नई दिल्ली: फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल मुकाबला केवल स्पेन और अर्जेंटीना के बीच रोमांचक जंग तक सीमित नहीं रहा। अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए इस ऐतिहासिक मुकाबले में दुनिया भर के फिल्म, संगीत, खेल और मनोरंजन जगत की कई बड़ी हस्तियों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
80 हजार से अधिक दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में मैच का रोमांच अपने चरम पर था, वहीं वीआईपी गैलरी में मौजूद ग्लोबल स्टार्स भी आकर्षण का केंद्र बने रहे।
फाइनल मुकाबले से पहले आयोजित भव्य उद्घाटन समारोह में कई अंतरराष्ट्रीय कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति दी।
इस दौरान मंच पर नजर आए—
इन कलाकारों की प्रस्तुतियों ने मैच शुरू होने से पहले ही दर्शकों का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया।
हॉलीवुड अभिनेता टिमोथी चालामेट अपनी गर्लफ्रेंड काइली जेनर के साथ मैच देखने पहुंचे। दोनों स्टेडियम में एक साथ नजर आए और उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगीं।
संगीत जगत की सुपरस्टार बेयोंसे और उनके पति जे-ज़ी भी वीआईपी बॉक्स में मौजूद रहे। दोनों हाल ही में न्यूयॉर्क के यांकी स्टेडियम में अपने शो के बाद सीधे फीफा फाइनल का हिस्सा बने।
पॉप स्टार रिहाना और रैपर ए$एपी रॉकी भी मैच का आनंद लेते दिखाई दिए। दोनों पूरे मुकाबले के दौरान वीआईपी सेक्शन में मौजूद रहे।
हाल ही में शादी के बंधन में बंधे दुआ लीपा और कैलम टर्नर भी मैच देखने पहुंचे। दोनों का स्टाइलिश अंदाज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहा।
इंग्लैंड के फुटबॉल दिग्गज डेविड बेकहम अपनी पत्नी विक्टोरिया बेकहम के साथ स्टेडियम में नजर आए। फुटबॉल के सबसे बड़े मुकाबले में उनकी मौजूदगी ने फैंस का उत्साह और बढ़ा दिया।
फाइनल मुकाबले में कई अन्य अंतरराष्ट्रीय हस्तियां भी मौजूद रहीं, जिनमें शामिल हैं—
फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल केवल फुटबॉल प्रेमियों के लिए ही नहीं, बल्कि ग्लोबल एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लिए भी यादगार बन गया। एक ओर मैदान पर स्पेन और अर्जेंटीना के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर स्टेडियम में मौजूद दुनिया के सबसे बड़े सितारों ने इस आयोजन को और भी भव्य बना दिया।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
नई दिल्ली: फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल मुकाबला केवल स्पेन और अर्जेंटीना के बीच रोमांचक जंग तक सीमित नहीं रहा। अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए इस ऐतिहासिक मुकाबले में दुनिया भर के फिल्म, संगीत, खेल और मनोरंजन जगत की कई बड़ी हस्तियों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। 80 हजार से अधिक दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में मैच का रोमांच अपने चरम पर था, वहीं वीआईपी गैलरी में मौजूद ग्लोबल स्टार्स भी आकर्षण का केंद्र बने रहे। शानदार ओपनिंग सेरेमनी ने बांधा समां फाइनल मुकाबले से पहले आयोजित भव्य उद्घाटन समारोह में कई अंतरराष्ट्रीय कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति दी। इस दौरान मंच पर नजर आए— रॉबी विलियम्स टॉम क्रूज़ निकोल शेर्ज़िंगर लॉरा पॉज़िनी पोस्ट मेलोन स्वे ली जेनिफर हडसन इन कलाकारों की प्रस्तुतियों ने मैच शुरू होने से पहले ही दर्शकों का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया। टिमोथी चालामेट और काइली जेनर ने खींचा ध्यान हॉलीवुड अभिनेता टिमोथी चालामेट अपनी गर्लफ्रेंड काइली जेनर के साथ मैच देखने पहुंचे। दोनों स्टेडियम में एक साथ नजर आए और उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगीं। बेयोंसे और जे-ज़ी ने VIP बॉक्स से देखा मुकाबला संगीत जगत की सुपरस्टार बेयोंसे और उनके पति जे-ज़ी भी वीआईपी बॉक्स में मौजूद रहे। दोनों हाल ही में न्यूयॉर्क के यांकी स्टेडियम में अपने शो के बाद सीधे फीफा फाइनल का हिस्सा बने। रिहाना और ए$एपी रॉकी भी पहुंचे पॉप स्टार रिहाना और रैपर ए$एपी रॉकी भी मैच का आनंद लेते दिखाई दिए। दोनों पूरे मुकाबले के दौरान वीआईपी सेक्शन में मौजूद रहे। दुआ लीपा और कैलम टर्नर की भी रही चर्चा हाल ही में शादी के बंधन में बंधे दुआ लीपा और कैलम टर्नर भी मैच देखने पहुंचे। दोनों का स्टाइलिश अंदाज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहा। डेविड और विक्टोरिया बेकहम भी रहे मौजूद इंग्लैंड के फुटबॉल दिग्गज डेविड बेकहम अपनी पत्नी विक्टोरिया बेकहम के साथ स्टेडियम में नजर आए। फुटबॉल के सबसे बड़े मुकाबले में उनकी मौजूदगी ने फैंस का उत्साह और बढ़ा दिया। कई अन्य बड़े सितारों ने भी बढ़ाई रौनक फाइनल मुकाबले में कई अन्य अंतरराष्ट्रीय हस्तियां भी मौजूद रहीं, जिनमें शामिल हैं— मैट डेमन और लुसियाना बारोसो जूलिया गार्नर आन्या टेलर-जॉय गैब्रिएल यूनियन मिक जैगर क्रिस्टीना एगुइलेरा जेवियर बार्डेम विल फेरेल केविन हार्ट सेरेना विलियम्स फैरेल विलियम्स ट्रेवर नोआ रिचर्ड गेयर एड्रियन ब्रॉडी जॉन हैम ड्वेन वेड रॉब ग्रोनकोव्स्की विक्टर वेम्बनयामा जालेन ब्रनसन कार्ल-एंथनी टाउन्स खेल और ग्लैमर का शानदार संगम फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल केवल फुटबॉल प्रेमियों के लिए ही नहीं, बल्कि ग्लोबल एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लिए भी यादगार बन गया। एक ओर मैदान पर स्पेन और अर्जेंटीना के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर स्टेडियम में मौजूद दुनिया के सबसे बड़े सितारों ने इस आयोजन को और भी भव्य बना दिया।
हर व्यक्ति के चेहरे की बनावट अलग होती है। किसी का चेहरा गोल होता है, तो किसी का अंडाकार, चौकोर, हार्ट शेप या लंबा। मेकअप एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर मेकअप चेहरे की शेप के अनुसार किया जाए, तो चेहरे की प्राकृतिक खूबसूरती और भी निखरकर सामने आती है। सही तकनीक अपनाने से आपका लुक अधिक संतुलित, आकर्षक और प्रोफेशनल नजर आ सकता है। गोल (Round) चेहरे के लिए मेकअप गोल चेहरे में गाल भरे हुए और फीचर्स मुलायम दिखाई देते हैं। ऐसे में चेहरे को थोड़ा लंबा और स्लिम दिखाने पर ध्यान देना चाहिए। क्या करें? जॉलाइन और चेहरे के किनारों पर हल्की कंटूरिंग करें। ब्लश को गालों से ऊपर की ओर ब्लेंड करें। विंग्ड आईलाइनर या सॉफ्ट स्मोकी आई मेकअप चुनें। हाईलाइटर का संतुलित इस्तेमाल करें। अंडाकार (Oval) चेहरे के लिए मेकअप ओवल फेस को सबसे संतुलित फेस शेप माना जाता है। इस पर लगभग हर तरह का मेकअप अच्छा लगता है। क्या करें? हल्का फाउंडेशन और नैचुरल बेस रखें। सॉफ्ट ब्लश और न्यूड लिपस्टिक चुनें। गाल, नाक और माथे पर हल्का हाईलाइटर लगाएं। आंखों पर शिमरी या न्यूट्रल आईशैडो अच्छे लगते हैं। चौकोर (Square) चेहरे के लिए मेकअप चौकोर चेहरे में जॉलाइन अधिक उभरी हुई होती है। ऐसे में उद्देश्य फीचर्स को थोड़ा सॉफ्ट दिखाना होता है। क्या करें? हल्की कंटूरिंग करें, बहुत शार्प लुक से बचें। पीच, पिंक और न्यूड ब्लश का इस्तेमाल करें। ब्राउन या सॉफ्ट स्मोकी आई मेकअप चुनें। क्रीमी या ग्लॉसी लिपस्टिक चेहरे को सॉफ्ट लुक देती है। हार्ट (Heart) फेस शेप के लिए मेकअप हार्ट शेप चेहरे में माथा चौड़ा और ठुड्डी अपेक्षाकृत पतली होती है। क्या करें? आंखों को बोल्ड लुक दें। मस्कारा और आईलाइनर से आंखों को उभारें। ब्राइट या ग्लॉसी लिपस्टिक का इस्तेमाल करें। ठुड्डी के आसपास हल्का ब्रॉन्जर लगाकर चेहरे का संतुलन बनाए रखें। लंबे (Long) चेहरे के लिए मेकअप लंबे चेहरे की सबसे बड़ी खासियत उसकी एलिगेंट बनावट होती है, लेकिन कई बार यह जरूरत से ज्यादा लंबा दिखाई देता है। क्या करें? माथे और ठुड्डी पर हल्का ब्रॉन्जर लगाएं। ब्लश को क्षैतिज (Horizontal) दिशा में ब्लेंड करें। बहुत लंबा विंग्ड आईलाइनर लगाने से बचें। ब्राइट लिपस्टिक चेहरे को बेहतर बैलेंस देती है। मेकअप करते समय रखें इन बातों का ध्यान अपनी स्किन टोन के अनुसार सही फाउंडेशन चुनें। मेकअप से पहले त्वचा को अच्छी तरह मॉइस्चराइज करें। जरूरत से ज्यादा प्रोडक्ट लगाने से बचें। अच्छे ब्रश और ब्लेंडिंग तकनीक का इस्तेमाल करें। दिन और रात के मेकअप में अंतर रखें। एक्सपर्ट की सलाह मेकअप एक्सपर्ट्स के अनुसार हर ट्रेंड हर चेहरे पर अच्छा लगे, यह जरूरी नहीं है। इसलिए किसी और का मेकअप कॉपी करने के बजाय अपने फेस शेप और फीचर्स को समझकर मेकअप करें। सही मेकअप वही है जो आपकी प्राकृतिक खूबसूरती को छिपाने के बजाय उसे और निखारे। आत्मविश्वास के साथ किया गया मेकअप ही सबसे प्रभावशाली नजर आता है।
बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी पहचान बना चुकीं अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा एक बार फिर अपने फैशन सेंस को लेकर सुर्खियों में हैं। विंबलडन 2026 के महिला सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान प्रियंका ने अपने एलिगेंट समर लुक से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उन्होंने ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस क्लब के रॉयल बॉक्स में बैठकर मैच का आनंद लिया और उनके स्टाइल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। क्रीम मिडी ड्रेस में दिखीं बेहद एलिगेंट इस खास मौके पर प्रियंका ने क्रीम रंग की स्टाइलिश मिडी ड्रेस पहनी थी। ड्रेस में कॉलर नेक, बटन-डाउन फ्रंट, हाफ पफ स्लीव्स और कमर पर मैचिंग बेल्ट दी गई थी, जिसने उनके लुक को और आकर्षक बना दिया। सिंपल लेकिन क्लासी आउटफिट ने समर फैशन का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। सिल्क बैंडाना और मिनिमल एक्सेसरीज ने बढ़ाई खूबसूरती प्रियंका ने अपने लुक को क्रीम रंग के फ्लोरल प्रिंट सिल्क बैंडाना, सिल्वर हूप ईयररिंग्स, सनग्लासेस और टोप (Taupe) रंग के शोल्डर बैग के साथ पूरा किया। खुले बालों और मिनिमल एक्सेसरीज ने उनके लुक में कॉटेज-कोर स्टाइल का खूबसूरत टच जोड़ दिया। सॉफ्ट मेकअप ने लुक को बनाया परफेक्ट मेकअप की बात करें तो प्रियंका ने ग्लॉसी चेरी लिपस्टिक, हल्का ब्राउन आईशैडो, मस्कारा, डिफाइंड आईब्रो और ड्यूई बेस के साथ नैचुरल लुक अपनाया। हल्के ब्लश ने उनके चेहरे की चमक को और निखार दिया। मैच के दौरान निक जोनस से की वीडियो कॉल विंबलडन के दौरान प्रियंका का एक खास पल भी कैमरे में कैद हुआ। मैच देखते समय उन्होंने अपने पति और सिंगर निक जोनस को फेसटाइम कॉल कर लाइव मैच दिखाया। इस रोमांटिक अंदाज ने फैंस का दिल जीत लिया और सोशल मीडिया पर इसकी भी खूब चर्चा हो रही है। पेरिस में भी दिखा था कपल का स्टाइलिश अंदाज विंबलडन से पहले प्रियंका और निक जोनस पेरिस में आयोजित डायर फॉल/विंटर 2026-27 कूट्योर शो में साथ नजर आए थे। इस फैशन इवेंट में प्रियंका ने डायर के क्रूज़ 2027 कलेक्शन की ऑरेंज फ्लोरल ड्रेस पहनी थी, जबकि निक ग्रे सूट और ग्रीन चेक शर्ट में स्टाइलिश दिखाई दिए। जल्द बड़े पर्दे पर लौटेंगी प्रियंका वर्कफ्रंट की बात करें तो प्रियंका चोपड़ा ने निर्देशक एस. एस. राजामौली की आगामी फिल्म की शूटिंग का बड़ा हिस्सा पूरा कर लिया है। फिल्म में उनके साथ महेश बाबू मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म की अधिकांश शूटिंग पूरी हो चुकी है, जबकि कुछ हिस्सों की शूटिंग अभी बाकी है। यह फिल्म रिलीज से पहले ही दर्शकों के बीच काफी चर्चा बटोर रही है।