टेक्नोलॉजी

Sony Launches Bravia 3II Smart TV in India

Sony ने भारत में लॉन्च किया नया Bravia 3II Smart TV, 120Hz 4K डिस्प्ले और XR Processor से मिलेगा प्रीमियम एक्सपीरियंस

surbhi मई 13, 2026 0
Sony Bravia 3II Smart TV displaying vivid 4K visuals with premium slim bezel design
Sony Bravia 3II 4K Smart TV India Launch

Sony ने भारतीय बाजार में अपनी नई Bravia 3II Smart TV सीरीज लॉन्च कर दी है। कंपनी ने इस टीवी को प्रीमियम फीचर्स और हाई-एंड एंटरटेनमेंट एक्सपीरियंस के साथ पेश किया है। खास बात यह है कि इस नई सीरीज में Sony का पावरफुल XR Processor अब पहले के मुकाबले ज्यादा किफायती रेंज में उपलब्ध कराया गया है।

नई Bravia 3II सीरीज में 4K रेजोल्यूशन के साथ 120Hz रिफ्रेश रेट मिलता है, जो मूवी देखने, स्पोर्ट्स स्ट्रीमिंग और गेमिंग के दौरान बेहद स्मूद विजुअल एक्सपीरियंस देता है। इसके अलावा टीवी में Dolby Vision और Dolby Atmos जैसे प्रीमियम ऑडियो-वीडियो फीचर्स भी दिए गए हैं।

कई स्क्रीन साइज में आएगा टीवी

Sony इस सीरीज को 55-inch, 65-inch, 75-inch और 85-inch स्क्रीन साइज में लॉन्च कर रही है। कंपनी ने जानकारी दी है कि 55-inch, 65-inch और 75-inch मॉडल्स इस महीने से बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे, जबकि 85-inch मॉडल अगस्त 2026 तक बाजार में आ सकता है।

कीमत और उपलब्धता

स्क्रीन साइज

MRP

बेस्ट बाय कीमत

55-इंच

₹1,59,900

₹99,990

65-इंच

₹1,99,900

₹1,24,990

75-इंच

₹2,89,900

₹1,79,990

85-इंच

₹5,19,900

₹3,05,990

यह टीवी Sony रिटेल स्टोर्स, ShopatSC, बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर्स और प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध होगा।

डिस्प्ले और पिक्चर क्वालिटी में बड़ा अपग्रेड

Sony Bravia 3II में कंपनी का XR Processor दिया गया है, जो कंटेंट को रियल-टाइम में ऑप्टिमाइज करके बेहतर पिक्चर क्वालिटी देता है।

इसमें XR Triluminos Pro टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी मदद से रंग ज्यादा नैचुरल और रियलिस्टिक दिखाई देते हैं। वहीं XR Clear Image फीचर तस्वीरों को ज्यादा शार्प और डिटेल्ड बनाता है।

Motionflow XR टेक्नोलॉजी तेज मूवमेंट वाले सीन जैसे स्पोर्ट्स और एक्शन फिल्मों में ब्लर को कम करती है, जिससे विजुअल्स काफी स्मूद दिखाई देते हैं।

साउंड क्वालिटी को बनाया गया और दमदार

Sony ने इस टीवी में प्रीमियम ऑडियो एक्सपीरियंस देने पर भी खास ध्यान दिया है। इसमें Dolby Atmos, Dolby Vision और DTS:X जैसे एडवांस्ड फीचर्स दिए गए हैं।

कंपनी के मुताबिक, इसके इनबिल्ट स्पीकर्स को इस तरह ट्यून किया गया है कि डायलॉग्स ज्यादा क्लियर सुनाई दें और हाई वॉल्यूम पर भी साउंड डिस्टॉर्ट न हो।

गेमर्स के लिए खास फीचर्स

Sony Bravia 3II खास तौर पर गेमिंग लवर्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसमें HDMI 2.1 सपोर्ट मिलता है, जिसकी मदद से 4K रेजोल्यूशन पर 120fps तक गेमिंग की जा सकती है।

इसके अलावा Variable Refresh Rate (VRR) और Auto Low Latency Mode (ALLM) जैसे फीचर्स गेमिंग को ज्यादा स्मूद और लैग-फ्री बनाते हैं।

टीवी में डेडिकेटेड Game Menu, Dolby Vision Gaming और PS Remote Play जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं। कंपनी ने इसे खास तौर पर PlayStation 5 के लिए ऑप्टिमाइज किया है। इसमें कुल चार HDMI 2.1 पोर्ट मिलते हैं।

Google TV और AI फीचर्स का मिलेगा सपोर्ट

Sony Bravia 3II में Google TV प्लेटफॉर्म मिलता है, जिसमें 4 लाख से ज्यादा मूवीज और टीवी शोज का एक्सेस मिलता है। इसके साथ हजारों ऐप्स और गेम्स भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

टीवी में Google Assistant के साथ hands-free voice search सपोर्ट भी दिया गया है, जिससे बिना रिमोट इस्तेमाल किए सिर्फ बोलकर कंटेंट सर्च किया जा सकता है।

इसके अलावा यह Google Cast, AirPlay 2, Apple HomeKit और Amazon Alexa जैसे स्मार्ट डिवाइसेज के साथ भी काम करता है। कंपनी ने यह भी पुष्टि की है कि 2026 के सभी Bravia मॉडल्स में भविष्य के सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए Google Gemini सपोर्ट भी जोड़ा जाएगा।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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Google Fitbit Air भारत में अक्टूबर में होगा लॉन्च, बिना स्क्रीन वाला नया फिटनेस वियरेबल

नई दिल्ली, एजेंसियां। Google ने अपने नए फिटनेस वियरेबल Fitbit Air को भारत में लॉन्च करने की पुष्टि कर दी है। कंपनी के अनुसार यह डिवाइस अक्टूबर 2026 में भारतीय बाजार में आएगा। हालांकि, अभी इसकी सटीक लॉन्च तारीख और भारत में कीमत का खुलासा नहीं किया गया है।   बिना स्क्रीन के करेगा हेल्थ ट्रैकिंग   Fitbit Air की सबसे खास बात इसका स्क्रीनलेस डिजाइन है। इसमें पारंपरिक स्मार्टवॉच या फिटनेस बैंड की तरह डिस्प्ले नहीं दिया गया है। यूजर अपनी हेल्थ और फिटनेस से जुड़ी जानकारी Google Health ऐप के जरिए देख सकेंगे। डिवाइस में स्टेटस लाइट और हैप्टिक फीडबैक का इस्तेमाल किया गया है।   24 घंटे हार्ट रेट और स्लीप मॉनिटरिंग   Fitbit Air में 24/7 हार्ट रेट मॉनिटरिंग, हार्ट रिदम ट्रैकिंग, AFib अलर्ट, SpO2 मॉनिटरिंग, HRV और रेस्टिंग हार्ट रेट जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इसके अलावा यह नींद की अवधि और अलग-अलग स्लीप स्टेज को भी ट्रैक करता है। ऑटोमैटिक वर्कआउट डिटेक्शन और Google Health Coach जैसे फीचर भी इसमें दिए गए हैं।   7 दिन तक चलेगी बैटरी   Google के मुताबिक Fitbit Air एक बार चार्ज करने पर 7 दिन तक की बैटरी लाइफ दे सकता है। करीब 5 मिनट की चार्जिंग से पूरे दिन तक इस्तेमाल करने की क्षमता भी बताई गई है। डिवाइस 50 मीटर तक वाटर रेजिस्टेंस के साथ आता है और इसमें अलग-अलग इंटरचेंजेबल बैंड लगाए जा सकते हैं।   भारत में कितनी होगी कीमत?   अमेरिका में Fitbit Air की शुरुआती कीमत $99.99 रखी गई है। भारतीय कीमत अभी Google ने आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं की है।

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नई दिल्ली, एजेंसियां। Apple की डिजिटल पेमेंट सेवा Apple Pay की भारत में एंट्री को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक Apple सितंबर के अंत या अक्टूबर 2026 तक भारत में Apple Pay लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, शुरुआत में भारतीय यूजर्स को इसका UPI सपोर्ट नहीं मिलेगा।   शुरुआत में Visa और Mastercard का सपोर्ट   Apple Pay के शुरुआती भारतीय संस्करण में Visa और Mastercard नेटवर्क वाले क्रेडिट कार्ड को Apple Wallet में जोड़कर इस्तेमाल करने की सुविधा मिलने की उम्मीद है। यूजर्स NFC-सक्षम POS मशीनों पर iPhone या Apple Watch को टैप करके कॉन्टैक्टलेस पेमेंट कर सकेंगे।   UPI को लेकर अभी इंतजार   भारत में Apple Pay की सबसे बड़ी कमी शुरुआत में UPI सपोर्ट का न होना हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार UPI को Apple Pay में शामिल करने के लिए Apple को NPCI की मंजूरी और एक स्पॉन्सर बैंक के साथ साझेदारी की जरूरत होगी। इन मुद्दों पर अभी बातचीत चल रही है।   बैंकों के साथ फीस को लेकर बातचीत   Apple भारतीय बैंकों और क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली कंपनियों के साथ प्रत्येक कार्ड ट्रांजैक्शन पर मिलने वाली फीस को लेकर भी बातचीत कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार Apple करीब 15-20 बेसिस पॉइंट की हिस्सेदारी चाहता है, जबकि कुछ बैंक लगभग 10 बेसिस पॉइंट की दर का प्रस्ताव दे रहे हैं।   iPhone और Apple Watch यूजर्स को मिलेगा फायदा   यदि रिपोर्ट के अनुसार लॉन्च होता है, तो भारत में iPhone और Apple Watch यूजर्स को पहली बार आधिकारिक Apple Pay के जरिए कॉन्टैक्टलेस कार्ड पेमेंट का विकल्प मिल सकता है। हालांकि, Apple ने अभी तक भारत में लॉन्च की तारीख और फीचर्स की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

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हैदराबाद, एजेंसियां। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram ने करीब 10 साल बाद अपने वर्डमार्क में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने गुरुवार को नया टेक्स्ट-ओनली वर्डमार्क पेश किया है, जो ऐप के ऊपर दिखाई देने वाले ‘Instagram’ नाम के रूप में नजर आता है। हालांकि, नए डिजाइन को लेकर सोशल मीडिया पर यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।   Adam Mosseri ने बताया ‘शार्प और मॉडर्न’   Instagram के प्रमुख Adam Mosseri ने Instagram और Threads पर पोस्ट के जरिए नए वर्डमार्क की जानकारी दी। उन्होंने इसे पुराने डिजाइन की सादगी और क्राफ्ट को बरकरार रखते हुए ज्यादा ‘शार्प’ और ‘मॉडर्न’ बताया।   कंपनी के मुताबिक, पिछले करीब एक दशक से वर्डमार्क में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया था। ऐसे में इसे रिफ्रेश करने का फैसला लिया गया।   नया फॉन्ट बना चर्चा का विषय   नया वर्डमार्क पुराने डिजाइन की तरह ही कर्सिव और हैंडराइटिंग स्टाइल में है, लेकिन इसे ज्यादा बोल्ड और कॉम्पैक्ट बनाया गया है। ‘s’, ‘r’ और ‘g’ जैसे अक्षरों में घुमावदार डिजाइन देखने को मिलती है।   यही डिजाइन अब सोशल मीडिया पर चर्चा और मजाक का कारण बन गया है। कुछ यूजर्स का कहना है कि नए फॉन्ट में ‘r’ अक्षर ‘z’ जैसा दिखाई देता है। इसके चलते कुछ लोगों ने ‘Instagram’ को मजाक में ‘Instagzam’ पढ़ना शुरू कर दिया है। वहीं कुछ यूजर्स ने इसे ‘Instagwan’ और ‘Instaguam’ जैसे नाम भी दिए हैं।   कई यूजर्स को पसंद आया नया लुक   हालांकि, नए वर्डमार्क की आलोचना करने वालों की संख्या के साथ ऐसे यूजर्स भी हैं जिन्हें इसका क्लीन और मॉडर्न लुक पसंद आया है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने नए डिजाइन को ज्यादा कॉम्पैक्ट और आकर्षक बताया है।   Instagram के रंगीन आइकन में कोई बदलाव नहीं   इस बदलाव का असर Instagram के मुख्य रंगीन आइकन पर नहीं पड़ा है। ऐप का आइकन फिलहाल पहले जैसा ही है। बदलाव सिर्फ टेक्स्ट वाले वर्डमार्क में किया गया है।   Instagram ने आखिरी बड़ा विजुअल बदलाव 2016 में किया था। तब कंपनी ने पुराने भूरे कैमरा आइकन को हटाकर मौजूदा रंगीन ग्रेडिएंट आइकन पेश किया था। फिलहाल Meta की ओर से ऐप के मुख्य आइकन में किसी नए बदलाव की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

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संसद में फिर आमने-सामने सरकार और विपक्ष, अमित शाह के जवाब को लेकर सियासी घमासान; NDA की 'मंगल मिलन' रणनीति से राहुल गांधी पर निशाना

surbhi अगस्त 11, 2026 0

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