France

Europe Wildfire Crisis
यूरोप में जंगल की आग के मामलों में तेज बढ़ोतरी, WHO ने जताई चिंता; जलवायु परिवर्तन को बताया बड़ी वजह

ब्रुसेल्स, एजेंसियां। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने यूरोप में लगातार बढ़ रही जंगल की आग की घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई है। संगठन के यूरोप क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार, पिछले चार वर्षों में क्षेत्र में जंगल की आग की घटनाओं में 57% की वृद्धि दर्ज की गई है। इस साल 22 जुलाई तक यूरोप में 1,254 से अधिक बड़े जंगलों में आग लग चुकी है, जिससे करोड़ों टन कार्बन डाइऑक्साइड वातावरण में पहुंची है।   फ्रांस, स्पेन और कई देशों में हालात गंभीर   WHO ने कहा कि इस समय फ्रांस, स्पेन, ग्रीस, पुर्तगाल और जर्मनी समेत कई यूरोपीय देशों में जंगल की आग तेजी से फैल रही है। फ्रांस और स्पेन में आग के कारण ढाई लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा है, जबकि कई इलाकों में आपातकाल जैसी स्थिति बनी हुई है। स्पेन में इस वर्ष जंगल की आग से पहली मौत भी दर्ज की गई है। आग पर काबू पाने के लिए कई देशों ने सेना, हेलीकॉप्टर और फायर फाइटिंग विमानों को तैनात किया है।   स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा गंभीर असर   WHO ने चेतावनी दी कि जंगल की आग केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा बनती जा रही है। आग से निकलने वाला धुआं और सूक्ष्म कण (PM2.5) सांस संबंधी बीमारियों, हृदय रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ाते हैं। संगठन ने सरकारों से आग की रोकथाम, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है।

abhishek singh जुलाई 26, 2026 0
Rodri Golden Ball
FIFA वर्ल्ड कप 2026 अवॉर्ड्स का ऐलान, रॉड्री बने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी; किलियन एम्बाप्पे ने जीता गोल्डन बूट

न्यूयॉर्क, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के समापन के साथ ही टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। स्पेन को विश्व चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले मिडफील्डर रॉड्री को गोल्डन बॉल (सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी) का पुरस्कार मिला, जबकि फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे ने पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल दागकर गोल्डन बूट अपने नाम किया। फाइनल के बाद आयोजित पुरस्कार समारोह में फीफा ने अन्य व्यक्तिगत पुरस्कारों की भी घोषणा की।    रॉड्री ने पूरे टूर्नामेंट में किया दमदार प्रदर्शन   स्पेन के मिडफील्ड की रीढ़ माने जाने वाले रॉड्री ने पूरे वर्ल्ड कप में शानदार खेल दिखाया। गेंद पर नियंत्रण, सटीक पासिंग और निर्णायक मौकों पर टीम को संभालने की उनकी क्षमता ने स्पेन को दूसरी बार विश्व चैंपियन बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।    एम्बाप्पे बने टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर   फ्रांस भले ही खिताब नहीं जीत सका, लेकिन स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे ने पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल दागकर गोल्डन बूट अपने नाम किया। उनकी शानदार फिनिशिंग और लगातार गोल करने की क्षमता ने एक बार फिर उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फॉरवर्ड खिलाड़ियों में शामिल कर दिया।    अन्य पुरस्कार भी हुए घोषित   फीफा ने टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी, सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर और फेयर प्ले अवॉर्ड की भी घोषणा की। विभिन्न श्रेणियों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखते हुए पुरस्कार दिए गए, जिनकी सूची फाइनल के तुरंत बाद जारी की गई।   स्पेन ने दूसरी बार जीता विश्व कप   फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर स्पेन ने इतिहास रचते हुए अपना दूसरा फीफा वर्ल्ड कप खिताब जीता। टीम के सामूहिक प्रदर्शन और रॉड्री जैसे खिलाड़ियों की शानदार भूमिका ने पूरे टूर्नामेंट में स्पेन को सबसे मजबूत टीम साबित किया।

abhishek singh जुलाई 20, 2026 0
Spain players celebrate after defeating France 2-0 to reach the FIFA World Cup 2026 final with a historic clean-sheet record.
FIFA World Cup 2026: स्पेन ने रचा 96 साल का इतिहास, फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल में बनाई जगह, छह क्लीन शीट का अनोखा रिकॉर्ड

2026 फीफा विश्व कप के पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बना ली। इस जीत के साथ स्पेन ने सिर्फ 16 साल बाद विश्व कप फाइनल में वापसी ही नहीं की, बल्कि 96 साल के विश्व कप इतिहास में ऐसा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया, जो आज तक कोई भी टीम नहीं बना सकी थी। स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी मजबूत रक्षा पंक्ति और अनुशासित खेल का शानदार प्रदर्शन किया। यही कारण रहा कि फ्रांस जैसी मजबूत टीम भी स्पेन के डिफेंस को भेदने में पूरी तरह नाकाम रही। 96 साल में पहली बार बना यह रिकॉर्ड स्पेन एक ही फीफा विश्व कप में छह क्लीन शीट दर्ज करने वाली पहली टीम बन गई है। फ्रांस के खिलाफ सेमीफाइनल में मिकेल ओयार्जाबेल और पेड्रो पोरो के गोलों ने जीत सुनिश्चित की, लेकिन मैच की सबसे बड़ी ताकत स्पेन की मजबूत डिफेंस और गोलकीपर उनाई सिमोन का बेहतरीन प्रदर्शन रहा। पूरे टूर्नामेंट में स्पेन ने सात मुकाबलों में केवल एक गोल खाया, जबकि छह मैचों में विरोधी टीम एक भी गोल नहीं कर सकी। एम्बाप्पे समेत फ्रांस के स्टार खिलाड़ी रहे बेअसर किलियन एम्बाप्पे, माइकल ओलिसे और फ्रांस की आक्रामक लाइन से बड़े प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन स्पेन की रणनीतिक डिफेंस ने उन्हें खुलकर खेलने का मौका ही नहीं दिया। पूरे मुकाबले में फ्रांस लय हासिल नहीं कर सका और सेमीफाइनल से बाहर हो गया। टूटा पुराना विश्व रिकॉर्ड इससे पहले एक विश्व कप संस्करण में सबसे अधिक पांच क्लीन शीट का रिकॉर्ड नीदरलैंड्स (1974), इटली (1990), ब्राजील (1994), फ्रांस (1998) और स्पेन (2010) के नाम दर्ज था। अब स्पेन ने छह क्लीन शीट के साथ यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। 44 साल बाद दोहराया गया खास कारनामा मौजूदा यूरो चैंपियन स्पेन अब विश्व कप फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम बन गई है, जिसने यूरो चैंपियन रहते हुए लगातार दूसरी बार विश्व कप फाइनल में जगह बनाई है। इससे पहले यह उपलब्धि वेस्ट जर्मनी ने 1974 और 1982 में हासिल की थी। स्पेन ने 2008 यूरो जीतने के बाद 2010 विश्व कप जीता था और अब यूरो 2024 चैंपियन रहते हुए 2026 विश्व कप के फाइनल में पहुंच गया है। लगातार 37 मैचों से अजेय स्पेन स्पेन की यह जीत लगातार 37वां अजेय मुकाबला भी रही। टीम ने इस मामले में इटली के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। यदि स्पेन फाइनल मुकाबला जीतता है, तो वह लगातार 38 मैचों तक अजेय रहने वाली पहली राष्ट्रीय फुटबॉल टीम बन जाएगी। फ्रांस के लिए निराशाजनक रिकॉर्ड फ्रांस के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही। 1986 विश्व कप में वेस्ट जर्मनी से 0-2 की हार के बाद यह नॉकआउट चरण में उसकी सबसे बड़ी हार मानी जा रही है। सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में फ्रांस का आक्रमण पूरी तरह स्पेन के डिफेंस के सामने बेअसर साबित हुआ। हार के बाद फ्रांस में उठे सवाल सेमीफाइनल में हार के बाद फ्रांसीसी मीडिया और कई पूर्व खिलाड़ियों ने टीम की रणनीति और प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने भी स्वीकार किया कि टीम से सामरिक और तकनीकी स्तर पर कई गलतियां हुईं, जिनका फायदा स्पेन ने पूरी तरह उठाया। क्या खत्म होने वाला है डिडिएर डेशॉम्प्स का दौर? फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेशॉम्प्स के भविष्य को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनके नेतृत्व में फ्रांस ने 2018 में विश्व कप जीता, 2022 में फाइनल खेला और 2026 में सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि स्पेन के खिलाफ मिली हार के बाद अब उनके भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं। अब स्पेन की नजर 19 जुलाई को होने वाले विश्व कप फाइनल पर है। यदि टीम खिताब जीतने में सफल रहती है तो वह न केवल विश्व चैंपियन बनेगी, बल्कि कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज करेगी। फिलहाल स्पेन ने यह साबित कर दिया है कि फुटबॉल में मजबूत रक्षा पंक्ति भी उतनी ही अहम होती है जितना शानदार आक्रमण।  

surbhi जुलाई 16, 2026 0
Spain players celebrate after defeating France 2-0 to qualify for the FIFA World Cup 2026 Final in Dallas.
फीफा वर्ल्ड कप 2026: एम्बाप्पे रहे बेअसर, 16 साल बाद फाइनल में पहुंचा स्पेन; फ्रांस को 2-0 से हराया

डलास: फीफा विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने दमदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 2-0 से शिकस्त देकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। पूरे मुकाबले में स्पेन ने आक्रामक और अनुशासित खेल का बेहतरीन संतुलन दिखाया, जबकि किलियन एम्बाप्पे की अगुआई वाली फ्रांसीसी टीम लगातार संघर्ष करने के बावजूद गोल करने में नाकाम रही। इस जीत के साथ स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार विश्व कप फाइनल में प्रवेश किया और अब वह 16 साल बाद दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने से सिर्फ एक कदम दूर है। शुरुआत से ही स्पेन ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और फ्रांस की रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाया। स्पेन की तेज पासिंग और सामूहिक खेल के सामने फ्रांस की टीम लय में नजर नहीं आई। दूसरी ओर, एम्बाप्पे को स्पेनिश डिफेंडरों ने पूरे मैच में खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। पेनल्टी से मिली शुरुआती बढ़त मैच का पहला बड़ा मौका 22वें मिनट में आया, जब स्पेन को पेनल्टी मिली। इस मौके को मिकेल ओयरजाबल ने बिना कोई गलती किए शानदार अंदाज में गोल में बदल दिया। उन्होंने गोलकीपर को गलत दिशा में भेजते हुए गेंद को नेट में पहुंचाया और स्पेन को 1-0 की अहम बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद स्पेन का आत्मविश्वास और बढ़ गया। टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और फ्रांस के हमलों को बीच मैदान में ही रोकने की रणनीति अपनाई। फ्रांस ने बराबरी करने की कोशिश जरूर की, लेकिन उसके हमलों में धार की कमी साफ दिखाई दी। पहले हाफ में स्पेन का रहा दबदबा हाफ टाइम तक स्पेन 1-0 से आगे था। फ्रांस ने कुछ मौके जरूर बनाए, लेकिन स्पेन की मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपर ने हर चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया। एम्बाप्पे और फ्रांस के अन्य स्टार खिलाड़ी स्पेनिश डिफेंस को भेदने में असफल रहे। स्पेन ने पहले हाफ में न सिर्फ बढ़त हासिल की, बल्कि खेल की रफ्तार पर भी अपना नियंत्रण बनाए रखा। मिडफील्ड में उसकी पकड़ ने फ्रांस को खुलकर खेलने का अवसर नहीं दिया। पेड्रो पोरो ने जीत पर लगाई मुहर दूसरे हाफ की शुरुआत भी स्पेन ने आक्रामक अंदाज में की। 58वें मिनट में पेड्रो पोरो ने शानदार गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया। इस गोल ने फ्रांस की वापसी की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया। इसके बाद फ्रांस ने आक्रमण तेज करने की कोशिश की, लेकिन स्पेन की रक्षापंक्ति ने कोई बड़ी गलती नहीं की। स्पेन ने संयमित खेल दिखाते हुए गेंद पर कब्जा बनाए रखा और मैच के अंतिम मिनटों तक फ्रांस को कोई स्पष्ट गोल करने का मौका नहीं दिया। एम्बाप्पे का जादू नहीं चला पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले किलियन एम्बाप्पे इस बड़े मुकाबले में अपना प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रहे। स्पेन के डिफेंडरों ने उन्हें लगातार मार्क किया और खतरनाक मूव बनाने का मौका नहीं दिया। फ्रांस के अन्य स्टार खिलाड़ी भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। 16 साल बाद फिर विश्व कप फाइनल में स्पेन इस शानदार जीत के साथ स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार फीफा विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई है। अब उसकी नजर 16 साल बाद दूसरी बार विश्व कप ट्रॉफी जीतने पर होगी। दूसरी ओर, फ्रांस का लगातार दूसरा विश्व कप जीतने का सपना सेमीफाइनल में ही समाप्त हो गया। स्पेन के लिए यह जीत केवल फाइनल का टिकट नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की टीम के आत्मविश्वास और शानदार सामूहिक प्रदर्शन का भी बड़ा प्रमाण है।  

surbhi जुलाई 15, 2026 0
Coalition of the Willing
पेरिस में 'Coalition of the Willing' की अहम बैठक, रूस पर कसा शिकंजा

पेरिस, एजेंसियां। यूक्रेन को सैन्य और सुरक्षा सहायता देने के उद्देश्य से गठित 'Coalition of the Willing' की अहम बैठक सोमवार को फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुई। फ्रांस और ब्रिटेन की अगुवाई वाले इस गठबंधन में अब 37 देश शामिल हैं। बैठक में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की समेत कई यूरोपीय नेताओं ने हिस्सा लिया और रूस के खिलाफ समर्थन को और मजबूत करने पर चर्चा की।   यूक्रेन की सुरक्षा और एयर डिफेंस पर जोर   बैठक में यूक्रेन की वायु सुरक्षा को मजबूत करने और एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। यूक्रेन ने अपने सहयोगी देशों के सामने नई Anti-Ballistic Programme पेश की, जिसका उद्देश्य रूसी मिसाइल हमलों से बेहतर सुरक्षा प्रदान करना है। इस पहल में फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, स्पेन समेत कई यूरोपीय देशों ने सहयोग का भरोसा दिया।   रूस पर दबाव बढ़ाने की रणनीति   बैठक में शामिल देशों ने कहा कि वे यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन में एकजुट हैं। नेताओं ने रूस पर कूटनीतिक और आर्थिक दबाव बनाए रखने, यूक्रेन को सैन्य सहायता जारी रखने तथा भविष्य में किसी संभावित युद्धविराम की स्थिति में सुरक्षा गारंटी देने पर भी सहमति जताई।   यूरोप की सुरक्षा के लिए बड़ा संदेश   बैठक के दौरान यूरोप की सामूहिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नौ यूरोपीय देशों और यूक्रेन ने एक नए एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल गठबंधन की भी घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य यूरोप को बढ़ते मिसाइल खतरों से सुरक्षित बनाना और भविष्य के सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना है। विशेषज्ञ इसे यूक्रेन युद्ध के बीच यूरोपीय रक्षा सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।

anjali kumari जुलाई 14, 2026 0
Kylian Mbappe celebrates after scoring against Morocco in the FIFA World Cup 2026 quarter-final and setting a historic goal record.
किलियन एम्बाप्पे ने रचा इतिहास, 30 साल से पहले 20 वर्ल्ड कप गोल करने वाले दुनिया के पहले फुटबॉलर बने

फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में मोरक्को के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। उन्होंने इस मुकाबले में गोल कर विश्व कप इतिहास में ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जिसे अब तक कोई भी खिलाड़ी हासिल नहीं कर पाया था। फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराकर लगातार तीसरी बार विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस जीत में एम्बाप्पे ने गोल करने के साथ-साथ एक असिस्ट भी दर्ज किया। 30 साल की उम्र से पहले 20 वर्ल्ड कप गोल का रिकॉर्ड मोरक्को के खिलाफ किया गया गोल एम्बाप्पे का विश्व कप करियर का 20वां गोल था। इसके साथ ही वह 30 वर्ष की उम्र पूरी होने से पहले विश्व कप में 20 गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। यह उपलब्धि उन्हें विश्व फुटबॉल के सबसे महान खिलाड़ियों की सूची में और मजबूत स्थान दिलाती है। गोल्डन बूट की दौड़ में लियोनेल मेसी की बराबरी एम्बाप्पे का यह गोल मौजूदा विश्व कप का उनका आठवां गोल भी था। इसके साथ उन्होंने लियोनेल मेसी की बराबरी कर ली और दोनों खिलाड़ी अब गोल्डन बूट की दौड़ में संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं। पेनाल्टी चूकी, लेकिन बाद में किया शानदार गोल मैच के पहले हाफ में एम्बाप्पे के पास पेनाल्टी के जरिए गोल करने का मौका था, लेकिन मोरक्को के गोलकीपर यासीन बोनू ने उनका शॉट रोक दिया। हालांकि दूसरे हाफ में एम्बाप्पे ने शानदार गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई और बाद में उस्मान डेम्बेले के गोल में भी अहम असिस्ट किया। चोट की आशंका के बीच बदले गए बाहर मैच के 76वें मिनट में एम्बाप्पे को मैदान से बाहर बुला लिया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें कुछ शारीरिक असहजता महसूस हुई थी, जिसके बाद कोच दिदिएर डेशां ने उन्हें आराम देने का फैसला किया। हालांकि उनकी चोट को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक गंभीर अपडेट सामने नहीं आया है। फ्रांस की नजर लगातार तीसरे फाइनल पर फ्रांस ने इस जीत के साथ लगातार तीसरी बार विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। अब टीम का अगला मुकाबला स्पेन और बेल्जियम के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल के विजेता से होगा। फ्रांस 2018 में विश्व चैंपियन बना था, जबकि 2022 में उपविजेता रहा था। अब टीम लगातार तीसरे विश्व कप फाइनल में पहुंचने की कोशिश करेगी। लगातार दमदार प्रदर्शन कर रहे हैं एम्बाप्पे किलियन एम्बाप्पे पिछले कई वर्षों से विश्व फुटबॉल के सबसे खतरनाक स्ट्राइकरों में गिने जाते हैं। विश्व कप जैसे बड़े मंच पर उनका प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है और वह हर टूर्नामेंट में नए रिकॉर्ड अपने नाम कर रहे हैं। मोरक्को के खिलाफ उनका प्रदर्शन एक बार फिर साबित करता है कि बड़े मुकाबलों में एम्बाप्पे फ्रांस के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हैं।  

surbhi जुलाई 10, 2026 0
Morocco head coach reacts after FIFA World Cup 2026 quarter-final defeat to France, focusing on revenge in the 2030 World Cup.
फ्रांस से हार के बाद मोरक्को कोच का बड़ा ऐलान, बोले- 2030 वर्ल्ड कप में लेंगे बदला

फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में फ्रांस के हाथों 2-0 की हार के बाद मोरक्को के मुख्य कोच मोहम्मद ओआहबी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह हार उनकी टीम के लिए सीख साबित होगी और अगली बार जब विश्व कप में फ्रांस का सामना होगा तो मोरक्को उसे बाहर करने की पूरी कोशिश करेगा। फ्रांस ने बोस्टन के गिलेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में दूसरे हाफ में किलियन एम्बाप्पे और उस्मान डेम्बेले के गोल की बदौलत जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इसके साथ ही लगातार दूसरे विश्व कप में फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 के अंतर से टूर्नामेंट से बाहर किया। 2030 विश्व कप पर टिकी हैं नजरें हार के बावजूद ओआहबी ने भविष्य को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि टीम अब अगले विश्व कप की तैयारी करेगी, जिसकी मेजबानी मोरक्को, स्पेन और पुर्तगाल संयुक्त रूप से करेंगे। उन्होंने कहा, "फ्रांस दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक है। वे पिछले दो विश्व कप के फाइनल तक पहुंचे हैं और उनके पास शानदार खिलाड़ी हैं। आज वे हमसे बेहतर थे, लेकिन हमें यकीन है कि अगले चार वर्षों में हम और मजबूत होकर लौटेंगे और उन्हें हराने की कोशिश करेंगे।" हार से निराश, लेकिन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भरोसा कोच ने स्वीकार किया कि टीम इस हार से निराश है, क्योंकि उनका लक्ष्य सिर्फ क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना नहीं बल्कि विश्व कप जीतना था। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने मैदान पर जीत के लिए हरसंभव प्रयास किया और पूरी प्रतिबद्धता के साथ मुकाबला खेला। हालांकि, फ्रांस की गुणवत्ता ने आखिरकार अंतर पैदा कर दिया। अब अफ्रीका कप ऑफ नेशंस पर रहेगा फोकस मोहम्मद ओआहबी ने बताया कि फिलहाल टीम का अगला बड़ा लक्ष्य अफ्रीका कप ऑफ नेशंस (AFCON) होगा, जिसका आयोजन अगले वर्ष केन्या, युगांडा और तंजानिया में होना है। उनका कहना है कि टीम पहले इस टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन करने और खिताब जीतने पर ध्यान देगी, जिसके बाद 2030 विश्व कप की तैयारियां तेज की जाएंगी। युवा खिलाड़ियों से भविष्य की उम्मीद कोच ने कहा कि मोरक्को के पास प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों की मजबूत फौज है और फुटबॉल संघ भी लगातार टीम के विकास पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व कप का यह अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए काफी महत्वपूर्ण रहेगा और इससे भविष्य में टीम और मजबूत बनकर उभरेगी। फ्रांस की ताकत को भी सराहा ओआहबी ने फ्रांस के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी टीम शुरुआत से ही दबाव बना रही थी और वह पहले भी गोल कर सकती थी। उन्होंने माना कि फ्रांस ने बेहतर फुटबॉल खेली, लेकिन मोरक्को के खिलाड़ी पूरे मैच में संघर्ष करते रहे और अंत तक मुकाबले में बने रहने की कोशिश की। कोच ने भरोसा जताया कि टीम सितंबर में फिर से एकजुट होकर नई ऊर्जा के साथ तैयारी शुरू करेगी और आने वाले वर्षों में बड़े मंच पर बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करेगी।  

surbhi जुलाई 10, 2026 0
Syria Blast
दमिश्क धमाकों से दहला सीरिया, मैक्रों के होटल के बाहर ब्लास्ट, फ्रांस बोला- राष्ट्रपति सुरक्षित

दमिश्क, एजेंसियां। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के ऐतिहासिक सीरिया दौरे के दौरान राजधानी दमिश्क में हुए दो बम धमाकों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। धमाके उस समय हुए जब मैक्रों सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के साथ राष्ट्रपति भवन में अहम बैठक कर रहे थे। सीरियाई सरकारी मीडिया के अनुसार, विस्फोटों में कम से कम चार लोग घायल हुए हैं, जबकि किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि मैक्रों पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका दौरा तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा।   होटल के पास हुए धमाके, जांच जारी रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति मैक्रों दमिश्क के फोर सीजन्स होटल में ठहरे हुए हैं। दोनों धमाके होटल के नजदीक हुए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि एक विस्फोटक कूड़ेदान में और दूसरा सड़क किनारे खड़ी कार में लगाया गया था। धमाकों के बाद घटनास्थल से धुएं का गुबार उठता देखा गया और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एक वाहन आग की लपटों में घिरा नजर आया। फिलहाल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है और सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं।   मैक्रों का दौरा क्यों है अहम? यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के सत्ता संभालने के बाद किसी बड़े यूरोपीय देश के प्रमुख की यह पहली सीरिया यात्रा है। मैक्रों ने सीरिया पर लगे कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में राहत दिलाने की पहल में भी अहम भूमिका निभाई है। दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच पुनर्निर्माण, आर्थिक सहयोग और विदेशी निवेश से जुड़े कई समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।   विश्लेषकों का मानना है कि धमाकों की घटना नई सीरियाई सरकार के लिए बड़ा सुरक्षा झटका है। वर्षों के गृहयुद्ध से तबाह सीरिया अभी भी अलग-अलग उग्रवादी गुटों की हिंसा से जूझ रहा है। सरकार देश में स्थिरता बहाल करने, विदेशी निवेश आकर्षित करने और अंतरराष्ट्रीय विश्वास हासिल करने की कोशिश कर रही है, लेकिन ताजा धमाकों ने सुरक्षा चुनौतियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

abhishek singh जुलाई 8, 2026 0
Important Events
Important Events: 8 जुलाई की महत्त्वपूर्ण  घटनाएं

1497 – 170 सदस्यीय दल के साथ समुद्र के रास्ते भारत पहुंचने के लिए वास्को डी गामा यूरोप से रवाना हुए थे। 1693 – न्यूयॉर्क पुलिस की वर्दी को मंजूरी दी गई। 1716 - ग्रेट नॉर्दर्न वॉर: डायनेक्लिन का युद्ध पीटर टेर्डेंकॉल्ड के नीचे एक डेनिश-नॉर्वेजियाई बल फंस गया और इस तरह से उसने स्वीडिश बल को हराया। 1758 - फ्रांसीसी सेनाओं पर फोर्ट टीकेंडरोगा, न्यूयॉर्क में ब्रिटिश और औपनिवेशिक हमले किये गये। 1777 - वर्मोंट ने नए संविधान का परिचय दिया, जिससे वह गुलामी को खत्म करने वाला पहला अमेरिकी राज्य बना। 1791 - संगीतकार जोसेफ हेडन को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में संगीत की मानद डॉक्टरेट से सम्मानित किया गया। 1792 - फ्रांस ने प्रशिया पर युद्ध की घोषणा की।  1809 - फिनिश युद्ध में स्वीडिश द्वीपसमूह फ्लीट ने रूसियों को पोर्कला के नौसैनिक युद्ध में पराजित किया। 1833 – रूस और तुर्की ने सुरक्षा संधि पर हस्ताक्षर किये। 1858 - ग्वालियर के क़िले के पतन के बाद लॉर्ड केनिंग ने सांति की घोषणा की थी। 1889 – अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल का प्रकाशन शुरू हुआ। 1914 - पश्चिम बंगाल में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री और वामपंथी राजनीति के आधार रहे ज्योति बसु का जन्म हुआ। 1918 - भारतीय संविधान में सुधार के लिए मांटेग्यु चेम्सफोर्ड रपट प्रकाशित की गई। 1930 - किंग जॉर्ज वी ने लंदन में इंडिया हाउस की स्थापना की। 1932 – अमेरिकी शेयर सूचकांक डाऊ जोंस ग्रेट डिप्रेशन के निचले स्तर 41 अंक पर पहुंच गया था। 1948 – अमेरिकी वायुसेना में महिलाओं की भर्ती शुरू हुई। 1954 - सतलुज नदी पर निर्मित भाखड़ा नांगल पनबिजली परियोजना पर बनी सबसे बड़ी नहर का प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उद्घाटन किया था। 1955 - बुरखा विश्वविद्यालय थाईलैंड के चोनबरी प्रांत में स्थापित किया गया। 1975 - में म्यांमार के बगाँ में आए भूकंप में हज़ारों मंदिर ध्वस्त हो गए तथा भारी जानमाल की छति हुई। 1992 – थॉमस क्लेस्टिल आस्ट्रिया के राष्ट्रपति बने। 1994 - शिमाकी मुकाई जापान की प्रथम महिला अंतरिक्ष यात्री बनी। 1997 – उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) ने पोलैंड, हंगरी और चेक गणराज्य को संगठन में शामिल होने का आमंत्रण दिया। 1999 - पापुआ न्यु गिनी (प्रशान्त महासागरीय देश) प्रधानमंत्री बिल स्कोट का इस्तीफ़ा। 2001 – बांग्लादेश के बल्लेबाज मोहम्मद अशरफुल ने 17 साल की उम्र में श्रीलंका के खिलाफ शतक जड़ा। वह बांग्लादेश के सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं। 2002 - दक्षिण अफ़्रीका में अश्वेत क्रिकेटरों के लिए कोटा प्रणाली समाप्त। 2003 - सूडान में हुए विमान हादसे में 115 ( या 116 )लोग मारे गये। 2003 – ईरान में सिर से जुड़ी दो बहनें लालेह और लादन बिजानी को अलग करने के लिए किया गया ऑपरेशन असफल हो जाने की वजह से मौत हुई। 2005 - जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर समूह-8 के देशों में सहमति बनी। 2008 - पेरिस की सरकार ने बांग्लादेश की विवादाग्रस्त लेखिका तस्लीमा नसरीन को मानद नागरिकता देने का प्रस्ताव किया। 2012- असम में भयावह बाढ़ ने विश्व प्रसिद्ध काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के 13 गैंडों समेत 500 से अधिक वन्य प्राणियों को लील लिया। 2012 – अफगानिस्तान के कंधार प्रांत में कार बम धमाके से 14 नागरिकों की मौत हुई। 2013 – मिस्त्र की राजधानी काहिरा में धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों पर सेना की गोलीबारी में 42 लोगों मरे। 2014 – जर्मनी फुटबाल टीम के मिरोस्लाव क्लोस ने विश्वकप में सर्वाधिक 16 गोलों का विश्व रिकार्ड बनाया। 2019 - डीआरडीओ की ओर से विकसित और भारत डायनामिक्स लिमिटेड की तरफ से निर्मित नाग मिसाइल का परीक्षण सेना के अधिकारियों ने राजस्थान के पोखरण में किया । 2019 - किरियाकोस मित्सोताकिस ग्रीस के नए प्रधान मंत्री बने । 2019 - भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राजमार्ग परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए एनआईआईएफ के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। 2019 - राहुल द्रविड़ को राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया। 2020 - कोविड-19 महामारी के दौरान भारतीय नागरिकों को विदेश से वापस लाने के प्रयासों के तहत 5 मई, 2020 को शुरू किया गया ऑपरेशन समुद्र सेतु का समापन हुआ। 2021 - भारत और गाम्बिया ने कार्मिक प्रशासन और शासन सुधार में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने और बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। 2021 - हैती के राष्‍ट्रपति की हत्‍या में शामिल संदिग्‍ध हमलावर सुरक्षाबलों के साथ एक मुठभेड़ में मारे गए। 2021 - ढाका के नजदीक जूस फैक्‍टरी में आग लगने से 52 की मौत हुई। 2022 - उत्तराखंड के रामनगर में पंजाब के पर्यटकों की कार नदी के तेज बहाव में बहने से कार में सवार दस लोगों में नौ की मौत हुई एक घायल। 2022 - पवित्र अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से आई बाढ़ की चपेट में आने से 15 श्रद्धालुओं की मौत हुई , 40 से अधिक लापता और 48 लोग घायल हुए। 2022 - सऊदी अरब ने भारत से 79 हजार से अधिक व्‍यक्तियों को हज करने की अनुमति दी। 2022 - तमिलनाडु के चेंगलपट्टू जिले में हुई सड़क दुर्घटना में 6 लोगों की मौत हुई। 2023 - भारतीय कृषि के समग्र विकास के लिए दो दिवसीय चिंतन शिविर का सार्थक आयोजन हुआ। 2023 - DPIIT ने “एक्सप्लोरिंग द इंडिया टॉय स्टोरी” पर गोलमेज संवाद का सफलतापूर्वक आयोजन किया। 2023 - सूडानी सेना द्वारा सूडान के ओमदुरमान जिले पर हवाई हमले में कम से कम 22 की मौत हुई। 2023 - प्रधानमंत्री मार्क रूटे के नेतृत्व वाली डच सरकार गिरी। 2023 - हरियाणा के जींद में रोडवेज बस और क्रूजर की टक्कर से 8 लोगों की मौत ल 9 घायल हुए। 2024 - प्रधानमंत्री मोदी 22वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने मास्को पहुंचे। 2024 - वैज्ञानिकों ने खगोलीय पिंडों से खगोल भौतिकी जेट की गतिशीलता पर प्लाज्मा संरचना के प्रभाव का पता लगाया। 2025 - बिहार में सरकारी नौकरी में डोमिसाइल पॉलिसी लागू हुई , सिर्फ राज्य की महिलाओं को 35% आरक्षण मिलेगा।   8 जुलाई को जन्मे व्यक्ति   1898 - पी०एस० कुमारस्वामी राजा -  तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री। 1912 - बाबू बनारसी दास - भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री थे। 1914 – पश्चिम बंगाल में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री और वामपंथी राजनीति के आधार रहे ज्योति बसु का जन्म हुआ। 1932 - गुलाम हसन सोफी कश्मीर, भारत के पारंपरिक संगीत के गायक और हारमोनियम वादक थे।  1937 - गिरिराज किशोर - हिन्दी के प्रसिद्ध उपन्यासकार, सशक्त कथाकार, नाटककार और आलोचक। 1939 - गंगा प्रसाद - सिक्किम के राज्यपाल व पहले मेघालय के राज्यपाल रह चुके। 1946 - बिपलब चटर्जी बंगाली एवं हिन्दी फ़िल्मों के एक अभिनेता। 1949 - गेगांग अपांग - लगभग 22 वर्षों तक अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे । 1949 - डॉक्टर येदुगुड़ी संदिंती राजशेखर रेड्डी वाईएसआर नाम से लोकप्रिय, वर्ष 2004 से 2009 तक आन्ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। 1958 - नीतु सिंह, हिन्दी चलचित्र अभिनेत्री, (काला पत्थर) (दीवार)। 1972 - सौरव गांगुली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान। 1980 - चेतन आनंद - भारत के प्रसिद्ध बैडमिंटन खिलाडी।  1991 - अनीता कुंडू - भारत की प्रसिद्ध पर्वतारोही।   8 जुलाई को हुए निधन   1880 – फ़्रांसीसी दार्शनिक व फ़्रिनॉलजी अर्थात खोपड़ी के ज्ञान की आधार रखने वाले वैज्ञानिक पियर पॉल ब्रोका का निधन हुआ। वे वर्ष 1824 में फ़्रांस में जन्मे थे। 1994 – उत्तरी कोरिया के पूर्व राष्ट्राध्यक्ष और कम्युनिष्ट पार्टी के महासचिव किम ईल सुंग का निधन हुआ। 2007 - चन्द्रशेखर सिंह - भारत के पूर्व प्रधानमंत्री।  2018 - मुंडक्कल मैथ्यू जेकब - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिज्ञ थे। 2019 - भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व गोलकीपर ए यू सेलेस्टिन का लंबी बीमारी के बाद निधन। 2020 - शोले में सूरमा भोपाली का किरदार निभाने वाले कॉमेडियन जगदीप का मुंबई में निधन। 2021 - वीरभद्र सिंह - हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री। 2022 - जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे (67) का चुनावी कार्यक्रम के दौरान गोली मारे जाने के बाद निधन हुआ। 2022 -  अंगोला के पूर्व राष्ट्रपति जोस एडुआर्डो डॉस सैंटोस (79) का निधन हुआ। 2022 - अमेरिकी अभिनेता टोनी सिरिको (79) का निधन हुआ। 2025 - केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के पिता, दाऊलाल वैष्णव (81) का निधन हुआ।   8 जुलाई के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव   श्री विमलनाथ जी मोक्ष कल्याक (जैन , आषाढ़ कृष्ण अष्टमी)। बाबू श्री बनारसी दास जयन्ती। श्री पी०एस० कुमारस्वामी राजा जयन्ती। श्री सौरव चंडीदास गांगुली (क्रिकेटर) जन्म दिवस। श्री गेगांग अपांग जन्म दिवस। श्री ज्योतिंद्र नाथ बसु जयन्ती। श्री चन्द्रशेखर सिंह स्मृति दिवस। डॉक्टर श्री येदुगुड़ी संदिंती राजशेखर रेड्डी जयन्ती / रयुतु दिनोत्सवम (आंध्र प्रदेश में किसान दिवस)। कृपया ध्यान दें  यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इंद्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।

anjali kumari जुलाई 8, 2026 0
Nirmala Sitaraman
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण चार दिवसीय फ्रांस दौरे पर रवाना, निवेश और आर्थिक सहयोग पर होगी अहम चर्चा

नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर फ्रांस रवाना हो गई हैं। इस दौरे के दौरान वह भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक साझेदारी, निवेश, वित्तीय सहयोग और रणनीतिक परियोजनाओं को लेकर कई उच्चस्तरीय बैठकों में हिस्सा लेंगी।   निवेश बढ़ाने पर रहेगा विशेष फोकस   दौरे के दौरान वित्त मंत्री फ्रांस सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और निवेशकों से मुलाकात करेंगी। बैठक में भारत में विदेशी निवेश बढ़ाने, विनिर्माण क्षेत्र, हरित ऊर्जा, बुनियादी ढांचा और डिजिटल अर्थव्यवस्था में सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा होने की संभावना है।   भारत-फ्रांस आर्थिक संबंधों को मिलेगी नई गति   सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ वित्तीय संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा। भारत सरकार का उद्देश्य फ्रांसीसी कंपनियों को भारत में निवेश के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।   वैश्विक आर्थिक मुद्दों पर भी होगी चर्चा   दौरे के दौरान वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, सप्लाई चेन को मजबूत बनाने, क्लाइमेट फाइनेंस और बहुपक्षीय वित्तीय संस्थानों में सहयोग जैसे मुद्दे भी एजेंडे में शामिल रहेंगे। इसके अलावा दोनों पक्ष वैश्विक आर्थिक स्थिरता और सतत विकास के लिए साझा रणनीति पर विचार-विमर्श करेंगे।   रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा मजबूती का संदेश   विशेषज्ञों का मानना है कि निर्मला सीतारमण का यह दौरा भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक एवं आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। इससे दोनों देशों के बीच निवेश, व्यापार और प्रौद्योगिकी सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0
Europe Heatwave
यूरोप में भीषण गर्मी का कहर, फ्रांस में रेड अलर्ट; कई देशों में जनजीवन प्रभावित

पेरिस, एजेंसियां। यूरोप इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। फ्रांस, स्पेन, इटली, पुर्तगाल और बेल्जियम समेत कई देशों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। हालात को देखते हुए फ्रांस के कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कई शहरों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और लोगों को दोपहर के समय घरों में रहने की सलाह दी गई है।   स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ा दबाव   तेज गर्मी के कारण अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और सांस संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचने की अपील की है।   परिवहन और बिजली व्यवस्था भी प्रभावित   गर्मी की वजह से कई क्षेत्रों में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा है, जबकि कुछ इलाकों में जंगल में आग का खतरा बढ़ने के बाद प्रशासन ने अतिरिक्त राहत और बचाव दल तैनात किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण यूरोप में इस तरह की चरम गर्मी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

abhishek singh जुलाई 1, 2026 0
French police display a recovered Pablo Picasso painting seized during a drug trafficking raid near Paris.
ड्रग तस्करों पर छापेमारी में मिली पिकासो की दुर्लभ पेंटिंग, फ्रांसीसी पुलिस भी रह गई हैरान

  पेरिस: फ्रांस में ड्रग तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस को एक ऐसी बरामदगी हाथ लगी, जिसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। पेरिस के निकट एक छापेमारी के दौरान पुलिस ने विश्व प्रसिद्ध स्पेनिश चित्रकार Pablo Picasso की एक दुर्लभ और असली पेंटिंग बरामद की है। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई मूल रूप से ड्रग तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ की जा रही थी, लेकिन छापेमारी के दौरान एक कीमती कलाकृति मिलने से मामला और भी गंभीर हो गया। अब फ्रांसीसी अधिकारियों ने पेंटिंग की उत्पत्ति, उसके स्वामित्व और संभावित चोरी से जुड़े पहलुओं की अलग से जांच शुरू कर दी है। चोरी और अवैध कब्जे की जांच शुरू अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पेंटिंग ड्रग तस्करों के पास कैसे पहुंची। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कहीं यह कलाकृति किसी संग्रहालय, निजी संग्रह या कला प्रदर्शनी से चोरी तो नहीं हुई थी। फ्रांसीसी जांच एजेंसियां चोरी की संपत्ति रखने, अवैध कला व्यापार और संगठित अपराध से संभावित संबंधों की भी पड़ताल कर रही हैं। ड्रग माफिया का गढ़ बनता जा रहा है मार्सेई फ्रांस का बंदरगाह शहर Marseille लंबे समय से ड्रग तस्करों और संगठित अपराध गिरोहों के लिए गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां 'डीजेड माफिया' जैसे कई संगठित गिरोह सक्रिय हैं, जिनके अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल, विशेषकर मैक्सिकन नेटवर्क से संबंध होने के दावे किए जाते रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में ड्रग हिंसा का दायरा लगातार बढ़ा है। नाबालिगों की भर्ती, गैंगवार और ड्रग विरोधी कार्यकर्ताओं पर हमले जैसी घटनाओं ने फ्रांसीसी प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। संगठित अपराध के खिलाफ सरकार का बड़ा अभियान ड्रग नेटवर्क को तोड़ने के लिए फ्रांसीसी सरकार ने बड़े स्तर पर छापेमारी अभियान शुरू किया है। इसके अलावा संगठित अपराध और अंतरराष्ट्रीय तस्करी से निपटने के लिए एक विशेष राष्ट्रीय अभियोजन कार्यालय PNACO का गठन किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रग गिरोह अब केवल मादक पदार्थों की तस्करी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अवैध कला व्यापार, धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) और चोरी की बहुमूल्य वस्तुओं के कारोबार से भी जुड़े हो सकते हैं। कला जगत में भी मचा हड़कंप पिकासो की दुर्लभ पेंटिंग की बरामदगी ने कला जगत में भी हलचल पैदा कर दी है। यदि जांच में यह साबित होता है कि यह कलाकृति चोरी की थी, तो यह हाल के वर्षों में यूरोप में सामने आए सबसे बड़े अवैध कला व्यापार मामलों में से एक हो सकता है।  

Deepshikha जून 22, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi addresses the Indian community in Paris, highlighting India's growth and global trust.
PM Modi in Paris: ‘यह मोदी के कारण नहीं, भारत के लोकतंत्र की ताकत है’, पेरिस में भारतीय समुदाय से बोले प्रधानमंत्री

  पेरिस: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (18 जून) को फ्रांस की राजधानी पेरिस में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत तेजी से दुनिया का एक भरोसेमंद और मजबूत साझेदार बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि देश ऐसे क्षेत्रों में निवेश कर रहा है, जो भविष्य में विकास, नवाचार (Innovation) और नई संभावनाओं को आगे बढ़ाएंगे। पेरिस के प्रतिष्ठित सभागार ‘साल प्लेएल’ (Salle Pleyel) में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की विकास यात्रा इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है और देश की आकांक्षाएं नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। ‘रिश्तों में अब व्यापार के साथ भरोसा भी जरूरी’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले देशों के संबंध मुख्य रूप से व्यापार पर आधारित होते थे, लेकिन बदलते वैश्विक परिदृश्य में भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा, “आज दुनिया ऐसे साझेदारों की तलाश कर रही है, जिन पर भरोसा किया जा सके और भारत एक विश्वसनीय तथा मजबूत साझेदार के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।” ‘जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है’ अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नया भारत उन उपलब्धियों को हासिल कर रहा है, जो कभी केवल सपने हुआ करते थे। उन्होंने कहा, “जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। जो पहले नामुमकिन लगता था, वह आज मुमकिन हुआ है।” इसके बाद प्रधानमंत्री ने उपस्थित लोगों से पूछा कि यह परिवर्तन किसकी वजह से संभव हुआ है। इस पर सभागार में मौजूद लोगों ने ‘नरेंद्र मोदी’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। ‘यह मोदी के कारण नहीं हुआ’ लोगों के नारों के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह बदलाव किसी एक व्यक्ति की वजह से नहीं आया है। उन्होंने कहा, “यह मोदी के कारण नहीं हुआ। यह भारत के लोकतंत्र की ताकत है। इस लोकतंत्र में सबका साथ है और सबका विकास है।” प्रधानमंत्री के इस बयान पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। सोशल मीडिया पर साझा किया वीडियो प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन का 4 मिनट 38 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी साझा किया। वीडियो के साथ उन्होंने लिखा: “जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। यही नए भारत की पहचान है!” प्रधानमंत्री के पेरिस संबोधन को भारत की वैश्विक भूमिका, लोकतांत्रिक मूल्यों और देश की विकास यात्रा को रेखांकित करने वाला संदेश माना जा रहा है।  

Deepshikha जून 19, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi meets European leaders during the G7 Summit amid discussions on the India-European Union Free Trade Agreement.
भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर साल के अंत तक लग सकती है मुहर, जी7 में बनी सहमति

  एवियन/नई दिल्ली: फ्रांस के एवियन-लेस-बैंस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement-FTA) को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनी है। दोनों पक्षों ने इस वर्ष के अंत तक समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से काम करने पर जोर दिया है। भारत और यूरोपीय संघ ने जनवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित शिखर सम्मेलन के दौरान इस समझौते पर वार्ता पूरी होने की घोषणा की थी। अधिकारियों के अनुसार, यह समझौता वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के लगभग एक-चौथाई हिस्से को कवर करेगा, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े व्यापार समझौतों में से एक बन सकता है। निर्यात शुल्क में होगी बड़ी कमी प्रस्तावित समझौते के तहत यूरोपीय संघ को होने वाले भारत के लगभग 99 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क में कमी आएगी। वहीं, भारत में आने वाले 97 प्रतिशत से अधिक यूरोपीय निर्यात पर भी टैरिफ घटाए जाने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय वस्तुओं को यूरोपीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर पहुंचने का अवसर मिलेगा और भारतीय निर्यातकों को बड़ा लाभ मिल सकता है। भारत-जर्मनी संबंधों को मिलेगी नई गति जी7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और हरित अर्थव्यवस्था सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों देशों ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र लागू करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे आर्थिक साझेदारी को नई मजबूती मिलेगी। कई वैश्विक नेताओं से हुई द्विपक्षीय बैठकें जी7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडा, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, केन्या, मिस्र, जापान और दक्षिण कोरिया के नेताओं से भी मुलाकात की। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, रणनीतिक सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। भारतीय अर्थव्यवस्था को मिल सकता है बड़ा लाभ विशेषज्ञों के अनुसार, भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता लागू होने से भारतीय निर्यात को नई गति मिलेगी, विदेशी निवेश बढ़ेगा और विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही, वैश्विक व्यापार और निवेश परिदृश्य में भारत की आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।  

Deepshikha जून 18, 2026 0
World leaders react to the proposed US-Iran peace agreement and reopening of the Strait of Hormuz amid hopes of easing Middle East tensions.
अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर दुनिया ने जताई खुशी, कतर से फ्रांस तक नेताओं ने किया स्वागत

  वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते की घोषणा के बाद दुनिया भर के नेताओं ने इसका स्वागत किया है। कतर, तुर्किये, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस समेत कई देशों ने इसे पश्चिम एशिया में स्थिरता बहाल करने, होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को दोबारा खोलने और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे दबाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति समझौते के दावे और पाकिस्तान की ओर से 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर होने की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। ईरान ने भी संकेत दिया है कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद समझौते पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। कतर ने कहा- स्थायी शांति की दिशा में अहम पहल Mohammed bin Abdulrahman Al Thani ने अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि यह पश्चिम एशिया में स्थायी शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे की वार्ताएं सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में आगे बढ़ेंगी। एर्दोआन बोले- दुनिया लंबे समय से इस खबर का इंतजार कर रही थी Recep Tayyip Erdoğan ने कहा कि पूरी दुनिया लंबे समय से इस तरह की खबर का इंतजार कर रही थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह समझौता क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा का मार्ग प्रशस्त करेगा। एर्दोआन ने सभी पक्षों से संयम बरतने और उकसावे वाली गतिविधियों से बचने की अपील की। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान, कतर और सऊदी अरब के कूटनीतिक प्रयासों की सराहना की। ब्रिटेन ने बताया युद्ध समाप्ति की दिशा में बड़ी उपलब्धि Keir Starmer ने इस समझौते को युद्ध समाप्त करने और क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। स्टार्मर ने यह भी कहा कि समझौते को पूरी तरह लागू किया जाना चाहिए और ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाने की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता बनी रहनी चाहिए। जर्मनी ने कहा- वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत Friedrich Merz ने इस समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि यह पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और वैश्विक अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला कदम साबित हो सकता है। उन्होंने इसे दूरगामी प्रभाव वाला कूटनीतिक समाधान बताते हुए कहा कि इससे ऊर्जा बाजारों में स्थिरता लौट सकती है और व्यापारिक अनिश्चितताएं कम हो सकती हैं। फ्रांस ने होर्मुज जलडमरूमध्य तत्काल खोलने की मांग की Emmanuel Macron ने कहा कि समझौते का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम होर्मुज जलडमरूमध्य का तत्काल और बिना किसी शर्त के दोबारा खुलना होना चाहिए। मैक्रों ने कहा कि फ्रांस और ब्रिटेन अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात को सामान्य बनाने के प्रयासों में सहयोग देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि समझौते के बाद ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों सहित क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े व्यापक मुद्दों पर भी बातचीत आगे बढ़नी चाहिए। ट्रंप ने किया समझौता पूरा होने का दावा Donald Trump ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता पूरा हो चुका है और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की अनुमति दी जा रही है। ट्रंप ने कहा, "दुनिया के जहाज अब अपने इंजन शुरू करें, तेल का प्रवाह जारी रहने दें।" पाकिस्तान की मध्यस्थता की चर्चा Shehbaz Sharif ने दावा किया कि लंबी बातचीत के बाद दोनों पक्ष समझौते पर सहमत हुए हैं और 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि समझौते को अंतिम रूप देने में कतर, सऊदी अरब और तुर्किये की भूमिका अहम रही है। वैश्विक बाजार की नजरें 19 जून पर यदि प्रस्तावित समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर होते हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा खुलता है, तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, ऊर्जा कीमतों और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति पर पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब 19 जून को होने वाली संभावित औपचारिक प्रक्रिया और उसके बाद की घटनाओं पर नजर बनाए हुए है।  

Deepshikha जून 15, 2026 0
Donald Trumph G7
जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे ट्रंप, वैश्विक मुद्दों पर होगी अहम चर्चा

नई दिल्ली, एजेंसियां। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि वह इस महीने फ्रांस में आयोजित होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन 15 से 17 जून तक फ्रांस के एवियन-ले-बैंस शहर में आयोजित किया जाएगा। ऐसे समय में यह बैठक हो रही है जब ईरान को लेकर अमेरिका और उसके पारंपरिक सहयोगी देशों के बीच मतभेद बढ़ते नजर आ रहे हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि वह 14 जून को व्हाइट हाउस परिसर में आयोजित यूएफसी विश्व चैंपियनशिप मुकाबलों में शामिल होने के बाद सीधे फ्रांस रवाना होंगे। उन्होंने इस आयोजन को अमेरिकी इतिहास की सबसे मनोरंजक रातों में से एक बताया। पश्चिम एशिया को लेकर बढ़े हैं मतभेद हाल के दिनों में ट्रंप ने Germany, France और United Kingdom जैसे प्रमुख सहयोगी देशों की आलोचना की थी। उनका आरोप था कि ये देश पश्चिम एशिया में अमेरिका की सैन्य रणनीति का पर्याप्त समर्थन नहीं कर रहे हैं। इसी कारण शुरुआत में उनके सम्मेलन में शामिल होने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। यह सम्मेलन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अमेरिका और Israel द्वारा ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किए जाने के बाद यह पहला अवसर होगा जब ट्रंप कई वैश्विक नेताओं से आमने-सामने मुलाकात करेंगे। वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर होगी चर्चा जी-7 दुनिया की सात प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जिसमें United States, Canada, France, Germany, Italy, Japan और United Kingdom शामिल हैं। इसके अलावा European Union भी इस समूह का हिस्सा है। सम्मेलन में वैश्विक सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, आर्थिक चुनौतियों, ऊर्जा संकट और भू-राजनीतिक तनाव जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। दुनिया की नजरें इस बैठक पर टिकी हैं, क्योंकि इसके फैसले आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

Unknown जून 4, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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US-Saudi Strike: इराक में अमेरिका-सऊदी की संयुक्त कार्रवाई, 4 IRGC जवानों की मौत का दावा; पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव

kalpana जुलाई 30, 2026 0