Jharkhand Crime

Son Murder Case
साहिबगंज में शराबी पिता ने बेटे की कर दी हत्या, कुल्हाड़ी से हमला कर फरार

साहिबगंज। रांगा थाना क्षेत्र के विशनपुर गांव में एक पिता पर अपने ही इकलौते बेटे की हत्या करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि शराब के नशे में आरोपी पिता मुजाहिरूल ने रविवार रात अपने 22 वर्षीय बेटे सफीकुल पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।   सो रहे बेटे पर किया कुल्हाड़ी से हमला   जानकारी के अनुसार, घटना से एक दिन पहले पिता और बेटे के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद मुजाहिरूल घर से चला गया था। रविवार रात वह शराब पीकर वापस आया और घर में सो रहे बेटे पर हमला कर दिया।   पत्नी पर भी हमला करने की कोशिश, बेटी ने बचाई जान   आरोप है कि बेटे पर हमला करने के बाद आरोपी पिता अपनी पत्नी पर भी वार करने जा रहा था। इसी दौरान बेटी ने उसे देख लिया और शोर मचा दिया। आवाज सुनकर आसपास के लोग जुट गए, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।   इलाज के दौरान हुई बेटे की मौत   हमले में घायल सफीकुल को परिजन पहले कल्याण अस्पताल केंदुआ लेकर गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। इसके बाद उसे बरहड़वा सीएचसी और फिर बीडीएच फरक्का ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे आगे रेफर किया गया। जंगीपुर ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई।   पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा   घटना की सूचना मिलने के बाद सोमवार सुबह रांगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है।   ग्रामीणों ने बताया, शराब को लेकर होता था विवाद   ग्रामीणों के मुताबिक, आरोपी मुजाहिरूल अक्सर शराब पीकर घर में विवाद करता था। बेटा और पत्नी उसके शराब पीने का विरोध करते थे। इसी बात को लेकर परिवार में तनाव रहता था, जिसके बाद यह घटना सामने आई।   आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी   रांगा थाना प्रभारी अखिलेश यादव ने बताया कि पुलिस को मामले की जानकारी मिल गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

anjali kumari जुलाई 27, 2026 0
Hazaribagh Encounter
हजारीबाग में पुलिस और राहुल दुबे गैंग के बीच मुठभेड़, एक बदमाश के पैर में गोली, दूसरा गिरफ्तार

हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र स्थित चंद्रगुप्त कोल परियोजना के बुकरू ट्रांसपोर्टिंग रोड पर शुक्रवार देर रात पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। घायल अपराधी का इलाज शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कड़ी सुरक्षा के बीच चल रहा है।   हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमन कुमार ने बताया कि दोनों आरोपी कुख्यात राहुल दुबे गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पगार ओपी क्षेत्र में संचालित चंद्रगुप्त कोल खनन परियोजना के ट्रांसपोर्टिंग मार्ग पर कुछ अपराधियों ने फायरिंग कर गैंग का पर्चा छोड़ा है और जंगल की ओर भाग गए हैं।   सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित आनंद के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर इलाके में सर्च अभियान चलाया गया। तड़के करीब 3:15 बजे बुकरू गांव के जंगल के पास एक बाइक पर सवार दो संदिग्ध दिखाई दिए। पुलिस वाहन को देखते ही दोनों जंगल की ओर भागने लगे।   पुलिस के अनुसार, पीछा किए जाने पर बाइक असंतुलित होकर गिर गई और दोनों आरोपी पैदल जंगल की ओर भागने लगे। इसी दौरान उन्होंने पुलिस टीम पर लगातार तीन से चार राउंड फायरिंग की। पुलिस ने उन्हें आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन दोबारा गोलीबारी होने पर आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की गई। पुलिस की तीन राउंड फायरिंग में एक गोली एक आरोपी के पैर में लगी, जबकि दूसरे को मौके से पकड़ लिया गया।   घायल आरोपी की पहचान बड़कागांव थाना क्षेत्र के चेप खुर्द निवासी मोहम्मद रागीब अफजल के रूप में हुई है, जबकि गिरफ्तार आरोपी जितेंद्र सोनी केरेडारी थाना क्षेत्र के पगार ओपी इलाके का रहने वाला है।   पूछताछ में दोनों आरोपियों ने खुद को राहुल दुबे गिरोह का सदस्य बताया। उन्होंने स्वीकार किया कि चंद्रगुप्त कोल परियोजना से कथित तौर पर लेवी नहीं मिलने पर कंपनी को धमकाने और दहशत फैलाने के उद्देश्य से ट्रांसपोर्टिंग रोड पर फायरिंग की और गैंग का पर्चा छोड़ा था।   एसपी अमन कुमार ने बताया कि घायल मोहम्मद रागीब अफजल का आपराधिक इतिहास रहा है। वह पहले भी जेल जा चुका है और उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य मामले दर्ज हैं। वहीं गिरफ्तार आरोपी जितेंद्र सोनी के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।

anjali kumari जुलाई 25, 2026 0
Hazaribagh police encounter
हजारीबाग में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़, एक अपराधी घायल

हजारीबाग। जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र में पुलिस और अपराधियों के बीच देर रात मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक अपराधी के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया। घायल अपराधी को इलाज के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस पूरे इलाके में सर्च अभियान चला रही है।   बुकरु ट्रांसपोर्टिंग रोड पर हुई मुठभेड़   जानकारी के अनुसार, केरेडारी चंद्रगुप्त कोल परियोजना क्षेत्र के बुकरु स्थित ट्रांसपोर्टिंग सड़क पर कुछ अपराधियों के जुटने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलने के बाद केरेडारी थाना पुलिस ने इलाके में घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।   पुलिस की गोली से घायल हुआ अपराधी   मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली एक अपराधी के पैर में लगी। घायल अपराधी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कड़ी सुरक्षा के बीच उसका इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में दोनों ओर से गोलीबारी हुई थी। वहीं, एक अन्य अपराधी के भी शामिल होने की सूचना मिली है, जो मौके से फरार हो गया।   मौके से हथियार और बाइक बरामद   पुलिस ने घटनास्थल से एक रिवाल्वर और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। घायल अपराधी से पूछताछ कर उसके साथियों और आपराधिक गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए इलाके में लगातार छापेमारी और सर्च अभियान चलाया जा रहा है।   एसपी ने घटनास्थल का लिया जायजा   मुठभेड़ की सूचना मिलते ही हजारीबाग एसपी अमन कुमार चंद्रगुप्त कोल परियोजना क्षेत्र पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। फिलहाल इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अपराधियों की तलाश जारी है।   घायल अपराधी का खंगाला जा रहा इतिहास   केरेडारी थाना प्रभारी वेद प्रकाश ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि घायल अपराधी का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। पुलिस जल्द ही पूरे मामले की विस्तृत जानकारी साझा करेगी।

anjali kumari जुलाई 24, 2026 0
Ranchi Theft Case
रांची में चांदी के जेवर चोरी का खुलासा, जमशेदपुर से आरोपी गिरफ्तार

रांची। राजधानी रांची की नगड़ी थाना पुलिस ने चांदी के जेवर और नकदी चोरी के मामले का सफल खुलासा करते हुए जमशेदपुर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने बड़ी मात्रा में चोरी किए गए चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।   4 जुलाई को ज्वेलरी दुकान में हुई थी चोरी   पुलिस के अनुसार, 4 जुलाई 2026 की रात नगड़ी थाना क्षेत्र के मोरा बाजार स्थित अमित ज्वेलर्स में अज्ञात चोरों ने सेंधमारी कर चांदी के जेवर और नकदी की चोरी कर ली थी। मामले में नगड़ी थाना कांड संख्या 113/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।   तकनीकी जांच के आधार पर जमशेदपुर से गिरफ्तारी   जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि चोरी में शामिल एक आरोपी जमशेदपुर के आजाद बस्ती क्षेत्र में छिपा हुआ है। ग्रामीण एसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने जुगसलाई थाना क्षेत्र स्थित गरीब नवाज कॉलोनी में छापेमारी कर मोहम्मद जावेद को गिरफ्तार कर लिया।   पूछताछ में कबूला जुर्म   गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद जावेद ने पूछताछ के दौरान चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी में शामिल अन्य आरोपियों अर्जुन शर्मा, बाबू पिल्ले और दीपक कुमार सिंह उर्फ कल्लू सरकार के नामों का भी खुलासा किया। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चला रही है।   चोरी के चांदी के जेवरों का बड़ा जखीरा बरामद   आरोपी के घर से पुलिस ने बड़ी मात्रा में चांदी के आभूषण बरामद किए। इनमें 36 जोड़ी पायल, 240 पीस बिछिया, 15 बाजूबंद, चांदी का सिक्का, गणेश प्रतिमा, करधनी सहित कई प्रकार के चांदी के आभूषण शामिल हैं। सभी बरामद सामान को जब्त कर लिया गया है।   वैज्ञानिक और तकनीकी जांच से मिली सफलता   रांची ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने बताया कि वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस ने मामले का सफल उद्भेदन किया। उन्होंने कहा कि एक आरोपी की गिरफ्तारी और चोरी के आभूषणों की बरामदगी बड़ी सफलता है।   अन्य आरोपियों की तलाश जारी   पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई में नगड़ी थाना प्रभारी अभिषेक राय, पुलिस पदाधिकारी संजय कुमार सिंह और रिजर्व गार्ड के जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मामले में शामिल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और शेष चोरी गए सामान की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

anjali kumari जुलाई 24, 2026 0
चतरा में एसपी आवास के पास निजी गार्ड की गोली मारकर हत्या
चतरा में एसपी आवास के पास गोलीकांड, निजी सुरक्षा गार्ड की हत्या; जांच तेज

चतरा, एजेंसियां। झारखंड के चतरा जिले में एसपी आवास के पास दिनदहाड़े गोलीबारी की घटना से हड़कंप मच गया। इस वारदात में एक निजी सुरक्षा गार्ड की गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटना दो निजी सुरक्षा गार्डों के बीच हुए विवाद के बाद हुई।   मामूली विवाद के बाद चली गोली   पुलिस के अनुसार, घटना चतरा एसपी आवास के पास हुई। शुरुआती जांच में पता चला है कि निजी सुरक्षा गार्डों के बीच खैनी मांगने को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद आरोपी गार्ड ने अपनी सर्विस राइफल से साथी गार्ड पर गोली चला दी। गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।   मृतक और आरोपी दोनों थे निजी सुरक्षा गार्ड   जांच में सामने आया है कि दोनों गार्ड एक ही निर्माण कंपनी से जुड़े थे। मृतक की पहचान अतुल सिंह के रूप में बताई गई है, जबकि आरोपी गार्ड को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल हथियार को भी कब्जे में लिया है।   पुलिस कर रही कई पहलुओं से जांच   घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और घटना के दौरान मौजूद अन्य लोगों की भूमिका क्या रही।   घटना से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल   एसपी आवास जैसे संवेदनशील स्थान के पास गोली चलने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ranjan kumar tiwari जुलाई 22, 2026 0
Bokaro Theft
बोकारो में चोरी का अनोखा तरीका, सेल कर्मी के घर से 3.5 लाख की नकदी और जेवरात उड़ाए

बोकारो। बोकारो के सेक्टर-12 थाना क्षेत्र में चोरी की एक अनोखी घटना सामने आई है, जिसने पुलिस के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया है। चोरों ने बंद पड़े एक सेल कर्मी के आवास को निशाना बनाकर करीब 3.5 लाख रुपये की नकदी और जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि चोरी के बाद आरोपी घर के मुख्य दरवाजे पर अपना ताला लगाकर फरार हो गए, ताकि घटना का खुलासा देर से हो सके।   जानकारी के अनुसार जानकारी के अनुसार, सेल कर्मी वकील प्रसाद महली बुधवार को अपने परिवार के साथ घर में ताला लगाकर गांव गए थे। दो दिन बाद जब वे वापस लौटे तो अपने घर के दरवाजे पर दूसरा ताला लगा देखकर चौंक गए। उन्होंने ताला तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया तो पूरा सामान बिखरा पड़ा था। जांच करने पर पता चला कि नकदी और जेवरात सहित लगभग 3.5 लाख रुपये की संपत्ति चोरी हो चुकी है।   पीड़ित ने क्या बताया पीड़ित ने बताया कि उन्होंने 5 जुलाई को ही इस नए आवास में शिफ्ट किया था। चोरों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया और जाते समय अपना ताला लगाकर घर को बंद कर दिया, जिससे आसपास के लोगों को किसी तरह का संदेह न हो और चोरी का पता देर से चल सके।   सिटी डीएसपी राजीव रंजन ने बताया घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-12 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। सिटी डीएसपी राजीव रंजन ने बताया कि पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।   पुलिस का मानना है कि चोरों ने पहले घर की गतिविधियों पर नजर रखी और परिवार के बाहर जाने के बाद वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

anjali kumari जुलाई 18, 2026 0
Facebook Friendship Scam
फेसबुक फ्रेंडशिप के जाल में फंसी महिला, विदेश से गिफ्ट भेजने का झांसा देकर 5 लाख से अधिक की साइबर ठगी

रांची। रांची में साइबर अपराध का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां फेसबुक पर हुई दोस्ती एक महिला के लिए भारी पड़ गई। विदेश से महंगे गिफ्ट भेजने का झांसा देकर साइबर ठगों ने महिला से 5 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। मामले का खुलासा तब हुआ जब लगातार भुगतान के बावजूद कथित पार्सल नहीं पहुंचा और ठगों ने फिर से पैसे की मांग शुरू कर दी। पीड़िता ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के बाद साइबर अपराध थाना, रांची में एफआईआर दर्ज कराई है।   शिकायत के अनुसार शिकायत के अनुसार, नामकुम निवासी उमा कुमारी को 27 मार्च 2026 को फेसबुक पर Dr. Sam Cheris नाम के व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। रिक्वेस्ट स्वीकार करने के बाद दोनों के बीच व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू हुई। आरोपी ने खुद को अविवाहित बताते हुए महिला का विश्वास जीता और भारत आने के साथ-साथ उनके लिए महंगे उपहार भेजने का दावा किया।   कुछ दिनों बाद महिला को बताया गया कि उनके नाम से भेजा गया पार्सल मुंबई एयरपोर्ट पहुंच चुका है, लेकिन उसे छुड़ाने के लिए विभिन्न प्रकार के शुल्क जमा करने होंगे। इसके बाद आरोपी और उसके साथियों ने शिपिंग चार्ज, कस्टम ड्यूटी, एयरपोर्ट क्लीयरेंस, सिक्योरिटी डिपॉजिट, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, एक्सचेंज फीस और डिलीवरी चार्ज जैसे अलग-अलग बहाने बनाकर कई किश्तों में पैसे जमा करवाए। हर भुगतान के बाद नए शुल्क की मांग की जाती रही।   आरोपियों ने महिला को यह कहकर भी डराया आरोपियों ने महिला को यह कहकर भी डराया कि यदि निर्धारित राशि जमा नहीं की गई तो पार्सल जब्त हो जाएगा और मामला अंतरराष्ट्रीय कानूनी कार्रवाई तक पहुंच सकता है। इस डर और पार्सल मिलने की उम्मीद में महिला ने 5 लाख रुपये से अधिक विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।   साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने, विदेश से गिफ्ट या पार्सल भेजने के नाम पर पैसे जमा करने और बिना सत्यापन किसी भी खाते में राशि ट्रांसफर करने से बचें, ताकि इस तरह की साइबर ठगी से सुरक्षित रहा जा सके।

anjali kumari जुलाई 11, 2026 0
Ashok Nagar Theft Case
अशोक नगर चोरी मामला: 20 गार्ड, हाई सिक्योरिटी... फिर भी 3 घंटे तक घर में बेखौफ घूमता रहा चोर

रांची। रांची के पॉश अशोक नगर इलाके में बिल्डर और त्रिवेणी कंस्ट्रक्शन के मालिक अखिलेश पांडेय के घर हुई चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाई-सिक्योरिटी कॉलोनी और घर में 20 से अधिक निजी सुरक्षा गार्ड तैनात होने के बावजूद चोर करीब तीन घंटे तक घर के अंदर बेखौफ घूमता रहा और वारदात को अंजाम देकर आसानी से फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच में जुटी है।   प्रारंभिक जांच के अनुसार प्रारंभिक जांच के अनुसार, चोर ने मुख्य गेट की बजाय घर के पीछे स्थित खाली प्लॉट का रास्ता चुना। वह पहले पड़ोसी मकान की दीवार पर चढ़ा और वहां से अखिलेश पांडेय के घर की ऊंची बाउंड्री पार कर पहली मंजिल तक पहुंच गया। मुख्य दरवाजा नहीं खुलने पर उसने स्क्रूड्राइवर की मदद से एक खिड़की खोली और घर के अंदर प्रवेश कर लिया। इसके बाद उसने अलग-अलग कमरों में जाकर कीमती सामान और जेवर समेटे तथा उसी रास्ते से बाहर निकल गया। जिस कमरे से वह बाहर निकला, वहीं उसने जेवरों और अन्य सामान की छंटाई भी की।   बिल्डर के बेटे आशुतोष पांडेय ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि चोरी की जानकारी अगले दिन सुबह हुई। हैरानी की बात यह भी रही कि उसी रात पड़ोसी बिल्डर निशित केसरी ने संदिग्ध चोर को देखकर अपने लाइसेंसी रिवॉल्वर से कई राउंड फायरिंग की थी, जबकि उनके बॉडीगार्ड ने भी एके-47 से गोली चलाई। इसके बावजूद पांडेय परिवार को किसी प्रकार की आवाज सुनाई नहीं दी।   पुलिस के अनुसार पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में चोर रात करीब 2:45 बजे घर में प्रवेश करता और सुबह 4:40 बजे बाहर निकलता दिखाई दे रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि चोरों ने सोने, चांदी और हीरे के जेवर तो चुरा लिए, लेकिन भगवान राधा-कृष्ण की चांदी की मूर्ति और देवी-देवताओं की आकृति वाले सोने के सिक्कों को हाथ नहीं लगाया। वहीं, आशंका जताई जा रही है कि वारदात के दौरान परिवार के सदस्यों को बेहोश करने के लिए किसी स्प्रे का इस्तेमाल किया गया। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।

anjali kumari जुलाई 11, 2026 0
Kanke Land Scam
Kanke Land Scam: ED ने आरोपी कमलेश कुमार सिंह की 66 एकड़ जमीन की जब्त, कीमत करीब 85 करोड़ रुपये

रांची। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रांची के चर्चित कांके भूमि घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी कमलेश कुमार सिंह की 66 एकड़ जमीन को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। एजेंसी के अनुसार, जब्त की गई जमीन की अनुमानित बाजार कीमत करीब 85 करोड़ रुपये है। जांच में सामने आया है कि कांके और नगड़ी अंचल क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन की अवैध खरीद-बिक्री की गई और उस पर कब्जा किया गया। इस मामले में कई सरकारी अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।   जमीन रिकॉर्ड में हेराफेरी का आरोप ईडी की जांच के मुताबिक, कमलेश कुमार सिंह और उसके सहयोगियों ने कुछ सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से भूमि रिकॉर्ड में हेराफेरी की। आरोप है कि गैर-मजरूआ, भुइंहरी, आदिवासी और सरकारी प्रकृति की जमीनों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें सामान्य जमीन के रूप में दर्शाया गया और फिर उनकी खरीद-बिक्री की गई। जांच में यह भी पता चला है कि 66 एकड़ जमीन के एक हिस्से की बिक्री की जा चुकी थी, जबकि शेष भूमि का हस्तांतरण नहीं हो पाया था।   पहले ही दाखिल हो चुकी है चार्जशीट प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में कमलेश कुमार सिंह समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर चुका है। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी नए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।   2024 में हुई थी गिरफ्तारी ईडी ने 26 जुलाई 2024 को कमलेश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से पहले उसके विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की गई थी, जहां से एक करोड़ रुपये से अधिक नकदी और 100 जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। इसके बाद एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से जांच को आगे बढ़ाया। अब 85 करोड़ रुपये मूल्य की 66 एकड़ जमीन जब्त होने के बाद कांके भूमि घोटाले में ईडी की कार्रवाई और तेज होती दिखाई दे रही है।

anjali kumari जुलाई 10, 2026 0
Knife Murder
रांची के बेड़ो में युवक की चाकू मारकर हत्या, दोस्त पर लगा कत्ल का आरोप

रांची। राजधानी रांची के बेड़ो थाना क्षेत्र में 25 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या किए जाने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान घाघरा पंचायत के मधुपुर गांव निवासी रविंद्र मुंडा के रूप में हुई है। हत्या का आरोप उसके बचपन के दोस्त और गांव के ही निवासी विकास मुंडा सहित कुछ अन्य युवकों पर लगाया गया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।   सुबह गांव के अखड़ा के पास मिला शव जानकारी के अनुसार, बुधवार रात रविंद्र मुंडा अपने दोस्त विकास मुंडा के साथ घर से निकला था। इसके बाद वह रातभर घर नहीं लौटा। गुरुवार सुबह मधुपुर गांव के अखड़ा के समीप ग्रामीणों ने उसका खून से लथपथ शव पड़ा देखा। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर बेड़ो थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।   आपसी विवाद में हत्या की आशंका पुलिस की प्रारंभिक जांच में मामला आपसी विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। आशंका जताई जा रही है कि किसी बात को लेकर हुए विवाद के दौरान रविंद्र पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि पुलिस हत्या के पीछे की वास्तविक वजह जानने के लिए सभी पहलुओं की जांच कर रही है और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है।   एक हिरासत में, बाकी आरोपियों की तलाश जारी रांची के ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने बताया कि मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने अन्य आरोपियों की भी पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। घटना के बाद गांव में शोक और तनाव का माहौल है, जबकि पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

abhishek singh जुलाई 9, 2026 0
Chiyanki Protest
पलामू के चियांकी में मुआवजे को लेकर बवाल, ग्रामीणों और पुलिस में झड़प; तीन पुलिसकर्मी घायल

मेदिनीनगर (पलामू)। रांची–मेदिनीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग-39 पर चियांकी स्थित निर्माणाधीन फ्लाईओवर और फोरलेन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजे को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई। विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों में जवान राजकुमार सिंह, महिला पुलिसकर्मी प्रिया कुमारी और मोहम्मद जावेद शामिल हैं। सभी को इलाज के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एमएमसीएच) में भर्ती कराया गया है।   मुआवजे को लेकर बढ़ा विवाद जानकारी के अनुसार, एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के अधिकारी निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए जेसीबी के साथ चिन्हित मकानों को हटाने पहुंचे थे। इसी दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी जमीन का मुआवजा कृषि भूमि के आधार पर तय किया गया है, जबकि संबंधित जमीन आवासीय और व्यावसायिक श्रेणी की है। उचित मुआवजे की मांग को लेकर विरोध तेज हो गया और देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई।   पथराव के बाद पुलिस ने संभाला मोर्चा स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने मोर्चा संभाला, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। सूचना मिलने पर सदर एसडीओ संजय कुमार पांडेय, एसडीपीओ राजेश यादव, सदर थाना प्रभारी अफजल अंसारी समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात को नियंत्रित किया। घटना के बाद निर्माण स्थल पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है।   दो दिनों के लिए लागू की गई निषेधाज्ञा प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत दो दिनों के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि या निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि मुआवजा विवाद के कारण यह फ्लाईओवर परियोजना पिछले वर्ष से प्रभावित है, जिससे निर्माण कार्य लगातार बाधित हो रहा है।

anjali kumari जुलाई 9, 2026 0
Security Guard Injury
रांची में चोर की तलाश के दौरान AK-47 से मिसफायर, बॉडीगार्ड घायल

रांची। रांची के वीआईपी इलाके अशोक नगर में गुरुवार तड़के एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। शहर के चर्चित बिल्डर निशित केसरी के आवास पर चोर घुसने की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा में तैनात एक बॉडीगार्ड अपनी AK-47 राइफल लेकर जांच करने बाहर निकला। इसी दौरान अचानक राइफल से मिसफायर हो गया और निकली गोली उसी बॉडीगार्ड को जा लगी। घायल सुरक्षा कर्मी को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।   रात दो बजे मिली थी चोर घुसने की सूचना पुलिस के अनुसार घटना रात करीब दो बजे की है। बिल्डर के आवास में संदिग्ध गतिविधि और चोर के दाखिल होने की सूचना मिलने पर सुरक्षा में तैनात बॉडीगार्ड हथियार लेकर परिसर की जांच करने निकला। गेट के पास पहुंचते ही अचानक AK-47 से गोली चल गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रारंभिक जांच में इसे मिसफायर का मामला माना जा रहा है।   पुलिस कर रही हर पहलू की जांच रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि घायल बॉडीगार्ड को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गोली किन परिस्थितियों में चली और क्या यह पूरी तरह तकनीकी खराबी या लापरवाही का मामला था। साथ ही, चोर के घर में घुसने की सूचना की भी जांच की जा रही है।   घटना ने राजधानी के सबसे सुरक्षित और वीआईपी माने जाने वाले अशोक नगर इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस क्षेत्र को उच्च सुरक्षा वाला माना जाता है, वहां चोरी की आशंका और उसके बाद हुई यह दुर्घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और मामले के हर पहलू की जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।

anjali kumari जुलाई 9, 2026 0
Raid in giridih
गिरिडीह के होटल में पुलिस की छापेमारी, चार लोग हिरासत में, संचालक फरार

गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह जिले के धनवार थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में अनैतिक गतिविधियों की सूचना पर पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त छापेमारी कर चार लोगों को हिरासत में लिया है। कार्रवाई के दौरान होटल के एक कमरे से दो पुरुष और दो महिलाएं संदिग्ध परिस्थितियों में मिलीं। वहीं होटल का संचालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। होटल के मैनेजर को भी पूछताछ के लिए थाना लाया गया है।   गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई पुलिस के अनुसार, धनवार के बड़ा चौक स्थित होटल डिस्कवरी में लंबे समय से अनैतिक गतिविधियां संचालित होने की शिकायत मिल रही थी। इस सूचना के आधार पर गिरिडीह पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर खोरीमहुआ के एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने मंगलवार रात होटल में छापा मारकर विभिन्न कमरों की तलाशी ली।   पहचान पत्र नहीं दिखा सके लोग तलाशी के दौरान एक कमरे में दो पुरुष और दो महिलाएं आपत्तिजनक स्थिति में मिलीं। पूछताछ के दौरान वे तत्काल कोई वैध पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद सभी चारों को हिरासत में लेकर धनवार थाना लाया गया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। होटल के मैनेजर प्रदीप साहू से भी मामले में जानकारी ली जा रही है।   होटल सील, संचालक की तलाश जारी छापेमारी के दौरान होटल संचालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। जांच के दौरान होटल का रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज भी जब्त कर उनकी जांच शुरू कर दी गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि होटल में कब से और किस स्तर पर गतिविधियां संचालित हो रही थीं।   जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई प्रशासन ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में होटल को सील कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही होटल से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।

anjali kumari जुलाई 8, 2026 0
Jewelry Robbery in Gumla
गुमला में ज्वेलरी कारोबारी से हथियार के बल पर लूट, 15 से 20 लाख रुपये के आभूषण लेकर फरार हुए बदमाश

गुमला। झारखंड के गुमला जिले में अपराधियों ने एक बार फिर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए ज्वेलरी कारोबारी से लाखों रुपये के आभूषण लूट लिए। यह घटना पालकोट मुख्य बाजार की है, जहां मंगलवार देर शाम माही ज्वेलर्स के संचालक मनीष सोनी को तीन हथियारबंद अपराधियों ने निशाना बनाया। वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।   घात लगाकर बैठे थे तीन बदमाश जानकारी के अनुसार, मनीष सोनी दुकान बंद कर मोटरसाइकिल से अपने घर पालकोट बस्ती लौट रहे थे। इसी दौरान भीमो कंसारी के घर के पास पहले से घात लगाए बैठे तीन अपराधियों ने उन्हें रोक लिया। बदमाशों ने पिस्तौल दिखाकर उन्हें धमकाया और सोने-चांदी के आभूषणों से भरा बैग छीन लिया। कारोबारी द्वारा विरोध किए जाने पर अपराधियों ने हवाई फायरिंग कर दी, जिससे आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।   15 से 20 लाख के आभूषण लूटे जाने का अनुमान वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों अपराधी एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर पालकोट बस स्टैंड की ओर से गुमला की दिशा में फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पालकोट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। गुमला के पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमां ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि कारोबारी के अनुसार लूटे गए जेवरात की कीमत लगभग 15 से 20 लाख रुपये है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।   पहले भी बन चुकी है माही ज्वेलर्स निशाना स्थानीय लोगों के अनुसार, इससे पहले भी माही ज्वेलर्स की दुकान में लूट की घटना हो चुकी है। लगातार दूसरी बार एक ही प्रतिष्ठान को निशाना बनाए जाने से क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस का कहना है कि अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है और सभी पहलुओं पर जांच जारी है। घटना के बाद कारोबारियों में भी भय का माहौल है और उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

anjali kumari जुलाई 8, 2026 0
Prince Khan Gangster
गैंगस्टर प्रिंस खान ने रांची के कारोबारी से मांगा 1 करोड़, परिवार को दी जान से मारने की धमकी

रांची। रांची में कारोबारियों से गैंगस्टर प्रिंस खान के नाम पर रंगदारी मांगने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा घटना बरियातू थाना क्षेत्र की है, जहां रानी बगान निवासी कारोबारी बिजेंद्र सिंह को व्हाट्सएप पर विदेशी नंबर से मैसेज भेजकर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। मैसेज भेजने वाले ने खुद को दुबई में मौजूद गैंगस्टर प्रिंस खान बताया और रकम नहीं देने पर कारोबारी व उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी।   परिवार और गाड़ी की जानकारी देकर बढ़ाया डर कारोबारी के अनुसार, मंगलवार सुबह आए मैसेज में उनके परिवार के सदस्यों का जिक्र किया गया था। इतना ही नहीं, उनकी कार का नंबर और रंग भी बताया गया, जिससे यह संकेत मिला कि भेजने वाले के पास उनकी निजी जानकारी मौजूद है। धमकी भरे संदेश में लिखा गया कि यदि जल्द "सेटलमेंट" नहीं किया गया तो उनकी "व्हाइट कार रेड हो जाएगी", यानी जानलेवा हमला किया जा सकता है। इस धमकी के बाद कारोबारी और उनका परिवार दहशत में है।   बरियातू थाने में FIR, साइबर टीम कर रही जांच घटना के बाद कारोबारी बिजेंद्र सिंह ने बरियातू थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए टेक्निकल सेल और साइबर टीम को भी जांच में लगाया गया है। पुलिस विदेशी नंबर की लोकेशन, मैसेज भेजने वाले की पहचान और उसके नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है।   प्रिंस खान के नाम पर लगातार मिल रही धमकियां रांची में पिछले कुछ समय से कई कारोबारियों को प्रिंस खान के नाम पर रंगदारी के कॉल और व्हाट्सएप मैसेज मिल चुके हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि धमकियां वास्तव में गैंगस्टर प्रिंस खान की ओर से भेजी जा रही हैं या फिर कोई अन्य अपराधी उसके नाम का इस्तेमाल कर कारोबारियों को निशाना बना रहा है। पुलिस का मानना है कि स्थानीय स्तर पर सक्रिय गुर्गों के जरिए कारोबारियों की निजी जानकारी जुटाकर उन्हें डराने और रंगदारी वसूलने की कोशिश की जा रही है। इस तरह की लगातार घटनाओं से शहर के कारोबारी वर्ग में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

anjali kumari जुलाई 8, 2026 0
Drug Crackdown
ब्राउन शुगर के खिलाफ पुलिस का बड़ा एक्शन, तीन युवक गिरफ्तार

दुमका। झारखंड के दुमका जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हंसडीहा थाना क्षेत्र से तीन युवकों को ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 11 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने इस अवैध कारोबार से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम भी बताए हैं, जिसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।   गुप्त सूचना पर स्टेडियम में हुई छापेमारी पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि हंसडीहा के प्लस-2 हाई स्कूल स्टेडियम परिसर में कुछ युवक ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री और सेवन कर रहे हैं। सूचना मिलते ही जरमुंडी के एसडीपीओ नवल किशोर सिंह के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो तीन युवक एक कमरे में मौजूद थे। पुलिस वाहन देखकर वे भागने लगे, लेकिन जवानों ने पीछा कर तीनों को पकड़ लिया।   तलाशी में मिली ब्राउन शुगर गिरफ्तार युवकों की पहचान शहादत शेख, मोहम्मद बसीर और आर्यन शेख के रूप में हुई है। तीनों दुमका नगर थाना क्षेत्र के दुधानी इलाके के निवासी बताए गए हैं। तलाशी के दौरान उनके पास से छोटे-छोटे पैकेटों में ब्राउन शुगर बरामद हुई। मौके पर इलेक्ट्रॉनिक मशीन से वजन करने पर इसकी मात्रा लगभग 11 ग्राम पाई गई। आरोपियों ने पूछताछ में नशे का सेवन करने की बात भी स्वीकार की।   सरगना तक पहुंचने में जुटी पुलिस एसडीपीओ नवल किशोर सिंह ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार युवकों ने ब्राउन शुगर के नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य लोगों और कथित सरगना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। पुलिस अब इन सुरागों के आधार पर पूरे गिरोह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

anjali kumari जुलाई 7, 2026 0
Ramgarh Encounter
रामगढ़ में पुलिस-शूटर मुठभेड़: प्रिंस खान गैंग का कुख्यात शूटर शिवराज राम घायल

रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिले के भुरकुंडा क्षेत्र में सोमवार तड़के पुलिस और कुख्यात अपराधी के बीच मुठभेड़ हुई। इस एनकाउंटर में प्रिंस खान गिरोह का शूटर शिवराज राम उर्फ शिवा घायल हो गया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी। घायल अपराधी को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर किया गया है।   संयुक्त अभियान में हुई कार्रवाई   रांची, धनबाद और रामगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर शिवराज राम को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने भुरकुंडा स्थित रिवर साइड सेंट्रल स्कूल के जर्जर भवन में हथियार छिपाने की बात स्वीकार की। जब पुलिस उसे हथियार बरामद कराने के लिए मौके पर लेकर पहुंची, तभी उसने पुलिस टीम पर पिस्टल से दो राउंड फायरिंग कर दी।   जवाबी फायरिंग में घायल हुआ आरोपी   पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें शिवराज राम के दाहिने पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर अस्पताल पहुंचाया।   चार पिस्टल और 80 जिंदा कारतूस बरामद   शिवराज राम की निशानदेही पर पुलिस ने दो पिस्टल, 59 जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए। पूछताछ में उसने अपने सहयोगी आरिज आलम के पास भी हथियार होने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर आरिज आलम को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से दो पिस्टल तथा 21 जिंदा कारतूस बरामद किए। इस तरह अभियान में कुल चार पिस्टल और 80 जिंदा कारतूस जब्त किए गए।   कई संगीन मामलों में वांछित था शिवराज   पुलिस के अनुसार शिवराज राम रामगढ़ और हजारीबाग में फायरिंग, रंगदारी और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर मामलों में आरोपी है। वह 14 मई को जेल से रिहा हुआ था और हाल के दिनों में उसकी गतिविधियां संदिग्ध थीं। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह किसी बड़ी वारदात की तैयारी में था।   कई गैंगों से जुड़े रहे हैं आरोपी के तार   रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने बताया कि शिवराज राम वर्तमान में प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा गिरोह के संपर्क में था। इससे पहले वह श्रीवास्तव गिरोह और राहुल दुबे गिरोह के लिए भी काम कर चुका है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

anjali kumari जुलाई 6, 2026 0
Murder Case in Deoghar
प्रेम प्रसंग में दोहरा हत्याकांड! बहू ने कुल्हाड़ी से सास और देवर को उतारा मौत के घाट

देवघर। देवघर जिले के सोनारायठाड़ी थाना क्षेत्र के उपर नवाडीह गांव में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि घर की बड़ी बहू शबाना खातून ने अपने प्रेमी इरशाद अंसारी के साथ मिलकर सास और नाबालिग देवर की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी, हथौड़ा और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं। मामले का खुलासा देवघर के एसडीपीओ कुलदीप कुमार ने प्रेस वार्ता में किया।   शादी के बाद भी जारी था प्रेम संबंध पुलिस के अनुसार, 19 वर्षीय शबाना खातून की शादी करीब तीन महीने पहले उपर नवाडीह निवासी शाहिल अहमद से हुई थी, जो फिलहाल बाहर रहकर काम करता है। शादी से पहले ही शबाना का अपने रिश्तेदार इरशाद अंसारी से प्रेम संबंध था, जो विवाह के बाद भी जारी रहा। इरशाद का ससुराल में आना-जाना लगा रहता था। इसी दौरान शबाना की सास और देवर को दोनों के संबंधों की जानकारी मिल गई थी, जिसके बाद दोनों आरोपियों ने उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची।   मोबाइल पर निर्देश देता रहा प्रेमी जांच में यह भी सामने आया कि घटना की रात इरशाद लगातार मोबाइल फोन पर शबाना के संपर्क में था। पुलिस के अनुसार, वह कॉल पर वारदात को अंजाम देने के लिए निर्देश देता रहा, जबकि शबाना ने घर में कुल्हाड़ी और हथौड़े से हमला कर सास और देवर की हत्या कर दी।   घटना के बाद गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटनास्थल से खून के नमूने, हत्या में प्रयुक्त हथियार और अन्य साक्ष्य जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

anjali kumari जुलाई 2, 2026 0
missing girl case
18 जून से लापता थी 15 वर्षीय किशोरी, गांव के पास कुएं में मिला शव

दुमका। झारखंड के दुमका जिले के सरैयाहाट थाना क्षेत्र स्थित चीलरा गांव में 15 वर्षीय किशोरी पूजा कुमारी का शव घर के पास स्थित एक कुएं से बरामद होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। किशोरी पिछले 18 जून से लापता थी। परिजनों ने काफी तलाश के बाद 20 जून को सरैयाहाट थाना में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कई दिनों तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। बुधवार को ग्रामीणों ने गांव के समीप स्थित कुएं में शव देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।   प्रेम प्रसंग की चर्चा के बीच ऑनर किलिंग की आशंका मामले ने उस समय गंभीर मोड़ ले लिया जब जांच के दौरान किशोरी के एक युवक के साथ प्रेम संबंध होने की बात सामने आई। इसके बाद क्षेत्र में ऑनर किलिंग की आशंका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जिस स्थान से शव बरामद हुआ, वह मृतका के घर और गांव के बेहद करीब है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शव की स्थिति भी संदिग्ध थी और किशोरी की जीभ बाहर निकली हुई थी। इससे दम घुटने या हत्या की आशंका और गहरा गई है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है।   हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलने पर एसआई विकेश मेहरा और एएसआई मनोज सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लिया। थाना प्रभारी राजेंद्र यादव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस प्रेम प्रसंग, पारिवारिक विवाद और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। साथ ही कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत और कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

anjali kumari जुलाई 1, 2026 0
Chatra gang rape
चतरा जिले के टंडवा में नाबालिग को मानसिक रूप से अस्वस्थ युवती से दुष्कर्म,  पुलिस ने दो को दबोचा

चतरा। झारखंड के चतरा जिले के टंडवा प्रखंड स्थित आम्रपाली परियोजना प्रभावित एक गांव में 18 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ युवती के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई है। घटना सोमवार शाम की बताई जा रही है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।   घर के बाहर से ले गए सुनसान जगह पीड़िता की मां के बयान के अनुसार सोमवार शाम करीब सात बजे युवती घर के बाहर थी। इसी दौरान दो युवक वहां पहुंचे और उसे घर के नजदीक एक सुनसान स्थान पर ले जाकर दुष्कर्म किया। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। परिजनों को जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई।   FIR दर्ज, दोनों आरोपी गिरफ्तार पीड़िता की मां के बयान के आधार पर टंडवा थाना में कांड संख्या 146/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। टंडवा के इंस्पेक्टर पप्पू शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में केरेडारी थाना क्षेत्र के पचड़ा निवासी अर्जुन साव और बिहार निवासी कन्हैया कुमार शामिल हैं। आरोपियों में से एक पीड़िता के गांव में ही डेरा लेकर रह रहा था, जिससे पहचान में आसानी हुई।   मेडिकल जांच जारी, निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए चतरा भेजा है। मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस संवेदनशील मामले में कानून के अनुसार निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

anjali kumari जून 25, 2026 0
railway job fraud
धनबाद में रेलवे नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी, फर्जी DRM कर्मचारी बनकर लोगों को करता था गुमराह

धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने खुद को डीआरएम कार्यालय का कर्मचारी बताकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये ऐंठने वाले एक युवक को हिरासत में लेकर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया है। आरोपी की पहचान पाथरडीह के भाटडीह निवासी मंटू कुमार के रूप में हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।   नौकरी का झांसा देकर वसूले लाखों रुपये प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी खुद को धनबाद रेल मंडल के डीआरएम कार्यालय का कर्मचारी बताता था और रेलवे में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर बेरोजगार युवाओं से मोटी रकम वसूलता था। आरोप है कि वर्द्धमान निवासी कल्पना राय से रेलवे की वेंडिंग मशीन में टिकट जारी करने के कार्य में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 1.50 लाख रुपये लिए गए। वहीं, जमुई निवासी सूरज भान ठाकुर से भी नौकरी का झांसा देकर 18,700 रुपये ठग लिए गए।   डीआरएम कार्यालय में ही खुल गई पोल बुधवार देर शाम आरोपी एक अन्य युवक को नौकरी दिलाने के बहाने डीआरएम कार्यालय लेकर पहुंचा था। युवक को उसकी गतिविधियों पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसने तत्काल आरपीएफ अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और मंटू कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।   पूछताछ में कबूला ठगी का आरोप पूछताछ के दौरान आरोपी ने लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने की बात स्वीकार की। उसने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए बताया कि उसका परिवार पूजा सामग्री की दुकान चलाता है और इसी वजह से उसने ठगी का रास्ता अपनाया। हालांकि पुलिस उसके बयान की सत्यता की जांच कर रही है। फिलहाल आरोपी को स्थानीय थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।

anjali kumari जून 18, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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kalpana जुलाई 21, 2026 0