नई दिल्ली: भारत के उद्योग जगत में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Gautam Adani ने Mukesh Ambani को पछाड़ते हुए एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब हासिल कर लिया है। Bloomberg Billionaires Index के ताजा आंकड़ों के मुताबिक अडानी की कुल संपत्ति अब 92.6 अरब डॉलर पहुंच गई है।
इस साल गौतम अडानी की संपत्ति में करीब 8.10 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है, जिससे वे दुनिया के अमीरों की सूची में 19वें स्थान पर पहुंच गए हैं।
वहीं, मुकेश अंबानी की नेटवर्थ घटकर 90.8 अरब डॉलर रह गई है। इस साल उनकी संपत्ति में 16.9 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वे एशिया में दूसरे और वैश्विक स्तर पर 20वें स्थान पर पहुंच गए हैं।
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में हल्की गिरावट देखने को मिली, जहां सेंसेक्स 123 अंक नीचे बंद हुआ। इसके बावजूद अडानी ग्रुप के शेयरों में तेजी बनी रही, जिससे उनकी संपत्ति में एक दिन में 3.56 अरब डॉलर का इजाफा हुआ।
दूसरी ओर, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर लगभग स्थिर रहे, जिससे अंबानी की नेटवर्थ में मामूली 76.7 मिलियन डॉलर की बढ़त हुई।
इस साल दुनिया के टॉप 20 अमीरों में से कई दिग्गजों की संपत्ति में गिरावट दर्ज की गई है।
Bernard Arnault ने सबसे ज्यादा करीब 44 अरब डॉलर गंवाए हैं।
इसके अलावा Bill Gates, Warren Buffett, Larry Ellison, Amancio Ortega और Steve Ballmer जैसे नाम भी इस सूची में शामिल हैं।
वैश्विक स्तर पर Elon Musk अब भी पहले स्थान पर काबिज हैं, जिनकी नेटवर्थ 656 अरब डॉलर बताई गई है।
टॉप 10 में शामिल अन्य प्रमुख नाम:
गौतम अडानी का एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बनना यह दर्शाता है कि भारतीय कॉर्पोरेट सेक्टर में तेजी से बदलाव हो रहा है। शेयर बाजार की चाल, सेक्टरल ग्रोथ और निवेशकों का भरोसा किसी भी कारोबारी की संपत्ति को तेजी से ऊपर या नीचे ले जा सकता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
मेष राशि - आपकी व्यक्तिगत समस्याएँ मानसिक शांति को भंग कर सकती हैं। मानसिक दबाव से बचने के लिए कुछ रोचक और अच्छा पढ़ें। जिन लोगों ने अपना पैसा सट्टेबाजी में लगा रखा था आज उन्हें नुक्सान होने की संभावना है। सट्टेबाजी से दूर रहने की आपको सलाह दी जाती है। नवजात शिशु की ख़राब तबियत परेशानी का सबब बन सकती है। इस ओर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है। डॉक्टर से भली-भांति सलाह लें, क्योंकि ज़रा-सी लापरवाही बीमारी को बद से बदतर बना सकती है। आज आप हर तरफ़ प्यार-ही-प्यार फैलाएंगे। आज कार्यक्षेत्र में अचानक आपके काम की छानबीन हो सकती है। ऐसे में अगर आपने कोई गलती की होगी तो आपको इसका भुगतान करना पड़ सकता है। इस राशि के कारोबारी आज अपने कारोबार को नई दिशा देने के बारे में विचार कर सकते हैं। खाली वक्त का सही इस्तेमाल करना आपको सीखना ही होगा नहीं तो जीवन में आप कई लोगों से पीछे रह जाएंगे। अगर आप अपने जीवनसाथी से स्नेह की आशा रखते हैं, तो यह दिन आपकी आशाओं को पूरा कर सकता है। उपाय :- आर्थिक स्थिHति को अच्छा करने के लिए नियमित गायत्री मन्त्र व गायत्री चालीसा पढ़ें। वृषभ राशि - शाम के समय थोड़ा आराम कीजिए। आज आप घर से बाहर तो बहुत सकारात्मकता के साथ निकलेंगे लेकिन किसी कीमती वस्तु के चोरी होने की वजह से आपका मूड खराब हो सकता है। आपका मज़ाकिया स्वभाव सामाजिक मेल-जोल की जगहों पर आपकी लोकप्रियता में इज़ाफ़ा करेगा। रोमांस रोमांचक होगा- इसलिए उससे संपर्क करें जिससे आप प्रेम करते हैं और दिन का भरपूर लुत्फ़ लें। अपने साथी को यूँ ही हमेशा के लिए मिला न मानें। खाली वक्त आज व्यर्थ की बहसों में खराब हो सकता है जिससे दिन के अंत में आपको खिन्नता होगी। यह दिन आपके सामान्य वैवाहिक जीवन से कुछ हटकर होने वाला है। आपको अपने जीवनसाथी की ओर से कुछ ख़ास देखने को मिल सकता है। उपाय :- अच्छी आर्थिक स्थिति के लिए मांस-मदिरा व परनारी संपर्क से बचें। मिथुन राशि - दूसरों के साथ ख़ुशी बांटने से सेहत और खिलेगी। अपने धन का संचय कैसे करना है यह हुनर आज आप सीख सकते हैं और इस हुनर को सीख कर आप अपना धन बचा सकते हैं। अपने दिन की योजना सावधानी से तय करें। ऐसे लोगों से बात करें, जो आपकी मदद कर सकते हैं। आज के इस ख़बसूरत दिन प्रेम-संबंध में आपकी सभी शिकायतें ग़ायब हो जाएंगी। भागीदार आपकी योजनाओं और व्यावसायिक ख़यालों के प्रति उत्साही होंगे। इस राशि के लोगों को आज अपने आप को समझने की जरुरत है। यदि आपको लगता है कि आप दुनिया की भीड़ में कहीं खो गये हैं तो अपने लिए वक्त निकालें और अपने व्यक्तित्व का आकलन करें। जीवनसाथी की वजह से आपको महसूस होगा कि उनके लिए दुनिया में आप ही सबसे महत्वपूर्ण हैं। उपाय :- ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः इस मंत्र का प्रातः 11 बार उच्चारण करने से पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा। कर्क राशि - आपको काफ़ी समय से चल रही बीमारी से छुटकारा मिल सकता है। आकस्मिक मुनाफ़े या सट्टेबाज़ी के ज़रिए आर्थिक हालात सुदृढ़ होंगे। सबको अपनी महफ़िल में दावत दें। क्योंकि आपके पास आज अतिरिक्त ऊर्जा है, जो आपको किसी पार्टी या कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए प्रेरित करेगी। अपने प्रिय से दूर होने के बावजूद आप उसकी मौजूदगी महसूस करेंगे। आज का दिन बढ़िया प्रदर्शन और ख़ास कामों के लिए है। घर के छोटे सदस्यों को साथ लेकर आज आप किसी पार्क या शॉपिंग मॉल में जा सकते हैं। वैवाहिक सुख के दृष्टिकोण से आज आपको कुछ अनोखा उपहार मिल सकता है। उपाय :- तुलसी पत्र का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए अच्छा रहेगा। सिंह राशि - आपको काफ़ी समय से चल रही बीमारी से छुटकारा मिल सकता है। दिन की शुुरुआत भले ही अच्छी हो लेकिन शाम के वक्त किसी वजह से आपका धन खर्च हो सकता है जिससे आप परेशान होंगे। अपने जीवन-साथी की उपलब्धियों की सराहना करें और उसकी सफलता और ख़ुशक़िस्मती का जश्न मनाएँ। उदार बनें और ईमानदारी से तारीफ़ करें। थोड़े बहुत टकराव के बावजूद भी आज आपका प्रेम जीवन अच्छा रहेगा और आप अपने संगी को खुश रखने में कामयाब होंगे। व्यवसायियों के लिए अच्छा दिन है, क्योंकि उन्हें अचानक बड़ा फ़ायदा हो सकता है। यह दिन बेहतरीन दिनों में से एक हो सकता है। आज दिन में आप कई अच्छे प्लान भविष्य के लिए बना सकते हैं लेकिन शाम के वक्त किसी दूर के रिश्तेदार के घर में आ जाने के कारण आपके सारे प्लान धरे के धरे रह सकते हैं। वैवाहिक जीवन में सूखे-सर्दीले दौर के बाद आपको धूप नसीब हो सकती है। उपाय :- अच्छी आर्थिक स्थिति के लिए सफेद वस्त्र अधिक पहनें। कन्या राशि - आउटडोर खेल आपको आकर्षित करेंगे- ध्यान और योग आपको फ़ायदा पहुँचाएंगे। आज आपको अपनी संतान की वजह से आर्थिक लाभ होने की संभावना नजर आ रही है। इससे आपको काफी खुशी होगी। आपके जीवन-साथी की लापरवाही संबंधों में दूरी बढ़ा सकती है। साथ में अपना क़ीमती समय बिताएँ और मीठी यादों को फिर से ताज़ा करें, ताकि पुराने दिनों को फिर से वापस लाया जा सके। सावधान रहें, कोई आपसे दिल्लगी या फ़्लर्ट करके अपना उल्लू सीधा कर सकता है। नई योजनाएँ आकर्षक होंगी और अच्छी आमदनी का ज़रिया साबित होंगी। आप चाहें तो परेशानियों को मुस्कुराकर दरकिनार कर सकते हैं या उनमें फँसकर परेशान हो सकते हैं। चुनाव आपको करना है। मुश्किल हालात से उबरने में आपके जीवनसाथी की तरफ़ से ज़्यादा सहयोग नहीं हासिल होगा। उपाय :- पारिवारिक जीवन को अच्छा करने के लिए हनुमान चालीसा, संकटमोचन अष्टक और श्रीराम स्तुति पढ़ना बहुत शुभ रहेगा। तुला राशि - प्यार, उम्मीद, सहानुभूति, आशावादिता और निष्ठा जैसी सकारात्मक भावनाओं को अपनाने के लिए ख़ुद को प्रोत्साहित करें। एक बार ये गुण आपके अंदर रच-बस जाएँ, तो हर हालात में वे ख़ुद ही सकारात्मक तरीक़े से उभर आएंगे। आपका धन कहां खर्च हो रहा है इसपर आपको नजर बनाए रखने की जरुरत है नहीं तो आने वाले समय में आपको परेशानी हो सकती है। आज आपको अपने होशियारी और प्रभाव का उपयोग संवेदनशील घरेलू मुद्दों को हल करने के लिए करना चाहिए। आज आप कुछ अलग क़िस्म के रोमांस का अनुभव कर सकते हैं। आप अपने मातहतों से नाख़ुश हो सकते हैं, क्योंकि वे उम्मीद के मुताबिक़ काम नहीं कर रहे हैं। बिना किसी पूर्व सूचना के आज आपका कोई रिश्तेदार आपके घर पधार सकता है जिसकी वजह से आपका कीमती समय उनकी खातिरदारी में जाया हो सकता है। अपने साथी पर किया गया संदेह एक बड़ी लड़ाई का रूप ले सकता है। उपाय :- मीठे चावल बनाकर गरीबों में बाँटने से आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। वृश्चिक राशि - भागमभाग भरे दिन के बावजूद आपकी सेहत पूरी तरह दुरुस्त रहेगी। धन की आवाजाही आज दिन भर होती रहेगी और दिन ढलने के बाद आप बचत करने में भी सक्षम हो पाएंगे। घर का कुछ समय से टलता आ रहा काम-काज आपका थोड़ा वक़्त ले सकता है। फूल देकर अपने प्यार का इज़हार करें। बहादुरी भरे क़दम और फ़ैसले आपको अनुकूल पुरुस्कार देंगे। आपमें से कुछ लोगों को लंबा सफ़र करना पड़ सकता है – जो काफ़ी दौड़-भाग भरा होगा – लेकिन साथ ही बहुत फ़ायदेमंद भी साबित होगा। क्या आपको पता है कि आपका जीवनसाथी वाक़ई आपके लिए फ़रिश्ता है। उनपर ग़ौर करें, यह बात आपको ख़ुद-ब-ख़ुद दिख जाएगी। उपाय :- घर में तिल के तेल में थोड़े काले-सफेद तिल डालकर दीपक जलाने से पारिवारिक सुख बढ़ेगा। धनु राशि - सामाजिक मेलजोल से ज़्यादा सेहत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। धन से जुड़ा कोई मसला आज हल हो सकता है और आपको धन लाभ हो सकता है। दूर के रिश्तेदार से जिस संदेश की काफ़ी समय से उम्मीद थी, वह अच्छी ख़बर पूरी परिवार को ख़ुशियों से भर देगी। आप आज रुहानी प्यार की मदहोशी महसूस कर सकेंगे। इसे महसूस करने के लिए कुछ वक़्त बचाकर रखें। काम में मन लगाएँ और जज़्बाती बातों से बचें। काम को समय पर निपटाकर जल्दी घर जाना आज आपके लिए अच्छा रहेगा इससे आपके परिवार वालों को भी खुशी मिलेगी और आप भी तरोताजा महसूस करेेंगे। आज आपका आपस में कुछ ज्यादा विवाद हो सकता है जिसके दूरगामी परिणाम वैवाहिक जीवन के लिए नकारात्मक हो सकते हैं। उपाय :- नौकरी व बिज़नेस में तरक्की हेतु कभी घमंड न करें और सब कुछ ईश्वर की कृपा मानें। मकर राशि - आज आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और प्रगति निश्चित है। आप अच्छा पैसा बना सकते हैं, बशर्ते आप पारंपरिक तौर पर निवेश करें। जिसपर आप यक़ीन करते हैं, मुमकिन है वह आपको पूरा सच न बता रहा हो। आपकी दूसरों को राज़ी करने की क्षमता आने वाली मुश्किल को हल करने में कारगर साबित होगी। अपने प्रिय से दूर होने के बावजूद आप उसकी मौजूदगी महसूस करेंगे। व्यापारियों के लिए अच्छा दिन है। व्यवसाय के लिए अचानक की गयी कोई यात्रा सकारात्मक परिणाम देगी। आपके पास समय तो होगा लेकिन बावजूद इसके भी आप कुछ ऐसा नहीं कर पाएंगे जो आपको संतुष्टि दे। आज के दिन आपके और आपके जीवनसाथी के लिए गहरी आत्मीयतापूर्ण बातें का सही समय है। उपाय :- तांबे के चौकोर टुकड़े पर केसर लगाकर, गुलाबी वस्त्र में लपेटकर, पूर्व दिशा में जाकर सूर्योदय के समय निर्जन स्थान में दबाने से फैमिली लाइफ अच्छी रहती है। कुम्भ राशि - नियमित व्यायाम के माध्यम से वज़न को नियन्त्रित रखें। आपके मन में जल्दी पैसे कमाने की तीव्र इच्छा पैसा होगी। घरेलू ज़िंदगी सुकूनभरी और ख़ुशनुमा रहेगी। प्यार-मोहब्बत की नज़रिए से बेहतरीन दिन है। प्यार का मज़ा चखते रहें। दफ़्तर में आप तारीफ़ पाएंगे। आपका संंगी आपसे सिर्फ कुछ समय चाहता है लेकिन आप उनको समय नहीं दे पाते जिससे वो खिन्न हो जाते हैं। आज उनकी यह खिन्नता स्पष्टता के साथ सामने आ सकती है। बढ़िया खाना, रोमानी पल और जीवनसाथी का साथ - यही ख़ास है आज। उपाय :- जेब में तांबे का सिक्का रखना आपकी नौकरी/बिज़नेस में चार चाँद लगाएगा। मीन राशि - आपकी उम्मीद एक महक से भरे हुए ख़ूबसूरत फूल की तरह खिलेगी। बाकी दिनों के मुकाबले आज का दिन आर्थिक दृष्टि से अच्छा रहेगा और आपको पर्याप्त धन की प्राप्ति होगी। आपको कोई अच्छी ख़बर मिल सकती है, जो न केवल आपको बल्कि आपके परिवार को भी रोमांचित कर देगी। आपको अपने रोमांच को नियंत्रित रखने की ज़रूरत है। नये रोमांस की संभावना प्रबल है, प्रेम का फूल आपकी ज़िन्दगी में जल्दी ही खिल सकता है। सहकर्मी आपको काफ़ी सहयोग देंगे और कार्यक्षेत्र में विश्वास की नींव पर नए रिश्तों की शुरुआत होगी। आपमें से कुछ लोगों को लंबा सफ़र करना पड़ सकता है – जो काफ़ी दौड़-भाग भरा होगा – लेकिन साथ ही बहुत फ़ायदेमंद भी साबित होगा। आज के दिन आप वैवाहिक जीवन का असली स्वाद चख सकते हैं। उपाय :- पांच गरीब कन्याओं को हरी रंग की बर्फी बाँटने से पारिवारिक जीवन खुशहाल रहेगा। कृपया ध्यान दें यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए IDTV इंद्रधनुष उत्तरदायी नहीं हैं।
मुरैना: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में शनिवार को एक दर्दनाक रेल हादसे में चार लोगों की जान चली गई। खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह फैलने के बाद घबराए यात्री ट्रेन से नीचे उतर गए। इसी दौरान बगल की पटरी से तेज रफ्तार में गुजर रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से तीन महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज सिंह ने बताया कि इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह फैलने के बाद कुछ यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रुकवा दी। घबराहट में कई यात्री ट्रेन से उतरकर रेलवे ट्रैक पर आ गए। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि दूसरी पटरी पर एक अन्य ट्रेन गुजरने वाली है। शाम 4:30 बजे हुआ हादसा रेलवे अधिकारियों के अनुसार, शाम करीब 4:30 बजे पातालकोट एक्सप्रेस दूसरी लाइन से गुजर रही थी। इसी दौरान ट्रैक पर खड़े कुछ यात्री उसकी चपेट में आ गए। हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई दर्दनाक आपबीती हादसे में अपनी पत्नी और बच्चे को खोने वाले एक यात्री ने बताया कि किसी ने ट्रेन में आग लगने की बात कह दी, जिसके बाद लोग घबराकर नीचे कूदने लगे। उन्होंने कहा, "हम भी ट्रेन से उतर गए थे। मेरी पत्नी एक बच्चे के साथ बाहर खड़ी थी, जबकि मेरा दूसरा बच्चा ट्रेन के अंदर था। मैं उसे देखने के लिए वापस डिब्बे में गया। तभी दूसरी तरफ से आ रही ट्रेन लोगों के ऊपर से गुजर गई। मेरी पत्नी और बच्चे की मौत हो गई।" चिंगारी और धुएं के बाद फैली अफवाह मुरैना के जिलाधिकारी लोकेश कुमार जांगिड़ ने बताया कि हादसा जिले के हेतमपुर स्टेशन के पास हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इंजन से जुड़ी एक बोगी में अचानक चिंगारी और धुआं दिखाई दिया, जिसके बाद कुछ यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी। इसके बाद ट्रेन में आग लगने की अफवाह फैल गई और कई यात्री जान बचाने के लिए बिना स्थिति समझे ट्रेन से नीचे उतर गए। कुछ लोग दूसरी रेल लाइन पर खड़े हो गए, जहां से दिल्ली की ओर जा रही पातालकोट एक्सप्रेस तेज गति से गुजर रही थी। आगरा और बीकानेर के यात्रियों की मौत प्रशासन के मुताबिक, हादसे में मारे गए चार लोगों में तीन महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। मृतकों में दो महिलाएं और बच्चा आगरा के निवासी बताए गए हैं, जबकि एक अन्य महिला राजस्थान के बीकानेर की रहने वाली थी। रेलवे और स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
कोलकाता, एजेंसियां। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी आंतरिक कलह अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। पार्टी के बागी सांसद सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर अलग संसदीय ब्लॉक बनाने या खुद को 'वास्तविक तृणमूल कांग्रेस' के रूप में मान्यता देने का दावा पेश कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, बागी खेमे का दावा है कि उसके साथ 19 लोकसभा सांसद हैं। यदि ऐसा होता है तो यह तृणमूल कांग्रेस के 28 साल के इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक संकट माना जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की तैयारी सूत्रों के मुताबिक, कूचबिहार से सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने भी संकेत दिए हैं कि सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष औपचारिक दावा पेश किया जा सकता है। बागी सांसद अलग संसदीय पहचान और संसद में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग कर सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अंतिम फैसला लोकसभा अध्यक्ष और संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत ही होगा। पार्टी नेतृत्व ने दावों पर उठाए सवाल तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने बागी गुट के दावों को चुनौती दी है। पार्टी का कहना है कि कथित समर्थन पत्र और उस पर मौजूद हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता की जांच होनी चाहिए। वहीं, पार्टी के भीतर बयानबाजी भी तेज हो गई है। वरिष्ठ नेता अनुब्रत मंडल ने नेतृत्व पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी की, जबकि सांसद महुआ मोइत्रा ने बागी सांसदों को 'गद्दार' बताते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में दूसरी पार्टी के साथ हैं तो सांसद पद से इस्तीफा देकर जनता के बीच जाएं। दूसरी ओर, शत्रुघ्न सिन्हा ने ममता बनर्जी के नेतृत्व में अपनी आस्था दोहराई। सोमवार का घटनाक्रम रहेगा अहम राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोमवार का दिन केवल तृणमूल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है। यदि बड़ी संख्या में सांसद अलग राह चुनते हैं तो इसका असर संसद में विपक्ष की ताकत और राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है। वहीं, यदि बागी गुट पर्याप्त समर्थन जुटाने में विफल रहता है तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नेतृत्व और अधिक मजबूत होकर उभर सकता है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों और पर्यवेक्षकों की नजरें टिकी हुई हैं।