डिजिटल पेमेंट के बाद अब Google Pay यूजर्स के लिए पैसे मैनेज करना भी आसान बनाने की तैयारी में है। गूगल ने भारत में Gemini AI पर आधारित नया फीचर ‘Ask Google Pay’ चुनिंदा यूजर्स के लिए रोल आउट करना शुरू कर दिया है। इस फीचर के जरिए यूजर्स टेक्स्ट या आवाज के माध्यम से अपने खर्चों का विश्लेषण, बजट और बचत से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे। खास बात यह है कि ‘Ask Google Pay’ डिफॉल्ट रूप से एक्टिव नहीं रहेगा। यूजर्स को इसे खुद इनेबल करना होगा। यानी जिन लोगों को अपने वित्तीय डेटा के आधार पर AI से मदद चाहिए, वे अपनी पसंद के अनुसार इस फीचर को चालू कर सकेंगे। क्या है ‘Ask Google Pay’? ‘Ask Google Pay’ Gemini AI से powered एक नया असिस्टेंट है, जिसे खास तौर पर यूजर्स के वित्तीय सवालों को आसान भाषा में समझाने के लिए तैयार किया गया है। इसके जरिए यूजर्स अपने खर्च करने के पैटर्न को समझ सकते हैं और पैसे को बेहतर तरीके से मैनेज करने के सुझाव हासिल कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर यूजर पूछ सकता है कि पिछले महीने सबसे ज्यादा पैसा कहां खर्च हुआ, पिछले हफ्ते के खर्चों का विश्लेषण किया जाए या खर्च कम करने के लिए कौन से कदम उठाए जा सकते हैं। इसके अलावा फीचर बचत से जुड़े सुझाव, क्रेडिट कार्ड ऑफर्स, SIP और CIBIL स्कोर से संबंधित जानकारी हासिल करने में भी मदद कर सकता है। टेक्स्ट और वॉइस दोनों से पूछ सकेंगे सवाल Google Pay का नया AI फीचर सिर्फ टाइप करके सवाल पूछने तक सीमित नहीं है। यूजर्स टेक्स्ट के साथ वॉइस के जरिए भी सवाल कर सकेंगे। लॉन्च के समय यह फीचर 10 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है। इससे अलग-अलग भाषाओं में डिजिटल पेमेंट और व्यक्तिगत वित्त से जुड़ी जानकारी हासिल करना आसान हो सकता है। यूजर एक सवाल पूछने के बाद उससे जुड़ा अगला सवाल भी कर सकता है। यानी बातचीत को आगे बढ़ाते हुए अपने खर्च और वित्तीय जरूरतों को ज्यादा बेहतर तरीके से समझने की कोशिश की जा सकती है। आपके Google Pay डेटा का होगा इस्तेमाल ‘Ask Google Pay’ को ज्यादा व्यक्तिगत और उपयोगी जवाब देने के लिए यूजर के Google Pay ट्रांजैक्शन, सेव किए गए पेमेंट मेथड, Google Account की जानकारी और CIBIL रिपोर्ट से जुड़े डेटा का इस्तेमाल किया जा सकता है। यही वजह है कि Google ने इसे डिफॉल्ट रूप से ऑन नहीं रखा है। यूजर को पहले Google Pay में ‘Personalisation within Google Pay’ सेटिंग को सक्रिय करना होगा। इसका मतलब है कि फीचर एक्टिव करने से पहले यूजर्स को यह समझना जरूरी है कि AI असिस्टेंट को किस तरह के डेटा तक पहुंच मिल सकती है। चैट हिस्ट्री भी देख सकेंगे Google के मुताबिक, यूजर्स ‘Ask Google Pay’ के साथ हुई चैट हिस्ट्री को 42 दिनों तक देख सकेंगे। साथ ही अगर बाद में यूजर पर्सनलाइजेशन बंद करना चाहता है, तो उसके लिए भी विकल्प उपलब्ध रहेगा। इससे यूजर्स को फीचर के इस्तेमाल पर कुछ हद तक नियंत्रण मिलता है। हालांकि, वित्तीय जानकारी से जुड़े किसी भी AI टूल का इस्तेमाल करते समय डेटा और प्राइवेसी सेटिंग्स को ध्यान से समझना महत्वपूर्ण है। ऐसे एक्टिव करें ‘Ask Google Pay’ फीचर उपलब्ध होने पर इसे इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे: सबसे पहले Google Pay ऐप खोलें। सेटिंग्स में जाएं। ‘Privacy & Security’ सेटिंग खोलें। इसके बाद ‘Data & Personalisation’ सेक्शन में जाएं। ‘Personalisation within Google Pay’ विकल्प को ऑन करें। अब Google Pay की होम स्क्रीन पर ‘Money’ टैब खोलें। ‘Ask a question’ या वित्त से जुड़े सवाल पूछने वाले सेक्शन पर टैप करें। इसके बाद AI असिस्टेंट से टेक्स्ट या वॉइस के जरिए अपना सवाल पूछ सकते हैं। हालांकि, यह सुविधा फिलहाल सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है और चुनिंदा यूजर्स के लिए चरणबद्ध तरीके से रोल आउट की जा रही है। क्या यह फीचर वास्तव में उपयोगी होगा? Google Pay में Gemini का जुड़ना डिजिटल पेमेंट से आगे बढ़कर व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा सकता है। अगर कोई यूजर नियमित रूप से UPI और Google Pay का इस्तेमाल करता है, तो अपने ही ट्रांजैक्शन डेटा के आधार पर खर्चों को समझने की सुविधा उसके लिए उपयोगी हो सकती है। लेकिन वित्तीय मामलों में AI की सलाह को अंतिम निर्णय मानने के बजाय उसे एक सामान्य जानकारी या शुरुआती मार्गदर्शन के तौर पर देखना बेहतर होगा। खासकर निवेश, SIP, क्रेडिट कार्ड या CIBIL से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेने से पहले संबंधित आधिकारिक जानकारी और शर्तों की जांच करना जरूरी है। अब देखना होगा कि Google Pay का ‘Ask Google Pay’ फीचर भारत में यूजर्स के रोजमर्रा के खर्च और बजट मैनेजमेंट को कितना आसान बना पाता है।
नई दिल्ली: देश की प्रमुख डिजिटल भुगतान कंपनी पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के शानदार नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में 79 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी के साथ 220 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) दर्ज किया है। मजबूत भुगतान कारोबार और वित्तीय सेवाओं में तेज वृद्धि के दम पर कंपनी ने अब तक का सबसे अधिक एबिटा (EBITDA) भी हासिल किया। 79% बढ़ा कंपनी का मुनाफा जून तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन कई प्रमुख मोर्चों पर मजबूत रहा। शुद्ध लाभ (Net Profit): 220 करोड़ रुपये सालाना वृद्धि: 79 प्रतिशत कंपनी का कहना है कि यह वृद्धि डिजिटल भुगतान और वित्तीय सेवाओं के कारोबार में लगातार बढ़ती मांग का परिणाम है। आय में भी शानदार बढ़ोतरी जून तिमाही में कंपनी की कुल आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। कुल आय: 2,630 करोड़ रुपये पिछले वर्ष समान तिमाही: 2,159 करोड़ रुपये सालाना वृद्धि: 22 प्रतिशत वहीं, परिचालन से होने वाला राजस्व (Revenue from Operations) बढ़कर 2,448 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 28 प्रतिशत अधिक है। रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा एबिटा पेटीएम ने इस तिमाही में अपने इतिहास का सबसे अधिक एबिटा दर्ज किया। एबिटा (EBITDA): 203 करोड़ रुपये सालाना वृद्धि: 182 प्रतिशत एबिटा मार्जिन: 8 प्रतिशत कंपनी के लिए यह अब तक का सबसे मजबूत परिचालन प्रदर्शन माना जा रहा है। भुगतान कारोबार में लगातार मजबूती डिजिटल भुगतान कारोबार भी तेजी से बढ़ा। मर्चेंट पेमेंट वॉल्यूम (GMV) में वृद्धि: 31 प्रतिशत कुल जीएमवी: 7.1 लाख करोड़ रुपये इसके अलावा— नेट पेमेंट रेवेन्यू: 601 करोड़ रुपये सालाना वृद्धि: 25 प्रतिशत वित्तीय सेवाओं से कमाई में 45% उछाल पेटीएम की वित्तीय सेवाओं का कारोबार भी मजबूत गति से आगे बढ़ा। फाइनेंशियल सर्विसेज से आय: 45 प्रतिशत की सालाना वृद्धि यह कारोबार कंपनी की आय का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है। शेयर बाजार में कैसा रहा प्रदर्शन? मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद सोमवार को शेयर बाजार में कमजोरी के बीच पेटीएम के शेयर में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। बीएसई बंद भाव: ₹1,348 दिन की शुरुआत: ₹1,355 दिन का उच्च स्तर: ₹1,357.15 दिन का निचला स्तर: ₹1,335.10 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर: ₹1,407
जकार्ता: भारत और इंडोनेशिया ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, डिजिटल भुगतान, व्यापार और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति Prabowo Subianto के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2018 में शुरू हुई भारत-इंडोनेशिया की व्यापक रणनीतिक साझेदारी अब नए दौर में प्रवेश कर रही है और दोनों देश रक्षा, अर्थव्यवस्था तथा तकनीक जैसे क्षेत्रों में मिलकर आगे बढ़ेंगे। ब्रह्मोस मिसाइल पर बनी सहमति दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को नई मजबूती देते हुए इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली उपलब्ध कराने पर सहमति बनाई है। हालांकि, मिसाइलों की संख्या और डील से जुड़े अन्य विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इसके अलावा रक्षा उत्पादन, सैन्य आदान-प्रदान, रक्षा उद्योग सहयोग और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भी साझेदारी बढ़ाने पर सहमति बनी है। महत्वपूर्ण खनिज और स्टील सेक्टर में निवेश भारत और इंडोनेशिया ने महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) की आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने के लिए संयुक्त निवेश बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश इस्पात, बिलेट और दुर्लभ स्थायी चुंबकों (रेयर अर्थ मैग्नेट) के निर्माण में सहयोग करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत बनाने के लिए यह साझेदारी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। UPI और इंडोनेशिया की भुगतान प्रणाली होगी आपस में जुड़ी बैठक में भारत के डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म UPI को इंडोनेशिया की भुगतान प्रणाली से जोड़ने पर भी सहमति बनी। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा मिलेगा तथा यात्रियों और कारोबारियों के लिए भुगतान प्रक्रिया आसान होगी। सबांग पोर्ट के संयुक्त विकास पर सहमति भारत और इंडोनेशिया ने रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सबांग पोर्ट के संयुक्त विकास पर भी सहमति जताई। मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित यह बंदरगाह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों के समुद्री सहयोग और रणनीतिक उपस्थिति को और मजबूत करेगा। वैश्विक मुद्दों पर भी हुई चर्चा प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति समेत कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में संवाद और कूटनीति सबसे प्रभावी रास्ता है। उन्होंने फलस्तीन मुद्दे पर भारत की दो-राष्ट्र समाधान की नीति और स्थायी शांति के समर्थन को भी दोहराया। साझेदारी का नया अध्याय बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि भारत और इंडोनेशिया के संबंध अब नए और मजबूत दौर में प्रवेश कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों का सहयोग आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होगा।
विक्टोरिया, एजेंसियां। भारत और सेशेल्स ने डिजिटल भुगतान प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) लागू करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेशेल्स यात्रा के दौरान हुए इस समझौते के बाद दोनों देशों के बीच डिजिटल लेनदेन को नई गति मिलने की उम्मीद है। 2026 के अंत तक शुरू करने का लक्ष्य विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि सेशेल्स में UPI सेवा को वर्ष 2026 के अंत तक परिचालन में लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद भारतीय पर्यटक, कारोबारी और प्रवासी भारतीय UPI के जरिए आसानी से डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा UPI लागू होने से भारत और सेशेल्स के बीच पर्यटन, व्यापार और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। भारतीय पर्यटकों को नकदी या कार्ड पर कम निर्भर रहना पड़ेगा और स्थानीय व्यापारियों को भी तेज एवं सुरक्षित भुगतान प्रणाली का लाभ मिलेगा। डिजिटल सहयोग का नया अध्याय UPI समझौता भारत और सेशेल्स के बीच हुए कई महत्वपूर्ण समझौतों में शामिल है। दोनों देशों ने स्वास्थ्य, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, अंतरिक्ष सहयोग और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।
मुंबई, एजेंसियां। Welcome To The Jungle ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए रिलीज के चौथे दिन दुनियाभर में 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। पहले वीकेंड में शानदार कमाई के बाद सोमवार को फिल्म की रफ्तार कुछ धीमी रही, लेकिन इसके बावजूद फिल्म ने 100 करोड़ क्लब में जगह बना ली है । फिल्म में Akshay Kumar , Sunil Shetty के साथ कई बड़े सितारे नजर आ रहे हैं। कॉमेडी और एक्शन से भरपूर इस मल्टीस्टारर फिल्म को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले वीकेंड में फिल्म की कमाई में फिर उछाल देखने को मिल सकता है।
नई दिल्ली/विक्टोरिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन दिवसीय सेशेल्स यात्रा के दौरान भारत और सेशेल्स ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, अंतरिक्ष, कृषि और शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 19 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों के बीच हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद इन समझौतों की घोषणा की गई। इनका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना और द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देना है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि, बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग, यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली, एक्जिम बैंक के माध्यम से व्यापक ऋण सुविधा, और सेशेल्स के नए राष्ट्रीय अस्पताल की प्रारंभिक तैयारियों से जुड़े समझौतों पर सहमति बनी है। सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा को मिलेगा भारत का सहयोग भारत ने सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। भारत सेशेल्स को एक तेज गश्ती पोत (Fast Patrol Vessel) उपहार में देगा। इसके अलावा सेशेल्स रक्षा बल को 10 यूटिलिटी वाहन और पांच लेजर रेडियल श्रेणी की नौकाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। भारत ने यह भी घोषणा की कि सेशेल्स कोस्ट गार्ड के पोत पीएस जोरोस्टर के पुनर्निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। साथ ही सेशेल्स के लिए उपलब्ध कराए गए डोर्नियर विमान को आधुनिक ग्लास कॉकपिट प्रणाली से अपग्रेड किया जाएगा। विकास परियोजनाओं को भी मिला बढ़ावा भारत ने विकास सहयोग के तहत सेशेल्स को छह एंबुलेंस, 500 मीट्रिक टन चावल और 8,500 मीट्रिक टन सीमेंट भी सौंपा। इसके साथ ही भारत-सेशेल्स राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक स्मारक लोगो जारी किया गया। दोनों देशों ने व्यावसायिक एवं तकनीकी शिक्षा केंद्र की आधारशिला का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन भी किया। सेशेल्स में लागू होगी UPI आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली डिजिटल सहयोग को बढ़ावा देने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड और सेशेल्स के केंद्रीय बैंक के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत सेशेल्स में भारत की यूपीआई (UPI) आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली को लागू किया जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई मजबूती मिलेगी। जन औषधि योजना के तहत मिलेंगी सस्ती भारतीय दवाएं स्वास्थ्य क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड और सेशेल्स के स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच हुए समझौते के तहत जन औषधि योजना के माध्यम से सेशेल्स के लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली और किफायती भारतीय दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा नए राष्ट्रीय अस्पताल की प्रारंभिक तैयारियों को लेकर भी समझौता हुआ है। शिक्षा, कृषि और अंतरिक्ष सहयोग का होगा विस्तार भारत और सेशेल्स ने विदेश सेवा प्रशिक्षण, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा, नाविकों के प्रशिक्षण और प्रमाणन की पारस्परिक मान्यता तथा बाह्य अंतरिक्ष की खोज और उसके शांतिपूर्ण उपयोग से जुड़े कई समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन समझौतों से दोनों देशों के बीच संस्थागत सहयोग और क्षमता निर्माण को नई गति मिलेगी। 50 वर्षों की दोस्ती को मिली नई दिशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर सेशेल्स पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भी शामिल होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इन 19 समझौतों के बाद भारत और सेशेल्स के संबंध केवल विकास सहयोग तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, समुद्री सहयोग और डिजिटल कनेक्टिविटी के नए दौर की शुरुआत भी करेंगे।
नई दिल्ली: भारत का डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) अब अफ्रीकी द्वीपीय देश सेशेल्स तक पहुंचने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया सेशेल्स यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच UPI को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के बाद सेशेल्स भी उन देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जहां भारतीय यात्री UPI आधारित डिजिटल भुगतान का लाभ उठा सकेंगे। किन देशों में पहले से उपलब्ध है UPI? सेशेल्स के शामिल होने के बाद भारतीय UPI नेटवर्क का दायरा और बढ़ गया है। इससे पहले भारतीय पर्यटक निम्न देशों में UPI के जरिए मर्चेंट पेमेंट कर सकते हैं— सिंगापुर नेपाल भूटान श्रीलंका मॉरीशस संयुक्त अरब अमीरात कतर फ्रांस कंबोडिया अब इस सूची में सेशेल्स भी शामिल हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि सेशेल्स यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। इनमें UPI लागू करने, जन औषधि सहयोग, जलवायु परिवर्तन, ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी शामिल है। भारतीय यात्रियों को क्या होगा फायदा? इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ भारतीय पर्यटकों और व्यवसायियों को मिलेगा। मुख्य फायदे: नकद रखने की जरूरत कम होगी। डिजिटल भुगतान पहले से अधिक आसान होगा। भुगतान प्रक्रिया तेज और सुविधाजनक बनेगी। भारत और सेशेल्स के बीच फिनटेक सहयोग मजबूत होगा। सेशेल्स हिंद महासागर का एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जहां हर वर्ष हजारों भारतीय पर्यटक छुट्टियां मनाने पहुंचते हैं। भारतीयों के लिए वीजा-फ्री डेस्टिनेशन भारतीय नागरिकों को सेशेल्स यात्रा के लिए पहले से वीजा लेने की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि, पर्यटन उद्देश्य से पहुंचने वाले यात्रियों को आगमन पर Visitor Permit लेना होता है। सेशेल्स में भारतीय मूल के लोगों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति है। भारत से वहां चावल, दवाइयां, वस्त्र, वाहन, मशीनरी, स्पेयर पार्ट्स और प्लास्टिक उत्पादों का निर्यात किया जाता है। भारत की डिजिटल ताकत को मिल रही वैश्विक पहचान पिछले कुछ वर्षों में UPI दुनिया के सबसे सफल डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म में से एक बनकर उभरा है। अब इसका विस्तार लगातार नए देशों तक हो रहा है, जिससे सीमा पार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलने के साथ भारत की फिनटेक क्षमता को भी वैश्विक पहचान मिल रही है।
विक्टोरिया (सेशेल्स): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सेशेल्स दौरे के दौरान हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा, आर्थिक विकास और रणनीतिक साझेदारी को लेकर बड़ा संदेश दिया। सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने कहा कि हिंद महासागर दोनों देशों का साझा घर है और इसकी सुरक्षा, स्थिरता तथा समृद्धि सुनिश्चित करना भारत और सेशेल्स की साझा जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ऐसे हिंद महासागर की परिकल्पना करता है, जहां समुद्री सुरक्षा के साथ आर्थिक प्रगति, ब्लू इकोनॉमी और क्षेत्रीय सहयोग को भी समान प्राथमिकता मिले। उन्होंने कहा कि यही सोच भारत के 'महासागर (MAHASAGAR) विजन' का आधार है। सेशेल्स के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित हुए पीएम मोदी सेशेल्स सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मानों में शामिल 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' (Guardian of the Blue Horizon) से सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने के बाद पीएम मोदी ने इसे भारत के 1.4 अरब नागरिकों का सम्मान बताते हुए कहा कि वह इसे उन सभी देशों को समर्पित करते हैं जो जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत-सेशेल्स संबंधों के 50 वर्ष पूरे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक अवसर है, क्योंकि सेशेल्स अपनी स्वतंत्रता के 50 वर्ष पूरे कर रहा है और भारत-सेशेल्स के राजनयिक संबंधों की भी स्वर्ण जयंती मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच दशकों में दोनों देशों के रिश्ते भरोसे, साझेदारी और जन-कल्याण पर आधारित मजबूत संबंधों में बदल गए हैं। सदियों से हिंद महासागर ने दोनों देशों के बीच व्यापार, संस्कृति और लोगों के आपसी संबंधों को मजबूत किया है। सेशेल्स में लागू होगा भारत का UPI तकनीकी सहयोग को नई दिशा देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि अब सेशेल्स में भी भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) लागू किया जाएगा। इसके लिए दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी और भुगतान प्रणाली को मजबूत करने से व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। साथ ही पूर्वी अफ्रीका और हिंद महासागर क्षेत्र के साथ संपर्क और सहयोग भी बढ़ेगा। भारत की मदद से बनेगा नया राष्ट्रीय अस्पताल प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी की मौजूदगी में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल बैंकिंग, स्वच्छ ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और अंतरिक्ष सहयोग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। भारत के सहयोग से सेशेल्स में नए राष्ट्रीय अस्पताल के निर्माण की दिशा में भी सहमति बनी है। इसके अलावा तीन सोलर वॉटर पंपिंग सिस्टम का उद्घाटन किया गया, जिससे स्वच्छ ऊर्जा और जल प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा। भारत को बताया भरोसेमंद साझेदार सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने भारत को संकट के समय हमेशा साथ खड़े रहने वाला विश्वसनीय मित्र बताया। उन्होंने भारत के सहयोग से बने प्रोफेशनल और टेक्निकल एजुकेशन सेंटर को देश के युवाओं के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे उन्हें विश्वस्तरीय कौशल प्रशिक्षण मिलेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि नई साझेदारियों के माध्यम से विदेश सेवा, स्वास्थ्य, समुद्री सुरक्षा, अंतरिक्ष, कृषि और प्रत्यर्पण जैसे क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत होगा। प्रमुख समझौते सेशेल्स में भारत के UPI सिस्टम को लागू करने पर सहमति। भारत के सहयोग से नए राष्ट्रीय अस्पताल के निर्माण का फैसला। तीन सोलर वॉटर पंपिंग परियोजनाओं का उद्घाटन। समुद्री सुरक्षा और ब्लू इकोनॉमी में सहयोग बढ़ाने पर सहमति। अंतरिक्ष, कृषि, स्वास्थ्य और प्रत्यर्पण संधि सहित कई समझौतों पर हस्ताक्षर। डिजिटल कनेक्टिविटी और आर्थिक साझेदारी को नई गति देने पर जोर। भारत और सेशेल्स के बीच हुए ये समझौते हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग, समुद्री सुरक्षा और सतत विकास को नई दिशा देने वाले महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में प्रीपेड बिजली मीटर व्यवस्था समाप्त होने के बाद अब उपभोक्ताओं को पोस्टपेड सिस्टम के तहत बिजली बिल भेजा जा रहा है। जून 2026 से प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं को भी सामान्य उपभोक्ताओं की तरह मासिक बिजली बिल प्राप्त होगा। हालांकि बिल प्राप्त करने और भुगतान करने की प्रक्रिया में कुछ बदलाव किए गए हैं। यदि आपका प्रीपेड मीटर भी पोस्टपेड सिस्टम में परिवर्तित हो चुका है, तो आप SMS, WhatsApp, UPPCL ऐप या अन्य डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपना बिजली बिल आसानी से चेक और जमा कर सकते हैं। ऐसे चेक करें अपना बिजली बिल 1. SMS के जरिए बिजली बिल देखने का सबसे आसान तरीका SMS है। अपने मोबाइल का मैसेज बॉक्स खोलें। UPPCL या अपने डिस्कॉम (PVVNL, MVVNL, DVVNL, PuVVNL आदि) के नाम से आए संदेश को खोजें। उसी मैसेज में आपका बिल विवरण उपलब्ध होगा। 2. UPPCL ऐप के जरिए अपने मोबाइल में UPPCL ऐप डाउनलोड करें। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करें। होम स्क्रीन पर आपका बिजली बिल दिखाई देगा। यहां से बिल की राशि, देय तिथि और अन्य जानकारी देख सकते हैं। 3. WhatsApp के जरिए अपने संबंधित डिस्कॉम के व्हाट्सएप नंबर पर Hello भेजें। इसके बाद दिखाई देने वाले मेन्यू में बिजली बिल विकल्प चुनकर बिल की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। व्हाट्सएप नंबर: DVVNL : 8010957826 MVVNL : 8010924203 PuVVNL : 8010968292 PVVNL : 7859804803 KESCO : 8287835233 बिजली बिल का भुगतान कैसे करें? UPPCL ऐप से भुगतान UPPCL ऐप खोलें। होम स्क्रीन पर दिखाई दे रहे बिल के नीचे Pay Now पर क्लिक करें। कैप्चा भरकर लॉगिन करें। बिल राशि की पुष्टि करें। Proceed पर क्लिक करें। BillDesk विकल्प चुनें। UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या अन्य भुगतान विकल्प का चयन करें। भुगतान पूरा करें। अन्य ऐप्स से भी कर सकते हैं भुगतान यदि UPPCL ऐप का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं तो— Google Pay PhonePe Paytm BHIM UPI Amazon Pay जैसे प्लेटफॉर्म पर जाकर अपनी कस्टमर आईडी और संबंधित डिस्कॉम चुनकर बिजली बिल का भुगतान कर सकते हैं। भुगतान के बाद इन बातों का रखें ध्यान भुगतान की रसीद अवश्य डाउनलोड या सेव करें। UPPCL ऐप में भुगतान इतिहास (Payment History) देखकर पुरानी रसीदें भी डाउनलोड की जा सकती हैं। किसी भी विवाद की स्थिति में डिजिटल रसीद आपके भुगतान का प्रमाण होगी। उपभोक्ताओं के लिए क्या बदला? पहले प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को बिजली इस्तेमाल करने से पहले रिचार्ज कराना पड़ता था। अब पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ता पहले बिजली का उपयोग करेंगे और बाद में मासिक बिल का भुगतान करेंगे। इससे रिचार्ज की झंझट खत्म हो गई है और भुगतान प्रक्रिया भी पहले से अधिक सरल हो गई है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत में digital payments का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है और अब Unified Payments Interface (UPI) ने एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। मई 2026 में UPI transactions का आकंड़ा पहली बार 23.2 अरब के पार पहुंच गया, जबकि कुल transaction value लगभग 29.9 लाख करोड़ रुपये रही। कितने हुए ट्रांजैक्शन? NPCI के जारी आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में UPI ने 23.2 अरब transactions process किए। अप्रैल 2026 में यह आंकड़ा 22.35 अरब था, यानी एक महीने में लगभग 4% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। Transaction Value भी पहुंची रिकॉर्ड स्तर पर सिर्फ transaction count ही नहीं, बल्कि transaction value भी बढ़ी है। मई में कुल value 29.9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो अप्रैल के मुकाबले लगभग 3% ज्यादा है। Year-on-year basis पर value growth करीब 19% बताई जा रही है। आखिर क्यों बढ़ रहा है UPI का इस्तेमाल? UPI adoption तेजी से बढ़ने के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं: QR code payments का बढ़ता इस्तेमाल छोटे दुकानदारों तक digital payments की पहुंच Online shopping और bill payments में बढ़ोतरी Feature phones और Lite versions का विस्तार Merchant payments में तेज adoption
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।