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नीरज कुमार रांची नगर निगम के नए डिप्टी मेयर के रूप में
नीरज कुमार बने रांची नगर निगम के नए डिप्टी मेयर

रांची। रांची नगर निगम में डिप्टी मेयर पद के चुनाव में वार्ड 31 के पार्षद नीरज कुमार ने जीत दर्ज की है। उन्हें कुल 39 वोट मिले, जिससे उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया। इस जीत के साथ नीरज कुमार रांची के निर्वाचित डिप्टी मेयर बन गए हैं। चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और परिणाम घोषित होते ही उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। विशेष रूप से यह परिणाम नगर निगम की राजनीति में अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे शहर की आगामी नीतियों और विकास कार्यों पर असर पड़ने की संभावना है।

Ranjan Kumar Tiwari मार्च 19, 2026 0
Geeta Devi takes oath as chairperson and Tara Devi elected vice-chairperson in Vishrampur council
विश्रामपुर नगर परिषद में शपथ ग्रहण समारोह: गीता देवी बनीं अध्यक्ष, तारा देवी 12 वोट से चुनी गईं उपाध्यक्ष

  पलामू में नवनिर्वाचित 20 वार्ड पार्षदों ने भी ली पद और गोपनीयता की शपथ, डीसी समीरा एस की मौजूदगी में हुआ समारोह अध्यक्ष और पार्षदों ने ली शपथ झारखंड के पलामू जिले के विश्रामपुर नगर परिषद में सोमवार को शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। नगर पालिका (आम) निर्वाचन के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में नवनिर्वाचित अध्यक्ष गीता देवी और नगर परिषद के 20 वार्ड पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। यह समारोह जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) सह उपायुक्त समीरा एस की मौजूदगी में संपन्न हुआ।   डीसी समीरा एस ने दिलाई शपथ कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त समीरा एस ने अध्यक्ष गीता देवी और सभी वार्ड पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई दी और कहा कि नगर परिषद क्षेत्र के विकास और नागरिकों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी जनप्रतिनिधि निष्पक्षता, पारदर्शिता और पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।   विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर उपायुक्त समीरा एस ने कहा कि विश्रामपुर नगर परिषद क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करना सभी जनप्रतिनिधियों की अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नगर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल से ही क्षेत्र का समग्र विकास संभव हो सकेगा। आपसी सहयोग और सामंजस्य के साथ काम करने पर शहर के विकास को नई गति मिल सकती है।   उपाध्यक्ष पद के लिए हुआ चुनाव शपथ ग्रहण समारोह के बाद नगर परिषद के उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव भी कराया गया। इस पद के लिए दो प्रत्याशियों ने अपनी दावेदारी पेश की। मतदान के बाद तारा देवी को कुल 12 वोट मिले, जबकि इलियास अंसारी को 8 वोट प्राप्त हुए। इसके साथ ही तारा देवी को उपाध्यक्ष पद के लिए विजयी घोषित किया गया।   तारा देवी को मिला जीत का प्रमाण पत्र निर्वाची पदाधिकारी सह जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रीति किस्कू ने तारा देवी को जीत का प्रमाण पत्र प्रदान किया। इसके बाद नगर परिषद की नवनिर्वाचित अध्यक्ष गीता देवी ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर उप निर्वाचन पदाधिकारी रतन सिंह, अंचलाधिकारी राकेश तिवारी समेत कई प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।   समर्थकों में दिखा उत्साह समारोह के दौरान नगर परिषद के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों और उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।  

surbhi मार्च 16, 2026 0
three bodies were found in a well near a forest area in Jamtara, Jharkhand.
जामताड़ा में सनसनी: जंगल के पास कुएं से 3 शव बरामद, एक मासूम भी शामिल

  ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस झारखंड के Jamtara जिले में शनिवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया। Bagdehri Police Station area के मुड़ाबेड़िया जंगल के पास स्थित एक कुएं से पुलिस ने तीन अज्ञात लोगों के शव बरामद किए हैं। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों के बीच कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने कुएं में शव दिखाई देने की सूचना पुलिस को दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तीनों शवों को बाहर निकालकर अपने कब्जे में ले लिया।   एक बच्ची, किशोर और पुरुष के होने की आशंका पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शव काफी पुराने हैं और सड़-गल चुके हैं, जिससे उनकी पहचान करना फिलहाल मुश्किल हो रहा है। शरीर की बनावट के आधार पर पुलिस का अनुमान है कि मृतकों में एक लगभग 4 वर्ष की बच्ची, एक 13 से 14 वर्ष का किशोर और करीब 35 से 40 वर्ष का एक पुरुष शामिल हो सकता है।   घटनास्थल से मिला आधार कार्ड जांच के दौरान पुलिस को मौके से एक आधार कार्ड भी मिला है। इसे मामले में अहम सुराग माना जा रहा है। पुलिस अब आधार कार्ड के आधार पर मृतकों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। फिलहाल तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है।   हत्या या हादसा? जांच जारी पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह हत्या का मामला है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। समाचार लिखे जाने तक मृतकों की आधिकारिक पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मामले की असली वजह सामने आ सकेगी।  

surbhi मार्च 14, 2026 0
LPG cylinders stacked at Gas agency as officials deny shortage rumors in Noamundi Jharkhand
नोवामुंडी में LPG की कमी की अफवाहें बेबुनियाद, रेखा भारत गैस एजेंसी ने कहा-स्टॉक पर्याप्त

  झारखंड के Noamundi इलाके में LPG गैस सिलेंडर की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच बड़ा जामदा स्थित Rekha Bharat Gas Agency ने स्थिति स्पष्ट की है। एजेंसी ने कहा है कि उनके पास गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है।   घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक एजेंसी के अनुसार फिलहाल घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के LPG सिलेंडरों का पर्याप्त भंडार मौजूद है। जब तक नियमित आपूर्ति मिलती रहेगी, तब तक क्षेत्र के उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर जमा करने की कोशिश न करें।   रोजाना भेजी जा रही गैस की गाड़ियां एजेंसी की ओर से बताया गया कि उपभोक्ताओं तक समय पर गैस पहुंचाने के लिए रोजाना सिलेंडरों से भरी गाड़ियां विभिन्न क्षेत्रों में भेजी जा रही हैं। गुरुवार को भी तीन गैस गाड़ियां नोवामुंडी, Jaitgarh और डीपीएस क्षेत्र के लिए रवाना की गईं। इन गाड़ियों के जरिए उपभोक्ताओं को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सिलेंडर की डिलीवरी की जा रही है।   25 दिन के अंतराल पर हो रही बुकिंग एजेंसी ने बताया कि वर्तमान में गैस सिलेंडर की बुकिंग लगभग 25 दिनों के अंतराल पर की जा रही है। यानी उपभोक्ता पिछले सिलेंडर के करीब 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग करा सकते हैं। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे तय समय पर ही बुकिंग करें।   डिलीवरी के समय ओटीपी जरूरी गैस वितरण की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सिलेंडर डिलीवरी के समय ओटीपी (OTP) देना अनिवार्य किया गया है। जब डिलीवरी बॉय उपभोक्ता के घर सिलेंडर पहुंचाता है, तो उपभोक्ता के मोबाइल पर ओटीपी आता है। उसी ओटीपी की पुष्टि के बाद ही सिलेंडर की डिलीवरी की जाती है।   गैस सिलेंडर की कीमत बड़ा जामदा क्षेत्र में गैस सिलेंडर की कीमत इस प्रकार है: घरेलू LPG सिलेंडर: 970 रुपये कमर्शियल गैस सिलेंडर: 2044 रुपये 5 किलो का छोटा सिलेंडर: 599 रुपये एजेंसी ने बताया कि 5 किलो का छोटा सिलेंडर उपभोक्ता बिना बुकिंग के भी सीधे एजेंसी से खरीद सकते हैं, लेकिन इसके लिए खाली सिलेंडर साथ लाना होगा।   अफवाहों से दूर रहने की अपील एजेंसी ने सभी Bharat Gas उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे पहले गैस बुकिंग कराएं और फिर ही सिलेंडर प्राप्त करें। गैस गाड़ी से जबरदस्ती सिलेंडर लेने की कोशिश न करें। एजेंसी का कहना है कि यदि सभी लोग व्यवस्था का पालन करेंगे, तो हर उपभोक्ता को समय पर गैस सिलेंडर की आपूर्ति मिलती रहेगी।  

surbhi मार्च 13, 2026 0
Venomous Kharish snake captured by villagers in Mohra village of Jamtara Jharkhand and kept inside drum
जामताड़ा के मोहड़ा गांव में दिखा खतरनाक ‘खरिश’ सांप, ग्रामीणों ने सूझबूझ से पकड़ा; वन विभाग की देरी पर उठे सवाल

  झारखंड के जामताड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहड़ा गांव में सोमवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब गांव में एक अत्यंत विषैला ‘खरिश’ सांप दिखाई दिया। सांप को देखते ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, ग्रामीणों की सूझबूझ और साहस के कारण बड़ा हादसा टल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।   गांव में फैली दहशत, लोगों ने संभाली स्थिति ग्रामीणों के अनुसार, यह सांप बेहद खतरनाक माना जाता है और इसके काटने से कुछ ही समय में जान जाने का खतरा रहता है। जैसे ही सांप नजर आया, शुरुआती समय में लोग घबरा गए। लेकिन बाद में गांव के कुछ युवाओं ने हिम्मत दिखाते हुए स्थिति को संभाला और सावधानी के साथ सांप को पकड़ने की योजना बनाई। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने पहले सांप को एक बोरे में बंद किया। इसके बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे एक बड़े ड्रम में डाल दिया गया, ताकि वह बाहर निकलकर किसी को नुकसान न पहुंचा सके।   वन विभाग को सौंपने की थी योजना ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सांप को मारना नहीं था। वे उसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर वन विभाग को सौंपना चाहते थे, ताकि उसे जंगल में छोड़ दिया जाए। इसी वजह से सांप को पकड़ने के तुरंत बाद वन विभाग को सूचना दी गई।   वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल हालांकि, इस घटना के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। गांव के निवासी नबीब अंसारी ने बताया कि सांप पकड़े जाने के बाद सोमवार शाम से ही वन विभाग को कई बार फोन किया गया, लेकिन अधिकारियों की ओर से संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से यह कहा गया कि सिर्फ एक सांप के लिए तत्काल कर्मचारी भेजना संभव नहीं है।   16 घंटे बाद भी नहीं पहुंची रेस्क्यू टीम सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि सोमवार रात से लेकर मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे तक, यानी लगभग साढ़े 16 घंटे बीत जाने के बाद भी वन विभाग की कोई रेस्क्यू टीम गांव नहीं पहुंची। इस दौरान सांप ड्रम के अंदर ही बंद रहा और पूरी रात ग्रामीणों में भय का माहौल बना रहा। संभावित खतरे के कारण कई लोग रातभर सो भी नहीं सके और अनहोनी की आशंका में जागते रहे। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे मामलों में वन विभाग को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।  

surbhi मार्च 10, 2026 0
Debris piled along main road in Hazaribagh causing traffic congestion and difficulties for commuters
हजारीबाग की मुख्य सड़कों पर मलबे का अंबार, प्रशासन की लापरवाही से बढ़ी लोगों की परेशानी

  शहर की लाइफलाइन बनी परेशानी का कारण झारखंड के हजारीबाग में प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। शहर की प्रमुख सड़कों में शामिल कचहरी से आनंद चौक जाने वाली सड़क और जिला स्कूल से विमेंस कॉलेज तक का मार्ग इन दिनों अव्यवस्था का शिकार हो गया है। यह सड़क शहरी क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, लेकिन यहां फैले मलबे और अधूरे प्रबंधन के कारण लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन दिनों एक ओर रमजान का पवित्र महीना चल रहा है तो दूसरी ओर सरहुल और रामनवमी जैसे त्योहारों की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। ऐसे समय में शहर की मुख्य सड़क का अव्यवस्थित होना लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गया है।   नाली निर्माण के लिए काटी गई सड़क करीब एक महीने पहले नगर निकाय चुनाव की घोषणा के बाद इस सड़क पर नाली निर्माण का कार्य शुरू किया गया था। इसके लिए सड़क के बीच दो जगहों पर खुदाई की गई और पुलिया निर्माण का काम शुरू हुआ। हालांकि निर्माण कार्य अब लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन सड़क पर फैले मलबे को हटाने की दिशा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सड़क के दोनों किनारों पर मिट्टी और पत्थरों का ढेर लगा हुआ है, जिससे रास्ता काफी संकरा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पथ निर्माण विभाग के ठेकेदार ने काम तो शुरू कर दिया, लेकिन काम पूरा होने के बाद सड़क की सफाई और मलबा हटाने की जिम्मेदारी नहीं निभाई।   जाम और दुर्घटनाओं का बढ़ा खतरा सड़क के किनारे पड़े मलबे के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता बेहद जोखिम भरा बन गया है। कई बार वाहन चालक फिसलकर गिर भी चुके हैं। इसके अलावा सड़क संकरी हो जाने के कारण यहां अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। थोड़ी सी भी भीड़ होने पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है, जिससे स्कूल, कॉलेज और दफ्तर जाने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है।   अधिकारियों के सामने ही अनदेखी हैरानी की बात यह है कि यह सड़क कचहरी परिसर के सामने से होकर गुजरती है। इस रास्ते से रोजाना वकील, पुलिस अधिकारी और कई सरकारी कर्मचारी गुजरते हैं। नगर निगम के अधिकारी भी इसी मार्ग से अपने कार्यालय आते-जाते हैं। इसके बावजूद सड़क पर पड़े मलबे और अव्यवस्था को लेकर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारी सब कुछ देखने के बावजूद इस समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं।   नए मेयर से शहरवासियों को उम्मीद हाल ही में हुए नगर निगम चुनाव के बाद शहर को नया मेयर मिला है। युवा मेयर के रूप में चुने गए प्रतिनिधि इस सड़क की खराब स्थिति से भलीभांति परिचित हैं। चूंकि वे पेशे से वकील और पत्रकार भी रह चुके हैं, इसलिए लोगों को उम्मीद थी कि वे इस समस्या को प्राथमिकता देंगे। हालांकि अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से शहरवासियों में निराशा बढ़ने लगी है। लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द सड़क से मलबा हटाकर व्यवस्था को दुरुस्त करे, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।  

surbhi मार्च 10, 2026 0
Waterlogged streets and flooded shops after sudden rain in Katras market area of Dhanbad Jharkhand
धनबाद के कतरास में बे-मौसम बारिश से हालात बिगड़े, सड़कों पर भरा पानी; दुकानों में घुसा नाली का गंदा पानी

  अचानक बारिश ने बिगाड़े हालात झारखंड के धनबाद जिले के कतरास कोयलांचल में सोमवार को हुई अचानक तेज आंधी और बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी। कुछ ही देर की बारिश में इलाके की कई प्रमुख सड़कें पानी से भर गईं। मुख्य बाजारों में पानी इस कदर जमा हो गया कि सड़कों पर नदी जैसा दृश्य देखने को मिला। लोगों को घुटनों तक पानी में चलकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। बारिश थमने के बाद भी हालात सामान्य नहीं हो सके। खराब जलनिकासी व्यवस्था के कारण जगह-जगह पानी जमा रहा और नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहता दिखाई दिया, जिससे स्थानीय लोगों की परेशानी और बढ़ गई।   सब्जी पट्टी और रानी बाजार में जलभराव से यातायात बाधित तेज बारिश के बाद कतरास के सब्जी पट्टी और रानी बाजार इलाके की गलियां पूरी तरह पानी में डूब गईं। सड़क पर जलभराव के कारण आवागमन लगभग ठप हो गया। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को घंटों तक जाम से जूझना पड़ा। सड़कों पर बने गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालक गड्ढों का अंदाजा न लगा पाने के कारण असंतुलित होकर गिरते भी देखे गए।   दुकानों में घुसा नाली का गंदा पानी बारिश के बाद नालियों का गंदा पानी बाजार की दुकानों तक पहुंच गया। सब्जी पट्टी के कई छोटे दुकानदारों की दुकानों में पानी घुसने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। कई दुकानदारों की सब्जियां पानी में खराब हो गईं। दुकानदारों ने बताया कि थोड़ी सी बारिश में ही ऐसी स्थिति बन जाती है, तो भारी बारिश के समय हालात और ज्यादा खराब हो सकते हैं। गंदे पानी के बीच खड़े होकर उन्हें अपनी दुकानों को संभालना पड़ा।   नगर निगम की व्यवस्था पर उठे सवाल स्थानीय लोगों ने जलभराव के लिए नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि नालों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण जलनिकासी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। लोगों का आरोप है कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं। वार्ड के कई इलाकों में वर्षों से जलनिकासी की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।   आंधी से पेड़ गिरे, दीवार ढही तेज आंधी-तूफान के कारण कई जगहों पर बड़े पेड़ गिर गए, जिससे कुछ समय के लिए सड़कें भी बाधित हो गईं। वहीं तेज बारिश के कारण एक माइनिंग आउटसोर्सिंग कंपनी की चारदीवारी भी गिर गई। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि बारिश के मौसम में इस तरह की परेशानी से राहत मिल सके।  

surbhi मार्च 10, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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