नई दिल्ली: इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय लोग अक्सर रेंज, बैटरी और चार्जिंग पर ज्यादा ध्यान देते हैं, लेकिन रोजमर्रा के इस्तेमाल में सबसे अहम चीज स्टोरेज स्पेस होती है। ऑफिस बैग, बच्चों का सामान या घर का राशन रखने के लिए अधिक जगह की जरूरत पड़ती है। ऐसे में रिवर इंडी इलेक्ट्रिक स्कूटर अपनी बड़ी स्टोरेज क्षमता और प्रैक्टिकल डिजाइन के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। कंपनी इसे ‘स्कूटर्स की एसयूवी’ कहती है और इसकी सबसे बड़ी वजह इसका विशाल स्टोरेज स्पेस है। 55 लीटर स्टोरेज इसकी सबसे बड़ी ताकत रिवर इंडी में कुल 55 लीटर का लॉक करने योग्य स्टोरेज मिलता है। इसमें 43 लीटर का अंडर-सीट स्टोरेज और 12 लीटर का फ्रंट ग्लव बॉक्स दिया गया है। इसमें फुल-फेस हेलमेट के साथ अन्य जरूरी सामान भी आसानी से रखा जा सकता है। फ्रंट ग्लव बॉक्स में मोबाइल, दस्तावेज और छोटी दैनिक उपयोग की चीजें रखी जा सकती हैं। यही वजह है कि यह स्कूटर परिवार और रोजमर्रा के उपयोग के लिए बेहद सुविधाजनक माना जा रहा है। मजबूत डिजाइन और अलग पहचान रिवर इंडी का डिजाइन पारंपरिक स्कूटरों से अलग है। इसका मजबूत और बॉक्सी लुक इसे सड़क पर अलग पहचान देता है। स्कूटर में चौड़ा फ्लोरबोर्ड, आरामदायक राइडिंग पोजिशन, ट्विन एलईडी हेडलैंप, इंटीग्रेटेड क्रैश गार्ड और 14 इंच के बड़े पहिए दिए गए हैं। यह मॉडल मानसून ब्लू, समर रेड, स्प्रिंग येलो, स्टॉर्म ग्रे और विंटर व्हाइट जैसे रंगों में उपलब्ध है। दमदार बैटरी और 160 किलोमीटर तक की रेंज रिवर इंडी में 4 किलोवाट-घंटा बैटरी पैक और मिड-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर दी गई है, जो लगभग 9 बीएचपी की शक्ति पैदा करती है। कंपनी के अनुसार, यह स्कूटर एक बार फुल चार्ज होने पर 160 किलोमीटर तक की प्रमाणित रेंज प्रदान कर सकता है। 750 वॉट फास्ट चार्जर की मदद से बैटरी को 0 से 80 प्रतिशत तक लगभग 5 घंटे में चार्ज किया जा सकता है, जबकि सामान्य चार्जर से इसमें करीब 8 घंटे का समय लगता है। प्रदर्शन में भी नहीं है पीछे यह इलेक्ट्रिक स्कूटर 0 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार केवल 3.7 सेकेंड में पकड़ सकता है। इसकी अधिकतम गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसके अलावा इसमें अलग-अलग राइडिंग मोड्स भी दिए गए हैं, जिससे उपयोगकर्ता अपनी जरूरत के अनुसार बेहतर प्रदर्शन या अधिक ऊर्जा बचत का विकल्प चुन सकते हैं। कीमत और मुकाबला भारतीय बाजार में रिवर इंडी की एक्स-शोरूम कीमत लगभग 1.50 लाख रुपये है। इसका मुकाबला एथर रिज्टा, बजाज चेतक, ओला एस1 प्रो और टीवीएस आईक्यूब जैसे लोकप्रिय इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से है। हालांकि स्टोरेज और उपयोगिता के मामले में रिवर इंडी अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहा है। अगर आप ऐसा इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना चाहते हैं, जो शानदार रेंज और स्पीड के साथ रोजमर्रा की जरूरतों को भी बेहतर तरीके से पूरा कर सके, तो रिवर इंडी एक मजबूत विकल्प साबित हो सकता है।
चीनी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता BYD ने भारत में अपनी नई Seal U SUV और एडवांस DM-i (Dual Mode Intelligent) प्लग-इन हाइब्रिड टेक्नोलॉजी को पेश कर दिया है। कंपनी की यह नई SUV साल 2026 के अंत तक भारतीय बाजार में लॉन्च की जा सकती है। खास बात यह है कि Seal U एक Plug-in Hybrid Electric Vehicle (PHEV) होगी, जो इलेक्ट्रिक और पेट्रोल दोनों पावरट्रेन का बेहतरीन संतुलन प्रदान करेगी। BYD की यह तकनीक पहले से ही वैश्विक बाजार में काफी लोकप्रिय है और कंपनी इसे बेहतर माइलेज, लंबी रेंज और दमदार परफॉर्मेंस का कॉम्बिनेशन बता रही है। क्या है BYD की DM-i टेक्नोलॉजी? BYD Seal U DM-i पारंपरिक हाइब्रिड कारों से अलग है। इसका पूरा सिस्टम "Electric First" कॉन्सेप्ट पर आधारित है, यानी सामान्य ड्राइविंग के दौरान कार अधिकतर समय इलेक्ट्रिक मोड में चलती है और जरूरत पड़ने पर पेट्रोल इंजन सहायता प्रदान करता है। इस SUV में मिलते हैं: 1.5-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन 18.3 kWh Blade Battery ट्रैक्शन इलेक्ट्रिक मोटर अतिरिक्त जनरेटर मोटर इन सभी के संयोजन से बेहतर परफॉर्मेंस और कम ईंधन खपत हासिल की जाती है। इसकी बैटरी को EV की तरह बाहरी चार्जर से भी चार्ज किया जा सकता है। 1,200 किलोमीटर तक की कंबाइंड रेंज BYD का दावा है कि Seal U DM-i एक बार फुल टैंक और फुल चार्ज के बाद लगभग 1,200 किलोमीटर तक की कुल रेंज देने में सक्षम होगी। कंपनी के अनुसार इसका 1.5-लीटर इंजन 43.04 प्रतिशत तक की थर्मल एफिशिएंसी प्रदान करता है, जो इसे काफी फ्यूल-एफिशिएंट बनाता है। तीन अलग-अलग मोड में काम करता है सिस्टम BYD का DM-i सिस्टम तीन मोड में संचालित होता है: फुल इलेक्ट्रिक मोड इस मोड में SUV केवल बैटरी से चलती है और पेट्रोल इंजन का उपयोग नहीं होता। सीरीज मोड इस स्थिति में पेट्रोल इंजन केवल बैटरी चार्ज करने का काम करता है जबकि पहियों को इलेक्ट्रिक मोटर चलाती है। पैरलल मोड अधिक पावर की जरूरत पड़ने पर इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर दोनों मिलकर पहियों को शक्ति प्रदान करते हैं। 0 से 100 kmph की रफ्तार सिर्फ 5.9 सेकंड में कंपनी का दावा है कि BYD Seal U PHEV महज 5.9 सेकंड में 0 से 100 kmph की स्पीड हासिल कर सकती है। कुछ वेरिएंट्स में यह आंकड़ा 5.5 सेकंड तक भी पहुंच सकता है, जो इसे कई 2.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल SUVs के बराबर या उससे बेहतर बनाता है। 20 kmpl से ज्यादा माइलेज का दावा BYD के अनुसार यह SUV 100 किलोमीटर की दूरी तय करने में केवल 4.8 लीटर पेट्रोल खर्च करती है। यानी इसका अनुमानित माइलेज करीब 20.8 kmpl हो सकता है। 70 किलोमीटर से ज्यादा की इलेक्ट्रिक रेंज Seal U DM-i में दी गई 18.3 kWh Blade Battery के साथ SUV केवल इलेक्ट्रिक मोड में लगभग 70 किलोमीटर तक चल सकती है। यह सुविधा रोजमर्रा के शहरी उपयोग में पेट्रोल की खपत को काफी कम कर सकती है। भारत में बढ़ेगी हाइब्रिड SUV सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा BYD की नई Seal U SUV भारतीय बाजार में लॉन्च होने के बाद हाइब्रिड और इलेक्ट्रिफाइड SUV सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकती है। लंबी रेंज, बेहतर माइलेज और दमदार प्रदर्शन के कारण यह उन ग्राहकों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकती है जो EV और पेट्रोल दोनों का संतुलन चाहते हैं।
Nissan ने अपनी लोकप्रिय 7-सीटर MPV Nissan Gravite की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। फरवरी 2026 में लॉन्च हुई इस MPV को कंपनी ने शुरुआती दौर में इंट्रोडक्टरी प्राइसिंग के साथ पेश किया था, लेकिन अब यह ऑफर समाप्त हो चुका है। इसके बाद कंपनी ने अलग-अलग वेरिएंट्स की कीमतों में ₹8,000 से लेकर लगभग ₹18,000 तक की बढ़ोतरी की है। नई कीमतों के बाद Nissan Gravite अब ₹5.73 लाख से लेकर ₹9.08 लाख (एक्स-शोरूम) की कीमत पर उपलब्ध है। वेरिएंट के हिसाब से बढ़ीं कीमतें Nissan Gravite के एंट्री-लेवल Visia MT वेरिएंट की कीमत में लगभग ₹8,000 की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद इसकी नई कीमत ₹5.73 लाख हो गई है। वहीं N-Connecta MT वेरिएंट सबसे ज्यादा महंगा हुआ है। इसकी कीमत में करीब ₹18,000 का इजाफा किया गया है और अब यह वेरिएंट ₹7.38 लाख में उपलब्ध होगा। इसके अलावा: Acenta वेरिएंट्स लगभग ₹9,400 तक महंगे हुए हैं। Tekna और Tekna LE वेरिएंट्स की कीमत में करीब ₹17,000 तक की बढ़ोतरी हुई है। AMT (ऑटोमैटिक) वेरिएंट्स की कीमत भी लगभग ₹15,000 तक बढ़ाई गई है। ऐसे में अब Nissan Gravite खरीदने के लिए ग्राहकों को पहले की तुलना में अधिक बजट तैयार रखना होगा। डिजाइन और फीचर्स में मिलता है प्रीमियम लुक Nissan Gravite को आकर्षक डिजाइन के साथ पेश किया गया है। इसमें कंपनी की सिग्नेचर V-Motion ग्रिल, LED DRLs के साथ स्टाइलिश हेडलैंप, नया फ्रंट बंपर और सिल्वर स्किड प्लेट जैसे एलिमेंट्स दिए गए हैं। केबिन में भी कई आधुनिक फीचर्स मिलते हैं, जिनमें शामिल हैं: 8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम 7-इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर ड्यूल-टोन सीट अपहोल्स्ट्री 7-सीटर फ्लेक्सिबल सीटिंग अरेंजमेंट वायरलेस चार्जर ऑटो हेडलैम्प्स रेन-सेंसिंग वाइपर्स एम्बिएंट लाइटिंग चुनिंदा वेरिएंट्स में एयर प्यूरीफायर इन फीचर्स की वजह से यह MPV फैमिली ग्राहकों के लिए एक व्यावहारिक विकल्प बनती है। इंजन और माइलेज Nissan Gravite में 1.0-लीटर, 3-सिलेंडर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन दिया गया है। यह इंजन 71hp की पावर और 96Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड AMT गियरबॉक्स का विकल्प मिलता है। माइलेज की बात करें तो: मैनुअल वेरिएंट लगभग 19.3 kmpl का माइलेज देता है। AMT वेरिएंट करीब 19.6 kmpl तक की फ्यूल एफिशिएंसी प्रदान करता है। फैमिली कार सेगमेंट में मजबूत दावेदार अपडेटेड कीमतों के बावजूद Nissan Gravite अपने फीचर्स, 7-सीटर लेआउट और बेहतर माइलेज के कारण बजट MPV सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बनी हुई है। हालांकि कीमत बढ़ने के बाद ग्राहकों के लिए अब अन्य प्रतिस्पर्धी मॉडलों के साथ इसकी तुलना और भी अहम हो जाएगी।
पटना, एजेंसियां। बिहार की राजधानी पटना के दानापुर थाना क्षेत्र स्थित ताराचक इलाके में रविवार देर रात आपसी रंजिश को लेकर हुई गोलीबारी ने एक किशोर की जान ले ली, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई है। मृतक की पहचान 16 वर्षीय नितिन कुमार के रूप में हुई है, जो बिहटा के मुस्तफापुर का रहने वाला था। वह अपनी मां के साथ दानापुर स्थित ननिहाल में किराये के मकान में रहता था। परिजनों के अनुसार, बदमाशों ने घर से कुछ दूरी पर नितिन को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दो अन्य लोग भी हुए घायल गोलीबारी में आनंद बाजार निवासी 68 वर्षीय विजय कुमार और सन्नी कुमार भी घायल हो गए। विजय कुमार को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा गया, जबकि सन्नी कुमार का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। दोनों की हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। सुबह के विवाद ने शाम को लिया हिंसक रूप पुलिस के अनुसार, दोनों गुटों के बीच सुबह भी मारपीट हुई थी। पुरानी दुश्मनी और तनाव के कारण शाम होते-होते विवाद और बढ़ गया तथा दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इसके बाद ताबड़तोड़ फायरिंग हुई, जिसमें नितिन की जान चली गई। घटनास्थल से मिले कई अहम साक्ष्य पुलिस ने मौके से आठ खोखे, शराब की बोतलें, लाठी और लोहे की रॉड बरामद की हैं। बरामद सामग्री से यह संकेत मिलता है कि दोनों पक्ष पहले से टकराव की तैयारी में थे। घटना के बाद एफएसएल टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है। एसआईटी का गठन, आरोपियों की तलाश जारी मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। सिटी एसपी पश्चिमी ने बताया कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। वहीं बेटे की मौत से नितिन की मां सदमे में हैं। परिवार का कहना है कि एक साल पहले सड़क दुर्घटना में बड़े बेटे की भी मौत हो चुकी थी और अब नितिन के निधन से परिवार पूरी तरह टूट गया है।
भारत में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दिल्ली में E85 फ्यूल की बिक्री शुरू हो गई है। इसकी कीमत 82.12 रुपये प्रति लीटर तय की गई है, जो मौजूदा पेट्रोल की कीमतों से करीब 20 रुपये तक कम है। कम कीमत के कारण यह ईंधन वाहन मालिकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है, लेकिन इसे इस्तेमाल करने से पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि क्या आपकी कार इसके लिए उपयुक्त है या नहीं। क्या है E85 फ्यूल? E85 एक हाई-एथेनॉल मिश्रित ईंधन है, जिसमें 85 प्रतिशत एथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल होता है। इसके मुकाबले भारत में वर्तमान में E20 पेट्रोल का उपयोग बढ़ाया जा रहा है, जिसमें केवल 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित होता है। एथेनॉल की मात्रा अधिक होने के कारण E85 का दहन व्यवहार सामान्य पेट्रोल से अलग होता है। यही वजह है कि इसे इस्तेमाल करने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए इंजन और फ्यूल सिस्टम की आवश्यकता होती है। क्या आपकी कार E85 पर चल सकती है? यह सबसे अहम सवाल है। भारत में बिकने वाली अधिकांश पेट्रोल कारें E20 फ्यूल के अनुरूप बनाई गई हैं, लेकिन वे E85 के लिए तैयार नहीं हैं। E85 का सुरक्षित उपयोग केवल फ्लेक्स-फ्यूल (Flex-Fuel) तकनीक से लैस वाहनों में ही किया जा सकता है। ऐसे वाहन ईंधन में मौजूद एथेनॉल की मात्रा के अनुसार इंजन और फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम को स्वतः एडजस्ट कर लेते हैं। यदि किसी सामान्य पेट्रोल कार में E85 भरवा दिया जाए, तो इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है, माइलेज कम हो सकता है और लंबे समय में इंजन व फ्यूल सिस्टम को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है। सस्ता है, लेकिन क्या वाकई खर्च कम होगा? 82.12 रुपये प्रति लीटर की कीमत आकर्षक जरूर लगती है, लेकिन केवल प्रति लीटर कीमत देखकर निर्णय लेना सही नहीं होगा। एथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल की तुलना में कम होती है। इसका मतलब है कि E85 पर चलने वाली गाड़ी को समान दूरी तय करने के लिए अधिक ईंधन की आवश्यकता पड़ती है। अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों के अनुसार E85 के उपयोग से माइलेज में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। यानी ईंधन सस्ता होने के बावजूद कई मामलों में प्रति किलोमीटर लागत पेट्रोल के बराबर या उससे अधिक भी हो सकती है। सरकार E85 को क्यों बढ़ावा दे रही है? E85 का उद्देश्य केवल वाहन चालकों की जेब पर बोझ कम करना नहीं है। इसके पीछे देश की ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरणीय रणनीति जुड़ी हुई है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। एथेनॉल का उत्पादन देश में कृषि आधारित संसाधनों से किया जा सकता है, जिससे विदेशी तेल पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, अधिक एथेनॉल मिश्रित ईंधन को कार्बन उत्सर्जन और प्रदूषण कम करने के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। फिलहाल आम लोगों के लिए कितना उपयोगी? हालांकि E85 फ्यूल बाजार में उपलब्ध हो चुका है, लेकिन भारत में फ्लेक्स-फ्यूल वाहन अभी शुरुआती चरण में हैं। कई वाहन कंपनियों ने ऐसे मॉडल और प्रोटोटाइप पेश किए हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर उनकी बिक्री अभी शुरू नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल E85 को भविष्य की ईंधन तकनीक की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसका वास्तविक लाभ तब दिखाई देगा जब फ्लेक्स-फ्यूल वाहन आम होंगे और देशभर में E85 की उपलब्धता बढ़ेगी।
2G Ethanol Technology: भारत में इथेनॉल आधारित ईंधन को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग से लेकर E85 फ्यूल तक, सरकार तेल आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में अब 2G इथेनॉल (Second Generation Ethanol) चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे इथेनॉल की अगली पीढ़ी की तकनीक माना जाता है, क्योंकि यह अनाज की बजाय कृषि अवशेषों और जैविक कचरे से तैयार किया जाता है। क्या है 2G इथेनॉल? 2G इथेनॉल यानी सेकेंड जेनरेशन इथेनॉल एक ऐसा जैव ईंधन है, जिसे गन्ने के रस या खाद्यान्न से नहीं बल्कि कृषि से निकलने वाले अवशेषों से तैयार किया जाता है। इसके लिए मुख्य रूप से इन चीजों का इस्तेमाल किया जाता है— पराली (Rice Straw) गन्ने की खोई (Bagasse) मक्के के डंठल बांस अन्य कृषि और जैविक कचरा यह तकनीक खाद्यान्न संकट की चिंता को दूर करती है और किसानों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत भी बन सकती है। 1G और 2G इथेनॉल में क्या अंतर है? 1G इथेनॉल 2G इथेनॉल गन्ने के रस और अनाज से बनता है कृषि कचरे और जैविक अवशेषों से बनता है खाद्यान्न उपयोग को लेकर चिंता रहती है खाद्यान्न पर कोई असर नहीं पड़ता पारंपरिक तकनीक उन्नत और आधुनिक तकनीक सीमित कच्चा माल बड़े पैमाने पर उपलब्ध कृषि अवशेष कैसे बनता है 2G इथेनॉल? 2G इथेनॉल तैयार करने की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है— 1. कच्चे माल का संग्रह खेतों से पराली, गन्ने की खोई और अन्य कृषि अवशेषों को इकट्ठा कर प्लांट तक पहुंचाया जाता है। 2. प्री-ट्रीटमेंट कचरे को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर स्टीम और केमिकल्स की मदद से उसके रेशों को ढीला किया जाता है। 3. एंजाइम प्रक्रिया विशेष एंजाइम्स की मदद से जटिल कार्बोहाइड्रेट को फर्मेंटेबल शुगर में बदला जाता है। 4. फर्मेंटेशन यीस्ट की सहायता से शुगर को अल्कोहल में परिवर्तित किया जाता है। 5. डिस्टिलेशन अंतिम चरण में पानी अलग करके शुद्ध 2G इथेनॉल तैयार किया जाता है। 2G इथेनॉल के फायदे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होती है। पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिलती है। किसानों को कृषि अवशेषों से अतिरिक्त आय मिल सकती है। कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है। पर्यावरण के अनुकूल ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। गाड़ियों के अलावा कहां-कहां होता है इस्तेमाल? 2G इथेनॉल का उपयोग सिर्फ पेट्रोल में मिश्रण तक सीमित नहीं है। सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल इससे विमानन क्षेत्र के लिए पर्यावरण अनुकूल ईंधन तैयार किया जा सकता है। दवा और कॉस्मेटिक उद्योग कॉस्मेटिक्स, दवाइयों, पेंट और रसायन उद्योग में इसका उपयोग किया जाता है। बायोप्लास्टिक निर्माण 2G इथेनॉल से ऐसे बायोप्लास्टिक तैयार किए जा सकते हैं, जो आसानी से नष्ट हो जाते हैं और पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाते हैं। बिजली उत्पादन इथेनॉल प्लांट से निकलने वाले अवशेषों का उपयोग बिजली उत्पादन में भी किया जा सकता है। भारत के लिए क्यों है महत्वपूर्ण? 2G इथेनॉल तकनीक भारत के लिए दोहरी समस्या का समाधान पेश करती है। एक ओर यह तेल आयात पर निर्भरता कम करती है, वहीं दूसरी ओर पराली जलाने जैसी पर्यावरणीय समस्या से निपटने में भी मददगार साबित हो सकती है।
भारत में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली के पूसा रोड स्थित इंडियन ऑयल आउटलेट पर राजधानी के पहले E85 फ्यूल पंप का उद्घाटन किया। इसके साथ ही दिल्ली में हाई-इथेनॉल ईंधन की व्यावसायिक शुरुआत हो गई है। E20 पेट्रोल से करीब 20 रुपये सस्ता दिल्ली में E85 फ्यूल की कीमत 82.12 रुपये प्रति लीटर तय की गई है। यह मौजूदा E20 पेट्रोल की तुलना में लगभग 20 रुपये प्रति लीटर सस्ता है। उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रम की स्थिति से बचाने के लिए पेट्रोल पंप पर E85 के लिए अलग डिस्पेंसर और स्पष्ट लेबलिंग की व्यवस्था की गई है। यह पहल सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाना है। क्या है E85 फ्यूल? जहां E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है, वहीं E85 में लगभग 85 प्रतिशत इथेनॉल और केवल 15 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। E85 के फायदे पेट्रोल पर निर्भरता कम होती है। क्रूड ऑयल की खपत घटती है। घरेलू स्तर पर उत्पादित इथेनॉल के उपयोग को बढ़ावा मिलता है। ईंधन की लागत कम हो सकती है। कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिलती है। क्या हर गाड़ी में इस्तेमाल किया जा सकता है? नहीं। E85 फ्यूल को सामान्य पेट्रोल इंजन वाली गाड़ियों में सीधे इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसके लिए फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक से लैस इंजन की आवश्यकता होती है, जो हाई-इथेनॉल मिश्रण को संभालने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए जाते हैं। कौन-सी गाड़ियां E85 सपोर्ट करती हैं? भारत में फिलहाल फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की संख्या सीमित है। इनमें शामिल हैं— Hero Splendor+ Flex Fuel Hero HF Deluxe Flex Fuel Maruti Suzuki WagonR Flex Fuel (लॉन्च की तैयारी में) आने वाले समय में कई अन्य कंपनियां भी फ्लेक्स-फ्यूल वाहन बाजार में उतार सकती हैं। देश की ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम विशेषज्ञों का मानना है कि E85 जैसे वैकल्पिक ईंधन भारत की आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही इससे किसानों को भी फायदा होगा, क्योंकि इथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से कृषि आधारित फसलों से किया जाता है।
भारत के बड़े शहरों में बढ़ते ट्रैफिक, सीमित पार्किंग और बढ़ती ईंधन लागत के बीच कॉम्पैक्ट कारें लोगों की पहली पसंद बनती जा रही हैं। ये कारें बेहतर माइलेज, आसान पार्किंग, कम रखरखाव खर्च और आरामदायक ड्राइविंग अनुभव का शानदार संतुलन प्रदान करती हैं। यदि आप 2026 में शहर के लिए नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो ये सात मॉडल आपकी सूची में जरूर होने चाहिए। मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स एसयूवी जैसा आकर्षक लुक, हैचबैक जैसी फुर्ती मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स उन ग्राहकों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो एसयूवी जैसी दमदार मौजूदगी चाहते हैं, लेकिन शहर में आसान ड्राइविंग भी उनके लिए जरूरी है। इसका कॉम्पैक्ट आकार, हल्का स्टीयरिंग और अच्छा माइलेज इसे रोजाना इस्तेमाल के लिए उपयुक्त बनाता है। मारुति सुजुकी स्विफ्ट शहर की सड़कों की भरोसेमंद साथी नई स्विफ्ट लंबे समय से भारतीय ग्राहकों की पसंदीदा कारों में शामिल रही है। इसकी फुर्तीली ड्राइविंग, बेहतर माइलेज और कम चलाने का खर्च इसे रोजाना कार्यालय आने-जाने वाले लोगों के लिए आदर्श बनाता है। ट्रैफिक में भी यह कार आरामदायक अनुभव देती है। होंडा अमेज आराम और जगह का शानदार संतुलन यदि आप हैचबैक से अधिक जगह चाहते हैं लेकिन बड़ी सेडान नहीं खरीदना चाहते, तो होंडा अमेज एक मजबूत विकल्प है। इसका आरामदायक केबिन और बड़ा सामान रखने का स्थान इसे शहर और सप्ताहांत की यात्राओं दोनों के लिए उपयुक्त बनाता है। टाटा पंच छोटे आकार में दमदार एसयूवी का अनुभव टाटा पंच ने माइक्रो एसयूवी श्रेणी में अपनी अलग पहचान बनाई है। ऊंचा ग्राउंड क्लीयरेंस, मजबूत बनावट और बेहतरीन सुरक्षा इसे शहर की सड़कों के साथ-साथ खराब रास्तों के लिए भी उपयुक्त बनाते हैं। हुंडई वेन्यू आधुनिक तकनीक और आराम का बेहतरीन मेल हुंडई वेन्यू अपने आधुनिक फीचर्स, कनेक्टेड तकनीक और प्रीमियम इंटीरियर के कारण शहरी परिवारों के बीच लोकप्रिय है। यह कार शहर में आसान ड्राइविंग के साथ आरामदायक यात्रा का अनुभव भी प्रदान करती है। किआ सोनेट स्टाइल, फीचर्स और प्रीमियम अनुभव किआ सोनेट अपने आकर्षक डिजाइन, आधुनिक सुविधाओं और प्रीमियम केबिन के लिए जानी जाती है। इसका कॉम्पैक्ट आकार भीड़भाड़ वाले इलाकों में ड्राइविंग और पार्किंग को आसान बनाता है। महिंद्रा एक्सयूवी 3एक्सओ दमदार प्रदर्शन और बेहतर सुरक्षा महिंद्रा एक्सयूवी 3एक्सओ उन ग्राहकों के लिए उपयुक्त है जो मजबूत इंजन, उच्च सुरक्षा और प्रभावशाली रोड प्रेजेंस चाहते हैं। यह कार शहर और राजमार्ग दोनों जगह संतुलित प्रदर्शन देती है। शहरों में कॉम्पैक्ट कारों की मांग क्यों बढ़ रही है? विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में कॉम्पैक्ट कारों की लोकप्रियता और बढ़ेगी। इसके पीछे कई कारण हैं— बेहतर माइलेज कम रखरखाव खर्च आसान पार्किंग ट्रैफिक में सुविधाजनक ड्राइविंग आधुनिक सुरक्षा और तकनीकी फीचर्स शहर और लंबी यात्राओं दोनों के लिए उपयुक्त इसी वजह से वाहन निर्माता कंपनियां इस श्रेणी में लगातार नए फीचर्स और आधुनिक तकनीक जोड़ रही हैं ताकि ग्राहकों की बदलती जरूरतों को पूरा किया जा सके।
भारत में स्वच्छ और वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए Hero MotoCorp ने अपनी पहली Flex Fuel मोटरसाइकिलों को लॉन्च कर दिया है। विश्व पर्यावरण दिवस से पहले कंपनी ने अपनी लोकप्रिय कम्यूटर बाइक्स Splendor Plus Flex Fuel और HF Deluxe Flex Fuel को भारतीय बाजार में पेश किया है। इन बाइक्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये पारंपरिक पेट्रोल के साथ-साथ E20 से E85 तक एथेनॉल मिश्रित ईंधन पर भी चल सकती हैं। सरकार लंबे समय से एथेनॉल आधारित ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है ताकि पेट्रोल पर निर्भरता कम हो और पर्यावरण को होने वाले नुकसान में भी कमी लाई जा सके। ऐसे में Hero MotoCorp की यह पहल भारतीय दोपहिया बाजार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Hero Splendor Plus Flex Fuel: कीमत और फीचर्स नई Hero Splendor Plus Flex Fuel की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 82,710 रुपये रखी गई है। यह बाइक 97.2cc इंजन के साथ आती है, जो E85 ईंधन पर 8 हॉर्सपावर की पावर और 8.3Nm का टॉर्क उत्पन्न करता है। बाइक में कई आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं: Hero की पेटेंटेड i3S Idle Stop-Start टेक्नोलॉजी नया डिजिटल-एनालॉग इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर साइड-स्टैंड इंजन कट-ऑफ फीचर ट्यूबलेस टायर Flex Fuel सपोर्ट के लिए अपडेटेड ECU अपग्रेडेड फ्यूल सिस्टम कंपोनेंट्स डिजाइन को भी नया रूप दिया गया है। कंपनी ने इसे Black with Lime Yellow ग्राफिक्स के साथ पेश किया है, जिससे बाइक पहले की तुलना में ज्यादा आकर्षक और प्रीमियम नजर आती है। Hero HF Deluxe Flex Fuel: कीमत और खूबियां Hero HF Deluxe Flex Fuel की एक्स-शोरूम कीमत 72,792 रुपये रखी गई है। इसमें भी वही 97.2cc इंजन दिया गया है, जो E85 फ्यूल पर 8hp की पावर और 8.3Nm का टॉर्क जनरेट करता है। HF Deluxe Flex Fuel में मिलने वाले प्रमुख फीचर्स: डिजिटल-एनालॉग इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर साइड-स्टैंड इंजन कट-ऑफ ट्यूबलेस टायर अपडेटेड ECU अपग्रेडेड फ्यूल सिस्टम E20 से E85 तक Flex Fuel सपोर्ट कंपनी ने इस मॉडल को भी Black with Lime Yellow ग्राफिक्स के साथ पेश किया है, जो इसे एक नया और फ्रेश लुक देता है। क्या है Flex Fuel तकनीक? Flex Fuel तकनीक वाले वाहन पेट्रोल और एथेनॉल के विभिन्न मिश्रणों पर चल सकते हैं। E20 का मतलब है 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल, जबकि E85 में 85 प्रतिशत एथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल होता है। इससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होती है और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आती है। भारत में Flex Fuel तकनीक को अपनाना भविष्य की पर्यावरण-अनुकूल मोबिलिटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार में तेजी से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच मारुति सुजुकी ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक SUV Maruti Suzuki e Vitara के दम पर लॉन्च के महज चार महीनों के भीतर देश की शीर्ष EV कंपनियों में जगह बना ली है। सीमित पोर्टफोलियो होने के बावजूद कंपनी ने बिक्री के मामले में कई स्थापित ब्रांड्स को पीछे छोड़कर बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। जनवरी से मई 2026 के बीच मारुति सुजुकी ने कुल 4,365 इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री की। यह आंकड़ा VinFast की 4,133 यूनिट्स की बिक्री से भी अधिक है। इसके साथ ही कंपनी ने BYD, Hyundai Motor Company और Kia Corporation जैसी कंपनियों को भी पीछे छोड़ दिया है। हालांकि भारतीय EV बाजार में अभी भी Tata Motors पहले और Mahindra & Mahindra दूसरे स्थान पर कायम हैं, जबकि JSW MG Motor India तीसरे स्थान पर बनी हुई है। e Vitara बनी मारुति की सफलता की नई पहचान मारुति सुजुकी फिलहाल भारतीय बाजार में केवल एक इलेक्ट्रिक मॉडल e Vitara बेच रही है। इसके मुकाबले Hyundai के पास Hyundai Creta Electric और Hyundai Ioniq 5 जैसे मॉडल हैं। वहीं VinFast, Tata Motors और Mahindra के पास कई EV विकल्प मौजूद हैं। इसके बावजूद e Vitara की लोकप्रियता ने मारुति को तेज़ी से आगे बढ़ाया है। जनवरी से मई 2026 के दौरान कंपनी ने औसतन 873 EV प्रति माह बेचीं। यह आंकड़ा VinFast (827), Hyundai (583), BYD (488) और Kia (405) की मासिक औसत बिक्री से अधिक रहा। यह दर्शाता है कि ग्राहकों ने मारुति के पहले इलेक्ट्रिक उत्पाद को सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। EV बाजार में क्यों बढ़ रही है मांग? भारत में इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है। अप्रैल और मई 2026 के बीच EV रजिस्ट्रेशन में सालाना आधार पर 77 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और कुल रजिस्ट्रेशन 52,274 यूनिट्स तक पहुंच गया। मई 2026 में कुल पैसेंजर वाहन बाजार में EV की हिस्सेदारी बढ़कर 6.4 प्रतिशत हो गई। विशेषज्ञों के अनुसार, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार, सरकार की प्रोत्साहन नीतियां और नए मॉडलों की उपलब्धता इस वृद्धि के प्रमुख कारण हैं। यही वजह है कि अब अधिक ग्राहक पारंपरिक ईंधन वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। भारत बना Maruti का EV एक्सपोर्ट हब मारुति सुजुकी केवल घरेलू बाजार में ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी e Vitara के जरिए अपनी स्थिति मजबूत कर रही है। सितंबर 2025 में निर्यात शुरू होने के बाद कंपनी अब तक 46 देशों में 35,000 से अधिक यूनिट्स भेज चुकी है। e Vitara अब मारुति की सबसे ज्यादा निर्यात होने वाली गाड़ियों में तीसरे स्थान पर पहुंच चुकी है। इससे आगे केवल Maruti Suzuki Fronx और Maruti Suzuki Jimny हैं। दिलचस्प बात यह है कि इसी प्लेटफॉर्म पर आधारित एक रीबैज्ड मॉडल Toyota Urban Cruiser eBella भी तैयार किया जा रहा है, जिसे Toyota Motor Corporation अपने ब्रांड के तहत बेच रही है। मारुति सुजुकी की यह सफलता दिखाती है कि भारतीय EV बाजार में ब्रांड की विश्वसनीयता और मजबूत डीलर नेटवर्क अभी भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। केवल एक मॉडल के साथ टॉप 4 में पहुंचना इस बात का संकेत है कि आने वाले वर्षों में कंपनी इलेक्ट्रिक सेगमेंट में और बड़ी चुनौती पेश कर सकती है।
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराने वाली Tata Sierra एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह इसकी बिक्री या फीचर्स नहीं, बल्कि इसका शानदार मॉडिफाइड अवतार है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में Tata Sierra को ऑफ-रोड स्टाइल व्हील्स और टायर्स के साथ देखा जा सकता है, जिसने SUV के लुक को पूरी तरह बदल दिया है। हालांकि भारत में वाहन मॉडिफिकेशन को लेकर कानूनी सीमाएं हैं, लेकिन कार प्रेमी अपनी गाड़ियों को अलग पहचान देने के लिए कस्टमाइजेशन करवाना पसंद करते हैं। यही वजह है कि Tata Sierra का यह नया अवतार इंटरनेट पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। ऑफ-रोड लुक ने बढ़ाया दमदार अंदाज इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में Tata Sierra अपने सिग्नेचर Andaman Adventure येलो कलर में नजर आ रही है। पहली नजर में SUV का आकर्षक रंग ध्यान खींचता है, लेकिन असली बदलाव इसके व्हील्स और टायर्स में दिखाई देता है। जहां कंपनी स्टॉक मॉडल में 19-इंच ड्यूल-टोन मशीन-कट अलॉय व्हील्स देती है, वहीं इस मॉडिफाइड Sierra में आफ्टरमार्केट ऑफ-रोड स्टाइल अलॉय व्हील्स और मोटे टायर्स लगाए गए हैं। सिर्फ इस बदलाव ने SUV के पूरे व्यक्तित्व को बदल दिया है। अब यह पहले से ज्यादा मस्क्युलर, एडवेंचर-रेडी और सड़क पर मजबूत उपस्थिति वाली दिखाई देती है। क्या दिया गया है सस्पेंशन लिफ्ट? वीडियो को ध्यान से देखने पर ऐसा लगता है कि नए और बड़े टायर्स को फिट करने के लिए SUV में हल्का सस्पेंशन लिफ्ट भी दिया गया हो सकता है। व्हील आर्च और टायर के बीच कम गैप इस ओर इशारा करते हैं कि चौड़े टायर्स को आराम से फिट करने के लिए कुछ तकनीकी बदलाव किए गए होंगे। हालांकि इस मॉडिफिकेशन की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन लुक के लिहाज से यह बदलाव काफी प्रभावशाली नजर आ रहा है। फीचर्स के मामले में भी शानदार है Sierra Tata Motors ने Sierra को प्रीमियम फीचर्स से लैस किया है। SUV में मिलने वाले प्रमुख फीचर्स: बड़ा पैनोरमिक सनरूफ ट्रिपल-स्क्रीन डैशबोर्ड सेटअप प्रीमियम लेदराइट सीट्स वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स इलेक्ट्रिक एडजस्टेबल सीट्स मेमोरी फंक्शन फ्लोटिंग सेंटर कंसोल एक्सटेंडेबल अंडर-थाई सपोर्ट ये सभी फीचर्स इसे अपने सेगमेंट की सबसे आधुनिक और प्रीमियम SUVs में शामिल करते हैं। तीन इंजन विकल्पों के साथ उपलब्ध Tata Sierra को कंपनी ने कई इंजन विकल्पों के साथ पेश किया है। 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल 105 bhp पावर 145 Nm टॉर्क मैनुअल और DCA गियरबॉक्स विकल्प 1.5-लीटर टर्बो पेट्रोल 160 PS पावर 255 Nm टॉर्क टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन 1.5-लीटर टर्बो डीजल 116 bhp पावर 260 Nm टॉर्क मैनुअल और ऑटोमैटिक विकल्प कीमत कितनी है? Tata Sierra की एक्स-शोरूम कीमत लगभग ₹11.49 लाख से शुरू होकर ₹21.29 लाख तक जाती है। अपने आकर्षक डिजाइन, प्रीमियम फीचर्स और मल्टीपल इंजन विकल्पों की वजह से यह SUV ग्राहकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। वायरल हो रहे इस मॉडिफाइड मॉडल ने यह भी दिखा दिया है कि सही कस्टमाइजेशन के बाद Tata Sierra का लुक किसी अंतरराष्ट्रीय ऑफ-रोड SUV से कम नहीं लगता।
भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार तेजी से बढ़ रहा है और अब खरीदार सिर्फ स्टाइल या फीचर्स नहीं, बल्कि लंबी बैटरी रेंज को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। ऑफिस, कॉलेज या रोजमर्रा के कामों के लिए लोग ऐसे इलेक्ट्रिक स्कूटर चाहते हैं जो एक बार चार्ज होने के बाद लंबी दूरी तय कर सकें और बार-बार चार्जिंग की चिंता न रहे। अगर आप भी लंबी रेंज और बेहतर परफॉर्मेंस वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो ये 5 मॉडल आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं। 1. Bajaj Chetak C2501 बजाज का यह इलेक्ट्रिक स्कूटर रोजमर्रा के इस्तेमाल को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसकी सीट आरामदायक है और ट्रैफिक में इसे चलाना काफी आसान माना जाता है। कंपनी के अनुसार यह स्कूटर एक बार फुल चार्ज होने पर 113 किलोमीटर तक की IDC रेंज देने में सक्षम है। मजबूत बॉडी और भरोसेमंद परफॉर्मेंस इसे शहर में डेली कम्यूट के लिए अच्छा विकल्प बनाते हैं। 2. TVS iQube टीवीएस का iQube भारतीय बाजार में सबसे लोकप्रिय इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में शामिल है। इसकी चौड़ी सीट, बेहतर स्टोरेज स्पेस और आरामदायक राइड इसे परिवारों के बीच भी लोकप्रिय बनाती है। इसके अलग-अलग वेरिएंट्स में लगभग 94 किलोमीटर से लेकर 212 किलोमीटर तक की IDC रेंज मिलती है। लंबी दूरी तय करने वालों के लिए यह एक मजबूत विकल्प माना जाता है। 3. Ather Rizta Ather Rizta को खासतौर पर फैमिली यूजर्स को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इसमें बड़ा सीट स्पेस और पर्याप्त स्टोरेज दिया गया है, जिससे रोजमर्रा के उपयोग में सुविधा मिलती है। इसके विभिन्न बैटरी विकल्प 123 किलोमीटर से 159 किलोमीटर तक की IDC रेंज प्रदान करते हैं। आराम और उपयोगिता के मामले में यह स्कूटर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। 4. Honda Activa e होंडा ने अपनी लोकप्रिय Activa सीरीज के जरिए इलेक्ट्रिक सेगमेंट में कदम रखा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत स्वैपेबल बैटरी सिस्टम है। इसमें 1.5 kWh की दो बैटरियां दी गई हैं जिन्हें जरूरत पड़ने पर बदला जा सकता है। कंपनी का दावा है कि यह स्कूटर फुल चार्ज पर लगभग 102 किलोमीटर तक की रेंज देता है। 5. Ather 450X अगर आप लंबी रेंज के साथ स्पोर्टी परफॉर्मेंस भी चाहते हैं, तो Ather 450X एक शानदार विकल्प हो सकता है। तेज एक्सीलरेशन, स्मार्ट फीचर्स और शानदार हैंडलिंग के साथ यह स्कूटर शहर की सड़कों पर बेहतरीन अनुभव देता है। कंपनी के मुताबिक इसकी रेंज लगभग 161 किलोमीटर तक जा सकती है। किसके लिए कौन सा स्कूटर बेहतर? डेली ऑफिस और शहर में सफर के लिए: Bajaj Chetak C2501 सबसे ज्यादा रेंज चाहने वालों के लिए: TVS iQube फैमिली यूज के लिए: Ather Rizta बैटरी स्वैपिंग सुविधा पसंद करने वालों के लिए: Honda Activa e परफॉर्मेंस और रेंज दोनों चाहने वालों के लिए: Ather 450X इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय केवल कंपनी की दावा की गई रेंज पर निर्भर न रहें। अपनी रोजाना की जरूरत, चार्जिंग सुविधा, सर्विस नेटवर्क और बजट को ध्यान में रखकर फैसला लेना ज्यादा समझदारी होगी।
मुंबई, एजेंसियां। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच मुंबई के लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। मुंबई और मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में सीएनजी की कीमतों में दो रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें 29 मई 2026 की मध्यरात्रि से लागू हो चुकी हैं। इसके बाद सीएनजी का खुदरा मूल्य 84 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 86 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। 17 दिनों में दूसरी बार है यह पिछले 17 दिनों में दूसरी बार है जब सीएनजी के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 14 मई को भी कीमतों में दो रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई थी। लगातार बढ़ती कीमतों का असर निजी वाहन चालकों, ऑटो-रिक्शा और टैक्सी संचालकों के साथ-साथ व्यावसायिक परिवहन सेवाओं पर पड़ने की आशंका है। मुंबई में सीएनजी आपूर्ति करने वाली महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने संशोधित दरें लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। कंपनी मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण, रायगढ़, रत्नागिरी, लातूर और अन्य क्षेत्रों में सीएनजी की आपूर्ति करती है। इस बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हाल ही में पेट्रोल 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ था। वर्तमान में मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका-ईरान संघर्ष और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी आपूर्ति का प्रमुख मार्ग है, वहां बढ़ी अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इसी का असर भारत समेत कई देशों में ईंधन कीमतों पर देखने को मिल रहा है
Honda Cars India आज भारतीय बाजार में अपनी नई प्रीमियम SUV Honda ZR-V e:HEV को लॉन्च करने जा रही है। कंपनी इस SUV को CBU (Completely Built-Up Unit) मॉडल के रूप में भारत में उतारेगी, जिससे यह सीधे प्रीमियम और लग्जरी SUV सेगमेंट को टक्कर देगी। Honda लंबे समय बाद भारत के प्रीमियम SUV मार्केट में मजबूत वापसी की तैयारी कर रही है। नई ZR-V e:HEV को कंपनी अपनी मौजूदा Honda Elevate से ऊपर पोजिशन करेगी। डिजाइन, फीचर्स और हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के दम पर यह SUV प्रीमियम ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश करेगी। स्पोर्टी डिजाइन और दमदार रोड प्रेजेंस Honda ZR-V e:HEV का डिजाइन काफी स्पोर्टी और मॉडर्न रखा गया है। SUV के फ्रंट में स्लिम LED हेडलाइट्स और L-शेप DRLs दिए गए हैं, जो इसे प्रीमियम लुक देते हैं। टीजर इमेज में दिखाई देने वाला इल्यूमिनेटेड Honda लोगो और क्रोम टच वाली फ्रंट ग्रिल इसकी रोड प्रेजेंस को और आकर्षक बनाते हैं। इसके अलावा SUV में मस्कुलर बंपर, हनीकॉम्ब पैटर्न एयर इनटेक, स्लोपिंग रूफलाइन और फ्लश रूफ रेल्स दिए गए हैं। कंपनी इसमें बड़ा पैनोरमिक सनरूफ भी दे सकती है, जो इसे और ज्यादा प्रीमियम फील देता है। फीचर्स से भरपूर प्रीमियम केबिन ZR-V e:HEV का इंटीरियर भी काफी प्रीमियम और टेक-लोडेड होने की उम्मीद है। इसमें ड्यूल-टोन थीम और लेयर्ड डैशबोर्ड डिजाइन दिया जा सकता है। संभावित फीचर्स में शामिल हैं: बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम 10.2-इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर वायरलेस चार्जिंग ड्यूल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल पावर्ड फ्रंट सीट्स मेमोरी फंक्शन एम्बिएंट लाइटिंग पावर्ड टेलगेट 12-स्पीकर Bose साउंड सिस्टम Honda ने SUV में कई जरूरी फिजिकल बटन और कंट्रोल्स भी बनाए रखे हैं, जिससे ड्राइविंग के दौरान फीचर्स इस्तेमाल करना आसान रहेगा। सेफ्टी और ADAS टेक्नोलॉजी सेफ्टी के मामले में भी Honda ZR-V e:HEV काफी एडवांस मानी जा रही है। संभावित सेफ्टी फीचर्स: 6 एयरबैग्स Level-2 ADAS ISOFIX चाइल्ड सीट माउंट्स रियर-व्यू कैमरा मल्टीपल ड्राइविंग असिस्ट सिस्टम्स यह SUV फैमिली यूज और लॉन्ग ड्राइव दोनों के लिए सुरक्षित विकल्प बन सकती है। मिलेगा दमदार स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड इंजन Honda ZR-V में 2.0-लीटर फोर-सिलेंडर स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड पेट्रोल इंजन दिया जाएगा। इसे e-CVT ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से जोड़ा जाएगा। Honda ZR-V e:HEV लगभग 184hp की पावर और 315Nm का टॉर्क जेनरेट कर सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ग्लोबल मॉडल 0-100 किमी/घंटा की रफ्तार लगभग 8 सेकंड में पकड़ लेती है, जिससे इसका परफॉर्मेंस काफी दमदार माना जा रहा है। किन SUV से होगा मुकाबला? भारतीय बाजार में यह SUV कई प्रीमियम मॉडल्स को टक्कर दे सकती है, जिनमें: Hyundai Tucson Jeep Compass Volkswagen Tiguan Toyota Hyryder शामिल माने जा रहे हैं।
Royal Enfield अपनी सबसे आइकॉनिक बाइक Royal Enfield Bullet को अब नए अवतार में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी जल्द ही भारतीय बाजार में नई Bullet 650 पेश कर सकती है। माना जा रहा है कि यह बाइक जून 2026 के आसपास लॉन्च हो सकती है। यह पहली बार होगा जब Bullet सीरीज में 650cc ट्विन-सिलेंडर इंजन देखने को मिलेगा। लंबे समय से Royal Enfield फैंस इस बाइक का इंतजार कर रहे थे और अब कंपनी इसे क्लासिक डिजाइन के साथ मॉडर्न टेक्नोलॉजी के कॉम्बिनेशन में पेश करने जा रही है। क्लासिक डिजाइन में मिलेगा पावरफुल इंजन नई Bullet 650 अपने पारंपरिक Bullet डीएनए को बरकरार रखेगी। बाइक में: टियरड्रॉप फ्यूल टैंक राउंड हेडलैंप क्लासिक बॉडी स्टाइल टाइगर-आई पायलट लैम्प्स जैसे पुराने Bullet वाले डिजाइन एलिमेंट्स देखने को मिलेंगे। हालांकि बाहरी लुक रेट्रो रहेगा, लेकिन अंदर पूरी तरह मॉडर्न हार्डवेयर दिया जाएगा। मिलेगा 650cc पैरेलल-ट्विन इंजन नई Bullet 650 में कंपनी का मशहूर 647.95cc पैरेलल-ट्विन इंजन दिया जा सकता है। यही इंजन फिलहाल: Royal Enfield Interceptor 650 Royal Enfield Super Meteor 650 जैसी बाइक्स में इस्तेमाल हो रहा है। यह इंजन करीब: 47bhp की पावर 52.3Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसके साथ 6-स्पीड गियरबॉक्स मिलेगा। हाईवे टूरिंग के लिए होगी खास नई Bullet 650 को सिर्फ शहर के इस्तेमाल के लिए नहीं, बल्कि लंबी दूरी की राइडिंग को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। बाइक में मिल सकते हैं: चौड़ी और आरामदायक सीट ऊंचा हैंडलबार रिलैक्स्ड राइडिंग पोजिशन जिससे हाईवे राइडिंग ज्यादा आरामदायक हो सके। रिपोर्ट्स के अनुसार बाइक का वजन करीब 243 किलोग्राम हो सकता है और इसमें 14.8 लीटर का बड़ा फ्यूल टैंक मिलेगा। फीचर्स में मिलेगा रेट्रो और मॉडर्न का मिश्रण Royal Enfield इस बार क्लासिक डिजाइन के साथ कई नए फीचर्स भी जोड़ सकती है। संभावित फीचर्स: LED हेडलाइट LED टेललाइट सेमी-डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर गियर पोजिशन इंडिकेटर ट्रिप मीटर सर्विस रिमाइंडर USB Type-C चार्जिंग पोर्ट सेफ्टी फीचर्स भी होंगे दमदार सेफ्टी के लिए बाइक में: डुअल-चैनल ABS फ्रंट और रियर डिस्क ब्रेक दिए जा सकते हैं। सस्पेंशन सेटअप में: आगे 43mm टेलिस्कोपिक फोर्क पीछे ट्विन शॉक एब्जॉर्बर मिलने की उम्मीद है। Royal Enfield के लिए क्यों खास है Bullet 650? पिछले कुछ वर्षों में Royal Enfield अपने 650cc पोर्टफोलियो को तेजी से बढ़ा रही है। कंपनी चाहती है कि उसके क्लासिक मॉडल्स भी ज्यादा पावर और मॉडर्न टेक्नोलॉजी के साथ नए ग्राहकों को आकर्षित करें। भारत में प्रीमियम रेट्रो मोटरसाइकिल्स की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में Bullet 650 कंपनी के लिए बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकती है। कितनी हो सकती है कीमत? हालांकि कंपनी ने अभी आधिकारिक कीमत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि इसकी एक्स-शोरूम कीमत करीब 3.5 लाख रुपये हो सकती है। लॉन्च के बाद इसका मुकाबला: BSA Gold Star 650 Kawasaki Eliminator जैसी प्रीमियम बाइक्स से हो सकता है।
अगर आप कम बजट में ज्यादा माइलेज देने वाली और फीचर्स से भरपूर डीजल कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो Tata Altroz आपके लिए शानदार विकल्प साबित हो सकती है। भारतीय बाजार में डीजल कारों की संख्या लगातार कम हो रही है, लेकिन लंबी दूरी तय करने वाले और रोजाना ज्यादा ड्राइव करने वाले ग्राहकों के बीच डीजल कारों की मांग अब भी बनी हुई है। ऐसे समय में Tata Altroz उन चुनिंदा कारों में शामिल है, जो किफायती कीमत, शानदार माइलेज, प्रीमियम फीचर्स और मजबूत सेफ्टी का बेहतरीन कॉम्बिनेशन देती है। यही वजह है कि इसे भारत की सबसे सस्ती डीजल कारों में गिना जाता है। कीमत कितनी है? Tata Motors की इस प्रीमियम हैचबैक की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 6.30 लाख रुपये है। वहीं इसका टॉप वेरिएंट 10.77 लाख रुपये तक जाता है। अगर आप डीजल वेरिएंट खरीदना चाहते हैं, तो इसकी कीमत 8.15 लाख रुपये से शुरू होकर Accomplished S ट्रिम के लिए 10.27 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक पहुंचती है। इंजन ऑप्शन्स Tata Altroz तीन इंजन विकल्पों के साथ आती है: 1.2 लीटर पेट्रोल इंजन 88 PS पावर 115 Nm टॉर्क 1.2 लीटर CNG इंजन 73.5 PS पावर 103 Nm टॉर्क 1.5 लीटर डीजल इंजन 90 PS पावर 200 Nm टॉर्क गियरबॉक्स विकल्प कार में सभी इंजन ऑप्शन के साथ 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स स्टैंडर्ड मिलता है। इसके अलावा पेट्रोल वेरिएंट में: 5-स्पीड AMT 6-स्पीड DCT का विकल्प भी उपलब्ध है। हालांकि डीजल वेरिएंट केवल 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन के साथ आता है। माइलेज में भी दमदार कंपनी का दावा है कि Altroz डीजल वेरिएंट 23.64 kmpl तक का माइलेज देता है। यही वजह है कि यह कार लंबी दूरी तय करने वालों और रोजाना ज्यादा ड्राइव करने वाले ग्राहकों के लिए काफी किफायती मानी जाती है। फीचर्स और सेफ्टी फीचर्स की बात करें तो Tata Altroz कई प्रीमियम सुविधाओं के साथ आती है, जिनमें शामिल हैं: 10.25 इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम Apple CarPlay और Android Auto सपोर्ट 7 इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर वॉइस कमांड सनरूफ वायरलेस मोबाइल चार्जर 360 डिग्री कैमरा सेफ्टी के मामले में भी यह कार काफी मजबूत मानी जाती है। Global NCAP क्रैश टेस्ट में इसे 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिल चुकी है, जो इसे अपने सेगमेंट की सबसे सुरक्षित कारों में शामिल करती है।
पहले से ज्यादा किफायती हुई हाई-परफॉर्मेंस लग्जरी SUV ब्रिटिश लग्जरी कार निर्माता Land Rover ने भारतीय बाजार में अपनी नई Range Rover Sport SV लॉन्च कर दी है। कंपनी ने इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 2.05 करोड़ रुपये रखी है। नई Sport SV अब पहले से ज्यादा किफायती हो गई है और यह लिमिटेड एडिशन SV Edition Two से करीब 30 लाख रुपये सस्ती है। कंपनी ने इसकी बुकिंग शुरू कर दी है, जबकि पहली डिलीवरी अगस्त 2026 से शुरू होगी। एक्सटीरियर में मिलेगा स्पोर्टी और अग्रेसिव लुक नई Range Rover Sport SV को खासतौर पर भारतीय ग्राहकों के लिए कई एक्सक्लूसिव कलर ऑप्शंस के साथ पेश किया गया है। इसमें Satin Green, Matte Orange, Gloss Blue, Matte Violet और Gloss Teal जैसे प्रीमियम पेंट फिनिश मिलते हैं। SUV में ब्लैक रूफ और 22-इंच के फोर्ज्ड अलॉय व्हील्स दिए गए हैं, जो इसे दमदार रोड प्रेजेंस देते हैं। कार में SV बैजिंग, क्वाड एग्जॉस्ट और बड़ा रियर स्पॉइलर दिया गया है। इसके अलावा फ्रंट ग्रिल, एयर इंटेक, पिलर्स, ORVM हाउसिंग और Range Rover बैजिंग को ब्लैक-आउट फिनिश में रखा गया है। हालांकि इसमें Edition Two वाले 23-इंच कार्बन फाइबर व्हील्स और कार्बन-सिरेमिक ब्रेक नहीं दिए गए हैं। लग्जरी फीचर्स से लैस है केबिन SUV के इंटीरियर में Light Cloud और Ebony थीम वाले परफोरेटेड Windsor लेदर सीट्स दिए गए हैं। इसके साथ स्लाइडिंग पैनोरमिक सनरूफ भी मिलता है, जिसे खास तौर पर भारतीय मौसम और ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसके अलावा इसमें Meridian सिग्नेचर साउंड सिस्टम, एक्सटेंडेड लेदर पैकेज और इल्यूमिनेटेड SV डोर सिल्स जैसे प्रीमियम फीचर्स शामिल हैं। कंपनी ने इस मॉडल को रोजमर्रा की लग्जरी ड्राइविंग और बेहतर कम्फर्ट पर फोकस करते हुए तैयार किया है। 3.8 सेकंड में पकड़ती है 100 kmph की रफ्तार नई Range Rover Sport SV में 4.4-लीटर ट्विन-टर्बो V8 माइल्ड-हाइब्रिड इंजन दिया गया है, जो 635 hp की पावर और 750 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। SUV में ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन मिलता है। कंपनी के मुताबिक यह लग्जरी SUV सिर्फ 3.8 सेकंड में 0 से 100 kmph की स्पीड पकड़ सकती है। बेहतर हैंडलिंग के लिए इसमें 6D Dynamics सस्पेंशन सिस्टम दिया गया है, जो खराब और अलग-अलग रोड कंडीशंस में भी बॉडी रोल और पिच को कम करता है।
Honda की प्रीमियम बाइक में तकनीकी गड़बड़ी Honda Motorcycle & Scooter India ने अपनी प्रीमियम स्पोर्ट्स बाइक Honda CB1000 Hornet SP के लिए भारत में वॉलंटरी रिकॉल जारी किया है। कंपनी ने बाइक में सामने आई दो तकनीकी समस्याओं को देखते हुए यह फैसला लिया है। प्रभावित मोटरसाइकिलों का निर्माण 30 सितंबर 2024 से 22 अगस्त 2025 के बीच किया गया था। कंपनी के अनुसार रिकॉल अभियान के तहत फ्यूल फीड होज की रूटिंग और इंजन ऑयल कंजम्प्शन से जुड़ी दिक्कतों की जांच की जाएगी। किन समस्याओं के कारण लिया गया फैसला? Honda ने बताया कि कुछ बाइकों में फ्यूल फीड होज सही तरीके से फिक्स नहीं हो पा रही है, जिससे विशेष परिस्थितियों में परेशानी आ सकती है। इसके अलावा कुछ यूनिट्स में इंजन ऑयल की खपत सामान्य से ज्यादा देखी गई है, जो इंजन पर असर डाल सकती है। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने एहतियात के तौर पर निरीक्षण और जरूरी सुधार करने का निर्णय लिया है। ग्राहकों को फ्री में मिलेगी सर्विस रिकॉल अभियान के तहत सभी जरूरी मरम्मत और पार्ट्स रिप्लेसमेंट बिना किसी शुल्क के किए जाएंगे। यह सुविधा वारंटी खत्म होने के बाद भी ग्राहकों को मिलेगी। कंपनी ने कहा है कि देशभर के अधिकृत BigWing Topline डीलरशिप्स पर यह जांच और मरम्मत की जाएगी। ग्राहकों को कॉल, SMS और ईमेल के जरिए सूचना दी जाएगी ताकि वे सर्विस सेंटर पर समय लेकर पहुंच सकें। ऐसे करें चेक आपकी बाइक रिकॉल में शामिल है या नहीं ग्राहक Honda की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी बाइक का VIN यानी Vehicle Identification Number डालकर यह जांच सकते हैं कि उनकी बाइक इस रिकॉल अभियान में शामिल है या नहीं। दमदार इंजन और फीचर्स से लैस है CB1000 Hornet SP Honda CB1000 Hornet SP में 999cc का इनलाइन फोर-सिलेंडर इंजन मिलता है, जो 155 bhp की पावर और 107 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इस सुपरबाइक में कई एडवांस फीचर्स दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं– स्लिपर क्लच बाय-डायरेक्शनल क्विक शिफ्टर Honda Selectable Torque Control पांच राइडिंग मोड बाइक में 310mm Brembo फ्रंट डिस्क ब्रेक और ड्यूल चैनल ABS जैसी सेफ्टी सुविधाएं भी दी गई हैं। कितनी है कीमत? भारतीय बाजार में Honda CB1000 Hornet SP की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत करीब 13.29 लाख रुपये है।
Tata Punch ने मारी बाजी, Fronx और Nexon में कांटे की टक्कर भारत में कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। अप्रैल 2026 में भी ग्राहकों ने माइक्रो और सब-4 मीटर SUVs को जमकर पसंद किया। बिक्री के आंकड़ों में Tata Punch सबसे ज्यादा बिकने वाली कॉम्पैक्ट SUV बनकर उभरी। वहीं Maruti Suzuki Fronx और Tata Nexon ने भी बेहद करीबी मुकाबला दिया। दिलचस्प बात यह रही कि टॉप-3 SUVs की बिक्री में 1000 यूनिट से भी कम का अंतर देखने को मिला, जिससे अप्रैल का महीना इस सेगमेंट के लिए बेहद प्रतिस्पर्धी रहा। अप्रैल 2026 की टॉप 10 सबसे ज्यादा बिकने वाली कॉम्पैक्ट SUVs रैंक मॉडल अप्रैल 2026 बिक्री सालाना बढ़ोतरी 1 Tata Punch 19,107 52.9% 2 Maruti Fronx 18,829 31.3% 3 Tata Nexon 18,126 17.3% 4 Maruti Brezza 14,124 -16.8% 5 Hyundai Venue 12,420 56.2% 6 Kia Sonet 10,537 30.6% 7 Hyundai Exter 8,096 49.5% 8 Mahindra XUV 3XO 7,517 -0.7% 9 Skoda Kylaq 4,089 -23.8% 10 Toyota Taisor 2,550 5.3% Tata Punch बनी सबसे ज्यादा बिकने वाली SUV Tata Punch ने अप्रैल 2026 में 19,107 यूनिट की बिक्री के साथ पहला स्थान हासिल किया। इस SUV की सालाना बिक्री में 52.9 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसकी ऊंची ग्राउंड क्लीयरेंस, SUV जैसा डिजाइन और शहरों में आसान ड्राइविंग इसे ग्राहकों की पहली पसंद बना रहे हैं। Fronx और Nexon में जोरदार मुकाबला Maruti Suzuki Fronx ने 18,829 यूनिट बेचकर दूसरा स्थान हासिल किया। यह Punch से सिर्फ 278 यूनिट पीछे रही। इसके स्पोर्टी डिजाइन और बेहतर माइलेज ने ग्राहकों को आकर्षित किया। वहीं Tata Nexon ने 18,126 यूनिट बिक्री के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। Nexon की बिक्री में भी 17.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली। Brezza की बिक्री घटी, Venue ने दिखाई ताकत Maruti Suzuki Brezza की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई। अप्रैल में इसकी 14,124 यूनिट बिकीं, जो पिछले साल के मुकाबले 16.8 प्रतिशत कम रहीं। माना जा रहा है कि ग्राहक इसके फेसलिफ्ट मॉडल का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी ओर Hyundai Venue ने शानदार प्रदर्शन किया। इसकी बिक्री 56.2 प्रतिशत बढ़कर 12,420 यूनिट पहुंच गई। नए अपडेटेड मॉडल और Bharat NCAP की 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग का इसे फायदा मिला। Sonet, Exter और XUV 3XO भी दौड़ में शामिल Kia Sonet ने 10,537 यूनिट की बिक्री के साथ मजबूत पकड़ बनाए रखी। वहीं Hyundai Exter की बिक्री में 49.5 प्रतिशत की बड़ी छलांग दर्ज की गई। Mahindra XUV 3XO की बिक्री लगभग स्थिर रही और इसमें मामूली गिरावट देखी गई। Skoda Kylaq और Toyota Taisor का प्रदर्शन Skoda Kylaq की बिक्री में 23.8 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बावजूद यूरोपियन डिजाइन और ड्राइविंग एक्सपीरियंस के कारण इसकी अलग पहचान बनी हुई है। वहीं Toyota Taisor ने 2,550 यूनिट बिक्री के साथ टॉप-10 सूची में जगह बनाई।
नई कार या बाइक खरीदते समय चाबी के साथ एक छोटा सा मेटल या एल्युमीनियम टैग जरूर मिलता है। ज्यादातर लोग इसे बेकार समझकर तुरंत हटा देते हैं या कहीं फेंक देते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह छोटा सा टैग आपकी गाड़ी की सुरक्षा और सुविधा से सीधे जुड़ा होता है। असल में इस टैग पर लिखा हुआ कोड आपकी गाड़ी की चाबी का बेहद महत्वपूर्ण “की-कोड” होता है। अगर कभी आपकी गाड़ी की चाबी खो जाए, चोरी हो जाए या खराब हो जाए, तो यही छोटा सा कोड आपको बड़ी परेशानी और भारी खर्च से बचा सकता है। क्या होता है इस मेटल टैग पर लिखा कोड? वाहन कंपनियां हर चाबी के साथ एक यूनिक अल्फान्यूमेरिक कोड देती हैं। यह कोड उस चाबी की तकनीकी पहचान माना जाता है। यह कोड चाबी की कटिंग डिजाइन और लॉक सिस्टम से जुड़ी जानकारी स्टोर करता है। इसी वजह से सर्विस सेंटर या अधिकृत डीलर उसी कोड के आधार पर आपकी गाड़ी की नई चाबी तैयार कर सकते हैं। नई चाबी बनवाने में कैसे करता है मदद? अगर आपकी गाड़ी की दोनों चाबियां खो जाएं, तो आमतौर पर लोग सोचते हैं कि पूरा लॉक सिस्टम बदलवाना पड़ेगा। पहले ऐसा ही होता था, लेकिन अब आधुनिक तकनीक ने यह काम आसान कर दिया है। अधिकृत सर्विस सेंटर में मौजूद मशीन इस की-कोड को पढ़कर बिल्कुल वैसी ही नई चाबी तैयार कर देती है जैसी कंपनी ने मूल रूप से दी थी। इससे समय भी बचता है और लॉक किट बदलने का भारी खर्च भी नहीं उठाना पड़ता। स्मार्ट की और की-फोब में भी है बेहद जरूरी आजकल कई आधुनिक कारों में स्मार्ट की और की-फोब सिस्टम दिया जाता है। इनमें इलेक्ट्रॉनिक लॉकिंग सिस्टम के साथ एक छोटी इमरजेंसी फिजिकल चाबी भी मौजूद रहती है। अगर यह इमरजेंसी चाबी खो जाए या फोब खराब हो जाए, तब भी यही की-कोड नई चाबी बनाने में काम आता है। इतना ही नहीं, अगर चाबी चोरी हो जाए तो सर्विस सेंटर इसी कोड की मदद से पुरानी चाबी को सिस्टम से हटाकर नई चाबी को रजिस्टर कर सकता है। क्यों नहीं रखना चाहिए इसे चाबी के साथ? विशेषज्ञों के मुताबिक इस टैग को चाबी के साथ लटकाकर रखना सुरक्षित नहीं माना जाता। अगर किसी गलत व्यक्ति के हाथ आपकी चाबी और यह कोड दोनों लग जाएं, तो वह आसानी से डुप्लीकेट चाबी बनवा सकता है। इसलिए बेहतर होगा कि इस टैग को वाहन के दस्तावेजों के साथ सुरक्षित जगह पर रखें। साथ ही इसके कोड की फोटो मोबाइल या ईमेल में सेव करके रखना भी समझदारी माना जाता है। छोटी सी चीज, लेकिन बड़े काम की दिखने में मामूली लगने वाला यह छोटा मेटल टैग आपकी गाड़ी की सुरक्षा का अहम हिस्सा है। इसे फेंकना या नजरअंदाज करना भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। इसलिए अगली बार नई गाड़ी खरीदें तो इस टैग को संभालकर जरूर रखें।
TVS Motor Company ने भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए नया TVS iQube S 4.7 kWh वेरिएंट लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को 1,37,142 रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर पेश किया है। नया मॉडल पुराने 3.5 kWh बैटरी वेरिएंट की जगह लेगा और इसमें ज्यादा रेंज के साथ कई एडवांस फीचर्स दिए गए हैं। बड़ी बैटरी, ज्यादा रेंज नए TVS iQube S में 4.7 kWh का बड़ा बैटरी पैक दिया गया है। कंपनी के मुताबिक यह स्कूटर सिंगल चार्ज पर 175 किलोमीटर तक की IDC रेंज देने में सक्षम है, जो इसे लंबी दूरी के लिए और ज्यादा उपयोगी बनाता है। स्कूटर की इलेक्ट्रिक मोटर 5.9 hp की पीक पावर और 33 Nm का अधिकतम टॉर्क जनरेट करती है। वहीं इसकी टॉप स्पीड 82 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। शानदार परफॉर्मेंस परफॉर्मेंस के मामले में भी नया iQube S काफी दमदार नजर आता है। कंपनी का दावा है कि यह स्कूटर 0 से 40 kmph की रफ्तार सिर्फ 4.3 सेकंड में पकड़ सकता है। चार्जिंग की बात करें तो पोर्टेबल चार्जर की मदद से इसकी बैटरी को 0 से 80 प्रतिशत तक चार्ज होने में करीब 4 घंटे का समय लगता है। मिलेंगे कई स्मार्ट फीचर्स नया TVS iQube S कई प्रीमियम स्मार्ट फीचर्स के साथ आता है। इसमें– TFT डिस्प्ले स्मार्टफोन कनेक्टिविटी नेविगेशन सपोर्ट राइड स्टैटिस्टिक्स कॉल और नोटिफिकेशन अलर्ट जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसके अलावा स्कूटर में रिवर्स मोड, क्रैश अलर्ट, फॉल अलर्ट और एंटी-थेफ्ट अलर्ट जैसे सेफ्टी फीचर्स भी शामिल किए गए हैं। डस्ट और वाटर रेसिस्टेंट डिजाइन कंपनी ने इसके इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स को IP67 डस्ट और वाटर रेसिस्टेंस रेटिंग दी है, जिससे स्कूटर खराब मौसम और पानी से बेहतर सुरक्षा प्रदान करता है। हार्डवेयर और ब्रेकिंग सिस्टम स्कूटर का कर्ब वेट 128.8 किलोग्राम है। इसकी सीट हाइट 770mm और ग्राउंड क्लीयरेंस 157mm रखा गया है। इसमें 12-इंच अलॉय व्हील्स के साथ दोनों तरफ 90/90-12 ट्यूबलेस टायर्स दिए गए हैं। ब्रेकिंग के लिए– फ्रंट में 220mm डिस्क ब्रेक रियर में 130mm ड्रम ब्रेक का सेटअप मिलता है। नए कलर ऑप्शन्स भी शामिल TVS ने नए बैटरी वेरिएंट के साथ दो नए कलर ऑप्शन्स भी पेश किए हैं– Magnificence Purple Beige Harlequin Blue Beige इसके अलावा स्कूटर Titanium Grey Matte रंग में भी उपलब्ध रहेगा।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।