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Advit Jewels IPO Debuts with 36% Premium

Advit Jewels IPO Listing: निवेशकों की पहले ही दिन हुई शानदार कमाई, 36% प्रीमियम पर लिस्ट हुए शेयर

surbhi जुलाई 1, 2026 0
Advit Jewels IPO shares debut with a strong premium, delivering impressive listing gains to investors on stock exchanges.
Advit Jewels IPO Listing Gains 2026

आईपीओ बाजार में एक बार फिर निवेशकों को शानदार लिस्टिंग गेन मिला है। राजस्थान के जयपुर स्थित हैंडक्राफ्टेड ज्वैलरी निर्माता Advit Jewels के शेयरों ने शेयर बाजार में दमदार शुरुआत करते हुए पहले ही दिन निवेशकों को करीब 36 फीसदी का मुनाफा दे दिया।

कंपनी के शेयर बुधवार को BSE और NSE पर अपने इश्यू प्राइस से काफी ऊपर सूचीबद्ध हुए, जिससे आईपीओ में निवेश करने वाले शेयरधारकों की अच्छी कमाई हुई।

किस भाव पर हुई लिस्टिंग?

NSE पर Advit Jewels का शेयर ₹188.90 प्रति शेयर पर सूचीबद्ध हुआ। कंपनी का इश्यू प्राइस ₹138 था, यानी शेयर ने लगभग 36.8% प्रीमियम के साथ बाजार में एंट्री की।

वहीं BSE पर शेयर ₹187 प्रति शेयर पर लिस्ट हुआ, जो इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 35.5% की बढ़त दर्शाता है।

ग्रे मार्केट के अनुमान पर खरी उतरी लिस्टिंग

शेयर की लिस्टिंग ग्रे मार्केट की उम्मीदों के अनुरूप रही।

लिस्टिंग से पहले कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) करीब ₹50 चल रहा था, जिससे संकेत मिल रहे थे कि शेयर लगभग 36% प्रीमियम पर सूचीबद्ध हो सकता है। वास्तविक लिस्टिंग भी लगभग इसी स्तर पर रही।

आईपीओ को मिला था जबरदस्त रिस्पॉन्स

Advit Jewels के आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार प्रतिक्रिया मिली थी।

आंकड़ों के अनुसार, यह इश्यू कुल मिलाकर 212.63 गुना सब्सक्राइब हुआ।

  • रिटेल निवेशक श्रेणी: 95.30 गुना
  • गैर-संस्थागत निवेशक (NII): 536.38 गुना

इतनी मजबूत सब्सक्रिप्शन ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि शेयर की लिस्टिंग दमदार हो सकती है।

कंपनी जुटाई गई राशि का क्या करेगी?

यह आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू था, जिसमें 1.20 करोड़ इक्विटी शेयर जारी किए गए। इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) का कोई हिस्सा शामिल नहीं था।

कंपनी ने बताया है कि आईपीओ से जुटाई गई पूंजी का उपयोग निम्नलिखित कार्यों के लिए किया जाएगा—

  • वर्किंग कैपिटल की जरूरतें पूरी करने के लिए
  • मौजूदा कर्ज का भुगतान
  • सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

Advit Jewels की मजबूत लिस्टिंग एक बार फिर यह दिखाती है कि जिन कंपनियों के बिजनेस मॉडल और आईपीओ को निवेशकों का अच्छा समर्थन मिलता है, वे लिस्टिंग के दिन बेहतर रिटर्न दे सकती हैं। हालांकि, विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह देते हैं कि केवल लिस्टिंग गेन के आधार पर निवेश का निर्णय लेने के बजाय कंपनी की वित्तीय स्थिति और भविष्य की संभावनाओं का भी मूल्यांकन करें।

 

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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LPG Price Update: जुलाई के पहले दिन मिली राहत, कमर्शियल गैस सिलेंडर ₹183.50 और 5 किलो 'छोटू' सिलेंडर ₹13 हुआ सस्ता

जुलाई महीने की शुरुआत आम उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद भारत में भी ईंधन की कीमतों पर इसका असर दिखने लगा है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर और 5 किलो के 'छोटू' एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती की है। इसके अलावा, निजी ईंधन विक्रेता नयारा एनर्जी ने भी पेट्रोल और डीजल के दाम घटाए हैं। वहीं, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में भी ₹5 प्रति लीटर की कमी की गई है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर हुआ ₹183.50 सस्ता सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 तक की कटौती की है। राजधानी दिल्ली में अब इस सिलेंडर की नई कीमत ₹2,930 हो गई है। इस कटौती से होटल, रेस्तरां, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत मिलने की उम्मीद है। 5 किलो का 'छोटू' सिलेंडर भी हुआ सस्ता इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के अनुसार, 5 किलो वाले एलपीजी 'छोटू' सिलेंडर की कीमत में ₹13 की कमी की गई है। दिल्ली में इसकी नई कीमत अब ₹808.50 हो गई है। गौरतलब है कि 1 जून को इसी सिलेंडर की कीमत में ₹11 की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद इसका दाम ₹821.50 हो गया था। अब नई कटौती से उपभोक्ताओं को राहत मिली है। पेट्रोल, डीजल और ATF भी हुए सस्ते कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का असर अन्य ईंधनों पर भी दिखाई दिया है। नयारा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत ₹5 प्रति लीटर घटाकर लगभग ₹110 प्रति लीटर कर दी गई है। किन लोगों को होगा सबसे ज्यादा फायदा? 5 किलो का 'छोटू' सिलेंडर विशेष रूप से उन लोगों के बीच लोकप्रिय है जो किराए पर रहते हैं या बार-बार स्थान बदलते हैं। इस कटौती का सबसे अधिक लाभ मिलेगा— प्रवासी मजदूरों को दूसरे शहरों में पढ़ाई कर रहे छात्रों को अकेले रहने वाले नौकरीपेशा लोगों को छोटे परिवारों और अस्थायी उपभोक्ताओं को छोटू सिलेंडर की खास बातें यह फ्री ट्रेड एलपीजी श्रेणी में आता है। इसे खरीदने के लिए केवल पहचान पत्र (ID Proof) की आवश्यकता होती है। पते का प्रमाण (Address Proof) देना जरूरी नहीं होता। इसे किसी भी अधिकृत एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर, किराना स्टोर या ऑथराइज्ड आउटलेट से आसानी से रिफिल कराया जा सकता है। रिफिल के लिए एक ही डिस्ट्रीब्यूटर से जुड़े रहना आवश्यक नहीं है। राहत की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बाद घरेलू बाजार में एलपीजी और अन्य ईंधनों की कीमतों में आई यह कटौती आम उपभोक्ताओं और व्यवसायों दोनों के लिए राहतभरी मानी जा रही है। अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में घरेलू एलपीजी और अन्य ईंधनों की कीमतों में भी क्या और राहत मिलती है।  

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शेयर बाजार में दो दिनों की गिरावट के बाद शानदार वापसी, सेंसेक्स 150 अंक से अधिक चढ़ा; निफ्टी 23,900 के पार

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मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। मासिक एक्सपायरी के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला और दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। हालांकि, बड़ी कंपनियों के शेयरों में दबाव के बीच मिडकैप, स्मॉलकैप और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।   सेंसेक्स और निफ्टी दोनों फिसले कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 249.70 अंक यानी 0.32 प्रतिशत गिरकर 76,478.67 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 80.50 अंक यानी 0.34 प्रतिशत टूटकर 23,865.75 पर आ गया। इसके साथ ही निफ्टी 23,900 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे बंद हुआ, जिससे निवेशकों की सतर्कता बढ़ी।   आईटी शेयरों में बिकवाली, हेल्थकेयर और रियल्टी में तेजी बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर का रहा। इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, आईटीसी और टाटा स्टील जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, हेल्थकेयर, केमिकल्स, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में खरीदारी का रुझान बना रहा। मारुति, टाइटन, बजाज फाइनेंस, अडानी पोर्ट्स, भारती एयरटेल और एनटीपीसी जैसे शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।   नई ईवी पॉलिसी से इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों को फायदा दिल्ली सरकार की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पॉलिसी का सकारात्मक असर ईवी कंपनियों के शेयरों पर दिखा। ओला इलेक्ट्रिक का शेयर 8 प्रतिशत से अधिक चढ़ा, जबकि एथर एनर्जी में भी 5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी रही। इसके विपरीत, आयशर मोटर्स, भारत फोर्ज और हीरो मोटोकॉर्प जैसे पारंपरिक ऑटो शेयर दबाव में रहे।   रुपया कमजोर, लेकिन बाजार को लेकर उम्मीद बरकरार डॉलर के मुकाबले रुपया 94.66 पर बंद हुआ, जो पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में कमजोर रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट मुनाफावसूली और कंसोलिडेशन का हिस्सा है, न कि दीर्घकालिक ट्रेंड में बदलाव। मिडकैप, स्मॉलकैप और ईवी सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी यह संकेत देती है कि बाजार में सकारात्मक धारणा अभी भी बनी हुई है। अब निवेशकों की नजर अगले कारोबारी सत्र और वैश्विक संकेतों पर रहेगी।

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A smartphone displaying UPI payment as India expands its digital payment network to Seychelles.
अब सेशेल्स में भी चलेगा भारत का UPI, डिजिटल पेमेंट नेटवर्क का वैश्विक विस्तार; 10 देशों तक पहुंची सेवा

नई दिल्ली: भारत का डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) अब अफ्रीकी द्वीपीय देश सेशेल्स तक पहुंचने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया सेशेल्स यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच UPI को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के बाद सेशेल्स भी उन देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जहां भारतीय यात्री UPI आधारित डिजिटल भुगतान का लाभ उठा सकेंगे। किन देशों में पहले से उपलब्ध है UPI? सेशेल्स के शामिल होने के बाद भारतीय UPI नेटवर्क का दायरा और बढ़ गया है। इससे पहले भारतीय पर्यटक निम्न देशों में UPI के जरिए मर्चेंट पेमेंट कर सकते हैं— सिंगापुर नेपाल भूटान श्रीलंका मॉरीशस संयुक्त अरब अमीरात कतर फ्रांस कंबोडिया अब इस सूची में सेशेल्स भी शामिल हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि सेशेल्स यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। इनमें UPI लागू करने, जन औषधि सहयोग, जलवायु परिवर्तन, ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी शामिल है। भारतीय यात्रियों को क्या होगा फायदा? इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ भारतीय पर्यटकों और व्यवसायियों को मिलेगा। मुख्य फायदे: नकद रखने की जरूरत कम होगी। डिजिटल भुगतान पहले से अधिक आसान होगा। भुगतान प्रक्रिया तेज और सुविधाजनक बनेगी। भारत और सेशेल्स के बीच फिनटेक सहयोग मजबूत होगा। सेशेल्स हिंद महासागर का एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जहां हर वर्ष हजारों भारतीय पर्यटक छुट्टियां मनाने पहुंचते हैं। भारतीयों के लिए वीजा-फ्री डेस्टिनेशन भारतीय नागरिकों को सेशेल्स यात्रा के लिए पहले से वीजा लेने की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि, पर्यटन उद्देश्य से पहुंचने वाले यात्रियों को आगमन पर Visitor Permit लेना होता है। सेशेल्स में भारतीय मूल के लोगों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति है। भारत से वहां चावल, दवाइयां, वस्त्र, वाहन, मशीनरी, स्पेयर पार्ट्स और प्लास्टिक उत्पादों का निर्यात किया जाता है। भारत की डिजिटल ताकत को मिल रही वैश्विक पहचान पिछले कुछ वर्षों में UPI दुनिया के सबसे सफल डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म में से एक बनकर उभरा है। अब इसका विस्तार लगातार नए देशों तक हो रहा है, जिससे सीमा पार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलने के साथ भारत की फिनटेक क्षमता को भी वैश्विक पहचान मिल रही है।  

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