मुंबई, एजेंसियां। अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा इन दिनों अपने बिजी शेड्यूल से थोड़ा ब्रेक लेकर परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिता रही हैं। प्रियंका ने सोशल मीडिया पर पिछले कुछ हफ्तों की तस्वीरों का एक प्यारा फोटो डंप शेयर किया है। इन तस्वीरों में उनका ग्लैमरस अंदाज, ट्रैवल की झलक और बेटी मालती मैरी के साथ बिताए खूबसूरत पल देखने को मिले। प्रियंका ने शेयर किया फोटो डंप प्रियंका चोपड़ा लगातार शूटिंग, इवेंट्स और काम के सिलसिले में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा कर रही थीं। अब उन्होंने अपने हालिया पलों की तस्वीरें फैंस के साथ शेयर की हैं। तस्वीरों के साथ प्रियंका ने लिखा कि पिछले कुछ हफ्तों तक दुनिया भर में घूमने के बाद आखिरकार वह थोड़ी देर के लिए घर पर हैं। उनके इस पोस्ट में काम से जुड़े पलों के साथ परिवार और दोस्तों के साथ बिताया समय भी नजर आया। मालती के साथ दिखी खास बॉन्डिंग फोटो डंप में प्रियंका और उनकी बेटी मालती के कई क्यूट मोमेंट्स देखने को मिले। एक तस्वीर में मालती अपनी मां की गोद में बैठकर इडली खाती नजर आईं। वहीं, दूसरी तस्वीर में वह अपनी प्यारी सी फ्रॉक ट्राई करती दिखाई दीं। मालती के इन मासूम पलों ने फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उनके देसी अंदाज की भी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। परिवार के साथ डिनर का भी दिखा नजारा प्रियंका ने परिवार के साथ बिताए वक्त की तस्वीर भी शेयर की। इसमें सभी एक साथ डिनर टेबल पर नजर आए। तस्वीरों से साफ है कि व्यस्त शेड्यूल के बीच प्रियंका परिवार के साथ समय बिताने का मौका नहीं छोड़तीं। चार्ली चैपलिन को देखती नजर आईं मालती एक तस्वीर में मालती पार्क में चार्ली चैपलिन के किरदार की पोशाक पहने एक शख्स को बड़े ध्यान से देखती नजर आईं। इस तस्वीर में मालती का चेहरा कैमरे की तरफ नहीं है, लेकिन उनका क्यूट अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है। ड्रॉइंग और मस्ती करती दिखीं मालती फोटो डंप में मालती अपनी दोस्त के साथ कलरिंग और ड्रॉइंग करती भी दिखाई दीं। वहीं कुछ तस्वीरों में वह घर पर मस्ती करती नजर आईं। प्रियंका की इन तस्वीरों से उनके फैंस को उनकी पर्सनल लाइफ और फैमिली टाइम की प्यारी झलक मिली है।
मुंबई, एजेंसियां। टीवी अभिनेत्री शिवांगी जोशी और अभिनेता हर्षद चोपड़ा की जोड़ी लंबे समय से दर्शकों के बीच चर्चा में रही है। दोनों ने साथ काम किया और बाद में रियलिटी शो ‘लॉक अप 2’ में भी उनकी नजदीकियों ने रिश्ते को लेकर अटकलों को हवा दी। हालांकि, अब हर्षद चोपड़ा ने इन चर्चाओं पर खुलकर बात करते हुए दोनों के बीच किसी रोमांटिक रिश्ते की खबरों को खारिज किया है। उन्होंने साफ किया कि शिवांगी के साथ उनका रिश्ता दोस्ती का है। ‘लॉक अप 2’ में बढ़ी दोनों की नजदीकियां शिवांगी जोशी और हर्षद चोपड़ा की दोस्ती ‘लॉक अप 2’ के दौरान लगातार सुर्खियों में रही। शो में दोनों की बॉन्डिंग और एक-दूसरे का समर्थन करने के कारण दर्शकों के बीच उनके अफेयर को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। मामला उस समय और चर्चा में आया जब हर्षद ने शो में शिवांगी के लिए बड़ा फैसला लिया। उन्होंने फिनाले की दौड़ में अपनी जगह छोड़कर शिवांगी को आगे बढ़ाने का फैसला किया था। इस कदम के बाद सोशल मीडिया पर दोनों के रिश्ते को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं। हर्षद ने रोमांटिक रिश्ते से किया इनकार अफेयर की चर्चाओं के बीच हर्षद चोपड़ा ने स्पष्ट किया कि शिवांगी के साथ उनका रिश्ता रोमांटिक नहीं है। उन्होंने दोनों के बीच बने रिश्ते को दोस्ती के तौर पर बताया। हर्षद का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि शो के दौरान उनकी शिवांगी के प्रति करीबी और समर्थन को दर्शकों के एक वर्ग ने प्रेम संबंध से जोड़कर देखना शुरू कर दिया था। अभिनेता ने इन अटकलों को हवा देने के बजाय रिश्ते की वास्तविक स्थिति साफ करने की कोशिश की। बहन भी अफेयर की खबरों से थी नाराज हर्षद ने यह भी बताया कि शिवांगी के साथ उनके रोमांस की खबरों से उनकी बहन नाराज थी। दरअसल, शो में हर्षद के शिवांगी के लिए किए गए फैसलों और दोनों की करीबी के बाद बाहर भी उनके रिश्ते को लेकर चर्चा बढ़ गई थी। हर्षद के मुताबिक, उनकी बहन को भी इस तरह की खबरों और चर्चाओं पर आपत्ति थी। हालांकि, अभिनेता ने अपने और शिवांगी के रिश्ते को लेकर किसी तरह की रोमांटिक पुष्टि नहीं की। दोस्ती और शो के फैसलों ने बढ़ाई चर्चा ‘लॉक अप 2’ में हर्षद ने शिवांगी का लगातार समर्थन किया। एक मौके पर उन्होंने फिनाले में पहुंचने का अपना मौका छोड़ दिया, जिसके बाद दर्शकों के बीच उनकी दोस्ती को लेकर काफी चर्चा हुई। कुछ दर्शकों ने इसे भावनात्मक जुड़ाव माना, जबकि कुछ ने इसे शो की रणनीति के नजरिए से देखा। शो से बाहर आने के बाद भी हर्षद ने शिवांगी के प्रति अपना समर्थन बनाए रखा। ऐसे में दोनों के रिश्ते को लेकर अटकलें जारी रहीं, लेकिन हर्षद के ताजा स्पष्टीकरण से कम से कम उनकी तरफ से स्थिति स्पष्ट हो गई है।
नई दिल्ली: तमिलनाडु में डीएमके नेता और पूर्व अभिनेता उदयनिधि स्टालिन की अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर की गई कथित डबल मीनिंग टिप्पणी पर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। बयान को लेकर राजनीतिक और फिल्मी जगत से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत तथा गायिका चिन्मयी श्रीपदा ने भी स्टालिन की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई है। विवाद की शुरुआत 3 अगस्त को तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित एक रैली के दौरान हुई। कार्यक्रम में उदयनिधि स्टालिन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर निशाना साध रहे थे। इसी दौरान भीड़ की ओर से अभिनेत्री तृषा कृष्णन के नाम के नारे लगाए गए। आरोप है कि इसके बाद स्टालिन ने ऐसा तंज किया, जिसे सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चा में डबल मीनिंग टिप्पणी के तौर पर देखा गया। स्टालिन ने बाद में अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि उनका संदर्भ कावेरी नदी के पानी से था। हालांकि, उनकी सफाई के बावजूद विवाद थमता नजर नहीं आया और महिला सम्मान तथा राजनीतिक बहस में निजी टिप्पणियों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठने लगे। कंगना रनौत ने जताई कड़ी आपत्ति अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने उदयनिधि स्टालिन की हिरासत को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सार्वजनिक मंचों पर अश्लील या भद्दे मजाक को सामान्य नहीं माना जाना चाहिए। कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उनका कहना था कि किसी सभ्य समाज में सार्वजनिक तौर पर गाली-गलौज या डबल मीनिंग और अश्लील मजाक स्वीकार नहीं किए जाने चाहिए। कंगना ने स्टालिन की हिरासत और बाद में जमानत पर रिहाई का जिक्र करते हुए इसे एक ऐसा उदाहरण बताया, जिससे सार्वजनिक जीवन में भाषा और व्यवहार को लेकर संदेश जाना चाहिए। चिन्मयी श्रीपदा ने राजनीति में महिलाओं को घसीटने पर उठाया सवाल गायिका चिन्मयी श्रीपदा ने भी सोशल मीडिया पर इस विवाद को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने राजनीतिक बहस में महिलाओं को घसीटे जाने की प्रवृत्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि नेताओं को महिलाओं को राजनीतिक मुद्दों के बीच लाने के बजाय वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। चिन्मयी ने अपने पोस्ट में तमिलनाडु की राजनीति में पहले सामने आए कुछ विवादित बयानों का भी संदर्भ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक मंचों पर महिलाओं के बारे में भद्दी भाषा का इस्तेमाल पहले भी होता रहा है और ऐसी भाषा को लंबे समय तक सामान्य मानने की प्रवृत्ति रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब किसी बयान के दो अर्थ निकाले जा सकते हों, तो बाद में पूरी जिम्मेदारी सुनने वालों की समझ पर डाल देना कितना उचित है। चिन्मयी ने जयललिता के संदर्भ का भी किया जिक्र चिन्मयी ने अपने बयान में तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि पुरानी राजनीतिक पीढ़ी में महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा के इस्तेमाल के कई उदाहरण रहे हैं और ऐसे बयानों को राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक नई पीढ़ी के नेताओं से अपेक्षा की जानी चाहिए कि वे सार्वजनिक संवाद का स्तर बेहतर करें, न कि पुरानी राजनीतिक भाषा को दोहराएं। खुशबू सुंदर भी पहले जता चुकी हैं नाराजगी इस विवाद पर अभिनेत्री और बीजेपी नेता खुशबू सुंदर भी पहले प्रतिक्रिया दे चुकी हैं। उन्होंने कथित टिप्पणी को बेहद घटिया और शर्मनाक बताते हुए कहा था कि राजनीतिक मतभेदों के नाम पर महिलाओं की गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता। खुशबू सुंदर ने इस तरह की भाषा को लेकर राजनीतिक संस्कृति पर भी सवाल उठाए थे। अब कंगना रनौत और चिन्मयी श्रीपदा की प्रतिक्रिया आने के बाद यह विवाद और व्यापक हो गया है। क्या कहा था उदयनिधि स्टालिन ने? मामला 3 अगस्त को तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित रैली से जुड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्टालिन मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर निशाना साध रहे थे। इसी दौरान भीड़ से तृषा कृष्णन के नाम के नारे लगाए गए। इसके बाद स्टालिन ने पानी से जुड़ा एक तंज किया, जिसे आलोचकों ने अभिनेत्री तृषा को लेकर डबल मीनिंग टिप्पणी के रूप में देखा। हालांकि, स्टालिन की ओर से बाद में सफाई दी गई कि उनका इशारा कावेरी के पानी से संबंधित था। यही सफाई अब विवाद के केंद्र में है। एक पक्ष इसे राजनीतिक भाषण में कावेरी जल विवाद का संदर्भ बता रहा है, जबकि आलोचक इसे अभिनेत्री को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी मान रहे हैं। पुलिस कार्रवाई और जमानत से भी बढ़ा विवाद विवाद बढ़ने के बाद उदयनिधि स्टालिन को पुलिस ने हिरासत में लिया और उनके खिलाफ छह धाराओं में मामला दर्ज किए जाने की बात सामने आई। उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए मद्रास हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी भी दाखिल की थी। हालांकि, सुनवाई से पहले ही उन्हें हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। फिलहाल इस पूरे विवाद ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—राजनीतिक मंचों पर नेताओं की भाषा की मर्यादा क्या होनी चाहिए और क्या राजनीतिक विरोध के दौरान किसी महिला अभिनेता या सार्वजनिक हस्ती को निजी टिप्पणियों का निशाना बनाया जाना उचित है? यह विवाद सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं रह गया है। इसके केंद्र में सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के सम्मान, राजनीतिक संवाद की भाषा और नेताओं की जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे भी आ गए हैं।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने अपने जीवन के उस दौर को याद किया है, जब उन्हें जेल में समय बिताना पड़ा था। अभिनेता ने जेल में बिताए दिनों और वहां मिले अनुभवों को याद करते हुए बताया कि वह समय उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन उस दौर ने उन्हें कई चीजें समझने और सीखने का मौका दिया। जेल में बिताया वक्त रहा चुनौतीपूर्ण सलमान खान के जीवन में जेल से जुड़ा अध्याय काफी चर्चा में रहा है। अभिनेता को 1998 के काले हिरण शिकार मामले में जेल जाना पड़ा था। उस दौरान उन्हें जेल में समय बिताना पड़ा और यह अनुभव उनके लिए बेहद मुश्किल रहा। अभिनेता ने अलग-अलग मौकों पर अपने जेल के अनुभवों का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि जेल की जिंदगी फिल्मों में दिखाई जाने वाली सामान्य जिंदगी से बिल्कुल अलग होती है। वहां व्यक्ति को सीमित सुविधाओं के बीच समय बिताना पड़ता है और अपने विचारों के साथ रहने का काफी समय मिलता है। मुश्किल दौर ने सिखाई कई बातें सलमान खान ने अपने जेल के दिनों को याद करते हुए संकेत दिया कि उस समय ने उन्हें जिंदगी को एक अलग नजरिए से देखने का मौका दिया। जेल में बिताया समय उनके लिए मानसिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन इसी दौरान उन्हें धैर्य और परिस्थितियों का सामना करने की सीख मिली। अभिनेता के मुताबिक, मुश्किल परिस्थितियां इंसान को अपने जीवन और फैसलों के बारे में सोचने का मौका देती हैं। उनके जेल के अनुभव भी उनके जीवन के ऐसे ही अध्यायों में शामिल रहे हैं, जिन्हें वह आज पीछे मुड़कर देखते हैं। सलमान के करियर पर भी पड़ा असर जेल से जुड़े विवादों के बावजूद सलमान खान ने बॉलीवुड में अपना दबदबा कायम रखा। उनकी फिल्मों और स्टारडम ने उन्हें हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में शामिल रखा है। पिछले कई वर्षों में सलमान खान ने अपने निजी जीवन से जुड़े मुश्किल दौर पर कई बार खुलकर बात की है। उनके प्रशंसक भी उनकी जिंदगी के इन अनुभवों में काफी दिलचस्पी दिखाते रहे हैं। जेल के दिनों की उनकी बातें सामने आने पर एक बार फिर अभिनेता के पुराने दौर और उससे जुड़े विवाद चर्चा में आ जाते हैं।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने 45 साल पूरे होने पर पुराने दिनों को याद किया है। अभिनेता ने इंडस्ट्री के बदलते माहौल पर बात करते हुए कहा कि उनके शुरुआती दौर में बॉलीवुड में लोगों के बीच परिवार जैसा जुड़ाव देखने को मिलता था, लेकिन अब प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई है। संजय दत्त का यह बयान फिल्म जगत में आए बदलाव को लेकर चर्चा में है। पुराने दौर को याद कर भावुक हुए संजय दत्त संजय दत्त ने अपने लंबे फिल्मी सफर को याद करते हुए कहा कि जब उन्होंने इंडस्ट्री में कदम रखा था, तब कलाकारों और फिल्म से जुड़े लोगों के बीच रिश्ते काफी अलग हुआ करते थे। उस समय एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहने और परिवार की तरह जुड़ाव रखने का माहौल था। अभिनेता ने अपने करियर के शुरुआती वर्षों को याद करते हुए बताया कि उस दौर में फिल्म इंडस्ट्री के लोगों के बीच आपसी सम्मान और अपनापन ज्यादा महसूस होता था। उनके मुताबिक, समय के साथ इंडस्ट्री का काम करने का तरीका काफी बदल गया है। अब प्रतिस्पर्धा पहले से कहीं ज्यादा संजय दत्त ने कहा कि आज के दौर में बॉलीवुड में प्रतिस्पर्धा बहुत बढ़ गई है। कलाकारों के बीच मुकाबला पहले की तुलना में ज्यादा है और हर कोई अपने करियर को आगे ले जाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने माना कि प्रतिस्पर्धा किसी भी इंडस्ट्री का हिस्सा है, लेकिन इसके कारण पुराने समय वाला आपसी जुड़ाव कम होता दिखाई दे रहा है। उनके बयान से यह भी संकेत मिलता है कि इंडस्ट्री में बदलाव सिर्फ फिल्मों और तकनीक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों के आपसी रिश्तों पर भी इसका असर पड़ा है। 45 साल का सफर रहा उतार-चढ़ाव से भरा संजय दत्त ने अपने करियर में कई दौर देखे हैं। उन्होंने एक बाल कलाकार के तौर पर शुरुआत की और बाद में हिंदी सिनेमा के प्रमुख अभिनेताओं में अपनी जगह बनाई। उनके करियर में सफलता के साथ-साथ निजी और पेशेवर स्तर पर कई मुश्किल दौर भी आए। 45 साल के लंबे सफर में संजय दत्त ने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए और कई पीढ़ियों के कलाकारों के साथ काम किया। यही वजह है कि उनके लिए बॉलीवुड का बदलता दौर काफी करीब से देखा हुआ अनुभव है। आज भी फिल्मों में सक्रिय हैं अभिनेता लंबे करियर के बावजूद संजय दत्त फिल्मों में लगातार सक्रिय हैं। वह अब मुख्य अभिनेता के साथ-साथ दमदार सहायक भूमिकाओं में भी नजर आ रहे हैं। उनकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है और नई पीढ़ी के कलाकारों के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है। फिल्म इंडस्ट्री में 45 साल पूरे करना संजय दत्त के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उनके इस सफर में बॉलीवुड के कई दौर शामिल रहे हैं और इंडस्ट्री के बदलते माहौल पर उनकी टिप्पणी पुराने और नए दौर के बीच के अंतर को सामने लाती है।
गुवाहाटी, एजेंसियां। असम में बाढ़ से मची तबाही के बीच पंजाबी गायक और संगीतकार गुरु रंधावा ने मदद का हाथ बढ़ाया है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों के राहत और बचाव कार्यों के लिए अपनी निजी निधि से 5 लाख रुपये देने की घोषणा की है। गुरु रंधावा की इस पहल के बाद उनकी सोशल मीडिया पर भी सराहना हो रही है। राहत कार्यों के लिए आगे आए गुरु रंधावा रिपोर्टों के अनुसार, गुरु रंधावा ने यह राशि ऊपरी असम में चल रहे राहत कार्यों के लिए देने का फैसला किया है। उनका योगदान असम के डिजिटल क्रिएटर दिम्पू बरुआ के माध्यम से राहत कार्यों तक पहुंचाया जा रहा है। दिम्पू बरुआ ‘हेलो लाइफ फाउंडेशन’ के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत अभियान चला रहे हैं। बाढ़ के कारण कई इलाकों में लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। प्रभावित परिवारों तक भोजन, जरूरी सामान और अन्य राहत सामग्री पहुंचाने के लिए विभिन्न स्तरों पर अभियान चलाए जा रहे हैं। लोगों से भी मदद के लिए की अपील गुरु रंधावा ने अपनी ओर से आर्थिक मदद देने के साथ ही देश के लोगों से भी असम के बाढ़ पीड़ितों के समर्थन में आगे आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए और उनकी मदद के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उनकी अपील ऐसे समय में सामने आई है, जब असम के कई हिस्सों में बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राहत अभियान में आम लोगों के साथ-साथ मनोरंजन जगत की कई हस्तियां भी अपना योगदान दे रही हैं। असम में जारी है राहत और बचाव अभियान असम में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं। ऊपरी असम के कई जिलों में बाढ़ ने घरों, सड़कों और लोगों की आजीविका को नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में राहत संगठनों और स्वयंसेवकों की ओर से प्रभावित परिवारों तक जरूरी सामग्री पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। गुरु रंधावा की 5 लाख रुपये की सहायता इसी राहत अभियान का हिस्सा है। उनके इस कदम से बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए चलाए जा रहे प्रयासों को आर्थिक सहयोग मिलने के साथ ही लोगों में राहत कार्यों के प्रति जागरूकता बढ़ने की उम्मीद है।
पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के लोकप्रिय सिंगर और रैपर करण औजला इन दिनों अपने म्यूजिक के अलावा एक खास वजह से भी चर्चा में हैं। 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के हालिया एपिसोड में उन्होंने एक कंटेस्टेंट और उसकी पत्नी की कहानी सुनने के बाद ऐसा कदम उठाया, जिसने शो में मौजूद लोगों के साथ-साथ सोशल मीडिया यूजर्स का भी ध्यान खींच लिया। करण औजला ने कंटेस्टेंट विजेंद्र रजक और उनकी पत्नी को मालदीव ट्रिप के टिकट स्पॉन्सर करने की पेशकश की। कपल की कहानी सुनने के बाद करण का यह जेस्चर फैंस को काफी पसंद आया और सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ होने लगी। व्हील स्टंट से प्रभावित हुए जज 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के इस एपिसोड में करण औजला के साथ समय रैना, तन्मय भट, गुरलीन पन्नू और राहुल दुआ भी पैनल का हिस्सा थे। शो में विजेंद्र रजक ने व्हील स्टंट परफॉर्मेंस पेश किया, जिसने जजों को प्रभावित किया। परफॉर्मेंस के बाद बातचीत के दौरान विजेंद्र की पत्नी भी मंच पर आईं। इसी दौरान दोनों ने अपनी निजी जिंदगी और शादी से जुड़ी कहानी साझा की। परिवार के खिलाफ जाकर की शादी कपल ने बताया कि उनके रिश्ते से परिवार खुश नहीं था। ऐसे में दोनों ने घर से भागकर शादी करने का फैसला किया। विजेंद्र के मुताबिक, दोनों की मुलाकात के बाद करीब एक महीने तक डेटिंग हुई और इसके बाद उनकी पत्नी ने शादी करने की इच्छा जाहिर की। विजेंद्र ने बताया कि उस समय आर्थिक स्थिति भी बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन उन्होंने अपनी पार्टनर का साथ दिया और दोनों ने शादी कर ली। शादी के बाद उन्हें पत्नी के परिवार की ओर से पुलिस शिकायत का सामना भी करना पड़ा। कपल की यह कहानी सुनकर शो में मौजूद पैनलिस्टों ने उनसे उनकी जिंदगी और भविष्य के सपनों के बारे में बात की। मालदीव जाने की इच्छा सुनकर करण ने किया बड़ा ऐलान बातचीत के दौरान जब समय रैना ने विजेंद्र से पूछा कि वह जीवन में क्या करना चाहते हैं, तो उन्होंने मालदीव घूमने की इच्छा जाहिर की। यह सुनते ही करण औजला ने कपल को मालदीव भेजने की पेशकश कर दी। उन्होंने कहा कि अगर मालदीव जाकर उन्हें खुशी मिलेगी, तो वह उनके टिकट स्पॉन्सर करेंगे। करण के इस ऐलान ने शो का माहौल बदल दिया। समय रैना ने भी उनके इस जेस्चर को प्यारा बताया। वहीं करण ने मजाकिया अंदाज में कहा कि यह सब उन्हें अपनी पत्नी की वजह से मिल रहा है। विजेंद्र ने सोशल मीडिया पर किया शुक्रिया शो के बाद विजेंद्र ने सोशल मीडिया पर एपिसोड का वीडियो शेयर करते हुए करण औजला का आभार जताया। उन्होंने कहा कि 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में मिला प्लेटफॉर्म और अनुभव उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा। विजेंद्र ने करण को उनकी परफॉर्मेंस की तारीफ करने और मालदीव ट्रिप स्पॉन्सर करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने शो के अन्य पैनलिस्टों के प्रति भी प्यार और समर्थन के लिए आभार जताया। फैंस ने करण औजला की जमकर तारीफ की करण के इस जेस्चर को सोशल मीडिया यूजर्स ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। कई फैंस ने कहा कि करण ने इस कदम से उनके दिल में अपनी जगह और मजबूत कर ली है। कुछ यूजर्स ने उन्हें नेकदिल इंसान बताया, जबकि कई लोगों ने कहा कि उनकी पहचान सिर्फ एक सफल पंजाबी कलाकार के तौर पर नहीं है, बल्कि ऐसे मौके उनकी मानवीय सोच को भी सामने लाते हैं। एक यूजर ने कहा कि करण औजला ने एक बार फिर लोगों का दिल जीत लिया। वहीं कुछ अन्य प्रशंसकों ने भी उनके इस फैसले की सराहना की। कौन हैं करण औजला? करण औजला पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के चर्चित सिंगर, रैपर और सॉन्गराइटर हैं। 'Softly', 'Tauba Tauba', 'Admiring You', 'Winning Speech' और '52 Bars' जैसे गानों से उन्हें भारत के साथ-साथ दुनियाभर में लोकप्रियता मिली है। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके गानों को भारत के अलावा विदेशों में भी बड़ी संख्या में सुना जाता है। ऐसे में 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में एक कपल की इच्छा पूरी करने का उनका फैसला अब उनकी फैन फॉलोइंग के बीच एक अलग वजह से चर्चा में है। करण का जेस्चर क्यों खास है? सेलिब्रिटी की ओर से किसी जरूरतमंद या आम व्यक्ति की मदद करना कोई नई बात नहीं है, लेकिन करण औजला के इस मामले में खास बात यह रही कि उन्होंने कपल की कहानी सुनी, उनकी इच्छा जानी और उसी वक्त उनकी मदद करने की पेशकश कर दी। हालांकि, इस तरह के किसी भी वायरल घटनाक्रम को शो में सामने आई जानकारी और संबंधित पक्षों के बयानों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए। फिलहाल इतना जरूर है कि करण का यह अंदाज उनके फैंस को काफी पसंद आया है।
Rashmika Mandanna Injury: अभिनेत्री रश्मिका मंदाना को शूटिंग के दौरान गंभीर चोट लगने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक डांस सीक्वेंस और एक्शन सीन की शूटिंग के दौरान उनके हिप के टेंडन को गंभीर नुकसान पहुंचा और वह फट गया। डॉक्टरों ने अभिनेत्री को करीब छह हफ्ते पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है। इसके बाद उन्हें रिहैबिलिटेशन थेरेपी से गुजरना पड़ सकता है। रश्मिका मंदाना की चोट की खबर सामने आने के बाद उनके फैंस की चिंता बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर प्रशंसक उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक रश्मिका मंदाना या उनकी टीम की ओर से इस चोट को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। डांस और एक्शन सीक्वेंस के दौरान लगी चोट रिपोर्ट्स के अनुसार, रश्मिका एक डांस सीक्वेंस की शूटिंग कर रही थीं। इसके अलावा उन्होंने एक एक्शन सीन भी शूट किया था। इसी दौरान उनके हिप में चोट लगी। बताया जा रहा है कि चोट इतनी गंभीर थी कि उनके हिप का टेंडन फट गया। टेंडन शरीर में मांसपेशियों को हड्डियों से जोड़ने वाला मजबूत ऊतक होता है। हिप के आसपास के टेंडन शरीर की गतिविधियों और पैरों की मूवमेंट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में गंभीर चोट के बाद पूरी तरह ठीक होने के लिए पर्याप्त आराम और विशेषज्ञों की निगरानी जरूरी हो सकती है। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि डॉक्टरों के मुताबिक इस तरह की गंभीर टेंडन इंजरी अक्सर उन प्रोफेशनल एथलीट्स में देखने को मिलती है, जो लंबे समय तक अत्यधिक ट्रेनिंग या शारीरिक गतिविधियों से गुजरते हैं। 6 हफ्ते बेड रेस्ट, फिर होगी रिहैबिलिटेशन थेरेपी रश्मिका की मेडिकल जांच के बाद उन्हें करीब छह सप्ताह तक आराम करने की सलाह दी गई है। इसके बाद उनकी रिकवरी की स्थिति के आधार पर रिहैबिलिटेशन थेरेपी शुरू की जा सकती है। इस चोट का असर उनके काम पर भी पड़ने की संभावना है। रश्मिका कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही थीं और शूटिंग शेड्यूल में चोट के कारण बदलाव करना पड़ सकता है। फिलहाल उनके कुछ एड कैंपेन के अलावा 'रणबाली' और 'मायसा' जैसे प्रोजेक्ट्स का काम भी चल रहा था। ऐसे में छह सप्ताह का आराम उनके शूटिंग शेड्यूल को प्रभावित कर सकता है और प्रोडक्शन टीमों को आगे की तारीखों में बदलाव करना पड़ सकता है। रश्मिका की तरफ से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं महत्वपूर्ण बात यह है कि रश्मिका मंदाना या उनकी टीम की ओर से अभी तक चोट को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। इसलिए चोट की गंभीरता और रिकवरी टाइमलाइन को लेकर सामने आई जानकारियां फिलहाल रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। फैंस के बीच चिंता जरूर है, लेकिन अभिनेत्री की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार किया जा रहा है। ऐसे में किसी भी दावे को अंतिम मेडिकल अपडेट मानने से पहले आधिकारिक बयान का इंतजार करना जरूरी है। शादी के बाद फिर शुरू किया था काम रश्मिका मंदाना ने फरवरी 2026 में विजय देवरकोंडा के साथ शादी की थी। शादी के बाद कुछ समय के ब्रेक के बाद उन्होंने दोबारा अपने प्रोफेशनल कमिटमेंट्स पर काम शुरू किया था। उन्होंने 'मायसा' की शूटिंग शुरू की थी। इसके अलावा वह 'रणबाली' में भी नजर आने वाली हैं, जिसमें उनके साथ विजय देवरकोंडा के काम करने की बात कही गई है। हाल ही में रश्मिका 'कॉकटेल 2' में भी नजर आई थीं, जिसमें कृति सेनन और शाहिद कपूर भी अहम भूमिकाओं में हैं। फैंस कर रहे हैं जल्द ठीक होने की दुआ रश्मिका मंदाना की चोट की खबर ने उनके फैंस को परेशान कर दिया है। अभिनेत्री के लगातार व्यस्त शूटिंग शेड्यूल और डांस-अॅक्शन सीक्वेंस के बीच लगी इस चोट के बाद अब उनके स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना जरूरी है। फिलहाल फैंस को उनकी आधिकारिक हेल्थ अपडेट का इंतजार है। उम्मीद है कि रश्मिका जल्द स्वस्थ होकर अपनी फिल्मों की शूटिंग पर वापसी करेंगी।
नई दिल्ली: रोहित शेट्टी के स्टंट रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ के टेलीकास्ट से पहले ही इससे जुड़ा विवाद सामने आ गया है। शो की कंटेस्टेंट और टीवी एक्ट्रेस शगुन शर्मा ने को-कंटेस्टेंट गौरव खन्ना पर सेट पर उन्हें परेशान करने और बुली करने का आरोप लगाया है। शगुन के मुताबिक, शूटिंग के दौरान गौरव का व्यवहार उन्हें काफी परेशान करने वाला लगा और वह भविष्य में उनसे दोबारा नहीं मिलना चाहेंगी। शगुन शर्मा ने यह बात ‘फिल्मीज्ञान’ को दिए एक इंटरव्यू में शो के दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए कही। हालांकि, गौरव खन्ना की ओर से इन आरोपों पर उनकी प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में सामने नहीं आई है। इसलिए शगुन के दावों को उनके पक्ष के रूप में ही देखा जाना चाहिए। शगुन शर्मा ने गौरव खन्ना को लेकर क्या कहा? शगुन शर्मा के मुताबिक, गौरव खन्ना उन लोगों में से हैं जिनसे वह दोबारा मिलना नहीं चाहेंगी। उन्होंने दावा किया कि शो के दौरान गौरव उन्हें काफी परेशान करते थे। शगुन ने अपने अनुभव को बताते हुए कहा कि जब कुछ कंटेस्टेंट किसी टास्क या काम को बीच में छोड़ देते थे, तब भी गौरव कथित तौर पर उन्हें ज्यादा टारगेट करते थे। उनके अनुसार, गौरव उन्हें ‘कमजोर’ कहकर ऐसी चीजें नहीं छोड़ने के लिए कहते थे। शगुन ने यह भी कहा कि उनके लिए यह व्यवहार इतना असहज था कि वह भविष्य में गौरव से मिलना नहीं चाहेंगी। ‘असल जिंदगी में इंसान का रूप बदल जाता है’ हालांकि, शगुन शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि शो के दौरान किसी व्यक्ति के व्यवहार को देखकर वह उसकी पूरी निजी जिंदगी के बारे में फैसला नहीं देना चाहतीं। उन्होंने कहा कि असल जिंदगी में किसी इंसान का रूप अलग हो सकता है और वह यह नहीं कहेंगी कि गौरव वास्तविक जीवन में भी बिल्कुल वैसे ही हैं, जैसे उन्होंने शो के दौरान उनके साथ व्यवहार किया। यानी शगुन ने अपने अनुभव को शो के सेट तक सीमित रखते हुए गौरव के निजी व्यक्तित्व पर कोई सीधा निष्कर्ष देने से परहेज किया। सोशल मीडिया पर शगुन के बयान को लेकर प्रतिक्रिया शगुन शर्मा के बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ यूजर्स ने शगुन के बयान पर सवाल उठाए और गौरव खन्ना का बचाव किया। कुछ लोगों ने यह भी टिप्पणी की कि गौरव के खिलाफ बोलना जैसे एक ट्रेंड बन गया है। इस तरह शगुन के आरोपों के बाद मामला सिर्फ दोनों कलाकारों के बीच के अनुभव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर फैंस के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। गौरव खन्ना पहले से क्यों चर्चा में हैं? गौरव खन्ना पिछले कुछ समय से अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी सुर्खियों में रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी पत्नी आकांक्षा ने हाल ही ‘लॉकअप 2’ में अपने रिश्ते को लेकर खुलासा किया था और दावा किया था कि दोनों तलाक लेने वाले हैं तथा करीब एक साल से अलग रह रहे हैं। इसके बाद गौरव खन्ना को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हुईं। अब शगुन शर्मा के सेट से जुड़े आरोपों ने एक बार फिर अभिनेता को चर्चा में ला दिया है। हालांकि, दोनों मामलों को अलग-अलग संदर्भों में देखना जरूरी है और किसी भी आरोप को संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया के बिना अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा। कौन हैं शगुन शर्मा? शगुन शर्मा टीवी इंडस्ट्री की जानी-पहचानी अभिनेत्री हैं। उन्होंने साल 2015 में ‘कुछ तो है तेरे मेरे दरमियां’ से अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद वह ‘कुछ रंग प्यार के ऐसे भी’, ‘गंगा’, ‘इस प्यार को क्या नाम दूं 3’ और ‘तू आशिकी’ जैसे टीवी शोज में नजर आईं। उन्हें 2021 में ‘इश्क पर जोर नहीं’ से खास पहचान मिली, जिसमें उन्होंने सोनाली सोनू मल्होत्रा का किरदार निभाया था। इसके बाद उन्होंने ‘ससुराल गेंदा फूल 2’ और ‘हरफूल मोहिनी’ जैसे शोज में काम किया। फिलहाल वह ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ में परिधि विरानी के किरदार में नजर आ रही हैं। अब ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में उनके और गौरव खन्ना के बीच कथित विवाद ने शो के प्रसारण से पहले ही दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ को लेकर बढ़ी उत्सुकता ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ की शूटिंग साउथ अफ्रीका के केप टाउन में पूरी हो चुकी है। इस सीजन के साथ रोहित शेट्टी करीब दो साल बाद स्टंट बेस्ड रियलिटी शो में वापसी कर रहे हैं। शो के प्रसारण से पहले ही कंटेस्टेंट्स के अनुभव और विवादों ने माहौल गर्म कर दिया है। अब देखना होगा कि शो के ऑन एयर होने के बाद शगुन शर्मा और गौरव खन्ना से जुड़ा यह मामला किस तरह सामने आता है और क्या गौरव इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया देते हैं।
टीवी अभिनेत्री श्वेता तिवारी और उनके पूर्व पति राजा चौधरी के बीच पुराना विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला उनकी बेटी पलक तिवारी की कस्टडी और करीब 93 लाख रुपये कीमत वाले एक फ्लैट से जुड़ा है। श्वेता तिवारी की ओर से अतीत में किए गए दावों और अब राजा चौधरी की सफाई के बाद इस पूरे मामले को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। तलाक समझौते में क्या हुआ था? रिपोर्ट के मुताबिक, श्वेता तिवारी और राजा चौधरी के तलाक के दौरान करीब 93 लाख रुपये कीमत का एक बेडरूम वाला फ्लैट राजा चौधरी के नाम ट्रांसफर किया गया था। इसके बदले राजा ने तलाक के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए और बेटी पलक तिवारी की कस्टडी के लिए दावा नहीं करने पर सहमति जताई थी। श्वेता तिवारी ने एक पुराने इंटरव्यू में दावा किया था कि कानूनी टीम ने राजा और पलक के नाम पर संपत्ति की संयुक्त मालिकाना व्यवस्था का विकल्प रखा था, लेकिन राजा ने कथित तौर पर इसे स्वीकार नहीं किया और फ्लैट का पूरा मालिकाना हक मांगा। श्वेता के मुताबिक, उस समय राजा की ओर से कथित तौर पर कहा गया था कि वह संपत्ति के बदले बेटी की कस्टडी छोड़ने को तैयार हैं। यही दावा बाद में दोनों के रिश्ते और तलाक की कहानी का सबसे विवादित हिस्सा बन गया। राजा चौधरी ने अब क्या कहा? अब एक नए इंटरव्यू में राजा चौधरी ने इस पूरे मामले पर अपनी तरफ की कहानी सामने रखी है। उनका कहना है कि 2007 में दोनों अलग हुए और मामला फैमिली कोर्ट तक पहुंचा। उनके मुताबिक, 2007 से 2012 के बीच वह लगातार कोर्ट की तारीखों पर जाते रहे। राजा ने दावा किया कि अदालत के आदेश के तहत उन्हें अपनी बेटी पलक से निर्धारित स्थान पर मिलने की अनुमति थी, लेकिन उनके अनुसार उन्हें बेटी से मिलने का मौका नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि उस दौर में वह दूसरी परेशानियों में उलझे हुए थे और उनके लिए रहने की जगह ढूंढना मुश्किल हो गया था। इसी परिस्थिति में उन्होंने फ्लैट को अपने रहने के लिए सुरक्षित विकल्प के तौर पर चुना। ₹9 लाख में खरीदा गया था फ्लैट राजा चौधरी के अनुसार, जिस फ्लैट की मौजूदा कीमत करीब 93 लाख रुपये बताई जा रही है, उसे शुरुआत में लगभग 9 लाख रुपये में खरीदा गया था। उनका दावा है कि उनके पिता ने इसकी डाउन पेमेंट की थी, जबकि उन्होंने और श्वेता ने मिलकर इसकी ईएमआई चुकाई थी। राजा का कहना है कि उस समय उनकी प्राथमिकता किसी बड़े आर्थिक लाभ से ज्यादा अपने लिए एक स्थायी घर हासिल करना थी। उन्होंने श्वेता के पुराने आरोप पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की रहने के लिए जगह पाने की जरूरत को बेटी या संपत्ति में से किसी एक को चुनने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। राजा का दावा- दूसरी संपत्तियों में भी छोड़ा हिस्सा राजा चौधरी ने यह भी दावा किया कि उन्होंने उन संपत्तियों में अपना हिस्सा छोड़ दिया था, जिन्हें उन्होंने और श्वेता ने साथ मिलकर खरीदा था। उनके मुताबिक, इन संपत्तियों में उनका आर्थिक योगदान भी था। उनका तर्क है कि अगर उनका मकसद केवल संपत्ति हासिल करना होता, तो वह दूसरी संयुक्त संपत्तियों में भी अपना हिस्सा मांग सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। पुराने दावों के बीच फिर बढ़ी चर्चा इस पूरे मामले में खास बात यह है कि श्वेता तिवारी और राजा चौधरी की ओर से सामने आई कहानियां एक-दूसरे से काफी अलग हैं। श्वेता ने जहां अतीत में संपत्ति और बेटी की कस्टडी को लेकर एक अलग तस्वीर पेश की थी, वहीं राजा अब इसे अपनी परिस्थितियों और रहने की जरूरत से जोड़कर देख रहे हैं। ऐसे में इस पुराने विवाद को समझने के लिए दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग देखना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी में दोनों के आरोपों और दावों के बीच कई अंतर दिखाई देते हैं, इसलिए किसी एक पक्ष की बात को अंतिम तथ्य मानने के बजाय इसे उनके संबंधित बयानों के तौर पर देखना अधिक उचित होगा। सोशल मीडिया पर क्यों चर्चा? पलक तिवारी अब खुद एक जानी-पहचानी अभिनेत्री हैं और श्वेता तिवारी भी लंबे समय से टेलीविजन की लोकप्रिय हस्तियों में शामिल रही हैं। ऐसे में उनके परिवार से जुड़ा कोई भी पुराना विवाद दोबारा सामने आने पर सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बन जाता है। हालांकि, इस मामले का सबसे संवेदनशील पहलू बेटी पलक तिवारी से जुड़ा है। इसलिए पुराने पारिवारिक विवाद को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय दोनों पक्षों के सार्वजनिक रूप से सामने आए दावों को सावधानी से समझना जरूरी है।
मुंबई, एजेंसियां। रैपर और सिंगर बादशाह की पत्नी एवं अभिनेत्री ईशा रिखी की एक क्रिप्टिक सोशल मीडिया पोस्ट ने उनके वैवाहिक जीवन को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू कर दिया है। पोस्ट में ईशा ने डर, चुप्पी और हिम्मत का जिक्र किया है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके रिश्ते में तनाव की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, बादशाह या ईशा रिखी की ओर से इन अटकलों की पुष्टि करने वाला कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वायरल हुई ईशा रिखी की पोस्ट ईशा रिखी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि कुछ लड़ाइयों के बाहरी निशान नहीं होते। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय तक चुप रहीं क्योंकि उन्हें डर था, लेकिन अब वह डर की जगह हिम्मत को चुन रही हैं। पोस्ट में यह भी लिखा गया कि उनकी चुप्पी का मतलब किसी बात को स्वीकार करना नहीं था। रिश्ते को लेकर बढ़ीं चर्चाएं पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बादशाह और ईशा रिखी के रिश्ते में दूरी की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, दोनों में से किसी ने भी वैवाहिक जीवन या पोस्ट के संदर्भ में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, इसलिए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कौन हैं ईशा रिखी? ईशा रिखी पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री और मॉडल हैं। उन्होंने 2013 में फिल्म जट्ट बॉयज पुट जट्टां दे से अभिनय की शुरुआत की थी और कई चर्चित पंजाबी फिल्मों में काम कर चुकी हैं। इसके अलावा वह बॉलीवुड फिल्म नवाबजादे और कई विज्ञापनों में भी नजर आ चुकी हैं। आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार फिलहाल ईशा रिखी की पोस्ट चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि, जब तक दोनों पक्षों की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आता, तब तक रिश्ते में अनबन की खबरों की पुष्टि नहीं की जा सकती।
Shefali Jariwala Pet Dog Simba Dies: 'कांटा लगा' फेम अभिनेत्री शेफाली जरीवाला के निधन के करीब एक साल बाद उनके सबसे प्यारे पालतू डॉग सिम्बा ने भी इस दुनिया को अलविदा कह दिया। इस दुखद खबर की जानकारी उनके पति और अभिनेता पराग त्यागी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के जरिए दी। पोस्ट सामने आते ही फैंस और सेलेब्रिटीज भी भावुक हो गए और पराग को हिम्मत बनाए रखने की सलाह देने लगे। पराग त्यागी ने शेयर किया भावुक वीडियो पराग त्यागी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेफाली जरीवाला और सिम्बा का एक पुराना वीडियो साझा किया। वीडियो के साथ उन्होंने बेहद भावुक संदेश लिखा कि अब शेफाली अकेली नहीं हैं, क्योंकि सिम्बा भी उनके पास पहुंच गया है। उन्होंने लिखा, "अब मम्मा अकेली नहीं है। सिम्बा मम्मा के साथ बहुत खुश है। मेरी दोनों लाइफ लाइन से दूसरी दुनिया में फिर मिलने का इंतजार रहेगा।" यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और हजारों लोग इस पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। फैंस और सेलेब्स ने जताया दुख पराग त्यागी की पोस्ट पर फैंस के साथ-साथ कई टीवी और फिल्मी सितारों ने भी प्रतिक्रिया दी। सभी ने सिम्बा के निधन पर दुख जताते हुए पराग को मजबूत रहने की सलाह दी। कई यूजर्स ने लिखा कि सिम्बा अब अपनी "मम्मा" शेफाली के साथ है। पहले भी फैली थीं सिम्बा की सेहत को लेकर अफवाहें कुछ महीने पहले सोशल मीडिया पर सिम्बा की तबीयत को लेकर कई झूठी खबरें वायरल हुई थीं। उस समय पराग त्यागी ने वीडियो जारी कर साफ किया था कि सिम्बा पूरी तरह स्वस्थ है और शेफाली की याद में परिवार के साथ सभी रस्में निभा रहा है। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों की आलोचना करते हुए कहा था कि कुछ लोग केवल लाइक्स और व्यूज के लिए गलत खबरें फैला रहे हैं। जून 2025 में हुआ था शेफाली जरीवाला का निधन गौरतलब है कि शेफाली जरीवाला का 27 जून 2025 को मुंबई में 42 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें सामने आई थीं। पराग त्यागी ने उन सभी दावों का खंडन करते हुए कहा था कि शेफाली सामान्य जीवन जी रही थीं और उनकी मौत को लेकर गलत जानकारी साझा नहीं की जानी चाहिए। शेफाली के जाने के बाद सिम्बा अक्सर पराग के साथ नजर आता था और दोनों एक-दूसरे का सहारा बने हुए थे। अब सिम्बा के निधन ने पराग त्यागी की जिंदगी में एक और बड़ा भावनात्मक खालीपन छोड़ दिया है।
नई दिल्ली: फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल मुकाबला केवल स्पेन और अर्जेंटीना के बीच रोमांचक जंग तक सीमित नहीं रहा। अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए इस ऐतिहासिक मुकाबले में दुनिया भर के फिल्म, संगीत, खेल और मनोरंजन जगत की कई बड़ी हस्तियों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। 80 हजार से अधिक दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में मैच का रोमांच अपने चरम पर था, वहीं वीआईपी गैलरी में मौजूद ग्लोबल स्टार्स भी आकर्षण का केंद्र बने रहे। शानदार ओपनिंग सेरेमनी ने बांधा समां फाइनल मुकाबले से पहले आयोजित भव्य उद्घाटन समारोह में कई अंतरराष्ट्रीय कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति दी। इस दौरान मंच पर नजर आए— रॉबी विलियम्स टॉम क्रूज़ निकोल शेर्ज़िंगर लॉरा पॉज़िनी पोस्ट मेलोन स्वे ली जेनिफर हडसन इन कलाकारों की प्रस्तुतियों ने मैच शुरू होने से पहले ही दर्शकों का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया। टिमोथी चालामेट और काइली जेनर ने खींचा ध्यान हॉलीवुड अभिनेता टिमोथी चालामेट अपनी गर्लफ्रेंड काइली जेनर के साथ मैच देखने पहुंचे। दोनों स्टेडियम में एक साथ नजर आए और उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगीं। बेयोंसे और जे-ज़ी ने VIP बॉक्स से देखा मुकाबला संगीत जगत की सुपरस्टार बेयोंसे और उनके पति जे-ज़ी भी वीआईपी बॉक्स में मौजूद रहे। दोनों हाल ही में न्यूयॉर्क के यांकी स्टेडियम में अपने शो के बाद सीधे फीफा फाइनल का हिस्सा बने। रिहाना और ए$एपी रॉकी भी पहुंचे पॉप स्टार रिहाना और रैपर ए$एपी रॉकी भी मैच का आनंद लेते दिखाई दिए। दोनों पूरे मुकाबले के दौरान वीआईपी सेक्शन में मौजूद रहे। दुआ लीपा और कैलम टर्नर की भी रही चर्चा हाल ही में शादी के बंधन में बंधे दुआ लीपा और कैलम टर्नर भी मैच देखने पहुंचे। दोनों का स्टाइलिश अंदाज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहा। डेविड और विक्टोरिया बेकहम भी रहे मौजूद इंग्लैंड के फुटबॉल दिग्गज डेविड बेकहम अपनी पत्नी विक्टोरिया बेकहम के साथ स्टेडियम में नजर आए। फुटबॉल के सबसे बड़े मुकाबले में उनकी मौजूदगी ने फैंस का उत्साह और बढ़ा दिया। कई अन्य बड़े सितारों ने भी बढ़ाई रौनक फाइनल मुकाबले में कई अन्य अंतरराष्ट्रीय हस्तियां भी मौजूद रहीं, जिनमें शामिल हैं— मैट डेमन और लुसियाना बारोसो जूलिया गार्नर आन्या टेलर-जॉय गैब्रिएल यूनियन मिक जैगर क्रिस्टीना एगुइलेरा जेवियर बार्डेम विल फेरेल केविन हार्ट सेरेना विलियम्स फैरेल विलियम्स ट्रेवर नोआ रिचर्ड गेयर एड्रियन ब्रॉडी जॉन हैम ड्वेन वेड रॉब ग्रोनकोव्स्की विक्टर वेम्बनयामा जालेन ब्रनसन कार्ल-एंथनी टाउन्स खेल और ग्लैमर का शानदार संगम फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल केवल फुटबॉल प्रेमियों के लिए ही नहीं, बल्कि ग्लोबल एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लिए भी यादगार बन गया। एक ओर मैदान पर स्पेन और अर्जेंटीना के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर स्टेडियम में मौजूद दुनिया के सबसे बड़े सितारों ने इस आयोजन को और भी भव्य बना दिया।
मुंबई, एजेंसियां। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की लंबी भूख हड़ताल को लेकर देशभर में चर्चा तेज है। छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कई फिल्मी हस्तियों के समर्थन के बीच अब बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने भी पहली बार इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सुपरहिट फिल्म ‘3 इडियट्स’ का किरदार सोनम वांगचुक पर आधारित नहीं था। दूसरी ओर, आमिर खान की पूर्व पत्नी और फिल्म निर्माता किरण राव ने सोशल एक्टिविस्ट के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई है। एक पत्रकार ने आमिर खान से क्या पूछ लिया? ब्रिटिश फिल्म इंस्टीट्यूट में फिल्म ‘लगान’ की विशेष स्क्रीनिंग के दौरान एक पत्रकार ने आमिर खान से पूछा कि क्या वे सोनम वांगचुक से प्रेरित रहे हैं। इस पर आमिर ने कहा कि यह धारणा पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि जब ‘3 इडियट्स’ बनाई जा रही थी, तब न वे, न निर्देशक राजकुमार हिरानी और न ही फिल्म के लेखक सोनम वांगचुक को जानते थे। आमिर ने क्या कहा? आमिर ने कहा, “मैंने हाल ही में ‘चतुर’ वाले वीडियो को देखा, लेकिन उसमें कही गई बात सही नहीं है। ‘3 इडियट्स’ सोनम वांगचुक पर आधारित फिल्म नहीं है। हालांकि, मैं उनके काम का सम्मान करता हूं और मानता हूं कि वे समाज के लिए बेहतरीन कार्य कर रहे हैं।” अभिनेता ने सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हर कोई उनकी सेहत को लेकर चिंतित है और उम्मीद करता है कि जल्द ही सकारात्मक समाधान निकले तथा वे अपना अनशन समाप्त कर स्वास्थ्य का ध्यान रखें। किरण राव ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान वहीं, किरण राव ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में सोनम वांगचुक और उनके साथ भूख हड़ताल पर बैठे अन्य लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि वे छात्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे सभी लोगों के साथ खड़ी हैं और न्याय की मांग के लिए किए जा रहे शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन करती हैं। किरण राव ने कहा किरण राव ने कहा कि 19 दिनों से जारी इस भूख हड़ताल पर सत्ता की चुप्पी बेहद दुखद और अमानवीय है। उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद स्थापित करने, उनकी मांगों को गंभीरता से सुनने और इस गतिरोध का जल्द समाधान निकालने की अपील की। उनके मुताबिक लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है और सरकार को संवेदनशीलता के साथ इस मुद्दे पर पहल करनी चाहिए।
मुंबई: अभिनेता आमिर खान ने अपनी तीसरी शादी के बाद लग रहे 'लव जिहाद' के आरोपों पर पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी वर्तमान पत्नी गौरी स्प्रैट हिंदू नहीं बल्कि ईसाई हैं और उनकी किसी भी पत्नी ने शादी के बाद अपना धर्म नहीं बदला। हाल के दिनों में आमिर खान की शादी को लेकर सोशल मीडिया और कुछ संगठनों की ओर से सवाल उठाए गए थे। इसी बीच उनके खिलाफ धार्मिक आधार पर आपत्तियां भी दर्ज कराई गईं। अब अभिनेता ने पूरे विवाद पर अपना पक्ष रखा है। "हमारा परिवार सभी धर्मों का सम्मान करता है" आमिर खान ने कहा कि उनका परिवार हमेशा विभिन्न धर्मों का सम्मान करने और साथ लेकर चलने में विश्वास करता है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में अलग-अलग धर्मों के लोगों के बीच विवाह हुए हैं। आमिर के अनुसार, उनकी दोनों बहनों की शादी हिंदू परिवारों में हुई है, उनकी बेटी ने भी एक हिंदू परिवार में विवाह किया है, जबकि उनके एक रिश्तेदार ने ईसाई महिला से शादी की है। उनका कहना है कि उनके परिवार में धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता। "मेरी किसी भी पत्नी ने धर्म परिवर्तन नहीं किया" आमिर खान ने कहा कि उनकी तीनों शादियां सिविल मैरिज के माध्यम से हुईं और उनकी किसी भी पत्नी ने विवाह के बाद धर्म परिवर्तन नहीं किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गौरी स्प्रैट हिंदू नहीं बल्कि ईसाई हैं। आमिर के मुताबिक, उनकी निजी जिंदगी में धर्म परिवर्तन का कभी कोई मुद्दा नहीं रहा। शादी के बाद बढ़ा था विवाद आमिर खान ने हाल ही में गौरी स्प्रैट के साथ विवाह किया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी शादी को लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ संगठनों ने इस विवाह पर आपत्ति जताते हुए अभिनेता पर 'लव जिहाद' से जुड़े आरोप लगाए, जबकि कई लोगों ने इसे दो वयस्कों का निजी निर्णय बताया। धार्मिक टिप्पणी और विवाद आमिर खान की शादी के बाद उत्तर प्रदेश में एक धार्मिक नेता द्वारा उनके विवाह को लेकर सार्वजनिक टिप्पणी भी की गई, जिसमें धार्मिक नियमों का हवाला देते हुए आपत्ति जताई गई। हालांकि, आमिर खान ने अपने बयान में केवल अपने परिवार की धार्मिक विविधता, सिविल मैरिज और धर्म परिवर्तन से जुड़े दावों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनकी जिंदगी समय के साथ और अधिक दिलचस्प होती जा रही है। सोशल मीडिया पर जारी है बहस आमिर खान के बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है। एक ओर उनके समर्थक उनके स्पष्टीकरण का समर्थन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आलोचक अपनी-अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं। फिलहाल अभिनेता की ओर से यही स्पष्ट किया गया है कि उनकी किसी भी शादी में धर्म परिवर्तन नहीं हुआ और उनका परिवार विभिन्न धर्मों के लोगों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों में विश्वास रखता है।
वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के भीतर नए हवाई हमले किए हैं, जबकि समुद्री नाकेबंदी (नेवल ब्लॉकेड) भी दोबारा लागू कर दी गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान बातचीत की मेज पर वापस नहीं आया, तो अमेरिका अपने सैन्य अभियान को और तेज करेगा तथा पावर प्लांट और पुल जैसे अहम ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है। ट्रंप ने दी सख्त चेतावनी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान के साथ पिछले महीने हुए समझौते के तहत हटाई गई समुद्री नाकेबंदी अब फिर से लागू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने रणनीतिक लक्ष्य हासिल करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। ट्रंप ने कहा कि ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर आगे क्या कार्रवाई होगी, इस पर अंतिम फैसला बाद में लिया जाएगा, लेकिन अगर हालात नहीं बदले तो अगले चरण में पावर प्लांट और उसके बाद महत्वपूर्ण पुलों को निशाना बनाया जा सकता है। ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमला अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि ईरान के भीतर सैन्य ठिकानों पर नया हवाई हमला किया गया है। अमेरिकी सेना के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य उन सैन्य क्षमताओं को नष्ट करना था, जिनका इस्तेमाल ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर हमलों के लिए कर सकता है। समुद्री नाकेबंदी फिर लागू अमेरिकी सेना ने बताया कि 14 जुलाई की शाम से ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों की ओर आने-जाने वाले जहाजों पर फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी गई है। इससे पहले दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत यह प्रतिबंध हटा लिया गया था। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी सैन्य गतिविधियां मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी भी मजबूत कर दी है। अमेरिकी सेना के मुताबिक, क्षेत्र में 20 से अधिक युद्धपोत और सैकड़ों सैन्य विमान तैनात हैं, जो किसी भी संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार हैं। समझौते पर मंडराया संकट पिछले महीने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के उद्देश्य से कुछ कदम उठाए गए थे, लेकिन हालिया सैन्य कार्रवाई और नाकेबंदी की बहाली के बाद दोनों देशों के बीच बना सीमित विश्वास भी कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं हुए तो क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।
Kriti Sanon Kabir Bahia News: बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन एक बार फिर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में वह इंग्लैंड के एजबेस्टन क्रिकेट स्टेडियम, बर्मिंघम में भारत बनाम इंग्लैंड मैच का आनंद लेते हुए नजर आईं। खास बात यह रही कि उनके साथ कथित बॉयफ्रेंड कबीर बाहिया भी मौजूद थे। दोनों की साथ में ली गई एक सेल्फी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। हालांकि दोनों ने अब तक अपने रिश्ते को आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया है, लेकिन उनकी हालिया तस्वीरों ने एक बार फिर डेटिंग की चर्चाओं को हवा दे दी है। बर्मिंघम में साथ दिखे कृति और कबीर कबीर बाहिया ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एजबेस्टन क्रिकेट स्टेडियम से एक ग्रुप सेल्फी साझा की, जिसमें कृति सेनन और उनके कुछ दोस्त भी नजर आए। तस्वीर में दोनों मुस्कुराते हुए कैमरे के लिए पोज देते दिखाई दिए। इस मौके पर कृति ने ग्रीन टॉप और व्हाइट पैंट पहनी थी, जबकि कबीर व्हाइट टी-शर्ट और ब्राउन लेदर जैकेट में नजर आए। दोनों का कैजुअल लुक सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है। ब्रेकअप की अफवाहों के बीच आई नई तस्वीर पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि कृति सेनन और कबीर बाहिया का रिश्ता खत्म हो गया है। इन चर्चाओं को तब और बल मिला जब कबीर की एक अन्य महिला के साथ तस्वीर वायरल हुई थी। हालांकि, हालिया तस्वीरों और सार्वजनिक मौजूदगी ने इन अफवाहों को फिर से चर्चा का विषय बना दिया है। इससे पहले भी कृति ने अपने जून फोटो डंप में कबीर के साथ एक तस्वीर साझा की थी, जिसे कई लोगों ने रिश्ते का संकेत माना था। लंबे समय से जुड़ रहा है दोनों का नाम कृति सेनन और कबीर बाहिया के रिश्ते की चर्चा तब तेज हुई थी जब दोनों को कृति की बहन नूपुर सेनन और गायक स्टेबिन बेन की शादी के समारोहों में साथ देखा गया। इसके बाद दोनों की कई तस्वीरें और छुट्टियों की झलकियां भी सोशल मीडिया पर सामने आईं। हालांकि, दोनों ने अपने रिश्ते पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और निजी जिंदगी को लेकर हमेशा चुप्पी बनाए रखी है। वर्क फ्रंट पर चमक रहीं कृति सेनन पेशेवर मोर्चे पर कृति सेनन अपनी हालिया फिल्म 'Cocktail 2' की सफलता का आनंद ले रही हैं। फिल्म को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है और बॉक्स ऑफिस पर भी इसका प्रदर्शन सकारात्मक बताया जा रहा है।
Mouni Roy Viral Video: अभिनेत्री मौनी रॉय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह पपाराजी पर नाराज़ होती दिखाई दे रही हैं। घटना उस समय हुई जब मौनी रॉय अभिनेत्री अनुषा दांडेकर के साथ मुंबई के एक रेस्टोरेंट से बाहर निकलकर अपनी कार में बैठ रही थीं। इसी दौरान पपाराजी लगातार उनकी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करते रहे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कार के अंदर तक पहुंची रिकॉर्डिंग, नाराज़ हुईं मौनी वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पहले अनुषा दांडेकर कार में बैठती हैं और उसके बाद मौनी रॉय वहां पहुंचती हैं। चारों ओर मौजूद फोटोग्राफर लगातार कैमरे उनकी ओर किए हुए थे। वीडियो के अनुसार, रिकॉर्डिंग कार के काफी करीब तक जारी रही, जिससे मौनी स्पष्ट रूप से असहज नजर आईं। शुरुआत में उन्होंने खुद को शांत रखने की कोशिश की, लेकिन जब रिकॉर्डिंग नहीं रुकी तो उन्होंने नाराज़गी जताते हुए कहा, "बंद करो... बंद करो इसे।" उनके चेहरे पर गुस्सा और असहजता साफ दिखाई दे रही थी। अनुषा दांडेकर ने शांत कराया माहौल स्थिति बिगड़ती देख अनुषा दांडेकर ने बीच-बचाव किया। उन्होंने पपाराजी से रिकॉर्डिंग रोकने का इशारा किया और साथ ही मौनी रॉय को भी शांत करने की कोशिश की। इसके बाद मामला धीरे-धीरे सामान्य हुआ और दोनों वहां से रवाना हो गईं। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स का मानना है कि निजी स्पेस का सम्मान किया जाना चाहिए, जबकि कुछ लोगों ने मौनी के गुस्से पर अलग-अलग राय व्यक्त की है। हालांकि, वीडियो के आधार पर उनकी नाराज़गी के पीछे किसी व्यक्तिगत कारण की पुष्टि नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती। हाल ही में निजी जिंदगी भी रही चर्चा में हाल के दिनों में मौनी रॉय अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी सुर्खियों में रही हैं। उनके और पति सूरज नांबियार के अलग होने की खबरों ने काफी चर्चा बटोरी थी। इसके अलावा, उन्होंने हाल ही में अपने बारे में फैली कुछ अफवाहों पर भी खुलकर प्रतिक्रिया दी थी और कहा था कि उनके बारे में कई गलत बातें कही गईं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। प्राइवेसी बनाम पपाराजी कल्चर पर फिर छिड़ी बहस इस घटना के बाद एक बार फिर सेलिब्रिटीज़ की निजता और पपाराजी कल्चर को लेकर बहस तेज हो गई है। सवाल यह उठ रहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर कवरेज की सीमा क्या होनी चाहिए और क्या कलाकारों की निजी जगह का सम्मान किया जाना चाहिए। यह चर्चा सोशल मीडिया पर लगातार जारी है।
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार को कंपनियों से वसूले गए करीब 81 अरब डॉलर (लगभग 6.7 लाख करोड़ रुपये) वापस करने पड़े हैं। अदालत ने ट्रंप प्रशासन की विवादित टैरिफ व्यवस्था को कानून के अनुरूप नहीं माना था। मई-जून में लौटाए गए 71 अरब डॉलर मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अमेरिकी सरकार ने मई और जून के दौरान लगभग 71 अरब डॉलर कंपनियों को वापस कर दिए हैं। शेष राशि का भुगतान भी चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। क्यों लगा था टैरिफ? राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप प्रशासन ने भारत, चीन, यूरोप सहित कई देशों से आयात होने वाले उत्पादों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया था। सरकार का तर्क था कि इससे विदेशी सामान महंगे होंगे, अमेरिकी उत्पादों की मांग बढ़ेगी और घरेलू उद्योग को लाभ मिलेगा। हालांकि, कई बड़ी कंपनियों ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? सुप्रीम कोर्ट ने इस वर्ष फरवरी में सुनाए गए फैसले में कहा कि संबंधित टैरिफ नियम कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप नहीं थे। इसके बाद सरकार को कंपनियों से वसूली गई राशि ब्याज सहित लौटाने का निर्देश दिया गया। नए टैरिफ की तैयारी में ट्रंप अदालती फैसले के बावजूद ट्रंप प्रशासन नए आयात शुल्क लागू करने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, मौजूदा टैरिफ व्यवस्था समाप्त होने के बाद कई देशों के आयात पर 10% से 12.5% तक नया शुल्क लगाने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इसका असर भारत, चीन, जापान, ब्रिटेन और ताइवान जैसे देशों के निर्यात पर पड़ सकता है। ब्राजील और यूरोप को भी चेतावनी रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने ब्राजील पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। साथ ही उन्होंने कहा है कि यदि यूरोपीय देश अमेरिकी टेक कंपनियों पर नए कर लागू करते हैं, तो अमेरिका उनके उत्पादों पर जवाबी शुल्क लगाने पर विचार कर सकता है। वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है असर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका नई टैरिफ नीति लागू करता है, तो वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर इसका असर पड़ सकता है। साथ ही अमेरिका के प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों के साथ व्यापारिक तनाव बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा के बेटे यश आहूजा जल्द ही बड़े पर्दे पर अपनी नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं। खास बात यह है कि उनकी पहली फिल्म में उनकी मां सुनीता आहूजा भी अहम भूमिका निभाएंगी। दोनों पहली बार एक साथ स्क्रीन साझा करेंगे। इस फिल्म का निर्माण निर्माता एकता कपूर कर रही हैं और इसके इसी साल सितंबर में सिनेमाघरों में रिलीज होने की उम्मीद है। मां-बेटे की जोड़ी पहली बार दिखेगी पर्दे पर सुनीता आहूजा ने एक इंटरव्यू में बताया कि फिल्म में वह वास्तविक जीवन की तरह यश की मां का ही किरदार निभाएंगी। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को लेकर खुशी जताते हुए कहा कि शायद हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में पहली बार किसी मां और बेटे को एक साथ एक ही फिल्म से लॉन्च किया जा रहा है। उन्होंने फिल्म निर्माता एकता कपूर की सराहना करते हुए कहा कि वह उनका सम्मान करती हैं और इस खास मौके के लिए आभारी हैं। सितंबर में रिलीज हो सकती है फिल्म मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यश आहूजा की डेब्यू फिल्म सितंबर 2026 में सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है। हालांकि फिल्म के नाम, कहानी और अन्य कलाकारों को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फैंस से बेटे के लिए मांगी दुआएं सुनीता आहूजा ने दर्शकों से अपील की कि जिस तरह उन्हें वर्षों से प्यार और समर्थन मिला है, उसी तरह उनके बेटे यश को भी अपना आशीर्वाद और स्नेह दें ताकि वह अपने फिल्मी करियर की अच्छी शुरुआत कर सकें। टीना आहूजा पहले ही कर चुकी हैं फिल्मों में एंट्री गोविंदा और सुनीता आहूजा की बेटी टीना आहूजा पहले ही बॉलीवुड में कदम रख चुकी हैं। उन्होंने साल 2015 में फिल्म 'सेकंड हैंड हसबैंड' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। अब परिवार के दूसरे सदस्य के रूप में यश आहूजा भी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने की तैयारी कर रहे हैं। हाल ही में 'लॉकअप' से बाहर हुई थीं सुनीता सुनीता आहूजा हाल ही में रियलिटी शो 'लॉकअप' का हिस्सा थीं। हालांकि स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण उन्होंने शो बीच में ही छोड़ दिया। उन्होंने बताया था कि डायबिटीज, तनाव और सांस लेने में दिक्कत की वजह से उनके लिए शो में बने रहना मुश्किल हो गया था। अब फैंस की नजरें यश आहूजा की पहली फिल्म पर टिकी हैं, जहां वह अपनी मां के साथ बड़े पर्दे पर नई शुरुआत करते नजर आएंगे।
रियलिटी शो Lock Upp 2: Sach Ya Sazaa में अभिनेत्री आकांक्षा चमोला ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर एक और बड़ा खुलासा किया है। शो के हालिया एपिसोड में उन्होंने साथी कंटेस्टेंट पामेला सेरेना से बातचीत के दौरान कहा कि वह तलाक के बाद दोबारा शादी करने का कोई इरादा नहीं रखतीं और अब अपनी जिंदगी अकेले बिताना चाहती हैं। 'अब मैं अपनी जिंदगी अकेले जीऊंगी' बातचीत के दौरान आकांक्षा ने बताया कि उनकी शादी काफी कम उम्र में हुई थी। उन्होंने कहा, "मेरी शादी तब हुई थी जब मैं 24 साल की थी।" इस पर पामेला ने उन्हें दिलासा देते हुए कहा कि वह अभी भी युवा हैं और उन्हें भविष्य में कोई अच्छा साथी मिल सकता है। हालांकि, आकांक्षा ने इस संभावना को साफ तौर पर नकार दिया। उन्होंने कहा, "मैं दोबारा शादी नहीं करना चाहती। मुझे लगता है कि अब मैं शादी के बारे में सोच भी नहीं सकती। पहली बार मैं अपने जीवन में अकेले रहने जा रही हूं। न माता-पिता के घर और न ही पति के घर। अब मेरा अपना घर होगा और मैं अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जीऊंगी।" पहले भी बता चुकी हैं तलाक की वजह इससे पहले भी शो में आकांक्षा चमोला ने अपने वैवाहिक जीवन को लेकर खुलकर बात की थी। उन्होंने बताया था कि वह और अभिनेता गौरव खन्ना पिछले एक साल से अलग रह रहे हैं। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों का अलग होने का फैसला आपसी सहमति से लिया गया। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह परिवार बढ़ाने को लेकर दोनों की अलग-अलग सोच थी। बच्चों को लेकर अलग थीं दोनों की सोच आकांक्षा ने शो में कहा था कि वह मां नहीं बनना चाहतीं और 'चाइल्ड-फ्री' जीवन जीना चाहती हैं, जबकि गौरव खन्ना भविष्य में बच्चे चाहते हैं। उन्होंने कहा था कि अधिकांश लोग शादी परिवार बढ़ाने के उद्देश्य से करते हैं और इस सोच में गौरव गलत नहीं हैं। लेकिन वह खुद ऐसा नहीं चाहती थीं, इसलिए उन्होंने उन्हें ऐसी स्थिति में नहीं रखना चाहा जहां दोनों की इच्छाएं अलग हों। शो में लगातार चर्चा में हैं आकांक्षा Lock Upp 2 में आकांक्षा चमोला लगातार अपनी निजी जिंदगी से जुड़े खुलासों की वजह से सुर्खियों में बनी हुई हैं। उनके बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं और दर्शक इस पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।