Horoscope Today, 15 July 2026: 15 जुलाई 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद शुभ माना जा रहा है। आज चंद्रमा अपनी स्वराशि कर्क में पुष्य नक्षत्र में विराजमान हैं, वहीं देवगुरु बृहस्पति भी कर्क राशि में पुष्य नक्षत्र के दूसरे चरण में स्थित हैं। यह दुर्लभ संयोग पूरे वर्ष के सबसे शुभ योगों में से एक माना जा रहा है। साथ ही, अगले दिन होने वाली कर्क संक्रांति से पहले का यह दिन नई शुरुआत, शुभ खरीदारी, निवेश, धार्मिक कार्य और महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए अत्यंत अनुकूल माना गया है। आइए जानते हैं 15 जुलाई 2026 का दैनिक राशिफल। मेष राशि आज घर-परिवार और संपत्ति से जुड़े कार्यों के लिए दिन बेहद शुभ रहेगा। वाहन या प्रॉपर्टी से संबंधित योजनाएं सफल हो सकती हैं। करियर में सकारात्मक बदलाव के संकेत हैं और परिवार के साथ बिताया गया समय यादगार रहेगा। शुभ रंग: सफेद, पीला शुभ अंक: 4 उपाय: तांबे का सिक्का अपने पास रखें या तांबे का छल्ला धारण करें। वृष राशि भाई-बहनों के साथ संबंध मजबूत होंगे और किसी महत्वपूर्ण बातचीत से भविष्य में लाभ मिल सकता है। यात्रा, लेखन और संचार से जुड़े कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 3 उपाय: महिलाओं का सम्मान करें और घर की साफ-सफाई बनाए रखें। मिथुन राशि आज आर्थिक मामलों में भाग्य आपका पूरा साथ देगा। सोना-चांदी खरीदने, निवेश करने और शुभ खरीदारी के लिए दिन अनुकूल है। परिवार का सहयोग मिलेगा और कार्यक्षेत्र में सम्मान बढ़ेगा। शुभ रंग: हरा शुभ अंक: 2 उपाय: महिलाओं का सम्मान करें और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए आज पूरे वर्ष का सबसे शुभ दिन माना जा रहा है। नई शुरुआत, धार्मिक कार्य, निवेश और महत्वपूर्ण फैसले लेने के लिए समय अनुकूल है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 1 उपाय: महिलाओं का सम्मान करें और जरूरतमंदों की सहायता करें। सिंह राशि आज आध्यात्मिक गतिविधियों, ध्यान और पूजा-पाठ के लिए दिन अत्यंत शुभ है। मानसिक शांति मिलेगी और अचानक आर्थिक लाभ के अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं। करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर बनेंगे। शुभ रंग: सुनहरा शुभ अंक: 12 उपाय: रविवार को आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। कन्या राशि लंबे समय से मन में चल रही कोई इच्छा पूरी हो सकती है। मित्रों और बड़े भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। शुभ खरीदारी और निवेश के लिए समय अनुकूल रहेगा। शुभ रंग: बेज शुभ अंक: 11 उपाय: पक्षियों को हरा मूंग या अन्य दाना खिलाएं। तुला राशि करियर में उन्नति और नई जिम्मेदारी मिलने के प्रबल योग हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और सरकारी कार्यों में सफलता मिल सकती है। परिवार के साथ समय सुखद रहेगा। शुभ रंग: गुलाबी शुभ अंक: 10 उपाय: पक्षियों को नियमित रूप से दाना खिलाएं। वृश्चिक राशि भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। धार्मिक यात्रा, तीर्थ दर्शन और गुरुजनों का आशीर्वाद लाभदायक रहेगा। लंबी यात्रा की योजना बन सकती है और रुके हुए कार्य पूरे होंगे। शुभ रंग: गहरा लाल शुभ अंक: 9 उपाय: मंगलवार को रक्तदान करना शुभ रहेगा। धनु राशि बीमा, टैक्स, निवेश और पुराने दस्तावेजों से जुड़े कार्य पूरे होने के योग हैं। आध्यात्मिक रुचि बढ़ेगी और जीवनसाथी के साथ संबंधों में गहराई आएगी। मानसिक शांति का अनुभव होगा। शुभ रंग: नारंगी शुभ अंक: 8 उपाय: माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं। मकर राशि जीवनसाथी और व्यापारिक साझेदारी से जुड़े मामलों में दिन बेहद शुभ रहेगा। महत्वपूर्ण फैसले लेने के लिए समय अनुकूल है। भाग्य का साथ मिलेगा और सामाजिक सम्मान बढ़ेगा। शुभ रंग: गहरा नीला शुभ अंक: 7 उपाय: पक्षियों और काले कुत्ते को रोटी खिलाएं। कुंभ राशि स्वास्थ्य और नौकरी से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। नई दिनचर्या, व्यायाम या उपचार शुरू करने के लिए दिन श्रेष्ठ है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। शुभ रंग: जामुनी शुभ अंक: 6 उपाय: पक्षियों और काले कुत्ते को नियमित रूप से भोजन दें। मीन राशि प्रेम, रचनात्मक कार्य और संतान से जुड़े मामलों में दिन बेहद शुभ रहेगा। निवेश, शुभ खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत के लिए समय अनुकूल है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और करियर में नई संभावनाएं बनेंगी। शुभ रंग: पीला शुभ अंक: 5 उपाय: भगवान विष्णु की पूजा करें और जरूरतमंदों को भोजन कराएं। आज का शुभ संदेश 15 जुलाई 2026 का दिन नई शुरुआत, निवेश, शुभ खरीदारी, धार्मिक कार्य और रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए विशेष रूप से अनुकूल माना गया है। सकारात्मक सोच और धैर्य के साथ किए गए कार्य भविष्य में सफलता के नए रास्ते खोल सकते हैं।
Numerology Prediction 15 July 2026: 15 जुलाई 2026 का दिन अंक ज्योतिष के अनुसार प्रेम, संतुलन और नई संभावनाओं का संदेश लेकर आया है। आज की तिथि का मूल अंक 6 है, जबकि वर्ष 2026 की यूनिवर्सल एनर्जी 5 मानी जाती है। अंक 6 रिश्तों, प्रेम और जिम्मेदारियों का प्रतीक है, वहीं अंक 5 बदलाव, नए अवसर और स्वतंत्र सोच का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में आज का दिन रिश्तों को मजबूत बनाने, जिम्मेदारियों को निभाने और नए अवसरों को अपनाने के लिए अनुकूल माना जा रहा है। यदि आप काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ते हैं, तो आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। आइए जानते हैं जन्मतिथि के आधार पर सभी मूलांकों का आज का भविष्यफल। मूलांक 1: आत्मविश्वास बनाए रखें आज टीमवर्क से आपको अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। नए अवसर मिलने के संकेत हैं, इसलिए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले सभी पहलुओं पर विचार करें। कार्य के बीच पर्याप्त आराम करें और परिवार के साथ अपने विचार साझा करें। लकी नंबर: 1, 6 लकी रंग: गोल्ड, ऑरेंज मूलांक 2: सूझबूझ से मिलेगा लाभ आज सहयोग और संवाद आपकी सबसे बड़ी ताकत साबित होंगे। रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। शांत मन से लिए गए फैसले आपको सफलता दिलाएंगे। परिवार के साथ खुलकर बातचीत करें और दूसरों की बातों को ध्यान से सुनें। लकी नंबर: 2, 5 लकी रंग: व्हाइट, लाइट ब्लू मूलांक 3: रचनात्मकता दिलाएगी सफलता नई योजनाओं और रचनात्मक कार्यों के लिए दिन अनुकूल है। पढ़ाई, लेखन और नए प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है। परिवार और मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा। अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर हाथ से न जाने दें। लकी नंबर: 3, 6 लकी रंग: येलो, ग्रीन मूलांक 4: योजना बनाकर करें काम आज लंबी अवधि की योजनाओं पर ध्यान देना लाभदायक रहेगा। जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें। नियमित दिनचर्या बनाए रखें और काम के साथ आराम को भी महत्व दें। आपकी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलेगा। लकी नंबर: 4, 5 लकी रंग: ब्राउन, ग्रे मूलांक 5: आर्थिक फैसलों में बरतें सावधानी आज नए लोगों से मुलाकात और व्यावसायिक चर्चाओं के लिए दिन अच्छा है। हालांकि निवेश या बड़े आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें। एक समय में एक ही काम पर ध्यान केंद्रित करें। नए संपर्क भविष्य में लाभदायक साबित हो सकते हैं। लकी नंबर: 5, 6 लकी रंग: ग्रीन, एक्वा मूलांक 6: प्रेम और खुशियों से भरा रहेगा दिन आज परिवार और रिश्तों से आपको सबसे अधिक खुशी मिलेगी। कार्यक्षेत्र में भी मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। निजी और पेशेवर जीवन में संतुलन बनाए रखें तथा अपनी सेहत का भी ध्यान रखें। लकी नंबर: 6, 3 लकी रंग: पिंक, क्रीम मूलांक 7: आत्मचिंतन से मिलेगी स्पष्टता शोध, अध्ययन और योजना बनाने के लिए दिन अनुकूल है। किसी भी बड़े फैसले से पहले अपने मन की आवाज सुनें। कुछ समय अकेले बिताने से मानसिक शांति मिलेगी और निर्णय लेने में आसानी होगी। लकी नंबर: 7, 5 लकी रंग: इंडिगो, वायलेट मूलांक 8: धैर्य से मिलेगी सफलता आज मेहनत और अनुशासन आपको सफलता की ओर ले जाएंगे। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें और जल्दबाजी से बचें। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक तनाव कम होगा। भविष्य की योजनाओं पर गंभीरता से काम करें। लकी नंबर: 8, 6 लकी रंग: नेवी ब्लू, चारकोल मूलांक 9: पुरानी बातों को भूलकर बढ़ें आगे आज आपका सकारात्मक दृष्टिकोण लोगों को प्रेरित करेगा। पुराने विवाद खत्म करने और रिश्तों में नई शुरुआत करने का समय है। अपनी ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग करें और गुस्से से बचें। क्षमा और सहयोग की भावना आपको सफलता दिलाएगी। लकी नंबर: 9 लकी रंग: रेड, मैरून आज का शुभ संदेश 15 जुलाई 2026 का दिन यह संदेश देता है कि जीवन में सफलता केवल मेहनत से नहीं, बल्कि रिश्तों, संतुलन और सकारात्मक सोच से भी मिलती है। जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करें, नए अवसरों का स्वागत करें और अपनों के साथ समय बिताना न भूलें।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।