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Investors Shift Towards Adani Group

Ambani vs Adani: विदेशी निवेशकों का बदला मूड, अडानी ग्रुप पर बढ़ा भरोसा

surbhi मई 22, 2026 0
Gautam Adani and Mukesh Ambani amid rising stock market interest and changing foreign investor strategy in India.
Adani vs Ambani Investment Battle

भारत के दो बड़े उद्योगपति Gautam Adani और Mukesh Ambani के बीच कारोबारी मुकाबला एक बार फिर चर्चा में है। हाल के महीनों में शेयर बाजार में आई तेजी और विदेशी निवेशकों की बदलती रणनीति ने Adani Group को मजबूत बढ़त दिलाई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका की दिग्गज निवेश कंपनी Capital Group ने हाल में अडानी ग्रुप की कई कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जबकि Reliance Industries में अपनी हिस्सेदारी कम की है।

अडानी ग्रुप की कंपनियों में बढ़ा निवेश

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, Capital Group ने हाल में अडानी ग्रुप की तीन कंपनियों में 2 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है।

बताया जा रहा है कि:

  • Adani Ports and Special Economic Zone में करीब 2% हिस्सेदारी खरीदी गई
  • Adani Power में 1.5% से 2% तक निवेश बढ़ाया गया
  • Adani Green Energy में भी हिस्सेदारी खरीदी गई

5 मई को अडानी पोर्ट्स में लगभग 74.86 अरब रुपये की हिस्सेदारी खुले बाजार से खरीदी गई थी।

रिलायंस में कम हुई होल्डिंग

दूसरी ओर Reliance Industries में कैपिटल ग्रुप की हिस्सेदारी लगातार कम होती दिख रही है।

  • मार्च 2026 तक ग्रुप के पास रिलायंस के करीब 142 मिलियन शेयर थे
  • छह साल पहले यह आंकड़ा लगभग 500 मिलियन था
  • मार्च 2017 में यह करीब 755 मिलियन शेयर तक पहुंचा था

इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि विदेशी निवेशकों का फोकस धीरे-धीरे अडानी ग्रुप की ओर बढ़ रहा है।

शेयर बाजार में किसका प्रदर्शन बेहतर?

पिछले एक साल में अडानी ग्रुप की कई कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है।

अडानी ग्रुप के शेयरों का प्रदर्शन

  • Adani Power : लगभग 94% की तेजी
  • Adani Green Energy : करीब 35% की बढ़त
  • Adani Ports and Special Economic Zone : लगभग 25% की तेजी

वहीं Reliance Industries के शेयर में पिछले एक साल में करीब 8% की गिरावट दर्ज की गई है।

बाजार में क्या हैं मौजूदा भाव?

फिलहाल:

  • Adani Ports and Special Economic Zone का शेयर लगभग 1786 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है
  • Adani Power करीब 220 रुपये पर कारोबार कर रहा है
  • Adani Green Energy में भी तेजी बनी हुई है
  • Reliance Industries का शेयर करीब 1355 रुपये के स्तर पर है

क्यों बदल रहा है निवेशकों का नजरिया?

विशेषज्ञों का मानना है कि:

  • अडानी ग्रुप ने इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सेक्टर में तेजी से विस्तार किया है
  • विदेशी निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे लौट रहा है
  • ग्रीन एनर्जी और पोर्ट बिजनेस में ग्रुप की मजबूत मौजूदगी निवेशकों को आकर्षित कर रही है

वहीं रिलायंस के शेयरों में हालिया सुस्ती और निवेशकों की मुनाफावसूली भी इसकी एक वजह मानी जा रही है।

 

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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Gold Silver Price Today 10 June 2026: बाजार खुलते ही धड़ाम हुए सोना-चांदी, चांदी ₹4,500 और सोना ₹2,900 हुआ सस्ता

नई दिल्ली: 10 जून 2026 को घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुरुआती कारोबार के दौरान चांदी के दाम में करीब ₹4,500 की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना लगभग ₹2,900 तक सस्ता हो गया। कीमती धातुओं में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक कमोडिटी बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है। क्यों गिरे सोना और चांदी के दाम? विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इससे वैश्विक महंगाई बढ़ने और केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की आशंका बढ़ गई है। उच्च ब्याज दरों का माहौल आमतौर पर सोने और चांदी जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों पर दबाव बनाता है। इसी वजह से निवेशकों की बिकवाली बढ़ी और दोनों कीमती धातुओं में गिरावट दर्ज की गई। MCX पर शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट चांदी: करीब ₹4,500 की गिरावट सोना: लगभग ₹2,900 सस्ता हालांकि, दिनभर के कारोबार के दौरान कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है और अंतिम बंद भाव शुरुआती स्तर से अलग हो सकते हैं। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में: पश्चिम एशिया की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, और डॉलर की चाल सोना और चांदी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। यदि वैश्विक तनाव और बढ़ता है तो सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग बढ़ने से कीमती धातुओं में फिर से तेजी भी लौट सकती है।  

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सोना-चांदी हुआ सस्ता, खरीदारों के लिए सुनहरा मौका

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LNG Crude Supply to India: होर्मुज संकट के बीच 'डार्क मोड' में चल रहे तेल टैंकर, भारत तक गुप्त रास्तों से पहुंच रही सप्लाई

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद भारत समेत कई एशियाई देशों तक कच्चे तेल और LNG की आपूर्ति पूरी तरह बंद नहीं हुई है, बल्कि अब यह अधिक गोपनीय तरीके से की जा रही है। विश्लेषकों के अनुसार, युद्ध से पहले की तुलना में होर्मुज मार्ग से टैंकर ट्रैफिक 90 से 95 प्रतिशत तक घट चुका है। इसके चलते वैश्विक तेल और गैस सप्लाई को ट्रैक करना पहले की तुलना में कहीं अधिक कठिन हो गया है। क्या है 'डार्क मोड' रणनीति? शिपिंग डेटा के अनुसार, बड़ी संख्या में तेल टैंकर अब 'डार्क मोड' में संचालन कर रहे हैं। इसका मतलब है कि जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य या फारस की खाड़ी में प्रवेश करते समय अपने AIS (ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) ट्रांसपोंडर बंद कर देते हैं। पहले इस रणनीति का इस्तेमाल मुख्य रूप से प्रतिबंधों से बचने के लिए ईरान से जुड़े जहाज करते थे, लेकिन अब सामान्य वाणिज्यिक जहाज भी सुरक्षा कारणों और परिचालन जोखिमों के चलते ऐसा कर रहे हैं। वोर्टेक्सा (Vortexa) के आंकड़ों के मुताबिक, इस क्षेत्र से गुजरने वाले 57 प्रतिशत जहाजों ने अपने ट्रांसपोंडर बंद रखे, जबकि मई में यह आंकड़ा बढ़कर रिकॉर्ड 65.2 प्रतिशत तक पहुंच गया। भारत, चीन और पाकिस्तान तक जारी है सप्लाई मौजूदा संकट के बावजूद भारत, चीन और पाकिस्तान जैसे देशों को तेल और LNG की आपूर्ति जारी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके लिए वैकल्पिक समुद्री कॉरिडोर और विशेष मार्गों का उपयोग किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में ईरान का प्रभाव बढ़ने के कारण कई जहाज सुरक्षित मार्गों के जरिए अपनी खेप गंतव्य देशों तक पहुंचा रहे हैं। सामान्य स्थिति लौटने की उम्मीदें कमजोर शुरुआती अनुमान यह था कि युद्ध कुछ महीनों में समाप्त हो जाएगा और जून से होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य गतिविधियां बहाल होने लगेंगी। लेकिन संघर्ष अब चौथे महीने में पहुंच चुका है और स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में किसी समझौते के बाद भी इस मार्ग को पूरी तरह जोखिम-मुक्त नहीं माना जा सकेगा, क्योंकि क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में बदलाव आ चुका है। वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बना रहेगा असर होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां जारी तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार, शिपिंग लागत और ऊर्जा कीमतों पर लंबे समय तक दिखाई दे सकता है।  

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Gold and silver jewelry displayed at a bullion market with latest price updates
पिछले हफ्ते की भारी गिरावट के बाद सुस्त पड़ा सर्राफा बाजार, जानें 8 जून 2026 के सोने-चांदी के ताजा भाव

आज का सोना-चांदी भाव, 8 जून 2026: पिछले सप्ताह आई तेज गिरावट के बाद सोमवार को सर्राफा बाजार में कुछ राहत देखने को मिली। हालांकि सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी तेजी नहीं आई है, लेकिन गिरावट का सिलसिला फिलहाल थमता नजर आ रहा है। बीते तीन दिनों में सोना करीब 35,000 रुपये प्रति 100 ग्राम तक सस्ता हो चुका है, जबकि चांदी में भी भारी कमजोरी दर्ज की गई थी। ऐसे में निवेशकों और खरीदारी की योजना बना रहे लोगों की नजर आज के ताजा भाव पर बनी हुई है। आज कितना है सोने का भाव? देश के अधिकांश प्रमुख शहरों में आज 24 कैरेट सोने का भाव लगभग 1,52,720 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। वहीं 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतों में भी मामूली नरमी देखने को मिली। 24 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) शहर आज का भाव कल का भाव बदलाव पटना ₹1,55,800 ₹1,55,810 ₹10 कम लखनऊ ₹1,55,900 ₹1,55,910 ₹10 कम रांची ₹1,52,720 ₹1,52,730 ₹10 कम दिल्ली ₹1,55,900 ₹1,55,910 ₹10 कम मुंबई ₹1,52,720 ₹1,52,730 ₹10 कम कोलकाता ₹1,52,720 ₹1,52,730 ₹10 कम अन्य कैरेट के सोने के भाव 22 कैरेट सोना: ₹1,39,990 प्रति 10 ग्राम 18 कैरेट सोना: ₹1,14,540 प्रति 10 ग्राम चांदी के दाम में कैसी रही चाल? चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों के दौरान बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और अमेरिका-ईरान तनाव के चलते चांदी करीब 15,000 रुपये प्रति किलो तक टूट गई थी। आज बाजार में चांदी के भाव लगभग स्थिर बने हुए हैं। चांदी का भाव (प्रति किलोग्राम) शहर आज का भाव कल का भाव बदलाव पटना ₹2,65,000 ₹2,65,000 कोई बदलाव नहीं लखनऊ ₹2,65,000 ₹2,65,000 कोई बदलाव नहीं रांची ₹2,65,000 ₹2,65,000 कोई बदलाव नहीं Delhi ₹2,64,900 ₹2,65,000 ₹100 कम मुंबई ₹2,64,900 ₹2,65,000 ₹100 कम चेन्नई ₹2,69,900 ₹2,70,000 ₹100 कम निवेशकों के लिए क्या है संकेत? विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी अनिश्चितता और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण कीमती धातुओं में अभी भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। फिलहाल बाजार में स्थिरता के संकेत जरूर हैं, लेकिन आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम कीमतों की दिशा तय करेंगे।  

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