Kolkata

Jagadguru Shankaracharya Swami Nischalananda Saraswati to address a grand Dharma Sabha in Kolkata
कोलकाता में पहली बार होगी पुरी पीठाधीश्वर की विशाल धर्मसभा, 19 जुलाई को जुटेंगे हजारों श्रद्धालु

पुरी गोवर्धन मठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज के कोलकाता आगमन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पश्चिम बंगाल में पहली बार उनके सान्निध्य में एक भव्य धर्मसभा आयोजित की जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सहित राज्य सरकार के कई मंत्रियों और विधायकों को भी आमंत्रित किया गया है। इस आयोजन की जानकारी कोलकाता प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी गई। 18 जुलाई को शालीमार पहुंचेंगे शंकराचार्य आयोजक संस्था आनंद वाहिनी की राष्ट्रीय महामंत्री निभा प्रकाश ने बताया कि जगद्गुरु स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज 18 जुलाई की सुबह श्री जगन्नाथ एक्सप्रेस से शालीमार रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे। इसके अगले दिन यानी 19 जुलाई को शाम 5 बजे कोलकाता के धन धान्य ऑडिटोरियम में भव्य धर्मसभा का आयोजन किया जाएगा, जहां श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए वे सनातन धर्म से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखेंगे। सनातन धर्म से जुड़े सवालों का देंगे जवाब आयोजकों के अनुसार, धर्मसभा के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा पूछे गए सनातन धर्म से जुड़े प्रश्नों का समाधान स्वयं शंकराचार्य करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों के बीच धार्मिक जागरूकता बढ़ाना और सनातन परंपराओं के प्रति सही जानकारी उपलब्ध कराना है। निभा प्रकाश ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए यह अपने प्रकार का पहला बड़ा आयोजन होगा। बड़े जनसमागम की उम्मीद आयोजकों का दावा है कि यह पश्चिम बंगाल में अब तक आयोजित सनातन धर्मावलंबियों के सबसे बड़े आयोजनों में से एक साबित हो सकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। प्रेस वार्ता में निभा प्रकाश के अलावा सुभाष अग्रवाल, शंभुनाथ झा और श्रेया नाथ भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री समेत कई जनप्रतिनिधियों को निमंत्रण आयोजकों ने बताया कि इस धर्मसभा के लिए मुख्यमंत्री सहित राज्य सरकार के कई मंत्रियों और विधायकों को आमंत्रित किया गया है। हालांकि, कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। आयोजन को लेकर प्रशासनिक और सुरक्षा स्तर पर भी तैयारियां की जा रही हैं।  

kalpana जुलाई 16, 2026 0
Golden turmeric soup and turmeric milk with black pepper, healthy monsoon recipes for metabolism and wellness.
सुबह खाली पेट नहीं, इस समय खाएं हल्दी की ये रेसिपी, मेटाबॉलिज्म सपोर्ट करने और मानसून में त्वचा व सेहत को फायदा पहुंचाने में मिल सकती है मदद

Haldi Benefits in Monsoon: हल्दी भारतीय रसोई का एक ऐसा मसाला है, जिसका इस्तेमाल सदियों से भोजन और पारंपरिक घरेलू उपायों में किया जाता रहा है। लाइफस्टाइल कोच ल्यूक कुटिन्हो और डाइट एक्सपर्ट्स के अनुसार, हल्दी में मौजूद कर्क्यूमिन (Curcumin) शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन यह तभी बेहतर तरीके से अवशोषित होता है जब इसे सही तरीके से सेवन किया जाए। मानसून के मौसम में हल्दी को संतुलित मात्रा में डाइट में शामिल करना इम्यूनिटी, त्वचा और पाचन के लिए लाभकारी हो सकता है। हालांकि यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है। मानसून में हल्दी क्यों फायदेमंद मानी जाती है? बारिश के मौसम में संक्रमण, पाचन संबंधी समस्याएं और त्वचा से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में हल्दी में मौजूद प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हल्दी अकेले पानी में मिलाकर पीने की बजाय इसे सही कॉम्बिनेशन के साथ लेना अधिक उपयोगी हो सकता है। हल्दी का असर बढ़ाने का सही तरीका विशेषज्ञों के अनुसार, हल्दी का कर्क्यूमिन शरीर में कम मात्रा में अवशोषित होता है। इसकी बायोएवेलेबिलिटी बढ़ाने के लिए: हल्दी को ½ चम्मच देसी घी, नारियल तेल या ऑलिव ऑयल जैसे हेल्दी फैट के साथ लें। इसमें एक चुटकी काली मिर्च मिलाएं। काली मिर्च में मौजूद पाइपरीन (Piperine) कर्क्यूमिन के अवशोषण को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। हल्दी को दाल, सब्जी, सूप या अन्य पके हुए भोजन में हल्की आंच पर इस्तेमाल करें। मानसून में त्वचा और सेहत के लिए संभावित फायदे शरीर में सामान्य सूजन (Inflammation) को नियंत्रित करने में सहायक हो सकती है। इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करने में मदद मिल सकती है। त्वचा को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में भूमिका निभा सकती है। घाव भरने और स्किन रिकवरी में सहायक मानी जाती है। पाचन तंत्र के सामान्य कार्य को सपोर्ट कर सकती है। जोड़ों की सामान्य सेहत बनाए रखने में मदद मिल सकती है। क्या हल्दी मेटाबॉलिज्म बढ़ाती है? हल्दी मेटाबॉलिज्म को सीधे तेज करने वाला चमत्कारी फूड नहीं है। हालांकि कुछ शोध बताते हैं कि इसमें मौजूद कर्क्यूमिन सूजन कम करने और मेटाबॉलिक हेल्थ को सपोर्ट करने में भूमिका निभा सकता है। इसका असर संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली के साथ ही बेहतर देखा जा सकता है। क्या वजन घटाने में मदद करती है? हल्दी अकेले वजन कम नहीं करती। लेकिन यदि इसे कैलोरी नियंत्रित डाइट, पर्याप्त प्रोटीन, नियमित एक्सरसाइज और अच्छी नींद के साथ शामिल किया जाए, तो यह स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा बन सकती है। इसे वजन घटाने का शॉर्टकट नहीं माना जाना चाहिए। कितनी बार करें सेवन? सप्ताह में 4–5 दिन सेवन किया जा सकता है। प्रतिदिन ½ से 1 छोटा चम्मच हल्दी सामान्य खाना पकाने में पर्याप्त मानी जाती है। अधिक मात्रा में सेवन करने से बचें। सेवन का सबसे अच्छा समय दोपहर या रात के भोजन के साथ शाम के समय हल्दी वाला सूप रात में सोने से 1–2 घंटे पहले हल्दी वाला दूध (यदि शरीर को सूट करता हो) खाली पेट लेने की आवश्यकता नहीं है। डाइट चार्ट में कैसे करें शामिल? नाश्ता: वेज चीला या ओट्स उपमा में हल्दी लंच: दाल, सब्जी या खिचड़ी में हल्दी शाम: हल्दी-गाजर सूप डिनर: हल्दी वाली मूंग दाल या सब्जी रेसिपी 1: गोल्डन हल्दी मूंग दाल सूप सामग्री ½ कप धुली मूंग दाल ½ छोटा चम्मच हल्दी एक चुटकी काली मिर्च ½ छोटा चम्मच देसी घी अदरक जीरा नमक स्वादानुसार बनाने की विधि दाल को अच्छी तरह पकाएं। घी में जीरा और अदरक का तड़का लगाएं। हल्दी डालें और पकी हुई दाल मिलाएं। अंत में काली मिर्च डालकर गर्मागर्म परोसें। बनने का समय: 20–25 मिनट प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 180 kcal प्रोटीन: 10 ग्राम फाइबर: 6 ग्राम रेसिपी 2: हल्दी-काली मिर्च वाला गोल्डन मिल्क सामग्री 1 कप लो-फैट दूध या प्लांट-बेस्ड दूध ½ छोटा चम्मच हल्दी एक चुटकी काली मिर्च ½ छोटा चम्मच देसी घी या नारियल तेल दालचीनी (वैकल्पिक) बनाने की विधि दूध को हल्की आंच पर गर्म करें। इसमें हल्दी, काली मिर्च और घी मिलाकर 3–4 मिनट पकाएं। गुनगुना होने पर सेवन करें। बनने का समय: 8–10 मिनट प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 130–160 kcal प्रोटीन: 7–8 ग्राम ध्यान दें :- हल्दी किसी बीमारी का इलाज नहीं है। यदि आपको पित्ताशय (Gallbladder) की समस्या, किडनी स्टोन, ब्लड थिनर दवाओं का सेवन या कोई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो नियमित रूप से अधिक मात्रा में हल्दी या कर्क्यूमिन सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली ही बेहतर स्वास्थ्य का आधार हैं।   

anmol जुलाई 16, 2026 0
Workers install an underground rainwater reservoir in a waterlogged area of Kolkata as part of the KMC's initiative to reduce flooding and recharge groundwater.
बारिश का पानी अब नहीं होगा बर्बाद, कोलकाता में भूजल बढ़ाने के लिए KMC की नई योजना

कोलकाता: बदलते मौसम और लगातार बढ़ती जलभराव की समस्या से निपटने के लिए कोलकाता नगर निगम (KMC) ने एक नई पहल शुरू की है। निगम शहर के 50 से अधिक जलजमाव प्रभावित इलाकों में विशेष भूमिगत जलाशय (अंडरग्राउंड रिजर्वायर) बना रहा है। इनका उद्देश्य बारिश के पानी को संग्रहित कर उसे फिल्टर करने के बाद भूजल स्तर को रिचार्ज करना है। 50 से अधिक इलाकों में शुरू हुआ काम नगर निगम के ड्रेनेज विभाग ने शहर के 50 से अधिक ऐसे क्षेत्रों की पहचान की है, जहां हर वर्ष मानसून के दौरान जलभराव की गंभीर समस्या होती है। इन स्थानों पर भूमिगत जलाशय तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें भारी बारिश के दौरान सड़कों पर जमा पानी एकत्र किया जाएगा। इसके बाद आधुनिक फिल्ट्रेशन प्रणाली से पानी को साफ कर पाइपलाइन के जरिए जमीन के भीतर भेजा जाएगा, जिससे भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी। दो समस्याओं का एक साथ समाधान नगर निगम का कहना है कि इस परियोजना से दो बड़े लाभ होंगे। पहला, बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव कम होगा और दूसरा, लगातार गिर रहे भूजल स्तर को दोबारा बढ़ाने में सहायता मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण कम समय में अत्यधिक बारिश हो रही है, जिससे शहर का पुराना ड्रेनेज सिस्टम पर्याप्त साबित नहीं हो रहा है। 70 से 90 मीटर की गहराई तक भेजा जाएगा पानी ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, फिल्टर किया गया बारिश का पानी विशेष पाइपों के माध्यम से जमीन के भीतर 70 से 90 मीटर की गहराई तक स्थित प्राकृतिक रेतीली परतों में पहुंचाया जाएगा। इससे केवल स्वच्छ पानी ही भूजल में जाएगा और जल स्रोतों का प्राकृतिक पुनर्भरण (रिचार्ज) होगा। क्यों जरूरी है यह परियोजना कोलकाता में हाल के वर्षों में कम समय में अत्यधिक वर्षा होने लगी है। कई बार शहर का ड्रेनेज नेटवर्क एक घंटे में जितना पानी निकाल सकता है, उससे कहीं अधिक पानी सड़कों पर जमा हो जाता है। इससे लंबे समय तक जलभराव बना रहता है और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नगर निगम का मानना है कि नई परियोजना जलभराव की समस्या को पूरी तरह समाप्त नहीं करेगी, लेकिन इसकी गंभीरता को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी। सफल होने पर पूरे शहर में होगा विस्तार ड्रेनेज विभाग ने बताया कि फिलहाल इस योजना को 50 से 55 जलभराव वाले क्षेत्रों में लागू किया जा रहा है। परियोजना के परिणामों का आकलन करने के बाद इसे कोलकाता के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी विस्तार दिया जाएगा। नगर निगम को उम्मीद है कि यह पहल न केवल मानसून के दौरान नागरिकों को राहत देगी, बल्कि भविष्य में शहर के जल संसाधनों को सुरक्षित रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।  

Deepshikha जुलाई 15, 2026 0
TMC MP Mahua Moitra arrives at the Calcutta High Court after seeking protection from arrest in a hate speech case and requesting virtual police questioning.
गिरफ्तारी से राहत की मांग लेकर हाईकोर्ट पहुंचीं महुआ मोइत्रा, 15 जुलाई को होगी सुनवाई

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने अपने खिलाफ दर्ज कथित नफरती भाषण के मामले में गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने अदालत से जांच के दौरान किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाने और पुलिस पूछताछ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराने की अनुमति देने की मांग की है। मामले पर हाईकोर्ट 15 जुलाई को सुनवाई करेगा। गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक की मांग महुआ मोइत्रा ने अपनी याचिका में कहा है कि जांच के दौरान पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। इसलिए उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि अंतिम निर्णय तक उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न की जाए। इसके साथ ही उन्होंने व्यक्तिगत रूप से थाने में उपस्थित होने से छूट देने और वर्चुअल माध्यम से पूछताछ की अनुमति देने की भी मांग की है। हाईकोर्ट ने सुनवाई की तारीख तय की मामले का उल्लेख किए जाने पर न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि याचिका पर 15 जुलाई को सुनवाई की जाएगी। अदालत ने महुआ मोइत्रा के वकील को सभी प्रतिवादियों को नोटिस भेजने का निर्देश भी दिया है। क्या है पूरा मामला? महुआ मोइत्रा के वकील ने अदालत को बताया कि हाल ही में नदिया जिले की एक निचली अदालत में पेशी के दौरान कुछ लोगों ने चेहरा ढककर उन पर अंडे फेंके और विरोध प्रदर्शन किया था। इस घटना के बाद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर कथित रूप से टिप्पणी की थी कि "जो लोग अपना चेहरा ढकते हैं, उन्हें बुर्का पहन लेना चाहिए।" इसी बयान को लेकर उनके खिलाफ नफरती भाषण का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस नोटिस पर जताई आपत्ति याचिका में कहा गया है कि पुलिस लगातार उन्हें थाने में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए नोटिस भेज रही है। महुआ मोइत्रा की ओर से आशंका जताई गई है कि यदि वह थाने जाती हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है या उनके साथ दोबारा हमला हो सकता है। इसी आधार पर उन्होंने अदालत से व्यक्तिगत उपस्थिति के बजाय ऑनलाइन पूछताछ की अनुमति देने की मांग की है। 15 जुलाई की सुनवाई पर टिकी नजर अब इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट 15 जुलाई को सुनवाई करेगा। अदालत यह तय करेगी कि महुआ मोइत्रा को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी जाए या नहीं और क्या उन्हें वर्चुअल माध्यम से पूछताछ की अनुमति मिल सकती है।  

Deepshikha जुलाई 14, 2026 0
OpenAI GPT-5.6 Sol AI model showcased with front-end design benchmark rankings outperforming Claude Fable 5.
GPT-5.6 Sol ने फ्रंट-एंड डिज़ाइन में Claude Fable 5 को छोड़ा पीछे, OpenAI ने बताया बड़ी उपलब्धि

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में प्रतिस्पर्धा लगातार तेज होती जा रही है। इसी बीच OpenAI ने अपने नए फ्लैगशिप AI मॉडल GPT-5.6 Sol को पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह मॉडल स्वतंत्र Design Arena बेंचमार्क में Anthropic के Claude Fable 5 से आगे निकल गया है। इसके साथ ही OpenAI ने कहा कि GPT-5.6 Sol को कोडिंग, तर्क क्षमता (Reasoning), सुरक्षा और कई अन्य AI कार्यों में भी पहले के मुकाबले बेहतर बनाया गया है। Design Arena रैंकिंग में हासिल किया पहला स्थान OpenAI के अध्यक्ष ग्रेग ब्रॉकमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए इसे कंपनी के लिए एक बड़ा पड़ाव बताया। Design Arena द्वारा जारी फ्रंट-एंड डिज़ाइन लीडरबोर्ड के अनुसार, GPT-5.6 Sol ने 1353 Elo स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल किया। वहीं, GLM 5.2 1351 अंकों के साथ दूसरे और Claude Fable 5 1345 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। यह रैंकिंग AI मॉडल्स की वेब डिज़ाइन और फ्रंट-एंड डेवलपमेंट क्षमता के आधार पर तैयार की जाती है। क्या है GPT-5.6 फैमिली? OpenAI ने GPT-5.6 सीरीज़ के तहत तीन नए मॉडल लॉन्च किए हैं- GPT-5.6 Sol – जटिल कोडिंग, उन्नत रीजनिंग और AI एजेंट आधारित कार्यों के लिए। GPT-5.6 Terra – रोजमर्रा के कार्यों और संतुलित प्रदर्शन के लिए। GPT-5.6 Luna – कम लागत और तेज़ स्पीड वाले AI कार्यों के लिए। फिलहाल इन मॉडलों को सीमित संख्या में चुनिंदा डेवलपर्स और एंटरप्राइज पार्टनर्स के लिए उपलब्ध कराया गया है। आने वाले हफ्तों में इन्हें व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराया जाएगा। नए फीचर्स से लैस है GPT-5.6 Sol OpenAI के अनुसार, GPT-5.6 Sol में कई नए फीचर्स शामिल किए गए हैं। इनमें प्रमुख हैं- Maximum Reasoning Mode, जो जटिल समस्याओं को बेहतर तरीके से हल करने में सक्षम है। Ultra Mode, जिसमें सब-एजेंट्स की मदद से कई चरणों वाले कार्य पूरे किए जा सकते हैं। वैज्ञानिक शोध, विशेषकर बायोलॉजी और साइबर सिक्योरिटी से जुड़े कार्यों में बेहतर प्रदर्शन। कम टोकन इस्तेमाल करते हुए अधिक प्रभावी परिणाम देने की क्षमता। सुरक्षा पर भी दिया गया खास ध्यान OpenAI का कहना है कि GPT-5.6 में सुरक्षा को पहले से अधिक मजबूत बनाया गया है। कंपनी के मुताबिक, मॉडल को साइबर दुरुपयोग, संवेदनशील जैविक जानकारी के गलत इस्तेमाल और सुरक्षा उपायों को दरकिनार करने जैसी संभावित चुनौतियों से बचाने के लिए व्यापक परीक्षण किए गए हैं। OpenAI ने बताया कि मॉडल की सुरक्षा जांच के लिए लाखों GPU घंटों तक ऑटोमेटेड रेड-टीमिंग और विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण किए गए। कब मिलेगा GPT-5.6? फिलहाल GPT-5.6 API और Codex के जरिए चुनिंदा पार्टनर्स के लिए उपलब्ध है। OpenAI ने संकेत दिया है कि आने वाले कुछ सप्ताह में इसे ChatGPT प्लेटफॉर्म पर भी चरणबद्ध तरीके से जारी किया जाएगा। कितनी होगी कीमत? OpenAI ने GPT-5.6 मॉडल्स की API कीमतें भी घोषित की हैं- GPT-5.6 Sol – 5 डॉलर प्रति मिलियन इनपुट टोकन और 30 डॉलर प्रति मिलियन आउटपुट टोकन GPT-5.6 Terra – 2.5 डॉलर प्रति मिलियन इनपुट और 15 डॉलर प्रति मिलियन आउटपुट टोकन GPT-5.6 Luna – 1 डॉलर प्रति मिलियन इनपुट और 6 डॉलर प्रति मिलियन आउटपुट टोकन AI प्रतिस्पर्धा में बढ़ी टक्कर GPT-5.6 Sol के लॉन्च के साथ OpenAI और Anthropic के बीच प्रतिस्पर्धा और तेज होने की उम्मीद है। बेहतर डिज़ाइन क्षमता, उन्नत कोडिंग, मजबूत रीजनिंग और सुरक्षा फीचर्स के साथ OpenAI अपने नए मॉडल को डेवलपर्स और एंटरप्राइज ग्राहकों के लिए अधिक सक्षम विकल्प के रूप में पेश कर रहा है।  

surbhi जुलाई 14, 2026 0
Calcutta High Court building in Kolkata as a petition challenges West Bengal's newly implemented Public Safety and Anti-Social Activities Control Act, 2026.
पश्चिम बंगाल के ‘गुंडा रोधी कानून’ को हाईकोर्ट में चुनौती, तत्काल सुनवाई से कलकत्ता हाईकोर्ट का इनकार

West Bengal Gunda Act News: पश्चिम बंगाल सरकार के नए ‘पश्चिम बंगाल जन सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण अधिनियम, 2026’ (गुंडा रोधी कानून) के लागू होते ही इसे कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि याचिका पर नियमित प्रक्रिया के तहत सुनवाई होगी। कानून लागू होते ही दायर हुई जनहित याचिका सोमवार से लागू हुए इस कानून के खिलाफ मानवाधिकार कार्यकर्ता मिलन मालाकार ने कलकत्ता हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल की है। याचिका में कानून को असंवैधानिक बताते हुए इसके क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि कानून के कई प्रावधान नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं और इसका दुरुपयोग होने की आशंका है। हाईकोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तपब्रत चक्रवर्ती और न्यायमूर्ति पार्थसारथी चटर्जी की खंडपीठ के समक्ष याचिकाकर्ता के वकील सब्यसाची चटर्जी ने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की। हालांकि, अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया और कहा कि मामले की सुनवाई सामान्य न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार तय की जाएगी। कानून के किन प्रावधानों पर उठ रहे हैं सवाल? याचिका में कानून की कई धाराओं को संविधान के विरुद्ध बताया गया है। प्रमुख आपत्तियां इस प्रकार हैं: बिना मुकदमे के 12 महीने तक हिरासत कानून के तहत जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त को यह अधिकार दिया गया है कि वे किसी व्यक्ति को भविष्य में असामाजिक गतिविधियों की आशंका के आधार पर बिना मुकदमा चलाए अधिकतम एक वर्ष तक निवारक हिरासत में रख सकते हैं। वकील की सहायता पर प्रतिबंध कानून की धारा 10(4) के अनुसार, हिरासत में लिए गए व्यक्ति को सलाहकार बोर्ड के समक्ष सामान्य रूप से अपने वकील के माध्यम से पक्ष रखने की अनुमति नहीं होगी, जब तक कि बोर्ड विशेष अनुमति न दे। ‘गुंडा’ की परिभाषा पर विवाद याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि कानून में ‘गुंडा’ और ‘असामाजिक गतिविधियों’ की परिभाषा अत्यधिक व्यापक और अस्पष्ट है। इससे राजनीतिक विरोध, शांतिपूर्ण प्रदर्शन या असहमति व्यक्त करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की आशंका है। राज्य सरकार का क्या कहना है? राज्य सरकार का कहना है कि यह कानून राजनीतिक हिंसा, रंगदारी, संगठित अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से लाया गया है। सरकार के अनुसार, राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध पर सख्ती से रोक लगाने के लिए इस तरह के कानून की आवश्यकता थी। विपक्ष और मानवाधिकार संगठनों का विरोध विपक्षी दलों और कई मानवाधिकार संगठनों ने इस कानून का विरोध किया है। उनका आरोप है कि इससे प्रशासन और पुलिस को अत्यधिक अधिकार मिल जाएंगे, जिनका दुरुपयोग हो सकता है। कानूनी विशेषज्ञों की राय कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि नए कानून के कई प्रावधान राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) जैसी निवारक हिरासत की व्यवस्था से मिलते-जुलते हैं। उनका मानना है कि यदि इन शक्तियों के उपयोग पर पर्याप्त निगरानी नहीं रही, तो नागरिक स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर प्रभाव पड़ सकता है। अब इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट नियमित सुनवाई के दौरान कानून की संवैधानिक वैधता और याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों पर विचार करेगा।  

Deepshikha जुलाई 14, 2026 0
Women candidates applying online for UP Anganwadi Bharti 2026 recruitment in Agra, Mathura and other Uttar Pradesh districts.
UP Anganwadi Bharti 2026: आगरा-मथुरा समेत 6 जिलों में 1110 पदों पर भर्ती, 12वीं पास महिलाओं के लिए सुनहरा मौका

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। UP Anganwadi Bharti 2026 के तहत राज्य के छह नए जिलों में 1110 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक और पात्र महिला अभ्यर्थी अपने जिले के अनुसार निर्धारित अंतिम तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। यह भर्ती आगरा, मथुरा, संभल, औरैया, श्रावस्ती और चंदौली जिलों में की जाएगी। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। किन जिलों में कितने पद? यूपी सरकार द्वारा जारी भर्ती अधिसूचना के अनुसार विभिन्न जिलों में रिक्त पद इस प्रकार हैं- जिला रिक्त पद आवेदन की अंतिम तिथि आगरा 322 25 जुलाई 2026 मथुरा 236 24 जुलाई 2026 औरैया 181 28 जुलाई 2026 संभल 177 28 जुलाई 2026 चंदौली 126 25 जुलाई 2026 श्रावस्ती 68 27 जुलाई 2026 कुल 1110 - कौन कर सकता है आवेदन? भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार को निम्नलिखित पात्रता पूरी करनी होगी- केवल महिला अभ्यर्थी आवेदन कर सकती हैं। किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना आवश्यक है। ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट उम्मीदवार भी आवेदन के पात्र हैं। अभ्यर्थी की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आयु की गणना 1 जुलाई 2026 के आधार पर की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र की उम्मीदवार संबंधित ग्राम सभा और शहरी क्षेत्र की उम्मीदवार संबंधित वार्ड की निवासी होनी चाहिए। कैसे होगा चयन? इस भर्ती में किसी प्रकार की लिखित परीक्षा नहीं होगी। उम्मीदवारों का चयन शैक्षणिक योग्यता के आधार पर तैयार की जाने वाली मेरिट लिस्ट से किया जाएगा। मेरिट 12वीं, समकक्ष योग्यता, स्नातक या स्नातकोत्तर में प्राप्त अंकों के आधार पर बनेगी। 10वीं के अंक मेरिट में शामिल नहीं किए जाएंगे। CGPA या ग्रेडिंग सिस्टम से प्राप्त अंकों को निर्धारित नियमों के अनुसार प्रतिशत में बदला जाएगा। आवेदन कैसे करें? उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन करके आवेदन कर सकते हैं- आधिकारिक वेबसाइट upanganwadibharti.in पर जाएं। अपने जिले की भर्ती अधिसूचना चुनें। Apply Online/New Registration पर क्लिक करें। आधार नंबर और मोबाइल नंबर से पंजीकरण करें। आवेदन फॉर्म में सभी आवश्यक जानकारी भरें। फोटो, हस्ताक्षर और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। सभी विवरण जांचकर फॉर्म सबमिट करें। भविष्य के लिए आवेदन पत्र का प्रिंट या PDF सुरक्षित रखें। समय रहते करें आवेदन हर जिले के लिए आवेदन की अंतिम तिथि अलग-अलग तय की गई है। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि अंतिम तिथि का इंतजार न करें और सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखकर समय पर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।  

surbhi जुलाई 14, 2026 0
Officials inspect a madrasa classroom in West Bengal as the state government begins a special review of educational standards, infrastructure and safety across selected districts.
पश्चिम बंगाल के 12 जिलों में मदरसों का विशेष निरीक्षण, 21 जुलाई तक सरकार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के 12 जिलों में संचालित मदरसों का विशेष निरीक्षण कराने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत मदरसों में शिक्षा की गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं, भवनों की स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली का व्यापक मूल्यांकन किया जाएगा। अल्पसंख्यक मामलों एवं मदरसा शिक्षा विभाग ने निरीक्षण के लिए 18 सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह टीम 15 जुलाई से निरीक्षण अभियान शुरू करेगी और 21 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। 12 जिलों के मदरसों की होगी जांच सरकार के निर्देश के अनुसार निम्नलिखित जिलों में स्थित मान्यता प्राप्त और गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों का निरीक्षण किया जाएगा— कूचबिहार उत्तर दिनाजपुर मालदा मुर्शिदाबाद बीरभूम पश्चिम मेदिनीपुर पूर्व मेदिनीपुर नदिया हुगली हावड़ा उत्तर 24 परगना दक्षिण 24 परगना किन पहलुओं की होगी जांच? निरीक्षण दल मदरसों में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं का मूल्यांकन करेगा। इनमें शामिल हैं— शिक्षा की गुणवत्ता भवन और परिसर की स्थिति आधारभूत सुविधाएं सुरक्षा व्यवस्था पाठ्यक्रम का संचालन प्रशासनिक व्यवस्था विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध संसाधन सरकार का उद्देश्य यह जानना है कि मदरसों में शिक्षा और सुविधाओं की वर्तमान स्थिति क्या है और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। 18 सदस्यीय समिति करेगी निरीक्षण निरीक्षण की जिम्मेदारी मदरसा शिक्षा विभाग, मदरसा सेवा आयोग और अल्पसंख्यक मामलों के विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है। समिति के सभी सदस्यों को 21 जुलाई तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित मदरसों के संबंध में आवश्यक प्रशासनिक निर्णय लिए जाएंगे। जिलाधिकारियों को भी दिए गए निर्देश निरीक्षण अभियान को सफल बनाने के लिए संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को आवश्यक सहयोग देने का निर्देश जारी किया गया है। इसके अलावा— प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। निरीक्षण दलों के लिए वाहन और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर सरकार का जोर राज्य सरकार का कहना है कि इस विशेष निरीक्षण अभियान का उद्देश्य किसी संस्था के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि मदरसों में शिक्षा, आधारभूत ढांचे और सुरक्षा व्यवस्था का समग्र आकलन करना है। सरकार का मानना है कि निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर जहां आवश्यकता होगी, वहां सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, ताकि मदरसों में शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।  

Deepshikha जुलाई 13, 2026 0
Homemade crispy potato chips seasoned with spices, served in a bowl as a healthy snack.
Market जैसे Crispy Potato Chips अब घर पर बनाएं, बच्चों की बार-बार चिप्स की डिमांड होगी पूरी

Homemade Potato Chips Recipe: अगर आपके बच्चे बार-बार बाजार के पैकेट वाले चिप्स खाने की जिद करते हैं, तो इस बार उन्हें घर पर बने कुरकुरे Potato Chips से सरप्राइज दें। सही तकनीक अपनाकर आप बिना प्रिजर्वेटिव और अपनी पसंद के मसालों के साथ बिल्कुल Crispy Chips तैयार कर सकते हैं। आवश्यक सामग्री 2 बड़े आलू 2 चम्मच नमक 2 बड़े चम्मच सफेद सिरका तलने के लिए तेल स्वादानुसार नमक काली मिर्च पाउडर चाट मसाला पुदीना पाउडर पेरी-पेरी मसाला (वैकल्पिक) ऐसे बनाएं Crispy Potato Chips सबसे पहले आलू धोकर छील लें और स्लाइसर की मदद से बेहद पतले स्लाइस काटें। एक बाउल में ठंडा पानी और नमक मिलाकर स्लाइस को 15–20 मिनट तक भिगो दें ताकि अतिरिक्त स्टार्च निकल जाए। अब एक बर्तन में पानी उबालें और उसमें सफेद सिरका डालें। आलू के स्लाइस को 3–4 मिनट तक हल्का उबालें। इसके बाद स्लाइस को किचन टॉवल पर अच्छी तरह सुखा लें। कढ़ाही में तेल गर्म करें और आलू के स्लाइस को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में मध्यम आंच पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें। अतिरिक्त तेल निकालने के बाद गर्म चिप्स पर नमक, काली मिर्च, चाट मसाला, पुदीना पाउडर या पेरी-पेरी मसाला छिड़ककर अच्छी तरह मिलाएं। स्टोर करने का सही तरीका चिप्स पूरी तरह ठंडे होने के बाद उन्हें एयरटाइट कंटेनर में रखें। इससे वे कई दिनों तक कुरकुरे बने रहते हैं। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 180–220 kcal कार्बोहाइड्रेट: 24–28 ग्राम प्रोटीन: 2–3 ग्राम फैट: 9–12 ग्राम फाइबर: 2–3 ग्राम ध्यान दें: डीप फ्राइड चिप्स का सेवन सीमित मात्रा में करें। अधिक हेल्दी विकल्प के लिए इन्हें एयर फ्रायर या बेक करके भी तैयार किया जा सकता है।  

anmol जुलाई 13, 2026 0
Kolkata Municipal Corporation headquarters as authorities begin the ward delimitation process to increase the number of municipal wards from 144 to 200.
कोलकाता नगर निगम में परिसीमन प्रक्रिया शुरू, 144 से बढ़कर होंगे 200 वार्ड

कोलकाता: कोलकाता नगर निगम (KMC) ने वार्डों के परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी है। नगर निगम का लक्ष्य मौजूदा 144 वार्डों की संख्या बढ़ाकर 200 करना है, ताकि प्रत्येक वार्ड में मतदाताओं और मतदान केंद्रों का संतुलित वितरण सुनिश्चित किया जा सके। इस संबंध में राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है और परिसीमन के लिए केंद्रीय एवं बोरो स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। दो स्तरों पर गठित की गईं परिसीमन समितियां परिसीमन प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए नगर निगम ने दो स्तरों पर समितियां बनाई हैं। इनमें एक केंद्रीय परिसीमन समिति (Central Delimitation Committee) और दूसरी प्रत्येक बोरो के लिए अलग-अलग समितियां शामिल हैं। सरकारी अधिसूचना के अनुसार, 10 सदस्यीय केंद्रीय परिसीमन समिति के अध्यक्ष विशेष आयुक्त सौम्य भट्टाचार्य होंगे। वहीं, प्रत्येक बोरो समिति का नेतृत्व संबंधित कार्यपालक अभियंता (Executive Engineer) करेंगे, जिनके साथ राजस्व अधिकारी भी सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे। 200 वार्ड बनाने की तैयारी नगर निगम की योजना के अनुसार परिसीमन के बाद वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 200 कर दी जाएगी। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक वार्ड में औसतन— 20,000 से 25,000 मतदाता 25 से 30 मतदान केंद्र (बूथ) रखने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे सभी वार्डों में समान प्रतिनिधित्व और प्रशासनिक संतुलन स्थापित करने में मदद मिलेगी। क्यों जरूरी हुआ परिसीमन? वर्तमान में कोलकाता नगर निगम के कई वार्डों में मतदाताओं की संख्या में काफी असमानता है। कुछ वार्डों में एक पार्षद को 60 हजार से अधिक मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करना पड़ता है, जबकि कुछ वार्ड ऐसे हैं, जहां 10 हजार से भी कम मतदाता हैं। इसी तरह मतदान केंद्रों की संख्या में भी बड़ा अंतर देखने को मिलता है। नगर निगम का मानना है कि इस असंतुलन को दूर करने के लिए वार्डों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण आवश्यक है, जिससे प्रशासनिक कार्य अधिक प्रभावी और जनप्रतिनिधित्व अधिक संतुलित हो सके। आंकड़ों के आधार पर होगा वार्डों का पुनर्गठन बोरो स्तर की समितियां संबंधित क्षेत्रों की— जनसंख्या, मतदाताओं की संख्या, मतदान केंद्रों की उपलब्धता, राजस्व संग्रह, और स्थानीय प्रशासनिक जरूरतों का विस्तृत अध्ययन करेंगी। इसके आधार पर वार्डों की नई सीमाओं और पुनर्गठन को लेकर अपनी सिफारिश केंद्रीय परिसीमन समिति को भेजेंगी। प्रशासनिक व्यवस्था होगी मजबूत नगर निगम का कहना है कि परिसीमन का उद्देश्य केवल वार्डों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि प्रत्येक पार्षद पर समान जिम्मेदारी सुनिश्चित करना और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना भी है। परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर निगम की प्रशासनिक व्यवस्था अधिक संतुलित होगी और सभी क्षेत्रों को समान प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद है।  

Deepshikha जुलाई 13, 2026 0
BJP leaders welcome former TMC MPs Sushmita Dev, Sukhendu Sekhar Roy and Prakash Chik Barik after they joined the party and were named Rajya Sabha bypoll candidates in Kolkata.
TMC छोड़ने वाले तीन नेताओं पर बीजेपी ने लगाया दांव, राज्यसभा उपचुनाव के लिए बनाया उम्मीदवार

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर हाल ही में पार्टी में शामिल हुए तीन नेताओं—सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बारिक—को राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया है। तीनों नेताओं ने गुरुवार को कोलकाता में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की और कुछ ही घंटों बाद पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बना दिया। 24 जुलाई को होगा राज्यसभा उपचुनाव सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बारिक ने पिछले महीने टीएमसी और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। उनके इस्तीफों के बाद खाली हुई तीन सीटों पर निर्वाचन आयोग ने 24 जुलाई को उपचुनाव कराने की घोषणा की है। बीजेपी के इस फैसले को पश्चिम बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तथा टीएमसी के लिए एक राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। बीजेपी में शामिल होने के बाद मिला टिकट कोलकाता स्थित बीजेपी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने तीनों नेताओं का पार्टी में स्वागत किया। सदस्यता ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्हें राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिया गया। "बेदाग नेताओं का स्वागत" प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि बीजेपी का सिद्धांत स्पष्ट है और पार्टी केवल उन नेताओं का स्वागत करती है जिन पर भ्रष्टाचार, जनता के शोषण, नौकरी बेचने या अधिकारों के दुरुपयोग जैसे आरोप नहीं हैं। उन्होंने कहा कि तीनों नेताओं का राजनीतिक अनुभव पश्चिम बंगाल में बीजेपी को मजबूत करने में मदद करेगा। सुष्मिता देव ने टीएमसी पर लगाए आरोप बीजेपी में शामिल होने के बाद सुष्मिता देव ने टीएमसी पर भ्रष्टाचार को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी में रहने के दौरान उन्हें कई ऐसी बातें देखने को मिलीं, जिनसे भ्रष्टाचार की वास्तविक स्थिति का एहसास हुआ। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक आलोचना हो सकती है, लेकिन उन पर कभी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा। सुखेंदु शेखर रॉय ने भी उठाए सवाल पूर्व टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने भी तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप लगाए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए समिक भट्टाचार्य ने कहा कि हर नेता का अपना राजनीतिक अतीत होता है, लेकिन अब उनकी पहचान बीजेपी कार्यकर्ता के रूप में होगी। कोलकाता से सदस्यता लेने पर दिया जवाब असम से जुड़ी राजनीति करने वाली सुष्मिता देव ने कोलकाता में बीजेपी की सदस्यता लेने को लेकर कहा कि यह पार्टी नेतृत्व का निर्णय था। उन्होंने बताया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने उन्हें पश्चिम बंगाल के लोगों का सम्मान करने की सलाह दी थी, क्योंकि इसी राज्य ने उन्हें दो बार राज्यसभा भेजा था। उपचुनाव पर रहेगी नजर 24 जुलाई को होने वाला राज्यसभा उपचुनाव अब राजनीतिक रूप से और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। टीएमसी छोड़कर बीजेपी में आए नेताओं को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद इस चुनाव पर पूरे देश की नजर रहेगी, क्योंकि इसके नतीजे पश्चिम बंगाल की बदलती राजनीतिक तस्वीर का संकेत दे सकते हैं।  

Deepshikha जुलाई 10, 2026 0
Mamata Banerjee
ममता बनर्जी की रैली में हंगामा, प्रदर्शनकारियों ने फेंके अंडे; TMC प्रमुख की सुरक्षा पर उठे सवाल

कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी की रैली के दौरान कोलकाता में हंगामा हो गया। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर रैली के दौरान अंडे फेंके और नारेबाजी की। घटना के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।   TMC की विरोध रैली के दौरान हुआ विवाद   जानकारी के अनुसार, ममता बनर्जी के नेतृत्व में कोलकाता में एक विरोध मार्च निकाला गया था। इसी दौरान कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कथित तौर पर अंडे फेंके और नारे लगाए। घटना के बाद मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को संभाला।   रैली में लगे विरोधी नारे   रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों की ओर से नारेबाजी भी की गई, जिसके बाद रैली स्थल पर तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस और सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।   सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल   घटना के बाद TMC नेताओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया कि राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान इस तरह का विरोध सुरक्षा में चूक को दर्शाता है।   राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज   इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। TMC और विपक्षी दलों के बीच बयानबाजी शुरू हो गई है। ममता बनर्जी ने भी रैली के दौरान हुई घटनाओं को लेकर सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए हैं।   पुलिस कर रही मामले की जांच   प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि प्रदर्शनकारी कौन थे और वे सुरक्षा व्यवस्था के बीच तक कैसे पहुंचे।

abhishek singh जुलाई 9, 2026 0
Union Home Minister Amit Shah pays tribute to Dr. Syama Prasad Mookerjee during commemorative events in Kolkata on his birth anniversary.
कोलकाता दौरे पर रहेंगे अमित शाह, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर कई कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत

कोलकाता: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए उनका यह दौरा राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भवानीपुर स्थित पैतृक आवास पर देंगे श्रद्धांजलि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह दोपहर में कोलकाता पहुंचेंगे। इसके बाद शाम करीब 4:20 बजे वह भवानीपुर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के पैतृक आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इको पार्क में करेंगे प्रतिमा का भूमि पूजन श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद केंद्रीय गृह मंत्री शाम 4:50 बजे न्यूटाउन स्थित इको पार्क पहुंचेंगे। यहां वह डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रस्तावित प्रतिमा के निर्माण के लिए भूमि पूजन करेंगे। भारतीय जनता पार्टी इस कार्यक्रम को पश्चिम बंगाल में अपने वैचारिक अभियान का अहम हिस्सा मान रही है। पार्टी का कहना है कि डॉ. मुखर्जी के विचारों और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। विश्व बांग्ला मेला प्रांगण में विशेष समारोह शाम करीब 7 बजे अमित शाह विश्व बांग्ला मेला प्रांगण में आयोजित विशेष श्रद्धांजलि समारोह में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान और विचारों को याद किया जाएगा। शाम को दिल्ली लौटेंगे अमित शाह सभी कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री शाम करीब 7:20 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से नई दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों को लेकर भाजपा ने व्यापक तैयारियां की हैं।  

Deepshikha जुलाई 6, 2026 0
Premium Bangladeshi mangoes arriving at the Bangladesh Deputy High Commission in Kolkata as part of the annual 'Mango Diplomacy' initiative between India and Bangladesh.
सीमा पर तनाव के बीच भी कायम रही 'मैंगो डिप्लोमेसी', बांग्लादेश ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री को भेजे प्रीमियम आम

कोलकाता: भारत और बांग्लादेश के बीच हाल के दिनों में सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ को लेकर बढ़े तनाव के बावजूद दोनों देशों के बीच वर्षों पुरानी 'मैंगो डिप्लोमेसी' की परंपरा जारी है। बांग्लादेश सरकार ने सद्भावना के प्रतीक के रूप में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को प्रीमियम किस्म के आमों की खेप भेजी है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस पहल की पुष्टि करते हुए बताया कि यह उपहार दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने की परंपरा का हिस्सा है। 500 किलो आम की खेप पहुंची कोलकाता बांग्लादेश की ओर से 500 किलोग्राम प्रीमियम आम कोलकाता स्थित बांग्लादेश के उप-उच्चायोग भेजे गए। यह खेप जेसोर के बेनापोल सीमा मार्ग के जरिए भारत पहुंची। इस खेप में लोकप्रिय किस्मों हिमसागर, हरिभांगा और आम्रपाली शामिल हैं। बताया गया कि: 100 किलोग्राम आम मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के लिए भेजे गए हैं। शेष 400 किलोग्राम आम वरिष्ठ अधिकारियों, राजनयिकों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को सद्भावना उपहार के रूप में वितरित किए जाएंगे। शेख हसीना के दौर से चली आ रही है परंपरा भारत और बांग्लादेश के बीच आम और हिलसा मछली का आदान-प्रदान लंबे समय से सांस्कृतिक कूटनीति का हिस्सा रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना अपने कार्यकाल के दौरान हर वर्ष भारत के प्रधानमंत्री और पश्चिम बंगाल के नेतृत्व को आम भेजती थीं। हालांकि 2024 के राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान इस परंपरा में कुछ समय के लिए विराम आया था। अब वर्तमान प्रशासन ने इस परंपरा को फिर से जारी रखा है। सीमा विवाद के बीच बढ़ी चर्चा इस बार आमों की यह खेप ऐसे समय आई है जब भारत-बांग्लादेश सीमा पर अवैध घुसपैठ, सीमा प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हाल के महीनों में अवैध प्रवासियों के खिलाफ 'डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट' अभियान चलाने की बात कही है। उनके इस रुख को लेकर बांग्लादेश के कुछ राजनीतिक नेताओं ने आपत्ति भी जताई थी। सीमा पर बढ़ा था तनाव हाल के दिनों में सीमा पार अवैध घुसपैठ और कथित डिपोर्टेशन अभियान को लेकर सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के बीच भी तनाव और गतिरोध की खबरें सामने आई थीं। ऐसे माहौल में बांग्लादेश की ओर से आम भेजने की इस पहल को दोनों देशों के बीच संवाद और सद्भाव बनाए रखने की एक प्रतीकात्मक कूटनीतिक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। सांस्कृतिक रिश्तों को बनाए रखने की पहल विशेषज्ञों का मानना है कि राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी मतभेदों के बावजूद सांस्कृतिक और मानवीय पहल दोनों देशों के रिश्तों में सकारात्मक संदेश देने का काम करती हैं। 'मैंगो डिप्लोमेसी' भी इसी परंपरा का हिस्सा मानी जाती है, जिसके जरिए कूटनीतिक संवाद के साथ-साथ आपसी सद्भाव को बनाए रखने का प्रयास किया जाता है।  

Deepshikha जुलाई 3, 2026 0
West Bengal launches the Durga Suraksha Squad, women's help desks, cyber crime help desks, and the Dial-112 emergency response initiative to strengthen law enforcement and women's safety.
पश्चिम बंगाल में ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’ की शुरुआत, महालया से शुरू होगी डायल-112 सेवा; 5 मिनट में पुलिस पहुंचाने का लक्ष्य

कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत करने और महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई नई पहल की घोषणा की है। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने नबान्न सभागार से ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’, साइबर क्राइम हेल्प डेस्क और महिला हेल्प डेस्क का शुभारंभ किया। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि महालया से राज्यभर में डायल-112 आपातकालीन सेवा शुरू होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिस किसी भी थाना क्षेत्र में पांच मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचे। क्या है ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’? ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’ महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए गठित एक विशेष पुलिस इकाई है। यह टीम सार्वजनिक स्थानों, स्कूलों, कॉलेजों और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त करेगी तथा महिला सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करेगी। सरकार के अनुसार, इस स्क्वाड का उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ अपराधों की रोकथाम और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना है। एक साल में 5 मिनट रिस्पॉन्स टाइम का लक्ष्य मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में पश्चिम बंगाल में पुलिस की औसत प्रतिक्रिया समय लगभग तीन घंटे है, जबकि गुजरात, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में पुलिस औसतन छह मिनट के भीतर मौके पर पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार अगले एक वर्ष के भीतर पश्चिम बंगाल में भी पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम घटाकर पांच मिनट करने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है। इसके लिए इस वर्ष के बजट में प्रत्येक थाने को डायल-112 सेवा के लिए एक वाहन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। अगले बजट में इन वाहनों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। 500 थानों में महिला हेल्प डेस्क सरकार ने राज्य के 500 पुलिस थानों में महिला हेल्प डेस्क की शुरुआत भी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं से जुड़े मामलों में किसी भी शिकायत को नजरअंदाज न किया जाए और प्रत्येक शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साइबर अपराध से निपटने के लिए विशेष हेल्प डेस्क राज्य के सभी थानों में साइबर क्राइम हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं। इनका उद्देश्य ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर अपराध और डिजिटल फ्रॉड से जुड़े मामलों की त्वरित शिकायत दर्ज करना और जांच प्रक्रिया को तेज करना है। पुलिस के आधुनिकीकरण का भरोसा मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और उन्हें आधुनिक तकनीक से लैस करने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को राष्ट्रीय स्तर की आधुनिक एजेंसियों के अनुरूप विकसित किया जाएगा और पुलिस के कामकाज में किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होने दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना, महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाना और आम नागरिकों को तेज एवं भरोसेमंद पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है।  

Deepshikha जुलाई 3, 2026 0
Samajwadi Party MP Jaya Bachchan meets TMC chief Mamata Banerjee at her Kalighat residence in Kolkata, with TMC MP Derek O'Brien also present.
जया बच्चन ने कोलकाता में ममता बनर्जी से की मुलाकात, विपक्षी एकजुटता पर फिर शुरू हुई चर्चा

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार के बाद राज्य की राजनीति में लगातार हलचल बनी हुई है। इसी बीच समाजवादी पार्टी (सपा) की राज्यसभा सांसद Jaya Bachchan ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee से उनके कालीघाट स्थित आवास पर मुलाकात की। इस बैठक को विपक्षी राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। बैठक में तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद Derek O'Brien भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। क्यों महत्वपूर्ण मानी जा रही है यह मुलाकात? यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब हाल ही में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता Kiranmoy Nanda ने कोलकाता दौरे के दौरान तृणमूल कांग्रेस की चुनावी हार के लिए ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा था कि राज्य की जनता अब ममता बनर्जी को नहीं चाहती। नंदा के इस बयान के बाद विपक्षी गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच रिश्तों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। चुनाव के बाद अखिलेश यादव भी पहुंचे थे कोलकाता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav भी कोलकाता पहुंचे थे और उन्होंने ममता बनर्जी से उनके आवास पर मुलाकात की थी। उस समय इस मुलाकात को तृणमूल कांग्रेस के प्रति समर्थन और विपक्षी एकजुटता के संकेत के रूप में देखा गया था। अब जया बच्चन की मुलाकात ने एक बार फिर दोनों दलों के बीच राजनीतिक संवाद को लेकर चर्चाओं को तेज कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों की राय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं की सार्वजनिक आलोचना के बावजूद शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर संवाद जारी है। ऐसे में यह मुलाकात संकेत देती है कि विपक्षी दल भविष्य की राजनीतिक रणनीति और राष्ट्रीय मुद्दों पर सहयोग बनाए रखने के इच्छुक हैं। कुणाल घोष ने क्या कहा? तृणमूल कांग्रेस के नेता Kunal Ghosh ने बैठक के बाद कहा कि ममता बनर्जी और जया बच्चन के बीच लंबे समय से व्यक्तिगत और राजनीतिक संबंध हैं। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच राष्ट्रीय मुद्दों और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा हुई तथा राष्ट्रहित के मुद्दों पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। बैठक में किसी विशेष राजनीतिक रणनीति या भविष्य के गठबंधन को लेकर दोनों दलों की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।  

Deepshikha जुलाई 3, 2026 0
TMC MP Mahua Moitra speaks in a video after alleging that protesters threw eggs and rotten brinjals outside her residence or office premises in Kolkata.
महुआ मोइत्रा ने घर पर अंडे और सड़े बैंगन फेंके जाने का लगाया आरोप, सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किया

कोलकाता: Mahua Moitra ने दावा किया है कि उनके घर (या कार्यालय परिसर) के बाहर कुछ लोगों ने अंडे और सड़े बैंगन फेंके। उन्होंने घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए इसके लिए भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। वीडियो शेयर कर लगाए गंभीर आरोप महुआ मोइत्रा ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि भाजपा समर्थक उनके परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने पश्चिम बंगाल पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। अपने पोस्ट में उन्होंने कई विपक्षी नेताओं, जिनमें Mamata Banerjee, Rahul Gandhi, Akhilesh Yadav, Supriya Sule, M. K. Stalin और Arvind Kejriwal को टैग किया। वीडियो में क्या दिखाई देता है? करीब एक मिनट के वीडियो में एक व्यस्त सड़क पर भीड़, पुलिसकर्मी और कई लोग मोबाइल से वीडियो बनाते दिखाई देते हैं। वीडियो ऊपरी मंजिल से रिकॉर्ड किया गया प्रतीत होता है। महुआ मोइत्रा का कहना है कि वे करीब एक घंटे तक अपने कार्यालय के अंदर ही रहीं क्योंकि बाहर का माहौल तनावपूर्ण था। उन्होंने वीडियो में यह भी कहा कि केंद्रीय सुरक्षा बल (CRPF) के जवान मौके पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने कोई हस्तक्षेप नहीं किया। पहले भी दी थी चेतावनी महुआ मोइत्रा ने इससे पहले सार्वजनिक रूप से कहा था कि यदि कोई उन पर अंडे फेंकेगा या इस तरह का हमला करेगा तो वह संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएंगी और कानूनी कार्रवाई करेंगी। सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूज़र्स ने घटना की आलोचना की, जबकि कुछ ने राजनीतिक टिप्पणी करते हुए इसे लेकर व्यंग्यात्मक पोस्ट भी साझा किए। आधिकारिक पुष्टि नहीं फिलहाल इस मामले में आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से महुआ मोइत्रा द्वारा साझा किए गए वीडियो और उनके सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। इस संबंध में पुलिस या अन्य संबंधित एजेंसियों की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।  

Deepshikha जुलाई 2, 2026 0
Aditya Birla Group branding alongside an industrial facility, symbolizing West Bengal's appeal for fresh investments to boost the state's industrial growth.
बंगाल ने पांच दशक बाद बढ़ाया बिड़ला समूह की ओर दोस्ती का हाथ, निवेश के लिए किया आग्रह

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की कोशिशों के बीच राज्य सरकार ने देश के प्रमुख औद्योगिक घरानों में से एक Aditya Birla Group से राज्य में निवेश करने का आग्रह किया है। यह पहल ऐसे समय में हुई है जब राज्य में उद्योगों को आकर्षित करने के लिए नई रणनीतियों पर जोर दिया जा रहा है। शमिक भट्टाचार्य ने दी जानकारी Shamik Bhattacharya ने कोलकाता में आयोजित 'बिजनेस अपॉर्च्युनिटी प्लेटफॉर्म' कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार ने आदित्य बिड़ला समूह से पश्चिम बंगाल में निवेश बढ़ाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि बंगाल का बिड़ला समूह के साथ ऐतिहासिक संबंध रहा है और अब राज्य एक बार फिर इस औद्योगिक घराने को निवेश के लिए आमंत्रित कर रहा है। मुख्यालय कभी कोलकाता में था शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि आज से करीब पांच दशक पहले आदित्य बिड़ला समूह का मुख्यालय कोलकाता में हुआ करता था, लेकिन उस समय श्रमिक अशांति और औद्योगिक माहौल के कारण समूह को अपना मुख्यालय मुंबई स्थानांतरित करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उस दौर में कई बड़े औद्योगिक समूहों ने भी पश्चिम बंगाल से अपने मुख्यालय अन्य राज्यों में स्थानांतरित किए थे। 1978 की घटना का किया उल्लेख भट्टाचार्य ने वर्ष 1978 की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि कथित तौर पर तत्कालीन परिस्थितियों के कारण उद्योगपति आदित्य बिड़ला को कोलकाता स्थित Reserve Bank of India कार्यालय के पास अपनी कार से उतरकर पैदल जाना पड़ा था। उन्होंने दावा किया कि इसी तरह की घटनाओं और असुरक्षा की भावना के बाद समूह ने अपने व्यवसाय के विस्तार और सुरक्षा के लिए मुंबई जाने का फैसला किया। उनके अनुसार, बाद में कई अन्य उद्योगपति भी अपने मुख्यालय पश्चिम बंगाल से बाहर ले गए। बंगाल से पूरी तरह नहीं टूटा था रिश्ता भट्टाचार्य ने कहा कि मुख्यालय मुंबई स्थानांतरित होने के बावजूद आदित्य बिड़ला समूह ने पश्चिम बंगाल में अपने औद्योगिक परिचालन पूरी तरह बंद नहीं किए और राज्य में अपनी व्यावसायिक गतिविधियां जारी रखीं। निवेश आकर्षित करने पर सरकार का जोर पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में नए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न औद्योगिक समूहों से संपर्क कर रही है। सरकार का मानना है कि बड़े निवेश से राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा।  

Deepshikha जुलाई 2, 2026 0
Kolkata Police personnel deployed near Victoria House after Section 163 of the BNSS was imposed in central Kolkata ahead of political events.
कोलकाता में 30 अगस्त तक लागू रहेगी धारा 163, फैसले पर तृणमूल कांग्रेस का विरोध तेज

  कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के मध्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। यह आदेश 2 जुलाई से 30 अगस्त तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, धरना-प्रदर्शन, सभा और जुलूस निकालने पर प्रतिबंध रहेगा। पुलिस के इस फैसले का तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कड़ा विरोध किया है और इसे अदालत में चुनौती देने की बात कही है। विक्टोरिया हाउस के सामने नहीं होगा 21 जुलाई का कार्यक्रम कोलकाता पुलिस ने विक्टोरिया हाउस के सामने 21 जुलाई शहीद दिवस कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। बताया गया कि तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों की ओर से की गई अनुमति संबंधी अपील भी खारिज कर दी गई। इसके बाद पुलिस आयुक्त अजय नंदा ने पूरे इलाके में धारा 163 लागू करने का आदेश जारी किया। पुलिस ने क्या कहा? कोलकाता पुलिस के अनुसार, विश्वसनीय खुफिया सूचनाओं के आधार पर आशंका है कि संबंधित क्षेत्र में हिंसक प्रदर्शन हो सकते हैं, जिससे शांति और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा है। आदेश के तहत— पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक रहेगी। धरना, प्रदर्शन और जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी। लाठी या अन्य संभावित खतरनाक वस्तुओं के साथ समूह में एकत्र होना भी प्रतिबंधित रहेगा। तृणमूल कांग्रेस ने जताया विरोध तृणमूल कांग्रेस ने पुलिस के आदेश को लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है। पार्टी सांसद Kalyan Banerjee ने कहा कि मध्य कोलकाता में इस तरह धारा 163 लागू करना पूरी तरह गैरकानूनी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक विरोध से डर रही है और इस आदेश को अदालत में चुनौती दी जाएगी। महुआ मोइत्रा ने भी उठाए सवाल कृष्णानगर से सांसद Mahua Moitra ने भी फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक आंदोलनों को इस तरह रोका नहीं जा सकता। उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि पार्टी राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर इस आदेश का विरोध करेगी। नाम को लेकर स्पष्टता समाचार में यह उल्लेख किया गया है कि "मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी" के फैसले पर विरोध हुआ। वर्तमान में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee हैं, जबकि Suvendu Adhikari राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। इसलिए समाचार में नाम संबंधी त्रुटि प्रतीत होती है।  

Deepshikha जुलाई 1, 2026 0
Firefighters battle a massive blaze at the Haldia Petrochemicals plant in West Bengal after a suspected naphtha gas leak, as thick smoke billows into the sky.
पश्चिम बंगाल के हल्दिया पेट्रोकेमिकल प्लांट में भीषण आग, 15 घायल; कई की हालत गंभीर

  हल्दिया: पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले स्थित हल्दिया पेट्रोकेमिकल प्लांट में मंगलवार तड़के भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पाइपलाइन से नेफ्था गैस के रिसाव के बाद आग भड़की, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। हादसे में कम से कम 15 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 6 की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद घायलों को हल्दिया उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि गंभीर रूप से झुलसे लोगों को ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से कोलकाता रेफर किया जा रहा है। तड़के लगी आग, कई घंटे चला राहत अभियान जानकारी के मुताबिक, आग सुबह करीब 4 बजे लगी। स्थानीय लोगों ने पहले काला धुआं उठते देखा, जिसके बाद तेज लपटें पूरे इलाके में फैल गईं। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 6 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। बाद में राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के लिए तीन अतिरिक्त दमकल वाहन भी भेजे गए। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने के लिए पानी और फोम का इस्तेमाल किया, लेकिन नेफ्था गैस की मौजूदगी के कारण आग पर काबू पाने में काफी समय लगा। नेफ्था गैस रिसाव से भड़की आग प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह नेफ्था गैस का रिसाव बताई जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्हें घटना से एक रात पहले से ही गैस की तेज गंध महसूस हो रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तड़के तेज धमाके की आवाज सुनाई दी, जिसके तुरंत बाद आग की ऊंची लपटें दिखाई देने लगीं। गैस रिसाव के कारण आग तेजी से आसपास के क्षेत्र में फैल गई। कई घर और दुकानें भी चपेट में आईं आग की चपेट में आने से प्लांट के आसपास स्थित कई मकान और दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। कुछ घर पूरी तरह जलकर राख हो गए। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। 15 लोग घायल, 6 की हालत गंभीर स्थानीय प्रशासन के अनुसार, हादसे में करीब 15 लोग घायल हुए हैं। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। सभी घायलों का इलाज जारी है, जबकि गंभीर रूप से झुलसे छह लोगों को बेहतर उपचार के लिए कोलकाता भेजा गया है। रेल सेवाएं भी प्रभावित आग के चलते हल्दिया-पांसकुरा रेल मार्ग पर रेल परिचालन भी प्रभावित हुआ। सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए ट्रेनों की आवाजाही बाधित रही। स्थानीय लोगों ने लगाए लापरवाही के आरोप स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उन्हें पिछले कुछ समय से प्लांट के आसपास गैस रिसाव की गंध महसूस हो रही थी। उनका कहना है कि इस संबंध में फैक्ट्री प्रबंधन को सूचना भी दी गई थी, लेकिन समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए। फिलहाल दमकल विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियां आग लगने के कारणों की जांच कर रही हैं। शुरुआती जांच में नेफ्था गैस रिसाव को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।  

Deepshikha जून 30, 2026 0
Officials discuss ADB-backed industrial corridor and infrastructure development plans for West Bengal at Nabanna.
एडीबी से पश्चिम बंगाल के विकास को नई गति, औद्योगिक कॉरिडोर और पर्यटन पर होगा बड़ा निवेश प्रस्ताव

  कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) ने राज्य सरकार के सामने बड़ा निवेश प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव के तहत राज्य में औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक नेटवर्क और पर्यटन विकास परियोजनाओं को वित्तीय सहायता देने पर सहमति की संभावना जताई गई है। नबान्न में उच्चस्तरीय बैठक राज्य के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल और मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार सुब्रत गुप्ता ने नबान्न भवन में एडीबी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में पश्चिम बंगाल के दीर्घकालिक औद्योगिक और आर्थिक विकास को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, एडीबी ने नीति आयोग द्वारा सुझाए गए सिटी इकोनॉमिक रीजन (CER) मॉडल के आधार पर राज्य में विकास ढांचा तैयार करने का प्रस्ताव दिया है। दो सिटी इकोनॉमिक रीजन (CER) विकसित करने का प्रस्ताव एडीबी ने पश्चिम बंगाल में कम से कम दो प्रमुख CER विकसित करने का सुझाव दिया है। इसके तहत चार संभावित क्षेत्रों की पहचान की गई है— कोलकाता महानगरीय CER इस मॉडल में कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उलुबेरिया और डानकुनी को जोड़ते हुए इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और लॉजिस्टिक्स हब विकसित करने की योजना है। सिलीगुड़ी CER सिलीगुड़ी, जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर और कूचबिहार को जोड़कर यह क्षेत्र आईटी, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और कृषि-प्रसंस्करण उद्योगों का केंद्र बनेगा। औद्योगिक कॉरिडोर पर फोकस एडीबी ने राज्य में कई प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर विकसित करने में रुचि दिखाई है, जिनमें शामिल हैं— कोलकाता–डानकुनी–दुर्गापुर–आसनसोल मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर हल्दिया–खड़गपुर औद्योगिक कॉरिडोर सिलीगुड़ी–जलपाईगुड़ी एग्रो-प्रोसेसिंग कॉरिडोर राज्यव्यापी लॉजिस्टिक्स हब नेटवर्क इन परियोजनाओं से राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। हल्दिया और दुर्गापुर को मिलेगा औद्योगिक बढ़ावा हल्दिया–दीघा क्षेत्र को बंदरगाह आधारित विकास मॉडल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है, जिसमें रिफाइनरी, केमिकल और पर्यटन उद्योग शामिल होंगे। वहीं दुर्गापुर–आसनसोल क्षेत्र को इस्पात, भारी उद्योग और स्वच्छ विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। पर्यटन क्षेत्र में भी बड़े क्लस्टर की योजना एडीबी ने राज्य में चार प्रमुख पर्यटन क्लस्टर विकसित करने का सुझाव दिया है— दार्जिलिंग–डुआर्स–कालिम्पोंग–तीस्ता सर्किट दीघा–मंदारमणि–ताजपुर तटीय सर्किट सुंदरबन इको-टूरिज्म क्लस्टर कोलकाता–मुर्शिदाबाद–बिष्णुपुर हेरिटेज सर्किट राज्य सरकार ने प्रस्ताव को बताया महत्वपूर्ण बैठक में शामिल अधिकारियों ने इस प्रस्ताव को पश्चिम बंगाल के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। माना जा रहा है कि इस सहयोग से राज्य में निवेश, बुनियादी ढांचे और पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी।  

Deepshikha जून 25, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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kalpana जुलाई 21, 2026 0