नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP (Cockroach Janta Party) के प्रदर्शन को लेकर लेखिका अरुंधति रॉय, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, अभिनेत्री रत्ना पाठक शाह, अर्थशास्त्री जयति घोष सहित कई प्रमुख हस्तियों ने संयुक्त बयान जारी किया है। उन्होंने सोनम वांगचुक और अन्य अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे अपना अनशन समाप्त करें, लेकिन आंदोलन जारी रखें। सोनम वांगचुक समेत कई प्रदर्शनकारी अनशन पर संयुक्त बयान में कहा गया कि सोनम वांगचुक, अभिजीत डिपके और अन्य प्रदर्शनकारी छात्रों और युवाओं के हितों के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। हस्तियों ने उनकी मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि लगातार भूख हड़ताल से उनकी सेहत तेजी से बिगड़ रही है और यह चिंता का विषय है। 'यह लंबी लड़ाई है, आपकी सेहत जरूरी है' बयान में कहा गया, "हम आपकी प्रतिबद्धता और साहस को सलाम करते हैं, लेकिन आगे की लड़ाई लंबी है। इसलिए आपसे आग्रह है कि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करें और स्वस्थ रहकर इस आंदोलन का नेतृत्व जारी रखें।" हस्ताक्षरकर्ताओं ने भरोसा दिलाया कि वे प्रदर्शनकारियों की मांगों के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मांगें CJP समर्थित यह आंदोलन कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। वहीं, सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल लगातार जारी रहने से उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है।
लंदन, एजेंसियां। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स पर इतिहास रच दिया। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 270 रन से हराकर लॉर्ड्स में खेले गए पहले महिला टेस्ट मैच में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह पहली बार है जब भारत ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर महिला टेस्ट मुकाबला अपने नाम किया। यास्तिका और भारतीय बल्लेबाजों ने रखी जीत की मजबूत नींव भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए, जिसमें यास्तिका भाटिया ने शानदार 113 रन, स्मृति मंधाना ने 83 रन, दीप्ति शर्मा ने 57 रन और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 58 रन की महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। दूसरी पारी में भारत ने 341/7 पर पारी घोषित कर इंग्लैंड के सामने 457 रन का विशाल लक्ष्य रखा। क्रांति गौड़ और स्नेह राणा ने इंग्लैंड की कमर तोड़ी 457 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 186 रन पर ऑलआउट हो गई। तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने पहली पारी में 5/37 और मैच में कुल सात विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता। वहीं स्नेह राणा ने दूसरी पारी में 4 विकेट लेकर इंग्लैंड की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर दर्ज हुआ इतिहास क्रांति गौड़ लॉर्ड्स टेस्ट ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला गेंदबाज बन गईं। वहीं यास्तिका भाटिया का शतक भी इस ऐतिहासिक ऑनर्स बोर्ड में शामिल हुआ। 142 वर्षों के इतिहास में पहली बार आयोजित महिला टेस्ट में भारत की यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के सबसे यादगार पलों में गिनी जा रही है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय महिला और पुरुष क्रिकेट टीमों की घोषणा कर दी है। जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले इस बहु-खेल आयोजन में भारतीय महिला टीम अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने उतरेगी, जबकि पुरुष टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर संभालेंगे। हरमनप्रीत कौर पर फिर जताया भरोसा महिला टीम की कमान एक बार फिर हरमनप्रीत कौर को सौंपी गई है, जबकि स्मृति मंधाना उप-कप्तान होंगी। चयनकर्ताओं ने लगभग उसी टीम पर भरोसा जताया है, जिसने हाल ही में महिला टी20 विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। टीम में सिर्फ एक बदलाव किया गया है। विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया की जगह युवा खिलाड़ी जी. कामलिनी को मौका मिला है। संतुलित नजर आ रही महिला टीम बल्लेबाजी में स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। मध्यक्रम में ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा टीम को मजबूती देंगी, जबकि ऋचा घोष मुख्य विकेटकीपर की भूमिका निभाएंगी। तेज गेंदबाजी का जिम्मा रेणुका सिंह ठाकुर और अरुंधति रेड्डी के कंधों पर रहेगा। स्पिन विभाग में राधा यादव और श्रेयंका पाटिल शामिल हैं। हालांकि, श्रेयंका का अंतिम चयन उनकी फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगा। श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में उतरेगी पुरुष टीम पुरुष टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है। टीम में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई और वरुण चक्रवर्ती जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को जगह मिली है। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी टीम का हिस्सा होंगे। भारत की महिला टीम 2023 के हांगझोऊ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकी है। ऐसे में इस बार भी उससे स्वर्ण पदक बरकरार रखने की उम्मीद होगी। वहीं, पुरुष टीम भी मजबूत संयोजन के साथ मैदान में उतरकर भारत को एक और स्वर्ण पदक दिलाने का लक्ष्य लेकर खेलेगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की महिला चयन समिति ने एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम की घोषणा कर दी है। अनुभवी ऑलराउंडर Harmanpreet Kaur को एक बार फिर टीम की कमान सौंपी गई है, जबकि Smriti Mandhana को उपकप्तान बनाया गया है। यह प्रतियोगिता सितंबर 2026 में जापान के आइची-नागोया में आयोजित होगी। विश्व कप से बाहर होने के बाद अब एशियन गेम्स पर फोकस हाल ही में महिला टी20 विश्व कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम अब एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक बचाने के इरादे से उतरेगी। भारत ने पिछले एशियन गेम्स (हांगझोउ 2022) में महिला क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीता था और इस बार भी टीम को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलन चयनकर्ताओं ने टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं को भी मौका दिया है। टीम में Shafali Verma, Jemimah Rodrigues, Deepti Sharma, Richa Ghosh, Renuka Singh और Shreyanka Patil जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। हालांकि श्रीयंका पाटिल की उपलब्धता उनकी फिटनेस पर निर्भर रहेगी। स्वर्ण पदक बचाने की चुनौती एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट टी20 प्रारूप में खेला जाएगा। मेजबान जापान के अलावा भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, चीन, मलेशिया और थाईलैंड टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे। भारतीय टीम लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीतकर अपना दबदबा कायम रखने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय महिला क्रिकेट टीम का टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सफर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ छह विकेट की हार के साथ समाप्त हो गया। इस हार के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टीम के प्रदर्शन पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्वीकार किया कि भारत पूरे टूर्नामेंट में अपने स्तर का क्रिकेट नहीं खेल सका और अब टीम को मजबूत विपक्षी टीमों के खिलाफ अपनी रणनीति और प्रदर्शन पर गंभीरता से विचार करना होगा। हरमनप्रीत ने कहा कि कुछ समय तक मुकाबले में रहने के बावजूद टीम निर्णायक मौकों पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। 'अच्छी टीमों के खिलाफ बेहतर खेलना होगा' मैच के बाद हरमनप्रीत कौर ने कहा कि भारतीय टीम ने 170 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर बनाया था और एक समय ऐसा लगा कि यह जीत के लिए पर्याप्त साबित हो सकता है। हालांकि ऑस्ट्रेलिया ने शानदार बल्लेबाजी और सटीक रणनीति के दम पर लक्ष्य हासिल कर लिया। कप्तान ने माना कि पूरे टूर्नामेंट में मजबूत टीमों के खिलाफ भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। उन्होंने कहा, "सबसे अच्छी टीमों के खिलाफ आपका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सामने आना चाहिए, लेकिन हम ऐसा नहीं कर सके। हमें इस पर दोबारा सोचने और अपनी कमियों को दूर करने की जरूरत है।" हरमनप्रीत की अर्धशतकीय पारी भी नहीं दिला सकी जीत टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने कप्तान हरमनप्रीत कौर की 26 गेंदों में 56 रनों की विस्फोटक पारी की बदौलत 20 ओवर में 170/4 का मजबूत स्कोर बनाया। लेकिन ऑस्ट्रेलिया की ओर से एलिस पेरी (56) और एशले गार्डनर (नाबाद 53) की शानदार पारियों ने मैच का रुख बदल दिया। ऑस्ट्रेलिया ने 171 रन का लक्ष्य हासिल कर महिला टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज दर्ज किया। इस हार के साथ भारत सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया, जबकि ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका ने अंतिम चार में जगह बनाई। अब पहला सेमीफाइनल ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच तथा दूसरा इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाएगा, जबकि फाइनल मुकाबला 5 जुलाई को लॉर्ड्स में आयोजित होगा।
नई दिल्ली, एजेंसियां। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम का सामना छह बार की विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से होगा। लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाला यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए लगभग 'करो या मरो' जैसा है, क्योंकि इस मैच का नतीजा सेमीफाइनल की तस्वीर तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। भारतीय टीम ने अब तक अपने चार में से तीन मुकाबले जीतकर मजबूत स्थिति बनाई है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत उसे बिना किसी समीकरण के सीधे सेमीफाइनल में पहुंचा देगी। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया अपने चारों लीग मैच जीतकर पहले ही शानदार लय में है। भारत के सामने बड़ी चुनौती कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुआई में भारतीय टीम को बल्लेबाजी और फील्डिंग दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। उपकप्तान स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, रिचा घोष और दीप्ति शर्मा से बड़ी पारियों की उम्मीद रहेगी, जबकि गेंदबाजी में रेणुका सिंह और स्पिन आक्रमण पर अहम जिम्मेदारी होगी। लॉर्ड्स की पिच और मौसम लॉर्ड्स की पिच पर तेज गेंदबाजों और स्पिनरों दोनों को मदद मिलने की संभावना है। यहां लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों का रिकॉर्ड बेहतर रहा है, इसलिए इस मैच में टॉस भी अहम भूमिका निभा सकता है। मौसम साफ रहने की संभावना है और बारिश की आशंका बहुत कम है। सेमीफाइनल का समीकरण भारत की जीत उसे सीधे सेमीफाइनल में पहुंचा देगी। हार की स्थिति में टीम की उम्मीदें अन्य मुकाबलों के परिणाम और नेट रन रेट पर निर्भर हो सकती हैं। ऐसे में आज का मुकाबला टूर्नामेंट का सबसे महत्वपूर्ण मैच माना जा रहा है।
बर्मिंघम, एजेंसियां। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले के दौरान एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में पहला रन बनाते ही हरमनप्रीत टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गईं। उन्होंने पूर्व कप्तान मिताली राज का लंबे समय से कायम रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। 10 वर्ल्ड कप खेलने का मिला इनाम हरमनप्रीत कौर ने 2009 से अब तक महिला टी20 वर्ल्ड कप के सभी 10 संस्करणों में हिस्सा लिया है। पाकिस्तान के खिलाफ मैच के बाद उनके नाम 40 मुकाबलों में 762 रन दर्ज हो गए हैं। इस दौरान उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक भी लगाए हैं। भारत की ओर से महिला टी20 वर्ल्ड कप में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाजों की सूची में अब हरमनप्रीत पहले स्थान पर हैं। उनके बाद मिताली राज (726 रन) और स्मृति मंधाना (592 रन) का नाम आता है। मुश्किल समय में खेली जिम्मेदार पारी भारत की शुरुआत इस मुकाबले में बेहद खराब रही। शेफाली वर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स जल्दी आउट हो गईं, जिससे टीम दबाव में आ गई। ऐसे समय में कप्तान हरमनप्रीत ने उपकप्तान स्मृति मंधाना के साथ पारी को संभाला। जहां मंधाना ने आक्रामक बल्लेबाजी की, वहीं हरमनप्रीत ने संयम से खेलते हुए स्ट्राइक रोटेट की और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उन्होंने 35 गेंदों में 36 महत्वपूर्ण रन बनाए, जिससे भारत बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रहा। एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के करीब हरमनप्रीत का टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। हाल ही में उन्होंने महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 4,000 रन पूरे किए थे और ऐसा करने वाली दुनिया की तीसरी बल्लेबाज बनी थीं। अब उनके नाम 177 पारियों में 4,111 रन दर्ज हैं। इसके साथ ही वह जल्द ही 200 अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेलने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बनने की दहलीज पर खड़ी हैं। लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर हरमनप्रीत भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे सफल कप्तानों और बल्लेबाजों में अपनी पहचान और मजबूत करती जा रही हैं।
नई दिल्ली: महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पाकिस्तान को 64 रन से हराया। इस मुकाबले में भारत ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में दमदार प्रदर्शन किया। हालांकि मैच के बाद एक और वजह चर्चा का विषय बन गई। सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि पाकिस्तान की हार तय होते ही वहां के सरकारी प्रसारक पीटीवी ने लाइव क्रिकेट मैच की जगह फीफा मुकाबले का प्रसारण शुरू कर दिया। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और वायरल वीडियो तथा सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर ही यह चर्चा सामने आई है। भारत ने दर्ज की बड़ी जीत पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 170 रन बनाए। टीम के लिए Smriti Mandhana ने 44 गेंदों पर 68 रन की शानदार पारी खेली। कप्तान Harmanpreet Kaur ने 36 रन का योगदान दिया, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज Richa Ghosh ने डेथ ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 17 गेंदों में 34 रन बनाए। आखिरी दो ओवर में भारतीय टीम ने 38 रन जोड़कर स्कोर को 170 तक पहुंचाया। दीप्ति शर्मा ने गेंद से मचाया कहर 171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की पूरी टीम 17 ओवर में 106 रन पर सिमट गई। भारतीय स्पिनर Deepti Sharma ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में सिर्फ 10 रन देकर पांच विकेट हासिल किए। यह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भी भारतीय गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बन गया। वहीं विश्व कप में पदार्पण कर रहीं Shree Charani ने भी दो विकेट अपने नाम किए। रनों के लिहाज से यह महिला टी20 विश्व कप में भारत की पांचवीं सबसे बड़ी जीत रही। पीटीवी को लेकर वायरल हुआ दावा सोशल मीडिया पर वायरल कुछ पोस्ट और वीडियो में दावा किया गया कि पाकिस्तान में महिला टी20 विश्व कप के प्रसारण अधिकार रखने वाले पीटीवी ने मैच के अंतिम चरण में क्रिकेट प्रसारण हटाकर फीफा मुकाबला दिखाना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में जर्मनी और कुराकाओ के बीच फुटबॉल मैच दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले के दौरान भारतीय कप्तान Harmanpreet Kaur ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। हरमनप्रीत ने अपनी पारी का पहला रन बनाते ही पूर्व कप्तान Mithali Raj का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया और महिला टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गईं। एक रन ने बदल दिया इतिहास मैच शुरू होने से पहले हरमनप्रीत कौर और मिताली राज दोनों के नाम महिला टी20 वर्ल्ड कप में 726-726 रन दर्ज थे। पाकिस्तान के खिलाफ पहला रन बनाते ही हरमनप्रीत 727 रन तक पहुंच गईं और उन्होंने इस प्रतिष्ठित रिकॉर्ड पर अकेले कब्जा कर लिया। अब महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड हरमनप्रीत कौर के नाम दर्ज हो गया है। महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन खिलाड़ी मैच रन सर्वश्रेष्ठ स्कोर शतक/अर्धशतक हरमनप्रीत कौर 39 757* 103 1/4 मिताली राज 24 726 57 0/5 स्मृति मंधाना 26 550 87 0/4 जेमिमा रोड्रिग्स 20 408 59 0/2 पूनम राउत 15 375 56 0/3 शेफाली वर्मा 15 368 47 0/0 दीप्ति शर्मा 19 218 49* 0/0 ऋचा घोष 11 187 47* 0/0 सुलक्षणा नाइक 12 170 59 0/1 वेदा कृष्णमूर्ति 14 158 36* 0/0 कप्तान ने संभाली पारी, मंधाना का भी शानदार प्रदर्शन हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 28 गेंदों में 31 रन बनाए, जिसमें चार चौके शामिल रहे। दूसरी ओर Smriti Mandhana ने शानदार अर्धशतक जड़कर भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। खबर लिखे जाने तक मंधाना 64 रन बनाकर नाबाद थीं। उन्होंने अपनी पारी में आठ चौके और दो छक्के लगाए, जबकि भारतीय टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंच चुका था। ओवरऑल रिकॉर्ड अभी भी सूजी बेट्स के नाम अगर महिला टी20 वर्ल्ड कप के समग्र रिकॉर्ड की बात करें, तो सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड की दिग्गज बल्लेबाज Suzie Bates के नाम है। उन्होंने 42 मुकाबलों में 1,216 रन बनाए हैं और वह इस सूची में शीर्ष स्थान पर कायम हैं। हरमनप्रीत कौर की यह उपलब्धि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक और यादगार अध्याय साबित हुई है और उन्होंने एक बार फिर बड़े मंच पर अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी का दम दिखाया है।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मिली 2-1 की हार के बाद स्वीकार किया है कि आगामी टी20 वर्ल्ड कप में टीम की सफलता काफी हद तक उनकी और ओपनिंग पार्टनर शेफाली वर्मा की शुरुआत पर निर्भर करेगी। मंधाना ने माना कि इंग्लैंड सीरीज में दोनों बल्लेबाज टीम को मजबूत शुरुआत देने में नाकाम रहीं, लेकिन वर्ल्ड कप से पहले इस कमी को दूर करने के लिए वे कड़ी मेहनत करेंगी। इंग्लैंड सीरीज में नहीं चला ओपनिंग जोड़ी का बल्ला तीन मैचों की टी20 सीरीज में स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की ओपनिंग साझेदारियां क्रमशः 19, 27 और 0 रन की रहीं। दोनों बल्लेबाज अच्छी लय में नजर आईं, लेकिन बड़ी पारियां खेलने में सफल नहीं हो सकीं। सीरीज के बाद मंधाना ने कहा कि वह और शेफाली टीम को तेज और मजबूत शुरुआत देने की जिम्मेदारी समझती हैं। "मैं और शेफाली गेंद को अच्छी तरह टाइम कर रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य से टीम के लिए बड़ी पारियां नहीं खेल पाए। हम नेट्स में वापस जाएंगे, और ज्यादा मेहनत करेंगे तथा एक मजबूत ओपनिंग जोड़ी के रूप में वापसी करेंगे।" उन्होंने कहा कि इंग्लैंड जैसी परिस्थितियों में वर्ल्ड कप से पहले खेलने का अनुभव टीम की तैयारियों के लिए काफी अहम साबित होगा। वर्ल्ड कप से पहले भारत को मिले सकारात्मक संकेत हालांकि भारत सीरीज हार गया, लेकिन टीम को कई सकारात्मक संकेत भी मिले। चोट से वापसी करने वाली यस्तिका भाटिया शानदार फॉर्म में दिखीं और 119 रन बनाकर सीरीज की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। वहीं निर्णायक मुकाबले में कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 40 गेंदों में नाबाद 56 रन की शानदार पारी खेली। जेमिमा रोड्रिग्स और दीप्ति शर्मा ने भी बल्लेबाजी में अच्छा योगदान दिया। मंधाना ने हरमनप्रीत की तारीफ करते हुए कहा कि जब कप्तान अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में होती हैं तो उन्हें बल्लेबाजी करते देखना किसी आनंद से कम नहीं होता। गेंदबाजी पर करना होगा काम निर्णायक मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 180 रन का मजबूत स्कोर बनाया था। जवाब में इंग्लैंड एक समय 38 रन पर 3 विकेट गंवाकर मुश्किल में था, लेकिन एलिस कैप्सी और हीथर नाइट की 137 रनों की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया। मंधाना ने माना कि भारतीय गेंदबाज दबाव बनाने में नाकाम रहे और भविष्य में इस क्षेत्र में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि टीम अब गेंदबाजी योजनाओं और परिस्थितियों के अनुसार रणनीति पर दोबारा काम करेगी ताकि वर्ल्ड कप में ऐसी गलतियां दोहराई न जाएं। भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर क्या बोलीं मंधाना? टी20 वर्ल्ड कप में भारत अपना पहला मैच 14 जून को बर्मिंघम में पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगा। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले को लेकर मंधाना ने कहा कि भारत-पाकिस्तान मैच को अलग से प्रचारित करने की जरूरत नहीं होती। उनके अनुसार, यह मुकाबला अपने आप में इतना बड़ा है कि स्टेडियम हमेशा दर्शकों से भर जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बड़ी संख्या में भारतीय प्रशंसक टीम का समर्थन करने पहुंचेंगे। वर्ल्ड कप में भारत की चुनौती भारत को ग्रुप-1 में ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नीदरलैंड्स के साथ रखा गया है। टीम टूर्नामेंट शुरू होने से पहले वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ अभ्यास मैच भी खेलेगी। भारतीय टीम का लक्ष्य पिछले साल वनडे विश्व कप जीतने के बाद अब पहली बार महिला टी20 विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम करना होगा।
जमशेदपुर। जमशेदपुर के मानगो स्थित आजादनगर थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ओल्ड पुरुलिया रोड नंबर-1 पर सड़क किनारे खड़ी एक यात्री बस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कुछ ही मिनटों में पूरी बस धू-धू कर जलने लगी। आग की ऊंची लपटों और धुएं के गुबार को देखकर आसपास के लोग मौके पर जुट गए और तत्काल पुलिस, अग्निशमन विभाग तथा बिजली विभाग को सूचना दी गई। कुछ ही देर में बस जलकर हुई खाक प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस रोजाना की तरह रात में ड्यूटी समाप्त होने के बाद सड़क किनारे खड़ी की गई थी। बुधवार सुबह अचानक बस से धुआं निकलता दिखाई दिया, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। जब तक दमकल की टीम मौके पर पहुंचती, तब तक बस लगभग पूरी तरह जल चुकी थी। आग बुझाने के बाद बस का केवल लोहे का ढांचा ही बचा रह गया। बिजली व्यवस्था भी हुई प्रभावित बस में लगी आग की चपेट में पास का बिजली पोल और बिजली के तार भी आ गए। आग की गर्मी और लपटों से बिजली के उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके कारण आसपास के इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। घटना के बाद बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षति का आकलन शुरू किया। विभाग के कर्मचारी जल्द से जल्द बिजली बहाल करने में जुटे हुए हैं। बड़ा हादसा टला, नहीं हुई कोई जनहानि राहत की बात यह रही कि आग लगने के समय बस में कोई यात्री या चालक मौजूद नहीं था। इसके कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि आग आसपास की दुकानों और रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच सकती थी, लेकिन समय रहते दमकल कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया। आग लगने के कारणों की जांच शुरू घटना के बाद आजादनगर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी या फिर इसके पीछे किसी असामाजिक तत्व की भूमिका है। फिलहाल अधिकारियों ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम को इंग्लैंड दौरे पर बड़ा झटका लगा है। तीन मैचों की टी20 सीरीज के निर्णायक मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड ने भारत को 6 विकेट से हराकर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। कप्तान हरमनप्रीत कौर की शानदार अर्धशतकीय पारी के बावजूद भारतीय टीम जीत दर्ज नहीं कर सकी और टांटन में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने 9 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। हरमनप्रीत की कप्तानी पारी भी नहीं बचा सकी टीम टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद प्रभावशाली नहीं रही, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी संभालते हुए शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने 40 गेंदों में नाबाद 56 रन बनाए और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। यस्तिका भाटिया और दीप्ति शर्मा ने भी 32-32 रनों का उपयोगी योगदान दिया। वहीं जेमिमा रोड्रिग्स ने अंतिम ओवरों में तेज बल्लेबाजी करते हुए 19 गेंदों पर 29 रन जोड़े। इन पारियों की बदौलत भारत ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 180 रन बनाए। 38 रन पर 3 विकेट के बाद भी इंग्लैंड ने पलटा मैच 181 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने सिर्फ 38 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे और ऐसा लग रहा था कि भारत मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर चुका है। लेकिन इसके बाद एलिस कैप्सी और हीथर नाइट ने भारतीय गेंदबाजों पर जोरदार हमला बोल दिया। दोनों बल्लेबाजों ने शानदार साझेदारी करते हुए मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। कैप्सी ने सिर्फ 43 गेंदों में 82 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। दूसरी ओर अनुभवी बल्लेबाज हीथर नाइट ने 42 गेंदों में नाबाद 70 रन बनाए और अंत तक टिककर टीम को जीत दिलाई। उनकी पारी में 10 चौके शामिल थे। इंग्लैंड ने 18.3 ओवर में 4 विकेट खोकर 184 रन बनाए और मैच के साथ-साथ सीरीज पर भी कब्जा जमा लिया। भारतीय गेंदबाजों ने किया निराश भारत की हार का सबसे बड़ा कारण गेंदबाजी रही। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कुल छह गेंदबाजों का इस्तेमाल किया, लेकिन अरुंधति रेड्डी और क्रांति गौड़ के अलावा कोई भी गेंदबाज प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रहा। रेड्डी और क्रांति ने दो-दो विकेट लेकर भारत को शुरुआती सफलता दिलाई, लेकिन बाकी गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में नाकाम रहे। इसी का फायदा उठाकर कैप्सी और नाइट ने मैच भारत की पकड़ से छीन लिया। सीरीज का निर्णायक मोड़ एक समय इंग्लैंड मुश्किल में दिखाई दे रहा था, लेकिन एलिस कैप्सी और हीथर नाइट की शानदार बल्लेबाजी ने भारतीय टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। भारत के लिए यह हार इसलिए भी निराशाजनक रही क्योंकि 180 रन का स्कोर टी20 क्रिकेट में अक्सर जीत दिलाने वाला माना जाता है। इंग्लैंड ने इस जीत के साथ न सिर्फ मैच जीता बल्कि तीन मैचों की रोमांचक टी20 सीरीज भी 2-1 से अपने नाम कर ली।
टॉनटन में होगा सीरीज का निर्णायक मुकाबला India Women's National Cricket Team और England Women's Cricket Team के बीच खेली जा रही तीन मैचों की टी20 सीरीज अब रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। सीरीज 1-1 की बराबरी पर है और आज खेला जाने वाला तीसरा मुकाबला ट्रॉफी का फैसला करेगा। भारतीय कप्तान Harmanpreet Kaur की अगुवाई वाली टीम सीरीज जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगी, जबकि मेजबान इंग्लैंड भी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर खिताब अपने नाम करना चाहेगा। दूसरे मैच की हार भुलाकर उतरेगा भारत सीरीज के पहले मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की थी। हालांकि दूसरे टी20 में टीम को निराशा हाथ लगी। 169 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम एक समय 70/1 की मजबूत स्थिति में थी, लेकिन मध्यक्रम के लड़खड़ाने के कारण जीत हाथ से निकल गई। अब निर्णायक मुकाबले में टीम उस हार को पीछे छोड़कर नई शुरुआत करना चाहेगी। इन खिलाड़ियों पर रहेंगी निगाहें भारतीय टीम को सलामी बल्लेबाज Smriti Mandhana और Shafali Verma से अच्छी शुरुआत की उम्मीद होगी। इसके अलावा कप्तान हरमनप्रीत कौर और मध्यक्रम की बल्लेबाजों की भूमिका भी बेहद अहम रहने वाली है। महिला टी20 विश्व कप से पहले यह सीरीज टीम संयोजन को परखने का महत्वपूर्ण अवसर भी मानी जा रही है। कब और कहां खेला जाएगा मैच? मैच: भारत महिला बनाम इंग्लैंड महिला, तीसरा टी20 तारीख: 2 जून 2026 समय: रात 11:00 बजे (भारतीय समयानुसार) टॉस: रात 10:30 बजे स्थान: Cooper Associates County Ground कहां देखें लाइव मैच? क्रिकेट प्रशंसक इस मुकाबले का सीधा प्रसारण Sony Sports Network पर देख सकते हैं। वहीं ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग SonyLIV ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से अहम मुकाबला महिला टी20 विश्व कप से पहले दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत जहां विदेशी परिस्थितियों में अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम तलाश रहा है, वहीं इंग्लैंड घरेलू मैदान पर अपनी मजबूत दावेदारी साबित करना चाहेगा। ऐसे में टॉनटन में होने वाला यह मुकाबला सिर्फ सीरीज जीतने का नहीं, बल्कि आगामी बड़े टूर्नामेंटों के लिए आत्मविश्वास हासिल करने का भी अवसर होगा।
विश्व क्रिकेट में इस समय अगर किसी टीम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, तो वह है India national cricket team। हाल ही में 8 मार्च को भारत ने ICC Men's UP World Cup 2026 जीतकर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। यह जीत सिर्फ एक और ट्रॉफी हासिल करने की कहानी नहीं है, बल्कि उस दौर की पहचान है जिसमें भारतीय क्रिकेट लगातार दुनिया के सबसे बड़े मंचों पर अपना दबदबा कायम कर रहा है। खास बात यह है कि पिछले लगभग दो वर्षों में भारत की सीनियर पुरुष टीम, महिला टीम और जूनियर टीमों ने मिलकर कुल छह ICC ट्रॉफियां जीत ली हैं। इस उपलब्धि ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट अब सिर्फ प्रतिभा का बड़ा केंद्र नहीं, बल्कि विश्व क्रिकेट की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रहा है। दो साल में 6 ICC खिताब बीते दो वर्षों में भारतीय क्रिकेट ने जो सफलता हासिल की है, वह अभूतपूर्व है। Rohit Sharma की कप्तानी में भारत ने 2024 में ICC Men's UP World Cup 2024 जीता। इसके बाद 2025 में भी रोहित की अगुवाई में भारत ने ICC Champions Trophy 2025 अपने नाम की। फिर Suryakumar Yadav की कप्तानी में भारत ने ICC Men's UP World Cup 2026 जीतकर इतिहास रच दिया। सिर्फ पुरुष क्रिकेट ही नहीं, महिला क्रिकेट में भी भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की। Harmanpreet Kaur की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने 2025 में ICC Women's Cricket World Cup 2025 जीतकर पहली बार वनडे विश्व कप अपने नाम किया। जूनियर स्तर पर भी भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। भारतीय महिला अंडर-19 टीम ने 2025 में ICC Women's Under-19 UP World Cup जीता। वहीं 2026 में पुरुष अंडर-19 टीम ने ICC Under-19 Cricket World Cup की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। जब किसी देश की सीनियर पुरुष टीम, महिला टीम और जूनियर टीमें एक ही दौर में लगातार वैश्विक खिताब जीतती हैं, तो यह सिर्फ अच्छी फॉर्म नहीं बल्कि पूरे क्रिकेट सिस्टम की मजबूती को दर्शाता है। विश्व क्रिकेट में भारत का बढ़ता प्रभाव सीनियर पुरुष टीम को सबसे ज्यादा सुर्खियां मिलती हैं क्योंकि उनके टूर्नामेंट सबसे बड़े मंच पर खेले जाते हैं। 2024 में टी20 विश्व कप जीतकर भारत ने लंबे इंतजार के बाद खिताब हासिल किया था। इसके बाद 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर टीम ने यह साबित कर दिया कि यह सफलता महज संयोग नहीं है। 2026 का टी20 विश्व कप जीतकर भारत ने एक और रिकॉर्ड बना दिया। भारत इस टूर्नामेंट को तीन बार जीतने वाली पहली टीम बन गया और साथ ही खिताब को सफलतापूर्वक डिफेंड करने वाली भी पहली टीम बन गया। महिला और युवा क्रिकेट में भी नई ऊंचाई भारतीय महिला क्रिकेट ने भी हाल के वर्षों में जबरदस्त प्रगति की है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में महिला टीम ने 2025 में वनडे विश्व कप जीतकर नया इतिहास रचा। यह उपलब्धि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए मील का पत्थर साबित हुई। वहीं अंडर-19 स्तर पर मिली लगातार सफलताएं इस बात का संकेत हैं कि भारत के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की अगली पीढ़ी भी तैयार है। युवा खिलाड़ियों की जीत बताती है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य मजबूत और स्थिर है। विश्व क्रिकेट का नया बेंचमार्क आज भारतीय क्रिकेट सिर्फ एक मजबूत टीम नहीं, बल्कि विश्व क्रिकेट के लिए एक नया बेंचमार्क बन चुका है। हालांकि Australia national cricket team, England cricket team, New Zealand national cricket team और South Africa national cricket team जैसी टीमें अभी भी बेहद मजबूत हैं और आगे भी कड़ी चुनौती पेश करती रहेंगी। लेकिन पिछले दो वर्षों के नतीजों पर नजर डालें तो यह साफ दिखाई देता है कि जब भी बड़ी ट्रॉफी दांव पर होती है, तो अंत में जीत का ताज अक्सर भारतीय टीम के सिर पर ही सजता है। लगातार मिल रही इन सफलताओं ने यह संकेत दे दिया है कि भारतीय क्रिकेट का यह विजयी सफर फिलहाल थमने वाला नहीं है, और आने वाले वर्षों में भी भारत विश्व क्रिकेट में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए रखने के लिए पूरी ताकत से मैदान में उतरता रहेगा।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।