रांची

Jharkhand Weather update
Jharkhand Weather update: झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट

रांची। झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम केंद्र India Meteorological Department, रांची के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के कई जिलों में बारिश, तेज हवा, वज्रपात और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। अगले कई दिनों तक राज्य में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।   इन जिलों में तेज हवा और वज्रपात की आशंका मौसम विभाग के अनुसार रांची, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद और खूंटी जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इन इलाकों में गर्जन, वज्रपात और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की भी संभावना है। इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है।   अगले एक सप्ताह तक बदलता रहेगा मौसम मौसम केंद्र का कहना है कि वातावरण में नमी अधिक होने के कारण बादल बनने की प्रक्रिया जारी है। यही वजह है कि 10 से 15 मई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश और वज्रपात की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। हालांकि उत्तर-पश्चिमी झारखंड के कुछ इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है।   तापमान में फिलहाल राहत लगातार बादल और बारिश की वजह से अगले दो दिनों तक अधिकतम तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। राजधानी Ranchi में आज अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 19 डिग्री रहने का अनुमान है। बाद के दिनों में तापमान धीरे-धीरे 34 डिग्री तक पहुंच सकता है।   लोगों और किसानों को सावधानी की सलाह मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों को वज्रपात के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। तेज हवा और बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने को भी कहा गया है।

Anjali Kumari मई 9, 2026 0
JTET Language Dispute
जेटेट भाषा विवाद सुलझाने के लिए सरकार ने बनाई पांच मंत्रियों की कमेटी

रांची। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) में जिलावार भाषा निर्धारण को लेकर जारी विवाद के बीच राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इस मामले की समीक्षा के लिए पांच मंत्रियों की उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी जेटेट नियमावली में शामिल जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं पर विचार करेगी तथा जरूरत पड़ने पर नई भाषाओं को जोड़ने या हटाने की सिफारिश करेगी। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर को कमेटी का समन्वयक बनाया गया है।   किन मंत्रियों को मिली जिम्मेदारी कमेटी में झामुमो, कांग्रेस और राजद के मंत्रियों को शामिल किया गया है। इसमें वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार शामिल हैं। सरकार ने कमेटी को जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।   क्या है भाषा विवाद? जेटेट नियमावली में जिलावार जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं का निर्धारण किया गया है। अभ्यर्थियों को संबंधित जिले में निर्धारित भाषा में परीक्षा देनी होती है। विवाद इस बात को लेकर है कि भोजपुरी, मगही और अंगिका जैसी भाषाओं को कई जिलों की क्षेत्रीय भाषा सूची में शामिल नहीं किया गया। पलामू क्षेत्र में मगही और भोजपुरी, जबकि संताल परगना में अंगिका को शामिल करने की मांग लगातार उठ रही है।   मंत्रियों ने पहले भी जताया था विरोध सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट बैठक में मंत्री राधा कृष्ण किशोर और दीपिका पांडेय सिंह ने भाषा सूची को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बाद सरकार ने एक बैठक में नियमावली पर फैसला टाल दिया था। बाद में नियमावली को मंजूरी देते समय भाषा विवाद के समाधान के लिए कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया।   10 साल बाद होगी जेटेट परीक्षा झारखंड में लगभग 10 वर्षों बाद जेटेट परीक्षा आयोजित होने जा रही है। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 21 मई तक फॉर्म जमा किए जाएंगे। परीक्षा जुलाई तक आयोजित होने की संभावना है।

Anjali Kumari मई 9, 2026 0
जनगणना-2027
जनगणना-2027: 15 मई तक स्व-गणना, 16 से घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक

रांची। जनगणना-2027 के पहले चरण में इस बार नागरिकों को खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा दी गई है। इसे लेकर रांची के डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि इससे जनगणना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सटीक और आसान रहेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहर और गांव दोनों क्षेत्रों में लोगों को स्व-गणना के प्रति जागरूक किया जाए। इसके लिए स्कूल, कॉलेज, पंचायत प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह, बैंकिंग संस्थान, और चेंबर ऑफ कॉमर्स के माध्यम से अभियान चलाया जाएगा।   जनगणना के प्रथम चरण की पूरी प्रक्रिया को समझेः 1 मई से ऑनलाइन सेल्फ इनुमरेशन हो रहा है, जो 15 मई तक चलेगा। वेब पोर्टल se.census.gov.in पर स्व-गणना फॉर्म भरें। स्व-गणना के बाद एसई-आईडी मिलेगा। 16 मई से 14 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। इस चरण में घर के निर्माण सामग्री, पानी के स्रोत, शौचालय, बिजली, इंटरनेट और संपत्ति (गाड़ी, मोबाइल) से जुड़े कुल 33 प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे। ऑनलाइन जानकारी नहीं भरने पर भी प्रगणक आपके घर पहुंचेंगे। सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1855 पर जानकारी ले सकते हैं।   पूरी तरह गोपनीय रहेंगी दी गई सभी जानकारी उपायुक्त ने कहा कि डिजिटल स्व-गणना से प्रक्रिया तेज और अधिक पारदर्शी होगी। इससे डेटा संग्रहण में त्रुटियां कम होंगी और लोगों की भागीदारी बढ़ेगी। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाना बड़ी जिम्मेदारी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना से जुड़ी सभी जानकारियां जनगणना अधिनियम 1948 के तहत पूरी तरह गोपनीय रहेंगी। डेटा सुरक्षित सर्वर पर एन्क्रिप्टेड रूप में रखा जाएगा और इसका उपयोग टैक्स, पुलिस या जांच कार्यों में नहीं होगा।

Anjali Kumari मई 9, 2026 0
JAS Officers Promotion
JAS के 31 अफसरों को संयुक्त सचिव रैंक में प्रमोशन

रांची। झारखंड सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 31 अफसरों को संयुक्त सचिव पद में प्रोन्नति दी है। इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 31 अधिकारियों को संयुक्त सचिव (Joint Secretary) के पद पर प्रमोट कर दिया है।  विभागीय प्रोन्नति समिति (DPC) की अनुशंसा के बाद जारी इस आदेश के तहत, इन अधिकारियों को अब पे-मैट्रिक्स लेवल 13 का लाभ मिलेगा। यह निर्णय राज्य में प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने और लंबे समय से लंबित प्रोन्नति की मांगों को पूरा करने के उद्देश्य से लिया गया है। भरे जा सकेंगे रिक्त पद इस फेरबदल से विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पड़े वरिष्ठ पदों को भरने में मदद मिलेगी, जिससे विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों की सूची में राज्य के विभिन्न जिलों और विभागों में कार्यरत अनुभवी अफसर शामिल हैं।  इन अफसरों को मिला प्रमोशन 1.    चंद्रभूषण सिंह, बंदोबस्त पदा. दुमका 2.    रामवृक्ष महतो, संयुक्त सचिव, राजस्व, निंबधन व भूमि सुधार विभाग 3.    मुमताज अली अहमद, उप निदेशक, जनजातीय कल्याण एवं कार्यक्रम आदिवासी कल्याण आयुक्त 4.    अरविंद कुमार लाल, उप सचिव जेएसएससी 5.    राज महेश्वरम, अपर समाहर्ता, गढ़वा 6.    हरिवंश पंडित, सचिव प्रादेशिक परिवहन प्राधिकार, दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल, रांची 7.    सीमा सिंह, उप निदेशक, रिनपास, रांची 8.    अनवर हुसैन, उप सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग 9.    अनंत कुमार, स्वास्थ्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग 10.    ज्योति कुमारी झा, उच सचिव वित्त विभाग 11.    संदीप दुबे, आप्त सचिव ग्रामीण विकास मंत्री 12.    स्व. विनय कुमार मिश्र, तत्कालीन एडीसी, पूर्वी सिंहभूम 13.    संतोष कुमार गर्ग, निदेशक, एनइपी 14.    कमलेश्वर नारायण, अपर नगर आयुक्त, धनबाद नगर निगम 15.    विजय कुमार, सचिव प्रादेशिक परिवहन प्राधिकार, उत्तरी छोटानागपुर, हजारीबाग 16.    स्व. दीपू कुमार, तत्कालीन उप सचिव राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग 17.    संजय पांडेय, उप सचिव गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग 18.    राजीव कुमार, अपर समाहर्ता दुमका 19.    धीरेंद्र कुमार सिंह, उप निदेशक कल्याण एवं अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग विभाग 20.    राकेश कुमार, संयुक्त सचिव, गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग 21.    राजेश्वर नाथ आलोक, अपर जिला दंडाधिकारी, रांची 22.    संजीव कुमार, उप निदेशक कल्याण, रांची प्रमंडल 23.    जियाउल अंसारी, विशिष्ट अनुभाजन पदा. धनबाद 24.    दिनेश कुमार रंजन, क्षेत्रीय उप निदेशक, जियाडा, आदित्यपुर 25.    पंकज कुमार साव, अपर निदेशक, उद्योग निदेशालय 26.    प्रणव कुमार पाल, संयुक्त निदेशक उद्योग विभाग 27.    विनय मनीष आर लकड़ा, सचिव झारखंड राज्य आवास बोर्ड रांची 28.    योगेंद्र प्रसाद, प्रतीक्षारत 29.    अजय सिंह बड़ाइक, जिला भू-अर्जन पदा. पाकुड़ 30.    प्रेमलता मुर्मू, अपर समाहर्ता गोड्डा 31.    परमेश्वर मुंडा, अपर समाहर्ता खूंटी   

Anjali Kumari मई 9, 2026 0
Pradeep Mishra
प्रदीप मिश्रा की शिवकथा में आस्था का सैलाब

रांची। झारखंड की राजधानी रांची इन दिनों पूरी तरह से शिवमय हो चुकी है। सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मुखारविंद से हो रही शिवपुराण कथा का आज तीसरा दिन है। रांची के सुकरहुटू स्थित मैदान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की ऐसी भारी भीड़ उमड़ रही है कि प्रशासन के लिए व्यवस्था संभालना चुनौतीपूर्ण हो गया है। विशेषकर महिला श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है, जो घंटों पहले ही कथा स्थल पर अपनी जगह पक्का करने पहुंच रही हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा का कथावचन सुनकर श्रद्धालु निहाल हो रहे हैं। रांची के कांके रोड पर पिछले तीन दिनों से आस्था का जो नज़ारा दिख रहा है, उसने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा की एक झलक पाने और उनके मुख से 'सीहोर वाले महादेव' की महिमा सुनने के लिए न केवल रांची, बल्कि आसपास के जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी लोग बड़ी संख्या में पहुंचे हैं। कथा स्थल का पंडाल छोटा पड़ता दिखाई दे रहा है। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं है। हर तरफ बस 'श्री शिवाय नमस्तुभ्यं' का जाप सुनाई दे रहा है। जहां एक ओर भक्ति की धारा बह रही है, वहीं दूसरी ओर इस विशाल जनसमूह के कारण शहर की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। श्रद्धालुओं की भारी संख्या के कारण कांके रोड और उससे जुड़ने वाली तमाम गलियों में भीषण जाम की स्थिति बनी हुई है। वाहनों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं। हालांकि ट्रैफिक पुलिस और आयोजकों के वालंटियर्स लगातार व्यवस्था बनाने में जुटे हैं, लेकिन हजारों की भीड़ के सामने सड़कें छोटी पड़ रही हैं। प्रशासन ने अपील की है कि लोग वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें। तीन दिनों से जारी इस कथा ने यह साबित कर दिया है कि भक्ति की शक्ति के आगे हर बाधा छोटी है। महिलाओं की भारी उपस्थिति और उनकी अटूट श्रद्धा इस आयोजन को ऐतिहासिक बना रही है। आने वाले दिनों में भीड़ और बढ़ने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

Anjali Kumari मई 9, 2026 0
Bangla Mela Ranchi
जेल पार्क बना ‘छोटा बंगाल’, रंगारंग कार्यक्रमों के साथ शुरू हुआ बंगला मेला

रांची। रांची के बिरसा मुंडा स्मृति उद्यान (जेल पार्क) में गुरुवार से तीन दिवसीय बंगला सांस्कृतिक मेला 2026 की रंगारंग शुरुआत हुई। बंगाली युवा मंच चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस मेले में बंगाल की कला, संस्कृति, संगीत और पारंपरिक खानपान की अनूठी झलक देखने को मिल रही है। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती के अवसर पर आयोजित इस मेले का उद्घाटन ध्वजारोहण, शंख ध्वनि और पारंपरिक उलू ध्वनि के साथ किया गया। उद्घाटन के बाद पूरे परिसर में बंगाली संस्कृति का उत्सवी माहौल नजर आया।   कला, संगीत और साहित्य का अनोखा संगम तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में हर दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी। मेले में बंगाली गीत, नृत्य, नाटक, साहित्यिक संवाद और संगीत कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। कोलकाता से आए कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकार भी मंच पर प्रस्तुति दे रहे हैं। गुरुदेव टैगोर को समर्पित विशेष कार्यक्रमों में रविंद्र संगीत, साहित्यिक चर्चा और सामूहिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल हैं। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि बंगला भाषा और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की एक महत्वपूर्ण पहल है।   60 स्टॉल में दिख रही बंगाल की झलक मेले में करीब 60 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां बंगाल की पारंपरिक साड़ियां, हस्तशिल्प, ज्वेलरी और सांस्कृतिक वस्तुएं लोगों को आकर्षित कर रही हैं। खाने-पीने के स्टॉल पर रसगुल्ला, मिष्टी doi, फिश व्यंजन और अन्य पारंपरिक बंगाली पकवानों का स्वाद लोग खूब पसंद कर रहे हैं। आयोजकों ने मेले में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल हो सकें।   “रांची में बस गया छोटा बंगाल” कार्यक्रम में मौजूद डॉ. पंपा सेन विश्वास और डॉ. रत्ना राय भट्टाचार्य ने कहा कि यह मेला अब झारखंड के सबसे बड़े बंगला सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल हो चुका है। लाल-पाड़ सफेद साड़ियों, पारंपरिक संगीत और बंगाली व्यंजनों से सजा जेल पार्क इन दिनों “छोटा बंगाल” बन गया है।

Anjali Kumari मई 8, 2026 0
Ranchi DC meeting
Ranchi: निजी स्कूलों के प्राचार्यों के साथ डीसी मंजूनाथ भजंत्री कल करेंगे बैठक

रांची। रांची जिले के निजी स्कूलों के लिए जिला प्रशासन की ओर से महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। यह बैठक शनिवार को रांची विश्वविद्यालय स्थित आर्यभट्ट सभागार में आयोजित होगी। बैठक की अध्यक्षता रांची उपायुक्त Manjunath Bhajantri करेंगे। इसमें जिले के सभी CBSE, ICSE, JAC समेत अन्य बोर्डों से संबद्ध निजी विद्यालयों के प्राचार्य या उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को शामिल होना अनिवार्य किया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार बैठक सुबह 11:30 बजे शुरू होगी, जबकि पंजीकरण प्रक्रिया सुबह 11:00 बजे से आरंभ कर दी जाएगी। सभी प्रतिनिधियों को समय पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है ताकि बैठक निर्धारित समय पर शुरू हो सके।   RTE से जुड़े मुद्दों पर रहेगा फोकस बैठक में मुख्य रूप से शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। इसमें निजी स्कूलों में आरटीई के तहत दाखिला प्रक्रिया, सीट आवंटन, नियमों के अनुपालन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से स्कूल प्रबंधन को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए जा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में आरटीई के तहत नामांकन और सीट आवंटन को लेकर कई स्तरों पर सवाल उठे थे। ऐसे में यह बैठक शिक्षा व्यवस्था में समन्वय और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।   प्रशासन ने जारी किया सख्त निर्देश जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि यह केवल औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अहम विषयों पर विचार-विमर्श का मंच है। इसलिए सभी निजी विद्यालयों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति जरूरी है। प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन से अपील की है कि वे समय से पहले पहुंचकर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करें और बैठक को सफल बनाने में सहयोग दें।

Anjali Kumari मई 8, 2026 0
Teacher recruitment news
पारा शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, भर्ती में मिलेगा 50% आरक्षण

रांची। झारखंड में शिक्षक नियुक्ति को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि सहायक शिक्षक और सहायक आचार्य के कुल रिक्त पदों में से 50 प्रतिशत पद विशेष रूप से पारा-शिक्षकों के लिए आरक्षित किए जाएं। कोर्ट ने सरकार को चार सप्ताह के भीतर इस संबंध में अधिसूचना जारी करने का आदेश भी दिया है।   सिर्फ पारा-शिक्षकों से मांगे जाएंगे आवेदन   न्यायमूर्ति पंकज मिथल और एसवीएन भट्टी की पीठ ने साफ कहा कि आरक्षित 50 प्रतिशत पदों के लिए केवल पारा-शिक्षकों से ही आवेदन आमंत्रित किए जाएं। अदालत का मानना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे पारा-शिक्षकों को भर्ती प्रक्रिया में उचित अवसर मिलना चाहिए।   नियमितीकरण की मांग खारिज   हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने पारा-शिक्षकों की सेवाओं को सीधे नियमित करने की मांग को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि वरिष्ठता के आधार पर सीधे नियमित नियुक्ति देना कानूनन सही नहीं होगा और इससे भर्ती का नया तरीका तैयार हो जाएगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियुक्ति संवैधानिक प्रक्रिया और तय नियमों के तहत ही होगी।   अस्थायी व्यवस्था पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी   सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा व्यवस्था में अस्थायी नियुक्तियों पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को केवल अस्थायी उपायों और सब्सिडी के सहारे मजबूत नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने कार्यपालिका को सलाह दी कि सार्वजनिक रोजगार में नियमित नियुक्तियों और ‘परफॉर्मेंस ऑडिट’ पर जोर दिया जाए। कोर्ट ने टिप्पणी की कि अस्थायी तंत्र समाज की प्रगति और बच्चों के भविष्य को प्रभावित करता है, इसलिए सरकार को स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाने चाहिए।   क्या है पूरा मामला?   झारखंड में सर्व शिक्षा अभियान के तहत बड़ी संख्या में पारा-शिक्षकों की नियुक्ति अनुबंध के आधार पर की गई थी। ये शिक्षक लंबे समय से स्थायीकरण और नियमित वेतनमान की मांग कर रहे थे। इस मामले को लेकर झारखंड हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई थी।   बहाली का रास्ता हो सकता है साफ   सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद राज्य में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि अब सहायक शिक्षक और सहायक आचार्य के हजारों रिक्त पदों पर बहाली का रास्ता साफ हो सकता है, जिसमें अनुभवी पारा-शिक्षकों को बड़ा मौका मिलेगा।

Anjali Kumari मई 8, 2026 0
Jharkhand weather update
झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट

रांची। झारखंड में इन दिनों मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 8 मई से लेकर 11 मई तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।   कई जिलों में तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी रांची स्थित मौसम केंद्र के मुताबिक राज्य के उत्तर-पूर्वी, दक्षिणी और मध्य हिस्सों में गरज-चमक के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इसके साथ ही वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। जिन जिलों में मौसम का सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है उनमें धनबाद, बोकारो, रामगढ़, रांची, खूंटी और जामताड़ा शामिल हैं। वहीं दुमका, देवघर, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में भी बारिश और बादल छाए रहने के संकेत हैं।   11 मई तक मौसम रहेगा सुहाना मौसम विभाग का अनुमान है कि 9 और 10 मई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज हवा और बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। 11 मई तक आंशिक बादल और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी।   तापमान में आई गिरावट बारिश और बादलों के कारण राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है। डालटनगंज में सबसे अधिक 37.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ, जबकि राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री रहा। बोकारो में तापमान सामान्य से करीब 9 डिग्री कम दर्ज किया गया। वहीं कांके में न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री रिकॉर्ड हुआ, जो राज्य में सबसे कम रहा।   कई इलाकों में हुई अच्छी बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। हजारीबाग के कोनार क्षेत्र में सबसे अधिक 42.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा बोकारो थर्मल, पंचेत और शिकारीपाड़ा में भी अच्छी बारिश हुई है।

Anjali Kumari मई 8, 2026 0
teaching jobs 2026
शिक्षक आचार्य की 50% सीटें भरेंगी या रह जाएंगी खाली?

रांची। झारखंड में शिक्षक नियुक्ति को लेकर पारा शिक्षकों का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। अब तक शिक्षक बहाली में पारा शिक्षकों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहती थीं, लेकिन बीते गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि सहायक शिक्षक और सहायक आचार्य के कुल रिक्त पदों में से 50 प्रतिशत पद पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित किए जाएं। कोर्ट ने सरकार को चार सप्ताह के भीतर इस संबंध में अधिसूचना जारी करने का आदेश भी दिया है। इस फैसले के बाद पारा शिक्षकों में उम्मीद जरूर बढ़ी है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या आरक्षित सीटें पूरी तरह भर पाएंगी या फिर पहले की तरह कई पद खाली रह जाएंगे।   योग्यता के कारण पीछे रह जाते हैं पारा शिक्षक बता दें कि पारा शिक्षकों की सीधी नियुक्ति नहीं होने की सबसे बड़ी वजह निर्धारित अर्हता हैं। पारा शिक्षकों को  नियमित शिक्षक बनने के बीएड उत्तीर्ण होना जरूरी है। इसके अलावा अधिकतर पारा शिक्षक JTET या CTET उत्तीर्ण भी नहीं हैं। ऐसे में आरक्षण मिलने के बावजूद वे नियुक्ति प्रक्रिया में पीछे रह जाते हैं।   अब बताते है पारा शिक्षकों  की नियुक्ति  कैसे होती है ? और राज्य में कुल कितने  शिक्षक  है? झारखंड में वर्तमान समय में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को मिलाकर कुल 66,379 पारा शिक्षक कार्यरत हैं। इनकी नियुक्ति ग्राम सभा के माध्यम से की जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को चलाने में इन शिक्षकों की अहम भूमिका रही है। हालांकि इन्हें नियमित शिक्षकों की तरह वेतन और सुविधाएं नहीं मिलतीं।   20 वर्षों से मानदेय बढ़ाने की मांग पारा शिक्षक पिछले करीब 20 वर्षों से अपने मानदेय और स्थायीकरण की मांग को लेकर आंदोलन करते रहे हैं। कई बार राज्यव्यापी हड़ताल और प्रदर्शन भी हो चुके हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उन्हें नियमित शिक्षकों के बराबर सम्मान और वेतन नहीं मिल रहा है। अब राज्य सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने के साथ योग्य अभ्यर्थियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। यदि पर्याप्त संख्या में JTET, CTET और बीएड योग्य पारा शिक्षक उपलब्ध नहीं होते हैं, तो 50 प्रतिशत आरक्षित सीटों को पूरी तरह भरना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में सरकार को प्रशिक्षण और पात्रता से जुड़ी व्यवस्था को भी मजबूत करना होगा।

Anjali Kumari मई 8, 2026 0
jssc recruitment 2026
झारखंड में बंपर वैकेंसी, JSSC 600 पदों पर करेगा बहाली

रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC ने तकनीकी और विशेष योग्यता वाले स्नातक पद के लिए बंपर भर्ती निकाली है। इस भर्ती अभियान के तहत 600 से अधिक नियुक्तियां की जायेंगी। आयोग ने इसके लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती के माध्यम से राज्य में कई नियुक्तियों की मांग की गई। इनमें से कई तकनीकी पद इसमें शामिल हैं। कुल 611 रिक्त रिस्टोर की जाएगी। 1 जून से आवेदन JSSC की ओर से जारी सूचना के मुताबिक ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 जून 2026 से शुरू होगी। उम्मीदवार 30 जून 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन केवल ऑनलाइन मोड में ही स्वीकार किए जाएंगे। इन पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता तय की गई है। ज्यादातर पदों के लिए संबंधित विषय में स्नातक या तकनीकी डिग्री मांगी गई है। कुछ पदों के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन की योग्यता भी निर्धारित की गई है। अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले पूरा नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है। कैसे होगा चयन भर्ती प्रक्रिया कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी CBT के जरिए पूरी की जाएगी। चयन के लिए प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा ली जायेगी। इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन किया जाएगा। राज्य में लंबे समय से सरकारी नौकरियों का इंतजार कर रहे युवाओं के बीच इस भर्ती को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। खासकर तकनीकी और साइंस बैकग्राउंड वाले अभ्यर्थियों के लिए यह सुनहरा मौका माना जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र अभी से आवेदन प्रक्रिया और सिलेबस की जानकारी जुटाने में लग गए हैं।

Anjali Kumari मई 8, 2026 0
Jharkhand Weather update
Jharkhand Weather update: झारखंड में 10 मई तक आंधी-बारिश, किसान रहें सतर्क

रांची। झारखंड में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से 10 मई तक आंधी-बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में 13 मई तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। कई जिलों में गरज के साथ बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताई गई है। आठ मई को उत्तर और पश्चिमी हिस्सों को छोड़कर अधिकांश इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। इसे देखते हुए विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।    9 और 10 मई को ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार नौ और 10 मई को रांची, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, खूंटी, लोहरदगा और गुमला समेत कई जिलों में मौसम ज्यादा खराब रह सकता है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवा चलने, बारिश होने और वज्रपात की आशंका है। इस स्थिति को देखते हुए विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के बाकी हिस्सों में भी खराब मौसम को लेकर येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।

Anjali Kumari मई 8, 2026 0
MS Dhoni highest taxpayer
धौनी ने फिर से चुकाया सबसे ज्यादा टैक्स, बने नंबर-1 टैक्सपेयर

रांची। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी एक बार फिर सबसे ज्यादा टैक्स चुका कर झारखंड के नंबर 1 टैक्सपेयर बने हैं। इतना ही नहीं, कैप्टन कूल माही झारखंड और बिहार क्षेत्र के सबसे बड़े व्यक्तिगत आयकरदाता बने हैं। हालांकि, गोपनीयता के नियमों का हवाला देते हुए विभाग ने यह नहीं बताया कि धौनी ने इनकम टैक्स के रूप में कितनी रकम चुकाई है। रांची निवासी धौनी लंबे समय से झारखंड और बिहार में सर्वाधिक टैक्स चुकाने वाले व्यक्ति हैं।  कई स्रोतों से होती है आय धौनी क्रिकेट, आईपीएल, विज्ञापन, बिजनेस, निवेश और अन्य स्त्रोतों से बड़ी कमाई करते हैं। साथ ही, वह टैक्स चुकाने में भी आगे रहते हैं।    30 लाख रुपये कमाना चाहते थे धौनी धौनी अभी इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा हैं, हालांकि, इस सीजन उन्होंने कोई मैच नहीं खेला है। उन्हें इंजरी है। धौनी पिछले कई सालों से सबसे ज्यादा टैक्स चुकाते आ रहे हैं। इस संबध में एक दिलचस्प किस्सा भी है, जो पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने सुनाई है। दरअसल, इंडिया ए के लिए जब धौनी का सिलेक्शन हुआ तो उनके रूममेट आकाश चोपड़ा हुआ करते थे। तब धौनी ने आकाश चोपड़ा से कहा था कि वह 30 लाख रुपये कमाकर रांची में बस जाना चाहते हैं। धौनी रांची में ही बसे हैं, लेकिन उनकी कमाई अब हजारों करोड़ रुपये में है।  क्रिकेट में सबसे सफल कप्तान रांची के राजकुमार कहे जाने वाले महेंद्र सिंह धौनी विश्व क्रिकेट के सबसे सफल कप्तान हैं। वह एकमात्र कप्तान हैं जिनके नाम आईसीसी की सारी ट्रॉफी है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम को 2007 में टी20 वर्ल्ड कप का पहला संस्करण जिताया। 2011 में उन्हीं की कप्तानी में भारतीय टीम ने दूसरी बार वनडे वर्ल्ड कप जीता। 2013 में धौनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी भी जीत ली। धौनी इंडियन प्रीमियर लीग में भी सबसे सफल कप्तानों में शामिल हैं। उन्होंने अपनी फ्रेंचाइजी सीएसके को 5 बार आईपीएल चैंपियन बनाया तो वहीं 2 बार चैंपियंस लीग ट्रॉफी जीती। धौनी ने 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ डेब्यू किया था और 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मैच खेला। उनकी कप्तानी में ही टीम इंडिया पहली बार टेस्ट में नंबर-1 टीम बनी।

Anjali Kumari मई 8, 2026 0
JSSC online application June 1
JSSC ने जारी किया JTGLCCE-2026 का नोटिफिकेशन, 1 जून से आवेदन शुरू

रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने झारखंड तकनीकी एवं विशिष्ट योग्यताधारी स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2026 (JTGLCCE-2026) का आधिकारिक विज्ञापन जारी कर दिया है। यह परीक्षा राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में नियमित रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित की जाएगी। आयोग की ओर से जारी विज्ञापन संख्या 01/2026 के बाद प्रतियोगी छात्रों में उत्साह देखा जा रहा है।   1 जून से शुरू होगी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार JTGLCCE-2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 जून 2026 से शुरू होगी। अभ्यर्थी 30 जून 2026 की मध्य रात्रि तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। इच्छुक उम्मीदवार JSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन जमा कर सकते हैं।   वेबसाइट पर उपलब्ध होगी पूरी जानकारी JSSC ने बताया कि परीक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। इसमें शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आरक्षण व्यवस्था, आवेदन शुल्क, परीक्षा प्रक्रिया और रिक्त पदों की जानकारी शामिल है। आयोग ने उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले पूरा विज्ञापन ध्यानपूर्वक पढ़ने की सलाह दी है, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न हो।   5 जुलाई से खुलेगी करेक्शन विंडो आयोग ने अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र में सुधार का मौका भी दिया है। आवेदन जमा करने के बाद 5 जुलाई 2026 से 10 जुलाई 2026 तक करेक्शन विंडो खुली रहेगी। इस दौरान उम्मीदवार अपने आवेदन में आवश्यक संशोधन कर सकेंगे। हालांकि नाम, जन्मतिथि, ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर में बदलाव की अनुमति नहीं होगी।   युवाओं में बढ़ा उत्साह लंबे समय से तकनीकी एवं विशिष्ट योग्यताधारी पदों पर भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए यह परीक्षा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आयोग ने अभ्यर्थियों से समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करने और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करने की अपील की है।

Anjali Kumari मई 8, 2026 0
Hemant Soren honors team
नेपाल को हराकर चैंपियन बनी भारतीय डेफ क्रिकेट टीम को सीएम हेमंत सोरेन ने किया सम्मानित

रांची। हेमंत सोरेन ने कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में भारतीय डेफ (बधिर) क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों और झारखंड डेफ क्रिकेट एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने डेफ क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में नेपाल को हराकर खिताब जीतने पर भारतीय टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।   झारखंड के खिलाड़ियों ने बढ़ाया राज्य का मान मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय डेफ क्रिकेट टीम में झारखंड के कई खिलाड़ियों का शामिल होना राज्य की खेल प्रतिभा, मेहनत और समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह जीत सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि झारखंड के लिए भी गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।   खिलाड़ियों को किया गया सम्मानित इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने टीम के खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।   धनबाद में हुआ था टूर्नामेंट का आयोजन डेफ क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन धनबाद के टाटा डिगवाडीह स्टेडियम में किया गया था। फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नेपाल को हराकर खिताब अपने नाम किया।   प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे मौजूद मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में झारखंड डेफ क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव श्री रंजीत कुमार, डेफ क्रिकेट टीम के कप्तान श्री सोनू सिंह, खिलाड़ी श्री रुस्तम हुसैन, श्री शोएब अख्तर, श्री दीपक कुमार एवं अनुवादक श्रीमती रीमा साहु उपस्थित थीं।

Anjali Kumari मई 7, 2026 0
Ishank Singh award Jharkhand
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बाल तैराक इशांक सिंह को किया सम्मानित, 5 लाख रुपये का चेक सौंपा

रांची। हेमंत सोरेन ने रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में सात वर्षीय बाल तैराक इशांक सिंह से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इशांक सिंह को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए 5 लाख रुपये का चेक, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इशांक को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उनकी सफलता को पूरे झारखंड के लिए गर्व का क्षण बताया।   पाल्क स्ट्रेट पार कर बनाया विश्व रिकॉर्ड   रांची के बाल तैराक इशांक सिंह ने 30 अप्रैल 2026 को लगातार 9 घंटे 50 मिनट तक तैरकर भारत और श्रीलंका के बीच स्थित चुनौतीपूर्ण पाल्क स्ट्रेट को पार किया। करीब 29 किलोमीटर लंबी इस समुद्री दूरी को पार कर उन्होंने विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किया। उनकी इस उपलब्धि के लिए उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित भी किया जा चुका है।   मुख्यमंत्री ने की प्रतिभा की सराहना   मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि इतनी कम उम्र में इशांक सिंह ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि इशांक ने देश और दुनिया में झारखंड का नाम रोशन किया है और उनकी सफलता राज्य के अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इशांक भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे।   खेल प्रतिभाओं को हर संभव मदद का भरोसा   मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। झारखंड की नई खेल नीति के तहत खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इशांक जैसे प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहायता करेगी।   तैराकी सुविधाओं के विस्तार पर जोर इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य में तैराकी प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने खेल विभाग के अधिकारियों से वर्तमान तैराकी सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने इशांक सिंह के माता-पिता और उनके कोच को भी सम्मानित किया।   कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम में खेल मंत्री सुदिव्य कुमार, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, खेल विभाग के सचिव मुकेश कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Anjali Kumari मई 7, 2026 0
Jharkhand CCTV scam
झारखंड में अब CCTV घोटाले का आरोप, बाबूलाल ने सीएम हेमंत को लिखा पत्र

रांची।  झारखंड में CCTV इंस्टॉलेशन को लेकर नये घोटाले का आरोप लगा है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर CCTV टेंडर में बड़े भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में CCTV इंस्टॉलेशन की निविदा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और यह मामला शराब घोटाले की तरह किसी खास कंपनी को फायदा पहुंचाने की कोशिश जैसा दिख रहा है।  शुरू हो गया टेंडर का खेल बाबूलाल मरांडी ने अपने पत्र में कहा कि पहले जारी की गई निविदा को निरस्त कर दिया गया, लेकिन अब दोबारा उसी तरह की निविदा निकाली गई है। उन्होंने दावा किया कि पूरी प्रक्रिया को एक खास सिंडिकेट के अनुसार तैयार किया जा रहा है। पत्र में उन्होंने टाटा एडवांस्ड सिस्टम का भी जिक्र किया और कहा कि कुछ प्रभावशाली लोगों के साथ मिलकर इस कंपनी को लाभ पहुंचाने की कोशिश हो रही है। बड़े अधिकारियों पर भी आरोप मरांडी ने अपने आरोपों में पूर्व आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल का नाम लेते हुए कहा कि जिस विभाग में पहले से भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे अधिकारी रहे हों, वहां पारदर्शिता की उम्मीद कम ही है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि “जो जितना बड़ा भ्रष्टाचारी, वो उतना बड़ा अधिकारी” वाली स्थिति राज्य में बन गई है। संविदा कर्मियों को धमकाने का आरोप पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि संविदा पर काम कर रहे कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकी देकर फाइल आगे बढ़वाई गई। मरांडी ने कहा कि पहले जहां कर्मचारियों को दो साल का सेवा विस्तार मिलता था, अब सिर्फ छह महीने का विस्तार दिया जा रहा है, ताकि विरोध की आवाज दबाई जा सके।   दोषी अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि केवल निविदा रद्द करना काफी नहीं है, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो इसकी राजनीतिक और प्रशासनिक लपट सरकार तक भी पहुंच सकती है।

Anjali Kumari मई 7, 2026 0
Gutkha ban Jharkhand
झारखंड में गुटखा और पान मसाला पर बैन, बेचने वाले जायेंगे जेल

रांची। झारखंड सरकार ने  जन-स्वास्थ्य की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य में तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा व पान मसाला के निर्माण, भंडारण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यह प्रतिबंध उन सभी उत्पादों पर लागू होगा, जो किसी भी नाम से बाजार में बेचे जा रहे हों, यदि उनमें तंबाकू या निकोटीन की मात्रा पाई जाती है, तो बेचने वाले जेल जायेंगे।    कानूनी प्रावधान और आदेश की अवधि सरकार ने यह फैसला खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 की धारा 30(2)(a) और खाद्य सुरक्षा एवं मानक (बिक्री पर निषेध और प्रतिबंध) विनियमन 2011 के नियम 2.3.4 के तहत लिया है। आदेश जारी होने की तारीख से यह प्रतिबंध एक वर्ष तक प्रभावी रहेगा।   क्यों लिया गया यह फैसला राज्य सरकार का प्राथमिक उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना है। विशेषज्ञों के अनुसार, गुटखा और पान मसाला में मौजूद निकोटीन न केवल कैंसर जैसी घातक बीमारियों का कारण बनता है, बल्कि युवाओं को नशे की गर्त में भी धकेलता है। इसी के मद्देनजर, प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए इनकी सप्लाई चेन पर प्रहार करने का मन बनाया है। • निर्माण और भंडारण:  अब राज्य के भीतर ऐसे किसी भी उत्पाद का निर्माण या गोदामों में भंडारण गैर-कानूनी होगा। • बिक्री और वितरण:  फुटकर बिक्री के साथ-साथ थोक वितरण पर भी पूरी तरह से रोक रहेगी। यदि कोई दुकानदार या वितरक इस नियम का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान किया गया है।

Anjali Kumari मई 7, 2026 0
weather alert in Jharkhand
weather alert in Jharkhand: राज्य में लगातार बदल रहा मौसम, बारिश और तेज हवा का अलर्ट

रांची। झारखंड में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने राज्य में 12 मई तक बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवा चलने की संभावना जताई है। इसके लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।   कई जिलों में बारिश दर्ज पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश सिमडेगा में 34.2 मिमी रिकॉर्ड की गई, जबकि गुमला में भी हल्की बारिश हुई। बारिश के बावजूद कई जिलों के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। रांची का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस, मेदिनीनगर का 36.2 डिग्री, जमशेदपुर का 34.8 डिग्री और बोकारो का 34.1 डिग्री सेल्सियस रहा।   7 और 8 मई को बारिश और तेज हवा के आसार मौसम विभाग के अनुसार 7 और 8 मई को गढ़वा, चतरा, पलामू और लातेहार को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की भी संभावना है।   12 मई तक जारी रहेगा असर मौसम विभाग का अनुमान है कि 9 से 12 मई तक भी राज्य के कई इलाकों में बारिश और बादल छाए रहने का सिलसिला जारी रहेगा। 11 मई को उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों को छोड़कर बाकी जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। 12 मई को भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।   लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। तेज हवा और गरज के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और आवश्यक सावधानी बरतने को कहा गया है।

Anjali Kumari मई 7, 2026 0
IAS officers posting delay
12 आईएएस समेत 72 अफसरों को पोस्टिंग का इंतजार

रांची। राज्य भर में प्रशासनिक सेवा के 72 अधिकारी बिना पोस्टिंग के बैठे हैं, जबकि कई महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं। इन 72 अधिकारियों में 12 आईएएस अधिकारी हैं। 17 अप्रैल की रात राज्य सरकार ने 17 जिलों के उपायुक्तों का तबादला किया था। उस तबादला में 11 जिलों के डीसी की कहीं पदस्थापना नहीं हुई थी। उन्हें मुख्यालय में योगदान करने का निर्देश दिया गया था। कार्मिक विभाग में योगदान के बाद वे अबतक पदस्थापन की प्रतीक्षा में हैं। उनकी कहीं पोस्टिंग नहीं हुई है। इसके अलावा कृषि विभाग में बदलाव के बाद जीशान कमर भी वेटिंग फॉर पोस्टिंग में बैठे हैं। JAS के 60 अफसर पोस्टिंग के इंतजार मे इसके अलावा झारखंड प्रशासनिक सेवा के 60 अधिकारी भी पोस्टिंग की प्रतीक्षा में हैं। इधर, ट्रेनिंग पूरा होने के ढाई साल बाद भी 39 नवनियुक्त डीएसपी को पोस्टिंग नहीं मिल सकी है। राज्य के कई अनुमंडलों में एसडीएम के पद खाली हैं। कई महत्वपूर्ण पद प्रभार में हैं। सचिवालय सेवा के करीब डेढ़ दर्जन अधिकारी भी पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं।

Anjali Kumari मई 7, 2026 0
Congress committee structure
कांग्रेस में कमेटी वार, कहां बैठेंगे 314 पदाधिकारी

रांची। झारखंड कांग्रेस में जंबो जेट कमेटी को लेकर कोहराम मचा हुआ है। पार्टी की अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने लगातार तीसरे दिन पार्टी नेतृत्व को पत्र लिखकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। पहले दो पत्र प्रदेश प्रभारी को भेजने के बाद तीसरा पत्र उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को लिखा है। इस बार उन्होंने सीधे प्रदेश कांग्रेस की नई कमेटी के आकार और गठन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। किसे खुश करने के लिए बनाई ये कमेटी उन्होंने पूछा कि आखिर इतनी बड़ी कमेटी की जरूरत क्यों पड़ी। वित्त मंत्री ने अलग-अलग राज्यों की विधानसभा सीटों और वहां की प्रदेश कमेटियों का उदाहरण देते हुए कहा कि झारखंड में जरूरत से ज्यादा लंबी टीम बनाई गई है। उन्होंने यह भी पूछा कि किन नेताओं के परिजनों को संगठन में जगह दी गई, इसकी जानकारी कार्यकर्ताओं को दी जानी चाहिए। ‘बोइंग 737 जैसी कमेटी’ टिप्पणी से बढ़ी तल्खी राधाकृष्ण किशोर ने अपने पत्र में कांग्रेस भवन की व्यवस्था पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष खुद 8x8 के कमरे में बैठते हैं, तो 314 पदाधिकारी आखिर कहां बैठेंगे। उन्होंने नई टीम की तुलना बोइंग 737 विमान से करते हुए लिखा कि क्या कुछ बड़े नेताओं को खुश करने के लिए इतनी लंबी कमेटी बनाई गई है। नया कार्यालय भवन तक नहीं मिला उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार में साझेदार होने के बावजूद प्रदेश नेतृत्व मुख्यमंत्री से नया कार्यालय भवन तक नहीं दिला पाया। इस टिप्पणी के बाद पार्टी के भीतर बहस और तेज हो गई है। संगठन के कई नेता अब खुलकर प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं। वहीं कुछ नेताओं का मानना है कि वित्त मंत्री ने जिन सवालों को उठाया है, उन पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।   पार्टी का पक्ष- पुरानी कमेटी से छोटी है नई टीम प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सह मीडिया चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी ने वित्त मंत्री के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि नई कमेटी 314 नहीं बल्कि 269 सदस्यीय है। यह पिछली 280 सदस्यीय कमेटी से छोटी है। उन्होंने कहा कि इस बार सभी सदस्यों को जिम्मेदारी भी दी गई है। कार्यालय भवन के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री से मिलकर जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह कर चुके हैं। इस संबंध में पत्र भी दिया गया है और सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिला है। मामला अभी प्रक्रिया में है। मंत्री-विधायकों में चुप्पी, लेकिन अंदरखाने समर्थन भी वित्त मंत्री के लगातार पत्रों ने कांग्रेस के भीतर नई बहस छेड़ दी है। हाल के दिनों में उन्होंने एससी आयोग, जेटेट नियमावली में अंगिका और भोजपुरी को क्षेत्रीय भाषा का दर्जा देने और हजारीबाग दुष्कर्म मामले में भी प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। अब पार्टी के मंत्री और विधायक खुलकर बोलने से बच रहे हैं। कांग्रेस कोटे की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, डॉ. इरफान अंसारी समेत कई विधायकों ने टिप्पणी से इनकार किया। हालांकि कुछ विधायकों ने माना कि वित्त मंत्री द्वारा उठाए गए मुद्दों की जांच होनी चाहिए। इससे साफ है कि कांग्रेस में असंतोष की आवाज अब दब नहीं रही, बल्कि संगठन के भीतर ‘कमेटी वार’ का रूप लेती जा रही है।

Anjali Kumari मई 7, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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