पंजाब किंग्स

Punjab Kings players looking disappointed after dropping crucial catches against Sunrisers Hyderabad in IPL 2026
PBKS की हार की बड़ी वजह बनी खराब फील्डिंग, लगातार छूटे कैच पर कोच बोले- ‘ये अब संक्रमण बन चुका है’

Punjab Kings की Indian Premier League 2026 में शानदार शुरुआत अब लड़खड़ाती नजर आ रही है। सीजन के पहले हिस्से में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली पंजाब किंग्स अब लगातार तीन मैच हार चुकी है। ताजा मुकाबले में Sunrisers Hyderabad ने PBKS को 33 रनों से हराकर पॉइंट्स टेबल में टॉप स्थान हासिल कर लिया। इस हार के बाद पंजाब की सबसे बड़ी कमजोरी उनकी खराब फील्डिंग और लगातार छूटते कैच बनकर सामने आई है। मैच में PBKS ने तीन आसान कैच छोड़े और एक स्टंपिंग का मौका भी गंवाया, जिसका हैदराबाद के बल्लेबाजों ने पूरा फायदा उठाया। ‘कैच छोड़ना सबसे बड़ा झटका रहा’ – श्रेयस अय्यर पंजाब किंग्स के कप्तान Shreyas Iyer ने मैच के बाद माना कि ड्रॉप कैच टीम के लिए सबसे बड़ा नुकसान साबित हुए। उनका कहना था कि अगर टीम ने मौके नहीं गंवाए होते, तो हैदराबाद का स्कोर 30-40 रन कम हो सकता था। वहीं टीम के स्पिन बॉलिंग कोच Sairaj Bahutule ने भी माना कि खराब फील्डिंग ने मैच का मोमेंटम पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने कहा, “अगर आप ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन जैसे बल्लेबाजों के कैच छोड़ेंगे, तो वे आपको इसकी बड़ी कीमत चुकवाएंगे।” कैसे बदला मैच का रुख? पहला कैच 8वें ओवर में छूटा, जब Ishan Kishan ने Lockie Ferguson की गेंद पर शॉट खेला और Cooper Connolly ने डीप स्क्वायर लेग पर आसान मौका गंवा दिया। उस समय ईशान किशन सिर्फ 9 रन पर थे। बाद में उन्होंने 32 गेंदों में 55 रन ठोक दिए। इसके बाद Shashank Singh ने Heinrich Klaasen का आसान कैच छोड़ दिया। उस वक्त क्लासेन केवल 9 रन पर थे और बाद में उन्होंने 69 रन की मैच बदलने वाली पारी खेली। 11वें ओवर में एक और मौका हाथ से निकल गया, जब फर्ग्यूसन फाइन लेग पर कैच का सही अंदाजा नहीं लगा सके। इसी ओवर में Prabhsimran Singh ने स्टंपिंग का भी मौका गंवा दिया। ‘फील्डिंग में डर बैठ जाता है’ सैराज बहुतुले ने शशांक सिंह के खराब फॉर्म पर बात करते हुए कहा कि लगातार कैच छूटने से खिलाड़ियों के मन में डर और संदेह पैदा होने लगता है। उन्होंने कहा, “जैसे बल्लेबाज रन नहीं बनने पर सोच में पड़ जाता है, वैसे ही फील्डर भी सोचने लगता है कि आखिर उससे कैच क्यों छूट रहे हैं। धीरे-धीरे दबाव और घबराहट बढ़ने लगती है।” एक्सपर्ट्स ने उठाए तकनीक और लाइट्स पर सवाल पूर्व क्रिकेटर Katey Martin और Deep Dasgupta ने भी पंजाब की फील्डिंग पर सवाल उठाए। मार्टिन ने कहा कि खिलाड़ियों की कैचिंग तकनीक कमजोर दिखी और संभव है कि फ्लडलाइट्स की वजह से गेंद को ट्रैक करने में दिक्कत हुई हो। वहीं दीप दासगुप्ता ने कहा कि लगातार कैच छूटने के बाद खिलाड़ी गेंद से बचने की कोशिश करने लगता है। उन्होंने कहा, “फील्डिंग पूरी तरह आत्मविश्वास और मानसिकता का खेल है। सबसे खराब स्थिति तब होती है जब खिलाड़ी गेंद अपने पास नहीं चाहता।” अब बढ़ा PBKS पर दबाव लगातार तीन हार के बाद पंजाब किंग्स पर प्लेऑफ की रेस में दबाव बढ़ गया है। टीम की बल्लेबाजी अब भी मजबूत दिख रही है, लेकिन फील्डिंग की कमजोरियां उन्हें भारी पड़ रही हैं। अगर PBKS को टूर्नामेंट में वापसी करनी है, तो उन्हें जल्द से जल्द अपनी फील्डिंग में सुधार करना होगा, क्योंकि IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट में छोटे-छोटे मौके ही मैच का नतीजा बदल देते हैं।  

surbhi मई 7, 2026 0
Coal India recruitment 2026
सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका! Coal India में 660 पदों पर भर्ती, 12 मई से शुरू होंगे आवेदन

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश की प्रमुख सरकारी कंपनी Coal India Limited ने मैनेजमेंट ट्रेनी (MT) पदों पर भर्ती के लिए बड़ा ऐलान किया है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 660 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी 12 मई 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 11 जून 2026 तय की गई है।   शैक्षणिक योग्यता और पात्रता इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से संबंधित विषय में न्यूनतम 60% अंकों के साथ स्नातक डिग्री होना अनिवार्य है। इसके अलावा, उम्मीदवारों को अन्य निर्धारित योग्यताओं को भी पूरा करना होगा, जिसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में दी जाएगी।   आयु सीमा और छूट उम्मीदवारों की आयु की गणना 30 अप्रैल 2026 के आधार पर की जाएगी। अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष निर्धारित है। हालांकि, आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट दी जाएगी। ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को 3 वर्ष, एससी/एसटी को 5 वर्ष और दिव्यांग उम्मीदवारों को 10 वर्ष की छूट प्रदान की जाएगी।   सैलरी और लाभ चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतन पैकेज दिया जाएगा। मैनेजमेंट ट्रेनी पद के लिए सैलरी 60,000 रुपये से शुरू होकर 1,80,000 रुपये प्रतिमाह तक हो सकती है। इसके अलावा अन्य सरकारी भत्ते और सुविधाएं भी मिलेंगी।   आवेदन प्रक्रिया उम्मीदवारों को ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करना होगा। इसके लिए सबसे पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर “Jobs” सेक्शन में जाना होगा। वहां रजिस्ट्रेशन कर आवश्यक जानकारी भरनी होगी। इसके बाद जरूरी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी और अंत में फॉर्म सबमिट कर उसका प्रिंट आउट सुरक्षित रखना होगा।   युवाओं के लिए बड़ा मौका Coal India जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी पाने का यह एक शानदार अवसर है। प्रतियोगिता को देखते हुए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते आवेदन करें और अपनी तैयारी मजबूत रखें।

Unknown मई 7, 2026 0
Sunrisers Hyderabad players celebrating victory over Punjab Kings after IPL 2026 match high scoring thriller
SRH vs PBKS: कूपर कोनोली का दमदार शतक भी नहीं दिला सका जीत, हैदराबाद बनी नई टेबल टॉपर

आईपीएल 2026 के 49वें मुकाबले में Sunrisers Hyderabad ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Punjab Kings को 33 रनों से हरा दिया। इस जीत के साथ हैदराबाद की टीम अंक तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई, जबकि पंजाब किंग्स को लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले में सबसे ज्यादा चर्चा ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज Cooper Connolly की रही, जिन्होंने शानदार शतक लगाया, लेकिन उनकी यह पारी टीम को जीत नहीं दिला सकी। हैदराबाद ने खड़ा किया 235 रनों का विशाल स्कोर टॉस जीतकर पंजाब किंग्स ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन हैदराबाद के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। ओपनर Abhishek Sharma और Travis Head ने पहले विकेट के लिए 54 रनों की तेज साझेदारी की। अभिषेक शर्मा ने 35 रन बनाए, जबकि ट्रेविस हेड 38 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद Ishan Kishan और Heinrich Klaasen ने पंजाब के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा दिया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए सिर्फ 48 गेंदों में 88 रनों की विस्फोटक साझेदारी की। ईशान किशन ने 55 रनों की पारी में 4 छक्के और 2 चौके लगाए। वहीं क्लासेन ने आक्रामक अंदाज में 69 रन बनाए। अंत में Nitish Kumar Reddy ने नाबाद 29 रन जोड़ते हुए टीम का स्कोर 4 विकेट पर 235 तक पहुंचा दिया। पंजाब की ओर से Arshdeep Singh, Lockie Ferguson, Yuzvendra Chahal और Vijaykumar Vyshak को 1-1 विकेट मिला। पंजाब की शुरुआत रही बेहद खराब 236 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। Priyansh Arya सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद Prabhsimran Singh 3 रन और कप्तान Shreyas Iyer 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। महज 23 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद पंजाब पूरी तरह दबाव में आ गई। हालांकि Marcus Stoinis और कूपर कोनोली ने पारी संभालने की कोशिश की। स्टोइनिस ने 28 रन बनाए। कूपर कोनोली का शानदार शतक एक छोर पर विकेट गिरते रहे, लेकिन कूपर कोनोली लगातार लड़ते रहे। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 59 गेंदों में नाबाद 107 रन बनाए। उनकी इस पारी में कई बड़े शॉट्स देखने को मिले और उन्होंने पंजाब की उम्मीद आखिर तक जिंदा रखी। Suryansh Shedge ने 25 रन और Marco Jansen ने 19 रन का योगदान दिया, लेकिन टीम जीत तक नहीं पहुंच सकी। पंजाब किंग्स 7 विकेट पर 202 रन ही बना सकी। हैदराबाद की ओर से कप्तान Pat Cummins और Shivam Kumar ने 2-2 विकेट लिए। वहीं Nitish Kumar Reddy, Eshan Malinga और Saqib Hussain को 1-1 सफलता मिली। इस जीत के साथ सनराइजर्स हैदराबाद ने न सिर्फ दो अहम अंक हासिल किए, बल्कि बेहतर नेट रन रेट के दम पर अंक तालिका में शीर्ष स्थान भी कब्जा लिया।  

surbhi मई 7, 2026 0
Mumbai Indians defeat to Punjab Kings
MI vs PBKS: मुंबई की हार के बाद हार्दिक पांड्या का बड़ा बयान, बोले- लेने पड़ सकते हैं कड़े फैसले

मुंबई: आईपीएल 2026 के हाई-वोल्टेज मुकाबले में Punjab Kings ने Mumbai Indians को उनके घरेलू मैदान पर 7 विकेट से करारी शिकस्त दी। इस हार के बाद मुंबई के कप्तान Hardik Pandya ने टीम के प्रदर्शन पर गंभीर सवाल उठाते हुए संकेत दिया कि आगे सुधार के लिए कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं। प्रभसिमरन और अय्यर की शानदार बल्लेबाजी पंजाब की जीत में Prabhsimran Singh और कप्तान Shreyas Iyer ने अहम भूमिका निभाई। दोनों बल्लेबाजों ने शानदार अर्धशतक जड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और मैच को एकतरफा बना दिया। हार के बाद क्या बोले हार्दिक पांड्या? मैच के बाद हार्दिक पांड्या ने कहा कि टीम को अपने प्रदर्शन का गंभीरता से आकलन करने की जरूरत है। उन्होंने माना कि मुकाबले के दौरान कई गलतियां हुईं और अब टीम को बैठकर यह समझना होगा कि कमी कहां रह गई। पांड्या ने कहा कि यह देखना जरूरी है कि गलती खिलाड़ियों के प्रदर्शन में थी, रणनीति में कमी थी या फिर पूरी टीम का सामूहिक प्रदर्शन कमजोर रहा। उन्होंने साफ तौर पर स्वीकार किया कि इस मुकाबले में पंजाब हर विभाग में बेहतर साबित हुई। “पंजाब हर मामले में बेहतर रही” पांड्या ने खुलकर कहा कि फिलहाल उनके पास ज्यादा कहने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि टीम को शांत दिमाग से बैठकर विश्लेषण करना होगा कि किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। उन्होंने मैच की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए बताया कि पहली पारी में रिवर्स स्विंग देखने को मिली, जबकि दूसरी पारी में ओस का असर था, लेकिन इसके बावजूद पंजाब ने गेंदबाजी, बल्लेबाजी और फील्डिंग–तीनों में बेहतर प्रदर्शन किया। कड़े फैसलों के संकेत मुंबई इंडियंस के कप्तान ने यह भी संकेत दिया कि टीम मैनेजमेंट को अब कुछ सख्त फैसले लेने पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह तय करना होगा कि क्या बदलाव जरूरी हैं या फिर मौजूदा खिलाड़ियों पर भरोसा कायम रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए। पांड्या ने माना कि ये आसान फैसले नहीं हैं, लेकिन टीम को जिम्मेदारी लेते हुए सही दिशा में कदम उठाने होंगे। पॉइंट्स टेबल में बड़ा उलटफेर इस जीत के साथ Punjab Kings चार जीत और एक नो-रिजल्ट के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई है, जबकि डिफेंडिंग चैंपियन Royal Challengers Bengaluru दूसरे स्थान पर खिसक गई। वहीं Mumbai Indians सिर्फ एक जीत के साथ नौवें स्थान पर पहुंच गई है, जिससे टीम पर दबाव और बढ़ गया है।  

surbhi अप्रैल 17, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

US President Donald Trump speaks about Iran talks, nuclear concerns, and a possible diplomatic agreement.
दुनिया

ट्रंप बोले- समझौते से हो या सैन्य कार्रवाई से, अंत में अमेरिका ही जीतेगा

Deepshikha जून 5, 2026 0