Bollywood Movies

Aamir Khan and Rachel Shelley reunite at Lagaan 25th anniversary celebration in London Indian Film Festival.
25 साल बाद फिर साथ दिखे आमिर खान और रेचल शेली, 'लगान' की सिल्वर जुबली सेलिब्रेशन ने ताजा की पुरानी यादें

नई दिल्ली: बॉलीवुड की ऐतिहासिक फिल्मों में गिनी जाने वाली 'लगान' ने अपनी रिलीज के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस खास अवसर पर लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल में फिल्म की सिल्वर जुबली मनाई गई, जहां अभिनेता आमिर खान और फिल्म में एलिजाबेथ रसेल का किरदार निभाने वाली ब्रिटिश अभिनेत्री रेचल शेली एक बार फिर साथ नजर आए। दोनों की मुलाकात की तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रशंसकों के बीच पुरानी यादें ताजा हो गईं। लंदन में हुआ खास पुनर्मिलन रेचल शेली ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर कार्यक्रम की कई तस्वीरें साझा कीं। तस्वीरों में वह आमिर खान के साथ रेड कार्पेट पर पोज देती और गर्मजोशी से मुलाकात करती दिखाई दीं। इस मौके पर आमिर खान नीले रंग की टी-शर्ट और जींस में नजर आए, जबकि रेचल शेली ने सफेद रंग की ड्रेस पहनी थी। तस्वीरें साझा करते हुए उन्होंने 'लगान' के 25 साल पूरे होने की खुशी जाहिर की और कार्यक्रम के आयोजकों का आभार भी व्यक्त किया। फैंस ने सोशल मीडिया पर जताई खुशी आमिर खान और रेचल शेली की मुलाकात ने फिल्म प्रेमियों को भावुक कर दिया। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे यादगार पल बताया। कई प्रशंसकों ने लिखा कि दोनों कलाकारों को एक साथ देखकर बचपन की यादें ताजा हो गईं। कुछ लोगों ने इच्छा जताई कि दोनों कलाकार भविष्य में किसी भारतीय फिल्म में फिर साथ काम करें। वहीं कई यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में फिल्म के किरदारों का जिक्र करते हुए दिलचस्प प्रतिक्रियाएं भी दीं। पहले भी साझा किया था खास संदेश इस वर्ष भारत में 'लगान' की री-रिलीज के दौरान भी रेचल शेली ने एक वीडियो साझा कर फिल्म से जुड़ी अपनी भावनाएं व्यक्त की थीं। उन्होंने कहा था कि फिल्म बनाना कलाकारों और पूरी टीम का काम होता है, लेकिन दर्शकों का प्यार ही किसी फिल्म को हमेशा जीवित रखता है। उन्होंने यह भी बताया कि 'लगान' उनके करियर का बेहद अहम हिस्सा रही है और इस फिल्म से जुड़ी यादें आज भी उनके साथ हैं। भारतीय सिनेमा की यादगार फिल्मों में शामिल है 'लगान' निर्देशक आशुतोष गोवारिकर के निर्देशन में बनी 'लगान' वर्ष 2001 में रिलीज हुई थी। ब्रिटिश शासनकाल की पृष्ठभूमि पर आधारित इस फिल्म में एक गांव की कहानी दिखाई गई थी, जहां ग्रामीण अंग्रेज अधिकारियों को क्रिकेट मैच की चुनौती देकर भारी कर (लगान) से राहत पाने की कोशिश करते हैं। फिल्म में आमिर खान, ग्रेसी सिंह, रेचल शेली समेत कई कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाईं। ए.आर. रहमान का संगीत, दमदार कहानी और शानदार अभिनय इसकी सबसे बड़ी खूबियां रहीं। ऑस्कर तक पहुंची थी फिल्म 'लगान' ने भारत ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई। फिल्म को एकेडमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर) में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी के लिए नामांकन मिला था। आज भी इसे भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली फिल्मों में गिना जाता है।  

surbhi जुलाई 14, 2026 0
July 2026 movie release lineup featuring Alpha, Dhamaal 4, Spider-Man: Brand New Day, The Odyssey, and other major theatrical releases.
जुलाई 2026 मूवी रिलीज: सिनेमाघरों में मनोरंजन का महाधमाका, 'अल्फा' से 'धमाल 4' और 'स्पाइडर-मैन' तक 14 बड़ी फिल्में होंगी रिलीज

जुलाई 2026 का महीना सिनेमाघरों में फिल्म प्रेमियों के लिए बेहद खास रहने वाला है। एक्शन, कॉमेडी, पौराणिक, हॉरर, रोमांस और हॉलीवुड ब्लॉकबस्टर से लेकर एनिमेशन तक, इस महीने दर्शकों को हर जॉनर की फिल्में बड़े पर्दे पर देखने को मिलेंगी। खास बात यह है कि कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय फिल्में भी हिंदी डब संस्करण में रिलीज हो रही हैं। महीने की शुरुआत YRF स्पाई यूनिवर्स की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'अल्फा' और हुमा कुरैशी की क्राइम थ्रिलर 'बेबी डू डाई डू' से होगी। वहीं दूसरे सप्ताह में 'धमाल 4' दर्शकों को हंसी का डोज देगी, जबकि 'महाप्रभु जगन्नाथ' धार्मिक और पौराणिक कथाओं से जुड़ा अनुभव लेकर आएगी। महीने के अंत तक 'द ओडिसी', 'द इंडिया स्टोरी' और 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' जैसी बड़ी फिल्में भी सिनेमाघरों में दस्तक देंगी। जुलाई 2026 में रिलीज होने वाली प्रमुख फिल्में 2 जुलाई मिनियन्स एंड मॉन्स्टर्स (हिंदी डब) – लोकप्रिय मिनियन्स की नई एनिमेटेड एडवेंचर फिल्म। 3 जुलाई अल्फा – आलिया भट्ट और शर्वरी स्टारर YRF स्पाई यूनिवर्स की पहली महिला-केंद्रित एक्शन फिल्म। बेबी डू डाई डू – हुमा कुरैशी की एक्शन क्राइम थ्रिलर। नागबंधम: द सीक्रेट ट्रेजर (हिंदी डब) – पौराणिक और एडवेंचर से भरपूर फिल्म। 10 जुलाई धमाल 4 – अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी और जावेद जाफरी की कॉमेडी फ्रेंचाइजी की वापसी। महाप्रभु जगन्नाथ – भगवान जगन्नाथ पर आधारित एनिमेटेड पौराणिक फिल्म। मोआना (हिंदी डब) – लाइव-एक्शन एडवेंचर फिल्म। ईविल डेड बर्न (हिंदी डब) – हॉरर फिल्मों के शौकीनों के लिए नई पेशकश। 17 जुलाई द ओडिसी (हिंदी डब) – क्रिस्टोफर नोलन की बहुप्रतीक्षित फिल्म, जिसमें मैट डेमन, टॉम हॉलैंड और जेंडया जैसे सितारे नजर आएंगे। 24 जुलाई उत्तर दा पुत्तर – अन्नू कपूर की सामाजिक व्यंग्य और कॉमेडी से भरपूर फिल्म। दुल्हनिया ले आएगी – शादी और रिश्तों पर आधारित कॉमेडी ड्रामा। द इंडिया स्टोरी – काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े की सामाजिक-राजनीतिक थ्रिलर। तेरा यार हूं मैं – रोमांटिक ड्रामा और म्यूजिकल फिल्म। 30 जुलाई स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे (हिंदी डब) – टॉम हॉलैंड स्टारर मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की नई फिल्म, जिसका दुनियाभर में बेसब्री से इंतजार है। किस फिल्म पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर? जुलाई में सबसे अधिक चर्चा 'अल्फा', 'धमाल 4', 'द ओडिसी', 'द इंडिया स्टोरी' और 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' को लेकर है। वहीं धार्मिक और एनिमेशन फिल्मों के दर्शकों के लिए 'महाप्रभु जगन्नाथ' भी खास आकर्षण का केंद्र होगी। कुल मिलाकर, जुलाई 2026 का महीना बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त मुकाबले और दर्शकों के लिए मनोरंजन से भरपूर रहने वाला है।  

surbhi जुलाई 1, 2026 0
Shahid Kapoor, Kriti Sanon and Rashmika Mandanna in a promotional still from Cocktail 2.
Cocktail 2 X Review: रिलीज होते ही छाई शाहिद कपूर की फिल्म, क्रिटिक्स से मिले 4 स्टार, जानिए दर्शकों का रिएक्शन

शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना स्टारर बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘कॉकटेल 2’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म के रिलीज होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दर्शकों के रिएक्शन आने शुरू हो गए हैं। शुरुआती प्रतिक्रियाओं से संकेत मिल रहे हैं कि निर्देशक होमी अदजानिया एक बार फिर रोमांस और इमोशन्स से भरपूर कहानी के जरिए दर्शकों को प्रभावित करने में सफल रहे हैं। सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया फिल्म देखने के बाद कई यूजर्स ने X पर अपनी राय साझा की है। कुछ दर्शकों ने फिल्म की कहानी, संगीत और भावनात्मक पहलुओं की जमकर तारीफ की है, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि फिल्म का विजुअल स्केल शानदार होने के बावजूद इसमें पहले भाग जैसी आत्मा और गहराई की कमी महसूस होती है। एक यूजर ने फिल्म को रिश्तों और कमिटमेंट पर आधारित एक दिल छू लेने वाली कहानी बताया और इसे 4.5 स्टार दिए। वहीं कुछ दर्शकों ने कहा कि फिल्म मनोरंजक है, लेकिन भावनात्मक प्रभाव उतना मजबूत नहीं है जितनी उम्मीद की जा रही थी। तरण आदर्श ने दिए 4 स्टार फिल्म ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने ‘कॉकटेल 2’ की जमकर सराहना की है। उन्होंने फिल्म को 4 स्टार देते हुए इसे "विनर" बताया। उनके अनुसार, फिल्म उम्मीदों से बेहतर साबित हुई है और इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी अनप्रेडिक्टेबल कहानी है। उन्होंने कहा कि फिल्म केवल एक साधारण लव ट्रायंगल नहीं है, बल्कि इसमें कई ऐसे मोड़ हैं जो दर्शकों को लगातार बांधे रखते हैं। शानदार संगीत, खूबसूरत सिनेमैटोग्राफी और मजबूत लेखन फिल्म को खास बनाते हैं। शाहिद कपूर और कृति सेनन की एक्टिंग की हुई तारीफ तरण आदर्श के मुताबिक, शाहिद कपूर पूरी फिल्म में बेहतरीन फॉर्म में दिखाई दिए हैं। चाहे इमोशनल सीन हों या हल्के-फुल्के रोमांटिक पल, उन्होंने हर फ्रेम में प्रभाव छोड़ा है। वहीं कृति सेनन को फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज पैकेज बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि उन्होंने अपने करियर की सबसे दमदार परफॉर्मेंस में से एक दी है। रश्मिका मंदाना ने भी अपने किरदार के साथ न्याय करने की कोशिश की है, लेकिन कहानी में उनके हिस्से में अपेक्षाकृत कम स्क्रीन स्पेस आने की वजह से उनका प्रभाव सीमित नजर आता है। क्या ‘कॉकटेल 2’ देखने लायक है? शुरुआती रिव्यू के आधार पर देखा जाए तो रोमांटिक ड्रामा और म्यूजिक पसंद करने वाले दर्शकों के लिए ‘कॉकटेल 2’ एक अच्छा सिनेमाई अनुभव साबित हो सकती है। हालांकि, अंतिम फैसला दर्शकों की व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करेगा।  

surbhi जून 19, 2026 0
Director Prakash Jha announces Raajneeti 2 inspired by Mahabharata after 2010 political drama success
‘राजनीति 2’ पर काम शुरू, महाभारत से प्रेरित होगी कहानी: प्रकाश झा

  साल 2010 में रिलीज हुई पॉलिटिकल ड्रामा फिल्म Raajneeti की सफलता के बाद अब इसके सीक्वल पर काम शुरू हो गया है। निर्देशक Prakash Jha ने पुष्टि की है कि Raajneeti 2 फिलहाल प्री-प्रोडक्शन चरण में है और इसकी कहानी भी भारतीय महाकाव्य Mahabharata से प्रेरित होगी। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में प्रकाश झा ने बताया कि पहली फिल्म की तरह सीक्वल में भी कई किरदार, घटनाएं और कहानी के कुछ हिस्से भारतीय पौराणिक कथाओं और महाकाव्यों से प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि वह इस प्रोजेक्ट पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं और इसकी कहानी को नए अंदाज में विकसित किया जा रहा है। निर्देशक ने यह भी खुलासा किया कि वह महाभारत के प्रमुख पात्र Draupadi से प्रेरित एक अलग कहानी पर भी काम कर चुके हैं, जिसका नाम ‘पंचाली’ रखा गया था।   2010 में आई थी सुपरहिट फिल्म Raajneeti एक राजनीतिक थ्रिलर थी, जिसमें समकालीन भारतीय राजनीति को महाभारत के किरदारों और घटनाओं के साथ जोड़कर दिखाया गया था। फिल्म में Ranbir Kapoor, Katrina Kaif, Ajay Devgn, Nana Patekar, Arjun Rampal, Manoj Bajpayee और Naseeruddin Shah जैसे बड़े कलाकार नजर आए थे।   रणबीर कपूर के आगामी प्रोजेक्ट वर्कफ्रंट की बात करें तो Ranbir Kapoor जल्द ही निर्देशक Nitesh Tiwari की फिल्म Ramayana में भगवान राम के किरदार में दिखाई देंगे। इस फिल्म में उनके साथ Sai Pallavi और Yash भी अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा रणबीर कपूर निर्देशक Sanjay Leela Bhansali की फिल्म Love & War में Alia Bhatt और Vicky Kaushal के साथ भी नजर आएंगे। करीब डेढ़ दशक बाद ‘राजनीति’ के सीक्वल की घोषणा से फिल्म के प्रशंसकों में उत्साह बढ़ गया है और अब सभी को इसके आधिकारिक कास्ट और शूटिंग शेड्यूल का इंतजार है।  

surbhi मार्च 13, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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इंग्लैंड से सीरीज हार के बाद टीम इंडिया का होगा प्रदर्शन रिव्यू, BCCI करेगा खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का मूल्यांकन

anjali kumari जुलाई 11, 2026 0