Indian Cricket

Vaibhav Suryavanshi touches Sanjiv Goenka’s wife’s feet after explosive IPL innings for Rajasthan Royals
विस्फोटक पारी के बाद वैभव सूर्यवंशी ने जीता दिल, संजीव गोयनका की पत्नी के पैर छूकर लिया आशीर्वाद

Vaibhav Suryavanshi ने सिर्फ अपनी बल्लेबाजी से ही नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और संस्कार से भी क्रिकेट फैंस का दिल जीत लिया। Rajasthan Royals और Lucknow Super Giants के बीच खेले गए अहम मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 38 गेंदों में 93 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 10 छक्के और 7 चौके शामिल रहे। वैभव की इस धमाकेदार पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने 220 रनों का बड़ा लक्ष्य 19.1 ओवर में हासिल कर लिया और मुकाबला 7 विकेट से अपने नाम कर लिया। लेकिन मैच खत्म होने के बाद जो दृश्य देखने को मिला, उसने सोशल मीडिया पर अलग ही चर्चा छेड़ दी। मैच के बाद दिखे वैभव के संस्कार मुकाबला खत्म होने के बाद Sanjiv Goenka खुद मैदान पर पहुंचे और वैभव सूर्यवंशी की शानदार बल्लेबाजी की तारीफ की। इसी दौरान जब संजीव गोयनका की पत्नी वहां पहुंचीं, तो वैभव ने हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया और फिर उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। यह पल कैमरे में कैद हो गया और देखते ही देखते सोशल media पर वायरल हो गया। फैंस वैभव की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति और सम्मान की खूबसूरत मिसाल बताया। राजस्थान की प्लेऑफ उम्मीदें बरकरार इस जीत के साथ राजस्थान रॉयल्स ने प्लेऑफ की रेस में खुद को मजबूती से बनाए रखा है। टीम फिलहाल अंक तालिका में चौथे स्थान पर बनी हुई है। लक्ष्य का पीछा करते हुए वैभव के अलावा Dhruv Jurel ने नाबाद 53 रन और Yashasvi Jaiswal ने 43 रनों की अहम पारी खेली। अब राजस्थान के लिए अगला मुकाबला बेहद अहम होने वाला है। टीम को 24 मई को Mumbai Indians के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी, तभी प्लेऑफ का टिकट लगभग पक्का हो सकेगा। सोशल मीडिया पर छाए वैभव वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी के साथ-साथ उनका व्यवहार भी चर्चा का विषय बन गया है। क्रिकेट फैंस का मानना है कि इतनी कम उम्र में मैदान पर आक्रामक खेल और मैदान के बाहर विनम्रता उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है।  

surbhi मई 20, 2026 0
Rohit Handles Situation
फोन बंद होने पर परेशान हुई महिला फैन, रोहित ने ऐसे संभाला पल

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज Rohit Sharma का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में रोहित अपनी एक महिला फैन के साथ बेहद विनम्र और दिल छू लेने वाला व्यवहार करते नजर आ रहे हैं। आईपीएल 2026 के दौरान होटल से टीम बस की ओर जाते समय एक महिला फैन अपने बेटे के साथ उनके पीछे दौड़ती हुई पहुंची और सेल्फी लेने की कोशिश करने लगी।   फोन बंद होने पर बढ़ी परेशानी वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला खुशी से काफी उत्साहित थी और रोहित के साथ फोटो लेने के लिए बार-बार कोशिश कर रही थी। उसने जैसे ही सेल्फी लेने की कोशिश की, उसका फोन अचानक बंद हो गया। इसके बाद महिला आसपास मौजूद लोगों से फोन मांगने लगी। इस दौरान रोहित बस की ओर बढ़ने लगे, लेकिन महिला और उसका बेटा लगातार उन्हें आवाज देते रहे।   रोहित ने नहीं तोड़ा फैन का दिल महिला की परेशानी देखकर रोहित शर्मा रुक गए और मुस्कुराते हुए बोले, “मैं क्या करूं फिर… जल्दी कर लो मैडम।” इसके बाद महिला ने किसी अन्य व्यक्ति का फोन लेकर रोहित के साथ सेल्फी ली। फोटो लेने के बाद वह खुशी से झूम उठी और बार-बार रोहित को “यू आर द बेस्ट” कहती नजर आई। रोहित ने भी पूरे धैर्य के साथ अपनी फैन का इंतजार किया और उसके बाद ही टीम बस में सवार हुए।   सोशल मीडिया पर लोग कर रहे तारीफ यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस रोहित शर्मा की सादगी और व्यवहार की जमकर तारीफ कर रहे हैं। लोग उन्हें “डाउन टू अर्थ” और “फैंस का सम्मान करने वाला खिलाड़ी” बता रहे हैं।   आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन आईपीएल 2026 में चोट के कारण रोहित शर्मा सभी मुकाबले नहीं खेल पाए हैं, लेकिन अब तक पांच पारियों में उन्होंने दो अर्धशतक लगाए हैं। 4 मई को लखनऊ के खिलाफ उन्होंने शानदार 84 रन की पारी खेली थी।

Anjali Kumari मई 9, 2026 0
Salil Arora plays stunning no-look six off Jasprit Bumrah in IPL 2026 match
कौन हैं सलिल अरोड़ा? जसप्रीत बुमराह पर नो-लुक सिक्स लगाकर बने चर्चा का केंद्र, जानिए पूरा क्रिकेट सफर

आईपीएल 2026 में एक नया नाम तेजी से सुर्खियों में आया है–सनराइजर्स हैदराबाद के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज सलिल अरोड़ा। मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में उन्होंने जिस अंदाज में जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज गेंदबाज पर “नो-लुक सिक्स” लगाया, उसने क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है। तेज तर्रार बल्लेबाजी और बेखौफ अंदाज के चलते सलिल अरोड़ा अब इस सीजन के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। बुमराह पर लगाया ‘नो-लुक’ सिक्स, मैच का टर्निंग मोमेंट मैच के 19वें ओवर में जब मुकाबला रोमांचक स्थिति में था, तब सलिल अरोड़ा ने Jasprit Bumrah की फुल लेंथ गेंद को बिना देखे ही लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से शानदार छक्के के लिए भेज दिया। यह शॉट इतना आत्मविश्वास से भरा था कि उन्होंने गेंद को बाउंड्री पार जाते हुए देखने तक की जहमत नहीं उठाई। इस आक्रामक पारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। कौन हैं सलिल अरोड़ा? सलिल अरोड़ा एक 23 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं, जो घरेलू क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। वह पंजाब के अमृतसर से ताल्लुक रखते हैं और अपनी आक्रामक शैली के कारण तेजी से पहचान बना रहे हैं। आईपीएल 2026 नीलामी में उन्हें Indian Premier League की टीम सनराइजर्स हैदराबाद ने 1.5 करोड़ रुपये में खरीदा था। घरेलू क्रिकेट में भी दिखा चुके हैं दम सलिल अरोड़ा का घरेलू रिकॉर्ड भी काफी प्रभावशाली रहा है। फर्स्ट क्लास क्रिकेट: मध्य प्रदेश के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में डेब्यू पर शतक (101 रन) टी20 क्रिकेट: सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में झारखंड के खिलाफ 39 गेंदों में शतक और 125* रन की धमाकेदार पारी इन प्रदर्शन के चलते उन्होंने कम समय में ही चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। आईपीएल 2026 में बढ़ता प्रदर्शन आईपीएल में सलिल ने अब तक सीमित मौकों में ही प्रभाव छोड़ा है। मुंबई के खिलाफ 10 गेंदों में 30 रनों की तेजतर्रार पारी उनकी अब तक की सबसे बड़ी आईपीएल इनिंग रही है। उनका स्ट्राइक रेट इस सीजन में बेहद आक्रामक रहा है, जो उन्हें फिनिशर की भूमिका में मजबूत दावेदार बनाता है। क्रिकेट एक्सपर्ट्स की नजर क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि सलिल अरोड़ा का सबसे बड़ा हथियार उनका निडर अंदाज और तेज रन बनाने की क्षमता है। हालांकि उन्हें निरंतरता पर काम करना होगा, लेकिन उनका फिनिशिंग टैलेंट टीम के लिए बड़ा फायदा साबित हो सकता है।  

surbhi अप्रैल 30, 2026 0
Young cricketer Vaibhav Suryavanshi smashing sixes in IPL 2026 match with aggressive batting style
वैभव सूर्यवंशी की धमाकेदार बल्लेबाजी से मचा हड़कंप, पाकिस्तानी एक्सपर्ट ने किया ‘AI चिप’ वाला चौंकाने वाला दावा

आईपीएल 2026 में उभरते युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया है। महज 15 साल की उम्र में जिस आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज में वह बल्लेबाजी कर रहे हैं, उसने न सिर्फ भारतीय फैंस को रोमांचित किया है, बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी चर्चा का बड़ा विषय बना दिया है। पाकिस्तानी एक्सपर्ट का हैरान करने वाला बयान पाकिस्तान के चर्चित क्रिकेट विश्लेषक Dr. Nauman Niaz ने सूर्यवंशी की बल्लेबाजी को लेकर बेहद चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह यह युवा खिलाड़ी बल्लेबाजी कर रहा है, उसे देखकर ऐसा लगता है जैसे उसके बल्ले में “AI चिप” लगी हो। नियाज ने मजाकिया लेकिन हैरानी भरे अंदाज में यह भी कहा कि जैसे खिलाड़ियों का डोपिंग टेस्ट होता है, वैसे ही सूर्यवंशी के बल्ले का भी परीक्षण होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने इस बयान के साथ खिलाड़ी की जमकर तारीफ भी की और उनकी प्रतिभा को “अविश्वसनीय” बताया। पहले ओवर में चार छक्कों से मचा तहलका 25 अप्रैल को IPL 2026 के एक मुकाबले में सूर्यवंशी ने Sunrisers Hyderabad के खिलाफ मैच की शुरुआत ही तूफानी अंदाज में की। उन्होंने पहले ही ओवर में लगातार चार छक्के जड़कर दर्शकों को हैरान कर दिया। इस दौरान उन्होंने Prafull Hinge की गेंदों पर आक्रामक प्रहार करते हुए मैच का रुख ही बदल दिया। रिकॉर्डतोड़ शतक से बढ़ी चर्चा सूर्यवंशी ने उसी मुकाबले में मात्र 36 गेंदों में शतक जड़ दिया, जो आईपीएल इतिहास के सबसे तेज शतकों में से एक है। इससे पहले भी वह 35 गेंदों में शतक लगाकर सुर्खियां बटोर चुके हैं। उनकी यह लगातार धमाकेदार पारियां यह संकेत दे रही हैं कि भारतीय क्रिकेट को एक नया सुपरस्टार मिल सकता है। Virat Kohli से जुड़ी दिलचस्प तुलना डॉ. नियाज ने एक दिलचस्प तथ्य साझा करते हुए कहा कि जब सूर्यवंशी का जन्म हुआ था, तब विराट कोहली विश्व चैंपियन बन चुके थे। यह तुलना इस युवा खिलाड़ी की नई पीढ़ी की ताकत और तेजी से उभरती प्रतिभा को दर्शाती है। क्या सच में संभव है ‘AI चिप’ वाला दावा? विशेषज्ञों के अनुसार, क्रिकेट में किसी भी तरह की “AI चिप” का इस्तेमाल नियमों के खिलाफ है और तकनीकी रूप से भी ऐसा दावा वास्तविक नहीं माना जाता। इसे अधिकतर खिलाड़ी की असाधारण प्रतिभा को व्यक्त करने के लिए कही गई अतिशयोक्ति के रूप में देखा जा रहा है।  

surbhi अप्रैल 28, 2026 0
Young cricketer Vaibhav Suryavanshi smashing sixes during explosive 17-ball 52 run innings in T20 match
15 साल के वैभव सूर्यवंशी का तूफान: 17 गेंदों में 52 रन ठोककर बनाया T-20 वर्ल्ड रिकॉर्ड

भारतीय क्रिकेट में एक नया सितारा तेजी से उभर रहा है। महज 15 साल की उम्र में Vaibhav Suryavanshi ने T-20 क्रिकेट में ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने पूरे क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है। Rajasthan Royals की ओर से खेलते हुए चेन्नई के खिलाफ मुकाबले में वैभव ने सिर्फ 17 गेंदों में 52 रन की विस्फोटक पारी खेली और अपनी टीम को 8 विकेट से शानदार जीत दिलाई। इस दौरान उन्होंने 4 चौके और 5 छक्के लगाए, यानी अपनी पारी के 52 में से 46 रन केवल बाउंड्री से आए। शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज वैभव ने अपनी पारी की दूसरी ही गेंद पर छक्का जड़कर इरादे साफ कर दिए। उन्होंने Matt Henry की गेंद पर छक्का लगाकर शुरुआत की और फिर लगातार आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 15 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। T-20 में बनाया अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड इस पारी के साथ वैभव सूर्यवंशी T-20 इतिहास में 15 साल की उम्र में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। अब तक वह इस उम्र में कुल 67 छक्के जड़ चुके हैं, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है। दिलचस्प बात यह है कि इस उम्र में बाकी खिलाड़ियों के कुल छक्के मिलाकर भी इस आंकड़े के करीब नहीं पहुंचते। IPL में भी बनाया बड़ा रिकॉर्ड वैभव ने IPL में भी एक नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने अपनी पहली 8 पारियों में 29 छक्के लगाकर सबसे ज्यादा सिक्स मारने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस मामले में उन्होंने Jake Fraser-McGurk को पीछे छोड़ा, जिनके नाम 28 छक्के थे। इसके अलावा, वैभव IPL इतिहास में ऐसे पहले खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने एक ही फ्रेंचाइजी के लिए 18 गेंदों से कम में एक से ज्यादा बार अर्धशतक जड़ा है। भविष्य का सुपरस्टार? वैभव की इस धमाकेदार पारी ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा मैच विनर मिल सकता है। इतनी कम उम्र में उनका आत्मविश्वास, शॉट चयन और आक्रामकता उन्हें खास बनाती है।  

surbhi मार्च 31, 2026 0
Sourav Ganguly  discussing cricket leadership and coaching approach during a match or event
गांगुली की दो टूक सलाह: ‘रूखे होने की जरूरत नहीं’

भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर नेतृत्व शैली और व्यवहार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने टीम इंडिया के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर को लेकर बेबाक राय रखते हुए साफ संदेश दिया है कि आक्रामकता जरूरी है, लेकिन उसमें रूखापन नहीं होना चाहिए। एक इंटरव्यू के दौरान सौरव गांगुली ने कहा कि गौतम गंभीर एक स्वाभाविक प्रतिस्पर्धी हैं और जीत के लिए उनका जुनून काबिल-ए-तारीफ है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए रूखा या कठोर व्यवहार जरूरी नहीं है। गांगुली ने कहा कि उन्होंने गंभीर के साथ खेला है और वह जानते हैं कि वह एक अच्छे इंसान हैं, लेकिन उनका आक्रामक रवैया कई बार विवादों का कारण बन जाता है। टीम कल्चर को लेकर की तारीफ जहां एक ओर गांगुली ने गंभीर के व्यवहार पर सुझाव दिया, वहीं दूसरी ओर उन्होंने उनकी कोचिंग स्टाइल की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि गंभीर टीम में “टीम फर्स्ट” का माहौल बनाने की कोशिश करते हैं, जहां व्यक्तिगत प्रदर्शन से ज्यादा सामूहिक सफलता पर जोर दिया जाता है। ICC जीत के बाद बढ़ी जिम्मेदारी गौतम गंभीर हाल ही में भारत को ICC Champions Trophy 2025 और ICC T20 World Cup 2026 जिताने वाले पहले हेड कोच बने हैं। इन सफलताओं ने उन्हें एक मजबूत कोच के रूप में स्थापित किया है, लेकिन गांगुली के मुताबिक असली परीक्षा अभी बाकी है। 2027 वर्ल्ड कप और टेस्ट क्रिकेट होगी असली चुनौती गांगुली का मानना है कि 2027 में दक्षिण अफ्रीका में होने वाला वनडे वर्ल्ड कप गंभीर के लिए असली कसौटी होगा, जहां परिस्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण होंगी। साथ ही उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में सुधार की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि पिच पर जरूरत से ज्यादा ध्यान देने के बजाय संतुलित विकेट पर खेलना बेहतर होगा। उनका मानना है कि अच्छी पिच बेहतर परिणाम लाती है और टीम के प्रदर्शन को भी निखारती है। आने वाले दौरे पर नजरें IPL 2026 के बाद भारतीय टीम अफगानिस्तान और आयरलैंड के खिलाफ सीरीज खेलेगी, इसके बाद इंग्लैंड दौरे पर लंबी व्हाइट-बॉल सीरीज होगी। यह दौर गंभीर के लिए अपनी रणनीति और नेतृत्व को और मजबूत करने का मौका होगा।  

surbhi मार्च 24, 2026 0
Jasprit Bumrah bowling in Indian jersey highlighting BCCI contract changes
BCCI कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बदलाव: जसप्रीत बुमराह के लिए नए विकल्पों पर विचार

भारतीय क्रिकेट में सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट संरचना को लेकर एक अहम बदलाव देखने को मिला है, जिसका सीधा असर टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह पर पड़ा है। हाल ही में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अपने वार्षिक रिटेनरशिप सिस्टम में A+ कैटेगरी को समाप्त करने का निर्णय लिया, जिसके बाद अब बुमराह के कॉन्ट्रैक्ट की समीक्षा की संभावना जताई जा रही है। A+ कैटेगरी हटने से क्या बदला? अब तक A+ ग्रेड में शामिल खिलाड़ियों को सालाना ₹7 करोड़ की राशि मिलती थी। यह श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए आरक्षित थी, जो तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और T20) में लगातार टीम का हिस्सा होते थे। A+ कैटेगरी समाप्त होने के बाद बुमराह को ग्रेड A में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां सालाना ₹5 करोड़ का प्रावधान है। इससे उनकी आय में करीब ₹2 करोड़ की कमी आई है। फैसले के पीछे की वजह इस बदलाव का मुख्य कारण टीम संयोजन में आया परिवर्तन है। विराट कोहली, रोहित शर्मा और रवींद्र जडेजा के T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद बुमराह ही ऐसे खिलाड़ी बचे थे, जो तीनों फॉर्मेट में नियमित रूप से खेल रहे थे। ऐसे में A+ कैटेगरी का संतुलन बिगड़ने लगा, जिसके चलते बोर्ड ने इसे समाप्त करना अधिक व्यावहारिक समझा। बुमराह के लिए विशेष योजना? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, BCCI के भीतर इस बात पर चर्चा चल रही है कि बुमराह जैसे अहम खिलाड़ी की आय में कमी होना उचित नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए बोर्ड वैकल्पिक उपायों पर विचार कर रहा है, जिससे उनके योगदान के अनुरूप आर्थिक संतुलन बनाए रखा जा सके। अन्य खिलाड़ियों पर भी असर इस संरचनात्मक बदलाव का प्रभाव केवल बुमराह तक सीमित नहीं है। अक्षर पटेल, केएल राहुल, हार्दिक पांड्या, ऋषभ पंत और मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ी भी विभिन्न ग्रेड में पुनर्व्यवस्थित किए गए हैं, जिससे उनकी सैलरी संरचना प्रभावित हुई है। आगे क्या संकेत? यदि BCCI बुमराह के लिए विशेष प्रावधान या संशोधित कॉन्ट्रैक्ट मॉडल लाता है, तो यह भविष्य में खिलाड़ियों के मूल्यांकन के तरीके को बदल सकता है। खासतौर पर उन खिलाड़ियों के लिए, जो एक से अधिक फॉर्मेट में टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कुल मिलाकर, यह बदलाव भारतीय क्रिकेट में कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम को अधिक संतुलित और प्रदर्शन आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।  

surbhi मार्च 18, 2026 0
Shubman Gill and Smriti Mandhana.
BCCI नमन अवॉर्ड्स 2026: शुभमन गिल और स्मृति मंधाना बने साल के सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर

  भारतीय क्रिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित BCCI Naman Awards 2026 में इस बार Shubman Gill और Smriti Mandhana ने सबसे बड़ा सम्मान हासिल किया। वर्ष 2024-25 में शानदार प्रदर्शन के लिए गिल को पुरुष वर्ग में और मंधाना को महिला वर्ग में सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर चुना गया।   गिल को मिला ‘पॉली उमरीगर अवॉर्ड’ भारतीय टेस्ट कप्तान Shubman Gill को प्रतिष्ठित Polly Umrigar Award से सम्मानित किया गया। यह उनके करियर का दूसरा ‘क्रिकेटर ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड है। इससे पहले भी वह 2023 में यह सम्मान जीत चुके हैं। साल 2025 गिल के लिए बेहद शानदार रहा। England दौरे पर पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में उन्होंने कप्तानी करते हुए 10 पारियों में 75.40 की औसत से 754 रन बनाए। इस दौरान चार शतक और 269 रन की बेहतरीन पारी भी उनके खाते में दर्ज हुई। इसके अलावा ICC Champions Trophy में भारत की जीत में भी उनका अहम योगदान रहा। टूर्नामेंट में उन्होंने 188 रन बनाए, जिसमें Bangladesh national cricket team के खिलाफ नाबाद 101 रन की पारी शामिल रही।   मंधाना ने पांचवीं बार जीता अवॉर्ड भारतीय महिला टीम की स्टार बल्लेबाज Smriti Mandhana को यह सम्मान पांचवीं बार मिला है। उन्होंने 2025 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 1703 रन बनाए, जिसमें वनडे में 1362 रन शामिल हैं। मंधाना महिला वनडे इतिहास में एक कैलेंडर वर्ष में 1000 से ज्यादा रन बनाने वाली पहली बल्लेबाज बनीं। इसके साथ ही उन्होंने महिला विश्व कप में भारत को पहला खिताब दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई, जहां उन्होंने नौ मैचों में 434 रन बनाए।   दिग्गजों को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान समारोह में भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों Roger Binny, Rahul Dravid और Mithali Raj को Col. C. K. Nayudu Lifetime Achievement Award से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारतीय क्रिकेट में उनके लंबे और उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया।  

surbhi मार्च 16, 2026 0
सूर्यकुमार यादव ने इंटरनेशनल क्रिकेट में पूरे किए 5 साल, फैंस के लिए शेयर किया खास वीडियो
सूर्यकुमार यादव ने इंटरनेशनल क्रिकेट में पूरे किए 5 साल, फैंस के लिए शेयर किया खास वीडियो

नई दिल्ली,एजेंसियां। भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने पांच साल पूरे होने पर सोशल मीडिया पर एक खास वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होंने अपने अब तक के क्रिकेट सफर को याद करते हुए फैंस और टीम के साथियों का आभार जताया। सूर्यकुमार यादव ने 14 मार्च को यह वीडियो पोस्ट किया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में उन्होंने कहा कि भारत की जर्सी पहनना उनके लिए एक सपना था, जो पांच साल पहले सच हुआ। उन्होंने इस सफर में साथ देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया।वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा कि पांच साल पहले उनका एक सपना हकीकत में बदला था और टीम इंडिया के लिए खेलना आज भी उनके लिए गर्व और भावनाओं से भरा अनुभव है।   टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद बढ़ा सूर्या का कद हाल ही में Suryakumar Yadav की कप्तानी में भारतीय टीम ने ICC Men's T20 World Cup 2026 का खिताब अपने नाम किया था। यह जीत भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक रही और इसके बाद सूर्या की कप्तानी की भी काफी सराहना हुई।वर्ल्ड कप जीतने के बाद सूर्या फिलहाल छोटे ब्रेक पर हैं। माना जा रहा है कि वह जल्द ही Indian Premier League 2026 की तैयारियों में जुट जाएंगे।   इंटरनेशनल करियर में शानदार प्रदर्शन सूर्यकुमार यादव ने अपने इंटरनेशनल करियर में शानदार प्रदर्शन किया है। अब तक उन्होंने भारत के लिए 37 वनडे, 113 टी20 इंटरनेशनल और एक टेस्ट मैच खेला है। इन मैचों में उन्होंने वनडे क्रिकेट में 773 रन बनाए हैं, जबकि टी20 इंटरनेशनल में उनका प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। उन्होंने इस फॉर्मेट में 3272 रन बनाए हैं और कई मैचों में टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने एक मैच खेला है, जिसमें आठ रन बनाए थे।   कप्तानी में भी शानदार रिकॉर्ड बतौर कप्तान भी सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अब तक 52 टी20 इंटरनेशनल मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की है। इनमें से 40 मैचों में भारत को जीत मिली है, जबकि सिर्फ आठ मैचों में हार का सामना करना पड़ा।इस तरह उनका जीत प्रतिशत करीब 76.94 रहा है, जो टी20 क्रिकेट में किसी भी कप्तान के लिए बेहद शानदार माना जाता है।   फैंस के लिए खास संदेश टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद भी सूर्यकुमार यादव ने फैंस के लिए एक भावुक संदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि यह जीत सिर्फ टीम की नहीं बल्कि पूरे भारत की है।

Ranjan Kumar Tiwari मार्च 14, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi मई 15, 2026 0