Hemant Soren News

Nicholas Pooran celebrates his blazing century as MI New York posts 266 runs with a record 29 sixes in MLC 2026.
MLC 2026: 20 ओवर में 266 रन, निकोलस पूरन का तूफानी शतक और पोलार्ड का जलवा, MI न्यूयॉर्क ने 29 छक्कों के साथ बनाया नया वर्ल्ड रिकॉर्ड

मेजर लीग क्रिकेट (MLC) 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में एमआई न्यूयॉर्क (MI New York) ने टी20 क्रिकेट की सबसे विस्फोटक पारियों में से एक खेलते हुए वाशिंगटन फ्रीडम के खिलाफ 20 ओवर में 9 विकेट पर 266 रन ठोक दिए। ओकलैंड कोलिसियम में खेले गए इस नॉकआउट मुकाबले में कप्तान निकोलस पूरन और अनुभवी कीरोन पोलार्ड की आक्रामक बल्लेबाजी ने विपक्षी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। इस दौरान एमआई न्यूयॉर्क ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। टीम ने अपनी पारी में कुल 29 छक्के लगाए, जो लीग क्रिकेट के इतिहास में किसी भी टीम द्वारा एक पारी में लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं। निकोलस पूरन ने 33 गेंदों में जड़ा तूफानी शतक एमआई न्यूयॉर्क के कप्तान निकोलस पूरन ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और वाशिंगटन फ्रीडम के गेंदबाजों पर लगातार हमला बोला। उन्होंने सिर्फ 33 गेंदों में 106 रन की विस्फोटक पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 5 चौके और 13 छक्के निकले। पूरन का स्ट्राइक रेट 321.21 रहा, जिसने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। क्विंटन डी कॉक और पोलार्ड ने भी मचाया धमाल पूरन को दूसरे छोर से सलामी बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक का शानदार साथ मिला। डी कॉक ने 24 गेंदों में 51 रन बनाए, जिसमें 6 छक्के शामिल रहे। इसके बाद 39 वर्षीय कीरोन पोलार्ड ने अपने पुराने अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए मैदान के चारों ओर लंबे-लंबे शॉट लगाए। पोलार्ड ने सिर्फ 25 गेंदों में 64 रन बनाए और इस दौरान 8 छक्के जड़े। अंतिम ओवरों में ट्रेंट बोल्ट ने भी 10 गेंदों में 22 रन बनाकर टीम को 266 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया। 300 रन की ओर बढ़ रही थी MI न्यूयॉर्क एमआई न्यूयॉर्क की बल्लेबाजी इतनी आक्रामक रही कि एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम टी20 क्रिकेट में 300 रन का ऐतिहासिक आंकड़ा भी छू सकती है। हालांकि आखिरी पांच ओवरों में वाशिंगटन फ्रीडम ने कुछ विकेट निकालकर रनगति पर थोड़ा अंकुश लगाया और स्कोर 266 रन पर रोक दिया। गेंदबाजों के लिए बुरे सपने जैसा दिन वाशिंगटन फ्रीडम के लगभग सभी गेंदबाज एमआई न्यूयॉर्क के बल्लेबाजों के सामने बेबस नजर आए। सौरभ नेत्रवलकर ने 3 ओवर में बिना विकेट लिए 52 रन खर्च किए। ग्लेन मैक्सवेल ने 3 ओवर में 41 रन लुटाए। अन्य गेंदबाज भी रन रोकने में नाकाम रहे। हालांकि स्पिनर रचिन रवींद्र ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 29 रन देकर 4 विकेट लिए और एमआई न्यूयॉर्क को इससे भी बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोका। बेन द्वारशुइस ने भी 2 विकेट हासिल किए। 29 छक्कों के साथ बना नया रिकॉर्ड एमआई न्यूयॉर्क की इस पारी की सबसे बड़ी खासियत उसकी पावर हिटिंग रही। टीम ने पूरे 20 ओवर में 29 छक्के लगाए, जो लीग क्रिकेट के इतिहास में किसी भी टीम द्वारा एक पारी में लगाए गए सबसे अधिक छक्कों का नया रिकॉर्ड है। अब वाशिंगटन फ्रीडम के सामने जीत के लिए 267 रन का विशाल लक्ष्य है। इतने बड़े स्कोर का पीछा करना आसान नहीं होगा, लेकिन टी20 क्रिकेट की अनिश्चितता को देखते हुए मुकाबला अभी पूरी तरह खुला हुआ है। वहीं एमआई न्यूयॉर्क का आत्मविश्वास इस ऐतिहासिक बल्लेबाजी प्रदर्शन के बाद सातवें आसमान पर होगा।  

surbhi जुलाई 16, 2026 0
Road Construction Department Jharkhand
हेमंत ने पथ निर्माण विभाग को लगाई फटकार, बोले- तय समय पर पूरे करे सभी प्रोजेक्ट

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पथ निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को अधूरी सड़क और पुल परियोजनाओं को लेकर कड़ी फटकार लगाई। बुधवार को झारखंड मंत्रालय में आयोजित बैठक में उन्होंने विभाग के पिछले पांच वर्षों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिया कि लंबे समय से लंबित सभी प्रमुख परियोजनाएं अगले दो महीने के भीतर पूरी की जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के बाद भी कार्य लंबित रहने पर संबंधित अधिकारियों और कार्य एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।   हर परियोजना का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड मुख्यमंत्री ने विभाग को सभी सड़क, पुल, फ्लाईओवर और ओवरब्रिज परियोजनाओं का विस्तृत डेटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजना की जियो-टैगिंग की जाए, ताकि कार्य की प्रगति, लागत और समय-सीमा का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध रहे। इससे परियोजनाओं की निगरानी आसान होगी और जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न करने और नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया।   सोशल मीडिया की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया, समाचार पत्रों और टीवी के माध्यम से खराब सड़कों, गड्ढों, जलजमाव और निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की जाए। विशेष रूप से बारिश के मौसम में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने, गड्ढों की मरम्मत, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और संकरी सड़कों के चौड़ीकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।   नई परियोजनाओं की भी हुई समीक्षा मुख्यमंत्री ने सोलर साइकिल ट्रैक सहित नई परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने पुल-पुलियों के किनारों को मजबूत बनाने, बेहतर जल निकासी व्यवस्था विकसित करने और सभी निर्माण कार्यों को टिकाऊ तथा गुणवत्ता मानकों के अनुरूप समय पर पूरा करने पर जोर दिया। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार, अभियंता प्रमुख प्रवीण जयंत भेंगरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

anjali kumari जुलाई 16, 2026 0
Investment Summit Jharkhand
'सिर्फ एमओयू नहीं, उद्योगों के साथ बनेगी दीर्घकालिक साझेदारी': हेमंत सोरेन

रांची। नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 के समापन सत्र में झारखंड को करीब 99,639 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल उद्योगों के साथ एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर करना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और टिकाऊ औद्योगिक साझेदारी विकसित करना है। उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों के लिए ऐसा माहौल तैयार कर रही है, जिससे उद्योगों के साथ-साथ राज्य और स्थानीय युवाओं को भी स्थायी लाभ मिल सके।   बिजली, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस   मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड अब केवल खनिज संपदा वाले राज्य की पहचान तक सीमित नहीं रहना चाहता। सरकार नवाचार, तकनीक और शोध आधारित विकास मॉडल पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि निवेश को बढ़ावा देने के लिए बिजली आपूर्ति, परिवहन संपर्क, आधारभूत ढांचे और कुशल मानव संसाधन को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। उनका कहना था कि राज्य ने देश को बड़ी संख्या में वैज्ञानिक, इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी दिए हैं और अब इसी प्रतिभा को झारखंड के विकास से जोड़ने का समय है।   रोजगार सृजन और उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा   कार्यक्रम में उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता राज्य के भीतर ही रोजगार के अवसर बढ़ाना है, ताकि युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन न करना पड़े। उन्होंने स्वीकार किया कि पर्यटन के क्षेत्र में झारखंड के पास अपार संभावनाएं हैं, लेकिन अभी काफी काम किए जाने की जरूरत है। उद्योगों और सरकार के सहयोग से समावेशी विकास का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।   नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 के दौरान जिंदल स्टील, रूंगटा ग्रुप, टाटा स्टील, वरुण बेवरेजेज समेत कई प्रमुख औद्योगिक समूहों ने निवेश में रुचि दिखाई। सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव जिंदल स्टील की ओर से 40 हजार करोड़ रुपये और एंबिशियस सीमेंट की ओर से 30 हजार करोड़ रुपये का रहा। सरकार का मानना है कि इन निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से झारखंड में औद्योगिक विकास, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

anjali kumari जुलाई 11, 2026 0
Bankipur Assembly Constituency
बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा ने बदला उम्मीदवार, प्रशांत किशोर का तंज- ‘बीजेपी को कैंडिडेट भी नहीं मिल रहा’

पटना, एजेंसियां।  बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी द्वारा ऐन वक्त पर उम्मीदवार बदलने से सियासी माहौल गर्म हो गया है। पहले भाजपा उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करने वाले अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पार्टी ने नीरज कुमार सिन्हा को नया उम्मीदवार घोषित किया। इस घटनाक्रम को लेकर विपक्ष और अन्य दलों ने भाजपा पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।   प्रशांत किशोर ने भाजपा पर साधा निशाना जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर सीट से उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने भाजपा के फैसले को जनता के डर का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि जो भाजपा पूरे देश में दूसरे दलों के उम्मीदवारों को अपनी ओर लाने का दावा करती है, उसे अब अपने ही गढ़ में उम्मीदवार बदलना पड़ रहा है। प्रशांत किशोर ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा जिस बांकीपुर को अपना मजबूत किला बताती थी, वहां अब उसे चुनाव लड़ाने के लिए उम्मीदवार तक नहीं मिल रहा है।   आरजेडी ने भी भाजपा को घेरा राष्ट्रीय जनता दल ने भी भाजपा के इस फैसले को उसकी कमजोरी करार दिया। आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने हार के डर से अपने ही पुराने कार्यकर्ता की "बलि" चढ़ा दी। उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन की उम्मीदवार रेखा गुप्ता को क्षेत्र में व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है और यही वजह है कि भाजपा को उम्मीदवार बदलना पड़ा।   30 जुलाई को मतदान, मुकाबला हुआ त्रिकोणीय बांकीपुर सीट भाजपा नेता नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद खाली हुई थी। उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि मतगणना 3 अगस्त को होगी। नामांकन की अंतिम तिथि 13 जुलाई निर्धारित है। इस बार भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा, महागठबंधन की ओर से आरजेडी उम्मीदवार रेखा गुप्ता और जन सुराज के प्रशांत किशोर के मैदान में होने से मुकाबला त्रिकोणीय और बेहद दिलचस्प माना जा रहा है। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के साथ चुनावी सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है।

abhishek singh जुलाई 11, 2026 0
JMM Congress Rajya Sabha Seat
राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़ी हलचल, JMM ने सभी विधायकों को रांची बुलाया

रांची। झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अपने सभी विधायकों के लिए अहम निर्देश जारी करते हुए उन्हें आज शाम तक रांची पहुंचने और 8 जून तक राजधानी में ही रहने को कहा है। पार्टी के इस निर्देश के बाद राज्य की राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सत्ताधारी गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर मतभेद उभरकर सामने आए है। इसी संभावित राजनीतिक खींचतान और रणनीतिक तैयारी को देखते हुए JMM ने अपने विधायकों को एकजुट रखने का फैसला किया है। 2 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगा JMM जानकारी के अनुसार, JMM ने राज्यसभा की दोनों सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने का संकेत दिया है। एक उम्मीदवार के रूप में बैजनाथ राम की घोषणा कर दी गई है, जबकि दूसरे की घोषणा देर शाम तक किये जाने की उम्मीद है। इस फैसले ने गठबंधन की राजनीति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस ने पहले ही घोषित कर दिया उम्मीदवार दूसरी ओर, कांग्रेस ने राज्यसभा की एक सीट के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। कांग्रेस शुरू से ही यह मांग करती रही है कि राज्यसभा चुनाव में गठबंधन के तहत एक सीट JMM और एक सीट कांग्रेस के हिस्से में जाए, लेकिन JMM द्वारा दोनों सीटों पर दावा जताने की रणनीति से गठबंधन के भीतर असहज स्थिति बनती दिख रही है। गठबंधन में बढ़ रही है खींचतान जेएमएम का अपने सभी विधायकों को रांची बुलाना सिर्फ सामान्य बैठक नहीं है, बल्कि इसके पीछे राज्यसभा चुनाव की रणनीति और संख्या बल को लेकर गंभीर मंथन चल रहा है। यदि दोनों दल अपने-अपने दावे पर अड़े रहते हैं, तो आने वाले दिनों में गठबंधन के भीतर तनाव और बढ़ सकता है।

Unknown जून 6, 2026 0
Hemant soren Illegal Mining Action
झारखंड में अवैध खनन पर CM हेमंत सख्त, बालू माफिया निशाने पर

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में अवैध खनन पर कड़ी सख्ती बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि इसे हर हाल में रोका जाये। साथ ही, उन्होंने अवैध बालू खनन को भी रोकने का सख्त आदेश दिया। सीएम ने ये निर्देश खान व भूतत्व विभाग की समीक्षा करते हुए दिये।  उन्होंने कहा कि अवैध खनन से राज्य को राजस्व की हानि होती है, साथ ही यह पर्यावरणीय संतुलन और कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती उत्पन्न करता है। इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभागीय समन्वय, नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निष्क्रिय खदानों को चालू करने का निर्देश समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में संचालित बीसीसीएल, सीसीएल एवं इसीएल की बंद पड़ी खदानों को निरस्त करने हेतु उपाय तलाशने का निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिन खदानों में उत्पादन बंद है, वहां उत्पादन पुनः प्रारंभ कराया जाये। जिन खनिज ब्लॉकों का ऑक्शन हो चुका है, लेकिन वे लंबे समय से क्रियाशील नहीं हैं, उन्हें निरस्त कर पुनः राजस्व का आकलन करते हुए दोबारा ऑक्शन किया जाए। खनन लीज क्षेत्र तथा कार्यरत एवं गैर-कार्यरत क्षेत्रों की मैपिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वर्ण उत्पादन बढ़ाने पर जोर मुख्यमंत्री सोरेन ने राज्य में संचालित कुल सात गोल्ड माइंस की समीक्षा करते हुए इनके उत्पादन को बढ़ाने के निर्देश दिए। वर्तमान में इन खदानों से लगभग 20 किलोग्राम वार्षिक स्वर्ण उत्पादन हो रहा है, जिसे बढ़ाने की आवश्यकता पर उन्होंने विशेष बल दिया। अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोल्ड माइंस के संचालन में आ रही बाधाओं की पहचान कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने राज्य के अन्य संभावित गोल्ड खदानों के शीघ्र ऑक्शन की प्रक्रिया को गति देने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में स्वर्ण भंडार की संभावनाएं महत्वपूर्ण हैं और इस क्षेत्र में योजनाबद्ध एवं वैज्ञानिक तरीके से कार्य करने की आवश्यकता है। इसके तकनीकी उन्नयन, निवेश आकर्षण तथा प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से इस क्षेत्र को और सशक्त बनाने का निर्देश दिया। अनुषंगी इकाइयों को अधिक खान आरक्षित करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड एवं झारखंड माइनिंग एंड एक्सप्लोरेशन कंपनी लिमिटेड के लिए अधिकाधिक खनिज क्षेत्र आरक्षित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जेएमइसीएल में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने तथा दोनों संस्थाओं के लिए एसओपी तैयार करने का भी निर्देश दिया। अवैध खनन एवं बालू उठाव रोकने का निर्देश मुख्यमंत्री ने अवैध खनन, विशेषकर बालू उठाव की रोकथाम हेतु आधुनिक एवं तकनीक आधारित उपाय अपनाने के निर्देश दिए। राज्य में कुल 820 बालू घाटों में से 376 (कैटेगरी-1) घाटों पर पंचायतों के माध्यम से उठाव जारी है, जबकि 444 (कैटेगरी-2) घाटों में से 300 का ऑक्शन किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने ऑक्शन किए गए घाटों से शीघ्र बालू उठाव प्रारंभ कराने तथा शेष घाटों का शीघ्र ऑक्शन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मशीन से बालू उठाव पर रोक संबंधी आदेश की समीक्षा कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने को कहा। मुख्यमंत्री ने अवैध खनन, अवैध परिवहन एवं ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग, नियमित निरीक्षण, सघन निगरानी तथा विभाग, पुलिस एवं जिला प्रशासन के समन्वित अभियान चलाने पर विशेष बल दिया। कोयला आपूर्ति में वृद्धि लाने का निर्देश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से कोल ट्रेडिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए योग्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को पंजीकृत कर कोयला आपूर्ति में वृद्धि सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि आपूर्ति प्रणाली को सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाया जाए, ताकि आवश्यक क्षेत्रों तक समय पर कोयला उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी छात्रावासों, विशेषकर आवासीय विद्यालयों के छात्रावासों का समुचित मैपिंग कर वहां कोयला आपूर्ति की प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एलपीजी की उपलब्धता में आ रही कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में कोयले के उपयोग की संभावनाओं पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाए।

Unknown जून 4, 2026 0
Hemant soren
CM हेमंत का निर्देश- किसानों को पानी की न हो दिक्कत

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य में बहने वाली नदियों के जल को यहीं संरक्षित करना चाहिए, जिससे सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो। जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक करते हुए उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा कि किसानों को खेती में पानी की समस्या नहीं होनी चाहिए। अधिकारी इस दृष्टिकोण से काम करें। कहा, कृषि कार्य में सिंचाई जल की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखें, इसमें कोई कोताही नहीं हो। खेतों तक पहुंचाये पानी मुख्यमंत्री ने खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए समर्पित और प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। पाइपलाइन आधारित सिंचाई योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इसके कार्यों में तेजी लाने को कहा। कहा कि इससे पेयजल आपूर्ति एवं सिंचाई दोनों उद्देश्यों की पूर्ति होगी। इन बिंदुओं पर भी दिये निर्देश बैठक में राज्य की सिंचाई योजनाओं, मेगा लिफ्ट परियोजनाओं, पाइपलाइन आधारित योजनाओं, बांधों एवं बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जल संसाधन विभाग की सभी योजनाओं को समय पर पूरा करें, जिससे राज्य के किसानों को सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन पर भी रोक लगेगी। नदी जल संरक्षण पर जोर मुख्यमंत्री ने नदी जल संरक्षण पर विशेष बल दिया। उन्होंने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप योजनाएं बनाने पर जोर दिया तथा नदी जल को छोटे-छोटे जलाशयों में लिफ्ट कर सिंचाई कार्यों में उपयोग करने के निर्देश दिए। तालाबों में जल उपलब्धता सुनिश्चित कर मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की आवश्यकता मुख्यमंत्री ने बताई। मुख्यमंत्री को योजनाओं की स्थिति बताई गई जल संसाधन विभाग के सचिव प्रशांत कुमार ने इस मौके पर विभाग द्वारा संचालित परियोजनाओं की स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। बैठक में जल संसाधन विभाग के मंत्री हफीजुल हसन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह एवं विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे। इन योजनाओं को रिपर्ट तलब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चांडिल बांध, खरकई बराज, ईंचा बांध, सोन-कनहर पाइपलाइन सिंचाई योजना, सिकटिया, मसलिया-रानीश्वर, पीरटांड़ मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना पर अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। पलामू पाइपलाइन सिंचाई योजना (पैकेज-1 एवं 2), भीमखंडा माइक्रो लिफ्ट योजना, खरकई बायी मेगा लिफ्ट योजना, भैरवा जलाशय, कोनार सिंचाई परियोजना, पुनासी जलाशय एवं गुमानी बराज योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बैठक में पलामू के लिए अमानत बराज योजना, गिरिडीह के लिए गांडेय मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, खूंटी के चाराडीह-उलीहातू योजना, सिमडेगा के कोनपाला मेगा लिफ्ट योजना, पूर्वी सिंहभूम के पटमदा-बोड़ाम मेगा लिफ्ट योजना तथा सरायकेला-खरसावां के नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना पर चर्चा हुई।

Unknown मई 26, 2026 0
Naxalites joining mainstream
नक्सलियों के सरेंडर पर CM हेमंत बोले-मुख्यधारा से जुड़ रहें लोग

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एकसाथ 27 नक्सलियों के सरेंडर पर कहा कि लोग तेजी से मुख्य धारा से जुड़ रहे हैं। यह सरकार मुख्यालय से नहीं, बल्कि राज्य के सुदूर गांवों से चल रही है। स्वर्गीय दुर्गा सोरेन की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यह बात कहकर राज्य में हो रहे बड़े बदलाव का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की सोच बिल्कुल स्पष्ट है, हर व्यक्ति का विकास और हर व्यक्ति की भागीदारी। सरकार की नजर और आवाज गांव के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रही है। हर व्यक्ति सरकार के साथ जुड़ रहा है। आज उसी का परिणाम है कि लोग तेजी से मुख्यधारा में जुड़ रहे हैं। शहीदों के सपनों का झारखंड इस मौके पर मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय दुर्गा सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके संघर्षों को याद किया। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य का निर्माण ऐसे ही कर्मठ युवाओं और आंदोलनकारियों की शहादत व लंबे संघर्ष की बदौलत हुआ है। अपने महान नेताओं पर पूरे राज्य को गर्व है और उनके दिखाएं रास्ते पर चलकर ही एक सशक्त और भयमुक्त झारखंड का निर्माण हो रहा है। हमें अपने नेताओं पर गर्व है। इनके मार्गदर्शन और संघर्ष की बदौलत मंजिल पाई। अलग राज्य बना। उन सभी लोगों की शहादत और संघर्ष की बदौलत ये राज्य है। हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

Unknown मई 21, 2026 0
Hemant Sarkar Jharkhand
झारखंड में एक ट्वीट पर घर पहुंच रही हेमंत सरकार

रांची। झारखंड में तकनीक और संवेदनशीलता के मेल से सुशासन की एक नई इबारत लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पद सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय हैं और शासन में पारदर्शिता लाने के लिए इसका बेहतरीन इस्तेमाल कर रहे हैं। राज्य के किसी भी कोने से 'एक्स' (ट्विटर) पर शिकायत मिलते ही मुख्यमंत्री सीधे संबंधित जिले के आला अधिकारियों को वहीं पर कार्रवाई के निर्देश जारी कर देते हैं। इस डिजिटल पहल का असर ये है कि जो गरीब परिवार महीनों से दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे, उनकी एक सिसकी पर अब पूरा प्रशासनिक महकमा खुद कागजातों का पुलिंदा लेकर उनके घर पहुंच रहा है। हेमंत के लिए सोशल मीडिया बना डिजिटल जनता दरबार झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन काफी समय से सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं, लेकिन सरकार में आने के बाद उन्होंने इसे जन-शिकायत निवारण का मुख्य जरिया बना लिया है। वह न केवल शिकायतों को गंभीरता से पढ़ते हैं, बल्कि अधिकारियों को टैग करके सीधे एक्शन रिपोर्ट भी सोशल मीडिया पर सबूत के साथ मांगते हैं। मुख्यमंत्री की इस सक्रियता ने ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालयों तक के अधिकारियों को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रहने के लिए मजबूर कर दिया है। 'सरकार' की एक ट्वीट पर घर पहुंची सरकार सोशल मीडिया पर एक शख्स ने सीएम हेमंत सोरेन को टैग करते हुए ट्वीट किया, 'पिता की सड़क हादसे में मौत हो गई और मां रांची के रिम्स में जिंदगी और मौत से लड़ रही है। इधर घर पर तीन बच्चे हैं, जिनकी स्थिति देखकर रोना आ रहा है। मामला बोकारो जिला के चंदनकियारी के बरमसिया ओपी क्षेत्र का है। बीते दिनों दुबेकांटा के पास एक सड़क दुर्घटना में सपन मांझी की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पत्नी लक्ष्मी देवी गंभीर रूप से घायल हो गई। उनका इलाज रिम्स में चल रहा है। परिवार में बेटी पल्लवी और बेटे विमल मांझी, विद्युत मांझी बचे हैं। जिनकी सिसकियां भावुक कर रही हैं। जिस गाड़ी से हादसा हुआ उसने 50 हजार रुपये मुआवजा देने का वादा किया था, लेकिन अब वो भी मुकर गया। बच्चों को मदद की जरूरत है।' इसके बाद हेमंत सोरेन ने इस ट्वीट को बोकारो के डीसी को टैग करते हुए लिखा, 'अविलम्ब संज्ञान लें। माता के इलाज एवं बच्चों के उचित देखभाल सुनिश्चित करते हुए सूचना दें।' फिर सोशल मीडिया पर बोकारो के डीसी ने बताया, 'माननीय सर, चंदनकियारी बीडीओ ने अभी बच्चों के घर जाकर परिवार की स्थिति का जायजा लिया एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं से आच्छादित करने की प्रक्रिया शुरू की है। बच्चों को खाद्य सुरक्षा योजना के तहत तत्काल 50 किलोग्राम अनाज, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत ₹2 लाख बीमा राशि, मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के तहत प्रति बच्चे को ₹4000 प्रतिमाह, 18 वर्ष पूर्ण होने पर पीएम आवास योजना एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय चंदनकियारी में नामांकन एवं सावित्री बाई फुले योजना से सहायता सुनिश्चित कराने की कार्रवाई की जा रही है। पात्रता अनुसार राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना एवं मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के तहत भी लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। देवघर में 'सरकार' ने लिया संज्ञान सोशल मीडिया एक्स पर देवघर के गौरी की कहानी को एक शख्स ने शेयर किया। उसने लिखा, 'सड़क हादसे में उजड़ा परिवार, मुआवजे के इंतजार में बीता एक साल। देवघर के मधुपुर प्रखंड के बिल्ली गांव निवासी गौरी देवी अपने दो मासूम बच्चों के साथ पिछले एक साल से सरकारी सहायता की आस लगाये बैठी हैं। पति की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद परिवार पूरी तरह आर्थिक संकट में डूब गया है, 22 दिसंबर 2024 को मंटू मांझी ने घर पर ही दम तोड़ दिया। गौरी देवी को उम्मीद थी कि सड़क दुर्घटना मुआवजा मिलने से बच्चों का भविष्य किसी तरह संभल जायेगा, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। 9 मार्च 2026 को आवश्यक दस्तावेजों के साथ अंचल कार्यालय सारठ में मुआवजा के लिए आवेदन जमा कराया गया है। इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आर्थिक तंगी से जूझ रहा यह परिवार अब सरकारी सहायता और प्रशासनिक पहल का इंतजार कर रहा है। वर्चुअल दुनिया से होते हुए गौरी की बात झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन तक भी पहुंची। फिर उन्होंने देवघर उपायुक्त को सोशल मीडिया एक्स पर ही निर्देश दे दिया। उन्होंने लिखा, उक्त मामले की जांच कर गौरी देवी जी और उनके बच्चों को शीघ्र मदद पहुंचाते हुए सूचित करें। यह भी सुनिश्चित करें कि परिवार को जरूरी सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा हो। साथ ही मामले में हुई देरी का स्पष्टीकरण मांगते हुए भी सूचित करें।

Unknown मई 20, 2026 0
CM Hemant Soren
CM हेमंत सोरेन के डिस्चार्ज पिटीशन पर सुनवाई पूरी

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के डिस्चार्च पिटीशन पर रांची के पीएमएलए कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गयी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के 8.87 एकड़ भूमि घोटाले से संबंधित मनी लाउंड्रिंग को लेकर कोर्ट में डिस्चार्ज पिटीशन दायर कर रखा है। जानकारी के अनुसार कोर्ट में ED और हेमंत सोरेन की ओर से हुई बहस पूरी हो गयी। इसके बाद कोर्ट ने दोनों पक्षों को 8 मई तक लिखित रूप में भी अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया। 5 दिसंबर 2025 को याचिका दाखिल की थी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूर्व में कोर्ट में 5 दिसंबर 2025 को याचिका दाखिल की थी। इसमें उन्होंने अपने को बेदाग बताते हुए आरोप मुक्त करने का आग्रह किया था। उधर ईडी ने इस मामले में लगभग 10 आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। भूमि घोटाले से जुड़े इस मामले में ईडी द्वारा कई आरोपियों के यहां छापेमारी की गयी थी। साथ ही कई को दफ्तर बुला कर पूछताछ की गयी थी।  इसी मामले में ईडी ने हेमंत सोरेन को 31 जनवरी 2024 को गिरफ्तार किया था। हालांकि 24 जून 2024 को हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिल गयी थी।

Unknown मई 2, 2026 0
Jharkhand census 2026
सीएम हेमंत और कल्पना ने पूरी की अपनी स्व गणना, कहा- जनगणना से योजनाओं को मिलेगी नई दिशा

रांची।  झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक मई को रांची स्थित अपने आवासीय कार्यालय में जनगणना 2027 के तहत स्व गणना यानी सेल्फ एन्यूमरेशन की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ उनकी धर्मपत्नी और विधायक कल्पना सोरेन भी उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर समस्त राज्यवासियों से अपील की कि वे इस राष्ट्रीय अभियान में अपनी जिम्मेदारी निभाएं और सक्रिय रूप से भागीदारी करें। अधिकारियों ने दी जानकारी मुख्यमंत्री को जनगणना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण की विस्तृत प्रक्रिया की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि 1 मई से 15 मई तक स्व गणना का कार्य चलेगा, जिसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक मकानों के सूचीकरण और गणना का कार्य पूरे राज्य में किया जाएगा। इस अभियान के दौरान प्रगणक और संबंधित कर्मी घर-घर जाकर डेटा संग्रह करेंगे, जिसकी प्रशासनिक तैयारियां सभी जिलों में शुरू कर दी गई हैं। सटीक जानकारी से योजनाएं सफल होंगीः सीएम इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने का काम नहीं है, बल्कि यह आम जनता के भविष्य को सही दिशा देने का एक मजबूत आधार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सटीक आंकड़ों की मदद से ही राज्य सरकार की योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से पात्र व्यक्तियों और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकेगा। क्षेत्रीय भाषा के जानकारों को करें शामिलः मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सुझाव दिया कि इस कार्य में क्षेत्रीय भाषाओं के जानकार पदाधिकारियों और कर्मियों को भी शामिल किया जाए, ताकि सूचनाओं का आदान प्रदान सटीक हो सके। उन्होंने जनगणना 2027 की तकनीकी पहल की सराहना की और राज्यवासियों से इस राष्ट्रीय कार्य को सफल बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर भारत सरकार के जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक प्रभात कुमार, रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Unknown मई 1, 2026 0
Bengal Election
Bengal Election: बंगाल प्रचार खत्म कर लौटे हेमंत सोरेन, अब झारखंड के शिक्षा-स्वास्थ्य और ट्रैफिक पर फोकस

रांची। हेमंत सोरेन पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार खत्म कर रांची लौटते ही एक्शन मोड में नजर आए। सोमवार को उन्होंने राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार को लेकर लगातार उच्चस्तरीय बैठकें कीं। इन बैठकों में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ योजनाओं की प्रगति और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।   दिशोम गुरु शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय पर फोकस मुख्यमंत्री ने रांची के जगुआर कैंपस, रिंग रोड में प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय के निर्माण को लेकर समीक्षा की। अधिकारियों ने पावरपॉइंट प्रस्तुति के जरिए परियोजना की रूपरेखा, सुविधाओं और कार्य योजना की जानकारी दी। सीएम ने निर्देश दिया कि भूमि चिह्नितीकरण का कार्य जल्द पूरा कर निर्माण प्रक्रिया को तेज किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि डीपीआर तैयार है और जमीन चिन्हित करने का काम जारी है।   पुलिस परिवारों के लिए अस्पताल योजना पर चर्चा बैठक में जैप-10, होटवार में प्रस्तावित अस्पताल के संचालन को लेकर भी चर्चा हुई। यह अस्पताल पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर चलेगा। शुरुआती चरण में 50 बेड की सुविधा होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 100 बेड तक किया जा सकेगा।   फ्लाईओवर परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश सीएम ने सिरमटोली से कांटाटोली को जोड़ने वाले फ्लाईओवर की प्रगति की समीक्षा करते हुए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही करमटोली से साइंस सिटी, चिरौंदी तक प्रस्तावित फ्लाईओवर परियोजना पर भी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।   महिला सशक्तीकरण और डिजिटल शिक्षा पर जोर मुख्यमंत्री ने मिशन शक्ति और मिशन वात्सल्य के तहत चल रही योजनाओं की मॉनिटरिंग पर जोर दिया। उन्होंने कामकाजी महिलाओं का डेटाबेस तैयार करने और सखी निवास योजना को मजबूत करने के निर्देश दिए। इसके अलावा डिजिटल और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने तथा नर्सिंग शिक्षा के विस्तार पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।

Unknown अप्रैल 28, 2026 0
हेमंत सोरेन और नवीन जायसवाल नवदंपति के साथ मुलाकात करते हुए
विधायक नवीन जायसवाल के घर पहुंचे सीएम हेमंत सोरेन, नवदंपति को दिया आशीर्वाद

रांची। रांची में आयोजित एक आशीर्वाद समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ हटिया विधायक नवीन जायसवाल के आवास पहुंचे। यह आयोजन विधायक की पुत्री माही जायसवाल के विवाह उपरांत रखा गया था। मुख्यमंत्री ने समारोह में शामिल होकर नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। परिवार से की मुलाकात इस दौरान हेमंत सोरेन ने विधायक नवीन जायसवाल और उनके परिवार से मुलाकात कर खुशी जाहिर की। कार्यक्रम में आत्मीयता और पारिवारिक अपनापन देखने को मिला। समारोह का माहौल सादगी, खुशी और गर्मजोशी से भरा रहा, जहां मौजूद सभी लोगों ने नवदंपति को दीं शुभकामनाएं।

Unknown मार्च 18, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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इंग्लैंड से सीरीज हार के बाद टीम इंडिया का होगा प्रदर्शन रिव्यू, BCCI करेगा खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का मूल्यांकन

anjali kumari जुलाई 11, 2026 0