तमिलनाडु: तमिलनाडु सरकार ने राज्य के सभी विधायकों को उनके विधानसभा क्षेत्रों में दौरे और जनसंपर्क के लिए नई कार उपलब्ध कराने का फैसला किया है. सरकार का कहना है कि विधायकों को अपने क्षेत्र में लगातार लोगों के बीच जाना पड़ता है और उनकी समस्याओं को समझने के लिए नियमित दौरे जरूरी हैं. इसी जरूरत को देखते हुए यह सुविधा देने की घोषणा की गयी है. विधानसभा में सरकार की ओर से बताया गया कि विधायकों को नई कार के साथ वाहन और ड्राइवर के खर्च के लिए हर महीने 75 हजार रुपये भी उपलब्ध कराये जाएंगे. इसके अलावा प्रत्येक विधायक के कार्यालय में एक सहायक रखने के लिए 25 हजार रुपये प्रतिमाह देने का प्रावधान किया गया है. यानी विधायकों को वाहन, ड्राइवर और कार्यालयी कामकाज के लिए अतिरिक्त सरकारी सहायता मिलेगी. विधानसभा क्षेत्र में आने-जाने में होगी सुविधा सरकार के अनुसार, विधायकों को अपने विधानसभा क्षेत्र में लगातार दौरे करने पड़ते हैं. उन्हें ग्रामीण इलाकों, स्थानीय कार्यक्रमों और जनता से जुड़े मुद्दों पर पहुंचना होता है. निजी वाहन या परिवहन की व्यवस्था पर निर्भर रहने के कारण कई बार उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है. नई कार मिलने के बाद विधायकों के लिए क्षेत्र में आवागमन आसान होगा. इससे वे जनता की समस्याओं को ज्यादा प्रभावी तरीके से सुन सकेंगे और स्थानीय स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में भी आसानी से शामिल हो सकेंगे. विधायक जोतिमणि ने उठायी थी मांग सरकार का यह फैसला वीसीके विधायक जोतिमणि की उस मांग के बाद आया है, जिसमें उन्होंने विधायकों को सरकारी वाहन उपलब्ध कराने की मांग की थी. उनका कहना था कि स्थानीय निकायों के प्रमुखों को पहले से ही सरकारी वाहनों की सुविधा मिलती है. उन्होंने बताया कि नगर निकायों के अध्यक्ष, मेयर और डिप्टी मेयर को सरकारी गाड़ियां उपलब्ध करायी जाती हैं, जबकि विधायकों को ऐसी सुविधा नहीं मिलती. उनके मुताबिक, वाहन की व्यवस्था नहीं होने के कारण कई बार विधायकों के लिए अपने विधानसभा क्षेत्रों में समय पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है. ड्राइवर और कार्यालय सहायक के लिए भी आर्थिक मदद सरकार के फैसले में केवल वाहन उपलब्ध कराने की बात नहीं है. विधायकों को गाड़ी और ड्राइवर के खर्च के लिए ₹75 हजार प्रति माह दिये जाएंगे. वहीं, विधायक कार्यालय में एक सहायक रखने के लिए ₹25 हजार मासिक की सहायता दी जाएगी. इस तरह क्षेत्रीय दौरे के साथ-साथ विधायक के कार्यालय के दैनिक कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए भी सरकार की ओर से आर्थिक सहायता मिलेगी. पहले भी उठती रही है सरकारी कार की मांग मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विधायकों के लिए सरकारी वाहन उपलब्ध कराने की मांग पहले भी अलग-अलग सरकारों के सामने उठती रही है. डीएमके के एक वरिष्ठ विधायक ने बताया कि पहले भी इस तरह का प्रस्ताव सामने आया था, लेकिन आर्थिक स्थिति का हवाला देकर इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका. अब सरकार के इस फैसले के बाद तमिलनाडु के विधायकों को अपने विधानसभा क्षेत्रों में काम करने के लिए वाहन और कार्यालयी सहायता उपलब्ध होने का रास्ता साफ हो गया है.
नई दिल्ली: तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल से जुड़े 2013 के बलात्कार मामले में कानूनी लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच द्वारा तेजपाल को 10 साल की कठोर सजा सुनाए जाने के बाद गोवा सरकार ने सजा बढ़ाने की मांग करते हुए सर्वोच्च अदालत का रुख किया है। सरकार ने अपनी याचिका में मामले की गंभीरता का हवाला देते हुए तेजपाल को उम्रकैद की सजा देने की मांग की है। खास बात यह है कि गोवा सरकार ने हाई कोर्ट के उस निष्कर्ष को चुनौती नहीं दी है, जिसमें तेजपाल को दोषी ठहराया गया था। सरकार की अपील मुख्य रूप से सजा की अवधि से संबंधित है। सरकार ने कहा- समय बीतना सजा कम करने का आधार नहीं गोवा सरकार का तर्क है कि केवल इस वजह से आरोपी को कम सजा का लाभ नहीं दिया जा सकता कि घटना को कई वर्ष बीत चुके हैं। हाई कोर्ट ने 6 अगस्त 2026 को मामले में तेजपाल को दोषी ठहराते हुए 10 साल की कठोर कैद सुनाई थी। कोर्ट ने माना था कि मामले में निर्धारित न्यूनतम सजा लागू होती है। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने अधिकतम सजा के रूप में उम्रकैद की मांग की थी। अब गोवा सरकार का कहना है कि अपराध की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए सजा बढ़ाई जानी चाहिए। हाई कोर्ट ने 2021 के बरी करने के फैसले को पलटा था यह मामला नवंबर 2013 का है। तब तरुण तेजपाल तहलका के संपादक थे। एक जूनियर महिला सहयोगी ने उन पर गोवा के एक होटल की लिफ्ट में यौन उत्पीड़न और बलात्कार का आरोप लगाया था। मामले की सुनवाई के बाद 2021 में गोवा की सेशन कोर्ट ने तेजपाल को बरी कर दिया था। इसके बाद गोवा सरकार ने इस फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 6 अगस्त 2026 को बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने निचली अदालत के फैसले को पलट दिया और तेजपाल को बलात्कार, यौन उत्पीड़न तथा संबंधित अपराधों में दोषी ठहराया। हाई कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई दोषसिद्धि के बाद हाई कोर्ट ने तेजपाल को 10 साल की कठोर कैद की सजा दी। अदालत ने घटना को पुराना होने और इस अवधि में आरोपी के किसी अन्य आपराधिक कृत्य की जानकारी सामने नहीं आने जैसे पहलुओं पर भी विचार किया। हालांकि, अभियोजन पक्ष का कहना था कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए अधिकतम सजा दी जानी चाहिए। हाई कोर्ट के फैसले के बाद अब यही मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के सामने है। सुप्रीम कोर्ट में क्या चाहती है गोवा सरकार? गोवा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि तेजपाल की सजा को बढ़ाकर उम्रकैद किया जाए। यानी सरकार इस स्तर पर उनकी दोषसिद्धि को चुनौती नहीं दे रही है, बल्कि यह कह रही है कि हाई कोर्ट द्वारा तय की गई 10 साल की सजा अपराध की गंभीरता के अनुपात में पर्याप्त नहीं है। अब सुप्रीम कोर्ट में यह तय होना है कि क्या मौजूदा सजा में बढ़ोतरी की आवश्यकता है और यदि हां, तो सजा कितनी होनी चाहिए। मामले में आगे क्या होगा? गोवा सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई इस मामले की अगली महत्वपूर्ण कानूनी कड़ी होगी। अदालत सरकार की दलीलों, हाई कोर्ट के फैसले और मामले से जुड़े सभी कानूनी पहलुओं पर विचार करेगी।
कोलकाता, एजेंसियां। कोलकाता में I-PAC कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अहम संकेत दिए। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति एवी अंजारिया की पीठ ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की संभावना जताई है। मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर को होगी। ममता बनर्जी पर ED के काम में बाधा डालने का आरोप ED का आरोप है कि I-PAC कार्यालय में छापेमारी के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने जांच में बाधा डाली थी। एजेंसी का यह भी दावा है कि कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज उनके साथ ले जाए गए थे। इसी मामले में ED ने सुप्रीम कोर्ट का रुख कर जांच की मांग की है। राज्य पुलिस से जांच पर उठे सवाल सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी की ओर से पेश वकील मेनका गुरुस्वामी ने दलील दी कि राज्य में सरकार बदल चुकी है, इसलिए अब राज्य पुलिस मामले की जांच कर सकती है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच CBI को सौंपने की संभावना पर संकेत दिया। CBI जांच को लेकर कोर्ट ने क्या कहा? सुनवाई के दौरान पीठ ने याचिकाकर्ता की CBI जांच की मांग को स्वीकार करने की दिशा में संकेत दिए। हालांकि, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मामले के व्यापक कानूनी पहलुओं पर भी फैसला देने का आग्रह किया। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एवी राजू ने यह सवाल भी उठाया कि क्या CBI किसी मौजूदा मुख्यमंत्री द्वारा कथित अपराध की जांच कर सकती है। वहीं, ममता बनर्जी की ओर से कहा गया कि अब तक की सुनवाई मुख्य रूप से ED की याचिका की स्वीकार्यता तक सीमित रही है और मामले के गुण-दोष पर अभी बहस नहीं हुई है। 2 सितंबर को होगी अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मामले की अंतिम दिशा पर फैसला नहीं सुनाया है। अब 2 सितंबर 2026 को होने वाली अगली सुनवाई में मामले की जांच और उससे जुड़े कानूनी सवालों पर आगे सुनवाई होगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली की खराब हवा और प्रदूषित यमुना को लेकर संसद की स्थायी समिति ने गंभीर चिंता जताई है। समिति ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद दिल्ली की वायु गुणवत्ता और यमुना की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। रिपोर्ट में वैज्ञानिक संस्थानों की विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल प्रदूषण की समस्या से सीधे निपटने के लिए करने की सिफारिश की गई है। दिल्ली की हवा पर समिति ने जताई चिंता राज्यसभा की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन संबंधी विभागीय स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में दिल्ली को दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानियों में शामिल होने पर चिंता जताई। समिति ने कहा कि प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए सिर्फ योजनाएं बनाने के बजाय उपलब्ध वैज्ञानिक संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल जरूरी है। समिति ने केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन (CSIO) से सेंसर, पर्यावरण निगरानी उपकरण और रियल टाइम डेटा सिस्टम विकसित करने की दिशा में काम करने को कहा है। प्रदूषण मापने के लिए विकसित हो रही तकनीक CSIO ने समिति को बताया कि उसके वैज्ञानिक पर्यावरण प्रदूषण की निगरानी के लिए कई तकनीकों पर काम कर रहे हैं। संस्थान ने ऐसी गैस मॉनिटरिंग प्रणाली विकसित की है, जिससे मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड और अमोनिया जैसी गैसों की निगरानी की जा सकती है। इस तकनीक का इस्तेमाल पराली जलाने से निकलने वाली गैसों की निगरानी में भी किया जा सकता है। दिल्ली में प्रदूषण कम करने को लेकर चेन्नई स्थित केंद्र की ओर से एक प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। धूल रोकने के लिए इलेक्ट्रोस्टैटिक तकनीक धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए संस्थान ने इलेक्ट्रोस्टैटिक स्प्रे तकनीक विकसित की है। इसमें पानी की बेहद छोटी बूंदों पर विद्युत आवेश दिया जाता है, जिससे वे धूल के कणों के संपर्क में आकर उन्हें नीचे बैठाने में मदद करती हैं। संस्थान के अनुसार यह तकनीक खास तौर पर महीन धूल को नियंत्रित करने में उपयोगी हो सकती है। इससे धूल नियंत्रण के लिए पानी और अन्य प्राकृतिक संसाधनों की खपत भी कम करने में मदद मिल सकती है। इसकी अनुमानित लागत करीब 1 से 6 लाख रुपये बताई गई है। यमुना की रियल टाइम मॉनिटरिंग की योजना यमुना की स्थिति सुधारने के लिए पानी की गुणवत्ता की लगातार निगरानी करने की योजना भी सामने आई है। सेंसर और IoT आधारित प्रणाली के जरिए नदी के पानी के अलग-अलग मानकों का रियल टाइम डेटा जुटाने का प्रस्ताव है। इस डेटा को एक केंद्रीय प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जा सकता है, जिससे अधिकारियों को प्रदूषण वाले इलाकों की पहचान और सफाई की कार्रवाई में मदद मिलेगी। यमुना की सफाई में माइक्रोब्स का इस्तेमाल समिति ने जीनोमिक्स एवं समेकित जीव विज्ञान संस्थान से ऐसे सूक्ष्मजीवों की पहचान और अध्ययन करने की सिफारिश की है, जो यमुना में मौजूद सीवेज, औद्योगिक अपशिष्ट और अन्य प्रदूषकों को तोड़ने में सक्षम हों। समिति ने वैज्ञानिक संस्थानों से नई तकनीक विकसित करने के साथ-साथ उन्हें जल्द से जल्द जमीन पर लागू करने पर भी जोर दिया है। साबरमती की तर्ज पर विकसित होगा यमुना रिवरफ्रंट दिल्ली सरकार यमुना के किनारे साबरमती रिवरफ्रंट की तर्ज पर विकास करने की तैयारी कर रही है। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने अधिकारियों के साथ गुजरात में साबरमती रिवरफ्रंट का निरीक्षण किया। सरकार के मुताबिक यमुना किनारे बड़े पार्क, साइकिल ट्रैक और खेल मैदान विकसित करने की योजना है। लक्ष्य दिल्ली में एक आधुनिक और विश्वस्तरीय यमुना रिवरफ्रंट तैयार करना है। कलिंदी कुंज में बनेगा छठ घाट यमुना किनारे कलिंदी कुंज में करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से छठ घाट विकसित करने की योजना पर भी काम चल रहा है। इससे छठ पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इसके अलावा धोबी घाटों से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए भी साबरमती मॉडल का अध्ययन किया जा रहा है। दिल्ली में मशीनीकृत लॉन्ड्री जैसी व्यवस्था लागू करने पर विचार किया जा रहा है। कुल मिलाकर, समिति ने साफ किया है कि दिल्ली की हवा और यमुना को सुधारने के लिए केवल बजट खर्च करना पर्याप्त नहीं है। प्रदूषण की लगातार निगरानी, वैज्ञानिक तकनीक और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने की जरूरत है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8th Pay Commission से जुड़ा नया अपडेट सामने आया है। आयोग ने कर्मचारियों, पेंशनर्स, कर्मचारी संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत के लिए कई शहरों में क्षेत्रीय बैठकों का कार्यक्रम तय किया है। इन बैठकों में वेतन, पेंशन और सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दों पर सुझाव लिए जाएंगे। 8th Pay Commission की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। इन शहरों में होंगी बैठकें आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक अलग-अलग शहरों में क्षेत्रीय बैठकें इस प्रकार होंगी: जयपुर: 31 अगस्त और 1 सितंबर चेन्नई: 7 और 8 सितंबर पुडुचेरी: 9 सितंबर चंडीगढ़: 16 से 18 सितंबर इसके अलावा आयोग मुंबई में सेंट्रल रेलवे जोन के विभिन्न विभागों का दौरा करेगा। इस दौरान कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों और उनसे जुड़े मुद्दों को समझने का प्रयास किया जाएगा। फिटमेंट फैक्टर पर कर्मचारियों की नजर आयोग ने अभी इन बैठकों का विस्तृत एजेंडा जारी नहीं किया है। हालांकि, कर्मचारियों की नजर सबसे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर पर है। फिटमेंट फैक्टर के आधार पर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में संशोधन किया जाता है। कर्मचारी संगठन फिटमेंट फैक्टर को 2.86 से 3.83 गुना तक करने की मांग कर रहे हैं। यदि 2.86 गुना फिटमेंट फैक्टर की मांग स्वीकार होती है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी मौजूदा 18,000 रुपये से बढ़कर 50,000 रुपये से अधिक हो सकती है। पेंशनर्स को भी मिल सकता है फायदा 8th Pay Commission के सामने करीब 65 लाख पेंशनर्स से जुड़े मुद्दे भी हैं। नए फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बेसिक पेंशन में संशोधन की संभावना है। प्रस्ताव के मुताबिक, न्यूनतम पेंशन मौजूदा 9,000 रुपये से बढ़कर 20,500 रुपये से अधिक हो सकती है। हालांकि, यह संभावित बदलाव है और अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा। इसके अलावा HRA और महंगाई भत्ते (DA) से जुड़े बदलावों पर भी विचार किया जा सकता है। कब आएगी 8th Pay Commission की रिपोर्ट? 8th Pay Commission का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था। आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए मई 2027 तक का समय दिया गया है। आयोग की सिफारिशें आने के बाद उन्हें लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी। रिपोर्ट आने के साथ ही कर्मचारियों को तुरंत बढ़ी हुई सैलरी मिलना जरूरी नहीं है। सरकार की मंजूरी और लागू करने की प्रक्रिया में अतिरिक्त समय लग सकता है। नोट: 2.86 या 3.83 फिटमेंट फैक्टर और उससे बनने वाली नई सैलरी/पेंशन फिलहाल कर्मचारी संगठनों की मांग या संभावित गणना है, इसे सरकार द्वारा मंजूर वेतन वृद्धि नहीं माना जाना चाहिए।
मुंबई, एजेंसियां। आर्थिक संकट से जूझ रहे BEST (बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट) उपक्रम को आधुनिक बनाने के लिए मुंबई नगर निगम की आम सभा ने 22 बस डिपो के रीडेवलपमेंट से जुड़े पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मंगलवार, 18 अगस्त को हुई बैठक में प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। सत्ताधारी बीजेपी, शिवसेना और NCP ने बहुमत के आधार पर प्रस्ताव पारित करा दिया, जबकि शिवसेना (UBT), कांग्रेस और MNS ने इसका जोरदार विरोध किया। विपक्ष ने लगाया निजीकरण का आरोप प्रस्ताव का विरोध करते हुए शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ कॉर्पोरेटर यशोधन फांसे ने BEST की 22 डिपो की जमीन निजी कंपनियों को देने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि BEST की जमीन निजी कंपनियों को सौंपना मुंबई के हित में नहीं है। फांसे ने मांग की कि BEST को निजी हाथों में देने के बजाय BMC को इसकी स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने पिछले 25 वर्षों में BEST के लिए किए गए कामों पर चर्चा के लिए विशेष बैठक बुलाने की भी मांग की। सत्ता पक्ष ने कहा- जमीन बेची नहीं जा रही प्रस्ताव पारित होने के बाद आम सभा की बैठक में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस हुई। विपक्ष ने प्रस्ताव को वापस प्रशासन के पास भेजने की मांग की। वहीं, सत्ता पक्ष ने विपक्ष के निजीकरण के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि BEST की जमीन बेची नहीं जा रही है, बल्कि उसे लीज पर दिया जाएगा। सरकार का तर्क है कि PPP मॉडल के जरिए BEST के डिपो का आधुनिक विकास किया जा सकेगा और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकेगा। कांग्रेस ने मांगा श्वेत पत्र कांग्रेस ग्रुप लीडर अशरफ आजमी ने पहले सौंपे गए डिपो से मुंबई को हुए फायदे का हिसाब सार्वजनिक करने के लिए श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दुनिया की कई सार्वजनिक परिवहन कंपनियां आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही हैं, तो BEST के डिपो निजी कंपनियों को क्यों दिए जा रहे हैं। आजमी ने कहा कि BEST का निजीकरण मुंबई के लोगों के हित में नहीं है और पुराने फैसलों की गलतियों को दोहराया नहीं जाना चाहिए। 'मुंबई बिक गई' के आरोप शिवसेना (UBT) के कॉर्पोरेटर सचिन पडवाल ने भी PPP प्रस्ताव का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले से मुंबई की सार्वजनिक संपत्तियां निजी हाथों में जाने का रास्ता साफ होगा। उन्होंने मांग की कि BEST को BMC में विलय किया जाए और उसके विकास के लिए प्रशासन स्तर पर दोबारा प्रस्ताव लाया जाए। BEST के आधुनिकीकरण पर जोर दूसरी ओर, PPP मॉडल के समर्थकों का कहना है कि BEST की आर्थिक स्थिति सुधारने और मुंबई की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी जरूरी है। अब 22 BEST डिपो के रीडेवलपमेंट की प्रक्रिया PPP मॉडल के तहत आगे बढ़ेगी।
कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मंगलवार देर रात एक होटल में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। हादसे में करीब 9 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि कई लोग झुलस गए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक मृतकों में 6 पुरुष, 2 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक अस्पताल या प्रशासन की ओर से मौतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। मिर्जा गालिब स्ट्रीट के होटल में लगी आग जानकारी के अनुसार, आग कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित एक होटल में देर रात करीब 2 बजे लगी। होटल से धुआं निकलता देखकर लोगों ने इसकी सूचना दमकल विभाग को दी। देखते ही देखते आग कई कमरों तक फैल गई और पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। आग के साथ होटल के अंदर घना काला धुआं भर गया, जिससे कई लोग अंदर फंस गए। सूचना मिलते ही दमकल की चार गाड़ियां और डिजास्टर मैनेजमेंट फोर्स की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया। 60 लोगों को सुरक्षित निकाला गया पुलिस के मुताबिक, बचाव दल ने होटल से करीब 60 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं, नौ लोगों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में इन सभी की मौत होने की खबर सामने आई। धुएं की चपेट में आने से छह अन्य लोगों के बीमार होने की भी जानकारी है। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। AC या शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका शुरुआती जांच में आग लगने की वजह एयर कंडीशनर में खराबी या शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। आग कम से कम चार कमरों तक फैल गई थी। हालांकि, आग की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस ने होटल और आसपास के इलाके की घेराबंदी कर दी है। होटल के मालिक का अभी पता नहीं चल पाया है, जबकि मैनेजर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। होटल की फायर सेफ्टी पर उठे सवाल हादसे के बाद होटल में आग से सुरक्षा के इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जांच अधिकारी होटल के फायर सेफ्टी सिस्टम, बिजली की वायरिंग, AC की स्थिति, इमरजेंसी एग्जिट और जरूरी लाइसेंस की जांच कर रहे हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आग लगने के समय होटल में कितने लोग मौजूद थे और क्या उन्हें समय पर इसकी सूचना दी गई थी। साथ ही, यह जांच भी की जा रही है कि लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे या नहीं। तारापीठ के बाद कोलकाता में दूसरा बड़ा होटल अग्निकांड गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को पश्चिम बंगाल के तारापीठ में भी एक होटल में भीषण आग लगी थी। उस हादसे में भी नौ लोगों की मौत की खबर सामने आई थी। लगातार दो होटल अग्निकांडों के बाद पश्चिम बंगाल में होटल और गेस्टहाउस की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
काठमांडू, एजेंसियां। भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने नेपाल के प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री बालेंद्र (बालेन) शाह से मुलाकात की। यह बैठक मंगलवार को काठमांडू स्थित सिंहदरबार में प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और सैन्य संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई। बैठक में नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। आपसी हित और सैन्य सहयोग पर बातचीत बैठक के दौरान भारत और नेपाल के बीच आपसी हित से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ दोनों देशों के द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को और मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया गया। भारतीय सेना प्रमुख का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब दोनों पड़ोसी देश पारंपरिक रक्षा संबंधों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। जनरल धीरज सेठ को मिला मानद जनरल का पद नेपाल यात्रा के दौरान राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने जनरल धीरज सेठ को नेपाली सेना के मानद जनरल की उपाधि प्रदान की। भारत और नेपाल के सेना प्रमुखों को एक-दूसरे की सेना में मानद जनरल का पद देने की यह परंपरा 1950 से चली आ रही है और दोनों सेनाओं के बीच विशेष संबंधों का प्रतीक मानी जाती है। गोरखा भर्ती और रक्षा संबंधों पर नजर जनरल धीरज सेठ की नेपाल यात्रा के दौरान गोरखा सैनिकों की भारतीय सेना में भर्ती का मुद्दा भी चर्चा में रहा है। नेपाल के पूर्व गोरखा सैनिकों ने बालेन शाह सरकार से अग्निपथ योजना के तहत नेपाली युवाओं की भर्ती का रास्ता साफ करने की मांग की है। जनरल सेठ ने नेपाल के सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल से भी द्विपक्षीय बातचीत की। उनकी तीन दिवसीय यात्रा का उद्देश्य भारत-नेपाल के पारंपरिक सैन्य संबंधों को और मजबूत करना तथा रक्षा सहयोग को नई गति देना है।
मेष राशि : चू, चे, चो, ल, ली, लू, ले, लो,अ।बिना वजह अपनी आलोचना करते रहना आत्मविश्वास को कम कर सकता है। आज बिना किसी की मदद के ही आप धन कमा पाने में सक्षम होंगे। रिश्तेदारों के यहाँ छोटी यात्रा आपके भागदौड़ भरे दिन में आराम और सुकून देने वाली साबित होगी। आपकी प्रेम कहानी आज एक नया मोड़ ले सकती है, आपका साथी आज आपसे शादी को लेकर बात कर सकता है। ऐसे में कोई भी फैसला लेने से पहले आपको विचार अवश्य करना चाहिए। व्यावसायिक साझीदार सहयोग करेंगे और आप साथ मिलकर टलते आ रहे कामों को पूरा कर सकते हैं। मौज-मस्ती के लिए घूमना संतोषजनक रहेगा। वैवाहिक जीवन के उजले पहलू का अनुभव करने के लिए अच्छा दिन है। उपाय :- रात को पाने में जौ भिगोकर रखें व अगली सुबह किसी जानवर या पक्षियों को खिलाने से हेल्थ अच्छी रहेगी। वृषभ राशि : इ, उ, ए, ओ, ब, बी ,बू, बे ,बो।आज का दिन ऐसे काम करने के लिए बेहतरीन है, जिन्हें करके आप ख़ुद के बारे में अच्छा महसूस करते हैं। अगर आप सूझ-बूझ से काम लें, तो आज अतिरिक्त धन कमा सकते हैं। एक-दूसरे का नज़रिया समझकर व्यक्तिगत समस्याएँ सुलझाएँ। इसे औरों के सामने न लाएँ, नहीं तो बदनामी हो सकती है। सम्हल कर दोस्तों से बात करें, क्योंकि आज के दिन दोस्ती में दरार पड़ने की आशंका है। कुछ लोगों को कार्यक्षेत्र में तरक़्क़ी मिलेगी। आज ऐसी कई सारी चीज़ें होंगी – जिनकी तरफ़ तुरन्त ग़ौर करने की आवश्यकता है। अगर आपके जीवनसाथी का मन खिन्न है और चाहते हैं की दिन अच्छा गुज़रे, तो चुप्पी साधे रहें। उपाय :- फलदार पौधे लगाना पारिवारिक जीवन के लिए बहुत शुभ है। मिथुन राशि : का,की , कु, घ, ङ ,छ, के, को, ह।अगर आप बहुत ज़्यादा तनाव महसूस कर रहे हैं, तो बच्चों के साथ अधिक समय बिताएँ। उनके प्यार भरे आलिंगन और मासूम मुस्कुराहट आपकी सभी परेशानियों को ख़त्म कर देंगे। आज निवेश के जो नए अवसर आपकी ओर आएँ, उनपर विचार करें। लेकिन धन तभी लगाएँ जब आप उन योजनाओं का भली-भांति अध्ययन कर लें। आपका जीवनसाथी आपकी सहायता करेगा और मददगार साबित होगा। आपका प्रेमी आज आपकी बातों को सुनने से ज्यादा अपनी बातें कहना पसंद करेगा जिसकी वजह से आप थोड़े खिन्न हो सकते हैं। अगर आप अपना नज़रिया आस-पास के ऐसे लोगों को बताएँ जो महत्वपूर्ण निर्णय लेते हों, तो आपको लाभ होगा। साथ ही आपको काम के प्रति अपने समर्पण और निष्ठा के लिए शाबाशी भी मिलने की संभावना है। वक़ील के पास जाकर क़ानूनी सलाह लेने के लिए अच्छा दिन है। यह दिन आपके जीवनसाथी का बेहतरीन पहलू आपको दिखाने वाला है। उपाय :- ॐ शुक्राय नमः का 11 बार उच्चारण करने से हेल्थ अच्छी रहेगी। कर्क राशि : ही, हू, हे, हो, डा, डी ,डू, डे,डो।दूसरों के लिए ख़राब नीयत रखना मानसिक तनाव को जन्म दे सकता है। इस तरह के विचारों से बचें, क्योंकि ये समय की बर्बादी करते हैं और आपकी क्षमताओं को ख़त्म करते हैं। ख़र्चों में इज़ाफ़ा होगा, लेकिन साथ ही आमदनी में हुई बढ़ोत्तरी इसको संतुलित कर देगी। काम-काज में ज़रूरत से ज़्यादा तनाव के चलते परिवार की ज़रूरतों और इच्छाओं को दरकिनार न करें। अपने प्रिय के साथ आज अच्छी तरह बर्ताव करें। साझेदारी में किए गए काम आख़िरकार फ़ायदेमंद साबित होंगे, लेकिन आपको अपने भागीदारों से काफ़ी विरोध का सामना करना पड़ सकता है। आपके घर वाले आज आपसे कई परेशानियां शेयर करेंगे लेकिन आप अपनी ही धुन में मस्त रहेंगे और खाली समय में कुछ ऐसा करेंगे जो करना आपको पसंद है। अपने जीवनसाथी की वजह से आपको मानसिक अशान्ति का सामना करना पड़ सकता है। उपाय :- एक मीठी रोटी कुत्ते को खिलाने से पारिवारिक जीवन अच्छा चलेगा। सिंह राशि : मा, मी, मू, में, म़ो, ट, टी, टू, टे।शारीरिक लाभ के लिए, विशेषकर मानसिक तौर पर मज़बूती हासिल करने के लिए ध्यान और योग का आश्रय लें। आज यार दोस्तों के साथ पार्टी में आप खूब पैसे लुटा सकते हैं लेकिन इसके बावजूद भी आपका आर्थिक पक्ष आज मजबूत रहेगा। आपको बच्चों या ख़ुद से कम अनुभवी लोगों के साथ धैर्य से काम लेने की ज़रूरत है। आपका रुमानी संबंध आज थोड़ी परेशानी में पड़ सकता है। लघु व्यवसाय करने वाले इस राशि के जातकों को आज घाटा हो सकता है। हालांकि आपको घबराने की जरुरत नहीं है अगर आपकी मेहनत सही दिशा में है तो आपको अच्छे फल अवश्य मिलेंगे। सेमिनार और प्रदर्शनी आदि आपको नई जानकारियाँ और तथ्य मुहैया कराएंगे। जीवनसाथी के कारण कुछ नुक़सान हो सकता है। उपाय :- अपने प्रेमी/प्रेमिका से मिलने से पूर्व कपड़ों पर इत्र लगाकर जाने से लव लाइफ अच्छी चलेगी। कन्या राशि : टो,पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, प़ो।प्रभावशाली लोगों का सहयोग आपके उत्साह को दोगुना कर देगा। आज धन आपके हाथ में नहीं टिकेगा, आपको धन संचय करने में आज बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। रिश्तेदारों के साथ अपने संबंधों को फिर तरोताज़ा करने का दिन है। आप आज प्यार की मनोदशा में होंगे- और आपके लिए काफ़ी मौक़े भी होंगे। बड़े उद्योगपतियों के साथ साझीदारी का व्यवसाय फ़ायदेमंद रहेगा। आज आप कोई नई पुस्तक खरीदकर किसी कमरे में खुद को बंद करके पूरा दिन गुजार सकते हैं। क्या आपको लगता है कि शादी महज़ समझौतों का नाम है? अगर हाँ, तो आप आज हक़ीक़त महसूस करेंगे और जानेंगे कि यह आपके जीवन की सबसे अच्छी घटना थी। उपाय :- बाहर जाते समय केसर या हल्दी का तिलक मस्तक पर करना आर्थिक स्थिति को सुधारेगा। तुला राशि : रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते।बच्चों के साथ आप सुकून पाएंगे। बच्चों की यह क्षमता क़ुदरती है और न केवल आपके परिवार के बच्चों में, बल्कि हर बच्चे में यह गुण होता है। वे आपको सुकून और राहत दे सकते हैं। पैसा अचानक आपके पास अएगा, जो अपके ख़र्चों और बिल आदि को सम्हाल लेगा। आपके नज़दीकी लोग निजी जीवन में परेशानियाँ खड़ी कर सकते हैं। आपकी थकी और उदास ज़िन्दगी आपके जीवन-साथी को तनाव दे सकती है। आज का दिन बढ़िया प्रदर्शन और ख़ास कामों के लिए है। आज इस राशि के कुछ छात्र लेपटॉप या टीवी पर कोई मूवी देखकर अपना कीमती समय जाया कर सकते हैं। जीवनसाथी की ओर से जानबूझ कर भावनात्मक चोट मिल सकती है, जिसके चलते आप उदास हो सकते हैं। उपाय :- पारिवारिक जीवन को खुशहाल रखने के लिए भैरव जी के सामने दीपदान करें। वृश्चिक राशि : तो,न, नी, नू, ने, नो, या, यी , यु।आपकी ऊर्जा का स्तर ऊँचा रहेगा। आपको अपने अटके कामों को पूरा करने में इसका इस्तेमाल करना चाहिए। आज आपका सामना कई नई आर्थिक योजनाओं से होगा- कोई भी फ़ैसला करने से पहले अच्छाईयों और कमियों पर सावधानी से ग़ौर फ़रमाएँ। दूसरों की कमियाँ ढूंढने का ग़ैर-ज़रूरी काम रिश्तेदारों की आलोचना का रुख़ आपकी ओर मोड़ सकता है। आपको समझना चाहिए कि यह केवल समय की बर्बादी है और इससे कुछ हासिल नहीं होता है। बेहतर रहेगा कि आप अपनी यह आदत बदल दें। आपको अपनी तरफ़ से सबसे बेहतर तरीक़े से बर्ताव करने की ज़रूरत है – क्योंकि आज आपका प्रिय जल्दी ही नाराज़ हो सकता है। लंबित परियोजनाएँ पूरी होने की दिशा में बढ़ेंगी। आज आपको रिश्तों की अहमियत का अंदाज हो सकता है क्योंकि आज के दिन का ज्यादातर समय आप अपने परिवार के लोगों के साथ बिताएंगे। वैवाहिक जीवन में आप कुछ निजता की ज़रूरत महसूस करेंगे। उपाय :- साधु अथवा गुरु को पीले या भगवे वस्त्र पाँव छूकर भेंट करने से पारिवारिक जीवन अच्छा होगा। धनु राशि : ये,यो, भा, भी,, भू, ध,फ, ढ़, भे।सोचने से पहले दो बार सोचें। अनजाने ही आपका नज़रिया किसी की भावनाओं को आहत कर सकता है। मनोरंजन और सौन्दर्य में इज़ाफ़े पर ज़रुरत से ज़्यादा वक़्त न ख़र्च करें। जब निवेश करने का सवाल आपके सामने हो, तो स्वतन्त्र बनें और अपने फ़ैसले ख़ुद लें। अपने प्रिय के लिए बदले की भावना से कुछ हासिल नहीं होगा- बजाय इसके आपको दिमाग़ शांत रखना चाहिए और अपने प्रिय को अपनी सच्चे जज़्बात से परिचित कराना चाहिए। आपको ऐसी परियोजनाओं पर काम करना चाहिए, जो आगे चलकर मुनाफ़ा दें। जिन रिश्तों को आप अहमियत देते हैं उन्हें समय देना भी आपको सीखना होगा नहीं तो रिश्ते टूट सकते हैं। जीवनसाथी के रिश्तेदारों का दख़ल वैवाहिक जीवन का सन्तुल बिगाड़ सकता है। उपाय :- चाँदी की चूड़ियाँ या कड़ा धारण करने से प्रेम सम्बन्धों में वृद्धि होती है। मकर राशि : भो,ज, जी,जू,जे जो, खी,खू, खे, खो, गा, गी।सेहत के नज़रिए से यह वक़्त थोड़ा ठीक नहीं है, इसलिए जो आप खाएँ उसके प्रति सावधान रहें। घर में किसी फंक्शन के होने की वजह से आज आपको बहुत धन खर्च करना पड़ेगा जिसके कारण आपकी आर्थिक स्थिति खराब हो सकती है। कोशिश करें की कोई आपकी बातों या काम से आहत न हो और पारिवारिक ज़रूरतों को समझें। प्यार-मोहब्बत के मामले में जल्दबाज़ी में क़दम उठाने से बचें। अगर आपको लगता है कि आप दूसरों की मदद के बिना महत्वपूर्ण कामों को कर सकते हैं, तो आपकी सोच काफ़ी ग़लत है। महत्वपूर्ण लोगों के साथ बातचीत करते वक़्त अपने शब्दों को ग़ौर से चुनें। आपके और आपके जीवनसाथी के दरमियान कोई अजनबी नोंकझोंक की वजह बन सकता है। उपाय :- सूर्य की धूप घर में आने का प्रबंध करें। स्वास्थ्य लाभ के लिए उत्तम है। कुम्भ राशि : गू, गे, गो, सा, सि, सू, से, सो, द।आज आपके पास ख़ुद के लिए पर्याप्त समय होगा, तो मौक़े का फ़ायदा उठाएँ और अच्छी सेहत के लिए पैदल सैर पर जाएँ। आपकी मनोकामनाएं दुआओं के ज़रिए पूरी होंगी और सौभाग्य आपकी तरफ़ आएगा- और साथ ही पिछले दिन की मेहनत भी रंग लाएगी। परिवार में नए सदस्य के आने की ख़बर आपको रोमांचित कर देगी। समारोह आयोजित कर इस ख़ुशी को सबके साथ बाटें। उदास न हों, कभी-कभी विफल होना कोई ख़राब बात नहीं है। वह तो ज़िंदगी की ख़ूबसूरती है। काम की अधिकता के बावजूद भी आज कार्यक्षेत्र में आपमें ऊर्जा देखी जा सकती है। आज आप दिये गये काम को तय वक्त से पहले ही पूरा कर सकते हैं। अपने ज़बरदस्त आत्मविश्वास का फ़ायदा उठाएँ, बाहर निकलें और कुछ नए सम्पर्क व दोस्त बनाएँ। जीवनसाथी के ख़राब स्वास्थ्य की वजह से आपका कामकाज प्रभावित हो सकता है। उपाय :- अपने प्रेमी/प्रेमिका को सुगन्धित परफ्यूम या इत्र गिफ्ट करें इससे लव लाइफ अच्छी रहेगी। मीन राशि: दी, दु, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची।हर इंसान को ग़ौर से सुनें, हो सकता है आपको अपनी समस्या का समाधान मिल जाए। जीवन के बुरे दौर में पैसा आपके काम आएगा इसलिए आज से ही अपने पैसे की बचत करने के बारे में विचार करें नहीं तो आपको दिक्कतें हो सकती हैं। पारिवारिक परेशानियों को हल करने में आपका बच्चों जैसा मासूम बर्ताव अहम किरदार अदा करेगा। अपने प्रिय के साथ सैर-सपाटे पर जाते समय ज़िंदगी को पूरी शिद्दत से जिएँ। आज के दिन आप सबके ध्यान का केंद्र होंगे और सफलता आपकी पहुँच में होगी। गप्पबाज़ी और अफ़वाहो से दूर रहें। आज के दिन आपके और आपके जीवनसाथी के लिए गहरी आत्मीयतापूर्ण बातें का सही समय है। उपाय :- काले-सफेद तिल और सतनाजा किसी धर्म स्थान में दान करने से आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। कृपया ध्यान दें यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए IDTV इंद्रधनुष उत्तरदायी नहीं हैं।
1591 – फ्रांसीसी राजा हेनरी चतुर्थ ने उत्तरी फ्रांस के शहर रोएन पर कब्जा किया। 1600 – मुगल बादशाह अकबर ने अहमदनगर पर कब्जा किया। 1666 - शिवाजी आगरा में फलों की टोकरी में छिपकर औरंगजेब की कैद से फरार। 1691 – स्जालंकमेन के युद्ध में ऑस्ट्रिया ने तुर्कों को पराजित किया। 1757- ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा पहला एक रुपये का सिक्का कलकत्ता टकसाल में ढाला गया। 1796 - स्पेन और फ्रांस ने ब्रिटेन गठबंधन के खिलाफ हस्ताक्षर किये। 1839 – फोटो तत्व की खोज को लेकर रिपोर्ट पेश होने पर विश्व फोटोग्राफी दिवस की शुरुआत हुई। 1895 – जापान के साथ युद्ध में पराजय के पश्चात चीन ने शीमोनोस्की समझौते के अनुसार ताइवान नामक द्वीप जापान के हवाले कर दिया। 1897 – लंदन में पहली इलेक्ट्रिक टैक्सी का परिचालन किया गया। 1915 – नीदरलैंड में राशन कानून प्रभावी हुआ। 1919 - अफ़ग़ानिस्तान ने ब्रिटेन से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की। 1944- भारत से जापान की अंतिम सैन्य टुकडी को खदेडा गया। 1949 - भुवनेश्वर ओडिशा की राजधानी बनी। 1964 - संचार उपग्रह सिनकोम 3 का प्रक्षेपण। 1970 – दक्षिण अफ्रीका में चीनी समुदाय के लोगों को श्वेत का दर्जा मिला। 1973 – फ्रांस ने मुरूओरा द्वीप में परमाणु परीक्षण किया। 1977 - सोवियत संघ ने सेरी सागान में परमाणु परीक्षण किया। 1978 - ईरान के सिनेमा घर में आग लगने से 422 की मौत। 1998 - सूडान एवं अफ़ग़ानिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर संयुक्त राज्य अमेरिका ने मिसाइलों से हमला किया। 1999 - भारत की परमाणु नीति मसौदे पर नाराज़ जी-8 ने सभी तरह की मदद पर रोक लगाने की घोषणा की। 2000 - हिना जलाली विश्व की पहली मानवाधिकार संरक्षक प्रतिनिधि नियुक्त। 2003 - संयुक्त राज्य अमेरिका ने पाकिस्तान को 5 साल में 11 करोड़ 57 लाख डालर का अनुदान देने का निर्णय लिया। 2004 - वान डेन हुगेनबैंड ओलम्पिक सबसे तेज तैराक बने। 2004 – गूगल ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) जारी कर 1.67 अरब डॉलर जुटाए। 2005 - श्रीलंका सरकार व लिट्टे में शांति वार्ता फिर शुरू करने पर सहमति। 2006 - इस्रायल ने फ़िलिस्तीनी उपप्रधानमंत्री को गिरफ़्तार किया। 2007 - अंतरिक्ष स्टेशन पर गये मिशन एण्डेवर के यात्रियों ने स्पेसवॉक पूरा किया। 2008 - पाइमान की सहायक कार्यकारी निदेशक मोसारत कदीय व एसोमैच के अध्यक्ष साजन जिंदल ने भारत-पाक व्यापार संबंधी रिपोर्ट जारी की। 2009 - नौसेना के कमांडर दिलीप डोंडी स्वदेश निर्मित नैसेना नौका महादेई के द्वारा सम्पूर्ण विश्व की यात्रा के अभियान पर रवाना हुये। 2009 - ईराक के बगदाद में सिलसिलेवार बम विस्फोट में 101 लोगों की मौत और 565 घायल। 2010 – अमेरिकी सेना की अंतिम ब्रिगेड के कुवैत जाने के साथ आॅपरेशन इराकी फ्रीडम खत्म हुआ। 2019 - राजीव गांधी विश्वविद्यालय (आरजीयू) के जूलॉजी विभाग से मत्स्य और जलीय पारिस्थितिकी अनुसंधान दल ने अरुणाचल के विभिन्न जिलों से मछली की 5 प्रजातियों की खोज की । 2019 - गृह मंत्रालय ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की रिटायरमेंट उम्र 60 साल करने का फैसला किया। 2019 - श्रीलंका के राष्ट्रपति ने लेफ्टिनेंट जनरल शैवेंद्र सिल्वा को श्रीलंका सेना का 23 वां कमांडर नियुक्त किया । 2019 - भारतीय पैरा स्विमर सत्येंद्र सिंह लोहिया (32) ने अमेरिका में 42 किलोमीटर लंबे कैटलीना चैनल को 11 घंटे 33 मिनट के समय में पार कर नया इतिहास रच दिया। ऐसा करने वाले वे एशिया के पहले दिव्यांग तैराक बने। 2020 - कीथ किस्टोफर रोवले (Keith Christopher Rowley) लगातार दूसरी बार त्रिनिदाद और टोबैगो गणराज्य के प्रधानमंत्री बने। 2021 - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डिफेंस इंडिया स्टार्टअप चैलेंज का 5वां संस्करण शुरू किया। 2021 - भारत और एशियाई विकास बैंक ने बेंगलुरु मेट्रो के लिए 500 मिलियन डालर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए। 2022 - राजस्थान के पाली रामदेवरा दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली से ट्रेलर की जोरदार भिड़ंत से लगभग 8 की मौत हुई 20 घायल। 2022 - ऑस्ट्रेलिया के डार्विन में 19-08-2022 से 08-09-2022 तक होने वाले अभ्यास पिच ब्लैक 2022 में भाग लेने के लिए भारतीय वायुसेना का एक दल ऑस्ट्रेलिया पहुंचा। 2023 - चंद्रमा पर उतरने से पहले रूस के लूना-25 को एक "आपातकालीन स्थिति" में पहुंचा। 2023 - लद्दाख के लेह में एक सैन्य वाहन गहरी खाई में गिरने से लगभग 9 सैनिक शहीद हुए। 2023 - चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के पूर्वी थिएटर कमांड ने नौसेना और वायु सेना की संयुक्त हवाई तथा समुद्री गश्त और सैन्य अभ्यास शुरू किया।ताइवान ने दावा किया ताइवान सीमा में चीन के 42 लड़ाकू विमान घुसे। 2023 - हवाई के जंगल में लगी आग में मरने वालों की संख्या 114 पहुंची, पीड़ितों की तलाश जारी रही। 2024 - जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले में CRPF इंस्पेक्टर शहीद हुए। 2025 - कजाकिस्तान के शिमकेंट शहर में आयोजित एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में भारत की स्टार निशानेबाज मनु भाकर ने एक ही दिन में दो पदक अपने नाम किए। 19 अगस्त को जन्मे व्यक्ति 1887 - एस. सत्यमूर्ति - भारत के क्रांतिकारी नेता । 1891 - हरिशंकर शर्मा - भारत के प्रसिद्ध साहित्यकार, कवि, लेखक, व्यंग्यकार और पत्रकार। 1907 - हज़ारी प्रसाद द्विवेदी, निबन्धकार, उपन्यासकार, आलोचक, चिन्तक तथा शोधकर्ता। 1908 - अब्दुल राशिद ख़ान- पद्म भूषण से सम्मानित हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक। 1911 - आरसी प्रसाद सिंह - भारत के प्रसिद्ध कवि, कथाकार और एकांकीकार। 1918 - शंकरदयाल शर्मा - भारत के नवें राष्ट्रपति। 1928 - शिवप्रसाद सिंह - हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार। 1941 - राइफलमैन जसवंत सिंह रावत, एमवीसी भारतीय थलसेना में सेवारत एक भारतीय सेना के सैनिक थे। 1950 - सुधा मूर्ति - इन्फोसिस फाउंडेशन के संस्थापक एन. आर. नारायणमूर्ति की पत्नी एवं प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता। 1967 - नंदना सेन - एक भारतीय अभिनेत्री । 1982 - अरुंधति काटजू - भारतीय अधिवक्ता (वकील) जिन्होंने समलैंगिक संबंधों को अपराध मानने वाली धारा 377 खत्म करवाने में अहम भूमिका निभाई थी। 1985 - सूबेदार मेजर विजय कुमार ओलंपिक एथलीट। 1989 - रोहित खंडेलवाल एक भारतीय मॉडल, अभिनेता, और टेलीविजन व्यक्तित्व हैं। 19 अगस्त को हुए निधन 1909- बदरुद्दीन तैयब जी- प्रसिद्ध वकील, न्यायाधीश और नेता। 1927 - स्वामी सारदानन्द रामकृष्ण परमहंस के संन्यासी शिष्यों में से एक थे। 1987 - सचिन नाग एक भारतीय तैराक थे। 1987 - लक्ष्मीनारायण मिश्र, हिन्दी के प्रसिद्ध नाटककार थे। 1993 - उत्पल दत्त - हिन्दी तथा बांग्ला फ़िल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता और निर्माता। 2013 - रोनाल्ड स्टुअर्ट मेक्ग्रेगॉर - शीर्षस्थ भाषा विज्ञानी, व्याकरण के विद्वान , अनुवादक और हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध इतिहासकार थे। 2019 - मोहम्मद ज़हूर "खय्याम" हाशमी, जिन्हें "खय्याम" नाम से जाना जाता था, भारतीय फ़िल्मों के प्रसिद्ध संगीतकार थे। 2019 - डॉ जगन्नाथ मिश्र- बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री थे। 2020 - पूर्व भारतीय गोलकीपर भास्कर मैती का 67 साल की उम्र में निधन । 2020 - पूर्व भारतीय क्रिकेटर गोपालस्वामी कस्तूरीरंगन का निधन। 2021 - भारत की महान धाविका पीटी उषा के कोच ओ.एम. नांबियार (89) का निधन हो गया। 2023 - अमेरिकी अभिनेता रॉन सीफास जोन्स (66) का निधन हुआ। 2023 - अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक जॉन वारनूक (82) का निधन हुआ। 2023 - अमेरिकी संगीत रचयिता ग्लोरिया कोट्स (89) का निधन हुआ। 2023 - इतालवी फुटबॉल खिलाड़ी कार्लो मज़ोने (86) का निधन हुआ। 2024 - मारिया ब्रान्यास, दूसरी सबसे बुजुर्ग अमेरिकी - कैटलन सुपरसेंटेनेरियन (जन्म 1907) का 117 वर्ष, 168 दिन की आयु में निधन हुआ। 19 अगस्त के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव गोस्वामी श्री तुलसीदास जी जयन्ती (529वीं , श्रावण शुक्ल सप्तमी)। भगवान श्री पार्श्वनाथ मोक्ष (जैन , श्रावण शुक्ल सप्तमी)। श्री शंकरदयाल शर्मा जयन्ती। आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी जयन्ती। डॉ जगन्नाथ मिश्र - जयन्ती। राइफलमैन जसवंत सिंह रावत जयंती। बलिया बलिदान दिवस। अफ़ग़ानिस्तान का स्वतंत्रता दिवस। अंतर्राष्ट्रीय ऑरंगुटन दिवस। विश्व फ़ोटोग्राफ़ी दिवस। विश्व मानवतावादी / मानवता दिवस (World Humanitarian Day)। कृपया ध्यान दें यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इंद्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।
दिनांक - 19 अगस्त 2026 दिन - बुधवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - दक्षिणायन ऋतु - वर्षा ॠतु मास - श्रावण पक्ष - शुक्ल तिथि - सप्तमी शाम 07:19 तक तत्पश्चात अष्टमी नक्षत्र - स्वाती सुबह 06:46 तक तत्पश्चात विशाखा योग -ब्रह्म 20 अगस्त रात्रि 03:44 तक तत्पश्चात इन्द्र राहुकाल - दोपहर 12:42 से दोपहर 02:18 तक सूर्योदय - 05:29 सूर्यास्त - 06:04 दिशाशूल - उत्तर दिशा मे व्रत पर्व विवरण- विशेष- सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
नई दिल्ली, एजेंसियां। सुप्रीम कोर्ट ने हवाई किराए में मनमानी बढ़ोतरी और पीक सीजन में अचानक बढ़ने वाले टिकट दामों को लेकर केंद्र सरकार से नए नियम जल्द अंतिम रूप देने को कहा है। केंद्र ने अदालत को बताया कि भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के तहत हवाई किराए, सर्ज प्राइसिंग और अतिरिक्त सामान शुल्क से जुड़े नए नियमों को तीन सप्ताह के भीतर अंतिम रूप दिया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर 2026 को होगी। हवाई किराए और सर्ज प्राइसिंग पर बनेगा नियम केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नए नियमों का प्रारूप तैयार कर लिया गया है और इसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्रस्तावित नियमों में टिकट किराए, मांग बढ़ने पर किराए में होने वाली वृद्धि, अतिरिक्त सामान शुल्क तथा यात्रियों से जुड़े अन्य शुल्क को शामिल किया गया है। सरकार ने अदालत के समक्ष नियमों का मसौदा सीलबंद लिफाफे में पेश किया। केंद्र की ओर से कहा गया कि कुछ बिंदुओं पर अंतिम चर्चा चल रही है और तीन सप्ताह में नियमों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। नियम नहीं मानने वाली एयरलाइंस पर सख्ती सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उन एयरलाइंस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही, जो हवाई किराए से जुड़े सरकारी निर्देशों का पालन नहीं करती हैं। अदालत ने केंद्र से कहा कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाली एयरलाइंस के खिलाफ सख्त कार्रवाई, यहां तक कि उन्हें ग्राउंड करने पर भी विचार किया जाए। अदालत की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब यात्रियों की ओर से त्योहारों, छुट्टियों और अधिक मांग वाले समय में टिकटों की कीमत अचानक बढ़ने की शिकायतें सामने आती रही हैं। 7 सितंबर को होगी अगली सुनवाई यह मामला सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मीनारायण की याचिका से जुड़ा है, जिसमें हवाई किराए में होने वाले अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव और अतिरिक्त शुल्क को नियंत्रित करने के लिए मजबूत नियामकीय व्यवस्था की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट पहले भी हवाई किराए में अचानक और अत्यधिक बढ़ोतरी को गंभीर चिंता का विषय बता चुका है। अब केंद्र सरकार को नए नियमों को अंतिम रूप देने के लिए तीन सप्ताह का समय मिला है। 7 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट प्रस्तावित नियमों और विमानन क्षेत्र में किराया नियमन की व्यवस्था पर आगे सुनवाई करेगा।
नई दिल्ली, एजेंसियां। सुप्रीम कोर्ट ने चुनावों में काले धन के इस्तेमाल को लोकतंत्र, कानून के शासन और निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया के लिए गंभीर खतरा बताया है। न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने चुनाव के दौरान जब्त होने वाली नकदी और संपत्ति से जुड़े मामलों में जांच और सुनवाई को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। 24 घंटे में देनी होगी जब्ती की जानकारी सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि चुनाव के दौरान नकदी या अन्य संपत्ति जब्त करने वाली एजेंसी को 24 घंटे के भीतर इसकी जानकारी संबंधित जिला मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट या सक्षम अदालत को देनी होगी। साथ ही, लिखित रूप से यह भी बताना होगा कि जब्त रकम या संपत्ति का संदिग्ध चुनावी अपराध से प्रथम दृष्टया क्या संबंध है। अदालत ने कहा कि मतदाता की पसंद किसी धन या अन्य प्रलोभन से प्रभावित नहीं होनी चाहिए। यदि पैसे या किसी लाभ के जरिए मतदाता के फैसले को प्रभावित किया जाता है तो चुनाव में उसकी स्वतंत्र पसंद प्रभावित होती है और इससे लोकतंत्र की मूल भावना कमजोर होती है। एक साल में जांच पूरी करने पर जोर शीर्ष अदालत ने जांच एजेंसियों को निर्देश दिया कि चुनावी काले धन से जुड़े मामलों में FIR दर्ज होने के एक साल के भीतर जांच पूरी करने का हर संभव प्रयास किया जाए। यदि किसी मामले में देरी होती है तो उसके कारण लिखित रूप में दर्ज करने होंगे और इसकी जानकारी चुनाव आयोग को देनी होगी। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि संबंधित पुलिस अधिकारियों की मंजूरी के बाद नोडल अधिकारी के माध्यम से चुनाव आयोग को मामलों की तिमाही स्थिति रिपोर्ट भेजी जाए। 10 लाख से अधिक नकदी मिलने पर आयकर विभाग को सूचना सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव के दौरान निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत करने का निर्देश दिया है। स्टैटिक सर्विलांस टीम (SST) को यदि 10 लाख रुपये से अधिक नकदी मिलती है तो इसकी जानकारी आयकर अधिकारियों को देनी होगी। अदालत ने चुनाव से जुड़े आपराधिक मामलों की जल्द सुनवाई के लिए हाईकोर्ट को जरूरत के अनुसार विशेष या नामित अदालतें तय करने को भी कहा है। अदालत ने 2024 के लोकसभा चुनाव और 2019 से 2025 के बीच हुए विधानसभा चुनावों से जुड़े बड़ी संख्या में लंबित मामलों का भी संज्ञान लिया। सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित अदालतों को इन मामलों का जल्द से जल्द तार्किक निष्कर्ष निकालने के लिए हरसंभव प्रयास करने का निर्देश दिया है। चुनाव आयोग और संबंधित सरकारों को 18 नवंबर 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया है।
प्रयागराज, एजेंसियां। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्यपाल के संवैधानिक अधिकारों से जुड़े एक अहम मामले में कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत समय से पहले रिहाई या सजा में छूट देने की शक्ति का इस्तेमाल मनमाने तरीके से नहीं किया जा सकता। अदालत ने एक कैदी की समयपूर्व रिहाई की याचिका खारिज करने वाले आदेश को रद्द करते हुए सरकार को मामले पर नए सिरे से विचार करने का निर्देश दिया है। जेल में बिताई अवधि की गणना में मिली बड़ी गलती यह मामला राम प्रताप सिंह बनाम उत्तर प्रदेश सरकार से जुड़ा है। राम प्रताप सिंह को वर्ष 2002 में हत्या के प्रयास के मामले में सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। बाद में उनकी सजा को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। समयपूर्व रिहाई के मामले में अधिकारियों ने उनकी जेल में बिताई अवधि को गलत तरीके से दर्ज किया। आदेश में बताया गया था कि उन्होंने बिना छूट के केवल करीब दो साल की सजा पूरी की है, जबकि जेल रिकॉर्ड के अनुसार वह 4 साल 6 महीने से अधिक की सजा पूरी कर चुके थे। राज्यपाल की शक्ति पर कोर्ट ने क्या कहा अदालत की पीठ ने स्पष्ट किया कि अनुच्छेद 161 के तहत राज्यपाल को प्राप्त शक्ति संवैधानिक और महत्वपूर्ण है, लेकिन इसका इस्तेमाल मनमाने तरीके से या स्पष्ट तथ्यात्मक गलती के आधार पर नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि समयपूर्व रिहाई के मामले में कैदी की वास्तविक हिरासत अवधि और लागू नियमों को सही तरीके से ध्यान में रखना जरूरी है। गलत रिकॉर्ड के आधार पर किसी कैदी की रिहाई के अनुरोध को खारिज करना उचित नहीं माना जा सकता। सरकार को एक महीने में नए सिरे से फैसला लेने का निर्देश इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समयपूर्व रिहाई की याचिका खारिज करने वाले 26 जून 2025 के आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह मामले पर उपलब्ध रिकॉर्ड और लागू नियमों के आधार पर नए सिरे से विचार करे। अदालत ने सरकार को यह प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है। इस फैसले को राज्यपाल की संवैधानिक शक्तियों के इस्तेमाल में पारदर्शिता और गैर-मनमाने निर्णय की आवश्यकता को रेखांकित करने वाला महत्वपूर्ण आदेश माना जा रहा है।
तिरुवनंतपुरम, एजेंसियां। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को केरल में मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी जांच के तहत आठ ठिकानों पर नई छापेमारी की। यह कार्रवाई पूर्व केरल मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीणा टी. से जुड़े CMRL-Exalogic मामले में की गई है। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी अभियान धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत चलाया जा रहा है। CMRL और Exalogic के बीच लेनदेन की जांच ED की जांच का केंद्र Cochin Minerals and Rutile Ltd (CMRL) और वीणा की अब बंद हो चुकी कंपनी Exalogic Solutions के बीच कथित वित्तीय लेनदेन है। जांच एजेंसी का आरोप है कि CMRL ने IT कंसल्टेंसी सेवाओं के भुगतान के नाम पर Exalogic को करीब 2.78 करोड़ रुपये का कथित फर्जी भुगतान किया था। ED इससे पहले भी इस मामले में वीणा से जुड़े ठिकानों पर तलाशी ले चुकी है। जून में एजेंसी ने वीणा को पूछताछ के लिए तलब किया था और उनके बयान को PMLA के तहत दर्ज किया गया था। जांच में सामने आए वित्तीय लेनदेन जांच एजेंसी के अनुसार, मामले में CMRL से जुड़े लेनदेन के अलावा Exalogic को दिए गए कथित 50 लाख रुपये के ऋण की भी जांच की जा रही है। ED का आरोप है कि इन लेनदेन से जुड़े धन को अपराध की आय के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी। पहले भी हो चुकी है कई ठिकानों पर कार्रवाई इस मामले में ED ने मई 2026 में भी केरल के कई स्थानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के तिरुवनंतपुरम स्थित आवास समेत कई ठिकानों की तलाशी ली गई थी। इसके बाद वीणा से पूछताछ और मामले से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों की जांच आगे बढ़ाई गई। ED की मंगलवार की नई कार्रवाई से CMRL-Exalogic मामले की जांच एक बार फिर तेज होने के संकेत मिले हैं। एजेंसी फिलहाल तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच कर रही है।
भिंड, एजेंसियां। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात एक भीषण सड़क हादसे में 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 32 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसा भिंड-ग्वालियर नेशनल हाईवे-719 पर छीमका गांव के पास करीब रात 1 बजे हुआ, जहां मजदूरों से भरी पिकअप की सामने से आ रहे डंपर से जोरदार टक्कर हो गई। गायों के झुंड को बचाने के दौरान हादसा प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हाईवे पर गायों का झुंड मौजूद था। उसे बचाने के प्रयास में मजदूरों से भरी पिकअप अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे डंपर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप में सवार कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। धान की रोपाई के बाद घर लौट रहे थे मजदूर बताया जा रहा है कि पिकअप में सवार मजदूर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के रहने वाले थे। वे मध्य प्रदेश में धान की रोपाई के काम के लिए आए थे। काम पूरा करने के बाद मजदूर अपने घर लौट रहे थे, तभी छीमका गांव के पास यह दर्दनाक हादसा हो गया। घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से घायलों को तत्काल गोहद अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों को इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है। हादसे के बाद पुलिस मृतकों की पहचान और उनके परिजनों से संपर्क करने में जुटी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताया है और मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत आज 18 अगस्त को नई दिल्ली में 12वीं BRICS पर्यावरण मंत्रियों की बैठक की मेजबानी कर रहा है। यह बैठक भारत की वर्ष 2026 की BRICS अध्यक्षता के तहत आयोजित हो रही है। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव करेंगे। पर्यावरण सहयोग पर होगी अहम चर्चा बैठक में BRICS देशों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, नीति-निर्माता और विशेषज्ञ पर्यावरण संरक्षण से जुड़े साझा मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच पर्यावरणीय सहयोग को मजबूत करना और साझा चुनौतियों पर सहमति बनाना है। भारत की BRICS अध्यक्षता 2026 का मुख्य विषय “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखा गया है। इसी व्यापक थीम के तहत पर्यावरण और जलवायु से जुड़े मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इन चार क्षेत्रों पर भारत का विशेष जोर भारत ने BRICS पर्यावरण कार्य समूह के तहत चार प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है। इनमें सतत जीवनशैली, वनीकरण एवं जंगलों में आग से निपटने और आपदा-रोधी क्षमता को मजबूत करना, चक्रीय अर्थव्यवस्था तथा जलवायु अनुकूलन शामिल हैं। जलवायु अनुकूलन के क्षेत्र में लोगों और समुदायों की भागीदारी तथा पारंपरिक ज्ञान के इस्तेमाल को भी महत्वपूर्ण माना गया है। बैठक में सदस्य देशों के अनुभव और बेहतर तौर-तरीके साझा किए जाने की उम्मीद है। पहले हुई वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक मंत्रिस्तरीय बैठक से पहले 17 अगस्त को BRICS पर्यावरण कार्य समूह के वरिष्ठ अधिकारियों और जलवायु परिवर्तन एवं सतत विकास संपर्क समूह की बैठक हुई। इन बैठकों में पर्यावरण कार्य समूह की प्राथमिकताओं और जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। BRICS पर्यावरण कार्य समूह की स्थापना वर्ष 2015 में मॉस्को में हुई पहली BRICS पर्यावरण मंत्रियों की बैठक के दौरान की गई थी। इसका उद्देश्य पर्यावरणीय प्राथमिकताओं पर सहयोग, अनुभवों का आदान-प्रदान और सामूहिक कार्रवाई को मजबूत करना है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध बाल यौन शोषण सामग्री (CSEAM) को लेकर गंभीर चिंता जताई है। अदालत ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है और मामले में ऑनलाइन मध्यस्थों को भी पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ऐसी सामग्री की मौजूदगी के बावजूद POCSO कानून के तहत अनिवार्य रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रहे हैं। POCSO के तहत रिपोर्टिंग को लेकर सवाल मामला Just Rights for Children Alliance (JRCA) की याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री उपलब्ध होने के बावजूद संबंधित मामलों की रिपोर्टिंग कानून के मुताबिक नहीं की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और कानून एवं न्याय मंत्रालय से जवाब मांगा है। 2024 के फैसले का भी दिया गया हवाला मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2024 के महत्वपूर्ण फैसले का हवाला दिया गया है। उस फैसले में अदालत ने स्पष्ट किया था कि POCSO की धारा 19 के तहत अपराध की जानकारी या आशंका होने पर रिपोर्टिंग का दायित्व है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि केवल किसी विदेशी संस्था को रिपोर्ट करना POCSO के तहत निर्धारित भारतीय अधिकारियों को रिपोर्ट करने की जिम्मेदारी से मुक्त नहीं करता। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी पर फोकस याचिका में सोशल मीडिया कंपनियों की कंटेंट मॉडरेशन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को रिपोर्टिंग व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट अब यह देख रहा है कि ऑनलाइन मध्यस्थ POCSO और अन्य संबंधित कानूनों के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन किस तरह कर रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख सुप्रीम कोर्ट पहले ही बाल यौन शोषण सामग्री को लेकर कड़ा रुख अपना चुका है और ऐसे कंटेंट के भंडारण, प्रसारण तथा प्रसार से संबंधित POCSO प्रावधानों की व्याख्या कर चुका है। अदालत ने ऐसे मामलों में रिपोर्टिंग और बच्चों की सुरक्षा को महत्वपूर्ण कानूनी दायित्व माना है।
मुंबई, एजेंसियां। मुंबई मेट्रो से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा शुरू की गई है। अब यात्रियों को मेट्रो पास खरीदने के लिए टिकट काउंटर की लंबी लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी। मुंबई मेट्रो वन ने WhatsApp आधारित डिजिटल मेट्रो पास सेवा शुरू की है। इसके जरिए यात्री अपने मोबाइल से ही पास खरीद सकेंगे और यात्रा के दौरान इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। मुंबई मेट्रो वन के मुताबिक, यह देश की पहली WhatsApp आधारित मेट्रो पास सेवा है। फिलहाल यह सुविधा वर्सोवा-अंधेरी-घाटकोपर कॉरिडोर पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए उपलब्ध है। Google Wallet और Apple Wallet में भी सेव होगा पास WhatsApp से खरीदा गया डिजिटल मेट्रो पास सिर्फ चैट में ही उपलब्ध नहीं रहेगा। यात्री इसे Google Wallet और Apple Wallet में भी सेव कर सकते हैं। इससे सफर के दौरान पास को आसानी से एक्सेस किया जा सकेगा। इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा नियमित यात्रियों को होगा, जिन्हें बार-बार पास खरीदने के लिए टिकट काउंटर पर जाना पड़ता है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से समय की भी बचत होगी। WhatsApp से ऐसे खरीदें मेट्रो पास मुंबई मेट्रो वन का डिजिटल पास खरीदने के लिए इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें: सबसे पहले मुंबई मेट्रो वन का आधिकारिक WhatsApp नंबर +91 9670008889 अपने फोन में सेव करें। WhatsApp खोलकर इस नंबर पर Hi भेजें। चैट में दिए गए विकल्पों में Book Now चुनें। इसके बाद Digital Pass के विकल्प पर जाएं। अब अपनी जरूरत के अनुसार Trip Pass या Store Value Pass चुनें। इसके बाद UPI, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड से भुगतान करें। पेमेंट पूरा होते ही आपका डिजिटल मेट्रो पास WhatsApp पर उपलब्ध हो जाएगा। किन यात्रियों को मिलेगा फायदा? यह सुविधा खास तौर पर मुंबई मेट्रो वन के वर्सोवा-अंधेरी-घाटकोपर रूट पर नियमित सफर करने वाले यात्रियों के लिए उपयोगी है। अब उन्हें पास खरीदने के लिए काउंटर पर जाने या अलग-अलग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं होगी। मुंबई मेट्रो वन की यह पहल सार्वजनिक परिवहन में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के साथ यात्रियों के सफर को अधिक सुविधाजनक और तेज बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
अमरावती, एजेंसियां। आंध्र प्रदेश के डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनसीमा जिले से समुद्र में मछली पकड़ने गई एक नाव के लापता होने से हड़कंप मच गया है। नाव में सवार आठ मछुआरे तय समय पर वापस नहीं लौटे हैं। नाव 3 अगस्त को ओडलारेवु से रवाना हुई थी और मछुआरों के पास करीब 15 दिनों का डीजल और राशन मौजूद था। उन्हें 13 अगस्त तक वापस लौटना था, लेकिन अब तक उनका कोई पता नहीं चला है। 3 अगस्त को समुद्र में गई थी नाव जानकारी के मुताबिक, कोमारागिरी पटनम गांव निवासी कोपनाटी रामकृष्ण वर्मा नाव के मालिक और चालक हैं। नाव 3 अगस्त को वैनेतेय नदी और समुद्र के संगम के रास्ते मछली पकड़ने के लिए रवाना हुई थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, नाव विशाखापत्तनम से पारादीप के बीच के समुद्री क्षेत्र की ओर गई हो सकती है। मछुआरों के पास करीब 15 दिनों का राशन और डीजल था। हालांकि, नाव में मौजूद मोबाइल फोन और GPS सिस्टम काम नहीं कर रहे हैं, जिससे उनकी लोकेशन का पता लगाने में परेशानी हो रही है। 13 अगस्त तक लौटना था, 4 दिन बाद मिली जानकारी नाव को 13 अगस्त तक वापस लौटना था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी जब मछुआरे नहीं लौटे तो परिवारों की चिंता बढ़ गई। करीब चार दिन बाद नाव मालिक के परिवार ने ओडलारेवु तटीय सुरक्षा पुलिस और जिला प्रशासन को इसकी जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोनसीमा के जिलाधिकारी आर. महेश कुमार ने विशाखापत्तनम स्थित भारतीय तटरक्षक बल से मदद मांगी है। तटरक्षक बल की मदद से तलाश शुरू जिलाधिकारी ने मत्स्य विभाग के अधिकारियों को भारतीय तटरक्षक बल के साथ समन्वय कर खोज और बचाव अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को नाव की संभावित दिशा, आखिरी संपर्क और समुद्र में उसके संभावित मार्ग से जुड़ी जानकारी जुटाने को कहा गया है। इसके अलावा नाव मालिक, मछुआरों के परिवार और अन्य मछुआरों से भी जरूरी जानकारी लेने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नाव की संभावित लोकेशन का पता लगाया जा सके। परिवारों को अपनों की वापसी का इंतजार फिलहाल नाव और उसमें सवार आठों मछुआरों की सही लोकेशन की जानकारी नहीं मिल सकी है। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और तटरक्षक बल समेत संबंधित एजेंसियों के साथ संपर्क में है। परिवारों की उम्मीद अब खोज और बचाव अभियान पर टिकी है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि समुद्र में लापता हुई नाव आखिर कहां है और उसमें सवार आठों मछुआरे सुरक्षित हैं या नहीं।
कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मंगलवार सुबह भारी बारिश के बीच एक बड़ा हादसा हो गया। जोराबागान इलाके की ब्रजदुलाल स्ट्रीट में करीब 200 साल पुरानी तीन मंजिला इमारत का एक हिस्सा ढह गया। हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि कई लोगों के मलबे में फंसे होने की सूचना है। राहत और बचाव अभियान जारी है। बताया जा रहा है कि हादसा सुबह करीब 4 बजे हुआ। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग बाहर निकले तो देखा कि पुरानी इमारत का हिस्सा गिर चुका था। इसके बाद स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया और इमारत के पिछले हिस्से से कई लोगों को बाहर निकाला। महिला की मौत, परिवार के लोग भी सुरक्षित निकाले गए हादसे में उर्मिला सौ नाम की महिला की मौत हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, महिला सुबह तड़के ही घर से बाहर निकली थीं, जिसके कुछ देर बाद मकान का हिस्सा ढह गया। बचाए गए लोगों में मृतका के पति और उनके दो बेटे भी शामिल हैं। इमारत को पहले ही खाली घोषित किया गया था जानकारी के अनुसार, ब्रजदुलाल स्ट्रीट नंबर 31 स्थित यह मकान करीब 200 साल पुराना है। बताया जा रहा है कि नगरपालिका ने काफी समय पहले इमारत को खाली घोषित कर दिया था, इसके बावजूद करीब 20 लोग इसमें रह रहे थे। मकान के सामने की गली काफी संकरी है और इमारत में आने-जाने का रास्ता भी सीमित है। इस वजह से राहत और बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं। एनडीआरएफ की टीम मौके पर घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। राहत और बचाव कर्मी मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। स्थानीय लोगों की मदद से अब तक कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।