Healthy Recipes

Homemade super seed laddoos with pumpkin, flax, chia, sesame, and sunflower seeds for women's nutrition.
महिलाओं और लड़कियों के लिए सुपर सीड्स लड्डू, आयरन, कैल्शियम और हेल्दी फैट से भरपूर; जानें आसान रेसिपी और फायदे

Pumpkin Seeds, Sesame, Flax, Sunflower और Chia Seeds से तैयार यह हेल्दी लड्डू बढ़ती उम्र की लड़कियों, कामकाजी महिलाओं और 40+ महिलाओं के लिए पोषण का अच्छा विकल्प हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाकर खाया जा सकता है। महिलाओं और किशोरियों को जीवन के अलग-अलग चरणों में आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन और हेल्दी फैट की पर्याप्त जरूरत होती है। बढ़ती उम्र, मासिक धर्म, गर्भावस्था, स्तनपान और मेनोपॉज जैसे चरणों में शरीर की पोषण संबंधी जरूरतें बढ़ जाती हैं। ऐसे में घर पर तैयार मिक्स सुपर सीड्स लड्डू रोजाना की डाइट में एक हेल्दी स्नैक के रूप में शामिल किया जा सकता है। इस लड्डू में कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज, अलसी, तिल, चिया सीड्स, बादाम, काजू और गुड़ का इस्तेमाल किया जाता है। ये सभी पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ हड्डियों, मांसपेशियों और सामान्य स्वास्थ्य को सपोर्ट करने में मदद कर सकते हैं। किस उम्र में सबसे ज्यादा फायदेमंद? 13–19 वर्ष (किशोरियां) बढ़ती उम्र में हड्डियों और शरीर के विकास के लिए आयरन और कैल्शियम की जरूरत पूरी करने में मदद 20–35 वर्ष (कॉलेज, नौकरी और नई माताएं) व्यस्त जीवनशैली में हेल्दी स्नैक ऊर्जा और पोषण बनाए रखने में सहायक 35–50 वर्ष (कामकाजी और गृहिणी महिलाएं) हड्डियों और मांसपेशियों के लिए जरूरी पोषक तत्व संतुलित डाइट का अच्छा हिस्सा 50+ वर्ष (मेनोपॉज के बाद) कैल्शियम और हेल्दी फैट की पूर्ति में मदद संतुलित आहार के साथ हड्डियों की सामान्य सेहत को सपोर्ट बनने में कितना समय लगता है? तैयारी का समय: 10 मिनट पकाने का समय: 15 मिनट कुल समय: 25 मिनट आवश्यक सामग्री ½ कप कद्दू के बीज ½ कप सूरजमुखी के बीज ¼ कप अलसी के बीज ¼ कप सफेद तिल 2 बड़े चम्मच चिया सीड्स ½ कप कद्दूकस किया गुड़ 2 बड़े चम्मच देसी घी 8–10 बादाम 8–10 काजू ½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर बनाने की आसान विधि सभी बीज और ड्राई फ्रूट्स को अलग-अलग हल्का भून लें। इन्हें दरदरा पीस लें। पैन में घी गर्म करके गुड़ पिघलाएं। इसमें बीजों का मिश्रण और इलायची डालकर अच्छी तरह मिलाएं। मिश्रण हल्का ठंडा होने पर छोटे-छोटे लड्डू बना लें। प्रति लड्डू अनुमानित पोषण कैलोरी: 140–160 kcal प्रोटीन: 4–5 ग्राम फाइबर: 3–4 ग्राम हेल्दी फैट: 9–10 ग्राम आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत संभावित फायदे आयरन और कैल्शियम की पूर्ति में सहायक लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने में मदद हड्डियों और मांसपेशियों की सामान्य सेहत को सपोर्ट फाइबर के कारण पाचन में मदद हेल्दी फैट और ओमेगा-3 का अच्छा स्रोत हेल्दी स्नैक के रूप में बेहतर विकल्प कब खाएं? सुबह नाश्ते के बाद शाम 4–6 बजे स्नैक के रूप में वर्कआउट के बाद यात्रा के दौरान हेल्दी स्नैक रोज कितना खाएं? 1–2 लड्डू प्रतिदिन संतुलित आहार के हिस्से के रूप में पर्याप्त हो सकते हैं। ध्यान दें: यह लड्डू पोषण देने वाला हेल्दी स्नैक है, किसी बीमारी का इलाज नहीं। यदि आपको डायबिटीज, नट्स या सीड्स से एलर्जी, किडनी रोग या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो नियमित सेवन से पहले डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटिशियन की सलाह लें।  

anmol जुलाई 17, 2026 0
Healthy kidney-friendly monsoon recipes including soup, yogurt bowl, salad, oats, and khichdi on a table.
Health Exclusive: मानसून में किडनी को रखना है हेल्दी? डाइट में शामिल करें ये 6 सुपरफूड रेसिपीज, जानें कैसे मिल सकते हैं फायदे

Kidney Health Monsoon Diet: मानसून के मौसम में संक्रमण, डिहाइड्रेशन और खानपान की गड़बड़ी का असर किडनी की सेहत पर भी पड़ सकता है। ऐसे में संतुलित आहार के साथ कुछ हेल्दी सुपरफूड रेसिपीज डाइट का हिस्सा बनाकर किडनी की कार्यक्षमता को सपोर्ट किया जा सकता है। हालांकि, किडनी रोग से पीड़ित मरीज किसी भी डाइट में बदलाव से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूर लें। मानसून में किडनी की देखभाल क्यों है जरूरी? बारिश के मौसम में नमी, दूषित पानी और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा कई लोग इस दौरान पानी कम पीते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो सकती है। पर्याप्त पानी, संतुलित पोषण और ताजा भोजन किडनी के सामान्य कार्य को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। अगर आप स्वस्थ हैं, तो कुछ पोषक तत्वों से भरपूर रेसिपीज अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। 1. लौकी-मूंग दाल सूप आवश्यक सामग्री 1 कप लौकी (कटी हुई) ¼ कप धुली मूंग दाल 1 छोटा टुकड़ा अदरक काली मिर्च थोड़ा हरा धनिया बनाने की विधि मूंग दाल और लौकी को प्रेशर कुकर में पकाएं। ब्लेंड करके हल्का सूप तैयार करें और ऊपर से धनिया डालकर सर्व करें। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 120 kcal प्रोटीन: 8 ग्राम फाइबर: 4 ग्राम संभावित फायदे हल्का और आसानी से पचने वाला शरीर को हाइड्रेशन देने में मदद कम फैट वाला विकल्प 2. खीरा-दही रायता आवश्यक सामग्री 1 खीरा 1 कप लो-फैट दही भुना जीरा पुदीना बनाने की विधि खीरे को कद्दूकस कर दही में मिलाएं। ऊपर से जीरा और पुदीना डालें। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 90 kcal प्रोटीन: 6 ग्राम संभावित फायदे शरीर को ठंडक हाइड्रेशन में मदद पाचन को सपोर्ट 3. लाल शिमला मिर्च और पत्तागोभी सलाद आवश्यक सामग्री लाल शिमला मिर्च पत्तागोभी गाजर नींबू का रस काली मिर्च बनाने की विधि सभी सब्जियों को मिलाकर नींबू और काली मिर्च डालें। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 95 kcal फाइबर: 5 ग्राम संभावित फायदे विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स इम्यूनिटी को सपोर्ट 4. सेब-दालचीनी ओट्स बाउल आवश्यक सामग्री ½ कप ओट्स 1 छोटा सेब दालचीनी लो-फैट दूध बनाने की विधि ओट्स पकाएं, ऊपर से कटे सेब और दालचीनी डालें। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 220 kcal प्रोटीन: 8 ग्राम फाइबर: 6 ग्राम संभावित फायदे लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद संतुलित ऊर्जा 5. ब्लूबेरी या जामुन योगर्ट बाउल आवश्यक सामग्री 1 कप दही ब्लूबेरी या जामुन चिया सीड्स (कम मात्रा में) बनाने की विधि दही में फल मिलाकर तुरंत खाएं। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 160 kcal प्रोटीन: 8 ग्राम संभावित फायदे एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत हेल्दी स्नैक विकल्प 6. कद्दू और मूंग दाल खिचड़ी आवश्यक सामग्री मूंग दाल चावल (कम मात्रा) कद्दू हल्दी जीरा बनाने की विधि सभी सामग्री को प्रेशर कुकर में पकाकर हल्की खिचड़ी तैयार करें। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 240 kcal प्रोटीन: 10 ग्राम फाइबर: 5 ग्राम संभावित फायदे आसानी से पचने वाली संतुलित भोजन मानसून में आरामदायक मील   मानसून में किडनी हेल्थ के लिए रखें इन बातों का ध्यान पर्याप्त मात्रा में साफ और सुरक्षित पानी पिएं। सड़क किनारे खुले खाद्य पदार्थ खाने से बचें। अधिक नमक और प्रोसेस्ड फूड सीमित रखें। ताजे फल और सब्जियां अच्छी तरह धोकर खाएं। नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद लें। ध्यान दें यह रेसिपीज सामान्य स्वस्थ लोगों के लिए संतुलित आहार का हिस्सा हो सकती हैं। यदि आपको किडनी की बीमारी, हाई क्रिएटिनिन, डायलिसिस, हाई पोटैशियम या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो इन खाद्य पदार्थों का सेवन डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटिशियन की सलाह के अनुसार ही करें। कोई भी एक खाद्य पदार्थ अकेले किडनी को स्वस्थ नहीं रख सकता।  

anmol जुलाई 15, 2026 0
Homemade raw mango murabba in a glass jar served with fresh raw mangoes and Indian spices
घर पर बनाएं बाजार जैसा आम का मुरब्बा, सिर्फ 30 मिनट में तैयार होगी खट्टा-मीठी स्वादिष्ट रेसिपी

Homemade Mango Murabba Recipe: कच्चे आम, चीनी और देसी मसालों से तैयार यह रसीला आम का मुरब्बा स्वाद के साथ पोषण का भी बेहतरीन मेल है। सिर्फ 30 मिनट में तैयार होने वाली यह रेसिपी पराठे, पूरी और बच्चों के टिफिन के लिए शानदार विकल्प है। घर पर बनाएं बाजार जैसा रसीला आम का मुरब्बा अगर आपको खट्टा-मीठा स्वाद पसंद है और घर में बनी पारंपरिक रेसिपियां खाना अच्छा लगता है, तो इस बार आम का रसीला मुरब्बा जरूर ट्राई करें। कच्चे आम से तैयार होने वाला यह मुरब्बा स्वाद में लाजवाब होने के साथ लंबे समय तक स्टोर भी किया जा सकता है। इसमें इलायची, दालचीनी और केसर जैसे मसाले स्वाद और खुशबू को कई गुना बढ़ा देते हैं। यह रेसिपी बनाने में आसान है और घर में मौजूद सामान्य सामग्री से लगभग 30 मिनट में तैयार हो जाती है। आम का मुरब्बा बनाने के लिए सामग्री  2–3 मध्यम आकार के कच्चे आम (कद्दूकस किए हुए) 1 छोटा चम्मच देसी घी 1½ कप चीनी ¼ कप पानी ½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर ¼ छोटा चम्मच काला नमक ¼ छोटा चम्मच दालचीनी पाउडर ¼ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर 8–10 केसर के धागे (वैकल्पिक) ऐसे बनाएं स्वादिष्ट आम का मुरब्बा सबसे पहले कच्चे आम को अच्छी तरह धोकर छील लें और कद्दूकस कर लें। अब एक भारी तले की कड़ाही में थोड़ा सा घी गर्म करें और उसमें कद्दूकस किया हुआ आम डालकर 3–4 मिनट तक हल्का पकाएं। ध्यान रखें कि आम पूरी तरह गलने न पाए। इसके बाद इसमें चीनी और थोड़ा पानी डालकर धीमी आंच पर पकाएं। चीनी पिघलने के बाद मिश्रण धीरे-धीरे गाढ़ी चाशनी में बदलने लगेगा। जब चाशनी में हल्के बुलबुले बनने लगें, तब इसमें काला नमक, इलायची पाउडर, दालचीनी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और केसर डालकर अच्छी तरह मिला लें। लगातार चलाते हुए 5–7 मिनट और पकाएं। जब मुरब्बा चमकदार और गाढ़ा दिखाई देने लगे, तब गैस बंद कर दें। ठंडा होने के बाद इसे साफ और सूखे कांच के जार में भरकर स्टोर करें। परफेक्ट आम का मुरब्बा बनाने की कुकिंग टिप्स हल्के खट्टे और सख्त कच्चे आम का इस्तेमाल करें। मुरब्बा बनाते समय हमेशा भारी तले की कड़ाही का उपयोग करें। चाशनी को बहुत ज्यादा गाढ़ा न करें, क्योंकि ठंडा होने पर यह और गाढ़ी हो जाती है। पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही एयरटाइट कांच के जार में भरें। हमेशा सूखे और साफ चम्मच से ही मुरब्बा निकालें, इससे इसकी शेल्फ लाइफ बढ़ती है। किसके साथ करें सर्व? गरमागरम पूरी  आलू के पराठे सादा पराठा फुल्का या रोटी मठरी बच्चों के टिफिन में ब्रेड रोल या पराठे के साथ प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण (लगभग 2 टेबलस्पून) कैलोरी: 95–110 kcal कार्बोहाइड्रेट: 25–27 ग्राम प्रोटीन: 0.5 ग्राम फैट: 0.5 ग्राम फाइबर: 1–2 ग्राम आम का मुरब्बा खाने के फायदे कच्चा आम विटामिन C का अच्छा स्रोत है। पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। स्वाद बढ़ाने के साथ भोजन में विविधता लाता है। लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है। बच्चों और बड़ों दोनों को पसंद आने वाली पारंपरिक रेसिपी है। ध्यान दें: इस मुरब्बे में चीनी की मात्रा अधिक होती है। यदि आपको डायबिटीज है या शुगर कंट्रोल में रखनी है, तो इसका सेवन सीमित मात्रा में करें।

anmol जुलाई 15, 2026 0
Healthy homemade protein-rich recipes for hair growth during monsoon season served in colorful bowls.
मानसून में Hair Fall से हैं परेशान? डेली डाइट में शामिल करें ये 5 हेल्दी रेसिपी, बालों को मिल सकता है प्राकृतिक पोषण

Hair Growth Diet During Monsoon: मानसून का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं बढ़ती नमी और स्कैल्प में पसीना बालों से जुड़ी कई समस्याओं को भी बढ़ा सकता है। इस मौसम में हेयर फॉल, डैंड्रफ और बालों की कमजोर जड़ों की शिकायत आम हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, केवल हेयर केयर प्रोडक्ट्स ही नहीं बल्कि संतुलित और पोषक आहार भी बालों की सेहत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। प्रोटीन, आयरन, बायोटिन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, जिंक और विटामिन C से भरपूर खाद्य पदार्थ बालों को अंदर से पोषण देने में मदद कर सकते हैं। अगर आप मानसून में अपने बालों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखना चाहते हैं, तो इन 5 हेल्दी रेसिपीज को अपनी डेली डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। 1. मूंग दाल और पालक चीला आवश्यक सामग्री 1 कप भीगी हुई मूंग दाल 1 कप बारीक कटा पालक अदरक हरी मिर्च जीरा नमक बनाने की विधि : भीगी हुई मूंग दाल को पीस लें। इसमें पालक और बाकी सामग्री मिलाकर बैटर तैयार करें। नॉन-स्टिक तवे पर हल्का तेल लगाकर दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंक लें। अनुमानित पोषण (2 चीला) कैलोरी: 220–250 kcal प्रोटीन: 14–16 ग्राम आयरन: अच्छी मात्रा फाइबर: 7–8 ग्राम संभावित फायदे प्रोटीन और आयरन से भरपूर बालों की जड़ों को पोषण देने में सहायक लंबे समय तक पेट भरा रखने में मददगार 2. दही, अलसी और मिक्स सीड्स बाउल आवश्यक सामग्री 1 कप दही 1 बड़ा चम्मच अलसी 1 बड़ा चम्मच कद्दू के बीज 1 बड़ा चम्मच सूरजमुखी के बीज मौसमी फल बनाने की विधि : दही में सभी बीज और कटे हुए फल मिलाकर तुरंत सर्व करें। अनुमानित पोषण कैलोरी: 240–280 kcal प्रोटीन: 10–12 ग्राम हेल्दी फैट: 12–15 ग्राम संभावित फायदे ओमेगा-3 और जिंक का अच्छा स्रोत स्कैल्प हेल्थ को सपोर्ट करने में मददगार पाचन के लिए भी लाभदायक 3. चना स्प्राउट्स सलाद आवश्यक सामग्री 1 कप अंकुरित काला चना खीरा टमाटर गाजर नींबू काला नमक हरा धनिया बनाने की विधि : सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर ताजा सलाद तैयार करें। अनुमानित पोषण कैलोरी: 180–220 kcal प्रोटीन: 11–13 ग्राम फाइबर: 8–10 ग्राम संभावित फायदे प्रोटीन और आयरन से भरपूर इम्यूनिटी और बालों की मजबूती में सहायक 4. बाजरा-ओट्स वेज उपमा आवश्यक सामग्री बाजरा ओट्स गाजर मटर शिमला मिर्च करी पत्ता राई बनाने की विधि : हल्के तेल में तड़का लगाकर सब्जियां भूनें और बाजरा व ओट्स डालकर पकाएं। अनुमानित पोषण कैलोरी: 260–300 kcal फाइबर: 8–10 ग्राम प्रोटीन: 8–10 ग्राम संभावित फायदे ऊर्जा देने वाला हेल्दी नाश्ता फाइबर और मिनरल्स से भरपूर 5. पालक-पनीर बेसन चीला आवश्यक सामग्री 1 कप बेसन पालक पनीर अदरक जीरा हरी मिर्च बनाने की विधि :  सभी सामग्री मिलाकर बैटर तैयार करें और हल्का तेल लगाकर तवे पर सेंक लें। अनुमानित पोषण कैलोरी: 250–300 kcal प्रोटीन: 15–18 ग्राम कैल्शियम: अच्छी मात्रा संभावित फायदे प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत बालों और हड्डियों के लिए लाभदायक मानसून में बालों की सेहत के लिए अपनाएं ये आदतें पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। रोजाना प्रोटीन युक्त भोजन लें। मौसमी फल और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें। अधिक तला-भुना और जंक फूड सीमित रखें। पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम करें। ध्यान दें: बालों का झड़ना कई कारणों से हो सकता है, जैसे पोषण की कमी, हार्मोनल बदलाव, तनाव या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं। केवल किसी एक रेसिपी से बालों की वृद्धि की गारंटी नहीं दी जा सकती। यदि अत्यधिक हेयर फॉल हो रहा है, तो त्वचा विशेषज्ञ या योग्य चिकित्सक से सलाह लें।  

anmol जुलाई 14, 2026 0
Healthy Cooking
कम तेल में पकाएं लाजवाब खाना, जानें एक्सपर्ट्स के हेल्दी कुकिंग सीक्रेट्स

नई दिल्ली, एजेंसियां। बढ़ती महंगाई और खाद्य तेलों की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की रसोई का बजट प्रभावित करना शुरू कर दिया है। वैश्विक स्तर पर जारी संघर्षों और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों का असर अब घरेलू बाजारों में भी दिखाई दे रहा है। ऐसे समय में कम तेल का इस्तेमाल न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक तेल में बना भोजन मोटापा, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोग जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है। ऐसे में रसोई में कुछ छोटे बदलाव अपनाकर स्वाद और सेहत दोनों को बरकरार रखा जा सकता है।   नॉन-स्टिक बर्तनों का करें इस्तेमाल कम तेल में खाना बनाने के लिए नॉन-स्टिक पैन और कड़ाही सबसे अच्छे विकल्प माने जाते हैं। इन बर्तनों में खाना चिपकता नहीं है, जिससे बहुत कम तेल में भी सब्जियां, पराठे और अन्य व्यंजन आसानी से तैयार किए जा सकते हैं। इससे तेल की खपत में काफी कमी आती है।   तेल को मापकर करें उपयोग अक्सर लोग सीधे बोतल से तेल डाल देते हैं, जिससे जरूरत से ज्यादा तेल इस्तेमाल हो जाता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि तेल हमेशा चम्मच या माप वाले कप से ही डालें। इससे तेल की मात्रा नियंत्रित रहती है और धीरे-धीरे कम तेल वाले भोजन की आदत भी विकसित होती है।   मसालों और प्राकृतिक स्वाद पर दें जोर स्वादिष्ट भोजन का राज केवल तेल नहीं होता। अदरक, लहसुन, हरी मिर्च, धनिया, पुदीना, करी पत्ता और नींबू जैसे प्राकृतिक स्वाद बढ़ाने वाले तत्व खाने को अधिक स्वादिष्ट बना सकते हैं। सही मसालों का संतुलित उपयोग भोजन का स्वाद बढ़ाता है और तेल की आवश्यकता कम कर देता है।   तली चीजों की जगह स्टीम और ग्रिल्ड फूड चुनें समोसा, पकौड़ी और पूरी जैसी तली हुई चीजों के बजाय स्टीम, उबले या ग्रिल्ड खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करना बेहतर विकल्प है। इडली, ढोकला, ग्रिल्ड पनीर, रोस्टेड सब्जियां और उबली दालें स्वाद के साथ पोषण भी प्रदान करती हैं।   कम तेल वाले भोजन के स्वास्थ्य लाभ कम तेल का सेवन करने से पाचन तंत्र बेहतर रहता है और शरीर में अतिरिक्त वसा जमा होने का खतरा कम होता है। इससे वजन नियंत्रित रखने, हृदय को स्वस्थ बनाए रखने और कोलेस्ट्रॉल स्तर को संतुलित रखने में मदद मिलती है। साथ ही शरीर अधिक ऊर्जावान महसूस करता है।   सेहत और बचत दोनों का बेहतर विकल्प विशेषज्ञों का मानना है कि कम तेल में पकाया गया संतुलित भोजन न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि बढ़ती महंगाई के दौर में घरेलू बजट को भी राहत देता है। सही कुकिंग तकनीकों को अपनाकर स्वाद, पोषण और बचत तीनों का संतुलन आसानी से बनाया जा सकता है।

Unknown जून 1, 2026 0
Refreshing anti-inflammatory drinks including turmeric tea, green tea and chia cucumber detox water on table
Anti-Inflammatory Drinks: दिनभर शरीर को हाइड्रेट और हेल्दी रखने के लिए ये 5 ड्रिंक्स हो सकते हैं फायदेमंद

आजकल की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में थकान, ब्लोटिंग, लो एनर्जी और स्किन ब्रेकआउट जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। कई बार ये शरीर में बढ़ती सूजन यानी inflammation के संकेत हो सकते हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि रोजमर्रा की कुछ छोटी आदतें, जैसे पर्याप्त पानी पीना और सही ड्रिंक्स का चुनाव करना, शरीर को अंदर से सपोर्ट करने में मदद कर सकता है। खासतौर पर ऐसे पेय जिनमें अदरक, हल्दी, ग्रीन टी या चिया सीड्स जैसे तत्व हों, शरीर की प्राकृतिक anti-inflammatory प्रक्रिया को सपोर्ट कर सकते हैं। अच्छी बात यह है कि इन ड्रिंक्स को बनाने के लिए महंगे इंग्रीडिएंट्स या जटिल रेसिपी की जरूरत नहीं होती। किचन में मौजूद साधारण चीजों से इन्हें आसानी से तैयार किया जा सकता है। 1. हल्दी और काली मिर्च की चाय हल्दी में मौजूद curcumin को प्राकृतिक anti-inflammatory तत्व माना जाता है। वहीं काली मिर्च इसके अवशोषण को बेहतर बनाने में मदद करती है। सामग्री 1 कप पानी आधा चम्मच हल्दी पाउडर या ताजी हल्दी आधा चम्मच कद्दूकस किया अदरक एक चुटकी काली मिर्च 1 चम्मच शहद (वैकल्पिक) थोड़ा दूध (वैकल्पिक) बनाने का तरीका पानी उबालकर उसमें हल्दी, अदरक और काली मिर्च डालें। 5 से 7 मिनट तक पकने दें। छानकर कप में निकालें और चाहें तो शहद या दूध मिलाएं। इसे गर्मागर्म पिएं। 2. अदरक और नींबू पानी अदरक को पाचन और सूजन कम करने में मददगार माना जाता है, जबकि नींबू शरीर को तरोताजा महसूस कराता है। सामग्री डेढ़ कप पानी 1 इंच अदरक के टुकड़े आधे नींबू का रस 1 चम्मच शहद (वैकल्पिक) बनाने का तरीका अदरक को पानी में 5-10 मिनट तक उबालें। फिर गैस बंद करके उसमें नींबू रस और शहद मिलाएं। इसे गर्म या ठंडा दोनों तरह से पिया जा सकता है। 3. पुदीना वाली ग्रीन टी ग्रीन टी में antioxidants पाए जाते हैं, जबकि पुदीना इसे और ज्यादा refreshing बना देता है। सामग्री 1 ग्रीन टी बैग या 1 चम्मच ग्रीन टी 1 कप गर्म पानी 4-5 पुदीना पत्तियां 1 नींबू स्लाइस (वैकल्पिक) बनाने का तरीका ग्रीन टी और पुदीना को 2-3 मिनट तक गर्म पानी में डालकर रखें। फिर छान लें। चाहें तो नींबू मिलाएं। इसे गर्म या ठंडा दोनों तरह से पिया जा सकता है। 4. टार्ट चेरी स्प्रिट्जर टार्ट चेरी जूस को रिकवरी और शरीर की सूजन कम करने से जोड़कर देखा जाता है। सामग्री आधा कप बिना शक्कर वाला टार्ट चेरी जूस आधा कप स्पार्कलिंग वॉटर बर्फ थोड़ा नींबू रस बनाने का तरीका गिलास में बर्फ डालें, फिर चेरी जूस और स्पार्कलिंग वॉटर मिलाएं। ऊपर से नींबू रस डालकर हल्के से मिक्स करें। 5. खीरा, पुदीना और चिया वॉटर यह ड्रिंक शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ हल्का और फ्रेश महसूस कराने में मदद कर सकती है। सामग्री 2 कप पानी 5-6 खीरे के स्लाइस 5 पुदीना पत्तियां 1 चम्मच चिया सीड्स चौथाई नींबू का रस बनाने का तरीका पानी में खीरा, पुदीना और चिया सीड्स डालें। 15-20 मिनट तक छोड़ दें ताकि चिया फूल जाए। फिर नींबू रस मिलाकर पिएं। क्यों जरूरी है consistency? हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार कोई भी ड्रिंक जादुई इलाज नहीं होती। लेकिन रोजाना sugary drinks की जगह ज्यादा पौष्टिक और hydrating विकल्प चुनना लंबे समय में शरीर को फायदा पहुंचा सकता है। छोटे लेकिन लगातार किए गए बदलाव अक्सर बड़े wellness trends से ज्यादा असरदार साबित होते हैं।  

surbhi मई 9, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

India vs England Series
स्पोर्ट्स

इंग्लैंड से सीरीज हार के बाद टीम इंडिया का होगा प्रदर्शन रिव्यू, BCCI करेगा खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का मूल्यांकन

anjali kumari जुलाई 11, 2026 0