IndiGo

Indian stock market screen showing Sensex and Nifty rising sharply with strong gains in banking and aviation stocks.
Share Market Opening: शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 500 अंक उछला, बैंकिंग और एविएशन शेयरों में शानदार खरीदारी

मुंबई: पिछले कारोबारी सत्र की बड़ी गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को जोरदार वापसी की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 500 अंक की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया, जबकि निफ्टी 24,200 के करीब पहुंच गया। एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के चलते घरेलू बाजार में निवेशकों का भरोसा लौटता दिखा। सुबह करीब 9:25 बजे सेंसेक्स 500.85 अंक (0.65%) की बढ़त के साथ 77,555.79 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 141.75 अंक (0.59%) चढ़कर 24,193.80 के स्तर पर पहुंच गया। पिछले सत्र में आई थी बड़ी गिरावट मंगलवार को बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली थी। उस दौरान: सेंसेक्स 561.46 अंक गिरकर 77,054.94 पर बंद हुआ था। निफ्टी 158.95 अंक टूटकर 24,052.05 पर बंद हुआ था। आज की तेजी ने निवेशकों को कुछ राहत जरूर दी है। इन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी सेंसेक्स के 30 शेयरों में से अधिकांश हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। सबसे ज्यादा बढ़त वाले प्रमुख शेयर: बजाज फाइनेंस (+2.33%) एक्सिस बैंक (+1.92%) इंडिगो (+1.75%) इटरनल (+1.64%) अल्ट्राटेक सीमेंट (+1.47%) भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ICICI बैंक एशियन पेंट्स रिलायंस इंडस्ट्रीज HDFC बैंक बजाज फिनसर्व अडानी पोर्ट्स बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, सीमेंट और एविएशन सेक्टर में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इन शेयरों पर रहा दबाव बाजार में तेजी के बावजूद आईटी सेक्टर के कुछ बड़े शेयरों में कमजोरी बनी रही। गिरावट वाले प्रमुख शेयर: TCS इंफोसिस टेक महिंद्रा पावर ग्रिड NTPC हिंदुस्तान यूनिलीवर टाटा स्टील आईटी इंडेक्स अन्य सेक्टरों की तुलना में कमजोर बना रहा। ब्रॉडर मार्केट में भी दिखी मजबूती केवल लार्जकैप ही नहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स लगभग 0.39% चढ़ा। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में भी करीब 0.39% की तेजी दर्ज की गई। सेक्टरवार प्रदर्शन में आईटी को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख सेक्टर सकारात्मक दायरे में कारोबार करते नजर आए। वैश्विक संकेतों का मिला सहारा बाजार को वैश्विक स्तर पर भी सकारात्मक संकेत मिले। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 20% ट्रांजिट शुल्क नहीं लगाया जाएगा, जिससे वैश्विक निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी रही और ब्रेंट क्रूड लगभग 1.16% बढ़कर 85.71 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा। रुपये की चाल भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले लगभग स्थिर रहा। रुपया 96.1725 प्रति डॉलर पर खुला। पिछले कारोबारी सत्र में यह 96.20 पर बंद हुआ था। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल बाजार वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कॉर्पोरेट नतीजों पर नजर बनाए हुए है। यदि बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में खरीदारी जारी रहती है, तो बाजार में आगे भी सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है।  

surbhi जुलाई 15, 2026 0
Devotees gather around ISKCON's grand Rath Yatra chariot in Kolkata as preparations are completed for the 55th annual procession of Lord Jagannath, Balabhadra and Subhadra.
कोलकाता में इस्कॉन की रथयात्रा आज, सीएम शुभेंदु अधिकारी करेंगे शुभारंभ; अमित शाह को भी भेजा गया न्योता

कोलकाता: कोलकाता में इस्कॉन (ISKCON) की 55वीं ऐतिहासिक रथयात्रा बुधवार, 16 जुलाई को भव्य रूप से निकाली जाएगी। इस वर्ष पहली बार पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी रथ की रस्सी खींचकर यात्रा का शुभारंभ करेंगे। वहीं, इस्कॉन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी इस समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री करेंगे रथयात्रा का शुभारंभ इस्कॉन के अनुसार मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सुबह करीब 11:45 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। वह भगवान जगन्नाथ, बलराम और देवी सुभद्रा के दर्शन करने के बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ रथ की रस्सी खींचकर यात्रा का शुभारंभ करेंगे। नई सरकार बनने के बाद यह पहला अवसर होगा, जब मुख्यमंत्री इस्कॉन की कोलकाता रथयात्रा में शामिल होंगे। 55वें वर्ष में प्रवेश कर रही रथयात्रा इस्कॉन कोलकाता द्वारा आयोजित यह रथयात्रा पिछले 54 वर्षों से लगातार आयोजित की जा रही है। इस वर्ष का मुख्य विषय "भारत-मंदिर संस्कृति की विरासत" रखा गया है। आयोजकों के अनुसार चीन, रूस, यूक्रेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में भाग लेने के लिए कोलकाता पहुंचे हैं। इस मार्ग से गुजरेगी रथयात्रा रथयात्रा की शुरुआत इस्कॉन मंदिर, 3सी अल्बर्ट रोड से होगी। इसके बाद यात्रा सरत बोस रोड, एक्साइड चौराहा, हंगरफोर्ड स्ट्रीट, एजेसी बोस रोड, हाजरा रोड, श्यामा प्रसाद मुखर्जी रोड, जवाहरलाल नेहरू रोड और आउटराम रोड से होते हुए ब्रिगेड परेड ग्राउंड स्थित मौसी बाड़ी पहुंचेगी, जहां परंपरा के अनुसार भगवान का रथ ठहरेगा। 24 जुलाई को निकलेगी बहुदा यात्रा भगवान जगन्नाथ की वापसी यात्रा यानी बहुदा (उल्टा) रथयात्रा 24 जुलाई को आयोजित होगी। यह यात्रा ब्रिगेड परेड ग्राउंड से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पुनः इस्कॉन मंदिर पहुंचेगी। 17 से 23 जुलाई तक लगेगा श्री जगन्नाथ महामेला रथयात्रा के अगले दिन से 17 जुलाई से 23 जुलाई तक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में श्री जगन्नाथ महामेला आयोजित किया जाएगा। यहां तिरुपति बालाजी मंदिर की स्थापत्य शैली पर आधारित गुंडिचा मंदिर की प्रतिकृति बनाई जाएगी, जहां सात दिनों तक भगवान जगन्नाथ, बलराम और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। शांति और सद्भाव का संदेश देगी रथयात्रा आयोजकों का कहना है कि मौजूदा वैश्विक तनाव और संघर्ष के दौर में इस वर्ष की रथयात्रा शांति, प्रेम, भाईचारे और मानवता का संदेश देने का प्रयास करेगी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए हैं।  

Deepshikha जुलाई 15, 2026 0
Rising crude oil prices displayed alongside a falling stock market chart highlighting pressure on aviation and energy-related stocks.
Crude Oil Price Rise: महंगे कच्चे तेल से शेयर बाजार में दबाव, इंडिगो, एशियन पेंट्स और BPCL समेत कई शेयर टूटे

मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। कच्चे तेल पर निर्भर कई कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली, जबकि तेल उत्पादन से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में मजबूती दर्ज की गई। क्यों बढ़ीं कच्चे तेल की कीमतें? अमेरिका और ईरान के बीच सप्ताहांत में बढ़े सैन्य तनाव के बाद वैश्विक बाजार में तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई। इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude की कीमतों पर पड़ा, जो बढ़कर 79 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से कंपनियों की लागत बढ़ने और मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका रहती है। इन सेक्टरों के शेयरों में आई गिरावट कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर उन कंपनियों पर पड़ा, जिनकी परिचालन लागत ईंधन या पेट्रोलियम उत्पादों पर अधिक निर्भर करती है। सोमवार के कारोबार में इन सेक्टरों के शेयरों में कमजोरी रही: एविएशन पेंट्स टायर ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) इन प्रमुख शेयरों में रही गिरावट शुरुआती कारोबार में कई बड़े शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे। इनमें शामिल हैं: IndiGo Asian Paints BPCL अन्य ऑयल मार्केटिंग और क्रूड-सेंसिटिव कंपनियां इनमें से कई शेयरों में करीब 2% तक की गिरावट दर्ज की गई। तेल उत्पादक कंपनियों को मिला फायदा जहां कच्चे तेल का महंगा होना कई कंपनियों के लिए चिंता का कारण बना, वहीं तेल उत्पादन और खोज से जुड़ी कंपनियों को इसका फायदा मिला। बाजार में ऐसी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली क्योंकि ऊंचे कच्चे तेल के दाम से उनकी आय और मुनाफे में सुधार की संभावना बढ़ जाती है। निवेशकों की बढ़ी चिंता कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर केवल कुछ कंपनियों तक सीमित नहीं रहता। यदि कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो इसका असर महंगाई, परिवहन लागत, कंपनियों के खर्च और देश के आयात बिल पर भी पड़ सकता है। इसी वजह से सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों का रुख सतर्क रहा और प्रमुख सूचकांकों पर दबाव देखने को मिला।  

surbhi जुलाई 13, 2026 0
Air India and IndiGo aircraft stop on the same taxiway at Ahmedabad Airport, avoiding a possible collision.
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला, आमने-सामने आ गए एअर इंडिया और इंडिगो के विमान

  अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद एयरपोर्ट पर बुधवार शाम एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब एअर इंडिया और इंडिगो के दो यात्री विमान एक ही टैक्सीवे पर आमने-सामने आ गए। स्थिति गंभीर होने से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और पायलटों की सतर्कता से दोनों विमानों को रोक लिया गया, जिससे संभावित दुर्घटना टल गई। सूत्रों के मुताबिक, दोनों विमानों के बीच लगभग 200 मीटर की दूरी रह गई थी। घटना के बाद विमानन सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कैसे हुई चूक? जानकारी के अनुसार, मुंबई से अहमदाबाद पहुंची एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2493 लैंडिंग के बाद पार्किंग बे की ओर जा रही थी। इसी दौरान विमान निर्धारित मार्ग से हटकर गलत दिशा में मुड़ गया और उस टैक्सीवे पर पहुंच गया, जहां से मुंबई रवाना होने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E-5160 रनवे की ओर बढ़ रही थी। कुछ ही क्षणों में दोनों विमान एक-दूसरे के सामने आ गए। स्थिति को भांपते हुए दोनों विमानों की आवाजाही तत्काल रोक दी गई। समय रहते टला संभावित हादसा एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, यदि दोनों विमानों को समय पर नहीं रोका जाता तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल की निगरानी और पायलटों की तत्परता के कारण दोनों विमान सुरक्षित दूरी पर रुक गए। बाद में एअर इंडिया के विमान को विशेष टोइंग वाहन की मदद से खींचकर सही पार्किंग बे तक पहुंचाया गया। इसके बाद इंडिगो की उड़ान को रनवे की ओर बढ़ने की अनुमति दी गई। एअर इंडिया ने स्वीकार की गलती घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए एअर इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि मुंबई से अहमदाबाद पहुंची फ्लाइट AI-2493 लैंडिंग के बाद टैक्सी करते समय अनजाने में गलत दिशा में मुड़ गई थी। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि इस घटना के दौरान यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षित रही तथा किसी भी प्रकार का जोखिम उत्पन्न नहीं हुआ। कंपनी ने कहा कि मामले की जानकारी संबंधित विमानन नियामक अधिकारियों को दे दी गई है और आंतरिक जांच भी शुरू कर दी गई है। इंडिगो ने क्या कहा? इंडिगो ने अपने बयान में बताया कि उसकी फ्लाइट 6E-5160 अहमदाबाद से मुंबई के लिए रवाना होने की तैयारी कर रही थी और टैक्सीवे पर आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान दूसरी एयरलाइन का विमान गलत दिशा में आ गया। एयरलाइन के अनुसार, दोनों विमानों को सुरक्षित दूरी पर रोक दिया गया। एअर इंडिया के विमान को हटाए जाने के बाद इंडिगो की उड़ान निर्धारित प्रक्रिया के तहत रवाना हुई और सुरक्षित रूप से मुंबई पहुंच गई। विमानन नियामक एजेंसियों ने शुरू की जांच घटना के बाद विमानन सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि टैक्सींग के दौरान एअर इंडिया का विमान निर्धारित मार्ग से कैसे भटक गया और क्या इसमें मानवीय त्रुटि, संचार की समस्या या किसी अन्य तकनीकी कारण की भूमिका थी। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट संचालन में टैक्सीवे पर होने वाली ऐसी घटनाएं अत्यंत गंभीर मानी जाती हैं और इन्हें "रनवे या टैक्सीवे इन्कर्शन" श्रेणी में रखा जाता है। दोनों विमान एयरबस A320 श्रेणी के थे जानकारी के अनुसार, घटना में शामिल दोनों विमान एयरबस A320 श्रेणी के नैरो-बॉडी यात्री विमान थे। यह विमान घरेलू और छोटी से मध्यम दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाते हैं। इन विमानों में सामान्यतः 150 से 180 यात्रियों के बैठने की क्षमता होती है। घटना के समय दोनों विमानों में कितने यात्री सवार थे, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। एयरबस A320 क्यों है खास? नैरो-बॉडी डिजाइन: विमान में एक सिंगल गलियारा होता है। 150-180 यात्रियों की क्षमता: घरेलू और क्षेत्रीय उड़ानों के लिए उपयुक्त। कम ईंधन खपत: एयरलाइंस के लिए किफायती संचालन। 3,000 से 6,000 किमी तक की उड़ान क्षमता। दुनिया के सबसे लोकप्रिय यात्री विमानों में शामिल।

Deepshikha जून 25, 2026 0
Indigo Kolkata Flight
रांची से कई उड़ानों में कटौती, 1 जुलाई से इंडिगो की रांची-कोलकाता सेवा बंद

रांची। रांची एयरपोर्ट से एक जुलाई से कई रूटों पर उड़ानों की संख्या घट जाएगी। इंडिगो की कोलकाता फ्लाइट, दोपहर दो बजे कोलकाता से रांची पहुंचती थी और 3:30 बजे वापस कोलकाता जाती थी, उसकी बुकिंग एक जुलाई से बंद हो गई है। वहीं, एयर इंडिया ने दिल्ली रूट पर अपनी एक उड़ान सेवा बंद कर दी है। शाम में संचालित होने वाली यह उड़ान भी एक जुलाई से नहीं चलेगी। इसके अलावा इंडिगो ने देवघर-दिल्ली रूट पर शाम की एक उड़ान सेवा भी बंद कर दी है। लगातार हो रही इन कटौतियों से यात्रियों के लिए उपलब्ध उड़ानों की संख्या कम हो जाएगी।  वजह- एयरक्राफ्ट की कमी इंडिगो के एक अधिकारी के अनुसार कंपनी के पास फिलहाल विमानों की उपलब्धता सीमित है, जबकि देशभर में हवाई यात्रा की मांग लगातार बढ़ रही है। वहीं कुछ रूटों पर यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में उपलब्ध विमानों का उपयोग मांग के अनुसार किया जा रहा है। अधिक मांग वाले रूटों को प्राथमिकता देने की रणनीति के तहत कुछ मार्गों पर उड़ानों में कटौती की गई है।

abhishek singh जून 18, 2026 0
Air india cuts flights
एअर इंडिया की बड़ी कटौती, हर हफ्ते 800 घरेलू फ्लाइट्स कम होंगी

नई दिल्ली, एजेंसियां। Air India और IndiGo ने बढ़ती ऑपरेशन लागत और महंगे जेट फ्यूल के कारण घरेलू उड़ानों में कटौती का फैसला लिया है। एअर इंडिया जून से अगस्त 2026 के बीच हर हफ्ते करीब 800 घरेलू उड़ानें कम करेगी। वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक इंडिगो भी अपनी 5% से 7% घरेलू उड़ानों में कटौती कर सकती है।   एअर इंडिया ने 22% उड़ानें घटाने का फैसला लिया एअर इंडिया फिलहाल हर सप्ताह लगभग 4400 उड़ानें संचालित करती है, जिनमें 3600 घरेलू और 800 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शामिल हैं। कंपनी ने घरेलू फ्लाइट्स में करीब 22% तक कटौती की घोषणा की है। एयरलाइन का कहना है कि वह बाजार की मांग और ऑपरेटिंग परिस्थितियों की लगातार समीक्षा करेगी और हालात सामान्य होने पर उड़ानों को दोबारा बहाल किया जा सकता है।   मिडिल ईस्ट तनाव और फ्यूल कीमतें बड़ी वजह उड़ानों में कटौती की सबसे बड़ी वजह मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव और जेट फ्यूल की कीमतों में तेजी है। ईरान पर हुए हमलों के बाद क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने से एयरलाइंस की लागत में भारी इजाफा हुआ है। इसके अलावा ईरानी एयरस्पेस से बचने और पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र पर पाबंदियों के कारण उड़ानों के रूट लंबे हो गए हैं, जिससे ईंधन खर्च और बढ़ गया है।   ऑपरेशन कॉस्ट में भारी बढ़ोतरी एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार पहले एयरलाइंस के कुल खर्च में फ्यूल का हिस्सा करीब 40% था, जो अब बढ़कर 60% तक पहुंच गया है। इसका सीधा असर टिकट किराए पर भी पड़ा है। बढ़ते किराए की वजह से घरेलू हवाई यात्रा की मांग में भी गिरावट देखी जा रही है।   पहले भी घट चुकी हैं उड़ानें एविएशन एनालिटिक्स फर्म सिरियम के आंकड़ों के अनुसार मार्च और अप्रैल 2026 में देश की प्रमुख एयरलाइंस की उड़ानों में पिछले साल की तुलना में 6% गिरावट दर्ज की गई। इसी महीने एअर इंडिया ने कई अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर उड़ानें रद्द और कम करने का फैसला भी लिया था।

Unknown मई 27, 2026 0
New DGCA free seat rule update
फ्लाइट में सीट चुनना होगा सस्ता, DGCA का बड़ा फैसला

भारत में हवाई यात्रियों के लिए एक बड़ा बदलाव आने वाला है। Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने नई गाइडलाइन जारी करते हुए एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि अब हर फ्लाइट में कम से कम 60% सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराई जाएंगी। यह नियम 20 अप्रैल 2026 से लागू होगा। क्या है नया नियम? अब तक एयरलाइंस केवल करीब 20% सीटें ही मुफ्त में चुनने देती थीं, जबकि बाकी सीटों के लिए यात्रियों को ₹200 से लेकर ₹2,100 तक अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता था। नई व्यवस्था के तहत: हर फ्लाइट में 60% सीटें फ्री में चुनने के लिए उपलब्ध होंगी सीट चयन की जानकारी साफ और पारदर्शी तरीके से दिखानी होगी एक ही PNR पर बुकिंग करने वाले यात्रियों को संभव हो तो साथ बैठाया जाएगा क्यों लिया गया यह फैसला? यह कदम यात्रियों को राहत देने और एयरलाइंस द्वारा लिए जाने वाले अतिरिक्त शुल्क को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है। हाल के समय में सीट चयन समेत कई सेवाओं पर बढ़ते चार्ज को लेकर शिकायतें बढ़ रही थीं। एयरलाइंस की चिंता हालांकि Federation of Indian Airlines (FIA) और प्रमुख एयरलाइंस जैसे IndiGo, Air India और SpiceJet ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि: फ्री सीटों की संख्या बढ़ने से उनकी कमाई प्रभावित होगी इसकी भरपाई के लिए टिकट की कीमतें बढ़ानी पड़ सकती हैं यात्रियों के लिए क्या बदलेगा? इस नए नियम से: सीट चुनने के लिए अतिरिक्त पैसे देने की जरूरत कम होगी परिवार और ग्रुप के साथ यात्रा आसान होगी बुकिंग के दौरान ज्यादा पारदर्शिता मिलेगी

surbhi मार्च 30, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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