Crime Update

Ranchi Womens College
भारत-नेपाल सीमा से टीएमसी नेता जहांगीर खान गिरफ्तार, जबरन वसूली मामले में STF की बड़ी कार्रवाई

कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता और फलता विधानसभा सीट से पूर्व उम्मीदवार जहांगीर को भारत-नेपाल सीमा के निकट से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, जहांगीर खान पर जबरन वसूली सहित कई गंभीर आरोप हैं और वह लंबे समय से फरार चल रहे थे।   पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी उत्तरी बंगाल के भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से की गई। हालांकि सुरक्षा कारणों से गिरफ्तारी की सटीक जगह और ऑपरेशन से जुड़ी अन्य जानकारियां सार्वजनिक नहीं की गई हैं। बताया जा रहा है कि दक्षिण 24 परगना जिले के फलता थाने में उनके खिलाफ सात अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज हैं।   हाईकोर्ट से राहत खत्म होने के बाद कार्रवाई मामले में महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब Calcutta High Court ने 26 मई को जहांगीर खान को मिली अंतरिम सुरक्षा को रद्द कर दिया। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई तेज हुई और उनकी तलाश के लिए कई स्थानों पर छापेमारी की गई। अंततः एसटीएफ ने उन्हें सीमा क्षेत्र से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।   चुनावी हिंसा को लेकर भी रहे चर्चा में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान फलता सीट पर मतदान के समय हिंसा और नियमों के उल्लंघन के आरोपों के कारण जहांगीर खान सुर्खियों में रहे थे। चुनाव के दौरान उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा तैनात अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से चुनौती दी थी, जिससे मामला काफी चर्चित हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद इस सीट पर दोबारा मतदान भी कराया गया था।   पार्टी ने बनाई दूरी चुनाव से पहले जहांगीर खान ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। हालांकि उस समय यह स्पष्ट नहीं हुआ था कि यह निर्णय पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर लिया गया था या व्यक्तिगत स्तर पर। बाद में All India Trinamool Congress ने स्पष्ट किया था कि यह उनका निजी फैसला था और पार्टी का इससे कोई संबंध नहीं है।   पुलिस अब जहांगीर खान से पूछताछ कर रही है और उनके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Unknown जून 8, 2026 0
Coaching centre security
खान सर की कोचिंग पर हमला के बाद CM सम्राट चौधरी से मांगी सुरक्षा

पटना, एजेंसियां। राजधानी पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित चर्चित शिक्षक Khan Sir के कोचिंग संस्थान के बाहर मंगलवार रात हुई हिंसक घटना के बाद मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है, जबकि खान सर ने मुख्यमंत्री Samrat Choudhary से सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। बुधवार सुबह कोचिंग संस्थान के बाहर बड़ी संख्या में छात्र जमा हो गए और अपने शिक्षक के समर्थन में नारेबाजी की।   नामजद FIR दर्ज, जांच शुरू खान सर ने इस मामले में नामजद एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस घटना के पीछे की वजह और हमलावरों की पहचान करने में जुटी है। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है, जिसमें कुछ लोग कोचिंग संस्थान के बाहर पथराव और तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहे हैं।   गार्ड पर हमला, PMCH में भर्ती हमले में कोचिंग संस्थान का एक सुरक्षा गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गया। खान सर के अनुसार गार्ड को बेरहमी से पीटा गया और उसका सिर फोड़ दिया गया। घायल गार्ड का इलाज पीएमसीएच में चल रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की मदद नहीं मिलती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।   फायरिंग के दावे पर बदला बयान घटना के तुरंत बाद खान सर ने गोलीबारी होने का दावा किया था, लेकिन बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि तनावपूर्ण माहौल के कारण भ्रम की स्थिति बन गई थी। पुलिस ने भी अब तक की जांच में किसी प्रकार की फायरिंग से इनकार किया है।   कम फीस को बताया विवाद की वजह खान सर का आरोप है कि उनकी कम फीस में शिक्षा देने की व्यवस्था कुछ अन्य कोचिंग संचालकों को पसंद नहीं आ रही है। उनका कहना है कि गरीब छात्रों को सस्ती शिक्षा उपलब्ध कराने की कोशिश के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।   छात्रों से की शांति बनाए रखने की अपील बुधवार को बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग के बाहर पहुंचे और प्रदर्शन करने लगे। खान सर ने छात्रों से शांत रहने, सड़क खाली करने और पुलिस को निष्पक्ष जांच का मौका देने की अपील की।   सुरक्षा की मांग और प्रशासन पर भरोसा खान सर ने कहा कि घटना के बाद देर रात तक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने प्रशासन पर भरोसा जताते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन से अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी की है।   CCTV फुटेज बना अहम सबूत घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज में 8 से 10 लोग चेहरे ढके हुए नजर आ रहे हैं। फुटेज में पथराव, पोस्टर फाड़ने और गार्ड के साथ मारपीट की तस्वीरें कैद हुई हैं। पुलिस इन्हीं सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

Unknown जून 3, 2026 0
Palamu Crime
इज्जत के नाम पर कत्ल! पलामू में पिता ने बेटी की ले ली जान

पलामू। झारखंड के पलामू जिले में सामने आए ऑनर किलिंग के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। लेस्लीगंज थाना क्षेत्र में 26 मई को हुई इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। आरोप है कि पिता ने अपनी ही बेटी की टांगी से हमला कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया है।   आपत्तिजनक फोटो बना हत्या की वजह पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी पिता को अपनी बेटी की एक कथित आपत्तिजनक तस्वीर मिली थी। तस्वीर देखने के बाद वह गुस्से में आ गया और आवेश में आकर बेटी पर टांगी से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।   जांच में सामने आई नई कहानी मामले की जांच के दौरान पुलिस को कई अहम जानकारियां मिलीं। जांच में पता चला कि युवती का प्रेमी उससे रिश्ता खत्म करना चाहता था। आरोप है कि इसी उद्देश्य से उसने युवती को जंगल में बुलाया और एक अन्य व्यक्ति के साथ उसकी तस्वीर खिंचवाई। पुलिस के अनुसार, बाद में यह तस्वीर युवती के माता-पिता को भेजी गई। तस्वीर देखने के बाद परिवार में तनाव बढ़ गया और अंततः यह घटना घटित हुई। पुलिस ने इस मामले में युवती के प्रेमी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की है।   प्रेमी पर उकसाने का आरोप लेस्लीगंज थाना प्रभारी उत्तम कुमार राय ने बताया कि जांच में प्रेमी की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। उस पर युवती के पिता को जानबूझकर उकसाने और युवती के खिलाफ दुष्प्रचार करने का आरोप है। इसी आधार पर उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।   पुलिस कर रही है विस्तृत जांच पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या यह पूरी साजिश पूर्व नियोजित थी। फिलहाल मुख्य आरोपी पिता न्यायिक हिरासत में है, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है। यह घटना एक बार फिर समाज में सम्मान के नाम पर होने वाले अपराधों और पारिवारिक हिंसा की गंभीर समस्या को उजागर करती है।

Unknown जून 2, 2026 0
Police Attack
पूर्णिया में पुलिस टीम पर तीर-भाले से हमला, कई घायल

पूर्णिया। पूर्णिया में अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम पर कथित अतिक्रमणकारियों ने अचानक जानलेवा हमला शुरु कर दिया। बताया जा रहा है कि तीर, भाला, लाठी और ईंट-पत्थर से हमले किए गए। हमले में एक पुलिस जवान के गले में तीर घुस गया, जबकि कई लोग घायल हो गये हैं। करीब आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। घटना जिले के चम्पानगर थाना क्षेत्र अंतर्गत केनगर अंचल के मौजा प्रसादपुर की है।    जानकारी के अनुसार, इस इलाके में लगभग 11.28 एकड़ की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई चल रही थी। इस जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज थी। जमीन विक्रमपट्टीन कवैया निवासी सुधीर ऋषि का है। प्रशासनिक आवेश के बाद प्रतिनियुक्त कार्यपालक दंडाधिकारी अभय राज, अंचलाधिकारी दिवाकर कुमार समेत प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी चंद्रदेव प्रसाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। जैसे ही टीम ने जमीन खाली कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की, विरोध कर रहे लोगों का गुस्सा भड़क उठा। देखते ही देखते माहौल हिंसा में तब्दील हो गया। इस दौरान भीड़ ने पुलिस बल पर तीर-धनुष, भाला, लाठी और ईंट-पत्थरों से हमला किया। प्रत्यदर्शियों के मुताबिक, हमले में ग्रामीण पुलिस जवान शंकर पासवान के गले में एक तीर जा लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। साथ ही लगभग आधा दर्जन पुलिस अधिकारी घायल हो गए। आनन-फानन में घायल जवान को तत्काल श्रीनगर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए सदर अस्पताल पूर्णिया रेफर कर दिया।   इस दौरान पुलिस बल ने मोर्चा संभालते हुए उपद्रवियों को खदेड़कर भीड़ को नियंत्रित किया। इसके साथ ही आक्रमणकारियों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत सात को गिरफ्तार किया है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही हमले में शामिले अन्य लोगों की भी पहचान में जुटी हुई है। उक्त इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती करते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

Unknown जून 2, 2026 0
Twisha Sharma case
त्विषा शर्मा केस में बड़ा एक्शन: आरोपी समर्थ सिंह 7 दिन की पुलिस रिमांड पर

भोपाल, एजेंसियां। मध्य प्रदेश की चर्चित त्विषा शर्मा हत्या मामला में भोपाल जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी पति Samarth Singh को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब इस दौरान समर्थ सिंह से मामले के विभिन्न पहलुओं पर गहन पूछताछ करेगी। कोर्ट ने त्विषा शर्मा के परिजनों की मांग पर आरोपी का पासपोर्ट जब्त करने का भी आदेश दिया है, ताकि वह देश छोड़कर फरार न हो सके।   जबलपुर से हिरासत में लिया गया था आरोपी भोपाल पुलिस के अनुसार, समर्थ सिंह को जबलपुर में हिरासत में लिया गया था। बताया गया कि वह जबलपुर कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा था, लेकिन अदालत ने आत्मसमर्पण की अनुमति नहीं दी। इसके बाद भोपाल पुलिस और जबलपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उसे हिरासत में ले लिया गया। भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि आरोपी से दहेज हत्या, घटना वाली रात की परिस्थितियों और परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर पूछताछ की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर जांच में यह सामने आता है कि फरारी के दौरान किसी ने आरोपी की मदद की थी, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।   CCTV फुटेज से बढ़ा सस्पेंस इस बीच त्विषा शर्मा के आखिरी मेकअप का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में वह ससुराल के पास स्थित एक ब्यूटी पार्लर में सामान्य और शांत दिखाई दे रही हैं। पुलिस ने इस फुटेज को जांच के लिए जब्त कर लिया है। इसके अलावा कटारा हिल्स स्थित घर की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जहां से त्विषा का शव बरामद हुआ था।   मेडिकल जांच के बाद कोर्ट में पेशी पुलिस समर्थ सिंह को मीडिया से बचाते हुए पहले मेडिकल जांच के लिए जेपी अस्पताल ले गई। इसके बाद उसे सीधे भोपाल जिला अदालत में पेश किया गया। अदालत परिसर में भी आरोपी को पीछे के गेट से अंदर ले जाया गया।

Unknown मई 23, 2026 0
Paper leak case
बिहार के माफिया झारखंड में करा रहे पेपर लीक, 4 धराये

रांची। बिहार के माफिया झारखंड में पेपर लीक करा रहे हैं। ये तकरीबन हर परीक्षा में पेपर लीक कराने का ठेका लेते है। इनके कारण झारखंड की कई परीक्षाएं विवादों के घेरे में आ चुकी हैं।  अभी हाल ही में पुलिस ने इसे लेकर बड़ा खुलासा किया है। झारखंड पुलिस ने रांची के एक केंद्र पर एसएससी जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान ये खुलासा किया। पुलिस ने कथित तौर पर उच्च तकनीक की मदद से नकल करने के आरोप में 20 वर्षीय एक अभ्यर्थी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। ये सभी बिहार के रहने वाले हैं।  कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में नकल के आरोप में 4 गिरफ्तार पुलिस के अनुसार कंप्यूटर सिस्टम को हैक करने के प्रयास की सूचना मिलने के बाद बीते गुरुवार को टाटिसिलवे थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ऑनलाइन परीक्षा केंद्र पर गिरफ्तारियां की गईं। आरोपियों की पहचान सीवान जिले के अभ्यर्थी मृत्युंजय कुमार यादव (20), नालंदा जिले के पर्यवेक्षक संजीत कुमार (25), केंद्र अधीक्षक विकाश कुमार (29) और आईटी कर्मचारी मुन्ना राज (29) के रूप में की गई है और ये सभी बिहार के रहने वाले हैं। हाईटेक तरीके से की जा रही थी नकल रांची के ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने बताया कि एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने केंद्र का निरीक्षण करते समय पाया कि एक अभ्यर्थी ने परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले कंप्यूटर सिस्टम को फिर से चालू किया था, जो मानक प्रक्रिया का उल्लंघन था। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि सिस्टम तक दूर से पहुंच बनाई जा रही थी। सिस्टम को कर लिया था हैक जांच में पता चला कि केंद्र अधीक्षक और आईटी कर्मचारी ने कथित तौर पर परीक्षा केंद्र से लगभग 50 मीटर दूर एक घर में एक कंप्यूटर सिस्टम लगाया था और इंटरनेट तथा आईपी एक्सेस के माध्यम से सिस्टम को हैक करके प्रश्नों को हल किया जा रहा था। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने खुलासा किया कि बिहार के एक बिचौलिए ने केंद्र संचालक और कर्मचारियों की मदद से अभ्यर्थी के लिए छह लाख रुपये में यह व्यवस्था की थी। 6 से 10 लाख तक की वसूली उन्होंने बताया कि झारखंड में बिचौलिए ने कथित तौर पर अभ्यर्थी के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्रों को जमानत के तौर पर अपने पास रखा था। आरोपी ने यह भी खुलासा किया कि इस तरह की व्यवस्था के लिए छह लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक की रकम वसूली जा रही थी। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस को संदेह है कि ऑनलाइन परीक्षाओं में धांधली कराने में एक संगठित गिरोह शामिल है। उन्होंने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी की जा रही है। फिलहाल टाटिसिलवे थाने में मामला दर्ज कर आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

Unknown मई 23, 2026 0
Jharkhand police transferring Prince Khan’s aides from Dhanbad to Ranchi for airport restaurant firing case investigation
धनबाद एनकाउंटर के बाद बड़ी कार्रवाई: प्रिंस खान के गुर्गे रांची शिफ्ट, एयरपोर्ट रेस्टोरेंट फायरिंग केस में जांच तेज

मुठभेड़ के बाद पुलिस का एक्शन, आरोपियों को रांची लाया गया धनबाद: झारखंड में अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के गुर्गों को धनबाद से रांची शिफ्ट कर दिया गया है। ये सभी आरोपी रांची एयरपोर्ट स्थित एक रेस्टोरेंट में हुई गोलीबारी और हत्या के मामले में शामिल बताए जा रहे हैं। रांची एयरपोर्ट थाना की पुलिस टीम रविवार को धनबाद पहुंची और जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दो आरोपियों को अपने साथ रांची ले गई। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। भागाबांध में हुई थी पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ जानकारी के मुताबिक, 16 मार्च को धनबाद के भागाबांध इलाके में पुलिस और प्रिंस खान गिरोह के गुर्गों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस एनकाउंटर में तीन अपराधी घायल हो गए थे। घायलों में पलामू के चैनपुर निवासी अमन सिंह उर्फ मनीष उर्फ कुबेर और वासेपुर के लाला टोला निवासी अफजल अमन उर्फ बाबर उर्फ राजा खान शामिल हैं। इनके अलावा विक्की डोम भी इस मुठभेड़ में घायल हुआ था। अस्पताल से छुट्टी मिलते ही रांची भेजे गए आरोपी मुठभेड़ के बाद सभी घायलों को इलाज के लिए धनबाद के SNMMCH अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज पूरा होने के बाद जैसे ही उन्हें छुट्टी मिली, रांची पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें अपने कब्जे में ले लिया और रांची शिफ्ट कर दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से रांची में पूछताछ की जाएगी, जिससे मामले के कई अहम खुलासे हो सकते हैं। एक आरोपी पहले ही भेजा जा चुका है जेल इस केस में घायल तीसरे आरोपी विक्की डोम को धनबाद पुलिस पहले ही न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है। वहीं बाकी आरोपियों को अब रांची लाकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। रेस्टोरेंट में फायरिंग और हत्या का गंभीर आरोप पुलिस के मुताबिक, इन आरोपियों पर रांची एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के एक रेस्टोरेंट में फायरिंग करने और एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। घटना के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए मुठभेड़ के जरिए इन्हें पकड़ लिया था। अब इस पूरे मामले में पुलिस अन्य फरार अपराधियों की भी तलाश कर रही है। अपराधियों पर सख्ती जारी, पुलिस का अभियान तेज झारखंड पुलिस लगातार संगठित अपराध के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है। इस कार्रवाई को भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपराधियों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।  

surbhi मार्च 23, 2026 0
Seized tanker filled with spirit and confiscated gas cylinders during raid in Dhanbad and Bokaro
धनबाद में नकली शराब गिरोह पर बड़ी कार्रवाई: 24 हजार लीटर स्पिरिट जब्त, नागालैंड नंबर टैंकर पकड़ा गया

गिरिडीह और हजारीबाग में होनी थी सप्लाई, बोकारो में अवैध गैस सिलेंडर भंडारण का भी खुलासा धनबाद: झारखंड के धनबाद में अवैध शराब के कारोबार पर प्रशासन ने बड़ा प्रहार किया है। उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए करीब 24 हजार लीटर कच्चा स्पिरिट से भरे एक टैंकर को जब्त किया है। यह स्पिरिट को नकली शराब बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाना था। नेशनल हाईवे पर पकड़ा गया संदिग्ध टैंकर यह कार्रवाई तोपचांची थाना क्षेत्र के कोटाल अड्डा स्थित नेशनल हाईवे के पास की गई। टीम ने जीओ पेट्रोल पंप के समीप नागालैंड नंबर (NL-01-L-1775) वाले टैंकर को रोककर जांच की, जिसमें भारी मात्रा में कच्चा स्पिरिट बरामद हुआ। गिरिडीह और हजारीबाग में होनी थी सप्लाई पूछताछ के दौरान टैंकर चालक ने खुलासा किया कि यह स्पिरिट गिरिडीह और हजारीबाग में सक्रिय अवैध शराब निर्माताओं को पहुंचाई जानी थी। इस जानकारी के बाद विभाग ने तुरंत टैंकर को जब्त कर लिया और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी। चालक गिरफ्तार, भेजा गया जेल उत्पाद विभाग ने आरोपी चालक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस अवैध धंधे से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। बोकारो में अवैध गैस सिलेंडर भंडारण का भंडाफोड़ इधर बोकारो जिले में भी प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। माराफारी थाना क्षेत्र के बांसगोड़ा इलाके में एक दुकान पर छापेमारी कर अवैध रूप से रखे गए गैस सिलेंडरों को जब्त किया गया। यह कार्रवाई जिला आपूर्ति पदाधिकारी शालिनी खलखो के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने की। जांच के दौरान दुकान के अंदर छुपाकर रखे गए 8 भरे हुए एचपी गैस सिलेंडर और 19 खाली इंडेन सिलेंडर बरामद किए गए। अभियान तेज, अवैध कारोबारियों में हड़कंप प्रशासन की इन लगातार कार्रवाइयों से अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि नकली शराब और अवैध गैस भंडारण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।   इस कार्रवाई को झारखंड में अवैध कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस और उत्पाद विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने में जुटे हैं।  

surbhi मार्च 18, 2026 0
Theft in Gumla with valuables
गुमला में बड़ी चोरी: बंद घर को बनाया निशाना, 18 लाख के गहने और नकदी लेकर फरार हुए चोर

गुमला: झारखंड के गुमला शहर के रामनगर इलाके में चोरी की एक बड़ी घटना सामने आई है, जहां अज्ञात चोरों ने एक बंद घर को निशाना बनाकर लाखों की संपत्ति उड़ा ली। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है। दरवाजा तोड़कर घर में घुसे चोर पीड़िता मधुछन्दा सेनगुप्ता, जो एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं, ने बताया कि घटना के समय घर के सभी सदस्य बाहर गए हुए थे। इसी मौके का फायदा उठाकर चोरों ने मुख्य दरवाजा तोड़ दिया और घर के अंदर घुस गए। इसके बाद उन्होंने अलमारी और अन्य जगहों को खंगालते हुए कीमती सामान चोरी कर लिया। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता ने सदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। गहनों से लेकर नकदी तक सब कुछ गायब चोरी किये गए सामानों में सोने के दो नेकलेस, पांच लॉकेट, कंगन, झुमका, बाली, टॉप्स, पांच अंगूठियां और पांच मंगलसूत्र सेट शामिल हैं। इसके अलावा चांदी के चार चैन, पांच जोड़ी पायल, तीन सिंदूरदानी और चांदी का  बिछिया भी चोर ले गए। पीड़िता के अनुसार, इन आभूषणों की कुल कीमत करीब 18 लाख रुपये है। वहीं, चोर लगभग डेढ़ लाख रुपये नकद भी साथ ले गए। किसान विकास पत्र भी चुरा ले गए बदमाश चोरों ने सिर्फ गहनों और नकदी तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि घर में रखे डाकघर के किसान विकास पत्र (KVP) भी अपने साथ ले गए। यह प्रमाणपत्र वर्ष 2018 में ही परिपक्व हो चुका था, जिससे साफ है कि चोरों ने पूरे घर की बारीकी से तलाशी ली। इलाके में दहशत, लोगों ने बढ़ाई सुरक्षा की मांग घटना के बाद रामनगर क्षेत्र के लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हाल के दिनों में चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने पुलिस प्रशासन से गश्त बढ़ाने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। सीसीटीवी फुटेज के सहारे जांच तेज मामले की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही चोरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पीड़िता ने प्रशासन से चोरी किये गए सामान की जल्द बरामदगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।  

surbhi मार्च 18, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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