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The Traitors 2 में रिया ने याद किया मुश्किल दौर

The Traitors 2: रिया चक्रवर्ती ने याद किया जिंदगी का सबसे मुश्किल दौर, बोलीं- ‘मैं सबसे ज्यादा ट्रोल होने वाली इंसान हूं’

ranjan kumar tiwari अगस्त 20, 2026 0
The Traitors 2 में रिया चक्रवर्ती ने अपने मुश्किल दौर और ट्रोलिंग पर बात की
रिया चक्रवर्ती ने The Traitors 2 में पुराने दौर को किया याद

मुंबई, एजेंसियां। रियलिटी शो ‘द ट्रेटर्स 2’ में रिया चक्रवर्ती इन दिनों चर्चा में हैं। शो में खिलाड़ियों को ट्रेटर और इनोसेंट की भूमिका में बांटा गया है। ऐसे में जब रिया पर ट्रेटर होने का शक किया जाता है, तो उन्होंने इसे अपनी निजी जिंदगी के बेहद मुश्किल दौर से जोड़कर देखा।

 

‘दुनिया ने मुझे ट्रेटर समझा, लेकिन मैं इनोसेंट निकली’

 

 

शो में अपने ऊपर हो रहे शक के बीच रिया ने कहा कि उनकी जिंदगी की कहानी ही ऐसी रही है, जिसमें लोगों ने उन्हें ट्रेटर समझा, जबकि वह खुद को निर्दोष मानती हैं। रिया ने कहा, “मैं सच में ट्रेटर नहीं हूं। मेरा जो नैरेटिव है ना लाइफ का, यही रहा कि दुनिया ने मुझे ट्रेटर समझा, लेकिन मैं इनोसेंट निकली हूं।”

 

रिया की यह बात साल 2020 में सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उनके खिलाफ बने विवाद और सार्वजनिक आलोचना के संदर्भ में सामने आई।

 

‘जानबूझकर मर्डर करूंगी तो मीम्स बनेंगे’

 

 

शो के दौरान रिया ने कहा कि अगर वह जानबूझकर किसी खिलाड़ी को गेम से बाहर करती हैं, तो लोग इसे सिर्फ खेल की रणनीति के तौर पर नहीं देखेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पुरानी छवि के कारण इस पर अलग तरह की प्रतिक्रिया आ सकती है।

 

रिया ने कहा कि वह पहले से ही दुनिया को ट्रेटर जैसी नजर आती हैं और उनकी निजी जिंदगी की वजह से ऐसा हुआ है। उनके मुताबिक, अगर वह शो में जानबूझकर ‘मर्डर-वर्डर’ करेंगी, तो उनके मीम्स बनाए जाएंगे। उन्होंने खुद को “देश की सबसे ज्यादा ट्रोल होने वाली इंसान” भी बताया।

 

करण जौहर से भी कही थी यही बात

 

 

शो के एक पहले एपिसोड में करण जौहर ने रिया से पूछा था कि वह ट्रेटर बनकर खेलना चाहेंगी या इनोसेंट बनकर। इस पर रिया ने साफ तौर पर इनोसेंट बनने की इच्छा जताई थी।

 

उन्होंने कहा था कि उन्हें इसी साल क्लीन चिट मिली है और लंबे समय तक शक के घेरे में रहने के बाद अब वह खुद को फिर से उसी स्थिति में नहीं देखना चाहतीं।

 

2020 के बाद बदल गई थी रिया की जिंदगी

 

 

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद रिया चक्रवर्ती की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया था। उन्हें सोशल मीडिया पर भारी आलोचना और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। सुशांत से जुड़े ड्रग्स मामले में रिया और उनके भाई शोविक चक्रवर्ती की गिरफ्तारी भी हुई थी।

 

अब ‘द ट्रेटर्स 2’ में जब रिया पर ट्रेटर होने का शक किया जा रहा है, तो उनके लिए यह केवल रियलिटी शो का गेम नहीं रह जाता। खेल में शक और धोखे की भूमिका निभाते हुए रिया अपने पुराने अनुभवों को भी याद करती नजर आ रही हैं।

 

‘ट्रेटर’ शब्द से जुड़ी है पुरानी याद

 

 

रिया के लिए शो में ‘ट्रेटर’ शब्द का इस्तेमाल एक सामान्य गेम टर्म हो सकता है, लेकिन उनकी जिंदगी के अनुभवों के कारण इसका भावनात्मक असर अलग है। यही वजह है कि शो में अपनी सफाई देते हुए रिया ने अपने पुराने दौर और लंबे समय तक झेले गए ट्रोलिंग के अनुभव को सामने रखा।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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मिनी माथुर का बड़ा खुलासा, प्रेग्नेंसी की घोषणा के बाद ‘इंडियन आइडल’ होस्टिंग गंवाने का किया दावा

मुंबई, एजेंसियां। टीवी की लोकप्रिय होस्ट और अभिनेत्री मिनी माथुर ने अपने करियर के एक पुराने अनुभव को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि जब वह अपने दूसरे बच्चे साइरा के साथ गर्भवती थीं, तब उन्हें ‘इंडियन आइडल’ के पांचवें सीजन की मेजबानी करने से रोक दिया गया था। मिनी के मुताबिक, शो की टीम का मानना था कि भारतीय दर्शक गर्भवती महिला को शो के होस्ट के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे।   प्रेग्नेंसी की जानकारी देने के बाद बदला फैसला   मिनी माथुर ने हाल ही में Hauterrfly के इंटरव्यू में बताया कि ‘इंडियन आइडल’ के चौथे सीजन के बाद जब पांचवें सीजन की तैयारी शुरू हुई, तब उन्होंने टीम को अपनी प्रेग्नेंसी के बारे में जानकारी दी थी। उनका कहना था कि वह ऑडिशन के दौरान काम कर सकती थीं, लेकिन फिनाले तक उनका बेबी बंप नजर आने लगता। इसके बाद उन्हें पांचवें सीजन से अलग रहने के लिए कहा गया।   ‘भारतीय दर्शक गर्भवती होस्ट को स्वीकार नहीं करेंगे’   मिनी के अनुसार, उन्हें जो वजह बताई गई, वह थी कि भारतीय दर्शक गर्भवती होस्ट को स्वीकार नहीं कर पाएंगे। मिनी ने इस फैसले पर निराशा जताते हुए कहा कि उन्हें इस बात से काफी बुरा लगा था। उनके मुताबिक, उस समय उन्हें लगा कि मनोरंजन उद्योग में महिलाओं की प्रेग्नेंसी को लेकर सोच काफी सीमित थी।   छठे सीजन के लिए फिर आया था ऑफर   मिनी माथुर ने यह भी बताया कि बाद में उन्हें ‘इंडियन आइडल’ के छठे सीजन में वापसी का मौका दिया गया था। हालांकि, तब तक उनका मन बदल चुका था और उन्होंने यह ऑफर स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि पांचवें सीजन से जिस तरह उन्हें अलग किया गया, उसके बाद उनका दिल दोबारा उसी जगह लौटने के लिए तैयार नहीं था।   एमटीवी के साथ भी ऐसा अनुभव हुआ था   मिनी ने बातचीत में अपने करियर के एक और पुराने अनुभव का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब वह अपने पहले बच्चे विवान के साथ गर्भवती हुई थीं, तब एमटीवी पर पांच साल काम करने के बाद उनका कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू नहीं किया गया था। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें यह सोचकर हटाया गया कि ‘VJs are never pregnant’।   महिलाओं के लिए उठाया अहम सवाल   मिनी माथुर का यह खुलासा मनोरंजन जगत में काम करने वाली महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों को फिर चर्चा में ले आया है। उन्होंने अपने अनुभव के जरिए बताया कि करियर के दौरान प्रेग्नेंसी को लेकर महिलाओं को किस तरह पेशेवर फैसलों का सामना करना पड़ता था। हाल के वर्षों में इंडस्ट्री में कामकाजी माताओं को लेकर सोच में बदलाव जरूर आया है, लेकिन मिनी का अनुभव उस दौर की स्थिति को सामने रखता है।

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मुंबई, एजेंसियां। सोशल मीडिया स्टार और कंटेंट क्रिएटर अपूर्वा मखीजा, जिन्हें ‘द रिबेल किड’ के नाम से जाना जाता है, ने अपनी जिंदगी में एक बड़ा बदलाव किया है। अपूर्वा अब न्यूयॉर्क में रहकर न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस से MBA कर रही हैं। उन्होंने बताया कि यह फैसला सिर्फ पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि खुद को सोशल मीडिया की लगातार बनी रहने वाली सुर्खियों से कुछ समय दूर रखने के लिए भी है।   न्यूयॉर्क जाने का था पुराना सपना     अपूर्वा ने बताया कि न्यूयॉर्क पहुंचने के बाद उन्हें इस शहर से खास जुड़ाव महसूस हुआ। शहर की तेज रफ्तार, खान-पान, वास्तुकला और वहां की जिंदगी ने उन्हें काफी आकर्षित किया। उन्होंने यहां पढ़ाई करने का फैसला किया और बताया कि उन्होंने न्यूयॉर्क में सिर्फ एक कॉलेज के लिए आवेदन किया था।     सोशल मीडिया की पहचान से थोड़ा दूर होना चाहती हैं     अपूर्वा के मुताबिक, लगातार प्रासंगिक बने रहने, नए कंटेंट की तलाश करने और अपनी ऑनलाइन पहचान बनाए रखने का दबाव कभी-कभी काफी ज्यादा हो जाता है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगा कि वह ‘द रिबेल किड’ की पहचान के अलावा खुद को कहीं पीछे छोड़ चुकी हैं। न्यूयॉर्क जाना उनके लिए इस दबाव से कुछ समय दूर होकर खुद को समझने का मौका भी है।     MBA के बाद भारत लौटकर शुरू करेंगी बिजनेस     अपूर्वा का लक्ष्य सिर्फ डिग्री हासिल करना नहीं है। उन्होंने बताया कि MBA के जरिए वह बिजनेस चलाने के अलग-अलग पहलुओं को समझना चाहती हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद भारत लौटकर अपना D2C यानी डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर ब्रांड शुरू करने की उनकी योजना है।     बॉलीवुड में लंबी पारी का इरादा नहीं     अपूर्वा इससे पहले रियलिटी शो और मनोरंजन से जुड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आ चुकी हैं। उन्होंने 2025 की फिल्म ‘नादानियां’ से अभिनय की शुरुआत भी की थी, लेकिन अब वह बॉलीवुड में लंबा करियर बनाने के बजाय बिजनेस और उद्यमिता पर ध्यान केंद्रित करना चाहती हैं।  

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The Traitors 2 में रिया चक्रवर्ती ने अपने मुश्किल दौर और ट्रोलिंग पर बात की
The Traitors 2: रिया चक्रवर्ती ने याद किया जिंदगी का सबसे मुश्किल दौर, बोलीं- ‘मैं सबसे ज्यादा ट्रोल होने वाली इंसान हूं’

मुंबई, एजेंसियां। रियलिटी शो ‘द ट्रेटर्स 2’ में रिया चक्रवर्ती इन दिनों चर्चा में हैं। शो में खिलाड़ियों को ट्रेटर और इनोसेंट की भूमिका में बांटा गया है। ऐसे में जब रिया पर ट्रेटर होने का शक किया जाता है, तो उन्होंने इसे अपनी निजी जिंदगी के बेहद मुश्किल दौर से जोड़कर देखा।   ‘दुनिया ने मुझे ट्रेटर समझा, लेकिन मैं इनोसेंट निकली’     शो में अपने ऊपर हो रहे शक के बीच रिया ने कहा कि उनकी जिंदगी की कहानी ही ऐसी रही है, जिसमें लोगों ने उन्हें ट्रेटर समझा, जबकि वह खुद को निर्दोष मानती हैं। रिया ने कहा, “मैं सच में ट्रेटर नहीं हूं। मेरा जो नैरेटिव है ना लाइफ का, यही रहा कि दुनिया ने मुझे ट्रेटर समझा, लेकिन मैं इनोसेंट निकली हूं।”   रिया की यह बात साल 2020 में सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उनके खिलाफ बने विवाद और सार्वजनिक आलोचना के संदर्भ में सामने आई।   ‘जानबूझकर मर्डर करूंगी तो मीम्स बनेंगे’     शो के दौरान रिया ने कहा कि अगर वह जानबूझकर किसी खिलाड़ी को गेम से बाहर करती हैं, तो लोग इसे सिर्फ खेल की रणनीति के तौर पर नहीं देखेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पुरानी छवि के कारण इस पर अलग तरह की प्रतिक्रिया आ सकती है।   रिया ने कहा कि वह पहले से ही दुनिया को ट्रेटर जैसी नजर आती हैं और उनकी निजी जिंदगी की वजह से ऐसा हुआ है। उनके मुताबिक, अगर वह शो में जानबूझकर ‘मर्डर-वर्डर’ करेंगी, तो उनके मीम्स बनाए जाएंगे। उन्होंने खुद को “देश की सबसे ज्यादा ट्रोल होने वाली इंसान” भी बताया।   करण जौहर से भी कही थी यही बात     शो के एक पहले एपिसोड में करण जौहर ने रिया से पूछा था कि वह ट्रेटर बनकर खेलना चाहेंगी या इनोसेंट बनकर। इस पर रिया ने साफ तौर पर इनोसेंट बनने की इच्छा जताई थी।   उन्होंने कहा था कि उन्हें इसी साल क्लीन चिट मिली है और लंबे समय तक शक के घेरे में रहने के बाद अब वह खुद को फिर से उसी स्थिति में नहीं देखना चाहतीं।   2020 के बाद बदल गई थी रिया की जिंदगी     सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद रिया चक्रवर्ती की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया था। उन्हें सोशल मीडिया पर भारी आलोचना और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। सुशांत से जुड़े ड्रग्स मामले में रिया और उनके भाई शोविक चक्रवर्ती की गिरफ्तारी भी हुई थी।   अब ‘द ट्रेटर्स 2’ में जब रिया पर ट्रेटर होने का शक किया जा रहा है, तो उनके लिए यह केवल रियलिटी शो का गेम नहीं रह जाता। खेल में शक और धोखे की भूमिका निभाते हुए रिया अपने पुराने अनुभवों को भी याद करती नजर आ रही हैं।   ‘ट्रेटर’ शब्द से जुड़ी है पुरानी याद     रिया के लिए शो में ‘ट्रेटर’ शब्द का इस्तेमाल एक सामान्य गेम टर्म हो सकता है, लेकिन उनकी जिंदगी के अनुभवों के कारण इसका भावनात्मक असर अलग है। यही वजह है कि शो में अपनी सफाई देते हुए रिया ने अपने पुराने दौर और लंबे समय तक झेले गए ट्रोलिंग के अनुभव को सामने रखा।  

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