आईटी सेक्टर

इन्फोसिस मुख्यालय, जहां कंपनी ने अक्टूबर से कर्मचारियों की वेतन वृद्धि और 20 हजार फ्रेशर्स की भर्ती का ऐलान किया है
इन्फोसिस कर्मचारियों को अक्टूबर से मिलेगा वेतन बढ़ोतरी का लाभ, 20,000 फ्रेशर्स की भर्ती भी जारी

बेंगलुरु, एजेंसियां। देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस ने कर्मचारियों के लिए वार्षिक वेतन वृद्धि (Salary Hike) की प्रक्रिया अक्टूबर से शुरू करने का ऐलान किया है। कंपनी के सीईओ सलील पारेख ने कहा कि वेतन वृद्धि को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। अधिकांश कर्मचारियों को अक्टूबर में बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा, जबकि वरिष्ठ कर्मचारियों के लिए वेतन संशोधन जनवरी 2027 तक पूरा किया जाएगा। हालांकि कंपनी ने वेतन वृद्धि की प्रतिशत दर का खुलासा नहीं किया है।   20 हजार फ्रेशर्स की भर्ती पर कायम कंपनी का फोकस   इन्फोसिस ने यह भी स्पष्ट किया कि वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान 20,000 फ्रेशर्स की भर्ती का लक्ष्य बरकरार रहेगा। कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही में ही 4,000 से अधिक नए ग्रेजुएट्स को नियुक्त किया है। कंपनी का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए नई प्रतिभाओं में निवेश जारी रखा जाएगा।   मिश्रित कारोबारी माहौल के बीच कर्मचारियों को राहत   वैश्विक आईटी उद्योग में मांग की सुस्ती और आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद इन्फोसिस ने वेतन वृद्धि और कैंपस हायरिंग जारी रखने का फैसला लिया है। कंपनी का मानना है कि कुशल कर्मचारियों को बनाए रखना और नई प्रतिभाओं को जोड़ना उसकी दीर्घकालिक विकास रणनीति का अहम हिस्सा है। तिमाही नतीजों के साथ इस घोषणा को कर्मचारियों और आईटी सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 24, 2026 0
Investors monitor stock market screens as Sensex surges on strong TCS earnings and rally in IT stocks.
Sensex Today: सेंसेक्स 800 अंक उछला, TCS के शानदार नतीजों और IT शेयरों की तेजी से बाजार में लौटी रौनक

भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को मजबूत शुरुआत करते हुए निवेशकों का भरोसा फिर से बढ़ा दिया। वैश्विक स्तर पर अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद घरेलू बाजार में खरीदारी का माहौल देखने को मिला। आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी TCS के उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में राहत ने बाजार की तेजी को मजबूती दी। सुबह करीब 9:20 बजे बीएसई सेंसेक्स 676.12 अंक यानी 0.88 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,417.94 पर कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई निफ्टी 50 196.30 अंक यानी 0.82 प्रतिशत चढ़कर 24,159.10 के स्तर पर पहुंच गया। TCS के शानदार नतीजों से IT सेक्टर में जबरदस्त खरीदारी बाजार की तेजी का सबसे बड़ा कारण आईटी शेयरों में आई मजबूती रही। जून तिमाही के नतीजों में TCS ने बाजार की उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे पूरे आईटी सेक्टर में सकारात्मक माहौल बन गया। निफ्टी आईटी इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 3 प्रतिशत से अधिक उछल गया। Tech Mahindra, TCS, HCLTech और Infosys जैसे प्रमुख शेयरों में 3 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा L&T Technology Services और Coforge के शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। मुनाफे और ऑर्डर बुक दोनों में मजबूत प्रदर्शन TCS ने जून तिमाही में 13,349 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 5 प्रतिशत अधिक है। कंपनी की आय बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये पहुंच गई। इसके साथ ही कंपनी के बोर्ड ने 12 रुपये प्रति शेयर अंतरिम लाभांश देने का भी ऐलान किया। कंपनी की ऑर्डर बुक 9.5 अरब डॉलर तक पहुंच गई, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। वहीं AI कारोबार का वार्षिक रन रेट बढ़कर 2.6 अरब डॉलर हो गया, जो इस क्षेत्र में बढ़ती मांग का संकेत माना जा रहा है। 9 हजार से ज्यादा नई भर्तियों ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा TCS ने जून तिमाही के दौरान 9,279 नए कर्मचारियों की नियुक्ति की, जो पिछले एक साल से अधिक समय में सबसे ज्यादा तिमाही भर्ती है। इसे भविष्य की मांग को लेकर कंपनी के भरोसे का संकेत माना जा रहा है। कंपनी के सीईओ के. कृतिवासन ने भी आने वाली तिमाहियों को लेकर सकारात्मक संकेत दिए। उनका कहना है कि मैन्युफैक्चरिंग और लाइफ साइंस सेक्टर में टेक्नोलॉजी खर्च बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि AI कारोबार के लिए खतरा नहीं बल्कि नए अवसर लेकर आ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों से भी मिली राहत बाजार को एक और बड़ी राहत कच्चे तेल की कीमतों से मिली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बावजूद ब्रेंट क्रूड करीब 76.52 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड लगभग 72.29 डॉलर प्रति बैरल पर बना रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चा तेल 80 से 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंचता तो भारत की अर्थव्यवस्था, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता था। फिलहाल कीमतों के नियंत्रण में रहने से निवेशकों की चिंता कम हुई है। लगभग सभी सेक्टरों में लौटी तेजी आईटी के अलावा बैंकिंग और अन्य सेक्टरों में भी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक, पीएसयू बैंक, ऑटो, एफएमसीजी, मीडिया और रियल्टी इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी रही। वहीं बाजार की अस्थिरता मापने वाला इंडिया VIX 5 प्रतिशत से अधिक गिर गया, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। आगे किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर? विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार की दिशा दो अहम कारकों पर निर्भर करेगी। पहला, अमेरिका-ईरान के बीच भू-राजनीतिक घटनाक्रम और दूसरा, जून तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजे। TCS ने कमाई के सीजन की सकारात्मक शुरुआत की है। अब निवेशकों की नजर अन्य बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी, जो आने वाले दिनों में शेयर बाजार की अगली चाल तय कर सकते हैं। नोट: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले किसी योग्य वित्तीय सलाहकार की सलाह अवश्य लें।  

surbhi जुलाई 10, 2026 0
Share Market
बढ़त के साथ बंद  हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 579 अंक चढ़ा, जानें निफ्टी का हाल

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को मजबूत बढ़त के साथ कारोबार का समापन किया। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और आईटी सेक्टर में जोरदार खरीदारी के दम पर बाजार में चौतरफा तेजी देखने को मिली। कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 579.48 अंक यानी 0.75 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,502.12 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 169.86 अंक यानी 0.71 प्रतिशत चढ़कर 24,175.70 के स्तर पर पहुंच गया।   कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट बनी बड़ी वजह बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटकर करीब 70 डॉलर प्रति बैरल पर आने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का आयात करता है। ऐसे में तेल सस्ता होने से कंपनियों की लागत कम होने और अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद से बाजार में खरीदारी तेज हुई।   आईटी शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा मजबूती गुरुवार के कारोबार में आईटी सेक्टर बाजार की तेजी का प्रमुख आधार बना। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। प्रमुख आईटी कंपनी एचसीएल टेक के शेयरों में लगभग 5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि बजाज फिनसर्व के शेयर भी करीब 3 प्रतिशत मजबूत हुए। इसके अलावा मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और केमिकल सेक्टर के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। हालांकि, मीडिया सेक्टर में हल्की कमजोरी दर्ज की गई।   वैश्विक बाजारों से मिला सकारात्मक संकेत एशियाई बाजारों में जापान का टोपिक्स और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि अमेरिकी और यूरोपीय वायदा बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। इन वैश्विक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया।   विश्लेषकों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं और आईटी सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रहती है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी बाजार में तेजी का रुख जारी रह सकता है। हालांकि, रुपया डॉलर के मुकाबले 24 पैसे कमजोर होकर 95.40 के स्तर पर बंद हुआ।

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0
Share Market
शेयर बाजार गुलजार, सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार तेजी

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को शानदार शुरुआत करते हुए निवेशकों को राहत दी। वैश्विक स्तर पर सकारात्मक माहौल, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीद तथा कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। कारोबार के शुरुआती घंटों में बीएसई सेंसेक्स 850 अंकों से अधिक उछलकर करीब 74,700 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी भी लगभग 23,400 के स्तर के करीब कारोबार करता दिखाई दिया। दोनों प्रमुख सूचकांकों में एक प्रतिशत से अधिक की तेजी ने निवेशकों के मजबूत भरोसे का संकेत दिया।   किन सेक्टर्स ने सबसे ज्यादा दम दिखाया? बाजार की इस रैली में लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों ने सकारात्मक प्रदर्शन किया। रियल्टी सेक्टर सबसे बड़ा गेनर रहा, जबकि ऑटो, मीडिया और फाइनेंशियल सर्विसेज शेयरों में भी अच्छी खरीदारी दर्ज की गई। बैंकिंग शेयरों ने बाजार को मजबूत सहारा दिया, वहीं एफएमसीजी, फार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टरों में भी लगातार बढ़त बनी रही। हालांकि, आईटी सेक्टर का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा और इसमें केवल मामूली तेजी देखने को मिली।   दुनियाभर के बाजारों का क्या है हाल ? वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों ने भी भारतीय बाजार की तेजी को बल दिया। एशियाई बाजारों में जापान का टोपिक्स इंडेक्स और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 उल्लेखनीय बढ़त के साथ कारोबार करते रहे। वहीं, हैंग सेंग फ्यूचर्स, एसएंडपी 500 फ्यूचर्स और यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स भी हरे निशान में रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है। यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है।

abhishek singh जून 12, 2026 0
Engineering students coding on laptops, representing BTech IT careers and high salary opportunities
BTech IT बना हाई पैकेज का नया शॉर्टकट, तेजी से बढ़ रही डिमांड–जानें पूरी सच्चाई

आज के प्रतिस्पर्धी दौर में हर छात्र का लक्ष्य होता है कि पढ़ाई पूरी होते ही उसे एक सुरक्षित करियर और आकर्षक सैलरी मिले। ऐसे में बीटेक इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (BTech IT) एक ऐसा कोर्स बनकर उभरा है, जो युवाओं के लिए हाई पैकेज का मजबूत रास्ता तैयार कर रहा है। डिजिटल क्रांति के इस दौर में आईटी सेक्टर की तेजी से बढ़ती जरूरतों ने इस फील्ड को करियर के लिहाज से बेहद आकर्षक बना दिया है। क्या है BTech IT? BTech IT चार साल का अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम है, जिसमें छात्रों को कंप्यूटर सिस्टम, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डेटा मैनेजमेंट, नेटवर्किंग और नई तकनीकों की गहराई से पढ़ाई कराई जाती है। यह कोर्स छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी बनाता है, ताकि वे सीधे प्रोफेशनल दुनिया में कदम रख सकें। क्यों बढ़ रही है IT सेक्टर की मांग? आज लगभग हर क्षेत्र डिजिटल हो चुका है–चाहे बैंकिंग हो, एजुकेशन, हेल्थकेयर या ई-कॉमर्स। कंपनियों को अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म को संभालने और सुरक्षित रखने के लिए स्किल्ड आईटी प्रोफेशनल्स की जरूरत है। इसके अलावा: स्टार्टअप कल्चर का तेजी से विस्तार ऑनलाइन सेवाओं का बढ़ता उपयोग डेटा और साइबर सिक्योरिटी की बढ़ती जरूरत इन सभी कारणों से IT सेक्टर में जॉब के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं, और यही वजह है कि BTech IT ग्रेजुएट्स को हाई पैकेज ऑफर किए जा रहे हैं। किन स्किल्स की होती है जरूरत? सिर्फ डिग्री हासिल करना ही काफी नहीं है। इस फील्ड में सफल होने के लिए कुछ अहम स्किल्स जरूरी हैं: प्रोग्रामिंग लैंग्वेज (Python, Java आदि) लॉजिकल और एनालिटिकल थिंकिंग प्रॉब्लम सॉल्विंग क्षमता टीमवर्क और कम्युनिकेशन स्किल करियर ऑप्शन और सैलरी BTech IT के बाद छात्रों के पास कई आकर्षक करियर विकल्प होते हैं: सॉफ्टवेयर डेवलपर डेटा एनालिस्ट साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट वेब डेवलपर क्लाउड इंजीनियर फ्रेशर्स को शुरुआत में लगभग 4 से 8 लाख रुपये सालाना का पैकेज मिल सकता है, जो अनुभव और स्किल्स के साथ तेजी से बढ़ता है। टॉप कंपनियों में अवसर आईटी सेक्टर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां देश और दुनिया की दिग्गज कंपनियों में काम करने का मौका मिलता है, जैसे TCS, Infosys, Wipro, Google और Microsoft। एडमिशन कैसे लें? BTech IT में दाखिला लेने के लिए छात्रों को एंट्रेंस एग्जाम पास करना होता है: नेशनल लेवल: JEE Main, JEE Advanced स्टेट लेवल: WBJEE, MHT CET, UPSEE योग्यता: 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (PCM) के साथ 50% से 75% अंक (कॉलेज के अनुसार) जरूरी होते हैं।  

surbhi अप्रैल 20, 2026 0
Wipro office building with stock market chart showing decline and analyst report overlay
Wipro पर ICICI Securities की ‘HOLD’ रेटिंग बरकरार, ₹200 का टारगेट तय

मुंबई: आईटी सेक्टर की प्रमुख कंपनी Wipro के शेयर को लेकर ICICI Securities ने सतर्क रुख अपनाया है। ब्रोकरेज ने 17 अप्रैल 2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में Wipro पर ‘HOLD’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹200 का टारगेट प्राइस तय किया है। कमजोर गाइडेंस से चिंता बरकरार रिपोर्ट के अनुसार, Wipro की टॉप-लाइन पर दबाव जारी है। Q1FY27 के लिए कंपनी ने -1.8% QoQ (कॉन्स्टेंट करेंसी) का कमजोर ऑर्गेनिक गाइडेंस दिया है। यह संकेत देता है कि निकट भविष्य में राजस्व वृद्धि में सुधार की संभावना सीमित है। विश्लेषकों का मानना है कि डील बुकिंग में वृद्धि और वास्तविक राजस्व के बीच अंतर AI-आधारित लागत में गिरावट (deflation) और संभावित मार्केट शेयर लॉस के कारण हो सकता है। क्लाइंट ग्रोथ में मिला-जुला प्रदर्शन हालांकि, कंपनी के टॉप 10 क्लाइंट्स से राजस्व में 1.8% सालाना वृद्धि दर्ज की गई, जबकि FY26 में कुल रेवेन्यू में 0.3% की गिरावट देखी गई। यह दर्शाता है कि बड़े क्लाइंट्स से स्थिरता बनी हुई है, लेकिन समग्र प्रदर्शन अभी भी दबाव में है। मार्जिन पर बढ़ेगा दबाव Q4FY26 में मार्जिन मजबूत रहे, लेकिन FY27 में कुछ प्रमुख कारणों से दबाव बढ़ सकता है: बड़े डील्स में निवेश AI प्लेटफॉर्म बिजनेस का विस्तार दो महीने की अतिरिक्त वेतन वृद्धि इन फैक्टर्स के चलते कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका है। वैल्यूएशन और अनुमान ICICI Securities ने FY27 और FY28 के EPS अनुमान में 2% की हल्की बढ़ोतरी की है, जिसमें बायबैक और करेंसी डिप्रिसिएशन का सकारात्मक असर शामिल है। ब्रोकरेज ने FY28 के अनुमानित EPS ₹14 पर 14x का वैल्यूएशन मल्टीपल लागू करते हुए ₹200 का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि Q2FY27 तक रेवेन्यू ग्रोथ में सुधार नहीं होता है, तो वैल्यूएशन मल्टीपल में गिरावट का जोखिम बना रहेगा।  

surbhi अप्रैल 17, 2026 0
Stock market screen showing TCS share decline after Q4 FY26 results with traders analyzing data
TCS शेयर में गिरावट: Q4 नतीजों के बाद 2% फिसला स्टॉक, AI से उम्मीदें मजबूत लेकिन ग्रोथ और मार्जिन पर चिंता बरकरार

भारत की अग्रणी आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) के शेयरों में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट देखने को मिली। कंपनी के वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजों के बाद निवेशकों की मिश्रित प्रतिक्रिया सामने आई, जिसके चलते शेयर करीब 2% तक फिसल गया। शुरुआती कारोबार में गिरावट शुक्रवार सुबह TCS का शेयर लगभग 2.03% गिरकर 2,536.40 रुपये के स्तर पर ट्रेड करता दिखाई दिया। यह गिरावट ऐसे समय आई है जब कंपनी के नतीजे अनुमान के करीब रहे, लेकिन भविष्य की ग्रोथ को लेकर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। Q4 नतीजे: उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन TCS ने मार्च तिमाही में संतुलित प्रदर्शन दर्ज किया: रेवेन्यू 5.4% बढ़कर 70,698 करोड़ रुपये पहुंचा, जो अनुमान से बेहतर रहा नेट प्रॉफिट 29% की मजबूत बढ़त के साथ 13,718 करोड़ रुपये रहा ऑपरेटिंग मार्जिन स्थिर बना रहा कुल डील विन्स 12 बिलियन डॉलर के मजबूत स्तर पर दर्ज किए गए ये आंकड़े दिखाते हैं कि कंपनी की ऑपरेशनल मजबूती बनी हुई है, खासकर बड़े डील्स हासिल करने की क्षमता में। ब्रोकरेज फर्म्स का मिला-जुला नजरिया बाजार विशेषज्ञों और ब्रोकरेज हाउस की राय TCS को लेकर पूरी तरह एकमत नहीं है: सकारात्मक रुख: CLSA, JPMorgan, Nomura और Goldman Sachs जैसे संस्थानों ने TCS पर भरोसा जताया है इनका मानना है कि मजबूत डील पाइपलाइन, बेहतर डिमांड आउटलुक और AI आधारित सेवाओं का बढ़ता योगदान भविष्य में ग्रोथ को सपोर्ट करेगा साथ ही, मौजूदा वैल्यूएशन को आकर्षक बताया गया है सतर्क और नकारात्मक संकेत: HSBC ने “Hold” रेटिंग दी है, और मध्यम गति से स्थिर ग्रोथ की उम्मीद जताई है Jefferies ने “Underperform” रेटिंग देते हुए BFSI सेक्टर में कमजोरी, डील्स में सुस्ती और AI निवेश के कारण मार्जिन पर दबाव की आशंका जताई है AI बना सबसे बड़ा ग्रोथ ड्राइवर TCS के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भविष्य की सबसे बड़ी उम्मीद बनकर उभरा है। AI-आधारित सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे कंपनी को नए अवसर मिल रहे हैं। हालांकि, इन टेक्नोलॉजी में निवेश के कारण अल्पकाल में मार्जिन पर दबाव भी पड़ सकता है। लंबी अवधि बनाम अल्पकालीन चिंता ब्रोकरेज फर्म्स का मानना है कि: लॉन्ग टर्म में: AI, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और मजबूत डील पाइपलाइन TCS के लिए सकारात्मक संकेत हैं शॉर्ट टर्म में: ग्रोथ की रफ्तार धीमी रह सकती है और मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है एक साल में कमजोर प्रदर्शन TCS का स्टॉक पिछले एक साल में करीब 20% तक गिर चुका है, जबकि Nifty 50 ने इसी अवधि में लगभग 4.2% की बढ़त दर्ज की है। यह अंतर आईटी सेक्टर में ग्रोथ को लेकर जारी चिंताओं को दर्शाता है।  

surbhi अप्रैल 10, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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kalpana जुलाई 21, 2026 0