मेष राशि : चू, चे, चो, ल, ली, लू, ले, लो,अ।आपकी ऊँची बौद्धिक क्षमताएँ आपको कमियों से लड़ने में सहायता करेंगी। सिर्फ़ सकारात्मक विचारों के ज़रिए इन समस्याओं से निजात पायी जा सकती है। माता-पिता की मदद से आप आर्थिक तंगी से बाहर निकलने में क़ामयाब रहेंगे। आपमें से कुछ गहने या घरेलू सामान ख़रीद सकते हैं। अपने प्रिय की नाराज़गी के बावजूद अपना प्यार ज़ाहिर करते रहें। दफ़्तर में आपके दुश्मन भी आज आपके दोस्त बन जाएंगे - आपके सिर्फ़ एक छोटे-से अच्छे काम की बदौलत। घर पर मिले किसी पुराने सामान को देखकर आज आप खुश हो सकते हैं और सारा दिन उस सामान को साफ करने में बिता सकते हैं। जीवनसाथी का आत्मकेन्द्रित व्यवहार आपको नागवार गुज़रेग उपाय :- घर पर पीले पुष्प लगाकर उनकी देखभाल करने से लव लाइफ अच्छी रहेगी। वृषभ राशि : इ, उ, ए, ओ, ब, बी ,बू, बे ,बो।दोस्त से मिली ख़ास तारीफ़ ख़ुशी का ज़रिया बनेगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि आपने अपनी ज़िंदगी को पेड़ की तरह बना लिया है, जो ख़ुद तपती धूप में खड़ा होकर और उसे सहकर भी राहगीरों को छांव देता है। जो व्यापारी अपने कारोबार के सिलसिले में घर से बाहर जा रहे हैं वो अपने धन को आज बहुत संभालकर रखें। धन चोरी होने की संभावना है। अपनी पत्नी/पति के साथ पिकनिक पर जाने का बेहतरीन दिन है। यह न केवल आपका मन हल्का करेगा, बल्कि आप दोनों के बीच मतभेद दूर करने में भी मदद करेगा। यात्रा के चलते रुमानी संबंध को बढ़ावा मिलेगा। अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल पेशेवर मामलों को सहजता से सुलझाने में करें। किसी वजह से आज आपके ऑफिस में जल्दी छुट्टी हो सकती है इसका आप फायदा उठाएंगे और अपने परिवार के लोगों के साथ कहीं घूमने जाएंगे। आज से पहले शादीशुदा ज़िन्दगी इतनी अच्छी कभी नहीं रही। उपाय :- गणेश जी की पूजा करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। मिथुन राशि : का,की , कु, घ, ङ ,छ, के, को, ह।दिन फ़ायदेमन्द साबित होगा और आप किसी पुरानी बीमारी में काफ़ी आराम महसूस करेंगे। आपको कई स्रोतों से आर्थिक लाभ होगा। आपको परिवार के सदस्यों और दोस्तों के साथ बिताने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। लवमेट आज आपसे किसी चीज की डिमांड कर सकता है लेकिन आप उसे पूरा नहीं कर पाएंगे जिसकी वजह से आपका लवमेट आपसे नाराज हो सकता है। अगर आप कई दिनों से कामकाज में दिक़्क़त महसूस कर रहे हैं, तो आज के दिन आपको राहत महसूस हो सकती है। आज सोच-समझकर क़दम बढ़ाने की ज़रूरत है- जहाँ दिल की बजाय दिमाग़ का ज़्यादा इस्तेमाल करना चाहिए। अपने साथी पर किया गया संदेह एक बड़ी लड़ाई का रूप ले सकता है। उपाय :- पिता अथवा गुरु के सुबह उठते ही पाँव छुए व सेवा करें। पारिवारिक जीवन सुख-शांतिमय रहेगा। कर्क राशि : ही, हू, हे, हो, डा, डी ,डू, डे,डो।घरेलू परेशानियाँ आपको तनाव दे सकती हैं। आज का दिन ऐसी चीज़ों को ख़रीदने के लिए बढ़िया है, जिनकी क़ीमत आगे चलकर बढ़ सकती है। दूसरों को प्रभावित करने की आपकी क्षमता आपको कई सकारात्मक चीज़ें दिलाएगी। आज आपका प्रिय आपके साथ में समय बिताने और तोहफ़े की उम्मीद कर सकता है। आपको महसूस होगा कि आपके परिवार का सहयोग ही कार्यक्षेत्र में आपके अच्छे प्रदर्शन के लिए ज़िम्मेदार है। आज धार्मिक कामों में आप अपना खाली समय बिताने का विचार बना सकते हैं। इस दौरान बेवजह की बहसों में आपको नहीं पड़ना चाहिए। जीवन साथी से पूर्णरूपेण सहयोग न मिलने के कारण आप निराश हो सकते हैं। उपाय :- गेहूँ और गुड़ गाय को खिलाने से सेहत बढ़िया रहेगी। सिंह राशि : मा, मी, मू, में, म़ो, ट, टी, टू, टे।अपनी शारीरिक चुस्ती-फुर्ती को बनाए रखने के लिए आप आज का दिन खेलने में व्यतीत कर सकते हैं। तंग आर्थिक हालात के चलते कोई अहम काम बीच में अटक सकता है। कुछ दिनों से आपका व्यक्तिगत जीवन ही आपके ध्यान का केंद्र रहा है। लेकिन आज आप सामाजिक कार्यों पर ज़्यादा ध्यान देंगे और ज़रूरतमंदों की मदद करने की कोशिश करेंगे। अपने प्रिय की छोटी-मोटी भूल को अनदेखा करें। आज कार्यक्षेत्र में अचानक आपके काम की छानबीन हो सकती है। ऐसे में अगर आपने कोई गलती की होगी तो आपको इसका भुगतान करना पड़ सकता है। इस राशि के कारोबारी आज अपने कारोबार को नई दिशा देने के बारे में विचार कर सकते हैं। आपको याद रखने की ज़रूरत है कि भगवान उसी की मदद करता है, जो ख़ुद अपनी मदद करता है। आपको महसूस होगा कि आपका जीवनसाथी इससे बेहतर पहले कभी नहीं हुआ। उपाय :- घर में सरकंडे या तीलियों की चिक खिड़की-दरवाजे पर लगाना आर्थिक स्थिति के लिए शुभ है। कन्या राशि : टो,पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, प़ो।अपनी सेहत के बारे में ज़रूरत से ज़्यादा चिंता न करें। निश्चिंतता बीमारी की सबसे बड़ी दवा है। आपका सही रवैया ग़लत रवैये को हराने में क़ामयाब रहेगा। जीवन की गाड़ी को अच्छे से चलाना चाहते हैं तो आज आपको पैसे की आवाजाही पर विशेष ध्यान देना होगा। तल्ख़ बर्ताव के बावजूद आपको जीवन-साथी का सहयोग मिलेगा। आपका साहस आपको प्यार दिलाने में सफल रहेगा। ऐसा लगता है कि कुछ समय के लिए आप नितांत एकाकी है। सहकर्मी/सहयोगी मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं, लेकिन वे ज़्यादा सहायता नहीं कर पाएंगे। इस राशि के छात्र-छात्राएं आज अपने कीमती समय का दुरुपयोग कर सकते हैं। आप मोबाइल या टीवी पर आवश्यकता से अधिक समय जाया कर सकते हैं। आज का दिन उन्माद में घिर जाने का है; क्योंकि आप अपने जीवनसाथी के साथ प्रेम के चरम का अनुभव करेंगे। उपाय :- स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए खाना खाते समय तांबे या सोने (अगर संभव हो तो) के चम्मच का ही प्रयोग करें। तुला राशि : रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते।सेहत से जुड़े कार्यक्रमों को फिर से शुरू करने के लिए अच्छा दिन है। ख़र्चों में हुई अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी आपके मन की शांति को भंग करेगी। सबको अपनी महफ़िल में दावत दें। क्योंकि आपके पास आज अतिरिक्त ऊर्जा है, जो आपको किसी पार्टी या कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए प्रेरित करेगी। सारी दुनिया की मदहोशी उन ख़ुशनसीबों के बीच सिमट जाती है, जो प्यार में हों। जी हाँ, आप वही ख़ुशनसीब हैं। नए विचार फ़ायदेमंद साबित होंगे। आज आप सारे रिश्तों और रिश्तेदारों से दूर होकर अपना दिन किसी ऐसी जगह पर बिताना पसंद करेंगे जहां जाकर आपको शांति प्राप्त होती है। आज के दिन आपका वैवाहिक जीवन एक विशिष्ट दौर से गुज़रेगा। उपाय :- अपने घर में अपने इष्टदेव की चाँदी की मूर्ति स्थापित करके उनकी नियमित पूजा करने से धन वृद्धि होगी। वृश्चिक राशि : तो,न, नी, नू, ने, नो, या, यी , यु।मज़बूती और निडरता का गुण आपकी मानसिक क्षमताओं में इज़ाफ़ा करेगा। किसी भी तरह के हालात को क़ाबू में रखने के लिए इस रफ़्तार को बरक़रार रखिए। आज आप आसानी से पैसे इकट्ठा कर सकते हैं- लोगों को दिए पुराने कर्ज़ वापिस मिल सकते हैं- या फिर किसी नयी परियोजना पर लगाने के लिए धन अर्जित कर सकते हैं। कोई चिट्ठी या ई-मेल पूरे परिवार के लिए अच्छी ख़बर लाएगी। आज के इस ख़बसूरत दिन प्रेम-संबंध में आपकी सभी शिकायतें ग़ायब हो जाएंगी। आप आप अपने उद्देश्यों की पूर्ति करने में सफल रहेंगे, बशर्ते इसके लिए आप दूसरों से मदद लें तो। किसी वजह से आज आपके ऑफिस में जल्दी छुट्टी हो सकती है इसका आप फायदा उठाएंगे और अपने परिवार के लोगों के साथ कहीं घूमने जाएंगे। जीवनसाथी के साथ यह एक बढ़िया दिन गुज़रने वाला है। उपाय :- काले चने, काले उड़द, काले कपड़े और सरसों के तेल का दान करने से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। धनु राशि : ये,यो, भा, भी,, भू, ध,फ, ढ़, भे।मुश्किल परिस्थितियों का सामना करते वक़्त आपको हिम्मत और मज़बूती दिखाने की ज़रूरत है। सकारात्मक रवैये के माध्यम से आप आसानी से इन बाधाओं को पार कर सकते हैं। जिन लोगों ने किसी अनजान शख्स की सलाह पर कहीं निवेश किया था आज उन्हें उस निवेश से फायदा होने की पूरी संभावना है। रिश्तेदारों और दोस्तों से अचानक उपहार मिलेगा। ज़रा संभल कर, क्योंकि आपका प्रिय रूमानी तौर पर आपको मक्खन लगा सकता है – मैं तुम्हारे बग़ैर इस दुनिया में नहीं रह सकता/सकती। कुछ के लिए पार्ट-टाइम नौकरी अच्छा विकल्प है। घर से बाहर निकलकर आज आप खुली हवाओं में टहलना पसंद करेंगे। आज आपका मन शांत होगा जिसका फायदा आपको पूरे दिन मिलेगा। अपने जीवनसाथी के साथ आप प्यार और रुमानियत से भरे पुराने दिन एक बार फिर जी पाएंगे। उपाय :- हनुमान जी पर सिंदूर का चोला चढ़वाने से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मकर राशि : भो,ज, जी,जू,जे जो, खी,खू, खे, खो, गा, गी।आस-पास के लोगों का सहयोग आपको सुखद अनुभूति देगा। जीवन की गाड़ी को अच्छे से चलाना चाहते हैं तो आज आपको पैसे की आवाजाही पर विशेष ध्यान देना होगा। परिवार के सदस्यों की अच्छी सलाह आज आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगी। आज आप अपने प्रिय से अपने जज़्बात का इज़हार करने में मुश्किल महसूस करेंगे। आपकी क़ामयाबी में महिलाएँ अहम किरदार अदा करेंगी, चाहे आप किसी भी क्षेत्र में क्यों न हों। आज आपको रिश्तों की अहमियत का अंदाज हो सकता है क्योंकि आज के दिन का ज्यादातर समय आप अपने परिवार के लोगों के साथ बिताएंगे। आपके जीवनसाथी की कामकाज को लेकर व्यस्तता आपकी उदासी का कारण बन सकती है। उपाय :- किसी जानवर को अकारण कष्ट न दें और न ही कभी जीव हत्या करें व शाकाहार को अपनाने से प्रेम सम्बन्ध अच्छे रहेंगे। कुम्भ राशि : गू, गे, गो, सा, सि, सू, से, सो, द।कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। हिम्मत न हारें और इच्छित फल पाने के लिए कड़ी मेहनत करें। इन नाकामियों को तरक़्क़ी का आधार बनाएँ। मुश्किल घड़ी में रिश्तेदार भी काम आएंगे। तंग आर्थिक हालात के चलते कोई अहम काम बीच में अटक सकता है। घरेलू काम थका देने वाला होगा और इसलिए मानसिक तनाव की वजह भी बन सकता है। आज आपको अपने प्रिय का एक अलग ही अन्दाज़ देखने को मिल सकता है। रचनात्मक काम में लगे लोगों के लिए सफलता से भरा दिन है, उन्हें वह शौहरत और पहचान मिलेगी जिसकी उन्हें एक अरसे से तलाश थी। आज आप अपने जीवनसाथी को सरप्राइज दे सकते हैं, अपने सारे कामों को छोड़कर आज आप उनके साथ वक्त बिता सकते हैं। मतभेदों की एक लम्बी श्रृंखला के पनपने के कारण आपको सामंजस्य बिठाने कें मुश्किल आएगी। उपाय :- आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए गाय को गुड खिलाएँ। मीन राशि: दी, दु, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची।बच्चों के साथ खेलना बहुत अच्छा और सुकून देने वाला अनुभव रहेगा। आज यार दोस्तों के साथ पार्टी में आप खूब पैसे लुटा सकते हैं लेकिन इसके बावजूद भी आपका आर्थिक पक्ष आज मजबूत रहेगा। प्यार, मेलजोल और आपसी जुड़ाव में इज़ाफा होगा। विवादित मुद्दों को उठाने से बचें, अगर आप आज ‘डेट’ पर जा रहे हैं तो। जो लोग विदेश व्यापार से जुड़े हैं उन्हें आज मनमाफिक फल मिलने की पूरी उम्मीद है। इसके साथ ही नौकरी पेशा से जुड़े इस राशि के जातक आज अपनी प्रतिभा का पूर्ण इस्तेमाल कार्यक्षेत्र में कर सकते हैं। आप जिस प्रतियोगिता में भी क़दम रखेंगे, आपका प्रतिस्पर्धी स्वभाव आपको जीत दिलाने में सहयोग देगा। जीवनसाथी का बिगड़ता स्वास्थ्य आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। उपाय :- किचन में बैठकर खाना खाने से प्रेम सम्बन्ध मजबूत होंगे। कृपया ध्यान दें यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए IDTV इंद्रधनुष उत्तरदायी नहीं हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।