Gold Silver Price

Gold-Silver Price
सोना-चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल

नई दिल्ली, एजेंसियां। घरेलू सर्राफा बाजार में 21 जुलाई को सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेज बढ़त दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी की कीमत ₹3,159 बढ़कर ₹2.23 लाख हो गई है। वहीं, 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम पर ₹1,150 की तेजी के साथ ₹1.43 लाख तक पहुंच गया। लगातार बदलते वैश्विक आर्थिक हालात और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की बढ़ती रुचि के कारण कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।   इस साल सोना ₹10 हजार महंगा, चांदी अभी भी पिछले स्तर से नीचे साल 2026 की शुरुआत से अब तक सोने की कीमत में करीब ₹10,000 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना करीब ₹1.33 लाख था, जो अब बढ़कर ₹1.43 लाख हो गया है। दूसरी ओर, चांदी अभी भी साल के शुरुआती स्तर से लगभग ₹7,000 प्रति किलो नीचे कारोबार कर रही है। उल्लेखनीय है कि 29 जनवरी 2026 को सोने ने ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ने ₹3.86 लाख प्रति किलो का ऑलटाइम हाई बनाया था।   विशेषज्ञों की सलाह: एकमुश्त निवेश से बचें कमोडिटी विशेषज्ञ अजय केडिया का कहना है कि मौजूदा कीमतें अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से नीचे हैं, इसलिए निवेशकों के लिए अवसर मौजूद है। हालांकि, वे एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करने की सलाह देते हैं। उनके अनुसार, साल के अंत तक सोने की कीमत ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2.80 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकती है।   खरीदारी से पहले रखें इन बातों का ध्यान सोना खरीदते समय हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) हॉलमार्क वाला प्रमाणित आभूषण ही खरीदें और खरीदारी से पहले विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों से कीमत की पुष्टि करें। वहीं, चांदी की शुद्धता की जांच मैग्नेट टेस्ट, आइस टेस्ट, स्मेल टेस्ट और क्लॉथ टेस्ट जैसे सरल तरीकों से की जा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि सही गुणवत्ता और प्रमाणित उत्पाद खरीदना सुरक्षित निवेश की पहली शर्त है।

abhishek singh जुलाई 21, 2026 0
Gold-Silver Price
Gold-Silver Price: सोना-चांदी हुआ सस्ता, खरीदारी का सुनहरा मौका

नई दिल्ली, एजेंसियां। सोना और चांदी खरीदने या इनमें निवेश करने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सर्राफा बाजार में गिरावट के चलते दोनों कीमती धातुओं के दाम नीचे आ गए हैं। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख और घरेलू निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।   इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत में 10 ग्राम पर 680 रुपये की गिरावट आई है। इसके बाद सोने का औसत भाव घटकर ₹1,41,800 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। स्थानीय टैक्स और अन्य शुल्कों के कारण विभिन्न शहरों में कीमतों में मामूली अंतर देखा जा सकता है।   वहीं चांदी की कीमतों में भी गिरावट जारी रही। प्रति किलोग्राम चांदी का भाव करीब ₹1,320 घटकर ₹2,18,690 के स्तर पर आ गया है। कुछ शहरों में खुदरा मांग बेहतर रहने के कारण चांदी के दाम ₹2,19,800 प्रति किलो तक बने हुए हैं।   अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों धातुओं पर दबाव बना हुआ है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते सोना करीब 0.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,034.40 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी 0.34 प्रतिशत टूटकर 57.235 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है।   बाजार विशेषज्ञों का कहना  बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई कारण हैं। अमेरिकी डॉलर की मजबूती, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। इसके अलावा घरेलू बाजार में निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली भी कीमतों में नरमी का एक प्रमुख कारण बनी है।   विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव जारी रहता है तो आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों को बाजार की चाल पर नजर रखते हुए ही खरीदारी का फैसला करना चाहिए।

anjali kumari जुलाई 16, 2026 0
Temple wearable device by Deepinder Goyal attached near temple area for health monitoring
Temple Launch: कनपटी पर चिपकने वाली दीपेंदर गोयल की 'Temple' डिवाइस जल्द होगी लॉन्च, जानें कीमत, फीचर्स और क्या होगा खास

Zomato के सह-संस्थापक दीपेंदर गोयल की बहुप्रतीक्षित वियरेबल डिवाइस Temple एक बार फिर चर्चा में है। लंबे समय से इस डिवाइस को लेकर उत्सुकता बनी हुई थी और अब इसकी लॉन्च टाइमलाइन को लेकर नई जानकारी सामने आई है। गोयल के अनुसार, यह डिवाइस अगले 6 से 12 महीनों के भीतर यानी 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत तक बाजार में लॉन्च की जा सकती है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इसकी अंतिम लॉन्च तारीख या कीमत की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। क्या है Temple डिवाइस? Temple एक बेहद कॉम्पैक्ट वियरेबल डिवाइस है, जिसे कनपटी (Temple Area) पर चिपकाकर पहना जाता है। इसका आकार फली (Bean) जैसा बताया गया है। कंपनी का दावा है कि यह डिवाइस केवल सामान्य फिटनेस डेटा ही नहीं, बल्कि शरीर की मेटाबोलिक स्थिति (Metabolic State) को रियल-टाइम में मॉनिटर करने में सक्षम होगी। इसका उद्देश्य शरीर की ऊर्जा, रिकवरी और प्रदर्शन से जुड़े महत्वपूर्ण बायोमार्कर्स का विश्लेषण करना है। हर किसी के लिए नहीं है यह डिवाइस दीपेंदर गोयल ने कहा कि Temple को शुरुआत से ही आम उपभोक्ताओं के लिए नहीं बनाया गया है। उनके अनुसार, यह डिवाइस मुख्य रूप से हाई-परफॉर्मेंस एथलीट्स और ऐसे लोगों के लिए विकसित की जा रही है, जिन्हें अपने शरीर की मेटाबोलिक परफॉर्मेंस का गहराई से विश्लेषण करना होता है। गोयल ने यह भी कहा कि उन्होंने इस डिवाइस को सबसे पहले अपनी जरूरत को ध्यान में रखकर विकसित करना शुरू किया था और व्यवसाय उसका स्वाभाविक परिणाम है। लॉन्च में हुई देरी गोयल ने स्वीकार किया कि Temple प्रोजेक्ट अपनी तय समयसीमा से पीछे चल रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले करीब 18 महीनों से वे इसकी लॉन्चिंग को लेकर उम्मीद जता रहे हैं, लेकिन तकनीकी विकास और परीक्षण के कारण इसमें देरी हुई। अब उनका अनुमान है कि अगले 6 से 12 महीनों के भीतर इसे बाजार में उतारा जा सकता है। संभावित कीमत कितनी होगी? रिपोर्ट्स के अनुसार Temple की संभावित कीमत लगभग 1,000 अमेरिकी डॉलर (करीब 1 लाख रुपये से कम) हो सकती है। हालांकि, कंपनी ने कीमत की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की है। अंतिम कीमत लॉन्च के समय अलग हो सकती है। Apple Watch और Galaxy Ring से कितनी अलग? फिटनेस वियरेबल्स की दुनिया में पहले से Apple Watch, Samsung Galaxy Ring और अन्य स्मार्ट डिवाइस मौजूद हैं। लेकिन Temple का फोकस पारंपरिक फिटनेस ट्रैकिंग से आगे बढ़कर एडवांस मेटाबोलिक मॉनिटरिंग पर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह डिवाइस— शरीर की मेटाबोलिक स्थिति को रियल-टाइम में ट्रैक कर सकती है। ऊर्जा स्तर (Energy Levels) का विश्लेषण कर सकती है। लैक्टिक एसिड जैसे एथलेटिक बायोमार्कर्स की निगरानी करने में सक्षम हो सकती है। प्रोफेशनल एथलीट्स और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग करने वालों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। यदि कंपनी अपने दावों के अनुसार इस तकनीक को सफलतापूर्वक बाजार में उतारती है, तो Temple प्रीमियम हेल्थ और फिटनेस वियरेबल्स सेगमेंट में एक अलग पहचान बना सकती है।  

surbhi जुलाई 16, 2026 0
Gold - Silver Price
सोने-चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव, निवेशकों की नजर वैश्विक बाजार और डॉलर की चाल पर

नई दिल्ली, एजेंसियां। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। गुरुवार को भी दोनों कीमती धातुओं के दाम दबाव में रहे। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के कारण सर्राफा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।   लगातार चौथे कारोबारी दिन दबाव में सोना-चांदी   बाजार के ताजा रुझानों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में लगातार चौथे कारोबारी दिन कमजोरी दर्ज की गई। सोना करीब 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जबकि चांदी का भाव करीब ₹2.45 लाख प्रति किलोग्राम रहा, जो पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले लगभग ₹500 प्रति किलो कम है। वहीं चार दिनों में चांदी करीब ₹15,000 प्रति किलो सस्ती हो चुकी है।   वैश्विक तनाव का बाजार पर असर   विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने वैश्विक बाजार में महंगाई की चिंताओं को बढ़ा दिया है। इसके साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर नीति को लेकर भी निवेशकों में असमंजस बना हुआ है, जिसका सीधा असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ रहा है।   डॉलर की मजबूती से घट रही सोने की चमक   अमेरिकी डॉलर मजबूत होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग पर दबाव पड़ता है। इसी वजह से हाल के दिनों में निवेशकों का रुझान कुछ हद तक डॉलर आधारित निवेश की ओर बढ़ा है, जिससे सर्राफा बाजार में उतार-चढ़ाव तेज हुआ है।   निवेशकों की नजर आगे किन संकेतों पर?   बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले, डॉलर इंडेक्स की चाल, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम सोने-चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रखने की सलाह दी जा रही है।   खरीदारों के लिए राहत, निवेशकों के लिए सतर्क रहने का समय   कीमतों में आई हालिया नरमी से आभूषण खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को कुछ राहत मिल सकती है। वहीं, निवेश के उद्देश्य से सोना-चांदी खरीदने वालों को विशेषज्ञ बाजार की चाल और अंतरराष्ट्रीय संकेतों को ध्यान में रखकर ही फैसला लेने की सलाह दे रहे हैं।

abhishek singh जुलाई 9, 2026 0
Jasmin Bhasin in a hospital bed during her Dubai birthday trip while Aly Goni holds her hand.
बर्थडे ट्रिप पर अस्पताल पहुंचीं जैस्मिन भसीन, अली गोनी बोले- 'जिंदगी की मर्जी कुछ और थी', फैंस से मांगी दुआ

मुंबई: टीवी अभिनेत्री जैस्मिन भसीन का जन्मदिन इस बार अस्पताल में बीता। अपने बर्थडे सेलिब्रेशन के लिए दुबई पहुंचीं जैस्मिन अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़ गईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उनके बॉयफ्रेंड और अभिनेता अली गोनी ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा करते हुए फैंस से उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ करने की अपील की। "जिंदगी की मर्जी कुछ और थी" अली गोनी ने इंस्टाग्राम पर अस्पताल से एक भावुक तस्वीर साझा की, जिसमें जैस्मिन अस्पताल के बेड पर लेटी हुई हैं और अली का हाथ थामे नजर आ रही हैं। पोस्ट के साथ उन्होंने लिखा, "हैप्पी बर्थडे जैस्मिन। हम यहां तुम्हारा जन्मदिन मनाने आए थे, लेकिन जिंदगी की मर्जी कुछ और ही थी। जन्मदिन की यादें बनाने के बजाय हम अस्पताल के कमरे में हैं। तुम्हें दर्द में देखना इस ट्रिप का सबसे मुश्किल हिस्सा रहा है। तुम्हें फिर से स्वस्थ और मुस्कुराते हुए देखने के लिए मैं किसी भी जश्न को छोड़ने को तैयार हूं।" उन्होंने आगे लिखा कि उनकी सबसे बड़ी दुआ यही है कि जैस्मिन जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ होकर फिर से मुस्कुराने लगें। गंभीर इन्फेक्शन के कारण हुईं अस्पताल में भर्ती अली गोनी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बताया कि जैस्मिन को अचानक गंभीर इन्फेक्शन हो गया, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने लिखा, "हम जैस्मिन का जन्मदिन मनाने दुबई आए थे, लेकिन जिंदगी की मर्जी कुछ और थी। वह अचानक बहुत बीमार पड़ गईं और गंभीर इन्फेक्शन की वजह से अस्पताल में भर्ती करनी पड़ी। पिछले कुछ दिन हमारे लिए बेहद मुश्किल और भावुक रहे।" धीरे-धीरे ठीक हो रही हैं जैस्मिन अली ने फैंस को राहत देते हुए बताया कि जैस्मिन की तबीयत में अब धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा, "उन्हें सबसे अच्छी मेडिकल देखभाल मिल रही है और वह धीरे-धीरे ठीक हो रही हैं। अगर मैं किसी के मैसेज या कॉल का जवाब नहीं दे पाया तो उसके लिए माफ़ी चाहता हूं। फिलहाल मेरा पूरा ध्यान जैस्मिन के साथ रहने पर है। कृपया उन्हें अपनी दुआओं में याद रखें।" कैसे शुरू हुई थी अली और जैस्मिन की लव स्टोरी? अली गोनी और जैस्मिन भसीन की पहली मुलाकात साल 2018 में खतरों के खिलाड़ी 9 के दौरान हुई थी। अर्जेंटीना में शूटिंग के दौरान दोनों अच्छे दोस्त बने। बाद में बिग बॉस 14 में दोनों ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया। तब से दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं और अक्सर अपनी तस्वीरें और वेकेशन की झलकियां सोशल मीडिया पर साझा करते रहते हैं। फिलहाल फैंस जैस्मिन के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।  

surbhi जून 29, 2026 0
Gold-Silver Price
Gold-Silver Price: सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट

मुंबई, एजेंसियां। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर सोमवार को भारतीय सर्राफा बाजार पर भी देखने को मिला। बिकवाली के दबाव के कारण सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त वायदा सोना शुरुआती कारोबार में 1,44,180 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला, लेकिन जल्द ही गिरकर करीब 1,43,470 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान सोने ने 1,43,454 रुपये का निचला स्तर भी छुआ। वहीं सितंबर वायदा चांदी भी गिरावट के साथ 2,23,174 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी और इंट्राडे में 2,22,641 रुपये तक फिसल गई। इस गिरावट से आभूषण खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को कुछ राहत मिली है।   अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी दिखा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। कॉमेक्स (COMEX) पर सोना करीब 0.41 प्रतिशत गिरकर 4,078 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1 प्रतिशत से अधिक टूटकर 58.52 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की आशंकाओं, मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती ट्रेजरी यील्ड ने सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बनाया है। इसके अलावा, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग सीमित रही।   बाजार की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की घटनाओं से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। वहीं भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मामूली मजबूती के साथ खुला, जबकि ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। अब निवेशकों की नजर इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास और रोजगार संबंधी आंकड़ों पर है। इन आर्थिक संकेतकों के आधार पर आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतों की दिशा तय होने की संभावना है। वहीं, विभिन्न शहरों में जीएसटी और मेकिंग चार्ज के कारण आभूषणों के खुदरा दामों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।

anjali kumari जून 29, 2026 0
Gold - Silver Price Today
Gold-Silver Price Today: सोना और चांदी हुए सस्ते

नई दिल्ली, एजेंसियां। सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। पिछले कुछ दिनों से रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंची कीमतों में अब नरमी देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण घरेलू बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं के दाम में गिरावट दर्ज की गई है। शादी-ब्याह के सीजन और निवेश के लिहाज से यह खरीदारों के लिए राहत भरा समय माना जा रहा है।   प्रमुख शहरों में सोने के भाव 11 जून 2026 को दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,49,010 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,36,600 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,48,860 प्रति 10 ग्राम रही। वहीं चेन्नई में सोना सबसे महंगा रहा, जहां 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,50,550 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।   चांदी की कीमतों में भी नरमी सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में चांदी का भाव ₹2.50 लाख प्रति किलोग्राम रहा। जबकि चेन्नई, भुवनेश्वर, हैदराबाद और केरल में चांदी ₹2.60 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करती नजर आई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक परिस्थितियों के चलते चांदी में अभी भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।   कीमतों में बदलाव की क्या है वजह? विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों की स्थिति, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की मांग का सीधा असर सोना-चांदी की कीमतों पर पड़ता है। हाल के दिनों में मिडिल ईस्ट तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भी बुलियन बाजार को प्रभावित किया है।   खरीदारी से पहले रखें ये सावधानियां सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क की जांच जरूर करें और मेकिंग चार्ज की तुलना करें। वहीं चांदी खरीदते समय उसकी शुद्धता और पक्का बिल लेना न भूलें। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा नरमी के बीच समझदारी से खरीदारी करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

abhishek singh जून 11, 2026 0
Gold Sliver Price
Gold Sliver Price: सोने और चांदी हुआ महंगा

नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया। Silver की कीमत 4,300 रुपये बढ़कर 2.57 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। वहीं Gold 800 रुपये की तेजी के साथ करीब 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले चांदी 2.53 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।   वैश्विक तनाव का बाजार पर असर सोना-चांदी की कीमतों में इस उछाल के पीछे प्रमुख कारण वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव है। विशेष रूप से United States और Iran के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित किया है। ऐसे माहौल में सोना और चांदी जैसे कीमती धातुओं की मांग बढ़ जाती है, जिससे कीमतों में तेजी आती है।   अंतरराष्ट्रीय बाजार में मिला-जुला रुख हालांकि वैश्विक बाजार में सोने और चांदी के दाम में गिरावट देखने को मिली। हाजिर चांदी 1.35% गिरकर करीब 79.71 डॉलर प्रति औंस रही, जबकि सोना भी 0.52% गिरकर लगभग 4,805 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। विशेषज्ञों के अनुसार, डॉलर की मजबूती और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता ने अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर दबाव बनाया है।   होर्मुज जलडमरूमध्य से बढ़ी चिंता Strait of Hormuz के आसपास बढ़ते तनाव ने ऊर्जा कीमतों और सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इससे वैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और निवेशकों का रुझान सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर बढ़ रहा है।   आगे बाजार की दिशा क्या? विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतें वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर करेंगी। खासकर अमेरिका-ईरान संबंध, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे। यदि तनाव बढ़ता है, तो सोना-चांदी और महंगे हो सकते हैं, वहीं स्थिति सामान्य होने पर कीमतों में गिरावट भी संभव है।

Unknown अप्रैल 21, 2026 0
Gold Silver Price
Gold Silver Price: सोना-चांदी में जबरदस्त उछाल

नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी तेजी दर्ज की गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक, चांदी ₹11,250 उछलकर ₹2,41,250 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना ₹4,900 महंगा होकर ₹1,49,700 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। यह तेजी घरेलू बाजार में एक ही दिन में कीमती धातुओं की सबसे उल्लेखनीय चालों में से एक मानी जा रही है। हाल के कारोबारी अपडेट्स में भी कीमती धातुओं में तेज उछाल दर्ज किया गया है।   मंगलवार के मुकाबले तेज चढ़ाव एक दिन पहले चांदी ₹2,30,000 प्रति किलो और सोना ₹1,44,800 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था। बुधवार को चांदी में करीब 4.89 फीसदी और सोने में 3.38 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस उछाल के पीछे मजबूत वैश्विक रुझान, निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी और सुरक्षित निवेश की मांग प्रमुख कारण हैं।   अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बहुमूल्य धातुओं में मजबूती देखने को मिली। ताजा कारोबारी रिपोर्ट्स के अनुसार, हाजिर सोना लगभग 2 फीसदी चढ़कर करीब 4,556 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंचा, जबकि चांदी भी 72 डॉलर प्रति औंस के ऊपर मजबूत कारोबार करती दिखी। वैश्विक स्तर पर डॉलर में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी सोने-चांदी को सहारा दिया।   तेजी के पीछे क्या है वजह? विश्लेषकों का कहना है कि पश्चिम एशिया से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रम, अमेरिका-ईरान तनाव में संभावित नरमी, डॉलर इंडेक्स में गिरावट और कच्चे तेल की चाल ने निवेशकों का रुख कीमती धातुओं की ओर मोड़ा है। ऐसे माहौल में सोना और चांदी दोनों को सुरक्षित निवेश के तौर पर फिर से मजबूती मिल रही है। बाजार जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी वैश्विक घटनाओं का असर सर्राफा बाजार पर बना रह सकता है।   निवेशकों के लिए सलाह विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा तेजी के बीच निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। कीमतों में उतार-चढ़ाव तेज रह सकता है, इसलिए खरीदारी या निवेश से पहले बाजार की चाल और अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर नजर रखना जरूरी है।

Unknown मार्च 26, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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