IMD

Uttarakhand Heavy Rain
उत्तराखंड में भारी बारिश से नदियां उफान पर, 8 जिलों में हाई अलर्ट

देहरादून, रुद्रप्रयाग समेत कई जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा; प्रशासन ने चारधाम यात्रियों और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील की   देहरादून, एजेंसियां। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण राज्य की कई नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी समेत 8 जिलों के लिए भारी बारिश और फ्लैश फ्लड का हाई अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने एसडीआरएफ, पुलिस और अन्य राहत एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।   भूस्खलन से सड़कें प्रभावित   लगातार बारिश के चलते कई पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। कई संपर्क मार्ग बाधित हुए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।   चारधाम यात्रा पर भी असर   खराब मौसम को देखते हुए चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। यात्रियों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। राहत एवं बचाव दलों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।   प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी   राज्य सरकार ने निचले इलाकों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। स्कूलों, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

abhishek singh जुलाई 31, 2026 0
Jharkhand Weather
झारखंड में 28 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट, रांची समेत कई जिलों में IMD की चेतावनी

रांची। झारखंड में सक्रिय मानसून के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए 28 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह और आसपास के इलाकों में अगले दो दिनों तक तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है।   प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की   मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नदी-नालों के उफान और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली गिरने की आशंका के समय खुले स्थानों में नहीं रुकने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने को कहा गया है।   कृषि और जनजीवन पर पड़ सकता है असर   लगातार बारिश का असर खेती-किसानी के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों के जनजीवन पर भी पड़ सकता है। कई स्थानों पर जलजमाव और सड़क यातायात प्रभावित होने की संभावना है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन और राहत दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।

abhishek singh जुलाई 26, 2026 0
Dark monsoon clouds over Bihar as heavy rain, thunderstorms, strong winds and lightning alerts are issued across 22 districts.
बिहार के 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी

पटना: बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और राज्य के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार हो रही बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार के लिए राज्य के 22 जिलों में भारी बारिश, 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर न जाने की सलाह दी है। इन 22 जिलों में जारी हुआ मौसम अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार बक्सर, भोजपुर, पटना, बेगूसराय, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा, बांका, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार में मौसम बिगड़ सकता है। इन जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। मंगलवार को कैसा रहा मौसम? राजधानी पटना में मंगलवार को दिनभर बादलों का डेरा रहा। बीच-बीच में हल्की धूप निकलने के बाद शाम होते-होते फिर आसमान में घने बादल छा गए और कई इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। पटना के आसपास के जिलों में भी मौसम का यही हाल रहा। वहीं खगड़िया, सीतामढ़ी और कटिहार में अच्छी बारिश हुई, जबकि नालंदा और वैशाली में पूरे दिन बादलों की आवाजाही बनी रही। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। अगले 3 से 4 दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक बिहार में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहेगा। कुछ इलाकों में उमस महसूस हो सकती है, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। पूर्वानुमान के मुताबिक जुलाई के आखिरी सप्ताह में मानसून और मजबूत हो सकता है, जिससे पूरे बिहार में व्यापक और झमाझम बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम में लगातार बदलाव की वजह क्या है? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मौसम में बार-बार बदलाव की मुख्य वजह मानसूनी सिस्टम का लगातार मजबूत और कमजोर होना है। जब नमी वाली हवाएं सक्रिय होती हैं तो बादल बनते हैं और बारिश होती है। बारिश रुकने के बाद धूप निकलते ही हवा में मौजूद नमी के कारण उमस बढ़ जाती है। यही वजह है कि राज्य में कभी बारिश तो कभी गर्मी और उमस का दौर देखने को मिल रहा है। लोगों के लिए जरूरी सलाह खराब मौसम के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। बिजली चमकने पर सुरक्षित स्थान पर रहें। मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट और प्रशासन की सलाह का पालन करें। यात्रा के दौरान मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें।

surbhi जुलाई 22, 2026 0
IMD Heavy Rain
IMD का कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट, गुजरात, राजस्थान और कोंकण के लिए विशेष चेतावनी जारी

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से गुजरात, राजस्थान, कोंकण एवं गोवा में तेज बारिश, जलभराव और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।   कई राज्यों में ऑरेंज और रेड अलर्ट   IMD के अनुसार, गुजरात के कई जिलों, दक्षिणी राजस्थान और कोंकण क्षेत्र में अत्यधिक बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों के लिए रेड अलर्ट जबकि अन्य क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, नदियों के जलस्तर में वृद्धि और यातायात प्रभावित होने की संभावना है।   पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा   उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में भी लगातार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़क मार्ग बाधित होने की आशंका जताई है। स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव दलों को सतर्क रखने के निर्देश दिए गए हैं।   लोगों को सतर्क रहने की सलाह   IMD ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और नदी-नालों के आसपास नहीं जाने की सलाह दी है। प्रशासन को भी संभावित आपदा से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने को कहा गया है। अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मानसून के सक्रिय रहने की संभावना है।

abhishek singh जुलाई 22, 2026 0
Himachal Pradesh Weather
हिमाचल प्रदेश के चार जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, आज सभी स्कूल बंद; प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

शिमला, एजेंसियां। भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद हिमाचल प्रदेश के मंडी, कांगड़ा, सिरमौर और शिमला जिलों में आज सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। लगातार बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यह फैसला लिया है।    भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा   मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके चलते नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है तथा पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं होने का खतरा बना हुआ है।    प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील   जिला प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। संवेदनशील इलाकों में आपदा प्रबंधन और राहत दलों को भी अलर्ट पर रखा गया है।    पर्यटकों के लिए भी जारी हुई सलाह   प्रशासन ने राज्य में मौजूद पर्यटकों से भी मौसम सामान्य होने तक पहाड़ी और नदी किनारे के इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है। कई मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।    मौसम विभाग की निगरानी जारी   IMD ने कहा है कि प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

abhishek singh जुलाई 21, 2026 0
Dark monsoon clouds over Jharkhand as heavy rainfall and lightning trigger an IMD yellow alert across multiple districts.
झारखंड Weather Update: 21 जुलाई को इन जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट

रांची: झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राज्य के कई हिस्सों में सोमवार को अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि मौसम विभाग ने 21 जुलाई के लिए कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलर्ट घोषित किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दो सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से आने वाले घंटों में कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। इन जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के अनुसार रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और सिमडेगा जिलों में मंगलवार, 21 जुलाई को गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। सोमवार को कहां कितनी हुई बारिश साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से सोमवार को राज्य के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। रांची – 3 मिमी जगन्नाथपुर – 13 मिमी जमशेदपुर – 4 मिमी खूंटी – 5 मिमी देवघर – 2 मिमी कोडरमा – 7 मिमी हजारीबाग – 2 मिमी देर रात भी राज्य के कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश होती रही। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश यहां पिछले 24 घंटों के दौरान कुछ जिलों में भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई। हजारीबाग – 139.2 मिमी लोहरदगा – 112 मिमी कांके – 80.2 मिमी जामताड़ा – 56 मिमी लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। क्यों बदल रहा है मौसम? मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। पहला सिस्टम रोहतक, हरदोई, वाराणसी, मेदिनीनगर, पुरुलिया और दीघा होते हुए बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रहा है। दूसरा साइक्लोनिक सर्कुलेशन उत्तर झारखंड, बिहार, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल की दिशा में सक्रिय है। इन्हीं दोनों मौसम प्रणालियों के कारण झारखंड के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। सामान्य से अब भी 33 प्रतिशत कम बारिश हालांकि हाल के दिनों में बारिश बढ़ी है, लेकिन पूरे मानसून सीजन के आंकड़े अभी भी सामान्य से पीछे हैं। 1 जून से 20 जुलाई तक सामान्य वर्षा: 319.8 मिमी अब तक हुई वर्षा: 261.4 मिमी कमी: 33 प्रतिशत रांची में भी इस अवधि के दौरान सामान्य 406.4 मिमी के मुकाबले केवल 331.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से करीब 19 प्रतिशत कम है। तापमान में आई गिरावट बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गई। रांची – 29.8°C जमशेदपुर – 33.4°C मेदिनीनगर – 30.2°C मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों तक बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। लोगों के लिए जरूरी सलाह खराब मौसम के दौरान खुले मैदान में न रहें। वज्रपात के समय पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखें। किसानों को खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

surbhi जुलाई 21, 2026 0
Jharkhand Weather
झारखंड के आठ जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी; वज्रपात और तेज हवाओं की भी आशंका

रांची। झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने रविवार को राज्य के आठ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कई इलाकों में वज्रपात और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।   इन जिलों में भारी बारिश की संभावना   मौसम विभाग के अनुसार रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और बोकारो सहित कई जिलों में भारी वर्षा हो सकती है। कुछ स्थानों पर कम समय में तेज बारिश होने से जलभराव और निचले इलाकों में परेशानी बढ़ने की आशंका है।   किसानों और आम लोगों के लिए सलाह   लगातार बारिश से किसानों को धान की बुआई में राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन बिजली गिरने और तेज हवाओं को देखते हुए खेतों में काम करने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने तथा मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।   अगले कुछ दिन रहेगा सक्रिय मानसून   IMD के अनुसार झारखंड में 12 से 14 जुलाई तक मानसून सक्रिय रहेगा और कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है। मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए हैं।

abhishek singh जुलाई 12, 2026 0
Mumbai Rain
मुंबई में लगातार बारिश के कारण स्कूल-कॉलेज आज भी बंद, BMC ने लोगों से घर में रहने की अपील

मुंबई, एजेंसियां। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने मंगलवार को भी मुंबई के सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों व कॉलेजों को बंद रखने का फैसला किया है। छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।   भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट   भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश, तेज़ हवाएं और जलभराव की आशंका जताई है। मौसम को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।   BMC की लोगों से अपील   BMC ने नागरिकों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने और केवल जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है। साथ ही लोगों से प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।   ट्रेन और सड़क यातायात भी प्रभावित   लगातार बारिश के कारण मुंबई और आसपास के कई इलाकों में सड़क यातायात और रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर जलभराव के चलते वाहनों की आवाजाही धीमी रही, जबकि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

abhishek singh जुलाई 7, 2026 0
Bihar Weather
बिहार में आज भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, पटना समेत कई जिलों के लिए IMD की चेतावनी

पटना, एजेंसियां। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को बिहार के कई जिलों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज़ हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, पटना, बेतिया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, मधुबनी और आसपास के जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान तेज बारिश और खराब मौसम की संभावना है।   60 से 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं   IMD के अनुसार, कई इलाकों में 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है।   लोगों को सतर्क रहने की सलाह   मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने तथा बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। प्रशासन को भी संभावित आपदा से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।   मानसून रहेगा सक्रिय   IMD के अनुसार, सक्रिय मानसून के प्रभाव से बिहार में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है। उत्तर बिहार के कई जिलों में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं।

abhishek singh जुलाई 7, 2026 0
Farmers sow Kharif crops in a rain-deficient field as officials review contingency plans amid weak monsoon conditions and El Niño concerns.
कम बारिश से खरीफ बुवाई प्रभावित, केंद्र ने सूखा प्रभावित जिलों में कंटीजेंसी प्लान सख्ती से लागू करने के दिए निर्देश

नई दिल्ली: देश में सामान्य से कम बारिश और अल नीनो के प्रभाव के कारण खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित होने लगी है। स्थिति की समीक्षा के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्षा की कमी से प्रभावित जिलों में जिला स्तर पर कंटीजेंसी प्लान (आकस्मिक योजना) को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए। बैठक में खरीफ बुवाई, मानसून की प्रगति, अल नीनो के संभावित प्रभाव, उर्वरकों की उपलब्धता, खाद्यान्न भंडारण और फसल सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। खरीफ बुवाई में 25 फीसदी की कमी कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष जून तक 236.46 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई हुई थी, जबकि इस वर्ष यह घटकर 182.72 लाख हेक्टेयर रह गई है। यानी पिछले साल की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है, जिसका असर खाद्य आपूर्ति और महंगाई पर भी पड़ सकता है। मुख्यमंत्रियों के साथ होगी समीक्षा बैठक बैठक में निर्णय लिया गया कि वर्षा की कमी से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ अलग से बैठक कर कंटीजेंसी प्लान के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। राज्य सरकारों को संभावित सूखे जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पहले से तैयार रहने के निर्देश दिए जाएंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के प्रभावी क्रियान्वयन और किसानों तक कृषि ऋण की पहुंच बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। 210 जिले अब भी वर्षा की कमी से प्रभावित कृषि मंत्रालय के अनुसार, देशभर में वर्षा की कमी की आशंका वाले 262 संवेदनशील जिलों की पहचान की गई थी। इनमें से हाल की बारिश के बाद 52 जिलों की स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन 210 जिले अब भी कमजोर मानसून की मार झेल रहे हैं। वहीं, आठ जिले पूरी तरह सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। कृषि मंत्री ने दिए सतत निगरानी के निर्देश केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अल नीनो के संभावित प्रभावों पर लगातार नजर रखी जाए और तैयार की गई कार्ययोजना का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर सलाह, बीज, उर्वरक और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मानसून की प्रगति पर मौसम विभाग की नजर बैठक में भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जानकारी दी कि अगले दो से तीन दिनों में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में मानसून आगे बढ़ने की संभावना है। पूरे मौसम के दौरान सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान बरकरार है। जलाशयों में जलस्तर चिंता का विषय बैठक में बताया गया कि देश के 166 प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण पिछले वर्ष की तुलना में कम है। महाराष्ट्र सहित कुछ राज्यों में हाल में बारिश हुई है, लेकिन जलाशयों का स्तर अभी भी संतोषजनक नहीं माना जा रहा है। सूखे की स्थिति पर लगातार नजर कृषि मंत्रालय ने बताया कि फसल मौसम निगरानी समूह की साप्ताहिक बैठकों के माध्यम से सूखे की स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है। अब तक 15 राज्यों ने इस संबंध में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। बैठक में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और केंद्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान (CRIDA) की तैयारियों की समीक्षा के साथ-साथ दलहन, तिलहन, कपास, बागवानी फसलों की बुवाई, मंडी कीमतों और खाद्यान्नों के बफर स्टॉक की स्थिति का भी आकलन किया गया।  

Deepshikha जुलाई 4, 2026 0
Dark monsoon clouds and heavy rainfall over Bihar as IMD issues rain, lightning, and flood alerts.
बिहार के 18 जिलों में आज गरज-चमक के साथ होगी तेज बारिश, बिजली गिरने की भी चेतावनी, बाढ़ का खतरा मंडराया

पटना: बिहार में मॉनसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और आने वाले दिनों में मौसम और अधिक बिगड़ सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को राज्य के 18 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए तेज बारिश, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी है। वहीं नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण उत्तर बिहार की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ का खतरा भी गहराने लगा है। इन 18 जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार बक्सर, भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, कैमूर, रोहतास, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, बांका और जमुई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर वज्रपात (बिजली गिरने) की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। अगले चार दिनों तक जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में अगले तीन से चार दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 4 जुलाई को उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों के साथ दक्षिण बिहार के कई हिस्सों में भी बारिश होने की संभावना है। वहीं 5 और 6 जुलाई को लगभग पूरे बिहार के लिए आंधी, बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार सक्रिय मॉनसून के कारण कई इलाकों में भारी वर्षा हो सकती है। बारिश के बावजूद उमस से नहीं मिली राहत पिछले 24 घंटों के दौरान बक्सर, जमुई, पटना, किशनगंज, बेगूसराय और खगड़िया समेत कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। हालांकि बारिश के बावजूद लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिल सकी। पटना सहित अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश और उमस दोनों का असर एक साथ देखने को मिल सकता है। नेपाल में भारी बारिश से बढ़ा बाढ़ का खतरा नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब बिहार की नदियों पर भी दिखाई देने लगा है। कोसी, बागमती और उत्तर बिहार की कई अन्य नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यदि नेपाल में इसी तरह बारिश जारी रही तो कई नदियां जल्द ही खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर पहुंच सकती हैं। इससे उत्तर बिहार के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। लोगों से सतर्क रहने की अपील मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली चमकने के समय खुले स्थानों पर न रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। किसानों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि अगले कुछ दिन मौसम की दृष्टि से संवेदनशील रह सकते हैं।  

surbhi जुलाई 3, 2026 0
Dark monsoon clouds over Jharkhand as rain, thunderstorms, and lightning alert issued across multiple districts.
झारखंड में अगले 5 दिनों तक बारिश का अलर्ट, वज्रपात का खतरा भी बरकरार; कई जिलों में भारी बारिश के आसार

रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होने लगा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाएं और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि आकाशीय बिजली की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। तापमान में आएगी गिरावट, गर्मी से मिलेगी राहत भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगले पांच दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे उमस और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। रविवार को देवघर जिले के सिकटिया में सबसे अधिक 54.0 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कोलेबिरा में 40.2 मिमी, पपुनकी में 30.8 मिमी, नोआमुंडी में 23.6 मिमी, राजधनवार में 23.2 मिमी और पालकोट में 14.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। राजधानी रांची में भी कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। वहीं, डालटनगंज राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रांची का अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। वज्रपात ने ली पांच लोगों की जान बारिश के बीच आकाशीय बिजली का कहर भी जारी है। शनिवार और रविवार को राज्य के अलग-अलग जिलों में वज्रपात से पांच लोगों की मौत हो गई। लोहरदगा के कैरो थाना क्षेत्र के सदाबे डुमरटोली गांव में वज्रपात की चपेट में आने से ढाई वर्षीय अंकिता उरांव की मौत हो गई। गढ़वा जिले के रंका प्रखंड के दुधवल गांव में शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से 18 वर्षीय शहबाज अंसारी और 12 वर्षीय फैजुन खातून की जान चली गई। वहीं पश्चिमी सिंहभूम के मझगांव और सरायकेला-खरसावां क्षेत्र में भी वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में एक युवक और एक महिला की मौत हो गई। अगले पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार 2 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। 29 जून: पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और वज्रपात की संभावना। 30 जून: राज्य के कई हिस्सों में वज्रपात और तेज हवा चल सकती है। कोडरमा, गिरिडीह और धनबाद सहित उत्तर-पूर्वी झारखंड के कुछ इलाकों में भारी बारिश के आसार। 1 जुलाई: पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रांची, बोकारो, खूंटी, रामगढ़ और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा वज्रपात के समय सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की सलाह दी है।  

surbhi जून 29, 2026 0
Weather map showing El Niño conditions strengthening across the Pacific Ocean during the monsoon season.
एल नीनो की आधिकारिक एंट्री, मानसून के दौरान और होगा मजबूत; IMD की चेतावनी से बढ़ी चिंता

भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में सक्रिय हुआ एल नीनो भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि एल नीनो (El Nino) की स्थिति विकसित हो चुकी है और दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान इसके और अधिक मजबूत होने की संभावना है। मौसम विभाग की इस चेतावनी ने कृषि, जल संसाधन और तापमान को लेकर नई चिंताएं बढ़ा दी हैं। IMD की जून 2026 की ENSO और इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) बुलेटिन के अनुसार, मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच चुका है। इसके साथ ही वातावरण ने भी इस समुद्री गर्मी पर प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है, जो एल नीनो की पूर्ण सक्रियता का संकेत माना जाता है। मानसून पर पड़ सकता है असर भारत में एल नीनो का इतिहास अक्सर कमजोर मानसून, लंबे शुष्क दौर, अधिक गर्मी और कुछ क्षेत्रों में सूखे की स्थिति से जुड़ा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि एल नीनो और मजबूत होता है तो कई राज्यों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की जा सकती है। IMD ने बताया कि जून-अगस्त के दौरान मध्य प्रशांत क्षेत्र में समुद्री तापमान सामान्य से ऊपर बना रहेगा और जुलाई से यह प्रभाव पूर्वी प्रशांत तक और अधिक फैल सकता है। मॉडल पूर्वानुमानों के अनुसार इस बार मानसून सीजन के बड़े हिस्से में मध्यम से मजबूत एल नीनो प्रभाव देखने को मिल सकता है। किन शहरों और राज्यों पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है? विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत एल नीनो की स्थिति में उत्तर-पश्चिम, मध्य और कुछ दक्षिणी राज्यों में गर्मी और बारिश की कमी का खतरा बढ़ सकता है। इनमें प्रमुख रूप से: Delhi Jaipur Ahmedabad Nagpur Hyderabad Bengaluru Rajasthan Madhya Pradesh Maharashtra Gujarat इन क्षेत्रों में हीटवेव, जल संकट और फसलों पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। क्या राहत भी मिल सकती है? हालांकि IMD ने कहा है कि वर्तमान में हिंद महासागर में इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) तटस्थ स्थिति में है और मानसून के अधिकांश समय तक ऐसा ही रहने की संभावना है। लेकिन Japan Meteorological Agency का अनुमान है कि जुलाई के आसपास सकारात्मक IOD विकसित हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो यह एल नीनो के नकारात्मक प्रभावों को कुछ हद तक संतुलित कर सकता है और भारत में मानसूनी बारिश को सहारा मिल सकता है। किसानों और आम लोगों के लिए क्या है संकेत? विशेषज्ञों का कहना है कि एल नीनो का मतलब हर बार सूखा नहीं होता, लेकिन यह मानसून की अनिश्चितता बढ़ा देता है। इसलिए किसानों को मौसम आधारित कृषि सलाह पर ध्यान देने और जल संरक्षण उपायों को अपनाने की जरूरत होगी। आने वाले हफ्तों में मानसून की प्रगति और एल नीनो की तीव्रता पर मौसम विभाग लगातार नजर रखेगा। यदि इसकी ताकत बढ़ती है तो देश के कई हिस्सों में बारिश का पैटर्न प्रभावित हो सकता है।  

surbhi जून 13, 2026 0
Cloudy sky with rainfall and cool breeze in Ranchi amid yellow weather alert in Jharkhand
रांची में बारिश से मौसम सुहावना, कई जिलों में येलो अलर्ट जारी; 10 अप्रैल से बढ़ेगी गर्मी

झारखंड में अप्रैल की शुरुआत राहत भरे मौसम के साथ हुई है, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। राज्य की राजधानी रांची में इन दिनों मौसम काफी सुहावना बना हुआ है। ठंडी हवाएं, हल्की नमी और संतुलित तापमान ने लोगों को गर्मी से अस्थायी राहत दी है। खासकर सुबह और शाम की ठंडक लोगों को बाहर निकलने के लिए प्रेरित कर रही है। बारिश और ओलावृष्टि से बदला मौसम बुधवार को रांची में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। इस दौरान अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे गर्मी का असर काफी हद तक कम महसूस हुआ। कई जिलों में येलो अलर्ट जारी India Meteorological Department के अनुसार 9 अप्रैल को भी राज्य के कई हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है: गोड्डा साहेबगंज पाकुड़ दुमका देवघर जामताड़ा धनबाद बोकारो रामगढ़ रांची खूंटी पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां इन क्षेत्रों में तेज हवा (40–50 किमी/घंटा), गरज-चमक, वज्रपात और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें और सुरक्षित जगह पर शरण लें। 10 अप्रैल से मौसम में बदलाव के संकेत मौसम विभाग के अनुसार 10 अप्रैल से आसमान साफ होने लगेगा और मौसम शुष्क हो जाएगा। इसके साथ ही अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। आगे चलकर 14 अप्रैल के बाद गर्मी और उमस दोनों में इजाफा होने की संभावना है, जिससे लोगों को फिर से तपती गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।  

surbhi अप्रैल 9, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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US-Saudi Strike: इराक में अमेरिका-सऊदी की संयुक्त कार्रवाई, 4 IRGC जवानों की मौत का दावा; पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव

kalpana जुलाई 30, 2026 0