बंगाल की खाड़ी में रोहिंग्या शरणार्थियों से जुड़ा एक बड़ा समुद्री हादसा सामने आया है। म्यांमार से बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों की ओर जा रही दो नावों के खराब मौसम में लापता होने के बाद करीब 500 लोगों के डूबने की आशंका जताई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) और संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) के संयुक्त बयान के अनुसार, जून के अंतिम सप्ताह में दोनों नावें म्यांमार से रवाना हुई थीं। इनमें कुल 500 से अधिक लोग सवार थे, जिनका अब तक कोई पता नहीं चल सका है। खराब मौसम बना हादसे की वजह संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के मुताबिक, एक नाव पर लगभग 250 लोग सवार थे, जिससे समुद्र में अचानक संपर्क टूट गया। वहीं दूसरी नाव, जिसमें करीब 280 लोग सवार थे, 8 जुलाई को म्यांमार के अयायारवाड़ी तट के पास तेज लहरों और खराब मौसम के बीच डूब गई। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सभी यात्रियों की स्थिति स्पष्ट नहीं है और राहत व जांच की प्रक्रिया जारी है। 12 लाख से अधिक रोहिंग्या रह रहे हैं शिविरों में संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, वर्तमान में करीब 12 लाख रोहिंग्या शरणार्थी बांग्लादेश के राहत शिविरों में रह रहे हैं। सीमित संसाधनों और कठिन जीवन परिस्थितियों के कारण कई लोग बेहतर भविष्य की उम्मीद में समुद्री रास्तों से दूसरे देशों की ओर जाने का जोखिम उठाते हैं। खतरनाक समुद्री सफर बना मजबूरी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का कहना है कि सुरक्षित और स्थायी समाधान नहीं मिलने के कारण रोहिंग्या शरणार्थी लगातार समुद्र के खतरनाक मार्गों का सहारा ले रहे हैं। खराब मौसम और मानव तस्करी के नेटवर्क के चलते ऐसे सफर अक्सर जानलेवा साबित होते हैं। जांच जारी, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार आईओएम और यूएनएचसीआर ने इस संभावित समुद्री त्रासदी पर गहरी चिंता जताते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अब तक मृतकों की आधिकारिक संख्या की पुष्टि नहीं की गई है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी ऐसे ही समुद्री हादसों में 900 से अधिक रोहिंग्या शरणार्थियों की मौत हो गई थी या वे लापता हो गए थे।
मुंबई, एजेंसियां। क्रिस्टोफर नोलन की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'द ओडिसी' 17 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और रिलीज के साथ ही इसे दर्शकों और समीक्षकों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। अब इस फिल्म की तारीफ करने वालों की सूची में हॉलीवुड सुपरस्टार टॉम क्रूज का नाम भी जुड़ गया है। अपनी दमदार एक्शन फिल्मों और खतरनाक स्टंट्स के लिए मशहूर अभिनेता ने फिल्म देखने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी खुलकर सराहना की। टॉम क्रूज ने आईमैक्स 70mm थिएटर के बाहर फिल्म की टिकट हाथ में लिए अपनी तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "वाह! क्रिस, एमा और आपकी शानदार कास्ट व क्रू को बहुत-बहुत धन्यवाद। मूवी थिएटर में एक शानदार रात के लिए शुक्रिया। मैं इसे दोबारा देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।" उनके इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर उत्साह और बढ़ा दिया। एक यूजर ने लिखा क्रूज की इस प्रतिक्रिया पर फैंस ने भी दिलचस्प कमेंट किए। एक यूजर ने लिखा, "अगर कोई फिल्म देखकर तुरंत दोबारा थिएटर जाने का मन करे, तो वही सबसे बड़ा रिव्यू होता है।" वहीं दूसरे ने मजाकिया अंदाज में कहा, "जब सचमुच चट्टानों से कूदने वाला इंसान किसी फिल्म की सिफारिश करे, तो बिना सोचे टिकट बुक कर लेनी चाहिए।" कई लोगों ने इसे नोलन की फिल्म के लिए सबसे बड़ी रिकमेंडेशन बताया। लिखित और निर्देशित 'द ओडिसी' क्रिस्टोफर नोलन द्वारा लिखित और निर्देशित 'द ओडिसी' होमर की प्रसिद्ध ग्रीक महाकाव्य कविता पर आधारित एक एपिक फैंटेसी-एक्शन फिल्म है। फिल्म में मैट डेमन ओडिसियस, टॉम हॉलैंड टेलीमैकस, ऐनी हैथवे पेनेलोप और रॉबर्ट पैटिनसन एंटिनस की भूमिका में नजर आए हैं। कहानी ट्रोजन युद्ध के बाद ओडिसियस की दस वर्षों तक चली संघर्षपूर्ण घर वापसी की यात्रा और उनके पारिवारिक व भावनात्मक रिश्तों को दिखाती है। 'ओपेनहाइमर' के बाद नोलन की यह पहली फिल्म है, जिसे भारत में बिना किसी कट के 'A' सर्टिफिकेट के साथ रिलीज किया गया है।
मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता और मार्शल आर्ट्स एक्सपर्ट विद्युत जामवाल की लोकप्रियता अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तेजी से बढ़ रही है। फिटनेस, एक्शन और अपने स्टंट खुद करने के लिए मशहूर विद्युत के फैंस की सूची में अब हॉलीवुड सुपरस्टार जेसन मोमोआ का नाम भी जुड़ गया है। हॉलीवुड फिल्म 'स्ट्रीट फाइटर' में विद्युत जामवाल के साथ काम कर रहे जेसन मोमोआ ने अभिनेता की जमकर तारीफ की और उन्हें दुनिया के सबसे खूबसूरत और प्रतिभाशाली लोगों में से एक बताया। जेसन मोमोआ ने की खुलकर तारीफ एक इंटरव्यू में जेसन मोमोआ ने विद्युत जामवाल के व्यक्तित्व, करिश्मे और मार्शल आर्ट्स में उनकी महारत की प्रशंसा करते हुए कहा, "वह सबसे खूबसूरत इंसानों में से एक हैं। वह बेहद टैलेंटेड और अविश्वसनीय हैं।" मोमोआ ने यह भी माना कि विद्युत का मार्शल आर्ट्स कौशल उन्हें बेहद प्रभावित करता है। मजाक में मांगा बॉलीवुड में काम जेसन मोमोआ ने हंसते हुए कहा कि अब विद्युत जामवाल को उन्हें बॉलीवुड में काम दिलाने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए। उन्होंने कहा, "उन्हें मेरे लिए बॉलीवुड में कुछ इंतजाम करना चाहिए। हमें साथ में कुछ करना चाहिए। मैं एक दिन भारत जरूर आऊंगा और उस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।" 'स्ट्रीट फाइटर' से हॉलीवुड डेब्यू करेंगे विद्युत विद्युत जामवाल हॉलीवुड फिल्म 'स्ट्रीट फाइटर' के जरिए अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में कदम रखने जा रहे हैं। यह फिल्म अक्टूबर 2026 में रिलीज होने वाली है। फिल्म में विद्युत योग गुरु धल्सिम (Dhalsim) का किरदार निभाते नजर आएंगे। इस फिल्म में जेसन मोमोआ के अलावा: नोआ सेंटिनियो एंड्रयू कोजी कलिना लियांग कोडी रोड्स ऑरविल पेक ओलिवियर रिच्टर्स हिरोकी गोटो रेना वल्लैंडिंघम अलेक्जेंडर वोल्कानोव्स्की जैसे कई कलाकार भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। फिल्म का निर्देशन किताओ सकुराई कर रहे हैं। संस्कृत भाषण और गायत्री मंत्र से भी बटोर चुके हैं सुर्खियां हाल ही में विद्युत जामवाल लोनावला के कैवल्यधाम में आयोजित एक योग कार्यक्रम में धाराप्रवाह संस्कृत भाषण और शंखनाद के कारण चर्चा में आए थे। इससे पहले उन्होंने लास वेगास में आयोजित CinemaCon 2026 में गायत्री मंत्र और अन्य वैदिक मंत्रों का उच्चारण कर भारतीय संस्कृति की झलक दुनिया के सामने पेश की थी, जिसकी सोशल मीडिया पर खूब सराहना हुई। साल 2018 में विद्युत जामवाल को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ मार्शल आर्टिस्ट्स की सूची में भी शामिल किया गया था। यही वजह है कि आज उनकी पहचान सिर्फ बॉलीवुड तक सीमित नहीं रही, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी मजबूत होती जा रही है।
मुंबई: निर्देशक विक्रम भट्ट की हॉरर रोमांटिक ड्रामा फिल्म 'Haunted 3D: Echoes Of The Past' ने बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद से बेहतर शुरुआत की है। फिल्म ने अपने पहले वीकेंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगभग 8.85 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया है। रविवार को फिल्म की कमाई में शनिवार की तुलना में करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली, जो दर्शकों के बीच फिल्म की बढ़ती रुचि का संकेत माना जा रहा है। तीसरे दिन कमाए 3.50 करोड़ रुपये रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म ने रविवार को लगभग 3.50 करोड़ रुपये का कारोबार किया। इससे पहले: पहले दिन फिल्म ने 2.35 करोड़ रुपये कमाए थे। दूसरे दिन कमाई बढ़कर 3 करोड़ रुपये पहुंच गई। तीसरे दिन फिल्म ने 3.50 करोड़ रुपये का आंकड़ा छू लिया। इस तरह तीन दिनों में फिल्म का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 8.85 करोड़ रुपये हो गया। प्रतिद्वंद्वी फिल्मों से बेहतर प्रदर्शन दिलचस्प बात यह रही कि फिल्म से बहुत बड़ी ओपनिंग की उम्मीद नहीं की जा रही थी, लेकिन इसके बावजूद इसने अपने साथ रिलीज हुई कई फिल्मों से बेहतर प्रदर्शन किया। अब सभी की नजरें सोमवार के बॉक्स ऑफिस टेस्ट पर टिकी हैं। अगर फिल्म वीकडेज़ में भी अच्छी पकड़ बनाए रखती है, तो यह एक सफल फिल्म साबित हो सकती है। 2011 की 'Haunted 3D' थी हिट विक्रम भट्ट की मूल फिल्म 'Haunted 3D' साल 2011 में रिलीज हुई थी और बॉक्स ऑफिस पर सफल साबित हुई थी। इसके अलावा 'राज़' फ्रेंचाइजी जैसी कई कम बजट की हॉरर फिल्मों के जरिए विक्रम भट्ट ने दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में इस तरह की हॉरर फिल्मों का प्रभाव कम होता दिखाई दिया था, लेकिन 'Haunted 3D: Echoes Of The Past' के शुरुआती आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि दर्शकों के बीच इस जॉनर की मांग अभी भी बरकरार है। 'Bhooth Bangla' के बाद बॉक्स ऑफिस को मिली राहत अप्रैल में रिलीज हुई 'Bhooth Bangla' के बाद से बॉक्स ऑफिस पर सुस्ती का माहौल था। ऐसे में 'Haunted 3D: Echoes Of The Past' की अच्छी शुरुआत इंडस्ट्री के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। भारत में 'Haunted 3D: Echoes Of The Past' का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दिन कलेक्शन पहला दिन ₹2.35 करोड़ दूसरा दिन ₹3.00 करोड़ तीसरा दिन ₹3.50 करोड़ (अनुमानित) कुल ₹8.85 करोड़ अब यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म को दर्शकों का सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ कितना फायदा पहुंचाता है।
नई दिल्ली: हॉलीवुड हॉरर थ्रिलर ‘Obsession’ भारतीय बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। निर्देशक करी बार्कर (Curry Barker) की इस फिल्म ने तीसरे वीकेंड में भी अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी और नए रिलीज़ के बावजूद दर्शकों की पहली पसंद बनी रही। फिल्म ने अपने तीसरे रविवार को करीब 6.75 करोड़ रुपये की कमाई की, जिसके साथ तीसरे वीकेंड का कुल कारोबार 17.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। खास बात यह रही कि दूसरे वीकेंड की तुलना में फिल्म की कमाई में केवल लगभग 15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिसे बॉक्स ऑफिस के लिहाज से बेहतरीन माना जा रहा है। 17 दिनों में 76.75 करोड़ रुपये का कारोबार माइकल जॉनस्टन और इंडे नवारेटे अभिनीत इस हॉरर थ्रिलर का कुल भारतीय कलेक्शन अब 76.75 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। फिल्म के तीसरे सप्ताह के अंत तक लगभग 85 करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। यदि मौजूदा रफ्तार बनी रहती है, तो फिल्म अपने चौथे सप्ताह में ही 100 करोड़ रुपये क्लब में शामिल हो सकती है। साल की सबसे बड़ी हॉलीवुड फिल्म बनने की ओर 'Obsession' अब भारत में वर्ष 2026 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हॉलीवुड फिल्म बनने की दौड़ में आगे बढ़ रही है। माना जा रहा है कि यह जल्द ही 'Project Hail Mary' के भारतीय बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को पीछे छोड़ सकती है। भारत में 'Obsession' का दिनवार बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दिन कलेक्शन पहला सप्ताह ₹21.85 करोड़ दूसरा शुक्रवार ₹4.00 करोड़ दूसरा शनिवार ₹7.80 करोड़ दूसरा रविवार ₹8.80 करोड़ दूसरा सोमवार ₹4.25 करोड़ दूसरा मंगलवार ₹4.65 करोड़ दूसरा बुधवार ₹4.00 करोड़ दूसरा गुरुवार ₹3.65 करोड़ तीसरा शुक्रवार ₹4.00 करोड़ तीसरा शनिवार ₹7.00 करोड़ तीसरा रविवार ₹6.75 करोड़ कुल ₹76.75 करोड़ फिल्म की स्थिर कमाई यह संकेत दे रही है कि दर्शकों के बीच हॉरर शैली की फिल्मों के लिए उत्साह लगातार बढ़ रहा है।
हॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित लाइव-एक्शन फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर अपने पहले वीकेंड में 5.50 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन दर्ज किया है। फिल्म ने रविवार को अनुमानित 2.25 करोड़ रुपये की कमाई की, जिससे शुरुआती तीन दिनों का कुल कारोबार 5.50 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। निर्देशक की इस फिल्म को भारत में शुरुआती दिनों में दर्शकों से ठीक-ठाक प्रतिक्रिया मिली है। हालांकि, फिल्म को लेकर दर्शकों की राय मिश्रित रही है, जो इसके लंबे बॉक्स ऑफिस सफर के लिए चुनौती बन सकती है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि फिल्म सप्ताह के कार्यदिवसों में कैसी पकड़ बनाए रखती है। पहले वीकेंड का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन दिन कलेक्शन पहला दिन 1.30 करोड़ रुपये दूसरा दिन 2.00 करोड़ रुपये तीसरा दिन 2.25 करोड़ रुपये (अनुमानित) कुल 5.50 करोड़ रुपये फिल्म ने पहले दिन के मुकाबले दूसरे और तीसरे दिन बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे यह संकेत मिला कि वर्ड-ऑफ-माउथ का कुछ सकारात्मक असर देखने को मिला है। 12 से 15 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है फिल्म मौजूदा ट्रेंड्स को देखते हुए ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिल्म का लाइफटाइम भारतीय बॉक्स ऑफिस कलेक्शन लगभग 12 से 15 करोड़ रुपये के बीच रह सकता है। हालांकि यह आंकड़ा आने वाले दिनों में दर्शकों की प्रतिक्रिया और टिकट बिक्री पर निर्भर करेगा। दमदार स्टारकास्ट बनी आकर्षण का केंद्र फिल्म में मुख्य भूमिका में हैं, जो ही-मैन और प्रिंस एडम का किरदार निभा रहे हैं। वहीं खलनायक स्केलेटर के रूप में नजर आ रहे हैं। इसके अलावा , , और भी अहम भूमिकाओं में दिखाई दे रहे हैं। लोकप्रिय किरदारों और बड़े कलाकारों की मौजूदगी ने फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच खासा उत्साह पैदा किया था।
मुंबई, एजेंसियां। मराठी ऐतिहासिक एक्शन ड्रामा फिल्म ‘राजा शिवाजी’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। रिलीज के चार हफ्ते बाद भी फिल्म की कमाई थमने का नाम नहीं ले रही है। रितेश देशमुख के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने अब एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। फिल्म ने अभिषेक बच्चन की सुपरहिट फिल्म ‘बोल बच्चन’ को पीछे छोड़ते हुए उनके करियर की भारत में पांचवीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म का स्थान हासिल कर लिया है। 27वें दिन भी जारी रही कमाई रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘राजा शिवाजी’ ने रिलीज के 27वें दिन यानी चौथे बुधवार को भारतीय बॉक्स ऑफिस पर लगभग 40 लाख रुपये का कारोबार किया। इससे पहले तीसरे मंगलवार को फिल्म ने 45 लाख रुपये की कमाई की थी। अब तक फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 102.7 करोड़ रुपये पहुंच चुका है, जबकि इसकी ग्रॉस कमाई 121.2 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह फिल्म पहले ही मराठी सिनेमा की पहली 100 करोड़ रुपये कमाने वाली फिल्म बन चुकी है। फिल्म में संजय दत्त, भाग्यश्री, अभिषेक बच्चन, बोमन ईरानी और महेश मांजरेकर जैसे कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाई हैं। अब ‘हाउसफुल 3’ पर नजर ‘राजा शिवाजी’ ने 102 करोड़ रुपये की कमाई के साथ अभिषेक बच्चन की फिल्म ‘बोल बच्चन’ को पीछे छोड़ दिया है, जिसने भारत में 102 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। अब फिल्म का अगला लक्ष्य ‘हाउसफुल 3’ का 107.7 करोड़ रुपये का लाइफटाइम कलेक्शन है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि पांचवें वीकेंड तक फिल्म यह रिकॉर्ड भी तोड़ सकती है। अभिषेक बच्चन की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में ‘धूम 3’, ‘हैप्पी न्यू ईयर’, ‘हाउसफुल 5’ और ‘हाउसफुल 3’ शामिल हैं। अब ‘राजा शिवाजी’ भी इस खास सूची में अपना मजबूत स्थान बना चुकी है।
म्यूजिक आइकन Michael Jackson की जिंदगी पर आधारित बायोपिक Michael बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। रिलीज के सातवें दिन भी फिल्म ने अपनी पकड़ बनाए रखी और दर्शकों का उत्साह कम होता नहीं दिखा। 7वें दिन की कमाई ने बनाए रखी रफ्तार ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, Michael ने सातवें दिन करीब 2.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके साथ ही भारत में फिल्म की कुल कमाई 26 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है। यह आंकड़ा बताता है कि फिल्म को शुरुआत से ही अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है, खासकर Michael Jackson के फैंस में जबरदस्त क्रेज देखने को मिला है। वीकेंड पर मिला जोरदार बूस्ट फिल्म ने पेड प्रीव्यू से ही मजबूत शुरुआत की थी। इसके बाद ओपनिंग डे और पहले वीकेंड में सिनेमाघरों में दर्शकों की अच्छी भीड़ देखने को मिली, जिससे कलेक्शन में तेजी आई। हालांकि वीकडेज में थोड़ी गिरावट आई, लेकिन फिल्म की कमाई स्थिर बनी रही। कड़ी टक्कर के बावजूद मजबूत पकड़ बॉक्स ऑफिस पर Bhoot Bangla और Dhurandhar 2 जैसी फिल्मों से टक्कर मिलने के बावजूद Michael ने अपनी मौजूदगी मजबूती से बनाए रखी है। नई रिलीज फिल्मों का असर सीमित रहा, जिससे इस बायोपिक को फायदा मिला। जाफर जैक्सन की परफॉर्मेंस बनी चर्चा का केंद्र फिल्म में Jaafar Jackson ने अपने चाचा Michael Jackson का किरदार निभाया है। उनकी एक्टिंग और डांस मूव्स की सोशल मीडिया पर खूब सराहना हो रही है। फिल्म में माइकल जैक्सन के संघर्ष, सफलता और म्यूजिक करियर को भव्य तरीके से पेश किया गया है। दूसरे हफ्ते पर टिकी नजरें अब सभी की नजर फिल्म के दूसरे हफ्ते के प्रदर्शन पर है। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि अगर दर्शकों का सपोर्ट इसी तरह जारी रहा, तो फिल्म आने वाले दिनों में और बेहतर कलेक्शन कर सकती है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।