Stock Market India

Reliance Industries stock chart rising with Jio IPO news boosting investor sentiment in market
रिलायंस के शेयर में आ सकती है बड़ी तेजी, ग्लोबल ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट; जियो IPO बनेगा गेमचेंजर?

देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी Reliance Industries एक बार फिर निवेशकों के रडार पर है। हाल के महीनों में शेयर अपने उच्चतम स्तर से करीब 15% नीचे आने के बाद अब इसमें जोरदार उछाल की उम्मीद जताई जा रही है। कई ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस ने कंपनी के लिए अपने टारगेट प्राइस बढ़ा दिए हैं, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बनता दिख रहा है। ग्लोबल ब्रोकरेज का भरोसा, ₹1,910 तक जा सकता है शेयर Goldman Sachs ने रिलायंस पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखते हुए इसका टारगेट प्राइस ₹1,910 तय किया है। यह मौजूदा स्तर से काफी ऊपर है और निवेशकों के लिए मजबूत अपसाइड की ओर इशारा करता है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल (O2C) बिजनेस पर जो दबाव पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात के कारण था, वह अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। इससे कंपनी की परफॉर्मेंस में सुधार की उम्मीद है। जियो IPO बनेगा सबसे बड़ा ट्रिगर Nomura ने रिलायंस के शेयर के लिए ₹1,640 का टारगेट दिया है और कहा है कि Jio Platforms का संभावित IPO निकट भविष्य में सबसे बड़ा कैटालिस्ट साबित हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिलायंस अगले महीने जियो के IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर फाइल कर सकती है। इससे न सिर्फ कंपनी की वैल्यूएशन बढ़ेगी, बल्कि टेलीकॉम सेक्टर में भी नई ऊर्जा देखने को मिल सकती है। अन्य ब्रोकरेज भी बुलिश CLSA: ₹1,800 का टारगेट, ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग Morgan Stanley: ₹1,803 का टारगेट JPMorgan Chase: ₹1,675 का टारगेट, ‘ओवरवेट’ रेटिंग इन सभी अनुमानों से साफ है कि बड़े निवेशक रिलायंस के भविष्य को लेकर आशावादी हैं। अभी कहां है शेयर? रिलायंस का शेयर फिलहाल करीब ₹1,364 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि इसका 52 हफ्ते का हाई ₹1,611 रहा है। मौजूदा स्तर से ब्रोकरेज टारगेट तक पहुंचने में अच्छा खासा रिटर्न मिलने की संभावना जताई जा रही है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञों का मानना है कि O2C बिजनेस में सुधार और जियो IPO जैसे बड़े ट्रिगर आने वाले समय में रिलायंस के शेयर को नई ऊंचाई तक ले जा सकते हैं। हालांकि, निवेश से पहले बाजार जोखिम और अपनी वित्तीय स्थिति का आकलन करना जरूरी है।  

surbhi अप्रैल 28, 2026 0
Mahindra Finance office with stock market charts showing target price and growth outlook
Mahindra & Mahindra Financial Services पर ‘Accumulate’ की सलाह, ₹325 का टारगेट — Prabhudas Lilladher की रिपोर्ट

ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Mahindra & Mahindra Financial Services (MMFS) के शेयर पर ‘Accumulate’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹325 का टारगेट प्राइस तय किया है। 25 अप्रैल 2026 की रिसर्च रिपोर्ट में कंपनी के फंडामेंटल्स और ग्रोथ आउटलुक को संतुलित लेकिन सकारात्मक बताया गया है। Q4 में ग्रोथ में सुधार रिपोर्ट के मुताबिक, चौथी तिमाही में कंपनी की डिस्बर्समेंट ग्रोथ 11% सालाना (YoY) रही। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से ट्रैक्टर, यूज्ड कमर्शियल व्हीकल (CV) और पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट की वजह से आई। कंपनी का AUM (Assets Under Management) 12% बढ़कर ₹1,341 अरब तक पहुंच गया, जो इसके बिजनेस विस्तार को दर्शाता है। आगे की ग्रोथ का अनुमान ब्रोकरेज ने FY27 और FY28 के लिए AUM ग्रोथ क्रमशः 13% और 13.5% रहने का अनुमान लगाया है। हालांकि बॉन्ड यील्ड्स बढ़ने से कॉस्ट ऑफ फंड (CoF) पर दबाव है, लेकिन बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और फीस-बेस्ड इनकम में बढ़ोतरी से मार्जिन स्थिर रहने की उम्मीद है। खर्च और मुनाफे का आकलन कंपनी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और बिजनेस डाइवर्सिफिकेशन में निवेश कर रही है, जिससे ऑपरेशनल खर्च (Opex) फिलहाल सीमित दायरे में रहने का अनुमान है। हालांकि, उच्च उधारी लागत और संभावित धीमी ग्रोथ को देखते हुए FY27 और FY28 की आय अनुमान में 6-7% की कटौती की गई है। एसेट क्वालिटी में सुधार, लेकिन नजर जरूरी रिपोर्ट में कहा गया है कि एसेट क्वालिटी में सुधार के संकेत मिले हैं, लेकिन यह अभी भी निगरानी का विषय है। FY27 और FY28 के लिए क्रेडिट कॉस्ट क्रमशः 1.7% और 1.6% रहने का अनुमान लगाया गया है। वैल्यूएशन और टारगेट प्राइस ब्रोकरेज ने MMFS के स्टैंडअलोन बिजनेस को FY28E के आधार पर 1.3x P/ABV पर वैल्यू किया है। स्टैंडअलोन वैल्यूएशन: ₹309 सब्सिडियरी वैल्यू: ₹21 25% होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट के बाद कुल टारगेट: ₹325 निवेशकों के लिए क्या संकेत? कुल मिलाकर, रिपोर्ट बताती है कि कंपनी की ग्रोथ ट्रैक पर है, लेकिन निवेशकों को एसेट क्वालिटी और उधारी लागत पर नजर बनाए रखनी चाहिए। ‘Accumulate’ रेटिंग का मतलब है कि लंबी अवधि के निवेशक इस शेयर में धीरे-धीरे निवेश बढ़ा सकते हैं।      

surbhi अप्रैल 27, 2026 0
Stock market screen showing Sensex crash with red indicators and falling shares amid global tensions
Share Market Fall: तीसरे दिन भी बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 800 अंक टूटा, रिलायंस पर टिकी नजर

घरेलू शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में BSE Sensex करीब 800 अंक लुढ़क गया, जबकि Nifty 50 में भी 200 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। तीन दिनों में सेंसेक्स करीब 2,400 अंक टूट चुका है, जो बाजार में बढ़ती अनिश्चितता का संकेत देता है। क्यों टूट रहा है बाजार? विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इसका बड़ा कारण है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 106 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है, जिससे वैश्विक बाजारों पर दबाव बना हुआ है और इसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिख रहा है। आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव आज के कारोबार में आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। HCL Technologies और Infosys के शेयरों में 2% से अधिक गिरावट आई। इसके अलावा Tata Consultancy Services, Sun Pharmaceutical, ICICI Bank और Bharti Airtel जैसे दिग्गज शेयर भी दबाव में रहे। हालांकि, कुछ शेयरों ने बाजार को संभालने की कोशिश की। State Bank of India, Mahindra & Mahindra, Hindustan Unilever और IndiGo में हल्की तेजी देखने को मिली। रिलायंस पर निवेशकों की नजर देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी Reliance Industries आज अपने चौथी तिमाही के नतीजे जारी करने वाली है। रिजल्ट से पहले कंपनी के शेयरों में हल्की गिरावट देखी गई। बीएसई पर रिलायंस का शेयर करीब 0.5% गिरकर 1334 रुपये तक आ गया। गौर करने वाली बात यह है कि यह स्टॉक जनवरी के अपने उच्च स्तर से करीब 15% नीचे आ चुका है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है। रुपये में भी कमजोरी शेयर बाजार की गिरावट के साथ-साथ भारतीय रुपया भी दबाव में नजर आया। डॉलर के मुकाबले रुपया हल्की गिरावट के साथ 94.21 के स्तर पर खुला, जो विदेशी निवेशकों के रुझान और वैश्विक परिस्थितियों को दर्शाता है। आगे क्या संकेत? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को सतर्क रहने और लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करने की सलाह दी जा रही है।  

surbhi अप्रैल 24, 2026 0
Mastek stock outlook improves as Anand Rathi sets ₹2240 target with strong growth potential
Mastek पर Anand Rathi की रिपोर्ट: 2240 रुपये का टारगेट, 28% तक उछाल की संभावना

ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने आईटी सेक्टर की कंपनी Mastek पर सकारात्मक रुख बनाए रखते हुए ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। अपनी 20 अप्रैल 2026 की रिसर्च रिपोर्ट में फर्म ने स्टॉक के लिए 2240 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है, जो मौजूदा स्तर से लगभग 28% की संभावित तेजी दर्शाता है। Q4FY26 प्रदर्शन: स्थिर ग्रोथ, लेकिन मार्जिन पर दबाव कंपनी ने चौथी तिमाही में मिश्रित प्रदर्शन दिया। कॉन्स्टेंट करंसी (CC) आधार पर राजस्व में 0.3% की तिमाही दर से बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 103.5 मिलियन डॉलर तक पहुंचा। वहीं, 12 महीने का ऑर्डर बैकलॉग सालाना आधार पर 13.6% की मजबूत वृद्धि के साथ सकारात्मक संकेत दे रहा है। हालांकि, वेतन वृद्धि के पूरे तिमाही प्रभाव के कारण मार्जिन में लगभग 70 बेसिस पॉइंट की गिरावट आई। इसके बावजूद, विदेशी मुद्रा से लाभ और ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार ने इस दबाव को कुछ हद तक कम किया। भौगोलिक प्रदर्शन: UK मजबूत, अमेरिका में सुधार के संकेत यूनाइटेड किंगडम कंपनी के लिए स्थिरता का मुख्य आधार बना रहा, जहां हेल्थ, लाइफ साइंसेज (HLS) और BFSI सेक्टर में मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला। उत्तरी अमेरिका अभी भी रिकवरी मोड में है, लेकिन ऑर्डर बुक और डील पाइपलाइन में सुधार से आने वाले समय में धीरे-धीरे मजबूती की उम्मीद जताई जा रही है। विश्लेषकों के अनुसार FY27 से ज्यादा स्थिर टर्नअराउंड देखने को मिल सकता है। मिडिल ईस्ट और अफ्रीका (MEA) क्षेत्र में लंबित प्रोजेक्ट्स के राजस्व से सपोर्ट मिला, लेकिन पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण क्लाइंट्स के फैसलों में देरी से निकट अवधि में दबाव बना रह सकता है। रणनीतिक बदलाव: AI आधारित सेवाओं पर फोकस कंपनी अब AI-ड्रिवन और आउटकम-बेस्ड एंगेजमेंट मॉडल की ओर तेजी से बढ़ रही है। यह रणनीति अल्पकालिक उतार-चढ़ाव ला सकती है, लेकिन लंबे समय में ग्रोथ और क्लाइंट वॉलेट शेयर बढ़ाने में मददगार मानी जा रही है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? रिपोर्ट के अनुसार, मजबूत ऑर्डर बुक, UK बाजार में स्थिरता और AI आधारित रणनीति के चलते कंपनी का लॉन्ग-टर्म आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है। इसी आधार पर ब्रोकरेज ने ‘बाय’ की सलाह बरकरार रखी है।

surbhi अप्रैल 21, 2026 0
Indian stock market screen showing Sensex Nifty fluctuations amid Iran US tension and rising crude oil prices
ईरान-अमेरिका तनाव से डरा बाजार: सतर्क रुख में दिखा भारतीय शेयर बाजार, निवेशक कर रहे इंतजार

वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ नजर आ रहा है। Iran और United States के बीच बढ़ती तनातनी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिसके चलते सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को बाजार की शुरुआत सुस्त रही। हालांकि शुरुआती गिरावट के बाद बाजार ने कुछ हद तक संभलने की कोशिश जरूर की। शुरुआती गिरावट के बाद हल्की रिकवरी सुबह कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में खुले, लेकिन धीरे-धीरे रिकवरी देखने को मिली। सुबह 9:23 बजे तक सेंसेक्स करीब 124 अंकों की बढ़त के साथ 78,618 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 24 अंकों की तेजी के साथ 24,377 पर ट्रेड करता दिखा। बाजार में अनिश्चितता का माहौल विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में अस्थिरता की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर विरोधाभासी संकेत हैं। जहां पहले निवेशकों को समझौते की उम्मीद थी, वहीं अब आरोप-प्रत्यारोप ने स्थिति को जटिल बना दिया है। इस अनिश्चितता के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है, जिसका असर ‘India VIX’ इंडेक्स में 5.82% की तेजी के रूप में देखा गया। कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। तेल की कीमतों में यह उछाल भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है और निवेशकों का भरोसा प्रभावित होता है। किन सेक्टर्स ने दिया सहारा बाजार की सुस्ती के बीच कुछ सेक्टर्स ने मजबूती दिखाई। PSU बैंक, मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में खरीदारी देखी गई। इंडिविजुअल शेयरों में Trent, State Bank of India और ICICI Bank ने बाजार को सहारा दिया। वहीं Jio Financial Services, Hindalco Industries और Tata Motors जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। एक्सपर्ट्स की राय मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक सीजफायर डेडलाइन पर स्पष्टता नहीं आती, बाजार में सतर्कता बनी रहेगी। निफ्टी के लिए 24,100 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 24,700 के स्तर को पार करना बाजार के लिए जरूरी होगा। फिलहाल विदेशी निवेशकों (FIIs) की खरीदारी जारी है, लेकिन घरेलू निवेशकों (DIIs) की बिकवाली से बाजार पर दबाव बना हुआ है।  

surbhi अप्रैल 20, 2026 0
Adani richest in Asia
अडानी ने अंबानी को पछाड़ा, बने एशिया के सबसे अमीर शख्स

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय उद्योग जगत के लिए 17 अप्रैल 2026 का दिन खास रहा, जब गौतम अडानी एक बार फिर एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के ताजा आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ दिया।   नेटवर्थ में तेज उछाल रिपोर्ट के मुताबिक, गौतम अडानी की कुल संपत्ति बढ़कर 92.6 बिलियन डॉलर हो गई है, जिससे वे वैश्विक स्तर पर 19वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं मुकेश अंबानी 90.8 बिलियन डॉलर के साथ 20वें स्थान पर खिसक गए। एक ही दिन में अडानी की संपत्ति में 3.56 बिलियन डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई, जो बाजार में तेजी का परिणाम है।   शेयर बाजार में तेजी बना मुख्य कारण अडानी समूह की कंपनियों Adani Total Gas, Adani Ports और Adani Power के शेयरों में लगातार मजबूती देखी गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बुनियादी ढांचे और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इसके विपरीत, Reliance Industries के प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव के कारण अंबानी की संपत्ति में इस साल 16.9 बिलियन डॉलर की गिरावट आई है।   वैश्विक अमीरों की सूची में स्थिति वैश्विक स्तर पर एलन मस्क 656 बिलियन डॉलर के साथ पहले स्थान पर बने हुए हैं। उनके बाद लैरी पेज और जेफ बेजोस का स्थान है। वहीं बर्नार्ड अरनॉल्ट को इस वर्ष सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।   भारतीय उद्योगपतियों की मजबूत मौजूदगी भारतीय अरबपतियों में लक्ष्मी मित्तल, शिव नाडर और सावित्री जिंदल भी वैश्विक सूची में मजबूत स्थिति में हैं।   विशेषज्ञों के अनुसार अडानी और अंबानी के बीच संपत्ति का अंतर केवल 1.8 बिलियन डॉलर है। ऐसे में आने वाले समय में बाजार के उतार-चढ़ाव के साथ यह प्रतिस्पर्धा और भी दिलचस्प हो सकती है।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
Gautam Adani and Mukesh Ambani
गौतम अडानी बने एशिया के सबसे बड़े रईस, मुकेश अंबानी को छोड़ा पीछे

नई दिल्ली: भारत के उद्योग जगत में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Gautam Adani ने Mukesh Ambani को पछाड़ते हुए एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब हासिल कर लिया है। Bloomberg Billionaires Index के ताजा आंकड़ों के मुताबिक अडानी की कुल संपत्ति अब 92.6 अरब डॉलर पहुंच गई है। नेटवर्थ में तेज उछाल इस साल गौतम अडानी की संपत्ति में करीब 8.10 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है, जिससे वे दुनिया के अमीरों की सूची में 19वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं, मुकेश अंबानी की नेटवर्थ घटकर 90.8 अरब डॉलर रह गई है। इस साल उनकी संपत्ति में 16.9 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वे एशिया में दूसरे और वैश्विक स्तर पर 20वें स्थान पर पहुंच गए हैं। शेयर बाजार का असर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में हल्की गिरावट देखने को मिली, जहां सेंसेक्स 123 अंक नीचे बंद हुआ। इसके बावजूद अडानी ग्रुप के शेयरों में तेजी बनी रही, जिससे उनकी संपत्ति में एक दिन में 3.56 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। दूसरी ओर, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर लगभग स्थिर रहे, जिससे अंबानी की नेटवर्थ में मामूली 76.7 मिलियन डॉलर की बढ़त हुई। किन दिग्गजों की घटी संपत्ति? इस साल दुनिया के टॉप 20 अमीरों में से कई दिग्गजों की संपत्ति में गिरावट दर्ज की गई है। Bernard Arnault ने सबसे ज्यादा करीब 44 अरब डॉलर गंवाए हैं। इसके अलावा Bill Gates, Warren Buffett, Larry Ellison, Amancio Ortega और Steve Ballmer जैसे नाम भी इस सूची में शामिल हैं। दुनिया के टॉप 10 अमीर कौन? वैश्विक स्तर पर Elon Musk अब भी पहले स्थान पर काबिज हैं, जिनकी नेटवर्थ 656 अरब डॉलर बताई गई है। टॉप 10 में शामिल अन्य प्रमुख नाम: Larry Page Jeff Bezos Sergey Brin Mark Zuckerberg Michael Dell Jensen Huang Jim Walton क्या संकेत देता है यह बदलाव? गौतम अडानी का एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बनना यह दर्शाता है कि भारतीय कॉर्पोरेट सेक्टर में तेजी से बदलाव हो रहा है। शेयर बाजार की चाल, सेक्टरल ग्रोथ और निवेशकों का भरोसा किसी भी कारोबारी की संपत्ति को तेजी से ऊपर या नीचे ले जा सकता है।  

surbhi अप्रैल 17, 2026 0
Motilal Oswal report showing bullish outlook on ICICI Prudential AMC stock with financial growth charts
ICICI प्रूडेंशियल AMC पर बुलिश हुए Motilal Oswal, ₹3850 का टारगेट; मजबूत ग्रोथ आउटलुक का संकेत

मुंबई: ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal Financial Services ने ICICI Prudential Asset Management Company (ICICI Prudential AMC) के शेयर पर सकारात्मक रुख बनाए रखते हुए ‘BUY’ रेटिंग दोहराई है। 14 अप्रैल 2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में कंपनी ने इस स्टॉक के लिए ₹3850 का टारगेट प्राइस तय किया है, जो आने वाले समय में मजबूत रिटर्न की संभावना दर्शाता है। मजबूत तिमाही प्रदर्शन रिपोर्ट के अनुसार, FY26 की चौथी तिमाही (4QFY26) में कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 20% बढ़कर ₹15.2 अरब पहुंच गया, हालांकि तिमाही आधार पर यह स्थिर रहा। वहीं, पूरे FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 23% की वृद्धि के साथ ₹57.6 अरब दर्ज किया गया। मार्जिन और मुनाफे में बढ़त कंपनी का EBITDA 4QFY26 में ₹11.6 अरब रहा, जो सालाना आधार पर 30% की बढ़त दिखाता है। EBITDA मार्जिन भी बढ़कर 76.5% हो गया, जो पिछले साल के 70.5% से काफी बेहतर है। पूरे FY26 में EBITDA ₹33 अरब रहा, जिसमें 24% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई। खर्चों में कमी से मिला सहारा ऑपरेटिंग खर्च (Opex) ₹3.6 अरब रहा, जो सालाना और तिमाही दोनों आधार पर 5% कम हुआ। खासतौर पर कर्मचारी लागत में 13% की सालाना और 23% की तिमाही गिरावट देखने को मिली, जिससे कंपनी के मुनाफे को मजबूती मिली। यील्ड पर दबाव, लेकिन सुधार की उम्मीद 4QFY26 में यील्ड 55 बेसिस पॉइंट (bp) रही, जो पिछले साल के 57.7 bp से थोड़ी कम है। मैनेजमेंट के अनुसार, अप्रैल 2026 से लागू नए TER नियमों का यील्ड पर 3-4 bp का असर पड़ सकता है। हालांकि, AIF/PMS सेगमेंट में नेट यील्ड बढ़कर 0.98% हो गई, जो पहले 0.91% थी। आगे की ग्रोथ का अनुमान ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY28 के बीच कंपनी का AUM, रेवेन्यू और PAT क्रमशः 17%, 15% और 16% CAGR से बढ़ सकता है। इसी मजबूत ग्रोथ आउटलुक के आधार पर 45x FY28E EPS पर ₹3850 का टारगेट तय किया गया है।  

surbhi अप्रैल 15, 2026 0
Mutual fund investment chart with falling cash reserves and increased stock market buying activity.
मार्च की गिरावट में म्यूचुअल फंड्स ने खेला बड़ा दांव: कैश होल्डिंग 16 महीने के निचले स्तर पर, जमकर खरीदे शेयर

नई दिल्ली: मार्च 2026 में बाजार की तेज गिरावट के बीच म्यूचुअल फंड हाउसों ने बड़ी रणनीतिक चाल चलते हुए अपने कैश रिजर्व का इस्तेमाल शेयर बाजार में निवेश के लिए किया। इसका असर यह हुआ कि म्यूचुअल फंड्स की कुल कैश होल्डिंग 16 महीनों के निचले स्तर पर आ गई। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में म्यूचुअल फंड्स की कैश होल्डिंग घटकर 1.86 लाख करोड़ रुपये रह गई, जो फरवरी के 2.1 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 24,319 करोड़ रुपये या 12 प्रतिशत कम है। यह स्तर दिसंबर 2024 के बाद सबसे निचला है। गिरते बाजार में खरीदारी का मौका वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते भारतीय बाजारों में दबाव बना रहा। इस दौरान कई शेयर 52 हफ्तों के निचले स्तर तक पहुंच गए। BSE Sensex और Nifty 50 दोनों में करीब 11.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी लगभग 10 प्रतिशत तक टूटे। इस गिरावट को म्यूचुअल फंड्स ने अवसर के रूप में देखा। करीब 60 प्रतिशत फंड हाउसों ने अपने कैश का इस्तेमाल कर शेयरों में निवेश बढ़ाया, जबकि बाकी ने अपनी कैश पोजिशन को बनाए रखा या थोड़ा बढ़ाया। कैश अनुपात भी घटा एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) के मुकाबले कैश का अनुपात भी घटकर 4.73 प्रतिशत रह गया, जो फरवरी में 4.86 प्रतिशत और पिछले साल 5.76 प्रतिशत था। यह चार महीने का निचला स्तर है। किन फंड हाउसों ने घटाई कैश होल्डिंग बाजार में खरीदारी के चलते कई बड़े फंड हाउसों ने अपने कैश रिजर्व में कटौती की: SBI Mutual Fund: ₹34,704 करोड़ से घटकर ₹27,464 करोड़ ICICI Prudential Mutual Fund: ₹23,876 करोड़ से ₹17,290 करोड़ Motilal Oswal Mutual Fund: ₹6,722 करोड़ से ₹3,124 करोड़ HDFC Mutual Fund: ₹23,579 करोड़ से ₹21,352 करोड़ Quant Mutual Fund: ₹13,000 करोड़ से ₹10,000 करोड़ इसके अलावा Aditya Birla Mutual Fund, Tata Mutual Fund, Invesco Mutual Fund और DSP Mutual Fund जैसे फंड हाउसों ने भी कैश घटाया। किन्होंने बढ़ाई कैश पोजिशन हालांकि कुछ फंड हाउस सतर्क नजर आए और उन्होंने कैश होल्डिंग बढ़ाई: Nippon India Mutual Fund: ₹6,158 करोड़ से ₹7,811 करोड़ Axis Mutual Fund: ₹15,296 करोड़ से ₹16,470 करोड़ Edelweiss Mutual Fund: ₹1,147 करोड़ से ₹1,505 करोड़ इसके अलावा Baroda BNP Paribas, Canara Robeco, Abakkus और LIC Mutual Fund ने भी अपनी कैश पोजिशन में इजाफा किया।  

surbhi अप्रैल 13, 2026 0
Stock market trading screen showing Sensex and Nifty surge with green charts after six-week recovery in Indian equities
6 हफ्तों की गिरावट खत्म: भारतीय शेयर बाजार में जोरदार वापसी, 2021 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक तेजी

भारतीय शेयर बाजार ने आखिरकार छह हफ्तों से जारी गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए शानदार वापसी की है। बेहतर वैश्विक संकेतों, मजबूत होते रुपये, विदेशी निवेशकों की बिकवाली में कमी और United States–Iran तनाव में नरमी के संकेतों ने बाजार को मजबूती दी। सप्ताह भर में BSE Sensex 4,230.70 अंक (5.77%) उछलकर 77,550.25 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 1,337.5 अंक (5.88%) चढ़कर 24,050.60 पर पहुंच गया। यह फरवरी 2021 के बाद बाजार का सबसे शानदार साप्ताहिक प्रदर्शन रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप में जोरदार तेजी तेजी सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही - मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने भी जबरदस्त प्रदर्शन किया। Nifty Midcap 100 Index करीब 8% चढ़ा, जिसमें Ashok Leyland ICICI Prudential Asset Management Company L&T Finance Phoenix Mills BSE Limited जैसे शेयर 15% से 19% तक उछले। वहीं Nifty Smallcap Index 7.6% बढ़ा, जिसमें Ola Electric Mobility Neuland Laboratories Aditya Birla Real Estate Angel One जैसे शेयरों में 15% से 44% तक की तेजी दर्ज हुई। हर सेक्टर में हरियाली, रियल्टी और ऑटो सबसे आगे इस सप्ताह सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। Nifty Realty Index: 13% की बढ़त Nifty Capital Market Index: 11.7% उछाल Nifty Auto Index: 11.5% तेजी Nifty Consumer Durables Index: 9% से ज्यादा बढ़त Nifty India Defence Index: 9.2% की मजबूती बड़े शेयरों में क्या रहा हाल इस दौरान मार्केट कैप में सबसे ज्यादा बढ़त HDFC Bank में देखने को मिली, इसके बाद ICICI Bank, Bajaj Finance और Larsen & Toubro रहे। हालांकि दूसरी ओर Sun Pharmaceutical Industries, Infosys और Reliance Industries के मार्केट कैप में गिरावट देखी गई। FII vs DII: किसका पलड़ा भारी? विदेशी निवेशक (FII) लगातार सातवें हफ्ते बिकवाली करते रहे, हालांकि रफ्तार धीमी रही। इस दौरान उन्होंने ₹20,710 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं घरेलू निवेशकों (DII) ने खरीदारी जारी रखी और ₹21,602 करोड़ का निवेश किया, जिससे बाजार को मजबूत सपोर्ट मिला। रुपया भी मजबूत भारतीय रुपया लगातार दूसरे हफ्ते मजबूत हुआ और 37 पैसे बढ़कर 92.73 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह विदेशी निवेशकों के भरोसे और बेहतर वैश्विक संकेतों का असर माना जा रहा है।  

surbhi अप्रैल 11, 2026 0
IndiGo aircraft with stock market rise showing surge in InterGlobe Aviation shares amid positive news
IndiGo के शेयरों में 4 साल की सबसे बड़ी उछाल, जानें 3 बड़ी वजहें

इंडिगो की पैरेंट कंपनी InterGlobe Aviation के शेयरों में 8 अप्रैल को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान शेयर 11% तक उछल गया, जो पिछले करीब 4 सालों की सबसे बड़ी इंट्राडे बढ़त है। पिछले 6 कारोबारी दिनों में से 5 दिन शेयर हरे निशान में रहा है और इस दौरान यह करीब 20% तक चढ़ चुका है, जिससे निवेशकों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। तेजी की 3 बड़ी वजहें 1. AERA का बड़ा फैसला एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) ने: लैंडिंग और पार्किंग चार्ज में 25% कटौती की यह राहत 3 महीने के लिए लागू होगी इससे एयरलाइन कंपनियों का ऑपरेटिंग कॉस्ट घटेगा, जो सीधे मुनाफे को बढ़ाएगा। 2. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम की खबर के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 15% गिरावट ब्रेंट क्रूड $95 प्रति बैरल से नीचे एयरलाइन सेक्टर के लिए यह बेहद पॉजिटिव है, क्योंकि फ्यूल उनकी लागत का बड़ा हिस्सा होता है। 3.फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का असर इंडिगो ने 2 अप्रैल से: घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया अब यात्रियों को ₹275 से ₹950 तक अतिरिक्त देना होगा इससे कंपनी की कमाई (Revenue) बढ़ने की उम्मीद है। नए CEO से बढ़ा भरोसा कंपनी ने William Walsh को नया CEO नियुक्त किया वे पहले British Airways के CEO रह चुके हैं साथ ही IATA के डायरेक्टर जनरल भी रहे हैं उनके अनुभव से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। शेयर का हाल इंट्राडे हाई: ₹4,744 (+11.1%) सुबह ट्रेड: करीब ₹4,673 (+9.5%) पिछले 6 दिनों में: +20.3% उछाल हालांकि 2026 में अब तक: करीब 8.3% गिरावट

surbhi अप्रैल 8, 2026 0
Kalyan Jewellers store with rising stock trend after strong Q4 business update in India.
Kalyan Jewellers के शेयर में उछाल, मजबूत Q4 अपडेट का असर

ज्वेलरी सेक्टर की प्रमुख कंपनी Kalyan Jewellers India Ltd के शेयर में मंगलवार सुबह शुरुआती कारोबार में जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी के मजबूत Q4 बिज़नेस अपडेट के बाद स्टॉक में करीब 3% तक की उछाल आई, हालांकि बाद में यह बढ़त कुछ कम हो गई। शुरुआती तेजी, फिर हल्की गिरावट शेयर ने इंट्राडे में ₹435 का हाई छुआ बाद में यह ₹425.5 पर ट्रेड करता दिखा (लगभग 1.3% की बढ़त) पिछले बंद भाव ₹420 के मुकाबले यह बढ़त दर्ज की गई Q4 में दमदार प्रदर्शन कंपनी के मार्च तिमाही (Q4) के आंकड़े काफी मजबूत रहे: भारत में रेवेन्यू ~64% YoY बढ़ा Same-store sales में 45% से ज्यादा की ग्रोथ यह दर्शाता है कि ज्वेलरी की मांग मजबूत बनी हुई है इंटरनेशनल बिजनेस भी मजबूत इंटरनेशनल रेवेन्यू ~45% बढ़ा वेस्ट एशिया बिजनेस में 39% की ग्रोथ कुल रेवेन्यू में ~11% योगदान हालांकि कंपनी ने यह भी बताया कि वेस्ट एशिया में जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण मार्च के शुरुआती हफ्तों में ग्राहकों की संख्या प्रभावित हुई। विस्तार और ई-कॉमर्स ग्रोथ भारत में 28 नए शोरूम (नेट 24) खोले 14 Candere आउटलेट्स लॉन्च Candere ने 360% से ज्यादा YoY ग्रोथ दर्ज की सेक्टर को मिला सपोर्ट हाल ही में सोना-चांदी के बेस इंपोर्ट प्राइस में कमी से ज्वेलरी कंपनियों को फायदा मिला है, जिससे मार्जिन बेहतर होने की उम्मीद है। इसी वजह से पूरे सेक्टर में तेजी का माहौल है। एक साल का प्रदर्शन अभी भी कमजोर Kalyan Jewellers का शेयर पिछले 1 साल में ~13.6% गिरा जबकि Nifty 50 करीब 3.6% बढ़ा

surbhi अप्रैल 7, 2026 0
Indian stock market screen showing Sensex and Nifty falling amid global tension and rising crude oil prices
ट्रंप की चेतावनी से वैश्विक तनाव बढ़ा, भारतीय बाजार धड़ाम-BSE Sensex 500 अंक टूटा, Nifty 50 22,600 के नीचे

वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। Donald Trump की ईरान को दी गई कड़ी चेतावनी के बाद निवेशकों में घबराहट फैल गई, जिससे बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। सुबह 10 बजे के आसपास BSE Sensex 500.84 अंक (0.68%) टूटकर 72,818.71 पर आ गया, जबकि Nifty 50 140.95 अंक (0.62%) गिरकर 22,572.15 पर ट्रेड करता दिखा। क्या है गिरावट की बड़ी वजह? अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने बाजार की दिशा बदल दी। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला गया, तो ईरान के सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर कार्रवाई की जा सकती है। इस बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया, जिससे वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ गई। कच्चे तेल में उछाल से बढ़ी चिंता ब्रेंट क्रूड: 112 डॉलर प्रति बैरल के पार WTI क्रूड: 115 डॉलर के ऊपर पिछले सत्र में ब्रेंट में 8% और WTI में 11% की तेजी ऊंचे कच्चे तेल के दाम भारत जैसे आयातक देश के लिए महंगाई और चालू खाते के घाटे का जोखिम बढ़ाते हैं, जिससे शेयर बाजार पर दबाव बनता है। किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल? गिरावट वाले प्रमुख शेयर: InterGlobe Aviation (इंडिगो) Kotak Mahindra Bank Reliance Industries Sun Pharmaceutical Adani Ports ICICI Bank तेजी वाले शेयर: Trent Tech Mahindra Titan Company Infosys Power Grid Corporation of India एनएसई पर 1,702 शेयरों में गिरावट, 1,036 में तेजी और 85 में कोई बदलाव नहीं दिखा-जो बाजार की कमजोर चौड़ाई को दर्शाता है। शुरुआत अच्छी, अंत में गिरावट दिलचस्प बात यह रही कि बाजार ने शुरुआत मजबूती के साथ की थी। सेंसेक्स 158 अंक की बढ़त के साथ खुला निफ्टी 67 अंक ऊपर खुला लेकिन कुछ ही समय में बिकवाली हावी हो गई और बाजार लाल निशान में फिसल गया।  

surbhi अप्रैल 6, 2026 0
RVNL stock chart showing decline despite new railway electrification order announcement
₹242 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिलने के बावजूद Rail Vikas Nigam Limited के शेयर दबाव में, 3 महीने में 28% गिरावट

नई दिल्ली: सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Rail Vikas Nigam Limited (RVNL) को भले ही ₹242.49 करोड़ का नया ऑर्डर मिला हो, लेकिन शेयर बाजार में इसका असर उल्टा देखने को मिला। सोमवार, 6 अप्रैल को शुरुआती कारोबार में कंपनी के शेयरों में 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। क्या है नया ऑर्डर? कंपनी को South Central Railway से Letter of Acceptance (LoA) प्राप्त हुआ है। इस प्रोजेक्ट के तहत ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन सिस्टम को अपग्रेड किया जाएगा। मौजूदा 1x25 kV सिस्टम को 2x25 kV AT फीडिंग सिस्टम में बदला जाएगा फीडर और अर्थिंग से जुड़े कार्य भी शामिल हैं प्रोजेक्ट ओंगोल से गुडूर सेक्शन (विजयवाड़ा डिवीजन) में किया जाएगा कुल कवरेज: 154 RKM / 462 TKM समयसीमा: 24 महीने पहले भी मिला था बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मार्च 2026 में भी RVNL को National Mineral Development Corporation (NMDC) से ₹95.27 करोड़ का ऑर्डर मिला था, जिसमें छत्तीसगढ़ स्थित सुविधाओं के रिफर्बिशमेंट और मेंटेनेंस का काम शामिल है। फिर भी शेयर क्यों गिरा? नए ऑर्डर के बावजूद शेयर में गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। इसके पीछे कुछ प्रमुख कारण हो सकते हैं: पिछले तीन महीनों में शेयर करीब 28% गिर चुका है मुनाफावसूली (Profit Booking) का दबाव बाजार की समग्र कमजोरी और निवेशकों की सतर्कता शेयर का हाल पिछला बंद भाव: ₹262.60 (+5.19%) 52-हफ्ते का उच्चतम स्तर: ₹448 (20 मई 2025) 52-हफ्ते का न्यूनतम स्तर: ₹248.25 (30 मार्च 2026) वर्तमान स्तर: हाई से करीब 41.77% नीचे स्पष्ट है कि कंपनी को लगातार ऑर्डर मिल रहे हैं, लेकिन शेयर बाजार में निवेशकों का भरोसा अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुआ है।  

surbhi अप्रैल 6, 2026 0
Stock market screen showing Sensex Nifty fall with Indian rupee strengthening against dollar
छठे हफ्ते भी गिरावट में शेयर बाजार, लेकिन रुपये की दमदार वापसी ने संभाला माहौल

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला लगातार छठे सप्ताह भी जारी रहा। वैश्विक अनिश्चितताओं, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच बाजार दबाव में रहा। हालांकि, हफ्ते के अंत में रुपये की मजबूती और कुछ सेक्टर्स के बेहतर प्रदर्शन ने नुकसान को सीमित करने में मदद की। सेंसेक्स और निफ्टी में हल्की गिरावट इस सप्ताह BSE Sensex 263.67 अंक यानी 0.35% गिरकर 73,319.55 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 106.5 अंक यानी 0.46% की कमजोरी के साथ 22,713.10 पर बंद हुआ। यह गिरावट ऐसे समय में आई जब बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहा और निवेशकों में सतर्कता बनी रही। किन सेक्टर्स में दिखी सबसे ज्यादा कमजोरी? सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे: Nifty Healthcare और Nifty Pharma में 3% से ज्यादा की गिरावट Nifty Auto, PSU Bank, Private Bank और Consumer Durables में करीब 1% की कमजोरी वहीं, कुछ सेक्टर्स ने बाजार को सहारा दिया: Nifty IT, Metal और Defence इंडेक्स में 2–3% की बढ़त किन कंपनियों को हुआ फायदा-नुकसान? इस सप्ताह Bharti Airtel में सबसे ज्यादा मार्केट कैप गिरावट Sun Pharmaceutical Industries, NTPC Limited और ICICI Bank में भी गिरावट वहीं दूसरी ओर: Tata Consultancy Services Infosys Limited Bharat Electronics Limited इन कंपनियों ने बाजार में मजबूती दिखाई। मिडकैप और स्मॉलकैप का हाल BSE Smallcap इंडेक्स में लगभग 1% की बढ़त कुछ शेयरों में 10–20% तक की तेजी देखी गई BSE Midcap इंडेक्स 0.5% गिरा, जिसमें कई फाइनेंशियल और ऑटो स्टॉक्स दबाव में रहे रुपये की ऐतिहासिक वापसी इस हफ्ते भारतीय मुद्रा ने शानदार रिकवरी की। सोमवार को यह पहली बार 95.12 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया था लेकिन हफ्ते के अंत तक 171 पैसे मजबूत होकर 93.10 पर बंद हुआ यह पिछले 12 वर्षों में रुपये की सबसे बड़ी साप्ताहिक मजबूती मानी जा रही है। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली Foreign Institutional Investors ने सातवें हफ्ते भी बिकवाली जारी रखी इस दौरान ₹29,425 करोड़ के शेयर बेचे वहीं Domestic Institutional Investors ने लगभग ₹29,274 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया

surbhi अप्रैल 4, 2026 0
Hero MotoCorp stock market graph showing share price decline despite strong sales.
मजबूत बिक्री के बावजूद फिसला Hero MotoCorp का शेयर, निवेशकों में हल्की चिंता

देश की दिग्गज दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Hero MotoCorp के शेयरों में गुरुवार को करीब 2% की गिरावट देखने को मिली, जबकि कंपनी ने मार्च 2026 में मजबूत बिक्री आंकड़े पेश किए हैं। बेहतर सेल्स प्रदर्शन के बावजूद शेयर में आई यह गिरावट बाजार के सेंटिमेंट और मुनाफावसूली की ओर इशारा कर रही है। मार्च में बिक्री ने दिखाया दम ऑपरेशनल स्तर पर कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। मार्च 2026 में कुल डिस्पैच 8.8% बढ़कर 5,98,198 यूनिट्स तक पहुंच गया पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 5,49,604 यूनिट्स था रिटेल सेगमेंट में भी कंपनी ने शानदार ग्रोथ दर्ज की- VAHAN रजिस्ट्रेशन 24% बढ़कर 5,42,436 यूनिट्स तक पहुंच गया घरेलू और एक्सपोर्ट दोनों में बढ़त घरेलू बिक्री 5,52,505 यूनिट्स रही एक्सपोर्ट 15.62% बढ़कर 45,693 यूनिट्स तक पहुंच गया खास बात यह रही कि वित्त वर्ष 2025-26 में एक्सपोर्ट सेगमेंट में करीब 40% की रिकॉर्ड ग्रोथ दर्ज की गई, जो कंपनी के ग्लोबल विस्तार की ओर मजबूत संकेत देती है। शेयर में गिरावट क्यों? मजबूत आंकड़ों के बावजूद शेयर में गिरावट के पीछे कुछ संभावित कारण हो सकते हैं- निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली (Profit Booking) पहले से ही अच्छे नतीजों की उम्मीद बाजार में शामिल होना व्यापक बाजार में उतार-चढ़ाव शेयर का प्रदर्शन पिछले कारोबारी सत्र में कंपनी का शेयर ₹5,124.15 पर बंद हुआ, जो ₹63.80 या 1.26% की बढ़त के साथ था। 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर: ₹6,390 52 हफ्ते का निचला स्तर: ₹3,322.60 वर्तमान स्तर: हाई से करीब 19.81% नीचे, लो से 54.22% ऊपर कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹1.03 लाख करोड़ है, जो इसे ऑटो सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में शामिल करता है।  

surbhi अप्रैल 2, 2026 0
Stock market screen showing Sensex and Nifty surge with green upward trend and investor optimism
शेयर बाजार में जोरदार तेजी: निफ्टी 22,900 के पार, सेंसेक्स 2000 अंक उछला, वैश्विक संकेतों से बढ़ा भरोसा

वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और अमेरिका-ईरान तनाव में संभावित कमी की उम्मीदों के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में ही निफ्टी 50 ने 22,900 का अहम स्तर पार कर लिया, जबकि बीएसई सेंसेक्स करीब 2000 अंकों की मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा। सुबह 10:03 बजे के आसपास निफ्टी 50 599 अंकों यानी 2.69% की बढ़त के साथ 22,930.50 पर पहुंच गया। वहीं सेंसेक्स 1,988 अंकों की तेजी के साथ 73,935.73 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वैश्विक संकेतों का बड़ा असर बाजार में इस उछाल की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत हैं। ईरान के शीर्ष नेतृत्व की ओर से युद्ध समाप्त करने की इच्छा जताने और दोनों देशों के बीच बातचीत के संकेतों ने निवेशकों के मन से अनिश्चितता कम की है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के रूप में भी दिख रहा है। एक्सपर्ट की राय Geojit Investments Limited के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार के अनुसार, ईरानी राष्ट्रपति की ‘युद्ध समाप्त करने की तत्परता’ और विदेश मंत्री द्वारा अमेरिका के साथ संदेशों के आदान-प्रदान की पुष्टि इस ओर इशारा करती है कि तनाव जल्द कम हो सकता है। बाजार इस संभावित राहत को पहले ही आंकने लगा है। उन्होंने यह भी कहा कि मार्च सीरीज में बैंक निफ्टी में करीब 17% की भारी गिरावट आई थी, लेकिन अब इस सेक्टर में तेज रिकवरी की संभावना है। खासकर प्राइवेट बैंकिंग शेयर, जो गैर-आधारभूत कारणों से दबाव में थे, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर बन सकते हैं। टैक्स हार्वेस्टिंग और रिकवरी की उम्मीद 30 मार्च को टैक्स हार्वेस्टिंग के चलते कई सेक्टरों के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई थी। अब इन्हीं शेयरों में रिकवरी की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे बाजार को और मजबूती मिल सकती है। ग्लोबल मार्केट्स का सपोर्ट मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में जोरदार तेजी दर्ज की गई, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा। वॉल स्ट्रीट की तेजी और मध्य-पूर्व तनाव में कमी की उम्मीदों ने निवेशकों के सेंटीमेंट को मजबूत किया है। सोने की कीमतों में भी उछाल देखने को मिला और यह लगभग दो हफ्तों के उच्च स्तर पर पहुंच गई। डॉलर में कमजोरी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के बयान, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के साथ तनाव जल्द कम हो सकता है, ने गोल्ड को सपोर्ट दिया। एफपीआई बनाम डीआईआई संस्थागत निवेशकों की बात करें तो विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने सोमवार को 11,163 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 14,895 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया।  

surbhi अप्रैल 1, 2026 0
शेयर बाजार की तेजी दर्शाता बुल स्टैच्यू
शेयर बजार में तेजी: सेंसेक्स 1900 अंक उछला, निफ्टी 22,900 के पार

मुंबई, एजेंसियां। हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने दमदार वापसी की। महावीर जयंती के कारण मंगलवार को बाजार बंद रहने के बाद आज निवेशकों ने मजबूती के साथ कारोबार शुरू किया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1,899.53 अंक चढ़कर 73,847.08 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 572.55 अंक की उछाल के साथ 22,903.95 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 15 पैसे मजबूत होकर 94.70 पर पहुंच गया।   बाजार में तेजी की बड़ी वजह बाजार में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान तनाव के जल्द खत्म होने की उम्मीद रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की ओर से संकट खत्म करने के संकेतों ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इसका असर एशियाई और भारतीय बाजारों में साफ दिखाई दिया।   सेंसेक्स की सभी 30 कंपनियों में तेजी आज की तेजी की खास बात यह रही कि सेंसेक्स की सभी 30 कंपनियों के शेयर हरे निशान में रहे। इनमें ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अदानी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन और लार्सन एंड टुब्रो प्रमुख बढ़त वाले शेयर रहे। इससे निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल देखने को मिला।   एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिला सपोर्ट वैश्विक बाजारों में भी तेजी रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 7%, जापान का निक्केई 225 चार फीसदी से अधिक, जबकि हैंग सेंग और शंघाई सूचकांक भी मजबूती में रहे। अमेरिकी बाजार में भी मंगलवार को नैस्डैक 3.83%, एसएंडपी 500 2.91% और डाउ जोन्स 2.49% चढ़ा था।   तेल की कीमतें और निवेशकों की सतर्कता हालांकि बाजार में तेजी के बीच ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जो चिंता का विषय बना हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव से सप्लाई बाधित होने का खतरा है। उधर, सोमवार को एफआईआई ने 11,163 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि डीआईआई ने 14,894 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी।

Ranjan Kumar Tiwari अप्रैल 1, 2026 0
Stock market graph showing volatility with rising and falling trends in FY26 impacting investors
Stock Markets: FY26 में उतार-चढ़ाव का साल, किसने कमाया और किसने गंवाया?

वित्त वर्ष 2025-26 भारतीय शेयर बाजार के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। लंबे समय बाद ऐसा हुआ जब बाजार ने निवेशकों को निगेटिव रिटर्न दिया। पूरे साल बाजार में अस्थिरता बनी रही और खासतौर पर आखिरी तिमाही में तेज गिरावट देखने को मिली। बाजार क्यों गिरा? FY26 में बाजार पर कई बड़े फैक्टर्स का असर पड़ा: विदेशी निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली ऊंचे वैल्यूएशन, जिससे निवेशकों में डर बना रहा आईटी सेक्टर में दबाव, खासकर AI टेक्नोलॉजी के कारण मिडिल ईस्ट तनाव (अमेरिका-इजरायल-ईरान), जिससे ग्लोबल सेंटीमेंट कमजोर हुआ इन सभी कारणों से बाजार में लगातार दबाव बना रहा और निवेशकों का भरोसा डगमगाया। इंडेक्स का प्रदर्शन Sensex: -7% Nifty: -5% मार्च महीना सबसे ज्यादा खराब रहा: सेंसेक्स: -11.48% निफ्टी: -11.14% बैंक निफ्टी: -15.95% यानी साल का अंत सबसे ज्यादा नुकसान के साथ हुआ। गिरावट में भी चमके ये शेयर बाजार भले गिरा, लेकिन कुछ कंपनियों ने मजबूत प्रदर्शन किया: भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL): +35% (डिफेंस सेक्टर का बूम) Shriram Finance: +36% (NBFC सेक्टर की मजबूती) Hindalco: +34% (मेटल डिमांड का फायदा) Titan: +33% (ज्वेलरी और रिटेल ग्रोथ) SBI: +27% (बैंकिंग सेक्टर का सपोर्ट) इन स्टॉक्स ने साबित किया कि सही सेक्टर चुनना कितना जरूरी है। इन शेयरों ने किया निराश कुछ बड़े और भरोसेमंद माने जाने वाले स्टॉक्स भी गिरावट से नहीं बच पाए: TCS: -33% (AI के कारण IT सेक्टर पर दबाव) ITC: -29% (प्रॉफिट बुकिंग और स्लो ग्रोथ) IndiGo: -21% (कॉस्ट और ऑपरेशन प्रेशर) Trent: -40% (सबसे ज्यादा गिरावट, वैल्यूएशन करेक्शन) इससे साफ है कि बड़े नाम भी जोखिम से बाहर नहीं हैं। निवेशकों के लिए क्या सीख? सिर्फ बड़े ब्रांड देखकर निवेश करना सुरक्षित नहीं सेक्टर ट्रेंड और ग्लोबल फैक्टर्स समझना जरूरी गिरते बाजार में भी मौके होते हैं डायवर्सिफिकेशन सबसे जरूरी रणनीति है

surbhi मार्च 31, 2026 0
People checking financial updates on phone as new tax, banking and payment rules come into effect
1 अप्रैल से बदलेंगे कई बड़े नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर

नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही 1 अप्रैल से कई बड़े नियम बदलने जा रहे हैं, जिनका असर आपकी टैक्स, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और रेलवे यात्रा पर पड़ेगा।  आइए आसान भाषा में समझते हैं ये अहम बदलाव  1. इनकम टैक्स में बड़ा बदलाव अब FY और AY खत्म, सिर्फ एक “टैक्स ईयर” होगा जिस साल कमाई, उसी साल का टैक्स ITR फाइलिंग: सैलरीड: 31 जुलाई 2026 अन्य: 31 अगस्त 2026 2. PAN और ट्रांजैक्शन के नियम सख्त सिर्फ आधार से PAN नहीं बनेगा इन मामलों में PAN जरूरी: ₹10 लाख+ कैश जमा ₹5 लाख+ की गाड़ी खरीद ₹20 लाख+ प्रॉपर्टी डील 3. बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड बदलाव ₹10 लाख+ कार्ड खर्च की जानकारी टैक्स विभाग को जाएगी कुछ बैंकों में: कैशबैक और लाउंज एक्सेस में बदलाव बिल पेमेंट पर 1% चार्ज ATM/UPI निकासी पर लिमिट के बाद ₹23 चार्ज 4. डिजिटल पेमेंट होगा ज्यादा सुरक्षित अब 2FA (Two-Factor Authentication) जरूरी OTP के साथ बायोमेट्रिक/डिवाइस वेरिफिकेशन भी लागू 5. रेलवे टिकट कैंसिलेशन नियम सख्त अब 8 घंटे पहले तक ही रिफंड 8 घंटे के अंदर कैंसिल पर रिफंड नहीं 6. शेयर बाजार और निवेश F&O ट्रेडिंग महंगी (STT बढ़ा) SGB टैक्स नियम बदले सिर्फ ओरिजिनल खरीदार को छूट सेकेंडरी खरीदार को टैक्स देना होगा 7. सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव बेसिक + DA = कुल सैलरी का 50% जरूरी PF और ग्रेच्युटी बढ़ेगी लेकिन Take-home सैलरी घट सकती है

surbhi मार्च 31, 2026 0
Premium basmati rice export packaging and processing showcasing
Amir Chand Jagdish Kumar Exports IPO: ‘लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब’ की सलाह, जानें पूरी डिटेल

ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने Amir Chand Jagdish Kumar Exports Ltd के IPO पर ‘Subscribe – Long Term’ की रेटिंग दी है। कंपनी प्रीमियम बासमती चावल के प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट के क्षेत्र में एक स्थापित नाम है और “Aeroplane” ब्रांड के तहत अपने उत्पादों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचती है। कंपनी क्या करती है? Amir Chand Jagdish Kumar Exports Ltd की स्थापना 2003 में हुई थी और यह कंपनी बासमती चावल की सोर्सिंग, प्रोसेसिंग, एजिंग, पैकेजिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती है। कंपनी का बिजनेस मॉडल पूरी तरह इंटीग्रेटेड है, जिसमें धान की खरीद से लेकर मिलिंग, ग्रेडिंग और पैकेजिंग तक की प्रक्रिया इन-हाउस होती है। इससे क्वालिटी कंट्रोल और मार्जिन मैनेजमेंट में मदद मिलती है। मजबूत ब्रांड और ग्लोबल मौजूदगी “Aeroplane” ब्रांड के जरिए कंपनी ने भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पहचान बनाई है। मिडिल ईस्ट, यूरोप और नॉर्थ अमेरिका में मजबूत उपस्थिति अंतरराष्ट्रीय बिजनेस मुख्यतः B2B मॉडल पर आधारित घरेलू बाजार में B2C सेगमेंट में ब्रांडेड चावल की बिक्री कंपनी अपने लंबे समय के ग्राहक संबंध और मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के जरिए एक्सपोर्ट बिजनेस को बढ़ा रही है। प्रोडक्ट पोर्टफोलियो कंपनी अलग-अलग कीमत और क्वालिटी के बासमती चावल की विस्तृत रेंज पेश करती है, जिससे यह अलग-अलग उपभोक्ता वर्गों को टारगेट कर पाती है। यह विविधता कंपनी को बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाए रखती है। ग्रोथ प्लान क्या है? कंपनी भारत में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए टियर-3 और टियर-4 शहरों पर फोकस कर रही है, जहां बढ़ती आय और ब्रांडेड खाद्य उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इससे घरेलू बाजार में कंपनी के विस्तार की अच्छी संभावनाएं नजर आती हैं। वैल्यूएशन और निवेश की राय Anand Rathi के अनुसार, IPO का वैल्यूएशन फिलहाल “फुली वैल्यूड” दिखाई देता है। हालांकि, कंपनी का मजबूत बिजनेस मॉडल, ब्रांड वैल्यू और एक्सपोर्ट ग्रोथ को देखते हुए लॉन्ग टर्म में अच्छे रिटर्न की संभावना है। इसी वजह से ब्रोकरेज ने निवेशकों को ‘Subscribe – Long Term’ की सलाह दी है। निवेशकों के लिए संकेत यह IPO उन निवेशकों के लिए उपयुक्त माना जा रहा है जो: लॉन्ग टर्म ग्रोथ की तलाश में हैं FMCG और एग्री-बेस्ड सेक्टर में एक्सपोजर चाहते हैं ब्रांडेड फूड सेगमेंट में निवेश करना चाहते हैं 

surbhi मार्च 24, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Indian delegation at international cyber security meeting after India assumed CCDB chairmanship role
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भारत को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, संभाला CCDB के अध्यक्ष का पद

surbhi मई 15, 2026 0