं है—यह एक चेतावनी है। शहर में अब आम लोग भी गैंगवार और रंगदारी की चपेट में आ रहे हैं। एक साधारण नौकरी करने वाला इंसान भी अब सुरक्षित नहीं है।

Anjali Kumari अप्रैल 3, 2026 0
Sonam Kapoor second child
दूसरी बार मां बनीं सोनम कपूर, अस्पताल से शेयर की पहली तस्वीरें, सादगी में दिखा नया अंदाज

मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम कपूर ने 29 मार्च 2026 को अपने दूसरे बच्चे को जन्म दिया। इस बार भी उन्होंने बेटे को जन्म दिया। मां बनने के बाद सोनम ने सोशल मीडिया पर अस्पताल से अपनी पहली तस्वीरें शेयर की हैं, जो फैंस और सेलेब्स के बीच तेजी से वायरल हो रही हैं।तस्वीरों में सोनम का ग्लैमरस अंदाज नहीं बल्कि एक मां की सादगी नजर आ रही है। पहली फोटो में सोनम अस्पताल के बेड पर लेटी दिखाई दे रही हैं, अपने नन्हें बेटे को सीने से लगाए हुए। उनके चेहरे पर मुस्कान और आंखों में खुशी साफ झलक रही है। इस दौरान उनके हाथों में ड्रिप लगी हुई है, लेकिन सोनम इस पल का पूरा आनंद ले रही हैं।   दूसरी तस्वीर में एक्ट्रेस ब्लैक आउटफिट में दिखाई दीं उनका नो-मेकअप लुक और साधारण बालों की चोटी इस सादगी को और निखार रही है। फोटो में सोनम अपने ब्रेकफास्ट का आनंद ले रही हैं, जिससे यह साफ झलकता है कि फिलहाल उनका फोकस सिर्फ मातृत्व के सुख पर है।सोशल मीडिया पर फैंस और सेलिब्रिटी स्टार्स ने उन्हें बधाई दी है और उनके नए परिवार के स्वागत की खुशी जाहिर की है। सोनम की इस सादगी भरी तस्वीर ने दर्शकों का दिल जीत लिया है, क्योंकि इसमें एक आम मां की भावनाएं और खुशी साफ झलक रही हैं।सोनम ने अपने पहले बेटे का जन्म 20 अगस्त 2022 को किया था और उनका नाम वायु रखा था। अब फैंस बेसब्री से नए बेटे के नामकरण की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।

Anjali Kumari अप्रैल 3, 2026 0
Malda violence update
पश्चिम बंगाल: मालदा प्रदर्शन मामले में मुख्य साजिशकर्ता गिरफ्तार, 35 लोग हिरासत में

कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल के मालदा में बुधवार को हुई हिंसक प्रदर्शन की घटना के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद चुनाव आयोग ने मामले की NIA जांच का आदेश दिया था, जिसके तहत अबतक 35 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य साजिशकर्ता मोफक्करुल इस्लाम भी शामिल है, जिसे बागडोगरा एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया।   इस्लाम मुर्शिदाबाद को मुख्य साजिशकर्ता बतया गया  इस्लाम मुर्शिदाबाद के कालियाचोक मामले का मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है। ADG नॉर्थ बंगाल जयरामन ने कहा कि इस्लाम को लोगों को भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है और यह जांच की जाएगी कि घटना पहले से योजनाबद्ध थी या नहीं। गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में ISF उम्मीदवार शाहजहां अली भी शामिल हैं। घटना के दौरान मालदा के कालियाचक में सात न्यायिक अधिकारियों को उपद्रवियों ने लगभग 8 घंटे तक बंधक बनाकर रखा था। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही उन्हें सुरक्षित छुड़ाया जा सका। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने इस घटना को सोची समझी साजिश करार दिया और बंगाल में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। गिरफ्तारी के बाद मोफक्करुल इस्लाम ने अपनी सफाई दी और कहा कि वह आंदोलन में शामिल नहीं था। उनका दावा है कि वह केवल नेशनल हाईवे से गुजर रहे थे और भाषण देने के लिए वहां रुके थे। उन्होंने कहा कि किसी भी न्यायिक अधिकारी को उनके कारण रोक नहीं गया।NIA की जांच के तहत अब सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि यह घटना पूर्व नियोजित थी या नहीं। मालदा हिंसा मामले की जांच आगे बढ़ रही है और प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है। इस मामले में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है, क्योंकि विपक्ष ने राज्य सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

Anjali Kumari अप्रैल 3, 2026 0
Raakasa review
‘राकासा’ हॉरर-थ्रिलर फिल्म में डर और रोमांच का डबल धमाका

चेन्नई, एजेंसियां। नई साउथ की हॉरर-थ्रिलर फिल्म ‘राकासा’ 3 मार्च, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई और डर और थ्रिल का अनुभव चाहने वाले दर्शकों के लिए तैयार है। लगभग 120 मिनट लंबी यह फिल्म दर्शकों को रोमांच और डर के मिश्रण में बांधे रखती है। फिल्म का निर्देशन मनसा शर्मा ने किया है, जबकि इसे निहारिका कोनिडेला ने प्रोड्यूस किया है।   कहानी: अनजाने में जगाई गई बुरी शक्ति फिल्म की कहानी मुख्य पात्र ईरा बाबू (वीरू) के इर्द-गिर्द घूमती है। एक दशक बाद विदेश से लौटे ईरा बाबू प्यार की तलाश में गांव में नशे में शराब पीकर एक सुनसान और भूतिया किले में पूरी रात सो जाता है। इस दौरान वह अनजाने में उस बुरी शक्ति को जगाता है जिससे गांववाले लंबे समय से डरते आए हैं। जैसे-जैसे खतरा बढ़ता है, ईरा बाबू और गांव के लोगों की जिंदगी दांव पर लग जाती है। कहानी में किले से जुड़े रहस्य और ईरा के साहसिक प्रयास फिल्म में रोमांच का मुख्य केंद्र हैं।   कास्ट और प्रदर्शन फिल्म की मुख्य भूमिका में संगीत शोभन ने वीरू का किरदार निभाया है, जबकि नयन सारिका ने मुख्य भूमिका निभाई है। इसके अलावा गेटअप श्रीनु, आशीष विद्यार्थी, तनिकेला भरणी और ब्रह्माजी ने अहम भूमिकाएं निभाईं। फिल्म का संगीत भी कहानी के डरावने माहौल को और प्रभावशाली बनाता है।   दर्शकों के लिए अनुभव ‘राकासा’ में हॉरर और थ्रिल का संतुलन बेहद प्रभावशाली है। छोटे से सुनसान किले में रात बिताने, डरावनी शक्तियों और रहस्यमयी घटनाओं के मिश्रण ने फिल्म को सिनेमा प्रेमियों और हॉरर फिल्म दर्शकों के लिए देखने योग्य बना दिया है।

Anjali Kumari अप्रैल 3, 2026 0
Moon mission toilet issue
चांद पर गए अंतरिक्ष यात्रियों का टॉयलेट हादसा, क्रिस्टीना कूच ने किया मरम्मत का काम

वाशिंगटन, एजेंसियां। नासा के आर्टेमिस-2 मिशन के तहत 4 अंतरिक्ष यात्री चांद के 10-दिन के सफर पर हैं। सफर की शुरुआत में ही ओरियन अंतरिक्ष यान में टॉयलेट खराब हो गया, जिससे सभी को करीब 6 घंटे तक पेशाब रोकना पड़ा। मिशन में अमेरिका के 3 और कनाडा के 1 अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं।   क्रिस्टीना कूच को टॉयलेट ठीक करने की जिम्मेदारी इस समस्या को सुलझाने के लिए मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कूच को अंतरिक्ष में प्लंबर की भूमिका निभानी पड़ी। उन्होंने नासा ह्यूस्टन से निर्देश लेकर टॉयलेट के पुर्जे हटाए और सिस्टम को बंद करके दोबारा चालू किया। कुछ घंटों की कोशिश के बाद टॉयलेट पूरी तरह काम करने लगा और अंतरिक्ष यात्रियों को रात में इसका इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई।   स्पेस में टॉयलेट का खर्च और प्रशिक्षण नासा ने “यूनिवर्सल वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम” पर 17.4 मिलियन पाउंड खर्च किए हैं। स्पेस में जीरो ग्रैविटी में टॉयलेट का उपयोग मुश्किल होता है, इसलिए यात्रियों को धरती पर ट्रेनिंग दी जाती है। उन्हें सही पोजिशन, फ़नल और स्टोरेज कंटेनर के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जाती है।   मिशन में और तकनीकी दिक्कतें इसके अलावा, मिशन के दौरान PCD, वॉल्व और फ्यूल सेंसर जैसी तकनीकी समस्याएं भी आईं, जिन्हें अंतरिक्ष यात्री ने अपने कौशल से संभाला। ये टेस्ट फ्लाइट चांद पर जीवन-रक्षक उपकरणों की जांच करेगी और 2028 में चांद पर लैंडिंग का मार्ग तैयार करेगी।   ऐतिहासिक मिशन यह मिशन Apollo के बाद इंसानों का चांद पर सबसे बड़ा कदम है। यात्रियों को टॉयलेट जैसी बुनियादी समस्याओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी तैयारी और तकनीकी मदद से ये बाधाएं पार की गईं।

Anjali Kumari अप्रैल 3, 2026 0
Asia Cup 2026 schedule
बांग्लादेश ने BCCI से रिश्ते सुधारने की पहल, दांव पर वनडे-टी20 सीरीज और एशिया कप

नई दिल्ली, एजेंसियां। आईपीएल 2026 में बांग्लादेशी पेसर मुस्तफिजुर रहमान को बाहर किए जाने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के रिश्तों में खटास आ गई थी। इसके कारण भारत में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की टीम हिस्सा नहीं ले पाई थी। अब बांग्लादेश ने रिश्तों को सुधारने की पहल शुरू कर दी है।   BCB ने BCCI को लिखी चिट्ठी नई सरकार बनने के बाद BCB ने BCCI को पत्र लिखा है, जिसमें भारत और बांग्लादेश के पुराने क्रिकेट संबंधों का जिक्र किया गया है और रिश्ते सामान्य करने की ख्वाहिश जताई गई है। BCCI और BCB सूत्रों के अनुसार, इस पत्र में दोनों बोर्ड के बीच पहले जैसे बेहतर रिश्ते बहाल करने पर जोर दिया गया है।   दांव पर सीरीज और अहम टूर्नामेंट बांग्लादेश के बदले हुए रुख के पीछे मुख्य वजह आगामी वनडे और टी20 सीरीज है। भारत और बांग्लादेश के बीच यह सीरीज सितंबर 2026 में खेली जानी है, जो पिछले साल स्थगित हुई थी। आईपीएल और टी20 वर्ल्ड कप विवाद की वजह से सीरीज खतरे में पड़ गई थी।   एशिया कप का संकट इसके अलावा एशिया कप 2027 की मेजबानी बांग्लादेश को ही करनी है। अगर BCCI के साथ संबंध सुधरते नहीं हैं, तो टीम इंडिया बांग्लादेश दौरे से मना कर सकती है, जिससे टूर्नामेंट बांग्लादेश (और पाकिस्तान) से बाहर आयोजित करना पड़ सकता है। इससे BCB को आर्थिक और प्रतिष्ठात्मक नुकसान होगा।

Anjali Kumari अप्रैल 3, 2026 0
Dixit Solanki death case
ईरान युद्ध में मारे गए नाविक दीक्षित सोलंकी का शव अभी तक भारत नहीं आया, परिवार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की

मुंबई, एजेंसियां। पश्चिम एशिया युद्ध में जान गंवाने वाले 32 वर्षीय भारतीय नाविक दीक्षित अमृतलाल सोलंकी का शव अब तक भारत नहीं लाया गया है। 1 मार्च को MT MKD Vyom जहाज पर हुए संदिग्ध मिसाइल हमले में दीक्षित की मौत हुई थी। घटना को एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन परिवार अभी तक उनके पार्थिव शरीर को घर वापस लाने में असमर्थ है।   परिवार ने मांगी न्यायालय से मदद दीक्षित के पिता अमृतलाल सोलंकी (64) और बहन मिताली सोलंकी (33) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। परिवार ने मांग की है कि दीक्षित का शव जल्द भारत लाया जाए और साथ ही घटना की पूरी जांच रिपोर्ट, फोटो और वीडियो सबूत उनके साथ साझा किए जाएं। याचिका में विदेश मंत्रालय, बंदरगाह और जहाजरानी मंत्रालय, जहाजरानी महानिदेशालय और V Ships India Pvt Ltd को प्रतिवादी बनाया गया है।   घटना और जहाज पर हालात दीक्षित MT MKD Vyom जहाज पर ऑयलर के पद पर थे। 1 मार्च को जहाज पर धमाका हुआ और इंजन रूम में छेद हो गया। शुरू में उन्हें लापता बताया गया, लेकिन बाद में जहाज के बाहरी हिस्से में मृत पाए गए। जहाज के कैप्टन ने उन्हें मृत घोषित किया। जहाज के बाकी 21 क्रू सदस्य सुरक्षित रहे।   परिवार का गुस्सा और असमंजस परिवार का कहना है कि घटना के बाद अधिकारियों से साफ जवाब नहीं मिला। मिताली सोलंकी ने बार-बार ईमेल और अनुरोध किए, लेकिन उन्हें सिर्फ समान जवाबों की श्रृंखला मिली। कंपनी ने कहा कि दीक्षित के शव को भारत भेजना सबसे बड़ी प्राथमिकता है और प्रक्रिया को तेज करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

Anjali Kumari अप्रैल 3, 2026 0
Dahu Yadav bail hearing
1250 करोड़ के घोटाले में दाहू यादव की जमानत का फैसला अब हाईकोर्ट के हाथ में

रांची। झारखंड के साहिबगंज अवैध खनन मामले में फरार आरोपी राजेश यादव उर्फ दाहू यादव की अग्रिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब अदालत के आदेश का इंतजार है।   सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं किया सरेंडर अंग्रेज़ी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2023 में दाहू यादव को पीएमएलए कोर्ट में सरेंडर करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद वह फरार रहा और अब जमानत याचिका गंभीर स्थिति में है।   ED की लगातार कार्रवाई और समन प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दाहू यादव को कई बार समन भेजा, लेकिन वह एक बार भी पेश नहीं हुआ। इसके बाद ED ने अन्य आरोपियों के खिलाफ भी केस दर्ज किया और जांच तेज कर दी।   1250 करोड़ के अवैध खनन का नेटवर्क साहिबगंज में 1250 करोड़ रुपये के अवैध खनन का मामला सामने आया। ED की जांच में कई बड़े नाम शामिल पाए गए, जिनमें पंकज मिश्रा, बच्चू यादव, सुनील यादव और पशुपति यादव शामिल हैं। एजेंसी ने इनके खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल किया।   जब्त किए गए बैंक खाते, नकद और अवैध उपकरण जांच के दौरान ED ने 37 बैंक खातों में जमा 11.88 करोड़ रुपये जब्त किए। इसके अलावा, छापेमारी में 5.34 करोड़ रुपये नकद, दस्तावेज और अवैध रूप से चल रहे पांच स्टोन क्रशर बरामद हुए। साथ ही पांच अवैध हथियार और कारतूस भी मिले।   छापेमारी और केस की शुरुआत ED ने साहिबगंज, बरहेट, राजमहल, मिर्जा चौकी और बरहरवा समेत 19 जगहों पर छापेमारी की। इस पूरे मामले की शुरुआत बरहरवा थाने में दर्ज केस संख्या 85/2020 से हुई थी, जो बाद में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के रूप में सामने आया।

Anjali Kumari अप्रैल 3, 2026 0
NCERT deemed university
NCERT को मिला डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा, शिक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला

नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा दे दिया है। यह फैसला केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने UGC की सिफारिश और विशेषज्ञ समिति की मंजूरी के बाद लिया। अधिसूचना के अनुसार, NCERT अब विशेष श्रेणी के तहत ‘डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी’ संस्थान घोषित किया गया है।   UGC की सिफारिश और लेटर ऑफ इंटेंट UGC ने NCERT को कुछ शर्तों के साथ ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ (LoI) जारी करने की सिफारिश की थी। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने इसे मंजूरी देते हुए आधिकारिक अधिसूचना जारी की। UGC अधिनियम, 1956 की धारा 3 के तहत यह दर्जा दिया गया है।   छह घटक संस्थान शामिल   अधिसूचना के मुताबिक, NCERT के छह रीजनल इंस्टीट्यूट और एक सेंट्रल इंस्टीट्यूट शामिल हैं: रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, अजमेर, राजस्थान रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, भोपाल, मध्य प्रदेश रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, भुवनेश्वर, ओडिशा रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, मानसगंगोत्री, मैसूर, कर्नाटक नॉर्थ ईस्ट रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, शिलांग, मेघालय पंडित सुंदरलाल शर्मा सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ वोकेशनल एजुकेशन, भोपाल, मध्य प्रदेश शिक्षक शिक्षा और अनुसंधान को मिलेगा बल डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने से NCERT अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप स्वतंत्र रूप से डिग्री प्रोग्राम पेश कर सकेगी। यह कदम शिक्षक शिक्षा और शैक्षिक अनुसंधान को मजबूत करने के प्रयासों को गति देगा।   NCERT का इतिहास NCERT की स्थापना 1961 में सोसायटी अधिनियम के तहत हुई थी, ताकि स्कूली शिक्षा से जुड़े मामलों में सरकार को सहायता और सलाह दी जा सके। अब डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने से NCERT को विश्वविद्यालयों के समान शैक्षणिक दर्जा और विशेषाधिकार प्राप्त होंगे।

Anjali Kumari अप्रैल 3, 2026 0
जेल में तबियत बिगड़ने पर रिम्स भेजा गया, इलाज के दौरान माओवादी नेता प्रशांत बोस की मौत

रांची। प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) के वरिष्ठ नेता और पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस उर्फ किशन दा का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। सुबह करीब 6 बजे उनकी तबियत अचानक बिगड़ गई और उन्हें सांस लेने में समस्या हुई। तुरंत उन्हें इलाज के लिए रिम्स भेजा गया, लेकिन सुबह 10 बजे डॉक्टरों की टीम ने उनकी मौत की पुष्टि कर दी। घटना के बाद प्रशासन ने मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की।   संगठन में दूसरा सबसे बड़ा नेता प्रशांत बोस संगठन में महासचिव नंबला केशव राव के बाद दूसरा सबसे अहम नेता माने जाते थे। वे भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय समिति और पोलित ब्यूरो के महत्वपूर्ण सदस्य थे। संगठन में उनकी भूमिका रणनीतिक और नेतृत्वकारी रही है।   ‘किशन दा’ के नाम से जाने जाते थे प्रशांत बोस को नक्सली संगठन में ‘किशन दा’ के नाम से जाना जाता था। वे मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे और दशकों तक संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे।   MCC से माओवादी तक का सफर किशन दा पहले माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर ऑफ इंडिया (MCCI) के प्रमुख थे। 2004 में एमसीसीआई और पीपुल्स वार (PW) के विलय के बाद भाकपा (माओवादी) का गठन हुआ और वे नए संगठन के पोलित ब्यूरो में शामिल किए गए।   गिरफ्तारी और इनामी हेड प्रशांत बोस को 12 नवंबर 2021 को सरायकेला-खरसावां जिले से उनकी पत्नी शीला मरांडी के साथ गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के समय उन पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। उनकी उम्र 75 साल से अधिक थी और वे लंबे समय से जेल में बंद थे।

Anjali Kumari अप्रैल 3, 2026 0
Rising gas prices
मिडिल ईस्ट तनाव और गैस महंगी, होटल-रेस्टोरेंट में बढ़ सकते हैं खाने के रेट

नई दिल्ली, एजेंसियां। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और भारत में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के चलते होटल और रेस्टोरेंट के खर्च में तेजी से इजाफा हुआ है। इसके परिणामस्वरूप आने वाले समय में खाने की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।   होटल इंडस्ट्री पर बढ़ा दबाव होटल एंड रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया (HRAWI) के प्रवक्ता प्रदीप शेट्टी ने कहा कि 28 फरवरी से संघर्ष और पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से इंडस्ट्री के खर्च लगभग 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण बार-बार बंद होना, काम के कम घंटे, मेन्यू में बदलाव और खाना बनाने के नए तरीके अपनाना है। बिजनेस में गिरावट के कारण मुनाफा कम हुआ है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट के लिए बढ़ते खर्च को संभालना चुनौतीपूर्ण हो गया है।   कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में वृद्धि देश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इस साल के पहले चार महीनों में यह पाँचवीं बार बढ़ी, और अब दिल्ली में एक सिलेंडर की कीमत 2078.50 रुपये तक पहुँच गई है। इस साल अब तक दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर के दाम कुल 498 रुपये बढ़ चुके हैं।   खाने की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना HRAWI का कहना है कि बढ़ते खर्च और घटते मुनाफे के बीच होटल और रेस्टोरेंट के पास खाने की कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। इंडस्ट्री संकेत दे रही है कि जल्द ही मेन्यू में बदलाव और रेट बढ़ने की संभावना है, जिससे आम ग्राहकों को महंगे खाने का सामना करना पड़ सकता है।

Anjali Kumari अप्रैल 3, 2026 0
Abhishek Sharma
अभिषेक शर्मा पर आईपीएल का बड़ा एक्शन, मैच फीस से 25% जुर्माना

नई दिल्ली, एजेंसियां। सनराइजर्स हैदराबाद के बल्लेबाज अभिषेक शर्मा पर आईपीएल ने बड़ा कार्रवाई किया है। केकेआर के खिलाफ हालिया मुकाबले में अभिषेक ने 48 रनों की धमाकेदार पारी खेली, लेकिन आउट होने के बाद उन्होंने कुछ ऐसा किया, जिसे आईपीएल ने नियमों के खिलाफ माना। इस कारण उन्हें लेवल 1 का अपराध माना गया, जो मैच के दौरान गंदी भाषा का इस्तेमाल करने से जुड़ा है।   मैच फीस और डिमेरिट प्वाइंट आईपीएल ने अभिषेक शर्मा पर मैच फीस का 25 फीसदी काटने का फैसला लिया है। इसके अलावा उन्हें एक डिमेरिट प्वाइंट भी दिया गया। इसका मतलब है कि अभिषेक अपनी टीम से मिलने वाली मैच फीस का एक चौथाई हिस्सा नहीं पाएंगे। आईपीएल ने इस मामले में यह नहीं बताया कि अभिषेक ने ठीक क्या कहा, लेकिन उन्होंने आर्टिकल 2.3 के तहत अपराध स्वीकार किया।   पारी और साझेदारी का प्रदर्शन केकेआर के खिलाफ अभिषेक ने ओपनिंग करते हुए 21 गेंदों में 48 रन बनाए, जिसमें चार चौके और चार छक्के शामिल थे। उनके साथ ट्रेविस हेड ने भी शानदार साझेदारी निभाई, दोनों ने पहले छह ओवर में ही टीम का स्कोर 80 पार कर दिया। ट्रेविस हेड छठे ओवर में आउट हुए और अभिषेक नौवें ओवर में पवेलियन लौटे, तब टीम का स्कोर 112 था।   टीम की बड़ी जीत में योगदान अभिषेक की आक्रामक पारी और साझेदारी की वजह से एसआरएच ने 20 ओवर में 226 रन बनाए। टीम ने अंततः 65 रन से जीत दर्ज की। इसके अलावा अभिषेक ने मैच में एक ओवर भी गेंदबाजी की, जिसमें उन्होंने 15 रन दिए, लेकिन कोई विकेट नहीं लिया।

Anjali Kumari अप्रैल 3, 2026 0
Ramgarh elephant attack
रामगढ़ में हाथी के कुचलने से तीन की मौत, 1 घायल

रामगढ़। रामगढ में 3 अप्रैल की सुबह जंगली हाथियों के हमले से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। बंदा, मुरपा और धोरधोरिया में हुई अलग-अलग घटनाओं के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। मृतक के परिजन को वन विभाग के द्वारा अलग-अलग 25000-25000 रुपये मुआवजा दिया गया उसके बाद ही शव को उठाया।   कैसे हुआ हमला? जानकारी के अनुसार, बंदा क्षेत्र में ईंट भट्ठा पर काम कर रहे तालाटांड पतरातू निवासी 25 वर्षीय धीरज भुइयां और कुजू निवासी 25 वर्षीय युगल भुइयां पर अचानक हाथियों के झुंड ने हमला कर दिया. दोनों को कुचलकर मौके पर ही मार डाला गया. वहीं, महुआ चुन रहे 70 वर्षीय श्याम देव साहू को भी अपनी चपेट में लेकर कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई. जानकारी के अनुसा, धीरज भुइयां अपने पीछे पत्नी सहित दो पुत्र एवं एक पुत्री को छोड़ गये.    घायल की अस्पताल में इलाज जारी इसके साथ ही धोरधोरिया सुतरी गांव में महुआ चुन रही एक महिला अदरी देवी 74 वर्ष, पति स्व पहलू बेदिया को भी हाथी ने पटक कर घायल कर दिया. घायल महिला का प्राथमिक इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला में चल रहा है.

Anjali Kumari अप्रैल 3, 2026 0
LPG cylinder shortage
LPG cylinder shortage: LPG सिलेंडर की किल्लत के कारण बंद हुआ फेमस यूट्यूबर का रेस्टोरेंट

मुंबई, एजेंसियां। मशहूर टीवी अभिनेता शोएब इब्राहिम की बहन और अभिनेत्री दीपिका कक्कड़ की ननद, सबा इब्राहिम एक बार फिर चर्चा में हैं। सबा इब्राहिम का रेस्टोरेंट पिछले कुछ समय से किसी न किसी वजह से सुर्खियों में रहा है। इससे पहले सबा तब विवादों में घिर गई थीं जब उनके एक व्लॉग की क्लिप वायरल हुई थी। उस वीडियो में उनका परिवार एक व्यस्त हाईवे के किनारे बैठकर रमजान का रोजा इफ्तार करता नजर आया था। इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर सुरक्षा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी थी। कई दर्शकों ने सड़क के इतने करीब बैठकर खाना खाने पर चिंता जताई और इसे जोखिम भरा बताया। हालांकि कुछ प्रशंसकों ने उनका समर्थन भी किया, लेकिन इस घटना ने उनके रेस्टोरेंट और व्लॉगिंग स्टाइल पर काफी चर्चा बटोरी थी।   सबा अपने  रेस्टोरेंट को लेकर सुर्खियों  में  रहती है  सबा इब्राहिम का रेस्टोरेंट पिछले कुछ समय से किसी न किसी वजह से सुर्खियों में रहा है। इससे पहले सबा तब विवादों में घिर गई थीं जब उनके एक व्लॉग की क्लिप वायरल हुई थी। उस वीडियो में उनका परिवार एक व्यस्त हाईवे के किनारे बैठकर रमजान का रोजा इफ्तार करता नजर आया था। इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर सुरक्षा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी थी। कई दर्शकों ने सड़क के इतने करीब बैठकर खाना खाने पर चिंता जताई और इसे जोखिम भरा बताया। हालांकि कुछ प्रशंसकों ने उनका समर्थन भी किया, लेकिन इस घटना ने उनके रेस्टोरेंट और व्लॉगिंग स्टाइल पर काफी चर्चा बटोरी थी। रेस्टोरेंट बंद करने की मुख्य  वजह  क्या है ? सबा ने अपने व्लॉग में स्पष्ट किया कि रेस्टोरेंट को बंद करने का फैसला रातों-रात नहीं लिया गया, बल्कि इसके पीछे कुछ ठोस तकनीकी और व्यावहारिक कारण हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से रेस्टोरेंट में गैस की भारी किल्लत हो रही है, जिसकी वजह से किचन का कामकाज सुचारू रूप से चलाना असंभव हो गया था। ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण सेवा देने में आ रही इस बाधा के कारण उन्होंने कुछ समय के लिए ब्रेक लेना ही बेहतर समझा। गैस की समस्या के अलावा रेस्टोरेंट के इंटीरियर में भी कुछ खामियां सामने आई हैं। सबा और खालिद ने महसूस किया कि जगह के रख-रखाव और सजावट में सुधार की जरूरत है। उन्होंने तय किया है कि वे इस खाली समय का उपयोग रेस्टोरेंट के रिनोवेशन के लिए करेंगे। उनका मानना है कि एक बेहतर और नए लुक के साथ वापसी करने से ग्राहकों का अनुभव और भी शानदार होगा।   आर्थिक नुकसान के बावजूद कड़ा फैसला एक चलता-फिरता बिजनेस बंद करना कभी भी आसान नहीं होता, और सबा ने भी इस बात को स्वीकार किया है। उन्होंने और उनके पति खालिद ने खुलकर बात की कि इस अस्थायी बंदी से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। एक तरफ जहां बिजनेस रुकने से कमाई बंद हो जाएगी, वहीं दूसरी ओर रिनोवेशन और मरम्मत के काम में उन्हें अपनी जेब से अतिरिक्त पैसा निवेश करना होगा। इन तमाम चुनौतियों के बावजूद सबा का कहना है कि लंबे समय के फायदे के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य था। वे नहीं चाहती थीं कि आधी-अधूरी सुविधाओं या समस्याओं के साथ वे अपने ग्राहकों की सेवा करें। यह निर्णय उनके पेशेवर रवैये और गुणवत्ता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यूट्यूब क्वीन और उद्यमी के रूप में सबा का सफर सबा इब्राहिम यूट्यूब की दुनिया का एक बड़ा नाम हैं। 6 नवंबर, 2022 को मुंबई में खालिद नियाज के साथ शादी के बंधन में बंधने के बाद, उनकी लोकप्रियता और भी बढ़ गई है। वे अपने व्लॉग्स के जरिए अपनी रोजमर्रा की जिंदगी, पारिवारिक पल और यात्राओं के अनुभव साझा करती हैं। उनके व्लॉग्स को लाखों लोग देखते हैं, यही वजह है कि उनके जीवन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर तुरंत वायरल हो जाती है।

Anjali Kumari अप्रैल 3, 2026 0
Kerala festival airport closure
केरल में धार्मिक यात्रा के लिए 5 घंटे तक इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सेवा रही बंद, क्या हैं खास इस त्योहार में?

तिरुवनंतपुरम, एजेंसियां। केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के पवित्र पैंकुनी अरट्टू (Painkuni Arattu) यात्रा के लिए रास्ता बनाने के मकसद से इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान सेवाएं कल गुरुवार शाम के बाद करीब 5 घंटे के लिए रोक दी गईं। ऐसा नहीं है कि पहली बार एयरपोर्ट से उड़ान सेवाएं रोकी गई हैं, यह व्यवस्था लंबे समय से चली आ रही है।   विश्व प्रसिद्ध शोभायात्रा यह विश्व प्रसिद्ध शोभायात्रा मंदिर से शाम करीब 5 बजे शुरू हुई। इसमें त्रावणकोर शाही परिवार के पुरुष सदस्यों के अलावा, बड़ी संख्या में श्रद्धालु, कई सजे-धजे हाथी, घुड़सवार पुलिस का एक दस्ता और एक पुलिस बैंड भी शामिल था।पूर्व त्रावणकोर शाही परिवार के वर्तमान प्रमुख, श्री मूलम तिरुनल राम वर्मा (Sree Moolam Tirunal Rama Varma), जिन्होंने पारंपरिक हरी रेशमी टोपी और पन्ने का हार पहन रखा था, साथ ही अपने हाथ में औपचारिक तलवार थाम रखी थी, ने मंदिर से लेकर एयरपोर्ट के टरमैक से होते हुए शंकुमुखम समुद्र तट तक इस धार्मिक शोभायात्रा का नेतृत्व किया।    टीआईएएल ने इस बारे में क्या कहा? तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (टीआईएएल) ने इस बारे में बताया कि गुरुवार दोपहर को इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान सेवाएं करीब 5 घंटों के लिए रोक दी गईं, जिससे यहां स्थित श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के पवित्र ‘पैंकुनी अरट्टू’ उत्सव के लिए रास्ता दिया जा सके। ये उड़ान सेवाएं शाम करीब 4:45 बजे रोक दी गईं और शोभायात्रा के मंदिर लौटने के बाद रात 9 बजे फिर से बहाल हो गईं।   साल में 2 बार रोकी जाती है हवाई सेवा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पिछले कई दशकों से यहां पर हर साल 2 बार कुछ घंटे के लिए अपनी ऑपरेशनल सेवाएं रोक देता है है, और उड़ान सेवा को फिर से तय करता है, ताकि मंदिर की सदियों पुरानी, ​​साल में दो बार होने वाली औपचारिक शोभायात्रा को रनवे से गुजरने दिया जा सके।   समुद्र तट पर स्नान के लिए लाई जाती हैं मूर्तियां इस शोभायात्रा के दौरान उनके साथ पुलिसकर्मियों का एक छोटा सा दस्ता भी चल रहा था. शोभायात्रा टरमैक पर आगे बढ़ी और तुरहियों तथा ढोल की थाप के बीच समुद्र तट पर जा पहुंची. एयरपोर्ट परिसर में प्रवेश करने के बाद, पद्मनाभ स्वामी, नरसिंह मूर्ति और कृष्ण स्वामी की “उत्सव विग्रह” (मूर्तियों) को कुछ समय के लिए रनवे के पास स्थित “अरट्टू मंडपम” में भी रखा गया, और फिर आगे के अनुष्ठान के लिए उन्हें पास के समुद्र तट पर ले जाया गया.   शंकुमुखम समुद्र तट शंकुमुखम समुद्र तट (Shankumugham Beach) के पास समुद्र में डुबकी लगाने के बाद, मूर्तियों को पारंपरिक मशालों की रोशनी में निकाली गई एक शोभायात्रा के जरिए वापस मंदिर ले जाया गया, जिसके साथ ही इस भव्य उत्सव का समापन हो गया. तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने भी सोशल मीडिया Facebook पर इस जुलूस की कई तस्वीरों और वीडियो शेयर किए, जिसमें उसने लिखा, “जब श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर का ‘आराट्टू’ जुलूस हमारे रनवे से होते हुए गुजरा, तो वह अपने साथ केरल की विरासत और भक्ति का गहरा जुड़ाव भी ले गया.   सदियों से चली आ रही परंपरा एयरपोर्ट पर हम इस पवित्र परंपरा को देखने को लेकर सम्मान महसूस करते हैं। यह एक खूबसूरत याद दिलाता है कि कैसे आस्था समय और स्थान की सीमाओं से परे होती है।” एयरपोर्ट के एक सूत्र ने बताया कि जब शोभायात्रा मंदिर की ओर लौट आया तो रनवे को साफ करने के बाद हवाई उड़ानों के लिए सुरक्षित घोषित कर दिया गया, फिर रात करीब 9 बजे उड़ान सेवाएं फिर से बहाल हो गईं। मंदिर के जुलूस का इस रास्ते से होकर शंकुमुखम बीच तक जाना, ताकि इन मूर्तियों को पवित्र स्नान कराया जा सके- यह परंपरा सदियों पहले शुरू हुई थी और साल 1932 में एयरपोर्ट बनने के बाद भी यह यात्रा जारी रही।   इतिहासकारों के अनुसार इतिहासकारों के अनुसार, जब इस खास जगह पर एयरपोर्ट बनाया जा रहा था, तभी त्रावणकोर के तत्कालीन राजा श्री चिथिरा तिरुनल ने यह साफ कर दिया था कि यह एयरपोर्ट साल के 363 दिन आम लोगों के लिए खुली रहेगी, और 2 दिन शाही परिवार के कुलदेवता (भगवान पद्मनाभ) के लिए समर्पित रहेगी। शाही दौर से चली आ रही यह परंपरा अडानी ग्रुप द्वारा एयरपोर्ट का प्रबंधन संभालने के बाद भी निरंतर जारी है। हर साल 2 बार इस एयरपोर्ट के रनवे को बंद कर दिया जाता है. एक अक्टूबर-नवंबर में पड़ने वाले छमाही ‘अल्पासी’ उत्सव और दूसरा मार्च-अप्रैल में पड़ने वाले ‘पैंकुनी’ उत्सव के दौरान एयरपोर्ट एक NOTAM (Notice to Airmen, हवाई यात्रियों के लिए सूचना) जारी करता है.

Anjali Kumari अप्रैल 3, 2026 0
Suryakumar Yadav
IPL 2026: Suryakumar Yadav ने 'धुरंधर' गाने पर स्टेज पर दिखाया धमाकेदार अंदाज

मुंबई, एजेंसियां। मुंबई इंडियंस के कप्तान सूर्यकुमार यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह फिल्म 'धुरंधर' के मशहूर गाने 'Fa9la' पर डांस करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में सूर्यकुमार ने अक्षय खन्ना के किरदार रहमान डकैत के वायरल डांस स्टेप्स को रीक्रिएट करते हुए स्टेज पर धमाल मचा दिया। मुंबई इंडियंस ने गुरुवार, 2 अप्रैल को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर यह वीडियो शेयर किया, जो देखते ही देखते फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गया।   सूर्यकुमार यादव का दिखाधुरंधर मोड वीडियो में सूर्यकुमार यादव का रिलैक्स्ड और मस्ती भरा अंदाज देखने को मिला। मुंबई इंडियंस ने वीडियो के कैप्शन में लिखा, "ये दादा का स्टाइल है, पूरा धुरंधर मोड।" इस वीडियो ने आईपीएल 2026 में कप्तान के फैन्स के लिए अलग ही उत्साह पैदा कर दिया है।   मुंबई इंडियंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स शानदार जीत  हासिल की  आईपीएल 2026 के हाल ही में हुए सीजन ओपनर में मुंबई इंडियंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ छह विकेट से शानदार जीत दर्ज की थी। रयान रिकेल्टन और रोहित शर्मा की मदद से मुंबई ने 221 रन का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया। यह मुंबई इंडियंस का आईपीएल इतिहास में सबसे बड़ा रन-चेज और 2012 के बाद पहला सीजन ओपनर जीतने का मौका था। मुंबई इंडियंस का अगला मैच 4 अप्रैल को अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ होगा। इसके पहले, सूर्यकुमार की कप्तानी में भारत ने T20 वर्ल्ड कप 2026 में फाइनल में न्यूज़ीलैंड को हराकर ट्रॉफी जीती थी। सूर्यकुमार की लीडरशिप और स्टाइलिश अंदाज ने उन्हें मैदान के साथ-साथ स्टेज पर भी फैंस का पसंदीदा बना दिया है। इस वीडियो ने आईपीएल 2026 में उनके खेल और ग्लैमरस अंदाज दोनों को एक साथ दिखाया है।

Anjali Kumari अप्रैल 3, 2026 0
Raghav Chadha statement
राघव चड्ढा को AAP से हटाए जाने पर बोले- खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं

नई दिल्ली, एजेंसियां। आम आदमी पार्टी (AAP) में अंदरुनी कलह फिर उजागर हो गई है। पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को पार्टी ने सदन में उपनेता पद से हटाने का अनुरोध किया है। उनके स्थान पर पंजाब से सांसद अशोक मित्तल को उपनेता बनने का प्रस्ताव भेजा गया। इस कदम के बाद चड्ढा ने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो पोस्ट कर कहा, “खामोश करवाया गया हूं, लेकिन हारा नहीं। यह मेरा आम आदमी को संदेश है।” चड्ढा ने अपने वीडियो में संसद में उठाए गए मुद्दों का जिक्र किया, जो आम तौर पर चर्चा में नहीं आते। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग पर बढ़ते टैक्स, डेटा की समय सीमा, पितृत्व अवकाश का अधिकार और एयरपोर्ट पर अतिरिक्त सामान शुल्क जैसे मसलों को उठाना उनका कर्तव्य था। उन्होंने पूछा कि क्या ऐसे मुद्दे उठाना अपराध है।   सूत्रों के अनुसार AAP की तरफ से चड्ढा को सदन में बोलने के लिए पार्टी के कोटे से समय नहीं देने का निर्देश भी जारी किया गया। सूत्रों के अनुसार, यह फैसला लंबे समय से उनके संबंधों में आई गिरावट और पार्टी के कार्यक्रमों से अनुपस्थिति के चलते लिया गया। चड्ढा कभी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के बेहद करीबी और विश्वासपात्र माने जाते थे।   नए उपनेता अशोक मित्तल ने कहा राघव चड्ढा देश के सबसे युवा सांसदों में से एक हैं और पंजाब व दिल्ली में AAP के कार्यकाल के दौरान उनकी भूमिका अहम रही। उनके हटाए जाने के बाद पार्टी के नए उपनेता अशोक मित्तल ने कहा कि वह पूरे ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे और सदन में पार्टी का रुख और राष्ट्रीय हितों को मजबूती से पेश करेंगे। इस घटनाक्रम ने AAP में नेतृत्व और रणनीति के मुद्दों पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं, जबकि चड्ढा ने अपने समर्थकों को संदेश देकर राजनीतिक संघर्ष के बावजूद अपनी सक्रिय भूमिका बनाए रखने का इरादा जताया है।

Anjali Kumari अप्रैल 3, 2026 0
Deepika Chikhlia reaction
दीपिका चिखलिया ने रणबीर कपूर के ‘रामायण’ टीजर पर जताई खुशी, कहा- रिलीज का इंतजार

मुंबई, एजेंसियां। डायरेक्टर नितेश तिवारी की मेगा बजट फिल्म ‘रामायण’ का टीजर सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और दर्शक इसे बेहद पसंद कर रहे हैं। टीवी की ओजी सीता दीपिका चिखलिया ने भी टीजर देखने के बाद अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कहा, “टीजर बहुत ग्रैंड और रिच लग रहा है। फिल्म को बहुत अच्छे से बनाया गया है। दीपिका ने खासकर रणबीर कपूर के भगवान राम के किरदार की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, “रणबीर कपूर राम के किरदार में अच्छे लग रहे हैं। अब मैं फिल्म की रिलीज का इंतजार कर रही हूं। यह बहुत खूबसूरत लग रही है।   पहले थीं संदेहास्पद, अब उत्साहित हालांकि टीजर देखने से पहले दीपिका की राय कुछ अलग थी। जून 2024 में उन्होंने फिल्म के ऐलान पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि रामायण को बार-बार दोहराने की जरूरत नहीं है। उनका मानना था कि हर बार नई कहानी या नया अंदाज लाने का प्रयास दर्शकों को भ्रमित कर सकता है। लेकिन अब उन्होंने टीजर के विजुअल्स और भव्यता की सराहना की है।   दो भागों में रिलीज होगी फिल्म टीजर में रणबीर कपूर को ‘मर्यादा पुरुषोत्तम राम’ के रूप में पेश किया गया है, जबकि साई पल्लवी सीता और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में दिखाई देंगे। यश के रावण की झलक भी टीजर में दिखाई गई है। फिल्म का पहला भाग दिवाली 2026 में और दूसरा भाग दिवाली 2027 में रिलीज होगा। संगीत हंस जिमर और ए आर रहमान ने तैयार किया है।

Anjali Kumari अप्रैल 3, 2026 0
Mango varieties famous
भारत के 10 आम जो विदेशों में भी हैं सुपरस्टार

नई दिल्ली, एजेंसियां। गर्मियों का मौसम भले ही तेज धूप और उमस लेकर आता हो, लेकिन इसी मौसम की सबसे मीठी सौगात है आम। भारत को आमों का देश कहा जाए तो गलत नहीं होगा, क्योंकि यहां 1500 से ज्यादा किस्म के आम पाए जाते हैं। इनमें से कई किस्में सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बेहद लोकप्रिय हैं। स्वाद, खुशबू, गूदे की गुणवत्ता और शेल्फ लाइफ के कारण भारतीय आमों की UAE, UK, USA, यूरोप और मिडिल ईस्ट जैसे बाजारों में भारी मांग रहती है।   1. अल्फांसो: आमों का ‘किंग’ अल्फांसो आम को “आम का राजा” कहा जाता है। महाराष्ट्र के रत्नागिरी और देवगढ़ में उगने वाला यह आम अपनी मीठी खुशबू, मुलायम गूदे और प्रीमियम क्वालिटी के लिए मशहूर है। इंटरनेशनल मार्केट में इसकी सबसे ज्यादा डिमांड रहती है।   2. दशहरी  दशहरी आम, जो उत्तर प्रदेश के मलिहाबाद का खास आम है, अपने मीठे स्वाद और बिना रेशे वाले गूदे के लिए पसंद किया जाता है।   3. लंगड़ा: उत्तर भारत के सुपरस्टार वहीं लंगड़ा आम, जो वाराणसी से जुड़ा है, अपने हल्के हरे रंग, तेज खुशबू और अनोखे स्वाद के कारण विदेशों में अलग पहचान रखता है।   4. केसर  केसर आम गुजरात के गिर क्षेत्र में उगाया जाता है। इसका केसरिया रंग, मीठापन और रसदार गूदा इसे एक्सपोर्ट का पसंदीदा विकल्प बनाता है।    5. चौसा: रंग और रस का कमाल चौसा आम उत्तर भारत में बेहद लोकप्रिय है। यह इतना रसदार और मीठा होता है कि इसे चूसकर खाने का मजा ही अलग होता है। यह खासकर मिडिल ईस्ट और यूरोप में खूब भेजा जाता है।   6. तोतापुरी  तोतापुरी आम अपनी तोते की चोंच जैसी शेप और खट्टे-मीठे स्वाद के लिए जाना जाता है। इसका इस्तेमाल जूस, पल्प और प्रोसेस्ड फूड में खूब होता है।   7. बंगनपल्ली: फूड इंडस्ट्री के पसंदीदा बंगनपल्ली (सफेदा), आंध्र प्रदेश की प्रसिद्ध किस्म है, जो बड़े आकार, बिना रेशे वाले गूदे और हल्की मिठास के लिए पसंद की जाती है।   8. हिमसागर हिमसागर आम पश्चिम बंगाल का प्रीमियम आम है, जिसमें गूदा ज्यादा और बीज छोटा होता है।    9. नीलम  नीलम आम दक्षिण भारत में उगाया जाता है और इसकी तेज खुशबू व लंबी शेल्फ लाइफ इसे एक्सपोर्ट के लिए बेहतरीन बनाती है।   10. आम्रपाली: स्वाद में अलग पहचान वहीं आम्रपाली, जो दशहरी और नीलम का हाइब्रिड है, आकार में छोटा लेकिन स्वाद में बेहद गाढ़ा और मीठा होता है।

Anjali Kumari अप्रैल 3, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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