फाइनेंस

Range Rover Sport SV Debuts in India

भारत में लॉन्च हुई नई Range Rover Sport SV, कीमत 2.05 करोड़ रुपये से शुरू

surbhi मई 13, 2026 0
New Range Rover Sport SV luxury SUV showcased with sporty design and premium black exterior details
Range Rover Sport SV India Launch 2026

पहले से ज्यादा किफायती हुई हाई-परफॉर्मेंस लग्जरी SUV

ब्रिटिश लग्जरी कार निर्माता Land Rover ने भारतीय बाजार में अपनी नई Range Rover Sport SV लॉन्च कर दी है। कंपनी ने इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 2.05 करोड़ रुपये रखी है। नई Sport SV अब पहले से ज्यादा किफायती हो गई है और यह लिमिटेड एडिशन SV Edition Two से करीब 30 लाख रुपये सस्ती है। कंपनी ने इसकी बुकिंग शुरू कर दी है, जबकि पहली डिलीवरी अगस्त 2026 से शुरू होगी।

एक्सटीरियर में मिलेगा स्पोर्टी और अग्रेसिव लुक

नई Range Rover Sport SV को खासतौर पर भारतीय ग्राहकों के लिए कई एक्सक्लूसिव कलर ऑप्शंस के साथ पेश किया गया है। इसमें Satin Green, Matte Orange, Gloss Blue, Matte Violet और Gloss Teal जैसे प्रीमियम पेंट फिनिश मिलते हैं। SUV में ब्लैक रूफ और 22-इंच के फोर्ज्ड अलॉय व्हील्स दिए गए हैं, जो इसे दमदार रोड प्रेजेंस देते हैं।

कार में SV बैजिंग, क्वाड एग्जॉस्ट और बड़ा रियर स्पॉइलर दिया गया है। इसके अलावा फ्रंट ग्रिल, एयर इंटेक, पिलर्स, ORVM हाउसिंग और Range Rover बैजिंग को ब्लैक-आउट फिनिश में रखा गया है। हालांकि इसमें Edition Two वाले 23-इंच कार्बन फाइबर व्हील्स और कार्बन-सिरेमिक ब्रेक नहीं दिए गए हैं।

लग्जरी फीचर्स से लैस है केबिन

SUV के इंटीरियर में Light Cloud और Ebony थीम वाले परफोरेटेड Windsor लेदर सीट्स दिए गए हैं। इसके साथ स्लाइडिंग पैनोरमिक सनरूफ भी मिलता है, जिसे खास तौर पर भारतीय मौसम और ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।

इसके अलावा इसमें Meridian सिग्नेचर साउंड सिस्टम, एक्सटेंडेड लेदर पैकेज और इल्यूमिनेटेड SV डोर सिल्स जैसे प्रीमियम फीचर्स शामिल हैं। कंपनी ने इस मॉडल को रोजमर्रा की लग्जरी ड्राइविंग और बेहतर कम्फर्ट पर फोकस करते हुए तैयार किया है।

3.8 सेकंड में पकड़ती है 100 kmph की रफ्तार

नई Range Rover Sport SV में 4.4-लीटर ट्विन-टर्बो V8 माइल्ड-हाइब्रिड इंजन दिया गया है, जो 635 hp की पावर और 750 Nm का टॉर्क जनरेट करता है।

SUV में ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन मिलता है। कंपनी के मुताबिक यह लग्जरी SUV सिर्फ 3.8 सेकंड में 0 से 100 kmph की स्पीड पकड़ सकती है।

बेहतर हैंडलिंग के लिए इसमें 6D Dynamics सस्पेंशन सिस्टम दिया गया है, जो खराब और अलग-अलग रोड कंडीशंस में भी बॉडी रोल और पिच को कम करता है।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

फाइनेंस

View more
Share Market
शेयर बाजार में गिरावट, Sensex 71 अंक टूटा; Nifty 24,400 के नीचे बंद

मुंबई, एजेंसियां। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। Sensex 70.71 अंक यानी 0.09% फिसलकर 78,009.25 पर, जबकि Nifty 50 29.85 अंक यानी 0.12% गिरकर 24,366 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला और व्यापक बाजार में भी दबाव बना रहा।   किन वजहों से दबाव में रहा बाजार   निवेशकों का ध्यान वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर बना रहा। Brent क्रूड करीब 87 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। इसके अलावा घरेलू स्तर पर कंपनियों के तिमाही नतीजों और आने वाले आर्थिक आंकड़ों को लेकर भी बाजार सतर्क नजर आया।   सेक्टर और शेयरों का प्रदर्शन   कारोबार में ऑटो, एनर्जी, FMCG, मेटल, फार्मा और रियल्टी जैसे कई सेक्टर दबाव में रहे, जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मीडिया शेयरों में करीब 1% की मजबूती देखने को मिली। बाजार में 1,855 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 2,244 शेयरों में गिरावट रही।

abhishek singh अगस्त 14, 2026 0
Brent क्रूड तेल की कीमत 87 डॉलर प्रति बैरल के आसपास

Brent क्रूड 87 डॉलर के आसपास, कमजोर मांग और बढ़ते अमेरिकी भंडार से कीमतों पर दबाव

भारत के निर्यात में अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान तेज वृद्धि

भारत के निर्यात में तेज उछाल, अप्रैल-जुलाई में करीब 15% बढ़ोतरी; ₹1 ट्रिलियन लक्ष्य पर सरकार की नजर

Chandrasekaran resignation

टाटा ट्रस्ट्स ने चंद्रशेखरन का इस्तीफा स्वीकार किया, उत्तराधिकारी चुनने के लिए चयन समिति बनाने की प्रक्रिया शुरू

UltraTech Cement share sale
अल्ट्राटेक सीमेंट में बड़ी शेयर बिक्री, प्रमोटर ने ₹2,896 करोड़ में बेची 0.85% हिस्सेदारी

मुंबई, एजेंसियां। अल्ट्राटेक सीमेंट में गुरुवार को बड़ी ब्लॉक डील हुई। कंपनी के प्रमोटर समूह की इकाई Pilani Investment and Industries Corporation ने खुले बाजार में 25 लाख शेयर, यानी करीब 0.85% हिस्सेदारी, बेच दी। इस सौदे की कुल कीमत लगभग ₹2,896 करोड़ रही।   ₹11,585 प्रति शेयर के औसत भाव पर हुई बिक्री   BSE के ब्लॉक डील आंकड़ों के अनुसार, Pilani Investment ने करीब ₹11,585 प्रति शेयर के औसत भाव पर ये शेयर बेचे। सौदा 18 अलग-अलग ट्रांजैक्शन में हुआ। इसके बाद Pilani Investment की अल्ट्राटेक में हिस्सेदारी करीब 1.5% से घटकर लगभग 1% रह गई।   प्रमोटर समूह की हिस्सेदारी भी घटी   इस बिक्री के बाद अल्ट्राटेक सीमेंट में प्रमोटर और प्रमोटर समूह की संयुक्त हिस्सेदारी 59.33% से घटकर 58.49% रह गई। सौदे में कई घरेलू संस्थागत निवेशकों के साथ विदेशी निवेशकों ने भी शेयर खरीदे।   शेयर पर दिखा बिक्री का दबाव   शेयर बिक्री की खबर के बीच अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर गुरुवार को करीब 1% गिरकर ₹11,750 पर बंद हुआ। हालांकि, कंपनी के हालिया कारोबारी प्रदर्शन में मजबूती दिखाई दी है। जून तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 17.23% बढ़कर ₹2,603.72 करोड़ रहा था।   अल्ट्राटेक ने ग्रीन एनर्जी में भी बढ़ाया कदम   शेयर बिक्री से एक दिन पहले अल्ट्राटेक सीमेंट ने Solaris Horizon Energy में 26% हिस्सेदारी खरीदने के लिए समझौते की घोषणा की थी। यह कदम कंपनी की नवीकरणीय ऊर्जा जरूरतों को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।

anjali kumari अगस्त 14, 2026 0
गजा कैपिटल के ₹550 करोड़ IPO की जानकारी

गजा कैपिटल का ₹550 करोड़ IPO 19 अगस्त से खुलेगा, प्राइस बैंड ₹152-160 तय

SEBI की स्टडी में एंकर निवेशकों और FPI की IPO बिक्री का विश्लेषण

एंकर निवेशकों पर SEBI का बड़ा खुलासा, विदेशी निवेशक IPO शेयर जल्दी बेचने में सबसे आगे

भारत में LPG आयात बढ़ाने के लिए अमेरिकी कंपनियों से बातचीत

अमेरिका से LPG आयात बढ़ाने की तैयारी, 2027 के लिए भारत की अमेरिकी कंपनियों से बातचीत तेज

भारतीय रेलवे के रिकॉर्ड राजस्व और बढ़ी माल ढुलाई
भारतीय रेलवे की कमाई रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची, FY26 में राजस्व 3.2% बढ़कर ₹2.74 लाख करोड़

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय रेलवे की कमाई में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2025-26 में रेलवे का सकल राजस्व रिकॉर्ड ₹2.74 लाख करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष के करीब ₹2.65 लाख करोड़ की तुलना में 3.2% अधिक है।   माल ढुलाई से रेलवे को बड़ा सहारा     रेलवे की कमाई में माल ढुलाई की भूमिका सबसे अहम बनी हुई है। जुलाई 2026 में रेलवे ने 14.13 करोड़ टन माल की ढुलाई की, जो पिछले साल के समान महीने के 12.97 करोड़ टन से करीब 9% अधिक है। कोयला, लौह अयस्क, उर्वरक और खाद्यान्न की ढुलाई में बढ़ोतरी से मालभाड़े की आय को मजबूती मिली।     यात्री सेवाओं से भी आय बढ़ाने का लक्ष्य     वित्त वर्ष 2026-27 के बजट अनुमान में रेलवे ने यात्री सेवाओं से ₹87,300 करोड़ और माल ढुलाई से ₹1.89 लाख करोड़ राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है। कुल आंतरिक राजस्व का अनुमान ₹3.02 लाख करोड़ रखा गया है।     2026-27 में भी बढ़ोतरी की उम्मीद     सरकार ने रेलवे के आंतरिक राजस्व में वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान करीब 8.4% वृद्धि का अनुमान लगाया है। हालांकि, रेलवे की वित्तीय स्थिति में माल ढुलाई अभी भी सबसे बड़ा योगदान देने वाला क्षेत्र है।  

ranjan kumar tiwari अगस्त 14, 2026 0
Stock Market Today

शेयर बाजार में आज फिर दबाव, सेंसेक्स 300 अंक तक टूटा; निफ्टी 24,350 के नीचे

AI सर्वर की बढ़ती मांग से Foxconn के मुनाफे में 35 प्रतिशत वृद्धि

AI की बंपर डिमांड से Foxconn की बल्ले-बल्ले, दूसरी तिमाही में मुनाफा 35% बढ़कर ₹16 हजार करोड़ के करीब

Share Market

शेयर बाजार में दिखा मिला-जुला रुख, सेंसेक्स 114 अंक चढ़ा तो निफ्टी 24,400 के नीचे बंद

0 Comments

Top week

Government and opposition clash in Parliament over Amit Shah's response to police action during Delhi student protests.
राष्ट्रीय

संसद में फिर आमने-सामने सरकार और विपक्ष, अमित शाह के जवाब को लेकर सियासी घमासान; NDA की 'मंगल मिलन' रणनीति से राहुल गांधी पर निशाना

surbhi अगस्त 11, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?