कंधों को खुला रखने वाली इसकी खास नेकलाइन साधारण आउटफिट में भी तुरंत ग्लैमर और पर्सनैलिटी जोड़ देती है। खास बात यह है कि इसे स्टाइल करने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं पड़ती। सिल्क स्कर्ट हो, बैगी बास्केटबॉल शॉर्ट्स हों या स्लाउची कार्गो ट्राउजर—हॉल्टरनेक लगभग हर तरह के बॉटम के साथ आसानी से स्टाइल किया जा सकता है।
हॉल्टरनेक टॉप का आकर्षण सिर्फ इसके मॉडर्न लुक तक सीमित नहीं है। इसके पीछे Y2K दौर की मजबूत फैशन नॉस्टैल्जिया भी जुड़ी हुई है।
1990 के दशक के आखिर और 2000 के शुरुआती वर्षों में हॉल्टरनेक फैशन का एक अहम हिस्सा बन चुका था। Chloé में Stella McCartney के दौर के दौरान स्कार्फ-स्टाइल और राइनस्टोन हॉल्टरनेक रनवे पर खूब नजर आए। उस समय Charlize Theron जैसे सितारों ने भी इस स्टाइल को अपनाया।
इसके बाद Paris Hilton के 2000s वाले ग्लैमरस फैशन ने हॉल्टरनेक को पार्टी और नाइट-आउट स्टाइल का हिस्सा बना दिया। वहीं, 2002 की फिल्म Bend It Like Beckham में Keira Knightley के किरदार द्वारा पहना गया मेटैलिक टाइगर-स्ट्राइप्ड काउल-नेक हॉल्टरनेक आज भी इस ट्रेंड के यादगार लुक्स में गिना जाता है।
आज का हॉल्टरनेक अपने पुराने Y2K अवतार की तुलना में थोड़ा ज्यादा मिनिमल और सॉफिस्टिकेटेड नजर आ रहा है। जहां पहले इसमें ग्लिटर, बीड्स और स्टड्स का भरपूर इस्तेमाल होता था, वहीं अब डिजाइन ज्यादा साफ-सुथरे और पहनने में आसान हैं।
रेड कार्पेट पर भी इस ट्रेंड की वापसी दिखाई दे रही है। Zoë Kravitz ने Saint Laurent के स्लिंकी हॉल्टरनेक गाउन में इस सिल्हूट को अपनाया, जबकि Alexa Demie Chanel के LBD में हॉल्टरनेक स्टाइल को एक मॉडर्न और ग्लैमरस रूप देती नजर आईं।
इससे साफ है कि हॉल्टरनेक अब सिर्फ Y2K nostalgia तक सीमित नहीं है। यह मौजूदा फैशन ट्रेंड में भी अपनी जगह बना चुका है।
हॉल्टरनेक की सबसे बड़ी खासियत इसकी versatility है। इसे केवल पार्टी या नाइट-आउट के लिए पहनना जरूरी नहीं है।
अगर आप कैजुअल लुक चाहती हैं, तो हॉल्टरनेक टॉप को बैगी जींस, कार्गो पैंट या शॉर्ट्स के साथ पेयर किया जा सकता है। वहीं, शाम की आउटिंग के लिए इसे सिल्क या फ्लोई स्कर्ट के साथ स्टाइल करके ज्यादा ग्लैमरस लुक पाया जा सकता है।
यानी जिस तरह एक बेसिक टैंक टॉप बिना ज्यादा सोचे पहना जा सकता है, हॉल्टरनेक भी लगभग उतना ही आसान विकल्प है, लेकिन इसका प्रभाव कहीं ज्यादा स्टाइलिश दिखाई देता है।
हॉल्टरनेक की वापसी को सेलिब्रिटी फैशन भी मजबूती दे रहा है। Zoë Kravitz और Alexa Demie जैसे स्टार्स के रेड कार्पेट लुक्स दिखाते हैं कि यह नेकलाइन आज के मिनिमल लेकिन ग्लैमरस फैशन के साथ कितनी आसानी से फिट हो सकती है।
अगर आप अपने समर वॉर्डरोब में बिना बहुत ज्यादा बदलाव किए कुछ नया जोड़ना चाहती हैं, तो हॉल्टरनेक टॉप एक आसान विकल्प हो सकता है।
हॉल्टरनेक को अपने स्टाइल में शामिल करने के कुछ आसान तरीके हैं:
वर्तमान फैशन ट्रेंड में हॉल्टरनेक की वापसी उन लोगों के लिए खास तौर पर दिलचस्प है, जो अपने रोजमर्रा के वॉर्डरोब में बिना ज्यादा मेहनत किए थोड़ा ग्लैमर जोड़ना चाहते हैं। यह टैंक टॉप की तरह आसान है, लेकिन इसकी shoulder-baring neckline पूरे लुक को ज्यादा considered और fashion-forward बना देती है।
अगर इस सीजन आपका वॉर्डरोब आपको नीरस लगने लगा है, तो शायद आपको नए कपड़ों की नहीं, सिर्फ एक नए सिल्हूट की जरूरत है—और हॉल्टरनेक वही छोटा लेकिन असरदार बदलाव हो सकता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
गर्मियों में टैंक टॉप और स्पेगेटी-स्ट्रैप कैमिसोल भले ही सबसे आसान फैशन विकल्प हों, लेकिन लगातार इन्हीं बेसिक्स को पहनते-पहनते अगर आपका वॉर्डरोब बोरिंग लगने लगा है, तो अब स्टाइल बदलने का समय है। इस सीजन फैशन की दुनिया में हॉल्टरनेक टॉप एक बार फिर जोरदार वापसी कर रहा है। कंधों को खुला रखने वाली इसकी खास नेकलाइन साधारण आउटफिट में भी तुरंत ग्लैमर और पर्सनैलिटी जोड़ देती है। खास बात यह है कि इसे स्टाइल करने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं पड़ती। सिल्क स्कर्ट हो, बैगी बास्केटबॉल शॉर्ट्स हों या स्लाउची कार्गो ट्राउजर—हॉल्टरनेक लगभग हर तरह के बॉटम के साथ आसानी से स्टाइल किया जा सकता है। Y2K फैशन से है खास कनेक्शन हॉल्टरनेक टॉप का आकर्षण सिर्फ इसके मॉडर्न लुक तक सीमित नहीं है। इसके पीछे Y2K दौर की मजबूत फैशन नॉस्टैल्जिया भी जुड़ी हुई है। 1990 के दशक के आखिर और 2000 के शुरुआती वर्षों में हॉल्टरनेक फैशन का एक अहम हिस्सा बन चुका था। Chloé में Stella McCartney के दौर के दौरान स्कार्फ-स्टाइल और राइनस्टोन हॉल्टरनेक रनवे पर खूब नजर आए। उस समय Charlize Theron जैसे सितारों ने भी इस स्टाइल को अपनाया। इसके बाद Paris Hilton के 2000s वाले ग्लैमरस फैशन ने हॉल्टरनेक को पार्टी और नाइट-आउट स्टाइल का हिस्सा बना दिया। वहीं, 2002 की फिल्म Bend It Like Beckham में Keira Knightley के किरदार द्वारा पहना गया मेटैलिक टाइगर-स्ट्राइप्ड काउल-नेक हॉल्टरनेक आज भी इस ट्रेंड के यादगार लुक्स में गिना जाता है। अब नए अंदाज में लौट रहा है हॉल्टरनेक आज का हॉल्टरनेक अपने पुराने Y2K अवतार की तुलना में थोड़ा ज्यादा मिनिमल और सॉफिस्टिकेटेड नजर आ रहा है। जहां पहले इसमें ग्लिटर, बीड्स और स्टड्स का भरपूर इस्तेमाल होता था, वहीं अब डिजाइन ज्यादा साफ-सुथरे और पहनने में आसान हैं। रेड कार्पेट पर भी इस ट्रेंड की वापसी दिखाई दे रही है। Zoë Kravitz ने Saint Laurent के स्लिंकी हॉल्टरनेक गाउन में इस सिल्हूट को अपनाया, जबकि Alexa Demie Chanel के LBD में हॉल्टरनेक स्टाइल को एक मॉडर्न और ग्लैमरस रूप देती नजर आईं। इससे साफ है कि हॉल्टरनेक अब सिर्फ Y2K nostalgia तक सीमित नहीं है। यह मौजूदा फैशन ट्रेंड में भी अपनी जगह बना चुका है। रोजमर्रा के लुक को भी बना सकता है खास हॉल्टरनेक की सबसे बड़ी खासियत इसकी versatility है। इसे केवल पार्टी या नाइट-आउट के लिए पहनना जरूरी नहीं है। अगर आप कैजुअल लुक चाहती हैं, तो हॉल्टरनेक टॉप को बैगी जींस, कार्गो पैंट या शॉर्ट्स के साथ पेयर किया जा सकता है। वहीं, शाम की आउटिंग के लिए इसे सिल्क या फ्लोई स्कर्ट के साथ स्टाइल करके ज्यादा ग्लैमरस लुक पाया जा सकता है। यानी जिस तरह एक बेसिक टैंक टॉप बिना ज्यादा सोचे पहना जा सकता है, हॉल्टरनेक भी लगभग उतना ही आसान विकल्प है, लेकिन इसका प्रभाव कहीं ज्यादा स्टाइलिश दिखाई देता है। सेलिब्रिटी स्टाइल से लें इंस्पिरेशन हॉल्टरनेक की वापसी को सेलिब्रिटी फैशन भी मजबूती दे रहा है। Zoë Kravitz और Alexa Demie जैसे स्टार्स के रेड कार्पेट लुक्स दिखाते हैं कि यह नेकलाइन आज के मिनिमल लेकिन ग्लैमरस फैशन के साथ कितनी आसानी से फिट हो सकती है। अगर आप अपने समर वॉर्डरोब में बिना बहुत ज्यादा बदलाव किए कुछ नया जोड़ना चाहती हैं, तो हॉल्टरनेक टॉप एक आसान विकल्प हो सकता है। इस सीजन कैसे अपनाएं हॉल्टरनेक ट्रेंड? हॉल्टरनेक को अपने स्टाइल में शामिल करने के कुछ आसान तरीके हैं: कैजुअल डे लुक: हॉल्टरनेक टॉप के साथ बैगी जींस या कार्गो पैंट पहनें। नाइट आउट: स्लिंकी हॉल्टरनेक को मिनी या सिल्क स्कर्ट के साथ पेयर करें। Y2K लुक: राइनस्टोन, स्टडेड या मेटैलिक हॉल्टरनेक के साथ लो-राइज बॉटम चुनें। मिनिमल स्टाइल: सिंपल हॉल्टरनेक को न्यूट्रल ट्राउजर और मिनिमल एक्सेसरीज के साथ पहनें। फेस्टिव या पार्टी लुक: ग्लैमरस हॉल्टरनेक को स्टेटमेंट ज्वेलरी और हील्स के साथ स्टाइल करें। वर्तमान फैशन ट्रेंड में हॉल्टरनेक की वापसी उन लोगों के लिए खास तौर पर दिलचस्प है, जो अपने रोजमर्रा के वॉर्डरोब में बिना ज्यादा मेहनत किए थोड़ा ग्लैमर जोड़ना चाहते हैं। यह टैंक टॉप की तरह आसान है, लेकिन इसकी shoulder-baring neckline पूरे लुक को ज्यादा considered और fashion-forward बना देती है। अगर इस सीजन आपका वॉर्डरोब आपको नीरस लगने लगा है, तो शायद आपको नए कपड़ों की नहीं, सिर्फ एक नए सिल्हूट की जरूरत है—और हॉल्टरनेक वही छोटा लेकिन असरदार बदलाव हो सकता है।
बॉलीवुड अभिनेत्री Kriti Sanon अपने स्टाइलिश और एलिगेंट फैशन सेंस के लिए जानी जाती हैं। चाहे शादी का समारोह हो, फिल्म प्रमोशन या अवॉर्ड फंक्शन, कृति हर बार अपने इंडियन आउटफिट्स से फैशन प्रेमियों का दिल जीत लेती हैं। उनकी वॉर्डरोब में साड़ी, शरारा, घाघरा-चोली, अनारकली और मॉडर्न एथनिक लुक्स का शानदार मिश्रण देखने को मिलता है। अगर आप आने वाले वेडिंग सीजन के लिए स्टाइल इंस्पिरेशन ढूंढ रहे हैं, तो कृति सैनन के ये 7 इंडियन लुक्स आपकी लिस्ट में जरूर होने चाहिए। 1. आइवरी चिकनकारी शरारा – रॉयल वेडिंग लुक अपनी बहन नूपुर सैनन की शादी में कृति ने आइवरी रंग का खूबसूरत चिकनकारी शरारा पहना। इस आउटफिट पर पैस्ले मोटिफ, फ्लोरल एम्ब्रॉयडरी और मुकैश वर्क किया गया था। भारी कढ़ाई वाले दुपट्टे और एमराल्ड-डायमंड चोकर ने इस लुक को शाही अंदाज दिया। स्टाइल टिप: दिन की शादी या फेरे के लिए आइवरी शरारा शानदार विकल्प हो सकता है। 2. रेड अज्रख प्री-ड्रेप्ड साड़ी – ट्रेडिशनल के साथ मॉडर्न ट्विस्ट कृति ने लाल रंग की अज्रख प्रिंट प्री-ड्रेप्ड साड़ी को बैकलेस हॉल्टर ब्लाउज के साथ स्टाइल किया। एंटीक गोल्ड ज्वेलरी, जूतियां और मिनी मेटल पर्स ने पूरे लुक को ट्रेंडी बनाया। स्टाइल टिप: अगर आप साड़ी में आराम और स्टाइल दोनों चाहते हैं, तो प्री-ड्रेप्ड साड़ी बेहतरीन विकल्प है। 3. मिरर वर्क घाघरा-चोली – संगीत नाइट के लिए परफेक्ट मल्टीकलर सिल्क घाघरा-चोली पर मिरर वर्क, ज़री और ल्यूरेक्स थ्रेड एम्ब्रॉयडरी ने इसे बेहद आकर्षक बनाया। डायमंड चोकर और रंग-बिरंगी चूड़ियों के साथ यह लुक संगीत और कॉकटेल फंक्शन के लिए आदर्श है। 4. पर्पल अनारकली – क्लासिक एलिगेंस फिल्म प्रमोशन के दौरान कृति ने बैंगनी रंग की चंदेरी अनारकली पहनी, जिस पर गोटा और डोरी वर्क किया गया था। मैचिंग दुपट्टा, चांदबाली और ढीली चोटी ने इस लुक को बेहद ग्रेसफुल बनाया। स्टाइल टिप: मेहंदी या फैमिली फंक्शन के लिए अनारकली हमेशा सुरक्षित और स्टाइलिश विकल्प रहती है। 5. आइवरी अनारकली विद बंधगला जैकेट कृति का यह लुक पारंपरिक और मॉडर्न फैशन का शानदार मिश्रण था। फ्लोर-लेंथ आइवरी अनारकली के ऊपर एम्ब्रॉयडर्ड बंधगला जैकेट ने इसे विंटर वेडिंग के लिए परफेक्ट बना दिया। स्टाइल टिप: सर्दियों की शादी में अनारकली के साथ जैकेट स्टाइल करना फैशनेबल और उपयोगी दोनों है। 6. ऑल-आइवरी फ्यूजन लुक एक अवॉर्ड शो में कृति ने आइवरी बंधगला टॉप, शीयर स्कर्ट और निटेड कार्डिगन का फ्यूजन लुक अपनाया। ट्रेडिशनल कोल्हापुरी ज्वेलरी और गोल्ड मेटल बैग ने इस आउटफिट को अलग पहचान दी। 7. ब्लैक ब्रोकेड को-ऑर्ड सेट ब्लैक ब्रोकेड कुर्ता और पलाज़ो सेट में कृति का रॉयल अंदाज देखने लायक था। सिल्वर मोटिफ्स, एंटीक ईयर कफ्स और सिल्वर हील्स ने इस एथनिक लुक को और भी आकर्षक बना दिया। स्टाइल टिप: रिसेप्शन या इवनिंग वेडिंग के लिए ब्रोकेड फैब्रिक हमेशा रॉयल लुक देता है। इस वेडिंग सीजन क्या सीखें? कृति सैनन के इन सभी लुक्स की सबसे खास बात यह है कि इनमें पारंपरिक भारतीय शिल्प और आधुनिक सिल्हूट का बेहतरीन संतुलन देखने को मिलता है। चाहे आप शादी में मेहमान बनकर जा रहे हों या किसी पारिवारिक समारोह में शामिल हो रहे हों, इन लुक्स से आसानी से फैशन इंस्पिरेशन ली जा सकती है।
Sreeleela Green Silk Saree Look: साउथ फिल्म इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्री श्रीलीला एक बार फिर अपने खूबसूरत साड़ी लुक को लेकर चर्चा में हैं। एक अवॉर्ड शो में अभिनेत्री ने गहरे हरे रंग की पारंपरिक सिल्क साड़ी पहनकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। गोल्ड ज़री से बुने मोर (Peacock) मोटिफ, चौड़ा डबल ज़री बॉर्डर और आकर्षक ज्वेलरी के साथ उनका यह लुक पारंपरिक भारतीय शिल्प और आधुनिक फैशन का शानदार मेल नजर आया। गोल्ड पीकॉक मोटिफ वाली सिल्क साड़ी बनी आकर्षण का केंद्र श्रीलीला ने इस खास मौके पर हरे रंग की जॉर्जेट-सिल्क साड़ी पहनी, जिस पर पूरी साड़ी में सुनहरे ज़री से बने बड़े-बड़े मोर (Peacock Buttas) बुने गए थे। साड़ी का सबसे खास आकर्षण उसका डबल गोल्ड ज़री बॉर्डर था, जिसमें मोर, फूल और पैस्ले (Paisley) डिज़ाइन की बारीक कारीगरी देखने को मिली। साड़ी के पल्लू पर भी चौड़े पारंपरिक ज़री पैटर्न की समृद्ध बुनाई की गई थी, जिसने पूरे लुक को शाही अंदाज़ दिया। क्लासिक ड्रेपिंग के साथ मॉडर्न ब्लाउज़ अभिनेत्री ने साड़ी को पारंपरिक निवी स्टाइल में ड्रेप किया और इसके साथ मैचिंग स्लीवलेस ब्लाउज़ पहना। यह सादा लेकिन स्टाइलिश ब्लाउज़ उनके ट्रेडिशनल लुक को मॉडर्न टच देता नजर आया। फैशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि क्लासिक साड़ी के साथ स्लीवलेस ब्लाउज़ जैसी छोटी स्टाइलिंग भी पूरे लुक को नया और आकर्षक बना सकती है। ज्वेलरी ने बढ़ाई शाही खूबसूरती इस लुक को पूरा करने के लिए श्रीलीला ने ग्रीन जेमस्टोन, डायमंड और पर्ल से सजा स्टेटमेंट नेकलेस पहना। इसके अलावा उन्होंने— झूमर स्टाइल ईयररिंग्स ग्रीन स्टोन और डायमंड बैंगल्स स्टाइलिश रिंग कमल (Lotus) डिज़ाइन वाली पायल के जरिए अपने ट्रेडिशनल आउटफिट को और भी रॉयल बनाया। मेकअप और हेयरस्टाइल भी रहा शानदार ब्यूटी लुक में अभिनेत्री ने ग्लोइंग बेस, विंग्ड आईलाइनर, डिफाइंड लैशेज, न्यूड लिपस्टिक और मैचिंग ग्रीन बिंदी चुनी। वहीं खुले मुलायम कर्ल्स वाले बाल उनके पूरे लुक को एलिगेंट फिनिश देते नजर आए। साड़ियों के प्रति खास है श्रीलीला का लगाव श्रीलीला अक्सर अलग-अलग डिज़ाइन की साड़ियों में नजर आती हैं। इससे पहले उन्होंने पन्ना हरे रंग की एम्ब्रॉयडरी वाली साड़ी में मोनोक्रोम लुक अपनाया था। इस साल उन्होंने फ्लोरल प्रिंट वाली जॉर्जेट साड़ी पहनकर भी फैशन प्रेमियों का ध्यान खींचा। वहीं रूबी रेड जॉर्जेट साड़ी में मिरर एम्ब्रॉयडरी वाला उनका लुक भी काफी पसंद किया गया था। ट्रेडिशनल और मॉडर्न स्टाइल का शानदार मेल श्रीलीला का यह नया लुक इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि पारंपरिक भारतीय सिल्क साड़ी को भी आधुनिक स्टाइलिंग के साथ बेहद ग्लैमरस बनाया जा सकता है। स्लीवलेस ब्लाउज़, स्टेटमेंट ज्वेलरी और मिनिमल मेकअप ने उनके क्लासिक आउटफिट को एक फ्रेश और फैशनेबल अंदाज़ दिया है।