ओंकारेश्वर, एजेंसियां। मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में सोमवार को बड़ा हादसा टल गया। नावघाटखेड़ी स्थित नर्मदा घाट पर अलग-अलग दो घटनाओं में गहरे और तेज बहाव वाले पानी में डूब रहे छह कांवड़ यात्रियों को स्थानीय गोताखोरों ने सुरक्षित बचा लिया। समय रहते रेस्क्यू होने से छह लोगों की जान बच गई। स्नान के दौरान गहरे पानी में पहुंचे कांवड़िए श्रावण माह में नर्मदा स्नान और कांवड़ यात्रा के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु नावघाटखेड़ी घाट पहुंच रहे हैं। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे इंदौर से आए दो कांवड़िए स्नान के दौरान गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। घाट पर मौजूद गोताखोर बाबूलाल मंगले ने तुरंत नदी में छलांग लगाई और ट्यूब की मदद से दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। कुछ देर बाद चार और कांवड़िए डूबने लगे पहली घटना के कुछ ही देर बाद इंदौर के चार अन्य कांवड़िए भी स्नान करते समय गहरे पानी में पहुंच गए। तेज बहाव के कारण वे डूबने लगे। स्थानीय गोताखोरों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया और चारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस तरह कुछ ही समय के अंतराल में दो अलग-अलग घटनाओं में छह कांवड़ यात्रियों की जान बचाई गई। तेज बहाव और अचानक बढ़ती गहराई बनी खतरे की वजह गोताखोर बाबूलाल मंगले ने बताया कि श्रद्धालुओं को लगातार गहरे पानी में नहीं जाने की चेतावनी दी जाती है, लेकिन कई लोग उत्साह में नदी के अंदर तक चले जाते हैं। नर्मदा में कई जगह अचानक गहराई बढ़ जाती है और तेज बहाव के कारण संतुलन बिगड़ने पर लोग डूबने लगते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि नर्मदा में स्नान करते समय निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र में ही रहें और गहरे पानी में जाने से बचें। स्थानीय गोताखोरों के लिए सुरक्षा व्यवस्था की मांग ओंकारेश्वर, खेड़ीघाट और नावघाटखेड़ी क्षेत्र के स्थानीय गोताखोर लंबे समय से नर्मदा में डूबने वाले लोगों की जान बचाते आ रहे हैं। कई बार उन्हें बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के ही तेज बहाव में उतरना पड़ता है। वरिष्ठ पत्रकार हरिश्चंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से स्थानीय गोताखोरों के लिए ठोस सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने गोताखोरों को लाइफ जैकेट, रस्सियां, मोटरबोट और अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने के साथ नियमित प्रशिक्षण और जीवन बीमा की व्यवस्था करने की मांग की। इसके अलावा घाटों पर गहरे पानी की सीमा चिन्हित करने, चेतावनी बोर्ड लगाने और पर्याप्त प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की जरूरत भी बताई गई है।
जलपाईगुड़ी, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में बांग्लादेशी बदमाशों द्वारा कथित तौर पर अगवा किए गए भारतीय किसान दीपांकर गोप की 48 घंटे बाद भी घर वापसी नहीं हो सकी है। किसान के परिजन और स्थानीय ग्रामीण लगातार सीमा पर इंतजार कर रहे हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। शनिवार को हुआ था किसान का अपहरण बताया गया कि शनिवार को राजगंज ब्लॉक के कुकुर जन इलाके में चाय किसान दीपांकर गोप का कथित तौर पर बांग्लादेशी बदमाशों ने अपहरण कर लिया। इससे पहले सीमा क्षेत्र में चाय की तस्करी के प्रयास को BSF ने नाकाम किया था और इस मामले में एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि इसी कार्रवाई के बाद बदले की भावना से किसान को अगवा किया गया। सीमा पर इंतजार करते रहे परिजन दीपांकर के परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। रविवार शाम ग्रामीणों ने चौलहाटी BSF शिविर के सामने प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शन के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के अधिकारियों को भी लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। पति की रिहाई की उम्मीद में पहुंची पत्नी दीपांकर की पत्नी महामाया गोप अपने ससुर और दो बेटों के साथ सीमा द्वार संख्या 28 पर पति की वापसी की उम्मीद में पहुंचीं। उन्हें उम्मीद थी कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर अधिकारियों की बैठक के बाद उनके पति को रिहा कर दिया जाएगा। हालांकि, बैठक के बाद जब अधिकारी बिना दीपांकर के लौटे तो परिवार को निराशा हाथ लगी। बताया गया कि दीपांकर की रिहाई के लिए कथित तौर पर फिरौती की मांग की जा रही है। यह जानकारी मिलने के बाद उनकी पत्नी के बेहोश होने की बात सामने आई है। रिहाई के बदले रखी गई कथित शर्त परिजनों के अनुसार, अपहरणकर्ताओं ने दीपांकर को वापस भेजने के बदले सीमा क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए एक बांग्लादेशी नागरिक को वापस भेजने की कथित शर्त रखी है। इस मुद्दे पर BSF और बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड (BGB) के अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। गृह मंत्री से हस्तक्षेप की मांग दीपांकर के पिता और ग्रामीणों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार को कूटनीतिक और सुरक्षा स्तर पर तत्काल कार्रवाई कर किसान की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करनी चाहिए। BSF से गश्त बढ़ाने की मांग घटना के बाद स्थानीय लोगों में सीमा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी है। ग्रामीणों ने सीमा क्षेत्र में BSF की गश्त फिर से बढ़ाने की मांग की है। उनका आरोप है कि गश्त कम होने से सीमा पार से होने वाली गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। फिलहाल दीपांकर गोप की सुरक्षित वापसी को लेकर परिवार और ग्रामीणों की निगाहें भारत-बांग्लादेश सीमा पर चल रही बातचीत पर टिकी हैं।
पटियाला, एजेंसियां। पंजाब में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिख रहा है। मौसम विभाग ने सोमवार को राज्य के तीन जिलों पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं कई अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। तीन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा गुरदासपुर, अमृतसर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मोहाली, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला, मानसा और संगरूर में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। दो दिन मिलेगी राहत मौसम विभाग के मुताबिक 11 और 12 अगस्त को पंजाब में भारी बारिश से राहत मिलने की संभावना है। हालांकि इस दौरान कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। इसके बाद 13 अगस्त से मौसम फिर करवट लेगा और राज्य में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया जा सकता है। रविवार को बढ़ा तापमान रविवार को पंजाब में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा, जिसके कारण दिन के तापमान में औसतन 3.2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रूपनगर में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में सबसे अधिक था। अमृतसर में 31.3, लुधियाना में 35.4, पटियाला में 35.1, पठानकोट में 35.5, बठिंडा में 32 और एसबीएस नगर में 33.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बारिश के चलते आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव के साथ लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
बाराबंकी, एजेंसियां। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में रविवार रात महादेव के दर्शन के लिए जा रहे तीन दोस्तों की बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि तीसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद घायल को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिलने पर परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। दादनपुर गांव के पास हुआ हादसा हादसा फतेहपुर-सूरतगंज मार्ग पर दादनपुर गांव के पास हुआ। फतेहपुर कस्बे के जोशी टोला निवासी शैलेंद्र उर्फ हेमल जोशी (22), शक्तिमान जोशी (19) और सचिन जोशी (21) बाइक से महादेव के दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। डॉक्टरों ने शैलेंद्र को मृत घोषित कर दिया। एंबुलेंस के इंतजार में बिगड़ी हालत शक्तिमान की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों और चिकित्सकों ने एंबुलेंस के लिए कई बार फोन किया, लेकिन करीब डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। घायल की हालत लगातार बिगड़ती देख परिजनों और उनके साथ आए लोगों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने अपने वाहन से शक्तिमान को जिला अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। एंबुलेंस व्यवस्था पर परिजनों का आक्रोश दो युवकों की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने एंबुलेंस के समय पर नहीं पहुंचने को लेकर जिम्मेदारों पर लापरवाही का आरोप लगाया। मामले की जानकारी मिलने पर तहसीलदार वैशाली अहलावत, नायब तहसीलदार विजय प्रकाश और अनु सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझाया और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति शांत हुई। फरवरी में होनी थी शैलेंद्र की शादी शैलेंद्र उर्फ हेमल जोशी एक निजी बैंक में नौकरी करता था। उसकी शादी तय हो चुकी थी और फरवरी में विवाह होना था। उसकी मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। वहीं शक्तिमान पांच भाइयों में तीसरे नंबर का था। उसकी मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। हादसे में घायल तीसरे युवक सचिन का इलाज जारी है।
अहमदाबाद, एजेंसियां। गुजरात के अहमदाबाद से एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आनंदनगर इलाके में एक PG की छत पर गई इंटीरियर डिजाइनिंग की छात्रा के साथ वहां काम करने वाले सुरक्षा गार्ड ने कथित तौर पर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। छत पर टहलने गई थी छात्रा घटना 8 अगस्त की रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है। छात्रा रात में टहलने के लिए PG की छत पर गई थी। उस समय सुरक्षा गार्ड भी वहां मौजूद था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छात्रा ने आरोपी से बचकर छत से नीचे जाने की कोशिश की। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने उसके गले में तार बांध दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद छात्रा को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। आरोपी की पहचान हुई पुलिस ने आरोपी की पहचान धर्म सिंह के रूप में की है। वह PG में सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम करता था और उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने घटना से कुछ दिन पहले ही PG में काम शुरू किया था। 10 पुलिस टीमों ने रातभर की तलाश घटना की जानकारी मिलने के बाद आनंदनगर पुलिस, स्थानीय अपराध शाखा और अपराध शाखा की टीमों ने आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए 10 टीमें गठित की थीं। टीमों ने रातभर संभावित ठिकानों पर तलाश की और रविवार सुबह धर्म सिंह को गिरफ्तार कर लिया। CCTV फुटेज जांच में अहम पुलिस ने PG में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली है। फुटेज में आरोपी को लिफ्ट के जरिए अलग-अलग मंजिलों और छत के बीच आते-जाते देखा गया है। पुलिस इस फुटेज को जांच में अहम साक्ष्य मानकर आगे की पड़ताल कर रही है। फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। वहीं, पीड़ित छात्रा डॉक्टरों की निगरानी में है और उसका इलाज जारी है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निदेशक राहुल नवीन का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनके कार्यकाल में विस्तार को मंजूरी दे दी है। सरकारी आदेश के मुताबिक राहुल नवीन अब 13 अगस्त 2027 तक ED निदेशक के पद पर बने रहेंगे। हालांकि, आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उनका सेवा विस्तार उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख 31 जुलाई 2027 के बाद या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, उसी के अनुसार प्रभावी रहेगा। पहली बार मिला सेवा विस्तार 1993 बैच के इंडियन रेवेन्यू सर्विस (IRS) अधिकारी राहुल नवीन सितंबर 2023 से ED का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें 15 सितंबर 2023 को ED निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। इसके बाद 14 अगस्त 2024 को उन्हें पूर्णकालिक ED निदेशक नियुक्त किया गया। अब यह उनका पहला सेवा विस्तार है। ED में 2019 में शामिल हुए थे राहुल नवीन राहुल नवीन नवंबर 2019 में प्रवर्तन निदेशालय में स्पेशल डायरेक्टर (OSD) के तौर पर शामिल हुए थे। उस समय उन्हें Financial Action Task Force (FATF) के साथ भारत के आपसी मूल्यांकन से जुड़े एजेंसी के काम की जिम्मेदारी दी गई थी। ED देश में वित्तीय अपराधों और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की जांच करता है। एजेंसी Prevention of Money Laundering Act (PMLA), Foreign Exchange Management Act (FEMA) और Fugitive Economic Offenders Act (FEOA) समेत विभिन्न कानूनों के तहत कार्रवाई करती है। कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच राहुल नवीन के कार्यकाल में ED ने कई चर्चित मामलों में जांच शुरू की या आगे बढ़ाई। इनमें I-PAC, रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप और ऑनलाइन मनी गेमिंग कंपनियों से जुड़े मामले शामिल हैं। एजेंसी ने रियल एस्टेट कंपनियों से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामलों में भी कार्रवाई की और PMLA के तहत जब्त संपत्तियों के जरिए पीड़ितों को राहत पहुंचाने की प्रक्रिया पर जोर दिया। अंतरराष्ट्रीय टैक्सेशन में विशेषज्ञता बिहार से ताल्लुक रखने वाले राहुल नवीन ने आयकर विभाग में करीब 30 वर्षों तक सेवा की है। उन्हें अंतरराष्ट्रीय टैक्सेशन, ट्रांसफर प्राइसिंग और डायरेक्ट टैक्सेशन से जुड़े मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है। उन्होंने IIT कानपुर से B.Tech और M.Tech की पढ़ाई की है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया की Swinburne University of Technology से MBA किया है। उन्होंने प्रत्यक्ष कराधान और अंतरराष्ट्रीय टैक्सेशन से जुड़े विभिन्न विषयों पर किताबों, जर्नल और लेखों में भी योगदान दिया है। ED निदेशक का कार्यकाल मौजूदा नियमों के तहत ED निदेशक की नियुक्ति शुरुआती तौर पर दो साल के लिए की जा सकती है। इसके बाद कार्यकाल को अधिकतम तीन बार एक-एक साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। राहुल नवीन को अब इसी व्यवस्था के तहत एक साल का सेवा विस्तार दिया गया है।
नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त होने वाला है और अब उसके अंतिम चार दिनों में लंबित महत्वपूर्ण विधेयकों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक यानी एफसीआरए विधेयक और परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनाने की कोशिशें तेज होती दिखाई दे रही हैं। इसी क्रम में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने वाली हैं। उनके साथ पार्टी सांसदों का प्रतिनिधिमंडल भी रहेगा। बैठक को महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ संसद में लंबित महत्वपूर्ण विधेयकों के संदर्भ में भी अहम माना जा रहा है। एफसीआरए विधेयक पर एनसीपी (एसपी) का स्पष्ट विरोध सुप्रिया सुले ने प्रस्तावित एफसीआरए संशोधन विधेयक के मौजूदा स्वरूप पर अपनी पार्टी की आपत्ति स्पष्ट कर दी है। उनका कहना है कि एनसीपी (एसपी) इस विधेयक का वर्तमान रूप में समर्थन नहीं करती। पार्टी की मांग है कि विधेयक को या तो वापस लिया जाए या फिर इसे संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजकर विस्तृत जांच और चर्चा कराई जाए। इस रुख से संकेत मिलता है कि सरकार को विधेयक को लेकर विपक्षी दलों के बीच सहमति बनाने के लिए राजनीतिक स्तर पर बातचीत करनी पड़ सकती है। परिसीमन विधेयक पर सुले ने साधी सावधानी परिसीमन से जुड़े प्रस्तावित संविधान संशोधन को लेकर सुप्रिया सुले ने फिलहाल कोई अंतिम रुख जाहिर नहीं किया है। उनका कहना है कि संबंधित विधेयक अभी सामने नहीं आया है और इसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। महिला आरक्षण से जुड़े परिसीमन प्रस्ताव को राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है। सुले ने संकेत दिया है कि इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेने से पहले वह इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों से बातचीत करेंगी। इस प्रस्ताव को संसद में पारित कराने के लिए सरकार को व्यापक राजनीतिक समर्थन की आवश्यकता होगी, क्योंकि संविधान संशोधन के लिए विशेष बहुमत की जरूरत पड़ती है। सरकार के लिए डीएमके और एनसीपी (एसपी) क्यों अहम? संसद के मौजूदा सत्र के अंतिम सप्ताह में एफसीआरए संशोधन विधेयक को सोमवार के लोकसभा एजेंडे में शामिल नहीं किया गया है। इससे राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हुई है कि सरकार फिलहाल इस मुद्दे पर व्यापक सहमति बनाने की कोशिश कर सकती है। डीएमके और एनसीपी (एसपी) जैसी पार्टियां एफसीआरए विधेयक के मौजूदा प्रावधानों पर सवाल उठा रही हैं। वहीं, परिसीमन जैसे संवैधानिक मुद्दे पर सरकार को अधिक व्यापक समर्थन की आवश्यकता हो सकती है। ऐसे में दोनों दलों के साथ संवाद को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक पर नजर सोमवार को लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक भी होने वाली है। इसी बैठक में आने वाले दिनों के विधायी एजेंडे और विभिन्न विधेयकों पर चर्चा के लिए समय तय किया जाता है। अगर सरकार एफसीआरए विधेयक को मौजूदा मानसून सत्र में पारित कराने के लिए आगे बढ़ती है, तो उसके लिए चर्चा और मतदान का समय निर्धारित करना जरूरी होगा। फिलहाल सोमवार के लोकसभा एजेंडे में चार विधेयकों का उल्लेख है, लेकिन एफसीआरए संशोधन विधेयक इसमें शामिल नहीं है। इस वजह से यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में सरकार इस विधेयक को सदन में लाती है या नहीं। एफसीआरए विधेयक को लेकर विपक्ष की आपत्ति क्या है? एफसीआरए यानी विदेशी अंशदान विनियमन कानून का उद्देश्य भारत में विदेशों से मिलने वाले धन और चंदे को नियंत्रित करना तथा उसके इस्तेमाल में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। मौजूदा कानून के तहत विदेशी अंशदान प्राप्त करने वाले संगठनों के लिए पंजीकरण और नियामकीय प्रावधान लागू होते हैं। प्रस्तावित संशोधनों में एफसीआरए पंजीकरण समाप्त होने या संस्था द्वारा पंजीकरण वापस करने की स्थिति में विदेशी अंशदान और उससे जुड़े मामलों के प्रबंधन के लिए एक विशेष व्यवस्था का प्रस्ताव है। विपक्ष को आशंका है कि नए प्रावधानों से गैर सरकारी संगठनों और सामुदायिक संगठनों की कार्यप्रणाली पर अतिरिक्त नियंत्रण बढ़ सकता है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी विधेयक को लेकर आपत्ति जताई है। विपक्ष की ओर से यह आरोप लगाया गया है कि प्रस्तावित बदलावों का असर कुछ सामाजिक और धार्मिक संगठनों पर पड़ सकता है। हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों और आशंकाओं पर सरकार का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा। चार दिन में तय होगी विधेयक की दिशा संसद का मानसून सत्र अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। ऐसे में एफसीआरए विधेयक को लेकर सरकार की रणनीति और विपक्षी दलों के रुख पर लगातार नजर रहेगी। सुप्रिया सुले की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रस्तावित मुलाकात को इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले चार दिनों में बातचीत, बिजनेस एडवाइजरी कमेटी के फैसले और सदन के एजेंडे से स्पष्ट होगा कि एफसीआरए विधेयक पर सरकार आगे बढ़ती है या इसे आगे की चर्चा के लिए टाल दिया जाता है। साथ ही परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों पर राजनीतिक दलों के बीच सहमति बनाने की कोशिशें भी संसद के अंतिम दिनों की बड़ी राजनीतिक गतिविधियों में शामिल रहेंगी।
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग पर विपक्ष अब भी कायम है। इसी बीच केंद्र सरकार सोमवार को लोकसभा में दो महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इनमें पहला केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने से संबंधित है, जबकि दूसरा राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम यानी एनसीडीसी की वित्तीय शक्तियों का विस्तार करने से जुड़ा है। मॉनसून सत्र के अब केवल कुछ दिन शेष हैं। ऐसे में विपक्ष की मांग और सरकार के विधायी एजेंडे के बीच टकराव की स्थिति बनने की संभावना जताई जा रही है। अमित शाह के बयान की मांग पर विपक्ष अड़ा कांग्रेस समेत विपक्षी दल 20 जुलाई को संसद तक मार्च कर रहे छात्रों और युवाओं के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से संसद में बयान की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि इस मुद्दे पर गृह मंत्री की चुप्पी स्वीकार्य नहीं है। विपक्ष का कहना है कि संसद में इस मामले पर सरकार को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। जयराम रमेश ने 13 दिसंबर 2023 को संसद में हुए सुरक्षा उल्लंघन का भी उल्लेख किया। उनका आरोप है कि उस समय भी विपक्ष ने गृह मंत्री के बयान की मांग की थी, लेकिन उनकी ओर से सदन में बयान नहीं दिया गया था। विपक्ष का कहना है कि इस बार भी ऐसी स्थिति नहीं दोहराई जानी चाहिए। मानसून सत्र के आखिरी दिनों में बढ़ सकता है हंगामा संसद के मानसून सत्र में पहले से ही कई मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस और गतिरोध देखने को मिला है। अब सत्र के अंतिम चरण में गृह मंत्री के बयान की मांग के साथ दो महत्वपूर्ण विधेयकों को लोकसभा में पेश किए जाने की तैयारी है। ऐसे में सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। वहीं विपक्ष अपनी मांग को लेकर दबाव बनाए रखने की रणनीति पर आगे बढ़ सकता है। केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने का प्रस्ताव सरकार सोमवार को लोकसभा में ‘केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026’ पेश करने की तैयारी में है। इसके जरिए संविधान की पहली अनुसूची में संशोधन करने का प्रस्ताव है। प्रस्ताव पारित होने के बाद राज्य का आधिकारिक नाम ‘केरल’ से बदलकर ‘केरलम’ किए जाने का रास्ता साफ होगा। केरल विधानसभा पहले ही राज्य का नाम बदलने का प्रस्ताव पारित कर चुकी है। इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से भी इस प्रस्ताव को मंजूरी दी जा चुकी है। अब अंतिम प्रक्रिया संसद की मंजूरी से जुड़ी है। यदि विधेयक संसद से पारित होता है और आवश्यक संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होती है, तो राज्य का आधिकारिक नाम ‘केरलम’ हो जाएगा। एनसीडीसी की फंडिंग शक्तियों में बड़ा बदलाव दूसरा महत्वपूर्ण प्रस्ताव राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 है। इसके जरिए एनसीडीसी की वित्तीय सहायता व्यवस्था का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव है। मौजूदा व्यवस्था में एनसीडीसी मुख्य रूप से सहकारी समितियों से जुड़ी गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है। प्रस्तावित बदलाव के बाद वह सहकारी विकास से जुड़ी अन्य संस्थाओं को भी सीधे ऋण और अनुदान उपलब्ध करा सकेगा। इसके अलावा केंद्र सरकार की मंजूरी से ऐसी संस्थाओं में इक्विटी निवेश का रास्ता भी खुल सकता है। किन संस्थाओं को मिल सकता है लाभ? सरकार का तर्क है कि सहकारी क्षेत्र के विस्तार के साथ ऐसी कई संस्थाएं सामने आई हैं, जो सहकारी समितियों को तकनीक, बुनियादी ढांचे, प्रसंस्करण, विपणन और वित्तीय सेवाओं जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराती हैं। प्रस्तावित संशोधन के बाद ऐसी संस्थाओं को भी वित्तीय सहायता के दायरे में लाने की व्यवस्था की जा सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं होगा कि हर संस्था स्वतः एनसीडीसी की फंडिंग के लिए पात्र हो जाएगी। संस्था का सहकारी विकास से जुड़ा होना जरूरी होगा। फंड के इस्तेमाल पर निगरानी की व्यवस्था प्रस्तावित बदलावों में वित्तीय सहायता के उपयोग की निगरानी के लिए ऑडिट और रिपोर्टिंग जैसी व्यवस्थाओं पर भी जोर दिया गया है। इसके अलावा खाद्य वस्तुओं की परिभाषा का दायरा बढ़ाने और औद्योगिक वस्तुओं की वित्तीय सहायता से जुड़ी कुछ भौगोलिक पाबंदियों को हटाने का भी प्रस्ताव है। एनसीडीसी को बैंकों और वित्तीय संस्थानों से ऋण संबंधी जानकारी जुटाने और साझा करने की शक्ति दिए जाने का भी प्रावधान प्रस्तावित है। अब नजर संसद की कार्यवाही पर एक तरफ विपक्ष अमित शाह के बयान की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाए हुए है, वहीं दूसरी ओर सरकार के एजेंडे में केरल के नाम परिवर्तन और एनसीडीसी की फंडिंग शक्तियों से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक शामिल हैं। ऐसे में सोमवार की संसद कार्यवाही राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब देखना होगा कि विपक्ष की मांग और सरकार के विधायी एजेंडे के बीच सदन में सहमति बनती है या एक बार फिर जोरदार हंगामे के कारण कार्यवाही प्रभावित होती है।
नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना के सबसे महत्वपूर्ण लड़ाकू विमानों में शामिल Su-30MKI को आने वाले वर्षों में और अधिक आधुनिक तथा स्वदेशी तकनीक से लैस करने की तैयारी तेज हो गई है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड अपने नासिक स्थित संयंत्र में Su-30MKI के निर्माण को फिर से गति देने जा रहा है। योजना के मुताबिक अगले वित्त वर्ष में पहला नया विमान भारतीय वायुसेना को सौंपे जाने की संभावना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नासिक संयंत्र में वर्ष 2029 तक कुल 12 नए Su-30MKI लड़ाकू विमान तैयार किए जाने की योजना है। इन विमानों में इस्तेमाल होने वाले करीब 50 प्रतिशत कलपुर्जे और उपकरण भारत में निर्मित होने की योजना है। इससे Su-30MKI कार्यक्रम में घरेलू रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। 12 नए Su-30MKI के लिए करीब 11 हजार करोड़ रुपये का करार भारतीय वायुसेना ने दुर्घटनाओं में खोए 12 Su-30MKI विमानों की भरपाई के लिए नए विमान हासिल करने का फैसला किया था। इसके लिए दिसंबर 2024 में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ करीब 11,000 करोड़ रुपये का करार किया गया। इस समझौते के तहत नासिक संयंत्र में 12 नए Su-30MKI तैयार किए जाने हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इन विमानों में लगाए जाने वाले करीब आधे कलपुर्जों का निर्माण भारत में किया जाएगा। पहले विमान की आपूर्ति वर्ष 2027-28 में होने की संभावना है, जबकि 12 विमानों की पूरी खेप वर्ष 2029 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। पुराने Su-30MKI बेड़े का भी होगा बड़ा आधुनिकीकरण HAL की योजना सिर्फ नए लड़ाकू विमान बनाने तक सीमित नहीं है। भारतीय वायुसेना के मौजूदा Su-30MKI बेड़े को भी बड़े स्तर पर उन्नत करने की तैयारी है। इस आधुनिकीकरण कार्यक्रम पर करीब 60,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। कार्यक्रम में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी डीआरडीओ की भूमिका भी होगी। इसके अलावा भारतीय निजी कंपनियों से भी कई उपकरण और प्रणालियां हासिल की जाएंगी। इस अपग्रेड कार्यक्रम का उद्देश्य Su-30MKI की निगरानी, लक्ष्य पहचान, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और हथियार प्रणाली से जुड़ी क्षमताओं को आधुनिक बनाना है। दो चरणों में होगा अपग्रेडेशन Su-30MKI के आधुनिकीकरण का काम दो प्रमुख चरणों में किए जाने की योजना है। पहले चरण में विमानों में आधुनिक एवियोनिक्स और नए रडार लगाए जाएंगे। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली को भी मजबूत किया जाएगा। नई प्रणाली विमान की ओर आने वाले खतरों की पहचान करने और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें बाधित करने में मदद करेगी। विमानों में अत्याधुनिक इंफ्रारेड सर्च एंड ट्रैक प्रणाली भी लगाए जाने की योजना है। इससे विमान बिना पारंपरिक रडार पर पूरी तरह निर्भर हुए हवाई लक्ष्यों की पहचान और निगरानी करने में सक्षम होगा। दूसरे चरण में फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम समेत अन्य महत्वपूर्ण प्रणालियों को आधुनिक बनाया जाएगा। इससे पुराने हो रहे Su-30MKI विमानों की परिचालन क्षमता और सेवा अवधि को बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है। डीआरडीओ और निजी क्षेत्र की भी होगी भूमिका इस आधुनिकीकरण कार्यक्रम में स्वदेशी रक्षा तकनीक को बढ़ावा देने पर विशेष जोर रहेगा। डीआरडीओ के साथ-साथ भारतीय निजी कंपनियों को भी उपकरण और प्रणालियों की आपूर्ति में शामिल किए जाने की योजना है। इससे न केवल Su-30MKI को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में घरेलू कंपनियों की भूमिका भी बढ़ेगी। लंबे समय में इसका असर देश की रक्षा आपूर्ति श्रृंखला और आत्मनिर्भरता पर पड़ सकता है। Su-30MKI की क्या है खासियत? Su-30MKI एक भारी और लंबी दूरी तक प्रभावी ढंग से काम करने वाला बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान है। इसका अधिकतम टेकऑफ वजन करीब 38,800 किलोग्राम बताया जाता है। विमान में लगभग 9,640 किलोग्राम ईंधन और करीब 8,000 किलोग्राम तक हथियार ले जाने की क्षमता बताई जाती है। इसकी भारी हथियार क्षमता के कारण इसे विभिन्न प्रकार के हवाई और जमीनी अभियानों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। यह ब्रह्मोस जैसी भारी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों को ले जाने में भी सक्षम है। भारतीय वायुसेना के बेड़े में Su-30MKI की संख्या और भूमिका को देखते हुए इसका आधुनिकीकरण रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन की दिशा में बड़ा कदम Su-30MKI का नया निर्माण और पुराने बेड़े का व्यापक आधुनिकीकरण भारत की रक्षा उत्पादन नीति के लिए भी महत्वपूर्ण है। नए विमानों में 50 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री के इस्तेमाल की योजना और अपग्रेड कार्यक्रम में भारतीय कंपनियों की भागीदारी से घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। आने वाले वर्षों में यदि स्वदेशी रडार, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, एवियोनिक्स और फ्लाइट कंट्रोल तकनीक को सफलतापूर्वक Su-30MKI में शामिल किया जाता है, तो यह विमान भारतीय वायुसेना के लिए और अधिक सक्षम प्लेटफॉर्म बन सकता है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि नासिक संयंत्र से पहला नया Su-30MKI निर्धारित समय के अनुसार कब भारतीय वायुसेना को मिलता है और आधुनिकीकरण कार्यक्रम को किस गति से आगे बढ़ाया जाता है।
देहरादून, एजेंसियां। उत्तराखंड में सोमवार देर रात और तड़के भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल में अलग-अलग समय पर धरती डोली। उत्तरकाशी में भूकंप की तीव्रता 4.2 और टिहरी में 2.0 मापी गई। हालांकि, दोनों स्थानों पर फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। उत्तरकाशी में 4.2 तीव्रता का तेज झटका उत्तरकाशी में सोमवार देर रात करीब 1:21 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। यमुना घाटी और गंगा घाटी समेत जिले के कई इलाकों में लोगों ने कंपन महसूस किया। झटका तेज होने के कारण कई लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए और फोन कर एक-दूसरे से भूकंप की जानकारी लेने लगे। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 4.2 रही और इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर थी। भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी जिले में बड़कोट तहसील मुख्यालय के पास राजगढ़ी के आसपास बताया गया है। टिहरी में 2.0 तीव्रता का भूकंप इसके बाद टिहरी गढ़वाल के कीर्तिनगर और घनसाली क्षेत्र में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। यहां भूकंप की तीव्रता 2.0 रही और इसकी गहराई करीब 5 किलोमीटर दर्ज की गई। कम तीव्रता के इस भूकंप के कारण किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। प्रशासन ने की स्थिति की निगरानी उत्तरकाशी में भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोग कुछ समय के लिए घरों से बाहर निकल आए। जिला प्रशासन और आपातकालीन अधिकारियों ने स्थिति की जानकारी ली। फिलहाल दोनों जिलों में जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भूकंप के झटकों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
गाजियाबाद, एजेंसियां। सावन के दूसरे सोमवार और 11 अगस्त को महाशिवरात्रि के मद्देनजर कांवड़ियों की संख्या बढ़ने से गाजियाबाद और दिल्ली-NCR की प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित हो गया है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सोमवार सुबह वाहनों की रफ्तार थम गई। गाजियाबाद से नोएडा जाने वाले मार्ग पर कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें देखने को मिलीं। कांवड़ियों की वापसी से थमा एक्सप्रेसवे का ट्रैफिक कंधों पर गंगाजल लेकर बड़ी संख्या में कांवड़िए अपने-अपने गंतव्य और शिवालयों की ओर लौट रहे हैं। कांवड़ियों की आवाजाही बढ़ने के साथ दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की एक लेन में यातायात काफी धीमा हो गया। कई स्थानों पर वाहन रेंगते हुए नजर आए, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जीटी रोड और मेरठ रोड पर भी जाम गाजियाबाद में डाक कांवड़ियों की बढ़ती संख्या के कारण जीटी रोड पर अप्सरा बॉर्डर से मोहन नगर और मेरठ तिराहे तक यातायात प्रभावित रहा। मेरठ रोड पर भी वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। जाम के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा है। कांवड़ मार्गों पर लगाए गए सेवा शिविर कांवड़ियों की सुविधा के लिए यात्रा मार्गों पर जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में शिवभक्तों के लिए भोजन, पानी, शरबत और विश्राम की व्यवस्था की गई है। बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और स्थानीय लोग कांवड़ियों की सेवा में जुटे हैं। डाक कांवड़िए तेजी से बढ़ रहे आगे हाईवे पर डाक कांवड़िए तेजी से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं, जबकि सामान्य कांवड़ लेकर चल रहे शिवभक्त भजन-कीर्तन करते हुए यात्रा पूरी कर रहे हैं। महाशिवरात्रि पर शिवालयों में गंगाजल चढ़ाए जाने से पहले कांवड़ियों की आवाजाही और बढ़ने की संभावना है।
भोपाल, एजेंसियां। राजधानी भोपाल में देर रात से हो रही तेज बारिश के बीच जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर के निर्देश पर सोमवार को नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों का अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश जिले के सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। तेज बारिश और जलभराव के बीच फैसला भोपाल में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। निचले क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ऐसे हालात को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों को स्कूल आने-जाने में होने वाली संभावित परेशानी और जोखिम से बचाने के लिए छुट्टी का आदेश जारी किया। नर्सरी से 12वीं तक स्कूल बंद जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश के अनुसार, आज नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों को स्कूल नहीं बुलाया जाएगा। सरकारी स्कूलों के अलावा निजी और अनुदान प्राप्त विद्यालय भी इस आदेश के दायरे में हैं। शिक्षकों और कर्मचारियों की छुट्टी नहीं विद्यार्थियों के लिए स्कूल बंद रहेंगे, लेकिन शिक्षकों और अन्य स्कूल कर्मचारियों को निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचना होगा। स्कूल प्रबंधन को जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। शहर में कई जगह जलभराव लगातार बारिश के कारण भोपाल के कई हिस्सों में सड़कों पर पानी जमा हो गया है। इससे यातायात प्रभावित हुआ है और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन जलभराव वाले और निचले इलाकों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल बारिश का दौर जारी है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। संसद के मानसून सत्र में गतिरोध सोमवार को भी जारी रहने के आसार हैं। सत्र के अब केवल चार कार्य दिवस बाकी हैं, लेकिन महिला आरक्षण, परिसीमन और विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) से जुड़े प्रस्तावित विधेयकों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बन पाई है। सरकार विपक्षी दलों से बातचीत कर गतिरोध दूर करने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस और उसके कई सहयोगी दल FCRA संशोधन विधेयक का विरोध करने के संकेत दे चुके हैं। लोकसभा में इन विधेयकों पर होगी चर्चा सोमवार को लोकसभा में ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स बिल, 2026 और माइंस एंड मिनरल्स अमेंडमेंट बिल, 2026 पर चर्चा और इन्हें पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। इसके अलावा केरल (नाम परिवर्तन) बिल, 2026 और नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (संशोधन) बिल, 2026 पर भी चर्चा प्रस्तावित है। वहीं, राज्यसभा में बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 पर विचार और पारित करने के लिए चर्चा होगी। महिला आरक्षण और परिसीमन पर सियासी खींचतान सरकार की ओर से विपक्षी दलों से संपर्क किए जाने के बाद कुछ दलों ने महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों पर नरमी के संकेत दिए हैं। हालांकि, कांग्रेस और उसके कई सहयोगी दल इन विधेयकों को लेकर अभी भी सहमत नहीं हैं। कांग्रेस ने प्रस्तावित विधेयकों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। FCRA बिल पर विपक्ष का विरोध कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि अगर केंद्र सरकार FCRA संशोधन विधेयक संसद में पेश करती है तो कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इसका जोरदार विरोध करेंगे। कांग्रेस का आरोप है कि प्रस्तावित कानून अल्पसंख्यकों और गैर-सरकारी संगठनों को निशाना बना सकता है। पार्टी ने इसे जनविरोधी और असंवैधानिक बताते हुए विरोध की बात कही है। जयराम रमेश ने सरकार को चेताया कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने 2023 के शीतकालीन सत्र का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान बड़ी संख्या में विपक्षी सांसदों को निलंबित किए जाने के बाद कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए थे। उन्होंने कहा कि इतिहास को दोहराया नहीं जाना चाहिए और सांसदों को निलंबित कर विधेयक पारित नहीं किए जाने चाहिए। अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने FCRA के मुद्दे पर सरकार से पूछा कि भारत का कितना पैसा विदेश जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को विदेशी फंड पर पाबंदियों के साथ देश से बाहर जाने वाले भारतीय धन के मुद्दे पर भी जवाब देना चाहिए। आज भी हंगामे की संभावना संसद में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने की समयसीमा बेहद कम बची है। ऐसे में सरकार के सामने विपक्ष को साथ लाने और लंबित विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की चुनौती है। दूसरी ओर, विपक्ष ने कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की है। इससे संसद के दोनों सदनों में आज भी हंगामा होने के आसार बने हुए हैं।
मेष राशि : चू, चे, चो, ल, ली, लू, ले, लो,अ।आपके हँसी-मज़ाक़ का लहज़ा किसी दूसरे को आपकी तरह इस क्षमता को विकसित करने के लिए प्रेरित कर सकता है। आपसे उसे यह सबक़ मिलेगा कि ज़िंदगी की ख़ुशी बाहरी चीज़ों में नहीं, बल्कि ख़ुद के ही भीतर है। वैसे तो अपना पैसा दूसरे को देना किसी को पसंद नहीं आता लेकिन आज आप किसी जरुरतमंद को पैसा देकर सुकून का अनुभव करेंगे। बढ़िया दिन है जब आप सबके ध्यान को अपनी तरफ़ खींचेंगे- आपके सामने चुनने के लिए कई चीज़ें होंगी और आपके सामने समस्या यह होगी कि किसे पहले चुना जाए। कुछ लोगों के लिए नया रोमांस ताज़गी लाएगा और आपको ख़ुशमिज़ाज रखेगा। आपके बॉस किसी भी बहाने में दिलचस्पी नहीं ज़ाहिर करेंगे- इसलिए निगाहों में बने रहने के लिए अपना काम अच्छी तरह से करें। आज अपने प्रेमी के साथ वक्त बिता पाएंगे और उनके सामने अपने जज्बातों को रख पाएंगे। वैवाहिक जीवन को अधिक सुखमय बनाने के आपके प्रयास उम्मीद से ज़्यादा रंग लाएंगे। उपाय :- नेत्रहीन, कोढ़ी, अपंग को एक से अधिक रंग का कपड़ा दान करने से नौकरी व बिज़नेस में फायदा मिलेगा। वृषभ राशि : इ, उ, ए, ओ, ब, बी ,बू, बे ,बो।सेहत बढ़िया रहेगी। अपने अतिरिक्त धन को सुरक्षित जगह पर रखिए, जो आने वाले वक़्त में आप फिर पा सकें। अपने बर्ताव में उदार बनें और परिवार के साथ प्यार भरे लम्हे गुज़ारें। आप और आपका महबूब आज प्यार के समुन्दर में गोते लगाएंगे और प्यार की मदहोशी को महसूस करेंगे। जो नए संपर्क आप आज बनाएंगे, वे आपके करिअर को एक नयी तेज़ी देंगे। अपनी ख़ासियत और भविष्य की योजनाओं पर फिर से सोचने का समय। आज चाहे दुनिया इधर-की-उधर ही क्यों न हो जाए, आप अपने जीवनसाथी की बाहों से दूर नहीं हो सकेंगे। उपाय :- आर्थिक उन्नति के लिए घर में केले का पेड़ लगाकर उसकी सेवा करना अच्छा रहेगा। मिथुन राशि : का,की , कु, घ, ङ ,छ, के, को, ह।अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें, जो आध्यात्मिक जीवन के लिए आवश्यक है। मस्तिष्क जीवन का द्वार है, क्योंकि अच्छा-बुरा सब-कुछ इसी के माध्यम से आता है। यही ज़िंदगी की समस्याएँ दूर करने में सहायक सिद्ध होता है और सही सोच से इंसान को आलोकित करता है। अपने जीवनसाथी केे साथ धन से जुड़े किसी मामले को लेकर आज आपका झगड़ा हो सकता है। हालांकि अपने शांत स्वभाव से आप सबकुछ ठीक कर देंगे। आपको परिवार के सदस्यों के साथ थोड़ी दिक़्क़त होगी, लेकिन इस वजह से अपनी मानसिक शान्ति भंग न होने दें। मुहब्बत की टीस आज रात आपको सोने नहीं देगी। मशहूर लोगों से मेलजोल आपको नई योजनाएँ और आइडिया सुझाएगा। हितकारी ग्रह कई ऐसे कारण पैदा करेंगे, जिनकी वजह से आज आप ख़ुशी महसूस करेंगे। आपका जीवनसाथी आपकी ज़रूरतों को अनदेखा कर सकता है, जिसके चलते आप चिड़चिड़े हो सकते हैं। उपाय :- अपने वजन के बराबर जौ तोलकर किसी गौ-आश्रम में देने से पारिवारिक जीवन खुशहाल रहेगा। कर्क राशि : ही, हू, हे, हो, डा, डी ,डू, डे,डो।ख़याली पुलाव पकाने में वक़्त ज़ाया न करें। सार्थक कामों में लगाने के लिए अपनी ऊर्जा बचाकर रखें। बिना किसी की सलाह लिये बिना आज आपको पैसा कहीं भी इनवेस्ट नहीं करना चाहिए। आपको परिवार के सदस्यों और दोस्तों के साथ बिताने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। याद रखिए कि आँखें कभी झूठ नहीं बोलतीं। आज आपके प्रिय की आँखें आपको वाक़ई कुछ ख़ास बताएंगी। आज आपका मन ऑफिस के काम में नहीं लगेगा। आज आपके मन में कोई दुविधा होगी जो आपको एकाग्र नहीं होने देगी। आपके हँसने-हँसाने का अन्दाज़ आपकी सबसे बड़ी पूंजी साबित होगा। विवादों की एक लम्बी कड़ी आपके रिश्तों को कमजोर कर सकती है अत: इसे हल्के में लेना ठीक नहीं होगा। उपाय :- नौकरी व बिज़नेस में सफलता हेतु इस मंत्र अर्धकायं महावीर्यं चन्द्रादित्यविमर्दनम्। सिहिंकागर्भसम्भूतम तं राहुं प्रणमाम्यहम।। का जाप रात को 11 बार करें। सिंह राशि : मा, मी, मू, में, म़ो, ट, टी, टू, टे।आज आप खेल-कूद में हिस्सा ले सकते हैं, जो आपको तन्दुरुस्त बनाए रखेगा। बीते दिनों में जितना धन आपने आज को बेहतर बनाने के लिए इनवेस्ट किया था उसका फायदा आज आपको फायदा मिल सकता है। आप दोस्तों के साथ बेहतरीन वक़्त बिताएंगे, लेकिन गाड़ी चलाते वक़्त ज़्यादा सावधानी बरतें। किसी से आँखें चार होनी की काफ़ी संभावना है। काम की अधिकता के बावजूद भी आज कार्यक्षेत्र में आपमें ऊर्जा देखी जा सकती है। आज आप दिये गये काम को तय वक्त से पहले ही पूरा कर सकते हैं। वक्त की नाजाकत को समझते हुए आज आप सब लोगों से दूरी बनाकर एकांत में वक्त बिताना पसंद करेंगे। ऐसा करना आपके लिए हितकर भी होगा। जीवनसाथी से आपको अपने दिल की सारी बातें करने का भरपूर समय मिलेगा। उपाय :- परिवार में किसी का भी जन्मदिन हो तो उस दिन ग़रीबों में सफेद वस्तुएँ बांटने पर घर में सुख-शांति बनी रहेगी। कन्या राशि : टो,पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, प़ो।आपके पास अपनी सेहत और रूप-रंग को सुधारने के लिए पर्याप्त समय होगा। अगर आप लोन लेने वाले थे और काफी दिनों से इस काम में लगे थे तो आज के दिन आपको लोन मिल सकता है। अपने स्वभाव को अस्थिर न होने दें- ख़ासतौर पर अपनी पत्नी/पति के साथ- नहीं तो यह घर की शांति पर असर डाल सकता है। रोमांस आपके दिल-दिमाग़ पर छाया रहेगा, क्योंकि आज आपकी मुलाक़ात अपने प्रिय से होगी। जो लोग विदेश व्यापार से जुड़े हैं उन्हें आज मनमाफिक फल मिलने की पूरी उम्मीद है। इसके साथ ही नौकरी पेशा से जुड़े इस राशि के जातक आज अपनी प्रतिभा का पूर्ण इस्तेमाल कार्यक्षेत्र में कर सकते हैं। वक्त के साथ चलना आपके लिए अच्छा है लेकिन साथ ही आपको यह समझना भी जरुरी है कि जब कभी आपके पास खाली समय हो अपने करीबियों के साथ वक्त बिताएं। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ कुछ बेहतरीन पल गुज़ार सकेंगे। उपाय :- भाइयों को समय-समय पर लाल कपड़े गिफ्ट में दें, इससे पारिवारिक जीवन अच्छा चलेगा। तुला राशि : रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते।खाने-पीने की ऐसी चीज़ों से बचने की कोशिश करें, जिनमें कॉलेस्ट्रॉल की ज़्यादा मात्रा है। आर्थिक रुप से आज आप काफी मजबूत नजर आएंगे, ग्रह नक्षत्रों की चाल से आज आपके लिए धन कमाने के कई मौके बनेंगे. ऐसे मुद्दों पर बात करने से बचें, जिनको लेकर प्रियजनों से वाद-विवाद होने की संभावना है। कोई पौधा लगाएँ। काम को मनोरंजन के साथ न मिलाएँ। टैक्स और बीमे से जुड़े विषयों पर ग़ौर करने की ज़रूरत है। जीवनसाथी का आत्मकेन्द्रित व्यवहार आपको नागवार गुज़रेगा। उपाय :- लव लाइफ को बेहतर बनाने के लिए चलते पानी में तांबे का सिक्का बहाए। वृश्चिक राशि : तो,न, नी, नू, ने, नो, या, यी , यु।आज आप ऊर्जा से लबरेज़ होंगे- आप जो भी करेंगे उसे आप उससे आधे वक़्त में ही कर देंगे, जितना वक़्त आप अक्सर लेते हैं। अगर आप लोन लेने वाले थे और काफी दिनों से इस काम में लगे थे तो आज के दिन आपको लोन मिल सकता है। परिवार के सदस्यों का आपके जीवन में विशेष महत्व होगा। आपको अपनी ओर से सबसे अच्छा बर्ताव करने की ज़रूरत है, क्योंकि आपके प्रिय का मूड बहुत अनिश्चित होगा। नए विचार फ़ायदेमंद साबित होंगे। यात्रा करना फ़ायदेमंद लेकिन महंगा साबित होगा। अपने जीवनसाथी के किसी छोटी बात को लेकर बोेले गए झूठ से आप आहत महसूस कर सकते हैं। उपाय :- कोढ़ियों को कुछ आर्थिक मदद करने या भोजन देने से लव लाइफ बढ़िया रहेगी। धनु राशि : ये,यो, भा, भी,, भू, ध,फ, ढ़, भे।आज के दिन आराम करना ज़रूरी साबित होगा, क्योंकि आप हाल के दिनों में भारी मानसिक दबाव से गुज़रे हैं। नयी गतिविधियाँ और मनोरंजन आपके लिए विश्राम करने में सहायक सिद्ध होंगे। जिन लोगों ने किसी से उधार लिया है उन्हें आज किसी भी हालत में उधार चुकाना पड़ सकता है जिससे आर्थिक स्थिति थोड़ी कमजोर हो जाएगी। जब निवेश करने का सवाल आपके सामने हो, तो स्वतन्त्र बनें और अपने फ़ैसले ख़ुद लें। विवादित मुद्दों को उठाने से बचें, अगर आप आज ‘डेट’ पर जा रहे हैं तो। कार्यक्षेत्र की बात करें तो आपकी टीम का सबसे ज़्यादा खीझने वाला व्यक्ति काफ़ी समझदारी की बातें करता नज़र आ सकता है। आज जीवन के कई अहम मुद्दों पर आप घरवालों के साथ बैठकर बात कर सकते हैं। आपकी बातें घरवालों को परेशान कर सकती हैं लेकिन इन बातों का हल अवश्य निकलेगा। संभव है कि शुरुआत में जीवनसाथी की ओर से आपको कम ध्यान मिले; लेकिन दिन के अन्त तक आपको महसूस होगा कि वह आपके लिए ही कुछ-कुछ करने में व्यस्त था। उपाय :- काले-सफेद कुत्ते को दूध-रोटी खिलाने से प्रेम सम्बन्ध बेहतर होंगे। मकर राशि : भो,ज, जी,जू,जे जो, खी,खू, खे, खो, गा, गी।पीने की आदत को अलविदा कहने के लिए बहुत ही अच्छा दिन है। आपको समझना चाहिए कि शराब सेहत की सबसे बड़ी दुश्मन है और यह आपकी क्षमताओं पर भी कुठाराघात करती है। निवेश करना कई बार आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है आज आपको यह बात समझ में आ सकती है क्योंकि किसी पुराने निवेश से आज आपको मुनाफा हो सकता है। परिवार के सदस्य कई चीज़ों की मांग कर सकते हैं। प्रेम का आह्लाद महसूस करने के लिए आप किसी नए व्यक्ति से मिल सकते हैं। अपने काम और प्राथमिकताओं पर ध्यान एकाग्र करें। आपका व्यक्तित्व ऐसा है कि ज्यादा लोगों से मिलकर आप परेशान हो जाते हैं और फिर अपने लिए वक्त निकालने की कोशिश करने लग जाते हैं। इस लिहाज से आज का दिन आपके लिए बहुत उम्दा रहने वाला है। आज आपको अपने लिए पर्याप्त समय मिलेगा। अपने साथी पर किया गया संदेह एक बड़ी लड़ाई का रूप ले सकता है। उपाय :- चाँदी के टुकड़े पर शुक्र का यंत्र खुदवाकर पूजा करने से पारिवारिक जीवन खुशहाल बना रहेगा। कुम्भ राशि : गू, गे, गो, सा, सि, सू, से, सो, द।आज आपकी सेहत पूरी तरह अच्छी रहेगी। आपकी मनोकामनाएं दुआओं के ज़रिए पूरी होंगी और सौभाग्य आपकी तरफ़ आएगा- और साथ ही पिछले दिन की मेहनत भी रंग लाएगी। अपने जीवनसाथी का बोझ दूर करने के लिए घरेलू कामकाज में हाथ बटाएँ। इससे आपको साथ में काम करने का आनंद मिलेगा और जुड़ाव महसूस होगा। यात्रा के चलते रुमानी संबंध को बढ़ावा मिलेगा। पैसे बनाने के उन नए विचारों का उपयोग करें, जो आज आपके ज़ेहन में आएँ। जीवनसंगी के साथ वक्त बिताने के लिए आज आप ऑफिस से जल्दी निकल सकते हैं लेकिन रास्ते में अत्यधिक जाम की वजह से आप ऐसा करने में समर्थ नहीं हो पाएंगे। आपको महसूस होगा कि आपका जीवनसाथी इससे बेहतर पहले कभी नहीं हुआ। उपाय :- पीले चावल बनाकर गरीबों में बांटने से आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। मीन राशि: दी, दु, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची।बाहर घूमना-फिरना, पार्टी और मौज-मस्ती आपको अच्छे मूड में रखेंगे। ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्च करने और चालाकी-भरी आर्थिक योजनाओं से बचें। कोई चिट्ठी या ई-मेल पूरे परिवार के लिए अच्छी ख़बर लाएगी। आज अपने ख़ूबसूरत कामों को दिखाने के लिए आपका प्रेम पूरी तरह खिलेगा। अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल पेशेवर मामलों को सहजता से सुलझाने में करें। आपका चुम्बकीय और ज़िन्दादिल व्यक्तित्व आपको सबके आकर्षण का केन्द्र बना देगा। यह दिन शादीशुदा ज़िन्दगी के सबसे ख़ास दिनों में से एक रहेगा। उपाय :- नशेबाजी से दूर रहें, आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी। कृपया ध्यान दें यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए IDTV इंद्रधनुष उत्तरदायी नहीं हैं।
612 ईसापूर्व – असीरियाई सम्राज्य के राजा शिनशारिसकुन की हत्या हुई, निनेवह नगर का पतन हुआ। 1500 – पुर्तगाली समुद्र जहाज के कैप्टन डियागो डियाज मैडागास्कर को देखने वाले पहले यूरोपीय बने। 1511 – पुर्तगाजी सैनिकों ने मलेशियाई राज्य मलक्का के एक हिस्से पर कब्जा किया। 1664 – ओटोमन सम्राज्य और आॅस्ट्रिया ने शांति के लिए वसवार की संधि पर हस्ताक्षर किए। 1675 – इंग्लैड के राजा चार्ल्स ने ग्रीनविच वेघशाला की आधारशिला रखी। 1678 – हालैंड और फ्रांस के बीच निजम्गेन शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। 1741 - कोलहेल की लड़ाई: त्रावणकोर के राजा ने डच ईस्ट इंडिया कंपनी के नौसैनिक अभियान को हराया। 1755 - अकादमी का निष्कासन फंड़ी अभियान की खाड़ी के साथ शुरू किया गया। 1759 – कर्लोस तृतीय स्पेन का सम्राट बना। 1776 – अमेरिकी स्वतंत्रता की घोषणा करने वाले दस्तावेज की प्रति औपचारिक रूप से लंदन पहुंचे। 1787 – तुर्की ने रूस के खिलाफ युद्ध की घोषणा की। 1793 – पेरिस में लूव्र संग्रहालय का उद्घाटन हुआ। 200 साल पुराने पश्चिमी कला इतिहास इस संग्रहालय में दर्ज है और इनमें से एक है मोनालीसा। 1808 - कार्ल वॉन डोबेलेन के अंतर्गत सैनिकों ने काहोजोकी में एक रूसी हमले को हराया। 1809 – इक्वाडोर ने स्पेन से स्वतंत्रता हासिल की। 1821 – मिसौरी अमेरिका का 24वां राज्य बना। 1822 – सीरिया में विनाशकारी भूकंप से 20,000 लोगों की मौत हुई। 1826 - पहली काउस्ज़ रेगुटा यूनाइटेड किंगडम में आइल ऑफ विट पर आयोजित की गयी। 1829 - फिनसेराहॉर्न की पहली चढ़ाई की गयी, बर्नानी आल्प्स की सर्वोच्च शिखर है। 1831 – कैरेबियाई द्वीप समूह बारबाडोस में चक्रवाती तूफान से डेढ़ हजार लोगों की मौत हुई। 1846 – अमेरिकी कांग्रेस ने स्मिथसोनिया इंस्टीट्यूट स्थापित करने के विधेयक को मंजूरी दी। 1877 - बिग होल नदी: कर्नल जॉन गिबोन नेज-पेर्स ने इंडियनों की हत्या करवाई। 1920 - प्रथम विश्व युद्ध में पराजित होने के बाद उसमानी शासन ने सीवरेस समझौते पर हस्ताक्षर किये। 1926 – इटली और स्पेन के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। 1939 - डिर्क जन डे गेयर नीदरलैंड के प्रधान मंत्री बने। 1945 - द्वितीय विश्व युद्ध में जापान की पराजय के बाद कोरिया का उत्तरी भाग रुस की लाल सेना के अधिकार में चला गया और कुछ दिनों बाद कोरिया का दक्षिणी भाग अमरीका के अधिकार में चला गया। 1962 – बच्चों के चहेता स्पाइडरमैन कॉमिक बुक अमेजिंग फैंटेसी में नजर आया था। 1966 – अमरीका के अंतरिक्ष अधिकारियों ने केप केनेडी से अंतरिक्ष में रॉकेट उतारने की लिए उपयुक्त स्थान का चित्र लेने हेतु पहला अंतरिक्ष यान भेजा। जो 29 अक्तूबर को चंद्रमा पर दुर्घटनाग्रस्त होकर तबाह हो गया। 1979 – उपग्रह एसएलवी-3 का प्रक्षेपण किया गया। 1990 – पंद्रह महीने की यात्रा के बाद मगैलन अंतरिक्ष यान शुक्र पर पहुंचा था। शुक्र पर उतरने से पहले कुछ देर तक के लिए उसका संपर्क कैलिफ़ोर्निया स्थित संचालन केंद्र से टूट गया था। 1999 - चेचेन्या में इस्लामिक भूरा ने दागिस्तान को स्वतंत्र घोषित किया। 2000 - श्रीलंका में सिरीमावो भंडारनायके का प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा, आर. विक्रमानयके श्रीलंका के नये प्रधानमंत्री नियुक्त, जिनेवा में आत्मनिर्णय के अधिकार पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन। 2001 - अमेरिकी प्रक्षेपास्त्र प्रणाली को रूस का सशर्त समर्थन। 2003 – यूरी मालेनचेंको पहले ऐसे व्यक्ति बने जिन्होंने अंतरिक्ष में शादी रचाई थी। 2003 – इंग्लैंड में अब तक का सबसे अधिक तापमान 38.5 डिग्री सेलसियस रिकॉर्ड किया गया। 2004 - संयुक्त राष्ट्र और सूडान के बीच दारफुर कार्ययोजना पर हस्ताक्षर। 2006 - तमिल विद्रोहियों पर फ़ौजी कार्रवाई में श्रीलंका में 50 नागरिक मारे गये। 2008 - अमरनाथ ज़मीन सुलझाने के लिए सर्वदलीय प्रतिनीधिमण्डल की बैठक में उच्च न्यायालय के वर्ष 2005 के आदेश को लागू करने पर सहमति बनी। 2008 - चेन्नई के एक लैब में एंटी एड्स बैक्सीन का सफल परीक्षण किया गया। 2019 - रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह ने एकल पुरुष सरकारी कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव (सीसीएल) के लाभों में विस्तार और रक्षा बलों की महिला अधिकारियों के मामले में सीसीएल प्रावधानों में कुछ और छूट देने को स्वीकृति दी । 2019 - उत्तर प्रदेश के "वृक्षारोपण महाकुंभ" अभियान ने 22 करोड़ से अधिक पौधे लगाने के बाद विश्व रिकॉर्ड बनाया। 2020 - इंडोनेशिया के माउंट सिनाबुंग ज्वालामुखी में पुनः विस्फोट हुआ। 2020 - भारतीय रेलवे का स्वच्छता सप्ताह ( 10 से 15 अगस्त 2020 के बीच ) प्रारम्भ हुआ। 2021 - लोकसभा ने 127 वें संविधान संशोधन विधेयक को दो-तिहाई बहुमत से पारित किया। 2022 - एनडीए सरकार में मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 8वीं बार CM के रूप में शपथ ली। तेजस्वी बने डिप्टी सीएम। 2022 - इसरो (ISRO) ने श्रीहरिकोटा से क्रू एस्केप सिस्टम (CES) के लो एल्टीट्यूड एस्केप मोटर का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। 2022 - प्रधानमंत्री ने पानीपत में 2जी इथेनॉल संयंत्र राष्ट्र को समर्पित किया। 2023 - PM मोदी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करने पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी लोकसभा से सस्पेंड हुए। 2023 - लोकसभा में विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव गिरा। 2023 - ऋषिकेश - हल्द्वानी में 31 सेंटीमीटर बारिश ने ली 9 लोगों की जान, 200 को रेस्क्यू किया गया। 2024 - जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में 2 जवान शहीद हुए। 10 अगस्त को जन्मे व्यक्ति 1860 - विष्णुनारायण भातखंडे - 'हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत' के विद्वान। 1894 - वी. वी. गिरि भारत के चौथे राष्ट्रपति। 1916 - प्रेम अदीब - भारतीय सिनेमा के अभिनेता थे। 1931 - किरीट जोशी एक भारतीय दार्शनिक थे व श्री अरबिंदो और मीरा अल्फसा के शिष्य। 1938 - फतेह सिंह राठौर एक भारतीय बाघ संरक्षणवादी थे। 1963 – चंबल के बीहड़ो से सियासी गलियारों तक पहूंचने वाली फूलन देवी। 1975 - हेमन्त सोरेन भारतीय राज्य झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके । 1986 - सौरव घोषाल - भारत के सुपरस्टार कहलाते (अर्जुन अवॉर्डी) हैं। 10 अगस्त को हुए निधन 1977 - श्यामलाल गुप्त पार्षद', झण्डा गीत के रचयिता , भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक सेनानी, पत्रकार, समाजसेवी एवं अध्यापक थे। । 1980 - सरस्वती देवी - भारत की पहली महिला संगीतकार थीं। 1986 - अरुण कुमार श्रीधर वैद्य - भारतीय सेना के 13वें थल सेनाध्यक्ष थे। 1995 -हरिशंकर परसाई, प्रसिद्ध लेखक और व्यंग्यकार । 1999 - पद्म भूषण आचार्य बलदेव उपाध्याय, भारतीय संस्कृत विद्वान। 2015 - सुनील दास भारतीय अभिव्यंजनावादी चित्रकार थे। 2018 - अनंत बजाज एक भारतीय बिजनेस मैग्नेट और बजाज इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक थे। 2019 - प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी दयानिधि नायक का निधन हो गया। 2021 - ‘सुडोकू के गॉडफादर’ के रूप में प्रसिद्ध जापान के ‘माकी काजी’ का 69 वर्ष की आयु में निधन हुआ। 2021 - बालाजी ताम्बे - भारत के प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य तथा आध्यात्मिक गुरु थे। 2022 - अमेरिकी सेलिस्ट अब्दुल वाडुड (75) का निधन हुआ। 2022 - पुर्तगाली फुटबॉल खिलाड़ी फर्नांडो चलाना (63) का निधन हुआ। 2024 - भारत के पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह (93) का निधन हुआ। 2024 - रूसी एथलीट गैलिना ज़ायबिना (93) का निधन हुआ। 10 अगस्त के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव मेला श्री गोगा जी मेड़ी प्रारम्भ। श्री वी. वी. गिरि जयन्ती। श्री हेमन्त सोरेन जन्म दिवस। डेंगू निरोधक (रोकथाम) दिवस। विश्व जैविक ईंधन दिवस। विश्व सिंह / शेर दिवस (World Lion Day)। कृपया ध्यान दें यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इंद्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।
दिनांक - 10 अगस्त 2026 दिन - सोमवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - दक्षिणायन ऋतु - वर्षा ॠतु मास - श्रावण पक्ष - कृष्ण तिथि - द्वादशी सुबह 08:00 तक तत्पश्चात त्रयोदशी नक्षत्र - आर्द्रा दोपहर 12:26 तक तत्पश्चात पुनर्वसु योग - वज्र रात्रि 10:27 तक तत्पश्चात सिद्धि राहुकाल - सुबह 07:53 से सुबह 09:30 तक सूर्योदय - 05:26 सूर्यास्त - 06:11 दिशाशूल - पूर्व दिशा मे व्रत पर्व विवरण- सोमप्रदोष व्रत,त्रयोदशी क्षय तिथि विशेष- द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
जम्मू, एजेंसियां। जम्मू-कश्मीर के जम्मू शहर में रविवार रात बड़ा सड़क हादसा हो गया। शकुंतला फ्लाईओवर पर छात्रों को ले जा रही एक मेटाडोर (मिनीबस) अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 29 छात्र घायल हुए हैं, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को इलाज के लिए जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तिरंगा रैली से लौटते समय हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक, छात्र तिरंगा रैली में शामिल होने के बाद बाग-ए-बाहु से मुबारक मंडी लौट रहे थे। इसी दौरान शकुंतला फ्लाईओवर पर मिनीबस हादसे का शिकार हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को तत्काल जम्मू के GMC अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। 29 मरीज अस्पताल में भर्ती GMC जम्मू के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. वीरेंद्र त्रिसाल के अनुसार, हादसे में कुल 29 छात्र घायल हुए हैं। ज्यादातर छात्रों की स्थिति खतरे से बाहर है, हालांकि कुछ छात्रों को फ्रैक्चर हुआ है। अस्पताल की ओर से जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, 3 मरीजों की हालत क्रिटिकल, जबकि 26 मरीजों की स्थिति स्थिर बताई गई है। गंभीर रूप से घायल तीन छात्राओं में: सुहानी देवी (21) — भवाल, जम्मू आरती देवी (20) — मजालता, उधमपुर सीमा देवी (27) — अथोली, किश्तवाड़ शामिल हैं। सीएम उमर अब्दुल्ला ने जताया दुख हादसे की जानकारी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को भी मिली। उन्होंने दुर्घटना पर चिंता और दुख जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। फिलहाल अस्पताल में सभी घायलों का इलाज जारी है और गंभीर मरीजों की स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
श्रीनगर, एजेंसियां। जम्मू-कश्मीर में चल रही श्री अमरनाथ जी यात्रा 2026 को 9 अगस्त से अस्थायी रूप से स्थगित करने का फैसला लिया गया है। यात्रा बालटाल और नुनवान-पहलगाम दोनों मार्गों पर रोकी जाएगी। हाल की बारिश के कारण यात्रा मार्गों को हुए नुकसान और ट्रैक की मरम्मत की जरूरत को देखते हुए प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। दोनों मार्गों पर यात्रा रहेगी बंद अधिकारियों के अनुसार 9 अगस्त से अमरनाथ गुफा की ओर जाने वाले बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर तीर्थयात्रियों की आवाजाही रोक दी जाएगी। यात्रा मार्गों की स्थिति की समीक्षा और आवश्यक मरम्मत के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। बारिश से ट्रैक को नुकसान हाल में हुई बारिश के चलते पहाड़ी यात्रा मार्गों के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में आने वाले दिनों में खराब मौसम और भारी बारिश की संभावना को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। ट्रैक की बहाली का काम शुरू यात्रा मार्गों को दोबारा सुरक्षित बनाने के लिए संबंधित एजेंसियां ट्रैक की मरम्मत और बहाली का काम करेंगी। प्रशासन की ओर से मार्गों की सुरक्षा स्थिति का आकलन किया जा रहा है। यात्रा दोबारा कब शुरू होगी, इस संबंध में अभी कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। श्रद्धालुओं को प्रशासन की अगली सूचना का इंतजार करने की सलाह दी गई है।
कासरगोड, एजेंसियां। केरल के कासरगोड में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित एक स्कूल क्विज में वी.डी. सावरकर से संबंधित सवाल को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस क्विज में एक सवाल में सावरकर को ब्रिटिश शासन द्वारा सबसे कठोर सजा पाने वाले स्वतंत्रता सेनानी के रूप में प्रस्तुत किया गया था। सवाल सामने आने के बाद विभिन्न राजनीतिक और छात्र संगठनों ने आपत्ति जताई। सवाल को लेकर क्यों हुआ विवाद रिपोर्टों के अनुसार, 6 अगस्त को आयोजित ‘फ्रीडम क्विज’ के टाई-ब्रेकर सवाल में पूछा गया था कि किस स्वतंत्रता सेनानी को ब्रिटिशों ने सबसे कठोर सजा दी थी। इसका उत्तर वी.डी. सावरकर दिया गया था। इस सवाल को लेकर आलोचकों ने आरोप लगाया कि स्कूल के विद्यार्थियों के लिए आयोजित कार्यक्रम में सावरकर को स्वतंत्रता सेनानी के रूप में विशेष रूप से महिमामंडित किया गया। मामले ने केरल में शिक्षा और इतिहास की व्याख्या को लेकर राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया। शिक्षा मंत्री ने जांच के दिए आदेश विवाद बढ़ने के बाद केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शम्सुद्दीन ने सामान्य शिक्षा निदेशक को मामले की जांच करने का निर्देश दिया। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह क्विज सरकार की ओर से आधिकारिक रूप से अधिकृत कार्यक्रम नहीं था। मंत्री ने मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाने और जिम्मेदारी तय करने के लिए रिपोर्ट मांगी है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। राजनीतिक बयानबाजी तेज सावरकर से जुड़े इस सवाल के बाद केरल में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। कांग्रेस और वामपंथी संगठनों से जुड़े नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था में संघ परिवार की विचारधारा के प्रभाव को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं दूसरी ओर, सावरकर के समर्थकों ने उनके स्वतंत्रता संघर्ष और ब्रिटिश शासन के दौरान कारावास को सामने रखते हुए सवाल का बचाव किया है।फिलहाल शिक्षा विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विवादित सवाल तैयार करने की जिम्मेदारी किसकी थी और क्या इसके लिए कोई कार्रवाई की जाएगी।
इंफाल, एजेंसियां। हिंसा प्रभावित मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने घोषणा की है कि राज्य के राष्ट्रीय राजमार्गों को सभी समुदायों के लोगों के लिए मुक्त आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। यह फैसला करीब तीन साल से जारी बाधित आवागमन के बाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। NH-2 और NH-37 पर आवाजाही को बढ़ावा राष्ट्रीय राजमार्गों पर मुक्त आवाजाही की घोषणा का असर मणिपुर की प्रमुख सड़क कनेक्टिविटी पर पड़ेगा। NH-2 और NH-37 राज्य को बाहरी क्षेत्रों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग हैं। सरकार का कहना है कि इन मार्गों को खोलने से लोगों की आवाजाही, व्यापार और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बेहतर होगी। इंफाल-दिमापुर बस सेवा भी होगी शुरू राज्य सरकार ने इंफाल-दिमापुर बस सेवा को भी फिर से शुरू करने की घोषणा की है। यह सेवा मणिपुर और नागालैंड के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करने के साथ यात्रियों के लिए आवागमन आसान बनाने में मदद करेगी। शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की कोशिश मुख्यमंत्री ने इस कदम को मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पूरे देश की संपत्ति हैं और उन पर सभी समुदायों के लोगों को आवागमन का अधिकार होना चाहिए। राज्य सरकार को उम्मीद है कि मुक्त आवाजाही से आपसी विश्वास, संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
मुंबई, एजेंसियां। महाराष्ट्र के लोगों को महंगाई का एक और झटका लगने वाला है। राज्य में गाय और भैंस के दूध की कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें 11 अगस्त 2026 से लागू होंगी। दूध उत्पादकों और प्रोसेसर्स से जुड़े संगठनों ने रविवार को इसकी घोषणा की। 11 अगस्त से लागू होंगे नए दाम महाराष्ट्र में दूध की कीमतों में यह बढ़ोतरी गाय और भैंस दोनों के दूध पर लागू होगी। यानी उपभोक्ताओं को 11 अगस्त से प्रत्येक लीटर दूध के लिए मौजूदा कीमत की तुलना में ₹2 अधिक चुकाने होंगे। यह फैसला राज्यभर में दूध उत्पादकों और प्रोसेसिंग से जुड़े कारोबारियों द्वारा दरों में संशोधन के बाद सामने आया है। दूध उत्पादकों और प्रोसेसर का फैसला दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का निर्णय Milk Producers and Processors Welfare Association की ओर से घोषित किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, महाराष्ट्र में दूध के खरीद और बिक्री मूल्य में बदलाव के बाद उपभोक्ताओं पर भी इसका असर पड़ेगा। इससे रोजाना दूध खरीदने वाले परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा खर्च यदि कोई परिवार रोजाना 2 लीटर दूध खरीदता है, तो ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद उसका खर्च करीब ₹4 प्रतिदिन बढ़ जाएगा। 30 दिनों में यह अतिरिक्त खर्च लगभग ₹120 होगा। हालांकि, अलग-अलग ब्रांड, डेयरी और दूध के प्रकार के अनुसार अंतिम खुदरा कीमत अलग हो सकती है। पहले भी बढ़ चुके हैं दूध के दाम महाराष्ट्र में 2026 के दौरान दूध की कीमतों में इससे पहले भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। ऐसे में नई ₹2 प्रति लीटर की वृद्धि से दूध और उससे बने उत्पादों की लागत पर भी असर पड़ने की संभावना है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।