Indian Railways Update

indian railways update
यात्री ध्यान देः नॉन-इंटरलॉकिंग के कारण 1 दर्जन ट्रेनें रद्द

रांची। अगर आपने जून के दूसरे हफ्ते में ट्रेन से सफर की योजना बनाई है, तो यह खबर आपके काम की है। रेलवे ने एक दर्जन महत्वपूर्ण ट्रेनों को अलग-अलग तारीखों में रद्द करने का फैसला लिया है। इसका असर खासकर झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के यात्रियों पर पड़ेगा। गर्मी की छुट्टियों के बीच यह फैसला यात्रियों की परेशानी बढ़ा सकता है, क्योंकि जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है, उनमें ज्यादातर ऐसी ट्रेनें हैं जिनमें टिकट दो महीने पहले ही फुल हो जाते हैं।   क्यों रद्द हुईं ट्रेनें.... रेलवे के मुताबिक छत्तीसगढ़ के बिलासपुर-चंपा रेलखंड के बीच नॉन-इंटरलॉकिंग का काम होना है। इसके साथ तीसरी और चौथी रेल लाइन के लिए ऑटो सिग्नलिंग का काम भी किया जाएगा। इसी वजह से इस रूट से गुजरने वाली कई ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ेगा। इन ट्रेनों का असर झारखंड के यात्रियों पर भी पड़ेगा, क्योंकि इनमें कई ट्रेनें रांची और धनबाद होकर गुजरती हैं। रेलवे की इस घोषणा के बाद सबसे ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को हो सकती है, जिन्होंने पहले से टिकट बुक करा रखी है। छुट्टियों के सीजन में अचानक वैकल्पिक ट्रेन या टिकट मिलना आसान नहीं होता। ऐसे में यात्रियों को अभी से दूसरा विकल्प तलाश लेना चाहिए। इन तारीखों में ये ट्रेनें रद्द रहेंगी 17321 वास्को द गामा-जसीडीह एक्सप्रेस — 12 जून 17322 जसीडीह-वास्को द गामा एक्सप्रेस — 15 जून 13425 मालदा टाउन-सूरत एक्सप्रेस — 13 जून 13426 सूरत-मालदा टाउन एक्सप्रेस — 15 जून 17005 हैदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस — 11 जून 17006 रक्सौल-हैदराबाद एक्सप्रेस — 14 जून 17007 चर्लपल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस — 9 और 13 जून 17008 दरभंगा-चर्लपल्ली एक्सप्रेस — 12 और 16 जून 22358 गया-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस — 10 जून 22357 लोकमान्य तिलक-गया एक्सप्रेस — 12 जून 13287 दुर्ग-आरा एक्सप्रेस — 12 से 16 जून तक 13288 आरा-दुर्ग एक्सप्रेस — 10 से 14 जून तक

Anjali Kumari मई 14, 2026 0
Railway Minister meeting
सांसद बीडी राम ने रेलमंत्री से मिलकर पलामू के लिए मांगी 5 नई ट्रेनें

पलामू। पलामू के सांसद बिष्णुदयाल राम ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी बैष्णव से मुलाकात कर पलामू में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से पलामू से देश के विभिन्न हिस्सों का संपर्क बढ़ाने के उद्देश्य से 5 नई ट्रेनों की मांग की है। सांसद ने कहा कि इससे पलामू में आवागमन की सुविधा बढ़ेगी, रोजगार सृजन होगा और संसदीय क्षेत्र के लोगों का झारखंड के दूसरे शहरों ही नहीं, अपितु देश के विभिन्न हिस्सों से कनेक्टिविटी में इजाफा होगा।  रेलमंत्री का दिया भरोसा सांसद बीडी राम ने पलामू जिले में 'वैगन उत्पादन एवं रख-रखाव सुविधा' (Wagon Production and Maintenance Facility) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा और अनुरोध किया कि गढ़वा रोड़ या जपला में यह सुविधा स्थापित की जाए, जहां पर्याप्त रेलवे भूमि उपलब्ध है। इस परियोजना से स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्र का औद्योगिक विकास होगा। केंद्रीय मंत्री  ने इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करते हुए पलामू जिले में वैगन उत्पादन एवं रखरखाव सुविधा की व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Study) कराने का आश्वासन दिया। इन जगहों के लिए ट्रेनों की मांग की सांसद ने पलामू संसदीय क्षेत्र में बेहतर रेल कनेक्टिविटी के लिए निम्नलिखित नई ट्रेन सेवाएं शुरू करने का अनुरोध किया:- * चोपन-देवघर एक्सप्रेस वाया डालटनगंज-धनबाद। यह सेवा बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) के श्रद्धालु यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। * दक्षिण भारत से बेहतर संपर्क के लिए चोपन से एर्नाकुलम तक नई रेल सेवा, जिसका रूट इस प्रकार प्रस्तावित है: चोपन – गढ़वा – डालटनगंज – बरकाकाना – मेसरा – रांची – राउरकेला – पेरंबुर (चेन्नई) – कोयंबटूर – एर्नाकुलम। * पश्चिमी भारत से सीधा संपर्क स्थापित करने के लिए रांची-अहमदाबाद एक्सप्रेस वाया लोहरदगा-डालटनगंज-जपला। * इसके अतिरिक्त नई दिल्ली-रांची राजधानी एक्सप्रेस की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने की मांग की। वर्तमान में सप्ताह में एक दिन चलने वाली इस ट्रेन को सप्ताह में तीन दिन चलाए जाने का अनुरोध किया गया, जिसमें डालटनगंज, गढ़वा रोड, नगर उटारी, रेणुकूट, चोपन-चुनार मार्ग से। * हैदरनगर ब्लॉक के सरगड़ा टोला गांव में नावाडीह रेलवे फाटक नंबर-48 के पास पिलर नंबर 360/20 के समीप एलसी/आरयूबी (Level Crossing/Road Under Bridge) के निर्माण की भी मांग रखी। रेल मंत्री जी ने इस कार्य को निर्माण सूची में शामिल करने का आश्वासन दिया। पलामू में विकास कार्यों को मिलेगी गति सांसद बिष्णुदयाल राम ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। वैगन फैक्ट्री से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, जबकि नई ट्रेनों से यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। अश्विनी वैष्णव ने उपरोक्त मांगों को सकारात्मक रूप से लिया और आवश्यक अध्ययन एवं कार्रवाई का आश्वासन दिया।

Anjali Kumari अप्रैल 30, 2026 0
jharkhand summer special trains
रांची समेत झारखंड को मिली 12 समर स्पेशल ट्रेनों की सौगात

रांची। गर्मी की छुट्टियों और त्योहारों के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने यात्रियों को राहत देने के लिए 12 समर स्पेशल ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। इस फैसले से खास तौर पर झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा, जिन्हें गर्मियों में कन्फर्म टिकट मिलने में काफी परेशानी होती है।   प्रमुख रूट और स्टेशनों को मिलेगा लाभ इन स्पेशल ट्रेनों का ठहराव आसनसोल मंडल के प्रमुख स्टेशनों—आसनसोल, दुर्गापुर, चित्तरंजन और मधुपुर—पर होगा। इससे रांची, धनबाद और जामताड़ा समेत आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। ये ट्रेनें पूर्वी भारत को गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे राज्यों से जोड़ेंगी, जिससे लंबी दूरी की यात्रा आसान होगी।   नई ट्रेनों से बढ़े विकल्प घोषित ट्रेनों में भावनगर-हावड़ा, साबरमती-दुर्गापुर, वलसाड-दुर्गापुर, उधना-दुर्गापुर, नांदेड़-आसनसोल और चारलापल्ली-मधुपुर स्पेशल शामिल हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए साबरमती-आसनसोल और सुल्तानपुर-डानकुनी स्पेशल भी जोड़ी गई हैं, जिससे यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे।   रांची से विशेष कनेक्टिविटी रांची से हटिया-लोकमान्य तिलक टर्मिनस साप्ताहिक स्पेशल अप्रैल से जून तक चलेगी, जबकि रांची-आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल भी निर्धारित दिनों में संचालित हो रही है। इसके अलावा अजमेर-रांची और रांची-अजमेर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेनें भी यात्रियों को सुविधा प्रदान कर रही हैं।   बुकिंग शुरू, यात्रियों को सलाह इन ट्रेनों की बुकिंग IRCTC की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर शुरू हो चुकी है। रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे समय रहते टिकट बुक करें, क्योंकि ये ट्रेनें सीमित अवधि के लिए चलाई जा रही हैं।

Anjali Kumari अप्रैल 28, 2026 0
Derailment of coal freight train near Chakradharpur disrupting railway tracks and halting passenger trains
चक्रधरपुर में बड़ा रेल हादसा: मुर्गामहादेव के पास मालगाड़ी बेपटरी, वंदे भारत समेत कई ट्रेनें प्रभावित

चक्रधरपुर: झारखंड के चक्रधरपुर रेल मंडल में सोमवार को बड़ा रेल हादसा हो गया। मुर्गामहादेव रोड स्टेशन के पास कोयला लदी मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे पूरे क्षेत्र में रेल यातायात ठप हो गया। इस घटना के कारण अप और डाउन दोनों लाइनों पर ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई है। दोनों लाइनें बाधित, कई ट्रेनें प्रभावित हादसे के बाद देवझर-बांसपानी रेलखंड पर परिचालन पूरी तरह बंद हो गया। इसका असर कई यात्री ट्रेनों पर पड़ा। टाटा-गुवा मेमू ट्रेन को रद्द कर दिया गया, जबकि कई ट्रेनों को बीच रास्ते से ही वापस लौटाना पड़ा। खुर्दा रोड-टाटा वंदे भारत एक्सप्रेस को बांसपानी स्टेशन पर रोक दिया गया, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। बीच रास्ते में फंसी प्रमुख ट्रेनें इस घटना के चलते कई महत्वपूर्ण ट्रेनें बीच सेक्शन में ही अटक गईं। पुरी-बड़बिल इंटरसिटी बीच रास्ते में फंसी रही विशाखापटनम एक्सप्रेस को टाटानगर में ही रोक दिया गया हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी को टाटा में ही शॉर्ट टर्मिनेट करना पड़ा भीषण गर्मी के बीच फंसे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया। चक्रधरपुर से 140 टन की भारी क्रेन और डांगुवापोसी से एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन को मौके पर भेजा गया। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, मालगाड़ी में कोयला लदा होने के कारण बेपटरी डिब्बों को दोबारा ट्रैक पर लाना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। राहत और बहाली का काम तेजी से जारी है। कई ट्रेनें रद्द और शॉर्ट टर्मिनेट इस हादसे के कारण कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया: रद्द ट्रेनें: टाटा-गुवा-टाटा मेमू (68003/68004) पुरी-बड़बिल एक्सप्रेस (आंशिक रूप से रद्द) बड़बिल-पुरी एक्सप्रेस (आंशिक रूप से रद्द) शॉर्ट टर्मिनेट ट्रेनें: हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी टाटा में समाप्त बड़बिल-हावड़ा एक्सप्रेस टाटा से वापस पुरी-टाटा वंदे भारत बांसपानी में समाप्त लंबी दूरी की ट्रेनें बदले रूट से संचालित रेलवे ने कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया: टाटा-विशाखापटनम एक्सप्रेस को चक्रधरपुर-राउरकेला-झारसुगुड़ा मार्ग से भेजा गया आनंद विहार-पुरी एक्सप्रेस को चांडिल-कांड्रा-टाटा-हिजली रूट से चलाया गया व्यस्त रेलखंड पर पड़ा बड़ा असर मुर्गामहादेव रोड स्टेशन देवझर और बांसपानी के बीच स्थित है, जो चक्रधरपुर रेल मंडल का सबसे व्यस्त मार्ग माना जाता है। यह इलाका लौह-अयस्क और कोयला परिवहन का प्रमुख रूट है, जहां बड़ी संख्या में मालगाड़ियां चलती हैं। ऐसे में इस हादसे का असर सिर्फ यात्री ट्रेनों पर ही नहीं, बल्कि माल ढुलाई और रेलवे के राजस्व पर भी पड़ने की संभावना है। यात्रियों को राहत का इंतजार रेलवे की ओर से ट्रैक को जल्द बहाल करने की कोशिश जारी है, लेकिन पूरी तरह सामान्य स्थिति बहाल होने में समय लग सकता है। तब तक यात्रियों को असुविधा झेलनी पड़ सकती है।  

surbhi मार्च 24, 2026 0
Koel River bridge repair trains diverted
कोयल नदी पुल मरम्मत के कारण 31 मार्च तक कई ट्रेनें रहेंगे डायवर्ट

रांची। रांची रेल मंडल में 24 से 31 मार्च 2026 तक रेल संचालन में बड़ा बदलाव किया गया है। रांची-लोहरदगा-टोरी रेलखंड पर कोयल नदी के पुल संख्या 115 की मरम्मत के चलते कई ट्रेनों के रूट बदले गए हैं, जबकि कुछ होली स्पेशल ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। रेलवे ने यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह दी है।   राजधानी एक्सप्रेस के रूट में बदलाव मरम्मत कार्य का असर राजधानी एक्सप्रेस पर भी पड़ा है। 25 मार्च को नई दिल्ली–रांची राजधानी एक्सप्रेस टोरी–लोहरदगा–रांची के बजाय टोरी–बरकाकाना–मेसरा–टाटीसिलवे मार्ग से चलेगी। वहीं 26 मार्च को रांची–नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस परिवर्तित रूट से संचालित होगी। इसके अलावा 28 और 29 मार्च को चलने वाली राजधानी ट्रेनों के मार्ग में भी बदलाव किया गया है।   अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों पर असर 18631/18632 रांची–चोपन एक्सप्रेस 25 से 30 मार्च के बीच अलग-अलग तिथियों में बदले मार्ग से चलेगी। 18635/18636 रांची–सासाराम एक्सप्रेस 24 से 31 मार्च तक लगातार डायवर्ट रूट पर संचालित होगी। इससे यात्रियों के यात्रा समय में बदलाव संभव है।   अजमेर–सांतरागाछी ट्रेन भी प्रभावित 08612 अजमेर–सांतरागाछी एक्सप्रेस 26 मार्च को और 08611 सांतरागाछी–अजमेर एक्सप्रेस 30 मार्च को निर्धारित मार्ग के बजाय बदले हुए रूट से चलाई जाएगी। इन ट्रेनों को टोरी–लोहरदगा–रांची मार्ग के बजाय वैकल्पिक रास्तों से गुजारा जाएगा।   होली स्पेशल ट्रेनें रद्द होली के अवसर पर चलाई जाने वाली तीन जोड़ी स्पेशल ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इनमें टाटा–बक्सर, टाटा–कटिहार और सांतरागाछी–डिब्रूगढ़ रूट की ट्रेनें शामिल हैं। इससे यात्रियों को असुविधा हो सकती है।   यात्रियों के लिए जरूरी सलाह रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस अवश्य जांच लें। रूट डायवर्जन और ट्रेन रद्द होने के कारण समय में बदलाव हो सकता है, इसलिए पहले से योजना बनाकर ही सफर करें।

Anjali Kumari मार्च 24, 2026 0
Crowded platform at Patna Junction with passengers boarding Holi special trains to Delhi and other cities
होली के बाद यात्रियों की भीड़ बढ़ी, बिहार से 28 होली स्पेशल ट्रेनों की अवधि 31 मार्च तक बढ़ाई गई

  होली पर्व समाप्त होने के बाद बिहार से दूसरे राज्यों में लौटने वाले यात्रियों की भारी भीड़ रेलवे स्टेशनों पर देखने को मिल रही है। ट्रेनों में सीटों की भारी मांग को देखते हुए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। यात्रियों की सुविधा के लिए 28 होली स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की अवधि बढ़ाकर 31 मार्च तक कर दी गई है। इससे यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।   स्टेशनों पर उमड़ी यात्रियों की भीड़ होली के बाद कामकाज के लिए दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और अन्य शहरों की ओर लौटने वाले यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ गई है। पटना जंक्शन समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। स्लीपर और एसी कोच में भी सीटें लगभग पूरी तरह भर चुकी हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है। स्टेशनों पर जीआरपी और आरपीएफ के जवानों के साथ क्विक रिस्पांस टीम को भी तैनात किया गया है। मगध एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल, राजेंद्र नगर-एलटीटी, पटना-हटिया, पटना-धनबाद और दानापुर-सिकंदराबाद जैसी ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़ देखी जा रही है।   रेलवे अधिकारियों ने दी जानकारी पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए पहले से चल रही कई स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की अवधि बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि पटना-नई दिल्ली स्पेशल सहित कुल 28 होली स्पेशल ट्रेनों को 31 मार्च तक चलाने का निर्णय लिया गया है ताकि यात्रियों को सफर में किसी प्रकार की परेशानी न हो।   इन ट्रेनों की अवधि बढ़ाई गई गाड़ी संख्या 03293 पटना–नई दिल्ली स्पेशल – 16 मार्च से 30 मार्च तक प्रतिदिन चलेगी। गाड़ी संख्या 03294 नई दिल्ली–पटना स्पेशल – 17 मार्च से 31 मार्च तक प्रतिदिन चलेगी। गाड़ी संख्या 03257 दानापुर–आनंद विहार स्पेशल – 15 मार्च से 29 मार्च तक प्रत्येक रविवार को चलेगी। गाड़ी संख्या 03258 आनंद विहार–दानापुर स्पेशल – 16 मार्च से 30 मार्च तक प्रत्येक सोमवार को चलेगी। गाड़ी संख्या 03697 शेखपुरा–आनंद विहार स्पेशल – 16 मार्च से 30 मार्च तक सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार और शनिवार को संचालित होगी। गाड़ी संख्या 03698 आनंद विहार–शेखपुरा स्पेशल – 17 मार्च से 31 मार्च तक मंगलवार, बुधवार, शनिवार और रविवार को चलेगी। गाड़ी संख्या 02397 शेखपुरा–आनंद विहार स्पेशल – 22 और 29 मार्च को चलाई जाएगी। गाड़ी संख्या 02398 आनंद विहार–शेखपुरा स्पेशल – 23 और 30 मार्च को संचालित होगी। रेलवे का मानना है कि इन अतिरिक्त ट्रेनों और बढ़ी हुई परिचालन अवधि से होली के बाद घर लौट रहे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी और भीड़ को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।  

surbhi मार्च 11, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi मई 15, 2026 0