Lawrence Bishnoi

Lawrence Bishnoi Gang
अमेरिका की बड़ी कार्रवाई: लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर शिकंजा, 24 गिरफ्तार; अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर गंभीर आरोप

वॉशिंगटन, एजेंसियां। अमेरिका ने भारत से जुड़े संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके करीबी सहयोगी गोल्डी बराड़ के खिलाफ संघीय अभियोग दायर किए हैं। इसके साथ ही अमेरिका, कनाडा और यूरोप में चलाए गए संयुक्त अभियान 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' के तहत बिश्नोई गैंग से जुड़े 24 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है।   क्या है पूरा मामला?   अमेरिकी अभियोजन पक्ष का आरोप है कि लॉरेंस बिश्नोई ने भारत की जेल में रहते हुए भी अवैध मोबाइल फोन और अन्य संचार माध्यमों के जरिए अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क का संचालन किया। जांच एजेंसियों के अनुसार, गैंग पर हत्या की साजिश, रंगदारी, मादक पदार्थों की तस्करी, हथियारों की तस्करी और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।   'ऑपरेशन हार्ड बॉल' में कई देशों की संयुक्त कार्रवाई   एफबीआई  के नेतृत्व में अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने 50 से अधिक स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि बड़ी मात्रा में हथियार, ड्रग्स और नकदी भी बरामद की गई। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है।   निज्जर हत्या मामले से भी जुड़े आरोप   अमेरिकी अभियोग में आरोप लगाया गया है कि लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने वर्ष 2023 में कनाडा में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रची थी। हालांकि, अमेरिकी अभियोग में भारतीय सरकार पर किसी प्रकार का आरोप नहीं लगाया गया है।   भारत में भी कई मामलों की जांच जारी   भारत में भी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) समेत कई एजेंसियां लॉरेंस बिश्नोई और उसके नेटवर्क से जुड़े मामलों की जांच कर रही हैं। गैंग का नाम पहले भी रंगदारी, हत्या, हथियार तस्करी और अन्य संगठित अपराधों से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है। अमेरिका की ताजा कार्रवाई के बाद इन जांचों पर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान बढ़ गया है।   अंतरराष्ट्रीय अपराध पर बढ़ा फोकस   विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई दिखाती है कि विभिन्न देशों की एजेंसियां अब सीमा पार संचालित संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ मिलकर काम कर रही हैं। आने वाले समय में इस मामले में और गिरफ्तारियां तथा कानूनी कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।

anjali kumari जुलाई 9, 2026 0
FBI announces a $50,000 reward for fugitive gangster Goldy Brar in connection with the Hardeep Singh Nijjar murder conspiracy investigation.
FBI का बड़ा एक्शन: निज्जर हत्याकांड में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर आरोप, 50 हजार डॉलर का इनाम

Nijjar Murder Case: अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड में बड़ा खुलासा करते हुए गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके करीबी सहयोगी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। FBI ने फरार गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी या उसकी जानकारी देने वाले के लिए 50 हजार अमेरिकी डॉलर के इनाम की घोषणा की है। गोल्डी बराड़ पर 50 हजार डॉलर का इनाम FBI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में बताया कि गोल्डी बराड़ लंबे समय से वांछित है और वह अमेरिका के कई राज्यों, खासकर दक्षिण कैलिफोर्निया में संगठित अपराधों से जुड़ा रहा है। एजेंसी का आरोप है कि उसने लॉरेंस बिश्नोई के साथ मिलकर 18 जून 2023 को हुई हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रची थी। 'ऑपरेशन हार्डबॉल' के तहत बड़ी कार्रवाई अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने संयुक्त अभियान 'ऑपरेशन हार्डबॉल' के तहत अब तक 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 11 गिरफ्तारियां कैलिफोर्निया से हुई हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी भारत से संचालित अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध गिरोहों से जुड़े हैं, जिन पर हत्या, जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी और कई अन्य गंभीर अपराधों के आरोप हैं। भारत से संचालित गिरोहों पर शिकंजा अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, जांच में पता चला है कि ये आपराधिक नेटवर्क भारत से संचालित होते हैं और कई देशों में सक्रिय हैं। इन गिरोहों का इस्तेमाल हत्या, ड्रग्स तस्करी, रंगदारी और अन्य संगठित अपराधों के लिए किया जाता रहा है। "दुनिया के किसी भी कोने में नहीं बच पाएंगे" लॉस एंजिलिस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के प्रथम सहायक अटॉर्नी बिल एसायली ने कहा कि अमेरिका, कनाडा, यूरोप और एशिया की एजेंसियां मिलकर इन गिरोहों के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, "ये अपराधी दुनिया के किसी भी कोने में छिपे हों, कानून से बच नहीं पाएंगे।" 37 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र अमेरिकी जांच एजेंसियों ने तीन अलग-अलग आरोपपत्रों में कुल 37 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें दो ऐसे आरोपी भी शामिल हैं, जिन पर भारत की जेल में रहते हुए अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क चलाने का आरोप है। कई देशों में गिरफ्तारियां, 10 आरोपी अब भी फरार अधिकारियों के मुताबिक: 11 आरोपी कैलिफोर्निया से गिरफ्तार किए गए। 1 आरोपी इंडियाना और 1 जॉर्जिया से पकड़ा गया। 3 आरोपियों को कनाडा और 1 को स्पेन में गिरफ्तार किया गया। 7 आरोपी पहले से हिरासत में हैं। 10 आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनमें 7 अमेरिका, 2 भारत और 1 यूरोप में छिपा बताया जा रहा है। भारत-कनाडा संबंधों में बढ़ा था तनाव हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद भारत और कनाडा के संबंधों में तनाव आ गया था। तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस मामले में भारत सरकार पर आरोप लगाए थे। भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था। वर्तमान में लॉरेंस बिश्नोई भारत की जेल में बंद है, जबकि उसका करीबी सहयोगी गोल्डी बराड़ अब भी फरार है और उसकी तलाश जारी है।  

Deepshikha जुलाई 8, 2026 0
Spanish security agencies detain wanted gangster Goldy Dhillon in Madrid following intelligence shared by Punjab Police's Anti-Gangster Task Force.
भारत के इनपुट पर स्पेन में गिरफ्तार हुआ गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों, NIA का ₹10 लाख का इनामी अपराधी जल्द लाया जा सकता है भारत

चंडीगढ़: भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली है। स्पेन की सुरक्षा एजेंसियों ने पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के इनपुट पर कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों को मैड्रिड से हिरासत में लिया है। लंबे समय से फरार गोल्डी ढिल्लों पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 10 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। सूत्रों के मुताबिक, विदेश में बैठकर भारत में आपराधिक नेटवर्क संचालित करने वाले गोल्डी ढिल्लों की गिरफ्तारी के बाद अब उसे भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। चंडीगढ़ हत्याकांड का बताया जा रहा मास्टरमाइंड जांच एजेंसियों के अनुसार, गोल्डी ढिल्लों 13 जून 2026 को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार मेडिकल हॉल के कैशियर जानकी दास की हत्या की साजिश का मुख्य आरोपी है। बताया जा रहा है कि उसने विदेश में बैठकर इस वारदात की पूरी साजिश रची थी। इसके अलावा वह पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों में रंगदारी, टारगेट किलिंग और संगठित अपराध का नेटवर्क संचालित कर रहा था। भारत लाने की तैयारी शुरू स्पेन में हिरासत के बाद अब भारतीय एजेंसियां गोल्डी ढिल्लों के प्रत्यर्पण (Extradition) की प्रक्रिया तेज कर सकती हैं। चंडीगढ़ पुलिस भी उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर जानकी दास हत्याकांड में पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पंजाब पुलिस लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए समन्वय कर रही थी। 2022 में भारत छोड़कर हुआ था फरार गोल्डी ढिल्लों मूल रूप से पंजाब के राजपुरा का रहने वाला है। शुरुआती दौर में उसके खिलाफ मारपीट, धमकी और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हुए थे। बाद में वह रंगदारी, अवैध हथियारों और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में सक्रिय हो गया। बताया जाता है कि वर्ष 2022 में वह भारत छोड़कर विदेश भाग गया था। इसके बाद उसने विदेश से ही पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में अपना नेटवर्क मजबूत किया और कारोबारियों से रंगदारी वसूलने लगा। कनाडा की घटनाओं से भी जुड़ा नाम जांच एजेंसियों के मुताबिक, कनाडा में हुई कई फायरिंग की घटनाओं में भी गोल्डी ढिल्लों का नाम सामने आया था। उसके कुछ सहयोगियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनसे पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली थीं। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से रहा है संबंध सूत्रों के अनुसार, गोल्डी ढिल्लों पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ था। हालांकि बाद में दोनों के बीच विवाद बढ़ने के बाद उसने अलग गैंग बनाकर अपना आपराधिक नेटवर्क खड़ा कर लिया। फिलहाल उसके खिलाफ पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में हत्या, रंगदारी, अवैध हथियार और संगठित अपराध से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। अब स्पेन में हुई कार्रवाई के बाद भारतीय एजेंसियां उसके प्रत्यर्पण और आगे की कानूनी कार्रवाई पर काम कर रही हैं।  

Deepshikha जुलाई 4, 2026 0
Guru Randhawa Firing
दिल्ली में गुरु रंधावा के जिम के बाहर फायरिंग, लॉरेंस गैंग ने ली जिम्मेदारी का दावा

नई दिल्ली, एजेंसियां। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में पंजाबी गायक गुरु रंधावा के जिम के बाहर फायरिंग की सनसनीखेज घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, बाइक सवार बदमाशों ने 24 HS Fitness Gym के बाहर पहुंचकर करीब सात राउंड गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गए। फायरिंग के कारण जिम के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।   बाइक सवार हमलावरों ने दिया वारदात को अंजाम प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए थे। जिम के बाहर पहुंचते ही उन्होंने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलाबारी से आसपास मौजूद लोग घबरा गए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भय का माहौल है।   सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने का दावा फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें कथित तौर पर Lawrence Bishnoi गैंग के अनिल पंडित ग्रुप ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। इसके अलावा एक ऑडियो क्लिप भी वायरल हो रही है, जिसमें खुद को गैंग से जुड़ा बताने वाला व्यक्ति इस हमले के पीछे कथित कारणों का जिक्र कर रहा है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।   पुलिस कर रही हर पहलू से जांच घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट और ऑडियो की सत्यता की भी जांच की जा रही है।   जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि फायरिंग के पीछे असली वजह क्या थी और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।

abhishek singh जून 11, 2026 0
Canadian police investigate alleged Lawrence Bishnoi gang extortion and firing incidents targeting businessmen
कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की दहशत, कारोबारियों से ‘टैक्स’ वसूली का आरोप

Lawrence Bishnoi गैंग का नेटवर्क अब केवल भारत तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि Canada समेत कई देशों में भी इसकी गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ गई है। कनाडाई मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गैंग पर कारोबारियों से उगाही, धमकी और फायरिंग जैसी घटनाओं में शामिल होने के आरोप लगे हैं। पुलिस स्टेशन को भेजी गई धमकी भरी चिट्ठी रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के Abbotsford पुलिस स्टेशन को अगस्त 2025 में एक धमकी भरी चिट्ठी मिली थी। इसमें दावा किया गया था कि गैंग के पास “1000 से ज्यादा शूटर” मौजूद हैं, जो हिंसक वारदातों को अंजाम देने के लिए तैयार हैं। इस मामले का खुलासा कनाडा में चल रही एक डिपोर्टेशन सुनवाई के दौरान एडमॉन्टन पुलिस के अधिकारी कॉन्स्टेबल केविन सेंट लुईस ने किया। ‘हर बिजनेसमैन को टैक्स देना होगा’ पुलिस के मुताबिक, चिट्ठी में लिखा गया था कि “हर बिजनेसमैन को टैक्स देना होगा।” जांच एजेंसियों का मानना है कि यहां “टैक्स” शब्द का इस्तेमाल उगाही या एक्सटॉर्शन मनी के लिए किया गया था। कनाडाई एजेंसियों के अनुसार, दक्षिण एशियाई समुदाय के कई कारोबारी इस तरह की धमकियों का सामना कर रहे हैं। पैसे नहीं देने पर दुकानों और घरों पर फायरिंग की घटनाएं भी सामने आई हैं। भारतीय छात्रों को गैंग में शामिल करने का आरोप जांच में यह भी दावा किया गया है कि गैंग कनाडा में पढ़ने आए भारतीय छात्रों और टेम्पररी वर्क परमिट पर मौजूद युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल कर रहा है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक: हाल ही में कनाडा पहुंचे युवाओं को निशाना बनाया जाता है छोटी रकम देकर शूटिंग जैसी वारदातों में इस्तेमाल किया जाता है “गैंग का हिस्सा” बनने का लालच दिया जाता है स्कूल और कॉलेज के आसपास भी युवाओं से संपर्क किए जाने के आरोप हैं व्हाट्सऐप कॉल से उगाही कनाडाई जांच एजेंसियों के अनुसार, ज्यादातर धमकी भरे कॉल व्हाट्सऐप के जरिए किए जाते थे। कॉल के दौरान अक्सर Goldy Brar और लॉरेंस बिश्नोई का नाम लिया जाता था। पुलिस का कहना है कि उगाही का संचालन कथित तौर पर जोरा सिद्धू नाम का व्यक्ति कर रहा था, जो कनाडा से बाहर बैठकर धमकियां देता था। आरसीएमपी (RCMP) ने वॉइस मैचिंग तकनीक से उसकी पहचान करने का दावा किया है। गैंग के काम करने का तरीका बदला कनाडा पुलिस के मुताबिक, पहले केवल फोन कॉल के जरिए उगाही की जाती थी, लेकिन बाद में डर फैलाने के लिए सीधे घरों और दुकानों पर फायरिंग शुरू कर दी गई। जांच एजेंसियों का कहना है कि अब कई “कॉपीकैट गैंग” भी सामने आ गए हैं, जो बिश्नोई गैंग का नाम इस्तेमाल कर लोगों को धमका रहे हैं। कई प्रांतों तक फैला नेटवर्क कनाडा की जांच एजेंसियों के अनुसार यह नेटवर्क: ब्रिटिश कोलंबिया अल्बर्टा ओंटारियो मैनिटोबा जैसे प्रांतों तक फैला हुआ है। पुलिस के मुताबिक, हथियारों की ट्रैकिंग भी मुश्किल हो रही है क्योंकि गैंग बहुत तेजी से एक प्रांत से दूसरे प्रांत तक हथियार पहुंचा देता है। 446 मामलों की जांच कनाडा बॉर्डर सर्विस एजेंसी के अनुसार मई 2026 तक: उगाही और गैंग गतिविधियों से जुड़े 446 मामलों की जांच शुरू हुई 118 लोगों के खिलाफ डिपोर्टेशन आदेश जारी हुए 55 लोगों को कनाडा से निकाला जा चुका है कनाडा सरकार पहले ही लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आधिकारिक तौर पर आतंकी संगठनों की सूची में शामिल कर चुकी है। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि कनाडाई एजेंसियां Hardeep Singh Nijjar हत्या मामले समेत कई मामलों में गैंग की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। हालांकि भारत सरकार इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है।  

surbhi मई 29, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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kalpana जुलाई 21, 2026 0