नई दिल्ली, एजेंसियां। देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने गुजरात, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मध्य प्रदेश, ओडिशा, बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई इलाकों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई है। इन राज्यों में सबसे ज्यादा बारिश की चेतावनी IMD के अनुसार, गुजरात में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है। वहीं राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, बिहार, झारखंड, असम और मेघालय में भी भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई स्थानों पर तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। बाढ़ और भूस्खलन का बढ़ा खतरा मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन, जबकि निचले इलाकों में जलभराव और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की स्थिति बन सकती है। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। मछुआरों और यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी IMD ने समुद्र में ऊंची लहरों और खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। इसके अलावा, भारी बारिश वाले क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की गई है। प्रशासन अलर्ट मोड पर बारिश की चेतावनी को देखते हुए कई राज्यों के प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों, NDRF और SDRF को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन की हेल्पलाइन से संपर्क करने की अपील की है।
रांची। झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम केंद्र, रांची ने 23 से 25 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। 23 जुलाई को लातेहार और आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां और कोडरमा समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ मेघ गर्जन और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, 24 जुलाई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसून का असर बना रहेगा। उत्तर-पूर्वी जिलों देवघर, दुमका, गिरिडीह, जामताड़ा, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं 25 जुलाई को लातेहार, चतरा और मध्य झारखंड से सटे उत्तर-पश्चिमी इलाकों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। बारिश के आंकड़ों की बात करें तो 1 जून से 22 जुलाई 2026 के बीच झारखंड में 299.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षापात 414.9 मिलीमीटर होना चाहिए था। यानी राज्य में अब तक 28 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सबसे कम वर्षा गढ़वा, चतरा, पाकुड़, देवघर, कोडरमा और गोड्डा जैसे जिलों में दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की आगामी सक्रियता से वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद है, हालांकि किसानों और आम लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
पटना: बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और राज्य के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार हो रही बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार के लिए राज्य के 22 जिलों में भारी बारिश, 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर न जाने की सलाह दी है। इन 22 जिलों में जारी हुआ मौसम अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार बक्सर, भोजपुर, पटना, बेगूसराय, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा, बांका, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार में मौसम बिगड़ सकता है। इन जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। मंगलवार को कैसा रहा मौसम? राजधानी पटना में मंगलवार को दिनभर बादलों का डेरा रहा। बीच-बीच में हल्की धूप निकलने के बाद शाम होते-होते फिर आसमान में घने बादल छा गए और कई इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। पटना के आसपास के जिलों में भी मौसम का यही हाल रहा। वहीं खगड़िया, सीतामढ़ी और कटिहार में अच्छी बारिश हुई, जबकि नालंदा और वैशाली में पूरे दिन बादलों की आवाजाही बनी रही। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। अगले 3 से 4 दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक बिहार में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहेगा। कुछ इलाकों में उमस महसूस हो सकती है, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। पूर्वानुमान के मुताबिक जुलाई के आखिरी सप्ताह में मानसून और मजबूत हो सकता है, जिससे पूरे बिहार में व्यापक और झमाझम बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम में लगातार बदलाव की वजह क्या है? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मौसम में बार-बार बदलाव की मुख्य वजह मानसूनी सिस्टम का लगातार मजबूत और कमजोर होना है। जब नमी वाली हवाएं सक्रिय होती हैं तो बादल बनते हैं और बारिश होती है। बारिश रुकने के बाद धूप निकलते ही हवा में मौजूद नमी के कारण उमस बढ़ जाती है। यही वजह है कि राज्य में कभी बारिश तो कभी गर्मी और उमस का दौर देखने को मिल रहा है। लोगों के लिए जरूरी सलाह खराब मौसम के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। बिजली चमकने पर सुरक्षित स्थान पर रहें। मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट और प्रशासन की सलाह का पालन करें। यात्रा के दौरान मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें।
रांची। झारखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले दो दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार, कई जिलों में भारी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है 20 जुलाई को हजारीबाग, रामगढ़, रांची, लोहरदगा, चतरा और लातेहार जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। वहीं, 21 जुलाई को रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और लातेहार में भी भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा 22 से 25 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। वज्रपात और हादसों में पांच की मौत इधर, रविवार को वज्रपात और अन्य हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई। सरायकेला के नुवागोड़ा गांव में आकाशीय बिजली गिरने से रोशनी सुरीन और सोनू सरदार (32) की जान चली गई। चंपुआ थाना क्षेत्र के विष्णुपुर गांव में किसान मोहन चरण गिरि (55) की भी वज्रपात से मौत हो गई। गोमिया के तेनुघाट डैम में मछली पकड़ने गए संतोष केवट उर्फ डमडम केवट (34) की डूबने से मौत हो गई, जबकि गुमला जिले के सिसई में जयंती देवी (56) की जान ठनका गिरने से चली गई। 24 घंटे में कई स्थानों पर हुई बारिश पिछले 24 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। धनबाद के राजदह में सर्वाधिक 76.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा हेंदेगिर (67.2 मिमी), नवाडीह (67 मिमी), जगन्नाथपुर (65 मिमी), पुटकी (57.2 मिमी) और राजधनवार (48.8 मिमी) में भी उल्लेखनीय बारिश हुई। राजधानी रांची में करीब दो घंटे तक हुई लगातार बारिश से कांके रोड, रातू रोड और बरियातू सहित कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई, जबकि मेन रोड, धुर्वा और डोरंडा में हल्की बारिश दर्ज की गई।
रांची। झारखंड में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में अगले तीन दिनों तक मौसम के तेवर बदले रहेंगे। रांची समेत कई जिलों में भारी बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है। रांची सहित कई जिलों में भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार से राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर शुरू हो गया है। रांची, हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला और खूंटी में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा बोकारो, धनबाद, कोडरमा, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। 18 और 19 जुलाई को भी जारी रहेगा बारिश का दौर शनिवार और रविवार को भी मानसून सक्रिय रहेगा। 18 जुलाई को रांची, हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला, पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा और खूंटी में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं 19 जुलाई को दक्षिण-पश्चिमी और मध्य झारखंड के इलाकों, विशेषकर रांची, गुमला, खूंटी, लोहरदगा और लातेहार में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात की आशंका बनी रहेगी। अब तक सामान्य से 40 प्रतिशत कम हुई बारिश मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 17 जुलाई तक झारखंड में औसतन 216.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि सामान्य वर्षा 359.8 मिमी होनी चाहिए थी। यानी राज्य में अब तक करीब 40 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं पिछले 24 घंटे में बोकारो सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि लातेहार में न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
रांची। झारखंड में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 17 जुलाई से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। अगले तीन दिनों तक कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है। आज इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट शुक्रवार को पूरे राज्य में बादल छाए रहने और अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। वहीं रांची, हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला और खूंटी में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा रांची, बोकारो, धनबाद, कोडरमा, पूर्वी एवं पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज सहित कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और वज्रपात की भी आशंका है। 18 और 19 जुलाई को भी बना रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के अनुसार, 18 जुलाई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। हजारीबाग, रामगढ़, रांची, लोहरदगा, गुमला, पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा और खूंटी में कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है। वहीं 19 जुलाई को दक्षिण-पश्चिमी और मध्य झारखंड के इलाकों, विशेषकर रांची, गुमला, खूंटी, लोहरदगा और लातेहार में भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। अब भी सामान्य से 40 प्रतिशत कम बारिश बीते 24 घंटे में बोकारो राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं लातेहार में न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मौसम केंद्र के अनुसार, 1 जून से 17 जुलाई तक झारखंड में औसतन 216.8 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जबकि सामान्य वर्षा 359.8 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। यानी राज्य में अब तक करीब 40 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि अगले तीन दिनों में होने वाली बारिश से वर्षा की कमी कुछ हद तक कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
रांची। झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने रविवार को राज्य के आठ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कई इलाकों में वज्रपात और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। इन जिलों में भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और बोकारो सहित कई जिलों में भारी वर्षा हो सकती है। कुछ स्थानों पर कम समय में तेज बारिश होने से जलभराव और निचले इलाकों में परेशानी बढ़ने की आशंका है। किसानों और आम लोगों के लिए सलाह लगातार बारिश से किसानों को धान की बुआई में राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन बिजली गिरने और तेज हवाओं को देखते हुए खेतों में काम करने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने तथा मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। अगले कुछ दिन रहेगा सक्रिय मानसून IMD के अनुसार झारखंड में 12 से 14 जुलाई तक मानसून सक्रिय रहेगा और कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है। मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए हैं।
कोलकाता, एजेंसियां। झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत पूर्वी भारत में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी से जुड़े कम दबाव के क्षेत्र और उससे बनी चक्रवाती परिसंचरण के असर से दोनों राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली का खतरा बढ़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कई जिलों के लिए बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। झारखंड से बंगाल तक मौसम का बदला मिजाज मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और जलभराव की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है। इन इलाकों में ज्यादा असर की आशंका पश्चिम बंगाल के उत्तरी और दक्षिणी जिलों में भारी बारिश दर्ज की जा रही है। वहीं झारखंड के कई जिलों में भी तेज बारिश, बिजली गिरने और तेज हवा चलने की चेतावनी दी गई है। IMD ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रशासन अलर्ट मोड पर संभावित भारी बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नदियों के जलस्तर, शहरी जलभराव और बिजली आपूर्ति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मौसम विभाग ने कहा है कि मानसून की सक्रिय स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है, इसलिए लोगों को आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
पटना, एजेंसियां। बिहार में मानसून के सक्रिय होने और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के बीच गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसे देखते हुए पटना जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने तटवर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। संवेदनशील घाटों और निचले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है, जबकि बाढ़ से निपटने के लिए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ नियंत्रण विभाग ने बढ़ाई निगरानी जल संसाधन विभाग के केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की ओर से गंगा समेत प्रमुख नदियों के जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। अधिकारियों को तटबंधों की नियमित निगरानी, संभावित कटाव वाले स्थानों का निरीक्षण और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों पर प्रशासन की विशेष नजर पटना के नदी किनारे बसे इलाकों और घाटों पर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। स्थानीय अधिकारियों को लोगों को समय-समय पर स्थिति से अवगत कराने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। राहत एवं बचाव दलों को भी अलर्ट मोड में रखा गया है। नेपाल की बारिश का बिहार पर असर नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गंगा की सहायक नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रही तो बिहार की कई नदियों में जलस्तर और बढ़ सकता है, इसलिए प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। लोगों से सतर्क रहने की अपील प्रशासन ने गंगा किनारे रहने वाले लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है। साथ ही नदी में अनावश्यक रूप से प्रवेश न करने तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
मानसून के दौरान बुखार के मामले तेजी से बढ़ जाते हैं। बारिश, जलभराव, बढ़ी हुई नमी और दूषित पानी के कारण वायरल संक्रमण, डेंगू और टायफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। चूंकि इन तीनों बीमारियों में बुखार एक सामान्य लक्षण है, इसलिए कई बार लोग इन्हें सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सही समय पर बीमारी की पहचान और इलाज गंभीर जटिलताओं से बचा सकता है। मानसून में क्यों बढ़ते हैं बुखार के मामले? बारिश के मौसम में कई जगहों पर पानी जमा हो जाता है, जिससे मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। वहीं, दूषित भोजन और पीने का पानी टायफाइड जैसी बैक्टीरियल बीमारियों का जोखिम बढ़ाते हैं। अधिक नमी और बंद वातावरण में वायरल संक्रमण भी तेजी से फैलते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार: डेंगू संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। टायफाइड दूषित भोजन और पानी के सेवन से होता है। सामान्य सर्दी-जुकाम संक्रमित व्यक्ति के संपर्क और बंद जगहों में आसानी से फैल सकता है। सामान्य सर्दी-जुकाम के लक्षण अगर बुखार के साथ नाक बहना, छींक आना, गले में हल्का दर्द और खांसी जैसी समस्याएं हैं, तो यह सामान्य वायरल संक्रमण हो सकता है। इसके सामान्य लक्षण हैं: हल्का या कम बुखार नाक बहना या बंद होना छींक आना गले में खराश हल्की खांसी ऐसे संक्रमण आमतौर पर 3 से 7 दिनों में ठीक हो जाते हैं। डेंगू के लक्षण कैसे अलग होते हैं? डेंगू में बुखार अचानक तेज़ होता है और शरीर पर इसका असर अधिक गंभीर हो सकता है। मुख्य लक्षण: अचानक 39–40 डिग्री सेल्सियस तक तेज बुखार तेज सिरदर्द आंखों के पीछे दर्द मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द अत्यधिक कमजोरी त्वचा पर लाल चकत्ते मतली या उल्टी डेंगू के खतरे के संकेत यदि निम्न लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें: मसूड़ों या नाक से खून आना लगातार उल्टी पेट में तेज दर्द चक्कर आना अत्यधिक कमजोरी टायफाइड के लक्षण क्या हैं? टायफाइड साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया से होने वाला संक्रमण है। इसके लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते हैं और समय पर इलाज न मिलने पर गंभीर रूप ले सकते हैं। मुख्य लक्षण: लगातार बना रहने वाला तेज बुखार कमजोरी भूख कम लगना पेट दर्द कब्ज या दस्त सिरदर्द थकान विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून में दूषित पानी पीने से टायफाइड का खतरा काफी बढ़ जाता है। सर्दी, डेंगू और टायफाइड में क्या है अंतर? बीमारी बुखार प्रमुख लक्षण सामान्य सर्दी हल्का नाक बहना, छींक, खांसी, गले में खराश डेंगू अचानक बहुत तेज शरीर और जोड़ों में दर्द, चकत्ते, कमजोरी टायफाइड लगातार बढ़ने वाला पेट संबंधी समस्याएं, भूख कम लगना, लगातार बुखार कब करानी चाहिए जांच? डॉक्टरों के अनुसार, निम्न स्थितियों में तुरंत जांच करानी चाहिए: बुखार 2–3 दिन से अधिक बना रहे। अचानक बहुत तेज बुखार आए। शरीर और जोड़ों में असहनीय दर्द हो। भूख लगातार कम हो जाए। पेट दर्द, दस्त या कब्ज की शिकायत हो। त्वचा पर लाल चकत्ते दिखाई दें। नाक या मसूड़ों से खून आने लगे। डॉक्टर कैसे करते हैं बीमारी की पुष्टि? डेंगू की जांच NS1 एंटीजन टेस्ट डेंगू IgM/IgG टेस्ट कम्प्लीट ब्लड काउंट (CBC) टायफाइड की जांच ब्लड कल्चर टायफाइड एंटीबॉडी टेस्ट CBC और अन्य जांच वायरल सर्दी-जुकाम लक्षणों का मूल्यांकन शारीरिक जांच जरूरत पड़ने पर अन्य जांच मानसून में इन 7 उपायों से करें बचाव घर के आसपास पानी जमा न होने दें। मच्छरों से बचाव के लिए रिपेलेंट का इस्तेमाल करें। पूरे बाजू के कपड़े पहनें। केवल साफ और सुरक्षित पानी पिएं। ताजा और स्वच्छ भोजन करें। खाना खाने से पहले हाथ अच्छी तरह धोएं। बुखार होने पर स्वयं दवा लेने की बजाय डॉक्टर से सलाह लें। निष्कर्ष मानसून के दौरान होने वाले हर बुखार को सामान्य वायरल मानकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। यदि तेज बुखार, शरीर में असहनीय दर्द, पेट संबंधी परेशानी या लगातार कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। समय पर सही निदान और उपचार से डेंगू और टायफाइड जैसी गंभीर बीमारियों से होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकता है। नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी प्रकार के बुखार या गंभीर लक्षण होने पर योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।
काठमांडू, एजेंसियां। नेपाल में मानसून की सक्रियता के चलते लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। नेपाल के जल तथा मौसम विज्ञान विभाग ने कई जिलों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड), भूस्खलन और नदियों के जलस्तर बढ़ने की चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। कई जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा मौसम विभाग के अनुसार, इलाम, झापा, पंचथर, धनकुटा, मोरंग, सुनसरी, सप्तरी, डडेलधुरा और डोटी सहित कई जिलों में छोटी नदियों और पहाड़ी जलधाराओं का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। इन क्षेत्रों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का बढ़ा खतरा लगातार बारिश के कारण नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। कई सड़कों पर आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है, जबकि कुछ स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित होने की भी सूचना है। प्रशासन ने स्थानीय निकायों और राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील नेपाल सरकार ने नदी किनारे रहने वाले लोगों, पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों और यात्रियों से मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की अपील की है। लोगों को खराब मौसम के दौरान नदी-नालों को पार न करने और जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। मानसून अभी और रहेगा सक्रिय नेपाल के मौसम विभाग का कहना है कि देशभर में मानसून सक्रिय बना हुआ है और आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में भारी बारिश जारी रह सकती है। ऐसे में बाढ़, भूस्खलन और जलभराव की घटनाओं का खतरा बना रहेगा। भारत के सीमावर्ती इलाकों पर भी पड़ सकता है असर विशेषज्ञों के अनुसार, नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश का असर भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी देखने को मिल सकता है। नेपाल से निकलने वाली नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने पर निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए संबंधित एजेंसियां भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
पटना, एजेंसियां। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को बिहार के कई जिलों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज़ हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, पटना, बेतिया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, मधुबनी और आसपास के जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान तेज बारिश और खराब मौसम की संभावना है। 60 से 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं IMD के अनुसार, कई इलाकों में 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने तथा बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। प्रशासन को भी संभावित आपदा से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मानसून रहेगा सक्रिय IMD के अनुसार, सक्रिय मानसून के प्रभाव से बिहार में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है। उत्तर बिहार के कई जिलों में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं।
रांची। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने झारखंड में अगले दो दिनों तक भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवा की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी रांची सहित लातेहार, पलामू, गढ़वा, चतरा, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां समेत कई जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। मानसून ने पकड़ी रफ्तार, कई इलाकों में तेज बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र और सक्रिय मानसून के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। पिछले 24 घंटों में सिमडेगा में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि मेदिनीनगर राज्य का सबसे गर्म शहर रहा। प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी भारी बारिश और वज्रपात की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। लोगों को पेड़ों के नीचे खड़े न होने, नदी-नालों से दूर रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। किसानों को भी मौसम अपडेट पर नजर रखने और खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने को कहा गया है। अगले सप्ताह तक जारी रह सकती है बारिश IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, झारखंड में मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रहेगी। 6 से 8 जुलाई के बीच भी राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
पटना, एजेंसियां। बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और इसका असर पूरे राज्य में देखने को मिल रहा है। मंगलवार रात से मौसम ने करवट ली है, जिसके बाद कई जिलों में बारिश शुरू हो गई। बुधवार सुबह बेगूसराय समेत कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने 1 से 4 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश, तेज हवा और मेघ गर्जन की संभावना जताई है। 13 जिलों में ऑरेंज, 25 जिलों में येलो अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार के लिए पटना सहित 13 जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 25 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। अगले पांच दिन ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और बिजली चमकने के समय खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है। बारिश से मिली राहत, एक महिला की मौत बीते 24 घंटों के दौरान खगड़िया, समस्तीपुर, सासाराम और जमुई में अच्छी बारिश दर्ज की गई। हालांकि औरंगाबाद में आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई। राजधानी पटना में दिनभर बादल छाए रहे और ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया। अब भी सामान्य से 46% कम बारिश मौसम विभाग के अनुसार, 30 जून तक बिहार में 87.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य औसत 163.3 मिमी होनी चाहिए थी। यानी अब तक राज्य में सामान्य से 46 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि पिछले 24 घंटों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं, खासकर उत्तर और उत्तर-पूर्वी बिहार में। विभाग के अनुसार 2 जुलाई को पटना, नालंदा, गया, जहानाबाद, नवादा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, औरंगाबाद और कैमूर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
रांची। झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। झमाझम बारिश होते ही पुरे राज्य के लोगो को उमस और गर्मी से राहत मिली है। बता दे मौसम विभाग के अनुसार 1 जुलाई को रांची की अधिकतम और सबसे कम तापमान 28 डिग्री और 21 डिग्री सेल्सियस का अनुमान है। मानसून सक्रिय होते ही राज्य के कुछ हिस्से में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश 67.4 मिमी मेदिनीनगर में दर्ज हुई। रांची के अलावा इन राज्यों में होगी बारिश इसके अलावा रांची में 20 मिमी और चाईबासा में 14 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विज्ञानं केंद्र के अनुसार आज और 2 जुलाई को देवघर समेत दुमका , गोड्डा, जामतारा, पाकुड़, साहिबगंज, बोकारो ,धनबाद और अन्य जगहों में भारी बारिश होने की संभावना है। रांची का पारा 5.5 डिग्री गिरा बारिश होने से झारखंड के लगभग सभी जिलों में मंगलवार को अधिकतम तापमान में कमी आई है। झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार की तुलना में मंगलवार को 5.5 डिग्री सेल्सियस की कमी आ गई है। रांची का अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री हो गया है। वहीं मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार मौसम विभाग के अनुसार, तीन से पांच तक मेघ गर्जन और वज्रपात हो सकते हैं, जबकि बारिश की कमी रह सकती है। छह जुलाई से राज्य के कई इलाकों में फिर से भारी बारिश हो सकती है। 30 जून तक पूरे झारखंड में कितनी % बारिश हुई मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, एक जून से 30 जून तक पूरे झारखंड में 54% कम बारिश हुई है, जबकि रांची में 26% कम बारिश हुई है। रांची में इस दौरान सामान्य तौर पर 197.6 मिमी बारिश होती है, लेकिन अब तक यहां 146.9 मिमी बारिश ही हुई है। सबसे खराब स्थिति दुमका की है। यहां शून्य बारिश हुई है।
पटना, एजेंसियां। बिहार में जुलाई की शुरुआत मानसून की जोरदार बारिश के साथ होने जा रही है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने 1 से 3 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात की आशंका जताते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। 1 जुलाई को उत्तर और पश्चिम बिहार में सबसे ज्यादा असर मौसम विभाग के अनुसार, 1 जुलाई को उत्तर और पश्चिम बिहार में मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहेगा। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं पटना समेत राज्य के कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है। 2 जुलाई को भी जारी रहेगा बारिश का दौर 2 जुलाई को पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम बिहार के कई जिलों, जिनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद शामिल हैं, के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात की आशंका जताई गई है। अन्य जिलों में येलो अलर्ट के तहत हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। 3 जुलाई को दक्षिण और मध्य बिहार में बढ़ेगा असर 3 जुलाई को मानसून का प्रभाव दक्षिण और मध्य बिहार की ओर शिफ्ट होगा। इस दौरान पटना, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय और बेगूसराय में भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, कोशी और सीमांचल क्षेत्र के कई जिलों, जैसे पूर्णिया, अररिया, कटिहार, किशनगंज, सुपौल, सहरसा और मधेपुरा में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होने लगा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाएं और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि आकाशीय बिजली की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। तापमान में आएगी गिरावट, गर्मी से मिलेगी राहत भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगले पांच दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे उमस और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। रविवार को देवघर जिले के सिकटिया में सबसे अधिक 54.0 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कोलेबिरा में 40.2 मिमी, पपुनकी में 30.8 मिमी, नोआमुंडी में 23.6 मिमी, राजधनवार में 23.2 मिमी और पालकोट में 14.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। राजधानी रांची में भी कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। वहीं, डालटनगंज राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रांची का अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। वज्रपात ने ली पांच लोगों की जान बारिश के बीच आकाशीय बिजली का कहर भी जारी है। शनिवार और रविवार को राज्य के अलग-अलग जिलों में वज्रपात से पांच लोगों की मौत हो गई। लोहरदगा के कैरो थाना क्षेत्र के सदाबे डुमरटोली गांव में वज्रपात की चपेट में आने से ढाई वर्षीय अंकिता उरांव की मौत हो गई। गढ़वा जिले के रंका प्रखंड के दुधवल गांव में शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से 18 वर्षीय शहबाज अंसारी और 12 वर्षीय फैजुन खातून की जान चली गई। वहीं पश्चिमी सिंहभूम के मझगांव और सरायकेला-खरसावां क्षेत्र में भी वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में एक युवक और एक महिला की मौत हो गई। अगले पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार 2 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। 29 जून: पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और वज्रपात की संभावना। 30 जून: राज्य के कई हिस्सों में वज्रपात और तेज हवा चल सकती है। कोडरमा, गिरिडीह और धनबाद सहित उत्तर-पूर्वी झारखंड के कुछ इलाकों में भारी बारिश के आसार। 1 जुलाई: पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रांची, बोकारो, खूंटी, रामगढ़ और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा वज्रपात के समय सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की सलाह दी है।
रांची। झारखंड में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 20 जिलों में अगले 48 घंटे तक भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में तेज बारिश, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में भारी बारिश की आशंका मौसम विभाग के अनुसार रांची, जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम), बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, रामगढ़, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, चतरा और कोडरमा सहित कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की भी आशंका जताई गई है। वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी आईएमडी ने लोगों को बारिश के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी है। किसानों को भी मौसम सामान्य होने तक खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रशासन अलर्ट मोड पर राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग को संभावित जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने को कहा गया है। नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। लोगों से सावधानी बरतने की अपील मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थान पर रहने और मौसम से जुड़ी आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान देने की अपील की है।
दिसपुर, एजेंसियां। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों के लिए अगले कुछ दिनों का मौसम पूर्वानुमान जारी करते हुए पूर्वोत्तर भारत और उत्तर बंगाल के कई इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। विभाग के अनुसार 27 से 29 जून के बीच असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में तेज बारिश की संभावना है। लगातार वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है। उत्तर भारत में जल्द मिलेगी गर्मी से राहत आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से अगले सप्ताह उत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून के सक्रिय होने के साथ ही भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। हालांकि दिल्ली-एनसीआर में मानसून के जुलाई के पहले सप्ताह तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। तब तक प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी। पश्चिम और दक्षिण भारत में भी बदलेगा मौसम मौसम विभाग ने कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और उत्तरी कर्नाटक में भी गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान लगाया है। उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जैसे पहाड़ी जिलों में भूस्खलन तथा मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। वहीं 27 जून को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और ओडिशा के कुछ हिस्सों में लू चलने की भी संभावना है। मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी आईएमडी ने समुद्री क्षेत्रों में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को मन्नार की खाड़ी, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और लक्षद्वीप के आसपास समुद्र में न जाने की सलाह दी है। विभाग ने लोगों से मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
रांची। झारखंड में मानसून की गतिविधियां लगातार जारी हैं, लेकिन राज्य के सभी जिलों में बारिश समान रूप से नहीं हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से अब तक सबसे कम वर्षा गढ़वा जिले में दर्ज की गई है। वहीं बुधवार को रांची, गुमला, जमशेदपुर, जामताड़ा और चाईबासा समेत कई इलाकों में तेज हवा के साथ झमाझम बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। जामताड़ा में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत बुधवार देर रात जामताड़ा जिले के बिंदापाथर थाना क्षेत्र स्थित चरकादाहा गांव में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। मृतकों की पहचान विनय सोरेन (50) और विश्वकर्मा टुडू (17) के रूप में हुई है। सभी एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। अचानक तेज बारिश शुरू होने पर वे एक मिट्टी के घर की ओट में खड़े हो गए, तभी घर पर बिजली गिर गई और यह हादसा हो गया। घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। कई जिलों में यलो अलर्ट, तीन जिलों में हीट वेव की चेतावनी मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए राज्य के कई जिलों में गरज, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। दूसरी ओर गढ़वा, पलामू और चतरा जिलों में हीट वेव की स्थिति बने रहने की चेतावनी दी गई है। गढ़वा में सामान्य से 98 मिमी कम बारिश बारिश के आंकड़ों के अनुसार, गढ़वा में अब तक केवल 1.7 मिमी वर्षा दर्ज हुई है, जो सामान्य से 98 मिमी कम है। साहिबगंज में 3.2 मिमी और चतरा में 6.8 मिमी बारिश हुई है। वहीं दुमका में 124.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य के करीब है। पिछले 24 घंटों में सर्वाधिक 71.4 मिमी बारिश गुमला के रायडीह में रिकॉर्ड की गई। राज्य का सबसे अधिक तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस डाल्टेनगंज और सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस लातेहार में दर्ज किया गया।
नई दिल्ली, एजेंसियां। मानसून का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन अपने साथ कई तरह की बीमारियां भी लेकर आता है। बारिश के दौरान पानी जमा होने, नमी बढ़ने और दूषित भोजन एवं पानी के कारण संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को बरसात के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। आइए जानते हैं कि बरसात में कौन-कौन सी बीमारियां सबसे ज्यादा होती हैं और उनसे कैसे बचा जा सकता है। 1. डेंगू लक्षण तेज बुखार सिरदर्द आंखों के पीछे दर्द शरीर और जोड़ों में तेज दर्द त्वचा पर लाल चकत्ते बचाव घर के आसपास पानी जमा न होने दें। मच्छरदानी और मच्छर भगाने वाली क्रीम का उपयोग करें। पूरे बाजू के कपड़े पहनें। 2. मलेरिया लक्षण तेज बुखार ठंड लगना कंपकंपी पसीना आना कमजोरी बचाव साफ-सफाई रखें। मच्छरों से बचाव करें। पानी जमा न होने दें। 3. चिकनगुनिया लक्षण तेज बुखार जोड़ों में असहनीय दर्द सिरदर्द शरीर पर दाने बचाव मच्छरों से बचें। घर और आसपास सफाई रखें। 4. वायरल फीवर लक्षण बुखार गले में दर्द खांसी सिरदर्द कमजोरी बचाव भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलें। पर्याप्त आराम करें। गर्म पानी पिएं। 5. टाइफाइड लक्षण लगातार बुखार पेट दर्द भूख कम लगना कमजोरी बचाव केवल साफ और उबला हुआ पानी पिएं। बाहर का दूषित भोजन खाने से बचें। हाथ धोने की आदत रखें। 6. हैजा लक्षण बार-बार दस्त उल्टी शरीर में पानी की कमी कमजोरी बचाव स्वच्छ पानी पिएं। साफ-सुथरा भोजन करें। ORS का उपयोग करें और समय पर डॉक्टर से मिलें। 7. फूड पॉइजनिंग लक्षण उल्टी दस्त पेट दर्द बुखार बचाव बासी भोजन न खाएं। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें। फल और सब्जियां अच्छी तरह धोकर खाएं। 8. त्वचा संक्रमण लक्षण खुजली लाल चकत्ते फंगल इंफेक्शन दाद बचाव शरीर को सूखा रखें। भीगे कपड़े तुरंत बदलें। साफ कपड़े पहनें। 9. आंखों का संक्रमण लक्षण आंख लाल होना पानी आना जलन खुजली बचाव आंखों को बार-बार न छुएं। साफ तौलिया इस्तेमाल करें। संक्रमित व्यक्ति की चीजें साझा न करें। 10. सर्दी-खांसी और फ्लू लक्षण नाक बहना खांसी गले में दर्द हल्का बुखार बचाव बारिश में भीगने से बचें। गर्म पेय पदार्थ लें। हाथों की सफाई का ध्यान रखें। बरसात में स्वस्थ रहने के 10 जरूरी टिप्स केवल साफ और उबला हुआ पानी पिएं। बाहर का कटा हुआ फल और स्ट्रीट फूड कम खाएं। बारिश में भीगने के बाद तुरंत नहाकर सूखे कपड़े पहनें। घर के आसपास पानी जमा न होने दें। मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं। ताजा और गर्म भोजन करें। हाथों को साबुन से बार-बार धोएं। पर्याप्त नींद लें और नियमित व्यायाम करें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। बुखार, लगातार दस्त, सांस लेने में तकलीफ या अन्य गंभीर लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए? छोटे बच्चे गर्भवती महिलाएं बुजुर्ग मधुमेह (डायबिटीज) के मरीज हृदय रोगी कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोग
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।