idtv crime

Titos Restaurant firing case
Titos Resturant फायरिंग केस में बड़ा खुलासा

रांची। रांची के चर्चित Titos Resturant में हुई फायरिंग अब सिर्फ एक अपराध की खबर नहीं रह गई है—यह उस डर, दबाव और संगठित अपराध की कहानी बन गई है, जो धीरे-धीरे शहर को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। इस वारदात में अपनी जान गंवाने वाले वेटर मनीष गोप शायद उस रात बस अपना काम कर रहे थे। उन्हें क्या पता था कि कुछ ही पलों में गोलियों की आवाज उनकी जिंदगी छीन लेगी।    पहले से तय थी पूरी योजना पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि यह हमला अचानक नहीं था। हर कदम पहले से सोचा-समझा गया था। मुख्य आरोपी सचिन यादव, जिसे अब गिरफ्तार कर लिया गया है, ने पूछताछ में बताया कि उसे Titos Resturant की पूरी जानकारी दी गई थी—कहां से आना है, कब हमला करना है, और कैसे निकलना है। हमले के दौरान वह अपने गैंग के संपर्क में था, मोबाइल के जरिए लगातार अपडेट देता रहा। यह दिखाता है कि यह सिर्फ डराने की कोशिश नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित दबाव बनाने की रणनीति थी।    हथियार की भी कहानी है पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर एक जिगाना पिस्टल बरामद की है—एक विदेशी सेमी-ऑटोमैटिक हथियार। यही वह हथियार है, जिससे उस रात गोलियां चलीं। वारदात के बाद इसे छिपा दिया गया था, लेकिन अब इसके मिलने से पुलिस के पास मजबूत सबूत हैं।   पैसों के लिए ली गई जान जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे हमले के पीछे कुख्यात प्रिंस खान गैंग का हाथ है। रेस्टोरेंट संचालक से करीब 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। जब पैसे नहीं मिले, तो दबाव बनाने के लिए फायरिंग की साजिश रची गई। इस काम के लिए शूटर को करीब ₹1 लाख की सुपारी दी गई थी—जिसमें से ₹10 हजार पहले ही दे दिए गए थे। यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि पैसों के लिए इंसानी जान की कीमत तय करने की कहानी है।   अचानक हुई ताबड़तोड़ फायरिंग 7-8 मार्च 2026 की रात… रेस्टोरेंट में लोग अपने खाने और बातचीत में व्यस्त थे। तभी अचानक बाइक सवार हमलावर पहुंचे और गोलियां चलाने लगे। देखते ही देखते वहां अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और मनीष गोप… हमेशा के लिए खामोश हो गया।  पुलिस की चुनौती: सिर्फ आरोपी नहीं, पूरी जड़ तक पहुंचना इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने SIT बनाई है। कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, लेकिन असली चुनौती अभी बाकी है। पुलिस अब पूरे गैंग नेटवर्क को खंगाल रही है। कॉल डिटेल्स और कनेक्शन जोड़ रही है और कोशिश कर रही है कि इस संगठित अपराध की जड़ तक पहुंचा जाए। यह घटना सिर्फ एक केस नहीं है—यह एक चेतावनी है। शहर में अब आम लोग भी गैंगवार और रंगदारी की चपेट में आ रहे हैं। एक साधारण नौकरी करने वाला इंसान भी अब सुरक्षित नहीं है।

Anjali Kumari अप्रैल 3, 2026 0
Delhi Police drug bust
दिल्ली पुलिस में इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट का हुआ पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली, एजेंसियां। राजधानी दिल्ली में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एंटी नारकोटिक्स सेल ने कार्रवाई करते हुए एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है और करीब 1.10 करोड़ रुपये की साइकोट्रोपिक ड्रग्स बरामद की हैं। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। हाल की रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली पुलिस और उसकी एंटी-नारकोटिक्स यूनिट्स राजधानी में ड्रग नेटवर्क्स पर लगातार सख्त कार्रवाई कर रही हैं।   पुलिस के मुताबिक पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से 120.18 ग्राम कोकीन और 36.86 ग्राम MDMA बरामद हुई है। बरामद ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1.10 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा ड्रग सप्लाई में इस्तेमाल की जा रही दो स्कूटी भी जब्त की गई हैं। जांच में यह भी सामने आया कि इनमें से एक स्कूटी चोरी की थी और उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी।   जांच एजेंसियों के अनुसार जांच एजेंसियों के अनुसार, यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। इसमें एक सप्लायर, एक कैरियर और लोकल पेडलर्स की भूमिका तय थी। गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद हसन, रजिया और दो अफ्रीकी नागरिक—डिओफ सोलोमन उर्फ ऑस्कर और बेमाह शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि ये आरोपी दिल्ली-एनसीआर में नशे की सप्लाई कर मोटा मुनाफा कमा रहे थे।   डीसीपी राजीव कुमार ने कहा डीसीपी राजीव कुमार ने कहा कि यह कार्रवाई “जीरो टॉलरेंस ऑन ड्रग्स” अभियान के तहत की गई है। उनके मुताबिक, इतनी बड़ी बरामदगी से एक बड़े नेटवर्क को झटका लगा है और अब पुलिस की प्राथमिकता ड्रग्स के असली सोर्स तक पहुंचकर पूरे सिंडिकेट को खत्म करना है।   गौरतलब है कि इससे पहले भी 29 मार्च को दिल्ली पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने करीब 4.5 करोड़ रुपये की नशीली दवाएं बरामद कर एक अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। इससे साफ है कि राजधानी में नशे के कारोबार पर पुलिस ने शिकंजा और कड़ा कर दिया है।

Anjali Kumari अप्रैल 1, 2026 0
Gangster Prince Khan Shooter Arrested
Gangster Prince Khan Shooter Arrested: गैंगस्टर प्रिंस खान का मुख्य शूटर रांची से गिरफ्तार

रांची। धनबाद के वासेपुर के गैंगस्टर प्रिंस खान के मुख्य शूटर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ये गिरफ्तारी राजधानी रांची में हुई हैं। गिरफ्तार मुख्य शूटर पर रांची के एक रेस्टोरेंट में घुसकर फायरिंग करने और हत्या करने का आरोप है।   रांची 7 मार्च को रेस्टोरेंट में हुई थी हत्या रांची के एसएसपी ने बताया कि प्रिंस खान गिरोह की ओर से रांची एयरपोर्ट थाना इलाके में 7 मार्च की रात को टी टॉस रेस्टोरेंट में घुसकर अपराधियों ने फायरिंग और हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। इस मामले में पुलिस ने मुख्य शूटर सचिन यादव को गिरफ्तार किया है। रेस्टोरेंट संचालक से एक करोड़ रंगदारी की मांग की गई थीः पुलिस के अनुसार 27 दिसंबर को लोधमा स्थित टी टॉस रेस्टोरेंट के मालिक राजकुमार गोप से प्रिंस खान की ओर से इंटरनेट कॉल के माध्यम से ऑडियो मैसेज भेज कर एक करोड़ रंगदारी की मांग की गई। पैसे नहीं देने पर लगातार धमकी दी जा रही थी। पर जब रंगदारी का पैसा नही मिला, तो प्रिंस खान ने अपने गैंग के लड़को के माध्यम से 7 मार्च को टी टॉस रेस्टोरें में फायरिंग करा दी। इसमें रेस्टोरेंट के एक स्टाफ को गोली लगने से मृत्यु हो गई थी।   4 आरोपियों की पहले ही हो चुकी है गिरफ्तारी इस मामले में जांच के लिए गठित एसआईटी की ओर से त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में संलिप्त अपराधियों में से 4 को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेजा जा चुका है। अनुसंधान के कम में गिरफ्तार अभियुक्तों की ओर से घटना को अंजाम देने वाले प्रमुख शूटर के रुप में सचिन यादव का पहचान की गई।    घटना के समय पहने कपड़े भी बरामद रांची पुलिस ने लागातर छापमारी करते हुए 29 मार्च को सचिन यादव को गिरफ्‌तार कर लिया। पूछताछ के बाद घटना के समय पहने हुए कपड़े और आर्म्स एमयुनेशन बरामद किया गया है। बरामद आर्म्स एम्युनेशन के सबंध में अलग से एयरपोर्ट थाना काण्ड सं0-15/26 दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है।   सचिन यादव के खिलाफ 8 मामले दर्ज सचिन यादव की पूर्व से ही कई घटनाओं में संलिप्तता का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ जोगता, राजगंज, बैंक मोड़ औऱ पुटकी थाना में 8 केस दर्ज है। उसने पुलिस को बताया कि इस कांड के लिए उसे एक लाख रुपए देने का वादा किया गया था,लेकिन पूरा पैसा नहीं मिला।

Anjali Kumari मार्च 30, 2026 0
Hazaribagh bandh
हजारीबाग बंद असरदार, मशाल जुलूस में उमड़े लोग

हजारीबाग। विष्णुगढ़ में 12 साल की नाबालिग के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या के विरोध में सोमवार 30 मार्च को हजारीबाग बंद है। यह बंद झारखंड प्रदेश भाजपा के आह्वान पर बुलाया गया है। सोमवार को सुबह से ही हजारीबाग की सड़कों पर सन्नाटा पसरा है, दुकानें बंद हैं और बाजार खाली हैं। बंद को सफल बनाने के लिए भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर कर जुलूस निकाल रहे हैं।  निकाला गया मशाल जुलूस इससे पहले बंद की पूर्व संध्या पर रविवार की शाम मशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें लोगों की भीड़ उमड़ी।  हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद के नेतृत्व में विष्णुगढ़ की 12 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई जघन्य घटना और निर्मम हत्या पर रविवार को विष्णुगढ़ में निकाला मशाल जुलूस और कैंडल मार्च निकाला गया। मशाल जुलूस निकाल कर लोगों से सोमवार को हजारीबाग बंद का आह्वान किया गया।  दोषियों की गिरफ्तारी की मांग भाजपा विधायक ने सरकार से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करने, मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने देने की भी मांग की। इधर झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने भी दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। विष्णुगढ़ में 12 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म एवं हत्या की घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है।

Anjali Kumari मार्च 30, 2026 0
Illegal weapons racket Delhi
पाकिस्तान-नेपाल रूट से आ रहे थे घातक हथियार, दिल्ली पुलिस ने 10 को दबोचा

नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह के तार पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को राजधानी की सुरक्षा के लिहाज से बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।   विदेशी हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद पुलिस ने आरोपियों के पास से 21 अत्याधुनिक विदेशी हथियार और करीब 200 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। जब्त हथियारों में सब-मशीन गन, ऑटोमैटिक पिस्टल और कई हाई-टेक मॉडल शामिल हैं। बरामद हथियारों में स्टोएगर, PX-5.7, PX-3, शैडो CZ, बेरेटा, टॉरस और वाल्थर जैसी पिस्तौलें शामिल हैं। इनमें PX-5.7 पिस्टल खास तौर पर चिंताजनक है, क्योंकि इसका इस्तेमाल आमतौर पर स्पेशल फोर्सेज करती हैं।   पुरानी दिल्ली से चल रहा था नेटवर्क जांच में सामने आया है कि यह पूरा रैकेट पुरानी दिल्ली के वॉल सिटी इलाके से ऑपरेट किया जा रहा था। यहां से देशभर के आपराधिक गिरोहों को हथियार सप्लाई किए जाते थे।   पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत पहुंचते थे हथियार प्रारंभिक जांच के अनुसार, ये हथियार पाकिस्तान से तस्करी कर नेपाल बॉर्डर के जरिए भारत लाए जाते थे। इसके बाद इन्हें दिल्ली-एनसीआर समेत अन्य राज्यों में सक्रिय अपराधियों तक पहुंचाया जाता था।   सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं।

Anjali Kumari मार्च 25, 2026 0
BIT area petrol pump robbery
BIT इलाके में देर रात दो पेट्रोल पंपों पर डकैती, एक से 2 लाख से ज्यादा की लूट

रांची। राजधानी रांची के BIT थाना क्षेत्र में देर रात अपराधियों ने दो पेट्रोल पंपों को निशाना बनाते हुए डकैती की वारदात को अंजाम दिया। जानकारी के मुताबिक, आधा दर्जन बदमाश बाइक और कार से पहुंचे और हथियार के बल पर लूटपाट की।   एक पंप से लाखों की लूट अपराधियों ने एक पेट्रोल पंप से 2 लाख रुपये से अधिक की नकदी लूट ली, जबकि दूसरे पेट्रोल पंप से करीब 2 हजार रुपये लेकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।   हथियार के बल पर वारदात बताया जा रहा है कि बदमाश पूरी योजना के साथ पहुंचे थे और कर्मचारियों को डराकर कैश अपने कब्जे में लेकर फरार हो गए।   पुलिस जांच में जुटी मामले की पुष्टि करते हुए BIT ओपी प्रभारी अजय कुमार दास ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। दोनों घटनाओं को गंभीरता से लिया गया है।   CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस पेट्रोल पंपों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और अपराधियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया गया है।

Anjali Kumari मार्च 25, 2026 0
Prince Khan gang arrested
मुठभेड़ के बाद पकड़े गए प्रिंस खान गैंग के बदमाश, अब रांची में होगी पूछताछ

रांची/धनबाद। राजधानी रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में रेस्टोरेंट में हुई फायरिंग और हत्या के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस केस में कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के गैंग से जुड़े एक शूटर को धनबाद से रांची लाया गया है। आरोपी पर गोलीबारी और हत्या दोनों के गंभीर आरोप हैं।   भागाबांध मुठभेड़ में घायल हुए थे आरोपी पुलिस के अनुसार, 16 मार्च को धनबाद के भागाबांध इलाके में पुलिस और प्रिंस खान गैंग के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान तीन अपराधी घायल हो गए थे। इनमें पलामू के चैनपुर निवासी अमन सिंह उर्फ मनीष उर्फ कुबेर, वासेपुर के लाला टोला निवासी अफजल अमन उर्फ बाबर उर्फ राजा खान और विक्की डोम शामिल थे।   इलाज के बाद रांची शिफ्ट मुठभेड़ के बाद घायलों को इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच, धनबाद में भर्ती कराया गया था। रविवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद रांची एयरपोर्ट थाना की टीम धनबाद पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दो आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में रांची ले आई।   एक आरोपी पहले ही जेल भेजा गया इस मामले में तीसरे आरोपी विक्की डोम को पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।   फायरिंग और हत्या के गंभीर आरोप पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने रांची के एयरपोर्ट इलाके के एक रेस्टोरेंट में फायरिंग की थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ में इन्हें पकड़ लिया।   अपराध के खिलाफ सख्ती जारी झारखंड पुलिस का कहना है कि राज्य में अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस मामले में भी पुलिस आगे की जांच कर रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Anjali Kumari मार्च 23, 2026 0
Prince Khan gang arrested
मुठभेड़ के बाद पकड़े गए प्रिंस खान गैंग के बदमाश, अब रांची में होगी पूछताछ

रांची/धनबाद। राजधानी रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में रेस्टोरेंट में हुई फायरिंग और हत्या के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस केस में कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के गैंग से जुड़े एक शूटर को धनबाद से रांची लाया गया है। आरोपी पर गोलीबारी और हत्या दोनों के गंभीर आरोप हैं।   भागाबांध मुठभेड़ में घायल हुए थे आरोपी पुलिस के अनुसार, 16 मार्च को धनबाद के भागाबांध इलाके में पुलिस और प्रिंस खान गैंग के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान तीन अपराधी घायल हो गए थे। इनमें पलामू के चैनपुर निवासी अमन सिंह उर्फ मनीष उर्फ कुबेर, वासेपुर के लाला टोला निवासी अफजल अमन उर्फ बाबर उर्फ राजा खान और विक्की डोम शामिल थे।   इलाज के बाद रांची शिफ्ट मुठभेड़ के बाद घायलों को इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच, धनबाद में भर्ती कराया गया था। रविवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद रांची एयरपोर्ट थाना की टीम धनबाद पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दो आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में रांची ले आई।   एक आरोपी पहले ही जेल भेजा गया इस मामले में तीसरे आरोपी विक्की डोम को पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।   फायरिंग और हत्या के गंभीर आरोप पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने रांची के एयरपोर्ट इलाके के एक रेस्टोरेंट में फायरिंग की थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ में इन्हें पकड़ लिया।   अपराध के खिलाफ सख्ती जारी झारखंड पुलिस का कहना है कि राज्य में अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस मामले में भी पुलिस आगे की जांच कर रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Anjali Kumari मार्च 23, 2026 0
Prince Khan case updates
Dhanbad से रांची शिफ्ट किए गए Prince Khan के गुर्गे, रेस्टोरेंट फायरिंग केस में होगी पूछताछ

रांची। झारखंड में अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। रांची एयरपोर्ट स्थित रेस्टोरेंट में हुई फायरिंग और हत्या मामले में आरोपी गैंगस्टर प्रिंस खान के गुर्गों को धनबाद से रांची शिफ्ट किया गया है। एयरपोर्ट थाना पुलिस दोनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच अपने साथ लेकर आई है।   मुठभेड़ में घायल हुए थे आरोपी जानकारी के मुताबिक 16 मार्च को धनबाद के भागाबांध इलाके में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान तीन गुर्गे घायल हो गए थे। इनमें पलामू के चैनपुर निवासी अमन सिंह उर्फ मनीष उर्फ कुबेर और वासेपुर निवासी अफजल अमन उर्फ बाबर उर्फ राजा खान शामिल हैं। तीसरा आरोपी विक्की डोम भी इस मुठभेड़ में घायल हुआ था।   अस्पताल से छुट्टी के बाद रांची लाया गया घटना के बाद सभी घायलों को इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच धनबाद में भर्ती कराया गया था। रविवार को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद रांची एयरपोर्ट थाना की टीम धनबाद पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दोनों आरोपियों को अपने साथ रांची ले आई।   एक आरोपी पहले ही जा चुका है जेल मामले में तीसरे आरोपी विक्की डोम को पहले ही न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हो सकते हैं।   रेस्टोरेंट में फायरिंग और हत्या का आरोप पुलिस के अनुसार, इन अपराधियों पर रांची एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के एक रेस्टोरेंट में गोलीबारी करने और एक व्यक्ति की हत्या करने का आरोप है। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ में इन्हें पकड़ लिया था।   जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश भी तेज कर दी गई है। झारखंड पुलिस का कहना है कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

Anjali Kumari मार्च 23, 2026 0
Braj Baba murder case
Braj Baba murder case: ब्रज में गौरक्षक बाबा की निर्मम हत्या, आरोपी फरार

लखनऊ, एजेंसियां। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां ब्रज क्षेत्र के विख्यात गौरक्षक चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की कथित रूप से गौ तस्करों द्वारा हत्या कर दी गई। जानकारी के मुताबिक, बाबा तस्करों का पीछा कर रहे थे, तभी आरोपियों ने उन्हें वाहन से कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।   सुबह तड़के वारदात, इलाके में फैली दहशत यह घटना कोसी कलां थाना क्षेत्र के नवीपुर गांव के पास सुबह करीब 4 बजे हुई। अचानक हुई इस वारदात से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी को मौके से पकड़ लिया गया है, जबकि अन्य तीन फरार हैं। पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं और मामले की जांच जारी है।   हाईवे जाम, प्रदर्शन तेज घटना के विरोध में गौरक्षकों और स्थानीय लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ।   संत समाज में रोष, बढ़ते अपराधों पर सवाल इस घटना के बाद संत समाज में गहरा रोष है। हाल ही में बरसाना स्थित राधा बल्लभ मंदिर के पुजारी मोहन दास (गूंगा बाबा) की हत्या का मामला भी सामने आया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।   जांच जारी, सुरक्षा पर उठे सवाल पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं, स्थानीय लोग और संत समाज प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

Anjali Kumari मार्च 21, 2026 0
Prince Khan investigation
खुलासाः गैंगस्टर प्रिंस खान से जैश-ए-मोहम्मद का कनेक्शन 1 करोड़ हर माह पहुंच रहा पाकिस्तान!

धनबाद। झारखंड के धनबाद में पुलिस और प्रिंस खान के गुर्गों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार अपराधी अमन सिंह उर्फ मनीष व कुबेर ने प्रिंस खान के कई राज पुलिस के समक्ष खोले हैं। दोनों ने पुलिस को जो कुछ बताया है, उसने झारखंड पुलिस की नींद उड़ा दी है। पूछताछ में इन दोनों ने पुलिस को बताया है कि प्रिंस खान फिलहाल अपना नाम बदलकर फैज के नाम से पाकिस्तान के बहावलपुर में शरण ले रखा है। उसे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का समर्थन प्राप्त है। पुलिस को प्रिंस खान का एक आईडी कार्ड भी मिला कुबेर के मोबाइल से पुलिस को प्रिंस खान का एक आईडी कार्ड भी मिला है। जिसमे पाकिस्तान नेशनल आईडी कार्ड में प्रिंस ने अपना नाम बदलकर फैज खान रखा है। आईडी कार्ड में बहावलपुर का एड्रेस दर्ज है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान का बहावलपुर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ माना जाता है। ऐसे में पुलिस का अनुमान है कि प्रिंस खान को पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद का समर्थन मिल चुका है। रंगदारी का पैसा आतंकी के पास भी प्रिंस पहुंचा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रिंस के पास पहुंचता है प्रतिमाह एक करोड़ पुलिस के समक्ष कुबेर ने स्वीकार किया है कि गैंग के सरगना प्रिंस खान के पास प्रत्येक महीने एक करोड़ रुपया भेजा जाता है। गिरोह के सदस्य क्रिप्टोकरेंसी से यह पैसा प्रिंस के खाते में भेजते हैं। पुलिस जांच में वैसे 65 बैंक खातों का ट्रांजेक्शन मिला है, जिसके माध्यम से प्रिंस खान को पैसा भेजा जाता था। इनमें कई खातों से जेल में बंद सुजीत सिन्हा के रिश्तेदार को भी पैसा ट्रांसफर किया गया है। इन संदिग्ध खाता धारकों के बारे में फिलहाल पुलिस जानकारी जुटाकर पूछताछ करने का प्रयास कर रही है। कुबेर है प्रिंस और सुजीत के बीच की कड़ी पलामू स्थित चैनपुर निवासी अमन सिंह उर्फ कुबेर दोनों गिरोह के बीच में कड़ी का काम कर रहा था। सुजीत सिन्हा के कहने पर कुबेर ही राज्य के अलग-अलग जिला में रहने वाले सक्रिए सदस्यों की मदद से कारोबारी का पूरा डिटेल के अलावा मोबाइल नंबर मंगाता था और प्रिंस खान को उपलब्ध कराता था। इसके बाद धमकी भरे मैसेज का स्क्रिप्ट भी कुबेर ही तैयार करता था। प्रिंस खान का धमकी भरे लहजे में ऑडियो रिकार्ड कर कुबेर ही एडिट करते हुए फाइनल करता था, जिसके बाद उसे कारोबारी के पास भेजा जाता था।   कुबेर रखता है ट्रांजेक्शन का हिसाब रंगदारी से मिले पैसे का ट्रांजेक्शन कहां और कितना हुआ है, इसकी पूरी जानकारी कुबेर ही रखता था। सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान के बीच वह मीडिएटर का काम करता था। वासेपुर का फहीम खान के साले टुन्ना खान का बेटा अफजल अमन भी शूटर को हथियार उपलब्ध कराता था। प्रिंस गैंग से जुड़े कई सफेदपोश पुलिस पूछताछ में कुबेर ने स्वीकार किया है कि वह पैसे की लेन-देन का हिसाब रखता था। कुबेर ने यह भी बताया है कि धनबाद और बोकारो के बाद राजधानी रांची में भी गिरोह ने अपना प्रभाव जमा लिया था। रांची में गिरोह का पूरा काम नामकुम निवासी कौशल पांडे और लालपुर स्थित नगड़ा टोली में रहने वाला राणा राहुल सिंह देखता है। कुबेर ने यह भी बताया है कि शहर के प्रतिष्ठित कारोबारियों की जानकारी जुटाकर प्रिंस खान को उसका नाम और नंबर उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी कौशल के पास है जबकि रंगदारी का पैसा नहीं मिलने पर हथियार और शूटर उपलब्ध कराने का जिम्मा लालपुर का सफेदपोश राणा को दिया गया है। दोनों पहले सुजीत सिन्हा के लिए भी काम करते थे। दोनों ने प्रिंस खान के लिए कई काम भी किये हैं। पुलिस ने अब इन दोनों की तलाश शुरू कर दी है। इन दोनों के खिलाफ साक्ष्य जुटाकर गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

Anjali Kumari मार्च 19, 2026 0
Aman Srivastava gang case
गैंगस्टर Aman Srivastava की बहन मंजरी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई 18 मार्च को

रांची। झारखंड हाई कोर्ट में कुख्यात गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव की बहन मंजरी श्रीवास्तव की अग्रिम जमानत याचिका पर बुधवार 18 मार्च को सुनवाई होगी। यह मामला जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय और जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ में सुना जाएगा। अदालत ने आंशिक सुनवाई के बाद आगे की बहस के लिए 18 मार्च की तारीख तय की है।   गिरफ्तारी की आशंका जताई मंजरी श्रीवास्तव ने अदालत में गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए अग्रिम जमानत की मांग की है। आरोप है कि उन्होंने अपने भाई अमन श्रीवास्तव के हवाला पैसों के लेनदेन में सहयोग किया और संगठन के कामकाज में साठगांठ की।   हवाला के जरिए पैसों का ट्रांसफर National Investigation Agency (एनआईए) की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अमन श्रीवास्तव ने रंगदारी से वसूले गए पैसे हवाला के जरिए अपने परिजनों के खातों में ट्रांसफर किए थे। जांच के मुताबिक यह रकम भाई अभिक, बहन मंजरी और बहनोई चंद्रप्रकाश राणू के खातों में भेजी गई थी। जांच में सामने आया नाम एनआईए ने इस मामले में हवाला के 25 लाख रुपये के साथ गैंग के सदस्य विनोद और सिद्धार्थ को गिरफ्तार किया था। इसी दौरान जांच में मंजरी श्रीवास्तव का नाम भी सामने आया। अब उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई होनी है।

Anjali Kumari मार्च 16, 2026 0
Okhla sexual assault attempt
दिल्ली के ओखला इंडस्ट्रियल एरिया में 7 साल की बच्ची के साथ यौन शोषण की कोशिश, तीन नाबालिग आरोपी पकड़े गए

नई दिल्ली, एजेंसियां। राजधानी दिल्ली के ओखला इंडस्ट्रियल एरिया में 7 साल की एक नाबालिग बच्ची के साथ यौन शोषण की कोशिश का मामला सामने आया है। इस मामले में पास में रहने वाले तीन नाबालिग लड़कों पर आरोप लगा है, जिनकी उम्र 12 और 13 साल बताई जा रही है।    बच्ची के साथ यौन शोषण की कोशिश की पुष्टि पुलिस के अनुसार, 14 मार्च को पीसीआर कॉल के जरिए घटना की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़ित बच्ची को उसके माता-पिता के साथ मेडिकल जांच के लिए एम्स भेजा गया। मेडिकल जांच में बच्ची के साथ यौन शोषण की कोशिश की पुष्टि हुई है।   बच्ची ने अपने बयान में बताया  बच्ची के बयान के अनुसार, 12 और 13 मार्च को तीनों आरोपी उसे बहला-फुसलाकर पास के एक गोदाम में ले गए थे, जहां उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की गई। पुलिस ने इस मामले में तीनों नाबालिग आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसके बाद उन्हें जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड भेज दिया गया।

Anjali Kumari मार्च 16, 2026 0
Gangster Prince Khan
गैंगस्टर प्रिंस खान ने रांची के दवा कारोबारी से मांगा एक करोड़

रांची। विदेश में बैठा कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान का रंगदारी  मांगने  का सिलसिला खत्म ही नहीं हो रहा है। एक बार फिर गैंगस्टर प्रिंस खान ने रांची के एक बड़े कारोबारी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी है। इस संबंध में कारोबारी ने कोतवाली थाने  में FIR दर्ज कराई है।   ऑडियो मैसेज भेजकर मांगी रंगदारी मिली जानकारी के अनुसार, शहर के व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र अल्बर्ट एक्का चौक  में दवा का बड़ा कारोबार करने वाले एक व्यापारी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई है। बताया जा रहा है कि 12 मार्च को कारोबारी के प्रतिष्ठान के कैशियर के मोबाइल पर दो अलग-अलग नंबरों से एक टेक्स्ट मैसेज और दो ऑडियो मैसेज भेजे गए।ऑडियो मैसेज में भेजने वाले व्यक्ति ने खुद को गैंगस्टर प्रिंस खान बताते हुए एक करोड़ रुपये देने की मांग की। साथ ही यह भी धमकी दी गई कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो कारोबारी की हत्या कर दी जाएगी और उनकी दवा दुकान बंद करवा दी जाएगी।   पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना गौरतलब है कि इससे पहले भी शहर के एयरपोर्ट इलाके में एक रेस्टोरेंट संचालक से रंगदारी मांगी गई थी। पैसे नहीं देने पर बदमाशों ने रेस्टोरेंट में फायरिंग कर दी थी, जिसमें एक वेटर की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद भी पुलिस पूरी तरह से आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है।   पुलिस ने दर्ज की एफआईआर धमकी मिलने के बाद दवा कारोबारी ने कोतवाली  में प्राथमिकी दर्ज कराई है। अपने आवेदन में कारोबारी ने बताया कि उनका पारिवारिक दवा व्यवसाय है और उनके भाई भी इसी काम में जुड़े हैं।पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही कारोबारी ने पुलिस से सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। अधिकारियों का कहना है कि धमकी भरे मैसेज और नंबरों की जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करने की कोशिश की जाएगी।

Anjali Kumari मार्च 14, 2026 0
गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में बड़ा एक्शन
गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में बड़ा एक्शन, जमशेदपुर के 6 आरोपियों के खिलाफ वारंट

जमशेदपुर। गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इस मामले में अदालत ने जमशेदपुर के छह आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। वारंट जारी होने के बाद पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। बताया जा रहा है कि सभी आरोपियों पर पहले से ही 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित है। हत्या के 26 दिन बाद भी मुख्य शूटर और साजिशकर्ता पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इन आरोपियों के खिलाफ जारी हुआ वारंट अदालत द्वारा जिन आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है, उनमें बागबेड़ा थाना क्षेत्र के अंकित वर्मा, आशुतोष सिंह, विशाल सिंह, आकाश कुमार प्रसाद और यशराज सिंह शामिल हैं। इसके अलावा मानगो के ओलीडीह निवासी जितेंद्र कुमार साहू का नाम भी इस सूची में शामिल है। जमशेदपुर में लगातार दबिश सूत्रों के अनुसार, Uttarakhand Special Task Force और Dehradun Police की टीम लगातार Jamshedpur में छापेमारी कर रही है। टीम ने बागबेड़ा, जुगसलाई और मानगो इलाके में कई बार दबिश दी है, लेकिन अब तक मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके हैं। अब तक दो मददगार गिरफ्तार इस हत्याकांड में पुलिस अब तक दो लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें बागबेड़ा थाना क्षेत्र के गाराबासा निवासी राजकुमार सिंह और ग्रेटर नोएडा से मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन दोनों पर हत्या में आरोपियों की मदद करने का आरोप है। 13 फरवरी को हुई थी हत्या बताया जाता है कि 13 फरवरी को Dehradun के सिल्वर मॉल के पास गैंगस्टर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी थी। जांच में जमशेदपुर कनेक्शन सामने आने के बाद से पुलिस की टीमें झारखंड में लगातार छापेमारी कर रही हैं।

Anjali Kumari मार्च 13, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट घोषित, अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, 958 उम्मीदवार सफल

UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)   भारतीय पुलिस सेवा (IPS)   भारतीय विदेश सेवा (IFS)   भारतीय राजस्व सेवा (IRS)   भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं   979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं   होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें   “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं   Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें   मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी   Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें   15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98   EWS: 85.92   OBC: 87.28   SC: 79.03   ST: 74.23   आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज

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