Aaj Ka Panchang

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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 23 मई 2026, शनिवार l

दिनांक - 23 मई 2026 दिन - शनिवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - अधिक ज्येष्ठ पक्ष - शुक्ल तिथि - अष्टमी 24 मई प्रातः 04:27 तक तत्पश्चात नवमी नक्षत्र - मघा 24 मई रात्रि 02:09 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी योग - ध्रुव सुबह 06:14 तक तत्पश्चात व्याघात राहुकाल - सुबह 09:17 से सुबह 10:56 तक सूर्योदय - 06:19 सूर्यास्त -  05:11 दिशाशूल - पूर्व दिशा मे व्रत पर्व विवरण-  विशेष - *अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है (ब्रह्मवैवर्त पुराण ब्रह्म खण्ड: 27,29,34)

Anjali Kumari मई 23, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 22 मई 2026, शुक्रवार l

दिनांक - 22 मई 2026 दिन - शुक्रवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - अधिक ज्येष्ठ पक्ष - शुक्ल तिथि - षष्ठी सुबह 06:24 तक तत्पश्चात सप्तमी नक्षत्र - अश्लेशा 23 मई रात्रि 02:08 तक तत्पश्चात मघा योग - वृद्धि सुबह 08:19 तक तत्पश्चात ध्रुव राहुकाल - सुबह 10:56 से दोपहर 12:35 तक सूर्योदय - 05:59 सूर्यास्त -  07:11 दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे व्रत पर्व विवरण- सप्तमी क्षय तिथि विशेष - *षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

Anjali Kumari मई 22, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 21 मई 2026, गुरूवार l

दिनांक - 21 मई 2026 दिन - गुरूवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - अधिक ज्येष्ठ पक्ष - शुक्ल तिथि - पंचमी सुबह 08:26 तक तत्पश्चात षष्ठी नक्षत्र - पुष्य 22 मई रात्रि 02:49 तक तत्पश्चात अश्लेशा योग - गण्ड सुबह 10:58 तक तत्पश्चात वृद्धि राहुकाल - दोपहर 02:15 से शाम 03:54 तक सूर्योदय - 05:19 सूर्यास्त -  06:20 दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे व्रत पर्व विवरण- गुरुपुष्यामृत योग (सूर्योदय से मध्यरात्रि 02:49 तक)* विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 20 मई 2026, बुधवार l

दिनांक - 20 मई 2026 दिन - बुधवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - अधिक ज्येष्ठ* पक्ष - शुक्ल तिथि - चतुर्थी सुबह 11:06 तक तत्पश्चात पंचमी नक्षत्र - आर्द्रा सुबह 06:11 तक तत्पश्चात पुनर्वसु योग - शूल दोपहर 02:10 तक तत्पश्चात गण्ड राहुकाल - दोपहर 12:35 से दोपहर 02:14 तक सूर्योदय - 05:16 सूर्यास्त -  06:20 दिशाशूल - उत्तर दिशा मे व्रत पर्व विवरण- विनायक चतुर्थी विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

Anjali Kumari मई 20, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 19 मई 2026, मंगलवार l

दिनांक - 19 मई 2026 दिन - मंगलवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण  ऋतु - ग्रीष्म ॠतु  मास - अधिक ज्येष्ठ पक्ष - शुक्ल  तिथि - तृतीया दोपहर 02:18 तक तत्पश्चात चतुर्थी नक्षत्र - मृगशिरा सुबह 08:41 तक तत्पश्चात आर्द्रा योग - धृति शाम 05:49 तक तत्पश्चात शूल राहुकाल - शाम 03:53 से शाम 05:32 तक* सूर्योदय - 05:20 सूर्यास्त -  06:20 दिशाशूल - उत्तर दिशा मे व्रत पर्व विवरण- मंगलवारी चतुर्थी (दोपहर 02:18 से 20 मई सूर्योदय तक विशेष - तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34

Anjali Kumari मई 19, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 15 मई 2026, शुक्रवार l

दिनांक - 15 मई 2026 दिन - शुक्रवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - ज्येष्ठ पक्ष - कृष्ण तिथि - त्रयोदशी सुबह 08:31 तक तत्पश्चात चतुर्दशी नक्षत्र - अश्विनी रात्रि 08:14 तक तत्पश्चात भरणी योग - आयुष्मान दोपहर 02:21 तक तत्पश्चात सौभाग्य राहुकाल - सुबह 10:57 से दोपहर 12:35 तक सूर्योदय - 05:22 सूर्यास्त -  06:28 दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे व्रत पर्व विवरण- मासिक शिवरात्रि,विष्णुपदी-वृषभ संक्रांति (पुण्यकाल: सूर्योदय से सुबह 06:28 तक,चतुर्दशी क्षय तिथि विशेष - त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

Anjali Kumari मई 15, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l  14 मई 2026, गुरूवार l

दिनांक - 14 मई 2026 दिन - गुरूवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण  ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - ज्येष्ठ पक्ष - कृष्ण तिथि - द्वादशी सुबह 11:20 तक तत्पश्चात त्रयोदशी नक्षत्र - रेवती रात्रि 10:34 तक तत्पश्चात अश्विनी योग - प्रीति शाम 05:53 तक तत्पश्चात आयुष्मान राहुकाल - दोपहर 02:14 से शाम 03:52  सूर्योदय - 05:22 सूर्यास्त -  06:17 दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे व्रत पर्व विवरण- प्रदोष व्रत,पंचक (समाप्त - रात्रि 10:34) विशेष -  द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

Anjali Kumari मई 14, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 13 मई 2026, बुधवार l

दिनांक - 13 मई 2026 दिन - बुधवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - ज्येष्ठ पक्ष - कृष्ण  तिथि - एकादशी दोपहर 01:29 तक तत्पश्चात द्वादशी नक्षत्र - उत्तरभाद्रपद रात्रि 12:17 तक तत्पश्चात रेवती योग - विष्कंभ रात्रि 08:55 तक तत्पश्चात प्रीति राहुकाल - दोपहर 12:35 से दोपहर 02:14 तक सूर्योदय - 05:22 सूर्यास्त -  06:27 दिशाशूल - उत्तर दिशा मे व्रत पर्व विवरण- अपरा-जलक्रीडा-भद्राकाली एकादशी विशेष -  *हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l    राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*

Anjali Kumari मई 13, 2026 0
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Vedic Alamanc: l वैदिक पंचांग l 12 मई 2026, मंगलवार l

दिनांक - 12 मई 2026 दिन - मंगलवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - ज्येष्ठ पक्ष - कृष्ण तिथि - दशमी दोपहर 02:52 तक तत्पश्चात एकादशी* नक्षत्र - पूर्वभाद्रपद 13 मई  रात्रि 01:17 तक तत्पश्चात उत्तरभाद्रपद योग - वैधृति रात्रि 11:20 तक तत्पश्चात विष्कंभ राहुकाल - शाम 03:52 से शाम 05:30 तक सूर्योदय - 05:23 सूर्यास्त -  06:17 दिशाशूल - उत्तर दिशा मे व्रत पर्व विवरण-  विशेष -  17 मई से अक्षय पुण्य कमाने का बन रहा है महायोग भूलकर भी न चूके इस दुर्लभ संयोग को संपूर्ण जानकारी

Anjali Kumari मई 12, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 11 मई 2026, सोमवार l

दिनांक - 11 मई 2026 दिन - सोमवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - ज्येष्ठ पक्ष - कृष्ण तिथि - नवमी शाम 03:24 तक तत्पश्चात दशमी नक्षत्र - शतभिषा 12 मई  रात्रि 01:28 तक तत्पश्चात पूर्वभाद्रपद योग - इन्द्र 12 मई रात्रि 01:04 तक तत्पश्चात वैधृति राहुकाल - सुबह 07:41 से सुबह 09:19 तक सूर्योदय - 05:23 सूर्यास्त -  06:26 दिशाशूल - पूर्व दिशा मे व्रत पर्व विवरण- विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

Anjali Kumari मई 11, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 09 मई 2026, शनिवार l

दिनांक - 09 मई 2026 दिन - शनिवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - ज्येष्ठ पक्ष - कृष्ण तिथि - सप्तमी दोपहर 02:02 तक तत्पश्चात अष्टमी नक्षत्र - श्रवण रात्रि 11:24 तक तत्पश्चात धनिष्ठा योग - शुक्ल 10 मई रात्रि 02:36 तक तत्पश्चात ब्रह्म राहुकाल - सुबह 09:19 से सुबह 10:57 तक सूर्योदय - 05:24 सूर्यास्त -  06:20 दिशाशूल - पूर्व दिशा मे व्रत पर्व विवरण-  विशेष - सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

Anjali Kumari मई 9, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 08 मई 2026, शुक्रवार l

दिनांक - 08 मई 2026 दिन - शुक्रवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु  मास - ज्येष्ठ पक्ष - कृष्ण तिथि - षष्ठी दोपहर 12:21 तक तत्पश्चात सप्तमी नक्षत्र - उत्तराषाढा रात्रि 09:20 तक तत्पश्चात श्रवण योग - शुभ 09 मई रात्रि 02:30 तक तत्पश्चात शुक्ल राहुकाल - सुबह 10:58 से दोपहर 12:35 तक सूर्योदय - 05:25 सूर्यास्त -  06:20 दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे व्रत पर्व विवरण-  विशेष - *षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

Anjali Kumari मई 8, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 07 मई 2026, गुरूवार l

दिनांक - 07 मई 2026 दिन - गुरूवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - ज्येष्ठ पक्ष - कृष्ण तिथि - पंचमी सुबह 10:13 तक तत्पश्चात षष्ठी नक्षत्र - पूर्वाषाढा शाम 06:46 तक तत्पश्चात उत्तराषाढा योग - साध्य 08 मई रात्रि 02:00 तक तत्पश्चात शुभ राहुकाल - दोपहर 02:13 से शाम 03:51 तक सूर्योदय - 05:25 सूर्यास्त -  06:20 दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे व्रत पर्व विवरण-  विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

Anjali Kumari मई 7, 2026 0
Hindu Panchang calendar with Rahu Kaal and auspicious timings for May 6 2026
आज का पंचांग 6 मई 2026: जानें राहुकाल, शुभ मुहूर्त और दिनभर का समय

आज 6 मई 2026, बुधवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ मास, कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और शुभ-अशुभ मुहूर्त दिनभर के कार्यों के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे रहे हैं। आज का पंचांग (06 मई 2026) तिथि: ज्येष्ठ कृष्ण पंचमी संवत: 2083 शक संवत: 1948 हिजरी: 1447-48 सूर्योदय: सुबह 05:09 बजे सूर्यास्त: शाम 06:22 बजे नक्षत्र: मूल के बाद पूर्वाषाढ़ा योग: सिद्ध करण: तैतुल ग्रहों की स्थिति सूर्य – मेष राशि चंद्रमा – धनु राशि मंगल – मीन राशि बुध – मेष राशि गुरु (बृहस्पति) – मिथुन राशि शुक्र – वृषभ राशि शनि – मीन राशि राहु – कुंभ राशि केतु – सिंह राशि आज का चौघड़िया (पटना) लाभ: 05:10 AM – 06:49 AM अमृत: 06:49 AM – 08:28 AM काल: 08:28 AM – 10:07 AM शुभ: 10:07 AM – 11:46 AM रोग: 11:46 AM – 01:25 PM उद्वेग: 01:25 PM – 03:05 PM चर: 03:05 PM – 04:44 PM लाभ: 04:44 PM – 06:23 PM आज के शुभ मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त: 03:43 AM – 04:26 AM अभिजीत मुहूर्त: आज नहीं है विजय मुहूर्त: 01:58 PM – 02:51 PM आज के अशुभ समय राहुकाल: 11:46 AM – 01:25 PM यमगण्ड: 06:49 AM – 08:28 AM गुलिक काल: 10:07 AM – 11:46 AM दिशाशूल उत्तर दिशा (इस दिशा में यात्रा से बचें) आज का उपाय आज भगवान गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें और लड्डू का भोग लगाएं। इससे विघ्नों का नाश होता है और शुभ फल की प्राप्ति होती है। आज का दिन सामान्य से शुभ रहने वाला है, लेकिन राहुकाल और अशुभ समय का ध्यान रखते हुए ही महत्वपूर्ण कार्य करें। सही मुहूर्त में किए गए कार्य सफलता की संभावना बढ़ाते हैं।

surbhi मई 6, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 06 मई 2026, बुधवार l

दिनांक - 06 मई 2026 दिन - बुधवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - ज्येष्ठ पक्ष - कृष्ण तिथि - चतुर्थी सुबह 07:51 तक तत्पश्चात पंचमी नक्षत्र - मूल शाम 03:54 तक तत्पश्चात पूर्वाषाढा योग - सिद्ध 07 मई रात्रि 01:12 तक तत्पश्चात साध्य राहुकाल - दोपहर 12:35 से दोपहर 02:13 तक सूर्योदय - 05:26 सूर्यास्त -  06:20 दिशाशूल - उत्तर दिशा मे व्रत पर्व विवरण-  विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

Anjali Kumari मई 6, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 05 मई 2026, मंगलवार l

दिनांक - 05 मई 2026 दिन - मंगलवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - ज्येष्ठ पक्ष - कृष्ण तिथि - चतुर्थी पूर्ण रात्रि तक नक्षत्र - ज्येष्ठा दोपहर 12:55 तक तत्पश्चात मूल योग - शिव रात्रि 12:17 तक तत्पश्चात सिद्ध राहुकाल - शाम 03:50 से शाम 05:28 तक सूर्योदय - 06:06 सूर्यास्त -  07:04 दिशाशूल - उत्तर दिशा मे व्रत पर्व विवरण- संकष्ट चतुर्थी (चंद्रोदय : (रात्रि 10:20),अंगारकी मंगलवारी चतुर्थी,(सूर्योदय से 06 मई सूर्योदय तक),चतुर्थी वृद्धि तिथि*  विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

Anjali Kumari मई 5, 2026 0
Students checking NEET counselling process on laptop with documents and college choice list
NEET काउंसलिंग का पूरा खेल समझिए: सही रणनीति से ही मिलेगी मनचाही सीट

NEET परीक्षा पास करना मेडिकल करियर की दिशा में एक बड़ा कदम जरूर है, लेकिन असली चुनौती इसके बाद शुरू होती है–काउंसलिंग प्रक्रिया। हर साल हजारों छात्र अच्छे अंक लाने के बावजूद सिर्फ गलत निर्णय या अधूरी जानकारी के कारण अपनी पसंदीदा MBBS या BDS सीट से चूक जाते हैं। ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी है कि काउंसलिंग का हर चरण कितना महत्वपूर्ण है और इसे रणनीतिक तरीके से कैसे पूरा किया जाए। काउंसलिंग क्या है और क्यों है इतनी अहम? NEET काउंसलिंग वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से उम्मीदवारों को उनकी रैंक, कैटेगरी, सीट उपलब्धता और भरी गई पसंद (choice filling) के आधार पर मेडिकल कॉलेज आवंटित किए जाते हैं। यह प्रक्रिया दो स्तरों पर आयोजित होती है– All India Quota (AIQ): कुल सीटों का 15 प्रतिशत State Quota: कुल सीटों का 85 प्रतिशत दोनों ही स्तरों पर भाग लेना छात्रों के लिए फायदेमंद होता है, क्योंकि इससे विकल्प बढ़ते हैं। रजिस्ट्रेशन से लेकर चॉइस फिलिंग तक–हर स्टेप मायने रखता है काउंसलिंग की शुरुआत रजिस्ट्रेशन से होती है, जहां उम्मीदवार को अपनी बेसिक जानकारी भरनी होती है। इसके बाद आता है सबसे महत्वपूर्ण चरण–चॉइस फिलिंग। यहीं पर सबसे ज्यादा गलतियां होती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, छात्रों को निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए: अधिक से अधिक कॉलेज विकल्प भरें केवल टॉप कॉलेज पर निर्भर न रहें, बैकअप जरूर रखें अपनी रैंक के अनुसार यथार्थवादी विकल्प चुनें एक छोटी सी गलती यहां आपकी सीट छीन सकती है। सीट अलॉटमेंट: कैसे होता है फैसला? सीट आवंटन पूरी तरह कंप्यूटर आधारित होता है, जो आपकी रैंक, कैटेगरी और चॉइस के आधार पर तय होता है। सीट मिलने के बाद आपके पास तीन विकल्प होते हैं: Accept and Freeze: सीट को फाइनल करना Float: बेहतर कॉलेज के लिए अगले राउंड का इंतजार Slide: उसी कॉलेज में बेहतर कोर्स के लिए इंतजार सही विकल्प चुनना आपकी आगे की दिशा तय करता है। इन गलतियों से बचना बेहद जरूरी कई छात्र कुछ आम गलतियां करते हैं, जिनसे उनका नुकसान हो सकता है: सिर्फ एक काउंसलिंग में भाग लेना कम चॉइस भरना डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में देरी समयसीमा (deadline) को नजरअंदाज करना इनसे बचना ही सफलता की कुंजी है। डॉक्यूमेंट्स पहले से रखें तैयार काउंसलिंग के दौरान किसी भी देरी से बचने के लिए जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें: NEET स्कोरकार्ड एडमिट कार्ड 10वीं और 12वीं की मार्कशीट कैटेगरी सर्टिफिकेट (यदि लागू हो) पासपोर्ट साइज फोटो

surbhi मई 4, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 04 मई 2026, सोमवार l

दिनांक - 04 मई 2026 दिन - सोमवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - ज्येष्ठ पक्ष - कृष्ण तिथि - तृतीया 05 मई  प्रातः 05:24 तक तत्पश्चात चतुर्थी नक्षत्र - अनुराधा सुबह 09:58 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा योग  परिघ रात्रि 11:20 तक तत्पश्चात शिव राहुकाल - सुबह 07:44 से सुबह 09:21 तक सूर्योदय - 05:30 सूर्यास्त -  06:23 दिशाशूल - पूर्व दिशा मे व्रत पर्व विवरण-  विशेष - तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

Anjali Kumari मई 4, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 02 मई 2026, शनिवार l

दिनांक - 02 मई 2026 दिन - शनिवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - ज्येष्ठ पक्ष - कृष्ण तिथि - प्रतिपदा रात्रि 12:49 तक तत्पश्चात द्वितीया नक्षत्र - विशाखा पूर्ण रात्रि तक योग - व्यतीपात रात्रि 09:45 तक तत्पश्चात वरीयान राहुकाल - सुबह 09:22 से सुबह 10:59 तक सूर्योदय - 05:18 सूर्यास्त -  06:20 दिशाशूल - पूर्व दिशा मे व्रत पर्व विवरण- विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

Anjali Kumari मई 2, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 01 मई 2026, शुक्रवार l

दिनांक - 01 मई 2026 दिन - शुक्रवार विक्रम संवत 208 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - वैशाख पक्ष - शुक्ल तिथि - पूर्णिमा रात्रि 10:52 तक तत्पश्चात प्रतिपदा नक्षत्र - स्वाती 02 मई प्रातः 04:35 तक तत्पश्चात विशाखा योग - सिद्धि रात्रि 09:13 तक तत्पश्चात व्यतीपात राहुकाल - सुबह 10:59 से दोपहर 12:36 तक सूर्योदय - 05:19 सूर्यास्त -  06:20 दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे व्रत पर्व विवरण- व्रत पूर्णिमा,वैशाखी पूर्णिमा,बुद्ध पूर्णिमा,वैशाख स्नान समाप्त,व्यतीपात योग,(रात्रि 09:13 से 02 मई रात्रि 09:45 तक)* विशेष - पूर्णिमा एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

Anjali Kumari मई 1, 2026 0
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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 29 अप्रैल 2026, बुधवार l

दिनांक - 29 अप्रैल 2026 दिन - बुधवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - ग्रीष्म ॠतु मास - वैशाख पक्ष - शुक्ल तिथि - त्रयोदशी शाम 07:51 तक तत्पश्चात चतुर्दशी नक्षत्र - हस्त रात्रि 12:16 तक तत्पश्चात चित्रा योग - हर्षण रात्रि 08:52 तक तत्पश्चात वज्र राहुकाल - दोपहर 12:36 से दोपहर 02:13 तक सूर्योदय - 05:31 सूर्यास्त -  06:21 दिशाशूल - उत्तर दिशा मे व्रत पर्व विवरण- विशेष - त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

Anjali Kumari अप्रैल 29, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Anjali Kumari मई 16, 2026 0