Jharkhand News

CCTV tender scam rumours
झारखंड : थानों में CCTV लगाने के नाम पर घोटाले की आहट, टेंडर पर उठे सवाल

रांची। झारखंड में थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। करीब 100 से 115 करोड़ रुपये की इस परियोजना में कथित अनियमितताओं और बंदरबांट की आशंका जताई जा रही है। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया को इस तरह तैयार किया गया है कि केवल एक खास कंपनी को लाभ मिल सके।जानकारी के अनुसार, इस योजना के लिए पहले भी दो बार टेंडर जारी किए गए थे, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण दोनों बार रद्द करना पड़ा। अब तीसरी बार टेंडर जारी किया गया है, लेकिन इस बार भी शर्तों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि टेंडर में ऐसे नियम शामिल किए गए हैं, जिससे बड़ी कंपनियां भी प्रक्रिया में भाग नहीं ले पा रही हैं।   जैप आईटी विभाग पर उठे सवाल टेंडर प्रक्रिया को लेकर जैप आईटी विभाग विवादों में आ गया है। पहले इसे झारखंड ई-प्राक्योरमेंट पोर्टल पर अपलोड किया गया, जबकि इसे जेम पोर्टल पर होना चाहिए था। बाद में इसे जेम पोर्टल पर डाला गया, लेकिन शर्तें सामने आते ही पूरे मामले पर संदेह गहरा गया।   10 हजार कैमरे लगाने की योजना इस योजना के तहत राज्य के विभिन्न थानों में करीब 10 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। इसमें डोम और बुलेट कैमरे शामिल हैं। इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस समेत कुल खर्च 115 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।   बाबूलाल मरांडी ने जताई बड़ी आशंका पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस टेंडर में भारी अनियमितता और कमीशनखोरी का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह घोटाला शराब घोटाले से भी बड़ा साबित हो सकता है।   सरकार की छवि पर सवाल इस पूरे मामले ने एक बार फिर सरकारी कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
BJP protest Jharkhand
बिजली दर बढ़ोतरी पर भाजपा का JBVNL कार्यालय पर धरना

रांची। झारखंड में बिजली दरों में बढ़ोतरी और खराब आपूर्ति व्यवस्था के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को राज्यव्यापी प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालयों में झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के कार्यालयों के बाहर धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। राजधानी रांची में डोरंडा स्थित JBVNL कार्यालय के सामने भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे।   नेताओं ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप रांची में आयोजित प्रदर्शन का नेतृत्व विधायक सीपी सिंह और मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने किया। इस दौरान सीपी सिंह ने आरोप लगाया कि राजधानी में 24 घंटे बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है और आम जनता बिजली संकट से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि वीआईपी और अधिकारियों को प्राथमिकता देकर आम लोगों की अनदेखी की जा रही है।   स्मार्ट मीटर और बिलिंग पर उठे सवाल नवीन जायसवाल ने कहा कि स्मार्ट मीटर लागू होने के बाद बिजली बिल में अनियमितता बढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं से जबरन वसूली की जा रही है और शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। बिजली कनेक्शन काटे जाने की घटनाओं से लोग और परेशान हो रहे हैं।   कई जिलों में हुआ प्रदर्शन यह आंदोलन केवल रांची तक सीमित नहीं रहा। खूंटी, गुमला, लोहरदगा, जमशेदपुर, पलामू, गढ़वा, कोडरमा, धनबाद, बोकारो, देवघर, दुमका और पाकुड़ सहित कई जिलों में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।   आगे उग्र आंदोलन की चेतावनी भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली आपूर्ति और बिलिंग व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि सरकार को जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेना होगा, अन्यथा विरोध और व्यापक रूप ले सकता है।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
Garhwa riot news
गढ़वा बवाल में बड़ी कार्रवाई, 80 नामजद समेत 400 पर केस

गढ़वा। झारखंड के गढ़वा जिले के महुलिया मोड़ पर गुरुवार शाम एक सड़क हादसे के बाद हालात बेकाबू हो गए। ट्रैक्टर की चपेट में आने से दो लोगों की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। देखते ही देखते आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग जुट गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।   पुलिस पर पथराव, 25 से अधिक जवान घायल सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ का गुस्सा शांत नहीं हुआ। इसी दौरान कुछ लोगों ने अचानक पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस घटना में 25 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई जवानों को गंभीर चोटें आई हैं।   लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग से हालात काबू स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को पहले हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। लेकिन जब भीड़ और उग्र हो गई, तो लाठीचार्ज किया गया। इसके बाद भी स्थिति नहीं संभलने पर पुलिस ने हवाई फायरिंग की, जिसके बाद भगदड़ मच गई और भीड़ तितर-बितर हो गई।   80 नामजद, 400 अज्ञात के खिलाफ केस घटना के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 80 लोगों को नामजद और 400 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही घटनास्थल से 24 बाइक जब्त की गई हैं, जिनके आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।   एसपी ने संभाला मोर्चा, हालात सामान्य घटना की जानकारी मिलते ही एसपी अमन कुमार मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। फिलहाल इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और हालात सामान्य बताए जा रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि वीडियो फुटेज के आधार पर जल्द ही और गिरफ्तारियां की जाएंगी।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
Ranchi airport flights
रांची एयरपोर्ट से बढ़ीं उड़ानें, मुंबई-दिल्ली-हैदराबाद के लिए अतिरिक्त उड़ानों का ऐलान

रांची। रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। बढ़ती यात्रियों की संख्या और समर सीजन को देखते हुए मई महीने से अतिरिक्त उड़ानों का संचालन शुरू होगा। इससे खासकर मुंबई, नई दिल्ली और हैदराबाद जाने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।   इंडिगो और एयर इंडिया बढ़ा रही सेवाएं IndiGo मुंबई रूट पर 1 मई से 29 मई तक विशेष समर फ्लाइट चलाएगी। यह सेवा सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को उपलब्ध रहेगी। वहीं Air India ने भी रांची से मुंबई, दिल्ली और हैदराबाद के लिए अतिरिक्त उड़ानें शुरू करने का निर्णय लिया है। ये उड़ानें अलग-अलग समय स्लॉट में संचालित होंगी, जिससे यात्रियों को सुविधा अनुसार विकल्प मिल सकेगा।   समय और सुविधा का बेहतर संतुलन नई व्यवस्था के तहत मुंबई के लिए शाम के समय, दिल्ली के लिए सुबह और हैदराबाद के लिए दोपहर में सीधी उड़ान उपलब्ध होगी। इससे बिजनेस ट्रैवलर्स और आपात यात्रा करने वाले लोगों को खास फायदा होगा। यात्रियों को अब ज्यादा फ्लेक्सिबल टाइमिंग और बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।   गर्मी की छुट्टियों में बढ़ती मांग का असर गर्मी की छुट्टियों के दौरान यात्रियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होती है। ऐसे में अतिरिक्त उड़ानों से टिकट की उपलब्धता बेहतर होगी और किराए में भी संतुलन बने रहने की उम्मीद है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।   मजबूत होगा रांची का हवाई नेटवर्क नई उड़ानों के शुरू होने से रांची का हवाई नेटवर्क और मजबूत होगा। इससे राज्य के यात्रियों को देश के प्रमुख शहरों तक पहुंचने के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे। यह कदम न केवल यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास और कनेक्टिविटी को भी नई दिशा देगा।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
exam paper leak case
उत्पाद सिपाही पेपर लीक केस: 28 आरोपियों की जमानत पर सुनवाई, कोर्ट ने मांगी केस डायरी

रांची। रांची सिविल कोर्ट में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। गुरुवार को इस केस में गिरफ्तार 28 आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई। अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस से केस डायरी पेश करने का निर्देश दिया है। अब इस मामले की विस्तृत सुनवाई 20 अप्रैल को होगी।   पहले भी दायर हुई थीं जमानत याचिकाएं इससे पहले बुधवार को भी 20 आरोपियों ने जमानत के लिए आवेदन दिया था, जिसके बाद अदालत में सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हुई। लगातार दायर हो रही याचिकाओं के कारण मामला न्यायिक स्तर पर और महत्वपूर्ण हो गया है।   छापेमारी में बड़े गिरोह का खुलासा पुलिस की जांच में इस पेपर लीक मामले में एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने का खुलासा हुआ है। हाल ही में की गई बड़ी छापेमारी में कुल 164 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिससे पूरे नेटवर्क की गहराई का अंदाजा लगाया जा रहा है।   कई आरोपियों को भेजा गया जेल सोमवार को सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जांच में कई प्रमुख नाम सामने आए हैं, जिनमें अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद शामिल हैं।   महिलाओं की संलिप्तता भी उजागर जांच में यह भी सामने आया है कि इस मामले में 7 महिलाओं की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। इस संबंध में तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।   20 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी निगाहें अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में 20 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है। अदालत केस डायरी के आधार पर आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर आगे का फैसला ले सकती है, जिस पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
RIMS treatment cost
रिम्स में इलाज कराना हुआ महंगा

रांची। रांची के रिम्स में इलाज कराना 20 अप्रैल से थोड़ा महंगा हो जाएगा। संस्थान में ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) पंजीकरण शुल्क को 5 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है। बता दे यह निर्णय शासी परिषद (गवर्निंग बॉडी) की 64वीं बैठक में लिया गया था। बैठक के दौरान ओपीडी शुल्क को सीधे 20 रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया था, लेकिन सदस्यों के विरोध के बाद इसे घटाकर 10 रुपये पर सहमति बनी। निर्णय को सदर अस्पताल रांची में लागू दरों के अनुरूप बताया गया है, जहां पहले से ही 10 रुपये का ओपीडी पंजीकरण शुल्क लिया जा रहा है।   बेहतर सेवाओं के लिए जरूरी कदम रिम्स प्रशासन का कहना है कि यह शुल्क वृद्धि मामूली है और इससे संस्थान की व्यवस्थाओं और सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। रिम्स निदेशक प्रो. डॉ. राज कुमार ने इस निर्णय के बाद समीक्षा बैठक कर सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी जारी कर दिए हैं।हालांकि इस फैसले को लेकर पहले भी आपत्तियां उठ चुकी हैं। कई लोगों का मानना है कि रिम्स जैसे बड़े सरकारी अस्पताल में, जहां बड़ी संख्या में गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर मरीज इलाज के लिए आते हैं, वहां शुल्क बढ़ने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

Anjali Kumari अप्रैल 17, 2026 0
chatra sankatmochan dham
झारखंड के चतरा में बन रहा विशाल संकटमोचन धाम, रांची में निकली रथ यात्रा

रांची। झारखंड के चतरा जिला अंतर्गत सिमरिया प्रखंड के पिरी में पूर्वी भारत के सबसे बड़े ‘उदधिक्रमण संकटमोचन हनुमान धाम’ का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। करीब 8 एकड़ क्षेत्र में आकार ले रहे इस भव्य धाम में विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिरों के साथ 108 फीट ऊंची हनुमान जी की विराट प्रतिमा स्थापित की जानी है। इसी धाम के प्रचार-प्रसार और श्रद्धालुओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को राजधानी रांची में ‘संकटमोचन रथ यात्रा’ निकाली गई। रथ यात्रा सुबह 7.30 बजे अरगोड़ा स्थित हनुमान मंदिर से शुरू हुई और कडरू, चुटिया होते हुए हिनू चौक स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे मार्ग में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा। इस शोभायात्रा में शहर के कई डॉक्टर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट, शिक्षाविद और व्यवसायी भी शामिल हुए। शोभायात्रा के दौरान कडरू स्थित हज हाउस के पास सांप्रदायिक सौहार्द्र का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। यहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का जोरदार स्वागत किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को माला पहनाकर, चुनरी और अंगवस्त्र भेंट कर तथा अल्पाहार की व्यवस्था कर आपसी भाईचारे और एकता का सशक्त संदेश दिया गया।  इसके बाद रथ कडरू हनुमान मंदिर पहुंचा, जहां मंदिर समिति और स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया। कडरू से रथ चुटिया स्थित राम मंदिर पहुंचा, जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यहां समिति की ओर से पानी, ठंडे पेय, फल और मिठाइयों से स्वागत किया गया। दिनभर चली इस यात्रा का समापन महावीर मंडल न्यास में हुआ, जहां रथ में शामिल श्रद्धालुओं का लस्सी और फल से सत्कार किया गया। निर्माणाधीन संकटमोचन धाम को एक समग्र आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परिसर के रूप में विकसित किया जा रहा है। लगभग 8 एकड़ क्षेत्र में फैल रहे इस धाम में एक एकड़ क्षेत्र में अशोक वाटिका विकसित की जा रही है, जहां 108 फीट ऊंची हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित होगी। इसके साथ ही 20 हजार वर्ग फीट के विशाल प्लेटफॉर्म पर राम दरबार, शिव परिवार और संकटमोचन हनुमान मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। परिसर में दशरथ कुंड, सीता रसोई, महर्षि वशिष्ठ आश्रम, महर्षि विश्वामित्र आश्रम और माता शबरी आश्रम जैसे पौराणिक स्थलों की स्थापना की जा रही है, जबकि 20 हजार वर्ग फीट का महर्षि वाल्मीकि सभागार भी बनाया जा रहा है। इसके अलावा यहां सनातन साहित्य के लिए एक विशाल पुस्तकालय भी प्रस्तावित है। रथ यात्रा के माध्यम से श्रद्धालुओं द्वारा संकल्पित मिट्टी और अक्षत एकत्र किए जा रहे हैं, जिन्हें धाम की नींव में स्थापित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, इससे पूरे राज्य के लोगों की आस्था इस निर्माण से सीधे जुड़ सकेगी और यह धाम भविष्य में धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
bulldozer action
छिन्नमस्तिका मंदिर में चला बुलडोजर, मंदिर परिसर खाली, दुकानदार बोले- अब कैसे चलेगा घर?

रामगढ़। रामगढ़ के प्रसिद्ध मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर में गुरुवार से अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू हुई। यह कदम झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर उठाया गया है। प्रशासन ने मजिस्ट्रेट की निगरानी में भारी पुलिस बल और सात जेसीबी मशीनों के साथ अभियान चलाया। चिन्हित 254 दुकानदारों में से अधिकांश ने कार्रवाई से पहले ही अपनी दुकानें खाली करनी शुरू कर दीं।   सुबह से बदला मंदिर परिसर का दृश्य सुबह होते ही मंदिर परिसर का नजारा पूरी तरह बदल गया। जहां पहले दुकानें सजी रहती थीं, वहां अब लोग अपना सामान समेटते नजर आए। कई दुकानदार रातभर अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाते रहे। हालांकि, इस दौरान उनके चेहरों पर भविष्य को लेकर चिंता साफ दिखाई दी।   दुकानदारों के सामने आजीविका का संकट दुकानदारों ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि वे दशकों से यहां व्यवसाय कर रहे थे और यही उनकी रोजी-रोटी का मुख्य साधन था। कुछ दुकानदारों ने बताया कि उनका पूरा परिवार इसी आय पर निर्भर था। अचानक दुकानें हटने से वे आर्थिक संकट में आ गए हैं। कई लोगों ने प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है।   आस्था और रोजगार दोनों पर असर मंदिर से जुड़े पुजारियों और दुकानदारों ने कहा कि वे सिर्फ व्यापार ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सेवा और धार्मिक गतिविधियों से भी जुड़े थे। अतिक्रमण हटने से न केवल रोजगार खत्म हुआ, बल्कि उनकी धार्मिक सेवा भी प्रभावित हुई है।   प्रशासन का पक्ष एसडीएम अनुराग कुमार तिवारी ने बताया कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के तहत की जा रही है। इसका उद्देश्य मंदिर परिसर को साफ, सुंदर और व्यवस्थित बनाना है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके। प्रशासन ने यह भी कहा कि अभियान शांतिपूर्ण ढंग से चलाया जा रहा है और अधिकतर लोगों ने सहयोग किया है।   आगे की चुनौती इस कार्रवाई से जहां मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण का रास्ता साफ हुआ है, वहीं सैकड़ों परिवारों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन इन प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए क्या कदम उठाता है।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
Neha jewellers robbery
रांची में नेहा ज्वेलर्स के छत काटकर चोरों ने साफ किया 15 लाख के गहने

रांची। रांची के कांके रोड स्थित नेहा ज्वेलर्स में चोरों ने बेहद शातिर तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने दुकान की छत और उसके नीचे लगी लोहे की जाली को काटकर अंदर प्रवेश किया और लाखों के गहने लेकर फरार हो गए। चोरी का यह तरीका पुलिस के लिए भी चुनौती बन गया है।   सुबह दुकान खुलते ही खुला राज दुकान मालिक संजय प्रसाद जब रोज की तरह गुरुवार सुबह दुकान खोलने पहुंचे, तो शुरुआत में सब सामान्य लगा। लेकिन जैसे ही उन्होंने अंदर कदम रखा, डिस्प्ले में रखे सोने-चांदी के गहने गायब मिले। जांच करने पर पता चला कि छत और जाली काटकर चोर अंदर घुसे थे। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।   तिजोरी नहीं खोल सके चोर दुकानदार के अनुसार, अधिकतर कीमती सोने के गहने स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखे गए थे। चोरों ने तिजोरी खोलने की भी कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। ऐसे में डिस्प्ले में रखे गहनों को ही निशाना बनाया गया। शुरुआती अनुमान के मुताबिक करीब 15 लाख रुपये से अधिक के गहनों की चोरी हुई है।   पुलिस, एफएसएल और डॉग स्क्वायड जांच में जुटे घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंचे और साक्ष्य जुटाए। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि अपराधियों की पहचान की जा सके। सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश जारी है।   सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब आसपास के इलाकों में भी जांच कर रही है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
Chatra forest fire
चतरा के प्रतापपुर जंगल में आग का कहर, हाईटेंशन तारों के पास बढ़ा खतरा

चतरा। चतरा के प्रतापपुर वन क्षेत्र में गुरुवार को अचानक भीषण आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। भरही-केवलिया मुख्य सड़क के किनारे झाड़ियों से शुरू हुई आग देखते ही देखते जंगल के बड़े हिस्से में फैल गई। आसमान में उठता काला धुआं और दूर तक दिखाई देती लपटों ने हालात की गंभीरता को साफ कर दिया।   तेज हवा से बेकाबू हुई आग स्थानीय लोगों के अनुसार, आग पहले झाड़ियों में लगी थी, लेकिन तेज हवा के कारण इसने जल्द ही विकराल रूप ले लिया। भरही-केवलिया मार्ग के आसपास का क्षेत्र धधकती भट्टी जैसा नजर आने लगा। आग लगातार जंगल के अंदरूनी हिस्सों की ओर बढ़ रही है, जिससे स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है।   बिजली तारों पर मंडराया खतरा आग की लपटें पास से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाई-टेंशन बिजली तारों तक पहुंच गई हैं। इससे बड़ा हादसा होने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों में डर का माहौल है कि यदि तार टूटकर गिरते हैं, तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है।   वन संपदा और जीव-जंतुओं को नुकसान इस आग से जंगल की बहुमूल्य वन संपदा को नुकसान पहुंचने की आशंका है। साथ ही कई छोटे जीव-जंतु और पक्षी भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। पर्यावरण को भी भारी क्षति होने की संभावना जताई जा रही है।   आग बुझाने में जुटा वन विभाग घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। Ajay Kumar के अनुसार, आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन तेज हवा के कारण राहत कार्य में दिक्कतें आ रही हैं।   कारणों की जांच जारी फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही स्थिति पर नियंत्रण पाने की कोशिश की जा रही है।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
cbse class 10 topper
CBSE: 10वीं परीक्षा में रांची की प्रण्या प्रिया बनी स्टेट टोपर

रांची। रांची की होनहार छात्रा प्रण्या प्रिया ने CBSE 10वीं परीक्षा 2026 में 99.6% अंक हासिल कर झारखंड में टॉप किया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि ने पूरे राज्य का नाम रोशन कर दिया है। प्रण्या DPS (Delhi Public School) रांची की छात्रा हैं। स्कूल का इस वर्ष का रिजल्ट 100% रहा, जो संस्थान की गुणवत्ता को दर्शाता है। प्रण्या ने न केवल स्कूल में पहला स्थान हासिल किया, बल्कि राज्य के टॉपर्स में भी अपनी जगह बनाई। प्रण्या एक शिक्षित परिवार से आती हैं। उनके पिता रिम्स में चिकित्सक हैं, जबकि उनकी मां उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। परिवार ने हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता दी, जिसका सकारात्मक प्रभाव प्रण्या की सफलता में साफ दिखाई देता है। उनके माता-पिता का कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी पर भरोसा किया और उसे स्वतंत्रता दी, जिसका प्रण्या ने सही उपयोग किया।   बिना दबाव के पढ़ाई, यही सफलता की कुंजी प्रण्या प्रिया ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी टॉपर बनने के दबाव में पढ़ाई नहीं की। उनका फोकस हमेशा नियमित पढ़ाई और कॉन्सेप्ट को समझने पर रहा।उन्होंने यह भी कहा कि पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि समझ के साथ करना चाहिए। उनका मानना है कि अगर छात्र रोज थोड़ा-थोड़ा पढ़ें और चीजों को गहराई से समझें, तो सफलता निश्चित है।   मोबाइल का सही उपयोग बना सहायक प्रण्या ने बताया कि उन्होंने मोबाइल का उपयोग केवल पढ़ाई से जुड़े कंटेंट देखने और कभी-कभी मनोरंजन के लिए किया। उन्होंने अपने जूनियर्स को भी सलाह दी कि तकनीक का सही उपयोग करें और उससे दूर रहने के बजाय उसे सीखने का माध्यम बनाएं।   डॉक्टर बनने का सपना प्रण्या का सपना अपने पिता की तरह डॉक्टर बनना है। वे आगे चलकर मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाकर समाज की सेवा करना चाहती हैं।   बनीं प्रेरणा का स्रोत प्रण्या प्रिया की सफलता सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि झारखंड के हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है। उनके दादा-दादी समेत पूरे परिवार ने इस उपलब्धि पर गर्व जताया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
justice amitabh gupta
झारखंड के नये लोकायुक्त होंगे जस्टिस अमिताभ गुप्ता, 5 साल से खाली है पद

रांची। झारखंड हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस अमिताभ गुप्ता झारखंड के नए लोकायुक्त होंगे। राज्यपाल की सहमति के बाद कागजी प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। गुरुवार को ही इससे संबंधित अधिसूचना जारी हो सकती है। इसके बाद लोकायुक्त के रूप में उन्हें शपथ दिलाने संबंधित प्रक्रिया पूरी की जाएगी। लोकायुक्त को राज्यपाल शपथ दिलाते हैं।   1997 से न्यायिक सेवा में हैं जस्टिस गुप्ता जस्टिस अमिताभ गुप्ता 1997 में न्यायिक सेवा में आए थे और संयुक्त बिहार के समय एडीजे के रूप में योगदान दिए थे। इसके बाद वे धनबाद, दुमका में भी पदस्थापित रहे। रांची में सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश पशुपालन रहे जस्टितस अमिताभ गुप्ता वर्ष 2013 में झारखंड हाईकोर्ट के जज बने थे और 30 मई 2021 को वहीं से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद आरआरडीए ट्रिब्यूनल के चेयरमैन के रूप में उन्होंने कार्य किया था। वे झारखंड सरकार के विधि सचिव भी रह चुके हैं। झारखंड सरकार के विधि सचिव भी रहे जानकारी के अनुसार वह झारखंड सरकार के विधि सचिव भी रह चुके हैं। 31 मई 1959 को जस्टिस अमिताभ गुप्ता का जन्म हुआ था। उन्होंने साहिबगंज के संत जेवियर्स स्कूल से पढ़ाई करने के बाद हिंदू कॉलेज से स्नातक व दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर व एलएलबी की पढ़ाई पूरी की थी। जून 2021 से खाली है पद झारखंड के लोकायुक्त का पद जून 2021 से रिक्त पड़ा है। तब जस्टिस डीएन उपाध्याय लोकायुक्त थे। कोरोना महामारी के चलते उनका निधन हो गया था, उसके बाद से ही यह पद रिक्त पड़ा है। पांच साल से लोकायुक्त का पद रिक्त रहने के कारण भ्रष्टाचार के करीब तीन हजार मामले लंबित पड़े हुए हैं।  लोकायुक्त का पद खाली रहने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल हुई थी, जिसपर सुनवाई चलती रही। 20 अप्रैल को अगली सुनवाई होनी है। बताया जा रहा है कि सुनवाई के पूर्व लोकायुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
Jtet controversy
Jharkhand: भोजपुरी-मगही भाषा विवाद में फंसा JTET

रांची। झारखंड में भोजपुरी और मगही को लेकर भाषा विवाद एक बार फिर गहरा गया है। इसके कारण जेटेट नियमावली भी फंस गई है। बता दें कि जेटेट परीक्षा का इंतजार वर्षों से लाखों छात्र कर रहे हैं। वहीं जल्द लेने को लेकर सरकार पर झारखंड हाईकोर्ट का भी दबाव सरकार पर बना हुआ है।  2 मंत्रियों के विरोध से फंसा मामला झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी जेटेट की नियमावली को बीते बुधवार को कैबिनेट से पारित नहीं हो सका। जानकारी के अनुसार बैठक में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर और ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने नियमावली में वर्ष 2012 के अनुरूप भाषाओं को शामिल करने की मांग की। पलामू में भोजपुरी व मगही और संताल परगना में अंगिका भाषा को शामिल करने की मांग की गई। दोनों मंत्री ने कैबिनेट में नियमावली में इन भाषाओं को शामिल करने की मांग रखी। इसके बाद नियमावली पर फैसला टाल दिया गया। अब इस पर आगे निर्णय लिया जाएगा।  अब जानिये क्या है पूरा मामला दरअसल, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली तैयार की गई है। नियमावली में जिलावार जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा का प्रावधान है। अभ्यर्थी के लिए इसमें से एक भाषा का चयन करना और  परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। परीक्षा की प्रक्रिया शुरू इधर, राज्य में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कैबिनेट की स्वीकृति के उम्मीद में झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा परीक्षा के लिए विज्ञापन भी जारी किया गया है। परीक्षा के लिए 28 अप्रैल से आवेदन जमा लिया जाना है। 10 साल से नहीं हुई परीक्षा बताते चलें कि राज्य में 10 वर्षों से झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नहीं हुई है। राज्य में लगभग चार लाख से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में अगर 28 अप्रैल से पहले नियमावली को स्वीकृति नहीं मिली तो आवेदन जमा करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाएगी।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
Jharkhand DA hike
झारखंड में राज्यकर्मियों का DA 5% बढ़ा

रांची। झारखंड सरकार ने राज्यकर्मियों के हित में बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने राज्यकर्मियों का महंगाई भत्ता 5 प्रतिशत बढ़ाने का फैसला किया है। झारखंड कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बताया कि सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशन भोगियों के महंगाई भत्ते में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इसके तहत इन सभी को 252 की जगह 257 प्रतिशत महंगाई भत्ता देय होगा। वहीं पांचवां वेतनमान के तहत वेतन और पेंशन लेने वालों के भी महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की गई है। इन्हें अब तक 466 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा था, जिसे बढ़ा कर 474 प्रतिशत कर दिया है।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
jharkhand illegal houses
झारखंड में अवैध मकान होंगे नियमित

रांची। झारखंड कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत राज्य में अवैध रूप से बने मकानों को नियमित करने निर्णय लिया गया है। नगर विकास विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए सरकार ने यह तय किया है कि रांची सहित पूरे राज्य में 10 मीटर ऊंचाई तक के आवासीय भवन, यानी जी प्लस टू तक के मकानों को नियमित किया जाएगा। यानी जिन मकानों का नक्शा नहीं है अब वे भी नियमित होंगे। इस योजना के तहत अधिकतम 300 वर्गमीटर क्षेत्रफल तक के भवन शामिल होंग नियमितीकरण के लिए शुल्क भी तय किया गया है। आवासीय भवनों के लिए न्यूनतम 10,000 रुपये और गैर-आवासीय भवनों के लिए 20,000 रुपये शुल्क रखा गया है। इस फैसले से हजारों मकान मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो अब तक कानूनी अड़चनों का सामना कर रहे थे।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
Hemant Soren
सीएम हेमंत बंगाल में ममता के समर्थन में करेंगे प्रचार

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी यानी तृणमुल कांग्रेस के समर्थन में प्रचार करेंगे। वह 18 से 20 अप्रैल तक बंगाल दौरे पर रहेंगे, जहां वे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के समर्थन में ताबड़तोड़ चुनावी सभाएं करेंगे। उनकी सभी सभाएं आदिवासी बहुल क्षेत्रों में होंगी।  झामुमो के महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य के मुताबिक, यह दौरा तीन दिनों का होगा और इसमें कई महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया जाएगा।  पार्टी के अन्य नेता भी रहेंगे साथ हेमंत सोरेन खास तौर पर आदिवासी बहुल सीटों पर प्रचार करेंगे, जहां झामुमो का प्रभाव और पकड़ मजबूत है। इस दौरान उनके साथ पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहेंगे। कल्पना सोरेन के भी चुनाव प्रचार में शामिल होने की संभावना जताई गई है, हालांकि उनका कार्यक्रम अभी तय नहीं हुआ है। झामुमो नहीं लड़ रहा चुनाव झामुमो पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह बंगाल विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगा, बल्कि टीएमसी को समर्थन देगा। पार्टी का मानना है कि भाजपा को रोकने के लिए विपक्षी दलों के बीच एकजुटता जरूरी है। परिसीमन और महिला आरक्षण को लेकर केंद्र पर हमला झामुमो महासिचव सुप्रियो भट्टाचार्य ने संसद के विशेष सत्र और परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना कराए बिना परिसीमन और महिला आरक्षण लागू करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ अन्याय होगा।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
Man applying sunscreen and skincare routine to remove tan and protect skin from UV rays
पुरुषों के लिए गाइड: सिर्फ 7 दिनों में टैन कैसे हटाएं – आसान और असरदार तरीका

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में पुरुषों की त्वचा लगातार धूप, धूल और प्रदूषण के संपर्क में रहती है। ऑफिस जाने का रोज़ाना सफर हो, वीकेंड पर बाइक राइड हो या आउटडोर स्पोर्ट्स–इन सबके कारण चेहरे पर जिद्दी टैन, असमान स्किन टोन और डलनेस साफ दिखाई देने लगती है। अच्छी बात यह है कि टैन हटाने के लिए आपको बहुत जटिल या लंबी स्किनकेयर रूटीन की जरूरत नहीं है। सही प्रोडक्ट्स और साइंटिफिक अप्रोच के साथ आप सिर्फ एक हफ्ते में अपनी स्किन को बेहतर बना सकते हैं। आखिर टैन होता क्यों है? जब आपकी त्वचा सूरज की UV किरणों के संपर्क में आती है, तो शरीर खुद को बचाने के लिए मेलानिन नामक पिगमेंट बनाता है। यही मेलानिन त्वचा को डार्क बनाता है। पुरुषों की त्वचा महिलाओं की तुलना में लगभग 20% मोटी होती है और इसमें ऑयल प्रोडक्शन भी ज्यादा होता है। यही कारण है कि टैन त्वचा पर जमा होकर ज्यादा गहरा और पैची दिखाई देता है। 7 दिनों का असरदार डिटैन रूटीन Step 1: दिन की शुरुआत करें डिटैन फेसवॉश से कई पुरुष आज भी चेहरे पर साबुन या बॉडी वॉश का इस्तेमाल करते हैं, जो स्किन के लिए नुकसानदायक हो सकता है। एक अच्छा डिटैन फेसवॉश त्वचा की ऊपरी परत से डेड स्किन और गंदगी हटाता है। यह स्किन को साफ करने के साथ-साथ आगे इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट्स को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है। Step 2: हफ्ते में 2 बार डिटैन फेस मास्क लगाएं सिर्फ फेसवॉश से गहरा टैन नहीं हटता। इसके लिए डिटैन फेस मास्क जरूरी है। यह मास्क खास एक्टिव इंग्रीडिएंट्स और क्ले से बना होता है, जो त्वचा के अंदर जमा मेलानिन को तोड़ने में मदद करता है। हफ्ते में 2 बार 10–15 मिनट लगाने से स्किन धीरे-धीरे साफ और ब्राइट दिखने लगती है। Step 3: मॉइश्चराइजर से स्किन को हाइड्रेट रखें बहुत से लोग मानते हैं कि टैन हटाने के लिए स्किन को ड्राय रखना चाहिए, लेकिन यह गलत है। ड्राय स्किन और भी ज्यादा डल और डार्क दिखती है। इसलिए हर बार फेसवॉश या मास्क के बाद एक हल्का, ऑयल-फ्री मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं। इससे त्वचा सॉफ्ट, हेल्दी और ग्लोइंग बनी रहती है। Step 4: सनस्क्रीन है सबसे जरूरी अगर आप सनस्क्रीन नहीं लगाते, तो आपका सारा डिटैन प्रयास बेकार हो सकता है। SPF 50 वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन रोज सुबह लगाना जरूरी है। यह आपकी त्वचा को UV किरणों से बचाता है और नए टैन को बनने से रोकता है। यह रूटीन क्यों सबसे असरदार है? यह डिटैन रूटीन तीन स्तरों पर काम करता है: Removal (हटाना): डेड और डार्क स्किन को साफ करता है Correction (सुधार): गहरे पिगमेंट को कम करता है Prevention (बचाव): नए टैन को बनने से रोकता है

surbhi अप्रैल 15, 2026 0
Babulal Marandi Statement
“जहां हाथ डालो, वहीं घोटाला” – मरांडी के निशाने पर हेमंत सरकार

रांची। झारखंड में लगातार सामने आ रहे घोटालों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी  ने राज्य की हेमंत सोरेन  सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ गया है कि “जहां हाथ डालिए, वहीं नया घोटाला सामने आ जाता है।”मरांडी ने कहा कि खनन क्षेत्र में पत्थर, कोयला, बालू और लौह अयस्क की खुली लूट तो दिख रही है, लेकिन इसके अलावा भी सरकारी धन की बड़े पैमाने पर बंदरबांट हो रही है। उनके अनुसार यह स्थिति राज्य को “अंदर से खोखला” कर रही है और आम जनता इससे परेशान है।   रांची में करोड़ों की अवैध निकासी का मामला राजधानी रांची में हाल ही में पशुपालन विभाग के दो कर्मचारियों द्वारा लगभग 2.94 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आया है। मरांडी ने दावा किया कि यह कोई एकल घटना नहीं है, बल्कि बोकारो और हजारीबाग जैसे अन्य जिलों में भी इसी तरह की वित्तीय अनियमितताएं सामने आ चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घोटाले पिछले कई वर्षों से जारी हैं और अब धीरे-धीरे उजागर हो रहे हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।   उच्च अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल मरांडी ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर हो रही गड़बड़ियां बिना उच्च अधिकारियों की मिलीभगत के संभव नहीं हैं। उन्होंने इसे “संगठित भ्रष्टाचार” करार देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।   सरकार से जांच और कार्रवाई की मांग भाजपा नेता ने राज्य सरकार से सभी विभागों का व्यापक ऑडिट कराने, कोषागार से हुई निकासी की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

Anjali Kumari अप्रैल 15, 2026 0
Jharkhand Weather
झारखंड में लू का अलर्ट, 3 से 5 डिग्री चढ़ेगा पारा

रांची। झारखंड में मौसम तेजी से बदल रहा है। तेज धूप अब झुलसाने लगी है। आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ेगी। अगले पांच दिनों में तापमान और बढ़ने की चेतवानी मौसम विभाग ने जारी की है। इसे देखते हुए राज्य के कई जिलों में लू को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।    17-18 अप्रैल को लू का असर अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस और बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने 17 और 18 अप्रैल को रांची, खूंटी, पश्चिम सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, गढ़वा, चतरा और सरायकेला-खरसांवा में लू चलने की संभावना जताई है। झारखंड में 42 डिग्री सेल्सियस पार जाएगा पारा 17 अप्रैल को राज्य के उत्तर-पूर्वी भागों में आंशिक बादल छाए रहने के साथ कहीं-कहीं गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है। बाकी जगहों में भी कहीं-कहीं बादल छाए रह सकते हैं। 19 अप्रैल से आसमान साफ रहेगा और मौसम शुष्क बना रहेगा। इसके बाद पारा 42 डिग्री तक जा सकता है।  40 डिग्री पहुंचा पारा सरायकेला का अधिकतम तापमान मंगलवार को 40.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। राज्य के अन्य जिलों का तापमान भी 40 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। इससे पहले 4 अप्रैल को सरायकेला का तापमान 40.3 और मेदिनीनगर का तापमान 30 मार्च और 4 अप्रैल को 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।   राजधानी समेत अन्य जिलों का हाल रांची का अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इसमें पिछले 24 घंटे में 0.4 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई, वहीं जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस, मेदिनीनगर का 39.8 डिग्री सेल्सियस और बोकारो का 39.1 डिग्री सेल्सियस रहा। हजारीबाग का अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस, गुमला का 35.5 डिग्री सेल्सियस और पाकुड़ का 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

Anjali Kumari अप्रैल 15, 2026 0
Supreme Court of India hearing Sabarimala case
सबरीमाला विवाद: “धर्म पर फैसला जज नहीं, संप्रदाय करेगा”– सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बड़ी बहस

केरल के Sabarimala Temple में महिलाओं के प्रवेश को लेकर Supreme Court of India में चल रही सुनवाई के दौरान मंगलवार को अहम संवैधानिक बहस देखने को मिली। त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील Abhishek Manu Singhvi ने दलील दी कि “किसी धर्म की प्रथा सही है या नहीं, यह तय करने का अधिकार उस संप्रदाय के पास होना चाहिए, न कि जजों के पास।” “धर्म समुदाय की आस्था से तय होगा” सिंघवी ने कोर्ट में कहा कि धर्म कोई व्यक्तिगत विचार नहीं, बल्कि एक समुदाय की साझा आस्था (System of Belief) है। उन्होंने जोर देकर कहा: किसी एक व्यक्ति के अधिकार को पूरे समुदाय की आस्था पर हावी नहीं होने दिया जा सकता धार्मिक प्रथाओं का मूल्यांकन उसी समुदाय के नजरिए से होना चाहिए कोर्ट को यह तय नहीं करना चाहिए कि कौन-सी प्रथा “सही” या “गलत” है उन्होंने यह भी कहा कि संविधान का अनुच्छेद 25 सभी धार्मिक प्रथाओं को संरक्षण देता है, चाहे वे “essential” (जरूरी) हों या नहीं। ‘Essential Practice Test’ पर सवाल सुनवाई के दौरान “Essential Religious Practices” (जरूरी धार्मिक प्रथाएं) के सिद्धांत पर भी बहस हुई। सिंघवी ने कहा कि: संविधान में “essential” शब्द का जिक्र नहीं है कोर्ट को सिर्फ यह देखना चाहिए कि कोई प्रथा धर्म से जुड़ी है या नहीं यह तय करना कि वह प्रथा कितनी जरूरी है, न्यायपालिका के दायरे से बाहर होना चाहिए वहीं, जजों ने सवाल उठाया कि अगर यह टेस्ट हटा दिया जाए, तो यह कैसे तय होगा कि कौन-सी प्रथा संवैधानिक संरक्षण के योग्य है। धार्मिक बनाम सेक्युलर गतिविधियों पर बहस सुनवाई के दौरान जस्टिसों ने यह अहम सवाल उठाया कि कौन-सी गतिविधि धार्मिक है और कौन-सी सेक्युलर (गैर-धार्मिक)। उदाहरण के तौर पर: पूजा के लिए सामग्री खरीदना श्रद्धालुओं के लिए बस की व्यवस्था करना सिंघवी ने जवाब दिया कि हर मामले को अलग-अलग परिस्थितियों में देखना होगा। उन्होंने कहा कि जहां धार्मिक आस्था जुड़ी हो, वहां हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए, लेकिन अगर उसमें भ्रष्टाचार या प्रशासनिक गड़बड़ी हो, तो राज्य दखल दे सकता है। पुजारियों की नियुक्ति पर भी चर्चा अर्चकों (पुजारियों) की नियुक्ति को लेकर भी कोर्ट में बहस हुई। सिंघवी ने कहा कि धार्मिक योग्यता जरूरी होनी चाहिए लेकिन केवल वंश या परंपरा के आधार पर नियुक्ति सही नहीं जजों ने इस पर टिप्पणी की कि नियुक्ति प्रक्रिया भले सेक्युलर हो, लेकिन नियुक्त व्यक्ति का कार्य धार्मिक होता है– इसलिए दोनों के बीच संतुलन जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट के सामने बड़े सवाल यह मामला सिर्फ सबरीमाला तक सीमित नहीं है। संविधान पीठ कई बड़े मुद्दों पर फैसला करेगी, जैसे: सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री मस्जिदों में महिलाओं का प्रवेश पारसी महिलाओं का अग्नि मंदिर में प्रवेश दाऊदी बोहरा समुदाय में खतना प्रथा धार्मिक मामलों में जेंडर आधारित भेदभाव पिछले फैसले और मौजूदा स्थिति 1991 में केरल हाईकोर्ट ने 10 से 50 वर्ष की महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगाई थी 2018 में Supreme Court of India ने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए बैन हटा दिया अब पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए 9 जजों की संविधान पीठ इन जटिल सवालों पर फैसला करेगी कोर्ट की अहम टिप्पणियां सुनवाई के दौरान जजों ने कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए: क्या कोर्ट तय कर सकता है कि क्या धार्मिक है और क्या नहीं? क्या किसी गैर-भक्त को धार्मिक परंपराओं को चुनौती देने का अधिकार है? क्या मंदिरों में प्रवेश रोकना समाज को बांटता है? जस्टिस नागरत्ना ने टिप्पणी की कि धार्मिक स्थलों में प्रतिबंध समाज को विभाजित कर सकते हैं और इससे धर्म की व्यापकता प्रभावित हो सकती है। सबरीमाला मामला अब सिर्फ एक मंदिर या परंपरा का विवाद नहीं रह गया है, बल्कि यह धार्मिक स्वतंत्रता, लैंगिक समानता और न्यायपालिका की सीमाओं जैसे बड़े संवैधानिक सवालों का केंद्र बन चुका है। Supreme Court of India का आने वाला फैसला न सिर्फ इस मामले की दिशा तय करेगा, बल्कि देश में धर्म और संविधान के बीच संतुलन की नई परिभाषा भी तय कर सकता है।  

surbhi अप्रैल 15, 2026 0
Birthday party rape case
बर्थडे पार्टी में रेप मामले में पीड़िता की सहेली ओली, दानिश और फहद गिरफ्तार

रांची। राजधानी रांची में बर्थडे पार्टी के नाम पर बुलाकर एक युवती के साथ रेप के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी दानिश को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ के बाद पुलिस टीम ने 25 वर्षीय पीड़िता की सहेली ओली विश्वकर्मा और फहाद को भी गिरफ्तार किया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार अभी और भी गिरफ्तारी हो सकती है। पीड़िता जमशेदपुर की रहने वाली है और रांची में रहकर एमडीएस की तैयारी कर रही है। उसने पुलिस को दिए फर्द बयान में आरोप लगाया है कि पार्टी के दौरान उसे नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया गया।   गोकुल वाटिका स्थित फ्लैट में घटी घटना पीड़िता के मुताबिक, 9 अप्रैल को वह अपनी सहेली ओली विश्वकर्मा के बुलावे पर गोकुल वाटिका स्थित फ्लैट में जन्मदिन पार्टी में शामिल होने गई थी। उसे बताया गया था कि पार्टी में कई लड़कियां भी आएंगी, लेकिन वहां पहुंचने पर उसने देखा कि कुछ युवक पहले से मौजूद थे। उसने असहजता जताई, लेकिन भरोसा दिलाने पर वहीं रुक गई। रात करीब 8 बजे केक काटने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। आरोप है, कि इसी दौरान दानिश नामक युवक ने उसे पिज्जा दिया, जिसे खाने के बाद उसे नशा जैसा महसूस हुआ और आंखों के सामने अंधेरा छाने लगा। वह किसी तरह कमरे में आराम करने गई, जहां दानिश ने दरवाजा अंदर से बंद कर उसकी हालत का फायदा उठाते हुए दुष्कर्म किया। सुबह होश आने पर युवती ने खुद को खून से लथपथ पाया और वह गंभीर हालत में थी। अस्पताल में कराना पड़ा भर्ती उसने घटना की जानकारी अपने दोस्त को दी, जिसने उसे हॉस्टल पहुंचाया। हालत बिगड़ने पर 11 अप्रैल को उसे ऑर्किड अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सहेली के कहने पर पुलिस को सूचना दी गई। लालपुर थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर पीड़िता का फर्द बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की।

Anjali Kumari अप्रैल 15, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Anjali Kumari अप्रैल 13, 2026 0