गिरिडीह

Giridih hospital incident
क्या है 14 साल की बच्ची के मां बनने का सच?

गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह सदर अस्पताल से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जहां 14 वर्षीय एक नाबालिग छात्रा ने अस्पताल के शौचालय में बच्चे को जन्म दिया। हर कोई इस घटना के बाद स्तब्ध है। लेकिन, मामला तब और  तूल पकड़ा गया जब ये पता चला कि नाबालिग बच्ची को इस हाल लाने  वाला और  कोई नहीं उसका नाना है। बच्चे के जन्म होने के बाद प्रसूता  नाबालिग के होश में आने के बाद परिजनों ने उससे पूछताछ की तब कई और चौकाने  वाले खुलासे हुए। छात्रा ने बताया कि स्कूल से घर लौटने के दौरान रास्ते में उसके ही एक रिश्ते में लगने  वाले नाना ने उसके साथ तीन बार दुष्कर्म किया था। आरोपी उसे लगातार धमकी देता था कि यदि उसने इस बारे में किसी को भी बताया, तो वह उसे जान से मार देगा। इसी डर और लोक-लाज के कारण पीड़िता महीनों तक खामोश रही। परिजनों के मुताबिक, आरोपी रिश्ते में गोतिया पक्ष से नाबालिग का नाना लगता है। वह शादीशुदा है और उसका एक बच्चा भी है।  अब यहां एक नहीं कई सवाल खड़े होते है कि बच्ची प्रेग्नेंट है और किसी को भनक भी नहीं लगी।  कैसे उसके  माता-  पिता को  भी पता नही चला?  ये  बात किसी को हजम नहीं हो रही। क्योंकि, कोई भी बच्ची या औरत जब भी प्रेग्नेंट होती  तब शरीर में काफी सारे बदलाव आते है। शरीर का अकार बदलता है, तो जाहिर सी बात है कि इस बच्ची के शरीर में भी काफी सारे बदलाव हुए होंगे और परिजनों को पता नहीं चला, ये तो हैरान  करने वाली बात है।  परिजनों  का  कहना  है  कि ढीले कपड़ों के कारण उन्हें उसके गर्भवती होने की भनक हीं लगी। जबिक बच्ची ने गुरुवार को ही माता-पिता को बताया कि उसके कमर में दर्द है, तो उसे अस्पताल ले जाया गया। क्या ये बात बच्ची को भी पता नहीं थी या वो सब कुछ छुपा रही थी?   बता दें कि 14 वर्षीय छात्रा बेंगाबाद थाना क्षेत्र की रहने वाली है। वह नौवीं कक्षा की छात्रा है। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार को स्कूल में गर्मी की छुट्टी होने के बाद छात्रा घर लौटी थी। घर पहुंचने के कुछ समय बाद उसने तेज कमर दर्द की शिकायत की। परिजनों ने तेज कमर दर्द को समान्य शारीरिक समस्या समझा, लेकिन ज़्यादा दर्द बढ़ने की शिकायत पर छात्रा को इलाज के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल ले गए। इसी दौरान वह शौचालय गई, जहां उसने एक नवजात को जन्म दे दिया। बताया जाता है कि नवजात को जन्म देने के बाद नाबालिग रक्तस्राव की गंभीर स्थिति में ही शौचालय से बाहर निकलकर जाने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों की नजर उस पर पड़ गई। नाबालिग की हालत देख कर्मियों ने तुरंत उसे रोका। इसके बाद उससे पूछताछ की, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। नवजात बच्चा शौचालय के पेन में फंसा हुआ था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों, अस्पताल कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए शौचालय से नवजात को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार शुरू किया। समय पर इलाज मिलने के कारण मां और बच्चे दोनों की जान बचाई गयी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सदर अस्पताल पहुंची। मामले की जांच शुरू की। चिकित्सकों की सलाह पर नाबालिग और नवजात को चैताडीह स्थित मातृत्व एवं शिशु अस्पताल रेफर किया गया, जहां नवजात को एसएनसीयू में भर्ती कर विशेष निगरानी में रखा गया है।बेंगाबाद थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी संतोष राम को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूरे मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। यह घटना एक बार फिर नाबालिगों की सुरक्षा, जागरूकता और पारिवारिक संवाद की जरूरत को सामने लाती है। पुलिस और प्रशासन अब पीड़िता को न्याय दिलाने और आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुटे हैं।

Anjali Kumari मई 23, 2026 0
Sadar Hospital incident
गिरिडीह में 14 साल की बच्ची बनी मां, सदर अस्पताल के टॉयलेट में जन्मा बच्चा  कमर दर्द की शिकायत पर आई थी हॉस्पिटल

गिरिडीह। गिरिडीह के सदर अस्पताल से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां शुक्रवार की शाम 14 साल नाबालिग छात्रा ने अस्पताल के शौचालय में बच्चे को जन्म दिया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। नौवीं कक्षा की छात्रा है जानकारी के अनुसार जिस छात्रा ने बच्चे को जन्म दिया वह बेंगाबाद थाना क्षेत्र की रहने वाली है। वह नौवीं कक्षा की छात्रा है। फिलहाल नवजात और प्रसूता दोनों को बेहतर इलाज के लिए चैताडीह स्थित मातृत्व एवं शिशु अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां दोनों की स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है। कमर दर्द की शिकायत पर अस्पताल पहुंची थी छात्रा परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार को स्कूल में गर्मी की छुट्टी होने के बाद छात्रा घर लौटी थी। घर पहुंचने के कुछ समय बाद उसने कमर दर्द की शिकायत की। परिजनों ने इसे सामान्य शारीरिक समस्या समझते हुए उसे इलाज के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल ले गए। अस्पताल में भर्ती होने के बाद देर शाम वह शौचालय गई, जहां उसने एक नवजात को जन्म दे दिया। इस घटना से परिजन और अस्पताल कर्मी दोनों ही अचंभित रह गए। रक्तस्राव की हालत में बाहर निकली बताया जाता है कि नवजात को जन्म देने के बाद नाबालिग रक्तस्राव की गंभीर स्थिति में ही शौचालय से बाहर निकलकर जाने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों की नजर उस पर पड़ी। स्थिति को भांपते हुए कर्मियों ने तत्काल उसे रोका। इसके बाद उससे पूछताछ की, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद अस्पताल कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए शौचालय से नवजात को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार शुरू किया। समय पर हस्तक्षेप के कारण मां और बच्चे दोनों की जान बचाई जा सकी। मातृत्व एवं शिशु अस्पताल भेजा गया चिकित्सकों की सलाह पर नाबालिग और नवजात को एंबुलेंस के माध्यम से चैताडीह स्थित मातृत्व एवं शिशु अस्पताल भेजा गया है। एसएनसीयू में भर्ती नवजात, जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सदर अस्पताल पहुंची। मामले की जांच शुरू कर दी। वहां नवजात को एसएनसीयू में भर्ती किया गया है। जबकि नाबालिग का भी यहीं इलाज जारी है। अस्पताल प्रबंधन ने घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

Anjali Kumari मई 23, 2026 0
Nawada Giridih train
नवादा-गिरिडीह के बीच दौड़ेगी ट्रेन, 130 किमी नई रेल लाइन को मंजूरी व्यापार-यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा

गिरिडीह‎। बिहार और झारखंड को जोड़ने‎ वाली बहुप्रतीक्षित नवादा-गिरिडीह ‎नई रेल लाइन परियोजना को ‎लेकर बड़ी प्रगति हुई है। रेलवे ‎‎मंत्रालय ने बिहार के जिन 29 नई ‎रेलवे लाईन के सर्वे को लेकर‎ मंजूरी दी है। उसमें इस ‎महत्वाकांक्षी परियोजना को भी‎ शामिल किया गया है। रेलवे लाइन‎ के एलाइनमेंट तथा प्रारंभिक ‎इंजीनियरिंग-सह-यातायात ‎सर्वेक्षण को मंजूरी मिली है। इस‎ निर्णय को गिरिडीह जिले के लिए‎ विकास की दिशा में एक ‎महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा ‎है। इस रास्ते से गुजरेगी नई लाइन प्रस्तावित रेल मार्ग बिहार के ‎नवादा से शुरू होकर झारखंड के‎ कोडरमा जिले के सतगावां होते‎ हुए गिरिडीह जिले के गावां और‎ तिसरी प्रखंड से गुजरते हुए जिला‎ मुख्यालय गिरिडीह तक पहुंचेगा। ‎इस परियोजना के भविष्य में‎ पारसनाथ क्षेत्र से जुड़ने की भी‎‎‎‎‎‎ ‎‎‎‎‎‎‎संभावना जताई जा रही है, जिससे ‎‎धार्मिक पर्यटन और अधिक‎ मजबूत होगा। करीब 130 ‎‎किलोमीटर लंबी इस प्रस्तावित‎ रेल लाइन के लिए वित्तीय वर्ष ‎‎2026-27 में प्रारंभिक सर्वेक्षण ‎‎कार्य के लिए 2.67 करोड़ रुपए की‎ राशि स्वीकृत की गई है। ‎‎अधिकारियों के अनुसार, ‎‎आवश्यकता पड़ने पर आगे बजट ‎‎में और वृद्धि की जाएगी। सर्वे के बाद तैयार होगा डीपीआर सर्वेक्षण ‎‎कार्य पूरा होने के बाद संबंधित ‎‎एजेंसी द्वारा विस्तृत डिटेल प्रोजेक्ट ‎‎रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की ‎‎जाएगी, जिसे रेलवे मंडल को ‎सौंपा जाएगा।   लाइन बनने से गिरिडीह से गया का होगा सीधा कनेक्ट सर्वे के बाद यदि रेलवे की ओर से इस रेल लाइन के बिछाने का कार्य ‎शुरू किया जाता है, तो गिरिडीह जिला मुख्यालय से लेकर जिले के‎ ग्रामीण इलाकों के लोगों का सीधा संपर्क गया से हो जाएगा। अभी तक ‎जिले के लोगों को दिल्ली, मुंबई आदि स्थानों के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए कोडरमा जाना पड़ता है, लेकिन यह प्रस्तावित रेल लाइन एक बेहतर ‎विकल्प के रूप में विकसित होगी। इससे खासकर गावां, तिसरी और ‎देवरी इलाके के लोगों को गया तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा।‎ एक तरह से ग्रामीण इलाकों के लोगों के साथ-साथ गिरिडीह शहर के ‎लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।‎   लाइन से ग्रामीण इलाकों का होगा विकास प्रस्तावित नवादा–गिरिडीह नई रेल लाइन परियोजना के निर्माण के बाद‎ गिरिडीह जिले के ग्रामीण एवं पिछड़े इलाकों को बड़ी राहत मिलने की‎ उम्मीद है। इस रेल लाइन से जिले के गावां, तिसरी और देवरी जैसे दूरस्थ ‎प्रखंड पहली बार सीधे रेल संपर्क से जुड़ जाएंगे, जिससे क्षेत्र की‎ कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक सुधार होगा। नई लाइफ लाइन मिलेगी। इस ‎परियोजना के पूरा होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा ‎काफी आसान हो जाएगी।

Anjali Kumari मई 22, 2026 0
Tower Climb love Protest
गिरिडीह में फिल्म शोले का सीन, प्रेमिका से शादी की मांग को लेकर टावर पर चढ़ा युवक लड़की पक्ष की ओर से शादी तोड़ने से नाराज

गिरिडीह। गिरिडीह जिले के बेंगाबाद प्रखंड अंतर्गत मोतिलेदा पंचायत के लखठाही गांव में सोमवार को प्रेम प्रसंग को लेकर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। गांव का एक युवक अपनी प्रेमिका से शादी कराने की मांग को लेकर 150 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक के टावर पर चढ़ने की खबर फैलते ही गांव में अफरातफरी मच गई और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। सूचना मिलने के बाद बेंगाबाद थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास में जुट गई। सुबह 4 बजे से शुरू हुआ ड्रामा दरअसल, लखठाही गांव निवासी 25 वर्षीय संजय रजक सोमवार सुबह करीब चार बजे गांव स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गया। बताया जा रहा है कि युवक नगर थाना क्षेत्र के चूड़ी मोहल्ला की रहने वाली एक युवती से प्रेम करता है। कुछ दिन पहले युवती अपने प्रेमी के घर भी पहुंची थी। दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध है। ग्रामीणों के अनुसार कुछ दिन पहले युवती अपने प्रेमी के घर भी पहुंची थी, जिसके बाद दोनों परिवारों के बीच शादी को लेकर बातचीत शुरू हुई थी। बताया जाता है कि दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने की बात भी सामने आई थी। इसी बीच किसी बात को लेकर मामला बिगड़ गया और युवती पक्ष की ओर से थाना में युवक और उसके परिजन पर प्राथमिकी दर्ज करा दी गई। कहा जा रहा है कि इस घटना से युवक काफी आहत हो गया। प्रेमिका और उसके परिजनों को बुलाने की मांग इसके बाद सोमवार सुबह वह सीधे गांव के मोबाइल टावर पर चढ़ गया और वहीं से अपनी मांग रखने लगा। युवक का कहना है कि जब तक उसकी प्रेमिका और उसके परिजनों को मौके पर नहीं बुलाया जाएगा, तब तक वह नीचे नहीं उतरेगा। ग्रामीणों ने देर तक युवक को समझाने की कोशिश की घटना की सूचना मिलते ही गांव में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। काफी संख्या में ग्रामीण टावर के नीचे जमा होकर युवक को समझाने का प्रयास करते रहे। वहीं, पुलिसकर्मी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी युवक को समझाकर सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश में लगे रहे। पुलिस लगातार युवक से बातचीत कर रही है, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। घटना को लेकर पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

Anjali Kumari मई 18, 2026 0
cbse 12th topper
सीबीएसई 12वीं में गिरिडीह के अवि गोयल ने किया कमाल, कॉमर्स में बने स्टेट टॉपर

गिरिडीह। गिरिडीह  के DAV Public School CCL गिरिडीह के छात्र Avi Goyal ने सीबीएसई 12वीं परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए कॉमर्स स्ट्रीम में राज्य टॉप किया है। अवि ने 99.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय और पूरे झारखंड का नाम रोशन किया है। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन से स्कूल और परिवार में खुशी का माहौल है। अवि गोयल ने अकाउंटेंसी, अर्थशास्त्र और चित्रकला में 100 में 100 अंक हासिल किए हैं। वहीं बिजनेस स्टडीज में 99, अंग्रेजी में 98 और एप्लाइड मैथ्स में 97 अंक प्राप्त किए। स्कूल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार कॉमर्स स्ट्रीम में कुल 10 छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं।   साइंस स्ट्रीम में भी छात्रों का शानदार प्रदर्शन स्कूल के साइंस स्ट्रीम में भी छात्रों ने बेहतरीन सफलता हासिल की। Swati Bhadani और Adnan Alam ने 92.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। साइंस स्ट्रीम में भी 10 छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं।   मेहनत और शिक्षकों के सहयोग का मिला फल अवि गोयल ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों, विद्यालय के शैक्षणिक माहौल और परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि स्कूल का वातावरण हमेशा पढ़ाई और सीखने के लिए प्रेरित करता है। शिक्षकों का व्यवहार बेहद सहयोगात्मक और दोस्ताना है, जिससे छात्र बिना झिझक अपनी समस्याएं साझा कर पाते हैं।   पिता बोले- यह दोहरी खुशी का पल अवि के पिता Omprakash Goyal इसी विद्यालय के प्राचार्य हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए दोहरी खुशी लेकर आई है। स्कूल प्रबंधन ने मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति देने की भी घोषणा की है। वहीं सीसीएल के जीएम Girish Kumar Rathore ने विद्यालय और छात्रों को बधाई दी है।

Anjali Kumari मई 14, 2026 0
Golgappa incident
Golgappa incident: लापरवाही ने ली जान, अब सफाई पर फोकस जरूरी  विभाग पर भी उठे गंभीर सवाल

गिरिडीह। गिरिडीह में हाल ही में हुए गोलगप्पा कांड ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है। इस घटना में गोलगप्पा खाने के बाद 49 लोग बीमार पड़ गए, जबकि एक बच्चे की मौत हो गई। इस मामले ने न सिर्फ ठेला-खोमचा विक्रेताओं की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यशैली भी जांच के घेरे में आ गई है।   लापरवाही से बिगड़ी हालत, जांच जारी प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विक्रेता की लापरवाही इस घटना का मुख्य कारण हो सकती है। स्थानीय विक्रेताओं का कहना है कि गोलगप्पे का पानी सबसे संवेदनशील होता है और यदि उसे समय पर नहीं बदला जाए तो वह खराब हो सकता है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है। आशंका जताई जा रही है कि पुराने या दूषित पानी के उपयोग से ही यह घटना हुई।   800 से ज्यादा विक्रेता, कई बिना रजिस्ट्रेशन जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, गिरिडीह में लगभग 800 चाट और गोलगप्पा विक्रेता सक्रिय हैं, जिनमें से कई बिना पंजीकरण के काम कर रहे हैं। अब विभाग ने ऐसे सभी विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। छापेमारी के दौरान आरोपी के घर से हानिकारक रंग भी बरामद किया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है।   घटना के बाद बिक्री पर असर इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर चाट और गोलगप्पे की बिक्री पर भी असर पड़ा है। ग्राहक अब सतर्क हो गए हैं और साफ-सफाई को लेकर ज्यादा जागरूक नजर आ रहे हैं। कई विक्रेताओं ने भी माना कि अब उन्हें स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना होगा, ताकि ग्राहकों का विश्वास फिर से जीता जा सके।   खाद्य सुरक्षा विभाग पर उठे सवाल इस पूरे मामले ने Food Safety Department की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि जब खुलेआम अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य सामग्री बेची जा रही थी, तो विभाग पहले से कार्रवाई क्यों नहीं कर पाया। साथ ही, जागरूकता अभियान की कमी को भी इस घटना के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है।   सावधानी और जागरूकता की जरूरत विशेषज्ञों ने विक्रेताओं को साफ पानी, ताजी सामग्री और स्वच्छ बर्तनों का उपयोग करने की सलाह दी है। साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि वे साफ-सुथरे स्थानों से ही खाद्य पदार्थ खरीदें।

Anjali Kumari अप्रैल 29, 2026 0
Giridih golgappa incident
गिरिडीह में गोलगप्पा खाने से 42 लोग बीमार, एक की मौत

गिरिडीह। गिरिडीह जिले में गोलगप्पा खाने के बाद 42 लोगों के बीमार होने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना सदर प्रखंड के कुम्हरगड़िया और बजटो गांवों की है, जहां शनिवार को गोलगप्पा खाने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी।   देर रात गांव पहुंचे डीसी, मरीजों से की मुलाकात घटना की जानकारी मिलते ही जिला उपायुक्त Ramniwas Yadav देर रात गांव पहुंचे। उनके साथ एसडीएम और एसडीपीओ भी मौजूद थे। डीसी ने घर-घर जाकर मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की तथा साथ आए चिकित्सकों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को गर्मी में खानपान और स्वच्छता को लेकर सावधानी बरतने की सलाह भी दी।   गोलगप्पा विक्रेता पर संदेह, पुलिस पूछताछ जारी जांच में सामने आया कि गोलगप्पा बेचने वाला व्यक्ति पास के पालमो गांव का रहने वाला है और अक्सर यहां आता था। बताया गया कि पहले दौर में गोलगप्पा खाने वालों की तबीयत ठीक रही, लेकिन बाद में खाने वालों की हालत बिगड़ने लगी। पुलिस ने विक्रेता को हिरासत में लेकर उससे मसाले और सामग्री की गुणवत्ता को लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।   एम्बुलेंस सेवा पर उठे सवाल ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 108 एम्बुलेंस सेवा समय पर नहीं पहुंची और एक साथ कई मरीजों को ले जाने से भी इनकार किया गया। इस कारण कई मरीजों को निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाना पड़ा। डीसी ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।   मृतक के परिवार को मदद का आश्वासन प्रशासन ने मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता का भरोसा दिया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने भी गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया। वहीं, पूरे मामले की जांच जारी है ताकि बीमारी के सही कारण का पता लगाया जा सके।

Anjali Kumari अप्रैल 27, 2026 0
Giridih golgappa incident
गिरिडीह में गोलगप्पे खाने से 1 बच्चे की मौत, 15 बीमार

गिरिडीह। गिरिडीह सदर प्रखंड के बजटो-कुम्हरगढ़िया गांव में फूड पॉइजनिंग का गंभीर मामला सामने आया है। यहां गोलगप्पा और छोला खाने के बाद एक 6 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि डेढ़ दर्जन से अधिक बच्चे और अन्य लोग बीमार पड़ गए। मृतक की पहचान रंजन कुमार के रूप में हुई है।   ठेले पर खाये थे गोलगप्पे और छोले जानकारी के अनुसार गांव में एक ठेला विक्रेता गोलगप्पा और छोला बेचने आया था, जिसे बच्चों सहित कई लोगों ने खाया। रात तक सभी सामान्य थे, लेकिन रविवार सुबह अचानक बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही डीसी रामनिवास यादव सहित तमाम अधिकारी सदर अस्पताल पहुंचे। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट स्थिति बिगड़ने पर परिजनों ने पहले स्थानीय स्तर पर इलाज कराया, लेकिन हालत गंभीर होने पर सभी को सदर अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों की टीम द्वारा सभी का इलाज किया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही डीसी रामनिवास यादव, एसडीएम श्रीकांत यशवंत बिस्पुते, सिविल सर्जन बच्चा सिंह और एसडीपीओ जीतवाहन उरांव समेत कई अधिकारी अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने तत्काल गांव में मेडिकल टीम और एंबुलेंस भेजी है, ताकि अन्य प्रभावित लोगों को भी अस्पताल पहुंचाया जा सके। अधिकारियों ने स्वास्थ्य कर्मियों को पूरी सतर्कता के साथ इलाज करने का निर्देश दिया है। पोस्टमॉर्टम के बाद खुलासा, जांच के आदेश डीसी रामनिवास यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में चाट-छोला खाने से बच्चों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि सभी बीमारों का इलाज जारी है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। वहीं, सिविल सर्जन बच्चा सिंह ने फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है। कहा कि मृतक बच्चे की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। ये बच्चे हुए बीमार बीमारों में शिवम कुमार, दिवाकर कुमार, मनिता कुमारी, अनुराधा कुमारी, प्रिंस कुमार, सुजीत कुमार, रानी कुमारी, रिया कुमारी, प्रतीक कुमार, मधु कुमारी, जागृति देवी, रिंकी देवी, बलराम प्रसाद वर्मा और रेखा देवी सहित अन्य शामिल हैं। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। 18 बच्चों व अन्य को लाया गया अस्पताल वहीं एसडीएम श्रीकांत यशवंत विस्पुते ने कहा कि शाम लगभग 7 बजे प्रशासन को सूचना मिली। जिसके बाद प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने समन्वय बनाकर बीमार 18 बच्चों एवं अन्य लोगों को अस्पताल पहुंचाया। जहां सभी का इलाज चल रहा है।

Anjali Kumari अप्रैल 27, 2026 0
giridih school inciden
गिरिडीह में स्कूल के अंदर शर्मनाक हरकत, प्रिंसिपल पर लगा छेड़छाड़ का गंभीर आरोप

गिरिडीह। गिरिडीह में एक निजी स्कूल से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक प्रिंसिपल पर नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि यह घटना पिछले करीब छह महीनों से लगातार हो रही थी। छात्रा ने विरोध किया तो उसे स्कूल से निकालने की धमकी दी जाती थी।   मार्कशीट लेने के दौरान हुई कथित घटना परिजनों के अनुसार, 22 अप्रैल को छात्रा स्कूल में अपनी मार्कशीट लेने गई थी। आरोप है कि प्रिंसिपल ने उसे अपने कक्ष में बुलाकर अनुचित व्यवहार किया और किसी को न बताने की चेतावनी दी। घटना के बाद छात्रा मानसिक रूप से परेशान हो गई और उसने स्कूल जाना बंद कर दिया।   परिवार की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला जब परिजनों ने छात्रा से पूछताछ की, तब उसने पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजन और स्थानीय लोग छात्रा को लेकर Pachamba Police Station पहुंचे, जहां लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।   पुलिस की कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई। थाना प्रभारी राजीव कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।   स्थानीय लोगों में रोष घटना के सामने आने के बाद इलाके में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह मामला स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाता है और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है कि ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई और सख्त निगरानी हो।

Anjali Kumari अप्रैल 25, 2026 0
Dumri MLA controversy
विवादों में डुमरी विधायक जयराम महतो: कैंडल मार्च के दौरान खोया आपा, युवक का मोबाइल छीनकर जमीन पर पटका

गिरिडीह। झारखंड की राजनीति में उभरते सितारे और डुमरी के चर्चित विधायक जयराम महतो एक बार फिर गंभीर विवादों में घिर गए हैं। गिरिडीह जिले में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान विधायक महतो का गुस्सा इस कदर भड़का कि उन्होंने वहां वीडियो बना रहे एक युवक का मोबाइल छीनकर सड़क पर दे मारा। घटना उस वक्त की है जब विधायक पुष्पा कुमारी को न्याय दिलाने के लिए आयोजित एक कैंडल मार्च में शामिल होने पहुंचे थे। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिससे उनकी कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।   न्याय की मांग के बीच शुरू हुआ विवाद और आरोप-प्रत्यारोप रविवार की शाम पुष्पा कुमारी को इंसाफ दिलाने के लिए एक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला गया था। इस मार्च में पीड़ित पुष्पा कुमारी की मां रेखा देवी भी शामिल थीं। मार्च के दौरान ही रेखा देवी ने विधायक की पार्टी जेएलकेएम (JLKM) की महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रेखा कुमारी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनकी बेटी की तलाश में मदद करने के बदले पार्टी नेत्री ने उनसे 10,000 रुपये की राशि ली थी। महिला का कहना था कि यह रकम उन्होंने एक स्वयं सहायता समूह से कर्ज लेकर जुटाई थी। जब यह मुद्दा मार्च के दौरान विधायक के सामने उठा, तो वहां का माहौल तनावपूर्ण हो गया।   बीच सड़क पर विधायक का 'हाई वोल्टेज ड्रामा' जैसे ही भ्रष्टाचार और पैसे लेने के आरोपों ने तूल पकड़ा, विधायक जयराम महतो आपा खो बैठे। वे वहां मौजूद महिलाओं और ग्रामीणों के साथ बहस करने लगे। इसी गहमागहमी के बीच उनकी नजर पास में खड़े एक युवक पर पड़ी जो अपने मोबाइल फोन से पूरी घटना को रिकॉर्ड कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आक्रोशित विधायक ने आव देखा न ताव, सीधे युवक के हाथ से फोन छीन लिया और उसे पूरी ताकत से सड़क पर पटक दिया। इस अचानक हुए हमले से वहां मौजूद लोग अवाक रह गए। बताया जा रहा है कि पटकने के कारण युवक का मोबाइल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।   पार्टी की साख और जनप्रतिनिधि के आचरण पर उठे सवाल विधायक जयराम महतो अक्सर खुद को युवाओं का हितैषी और आम जनता का सिपाही बताते रहे हैं, लेकिन इस ताजी घटना ने उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया है। हंगामे की स्थिति को देखते हुए विधायक और उनके समर्थक तुरंत वहां से अपनी गाड़ियों में सवार होकर रवाना हो गए। हालांकि, उनके जाने के बाद भी स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि एक जन प्रतिनिधि को सार्वजनिक रूप से इस तरह का हिंसक और अशोभनीय व्यवहार शोभा नहीं देता।   सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, जांच की मांग घटना के कुछ ही घंटों बाद मोबाइल तोड़ने और बहसबाजी के कई वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गए हैं। इस मामले में अब तक पुलिस के पास किसी लिखित शिकायत की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विपक्षी दल और आम नागरिक जयराम महतो के इस रवैये की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। भ्रष्टाचार के आरोपों और उसके बाद विधायक की इस प्रतिक्रिया ने जेएलकेएम के अंदरूनी अनुशासन पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। फिलहाल क्षेत्र में यह चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है कि आखिर न्याय दिलाने निकले विधायक खुद विवाद की वजह कैसे बन गए।

Anjali Kumari अप्रैल 13, 2026 0
Giridih lithium discovery
गिरिडीह की धरती में ‘सफेद सोना’! लिथियम की तलाश में जुटी GSI

गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह जिले से एक अहम भूवैज्ञानिक खबर सामने आई है। जिले के तिसरी प्रखंड स्थित असुर हड्डी और डूबा के जंगलों में लिथियम जैसे बहुमूल्य खनिज के भंडार मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसी को लेकर भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने इलाके में विस्तृत सर्वे और ड्रिलिंग का काम किया है। सर्वे पूरा होने के बाद सभी ड्रिलिंग प्वाइंट्स को चिह्नित कर सील कर दिया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।   क्यों खास है लिथियम? लिथियम को आज के दौर में ‘सफेद सोना’ कहा जाता है, क्योंकि इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से बैटरियों, इलेक्ट्रिक वाहनों, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य आधुनिक तकनीकी उपकरणों में होता है। ऐसे में यदि गिरिडीह में इसके भंडार की पुष्टि होती है, तो यह न केवल झारखंड बल्कि देश के लिए भी बड़ी आर्थिक और रणनीतिक उपलब्धि साबित हो सकती है।   एक साल से चल रहा था सर्वे जानकारी के अनुसार, इस इलाके में लिथियम की मौजूदगी को लेकर काफी समय से चर्चा थी। इसी के मद्देनज़र GSI लगभग एक साल से यहां भू-वैज्ञानिक परीक्षण और सर्वेक्षण कर रही थी। हालिया ड्रिलिंग और उसके बाद प्वाइंट्स की सीलिंग को इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।   अवैध खनन ने भी बढ़ाई थी चिंता बताया जा रहा है कि करीब एक साल पहले इसी असुरहड्डी पहाड़ी क्षेत्र में अवैध उत्खनन की गतिविधियां भी सामने आई थीं। यहां से पोखराज, गोमेद और त्रिमुल्ली जैसे बहुमूल्य पत्थरों की तस्करी की बात भी कही गई थी। ऐसे में इस क्षेत्र की खनिज संपदा को लेकर प्रशासन और एजेंसियों की सतर्कता बढ़ गई है।   आधिकारिक पुष्टि का इंतजार हालांकि, अब तक GSI की ओर से लिथियम भंडार को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन सर्वे और ड्रिलिंग के बाद स्थानीय लोगों में उम्मीद बढ़ गई है कि गिरिडीह की माटी जल्द ही देश के लिए बड़ी खनिज संपदा का केंद्र बन सकती है।

Anjali Kumari अप्रैल 8, 2026 0
Minor girl sexual abuse
यौन शोषण की शिकार नाबालिग बच्ची गर्भवती, अभ्युक्त फरार

गिरिडीह। गिरिडीह जिले के गावां थाना क्षेत्र के एक गांव में  यौन शोषण की शिकार 13 वर्षीय बच्ची के गर्भवती होने का मामला प्रकाश में आया है। मामला सामने आने के बाद पीड़ित परिवार द्वारा थाना में आवेदन दिया गया है। आवेदन में उन्होंने गावां निवासी 36 वर्षीय नकुल चौधरी पर यौन शोषण एवं धमकाने का आरोप लगाया है।  न्याय की गुहार लगा रहे परिजन पीड़िता के परिजन गावां थाना पहुंचे और आवेदन देते हुए न्याय की गुहार लगाया, जिसके बाद पुलिस में मामले की जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की और पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए गिरिडीह मातृत्व स्वास्थ्य केंद्र भेजा। मामले में गावां के SI डीके सिंह ने ने कहा कि पीड़िता के परिजनों से आवेदन प्राप्त हुआ है। प्राथमिकी दर्ज की गई और पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए गिरिडीह भेजा गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है।

Anjali Kumari अप्रैल 4, 2026 0
Cyber ​​fraud gang busted in Giridih
Giridih में साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़, फर्जी लिंक से ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

गिरिडीह। जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साइबर थाना पुलिस ने देर रात छापेमारी कर देवघर जिले के मारगोमुंडा थाना क्षेत्र के बनसिम्मी गांव निवासी अमजद अंसारी और रजाउल अंसारी को पकड़ा, जिन्हें बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।   इनपुट के आधार पर बनी टीम, मौके पर दबिश साइबर डीएसपी आबिद खान के अनुसार, प्रतिबिंब पोर्टल के माध्यम से एसपी डॉ. बिमल कुमार को सूचना मिली थी कि गांडेय थाना क्षेत्र के खंभाटांड़ इलाके में साइबर ठगी की गतिविधियां चल रही हैं। सूचना की पुष्टि के बाद साइबर थाना प्रभारी दीपेश कुमार के नेतृत्व में टीम गठित कर बताए गए स्थान पर छापेमारी की गई, जहां आरोपी मोबाइल के जरिए ठगी करते पकड़े गए।   फर्जी ई-चालान और ई-केवाइसी लिंक से करते थे ठगी पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए लोगों को फर्जी लिंक भेजते थे। ये लिंक आरटीओ ई-चालान, चालान चेक और बैंक केवाईसी अपडेट के नाम पर तैयार किए जाते थे। लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल में मॉलवेयर इंस्टॉल हो जाता था, जिससे ठगों को बैंकिंग और निजी जानकारी तक पहुंच मिल जाती थी। इसके बाद वे खातों से पैसे निकाल लेते थे।   पकड़ से बचने के लिए बदलते थे लोकेशन जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग जिलों के सीमावर्ती इलाकों में ठगी करते थे। वे जानबूझकर अपने गृह जिले से बाहर सक्रिय रहते थे, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सकें।   मोबाइल, सिम और बाइक बरामद छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से छह मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड और एक बाइक बरामद की है। बरामद उपकरणों की जांच कर ठगी के अन्य मामलों के साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।   कार्रवाई में शामिल रही पुलिस टीम इस कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी दीपेश कुमार के साथ एसआई पुनीत कुमार गौतम, गुंजन कुमार, एएसआई संजय मुखियार, सशस्त्र बल के जवान और गांडेय थाना के चौकीदार शामिल 

Anjali Kumari मार्च 31, 2026 0
Pickup overturn accident
बाइक सवार को बचाने में पलटा सब्जी से लदा पिकअप

गिरिडीह। जिले के गिरिडीह-पचंबा मुख्य मार्ग पर शुक्रवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जब बाइक सवार को बचाने के प्रयास में सब्जियों से लदा एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। यह घटना अंबेडकर चौक के पास हुई। हादसे में राहत की बात यह रही कि वाहन चालक पूरी तरह सक्षित बच गया, लेकिन पिकअप में लदी बड़ी मात्रा में सब्जियां सड़क पर बिखर गईं, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया।   टाटा से बेगूसराय जा रहा था पिकअप मिली जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन टाटा से सब्जियां लादकर गिरिडीह के रास्ते बेगूसराय जा रहा था। रात करीब 2 बजे, जब वाहन अंबेडकर चौक के पास पहुंचा, तभी सामने अचानक एक बाइक सवार आ गया। चालक ने टक्कर से बचने के लिए तेजी से वाहन मोड़ा, लेकिन इसी दौरान वाहन का संतुलन बिगड़ गया और पिकअप सड़क पर पलट गया।   सड़क पर फैल गई सब्जियां, लगा जाम पिकअप पलटते ही उसमें लदी सब्जियां सड़क पर बिखर गईं, जिससे मुख्य सड़क पर कुछ समय के लिए आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया। हालांकि देर रात होने के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही कम थी, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका टल गई। अगर यह घटना व्यस्त समय में होती, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।   स्थानीय लोगों और पुलिस ने संभाला मोर्चा हादसे के बाद आसपास मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने मौके पर पहुंचकर चालक को सुरक्षित बाहर निकाला और सड़क पर फैली सब्जियों को हटाने में मदद की। सूचना मिलते ही नगर थाना की पेट्रोलिंग टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने चालक से पूछताछ की और स्थानीय लोगों के सहयोग से पिकअप वाहन को सड़क किनारे हटवाया। इसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका।   चालक सुरक्षित, वाहन और माल को नुकसान इस हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, वाहन को क्षति पहुंची है और सड़क पर गिरने से सब्जियों का भी काफी नुकसान हुआ है। पुलिस मामले की जानकारी जुटाकर आगे की कार्रवाई में लगी हुई है।

Anjali Kumari मार्च 27, 2026 0
Scientists collecting soil and rock samples in Dubba-Asnatari forest, Giridih, Jharkhand, for lithium exploration.
झारखंड के जंगलों में लिथियम का संभावित खजाना: गिरिडीह में तेज हुआ सर्वे, पहले मिल चुके हैं कीमती रत्न

गिरिडीह: झारखंड के जंगल एक बार फिर देश के खनिज मानचित्र पर चर्चा में हैं। गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड स्थित डुब्बा-आसनातरी जंगल में लिथियम के संभावित भंडार की खोज को लेकर बड़े स्तर पर वैज्ञानिक सर्वे जारी है। प्रारंभिक संकेतों के आधार पर विशेषज्ञों को उम्मीद है कि इस क्षेत्र की जमीन के नीचे न सिर्फ लिथियम, बल्कि अन्य बहुमूल्य खनिज भी मौजूद हो सकते हैं। इस खोज को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार के खान मंत्रालय ने भी सक्रिय भूमिका निभाई है। डिप्टी डायरेक्टर जनरल आसित साहा के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय टीम ने हाल ही में क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। टीम ने जंगल के अलग-अलग हिस्सों से जुटाए गए नमूनों का विश्लेषण भी किया, जिससे संभावनाओं को और मजबूती मिली है। महीनों से जारी है वैज्ञानिक जांच भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के विशेषज्ञ पिछले कई महीनों से इस क्षेत्र में गहन अध्ययन कर रहे हैं। वन विभाग के सहयोग से चल रही इस संयुक्त जांच में विभिन्न स्थानों पर बोरिंग कर मिट्टी और चट्टानों के नमूने एकत्र किए गए हैं। करीब छह महीनों से जारी इस प्रक्रिया के बाद अब लिथियम की संभावनाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पहले भी मिल चुके हैं कीमती रत्न गौरतलब है कि करीब डेढ़ वर्ष पहले इसी इलाके के असुरहड्डी पहाड़ी क्षेत्र में अवैध खनन के दौरान पुखराज, गोमेद और त्रिमुल्ली जैसे बहुमूल्य रत्न मिले थे। इस घटना के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाई थी, लेकिन अब भी क्षेत्र में अवैध खनन गतिविधियों के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम खनिज खोज के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोकने के लिए इलाके में पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे सटीक परिणाम मिलने की उम्मीद है। क्यों अहम है लिथियम? लिथियम एक हल्की लेकिन अत्यंत उपयोगी धातु है, जिसका इस्तेमाल मोबाइल फोन, लैपटॉप और इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियों में बड़े पैमाने पर होता है। इसके अलावा सोलर ऊर्जा आधारित उपकरणों में भी इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में यदि गिरिडीह में लिथियम के भंडार की पुष्टि होती है, तो यह झारखंड ही नहीं, पूरे देश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकता है।  

surbhi मार्च 24, 2026 0
Giridih road accident
गिरिडीह में दर्दनाक सड़क हादसा, ईद की खरीदारी के लिए निकले मां-बेटे को बस ने कुचला

गिरिडीह। गिरिडीह जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने ईद की खुशियों को मातम में बदल दिया। गिरिडीह-धनबाद पथ पर मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बरवाडीह में तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार मां-बेटे को कुचल दिया। इस हादसे में 40 वर्षीय महिला शेरुन की मौत हो गई, जबकि उनका 20 वर्षीय बेटा शाहिल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका इलाज अस्पताल में जारी है।   कैसे हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर शाम शेरुन अपने बेटे शाहिल के साथ ईद की खरीदारी करने बाजार जा रही थीं। इसी दौरान गिरिडीह से धनबाद की ओर जा रही एक बस ने बरवाडीह स्थित बाल्टी कारखाना के पास विपरीत दिशा से आ रही उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया।   हादसे के बाद हंगामा और जाम घटना से गुस्साए लोगों ने बस में तोड़फोड़ कर दी और सड़क जाम कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन भीड़ शांत नहीं हुई। हालात को देखते हुए प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया।   मंत्री की पहल से शांत हुआ मामला स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। बाद में थाना में बैठक आयोजित की गई, जिसके बाद लोगों ने जाम हटाने पर सहमति जताई।   सुरक्षा और कार्रवाई की मांग इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की मांग की है। वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई जारी है।

Anjali Kumari मार्च 21, 2026 0
School children accident in Giridih
गिरिडीह में अनियंत्रित होकर पलटी स्कूली बच्चों से भरी सवारी गाड़ी, आधा दर्जन बच्चे घायल

गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह जिले में शुक्रवार सुबह एक सवारी वाहन के अनियंत्रित होकर पलट जाने से स्कूली बच्चों में अफरा-तफरी मच गई। यह घटना तिसरी थाना क्षेत्र के तिसरी–पलमरुआ मुख्य मार्ग पर नैयाडीह मोड़ के पास हुई। मिली जानकारी के अनुसार सवारी वाहन में Arya Public School के बच्चे सवार थे। बताया जा रहा है कि सड़क पर गीली और फिसलन भरी मिट्टी होने के कारण तेज रफ्तार वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे गड्ढे में जाकर पलट गया। आधा दर्जन से अधिक बच्चे घायल हादसे में आधा दर्जन से अधिक बच्चों को चोटें आई हैं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल बच्चों को ऑटो के माध्यम से तिसरी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका प्राथमिक इलाज किया गया। पुलिस कर रही जांच घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वाहन तेज रफ्तार में था और सड़क की फिसलन के कारण यह दुर्घटना हुई। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।

Anjali Kumari मार्च 13, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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