mukesh ambani

Reliance Industries
मुकेश अंबानी की Reliance को बड़ी कामयाबी, O2C कारोबार ने छुआ नया मुकाम

मुंबई, एजेंसियां। रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) कारोबार ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन और मजबूत परिचालन के दम पर इस कारोबार का राजस्व ₹2 लाख करोड़ के पार पहुंच गया। कंपनी के तिमाही नतीजों में O2C बिजनेस एक बार फिर सबसे बड़े राजस्व स्रोत के रूप में उभरा।   रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कारोबार से मिली मजबूती   रिलायंस को इस तिमाही में वैश्विक बाजार में बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की मजबूत मांग का फायदा मिला। कंपनी ने कहा कि ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद उसके एकीकृत रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल संचालन ने बेहतर प्रदर्शन किया।   कच्चे तेल की कीमतों का मिला लाभ   विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इसका असर रिफाइनिंग कारोबार पर भी पड़ा, लेकिन रिलायंस ने अपनी परिचालन क्षमता और निर्यात प्रदर्शन के दम पर बेहतर कमाई दर्ज की।    जियो और रिटेल कारोबार ने भी दिया साथ   O2C के अलावा जियो प्लेटफॉर्म्स और रिलायंस रिटेल ने भी कंपनी के समग्र प्रदर्शन को मजबूती दी। जियो के ग्राहकों की संख्या और औसत राजस्व में बढ़ोतरी हुई, जबकि रिटेल कारोबार ने भी मजबूत बिक्री दर्ज की। इससे रिलायंस का कुल तिमाही राजस्व पहली बार ₹3 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया।    निवेशकों की नजर अगले विस्तार पर   बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि O2C कारोबार में लगातार मजबूती और जियो व रिटेल बिजनेस के विस्तार से रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की दीर्घकालिक विकास रणनीति को बल मिलेगा। अब निवेशकों की नजर कंपनी की नई ऊर्जा परियोजनाओं और जियो प्लेटफॉर्म्स के संभावित IPO पर बनी हुई है।

anjali kumari जुलाई 18, 2026 0
Reliance Industries Q1 Results
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने पहली बार पार किया ₹3 लाख करोड़ तिमाही राजस्व का आंकड़ा, Q1 नतीजों में मजबूत कारोबारी प्रदर्शन

मुंबई, एजेंसियां। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (RIL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) में पहली बार ₹3 लाख करोड़ से अधिक तिमाही राजस्व दर्ज कर नया रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी का परिचालन राजस्व बढ़कर ₹3.11 लाख करोड़ से ऊपर पहुंच गया। हालांकि पिछले वर्ष के एकमुश्त लाभ के उच्च आधार के कारण शुद्ध लाभ में सालाना गिरावट दर्ज की गई, लेकिन कंपनी का परिचालन प्रदर्शन बाजार के अनुमान से बेहतर रहा।   जियो, O2C और रिटेल कारोबार ने दिखाई मजबूती   रिलायंस के तिमाही नतीजों में ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C), जियो प्लेटफॉर्म्स और रिलायंस रिटेल कारोबार ने मजबूत प्रदर्शन किया। O2C कारोबार को बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन और पेट्रोकेमिकल स्प्रेड का फायदा मिला, जबकि जियो के ग्राहकों और प्रति उपभोक्ता औसत आय में भी वृद्धि दर्ज की गई।   मुनाफे में गिरावट की यह रही वजह   कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में घटा है। इसकी मुख्य वजह पिछले साल एशियन पेंट्स में हिस्सेदारी बिक्री से मिला एकमुश्त लाभ था, जिससे तुलना का आधार काफी ऊंचा हो गया था। विश्लेषकों का कहना है कि यदि इस असाधारण आय को अलग रखा जाए तो कंपनी का मूल कारोबार मजबूत बना हुआ है।   मुकेश अंबानी ने जताया भरोसा   रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा कि कंपनी के ऊर्जा, डिजिटल सेवाओं और उपभोक्ता कारोबार में लगातार विस्तार हो रहा है। उन्होंने बताया कि नए ऊर्जा प्रोजेक्ट्स पर भी तेजी से काम चल रहा है, जबकि जियो प्लेटफॉर्म्स अपने प्रस्तावित IPO की दिशा में आगे बढ़ रहा है।   बाजार की नजर अगले कदम पर   विशेषज्ञों का मानना है कि ₹3 लाख करोड़ से अधिक का तिमाही राजस्व हासिल करना रिलायंस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब निवेशकों की नजर जियो प्लेटफॉर्म्स के संभावित IPO, रिटेल कारोबार के विस्तार और नए ऊर्जा प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर बनी हुई है।

anjali kumari जुलाई 18, 2026 0
JIO LEO Satellite
अंबानी के 'देसी स्टारलिंक' को मिली तकनीकी मंजूरी, 1,600 सैटेलाइट वाले प्रोजेक्ट को IN-SPACe से हरी झंडी

नई दिल्ली, एजेंसियां। मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो को अपने स्वदेशी लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट नेटवर्क प्रोजेक्ट के लिए बड़ी सफलता मिली है। भारतीय अंतरिक्ष नियामक IN-SPACe ने जियो के करीब 1,600 LEO सैटेलाइट तैनात करने के प्रस्ताव को तकनीकी रूप से उपयुक्त करार दिया है। इसके साथ ही भारत के पहले स्वदेशी सैटेलाइट ब्रॉडबैंड नेटवर्क की दिशा में एक अहम कदम बढ़ गया है।   स्टारलिंक को देगा टक्कर   जियो का यह प्रोजेक्ट एलन मस्क की Starlink सेवा की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य देश के दूरदराज़ और दुर्गम इलाकों तक हाई-स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट पहुंचाना है, जहां फाइबर या मोबाइल नेटवर्क की पहुंच सीमित है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी मानकों के लिहाज से जियो की योजना वैश्विक LEO सैटेलाइट नेटवर्क के बराबर है।   अब किन मंजूरियों का इंतजार   तकनीकी मंजूरी मिलने के बाद भी परियोजना को व्यावसायिक रूप से शुरू करने से पहले स्पेक्ट्रम आवंटन, अंतिम नियामकीय मंजूरियां और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इनके पूरा होने के बाद ही कंपनी सैटेलाइट प्रक्षेपण और सेवा शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ सकेगी।   2028 तक शुरू हो सकती है सेवा   रिपोर्टों के मुताबिक रिलायंस जियो की योजना 2028 तक भारतीय निर्मित सैटेलाइट्स के जरिए अपनी ब्रॉडबैंड सेवा शुरू करने की है। इस प्रोजेक्ट पर कंपनी अरबों डॉलर का निवेश कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत के सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और डिजिटल कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी।   डिजिटल इंडिया मिशन को मिलेगा बल   विशेषज्ञों के अनुसार जियो का यह प्रोजेक्ट ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में इंटरनेट पहुंच बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है। शिक्षा, टेलीमेडिसिन, ई-गवर्नेंस और डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा, साथ ही भारत वैश्विक सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाएगा।

abhishek singh जुलाई 17, 2026 0
Samantha Ruth Prabhu Maa Inti Bangaaram
OTT पर आज बड़ा रिलीज़ डे, Samantha Ruth Prabhu की 'Maa Inti Bangaaram' समेत कई नई फिल्में और वेब सीरीज हुईं रिलीज़

मुंबई, एजेंसियां। इस सप्ताह का शुक्रवार OTT दर्शकों के लिए मनोरंजन से भरपूर साबित होने वाला है। 17 जुलाई को अलग-अलग OTT प्लेटफॉर्म्स पर कई बड़ी फिल्में और वेब सीरीज रिलीज़ हुई हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा Samantha Ruth Prabhu की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'Maa Inti Bangaaram' की है, जिसने सिनेमाघरों में शानदार प्रदर्शन के बाद अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दस्तक दे दी है।   JioHotstar पर स्ट्रीम हुई 'Maa Inti Bangaaram   तेलुगु एक्शन-थ्रिलर 'Maa Inti Bangaaram' आज से JioHotstar पर स्ट्रीम हो रही है। यह फिल्म सिनेमाघरों में 19 जून को रिलीज़ हुई थी और बॉक्स ऑफिस पर ₹100 करोड़ से अधिक की कमाई कर समांथा रुथ प्रभु के करियर की सबसे सफल सोलो फिल्मों में शामिल हो गई। डिजिटल रिलीज़ के बाद अब फिल्म के और बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचने की उम्मीद है।   इन नई फिल्मों और सीरीज ने भी दी दस्तक   आज OTT पर 'Heartstopper Forever', कोरियन फैंटेसी ड्रामा 'The East Palace', 'Desire', '23,000 Lives' और कई अन्य नई फिल्में एवं वेब सीरीज भी रिलीज़ हुई हैं। रोमांस, एक्शन, थ्रिलर और फैंटेसी जैसे अलग-अलग जॉनर के कंटेंट के चलते दर्शकों के पास इस वीकेंड कई नए विकल्प मौजूद हैं।   वीकेंड पर OTT प्लेटफॉर्म्स के बीच कड़ी टक्कर   Netflix, JioHotstar, Prime Video और ZEE5 जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म इस वीकेंड नए कंटेंट के दम पर दर्शकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। फिल्म और वेब सीरीज की यह लंबी सूची OTT प्लेटफॉर्म्स के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा को भी दिखाती है।   दर्शकों की नजर डिजिटल प्रीमियर पर   सिनेमाघरों में सफल प्रदर्शन के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि 'Maa Inti Bangaaram' डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कैसा प्रदर्शन करती है। वहीं, नई वेब सीरीज और फिल्मों के कारण OTT दर्शकों के लिए यह वीकेंड पूरी तरह मनोरंजन से भरपूर रहने की उम्मीद है।

anjali kumari जुलाई 17, 2026 0
Anant Ambani announces the donation of 25 electric buses to Tirumala Tirupati Devasthanams (TTD) to promote green mobility and sustainable transportation.
अनंत अंबानी का TTD को बड़ा तोहफा, 25 इलेक्ट्रिक बसें दान; ड्राइवरों के वेतन और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का भी खर्च उठाएंगे

  रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को 25 इलेक्ट्रिक बसें दान करने की घोषणा की है। यह पहल करीब 27.5 करोड़ रुपये की लागत वाली है और इसका उद्देश्य तिरुमला क्षेत्र में ग्रीन और सस्टेनेबल मोबिलिटी को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत केवल बसें ही नहीं दी जाएंगी, बल्कि उनके संचालन से जुड़ी अहम जिम्मेदारियों का भी ध्यान रखा जाएगा। ड्राइवरों के वेतन और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की भी जिम्मेदारी रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज इन इलेक्ट्रिक बसों के लिए: 50 ड्राइवरों के वेतन का खर्च वहन करेगी आधुनिक ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करेगी बसों के सुचारू संचालन के लिए तकनीकी सहयोग भी देगी इस कदम से TTD की परिवहन व्यवस्था और अधिक आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनने की उम्मीद है। तिरुमला मंदिर में किए भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन इस पहल से पहले अनंत अंबानी ने रविवार सुबह तिरुमला स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने पारंपरिक सफेद धोती और शॉल पहनकर मंदिर की प्रातःकालीन सुप्रभात सेवा में हिस्सा लिया। दर्शन के बाद उन्होंने परंपरा के अनुसार अपने बाल भी भगवान वेंकटेश्वर को अर्पित किए, जो श्रद्धा और आस्था का प्रतीक माना जाता है। गोशाला के आधुनिकीकरण में भी सहयोग का संकल्प अनंत अंबानी ने इस दौरान TTD की गोशाला के आधुनिकीकरण में सहयोग देने का भी संकल्प लिया। यह पहल उनकी वनतारा (Vantara) परियोजना की तर्ज पर की जाएगी, जिसका उद्देश्य पशु संरक्षण और बेहतर देखभाल सुविधाएं विकसित करना है। इससे गोशाला में आधुनिक सुविधाओं और बेहतर प्रबंधन व्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में अहम कदम इलेक्ट्रिक बसों की यह पहल न केवल धार्मिक पर्यटन को बेहतर बनाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।  

Deepshikha जून 30, 2026 0
Reliance Industries
मुकेश अंबानी ने तय किया रिलायंस का उत्तराधिकार, बच्चों को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

मुंबई, एजेंसियां। रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक आम बैठक (AGM) में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी के उत्तराधिकार (सक्सेशन) को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने बताया कि रिलायंस के दैनिक संचालन की जिम्मेदारियां उनके तीनों बच्चे आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी को सौंपने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। उन्होंने भरोसा जताया कि कंपनी का भविष्य सुरक्षित हाथों में है और नई पीढ़ी रिलायंस को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।   तीनों बच्चों को मिली अलग-अलग जिम्मेदारी मुकेश अंबानी ने बताया कि तीनों बच्चे पिछले तीन वर्षों से रिलायंस इंडस्ट्रीज के बोर्ड में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ईशा अंबानी कंपनी के कंज्यूमर और रिटेल कारोबार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं, जबकि आकाश अंबानी टेलीकॉम और डिजिटल टेक्नोलॉजी बिजनेस का नेतृत्व कर रहे हैं। वहीं अनंत अंबानी ऊर्जा क्षेत्र और नए एनर्जी प्रोजेक्ट्स की कमान संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीनों अलग-अलग क्षेत्रों का नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन उनका उद्देश्य रिलायंस के समग्र विकास को आगे बढ़ाना है।   परिवार के पुराने विवाद से लिया सबक मुकेश अंबानी ने भले ही अपने संबोधन में पारिवारिक विवाद का सीधा उल्लेख नहीं किया, लेकिन रिलायंस में उत्तराधिकार की स्पष्ट व्यवस्था को महत्वपूर्ण बताया। धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद वसीयत नहीं होने के कारण कंपनी के नियंत्रण को लेकर दोनों भाइयों के बीच लंबा विवाद हुआ था। माना जा रहा है कि उसी अनुभव से सीख लेते हुए मुकेश अंबानी ने समय रहते अगली पीढ़ी को जिम्मेदारियां सौंपने और कारोबारी ढांचे को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया पूरी की है।   500 युवा नेताओं पर भी भरोसा मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस सिर्फ परिवार पर निर्भर नहीं है, बल्कि कंपनी ने 30 से 40 वर्ष आयु वर्ग के करीब 500 युवा नेताओं की भी मजबूत टीम तैयार की है। ये युवा तकनीक, नवाचार और आधुनिक कारोबारी सोच के साथ कंपनी को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने अनंत अंबानी की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा, "बहुत बढ़िया अनंत।" अंबानी का कहना था कि अगली पीढ़ी और युवा नेतृत्व मिलकर रिलायंस के भविष्य को और मजबूत बनाएंगे।

abhishek singh जून 27, 2026 0
Gautam Adani and Mukesh Ambani amid rising stock market interest and changing foreign investor strategy in India.
Ambani vs Adani: विदेशी निवेशकों का बदला मूड, अडानी ग्रुप पर बढ़ा भरोसा

भारत के दो बड़े उद्योगपति Gautam Adani और Mukesh Ambani के बीच कारोबारी मुकाबला एक बार फिर चर्चा में है। हाल के महीनों में शेयर बाजार में आई तेजी और विदेशी निवेशकों की बदलती रणनीति ने Adani Group को मजबूत बढ़त दिलाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका की दिग्गज निवेश कंपनी Capital Group ने हाल में अडानी ग्रुप की कई कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जबकि Reliance Industries में अपनी हिस्सेदारी कम की है। अडानी ग्रुप की कंपनियों में बढ़ा निवेश ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, Capital Group ने हाल में अडानी ग्रुप की तीन कंपनियों में 2 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है। बताया जा रहा है कि: Adani Ports and Special Economic Zone में करीब 2% हिस्सेदारी खरीदी गई Adani Power में 1.5% से 2% तक निवेश बढ़ाया गया Adani Green Energy में भी हिस्सेदारी खरीदी गई 5 मई को अडानी पोर्ट्स में लगभग 74.86 अरब रुपये की हिस्सेदारी खुले बाजार से खरीदी गई थी। रिलायंस में कम हुई होल्डिंग दूसरी ओर Reliance Industries में कैपिटल ग्रुप की हिस्सेदारी लगातार कम होती दिख रही है। मार्च 2026 तक ग्रुप के पास रिलायंस के करीब 142 मिलियन शेयर थे छह साल पहले यह आंकड़ा लगभग 500 मिलियन था मार्च 2017 में यह करीब 755 मिलियन शेयर तक पहुंचा था इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि विदेशी निवेशकों का फोकस धीरे-धीरे अडानी ग्रुप की ओर बढ़ रहा है। शेयर बाजार में किसका प्रदर्शन बेहतर? पिछले एक साल में अडानी ग्रुप की कई कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। अडानी ग्रुप के शेयरों का प्रदर्शन Adani Power : लगभग 94% की तेजी Adani Green Energy : करीब 35% की बढ़त Adani Ports and Special Economic Zone : लगभग 25% की तेजी वहीं Reliance Industries के शेयर में पिछले एक साल में करीब 8% की गिरावट दर्ज की गई है। बाजार में क्या हैं मौजूदा भाव? फिलहाल: Adani Ports and Special Economic Zone का शेयर लगभग 1786 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है Adani Power करीब 220 रुपये पर कारोबार कर रहा है Adani Green Energy में भी तेजी बनी हुई है Reliance Industries का शेयर करीब 1355 रुपये के स्तर पर है क्यों बदल रहा है निवेशकों का नजरिया? विशेषज्ञों का मानना है कि: अडानी ग्रुप ने इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सेक्टर में तेजी से विस्तार किया है विदेशी निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे लौट रहा है ग्रीन एनर्जी और पोर्ट बिजनेस में ग्रुप की मजबूत मौजूदगी निवेशकों को आकर्षित कर रही है वहीं रिलायंस के शेयरों में हालिया सुस्ती और निवेशकों की मुनाफावसूली भी इसकी एक वजह मानी जा रही है।  

surbhi मई 22, 2026 0
satellite communication concept showing LEO satellites and global internet connectivity network
रिलायंस का बड़ा दांव: सैटेलाइट कम्युनिकेशन में अरबों डॉलर निवेश की तैयारी, खुद लीड कर रहे Mukesh Ambani

देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल Reliance Industries अब सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेक्टर में बड़ा कदम रखने जा रही है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां फिलहाल Elon Musk की कंपनी Starlink का दबदबा है। लेकिन अब रिलायंस इस गेम को बदलने की तैयारी में है–और इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की कमान खुद मुकेश अंबानी ने संभाल रखी है। क्या है रिलायंस का प्लान? सूत्रों के मुताबिक, रिलायंस सैटकॉम सेक्टर में अरबों डॉलर का निवेश करने की योजना बना रही है। यह प्रोजेक्ट Jio Platforms के तहत संचालित होगा, जो कंपनी के टेलीकॉम और डिजिटल बिजनेस को संभालती है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए कंपनी ने छह अलग-अलग टीमें बनाई हैं, जो इन क्षेत्रों पर काम कर रही हैं: सैटेलाइट डिजाइन लॉन्च सिस्टम पेलोड यूजर टर्मिनल नेटवर्क इंटीग्रेशन लो अर्थ ऑर्बिट पर फोकस रिलायंस की नजर खासतौर पर Low Earth Orbit (LEO) सेगमेंट पर है, जहां कम ऊंचाई पर सैटेलाइट तैनात कर हाई-स्पीड इंटरनेट सेवाएं दी जाती हैं। यही वह क्षेत्र है जहां स्टारलिंक और अन्य वैश्विक कंपनियां तेजी से विस्तार कर रही हैं। सरकार और ग्लोबल रेस भारत सरकार भी चाहती है कि देश सैटकॉम सेक्टर में आत्मनिर्भर बने, ताकि विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम हो सके। इसी के तहत रिलायंस International Telecommunication Union (ITU) में ऑर्बिटल स्लॉट और रेडियो फ्रीक्वेंसी के लिए आवेदन की प्रक्रिया में जुटी है। मुकाबले में कौन-कौन? इस सेक्टर में पहले से कई बड़े खिलाड़ी मौजूद हैं: Starlink (एलन मस्क) Amazon Kuiper (अमेजन) Eutelsat OneWeb AST SpaceMobile Sateliot भारत की तरफ से Sunil Mittal के भारती ग्रुप की भी Eutelsat में बड़ी हिस्सेदारी है। पार्टनरशिप और रणनीति रिलायंस पहले ही मीडियम अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट कंपनी SES के साथ साझेदारी कर चुकी है। इसके अलावा कंपनी इनऑर्गेनिक ग्रोथ–यानी किसी मौजूदा सैटेलाइट कंपनी के अधिग्रहण–पर भी विचार कर रही है, ताकि तेजी से इस सेक्टर में प्रवेश किया जा सके। भारत के लिए क्या मायने? अगर रिलायंस का यह प्रोजेक्ट सफल होता है, तो: भारत को अपना स्वदेशी सैटेलाइट नेटवर्क मिल सकता है ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में इंटरनेट पहुंच बेहतर होगी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से विदेशी निर्भरता कम होगी क्या संकेत देता है यह कदम? यह साफ संकेत है कि आने वाले समय में इंटरनेट और टेलीकॉम की लड़ाई अब जमीन से निकलकर अंतरिक्ष तक पहुंच चुकी है। रिलायंस का यह कदम न सिर्फ बिजनेस, बल्कि भारत की डिजिटल संप्रभुता के लिए भी बेहद अहम साबित हो सकता है।  

surbhi मई 6, 2026 0
Gautam Adani and Mukesh Ambani
गौतम अडानी बने एशिया के सबसे बड़े रईस, मुकेश अंबानी को छोड़ा पीछे

नई दिल्ली: भारत के उद्योग जगत में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Gautam Adani ने Mukesh Ambani को पछाड़ते हुए एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब हासिल कर लिया है। Bloomberg Billionaires Index के ताजा आंकड़ों के मुताबिक अडानी की कुल संपत्ति अब 92.6 अरब डॉलर पहुंच गई है। नेटवर्थ में तेज उछाल इस साल गौतम अडानी की संपत्ति में करीब 8.10 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है, जिससे वे दुनिया के अमीरों की सूची में 19वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं, मुकेश अंबानी की नेटवर्थ घटकर 90.8 अरब डॉलर रह गई है। इस साल उनकी संपत्ति में 16.9 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वे एशिया में दूसरे और वैश्विक स्तर पर 20वें स्थान पर पहुंच गए हैं। शेयर बाजार का असर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में हल्की गिरावट देखने को मिली, जहां सेंसेक्स 123 अंक नीचे बंद हुआ। इसके बावजूद अडानी ग्रुप के शेयरों में तेजी बनी रही, जिससे उनकी संपत्ति में एक दिन में 3.56 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। दूसरी ओर, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर लगभग स्थिर रहे, जिससे अंबानी की नेटवर्थ में मामूली 76.7 मिलियन डॉलर की बढ़त हुई। किन दिग्गजों की घटी संपत्ति? इस साल दुनिया के टॉप 20 अमीरों में से कई दिग्गजों की संपत्ति में गिरावट दर्ज की गई है। Bernard Arnault ने सबसे ज्यादा करीब 44 अरब डॉलर गंवाए हैं। इसके अलावा Bill Gates, Warren Buffett, Larry Ellison, Amancio Ortega और Steve Ballmer जैसे नाम भी इस सूची में शामिल हैं। दुनिया के टॉप 10 अमीर कौन? वैश्विक स्तर पर Elon Musk अब भी पहले स्थान पर काबिज हैं, जिनकी नेटवर्थ 656 अरब डॉलर बताई गई है। टॉप 10 में शामिल अन्य प्रमुख नाम: Larry Page Jeff Bezos Sergey Brin Mark Zuckerberg Michael Dell Jensen Huang Jim Walton क्या संकेत देता है यह बदलाव? गौतम अडानी का एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बनना यह दर्शाता है कि भारतीय कॉर्पोरेट सेक्टर में तेजी से बदलाव हो रहा है। शेयर बाजार की चाल, सेक्टरल ग्रोथ और निवेशकों का भरोसा किसी भी कारोबारी की संपत्ति को तेजी से ऊपर या नीचे ले जा सकता है।  

surbhi अप्रैल 17, 2026 0
Isha Ambani in Oscars 2026
Oscars 2026 के रेड कार्पेट पर Isha Ambani का डेब्यू, विंटेज गाउन में बिखेरा जलवा

लॉस एंजिल्स, एजेंसियां। भारत के दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी ने ऑस्कर 2026 के रेड कार्पेट पर अपनी शानदार उपस्थिति दर्ज कराई। 15 मार्च को लॉस एंजिल्स में आयोजित 98वें अकादमी पुरस्कार समारोह में ईशा अंबानी अपने पति आनंद पीरामल के साथ शामिल हुईं। ऑस्कर समारोह में यह ईशा अंबानी की पहली उपस्थिति थी। इससे पहले वह न्यूयॉर्क के मेट गाला जैसे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में नजर आ चुकी हैं, लेकिन ऑस्कर के मंच पर उनकी यह पहली एंट्री अंतरराष्ट्रीय मीडिया और फैशन जगत में चर्चा का विषय बन गई।   विंटेज गाउन में दिखा एलिगेंट लुक इस खास मौके पर ईशा अंबानी ने फैशन ब्रांड वैलेंटिनो के हॉट कॉउचर फॉल/विंटर 2006-2007 कलेक्शन से एक विंटेज स्ट्रैपलेस ब्लैक और क्रीम गाउन पहना। गाउन पर की गई बारीक फूलों वाली कढ़ाई ने उनके लुक को बेहद खास बना दिया। अपने लुक को पूरा करने के लिए उन्होंने डिजाइनर लॉरेन श्वार्ट्ज द्वारा डिजाइन किए गए डायमंड चोकर और मैचिंग ईयररिंग्स पहने। रेड कार्पेट पर जाने से पहले उन्होंने ‘एकेडमी म्यूजियम ऑफ मोशन पिक्चर्स’ का भी दौरा किया।   सोशल मीडिया पर छाया लुक ईशा अंबानी का यह विंटेज लुक सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। फैंस उनके स्टाइल और एलिगेंट अंदाज की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने कमेंट करते हुए लिखा कि ईशा अंबानी इस लुक में बेहद खूबसूरत और ग्रेसफुल लग रही हैं।   रिलायंस समूह में निभा रहीं अहम भूमिका ईशा अंबानी देश की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़ी हुई हैं। वह रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड की कार्यकारी निदेशक के रूप में काम कर रही हैं और कंपनी के रिटेल कारोबार का नेतृत्व कर रही हैं। निजी जीवन की बात करें तो दिसंबर 2018 में उन्होंने उद्योगपति आनंद पीरामल से शादी की थी और साल 2022 में यह जोड़ा जुड़वां बच्चों का माता-पिता बना। ऑस्कर 2026 में उनकी मौजूदगी को भारतीय प्रतिनिधित्व के तौर पर भी देखा जा रहा है।

Unknown मार्च 16, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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