देश की दिग्गज दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Hero MotoCorp के शेयरों में गुरुवार को करीब 2% की गिरावट देखने को मिली, जबकि कंपनी ने मार्च 2026 में मजबूत बिक्री आंकड़े पेश किए हैं। बेहतर सेल्स प्रदर्शन के बावजूद शेयर में आई यह गिरावट बाजार के सेंटिमेंट और मुनाफावसूली की ओर इशारा कर रही है। मार्च में बिक्री ने दिखाया दम ऑपरेशनल स्तर पर कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। मार्च 2026 में कुल डिस्पैच 8.8% बढ़कर 5,98,198 यूनिट्स तक पहुंच गया पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 5,49,604 यूनिट्स था रिटेल सेगमेंट में भी कंपनी ने शानदार ग्रोथ दर्ज की- VAHAN रजिस्ट्रेशन 24% बढ़कर 5,42,436 यूनिट्स तक पहुंच गया घरेलू और एक्सपोर्ट दोनों में बढ़त घरेलू बिक्री 5,52,505 यूनिट्स रही एक्सपोर्ट 15.62% बढ़कर 45,693 यूनिट्स तक पहुंच गया खास बात यह रही कि वित्त वर्ष 2025-26 में एक्सपोर्ट सेगमेंट में करीब 40% की रिकॉर्ड ग्रोथ दर्ज की गई, जो कंपनी के ग्लोबल विस्तार की ओर मजबूत संकेत देती है। शेयर में गिरावट क्यों? मजबूत आंकड़ों के बावजूद शेयर में गिरावट के पीछे कुछ संभावित कारण हो सकते हैं- निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली (Profit Booking) पहले से ही अच्छे नतीजों की उम्मीद बाजार में शामिल होना व्यापक बाजार में उतार-चढ़ाव शेयर का प्रदर्शन पिछले कारोबारी सत्र में कंपनी का शेयर ₹5,124.15 पर बंद हुआ, जो ₹63.80 या 1.26% की बढ़त के साथ था। 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर: ₹6,390 52 हफ्ते का निचला स्तर: ₹3,322.60 वर्तमान स्तर: हाई से करीब 19.81% नीचे, लो से 54.22% ऊपर कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹1.03 लाख करोड़ है, जो इसे ऑटो सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में शामिल करता है।
वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और अमेरिका-ईरान तनाव में संभावित कमी की उम्मीदों के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में ही निफ्टी 50 ने 22,900 का अहम स्तर पार कर लिया, जबकि बीएसई सेंसेक्स करीब 2000 अंकों की मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा। सुबह 10:03 बजे के आसपास निफ्टी 50 599 अंकों यानी 2.69% की बढ़त के साथ 22,930.50 पर पहुंच गया। वहीं सेंसेक्स 1,988 अंकों की तेजी के साथ 73,935.73 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वैश्विक संकेतों का बड़ा असर बाजार में इस उछाल की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत हैं। ईरान के शीर्ष नेतृत्व की ओर से युद्ध समाप्त करने की इच्छा जताने और दोनों देशों के बीच बातचीत के संकेतों ने निवेशकों के मन से अनिश्चितता कम की है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के रूप में भी दिख रहा है। एक्सपर्ट की राय Geojit Investments Limited के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार के अनुसार, ईरानी राष्ट्रपति की ‘युद्ध समाप्त करने की तत्परता’ और विदेश मंत्री द्वारा अमेरिका के साथ संदेशों के आदान-प्रदान की पुष्टि इस ओर इशारा करती है कि तनाव जल्द कम हो सकता है। बाजार इस संभावित राहत को पहले ही आंकने लगा है। उन्होंने यह भी कहा कि मार्च सीरीज में बैंक निफ्टी में करीब 17% की भारी गिरावट आई थी, लेकिन अब इस सेक्टर में तेज रिकवरी की संभावना है। खासकर प्राइवेट बैंकिंग शेयर, जो गैर-आधारभूत कारणों से दबाव में थे, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर बन सकते हैं। टैक्स हार्वेस्टिंग और रिकवरी की उम्मीद 30 मार्च को टैक्स हार्वेस्टिंग के चलते कई सेक्टरों के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई थी। अब इन्हीं शेयरों में रिकवरी की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे बाजार को और मजबूती मिल सकती है। ग्लोबल मार्केट्स का सपोर्ट मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में जोरदार तेजी दर्ज की गई, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा। वॉल स्ट्रीट की तेजी और मध्य-पूर्व तनाव में कमी की उम्मीदों ने निवेशकों के सेंटीमेंट को मजबूत किया है। सोने की कीमतों में भी उछाल देखने को मिला और यह लगभग दो हफ्तों के उच्च स्तर पर पहुंच गई। डॉलर में कमजोरी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के बयान, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के साथ तनाव जल्द कम हो सकता है, ने गोल्ड को सपोर्ट दिया। एफपीआई बनाम डीआईआई संस्थागत निवेशकों की बात करें तो विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने सोमवार को 11,163 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 14,895 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया।
मुंबई, एजेंसियां। हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने दमदार वापसी की। महावीर जयंती के कारण मंगलवार को बाजार बंद रहने के बाद आज निवेशकों ने मजबूती के साथ कारोबार शुरू किया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1,899.53 अंक चढ़कर 73,847.08 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 572.55 अंक की उछाल के साथ 22,903.95 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 15 पैसे मजबूत होकर 94.70 पर पहुंच गया। बाजार में तेजी की बड़ी वजह बाजार में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान तनाव के जल्द खत्म होने की उम्मीद रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की ओर से संकट खत्म करने के संकेतों ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इसका असर एशियाई और भारतीय बाजारों में साफ दिखाई दिया। सेंसेक्स की सभी 30 कंपनियों में तेजी आज की तेजी की खास बात यह रही कि सेंसेक्स की सभी 30 कंपनियों के शेयर हरे निशान में रहे। इनमें ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अदानी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन और लार्सन एंड टुब्रो प्रमुख बढ़त वाले शेयर रहे। इससे निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल देखने को मिला। एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिला सपोर्ट वैश्विक बाजारों में भी तेजी रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 7%, जापान का निक्केई 225 चार फीसदी से अधिक, जबकि हैंग सेंग और शंघाई सूचकांक भी मजबूती में रहे। अमेरिकी बाजार में भी मंगलवार को नैस्डैक 3.83%, एसएंडपी 500 2.91% और डाउ जोन्स 2.49% चढ़ा था। तेल की कीमतें और निवेशकों की सतर्कता हालांकि बाजार में तेजी के बीच ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जो चिंता का विषय बना हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव से सप्लाई बाधित होने का खतरा है। उधर, सोमवार को एफआईआई ने 11,163 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि डीआईआई ने 14,894 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी।
वित्त वर्ष 2025-26 भारतीय शेयर बाजार के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। लंबे समय बाद ऐसा हुआ जब बाजार ने निवेशकों को निगेटिव रिटर्न दिया। पूरे साल बाजार में अस्थिरता बनी रही और खासतौर पर आखिरी तिमाही में तेज गिरावट देखने को मिली। बाजार क्यों गिरा? FY26 में बाजार पर कई बड़े फैक्टर्स का असर पड़ा: विदेशी निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली ऊंचे वैल्यूएशन, जिससे निवेशकों में डर बना रहा आईटी सेक्टर में दबाव, खासकर AI टेक्नोलॉजी के कारण मिडिल ईस्ट तनाव (अमेरिका-इजरायल-ईरान), जिससे ग्लोबल सेंटीमेंट कमजोर हुआ इन सभी कारणों से बाजार में लगातार दबाव बना रहा और निवेशकों का भरोसा डगमगाया। इंडेक्स का प्रदर्शन Sensex: -7% Nifty: -5% मार्च महीना सबसे ज्यादा खराब रहा: सेंसेक्स: -11.48% निफ्टी: -11.14% बैंक निफ्टी: -15.95% यानी साल का अंत सबसे ज्यादा नुकसान के साथ हुआ। गिरावट में भी चमके ये शेयर बाजार भले गिरा, लेकिन कुछ कंपनियों ने मजबूत प्रदर्शन किया: भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL): +35% (डिफेंस सेक्टर का बूम) Shriram Finance: +36% (NBFC सेक्टर की मजबूती) Hindalco: +34% (मेटल डिमांड का फायदा) Titan: +33% (ज्वेलरी और रिटेल ग्रोथ) SBI: +27% (बैंकिंग सेक्टर का सपोर्ट) इन स्टॉक्स ने साबित किया कि सही सेक्टर चुनना कितना जरूरी है। इन शेयरों ने किया निराश कुछ बड़े और भरोसेमंद माने जाने वाले स्टॉक्स भी गिरावट से नहीं बच पाए: TCS: -33% (AI के कारण IT सेक्टर पर दबाव) ITC: -29% (प्रॉफिट बुकिंग और स्लो ग्रोथ) IndiGo: -21% (कॉस्ट और ऑपरेशन प्रेशर) Trent: -40% (सबसे ज्यादा गिरावट, वैल्यूएशन करेक्शन) इससे साफ है कि बड़े नाम भी जोखिम से बाहर नहीं हैं। निवेशकों के लिए क्या सीख? सिर्फ बड़े ब्रांड देखकर निवेश करना सुरक्षित नहीं सेक्टर ट्रेंड और ग्लोबल फैक्टर्स समझना जरूरी गिरते बाजार में भी मौके होते हैं डायवर्सिफिकेशन सबसे जरूरी रणनीति है
नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही 1 अप्रैल से कई बड़े नियम बदलने जा रहे हैं, जिनका असर आपकी टैक्स, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और रेलवे यात्रा पर पड़ेगा। आइए आसान भाषा में समझते हैं ये अहम बदलाव 1. इनकम टैक्स में बड़ा बदलाव अब FY और AY खत्म, सिर्फ एक “टैक्स ईयर” होगा जिस साल कमाई, उसी साल का टैक्स ITR फाइलिंग: सैलरीड: 31 जुलाई 2026 अन्य: 31 अगस्त 2026 2. PAN और ट्रांजैक्शन के नियम सख्त सिर्फ आधार से PAN नहीं बनेगा इन मामलों में PAN जरूरी: ₹10 लाख+ कैश जमा ₹5 लाख+ की गाड़ी खरीद ₹20 लाख+ प्रॉपर्टी डील 3. बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड बदलाव ₹10 लाख+ कार्ड खर्च की जानकारी टैक्स विभाग को जाएगी कुछ बैंकों में: कैशबैक और लाउंज एक्सेस में बदलाव बिल पेमेंट पर 1% चार्ज ATM/UPI निकासी पर लिमिट के बाद ₹23 चार्ज 4. डिजिटल पेमेंट होगा ज्यादा सुरक्षित अब 2FA (Two-Factor Authentication) जरूरी OTP के साथ बायोमेट्रिक/डिवाइस वेरिफिकेशन भी लागू 5. रेलवे टिकट कैंसिलेशन नियम सख्त अब 8 घंटे पहले तक ही रिफंड 8 घंटे के अंदर कैंसिल पर रिफंड नहीं 6. शेयर बाजार और निवेश F&O ट्रेडिंग महंगी (STT बढ़ा) SGB टैक्स नियम बदले सिर्फ ओरिजिनल खरीदार को छूट सेकेंडरी खरीदार को टैक्स देना होगा 7. सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव बेसिक + DA = कुल सैलरी का 50% जरूरी PF और ग्रेच्युटी बढ़ेगी लेकिन Take-home सैलरी घट सकती है
ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने Amir Chand Jagdish Kumar Exports Ltd के IPO पर ‘Subscribe – Long Term’ की रेटिंग दी है। कंपनी प्रीमियम बासमती चावल के प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट के क्षेत्र में एक स्थापित नाम है और “Aeroplane” ब्रांड के तहत अपने उत्पादों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचती है। कंपनी क्या करती है? Amir Chand Jagdish Kumar Exports Ltd की स्थापना 2003 में हुई थी और यह कंपनी बासमती चावल की सोर्सिंग, प्रोसेसिंग, एजिंग, पैकेजिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती है। कंपनी का बिजनेस मॉडल पूरी तरह इंटीग्रेटेड है, जिसमें धान की खरीद से लेकर मिलिंग, ग्रेडिंग और पैकेजिंग तक की प्रक्रिया इन-हाउस होती है। इससे क्वालिटी कंट्रोल और मार्जिन मैनेजमेंट में मदद मिलती है। मजबूत ब्रांड और ग्लोबल मौजूदगी “Aeroplane” ब्रांड के जरिए कंपनी ने भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पहचान बनाई है। मिडिल ईस्ट, यूरोप और नॉर्थ अमेरिका में मजबूत उपस्थिति अंतरराष्ट्रीय बिजनेस मुख्यतः B2B मॉडल पर आधारित घरेलू बाजार में B2C सेगमेंट में ब्रांडेड चावल की बिक्री कंपनी अपने लंबे समय के ग्राहक संबंध और मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के जरिए एक्सपोर्ट बिजनेस को बढ़ा रही है। प्रोडक्ट पोर्टफोलियो कंपनी अलग-अलग कीमत और क्वालिटी के बासमती चावल की विस्तृत रेंज पेश करती है, जिससे यह अलग-अलग उपभोक्ता वर्गों को टारगेट कर पाती है। यह विविधता कंपनी को बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाए रखती है। ग्रोथ प्लान क्या है? कंपनी भारत में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए टियर-3 और टियर-4 शहरों पर फोकस कर रही है, जहां बढ़ती आय और ब्रांडेड खाद्य उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इससे घरेलू बाजार में कंपनी के विस्तार की अच्छी संभावनाएं नजर आती हैं। वैल्यूएशन और निवेश की राय Anand Rathi के अनुसार, IPO का वैल्यूएशन फिलहाल “फुली वैल्यूड” दिखाई देता है। हालांकि, कंपनी का मजबूत बिजनेस मॉडल, ब्रांड वैल्यू और एक्सपोर्ट ग्रोथ को देखते हुए लॉन्ग टर्म में अच्छे रिटर्न की संभावना है। इसी वजह से ब्रोकरेज ने निवेशकों को ‘Subscribe – Long Term’ की सलाह दी है। निवेशकों के लिए संकेत यह IPO उन निवेशकों के लिए उपयुक्त माना जा रहा है जो: लॉन्ग टर्म ग्रोथ की तलाश में हैं FMCG और एग्री-बेस्ड सेक्टर में एक्सपोजर चाहते हैं ब्रांडेड फूड सेगमेंट में निवेश करना चाहते हैं
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार (18 मार्च 2026) को भी तेजी का सिलसिला जारी रहा। लगातार तीसरे दिन बाजार हरे निशान में खुला, जिससे निवेशकों में उत्साह देखा गया। शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांक मजबूत बढ़त के साथ ट्रेड करते नजर आए। शुरुआती कारोबार में मजबूत बढ़त सुबह 9:16 बजे के आसपास: Nifty 50 23,683 के स्तर पर पहुंच गया, जो करीब 102 अंकों (0.43%) की बढ़त है BSE Sensex 76,389 के स्तर पर रहा, जिसमें 319 अंकों (0.42%) की तेजी दर्ज की गई इससे पहले मंगलवार को भी बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ था। वैश्विक संकेतों से मिला सहारा बाजार की इस तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय संकेतों का बड़ा योगदान रहा: अमेरिकी बाजारों में बढ़त, खासकर ट्रैवल सेक्टर में खरीदारी एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुख कच्चे तेल की कीमतों में नरमी विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशक अब वैश्विक तनाव के बावजूद स्थिरता की उम्मीद कर रहे हैं। क्या कहते हैं एक्सपर्ट? वी के विजयकुमार, चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट, Geojit Investments Limited के अनुसार: बाजार में अनिश्चितता के बावजूद रिकवरी देखने को मिल रही है कच्चा तेल $120 के पार नहीं गया, इससे राहत मिली आगे बाजार अच्छे और बुरे खबरों पर सीमित प्रतिक्रिया देगा सेक्टर में बदल रहा निवेश का रुख रिपोर्ट के अनुसार, निवेशक अब कुछ सेक्टरों में अपनी रणनीति बदल रहे हैं: IT और महंगे FMCG से पैसा निकल रहा है टेलीकॉम, फार्मा, डिफेंस और फाइनेंशियल सेक्टर में निवेश बढ़ रहा है इससे टेलीकॉम जैसे सेक्टर में मजबूती देखी जा रही है। FII-DII का अलग-अलग रुख मंगलवार के आंकड़ों के अनुसार: विदेशी निवेशक (FII) ने ₹4,741 करोड़ की बिकवाली की घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) ने ₹5,225 करोड़ की खरीदारी की यानी घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को सपोर्ट दिया। तेल और सोने का हाल कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट अमेरिका में क्रूड स्टॉक बढ़ने के संकेत सोने की कीमतें स्थिर, निवेशक सतर्क आगे क्या रहेगा ट्रेंड? विशेषज्ञों का मानना है कि: बाजार में फिलहाल हल्की सकारात्मक धारणा बनी रह सकती है वैश्विक घटनाओं और फेडरल रिजर्व के फैसले पर नजर रहेगी निवेशक सतर्क रहकर ही निवेश कर रहे हैं
शेयर बाजार में निवेशकों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। ब्रोकरेज फर्म Geojit Financial Services ने V-Guard Industries Ltd के शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹392 तय किया है। रिपोर्ट में कंपनी के मजबूत ग्रोथ आउटलुक और आने वाले समय में बेहतर कमाई की उम्मीद जताई गई है। Q3 में अच्छा प्रदर्शन, लेकिन मार्जिन पर दबाव रिपोर्ट के अनुसार, Q3FY26 में कंपनी की आय में 11% सालाना (YoY) वृद्धि दर्ज की गई। इलेक्ट्रिकल सेगमेंट में 26% की मजबूत ग्रोथ केबल, वायर और अन्य प्रोडक्ट्स की डिमांड में बढ़ोतरी कॉपर की कीमत बढ़ने से भी रेवेन्यू को सपोर्ट हालांकि, ग्रॉस मार्जिन 35.9% पर आ गया (22 बेसिस पॉइंट की गिरावट) EBITDA मार्जिन 8.8% (60 बेसिस पॉइंट की गिरावट) इसका कारण महंगे इनपुट कॉस्ट और प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव बताया गया है। मुनाफे में उछाल, 31% की बढ़ोतरी एक बार के खर्च (one-off provisions) को छोड़कर कंपनी का एडजस्टेड प्रॉफिट (PAT) 31.5% YoY बढ़ा है। यह संकेत देता है कि कंपनी की मूल कमाई मजबूत बनी हुई है, भले ही मार्जिन पर कुछ दबाव दिखा हो। Sunflame बिजनेस में गिरावट कंपनी के Sunflame सेगमेंट में 10% की गिरावट दर्ज की गई है। इसके पीछे कारण बताए गए: बढ़ती प्रतिस्पर्धा डिस्ट्रीब्यूशन चैनल की कमजोरी नए प्रोडक्ट्स लॉन्च में देरी हालांकि, FY27 से इसमें सुधार की उम्मीद जताई गई है। गर्मी बढ़ेगी तो बढ़ेगी बिक्री! रिपोर्ट में कहा गया है कि मौसम विभाग द्वारा तेज गर्मी के संकेत और शुरुआती गर्म मौसम के चलते Q4 में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर हो सकता है। फैन, कूलर, इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ेगी सीजनल सेल्स से रेवेन्यू में तेजी आएगी आगे क्या है ग्रोथ का प्लान? Geojit के अनुसार: FY26 से FY28 के बीच कंपनी की कमाई 24% CAGR से बढ़ सकती है प्राइस हाइक और वॉल्यूम ग्रोथ से फायदा टियर-2 और टियर-3 शहरों में विस्तार इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से डिमांड सपोर्ट ₹392 का टारगेट, क्यों दिया ‘Buy’ रेटिंग? ब्रोकरेज ने FY28 के अनुमानित EPS पर 35x P/E वैल्यूएशन के आधार पर ₹392 का टारगेट तय किया है। हालांकि, मार्जिन में अस्थिरता बिजनेस इंटीग्रेशन से जुड़े जोखिम को देखते हुए वैल्यूएशन में हल्का डिस्काउंट भी रखा गया है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? कंपनी का ब्रांड मजबूत है इलेक्ट्रिकल सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है लंबी अवधि में ग्रोथ के अच्छे मौके
मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों को बड़ी राहत मिली। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद आखिरकार बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ। BSE Sensex 568 अंकों (0.75%) की बढ़त के साथ 76,070.84 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 172.35 अंक (0.74%) चढ़कर 23,581.15 पर पहुंच गया। ऑटो और मेटल शेयरों ने दिखाई ताकत आज की तेजी में सबसे अहम योगदान ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों का रहा। Tata Steel, Mahindra & Mahindra जैसे दिग्गज शेयरों में अच्छी खरीदारी देखी गई। इनकी मजबूती से बाजार का सेंटीमेंट पॉजिटिव बना रहा। साथ ही मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई, जिससे छोटे निवेशकों को भी फायदा हुआ। आईटी और एफएमसीजी सेक्टर में रही कमजोरी जहां एक ओर कुछ सेक्टरों में तेजी रही, वहीं आईटी और एफएमसीजी सेक्टर ने आज निराश किया। इन क्षेत्रों में बिकवाली हावी रही, जिससे बाजार की तेजी कुछ हद तक सीमित रही। हालांकि, कुल मिलाकर बाजार पर सकारात्मक रुझान का प्रभाव बना रहा। उतार-चढ़ाव के बीच आखिर में आई मजबूती कारोबार की शुरुआत हल्की बढ़त के साथ हुई थी, लेकिन दिन के मध्य में बिकवाली का दबाव बढ़ने से बाजार नीचे भी आया। हालांकि, आखिरी घंटों में आई जोरदार खरीदारी ने बाजार को संभाल लिया और ऊंचे स्तर पर बंद कराया। यह संकेत देता है कि निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे वापस लौट रहा है। घबराहट कम, VIX में गिरावट बाजार की अस्थिरता को दर्शाने वाला India VIX 8.39% गिरकर 19.79 के स्तर पर आ गया। यह इस बात का संकेत है कि निवेशकों के बीच घबराहट कम हो रही है और वे बाजार को लेकर अधिक आश्वस्त हो रहे हैं। आगे की राह पर क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी फिलहाल एक तकनीकी सुधार हो सकता है। उनके अनुसार, Nifty 50 के लिए 23,600 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण है। यदि यह स्तर पार कर टिकता है, तो बाजार 23,800 से 24,000 तक जा सकता है। वहीं नीचे की ओर 23,300 के आसपास मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।
पश्चिम एशिया में जारी ईरान संघर्ष का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखने लगा है। Nifty 50 अपने हालिया उच्च स्तर से तेजी से फिसल चुका है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है कि गिरावट आखिर कहां जाकर थमेगी। 26,350 से गिरकर 23,000 के करीब पहुंचा निफ्टी निफ्टी हाल ही में 26,350 के उच्च स्तर से गिरकर करीब 23,200 तक आ चुका है। यह गिरावट बाजार की मौजूदा कमजोरी और बदलते ट्रेंड का संकेत दे रही है। विशेषज्ञ इसे एक “मीनिंगफुल करेक्शन” यानी गंभीर गिरावट का दौर मान रहे हैं। 21,000–22,000 बन सकता है निचला स्तर मार्केट एक्सपर्ट अभिषेक पारख के मुताबिक, बाजार में गिरावट अक्सर उम्मीद से ज्यादा लंबी चलती है। टेक्निकल चार्ट के आधार पर निफ्टी फिलहाल एक पैरेलल चैनल में ट्रेड कर रहा है, जहां निचला स्तर 21,700–22,000 के आसपास बनता दिख रहा है। अगर यह पैटर्न जारी रहता है, तो इंडेक्स धीरे-धीरे इसी स्तर तक फिसल सकता है और वहीं स्थिर होने की कोशिश करेगा। डबल टॉप पैटर्न से बढ़ी कमजोरी चार्ट पर 26,350 के आसपास “डबल टॉप” बनने के बाद आई तेज गिरावट ने बाजार के शॉर्ट टर्म ट्रेंड को कमजोर कर दिया है। इसका मतलब है कि किसी भी तेजी में फिलहाल रुकावट आ सकती है। वैल्यूएशन अभी सस्ते नहीं निफ्टी का P/E रेशियो फिलहाल करीब 20.2 है, जो न तो बहुत महंगा है और न ही पूरी तरह आकर्षक। इतिहास के अनुसार, बाजार का मजबूत बॉटम आमतौर पर 15–19 P/E के बीच बनता है। ऐसे में 21,000–22,000 का स्तर वैल्यूएशन के लिहाज से ज्यादा बेहतर एंट्री जोन बन सकता है। Fibonacci संकेत भी इसी स्तर की ओर टेक्निकल एनालिसिस में इस्तेमाल होने वाला Fibonacci रिट्रेसमेंट भी इसी दायरे की ओर इशारा कर रहा है: 22,100 (38.2% रिट्रेसमेंट) 20,800 (50% रिट्रेसमेंट) जब अलग-अलग संकेत एक ही स्तर की ओर इशारा करते हैं, तो वहां मजबूत सपोर्ट बनने की संभावना बढ़ जाती है। FII बिकवाली और महंगा क्रूड बना दबाव बाजार पर दबाव बढ़ाने वाले प्रमुख कारण: विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली कच्चे तेल की कीमतों में तेजी वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता भारत में ऊंची वैल्यूएशन और मजबूत ग्लोबल थीम की कमी (जैसे US में AI रैली) भी बाजार को कमजोर कर रही है। शॉर्ट टर्म में उछाल, लेकिन जोखिम बरकरार ब्रोकरेज हाउस Centrum Broking के अनुसार, बाजार ओवरसोल्ड जोन में पहुंच रहा है, जिससे बीच-बीच में उछाल (bounce) आ सकता है। हालांकि, इंडिया VIX 20 से ऊपर रहने के कारण वोलैटिलिटी ज्यादा बनी रह सकती है। निवेशकों के लिए क्या रणनीति? विशेषज्ञों की सलाह है कि: बाजार के बिल्कुल बॉटम को पकड़ने की कोशिश न करें धीरे-धीरे (phased manner) निवेश करें अच्छे फंडामेंटल वाले स्टॉक्स पर फोकस रखें
रिलायंस समूह की वित्तीय सेवा कंपनी Jio Financial Services के शेयरों को लेकर ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal Financial Services ने सकारात्मक रुख जताया है। ब्रोकरेज ने इस शेयर पर “Buy” रेटिंग के साथ कवरेज शुरू करते हुए 320 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। मौजूदा कीमत करीब 236 रुपये के आसपास है, यानी यहां से इसमें करीब 36% तक तेजी की संभावना जताई गई है। पिछले एक साल में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयर में करीब 5% की बढ़त देखने को मिली है और कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये के आसपास है। टेक्नोलॉजी आधारित फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म ब्रोकरेज के अनुसार जियो फाइनेंशियल एक टेक्नोलॉजी-ड्रिवन फाइनेंशियल सर्विसेज प्लेटफॉर्म के रूप में तेजी से उभर रही है। कंपनी लेंडिंग, पेमेंट्स, एसेट मैनेजमेंट, बीमा और वेल्थ मैनेजमेंट जैसे कई क्षेत्रों में विस्तार कर रही है। जियो और रिलायंस नेटवर्क का फायदा रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी को Reliance Industries के विशाल नेटवर्क का बड़ा फायदा मिल सकता है। इसके पास Jio के 50 करोड़ से अधिक ग्राहकों का आधार है और Reliance Retail का बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क भी उपलब्ध है। इससे ग्राहकों को जोड़ने की लागत अन्य पारंपरिक वित्तीय कंपनियों की तुलना में कम हो सकती है। जियो क्रेडिट बनेगा ग्रोथ इंजन ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की लेंडिंग यूनिट जियो क्रेडिट आने वाले समय में प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर बन सकती है। शुरुआती चरण में कंपनी ने होम लोन और प्रॉपर्टी के बदले लोन जैसे सुरक्षित रिटेल प्रोडक्ट्स में अच्छी शुरुआत की है। दिसंबर 2025 तक जियो क्रेडिट का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) करीब 19,000 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है, जो लेंडिंग बिजनेस के तेजी से विस्तार का संकेत देता है। AI और डेटा का इस्तेमाल रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कंपनी अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म और डेटा का उपयोग करके एक स्केलेबल फाइनेंशियल इकोसिस्टम बना सकती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए ग्राहकों के लिए पर्सनलाइज्ड क्रेडिट असेसमेंट सिस्टम तैयार किया जा सकता है। मुनाफे में तेज वृद्धि का अनुमान ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2028 के बीच कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट करीब 48% CAGR की दर से बढ़ सकता है। हालांकि निकट अवधि में कंपनी का मुनाफा सीमित रह सकता है, क्योंकि फिलहाल वह लेंडिंग, पेमेंट्स और इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स जैसे क्षेत्रों में विस्तार के लिए निवेश कर रही है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में आने वाले समय में मजबूत तेजी देखने को मिल सकती है। घरेलू ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal Financial Services का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियां रक्षा क्षेत्र के लिए सकारात्मक हैं और इससे डिफेंस कंपनियों के शेयरों में करीब 38% तक की बढ़त संभव है। ब्रोकरेज के अनुसार, मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण कई देश अपनी सुरक्षा और सैन्य तैयारियों को मजबूत करने पर ज्यादा खर्च कर सकते हैं। इससे मिसाइल, एयर डिफेंस सिस्टम, सर्विलांस टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जैसे उपकरणों की मांग बढ़ने की संभावना है। इन डिफेंस शेयरों में दिख रही तेजी की संभावना रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा क्षेत्र की कई प्रमुख कंपनियों में निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिल सकता है। Bharat Electronics Limited: वर्तमान कीमत करीब ₹458, लक्ष्य मूल्य ₹520 (करीब 13.5% संभावित बढ़त) Astra Microwave Products: मौजूदा कीमत ₹1,008, लक्ष्य ₹1,150 (लगभग 14% संभावित बढ़त) इसके अलावा Bharat Dynamics Limited, Solar Industries India और Zen Technologies जैसी कंपनियों को भी मजबूत ऑर्डर और बढ़ती मांग से फायदा मिलने की उम्मीद है। 1. युद्ध से बढ़ेगा रक्षा खर्च विश्लेषकों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर रक्षा बजट में बढ़ोतरी हो सकती है। वित्त वर्ष 2025 में मिडिल ईस्ट का वैश्विक हथियार आयात में करीब 26% हिस्सा था और आगे इसमें और वृद्धि होने की संभावना है। इससे भारतीय रक्षा कंपनियों के लिए नए निर्यात अवसर खुल सकते हैं। 2. बजट में डिफेंस सेक्टर को बड़ा प्रोत्साहन सरकार ने बजट में रक्षा क्षेत्र के पूंजीगत खर्च को बढ़ाकर करीब ₹2.2 लाख करोड़ कर दिया है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 18% अधिक है। सरकार की ओर से अब तक करीब ₹7 लाख करोड़ से अधिक के Acceptance of Necessity (AoN) प्रस्तावों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिससे आने वाले दो से ढाई साल में रक्षा कंपनियों को बड़े ऑर्डर मिलने की संभावना है। 3. नई खरीद नीति से घरेलू कंपनियों को फायदा सरकार ने नई Defence Acquisition Procedure 2026 लागू की है, जिसका उद्देश्य देश में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना और तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है। नई नीति में ‘Buy (Indian–IDDM)’ श्रेणी के तहत स्थानीय सामग्री की अनिवार्यता 50% से बढ़ाकर 60% कर दी गई है। इससे घरेलू कंपनियों की हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद है। 4. कंपनियों को मिल रहे मजबूत ऑर्डर रक्षा क्षेत्र की कंपनियों को लगातार बड़े ऑर्डर मिल रहे हैं। Hindustan Aeronautics Limited को लगभग ₹69,400 करोड़ के ऑर्डर Bharat Electronics Limited को करीब ₹20,600 करोड़ के अनुबंध Bharat Dynamics Limited को लगभग ₹5,400 करोड़ के ऑर्डर वहीं निजी क्षेत्र की Astra Microwave Products को FY26 की तीसरी तिमाही में करीब ₹290 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं, जबकि Zen Technologies को ₹600 करोड़ के अनुबंध हासिल हुए हैं। इजरायल पर निर्भरता भी एक चुनौती भारत कई महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों और सेंसर के लिए Israel पर काफी हद तक निर्भर है। ऐसे में अगर मिडिल ईस्ट में संघर्ष लंबा चलता है तो सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है और रक्षा परियोजनाओं की समयसीमा पर असर पड़ सकता है।
प्रमोटर कंपनी ने लोन के बदले शेयर किए गिरवी भारत की प्रमुख पेंट कंपनी Asian Paints के प्रमोटर समूह की इकाई Sattva Holding and Trading Private Limited ने अपने अतिरिक्त 5 लाख इक्विटी शेयर गिरवी रखे हैं। यह शेयर लोन के लिए कोलैटरल (जमानत) के रूप में Bajaj Finance Limited के पक्ष में रखे गए हैं। यह गिरवीकरण 2 मार्च 2026 को किया गया था, जिसकी जानकारी 5 मार्च 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को दी गई। यह खुलासा SEBI के SAST (Substantial Acquisition of Shares and Takeovers) नियमों के तहत किया गया है। कितना हुआ नया शेयर गिरवी ताजा लेनदेन के बाद सत्वा होल्डिंग की गिरवी रखी गई हिस्सेदारी में बढ़ोतरी हुई है। कंपनी ने अपनी कुल हिस्सेदारी का एक हिस्सा लोन के लिए इस्तेमाल किया है। मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं: गिरवी रखे गए नए शेयर: 5,00,000 गिरवी रखने की तारीख: 2 मार्च 2026 लाभार्थी संस्था: Bajaj Finance Limited उद्देश्य: कंपनी द्वारा लिए गए लोन के लिए कोलैटरल गिरवी का प्रकार: प्लेज (Pledge) एशियन पेंट्स में सत्वा होल्डिंग की हिस्सेदारी नए गिरवीकरण के बाद भी सत्वा होल्डिंग के पास कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी बनी हुई है। कुल शेयर होल्डिंग: 5,47,89,183 शेयर (लगभग 5.71%) पहले से गिरवी शेयर: 77,26,000 (0.805%) नया गिरवी: 5,00,000 (0.052%) कुल गिरवी शेयर: 82,26,000 (0.858%) प्रमोटर ग्रुप की कुल हिस्सेदारी Asian Paints में पूरे प्रमोटर ग्रुप की संयुक्त हिस्सेदारी 50,47,85,198 शेयर है, जो कंपनी की कुल पूंजी का लगभग 52.63% है। प्रमुख प्रमोटर कंपनियों की हिस्सेदारी इस प्रकार है: Smiti Holding and Trading Company Private Limited – 5,14,42,638 शेयर (5.36%) Geetanjali Trading and Investments Private Limited – 4,57,06,140 शेयर (4.77%) Elcid Investments Limited – 2,83,13,860 शेयर (2.95%) Shubhit Holdings Private Limited – 2,31,50,730 शेयर (2.41%) सेबी नियमों के तहत किया गया खुलासा यह जानकारी SEBI (SAST) Regulations 2011 के Regulation 31(1) और 31(2) के तहत दी गई है। इन नियमों के अनुसार, प्रमोटरों को अपनी हिस्सेदारी पर किसी भी तरह के गिरवी, रिलीज या इनवोकेशन की जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को देना अनिवार्य होता है। सत्वा होल्डिंग, जिसे पहले Isis Holding and Trading Company Private Limited के नाम से जाना जाता था, ने यह जानकारी अपने CEO, CFO और प्रिंसिपल ऑफिसर पर्सी दाजी के माध्यम से फाइल की। प्रमोटर ग्रुप के कुल गिरवी शेयर पूरे प्रमोटर समूह के स्तर पर देखें तो कुल 4,67,89,727 शेयर गिरवी रखे गए हैं, जो कंपनी की कुल पूंजी का लगभग 4.88% है। इनमें सबसे बड़ा गिरवी हिस्सा Smiti Holding and Trading Company Private Limited के पास है, जिसने 3,53,15,000 शेयर (करीब 3.68%) गिरवी रखे हैं। शेयर का प्रदर्शन Asian Paints के शेयरों का हालिया प्रदर्शन कुछ इस प्रकार रहा: 1 दिन: +0.18% 5 दिन: -4.39% 1 महीना: -5.85% 6 महीने: -11.24% 1 साल: +5.81% 5 साल: -4.08%
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) भारतीय पुलिस सेवा (IPS) भारतीय विदेश सेवा (IFS) भारतीय राजस्व सेवा (IRS) भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं 979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें 15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98 EWS: 85.92 OBC: 87.28 SC: 79.03 ST: 74.23 आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज