चीन की प्रमुख टेक कंपनी Xiaomi ने भारत में अपना नया फ्लैगशिप स्मार्टफोन Xiaomi 17 लॉन्च कर दिया है। यह फोन कंपनी के प्रीमियम स्मार्टफोन लाइनअप का हिस्सा है और इसे Xiaomi 17 Ultra के साथ पेश किया गया है। नया Xiaomi 17 अत्याधुनिक फीचर्स, शक्तिशाली प्रोसेसर और उन्नत कैमरा सिस्टम के साथ बाजार में उतारा गया है।
फोन में Qualcomm का लेटेस्ट Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर दिया गया है, जो 3nm आर्किटेक्चर पर आधारित है। इसके साथ ही Leica ट्यूनिंग वाला 50 मेगापिक्सल का ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप और बड़ी बैटरी इसे प्रीमियम सेगमेंट में एक मजबूत दावेदार बनाते हैं।
भारत में Xiaomi 17 की शुरुआती कीमत ₹89,999 रखी गई है, जो इसके 12GB RAM + 256GB स्टोरेज वेरिएंट के लिए है। वहीं 12GB + 512GB वेरिएंट की कीमत ₹99,999 है।
यह स्मार्टफोन ब्लैक, ब्लू और ग्रीन रंगों में उपलब्ध होगा। ग्राहक इसे 13 मार्च से Xiaomi की आधिकारिक वेबसाइट, Amazon और चुनिंदा रिटेल स्टोर्स से खरीद सकेंगे।
कंपनी ने लॉन्च के साथ Early Bird ऑफर भी पेश किया है। 13 से 17 मार्च के बीच खरीदारी करने वाले ग्राहकों को 512GB वेरिएंट 256GB की कीमत पर मिलेगा। इसके अलावा कंपनी ₹9,999 का फ्री फोन डैमेज प्रोटेक्शन प्लान भी दे रही है।
Xiaomi 17 में 6.3 इंच का CrystalRes OLED डिस्प्ले दिया गया है, जिसका रेजोल्यूशन 2656×1220 पिक्सल है। स्क्रीन में 120Hz एडाप्टिव रिफ्रेश रेट और 300Hz टच सैंपलिंग रेट मिलता है।
यह डिस्प्ले 3500 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस, HDR10+, Dolby Vision, DCI-P3 कलर कवरेज और 12-बिट कलर डेप्थ सपोर्ट करता है। साथ ही इसमें TÜV Rheinland के लो ब्लू लाइट और फ्लिकर-फ्री सर्टिफिकेशन भी दिए गए हैं, जिससे आंखों पर कम असर पड़ता है।
फोन में Snapdragon 8 Elite Gen 5 SoC के साथ Adreno GPU और Qualcomm AI Engine दिया गया है। इसमें LPDDR5x RAM और UFS 4.1 स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है।
हीट मैनेजमेंट के लिए Xiaomi ने इसमें 3D IceLoop कूलिंग सिस्टम दिया है। यह फोन Android 16 आधारित Xiaomi HyperOS 3 पर चलता है।
इसके साथ कंपनी का नया HyperAI फीचर सूट भी दिया गया है, जिसमें कई AI टूल्स शामिल हैं, जैसे:
फोटोग्राफी के लिए फोन में Leica-ट्यून ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसमें Summilux लेंस का इस्तेमाल किया गया है।
कैमरा सेटअप में शामिल हैं:
सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 50MP ऑटोफोकस फ्रंट कैमरा दिया गया है। यह फोन 8K वीडियो रिकॉर्डिंग (30fps) और 4K वीडियो (60fps) को सपोर्ट करता है।
Xiaomi 17 में 6330mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो 100W वायर्ड HyperCharge और 50W वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करती है।
कनेक्टिविटी के लिए इसमें:
इसके अलावा फोन में Dolby Atmos सपोर्ट वाले स्टीरियो स्पीकर, Hi-Res ऑडियो, चार माइक्रोफोन सिस्टम, अल्ट्रासोनिक इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर और AI फेस अनलॉक जैसे फीचर्स दिए गए हैं।
फोन को IP68 रेटिंग भी मिली है, जिससे यह धूल और पानी से सुरक्षित रहता है। इसका वजन 191 ग्राम है और मोटाई 8.06mm है।
कुल मिलाकर, Xiaomi 17 अपने शक्तिशाली प्रोसेसर, उन्नत कैमरा तकनीक और प्रीमियम फीचर्स के साथ भारत के फ्लैगशिप स्मार्टफोन बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा देने के लिए तैयार है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
Realme ने भारतीय बाजार में अपनी नई स्मार्टवॉच Realme Watch S5 लॉन्च कर दी है। यह स्मार्टवॉच स्टाइलिश डिजाइन, बड़ी AMOLED डिस्प्ले, Bluetooth Calling और लंबी बैटरी लाइफ जैसे कई प्रीमियम फीचर्स के साथ आती है। कंपनी ने इसे खास तौर पर फिटनेस और डेली यूजर्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है। बड़ी AMOLED डिस्प्ले और प्रीमियम डिजाइन Realme Watch S5 में 1.97 इंच का बड़ा AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 1500 nits ब्राइटनेस के साथ आता है। इसमें 60Hz रिफ्रेश रेट और Always-On Display का सपोर्ट भी मिलता है, जिससे स्क्रीन स्मूद और साफ नजर आती है। स्मार्टवॉच का राउंड डायल डिजाइन इसे प्रीमियम लुक देता है। साथ ही इसमें Smart Night Vision फीचर भी दिया गया है, जो कम रोशनी में बेहतर विजिबिलिटी देने में मदद करता है। Bluetooth Calling और 110+ स्पोर्ट्स मोड्स इस स्मार्टवॉच में Bluetooth Calling का फीचर दिया गया है, जिससे यूजर्स सीधे अपनी कलाई से कॉल रिसीव और डायल कर सकते हैं। इसके लिए वॉच को स्मार्टफोन से कनेक्ट करना होगा। फिटनेस पसंद करने वालों के लिए इसमें 110 से ज्यादा स्पोर्ट्स मोड्स दिए गए हैं, जिनमें रनिंग, साइक्लिंग, योगा और बैडमिंटन जैसे एक्टिविटी मोड शामिल हैं। हेल्थ ट्रैकिंग के कई स्मार्ट फीचर्स Realme Watch S5 में SpO2 मॉनिटरिंग, हार्ट रेट ट्रैकिंग, स्लीप मॉनिटरिंग और स्ट्रेस ट्रैकिंग जैसे हेल्थ फीचर्स दिए गए हैं। इसके अलावा यह आसपास के शोर को भी मॉनिटर कर सकती है। महिला यूजर्स के लिए इसमें Menstrual Cycle Tracking का फीचर भी शामिल किया गया है, जिससे हेल्थ ट्रैकिंग और आसान हो जाती है। GPS और वॉटर रेसिस्टेंस सपोर्ट नेविगेशन के लिए इस स्मार्टवॉच में GPS के साथ 5-Star GNSS सिस्टम दिया गया है, जिससे लोकेशन ट्रैकिंग ज्यादा सटीक बनती है। यह 5ATM Water Resistant रेटिंग के साथ आती है, यानी हल्की बारिश और पानी के छींटों से इसे नुकसान नहीं होगा। कंपनी ने इसमें Wet Touch Control फीचर भी दिया है, जिससे गीले हाथों से भी स्क्रीन इस्तेमाल की जा सकती है। 20 दिन तक की बैटरी लाइफ कंपनी का दावा है कि Realme Watch S5 एक बार फुल चार्ज होने पर करीब 20 दिन तक चल सकती है। इसका वजन लगभग 32 ग्राम है और मोटाई सिर्फ 11.8mm रखी गई है, जिससे इसे लंबे समय तक पहनना आरामदायक रहता है। कीमत और उपलब्धता Realme Watch S5 की भारत में कीमत ₹7,999 रखी गई है। यह दो कलर ऑप्शन - Rock Grey और Sand White में उपलब्ध होगी। स्मार्टवॉच की बिक्री 5 जून दोपहर 12 बजे से शुरू होगी।
SpaceX एक बार फिर दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट सिस्टम Starship की नई टेस्ट फ्लाइट के लिए तैयार है। कंपनी 21 मई 2026 को Starship की 12वीं इंटीग्रेटेड टेस्ट फ्लाइट लॉन्च करने जा रही है। यह लॉन्च टेक्सास स्थित Starbase फैसिलिटी से किया जाएगा। यह मिशन सिर्फ SpaceX के लिए ही नहीं, बल्कि NASA और पूरी स्पेस इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। Starship को भविष्य में इंसानों को चांद और मंगल तक पहुंचाने के सबसे बड़े माध्यम के रूप में देखा जा रहा है। Starship V3 में क्या है नया? SpaceX इस बार Starship के अपग्रेडेड V3 कॉन्फिगरेशन को टेस्ट कर सकता है। कंपनी के मुताबिक इस नए वर्जन में इंजन सिस्टम, स्ट्रक्चर और हीट प्रोटेक्शन टेक्नोलॉजी को पहले से ज्यादा मजबूत बनाया गया है। करीब 120 मीटर ऊंचे इस विशाल रॉकेट सिस्टम में दो हिस्से शामिल हैं: Super Heavy Booster Starship Upper Stage इसमें इस्तेमाल होने वाले Raptor इंजन लिक्विड मीथेन और लिक्विड ऑक्सीजन पर आधारित हैं। यही इंजन भविष्य के Moon और Mars मिशनों की रीढ़ माने जा रहे हैं। इस टेस्ट फ्लाइट में क्या होगा खास? यह लॉन्च किसी सैटेलाइट मिशन के लिए नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की क्षमता जांचने के लिए किया जा रहा है। इंजीनियर्स लॉन्च के दौरान कई अहम स्टेज पर नजर रखेंगे, जिनमें शामिल हैं: रॉकेट टेकऑफ स्टेज सेपरेशन बूस्टर की वापसी कंट्रोल्ड डिसेंट री-एंट्री सिस्टम इस बार सबसे ज्यादा फोकस Super Heavy Booster की सुरक्षित वापसी पर रहेगा। SpaceX भविष्य में लॉन्च टावर के मैकेनिकल आर्म्स की मदद से हवा में ही बूस्टर पकड़ने की तकनीक विकसित कर रहा है। अगर यह तकनीक सफल होती है, तो स्पेस मिशनों की लागत में भारी कमी आ सकती है। वहीं Starship Upper Stage की री-एंट्री भी मिशन का बड़ा हिस्सा होगी। इसमें लगे हजारों सिरेमिक टाइल्स वाले हीट शील्ड को बेहद उच्च तापमान में टेस्ट किया जाएगा। NASA के Artemis मिशन के लिए क्यों अहम है Starship? Starship सिर्फ SpaceX का प्रोजेक्ट नहीं है। NASA ने इसे अपने Artemis Program के Human Landing System के तौर पर चुना है। इसी सिस्टम के जरिए भविष्य में अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की सतह तक पहुंचाया जाएगा। अगर Starship पूरी तरह सफल होता है, तो इससे Moon Base बनाने और मंगल मिशन की दिशा में बड़ी प्रगति मानी जाएगी। SpaceX का ‘Test, Fail, Fix, Repeat’ मॉडल SpaceX पारंपरिक स्पेस कंपनियों से अलग रणनीति अपनाता है। कंपनी लगातार टेस्टिंग कर हर गलती से सीखते हुए सिस्टम को बेहतर बनाती है। इसी वजह से Starship प्रोग्राम बेहद तेजी से विकसित हुआ है। हर लॉन्च से मिलने वाला डेटा इंजन परफॉर्मेंस, फ्लाइट स्टेबिलिटी, हीट कंट्रोल और लैंडिंग सिस्टम को बेहतर बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। पूरी दुनिया की नजर इस मिशन पर क्यों? अगर यह टेस्ट फ्लाइट सफल रहती है, तो SpaceX पूरी तरह रीयूजेबल रॉकेट सिस्टम के बेहद करीब पहुंच जाएगा। इससे भविष्य में: स्पेस मिशन सस्ते हो सकते हैं मंगल यात्रा आसान हो सकती है बड़े सैटेलाइट लॉन्च संभव होंगे हाई-स्पीड अर्थ ट्रैवल टेक्नोलॉजी विकसित हो सकती है इसी वजह से Starship की यह टेस्ट फ्लाइट सिर्फ एक लॉन्च नहीं, बल्कि भविष्य की स्पेस टेक्नोलॉजी की दिशा तय करने वाला बड़ा कदम मानी जा रही है।
Samsung India के प्रीमियम फ्लैगशिप स्मार्टफोन Samsung Galaxy S26 Ultra पर बड़ा प्राइस कट देखने को मिला है। लॉन्च के कुछ समय बाद ही इस हाई-एंड स्मार्टफोन की कीमत में भारी कमी की गई है। बैंक ऑफर्स और इंस्टैंट कैशबैक जोड़ने के बाद इसकी प्रभावी कीमत और भी कम हो रही है। ऐसे में जो यूजर्स लंबे समय से Samsung की Ultra सीरीज खरीदने का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह डील काफी आकर्षक मानी जा रही है। लॉन्च कीमत से 9 हजार रुपये तक सस्ता Samsung Galaxy S26 Ultra को भारत में 1,39,999 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया गया था। अब इसका 256GB वेरिएंट Vijay Sales पर 1,30,999 रुपये में लिस्ट किया गया है। यानी लॉन्च प्राइस की तुलना में सीधे 9 हजार रुपये तक की कटौती देखने को मिल रही है। इसके अलावा चुनिंदा बैंक कार्ड्स पर 4,500 रुपये तक का इंस्टैंट कैशबैक भी दिया जा रहा है। इस ऑफर के बाद इसकी प्रभावी कीमत करीब 1,26,999 रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि अंतिम कीमत बैंक ऑफर, स्टॉक और शहर के हिसाब से अलग हो सकती है। प्रीमियम डिस्प्ले और डिजाइन फोन में 6.9 इंच का Dynamic LTPO AMOLED 2X डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है। इससे स्क्रॉलिंग, वीडियो और गेमिंग का एक्सपीरियंस काफी स्मूद हो जाता है। पतले बेजल्स और बड़ी स्क्रीन इसे प्रीमियम लुक देते हैं। कंपनी ने इस बार फोन में प्राइवेसी डिस्प्ले फीचर भी जोड़ा है, जिससे आसपास बैठे लोग स्क्रीन पर मौजूद निजी कंटेंट आसानी से नहीं देख पाते। Snapdragon 8 Elite Gen 5 से दमदार परफॉर्मेंस Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर के साथ आने वाला यह स्मार्टफोन कंपनी के सबसे पावरफुल एंड्रॉयड फोन्स में गिना जा रहा है। फोन 16GB तक रैम सपोर्ट के साथ आता है, जिससे मल्टीटास्किंग, हाई-एंड गेमिंग और AI फीचर्स का अनुभव बेहतर हो जाता है। 200MP कैमरा बना सबसे बड़ा आकर्षण इस फ्लैगशिप फोन का कैमरा सेटअप इसकी सबसे बड़ी खासियतों में शामिल है। इसमें 200MP का प्राइमरी कैमरा दिया गया है। इसके अलावा 10MP टेलीफोटो और 50MP पेरिस्कोप कैमरा भी मिलता है। लो-लाइट फोटोग्राफी, 8K वीडियो रिकॉर्डिंग और AI कैमरा फीचर्स इसे कंटेंट क्रिएटर्स और मोबाइल फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए खास बनाते हैं। प्राइस कट के बाद Galaxy S26 Ultra एक बार फिर प्रीमियम एंड्रॉयड स्मार्टफोन सेगमेंट में चर्चा का केंद्र बन गया है।